पटरियों पर किसी के लिए धड़कती जिंदगी को लेकर दौड़ी ट्रेन! पहली बार वंदे भारत ट्रेन से पहुंचाया गया लाइव डोनर हार्ट

भारतीय रेलवे ने स्वास्थ्य सेवा और मानव जीवन को बचाने के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान बना दिया है। भारत में पहली बार ट्रेन के जरिए एक लाइव डोनर हार्ट एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाया गया है। इस लाइफसेविंग मिशन को मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए अंजाम दिया गया। दिल को सूरत से अहमदाबाद लाया गया। यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर अहमदाबाद में ट्रांप्लांट के लिए इसके सफलतापूर्वक डिलिवर किया गया है।

तालमेल और ग्रीन कॉरिडोर से पूरा हुआ ये मिशन

आपको बता दें कि ऑर्गन ट्रांसप्लांट एक टाइम बाउंड वाली सेंसटिव प्रक्रिया है। इसमें एक-एक मिनट की कीमत होती है। इस ऑपरेशन के लिए भारतीय रेलवे, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), गुजरात राज्य पुलिस और चिकित्सा टीमों के बीच सटीक योजना और बिना किसी ब्रेक के कोऑर्डिनेशन की जरूरत थी। ट्रांसप्लांट प्रक्रिया बिना किसी देरी के शुरू हो सके, इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल और गुजरात पुलिस द्वारा अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से यूएन मेहता अस्पताल तक एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश ने कहा कि यह भारतीय रेलवे के लिए बेहद गर्व और संतोष का क्षण है। वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से सूरत से अहमदाबाद तक लाइव डोनर हार्ट का सफल परिवहन पारंपरिक यात्री और माल ढुलाई से आगे बढ़कर समाज की सेवा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे जीवनरक्षक मिशनों में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। भारतीय रेलवे, आरपीएफ, गुजरात राज्य पुलिस और मेडिकल टीमों के बीच उत्कृष्ट समन्वय ने इस मिशन की सफलता सुनिश्चित की। मानव जीवन को बचाने में योगदान देना न सिर्फ हमारी जिम्मेदारी है बल्कि सेवा और मानवता के प्रति हमारा सर्वोच्च कर्तव्य भी है।

इस सफलता ने वंदे भारत एक्सप्रेस की गति, समय की पाबंदी और विश्वसनीयता को एक बार फिर साबित कर दिया है। यह मिशन दिखाता है कि कैसे देश का आधुनिक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर भारत के आपातकालीन स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भारतीय रेलवे ने इस चुनौतीपूर्ण मिशन को सफल बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल, गुजरात पुलिस, डॉक्टरों, अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों और रेलवे अधिकारियों सभी के प्रयासों की तारीफ की है।

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यूपी को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा UP इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026

UP International Trade Show 2026

UP International Trade Show 2026: उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, विनिर्माण और निर्यात के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का चौथा संस्करण आगामी 25 से 29 सितम्बर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, नवाचार, उत्पादों और निर्यात सामर्थ्य को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो ने पिछले तीन संस्करणों में प्रदेश के उत्पादों, उद्यमों और उद्योगों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनाया है। अब यह आयोजन केवल एक व्यापार प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के विजन को आगे बढ़ाने वाला वैश्विक मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश यानी 'अनलिमिटेड पोटेंशियल' का प्रदेश है और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इस सामर्थ्य को अनुभव करने का सबसे प्रभावी मंच है। उन्होंने निर्देश दिए कि देश और विदेश में इस आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक, खरीदार और आगंतुक इसमें सहभागी बनें। 

ट्रेड शो की थीम 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष ट्रेड शो की थीम 'यूपी फॉर ग्लोबल ग्रोथ: इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट्स' रखी गई है। आयोजन में 2400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.50 लाख से अधिक पंजीकृत बी2बी खरीदारों, 4.50 लाख से अधिक बी2सी आगंतुकों तथा 85 देशों से 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही 4000 से अधिक एमओयू, ₹3200 करोड़ से अधिक प्रस्तावित एमओयू मूल्य और ₹13,500 करोड़ से अधिक बिजनेस इंक्वायरी होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर, ओमान, ऑस्ट्रिया, ब्राजील, थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया और रूस सहित अन्य देशों के साथ भी सक्रिय संवाद स्थापित कर उनकी अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

 

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस बार ओडीओपी, ओडीओसी, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पर्यटन एवं फिल्म, अक्षय ऊर्जा, ऑटो एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं स्वास्थ्य, कौशल विकास, नागरिक उड्डयन, वित्तीय सेवाएं, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, खादी, वस्त्र, चमड़ा, फर्नीचर तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों का व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे उत्तर प्रदेश की विविध औद्योगिक एवं आर्थिक क्षमता एक ही मंच पर प्रदर्शित होगी। 

नॉलेज सेशन को उपयोगी बनाया जाए

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नॉलेज सेशन को उद्योग जगत, निवेशकों और उद्यमियों के लिए उपयोगी बनाया जाए। इन सत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर अपराध, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, बैंकिंग एवं वित्त, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नई श्रम संहिताएं, खाद्य प्रसंस्करण नीति, सड़क सुरक्षा, ई-कॉमर्स, वैश्विक मुक्त व्यापार समझौते, एमएसएमई तथा अन्य समकालीन विषयों पर विशेषज्ञ चर्चा आयोजित की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों के साथ उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी इस आयोजन की पहचान बने। इसके लिए सभी दिनों में शास्त्रीय संगीत, कथक, लोकनृत्य, लोकगायन, भजन, ग़ज़ल तथा अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आकर्षक आयोजन किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले अतिथि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता का भी अनुभव कर सकें। 

विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ समन्वय

बैठक में यह भी बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को जोड़ने के लिए विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ व्यापक समन्वय किया गया है। विभिन्न देशों के खरीदारों से लगातार संपर्क स्थापित किया जा रहा है तथा बायर-सेलर बैठकों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों को नए वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो के दौरान उद्यमी मित्रों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा स्थानीय विश्वविद्यालयों एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि आगंतुकों, खरीदारों और उद्यमियों को बेहतर सुविधा एवं सहयोग उपलब्ध कराया जा सके। 

 

बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्ध नगर ने कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, वीआईपी आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था तथा आमजन की सुविधा के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। वहीं ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने आयोजन स्थल पर विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं की प्रगति से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान आगंतुकों की सुविधा के लिए ईवी बसों का संचालन भी सुनिश्चित किया जाए। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह आयोजन उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश अनुकूल वातावरण और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का प्रभावी परिचायक बनकर उभरे।

औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने बैठक में सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रदेश को कौशल विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास का राष्ट्रीय केंद्र बनाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 27 मई को अभिरुचि आमंत्रण (ईओआई) जारी किया गया था, जिसमें बीवीजी समूह, टीसीएस और हीरानंदानी समूह ने रुचि दिखाई है।

अधिकारियों की टीम टाटा आईआईएस केंद्रों का अध्ययन कर चुकी है, जबकि टीसीएस ने योजना के तकनीकी भागीदार के रूप में सहयोग देने पर सहमति व्यक्त की है। अब तक 19 जनपदों में लगभग 1320 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है तथा प्रथम चरण में एमएसएमई, यूपीसीडा, जीएनआईडीए, यीडा, यूपीईडा, बीडा और गीडा के माध्यम से 17 केंद्र विकसित किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत नौ क्षेत्रीय हब एंड स्पोक मॉडल विकसित करते हुए प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा 80 प्रतिशत प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध ढंग से कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

यात्री परिवहन विजन समिट 2026: सीएम डॉ. मोहन बदलने जा रहे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की दिशा, कई एक्सपर्ट एक साथ करेंगे मंथन, जानें क्या-क्या होगा समिट में?

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पब्लिक ट्रांसपोर्ट की दिशा बदलने जा रहे हैं। यह दिशा एक ओर जहां आम लोगों की जिंदगी बेहतर करेगी, वहीं सरकारी सिस्टम को भी लाभ पहुंचाएगी। दरअसल, 11-12 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' का आयोजन होगा। यह समिट मध्यप्रदेश से सार्वजनिक परिवहन के नए भविष्य का निर्माण करेगी। इस समिट में कई विशेषज्ञ परिवहन संबंधित विषयों पर मंथन करेंगे। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समिट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और मध्य प्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030 पर संबोधन देंगे। वे मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना और यात्री परिवहन को सुदृढ़ करने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका पर विचार रखेंगे। इसके साथ-साथ सीएम डॉ. मोहन उद्योग जगत के प्रतिनिधियों-निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान वे  शिखर सम्मेलन स्मारिका-ज्ञान प्रकाशन का विमोचन भी करेंगे।

 

रणनीतिक साझेदारियों से परिवर्तन की बदलेगी दिशा-बता दें, यह समिट वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, शहरी परिवहन विशेषज्ञों, परिवहन प्राधिकरणों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, ओईएम, वित्तीय संस्थानों और उद्योग जगत के अग्रणी नेताओं को एक मंच पर लाएगी। यह समिट नवाचार, डिजिटल तकनीकों और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन में परिवर्तन को नई दिशा देगी। गौरतलब है कि 'यात्री परिवहन विजन समिट 2026' भारत का प्रमुख राष्ट्रीय मंच है। यह मंच स्मार्ट-सुरक्षित-सतत और डिजिटल सार्वजनिक परिवहन के नए युग को गति देने के लिए समर्पित है। यह मंच इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, AI-संचालित फ्लीट प्रबंधन, डिजिटल टिकटिंग, एकीकृत मोबिलिटी समाधान और पीपीपी आधारित नवाचारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श और सहयोग का अवसर देगा।

 

'यात्री परिवहन विजन समिट-2026' के पहले दिन उद्घाटन सत्र, मुख्य वक्तव्य, उच्चस्तरीय पैनल चर्चाएं, उद्योग प्रदर्शनी, नेटवर्किंग सत्र तथा ज्ञान-साझाकरण संबंधी संवाद आयोजित किए जाएंगे। इनमें नीति, नवाचार, निवेश और यात्री परिवहन के भविष्य पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। जबकि, दूसरे दिन प्रतिनिधियों के लिए उज्जैन सांस्कृतिक-विरासत भ्रमण आयोजित किया जाएगा। इसमें श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल दर्शन शामिल होगा। इसके माध्यम से मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के साथ-साथ राज्य की पर्यटन क्षमता को बढ़ावा दिया जाएगा।

 

समिट में इन विषयों पर होगी चर्चा

– एमपी मोबिलिटी विजन 2030: बस संचालन एवं इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम्स (ITMS) में सार्वजनिक-निजी भागीदारी

– भविष्य के लिए तैयार परिवहन अधोसंरचना: पीपीपी के माध्यम से निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना

– डेटा आधारित निर्णय: इंट्रासिटी एवं इंटरसिटी बस मार्गों और संचालन की योजना (AI आधारित एनालिटिक्स सहित)

– वित्तीय रूप से टिकाऊ सार्वजनिक बस संचालन के निर्माण की रणनीतियां

– सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में जनसुरक्षा, विश्वसनीयता एवं सुविधा

– हरित मोबिलिटी: स्वच्छ ईंधन एवं भविष्य के लिए तैयार गाड़ियों का काफिला

– एकीकृत टिकटिंग एवं स्वचालित किराया संग्रहण के माध्यम से निर्बाध यात्राओं को सक्षम बनाना

– यात्री परिवहन में रोजगार एवं उद्यमिता के सृजन के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाना

 

इन पर मिल सकते हैं अपेक्षित सकारात्मक परिणाम

– मध्यप्रदेश यात्री मोबिलिटी विजन 2030 के लिए तैयार हो सकता है सकता है रोडमैप

– यात्री परिवहन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) पहलों में आ सकती है तेजी

– डिजिटल रूपांतरण एवं डेटा-आधारित मोबिलिटी गवर्नेंस को मिल सकता है बढ़ावा

– सतत एवं हरित मोबिलिटी समाधानों में निवेश को मिल सकता है प्रोत्साहन

– वित्तीय स्थिरता एवं गैर-किराया राजस्व सृजन के लिए नवाचारी मॉडलों की हो सकती है पहचान

– सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत एवं प्रौद्योगिकी भागीदारों के बीच बेहतर हो सकता है सहयोग

– केंद्र सरकार की योजनाओं एवं निजी क्षेत्र की भागीदारी से रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का हो सकता है सृजन

कल 1 अगस्त मौसम की चेतावनी: बिहार से राजस्थान तक इन 20+ राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट, इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल

India Weather Update: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बेहद खराब और खतरनाक रहने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने वेदर बुलेटिन में बिहार, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर से लेकर दक्षिण भारत तक 20 से अधिक राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 17 किमी प्रति घंटे की स्पीड से आगे बढ़ चुका है। अगले 24 घंटों के दौरान यह पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए कमजोर होकर एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इसके असर से 1 अगस्त को देश भर में भीषण तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।

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गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम प्रणाली के पश्चिम की ओर बढ़ने की वजह से गुजरात राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 1 अगस्त को पूरे गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव और तटीय इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

गुजरात के अलावा देश के 6 दूसरे राज्यों में शनिवार को अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी के मुताबिक पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी राजस्थान में कई इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल और माहे में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, दिल्ली से राजस्थान तक: इन राज्यों में होगी भारी बारिश

इसके अलावा भी शनिवार को देश के दूसरे बड़े हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पश्चिम राजस्थान, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग के मुताबिक 1 अगस्त को हवाओं का रुख बेहद आक्रामक रहेगा और कई राज्यों में तूफानी आंधी के साथ बारिश होगी। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और तूफानी हवाओं यानी थंडरस्क्वॉल का सामना करना पड़ेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल, झारखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तराखंड में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।

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August 1 Rule Changes : 1 अगस्त से बदल सकते हैं LPG Cylinder, Tatkal Booking और Credit Card के नियम, जानें किन बातों का पड़ेगा असर

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1 August Rules Changes: हर महीने की शुरुआत के साथ कई ऐसे नियम और शुल्क बदलते हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के कामों पर पड़ सकता है। 1 अगस्त से भी LPG Cylinder Prices, Railway Tatkal Booking, Credit Card Rewards, Banking Charges और Digital KYC से जुड़े कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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हालांकि, इनमें से हर बदलाव का असर सभी लोगों पर नहीं पड़ेगा, लेकिन पहले से जानकारी होने पर आप अनावश्यक खर्च और किसी तरह की परेशानी से बच सकते हैं। आइए जानते हैं 1 अगस्त से किन चीजों पर नजर रखना जरूरी है।

 

1 अगस्त को बदल सकते हैं LPG Cylinder के दाम

 

हर महीने की शुरुआत में तेल विपणन कंपनियां (OMCs) घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 अगस्त को Indane, Bharat Gas और HP Gas Cylinder की नई कीमतें जारी हो सकती हैं।

 

LPG की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, LPG के बेंचमार्क रेट और रुपये-डॉलर की विनिमय दर जैसे कारकों पर निर्भर करता है।

 

अगर घरेलू LPG सिलेंडर महंगा होता है तो इसका सीधा असर परिवार के मासिक बजट पर पड़ सकता है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस की लागत प्रभावित हो सकती है।

 

ध्यान रखें कि LPG की कीमतें शहर के हिसाब से अलग हो सकती हैं। इसका कारण परिवहन लागत और स्थानीय टैक्स हैं। इसलिए सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर की लागू कीमत जरूर जांच लें।

 

LPG Subsidy लेने वाले भी करें ये काम

 

अगर आपको LPG सब्सिडी मिलती है तो सिलेंडर खरीदने के बाद अपने बैंक खाते में सब्सिडी की रकम क्रेडिट हुई है या नहीं, यह भी जरूर जांच लें। इसके लिए अपने बैंक खाते की एंट्री या संबंधित डिजिटल बैंकिंग सुविधा के जरिए भुगतान की जानकारी देखी जा सकती है।

 

2. Tatkal Ticket Booking के नियमों में बदलाव

 

रेल यात्रियों के लिए भी 1 अगस्त से Tatkal Ticket Booking से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय रेलवे रिजर्वेशन काउंटर से Tatkal टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए टोकन वितरण और Tatkal बुकिंग विंडो के खुलने के समय को सिंक्रोनाइज करने की नई प्रक्रिया लागू कर रहा है। इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को लंबी कतारों से राहत देना है। नई व्यवस्था में यात्रियों को पहले टोकन लेने और फिर टिकट बुक कराने के लिए दो बार इंतजार करने की जरूरत कम हो सकती है।

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इसका फायदा खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों, कभी-कभार ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों और ऑफलाइन टिकट बुक कराने वालों को मिल सकता है। वहीं, ऑनलाइन Tatkal टिकट बुकिंग मौजूदा डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जारी रहेगी।

 

3. Credit Card Rewards और Banking Charges में बदलाव संभव

 

1 अगस्त से कुछ बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने Credit Card Reward Programs और Fee Structure में बदलाव कर सकती हैं। इन बदलावों में रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक, ट्रांजैक्शन चार्ज, सर्विस फीस या कुछ खास कैटेगरी में मिलने वाले लाभ शामिल हो सकते हैं। अगर आप नियमित रूप से Credit Card का इस्तेमाल करते हैं तो अपने कार्ड जारी करने वाले बैंक की नई शर्तें और शुल्क जरूर जांच लें। खासकर उन ग्राहकों को सावधान रहना चाहिए जो रिवॉर्ड पॉइंट्स या कैशबैक का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।

Major Dhyan Chand Sports University Admission 2026 : PG डिप्लोमा आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, 11 अगस्त तक करें अप्लाई

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने और विश्वस्तरीय खेल शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मेरठ स्थित प्रदेश के पहले मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के पीजी डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 11 अगस्त 2026 कर दी है। 

विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में आवेदन नहीं कर सके थे।

 

कुश्ती, बैडमिंटन और एथलेटिक्स जैसे प्रमुख खेलों में दिया जाएगा प्रवेश

 

इस सत्र में पी.जी. डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग के अंतर्गत कबड्डी, हॉकी, बॉक्सिंग, योग, कुश्ती, बैडमिंटन और एथलेटिक्स जैसे प्रमुख खेलों में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा पी.जी. डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन पाठ्यक्रम के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य खेल क्षेत्र में प्रशिक्षित कोच, विशेषज्ञ और खेल पत्रकार तैयार करना है।

 

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से कर सकते हैं आवेदन

 

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। यह निर्णय अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.sportsuniup.com पर संशोधित पात्रता और प्रवेश संबंधी सभी दिशा-निर्देश उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि अभ्यर्थी आवेदन से पहले आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकें।

 

खेल शिक्षा को मिलेगी नई पहचान

योगी सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय इसी सोच का परिणाम है, जहां विद्यार्थियों को अत्याधुनिक खेल अवसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण, खेल विज्ञान आधारित शिक्षण प्रणाली और अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे दक्ष प्रशिक्षकों और खेल विशेषज्ञों का निर्माण करना है जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर सकें।

 

न्यूनतम शुल्क में मिलेगी गुणवत्तापूर्ण खेल शिक्षा

 

विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराएगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी उच्च स्तर की खेल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने पीजी डिप्लोमा से जुड़े सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना आवेदन पूरा करें। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश को खेल प्रतिभाओं, प्रशिक्षकों और खेल अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

पानी पर तैरेंगे सोलर पैनल! जानिए क्या है प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना और किसे मिलेगा फायदा

Pradhan Mantri Surya Sarovar Yojana – PM-SSY: देश में रीन्यूबल एनर्जी को बढ़ावा देने और जल निकायों का सही इस्तेमाल करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक (FSPV) यानी पानी पर तैरने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स को डेवलप करना है। सरकार ने इस योजना के लिए कुल 5070 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की है।

क्या है योजना का लक्ष्य और क्षमता?

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के तहत ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के साथ 5000 मेगावाट (MW) क्षमता की फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाओं को विकसित करने का लक्ष्य बनाया गया है। इन परियोजनाओं के साथ कम से कम दो घंटे की न्यूनतम भंडारण क्षमता वाली एनर्जी स्टोरेज सिस्टम होगी। यानी कुल 10,000 MWh की स्टोरेज क्षमता जोड़ी जाएगी। इन परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के दौरान मंजूरी दी जाएगी जबकि वित्तीय सहायता का भुगतान वित्तीय वर्ष 2032-33 तक जारी रहेगा। अभी भारत में फ्लोटिंग सोलर पीवी क्षमता केवल सिर्फ 700 मेगावाट है। इस योजना से इसमें 5000 मेगावाट की बड़ी वृद्धि होगी।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी द्वारा हाल ही में किए गए एक आकलन के मुताबिक देश में जलाशयों और दूसरे इनलैंड वॉटर बॉडीज में करीब 102,18 GWp फ्लोटिंग सोलर की क्षमता का अनुमान लगाया गया है।

कितना मिलेगा वित्तीय अनुदान?

योजना को सफल बनाने और इससे जुड़े जोखिम कम करने के लिए सरकार वित्तीय मदद भी देगी। एलिजिबल फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाओं को सफलतापूर्वक चालू होने के बाद 1 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा परियोजना विकास के जोखिमों को कम करने के लिए जरूरी फिजिबिलिटी स्टडीज, बाथिमेट्री और हाइड्रोग्राफी एनालिसिस, पर्यावरणीय स्टडी और दूसरी तैयारियों के लिए प्रति प्रोजेक्ट 50 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।

किसे और क्या-क्या मिलेगा फायदा?

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के फायदे देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलेंगे। ये परियोजनाएं मौजूदा जलाशयों और औद्योगिक तालाबों का पूरा फायदा उठाने का मौका देंगी। इससे लैंड रिसोर्स के लिए होने वाली मारामारी खत्म होगी। ऊर्जा भंडारण प्रणाली के इंटिग्रेशन से पावर ग्रिड की विश्वसनीयता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस योजना से सालाना लगभग 10 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आएगी। परियोजना वैल्यू चेन में करीब 16000 से 17000 फुल टाइम जॉब के मौके क्रिएट होंगे। आपको बता दें कि यह योजना फ्लोटेशन सिस्टम के साथ-साथ सोलर पीवी सेल्स, मॉड्यूल्स और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम जैसे पूरे वैल्यू चेन के घरेलू निर्माण को भी बढ़ावा देगी।

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Taslima Nasreen: ‘मैं बंगाल का हिस्सा बनकर आई हूं’ 19 साल बाद कोलकाता लौटने पर बोलीं बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन

Taslima Nasreen: बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन 19 साल बाद पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता लौटी हैं। नसरीन रवींद्र सदन में एक साहित्यिक कार्यक्रम में शामिल होंगी, जहां उनकी आत्मकथा का विमोचन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी शामिल होने की उम्मीद है।

बता दें कि तसलीमा नसरीन साल 2007 के बाद पहली बार कोलकाता लौटी हैं। उस समय उन्हें अपने उपन्यास ‘द्विखंडित’ (Dwikhondito) को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद शहर छोड़ना पड़ा था। जानकारी के अनुसार, यह किताब उनकी आत्मकथा पर आधारित थी, जिसने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद हुए भारी विरोध प्रदर्शनों के कारण उन्हें उस शहर को छोड़ना पड़ा, जिसे उन्होंने बांग्लादेश छोड़ने के करीब 10 साल बाद अपना घर बना लिया था।

कोलकाता के अखबार ‘द टेलीग्राफ’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शहर पहुंचने से पहले नसरीन ने उम्मीद जताई थी कि यह दौरा अभिव्यक्ति की आजादी और अलग राय रखने वाली आवाजों की सुरक्षा के महत्व को फिर से स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि शहर लौटना “अपने ही देश” में लौटने जैसा महसूस हुआ।

वह क्यों चली गई थीं?

2003 में, जब उनकी आत्मकथा ‘द्विखंडितो’ (Dwikhondito) प्रकाशित हुई, तो इस लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया, क्योंकि आरोप था कि इससे मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई थीं। किताब के प्रकाशित होने के बाद शहर भर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

वहीं, बढ़ते दबाव के कारण सरकार ने पश्चिम बंगाल में किताब के वितरण पर रोक लगा दी। जिसके बाद मामला कुछ समय के लिए शांत हो गया।

इसके बाद 2005 में कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटा दिया, जिससे किताब फिर से बाजार में उपलब्ध होने लगी। इसी दौरान कोलकाता में कुछ कट्टरपंथी समूहों ने कथित तौर पर तसलीमा नसरीन और उनकी किताब के खिलाफ विरोध तेज करना शुरू कर दिया।

2007 में, उनकी एक और किताब ‘शोध’ (Shodh) का तेलुगु में अनुवाद किया गया। जिसके बाद हैदराबाद में इसके लॉन्च कार्यक्रम के दौरान कुछ स्थानीय कट्टरपंथियों ने तसलीमा नसरीन पर हमला कर दिया।

इस हिंसक घटना के बाद, कोलकाता में धार्मिक समूहों ने इस माहौल का फायदा उठाने की कोशिश की और उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया। कुछ संगठनों ने तो उन्हें देश से बाहर निकालने की मांग के लिए भी लामबंदी की।

नवंबर 2007 में हालात तब चरम पर पहुंच गए जब कोलकाता में विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गए और आगजनी व तोड़-फोड़ हुई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि व्यवस्था बहाल करने के लिए भारतीय सेना को बुलाना पड़ा।

निर्वासन खत्म

PTI से बात करते हुए नसरीन ने कहा कि कोलकाता से दूर बिताए सालों का उस जुड़ाव पर कोई असर नहीं पड़ा जो वह इस शहर और पश्चिम बंगाल के साथ महसूस करती थीं। उन्होंने कहा कि कोलकाता सिर्फ एक ऐसा शहर नहीं था जहां वह रहती थीं, बल्कि इसने उन्हें अपनापन भी दिया है।

उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने ही देश लौट रही हूं। मेरे दिल में बंगाल कभी भी किसी बॉर्डर या कंटीले तारों की बाड़ से बंटा नहीं रहा। बंगाल के पूर्वी हिस्से का दरवाजा मेरे लिए बंद है, इसलिए अभी के लिए, बंगाल का यही हिस्सा मेरा घर है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं खुशी के साथ-साथ दर्द के साथ भी लौट रही हूं। कोलकाता सिर्फ वह शहर नहीं था जहां मैं रहती थी, बल्कि वहां मेरा घर, दोस्त, पाठक और अपनापन महसूस करने का एहसास था। मेरे जीवन के लगभग उन्नीस साल मुझसे छीन लिए गए, और घर वापसी उन खोए हुए सालों को वापस नहीं ला सकती। मैं किसी अजनबी या मेहमान की तरह नहीं लौट रही हूं। मैं एक ऐसी व्यक्ति के तौर पर लौट रही हूं जिसने हमेशा खुद को बंगाल का हिस्सा माना है।”

तसलीमा नसरीन ने कार्यक्रम के आयोजकों का उन्हें आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया और अपनी यात्रा को संभव बनाने में सहयोग देने के लिए सरकार का भी आभार जताया।

उन्होंने कहा कि शहर की यह यात्रा “उस आवाज की वापसी का प्रतीक है जिसे कट्टरपंथियों ने कभी दबाने की कोशिश की थी।”

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The Traitors 2: ‘द ट्रेटर्स 2’ के 21 सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट के नाम आए सामने, प्राइम वीडियो ने शेयर की फोटोज

The Traitors 2: प्राइम वीडियो ने ‘द ट्रेटर्स’ के दूसरे सीजन के लिए एक खास डाइनिंग थिएटर ऑफ ट्रेचरी इवेंट का आयोजन किया, जहां इस रोमांचक शो के सीजन 2 के सभी 21 सेलिब्रिटी खिलाड़ियों से पर्दा उठाया गया। ऊंचे-ऊंचे खास आर्च, दमदार लाइटिंग और हर कोने में छिपे धोखे के साथ इस शाम ने मेहमानों को एक ऐसा अनुभव दिया, जिसमें शक, चालाकी और विश्वासघात से भरे नए सीजन की पहली झलक देखने को मिली।

चार कोर्स वाले इस डाइनिंग एक्सपीरियंस के दौरान छह अलग-अलग थिएट्रिकल अंदाज में खिलाड़ियों का परिचय कराया गया, जहां हर चीज वैसी नहीं थी जैसी दिख रही थी। वेलकम ड्रिंक अचानक लाल रंग में बदल गया, मीठा दिखने वाला डेजर्ट नमकीन निकला और खंजर, स्क्रॉल, ताबूत और लालटेन जैसी चीजों ने महल के अलग-अलग हिस्सों को जीवंत बना दिया।

हर कोर्स के साथ दो नए आर्च खोले गए और नए खिलाड़ियों से पर्दा उठता गया। आखिर में सभी 21 खिलाड़ियों का खुलासा किया गया और शाम का समापन सोने की ईंट के आकार वाले शानदार केक और खास गोल्ड बार डेजर्ट के साथ हुआ।

द ट्रेटर्स सीजन 2 के होस्ट और प्रोड्यूसर करण जौहर के साथ धर्माटिक एंटरटेनमेंट के सीईओ अपूर्व मेहता, प्राइम वीडियो इंडिया के डायरेक्टर और हेड ऑफ ओरिजिनल्स निखिल माधोक, इंटरनेशनल ओरिजिनल्स, प्राइम वीडियो इंडिया की डायरेक्टर और हेड ऑफ प्रोडक्शन एंड पोस्ट स्तुति रामचंद्र और प्राइम वीडियो इंडिया की हेड ऑफ अनस्क्रिप्टेड ओरिजिनल्स आकृति मेहता भी मौजूद रहे।

IDTV के BAFTA और एमी अवॉर्ड् जीत चुके ग्लोबल फॉर्मेट के भारतीय संस्करण को धर्माटिक एंटरटेनमेंट ने All3Media इंटरनेशनल के साथ मिलकर बनाया है। द ट्रेटर्स सीजन 2 का प्रीमियर 13 अगस्त को सिर्फ प्राइम वीडियो पर होगा और इसके नए एपिसोड हर गुरुवार रिलीज किए जाएंगे।

आदित्य कुलश्रेष्ठ उर्फ कुल्लू, अभिषेक मल्हान उर्फ फुकरा इंसान, अंश चोपड़ा, दलीप ताहिल, हरमन सिंघा, इक्का सिंह, करण सिंह मैजिक, क्रिस्टल डिसूजा, मल्लिका शेरावत, मुनव्वर फारुकी, पारुल गुलाटी, प्रिश, रणवीर बरार, रिया चक्रवर्ती, रिदा थराना, साहिल सलाथिया, शहनील गिल, शालिनी पासी, श्वेता तिवारी, साउंडूस मौफाकिर और तान्या पुरी।

PM-KISAN: पीएम किसान योजना पर मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, ₹3.15 लाख करोड़ के भारी-भरकम बजट को भी मिली मंजूरी

PM KISAN Extension News: देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। सरकार ने अगले 5 सालों के लिए योजना के तहत ₹3.15 लाख करोड़ का कुल वित्तीय परिव्यय स्वीकृत किया है।

इस फैसले से साफ है कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कृषि निवेश में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। आइए आपको बताते हैं कि पीएम किसान योजना के इस विस्तार से देश के किसानों को क्या बड़े फायदे मिलेंगे और अब तक के आंकड़े क्या कहते हैं।

₹3.15 लाख करोड़ से किसानों को क्या मिलेगा?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो ₹2,000 की तीन समान किश्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर होती है। 2030-31 तक योजना के विस्तार से देश के करोड़ों किसानों को समय पर खाद, बीज, सिंचाई और कृषि उपकरणों की खरीदारी के लिए सीधी वित्तीय मदद मिलती रहेगी।

योजना के तहत आधार प्रमाणीकरण, डिजिटल सत्यापन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए पूरी पारदर्शिता के साथ पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचता है।

PM-KISAN की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियां

फरवरी 2019 में शुरू हुई यह योजना देश की सबसे सफल टेक्नोलॉजी-ड्रिवन जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक बन चुकी है:

₹4.47 लाख करोड़ से अधिक ट्रांसफर: योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 23 किश्तों के जरिए देश के किसानों के बैंक खातों में ₹4.47 लाख करोड़ से ज्यादा की राशि भेजी जा चुकी है।

23वीं किश्त का फायदा: योजना की 23वीं किश्त के तहत 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18,984 करोड़ से ज्यादा का फंड जारी किया गया।

महिला किसानों को संबल: योजना के तहत महिला किसानों को ₹1.06 लाख करोड़ से ज्यादा दिए गए हैं। योजना का हर चौथा लाभार्थी एक महिला किसान है।

महामारी में सहारा: कोविड-19 महामारी के दौरान किसानों को राहत देने के लिए योजना के तहत ₹1.71 लाख करोड़ से ज्यादा की मदद पहुंचाई गई थी।

NITI Aayog की रिपोर्ट: पीएम किसान से बदला कृषि का स्वरूप

नीति आयोग के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (DMEO) द्वारा किए गए स्वतंत्र मूल्यांकन में पीएम किसान योजना के कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 92% से अधिक लाभार्थियों ने माना कि उन्होंने इस पैसे का उपयोग खाद, बीज और खेती से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया। लगभग 85% किसानों ने पुष्टि की कि इस योजना से उनकी कृषि आय में सुधार हुआ है और साहूकारों के कर्ज पर उनकी निर्भरता कम हुई है। साथ ही खाद्यान्न उत्पादन में साल 2020-21 से 2025-26 के बीच बंपर बढ़त दर्ज की गई है।

  • खेती का दायरा लगभग 9.65% बढ़ा।
  • उत्पादकता में 10.53% का इजाफा हुआ।
  • कुल खाद्यान्न उत्पादन 21.18% बढ़ा।

‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मजबूत स्तंभ

पीएम किसान योजना केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों में स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की भावना जगा रही है। आधार आधारित सत्यापन और बिना किसी बिचौलिए के सीधे पैसे ट्रांसफर होने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और सरकार तथा किसानों के बीच भरोसा मजबूत हुआ है।