Traitors 2: ‘द ट्रेटर्स 2’ को होस्ट करेंगे करण जौहर, जानें कब और कहां देख पाएंगे पॉपुलर शो

Traitors 2: प्राइम वीडियो ने आज ऐलान किया कि उसकी ब्लॉकबस्टर रियलिटी ओरिजिनल सीरीज ‘द ट्रेटर्स’ का दूसरा सीजन 13 अगस्त से दुनियाभर में स्ट्रीम होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद लोकप्रिय इस थ्रिलिंग रियलिटी फॉर्मेट के भारतीय वर्जन के लिए आईडीटीवी के BAFTA और Emmy Award जीत चुके ग्लोबल फॉर्मेट का लोकल अडैप्टेशन ऑल3मीडिया इंटरनेशनल के साथ मिलकर किया गया है।

वहीं, दूसरे सीजन को धर्माटिक एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। दुनिया के 40 से ज्यादा देशों में इसके अडैप्टेशन बन चुके हैं और द ट्रेटर्स आज दुनिया के सबसे तेजी से लोकप्रिय हो रहे रियलिटी फॉर्मेट्स में से एक बन गया है। यह एक ग्लोबल कल्चरल फिनॉमेनन बन चुका है, जो लगातार चर्चा में रहता है और पॉप कल्चर के कई यादगार पल भी देता रहा है।

इस बार दूसरा सीजन पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, बोल्ड और ड्रामे से भरपूर होने वाला है। इसमें साइकोलॉजिकल गेम, असली इमोशन्स, जबरदस्त सस्पेंस और धमाकेदार ड्रामा देखने को मिलेगा। करण जौहर एक बार फिर भरोसे और धोखे के इस सबसे बड़े खेल को होस्ट करते नजर आएंगे। इस बार 21 सेलिब्रिटी प्लेयर्स ग्रैंड प्राइज, प्रतिष्ठित खिताब और सबसे बड़ी शेखी बघारने का हक जीतने के लिए मुकाबला करेंगे। द ट्रेटर्स का दूसरा सीजन 13 अगस्त से सिर्फ प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगा और हर गुरुवार नए एपिसोड रिलीज किए जाएंगे।

प्राइम वीडियो इंडिया में ओरिजिनल्स के डायरेक्टर और हेड निखिल माधोक ने कहा, “द ट्रेटर्स के पहले सीजन को जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला, उसने हमारी सभी उम्मीदों को पार कर दिया। यह सिर्फ एक एंटरटेनमेंट शो नहीं रहा, बल्कि एक कल्चरल मोमेंट बन गया। द ट्रेटर्स आज प्राइम वीडियो इंडिया की सबसे खास रियलिटी फ्रेंचाइजी में से एक बन चुकी है, जिसने अपने अलग अंदाज के गेमप्ले, साइकोलॉजिकल स्ट्रैटेजी और शानदार एंटरटेनमेंट के साथ इस जॉनर को नई पहचान दी है। देशभर के दर्शक इसके इमोशन्स से भरे माइंड गेम्स और बिना किसी दिखावे वाले ड्रामे से जुड़े रहे। दूसरे सीजन में दांव पहले से कहीं बड़े हैं, गेम और ज्यादा तेज होगा, ड्रामा और भी दमदार होगा और नए प्लेयर्स की लाइन-अप हर मोड़ पर दर्शकों को सीट से बांधे रखेगी। हमें खुशी है कि करण जौहर एक बार फिर होस्ट और इस पूरे खेल के मास्टर ऑर्केस्ट्रेटर के तौर पर लौट रहे हैं। हमें बेसब्री से इंतजार है कि दर्शक इस शानदार नए सीजन का अनुभव करें।”

ऑल3मीडिया इंटरनेशनल की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (APAC) सबरीना डुगुए ने कहा, “द ट्रेटर्स के भारतीय वर्जन ने पहले ही सीजन में दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली थी और हमें बेहद खुशी है कि यह अब एक और रोमांचक सीजन के साथ लौट रहा है। फैंस का प्यार, जुड़ाव और इस शो को लेकर दीवानगी वाकई शानदार रही है। अब हम दूसरे सीजन के साथ इसी उत्साह को और आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।

धर्माटिक एंटरटेनमेंट की टीम ने कहा, “द ट्रेटर्स के पहले सीजन ने पूरे देश में लोगों को अपना दीवाना बना दिया था। इस शो ने साबित कर दिया कि भारतीय दर्शक ऐसा रियलिटी कंटेंट देखना चाहते हैं, जो उनकी सोच को चुनौती दे, उन्हें हर पल सीट से बांधे रखे और पुराने नियमों से हटकर कुछ नया दिखाए। हमें बेहद खुशी है कि हम दर्शकों के लिए दूसरा सीजन लेकर आ रहे हैं, जो पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, बोल्ड और ड्रामे से भरपूर होगा।

Delhi protest: NEET आंदोलन से फिर करीब आए राहुल-अखिलेश? यूपी चुनाव से पहले युवाओं के मुद्दों पर BJP को घेरने की तैयारी

NEET protest: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब लगभग छह महीने का समय बचा है। ऐसे में NEET परीक्षा विवाद ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ एक नया और मजबूत राजनीतिक मुद्दा दे दिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब एक बड़े विपक्षी अभियान का रूप ले चुका है। इसमें पेपर लीक, बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।

दोनों दलों का मानना है कि ये ऐसे मुद्दे हैं, जिनका असर उत्तर प्रदेश के करोड़ों युवा मतदाताओं पर पड़ सकता है। आगामी चुनाव में यह बड़ा चुनावी हथियार साबित हो सकता है।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच फिर दिखा तालमेल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच बढ़ता तालमेल ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति निर्णायक दौर में एंट्री  कर रही है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में दोनों दलों का चर्चित ‘दो लड़के’ अभियान मतदाताओं को प्रभावित करने में विफल रहा था। गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा था।

लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। कांग्रेस-सपा गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी को बड़ा झटका दिया। इससे दोनों दलों का आत्मविश्वास बढ़ा और गठबंधन को नई राजनीतिक ऊर्जा मिली।

डिंपल यादव ने आंदोलन में निभाई सक्रिय भूमिका

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद समाजवादी पार्टी की सांसद और अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव जंतर-मंतर पहुंचीं। अपनी पहचान बन चुकी गुलाबी साड़ी में पहुंचीं डिंपल कई घंटों तक घायल छात्रों के बीच रहीं। उन्होंने घायल छात्रों का हौसला बढ़ाया। बेहोश हुए एक छात्र की मदद की की। योगत्यता उपलब्ध कराने में सहयोग किया और प्रदर्शनकारियों के साथ लगातार मौजूद रहीं।

सोशल मीडिया पर उनके पुलिस बैरिकेड पर चढ़ने, घायल छात्रों की मदद करने और प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े रहने के वीडियो तेजी से वायरल हुए। सरकार के रवैये को असंवेदनशील बताते हुए उन्होंने कहा, “यह NEET नहीं, CHEAT है।” उनकी लगातार मौजूदगी ने समाजवादी पार्टी को युवाओं और छात्रों के प्रति संवेदनशील दल के रूप में पेश करने में मदद की।

युवाओं के जरिए बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने पिछले कुछ वर्षों में कल्याणकारी योजनाओं, रोजगार पहलों और राष्ट्रवादी राजनीति के जरिए पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के बीच मजबूत आधार बनाया है। विपक्ष का मानना है कि NEET विवाद बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के आरोप और बढ़ती बेरोजगारी युवाओं में असंतोष पैदा कर रहे हैं। कांग्रेस और सपा इसी नाराजगी को राजनीतिक समर्थन में बदलना चाहती हैं। दोनों दल खुद को छात्रों और युवाओं की आवाज के रूप में स्थापित कर इस आंदोलन को चुनावी मुद्दे में बदलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ जॉइंट आंदोलन

NEET आंदोलन का असर उत्तर प्रदेश में भी तेजी से दिखाई दिया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ सहित कई जिला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रदर्शन किए। दोनों दलों के छात्र संगठनों ने आंदोलन का नेतृत्व किया। कई जगह पुलिस के साथ झड़पें हुईं। विपक्षी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भी हुई, जिससे यह आंदोलन लगातार सुर्खियों में बना रहा। अब दोनों दलों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भी संयुक्त विरोध प्रदर्शन जारी रखने की योजना बनाई है।

सिर्फ NEET नहीं, कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

दोनों दलों के सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अब अपने अभियान को केवल NEET तक सीमित नहीं रखेंगी।

गठबंधन की योजना में शामिल प्रमुख मुद्दे हैं:-

कथित पेपर लीक

बेरोजगारी

सरकारी भर्तियों में देरी

राम मंदिर दान चोरी विवाद

किसानों के लिए खाद की कमी

नकली दवाओं का मुद्दा

बढ़ते बिजली बिल और बिजली दरें

विपक्ष की रणनीति है कि चुनाव तक जनता का ध्यान इन मुद्दों पर केंद्रित रखा जाए, ताकि बीजेपी पहचान की राजनीति और कल्याणकारी योजनाओं के जरिए चुनावी एजेंडा तय न कर सके।

फिलहाल सीट बंटवारे का विवाद भी पड़ा ठंडा

कुछ समय पहले कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बराबर सीटों की हिस्सेदारी चाहेगी। गौतम ने कांग्रेस को गठबंधन का ‘बड़ा भाई’ तक बताया था।

इन बयानों से दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। हालांकि, छात्र आंदोलन के बाद फिलहाल बातचीत का केंद्र सीटों की बजाय संयुक्त राजनीतिक अभियान बन गया है। इससे दोनों दल एकजुटता का संदेश देने में सफल रहे हैं।

युवा वोट बना सबसे बड़ा चुनावी रणक्षेत्र

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में युवा मतदाताओं को सबसे बड़ा चुनावी मैदान मान रही हैं। सपा का पारंपरिक मुस्लिम-यादव (MY) वोट बैंक अभी भी उसके साथ माना जाता है। जबकि कांग्रेस ऊंची जातियों, दलितों, शहरी मतदाताओं और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है। बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे जाति और धर्म से ऊपर उठकर लगभग हर वर्ग के छात्रों को प्रभावित करते हैं। इसलिए इन्हें राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावी माना जा रहा है।

बीजेपी भी करेगी कड़ा मुकाबला

हालांकि बीजेपी इस चुनौती को आसानी से स्वीकार करने वाली नहीं है। 2024 लोकसभा चुनाव में झटका लगने के बावजूद भगवा पार्टी ने बाद के विधानसभा उपचुनावों में अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन किया है। बीजेपी आगामी चुनाव में अपनी कल्याणकारी योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी भर्ती अभियानों और सुशासन के रिकॉर्ड को प्रमुखता से जनता के सामने रखेगी। पार्टी को भरोसा है कि उत्तर प्रदेश में उसका बूथ स्तर तक फैला मजबूत संगठन विपक्ष पर बढ़त बनाए रखेगा।

क्या NEET आंदोलन बनेगा चुनावी गेम चेंजर?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NEET आंदोलन 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की दिशा बदल पाएगा। यदि राहुल गांधी और अखिलेश यादव युवाओं के गुस्से को चुनाव तक बनाए रखने और पेपर लीक, बेरोजगारी तथा छात्रों की आकांक्षाओं को चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनाने में सफल रहते हैं, तो कांग्रेस-सपा गठबंधन 2024 के बाद बीजेपी के सामने अब तक की सबसे बड़ी चुनौती पेश कर सकता है।

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वहीं यदि बीजेपी बहस का केंद्र फिर से विकास, सुशासन, कल्याणकारी योजनाओं और नेतृत्व पर ले जाने में सफल हो जाती है, तो जंतर-मंतर से उठी यह भावनात्मक लहर चुनाव तक पहुंचने से पहले कमजोर भी पड़ सकती है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की चुनावी लड़ाई काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य के करोड़ों युवा मतदाता आखिर किस राजनीतिक दल पर सबसे अधिक भरोसा जताते हैं।

भारत ने यूक्रेन के राजदूत को तलब किया:ब्लैक सी में जहाज पर हमले में भारतीय चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत

भारत ने ब्लैक सी में एक जहाज पर हुए हमले में भारतीय नाविक की मौत के मामले में यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया है। भारतीय नाविकों की यूनियनों ने हमले के लिए यूक्रेनी ड्रोन को जिम्मेदार बताया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को यूक्रेन के सामने मजबूती से उठाया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज एमवी ओमोर्फी पर 18 जुलाई को ब्लैक सी से गुजरते समय हमला हुआ था। मंत्रालय ने पिछले हफ्ते जारी एक बयान में कहा था कि यह हमला कथित तौर पर रूसी क्षेत्रीय जलक्षेत्र में हुआ। हमले के समय जहाज पर 10 क्रू मेंबर सवार थे। इनमें 3 भारतीय नागरिक थे। हमले में भारतीय क्रू मेंबर और चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत हो गई। जहाज पर मौजूद दो अन्य भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए हैं। भारत ने हमले की निंदा की भारत ने जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल शिपिंग और नागरिक क्रू मेंबर पर हमले स्वीकार नहीं किए जा सकते। मंत्रालय ने सभी पक्षों से समुद्री आवाजाही की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वैश्विक व्यापार के मुक्त प्रवाह को बनाए रखने की अपील की है। भारत का कहना है कि कमर्शियल शिपिंग रूट्स की सुरक्षा जरूरी है और नागरिक नाविकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला जहाज था एमवी ओमोर्फी एमवी ओमोर्फी मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला बल्क कैरियर है। इसे 2010 में बनाया गया था। यह उस क्षेत्र में संचालित हो रहा था, जहां रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच व्यापारी जहाजों पर बार-बार हमले हुए हैं। इस घटना ने ब्लैक सी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों के सामने बढ़ते सुरक्षा जोखिम को भी सामने रखा है। भारतीय नाविक दुनिया की मर्चेंट नेवी में सबसे बड़े समूहों में शामिल हैं। भारतीय नाविकों और शिपिंग कंपनियों को एडवाइजरी भारतीय अधिकारियों ने नाविकों और शिपिंग कंपनियों को एडवाइजरी जारी कर ब्लैक सी या उसके आसपास के इलाकों में काम से पहले सुरक्षा जोखिमों का सावधानी से आकलन करने को कहा है। एडवाइजरी में नाविकों और शिपिंग कंपनियों को समुद्री मार्गों की पुष्टि करने, इंश्योरेंस कवरेज की जांच करने और इमरजेंसी प्रक्रियाओं को समझने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी असाइनमेंट को स्वीकार करने से पहले इन पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है। हमले में यूक्रेनी ड्रोन के इस्तेमाल का आरोप भारतीय नाविकों की यूनियनों ने इस हमले के लिए यूक्रेनी ड्रोन को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यूक्रेन की ओर से इस आरोप की पुष्टि का उल्लेख नहीं है। हमले की जिम्मेदारी और इसकी पूरी परिस्थितियों को लेकर उपलब्ध कॉपी में आगे की जानकारी नहीं दी गई है। भारत ने इससे पहले भी कमर्शियल शिपिंग लेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। नई दिल्ली लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि समुद्री रास्तों से होने वाले वैश्विक व्यापार को सुरक्षित रखा जाए और नागरिक नाविकों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता न हो।

लगातार दूसरे Commonwealth मेडल की तलाश में श्रीशंकर पहुंचे ऊंची कूद के फाइनल में

नीरज चोपड़ा 31 जुलाई को राष्ट्रमंडल खेलों में शिरकत करेंगे लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि ट्रैक एंड फील्ड यानि कि एथलेटिक्स में भारत को पहले ही अपना पहला पदक मिल जाए। ऊंची कूद में श्रीशंकर ने अपने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर का क्वालिफिकेशन मार्क को पार कर लिया है।  इस स्पर्धा का फाइनल 29 जुलाई देर रात 11.54 बजे खेला जाएगा।

गौरतलब है कि श्रीशंकर ही वह एथलीट है जिन्होंने पिछले संस्करण में 44 साल बाद इस स्पर्धा में भारत को मेडल दिलाया था। उनसे पहले 1978 में सुरेश बाबू ने कांस्य पदक जीता था।वह बाबू, अंजू बॉबी जॉर्ज (2002 में मैनचेस्टर खेलों में कांस्य), और एमए प्रजुषा (2010 में नयी दिल्ली खेलों में रजत) के बाद इन खेलों में लंबी कूद में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी हैं।

पिछली बार वह मामूली अंतर से गोल्ड मेडल चूक गए थे और उनको सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। लंबे कद के इस एथलीट के लिए पदक जीतना आसान नहीं रहा था क्योंकि तीसरे प्रयास में बाद 7.84 मीटर कूद लगाकर छठे स्थान पर खिसक गए थे। इसके बाद उन्होंने अच्छी वापसी की और चौथे प्रयास में 8.08 मीटर कूद लगाई जिससे वह ऐतिहासिक रजत पदक हासिल करने में सफल रहे थे।

श्रीशंकर ने कहा, ‘‘हर एथलीट इस दौर से गुज़रा है। (वर्तमान ओलंपिक चैंपियन) मिल्टियाडिस टेंटोग्लू ने यूनान में मुझसे कहा कि वह भी कई बार छठे और सातवें स्थान पर आए हैं और फिर उन्होंने तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता। यह कदम दर कदम आगे बढ़ने की प्रक्रिया है।’’

Stock Market : शेयर बाजार में लौटी रौनक, 5 दिन की गिरावट थमी, सेंसेक्स 776 अंक उछला, निवेशकों को बड़ी राहत

share market 19 march

भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला सोमवार को आखिरकार थम गया। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के बाद घरेलू बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी के चलते BSE सेंसेक्स 776 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 228 अंक की मजबूत बढ़त के साथ समाप्त हुआ।

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बाजार क्यों चढ़ा?

विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में तनाव कम होना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट रही। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई पर रोक लगने से वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।

 

सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

BSE सेंसेक्स : 76,835.78 पर बंद

तेजी : 776.01 अंक (1.02%)

दिन का उच्च स्तर : 76,901.51

 

वहीं, NSE निफ्टी 228 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के दौरान बैंकिंग, आईटी, ऑटो और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

 

निवेशकों को क्या राहत मिली?

पिछले पांच दिनों की लगातार गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी। सोमवार की तेजी ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया और यह संकेत दिया कि यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं तो आने वाले सत्रों में भी बाजार में मजबूती बनी रह सकती है।

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आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों (FII) के निवेश रुझान पर रहेगी। ये तीनों कारक अगले कुछ दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

Market Outlook : लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटा, जानिए 28 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने 27 जुलाई को लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया और निफ्टी 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ। लगभग 2646 शेयरों में बढ़त देखी गई,1530 शेयरों में गिरावट आई और 176 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में एटरनल,इंटरग्लोब एविएशन,इंफोसिस,बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में ONGC,सिप्ला,HDFC लाइफ,HDFC बैंक और डॉ.रेड्डीज लैब्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी मीडिया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 2.4% की बढ़त हुई। इसके बाद निफ्टी IT का नंबर रहा,जिसमें 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी रियल्टी में 2.2% की तेजी आई,जबकि निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा में 1.6% और 1.5% की बढ़त हुई।

अन्य सेक्टरों में निफ्टी FMCG में 1%,निफ्टी बैंक में 0.7%,निफ्टी इंफ्रा में 0.66%,निफ्टी मेटल में 0.6%,निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.45%,निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.42% और निफ्टी PSU बैंक में 0.22% की बढ़त हुई।

ब्रॉडर मार्केट ने भी बेंचमार्क इंडेक्स की तरह ही बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 1% की बढ़त हुई,जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.3% की तेजी आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि वेस्ट एशिया में हमलों के रुकने से इंपोर्ट की बढ़ती लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं,जिससे बाजार में रिलीफ रैली आई है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड यील्ड में कमी से भी उम्मीदें बढ़ी हैं। इस हफ्ते यूएस फेड,बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान जैसे बड़े सेंट्रल बैंकों की पॉलिसी मीटिंग्स में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के लिए ज्यादा लचीलापन मिल सकता है। घरेलू मोर्चे पर,बारिश की कमी में सुधार से महंगाई के हालात को लेकर राहत मिली है,साथ ही उम्मीद से बेहतर Q1 नतीजों और पॉज़िटिव बिजनेस आउटलुक से भी मदद मिली है।

निफ्टी व्यू

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी,रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि तकनीकी तौर पर, निफ्टी ने 23,600 के जोन के आस-पास अहम ट्रेंडलाइन सपोर्ट को बचाते हुए अच्छी रिकवरी की है। हालांकि,इंडेक्स अभी भी 24,000–24,150 के तत्काल रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह रेंज इसके 20-डे और 100-डे के DEMA के साथ मेल खाती है,जिससे यह जोन बुल्स के लिए एक बड़ी रुकावट बन गया है। अगर इंडेक्स मजबूती से इस रेंज के ऊपर बंद होता है तो यह 24,400 के स्तर तक और रिकवरी का रास्ता खोल सकता है।

प्रॉफिट बुकिंग होने पर नीचे की तरफ 23,600–23,800 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता। मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए,हम स्टॉक स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह देते हैं। इसमें अलग-अलग सेक्टर के तुलनात्क रूप मजबूत शेयरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और साथ ही रिस्क और पोजीशन मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ है, जिससे इंडेक्स में रिकवरी आई है। लगातार दूसरे दिन रिकवरी के साथ इंडेक्स ने 50EMA का लेवल फिर से हासिल कर लिया है। ऑवरली चार्ट पर RSI बुलिश क्रॉसओवर दिखा रहा है।

मंगलवार को NSE F&O कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। अगर निफ्टी 24,000 के ऊपर जाता है और वहां बना रहता है तो हम 24,250–24,300 की ओर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि,अगर यह 24,000 के ऊपर नहीं टिक पाता है तो 23,800 की ओर करेक्शन देखने को मिल सकता है।

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बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी का सेशन एक छोटी’डोजी कैंडलस्टिक’के साथ खत्म हुआ। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। वहीं,आवरली चार्ट पर पॉजिटिव RSI डाइवर्जेंस शॉर्ट-टर्म मोमेंटम में सुधार का संकेत दे रहा है। हालांकि,इंडेक्स को अभी भी 57,400 के आसपास एक बड़े रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है,जहां इसका 200-DMA भी है।

अगर बैंक निफ्टी मजबूती से इस लेवल के ऊपर बंद होता है तो 58,500 की ओर रिकवरी आ सकती है। जब तक इंडेक्स अपने 200-DMA के ऊपर वापस नहीं आता और वहां नहीं पाता तब तक सावधानी बरतने की सलाह होगी। बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56,800 पर है। जबकि रेजिस्टेंस लेवल 57,500 और 58,000 पर दिख रहे हैं।

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अर्शदीप सिंह ने इंस्टा पर फोटो डाल माना समरीन कौर को अपनी गर्लफ्रेंड

भारत के सबसे सफल टी-20 अंतरराष्ट्रीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने मॉडल और अभिनेत्री समरीन कौर के साथ इंस्टाग्राम पर फोटो डालकर सबको बताना चाहा है कि समरीन कौर उनकी गर्लफ्रेंड है।

अर्शदीप सिंह कई समय से समरीन कौर के साथ सार्वजनिक स्थानों पर नजर आ चुके थे लेकिन संबंध पर अपने पत्ते नहीं खोल रहे थे। लेकिन आज उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर समरीन कौर संग फोटो डाल अपने पनपते रिश्ते की जानकारी दे दी।

समरीन कौर 26 वर्षीय मॉडल और अभिनेत्री हैं। वह जम्मू और कश्मीर की है और पूर्व मिस इंडिया रह चुकी हैं। इसके अलावा वह कई फिल्मों वेबसीरीज और पंजाबी और हिंदी  वीडियोज में भी आ चुकी है। वह भारत के पहले विश्वकप जीत पर बनी फिल्म 83 का भी हिस्सा थी। शिक्षा की बात करें तो वह पुणे के सिंबायोसिस से बीए हॉनर्स कर चुकी है।

2 बार के टी-20 विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा रहे अर्शदीप सिंह अब एकदिवसीय टीम का हिस्सा हैं। भारत के लिए वह टी-20 क्रिकेट में सर्वाधिक 135 विकेट निकाल चुके हैं। साल 2022 से अपने एकदिवसीय करियर की शुरुआत करने वाले अर्शदीप को अब तक सिर्फ 18 मैच खेलने को मिले हैं।

हालंकि टीम प्रबंधन ने यह साफ कर दिया है कि जसप्रीत बुमराह की मौजूदगी में वह दूसरे गेंदबाज होंगे और उनकी गैरमौजूदगी में प्रमुख गेंदबाज होंगे। वह विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजना में है। जहां तक टेस्ट क्रिकेट की बात है तो वह अभी तक दुर्भाग्य से टीम के बाहर बैठे हैं। पिछले साल इंग्लैंड दौरे पर वह अंतिम ग्यारह में जगह नहीं बना सके थे।


Ranbir Kapoor-Yash: ‘पूकी गर्ल डैड…’, रणबीर कपूर- यश ने ‘रामायणम्’ के प्रमोशन के दौरान कलरिंग सेशन में लिया हिस्सा

Ranbir Kapoor-Yash: सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में एक कलरिंग चैलेंज के दौरान रणबीर कपूर और यश ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा, जिसमें उन्होंने रामायण के किरदारों की आर्ट बनाकर उसमें रंग भी भरे। इस साल की सबसे ज़्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’। फ़िल्म की टीम हाल ही में सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में शामिल हुई, जहाँ उन्होंने एक पैनल डिस्कशन के साथ फ़िल्म के प्रमोशन कैंपेन की शुरुआत की और उसके बाद कई इंटरव्यू दिए।

इस क्लिप में, जब नितेश रामायण के बारे में बात कर रहे थे, तो रणबीर कपूर और यश बच्चों जैसे उत्साह के साथ अपनी तस्वीरों में रंग भरते हुए दिखे। जहा यश ने ध्यान से रावण के स्केच में रंग भरा, वहीं रणबीर भगवान राम की तस्वीर में रंग भरने पर ध्यान देते रहे। चल रही बातचीत से बेपरवाह, दोनों अपनी ड्राइंग में मगन दिख रहे हैं। यह एक बहुत ही प्यारा पल था, जिसने जल्द ही ऑनलाइन लोगों का दिल जीत लिया।

वीडियो शेयर करते हुए एक फैन ने लिखा, “इन प्यारी बच्चियों के पापा से मिलिए। दोनों ड्राइंग में कितने मगन हैं?” एक और ने कमेंट किया, “जैसे रामा और रावण किसी दूसरी दुनिया में ऐसा कर रहे हों।” तीसरे ने लिखा, “वे प्यारे बच्चों जैसे लग रहे हैं।” एक और फैन ने कहा, “आर्या और राहा बहुत लकी हैं।” एक कमेंट था, “यह बहुत प्यारा है।” एक और यूजर ने कहा, “यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि दोनों की बेटियां हैं और शायद उन्होंने उनके साथ भी ऐसा ही किया होगा।” एक और फैन ने कमेंट किया, “ओह माय गॉड, यह बहुत प्यारा है!!!! जब ढेर सारे रंग मिलते हैं तो हर किसी के अंदर का बच्चा बाहर आ जाता है। हाहा। यह बहुत प्यारा है! मुझे इसे देखना बहुत अच्छा लगा।”

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ एक दो-भागों वाली महाकाव्य फिल्म है। इसमें रणबीर कपूर भगवान राम, यश रावण, साई पल्लवी सीता, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल भगवान हनुमान की भूमिका में हैं। इनके अलावा लारा दत्ता, विवेक ओबेरॉय, अरुण गोविल, रकुल प्रीत सिंह और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी और महंगी फ़िल्मों में से एक है, जिसका बजट 4,000 करोड़ बताया जा रहा है। इसका पहला भाग दिवाली 2026 में रिलीज होने वाला है।

फैन्स फिल्म के ट्रेलर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे, जिसे पहले शुक्रवार को रिलीज किया जाना था। हालांकि, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​ने घोषणा की कि इसके लॉन्च को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज हमारी रामायण के लिए एक बहुत ही खास पल है। सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हमारी पार्टनरशिप से रामायण को दुनिया तक पहुंचाने का मेरा सपना अब सच हो रहा है। इसे देखते हुए, हम अपना ट्रेलर बाद में किसी तारीख़ पर दुनिया भर में लॉन्च करेंगे।”

एक दूसरे इंटरव्यू में फ़िल्म के बारे में बात करते हुए नितेश ने कहा, “रामायण एक सीधी कहानी है, और जहां हम इसे पहले पार्ट में खत्म करते हैं, उसे आप ‘क्लिफ़हैंगर’ कह सकते हैं। यह ऐसी चीज है जो लोगों को थिएटर से निकलते ही दूसरा पार्ट देखने के लिए उत्सुक कर देगी। यह एक ऐसी कहानी है जिसके लिए दो पार्ट जरूरी हैं। इसे एक पार्ट में नहीं बताया जा सकता, और हमने तय किया कि पहले पार्ट को खत्म करने के लिए शायद यही सबसे सही मोड़ होगा, और बाकी कहानी दूसरे पार्ट के लिए छोड़ दी जाएगी।”

Bank Holidays in August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक! स्वतंत्रता दिवस, ओणम और ईद-ए-मिलाद पर छुट्टियों की पूरी लिस्ट

August 2026 Bank Holidays List: अगर अगस्त के महीने में आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी अगस्त 2026 के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 14 दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

इन छुट्टियों में स्वतंत्रता दिवस, ईद-ए-मिलाद, ओणम और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों के अलावा रविवार, दूसरा शनिवार और चौथा शनिवार की वीकली छुट्टियां शामिल हैं। इसलिए बैंक जाने से पहले अपने राज्य में छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक कर लें।

अगस्त 2026 में बैंक छुट्टियों की तारीखवार सूची

रिजर्व बैंक की लिस्ट के अनुसार, अगस्त महीने की छुट्टियों का ब्योरा इस प्रकार है:

  • 2 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 4 अगस्त, मंगलवार – केर पूजा, अगरतला में बंद रहेंगे
  • 8 अगस्त, शनिवार – दूसरा शनिवार / तेंडोंग लो रूम फाट, देशभर में बंद रहेंगे (गंगटोक में विशेष त्योहार)
  • 9 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 13 अगस्त, गुरुवार – पेट्रियट्स डे, इम्फाल में बंद रहेंगे
  • 15 अगस्त, शनिवार – स्वतंत्रता दिवस, देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे
  • 16 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 19 अगस्त, बुधवार – महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर जयंती, अगरतला में बंद रहेंगे
  • 22 अगस्त, शनिवार – चौथा शनिवार, देशभर में बंद रहेंगे
  • 23 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 25 अगस्त, मंगलवार – मिलाद-उन-नबी / पहला ओणम, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और विजयवाड़ा में बंद रहेंगे
  • 26 अगस्त, बुधवार – ईद-ए-मिलाद / तिरुवोनम, नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, लखनऊ, पटना आदि में बंद रहेंगे
  • 28 अगस्त, शुक्रवार – रक्षाबंधन / पांग-ल्हाबसोल / श्री नारायण गुरु जयंती, जयपुर, अहमदाबाद, भोपाल, लखनऊ, शिमला, देहरादून आदि में बंद रहेंगे
  • 30 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे

अगस्त 2026 में बैंक छुट्टियों की तारीखवार सूची

बैंक बंद होने पर कैसे निपटाएं अपने काम?

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। डिजिटल युग में अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन चालू रहेंगी। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI सेवाएं 24×7 सामान्य रूप से काम करेंगी। कैश निकालने या जमा करने के लिए एटीएम सर्विस उपलब्ध रहेगी। NEFT/RTGS के लिए ऑनलाइन रिक्वेस्ट, चेकबुक आवेदन और क्रेडिट/डेबिट कार्ड से जुड़ी सेवाएं बैंक ऐप/वेबसाइट के जरिए ली जा सकती हैं।