ISSF World Cup में मनु भाकर से भी बेहतर निकली भारतीय निशानेबाज, जीता गोल्ड मेडल

ISSF World Cup (राइफल/पिस्तौल/शॉटगन) में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मनु भाकर स्वर्ण पदक जीतने से महरूम रह गई और उन्हें ओलंपिक की तरह ही कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। हालांकि भारत के लिए अच्छी बात यह रही कि इस ही प्रतियोगिता में भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने स्वर्ण पदक जीता।

21 वर्षीय ईशा ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए 40 अंक बनाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु ने शूट-ऑफ जीतकर कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने कुल 28 अंक बनाए।

भारतीय खिलाड़ियों ने क्वालीफाइंग दौर से ही अच्छी शुरुआत की। मनु ने 586 अंक बनाकर क्वालीफाइंग में पहला स्थान हासिल किया जबकि ईशा 585 अंक लेकर दूसरे स्थान पर रही। इस तरह से इन दोनों ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में आसानी से जगह बनाई।

एशियाई खेलों की पूर्व स्वर्ण पदक विजेता राही सरनोबत ने 582 का स्कोर बनाया, जबकि सिमरनप्रीत कौर बराड़ (576) और अभिदन्या अशोक पाटिल (573) ने केवल रैंकिंग अंकों के लिए (RPO) खेलते हुए अच्छा प्रदर्शन किया।

ईशा ने इस सत्र के शुरू में म्यूनिख विश्व कप के फाइनल में 43 अंक बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस तरह से उन्होंने अपनी निरंतरता बनाए रखी है जो आगामी प्रतियोगिताओं की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

जीत को बाद ईशा और मनु ने यह कहा

इस सत्र के शुरू में म्यूनिख विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली ईशा ने कहा, ‘‘पिछली जीत के कारण मुझ पर काफी दबाव था। जब आप अपनी स्पर्धा में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आपसे काफी उम्मीद की जाती है। मुझे खुशी है कि आज मैं इस दबाव को झेलने में सफल रही।’’

दूसरी तरफ मनु ने कहा कि इस पदक से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए यह पदक बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस तरह की सफलता सीढ़ी का काम करती है। इससे मुझे यह पता चलता है कि मैं किस दिशा में आगे बढ़ रही हूं। इस पदक से निश्चित रूप से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है और इसका मुझे विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में फायदा मिलेगा।’’

डीप डिप्रेशन संग 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 7 दिनों तक यूपी समेत 25+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, तूफानी रहेगा मौसम

Heavy Rain Alert: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों पर बना डिप्रेशन अब और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए बालासोर और कैनिंग के बीच पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तटों को पार कर रहा है। इसके असर से देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले सात दिनों (27 जुलाई से 2 अगस्त) तक मूसलाधार बारिश, अंधड़ और तूफानी हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

आपको बता दें कि पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य महाराष्ट्र में 21 सेमी से अधिक की अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा में अति भारी बारिश (12-20 सेमी) और हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, कोंकण-गोवा व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड हुई है।

  • उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का पूर्वानुमान
  • उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
  • उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 30 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। पूरे हफ्ते गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
  • हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान मूसलाधार से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख: 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इस पूरे क्षेत्र में 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई, 29 जुलाई और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। 27 से 29 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अनुमान है। 27 जुलाई, 30 जुलाई और 1 से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।
  • हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: इन क्षेत्रों में 28 से 31 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28-29 जुलाई और 1-2 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। 28 जुलाई से 2 अगस्त के बीच 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान तेज हवाएं और बिजली चमकने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मानसून का मजबूत असर दिखाई देगा।

  • छत्तीसगढ़: 27 और 28 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 29 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • पूर्वी मध्य प्रदेश: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश: 29 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • विदर्भ: 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में रेड कलर वॉर्निंग अलर्ट, बंगाल-बिहार में मूसलाधार

डीप डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव पूर्वी भारत के तटीय और मैदानी क्षेत्रों पर पड़ रहा है।

ओडिशा: 27 जुलाई को ओडिशा में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होगी। 27 जुलाई को ही 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश होगी, जबकि 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड: 27 जुलाई को दोनों राज्यों में अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 27 और 28 जुलाई को बंगाल में 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक रोजाना भारी बारिश होने के आसार हैं।
  • बिहार: 27 जुलाई और 29-30 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 27 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 2 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है।
  • पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी से अति भारी बारिश
  • कोंकण और गोवा: 27 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।
  • मध्य महाराष्ट्र: 27, 28, 30 और 31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 27 जुलाई और 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच अति भारी बारिश होने का अनुमान है। 28 और 29 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र व कच्छ में 30 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: अंधड़ और तेज सतही हवाओं की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 27 जुलाई को 50-60 किमी/घंटा (झोंके 70 किमी/घंटा) की रफ्तार से अंधड़ चलने का अलर्ट है। 27 से 29 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है। 27 और 28 जुलाई को इस क्षेत्र में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।

कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश और 31 जुलाई से 2 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश होगी। 27 से 31 जुलाई के दौरान कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

केरल और माहे: 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है। 27 और 28 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा की गति से हवाएं चल सकती हैं।

तेलंगाना और तमिलनाडु: तेलंगाना में 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 30 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। दोनों क्षेत्रों में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

भारत में एवरेज क्रेडिट स्कोर क्या है?

भारत में फाइनेंशियल मामलों में क्रेडिट स्कोर का कॉन्सेप्ट तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है. क्रेडिट इंस्ट्रूमेंट्स के बढ़ते यूज के साथ ये स्कोर लोन लेने या क्रेडिट कार्ड अप्लाई करने में बड़ा रोल प्ले करता है. ये 300 से 900 तक का थ्री-डिजिट नंबर है जो आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर आपकी क्रेडिटवर्थीनेस को रिफ्लेक्ट करता है. हायर स्कोर बेहतर क्रेडिट हेल्थ दिखाता है. क्रेडिट स्कोर, जिसे सिबिल स्कोर भी कहते हैं, रिपेमेंट हिस्ट्री, क्रेडिट यूटिलाइजेशन, क्रेडिट हिस्ट्री कितनी पुरानी है, क्रेडिट टाइप्स और रीसेंट क्रेडिट इंक्वायरीज जैसे फैक्टर्स से तय होता है.

क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स को समझकर आप स्ट्रॉन्ग क्रेडिट रिपोर्ट बनाए रख सकते हैं और अपनी फाइनेंशियल प्रॉस्पेक्ट्स को बेहतर कर सकते हैं.

क्रेडिट स्कोर रेंजेस

भारत में क्रेडिट स्कोर को कई रेंज में बांटा जाता है, जो क्रेडिटवर्थीनेस के अलग-अलग लेवल्स दिखाती हैं.

750 से 900: ये रेंज एक्सेप्शनल मानी जाती है. इस रेंज वाले कंज्यूमर्स को लोअर इंटरेस्ट रेट्स और हायर लोन अप्रूवल चांसेज मिलते हैं.

700 से 749: ये गुड क्रेडिट स्कोर है. ये रिलायबल क्रेडिट हिस्ट्री दिखाता है, लेकिन एक्सीलेंट जितना स्ट्रॉन्ग नहीं.

650 से 699: फेयर रेंज. क्रेडिट ऑफर्स मिल सकते हैं, लेकिन हायर इंटरेस्ट रेट्स के साथ.

600 से 649: पुअर स्कोर. क्रेडिट लेना मुश्किल हो सकता है और अगर मिले तो हायर इंटरेस्ट रेट्स.

600 से नीचे: इमीडिएट एक्शन की जरूरत, क्योंकि लेंडर्स इसे रिस्की मानते हैं.

ट्रांसयूनियन सीबिल रिपोर्ट के मुताबिक, जो कंज्यूमर्स अपनी क्रेडिट को एक्टिवली मॉनिटर करते हैं उनका एवरेज क्रेडिट स्कोर 729 होता है, जबकि जो मॉनिटर नहीं करते उनका 712. साथ ही, सेल्फ-मॉनिटरिंग करने वाले 46% कंज्यूमर्स के स्कोर छह महीने में इम्प्रूव हुए, जबकि नॉन-मॉनिटर्स में 41%.

आप मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर इंस्टैंटली अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर सकते हैं

भारत की क्रेडिट हेल्थ कैसी है?

नवंबर 2023 में पैसे बाजार क्रेडिट इनसाइट्स रिपोर्ट के अनुसार, देश भर के कंज्यूमर्स की क्रेडिट हेल्थ में वैरिड ट्रेंड्स दिखते हैं. स्टडी ने 823 सिटीज के 3.7 करोड़ कंज्यूमर्स का डेटा एनालाइज किया, जो सैलरीड और सेल्फ-एम्प्लॉयड के बीच गैप्स और एज ग्रुप्स के अंतर को हाइलाइट करती है.

सैलरीड बनाम सेल्फ-एम्प्लॉयड

-सैलरीड कंज्यूमर्स में 25% से ज्यादा का क्रेडिट स्कोर 770 और ऊपर है.

-सेल्फ-एम्प्लॉयड में सिर्फ 14% का स्ट्रॉन्ग क्रेडिट प्रोफाइल है.

-दोनों सेगमेंट्स में 32% कंज्यूमर्स गुड क्रेडिट स्कोर कैटेगरी में आते हैं.

अर्बन बनाम नॉन-मेट्रो

-मेजर मेट्रो सिटीज में 24% कंज्यूमर्स का स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर है.

-नॉन-मेट्रो में 22% का स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर, जो इन डेमोग्राफिक्स में समान क्रेडिट बिहेवियर दिखाता है.

हेल्दी क्रेडिट स्कोर वाली सिटीज

स्टडी ने क्रेडिट-हेल्दी कंज्यूमर्स के हाइएस्ट रेशियो वाली सिटीज को हाइलाइट किया:

-बेंगलुरु

-अहमदाबाद

-मुंबई

-पुणे

-चेन्नई

-दिल्ली

-हैदराबाद

-सूरत (नॉन-मेट्रो)

-कोयंबटूर (नॉन-मेट्रो)

ये फाइंडिंग्स दिखाती हैं कि मेट्रो और नॉन-मेट्रो दोनों में क्रेडिट हेल्थ नोटेबल है, और कुछ नॉन-मेट्रो सिटीज अच्छा परफॉर्म कर रही हैं.

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स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर का इम्पैक्ट

स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर कई फाइनेंशियल बेनिफिट्स अनलॉक करता है, जो लोन और क्रेडिट कार्ड्स को आसान और फेवरेबल टर्म्स पर लेने में मदद करता है.

-स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर लोन और क्रेडिट कार्ड्स सिक्योर करने के चांसेज बढ़ाता है, क्योंकि ये रिस्पॉन्सिबल फाइनेंशियल बिहेवियर दिखाता है और लेंडर्स के लिए डिफॉल्ट रिस्क कम करता है.

-हाई क्रेडिट स्कोर वाले कंज्यूमर्स को लोन पर लोअर इंटरेस्ट रेट्स मिलते हैं, जो मंथली रिपेमेंट्स को अफोर्डेबल और मैनेजेबल बनाते हैं.

-स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर प्री-अप्रूव्ड लोन और क्रेडिट कार्ड ऑफर्स के लिए क्वालिफाई करता है, जो जरूरत पड़ने पर फंड्स को फास्ट एक्सेस देता है.

-लेंडर्स हाई क्रेडिट स्कोर वालों को प्रीमियम क्रेडिट कार्ड्स ऑफर करते हैं, जिनमें एन्हांस्ड रिवॉर्ड्स और बेनिफिट्स होते हैं, जो परचेजिंग पावर बढ़ाते हैं.

-गुड क्रेडिट स्कोर हायर लोन अमाउंट्स और क्रेडिट लिमिट्स एक्सेस करने में मदद करता है, जो वैरियस नीड्स के लिए ग्रेटर फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी देता है.

गुड क्रेडिट स्कोर कैसे बनाएं

क्रेडिट स्कोर इम्प्रूव करने के लिए इम्पैक्टिंग फैक्टर्स पर केयरफुल अटेंशन और नॉलेज की जरूरत है. ये कुछ तरीके हैं अपनी क्रेडिटवर्थीनेस को बेहतर करने के:

-क्रेडिट कार्ड बिल्स और लोन ईएमआई का टाइमली रेपेमेंट सुनिश्चित करें, क्योंकि लेट या मिस्ड पेमेंट्स आपके क्रेडिट स्कोर को नेगेटिवली इम्पैक्ट कर सकते हैं.

-एक साथ मल्टिपल लोन एप्लिकेशंस सबमिट करने से बचें, क्योंकि ये लेंडर्स को क्रेडिट के लिए ओवरली इगर लग सकता है.

-क्रेडिट रिपोर्ट को रेगुलरली रिव्यू करें और किसी भी इनएक्युरेसी को तुरंत एड्रेस करें.

-अपनी टोटल क्रेडिट लिमिट के 30% से नीचे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो रखने की कोशिश करें, जो रिस्पॉन्सिबल क्रेडिट मैनेजमेंट दिखाता है.

निचोड़ ये है कि स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर बेहतर फाइनेंशियल ऑपर्च्युनिटीज के दरवाजे खोल सकता है. इसलिए अपनी क्रेडिट हेल्थ को ट्रैक करना बहुत जरूरी है. आप मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर इंस्टैंटली अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर सकते हैं. अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को मॉनिटर करने के लिए डिटेल्ड क्रेडिट रिपोर्ट को आसानी से ट्रैक करें. मनीकंट्रोल क्रेडिट डैशबोर्ड एक्सप्लोर करें ताकि फ्री क्रेडिट स्कोर और डिटेल्ड रिपोर्ट एक्सेस कर सकें.

योगी सरकार की बड़ी सौगात, 48.79 करोड़ से काशी की तर्ज पर संवरेगा लोधेश्वर महादेव धाम

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  • बाराबंकी का लोधेश्वर महादेव बनेगा हाईटेक तीर्थ, श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
  • अगले वर्ष अक्टूबर तक पूरा होगा मेगा प्रोजेक्ट, बनेंगे कवर्ड कॉरिडोर, कमांड सेंटर और मेडिकल सुविधा केंद्र
  • सीएम योगी की पहल से लोधेश्वर धाम में पर्यटन विकास को मिली नई उड़ान

 

बाराबंकी, 26 जुलाई। जिले के प्राचीन लोधेश्वर महादेव मंदिर को शीघ्र ही काशी जैसा भव्य स्वरूप मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत लगभग 48.79 करोड़ रुपये की समेकित पर्यटन विकास परियोजना के तहत मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। यह परियोजना न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र को और अधिक सुगम बनाएगी, बल्कि पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक विजिटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स भी तैयार करेगी। इसके साथ ही यहां कवर्ड कारीडोर भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने गत 20 जुलाई को इस परियोजना का शिलान्यास किया है।

 

लोधेश्वर महादेव धाम बाराबंकी का महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है। यहां आधुनिक सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को आरामदायक प्रवास, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और बेहतर व्यवस्था मिलेगी। प्रवेश द्वार, कवर्ड कॉरिडोर, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर और कमांड सेंटर जैसी सुविधाएं परिसर को हाईटेक विजिटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स का रूप देंगी। लैंडस्केपिंग व दुकानों की व्यवस्था से पर्यटन अनुभव और समृद्ध होगा। कुल 12980 वर्गमीटर क्षेत्र में यह विकास कार्य हो रहा है। इसका निर्माण कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस कर रही है।

 

पुरुषों व महिलाओं के लिए होंगे 26-26 टॉयलेट
 

परियोजना के अंतर्गत 5 प्रवेश द्वार, 2734 वर्गमीटर।का लैंडस्केप एरिया, 3.25 मीटर चौड़ा व 652 रनिंग मीटर लंबा परकोटा कवर्ड कॉरिडोर, 412 वर्गमीटर का क्लॉक रूम, पुरुषों व महिलाओं के लिए 26-26 तथा दिव्यांगजनों के लिए 4 टॉयलेट, पेयजल व्यवस्था, सिक्योरिटी स्टाफ हॉल, 9 दुकानें, सीसीटीवी सिस्टम, कंट्रोल रूम एवं कमांड सेंटर, पेंट्री तथा मेडिकल सेंटर जैसी सुविधाओं का निर्माण शामिल है। इन सुविधाओं से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी और परिसर आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा।

 

अगले वर्ष अक्टूबर माह तक हो जाएगा तैयार
 

सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार ने बताया कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य तेज गति से शुरू हो गया है। वर्तमान में मुख्य भवन का फाउंडेशन और पाइलिंग का कार्य चल रहा है। हम समयबद्ध तरीके से सभी सुविधाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अगले वर्ष अक्टूबर माह तक इसके निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

 

स्थानीय अर्थव्यवस्था को होगा फायदा: डीएम
 

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप बाराबंकी के प्राचीन धार्मिक स्थल लोधेश्वर महादेव मंदिर को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। भूमि संबंधी बाधाओं के बावजूद अब कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना आस्था और पर्यटन का सुंदर संगम बनाएगी। जिला प्रशासन इस महत्वपूर्ण विकास कार्य की नियमित निगरानी कर रहा है ताकि निर्धारित समय में पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम पूरा हो सके। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा और अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित होंगे।

 

मान्यता: महाभारत काल में पांडवों ने यहां किया था महायज्ञ
 

बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील के महादेवा गांव में घाघरा नदी के तट पर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन एवं पवित्र शिव मंदिर है। यहां का शिवलिंग भारत के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने यहां महायज्ञ किया था, जिसका प्रमाण आज भी मौजूद पांडव-कूप है। इस मंदिर का नाम लोधरम नामक ब्राह्मण से जुड़ा है, जिन्होंने स्वप्न में भगवान शिव के आदेश पर शिवलिंग की खोज की। यह मंदिर लोधी राजपूतों का कुलदेवता भी है। चारों युगों में इसकी पूजा का उल्लेख मिलता है। हर वर्ष महाशिवरात्रि पर लाखों भक्त यहां आते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। पौराणिक महत्व, श्रद्धा और चमत्कारों के कारण लोधेश्वर महादेव आस्था का प्रमुख केंद्र है।
 

केसरिया और भगवा कपड़ों से समाजवादी पार्टी की जन्मजात दुश्मनी: मुख्यमंत्री योगी

CM Yogi Barabanki Speech

 

 

  • सीएम योगी ने मैनपुरी में 682 करोड़ रुपये की 111 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
  • मुख्यमंत्री योगी ने कहा- धूम-धाम से निकलेगी कांवड़ यात्रा, प्रदेशभर में होंगे जन्माष्टमी के आयोजन
  • सीएम बोले –‘अब कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा’, विकास के लिए भी पैसों की कमी नहीं
  • देश की हर समस्या का समाधान उत्तर प्रदेश में, अब यूपी की काबिलियत पर कोई प्रश्न नहीं करता

 

लखनऊ, 26 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी कहती थी, कांवड़ यात्रा में शिव भक्त आएंगे तो दंगा हो जाएगा। सपा शंख व घंटा भी नहीं बजाने देती थी। समाजवादी पार्टी की केसरिया और भगवा कपड़ों से मानो जन्मजात दुश्मनी थी। हालांकि अब कोई कांवड़ यात्रा पर रोक नहीं लगा पाएगा, अब धूमधाम से कांवड़ यात्रा भी निकलेगी और शिवभक्त शिवालयों में जलाभिषेक भी करेंगे। उन्होंने कहा कि सपा ने जन्माष्टमी के आयोजनों पर भी रोक लगा दी थी, जिसे डबल इंजन सरकार ने फिर से शुरू कराया।

 

सीएम योगी मैनपुरी में 682 करोड़ रुपये से अधिक की 111 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के दौरान संबोधन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज हमारा प्रदेश उपद्रवग्रस्त नहीं, उत्सव प्रदेश बन गया है। अब कर्फ्यू न दंगा है, यूपी में सब चंगा है। 

 

उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है और उसके बाद सावन का महीना शुरू हो जाएगा। कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। पहले समाजवादी पार्टी कहती थी कि कांवड़ यात्रा नहीं होने देंगे, शिव भक्त जाएंगे तो दंगा हो जाएगा। वे शंख नहीं बजने देते थे, घंटा भी नहीं बजने देते थे। केसरिया व भगवा कपड़ों से मानो समाजवादी पार्टी की जन्मजात दुश्मनी थी। उन्होंने कहा, प्रदेश में डबल इंजन सरकार आते ही हमने तय किया कि धूम-धाम से कांवड़ यात्रा निकलेगी।

 

कांवड़ यात्रा पर नहीं लगने दी रोक

सीएम ने कहा कि हमने सुनिश्चित किया कि कांवड़ यात्रा पर कोई रोक नहीं लगाएगा। हमारी डबल इंजन सरकार ने आते ही कहा कि हम सुविधा देंगे और अनुशासित तरीके से शिव भक्त कांवड़ यात्रा निकालेंगे। कांवड़िए यात्रा कर जल लेकर आएंगे और शिवालयों में जलाभिषेक भी करेंगे। 

 

सपा ने जन्माष्टमी के आयोजन पर लगा दी थी रोक

सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को अब कोई रोक नहीं सकता। भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा, वृंदावन से लेकर मैनपुरी, इटावा समेत उत्तर प्रदेश के हर जिले में भव्यता के साथ आयोजन होते हैं। हर थाने, पुलिस लाइन, जेल में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन होता है, जिस पर पहले सपा ने रोक लगा दी थी।

 

उन्होंने कहा कि आज पर्यटन और संस्कृति विभाग के द्वारा मंदिरों के सुंदरीकरण के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले ये पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल के लिए चला जाता था। अब मंदिरों के सुंदरीकरण में वही पैसा खर्च हो रहा है। सपाई विकास की योजनाओं का पैसा अपने परिवार के विकास में लगा देते थे और गरीब देखता रहता था। छात्र की छात्रवृत्ति नहीं आती थी, नौजवान की नौकरी चली जाती थी, महिला स्वावलंबन के नाम पर सुरक्षा का संकट खड़ा कर देते थे।

 

मैनपुरी की पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान

सीएम ने कहा कि आज का मैनपुरी अपनी पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत की वजह से पहचाना जा रहा है। एक समय ऐसा भी था, जब मैनपुरी के नाम पर लोग घबराते थे। यहां के नौजवानों को होटल में कमरे नहीं मिलते थे। दूसरे शहरों में मैनपुरी के लोगों को किराए का मकान नहीं मिलता था। आज मयन ऋषि व च्यवन ऋषि की इस धरा को डबल इंजन की सरकार ने नई पहचान दी है। आज मैनपुरी का नौजवान, किसान, व्यापारी देश के किसी कोने में जाता है तो उसे सम्मान मिलता है। यह पहचान का संकट पूर्व की सरकारों ने पैदा किया था।

 

पहले जो गरीब नौजवान पैसा नहीं दे सकता था, उसकी नौकरी नहीं लगती थी। आज डबल इंजन की सरकार में नौकरी निकलती है तो मैनपुरी व इटावा का नौजवान भी नियुक्ति पत्र प्राप्त करता है। बड़ी शान के साथ अपनी सेवाएं देता है, नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में योगदान भी करता है।

 

यूपी में विकास के लिए पैसों की कमी नहीं

सीएम ने कहा कि आज यूपी बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है, भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्था में अपना स्थान बनाया है। अब यूपी में पैसे की कमी नहीं है, विकास के लिए जितना पैसा चाहिए दिया जाएगा। नौजवानों के लिए नौकरी और किसानों के लिए योजनाओं की भी कमी नहीं है।

 

सीएम ने कहा कि हमने योजनाओं का लाभ बिना जातिगत के भेदभाव के दिया है। फसल ऋण माफी के जरिए 86 लाख अन्नदाता किसानों को लाभ पहुंचाया गया, किसी के साथ भेदभाव नहीं हुआ। वह किसान दलित, वंचित, पिछड़ा समेत हर जाति के थे, जिन्हें लाभान्वित किया गया। एक जिला एक उत्पाद की योजना भी बिना भेदभाव के चलाई गई। मैनपुरी तारकशी कारीगरी को वैश्विक पहचान दिलाया गया। 

 

सपा के गुंडों ने बेटियों का जीना मुश्किल किया था

सीएम ने कहा कि पूर्व की सरकारों में बहुत सारे संभ्रांत परिवार अपनी बेटियों को यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदारों के घर पढ़ने के लिए भेज देते थे। क्योंकि समाजवादी पार्टी के गुंडों ने बेटियों व उनके परिवार का जीना मुश्किल कर दिया था। व्यापारी यूपी में निवेश नहीं करना चाहता था, उसे पूंजी के साथ अपनी सुरक्षा का भी भय रहता था।

 

सपा सरकार में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को मारी गोली

सीएम योगी ने कहा कि सपा सरकार में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मदन चौहान को उनके मैनपुरी स्थित पेट्रोल पंप में घुसकर गोली मारी गई थी। पूर्व सरकार में व्यापारी घर से निकलता था तो शाम को परिवार का मुंह देख पाने की प्रार्थना करता था। इसी को देखते हुए भाजपा सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉरलेंस अपनाया। इटावा हो या मैनपुरी यहां के संगठित अपराध की कमर तोड़ दी। प्रदेश को माफिया मुक्त किया गया। बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। अपराधियों को जेल या जहन्नुम भेज दिया गया और माफियों को मिट्टी में मिला दिया।

 

यह कार्य 2017 से पहले हो सकता था, लेकिन विकास, विरासत, उत्सवपूर्ण माहौल के लिए समय चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 12 बजे सोकर उठेगा, 2 बजे तैयार होगा, 5 बजे जिम जाएगा और 7 बजे अपनी महफिल में चला जाएगा, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है। विकास का कोई विजन उस व्यक्ति के पास नहीं था, केवल लूट कर अपने परिवार का खजाना भरा गया। यही यूपी की दुर्गति का कारण था।

 

देश की हर समस्या का समाधान यूपी में

सीएम ने कहा कि सपा सरकार में नौकरी निकलते ही वसूली शुरू हो जाती थी। आज नियुक्ति पत्र बांटते वक्त पूछने पर मैनपुरी के युवाओं से भी पता चलता है कि उन्हें कहीं सिफारिश, वसूली या किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने बताया कि 9 लाख से ज्यादा नौजवानों को सरकारी नौकरी मिली है। परंपरागत उद्यम जीवित हुआ तो सवा तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिला। सुरक्षा का बेहतर माहौल बना तो 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव यूपी में प्राप्त हुआ। आज यूपी के प्रति व्यक्ति की आय बढ़ी है। अब यूपी पर कोई सवाल नहीं उठाता, बल्कि देश की हर समस्या का समाधान यूपी में ढूंढता है। सीएम ने कहा कि लोग फिर जाति, क्षेत्र के नाम पर बांटने आएंगे, लेकिन ये समाज और देश के दुश्मन हैं। कभी ऐसे लोगों के कारण विदेशी हमले होते थे, फिर से वैसी ही साजिश पैदा हो रही हैं। 

 

सपा को महापुरुष पसंद नहीं

सीएम ने कहा कि हम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल एंप्लॉयमेंट जोन बना रहे हैं, समाजवादी पार्टी को इससे कोई लेना-देना नहीं था। हम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर श्रमजीवी हॉस्टल का निर्माण कर रहे हैं, समाजवादी पार्टी उनके नाम पर बने हुए संस्थानों का नाम मिटाती थी। डबल इंजन सरकार बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कर रही है, समाजवादी पार्टी ने कन्नौज में बाबा साहब के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम ही हटा दिया था। इन्हें सामाजिक न्याय से जुड़े हुए पुरोधा और महापुरुष पसंद नहीं हैं। इनको केवल परिवार के नाम पर सबकुछ पसंद है। यूपी को विकसित उत्तर प्रदेश बनना है, तो मैनपुरी को विकसित बनना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मैनपुरी जिले को विकसित बनाने के लिए जरूरी है कि मैनपुरी व करहल क्षेत्र का हर विधानसभा क्षेत्र, हर विकासखंड विकसित बने और उसी की कार्ययोजना को आगे बढ़ा जा रहा है। 

 

किसानों को जरूर मिलेगी 10 घंटे बिजली

सीएम ने कहा कि अन्नदाता किसान को कम से कम 10 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। मैनपुरी के किसानों को ये जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि वह जुलाई के महीने में मैनपुरी इसलिए आए हैं, ताकि पानी, बरसात की स्थिति देख सकें। उन्होंने कहा कि सरकार प्राथमिकता के आधार पर मैनपुरी जिले की सभी समस्याओं का समाधान निकालकर विकास कार्य को आगे बढ़ा रही है। मैनपुरी के लोगों को कहीं भी निराश और हताश नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विकसित यूपी के लिए मैनपुरी को भी तैयार होना है। 

 

सीएम योगी ने कार्यक्रम की शुरुआत पौधरोपण से की। इसके बाद महिलाओं को फलों की टोकरी देकर गोदभराई की रस्म और बच्चों का अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को गोद में लेकर दुलार किया व उपहार भेंट किए। सीएम ने यहां आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बेसिक शिक्षा विभाग के स्टॉल पर स्कूली बच्चों को स्कूल बैग व किट उपहार स्वरूप भेंट की। उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए विकास से जुड़े विभिन्न मॉडलों को देखकर खुशी व्यक्त की। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को देखा। सीएम ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, मिशन शक्ति समेत अन्य स्टॉलों का भी अवलोकन किया।

 

इस कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति, विधायक रामनेरश अग्निहोत्री, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, जिला अध्यक्ष ममता राजपूत, जिला प्रभारी अनिल चौधरी, डीसीबी चेयरमैन नरेंद्र सिंह राठौर, मैनपुरी जिला पंचायत प्रशासक अर्चना भदौरिया, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष संगीता गुप्ता समेत अन्य भाजपा नेता व गणमान्य उपस्थित रहें।

श्रेयस अय्यर ने VVS लक्ष्मण की तारीफ कर उड़ा दिया गौतम गंभीर का मजाक

जिम्बाब्वे के खिलाफ बतौर कप्तान अपनी पहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतकर श्रेयस अय्यर ने दौरे पर गए कोच VVS लक्ष्मण के लिए तारीफ के पुल बांध दिए। इसे कई क्रिकेट फैंस इस नजरिए से देख रहे हैं कि श्रेयस अय्यर यह साबित करना चाहते हैं कि गौतम गंभीर की कोचिंग के कारण टीम को आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-2 और 0-4 की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी।

गौरतलब है कि VVS लक्ष्मण का कोचिंग करियर खासा अच्छा गया है। साल 2022 से टीम के साथ कभी कभार कोचिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले वीवीएस लक्ष्मण अब तक बतौर कोच एक भी सीरीज नहीं हारे हैं। भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर और अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 3-0 से मिली जीत में एक-दूसरे की भूमिका की सराहना की।

अय्यर ने लक्ष्मण का आभार व्यक्त किया जिन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर को विश्राम दिए जाने के बाद इस दौरे के लिए अंतरिम कोच नियुक्त किया गया था।अय्यर ने कहा, ‘‘इस श्रृंखला में कुछ कैच छोड़ने के अलावा हमारा प्रदर्शन बेदाग रहा। सहयोगी स्टाफ सहित टीम के हर सदस्य ने अपना योगदान दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें प्रेरित करने और हमारा हौसला बढ़ाने के लिए वीवीएस सर आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। हर दिन जब हम मैदान पर कदम रखते थे, तो मुझे लगता था कि आपने जो कुछ भी कहा वह बिल्कुल सही था और हम उससे जुड़ाव महसूस कर सकते थे। इसलिए आपका बहुत-बहुत आभार।’’

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लक्ष्मण ने कहा, ‘‘मैं श्रेयस को विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूं क्योंकि उनके कप्तानी करियर की शुरुआत थोड़ी मुश्किल रही, लेकिन जिस तरह से उन्होंने वापसी की, वह शानदार था। वह पहले मैच से एक दिन पहले जब हमसे जुड़े और तभी से जीत के लिए आश्वस्त थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस टीम में कई नए खिलाड़ी शामिल थे। हम जानते हैं कि इंग्लैंड में खेलने वाले खिलाड़ियों में से केवल चार या पांच ही इस दौरे पर हमारे साथ शामिल थे। लेकिन वह आत्मविश्वास से भरे हुए थे। जिस तरह से कप्तान ने आप सभी को प्रेरित किया उसे देखते हुए इस जीत का बहुत सारा श्रेय कप्तान को जाता है।’’

NTA Young Professional Vacancy 2026: एनटीए ने 16 युवा पेशेवरों के पदों पर शुरू की भर्ती, यूपीएससी के प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए करें आवेदन

NTA Young Professional Vacancy 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने युवा पेशवरों (यंग प्रोफेशनल YP) की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। एजेंसी ने आधिकारिक वेबसाइट पर इस भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए 16 यंग प्रोफेशनल (YP) के पद भरे जाएंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

एजेंसी के अपनी परीक्षा और शोध गतिविधियों में विस्तार के बीच इस भर्ती का मकसद शैक्षिक, कानूनी और वित्तीय मामलों में एजेंसी की स्थिति मजबूत करना है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये पद तीन स्ट्रीम में उपलब्ध हैं। एकेडमिक रिसर्च में 12 पद, लीगल रिसर्च में 2 पद, और फाइनेंस और अकाउंट्स रिसर्च में 2 पद हैं। चयनित उम्मीदवार दिल्ली में एनटीए मुख्यालय में काम करेंगे। आधिकारिक काम के आधार पर कभी-कभी भारत के अंदर ट्रैवल भी करना पड़ सकता है। एजेंसी के साथ युवा पेशेवरों का जुड़ाव शुरू में 24 महीने के लिए होगा और प्रदर्शन और ऑर्गेनाइजेशनल जरूरतों के आधार पर इसे 12 महीने और बढ़ाया जा सकता है।

वैकेंसी डिटेल्स

स्ट्रीम पोस्ट की संख्या

एकेडमिक रिसर्च 12

लीगल रिसर्च 2

फाइनेंस और अकाउंट्स रिसर्च 2

कुल 16

आवेदन के लिए जरूरी योग्यता

सिर्फ यूपीएससी के प्रतिभा सेतु पोर्टल पर पंजीकृत उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

एकेडमिक रिसर्च

  • कैंडिडेट्स को सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होना चाहिए और प्रतिभा सेतु पोर्टल पर लिस्टेड होना चाहिए।
  • बेहतर होगा कि उनके पास संबंधित विषय में पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो।
  • जिन कैंडिडेट्स के पास डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) डिग्री या रिसर्च और टीचिंग का अनुभव है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

लीगल रिसर्च

  • कैंडिडेट्स के पास सिविल सेवा परीक्षा में वैकल्पिक विषया के तौर पर लॉ होना चाहिए।
  • किसी मान्यता प्रापत विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ लॉज (LLM) डिग्री होनी चाहिए।
  • लीगल रिसर्च या लिटिगेशन में अनुभव वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

फाइनेंस और अकाउंट्स रिसर्च

  • भर्ती प्रक्रिया में शामिल उम्मीदवारों को सीएसई में शामिल होना और प्रतिभा सेतु पोर्टल पर होना जरूरी है।
  • कॉमर्स, इकोनॉमिक्स, फाइनेंस या इससे जुड़े सब्जेक्ट में पोस्टग्रेजुएट डिग्री हो, या चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट (CMA) या कंपनी सेक्रेटरी (CS) जैसी प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन हो।
  • फाइनेंस, बजटिंग या ऑडिटिंग में अनुभव वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

कैंडिडेट्स की उम्र भी यूपीएससी प्रतिभा सेतु स्कीम के तहत तय उम्र सीमा के अंदर होनी चाहिए।

सैलरी और कार्यकाल

चयनित उम्मीदवारों को ₹80,000 का फिक्स्ड मंथली सैलरी। शुरुआती कॉन्ट्रैक्ट 24 महीने का होगा, जिसे परफॉर्मेंस के आधार पर 36 महीने तक बढ़ाया जा सकता है। साल में प्रो-राटा बेसिस पर आठ दिन की छुट्टी। दिल्ली में एनटीए ऑफिस में फुल-टाइम, पांच दिन का वर्क वीक। नोटिफिकेशन में यह साफ किया गया है कि यह एंगेजमेंट पूरी तरह से कॉन्ट्रैक्ट पर है और सरकार या एनटीए में स्थायी नियुक्ति की गारंटी नहीं देता है।

चयन प्रक्रिया

एलिजिबल कैंडिडेट्स को उनकी प्रोफाइल और रिलेवेंट स्ट्रीम के आधार पर शॉर्टलिस्ट करना।

एक इंटरव्यू, जो पर्सनली या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो सकता है।

अगर जरूरी हो, तो एनटीए अंतिम चयन से पहले एक लिखित परीक्षा या टास्क-बेस्ड असेसमेंट भी कर सकता है।

एनटीए ने यह भी कहा है कि सिर्फ एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरा करने से शॉर्टलिस्टिंग या चयन की गारंटी नहीं मिलती है। एजेंसी बिना कोई कारण बताए वैकेंसी की संख्या बदलने या किसी भी पोस्ट को न भरने का अधिकार रखती है।

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विश्व स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनी अनहत सिंह

भारत की अनाहत सिंह वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली 21 साल में पहली भारतीय खिलाड़ी बनने के बाद अब इसे जीते वाली भी पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। विश्व में 20वीं रैंकिंग की खिलाड़ी अनाहत ने ओंटारियो में खेली गई विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप के महिला एकल के फाइनल में शनिवार को मिस्र की रुकय्या सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया।

इससे पहले अपना पहला विश्व जूनियर खिताब जीतने की कोशिश कर रहीं अनाहत, 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं थी। उन्होंने 3/4 सीड खिलाड़ी को 11-3, 8-11, 11-4, 11-6 से हराकर चैंपियनशिप मैच में अपनी जगह पक्की की थी।

अनाहत ने खिताब जीतने के बाद कहा, ‘‘यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे अब भी ऐसा लग रहा है जैसे मैं सपना देख रही हूं।’’दिल्ली की इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘पिछले चार वर्षों से मैं सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में हार रही थी। अगर कोई मुझसे पूछे तो मैं हमेशा यही कहती हूं, ‘यह टूर्नामेंट मेरे लिए अभिशाप है’ और मैं इस प्रतियोगिता में कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई हूं।’’

अनाहत की यह जीत और भी खास है क्योंकि जूनियर सर्किट में यह उनका आखिरी साल था।उन्होंने कहा, ‘‘जूनियर स्तर पर यह मेरा आखिरी साल है और इसे जीतने का यह मेरे पास आखिरी मौका था। इसलिए यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है।’’

अनाहत ने कहा कि वह टूर्नामेंट के फाइनल में खेलने के अनुभव का आनंद लेना चाहती थीं।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता था कि अगर मैं तनाव में होती हूं तो अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती हूं, इसलिए मैं कोर्ट पर उतरी और अच्छी तरह से शॉट लगाए। मैं विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में खेलने के हर पल का आनंद लेना चाहती थी।’’

सिंह ने कहा, “मैंने कुछ महीने पहले ब्रिटिश जूनियर ओपन में (सेमीफाइनल प्रतिद्वंदी) बारब के खिलाफ खेला था और वह भी ऐसा ही कड़ा मुकाबला था, इसलिए मुझे पता था कि सेमीफाइनल में भी मुझे बहुत अच्छा खेलना होगा। मैंने चार वर्ल्ड जूनियर टूर्नामेंट खेले हैं और क्वार्टर-फाइनल और सेमीफाइनल में हार गई थी, इसलिए फाइनल में पहुंचने से मेरे माता-पिता और कोच बहुत खुश थे।”

15 दिन के अंदर भारत ने वापस पा ली T-20I अंतरराष्ट्रीय की पहली रैंक

भारत ने जिम्बाब्वे को लगातार 3 मैच हराकर ना केवल सीरीज जीत ली बल्कि इस महीने के शुरुआत में भारत को अपदस्थ कर पहली रैंक पाने वाली इंग्लैंड को फिर दूसरे रैंक पर भेज दिया। भारत ने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ शुरुआती 3 टी 20 मैच जीतकर टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 की जगह फिर से हासिल कर ली है।

भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पिछली सीरीज में 0-4 की हार के साथ टी 20 में अपनी नंबर वन रैंकिंग गंवा दी थी, लेकिन ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ शुरुआती 3 मैचों में शानदार जीत ने उन्हें शीर्ष स्थान फिर से हासिल करने में मदद की है।इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का पांचवा मैच भारत ने 11 जुलाई को खेला था और 26 जुलाई को अपनी पहली टी-20 रैंक वापस पा ली।

हालांकि भारत को यह रैंक बरकरार रखने के लिए लय बरकरार रखनी पड़ेगी क्योंकि भारत को अब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज खेलनी है और पिछले 10 टी-20 मैचों में वह सिर्फ 3 ही जीती है।साथ ही इंग्लैंड और भारत के बराबर अंक 268 हैं। ऐसे में कुछ हार और कुछ जीत एक बार फिर टी-20 अंकतालिका में हेर फेर ला सकती है।

भारत ने इस सीरीज़ में अब तक दोनों मैच आसानी से जीते हैं। पहले टी20 मैच में, वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर भारत को सात विकेट से जीत दिलाई। दूसरे मैच में, ईशान किशन ने 44 गेंदों में 81 रन बनाए और तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में नाबाद 60 रन बनाए, जिससे भारत ने 90 रनों से जीत हासिल कर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।

इसके अलावा अंतिम मैच भी भारत ने लगभग एकतरफा अंदाज में 35 रनों से जीत लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 5 विकेट खोकर 192 रन बनाए। इस स्कोर को 200 के करीब पहुंचाने का काम वैभव सूर्यवंशी ने किया जिन्होंने 48 गेंदो में 81 रनों की पारी खेली। हालांकि वह शतक चूक गए जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 157 रन ही बना सकी।

कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सेना के मुक्केबाज ने पाकिस्तानी को किया 5-0 से पस्त (Video)

 

 

भारतीय मुक्केबाज जदुमनी सिंह ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेल 55 किग्रा मुक्केबाजी मुकाबले में पाकिस्तानी मुक्केबाज सुमामा रहमान को 5-0 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। इस एकतरफा जीत के बाद उन्होंने इस जीत को कारगिल के योद्धाओं को समर्पित किया। गौरतलब है कि यह मुकाबला रविवार को खेला गया और तारीख थी 26 जुलाई जब देश कारगिल विजय दिवस मना रहा था।

सेना के इस मुक्केबाज ने अपनी बेहतरीन तकनीक, तेज गति और रिंग पर नियंत्रण के दम पर प्रभावशाली जीत दर्ज की। करगिल विजय दिवस पर अपनी जीत को करगिल युद्ध के वीरों को समर्पित करने वाले जदुमणि ने एक और शानदार प्रदर्शन के बाद अपना लक्ष्य दोहराया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह जीत करगिल के वीरों को समर्पित करना चाहता हूं। मैं सभी को हराकर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहता हूं।’’ पहले दौर में जदुमणि ने अपने प्रतिद्वंद्वी को परखा, लेकिन जल्द ही उन्होंने रहमान की रणनीति समझ ली और मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया।

उन्होंने लगातार सटीक हुक और सीधे पंच लगाए। दूसरे राउंड में उनके दायें हाथ के करारे पंच के बाद रेफरी को रहमान को स्टैंडिंग काउंट देना पड़ा। अंतिम राउंड में बढ़त लगभग तय होने के बावजूद जदुमणि आत्मविश्वास के साथ रिंग में डटे रहे। उन्होंने बीच में खड़े होकर रहमान को आक्रमण के लिए आमंत्रित किया और फिर अपनी तेज गति व बेहतर मूवमेंट से जवाब दिया। जदुमणि के सामने मंगलवार को खेले जाने वाले क्वार्टर फाइनल में जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले की चुनौती होगी। जदुमणि अब पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं।