महंगाई की मार! त्योहारों से पहले डिटर्जेंट से लेकर पेंट तक के बढ़ सकते हैं दाम; कंपनियां कर रहीं तैयारी

भारत की बड़ी कंज्यूमर कंपनियां त्योहारों के मौसम से पहले और लगातार दूसरी तिमाही में प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। हो सकता है कि डिटर्जेंट से लेकर टायर और पेंट तक और महंगे हो जाएं। मिडिल ईस्ट में लंबे समय से चल रहे अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण कच्चे माल की लागत बढ़ रही है। ऐसे में महंगाई के ऊंचे स्तर पर बने रहने का खतरा है। कंपनियां होम अप्लायंसेज से लेकर किचन की जरूरी चीजों तक हर चीज की कीमतों में बढ़ोतरी के दूसरे दौर की योजना बना रही हैं।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड आने वाली तिमाही में डिटर्जेंट और डिशवॉशिंग बार जैसी कैटेगरी में कीमतों में नपी-तुली बढ़ोतरी करने वाली है। इसके अलावा डोडला डेयरी लिमिटेड और एशियन पेंट्स लिमिटेड समेत कम से कम 7 और कंपनियां भी कीमतें बढ़ाने की सोच रही हैं।

जून 2026 में कितनी रही खुदरा महंगाई

इस साल जून में देश में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38 प्रतिशत हो गई। मई महीने में यह 3.93 प्रतिशत थी। खाने पीने की चीजों की खुदरा महंगाई 5.32 प्रतिशत रही, जबकि मई में 4.78 प्रतिशत थी। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है क्योंकि कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं। कम मॉनसून के कारण खाने-पीने की चीजों की कीमतें और बढ़ने का खतरा है। ईरान युद्ध के कारण एनर्जी कॉस्ट लगातार ऊंची बनी हुई है। इसका मतलब है कि जल्द ही कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

भारत में त्योहारों का सीजन आमतौर पर अगस्त से नवंबर तक चलता है। इस दौरान कंज्यूमर खर्च भी आमतौर पर बढ़ जाता है, खासकर दिवाली के समय। कई कंपनियों की सालाना बिक्री में से लगभग एक तिहाई बिक्री इसी त्योहारी सीजन में होती है।

प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी न केवल भारत में खपत की मांग की मजबूती की परीक्षा लेगी, बल्कि पॉलिसी मेकर्स की भी परीक्षा लेगी क्योंकि वे महंगाई के दबाव पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। RBI ने कहा है कि वह तभी कोई कदम उठाएगा जब महंगाई का दबाव और गहरा हो जाएगा। भारत के वित्त मंत्रालय ने हाल ही में चेतावनी दी कि महंगाई का असर अब खाने-पीने की चीजों से आगे भी फैल रहा है। ग्लोबल स्तर पर ईंधन की बढ़ती कीमतें और खराब मौसम का असर कई तरह के कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की कीमतों पर पड़ रहा है।

RBI की मीटिंग के फैसले 5 अगस्त को

RBI की मौद्रिक नीति समिति ने इस साल जून की बैठक में रेपो रेट में लगातार तीसरी बार कोई बदलाव न करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत पर स्थिर छोड़ दिया। उम्मीद है कि 3-5 अगस्त को होने वाली अगली मीटिंग में भी ऐसा ही किया जाएगा। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आगे का रास्ता इस बात पर निर्भर करेगा कि भूराजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं या नहीं। साथ ही इस पर भी नजर रहेगी कि मॉनसून से गर्मियों की फसल को नुकसान होता है या नहीं।

LPG ग्राहकों के लिए अलर्ट! 16 अगस्त तक पूरा करें ये जरूरी काम वरना नहीं मिलेगा सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर

अगर आप भी घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडरों का उपयोग करते हैं और सब्सिडी रेट पर गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके लिए बेहद जरूरी खबर है। तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य आधार आधारित ई-केवाईसी पूरा करने की अंतिम समय-सीमा जारी कर दी है। सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ताओं के पास ई-केवाईसी पूरा करने के लिए अब सिर्फ 16 अगस्त 2026 तक का समय बचा है।

पब्लिक सेक्टर की ऑयल कंपनियों ने ऐसे उपभोक्ताओं को अंतिम एसएमएस (SMS) रिमाइंडर भेजना शुरू कर दिया है जिन्होंने अब तक अपना वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया है। चेतावनी दी गई है कि जो ग्राहक 16 अगस्त तक ई-केवाईसी नहीं करा पाएंगे वे अधिसूचित घरेलू दरों पर एलपीजी सिलेंडर खरीदने की पात्रता खो सकते हैं। इसके साथ ही सत्यापन पूरा होने तक उनकी एलपीजी सब्सिडी भी रुक सकती है।

इंडेन ग्राहकों को मिला अंतिम रिमाइंडर संदेश

इंडेन के ग्राहकों को भेजे गए आधिकारिक संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि घरेलू दरों पर एलपीजी सिलेंडर प्राप्त करना जारी रखने के लिए ई-केवाईसी करना अनिवार्य है। समय-सीमा समाप्त होने के बाद जब तक आधार सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक ग्राहक घरेलू कीमतों के पात्र नहीं रहेंगे। एसएमएस में लिखा गया है कि – प्रिय ग्राहक, घरेलू दरों पर एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए आपको ई-केवाईसी करना जरूरी है। पहले भेजे गए रिमाइंडर के बावजूद आपने अभी तक अपना ई-केवाईसी नहीं कराया है। आप इंडियनऑयल वन ऐप के माध्यम से घर बैठे या अपने वितरक के पास अथवा डिलीवरी कर्मी के माध्यम से ई-केवाईसी कर सकते हैं। 16.08.26 तक ई-केवाईसी न करने पर जब तक ई-केवाईसी पूरा नहीं हो जाता आप घरेलू दरों पर सिलेंडर के लिए अपात्र हो जाएंगे। कृपया जल्द से जल्द अपना ई-केवाईसी पूरा करें।

साइबर धोखाधड़ी से रहें सावधान! कंपनियों ने जारी की चेतावनी

तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी प्रक्रिया के नाम पर हो रही साइबर धोखाधड़ी को लेकर भी ग्राहकों को अलर्ट किया है। उपभोक्ताओं को फर्जी कॉल या संदेश मिल सकते हैं जिनमें दावा किया जा सकता है कि अगर वे किसी लिंक पर क्लिक नहीं करते या व्यक्तिगत विवरण साझा नहीं करते हैं तो उनका एलपीजी कनेक्शन काट दिया जाएगा या सब्सिडी रोक दी जाएगी। कंपनियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ग्राहक किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें और अपने आधार विवरण, ओटीपी या बैंक खाते की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ई-केवाईसी प्रक्रिया सिर्फ एलपीजी कंपनी के आधिकारिक ऐप, आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत गैस एजेंसी के माध्यम से ही पूरी की जानी चाहिए।

कैसे पूरा करें एलपीजी ई-केवाईसी? (3 आसान तरीके)

एलपीजी ग्राहक नीचे दिए गए किसी भी एक तरीके से अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया आसानी से पूरी कर सकते हैं-

ऐप के जरिए: इंडियनऑयल वन ऐप के माध्यम से (पात्र ग्राहकों के लिए घर बैठे सुविधा)।

गैस एजेंसी जाकर: अपने संबंधित एलपीजी वितरक के पास जाकर।

डिलीवरी बॉय के माध्यम से: सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मी के जरिए।

1 अगस्त से लागू हुए एलपीजी से जुड़े अन्य नए नियम

अनिवार्य ई-केवाईसी के अलावा, एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कुछ अन्य नए नियम और सेवाएं भी लागू की गई हैं। सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी के नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को अब एक साल में पहले के 9 सिलेंडरों के बजाय केवल 4 एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी। उधर बेंगलुरु के उपभोक्ताओं को अब कुछ एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं होगी। एचपीसीएल (HPCL) ने स्विगी इंस्टामार्ट के साथ साझेदारी की है, जिसके जरिए 10 किलोग्राम वाले एचपी नव्या एलपीजी सिलेंडर और 5 किलोग्राम वाले मिनी एलपीजी सिलेंडर घर मंगवाए जा सकते हैं।

भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने भारत लाइट जिप नाम से एक नई सेवा शुरू की है, जो नए एलपीजी कनेक्शन और होम डिलीवरी की प्रक्रिया को तेज बनाती है। यह सेवा वर्तमान में मुंबई में उपलब्ध है और 15 अगस्त तक इसे 24 राज्यों के 100 अन्य शहरों में विस्तारित किए जाने की उम्मीद है।

क्रेडिट कार्ड से लेकर रसोई गैस, तत्काल टिकट और ITR तक, अगस्त के ये 5 बड़े बदलाव जो जेब पर डालेंगे असर

1 अगस्त 2026 से आम लोगों और कारोबारियों के फाइनेंशियल वर्किंग से जुड़े कई जरूरी नियमों और समय-सीमाओं में बदलाव हो रहा है। टैक्स कम्प्लायंस, बैंकिंग चार्जेज, होम लोन की ईएमआई से लेकर भारतीय रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग और क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड्स तक, अगस्त के इस महीने में 5 बड़े फाइनेंशियल चेंज या वित्तीय मसले आपकी जेब और मासिक बजट को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे।

1- ITR फाइलिंग की 31 अगस्त की डेडलाइन (बिजनेस और प्रोफेशनल्स के लिए)

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने वाले self-employed प्रोफेशनल्स, फ्रीलांसर्स, छोटे व्यवसायियों और धारा 44AD व 44ADA के तहत प्रिजम्पटिव टैक्स स्कीम का विकल्प चुनने वाले ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त 2026 अगली महत्वपूर्ण समय-सीमा है जिन्हें टैक्स ऑडिट की जरूरत नहीं होती (ITR-3 या ITR-4 दाखिल करने वाले)। अगर पात्र टैक्सपेयर्स 31 अगस्त की इस समय-सीमा तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते तो धारा 234F के तहत ₹5000 तक का लेट-फाइलिंग शुल्क लग सकता है। बकाया टैक्स देनदारी पर धारा 234A के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार ब्याज भी देना होगा। समय पर कम्प्लायंस पूरा करने और अतिरिक्त पेनल्टी से बचने के लिए समय रहते फाइलिंग पूरी करना जरूरी है।

2- RBI की MPC बैठक पर रहेगी सभी की नजर

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee – MPC) की महत्वपूर्ण बैठक 3 अगस्त से 5 अगस्त के बीच आयोजित होने जा रही है। इस नीतिगत बैठक के फैसलों की घोषणा 5 अगस्त 2026 को की जाएगी। हालांकि इस ऐलान से तुरंत कोई रेगुलेटरी बदलाव लागू नहीं होता लेकिन मेन पॉलिसी रेट्स और लिक्विडिटी आउटलुक पर आरबीआई का फैसला आने वाले महीनों में होम लोन की ईएमआई, बैंकों की ब्याज दरों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रिटर्न को सीधे प्रभावित कर सकता है।

3- भारतीय रेलवे: तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव

भारतीय रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटरों पर होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व सुव्यवस्थित बनाने के लिए 1 अगस्त से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए टोकन-आधारित प्रणाली लागू कर दी है।

4- एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड्स और नियमों में कटौती

एक्सिस बैंक अपने प्रीमियम क्रेडिट कार्ड Magnus for Burgundy के फीचर्स और फायदों में 28 अगस्त 2026 से कटौती करने जा रहा है। बैंक ने डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन मार्कअप को 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दिया है। टोल-संबंधित ट्रांजैक्शंस और गिफ्ट कार्ड की खरीदारी पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसके अलावा प्रायोरिटी पास के माध्यम से मिलने वाले घरेलू एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की प्रक्रिया में भी संशोधन किया गया है।

5- बैंकिंग सर्विस चार्जेज और SMS फीस में संशोधन

1 अगस्त से कई बैंक अपनी चुनिंदा सेवाओं के शुल्कों में संशोधन लागू कर रहे हैं। उज्जजीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने प्रति मैसेज ₹0.30 का एसएमएस अलर्ट फी लगाने का ऐलान कर दिया है। इसपर मंथली कैप भी होगा। दूसरे बैंकों के ग्राहक भी अपने-अपने बैंकों द्वारा डेबिट कार्ड के एनुअल मेंटेनेंस चार्जेस, ट्रांजैक्शन फीस या अन्य सेवाओं में किए गए संभावित बदलावों की जांच कर लें ताकि अचानक लगने वाले किसी भी अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।

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Taapsee Pannu Birthday: तापसी पन्नू के 7 ऐसे दमदार किरदार, जिन्होंने एक्ट्रेस के करियर में लगाए चार चांद

Taapsee Pannu Birthday: जब कंटेंट-आधारित सिनेमा आज की तरह इंडस्ट्री का सबसे बड़ा ट्रेंड नहीं बना था, तब भी तापसी पन्नू अपनी फिल्मों का चुनाव ऐसी कहानियों के आधार पर कर रही थीं जो अलग सोच रखती थीं। उन्होंने आसान फॉर्मूले वाली फिल्मों के बजाय ऐसी स्क्रिप्ट्स चुनीं जो समाज से जुड़े सवाल उठाती थीं और मजबूत महिला किरदारों को कहानी के केंद्र में रखती थीं। उनके जन्मदिन पर आइए याद करें वे सात फिल्में, जिन्होंने साबित किया कि अच्छी कहानियां हमेशा ट्रेंड से आगे होती हैं।

1. पिंक (2016): सहमति को कहानी का सबसे बड़ा मुद्दा बनाया

उस समय कोर्टरूम ड्रामा फिल्मों में ज्यादातर पुरुष किरदार मुख्य भूमिका में होते थे, लेकिन पिंक ने तीन आम महिलाओं को कहानी के केंद्र में रखा। तापसी ने मीनल के किरदार को बहुत सादगी और मजबूती के साथ निभाया। यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक फिल्मों में गिनी जाती है।

2. नाम शबाना (2017): जब महिला एक्शन हीरोइन अभी आम बात नहीं थी

महिला-प्रधान एक्शन फिल्मों का दौर शुरू होने से पहले ही तापसी ने नाम शबाना जैसी फिल्म की। उन्होंने साबित किया कि एक एक्शन थ्रिलर को भी एक महिला अपने दम पर आगे बढ़ा सकती है। फिल्म में ताकत, समझदारी और भावनात्मक गहराई, तीनों नजर आए।

3. बदला (2019): जब उन्होंने बड़े मसाले के बजाय मजबूत कहानी चुनी

जब मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्मों को सुरक्षित व्यावसायिक विकल्प नहीं माना जाता था, तब तापसी ने बदला जैसी फिल्म चुनी। यह फिल्म पूरी तरह कहानी और अभिनय पर टिकी थी, और उनके प्रदर्शन ने दर्शकों को आखिर तक बांधे रखा।

4. थप्पड़ (2020): एक थप्पड़ को पूरे देश की बहस बना दिया

कई लोगों को लगा कि सिर्फ एक थप्पड़ पर बनी फिल्म दर्शकों को पसंद नहीं आएगी, लेकिन थप्पड़ ने सबको गलत साबित कर दिया। तापसी के शांत और सच्चे अभिनय ने सम्मान, बराबरी और आत्मसम्मान जैसे मुद्दों पर देशभर में चर्चा शुरू कर दी।

5. रश्मि रॉकेट (2021): एक अनदेखे मुद्दे को मुख्यधारा तक पहुंचाया

रश्मि रॉकेट में तापसी ने खेलों में होने वाले जेंडर टेस्टिंग जैसे कम चर्चित विषय पर काम किया। कड़ी शारीरिक तैयारी और भावनात्मक अभिनय के साथ उन्होंने एक ऐसे मुद्दे को लोगों तक पहुंचाया जिस पर पहले बहुत कम बात होती थी।

6. हसीन दिलरुबा (2021): एक ऐसी नायिका जो पूरी तरह परफेक्ट नहीं थी

जब फिल्मों में महिला किरदारों से अक्सर आदर्श होने की उम्मीद की जाती थी, तब तापसी ने रानी जैसा किरदार निभाया। वह भावुक, जिद्दी, अप्रत्याशित और पूरी तरह इंसानी थी। फिल्म की सफलता ने दिखाया कि दर्शक ऐसे जटिल महिला किरदारों को भी पसंद करते हैं।

7. सांड की आंख (2019): उम्र और समाज की सीमाओं को चुनौती देने वाली कहानी

सांड की आंख में तापसी ने भारत की सबसे उम्रदराज निशानेबाजों में से एक, प्रकाशी तोमर का किरदार निभाया। यह फिल्म हिम्मत, मेहनत और जीवन के किसी भी पड़ाव पर सपने पूरे करने की प्रेरणा देने वाली कहानी थी। इसने दिखाया कि असाधारण कहानियां कहीं से भी आ सकती हैं।

सिनेमा के ट्रेंड बदलते रहते हैं, लेकिन अच्छी कहानियों का असर लंबे समय तक रहता है। तापसी पन्नू का करियर इसी बात का सबूत है। जब कंटेंट-आधारित फिल्में आज की तरह आम नहीं थीं, तब भी उन्होंने ऐसी स्क्रिप्ट्स चुनीं जिनमें गहराई थी, मजबूत किरदार थे और समाज से जुड़ी बात थी। अब जब गांधारी के साथ वह एक और अलग और चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाने जा रही हैं, तापसी एक बार फिर साबित करती हैं कि ट्रेंड के पीछे चलने से नहीं, बल्कि नया रास्ता बनाने से पहचान बनती है।

मेरे पापा मुझे बहुत सपोर्ट करते थे… गोल्ड जीतकर फूट-फूटकर रोईं अस्मिता डे और ऐसी इमोशनल बात कही कि आंखें हो जाएंगी नम

जुडोका अस्मिता डे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने की खबर सबसे पहले उसी इंसान को बताना चाहती थीं, जिसे वे अब कभी नहीं बता सकती थीं। उनके पिता, जो साइकिल ठीक करके महीने में मुश्किल से 300 रुपये कमाते थे और त्रिपुरा के एक छोटे से गाँव में मिट्टी के घर में परिवार का गुजारा करते थे, सात महीने पहले ब्रेन स्ट्रोक से गुजर गए थे।

शुक्रवार को, जब 23 साल की अस्मिता महिलाओं के 48kg कैटेगरी में कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय जुडोका बनीं, तो उन्हें लगा कि यह मेडल जितना उनका है, उतना ही उनके पिता का भी है। अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद आंसू रोकते हुए अस्मिता ने कहा, “जब मेरे पिता गुजर गए, तो मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया है क्योंकि वही मेरा साथ देते थे।”

कुछ पल के लिए, जश्न के बीच उन पिता की यादें ताजा हो गईं जिन्होंने उनके सपने को तब से संजोया था जब वह भारत का सपना भी नहीं बना था। उन्होंने कहा, “मैं त्रिपुरा के एक बहुत छोटे से गांव से हूं। वहां लोग इतने बड़े सपने नहीं देखते। लेकिन पापा ने हमेशा मेरा साथ दिया।”

पैसे की हमेशा तंगी रहती थी। उनके पिता गुजारे के लिए साइकिल ठीक करते थे और दिन में लगभग 300 रुपये कमाते थे, जिससे बस घर का खर्च चल पाता था। परिवार एक साधारण से मिट्टी के घर में रहता था, लेकिन उन्होंने कभी भी आर्थिक तंगी को अपनी बेटी के पसंदीदा खेल में रुकावट नहीं बनने दिया।

जब घुटने की चोट से उनका करियर खतरे में पड़ गया, तो पिता उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले गए, दवाइयां खरीदीं और अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव कोशिश की ताकि वे दोबारा मैट पर लौट सकें। उन्होंने याद करते हुए कहा- वह मुझे इलाज के लिए दिल्ली लाए और दवाइयां खरीदीं।

पिछले साल दिसंबर में उनकी अचानक मौत से अस्मिता बुरी तरह टूट गई थीं। जो इंसान उनका सबसे बड़ा सपोर्टर और हमेशा हिम्मत बंधाने वाला था, वह अब नहीं रहा था और उन्हें लगा कि उनके साथ ही सबसे बड़े मंच पर मुकाबला करने का उनका सपना भी खत्म हो गया।

लेकिन जब अस्मिता इस दुख से उबरने की कोशिश कर रही थीं, तब उनकी मां ने चुपचाप अपने पति की जगह ले ली। अंतिम संस्कार के सिर्फ 10 दिन बाद ही उन्होंने अपनी बेटी से ट्रेनिंग पर लौटने के लिए कहा। उन्होंने अस्मिता से कहा, “अगर मैं तुम्हें आज रोकती हूं, तो तुम्हारे पिता को लगेगा कि मैं तुम्हारे सपने तोड़ रही हूं।”

अस्मिता ने अपना सामान बांधा और भोपाल में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया सेंटर लौट गईं। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले वह बहुत घबराई हुई थीं और कई रातें सो नहीं पाई थीं। उन्होंने बताया कि मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है। इस मेडल से पहले, मैं भारत में सो नहीं पाती थी। मैं मुकाबलों के बारे में सोचकर जागती रहती थी। भले ही मेरा शरीर थका होता था, फिर भी मुझे नींद नहीं आती थी। मैं बेचैन महसूस करती थी और फिर सुबह 5:30 बजे ट्रेनिंग के लिए उठ जाती थी।” ग्लासगो पहुंचने के बाद भी घबराहट बनी रही।

“जब मैं यहां पहुंची, तो मुझे बहुत घबराहट हो रही थी कि क्या होगा। मैं बस यही सोचती रहती थी कि मुझे सबको हराना है और जीतना है।” यह पक्का इरादा ट्रेनिंग हॉल से आगे भी बना रहा। छोटी-छोटी खुशियां भी उस लक्ष्य की याद दिलाती थीं जिसे वह हासिल करना चाहती थीं।

उनके भाई की लाई हुई उनकी पसंदीदा मिठाई, ‘लौंग लत्ता’, घर पर फ्रिज में वैसी ही रखी रही। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं उसे फ्रिज में देखती थी और कई बार तो उसे खाने ही वाली थी, लेकिन फिर खुद को रोक लेती थी।” शुक्रवार को, हर त्याग का फल मिल गया। गोल्ड मेडल ने भारतीय जूडो के रिकॉर्ड बुक में नया इतिहास रच दिया।

Top News 1 August: कुलगाम में आतंकी हमला, कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ता, PM मोदी ने गाली देने वाले बच्चों को किया माफ

top news 1 august

Top News 1 August : कुलगाम में आतंकी हमले में 2 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। तेल कंपनियों ने घटाए कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम। पीएम मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को माफ किया। ईरान पर हमले रोकने वाला प्रस्ताव सीनेट में गिरा। IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। 1 अगस्त की बड़ी खबरें :

 

कुलगाम में आतंकी हमला, 2 मजदूरों की मौत 

जम्मू कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार देर रात हुए आतंकी हमले में जख्मी दूसरे प्रवासी श्रमिक द्वारा दम तोड़ दिए जाने से मरने वालों की संख्या 2 हो गई है। बताया जा रहा है कि इस हमले का पैटर्न पुलवामा में हुए आतंकी हमले जैसा ही था। आतंकियों ने नाम पूछकर छत्तीसगढ़ से आए इन मजदूरों को गोली मारी। ALSO READ: कुलगाम में आतंकियों ने नाम पूछकर मारी गोली, 2 मजदूरों की मौत, किसने ली हमले की जिम्मेदारी?

 

सस्ता हुआ कमर्शियल LPG सिलेंडर

अगस्त के पहले दिन सरकार ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमत घटा दी है। दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 202 रुपए सस्ता हुआ। अब यह 2,728 रुपए में उपलब्ध होगा, इसकी कीमत पहले 2,930 रुपए थी। लगातार दूसरे महीने कमर्शियल सिलिंडर सस्ता हुआ है, जबकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ALSO READ: Commercial LPG Price Cut: अगस्त के पहले दिन सस्ता हुआ कमर्शियल गैस सिलेंडर, दिल्ली से लखनऊ तक कहां कितने घटे दाम?

 

PM मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को किया माफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को कथित तौर पर गाली देने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही। पीएम मोदी ने छात्रों को 'भटके हुए बच्चे' बताते हुए कहा कि उन्हें सजा देने या लंबे समय तक कानूनी कार्रवाई में उलझाने के बजाय सही मार्गदर्शन देने की जरूरत है। ALSO READ: PM मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को किया माफ, बोले- ये भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सही राह दिखाने की जरूरत

 

IMD का भारी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 1 अगस्त 2026 को देश के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में फ्लैश फ्लड का खतरा है। ALSO READ: Weather Update : IMD का बड़ा अलर्ट, आज इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, MP के 14 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

 

ईरान पर हमले रोकने वाला प्रस्ताव सीनेट में गिरा

अमेरिकी सीनेट में गुरुवार को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर राष्ट्रपति की ताकत सीमित करने वाला एक अहम प्रस्ताव गिर गया। वोटिंग में यह प्रस्ताव 49-50 के बेहद करीबी अंतर से खारिज हो गया। प्रस्ताव पास हो जाता तो राष्ट्रपति अकेले युद्ध का फैसला नहीं ले पाते।

 

Spider Man Brand New Day India box office: टॉम हॉलैंड स्टारर ने दूसरे दिन पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा, ‘धुरंधर’ से निकली आगे

Spider Man Brand New Day India box office: स्पाइडर-मैन ने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर शाहरुख खान को पीछे छोड़ दिया है। टॉम हॉलैंड की नई सुपरहीरो फिल्म, ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’ ने भारत में सिर्फ दो दिनों में ₹109 करोड़ (नेट) की जबरदस्त कमाई की है। इसमें शुक्रवार का शानदार प्रदर्शन भी शामिल है, जब फिल्म की कमाई लगभग ₹50 करोड़ तक पहुंच गई थी और वर्किंग डे होने के बावजूद कमाई में कोई खास गिरावट नहीं देखी गई।

‘फ्रेंडली नेबरहुड स्पाइडर-मैन’ के तौर पर टॉम हॉलैंड की चौथी सोलो फिल्म ने भारत में 60 करोड़ (नेट) की ओपनिंग की, जो किसी भी हॉलीवुड फिल्म के लिए अब तक की सबसे अच्छी ओपनिंग है। इसने 2019 में मार्वल की बड़ी फिल्म ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ का रिकॉर्ड तोड़ा। शुक्रवार को इसने 49 करोड़ (नेट) और कमाए, जिससे भारत में इसकी कुल कमाई ₹109 करोड़ हो गई। दो दिनों की यह कमाई ज्यादातर भारतीय फिल्मों की घरेलू ओपनिंग से कहीं ज्यादा है, जिसमें ‘धुरंधर’ (जिसने पहले दो दिनों में 60 करोड़ कमाए थे) और ‘डंकी’ (जिसने 2 दिनों में ₹50 करोड़ से कम कमाए थे) शामिल हैं।

‘ब्रांड न्यू डे’ अपने इंग्लिश वर्शन से जबरदस्त कमाई कर रही है, जिसने भारत में इसकी कुल कमाई में सबसे ज्यादा 60 करोड़ का योगदान दिया है। इसके बाद हिंदी डब वर्शन का नंबर आता है, जिसने 39 करोड़ कमाए हैं। यह फिल्म भारत में US से एक दिन पहले, 30 जुलाई को रिलीज हुई थी। नॉर्थ अमेरिका में, फिल्म ने रिलीज से पहले ही रिकॉर्ड बना लिया था, क्योंकि इसने इतिहास में पेड प्रीव्यू से सबसे ज़्यादा बॉक्स-ऑफिस कलेक्शन दर्ज किया था। इसकी $72 मिलियन की कमाई ने ‘एवेंजर्स एंडगेम’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

नॉर्थ अमेरिका में, उम्मीद है कि फिल्म अपने ओपनिंग वीकेंड में लगभग $250-260 मिलियन कमाएगी, जो किसी भी हॉलीवुड फिल्म के लिए अब तक की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग होगी। कई इंटरनेशनल मार्केट में लंबे ओपनिंग वीकेंड के कारण, उम्मीद है कि ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’ दुनिया भर में आधे बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर लेगी। कुछ और बड़े अनुमानों के मुताबिक, इसकी शुरुआती कमाई $800 मिलियन तक भी पहुंच सकती है।

मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स का हिस्सा, ‘ब्रांड न्यू डे’ में टॉम हॉलैंड स्पाइडर-मैन यानी पीटर पार्कर के रोल में हैं, और ज़ेंडया MJ के रोल में और जैकब बैटलन नेड के रोल में वापसी कर रहे हैं। फिल्म में पीटर पार्कर स्पाइडर-मैन के तौर पर पूरी तरह अकेले रह रहे हैं, ऐसी दुनिया में जो उन्हें याद नहीं रखती। अपने पुराने दोस्तों को अपने बिना आगे बढ़ते देख बढ़ते दबाव के बीच, स्पाइडर-मैन का सामना विलेन्स के आने से नए खतरों से होता है। डेस्टिन डैनियल क्रेटन द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म में सैडी सिंक, मार्क रफ़ालो और जॉन बर्नथल भी अहम भूमिकाओं में हैं।

कैसे जापान ने बाढ़ को हराया? | Japan Flood Control System | Flood control infrastructure

हर मानसून में भारत के कई शहर पानी में डूब जाते हैं।
लेकिन जापान ने इस समस्या का समाधान ज़मीन के नीचे ढूँढ लिया।
टोक्यो के नीचे बना G-Cans Underground Flood Control System लाखों लोगों को हर साल बाढ़ से बचाता है। सड़कें खुली रहती हैं, ट्रेनें चलती रहती हैं और शहर नहीं रुकता।
क्या भारत के शहरों में भी ऐसा सिस्टम बनना चाहिए?
अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताइए।

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CM हेमंत सोरेन का PM मोदी को पत्र, कहा- मांग के अनुरूप नहीं मिल रही छात्रवृत्ति राशि

Jharkhand CM hemant soren

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रों को केंद्र सरकार से मांग के अनुसार छात्रवृत्ति राशि न मिलने पर गंभीर चिंता जताई है। सोरेन ने बताया कि केंद्रीय सहायता में कमी के कारण राज्य के लाखों ओबीसी (OBC) और एसटी (ST) वर्ग के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

 

ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति में बड़ी कटौती

मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाली राशि आवश्यकता की तुलना में काफी कम है। इससे बड़ी संख्या में पात्र विद्यार्थियों को समय पर राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से छात्रवृत्ति मद में केंद्रांश बढ़ाने का अनुरोध किया है।

 

हेमंत सोरेन ने पत्र में एसटी वर्ग के छात्रों के साथ हो रही विषमता की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि प्री-मैट्रिक स्तर पर छात्रवृत्ति दरों में अंतर है। जहां अन्य वर्गों के लिए यह राशि क्रमश: 3500 रुपए और 4000 रुपए है, वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए यह दर घटकर 3000 रुपए प्रति छात्र रखी गई है।

 

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा एसटी विद्यार्थियों की प्री और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए राज्य को कोई राशि जारी नहीं की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत मिली 200 करोड़ रुपए की राशि वास्तव में 2022-23 की बकाया राशि थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 में केंद्रांश का केवल 42% हिस्सा पहली किस्त के रूप में मिला था। इसके बाद का 58% बकाया तथा 2024-25 व 2025-26 की पूरी राशि राज्य को अप्राप्त है।

 

अल्पसंख्यकों के लिए दोबारा योजना शुरू करने की मांग

मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यकों के लिए छात्रवृत्ति योजना को पुन: आरंभ करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अल्पसंख्यक आबादी 23.29% है, लेकिन भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 के बाद से इस वर्ग के लिए छात्रवृत्ति राशि विमुक्त नहीं की जा रही है।

IMD की चेतावनी- अल-नीनो की वजह से अगस्त-सितंबर में बारिश को लेकर आया नया अनुमान, मौसम विभाग ने कही चिंता वाली बात

El Nino impact: दक्षिण-पश्चिम मानसून के दूसरे चरण यानी अगस्त और सितंबर महीने को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक चिंताजनक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया है कि अल-नीनो के मजबूत होने की वजह से देश में मानसून के दूसरे छमाही के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगस्त 2026 के लिए बारिश और तापमान के डिटेल अनुमान के साथ-साथ प्रशांत महासागर और हिंद महासागर की मौसमी स्थितियों पर भी अपनी रिपोर्ट साझा की है।

अगस्त-सितंबर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान

IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 के दूसरे चरण (अगस्त-सितंबर) के दौरान देश भर में कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) के 94 प्रतिशत से कम यानी सामान्य से कम रहने की संभावना है। इसी दौरान देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होगी।वैसे प्रायद्वीपीय भारत कुछ हिस्सों, मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी क्षेत्रों और पूर्व व पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है।

अगस्त महीने में कैसा रहेगा बारिश का हाल?

अगस्त 2026 के लिए विशेष रूप से जारी पूर्वानुमान में IMD ने बताया कि इस महीने भी देश भर में कुल बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) के 94 प्रतिशत से कम यानी सामान्य से कम रहने की उम्मीद है। देश के बड़े हिस्से में सूखा या कम बारिश का सामना करना पड़ सकता है। इस महीने में भी पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिम व मध्य भारत के कुछ हिस्सों और पूर्व व पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग इलाकों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

अगस्त में तापमान का पूर्वानुमान: बढ़ेगी गर्मी और उमस

बारिश में कमी के साथ-साथ अगस्त महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने वाला है। अगस्त 2026 के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में मासिक औसत अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। सिर्फ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों और उससे सटे दक्षिणी प्रायद्वीप के छिटपुट इलाकों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। देश के अधिकांश हिस्सों में रात और सुबह का मासिक औसत न्यूनतम तापमान भी सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक दर्ज किए जाने की उम्मीद है।

अल-नीनो बना बड़ी चिंता, इसके और मजबूत होने के संकेत

मौसम विभाग ने मानसून के दूसरे चरण में बारिश की कमी की मुख्य वजह भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में बने अल-नीनो असर को बताया है। अभी मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। ऐसे में मॉडरेट अल-नीनो देखने को मिल रहा है। मानसून मिशन कपल्ड फॉरकास्ट सिस्टम (MMCFS) के पूर्वानुमान के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के बाकी सीजन के दौरान अल-नीनो की यह स्थिति और अधिक मजबूत होने की आशंका है, जो मानसूनी हवाओं और बारिश को प्रभावित कर सकती है।

हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) की क्या है स्थिति?

अभी हिंद महासागर में न्यूट्रल इंडियन ओशिनिक डिपोल (IOD) की स्थिति बनी हुई है। MMCFS के मॉडल संकेत देते हैं कि मानसून सीजन के बाकी बचे समय में यह तटस्थ स्थिति जारी रह सकती है। कुछ अंतरराष्ट्रीय पूर्वानुमान केंद्रों के जलवायु अनुमानों से संकेत मिलता है कि सितंबर 2026 के दौरान पॉजिटिव आईओडी स्थितियां भी बन सकती हैं। ये मानसून के लिए कुछ हद तक राहतकारी साबित हो सकती हैं।

आज 1 अगस्त भारी बारिश की चेतवानी: IMD ने 21+ राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-राजस्थान से गुजरात तक मौसम का रौद्र रूप