BRICS Summit 2026: दिल्ली में 11-13 सितंबर के दौरान क्या खुला रहेगा और क्या बंद? जानिए Metro, स्कूल, बैंक और ट्रैफिक का पूरा अपडेट

BRICS Summit 2026: दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वां BRICS Leaders’ Summit होने जा रहा है। भारत मंडपम में होने वाले इस बड़े सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और कई इलाकों में ट्रैफिक पर पाबंदियां रहेंगी। सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, विदेशी प्रतिनिधिमंडल और दूसरे बड़े मेहमान शामिल होंगे। उनकी आवाजाही को देखते हुए 11 से 13 सितंबर के बीच दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन और अन्य प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।

यहां बताया गया है कि 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली में क्या खुला रहेगा और क्या बंद रहेगा।

क्या-क्या बंद रहेगा?

स्कूल

BRICS समिट के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक इंतजामों के कारण, दिल्ली शिक्षा निदेशालय के तहत आने वाले सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त बिना सहायता वाले प्राइवेट स्कूल शुक्रवार, 11 सितंबर को बंद रहेंगे।

सरकारी दफ्तर

NCT दिल्ली के तहत आने वाले दिल्ली सरकार के सभी दफ्तर, स्वायत्त निकाय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 11 सितंबर को बंद रहेंगे।

बता दें कि उपराज्यपाल ने BRICS समिट को देखते हुए दिल्ली में 11 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

क्या-क्या खुला रहेगा?

बैंक

दिल्ली में 11 सितंबर को बैंक खुले रहेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के छुट्टियों के कैलेंडर में इस तारीख को बैंक की छुट्टी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है।

प्राइवेट ऑफिस

प्राइवेट ऑफिस हमेशा की तरह काम करते रहेंगे। हालांकि, जो कर्मचारी सेंट्रल दिल्ली और VVIP मूवमेंट से प्रभावित अन्य इलाकों से गुजरेंगे, उन्हें ट्रैफिक पाबंदियों, डायवर्जन और देरी का सामना करना पड़ सकता है।

दिल्ली मेट्रो

समिट के दौरान पूरे नेटवर्क पर दिल्ली मेट्रो की सेवाएं चालू रहेंगी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर तक बंद रहेगा।

बस, कैब और सड़कों का क्या होगा?

बस के रूट में बदलाव

विदेशी मेहमानों और VVIP के काफिले के आने-जाने के दौरान दिल्ली की बसों के रूट बदले जा सकते हैं या उन्हें कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। यात्रियों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी देख लेनी चाहिए।

कैब सेवाएं

कैब सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन ड्राइवरों को सलाह दी गई है कि वे VVIP के आने-जाने के दौरान प्रतिबंधित या नियंत्रित इलाकों में पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ पॉइंट न रखें।

ट्रैफिक से जुड़ी पाबंदियां

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की आवाजाही के लिए एक विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। समिट की व्यवस्थाओं के लिए लगभग 4,800 ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई है।

मोटरकेड रिहर्सल और VVIP की आवाजाही के दौरान 22 चिन्हित डाइवर्जन पॉइंट्स पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा।

इसके अलावा, अलग-अलग समय पर 35 से ज्यादा सड़कों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिनमें मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं।

ये पाबंदियां 10 सितंबर से शुरू होकर लगभग 14 सितंबर तक जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें VVIP की आवाजाही के आधार पर ट्रैफिक को डाइवर्ट किया जाएगा या कुछ समय के लिए रोका जाएगा।

सबसे ज्यादा परेशानी किसे हो सकती है?

नोएडा और पूर्वी दिल्ली से आने-जाने वाले लोग

नोएडा और पूर्वी दिल्ली से प्रगति मैदान, सेंट्रल दिल्ली और शहर के दूसरे हिस्सों की ओर जाने वाले लोगों को मुख्य कनेक्टिंग सड़कों पर लगी पाबंदियों के कारण देरी का सामना करना पड़ सकता है।

द्वारका और पश्चिमी दिल्ली

द्वारका और पश्चिमी दिल्ली से धौला कुआं, एयरपोर्ट और सेंट्रल दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों को भी VVIP मूवमेंट के दौरान डायवर्जन और जाम का सामना करना पड़ सकता है।

दक्षिणी दिल्ली

साकेत में अपने होटल और सेंट्रल दिल्ली के बीच मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही से दक्षिणी दिल्ली की सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, खासकर पीक आवर्स के दौरान।

एयरपोर्ट और रेलवे यात्री

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अंतर-राज्यीय बस टर्मिनल जाने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे जल्दी निकलें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। जहां भी संभव हो, दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

क्या पार्किंग की अनुमति होगी?

जिन सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध लागू हैं, वहां 200 मीटर के दायरे में सड़क के किनारे पार्किंग की अनुमति नहीं होगी।

वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे तय पार्किंग सुविधाओं का इस्तेमाल करें और प्रतिबंधित इलाकों में या उनके आस-पास पार्किंग करने से बचें।

क्या गूगल मैप्स और अन्य नेविगेशन ऐप्स प्रतिबंधों को दिखाएंगे?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने समिट से पहले ऑनलाइन मैप सर्विस देने वाली कंपनियों के साथ बैठकें की हैं।

ये प्लेटफॉर्म ट्रैफिक अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाएंगे और प्रतिबंधों, डायवर्जन और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी रियल-टाइम में अपडेट करेंगे ताकि यात्रियों को प्रभावित इलाकों से निकलने में मदद मिल सके।

दिल्ली में आने-जाने वालों को क्या करना चाहिए?

ट्रैफिक पर लगी पाबंदियां पूरे दिन लागू नहीं रहेंगी। अधिकारियों ने कहा कि VVIP के काफिले की आवाजाही के आधार पर इन्हें लागू किया जाएगा या इनमें ढील दी जाएगी।

आने-जाने वालों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी देख लें, जहां तक ​​हो सके पाबंदी वाले रास्तों से बचें और शहर के प्रभावित इलाकों से गुजरने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करें।

11 सितंबर को स्कूल और दिल्ली सरकार के ऑफिस बंद रहेंगे, जबकि बैंक, प्राइवेट ऑफिस और मेट्रो सेवाएं चालू रहेंगी। ऐसे में BRICS समिट का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि लोग राजधानी में कहां और कैसे सफर करते हैं।

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फॉरेन ट्रिप पर नहीं होगी जेब ढीली, इन 5 स्मार्ट टिप्स से बचाएं पैसे!

विदेश घूमने का प्लान बनाते समय हम सबसे पहले फ्लाइट टिकट और होटल के खर्च जोड़ते है। लेकिन ट्रिप के दौरान लोकल ट्रांसपोर्ट, खाना-पीना, घूमने की जगहों की टिकट और दूसरी छोटी चीजों को खरीदने पर भी काफी पैसा खर्च हो जाता है। यदि इन खर्चों का पहले से अंदाजा न हो, तो बजट के बढ़ने का पता नहीं चलता है।

लेकिन यदि आप कुछ आसान टिप्स से फॉरेन ट्रिप का खर्च काफी कम किया जा सकता है। जिसमे आपको हर चीज में कटौती करने की जरूरत नहीं है, बस खर्च करने का सही तरीका पता होना चाहिए। ऐसे ही कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप पैसे भी बचा सकते हैं और अपनी फॉरेन ट्रिप को बिना ज्यादा खर्च की चिंता के खुलकर एन्जॉय कर सकते हैं।

1. पहले से बनाएं ट्रिप बजट

फॉरेन ट्रिप में खूबसूरत पार्क, मार्किट, समुद्र किनारे की जगहें, पुरानी गलियां और कुछ दर्शनीय स्थान बिना किसी टिकट के भी देखे जा सकते हैं। इसलिए ट्रिप से पहले उन जगहों की लिस्ट बना लें, जहां जाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च न करने पड़ें। महंगी एक्टिविटी करने के बजाय शहर को पैदल घूमकर या लोकल मार्किट को एक्सप्लोर करके बिताएं। इससे कम खर्च में भी नई जगह को पास से देखने का अच्छा एक्सपीरियंस मिल सकता है।

 

2. होटल बुकिंग में बचाएं पैसे

विदेश में रहने के लिए मशहूर टूरिस्ट एरिया में होटल लेना काफी महंगा पड़ सकता है। यदि आपका बजट कम है, तो शहर के सिटी सेंटर से थोड़ा दूर होटल, हॉस्टल या होमस्टे देख सकते हैं। बस यह जरूर ध्यान रखें कि वहां से पब्लिक ट्रांसपोर्ट आसानी से मिल जाए और होटल किसी ट्रेन, बस या मेट्रो स्टेशन के पास हो। रोज थोड़ी दूरी तय करके आप होटल के खर्च में अच्छी बचत कर सकते हैं।

3. बाहर खाने पर खर्च घटाएं

फॉरेन ट्रिप में रोज रेस्टोरेंट में खाना खाने से बजट तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में लोकल सुपरमार्केट से सैंडविच, फल, स्नैक्स, ड्रिंक्स और दूसरी जरूरी चीजें खरीदना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यदि आपको वहाँ होटल में किचन की फैसिलिटी है, तो कुछ खाना खुद भी तैयार कर सकते हैं। लॉन्ग जर्नी के लिए घर से कुछ पैक किए हुए स्नैक्स ले जाना भी मददगार हो सकता है।

4. महंगी एक्टिविटीज से बचें

नई जगह पर पहुंचने के बाद हर टूर, टिकट, राइड और महंगी एक्टिविटी करने का मन करता है, लेकिन इससे खर्च काफी बढ़ सकता है। इसलिए पहले तय करें कि इस ट्रिप में आपके लिए कौन-से एक्सपीरियंस सबसे खास हैं। कुछ चुनिंदा एक्टिविटीज के लिए पैसे खर्च करें और बाकी समय शहर की गलियों में घूमने, पार्क देखने, समुद्र किनारे बैठने या लोकल मार्केट एक्सप्लोर करने जैसे कम खर्च वाले ऑप्शन चुनें।

5. लोकल ट्रांसपोर्ट का करें इस्तेमाल

विदेश में एक जगह से दूसरी जगह जाने में काफी पैसा खर्च हो सकता है। इसलिए हर बार टैक्सी या कैब लेने के बजाय जहां संभव हो, बस, ट्रेन या मेट्रो जैसे लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। यदि कम सफर करना है, तो जरूरत के हिसाब से अलग-अलग टिकट लेना ज्यादा सस्ता हो सकता है। इस तरह पहले से थोड़ा हिसाब लगाने पर आने-जाने के खर्च को कम किया जा सकता है।

6. बल्क में करें सुवेनियर शॉपिंग

सुवेनियर एक-एक करके खरीदने के बजाय होलसेल मार्केट या थोक की दुकान से खरीदें। यहां एक साथ ज्यादा सामान लेने पर कीमत कम मिल सकती है, जिससे आपकी शॉपिंग बजट से बाहर नहीं जाएगी। आप दोस्तों या परिवार के लिए भी सुवेनियर खरीद रहे हैं, तो यह तरीका आपके काफी पैसे बचा सकता है।

यदि आप फॉरेन में या कही भी बाहर सिटी में घूम रहे है हर चीज पर ज्यादा पैसे खर्च करना जरूरी नहीं है। बस थोड़ा सोच-समझकर प्लान बनाएं और अपनी जरूरत के हिसाब से खर्च करें। एक यादगार सफर की चाबी यही है कि आप अपनी जरूरतों और प्रायोरिटी में सही बैलेंस बिठाएं, जिससे ट्रिप का एक्सपीरियंस भी शानदार रहे और आपका बजट भी न बिगड़े। इससे बजट भी काबू में रहेगा और आप बिना पैसों की ज्यादा चिंता किए अपनी फॉरेन ट्रिप का पूरा आनंद ले पाएंगे।

ट्रेन बदली, स्टेशन बदले और बन गया रिकॉर्ड! दिल्ली मेट्रो एम्प्लॉई की अनोखी कहानी

दिल्ली मेट्रो के एम्प्लॉई ने सभी मेट्रो स्टेशनों का सफर सबसे कम समय में पूरा करके नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बहुत ही कम टाइम में पूरी जर्नी कर पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले भी वह 2022 में यह कोशिश कर चुके थे, लेकिन इस बार सही रूट और बेहतर प्लानिंग के साथ उन्होंने अपना ही परफॉरमेंस काफी बेहतर किया। दिल्ली मेट्रो के कामकाज और रूट की अच्छी जानकारी ने भी इस रिकॉर्ड को बनाने में उनकी काफी मदद की।

metro

सिर्फ 15 घंटे में रचा इतिहास

दिल्ली मेट्रो के एम्प्लॉई ने सभी मेट्रो स्टेशनों का सफर सबसे कम समय में पूरा करके नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने यह पूरी जर्नी 14 घंटे, 54 मिनट और 36 सेकंड में पूरी की। सिंह ने 23 मई को सुबह करीब 6 बजे वायलेट लाइन के राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन से अपनी जर्नी शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग मेट्रो लाइनों और इंटरचेंज का इस्तेमाल करते हुए सफर जारी रखा और रात करीब 9 बजे गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर पहुंचकर इसे पूरा किया। इतने बड़े नेटवर्क में इतने कम समय में सफर पूरा करना आसान नहीं था।

सही रूट ने बचाया समय

प्रफुल्ल सिंह ने इस बार जून 2023 में बनाए गए पुराने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले सुजॉय कुमार मित्रा और शिप्रा गुप्ता ने 15 घंटे, 21 मिनट और 4 सेकंड में दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों का सफर पूरा किया था। सिंह ने इस समय से करीब 26 मिनट कम में अपना सफर पूरा किया। भले ही यह अंतर ज्यादा बड़ा न लगे, लेकिन मेट्रो के इतने बड़े नेटवर्क में कुछ मिनट बचाना भी काफी मुश्किल होता है। एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाने में थोड़ा सा भी समय ज्यादा लग जाए, तो पूरी प्लानिंग बिगड़ सकती है।

पुरानी गलती से मिली सीख

इस रिकॉर्ड को बनाने की कोशिश सिंह ने पहली बार नहीं की थी। वह 2022 में भी दिल्ली मेट्रो के 254 स्टेशनों का सफर कर चुके हैं। उस समय उन्होंने यह जर्नी 16 घंटे, 2 मिनट और 17 सेकंड में पूरी की थी। पहली कोशिश के दौरान गलत रूट लेने की वजह से उनका काफी समय खराब हो गया था। इस एक्सपीरियंस से सीखते हुए उन्होंने इस बार पहले से ज्यादा तैयारी की। ‘द प्रिंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंह ने बताया कि पिछली बार उन्हें गलत रूट की वजह से करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई थी, लेकिन इस बार उन्हें भरोसा था कि वह अच्छा परफॉर्म करेंगे।

मेट्रो की जानकारी बनी ताकत

प्रफुल्ल सिंह के लिए उनकी नौकरी का एक्सपीरियंस भी इस चुनौती में काफी फायदेमंद रहा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी DMRC के ऑपरेशन्स सेक्टर में काम करने की वजह से उन्हें मेट्रो के रूट, ट्रेन के शेड्यूल, इंटरचेंज स्टेशन और अलग-अलग लाइनों की कनेक्टिविटी की अच्छी जानकारी थी। इसी वजह से वह जर्नी में सही रास्ता चुनने और समय बचाने में कामयाब रहे। पूरे मेट्रो नेटवर्क को कम से कम समय में कवर करना एक तरह की स्पीड चैलेंज जैसा है, जिसमें हर मिनट मायने रखता है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने के साथ-साथ सही समय पर ट्रेन बदलना भी जरूरी होता है।

प्रफुल्ल सिंह को मिला यह अचीवमेंट बताता है कि सही तैयारी, हिम्मत और लगन के साथ मुश्किल से मुश्किल चुनौती भी पूरी की जा सकती है। उनका रिकॉर्ड न सिर्फ उनकी मेहनत को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि अपने काम की अच्छी समझ किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में कितनी मददगार हो सकती है।