न्यूजीलैंड के कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण भारत के खिलाफ T-20I सीरीज से हुए बाहर

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न्यूजीलैंड टी-20 टीम को 22 अक्टूबर से विश्व विजेता भारतीय टीम की मेजबानी करनी है। हालांकि अभी से उनके कई सितारा खिलाड़ी इस सीरीज से बाहर होने लग गए हैं। इसकी शुरुआत सितंबर के अंतिम सप्ताह में ही हो गई  जब  स्पिन ऑलराउंडर और सलामी बल्लेबाज रचिन रविंद्र को प्रमोशनल शूट के दौरान कंधे में चोट लग गई और वह 6 हफ्ते के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर हो गए। यह बल्लेबाज भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में वापसी कर सकता है। उनकी जगह ऑलराउंडर बेवॉन जैकब्स को टीम में लाया गया।

इसके बाद शुक्रवार को खबर आई कि  बल्लेबाज मार्क चैपमैन और  तेज गेंदबाज जैक फाउल्क्स चोटिल होने के कारण भारत के खिलाफ 22 अक्टूबर से क्राइस्टचर्च में शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज से बाहर हो गए हैं।

बाएं हाथ के बल्लेबाज चैपमैन पिछले महीने यूरोपीय टी20 लीग के दौरान चोटिल हो गए थे। उनके बाएं पांव की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था और वह अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं। तेज गेंदबाज फाउल्क्स के दाहिने कूल्हे में हाल ही में कैंटरबरी में अभ्यास सत्र के दौरान चोट लग गई थी।

चैपमैन ने अब तक 113 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। यह 32 वर्षीय बल्लेबाज भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में वापसी कर सकता है लेकिन फाउल्क्स की वापसी की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है।ऑलराउंडर जोश क्लार्कसन और तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर को इन दोनों खिलाड़ियों के स्थान पर टीम में शामिल किया गया है।

यह काफी नहीं था तो शनिवार के लिए न्यूजीलैंड के लिए एक और बुरी खबर आ गई। टीम के प्रमुख गेंदबाज विल ओ रूर्क भी इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। खेल के सभी प्रारूप में खेलने वाले इस 25 वर्षीय तेज गेंदबाज ने पीठ में चोट के कारण सात महीने तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद इस साल की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच के अंतिम दिन हालांकि उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था और इसके बाद अभ्यास के दौरान उनकी पिंडली में चोट लग गई थी।

 न्यूजीलैंड की टी20 टीम: मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रैसवेल, जोश क्लार्कसन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, बेवन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डैरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर।

कप्तान शाई होप के शानदार शतक ने विंडीज को भारत के खिलाफ कराया 250 का रिकॉर्ड चेस

INDvsWI कप्तान शाई होप के 45 गेंदों में नाबाद 102 रनों के शतक की बदौलत वेस्टइंडीज ने भारत द्वारा दिया गया रिकॉर्ड 250 रनों का चेस 4 विकेट खोकर और 9 गेंदें शेष रहकर पा लिया। यह वेस्टइंडीज का रनों का पीछा करते हुए सबसे बड़ा स्कोर है। 

250 रनों का पीछा करतेहुए वेस्टइंडीज की शुरुआत खराब रही और उसने दो विकेट पहले ही ओवर में गंवा दिए। रोवमैन पॉवेल ने थोड़े शॉट्स लगाए लेकिन वह भी मयंक यादव की गेंद पर बोल्ड हो गए। इंडीज को मैच में लाई शाई होप और शेरेफेन रदरफोर्ड की 100 रनों की साझेदारी। जब रदरफोर्ड 37 गेंदों में 84 रनों पर आउट हुए तो मैच फंसा हुआ था पर रोमारियो शेफर्ड ने कप्तान पर दबाव नहीं बनने दिया। शाई होप ने दो छक्के मारकर ना केवल अपना शतक पूरा किया बल्कि टीम को एतिहासिक जीत दिलाई। भारत की ओर से मयंक यादव ने 3 और कुलदीप यादव ने 1 विकेट लिया।

वेस्टइंडीज अब 5 मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबर है और तीसरा टी-20 मैच इंदौर के होलकर स्टेडियम में रविवार को खेला जाएगा।

इससे पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 249 रन बनाए। भारत की ओर से संजू सैमसन ने 82 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।

ईशान किशन ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 43 रन बनाए। हालांकि, रोस्टन चेज ने ईशान को बोल्ड कर भारतीय पारी की रफ्तार पर अंकुश लगाने की कोशिश की। वेस्टइंडीज की ओर से रोस्टन चेज ने तीन विकेट झटके, जबकि शमार स्प्रिंगर को दो सफलताएं मिलीं। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए स्कोर को 249 रन तक पहुंचा दिया।

250 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पहले ही ओवर में दो विकेट झटककर मेहमान टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। उन्होंने पहले कामिल पूरन को चार रन के निजी स्कोर पर आउट किया। इसके बाद शिमरन हेटमायर को बोल्ड कर बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया।

शुरुआती झटकों के बावजूद वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने हार नहीं मानी। कप्तान शाई होप ने शानदार शतकीय पारी खेलकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और टीम को जीत दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इस तरह रांची के मैदान पर भारतीय टीम का विशाल स्कोर भी जीत के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ और वेस्टइंडीज ने मुकाबला छह विकेट से अपने नाम कर लिया।

अगले महीने इस टूर्नामेंट में होने वाला है INDvsPAK का एकदिवसीय मैच

एशियाई खेल में भारत ने पाकिस्तान को मात देकर गोल्ड मेडल जीता और भारतीय महिलाओं ने कुछ महीने पहले पाकिस्तान को एशिया कप में 7 विकेटों से हराया। अब बारी है अंडर 19 टीम की जो पाकिस्तान से एशिया कप में 2-2 हाथ करने को तैयार है।

एशियाई क्रिकेट काउंसिल ने अंडर 19 टीम एशिया कप 2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। युवा खिलाड़ियों का यह टूर्नामेंट 50 ओवरों का होगा जिसमें 8 टीमें शामिल होगी। इस टूर्नामेंट का मेजबान देश ओमान होगा।

5 नवंबर को शुरु होने वाले इस टूर्नामेंट का फाइनल 14 नवंबर को खेला जाएगा। टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश के अलावा नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात, अफगानिस्तान और मलेशिया भाग लेगी।

मेजबान टीम इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पाएगी। टूर्नामेंट के सभी मैट ओमान मस्कट स्थित ओमान क्रिकेट अकादमी (OCA) के ग्राउंड-1 और ग्राउंड-2 पर खेले जाएंगे। इस टूर्नामेंट में डबर हेडर मुकाबले भी खेले जाएंगे। सभी मुकाबले दिन की रोशनी में खेले जाएंगे क्योंकि दिन रात्रि मैच के लिए फ्लड लाइट की व्यवस्था नहीं है।

गौरतलब है कि एशिया कप की तरह ही अंडर 19 एशिया कप में भारत का दबदबा रहा है। भारतीय युवा क्रिकेटरों ने इसको रिकॉर्ड 8 बार जीता है। वहीं पाकिस्तान ने पिछले साल पाकिस्तान ने समीर मिन्हास के बड़े शतक की बदौलत भारत को 191 रनों से कड़ी शिकस्त दी थी। तब भारत के लिए सलामी बल्लेबाजी वैभव सूर्यवंशी कर रहे थे और कप्तान आयुष म्हात्रे थे जिन्होंने इस टूर्नामेंट के ठीक बाद अंडर 19 विश्वकप जीता।

भारत का पूरा कार्यक्रम

6 नवंबर 2026 को भारतीय टीम अपने पहले ग्रुप मैच में नेपाल के खिलाफ मैदान पर उतरेगी।

8 नवंबर 2026 को भारतीय टीम का सामना अपने चिर-प्रतिद्वंदी और मौजूदा चैंपियन पाकिस्तान से होगा।

10 नवंबर 2026 को ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में भारत की टक्कर संयुक्त अरब अमीरात टीम से होगी।

ग्रुप स्टेज में इस प्रकार है टीमें

टूर्नामेंट की 8 टीमों को दो अलग-अलग ग्रुप में रखा गया है।

ग्रुप-A में भारत, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल।

ग्रुप-B में बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्रीलंका और मलेशिया।

न्यूजीलैंड की पिच पर दौड़ सकती है अमरोहा एक्सप्रेस, मो. शमी वापसी के करीब

चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 से भारतीय एकदिवसीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी और उनके प्रशंसको के लिए एक अच्छी खबर है। अमरोहा एक्सप्रेस लंबे समय से एक ही स्टेशन पर रुकी है लेकिन जल्द ही चलने के लिए हरी झंडी मिल सकती है।

जसप्रीत बुमराह से पहले भारतीय गेंदबाजी के अगुवा मोहम्मद शमी 36 साल के हो गए।मोहम्मद शमी अपने करियर की संध्यावेला में है और 2013 में डेब्यू करने वाले शमी खुशकिस्मत है कि संन्यास से पहले कम से कम वह खुद को आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफी विजेता टीम का हिस्सा कह सकते हैं। हालांकि उनकी उपस्थिति में टीम कभी विश्वकप नहीं जीती।

लेकिन अब ऐसा माना जा रहा है कि रन लुटाते तेज गेंदबाजी ईकाई उनका काम बना सकती है और इस उम्र में भी उनको न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में मौका दिला सकती है।अगर इस दौरे पर शमी ने कमाल कर दिया तो हो सकता है उनका चयन विश्वकप 2027 में हो जाए।

साल 2013 में मोहम्मद शमी ने एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण किया और इस ही साल जून के महीने में चैंपियन्स ट्रॉफी जीत चुकी  भारतीय टीम को क्या पता था अगले 10 साल क्या होने वाला है।

मोहम्मद शमी ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने पहले ही एकदिवसीय मैच में  अपनी तेजी और लाइन लैंग्थ से इतना प्रभावित किया कि भारतीय टीम ने 167 रनों का छोटा लक्ष्य भी बचा लिया और दिल्ली के मैदान पर चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से सूपड़ा साफ होने की शर्मिंदगी से भी बचा लिया।

इस मैच में शमी ने 10 ओवर में 23 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया था। लेकिन दुर्भाग्यवश चैंपियन्स ट्रॉफी 2013 में उनको शामिल नहीं किया गया। इसके बाद शमी के साथ टीम इंडिया का संघर्ष जारी रहा।

शमी भारत की ओर से वनडे विश्वकप 2015 में ऑस्ट्रेलिया गए जहां टीम सेमीफाइनल में हारी। इसके बाद वह चैंपियन्स ट्रॉफी 2017 में भारत के साथ थे जहां टीम फाइनल में हारी। साल 2019 के वनडे विश्वकप में हैट्रिक लेने वाले शमी को सेमीफाइऩल में नहीं शामिल किया गया। भारत यह मुकाबला 18 रनों से हारा।

साल 2022 के टी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में शमी 1 विकेट नहीं ले पाए और लगा कि अब वह शायद ही टीम में वापस आ पाएं लेकिन साल 2023 के वनडे विश्वकप में भारतीय पिच पर उन्होंने ऐसा जलवा दिखाया कि फैंस ने दांतो तले उंगलिया दबा ली।शमी उस विश्वकप के सबसे सफल गेंदबाज रहे और शायद यही बात उनके हक में गई और अब फिर से उनकी चयन की अटकलें तेज हो गई है।

भारत में हॉकी टीम भेजने से मना किया पाकिस्तान ने, चैंपियन्स ट्रॉफी में बांग्लादेश शामिल

पाकिस्तान हॉकी महासंघ  ने जालंधर और मोहाली में 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक होने वाली एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी पुरूष हॉकी में तटस्थ स्थान ना मिलने के कारण सरकार की नामंजूरी के कारण इस टूर्नामेंट से हट गया है। पाकिस्तान के हटने के साथ ही बांग्लादेश को इस टूर्नामेंट में शामिल कर लिया गया है।

गौरतलब है हॉकी की एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी में पाकिस्तान समेत आधा दर्जन टीमें शामिल थी। भारत और पाकिस्तान का मुक़ाबला 1 नवंबर को जालंधर में होना था, और यह मैच पंजाब दिवस के दिन ही होता।पिछले महीने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में टूर्नामेंट के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए पाकिस्तान की भागीदारी का दावा किया था। इस कार्यक्रम में हॉकी इंडिया महासचिव भोलानाथ सिंह समेत वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद थे । बांग्लादेश और ओमान को रिजर्व टीमों में रखा गया था।

इसके दो दिन बाद ही पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने भारत में खेलने से इनकार करके एएचएफ से टूर्नामेंट तटस्थ स्थान पर कराने की मांग की थी।

मुंबई में 2008 के आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय हॉकी नहीं खेली गई है। पाकिस्तान ने आखिरी बार भारत में 2023 एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी खेली थी जिसमें छह टीमों में वह पांचवें स्थान पर रहा था। पिछले साल भारत में हुए एशिया कप और जूनियर एशिया कप में भी पाकिस्तान ने भाग नहीं लिया था।

हॉकी इंडिया द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार छह टीमों के इस टूर्नामेंट में भारत के अलावा जापान, चीन, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश भाग लेंगे। पंजाब में लगभग दो दशक बाद इस टूर्नामेंट के जरिये अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हो रही है।जापान के आइची नागोया में हाल ही में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करने वाली भारतीय टीम चार बार खिताब जीत चुकी है।

भारतीय हॉकी टीम आखिरी बार 2006 में पाकिस्तान में श्रृंखला खेली थी।एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी को लेकर भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने हॉकी इंडिया की एक विज्ञप्ति में कहा,‘‘ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना विशेष उपलब्धि थी लेकिन अब वह बीती बात है और फोकस हीरो एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी पर है।हमें उसी लय को कायम रखना होगा।’’

वनडे टीम में आने के लिए विकेटकीपर बने यशस्वी जायसवाल (Video)

Yashsvi Yadav

लंबे समय से एकदिवसीय टीम से नजरअंदाज हो रहे यशस्वी जायसवाल विकेटकीपिंग का अभ्यास शुरु कर दिया है। भारतीय टीम के लिए पिछली 3 एकदिवसीय पारियों में 2 शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल टीम में चयन होने के बाद अंतिम ग्यारह में जगह नहीं बना पाते हैं क्योंकि रोहित शर्मा को टीम से हटाने का दम किसी में नहीं है।

मुंबई के कप्तान ने इस बात की पुष्टि की कि यशस्वी जायसवाल विकेटकीपिंग कर रहे हैं और हो सकता है कि मुंबई रणजी टीम के लिए या फिर भारत के लिए वह कीपिंग करते हुए दिख सकते हैं। एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 282 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11577 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

लेकिन एकदिवसीय विश्वकप के दौरान वह 40 वर्ष के हो जाएंगे ऐसे में कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि यशस्वी जायसवाल को सलामी बल्लेबाजी के तौर पर आजमाना चाहिए।वह रोहित की तो जगह नहीं ले सकते लेकिन विकेटकीपिंग में केएल राहुल की जगह लेना तो और मुश्किल है क्योंकि ध्रुव जुरेल टीम के बैकअप ओपनर हैं।

यशस्वी जायसवाल के पास अपार प्रतिभा है लेकिन किस्मत उन पर कम ही मेहरबान रही है। वह टी-20 विश्वकप में बतौर सलामी बल्लेबाज टीम में शामिल थे लेकिन विराट कोहली के कारण एक भी मैच नहीं खेल पाए। उन्होंने अब तक 17 टी-20 अंतरराष्ट्रीय  मैचों में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 33 का औसत और 161 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए है।

IND vs NZ: भुवनेश्वर कुमार के बाद अब टीम में होगी शमी की वापसी? इस दिग्गज खिलाड़ी ने रखी मांग

न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्टूबर-नवंबर 2026 में होने वाले टी20 मुकाबले के लिए टीम का ऐलान हो गया है। वहीं इस बार टीम में करीब चार साल बाद तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी हुई है। भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की लगातार दो खिताबी जीत में अहम योगदान दिया। इसी बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भुवनेश्वर ने एक बार फिर टीम इंडिया में जगह बनाई है। वहीं भुवनेश्वर के टीम में वापसी के बाद से अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के भी टीम इंडिया में लौटने की उम्मीद बढ़ गई है।

शमी ने आखिरी बार मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के लिए मैच खेला था। अब पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और बंगाल के पूर्व खिलाड़ी लक्ष्मी रतन शुक्ला ने शमी का समर्थन करते हुए उनकी वापसी की उम्मीद जताई है।

नेशनल टीम में होगी शमी की वापसी?

बंगाल के मौजूदा कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला ने एक बार फिर मोहम्मद शमी की मेहनत और टीम के प्रति उनके समर्पण की तारीफ की। रतन शुक्ला ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा, “शमी इस सीजन में बंगाल के लिए खेल रहे हैं और जिस तरह से वह गेंदबाजी कर रहे हैं, वह किसी युवा खिलाड़ी से कम नहीं लगते। मुझे उम्मीद है कि वह एक बार फिर भारत के लिए खेलेंगे और टीम इंडिया के लिए खेलते हुए ही अपने करियर का अंत करेंगे। शमी विश्व क्रिकेट के महान तेज गेंदबाजों में से एक हैं और वह भारतीय टीम में वापसी के हकदार हैं।”

भारत के लिए खेलना चाहते हैं

शमी की लगातार मेहनत के पीछे एक बड़ी वजह भारतीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचना और टीम इंडिया में दोबारा जगह बनाना है। शुक्ला ने कहा, “वह अभी भी भारत के लिए खेलना चाहते हैं। लेकिन इसके अलावा, आपने कितने गेंदबाजों को राज्य की टीम के लिए इस स्तर का समर्पण दिखाते हुए देखा है? मैं उन्हें उस समय से जानता हूं, जब वह सिर्फ नेट गेंदबाज हुआ करते थे। उन्होंने मेरी कप्तानी में बंगाल के लिए अपना डेब्यू किया था।”

उन्होंने आगे कहा, “आज वह एक शानदार खिलाड़ी के साथ-साथ एक अच्छे इंसान भी बन चुके हैं। वह ड्रेसिंग रूम में सभी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते रहते हैं। वह हमारे भाई जैसे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि वह इस सीजन में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और एक बार फिर भारत के लिए खेलेंगे।”

शमी का रिकॉर्ड

भारत के लिए 64 टेस्ट, 108 वनडे और 25 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके मोहम्मद शमी ने टीम में वापसी की उम्मीद अब भी कायम रखी है। 2026 दलीप ट्रॉफी फाइनल के बाद उन्होंने कहा था कि, “खिलाड़ी को खुद को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा प्रेरित रहना चाहिए। उनके मुताबिक, इस स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ी के अंदर खुद आगे बढ़ने की इच्छा होनी चाहिए और वह जिस भी स्तर पर खेल रहा हो, उसकी नजर हमेशा अगले मुकाम पर होनी चाहिए।”

T-20I टीम में बैंच पर बैठे वैभव सूर्यवंशी बिहार का रणजी मैच भी करेंगें मिस

वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 टीम में शामिल वैभव सूर्यवंशी बैंच पर बैठे हैं और शायद यह पूरी सीरीज ही वह बैंच पर बैठे क्योंकि मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इशारा कर दिया है कि वह विश्व विजेता टीम के संयोजन से खिलवाड़ नहीं करना चाहते। सूर्यवंशी सिर्फ एक वैकल्पिक सलामी बल्लेबाज हैं। ऐसे में वह ना ही राष्ट्रीय टीम के लिए खेल पा रहे हैं और ना ही अपने राज्य बिहार की रणजी टीम के साथ खेल पाएंगे।

वेस्टइंडीज के साथ चल रही पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय राष्ट्रीय टीम में शामिल वैभव सूर्यवंशी रणजी ट्रॉफी में बिहार की ओर से पहले चार मैच नहीं खेल पाएंगे। बिहार क्रिकेट में चल रही भारी उथल-पुथल के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से नियुक्त चयनकर्ताओं ने रणजी ट्रॉफी के पहले दो मैचों के लिए बिहार की 17 सदस्यीय टीम का चयन किया है।

बिहार इस बार एलीट ग्रुप में शामिल है और अपने अभियान की शुरुआत 11 अक्टूबर से नवनिर्मित राजगीर क्रिकेट स्टेडियम में उत्तर प्रदेश के खिलाफ करेगा। टीम का दूसरा मैच 18 अक्तूबर से मेजबान बड़ौदा से होगा। बिहार टीम की अगुवाई साकिबुल गनी करेंगे जबकि हिमांशु सिंह को उप-कप्तान बनाया गया है। वेस्टइंडीज और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा युवा बल्लेबाज सूर्यवंशी टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में टीम के साथ नहीं होंगे।

वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी टी-20 सीरीज जहां 17 अक्टूबर तक चलेगी, तो वहीं उसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 अक्टूबर से एक नवंबर के बीच होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भी सूर्यवंशी भारतीय दल के साथ होंगे।

बिहार के पूर्व रणजी कप्तान आशुतोष अमन को प्रमुख कोच बनाया गया है जबकि पूर्व रणजी खिलाड़ी अशोक कुमार एसिस्टेंट कोच की भूमिका में होंगे। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज साकिब हुसैन टीम के प्रमुख चेहरों में होंगे।

साकिब ने आईपीएल में 11 मैचों में 26.46 की औसत से 15 विकेट झटके थे। उनके अलावा मुंबई इंडियंस (एमआई) का हिस्सा रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद इजहार को भी टीम में जगह मिली है। इजहार को आईपीएल में डेब्यू का अवसर नहीं मिल पाया था।

बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) में प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव चल रहे हैं। 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह को बीसीए का प्रशासक नियुक्त किया था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने बिहार की महिला और सभी एज-ग्रुप टीमों के चयन के लिए बीसीसीआई से मदद का अनुरोध किया। इसके बाद बीसीसीआई ने बिहार की क्रिकेट टीमों के चयन की जिम्मेदारी पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ताओं और अनुभवी क्रिकेटरों को सौंपी।

इस चयन समिति की अध्यक्षता भारत के पूर्व तेज गेंदबाज हरविंदर सिंह ने की। समिति में तमिलनाडु के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर शरत श्रीधरण और मध्य प्रदेश के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर अमिताभ विजयवर्गीय भी शामिल थे। इसके अलावा प्रशासक अश्विनी कुमार सिंह ने बिहार के पूर्व रणजी कप्तान सुनील कुमार, पूर्व रणजी खिलाड़ी और कोच ज़शान उल यक़ीन और बिहार की पूर्व महिला क्रिकेटर शिखा सोनी को बीसीए के साथ मिलकर काम करने वाली समिती में रखा है।

एलीट ग्रुप ए में बिहार का सामना उत्तर प्रदेश के अलावा बड़ौदा, मध्य प्रदेश, गोवा, जम्मू-कश्मीर, विदर्भ और पुडुचेरी से होगा। बिहार घर में अपने सभी मैच राजगीर में खेलेगा, जो पहली बार किसी प्रथम श्रेणी मैच की मेजबानी करने जा रहा है।

राजगीर के नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार रणजी मुकाबले का आयोजन होने से बिहार के क्रिकेट प्रेमियों में भी खासा उत्साह है। यह मुकाबला न केवल बिहार के घरेलू क्रिकेट सत्र की शुरुआत करेगा, बल्कि राजगीर के इस नए क्रिकेट मैदान को भी आधिकारिक बीसीसीआई के घरेलू क्रिकेट नक़्शे पर स्थापित करेगा।

रणजी ट्रॉफ़ी के लिए बिहार की टीम:– साकिबुल गनी (कप्तान), आयुष लोहारुका, मंगल महरौर, नमन गौरव, पीयूष सिंह, बिपिन कुमार सौरभ(विकेटकीपर), श्रमण निग्रोध (विकेटकीपर), आकाश राज, पृथ्वी राज, हिमांशु सिंह (उप-कप्तान), ख़ालिद आलम, सूरज कुमार कश्यप, साकिब हुसैन, मोहम्मद इज़हार, शब्बीर ख़ान, राघवेंद्र सिंह और आमोद यादव।

आगरकर के लिए टीम सर्वोपरि, इतिहास योगदान याद रखेगा, गंभीर ने किया ट्वीट

अजीत आगरकर का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और न्यूजीलैंड दौरे की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा हो चुकी है। ऐसे में मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एक ट्वीट लिखकर अजीत आगरकर और उनकी उपलब्धियों को गिनाते हुए एक ट्वीट किया है।

गंभीर ने पोस्ट किया, ‘‘प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही। तीन आईसीसी ट्रॉफियां आपके भरोसे की गवाही देती हैं जिसमें हमेशा टीम को सर्वोपरि रखा गया। मुझे कहना होगा कि इतिहास आपके योगदान को याद रखेगा। हर चीज के लिए धन्यवाद। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। ’’

कड़े फैसले लेने के लिए बने थे मुख्य चयनकर्ता

अजीत आगरकर के कार्यकाल ने भारत ने साल 2024 और 2026 का टी-20 विश्वकप और साल 2025 की चैंपियन्स ट्रॉफी जीती। बोर्ड ने उनको कड़े फैसले लेने के लिए भेजा था। अजीत आगरकर ने टी-20 विश्वकप  2024 में रोहित और विराट को शामिल कर पहले ही संदेश दे दिया था कि यह विश्वकप उनका आखिरी है। दोनों ने यह बात मान भी ली थी।

वहीं टेस्ट क्रिकेट में दोनों का फॉर्म खराब हो गया और दोनों को संन्यास लेना पड़ा। अजीत आगरकर की यहां भी जीत हुई। लेकिन जब उन्होंने कहा कि एकदिवसीय विश्वकप के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली अनिर्णित है तब से चयनकर्ताओं और खिलाड़ियों में रस्साकशी शुरु हो गई और अंत में अजीत आगरकर की हार हुई। उन्होंने टी-20 विश्वकप विजेता सूर्यकुमार यादव को भी टूर्नामेंट जीतने के तुरंत बाद बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

भारत की ओर से 26 टेस्ट और 191 एकदिवसीय मैच खेलने वाले आगरकर ने लाल गेंद की क्रिकेट में 58 और सीमित ओवर की क्रिकेट में 288 विकेट लिए। उन्होंने टीम के लिए दो विश्वकप भी खेले। उनके नाम लॉर्ड्स के मैदान पर एक टेस्ट शतक और लंबे समय तक सबसे सीमित ओवर की क्रिकेट में तेज पजास रन और पचास विकेट का रिकॉर्ड भी उनके नाम रहा।

‘अगर दोबारा ड्रॉप भी हुआ तो…’, टीम इंडिया में वापसी के बाद ईशान किशन ने बताया अपना फोकस

भारतीय क्रिकेटर ईशान किशन के लिए साल 2026 काफी खास रहा है। भारतीय टीम में वापसी के बाद से ही ईशान किशन बेहरतीन फॉर्म में नजर आ रहे हैं। ईशान किशन को इस साल जनवरी में भारतीय टीम में वापसी की थी। साल 2023 के अंत में इंटरनेशनल क्रिकेट से ब्रेक लेने के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। उस समय ईशान साउथ अफ्रीका से लौटने के बाद अपनी घरेलू टीम झारखंड के लिए रणजी ट्रॉफी मैच खेलने नहीं उतरे थे। इसके बाद ईशान को बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में भी जगह नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर टीम में फिर अपनी जगह बनाई। लगातार मेहनत के बाद ईशान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से टीम में वापसी की और लगातार अच्छे प्रदर्शन से अपनी जगह मजबूत की।

‘मैंने धैर्य बनाए रखा’

ईशान किशन ने JioHotstar पर कहा, “जब मुझे इंटरनेशनल टीम से बाहर किया गया, तो मुझे अपनी कुछ गलतियों के नतीजों का एहसास हुआ। इसलिए, मैंने अपनी फिटनेस और बल्लेबाजी पर काम किया। मैंने धैर्य रखा और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी गलतियों को सुधारने पर ध्यान दिया।” उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि अगर मैं घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करता रहा, तो मुझे मौका जरूर मिलेगा और अपनी मेहनत के दम पर मुझे नेशनल टीम में वापस बुलाया गया। एक बार टीम में वापसी करने के बाद आप यह नहीं सोचते कि अगर दोबारा बाहर कर दिया गया तो क्या होगा।”

लगातार रन बनाना मेरा काम

उन्होंने आगे कहा, “सबसे जरूरी है कि क्रिकेट का आनंद लिया जाए और टीम की सफलता में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने पर ध्यान दिया जाए। मेरा काम लगातार रन बनाना है और अगर मैं ऐसा करता रहा, तो बाकी चीजें अपने आप सही हो जाएंगी।” उन्होंने कहा, “एक बल्लेबाज के तौर पर, जब मैं अच्छी फॉर्म में नहीं होता और दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में बल्लेबाजी कर रहा होता है और गेंद को अच्छे से हिट कर रहा होता है, जैसा कि इस मामले में श्रेयस अय्यर कर रहे थे, तो मुझे दूसरे बल्लेबाज को सपोर्ट करने में कोई दिक्कत नहीं होती।”

ईशान ने खेली शानदार पारी

मंगलवार को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 मुकाबले में ईशान किशन ने शानदार पारी खेली। भारत को 172 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने 14.4 ओवर में हासिल कर लिया। इशान ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर 137 रन की नाबाद साझेदारी की। इशान के मुताबिक, जब किसी बल्लेबाज का बल्ला अच्छी तरह चल रहा हो, तो दूसरे बल्लेबाज को उसके लिए अपनी भूमिका बदलने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

अय्यर ने ठोका शतक

ईशान ने कहा, “वह (अय्यर) हमारी साझेदारी में ज्यादातर रन बना रहे थे और जब वह शानदार बल्लेबाजी कर रहे हों, तो मेरा काम होता है कि उन्हें विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाने का मौका दूं। उन्होंने यह काम बहुत अच्छी तरह किया और आखिर में हमने लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा कर लिया।” श्रेयस अय्यर ने नाबाद शतक लगाकर टी20 इंटरनेशनल में अपनी पहली सेंचुरी पूरी की। इसके साथ ही वह उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए, जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने का कारनामा किया है।