VVS लक्ष्मण को मिली बड़ी भूमिका, टीम चयन में रहेगा योगदान

भारतीय क्रिकेट के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम के साथ बतौर कोच समय बिता चुके हैं। जब राहुल द्रविड़ मुख्य टीम के साथ व्यस्त रहते थे तो राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण युवा टीम के साथ दौरे पर जाते थे। पिछली बार की तरह इस बार भी एशियाड में वीवीएस लक्ष्मण ही कोच थे। अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उनको बड़ी जिम्मेदारी देने का मन बना लिया है।अब टीम का चयन करते वक्त उनकी भी राय ली जाएगी ऐसा बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया ने कहा है।

इंग्लैंड के हालिया दौरे पर दूसरे वनडे से पहले रोहित के करियर खत्म होने की खबरों का बाहर आना, उसके बाद बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का मुख्य चयनकर्ता से बात किए बिना ये कहना कि रोहित जब तक टीम योजना का हिस्सा हैं। इन सब परिस्थितियों ने पहलुओं को बहुत उलझा दिया है।

BCCI पदाधिकारियों को लगता है कि लक्ष्मण की बातों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और रोहित-विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उनकी बात को मानेंगे। भारतीय टीम प्रबंधन नहीं चाहता था कि रोहित शर्मा 2027 वनडे विश्व कप खेलें। इसको लेकर इंग्लैंड दौरे के दौरान एक चयनकर्ता ने बोर्ड को शीशे में भी ढाल लिया था लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।ऐसा माना जा रहा है कि वीवीएस लक्ष्मण ना केवल गुत्थियों को सुलझाएंगे बल्कि बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच एक पुल का काम भी करेंगेँ।

51 वर्ष के लक्ष्मण 5 साल से NCA के प्रमुख हैं और भारतीय क्रिकेटरों की अगली नस्ल को बखूबी जानते हैं। द्रविड़ के अवकाश पर होने पर उन्होंने सीनियर टीम की कोचिंग भी की है। उनके कोच रहते भारत ने एशियाई खेल, आस्ट्रेलिया के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला और इंग्लैंड, न्यूजीलैंड तथा आयरलैंड में श्रृंखलायें खेली है।

लक्ष्मण के चमकदार करियर की विदाई रही कड़वी

द्रविड़ की तरह लक्ष्मण को भी मैदान पर विदाई लेने का मौका नहीं मिला। अपने करियर में अधिकतर समय ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की नाक में दम करने वाले लक्ष्मण के करियर का अंत आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के साथ ही हो गया। लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में चार टेस्ट मैचों में 19.37 की औसत से 155 रन बनाए थे। इसके बाद भी वह भारत के घरेलू सत्र की तैयारियों में जुटे थे लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ अगस्त 2009 में होने वाली टेस्ट श्रृंखला के लिए टीम में चुने जाने के बावजूद उन्होंने 18 अगस्त को अचानक संन्यास लेने की घोषणा करके सभी को चौंका दिया था।

माना जा रहा था कि चयनकर्ताओं ने लक्ष्मण को कह दिया था कि यह उनकी आखिरी श्रृंखला होगी और इस कलात्मक बल्लेबाज ने इससे पहले टेस्ट क्रिकेट छोड़ना उचित समझा।भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलने वाले लक्ष्मण ने अपना करियर 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू किया था। उन्होंने 134 टेस्टों में 8781 रन बनाए जिनमें 17 शतक और 56 अर्द्धशतक शामिल हैं। लक्ष्मण ने 86 वनडे में छह शतकों के साथ 2338 रन भी बनाए।

यश दयाल की यूपी रणजी टीम में वापसी, आर्यन जुयाल संभालेंगे कप्तानी

बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ यश दयाल की उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम में वापसी हो गई है। आईपीएल 2025 के बाद से ही मैदान से दूर चल रहे दयाल को रणजी ट्रॉफ़ी 2026-27 के लिए यूपी की टीम में जगह मिली है। युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ आर्यन जुयाल को टीम की कप्तानी सौंपी गई है। पिछले रणजी सीज़न के अंत में भी जुयाल ने कुछ मैचों के लिए टीम की कमान संभाली थी। इसके अलावा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (आरसीबी ) में दयाल के साथी खिलाड़ी रहे दाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ अभिनंदन सिंह को भी पहली बार यूपी की टीम में शामिल किया गया है।

घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम तक आ चुके दयाल ने उच्च स्तर पर अपना आख़िरी प्रतिस्पर्धी मैच पिछले साल जून में खेला था, जो कि आईपीएल 2025 का फ़ाइनल था। आरसीबी ने उन्हें नीलामी से पहले रिटेन किया था, लेकिन आईपीएल 2026 की टीम में उन्हें जगह नहीं मिली थी। मो बोबाट की अगुवाई वाले कोचिंग स्टाफ़ ने कहा था, “व्यक्तिगत कारणों के चलते दयाल और आरसीबी दोनों के लिए उन्हें चुनना हितकारी नहीं था।”

दयाल ने इस साल जून में यूपी के ग़ाज़ियाबाद में हुए ग़ाज़ियाबाद प्रीमियर लीग में हिस्सा लेकर यूपी क्रिकेट में वापसी की कोशिश की थी। अगस्त में खेली गई यूपीटी20 लीग के लिए गौर गोरखपुर लायंस टीम ने अपने रिटेन खिलाड़ियों की सूची में उन्हें शामिल भी किया था। लेकिन नीलामी के बाद जब टीम ने अपने सभी 18 खिलाड़ियों की सूची जारी की, तो दल में दयाल का नाम ग़ायब था। दयाल ने यूपीटी20 शुरू होने से पहले ही उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मांगा था। वह छत्तीसगढ़ से खेलना चाहते थे और उन्हें एनओसी मिल भी गई थी।

वह छत्तीसगढ़ के प्री सीज़न कैंप का हिस्सा भी बने थे, लेकिन यूपीटी20 समाप्त होने के बाद वह वापस लौट आए और उन्होंने यूपीसीए से एनओसी वापस लेने की गुजारिश की। इसके बाद कानपुर में वह यूपी की टीम के प्री सीज़न कैंप का हिस्सा बने। अब वह सीज़न के लिए टीम में चुन लिए गए हैं। पिछले सीज़न खेलने वाले आक़िब ख़ान और कुनाल त्यागी जैसे युवा तेज़ गेंदबाज़ों को इस बार जगह नहीं मिली है। आक़िब ने यूपीटी20 में भी हिस्सा नहीं लिया था।

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लेग स्पिनर ज़ीशान अंसारी की लगभग छह साल बाद यूपी की लाल गेंद वाली टीम में वापसी हुई है। हाल ही में उनका चयन दलीप ट्रॉफ़ी के लिए भी हुआ था। 2017 में ही प्रथम श्रेणी डेब्यू करने के बावजूद वह अब तक इस प्रारूप में केवल छह ही मैच खेल पाए हैं। पिछले सीज़न के दूसरे चरण में रणजी मैच खेलने वाले कार्तिक त्यागी इस बार सीज़न की शुरुआत से ही टीम का हिस्सा होंगे। उन्होंने आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए 14 मैचों में 18 विकेट लिए थे और अपने पुराने अंदाज़ में नज़र आए थे। यूपीटी20 लीग में भी उन्होंने 11 मैच खेलते हुए 10 विकेट हासिल किए।

युवा हाथों में सौंपी गई कमान

2024-25 सीज़न में 22 साल के जुयाल को यूपी का रणजी कप्तान बनाया गया था, लेकिन अगले सीज़न कमान करन शर्मा के हाथों में सौंप दी गई थी। पिछले सीज़न भी करन ही टीम के कप्तान थे, लेकिन दूसरे चरण से पहले जुयाल को कप्तानी सौंपी गई। अब एक बार फिर उन्हें बरकरार रखते हुए चयनकर्ताओं ने उनके ऊपर भरोसा दिखाया है। जुयाल का बल्ले से प्रदर्शन तो जोरदार रहा है, लेकिन उन्हें अब टीम के परिणामों में भी बदलाव लाने के लिए मेहनत करनी होगी।

कप्तानी के अपने पहले सीज़न में जुयाल ने बल्ले से धमाल मचाते हुए 10 पारियों में 79.33 की औसत से 714 रन बनाए थे जिसमें एक दोहरा और तीन शतक शामिल रहे थे। वह सीज़न में यूपी के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ रहे थे। हालांकि, टीम के लिए परिणाम बहुत अच्छे नहीं रहे थे और उन्हें सात में से केवल एक ही मैच में जीत मिली थी। एक हार के अलावा टीम ने पांच ड्रॉ खेले थे।

उत्तर प्रदेश रणजी ट्रॉफ़ी टीम: आर्यन जुयाल (कप्तान), रिंकू सिंह, अभिषेक गोस्वामी, आराध्य यादव, करन शर्मा, माधव कौशिक, आदित्य शर्मा, सिद्धार्थ यादव, प्रशांत वीर, कार्तिक यादव, ज़ीशान अंसारी, वंश चौधरी, यश दयाल, प्रियम गर्ग, अभिनंदन सिंह, कार्तिक त्यागी।

कोचिंग स्टाफ़ की नहीं हुई है घोषणा

यूपी को अपना पहला मैच 11 अक्टूबर से बिहार के ख़िलाफ़ खेलना है। यह मैच राजगीर में खेला जाएगा तो यूपी की टीम को यात्रा भी करनी है। हालांकि, इसके बावजूद अब तक टीम के कोचिंग स्टाफ़ की घोषणा नहीं हुई है। पिछले सीज़न अरविंद कपूर टीम के मुख्य कोच की भूमिका में थे। यूपीसीए की टैलेंट सर्च कमेटी के ऑब्जर्वर रिज़वान शमशाद के अंडर टीम फिलहाल कानपुर में कैंप कर रही है।

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कल का मौसम: IMD ने 8 राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और बारिश का जताया अनुमान; उत्तराखंड के 8 जिलों में येलो अलर्ट जारी

IMD Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है।

8 अक्टूबर को कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम?

दिल्ली में 8 अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

इसके बाद 9 अक्टूबर को अधिकतम तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और यह 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 10 और 11 अक्टूबर को भी दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इन दोनों दिनों में तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

उत्तराखंड का मौसम

IMD ने उत्तराखंड के 8 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और अगले पांच दिनों में मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है। इस अलर्ट में देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर शामिल हैं।

इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। अगले पांच दिनों के दौरान सभी जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 4,200 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।

मौसम विभाग ने कहा कि पिछले शनिवार को राज्य से मॉनसून के लौटने के बाद मौसम में यह बदलाव आया है और अब एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) मौसम को प्रभावित कर रहा है।

हिमाचल प्रदेश का मौसम

हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। राज्य में रविवार तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर का मौसम

जम्मू-कश्मीर में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने के साथ-साथ आने वाले दिनों में बारिश होने की भी संभावना है।

लद्दाख का मौसम

लद्दाख में अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला हुआ रह सकता है। यहां आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। इसके अलावा कई इलाकों में बारिश भी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश का मौसम

उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है, और राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश भी हो सकती है।

हरियाणा और चंडीगढ़ का मौसम

हरियाणा और चंडीगढ़ में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने के साथ-साथ मौसम के अस्थिर रहने की उम्मीद है। और रविवार तक बारिश व आंधी-तूफान की संभावना बनी रहेगी।

पंजाब का मौसम

आने वाले दिनों में पंजाब में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है।

दक्षिण भारत का मौसम

आने वाले दिनों में तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में बारिश जारी रहने की संभावना है।

IMD का ताजा अनुमान

ताजा अनुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रहेगा और अलग-अलग इलाकों में बारिश, आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

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4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय T20I टीम में की वापसी

अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की मंगलवार को राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई जब उन्हें करीब चार साल बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ इस महीने के अंत में होने वाली पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए टीम में चुना गया।

पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद चयनकर्ताओं ने पहली बार टीम का चयन किया जिसकी घोषणा भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने की। प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता हैं। टीम में वरुण चक्रवर्ती की भी वापसी हुई है जो चोट के कारण एशियाई खेलों में नहीं खेल सके थे।

भारतीय टीम न्यूजीलैंड में 22 अक्टूबर से एक नवंबर तक पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। श्रृंखला का पहला मैच 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में होगा जबकि दूसरा मुकाबला भी इसी शहर में 24 अक्टूबर को खेला जाएगा।

तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होगा जबकि चौथा और पांचवां मैच क्रमश: 30 अक्टूबर और एक नवंबर को ऑकलैंड और हैमिल्टन में खेले जाएंगे।टी20 श्रृंखला के बाद भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैच की एकदिवसीय श्रृंखला और दो टेस्ट मैच भी खेलेगा।

भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम:श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव।

भारत ए टीम:यशस्वी जायसवाल, लोकेश राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल (कप्तान), वाशिंगटन सुंदर, आकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़ और मुकेश कुमार।

ईशान को मिलेगी टेस्ट में जगह? यह दो तेज गेंदबाज कर सकते हैं लंबे समय बाद वापसी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ईशान किशन की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता उन्हें टेस्ट क्रिकेट में जगह दिला सकती है। हालांकि, अभी उनका चयन पक्का नहीं है, लेकिन इस बात की संभावना है कि नवंबर के आखिर में न्यूजीलैंड में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए उन पर विचार किया जा सकता है। चयन समिति की बैठक इस हफ़्ते होने की उम्मीद है।

ऋषभ पंत – जो भारतीय टेस्ट क्रिकेट में मैच जिताने वाले खिलाड़ी और रेड-बॉल के दिग्गज माने जाते हैं – और ध्रुव जुरेल भी टीम में शामिल हैं (दोनों ने भारत के पिछले पांच टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है), ऐसे में टीम में तीसरे विकेटकीपर-बल्लेबाज को शामिल करना शायद ज़रूरी न समझा जाए।

लेकिन टीम प्रबंधन और इससे जुड़े लोगों के बीच एक सोच यह भी है कि टेस्ट टीम में वापसी के लिए ईशान किशन का दावा मज़बूत है। उन्होंने अब तक सिर्फ़ दो टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से आखिरी मैच तीन साल से भी पहले खेला था, लेकिन हाल के दिनों में वे ज़बरदस्त फ़ॉर्म में हैं – और यह सिर्फ़ सीमित ओवर क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है।

दलीप ट्रॉफ़ी में ईस्ट ज़ोन टीम की कप्तानी करते हुए, ईशान ने फ़ाइनल में साउथ ज़ोन के खिलाफ़ 270 और 80 रनों की शानदार पारियां खेलकर अपनी टीम को खिताब जिताया। तीन मैचों में उन्होंने 100 से ज़्यादा की औसत से कुल 409 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी काबिलियत फिर से साबित की और फ़ाइनल में उन्हें सही मायने में ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुना गया। सीमित ओवर क्रिकेट में उन्होंने भारतीय टीम में अपनी एक खास जगह बनाई है – 2026 में टी20 में 1,005 रनों के साथ वे भारत के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय चयन समिति तीन विकेटकीपरों वाली स्थिति को कैसे संभालती है, लेकिन जब चयनकर्ता न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए टीम चुनने बैठेंगे, तो ज़्यादातर चर्चा ईशान पर ही होगी। एक सोच यह भी है कि दिलीप ट्रॉफ़ी में उनके प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। वैसे भी, ईशान सीमित ओवर अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी विकेटकीपर-बल्लेबाज के बजाय विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेलने के लिए जाने जाते हैं।

न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियों में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए आकाश दीप को एक अहम गेंदबाज माना जा रहा है, जबकि मुकेश कुमार भी दौड़ में हैं, जिन्होंने हाल ही में खत्म हुए ईरानी कप में ‘रेस्ट ऑफ़ इंडिया’ को जीत दिलाई थी। बंगाल के इस तेज़ गेंदबाज़ का दिलीप ट्रॉफ़ी में ‘ईस्ट’ के लिए भी अच्छा प्रदर्शन रहा और उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लिए।

इसके अलावा, पता चला है कि हर्षित राणा ने भी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (COE) में गेंदबाजी शुरू कर दी है, हालांकि उनकी फ़िटनेस की सही स्थिति अभी साफ़ नहीं है। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और गुरनूर बरार का खेलना लगभग तय है और प्रसिद्ध कृष्णा की स्थिति में भी सुधार हो रहा है, इसलिए चयनकर्ता के पास काफ़ी विकल्प मौजूद हैं – न सिर्फ़ विकेटकीपिंग विभाग में, बल्कि तेज़ गेंदबाज़ी में भी। अन्य खिलाड़ियों के अलावा, पिछले साल शुभमन गिल की कप्तानी में इंग्लैंड दौरे के लिए चुने गए ज़्यादातर खिलाड़ी भी दौड़ में होंगे, बशर्ते वे चोट के कारण उपलब्ध न हों।

पूर्व कप्तान सौरव गांगुली बने दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच

भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कभी फिक्सिंग, बुरे फॉर्म और फिटनेस से गुजर रहे खिलाड़ियों के रहते भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी और डरी हुई टीम इंडिया को शिकार करने वाली टीम इंडिया में तब्दील किया था। अब उनको यही काम इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे असफल फ्रैंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के लिए करना होगा।

सौरव गांगुली को मंगलवार को इंडियन प्रीमियर लीग के 2027 सत्र के लिये दिल्ली कैपिटल्स का मुख्य कोच बनाया गया।गांगुली 2019 में दिल्ली टीम के सलाहकार बने थे।वह फ्रेंचाइजी की पुरूष और महिला टीम के क्रिकेट निदेशक समेत कई पदों पर रह चुके हैं।

गांगुली ने टीम द्वारा जारी बयान में कहा,‘‘ आईपीएल में मुख्य कोच की भूमिका संभालने को लेकर उत्साहित हूं। दिल्ली कैपिटल्स टीम मेरे दिल के करीब है और इतने सालों में उसके साथ करीबी रिश्ता रहा है।’’उन्होंने कहा ,‘‘मैने टीम के मालिकों, प्रबंधन, सहयोगी स्टार और खिलाड़ियों के साथ करीब से काम किया है । हमारे पास काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और अतीत में हमने अच्छी क्रिकेट खेली है।’’दिल्ली टीम आईपीएल के पिछले सत्र में छठे स्थान पर रही थी।

अपने समय के बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज गांगुली ने टेस्ट और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल मिलाकर 18575 रन बनाए। उन्होंने 311 एकदिवसीय और 113 टेस्ट मैच खेले।आईपीएल 2008 में सौरव गांगुली शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़े। दो साल के बाद ही फ्रैंचाइजी का उनसे मन ऊब गया। इसके बाद साल 2011 और 12 में वह पुने वॉरियर्स के साथ खेले। दादा का बुरा फॉर्म फ्रैंचाइजी को खटकता रहा और उसके बाद उन्होंने बल्ला नहीं थामा। 59 आईपीएल मैचों में दादा ने 1349 रन बनाए जिसमें सिर्फ 7 अर्धशतक थे।

गांगुली ने जब कप्तानी संभाली, तब मैच फिक्सिंग मामले ने भारतीय क्रिकेट को झकझोर दिया था। उन्होंने न सिर्फ भारतीय क्रिकेट को उस संकट से निकाला बल्कि युवराज सिंह, हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान और महेंद्र सिंह धोनी जैसे मैच विनर भी दिए।

गांगुली की कप्तानी में भारत ने 146 वनडे मैचों में से 76 जीते और 65 गंवाए जबकि पांच मैच बेनतीजा रहे। वहीं टेस्ट क्रिकेट में 49 मैचों में कप्तानी करके उन्होंने 21 जीते और 13 गंवाए जबकि 15 मैच ड्रॉ रहे।


चक दे गर्ल्स का कमाल, पहली बार महिला हॉकी की रैंक भारतीय पुरुषों से बेहतर

विश्वकप में पहली बार बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद अब भारतीय महिला हॉकी टीम ने एक नया इतिहास रच दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि महिला हॉकी टीम की रैंकिंग पुरुष हॉकी टीम से बेहतर हो। एशियाई खेलों में इन दोनों ही टीमों ने स्वर्ण पदक जीता।

महिला टीम ने चीन को सिर्फ 1 गोल के अंतर से हराकर ना केवल एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता बल्कि स्वत ओलंपिक क्वालिफिकेशन भी पा लिया, अब पिछली बार की तरह टीम को क्वालिफाइंग टूर्नामेंट खेलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से बड़े अंतर से हराया और अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया।

लेकिन कुल रैंकिंग की बात करें तो भारतीय महिला टीम सातवें पायदान पर है और भारतीय पुरुष टीम आठवें पायदान पर है। ऐसा भारतीय हॉकी इतिहास में पहली बार हुआ है कि महिला टीम की रैंक पुरुष टीम से बेहतर हो।

पहली बार महिला टीम हॉकी विश्वकप में पुरुष हॉकी टीम से निकली आगे

हॉकी विश्वकप में हमेशा भारतीय पुरुष टीम से महिला टीम कोसो पीछे रहती थी। ना जाने कितनी बार तो महिला टीम क्वालिफाय ही नहीं कर पाती थी। लेकिन अगस्त में खेले गए महिला टीम ने ना केवल क्वालिफाय किया बल्कि अपने पुरुष साथियों से बेहतर प्रदर्शन किया। इस बार उम्मीद की पुरुष टीम कम से कम सेमीफाइनल खेलेगी और महिला टीम से कोई उम्मीद ही नहीं थी। लेकिन भारतीय महिला टीम ने पांचवा पायदान पाया और पुरुष टीम को आठवां पायदान मिला।

टीम ने 5वें-छठे स्थान के लिए खेले गए मैच में दुनिया की नंबर 5 टीम जर्मनी को 3-1 से हराया।इस नतीजे से भारतीय महिला टीम को पांचवां स्थान मिला, जो 1974 में हुए पहले महिला वर्ल्ड कप (जिसमें वे चौथे स्थान पर रही थीं) के बाद से उनका वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है।टीम ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ़ एक हार का सामना किया। उन्होंने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी बेहतर रैंकिंग वाली टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया।यह सब भारत ने तब किया जब दल में 11 युवा खिलाड़ी थे और अपना पहला विश्वकप खेल रहे थे।

पुरुष टीम ने पूल डी के मुकाबले में इंग्लैंड जैसी टीम से 4-2 से मैच गंवाया।वह भी मैच में बढ़त बनाने के बाद। इसके बाद टीम का पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा था लेकिन 5-3 की स्कोरलाइन संतोषजनक नहीं थी।
अगले दौर में टीम को नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना मिली। नीदरलैंड्स ने भारतीय टीम को 3-1 से हराया।अर्जेंटीना के खिलाफ भारत 3-5 से हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया।


वेस्टइंडीज ने पहले टी20 मैच में भारत को जीत के लिये दिया 172 रन का लक्ष्य।

वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृखंला के पहले मुकाबले में भारत ने मंगलवार को यहां टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। इकाना स्टेडियम में खेले जाने वाले मैच में युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला है। उनके अलावा रवि विश्नोई,नीतिश कुमार रेड्डी और प्रिंस यादव भी अंतिम एकादश में शामिल नहीं किये गये हैं वहीं वेस्टइंडीज की ओर से अकील हुसैन आज अपना सौवां टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने जा रहे हैं और ऐसा करने वाले वे इस प्रारूप में चौथे वेस्ट इंडीज खिलाड़ी बन जाएंगे।

पहले गेंदबाजी के फैसले को सही ठहराते हुये भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा इकाना की पिच के बारे में हम नहीं जानते कि यह कैसा खेलेगी मगर लगता है कि गेंदबाजों को इसमें थोड़ा उछाल मिले । उन्होने कहा कि एशियाई खेलों के थकान भरे सफर के बाद टीम कल ही यहां पहुंची है मगर आज के मैच को लेकर सभी खिलाड़ी पूरी ऊर्जा खर्च करने को तैयार हैं।

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उधर, वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने कहा टाॅस जीतने की दशा में मै भी पहले गेंदबाजी करना पसंद करता। भारत में चेज़ करना ज़्यादा बेहतर होता है। हम बस हालात के हिसाब से ढलना चाहते हैं और हमें यहाँ ऐसा ही करना होगा। हमें खिलाड़ियों के अनुभव का फ़ायदा उठाना होगा और उम्मीद है कि हम यहाँ अच्छा खेलेंगे। हमारे पास गेंदबाज़ी के छह विकल्प हैं और कुछ ऑलराउंडर भी हैं।

गौरतलब है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टीम एक दिवसीय श्रृखंला 2-1 से अपने नाम कर चुकी है जबकि टी20 सीरीज में आज लखनऊ में उसका पहला मुकाबला है।

टीमे इस प्रकार हैं:

भारत – अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर),ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मयंक यादव और अर्शदीप सिंह।

वेस्टइंडीज – शाई होप (कप्तान, विकेटकीपर), कामिल पूरन, शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्ड, रोस्टन चेज़, शमर स्प्रिंगर, अकील हुसेन और शमर जोसेफ।

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विश्वकप विजेता भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हर प्रारुप की छोड़ी कप्तानी

Harmanpreet Kaur

पिछले साल भारतीय टीम को पहला एकदिवसीय विश्वकप दिलाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी प्रारुपों (लाल और सफेद गेंद की क्रिकेट) की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। अब वह बतौर खिलाड़ी ही भारतीय टीम में खेलेंगी।

गौरतलब है कि साल 2022 में तत्कालीन कप्तान मिताली राज के संन्यास लेने के बाद उनको एकदिवसीय  और टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी। टी-20 प्रारुप में वह इससे पहले कप्तानी कर चुकी थी। सैंतीस वर्षीय हरमनप्रीत ने करीब एक दशक तक भारतीय टी20 टीम की कप्तानी की। उन्होंने 2016 में यह जिम्मेदारी संभाली थी।साल 2020 में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्वकप का फाइनल हरमनप्रीत की अगुवाई में खेल चुकी थी।

हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद आया। बैठक में पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसके भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे।

हरमनप्रीत ने इसकी घोषणा अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर की। उन्होंने टेस्ट जर्सी में अपना फोटो अपलोड कर लिखा कि

“आज, मैं सभी फॉर्मेट में इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम की कैप्टन के पद से हट रही हूँ।

यह कोई आसान फैसला नहीं है। इसमें सालों की यादें, इमोशन, त्याग और ऐसे पल हैं जो ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगे।

मैंने इस टीम और इंडियन विमेंस क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया है — अपना खून, अपना पसीना, अपना समय, और कई बार, अपने खेल और पर्सनल एम्बिशन का एक हिस्सा। ऐसे पल भी आए जब मुझे अपनी पर्सनल परफॉर्मेंस, अपनी ग्रोथ, और जो मैं अपने लिए चाहती थी, उसे एक तरफ रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना ​​था कि टीम को पहले आना चाहिए।

एक कैप्टन के तौर पर, मुझे मुश्किल फैसले लेने पड़े हैं।
ऐसे फैसले जो हमेशा समझ में नहीं आते थे, हमेशा आसान नहीं होते थे, और कभी-कभी पर्सनल कीमत चुकानी पड़ती थी। लेकिन मैंने जो भी फैसला लिया, उसका एक ही मकसद था – इस टीम को बेहतर बनाना और दूसरे प्लेयर्स को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और खुद का बेस्ट वर्जन बनने का मौका देना।

मैंने सब कुछ देखा है।

मैंने सबसे बुरे पल, दिल टूटना, बुराई, शक और वो दिन देखे हैं जब कुछ भी हमारे हिसाब से नहीं होता था। और मैंने सबसे ऊँचे पल भी देखे हैं – जीत, जश्न, अपने देश को रिप्रेजेंट करने का गर्व, और वो पल जब हर कुर्बानी कामयाब हुई।

| आज मैं भावनाओं से भरे दिल के साथ, लेकिन शांति के साथ कप्तानी छोड़ रहा हूँ।

क्योंकि मुझे सच में यकीन है कि मेरी टीम अच्छी जगह पर है। एक ऐसी टीम जिसमें टैलेंट, कैरेक्टर, विश्वास और भविष्य है, जिसे देखने और उसका हिस्सा बनने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूँ।

मुझे लगता है कि मैंने अपना फ़र्ज़ निभाया है।

मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने गर्व के साथ ज़िम्मेदारी निभाई, और मैं इंडियन विमेंस क्रिकेट को लीड करने के इस खास मौके के लिए हमेशा शुक्रगुजार रहूँगी।

अब, मेरे लिए पन्ना पलटने का समय आ गया है।

कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन इंडियन क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी नहीं होगा।

हर टीममेट, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार के सदस्यों, हर एक फ़ैन का शुक्रिया जो मेरे साथ अच्छे और बुरे समय में खड़े रहे।

खून. पसीना. शान. गर्व।

मैंने सब कुछ दे दिया।

अब, मैं फिर से खेल के प्यार के लिए खेलने के लिए तैयार हूँ।

कप्तानी खत्म. सफ़र जारी है”.

नखरेबाजों और नामी खिलाड़ियों को जापान ना भेजने की रणनीति काम आई

Asian Games

एशियाड के लिए नखरेबज और नामी खिलाड़ियो से किनारा करने के संकेत खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने जुलाई के पहले हफ्ते में ही दे दिया था। उन्होंने साफ साफ शब्दों में कहा था कि एशियाई खेल कोई ‘एक्सपोजर ट्रिप’ नहीं है और पदक उम्मीदों पर ही फोकस रखते हुए इस बार 600 से कम सदस्यीय दल ही भेजा जायेगा। ऐसा ही हुआ और 502 खिलाड़ियों का दल जापान गया।

खेलमंत्री ने मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा था कि जापान में एशियाई खेलों में महज भागीदारी के लिये लंबा चौड़ा दल नहीं भेजा जायेगा। मांडविया ने कहा था ,‘‘ एशियाई खेल कोई एक्सपोजर ट्रिप नहीं है। यह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिये मंच है। इसमें पहले दौर में बाहर होने के लिये किसी को भेजने का कोई फायदा नहीं है। मैं बार बार कहता आया हूं कि अच्छा प्रदर्शन करने वालों के लिये ही भारतीय दल में जगह होगी।’’

उन्होंने कहा था , ‘‘एक्सपोजर कहीं और से भी हासिल किया जा सकता है, एशियाई खेल उसके लिये नहीं हैं। सिर्फ नौकरी पाने के लिये भागीदारी के मकसद से जाने के इच्छुक लोगों के नाम पर मंजूरी नहीं दी जायेगी।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ इस बार चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती गई है। इक्के दुक्के मामलों को छोड़कर कहीं कोई विवाद नहीं है और ये मामले भी सुलझ जायेंगे। चयन के मानदंडों के आधार पर ही दल चुना गया है। नौकरी पाने के लिये किसी को एशियाई या राष्ट्रमंडल खेल दल में शामिल करना या किसी के परिजन को सहयोगी स्टाफ बनाकर भेजना अब नहीं होगा।’’

विनेश फोगाट से किया किनारा

ओलंपियन महिला पहलवान विनेश फोगाट ट्रायल में एशियाई खेलों के लिये क्वालीफाई करने में विफल रही। 31 वर्षीय विनेश को 53 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत ने हराया। इंदिरा गांधी स्टेडियम में महिलाओं की 53 किग्रा के चयन ट्रायल्स के सेमीफाइनल मुकाबले में मीनाक्षी गोयत ने विनेश फोगाट को 6-4 से हराया। इससे पहले ट्रायल्स के लिए खूब हंगामा हुआ और साफ पता चल रहा था कि विनेश ना ही फॉर्म में है और ना ही सरकार उनको एशियाड ले कर जाने में दिलचस्पी दिखा रही है।

मनिका बत्रा को डाला रिजर्व खिलाड़ियों की लिस्ट में

भारत की सबसे कामयाब टेबल टेनिस खिलाड़ियों में से एक, 31 वर्षीय मनिका बत्रा मुख्य टीम में जगह नहीं बना पाईं और उन्हें रिजर्व खिलाड़ियों में रखा गया। मुख्य टीम में उनके शामिल न होने की वजह घरेलू टूर्नामेंट में उनकी गैर-मौजूदगी थी। महिला टीम की कप्तानी श्रीजा अकुला थी, जो वर्ल्ड रैंकिंग में 45वें स्थान पर थी और भारत की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी – वह मनिका से छह स्थान पीछे थी।हालांकि टेबल टेनिस में अपेक्षित परिणाम नहीं आ सका लेकिन मंत्रालय ने नियमों की अनदेखी नहीं सही।

दीपिका कुमारी और अतुन दास को नहीं भेजा गया जापान

चार बार की ओलंपियन दीपिका कुमारी, भारत के पूर्व नंबर एक तीरंदाज अतनु दास और एशियाई खेलों के पदक विजेता अभिषेक वर्मा जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिये भारतीय टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे। कुमकुम मोहोद को महिला रिकर्व टीम में जगह मिली। कंपाउंड वर्ग में अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम अकेली अनुभवी तीरंदाज थी।पुरूष रिकर्व वर्ग में धीरज बोम्मदेवरा शीर्ष, नीरज चौहान दूसरे और यशदीप भोगे तीसरे स्थान पर रहे। इसका सुखद परिणाम यह रहा कि तीरंदाजी में इन सभी खिलाड़ियों ने पदक जीते।