ISRO Recruitment 2026: अंतरिक्ष विभाग और इसरो ने 746 पदों पर भर्ती शुरू, 92 साइंटिस्ट/इंजीनियर और 410 एप्रेंटिस के पद भी भरे जाएंगे

ISRO Recruitment 2026: अंतरिक्ष विभाग (DoS) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) ने हाल के वर्षों में अपनी सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। अंतरिक्ष विभाग और इसरो ने 746 अलग-अलग पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इनमें से कम से कम 43 बैकलॉग पद हैं। इसरो में नौकरी से जुड़ी सभी डिटेल्स ऑफिशियल वेबसाइट isro.gov.in/careers पर चेक कर सकते हैं।

आवेदन ऑनलाइन मोड में करना होगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इसरो के ऑफिशियल रिक्रूटमेंट पोर्टल पर 17 अगस्त 2026 तक फॉर्म भर सकते हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए इसरो ने 27 जुलाई से 29 जुलाई के बीच तीन नोटिफिकेशन जारी किए थे। इसके तहत 336 रेगुलर और 410 अप्रेंटिसशिप पद शामिल हैं। इसरो की इस भर्ती प्रक्रिया के तहत वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से लेकर प्रशासनिक स्टाफ और अप्रेंटिस तक के पद पर भर्तियां की जाएंगी। इसमें 92 पद साइंटिस्ट और इंजीनियर के भी हैं। इसरो साइंटिस्ट की सैलरी पे-मैट्रिक्स लेवल-10 के हिसाब से होती है।

किन पदों पर कितनी वैकेंसी?

इसरो के भर्ती अभियान को अलग-अलग श्रेणी में बांटा गया है, जिससे हर वर्ग और योग्यता वाले अभ्यर्थियों को मौका मिल सके: इस ताजा भर्ती प्रक्रिया का सबसे बड़ा हिस्सा इसरो सेंट्रलाइज्ड रिक्रूटमेंट बोर्ड (ICRB) के जरिए 244 लेवल-4 प्रशासनिक पदों पर भर्ती का है। इनमें 113 सहायक, 81 कनिष्ठ निजी सहायक, 22 अपर डिविजन क्लर्क, 10 आशुलिपिक, स्वायत्त संस्थानों के लिए 17 सहायक और एक स्वायत्त संस्थान के लिए एक कनिष्ठ निजी सहायक शामिल हैं।

इस भर्ती में वेतन मैट्रिक्स के लेवल-10 में 92 वैज्ञानिक/इंजीनियर ‘एससी’ पद भी शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स में सबसे ज्यादा 34 पद खाली हैं। इसके बाद मैकेनिकल (26), कंप्यूटर साइंस (13), सिविल (10), इलेक्ट्रिकल (4), प्रशीतन और एयर-कंडीशनिंग (2), आर्किटेक्चर (2) और अहमदाबाद के भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) में एक सिविल इंजीनियर का पद हैं।

परमानेंट भर्ती के साथ, URSC, बेंगलुरु ने 2026-27 के लिए 410 अप्रेंटिसशिप पोस्ट की घोषणा की है। इनमें 220 ग्रेजुएट अप्रेंटिस, 120 टेक्नीशियन अप्रेंटिस और 70 डिप्लोमा इन कमर्शियल प्रैक्टिस अप्रेंटिस शामिल हैं।

ग्रेजुएट अप्रेंटिसशिप में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (83 पोस्ट) सबसे ज़्यादा हैं, इसके बाद मैकेनिकल (50), कंप्यूटर साइंस (40), केमिकल (15), इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट (10), एयरोनॉटिकल (10), एयरोस्पेस (10) और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग (2) हैं। टेक्नीशियन अप्रेंटिसशिप में 38 इलेक्ट्रॉनिक्स, 30 कंप्यूटर साइंस, 30 मैकेनिकल, 10 इलेक्ट्रिकल, 5 सिविल, 5 इंस्ट्रूमेंटेशन और 2 ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग पोस्ट शामिल हैं।

अप्रेंटिस और साइंटिस्ट वेतन

इसरो अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के तहत कानूनी जरूरतों को पूरा करने और नए स्नाताकों को प्रशिक्षित करने के लिए अप्रेंटिस भर्ती करता है। सभी उम्मीदवारों को मासिक स्टाइपेंड मिलता है, जो 10,900 रुपये से 12,300 रुपये है। वहीं, साइंटिस्ट/’SC’ के पद पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों का शुरुआती बेसिक पे 56,100 रुपये प्रति माह होगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार के नियमानुसार डीए, एचआरए और मेडिकल जैसी अन्य तमाम सुविधाएं भी मिलेंगी।

इसरो में नौकरी के लिए जरूरी योग्यता

साइंटिस्ट और इंजीनियर के पदों पर भर्ती के लिए संबंधित ट्रेड में बीई या बीटेक की डिग्री होनी चाहिए, जिसमें कम से कम 65% अंक होने जरूरी हैं। इस बार साइंटिस्ट पदों के लिए GATE (2025 या 2026) स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए युवाओं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन में 50% वेटेज गेट स्कोर का और 50% वेटेज इंटरव्यू का रहेगा। वहीं प्रशासनिक और अप्रेंटिस पदों के लिए अलग-अलग लिखित परीक्षा या मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।

UP Police Constable 2025 Result: पुलिस कांस्टेबल का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर हुआ घोषित, यहां देखें कैटेगरीवाइज कटऑफ

ट्रम्प बोले- ईरान पर भरोसा खत्म हो रहा:वे झूठ बोलते हैं, लेकिन बातचीत जारी है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अब उन्हें ईरान पर भरोसा नहीं रहा। कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने कहा, ईरान झूठ बोलता है, गलत जानकारी देता है। बातचीत की बात तो करता है, लेकिन बार-बार अपने वादे से मुकर जाता है। हालांकि, ट्रम्प ने साफ किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत अभी भी चल रही है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की ओर से स्टीव विटकॉफ, जेडी वेंस, मार्को रुबियो और जेरेड कुशनर बातचीत संभाल रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि बातचीत चल ही रही थी, तभी उन्हें खबर मिली कि जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर पांच मिसाइलें दागी गई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में हमेशा सतर्क रहना पड़ता है और आगे भी हमलों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ईरान की ताकत पर ट्रम्प ने कहा कि अभी वह आक्रामक नजर आ सकता है, लेकिन धीरे-धीरे उसकी ताकत कमजोर पड़ जाएगी। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स: 1. ईरान ने दूसरे दूसरे समुद्री रास्ते भी बंद करने की धमकी दी: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि अगर अमेरिका की नौसैनिक घेराबंदी जारी रही तो होर्मुज पर नियंत्रण और सख्त किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर दूसरे अहम समुद्री रास्ते भी बंद किए जा सकते हैं। 2. पेंटागन ने ईरान पर संभावित हमलों की रिपोर्ट पर चुप्पी साधी: अमेरिकी रक्षा विभाग ने उन रिपोर्टों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें अमेरिका और इजराइल के ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले की योजना बनाने का दावा किया गया है। पेंटागन ने कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश मिलते ही कार्रवाई के लिए सेना तैयार है। 3. जयशंकर ने ईरान से कहा- कारोबारी जहाजों को निशाना न बनाया जाए: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात कर कारोबारी जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया संघर्ष में अब तक 16 भारतीयों की मौत और 75 घायल हुए हैं। 4. अमेरिका-इजराइल ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी में: रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने ईरान की जमीनी सीमाओं को सख्ती से नियंत्रित कर उसकी सप्लाई और व्यापार प्रभावित करने के विकल्प पर चर्चा की है। हालांकि इसे लागू करना आसान नहीं माना जा रहा। 5. ईरान का दावा- कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर ड्रोन हमला किया: ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया। अमेरिका की ओर से इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

ओवरटाइम किया तो बॉस हो गया नाराज! UK ऑफिस के वर्क कल्चर ने भारतीय टेकी को किया शॉक

अक्सर वर्क कल्चर में देर रात तक काम करना और छुट्टियों या ऑफिस आवर्स के बाद भी मैसेज का जवाब देना, एक्टिव रहना मेहनत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन यूरोपीय देशों खासकर ब्रिटेन (UK) में वर्क लाइफ बैलेंस का अलग ही नजरिया देखने को मिला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपना ऐसा अनुभव शेयर किया है जो चर्चा का विषय बन गया है। ब्रिटेन के एक सीनियर डेवलपर के साथ काम कर रहे इस भारतीय टेकी को देर रात काम करने पर अपने बॉस से तारीफ मिलने के बजाय ऐसी चेतावनी मिली कि उसे अपना वर्क स्टाइल बदलने पर मजबूर होना पड़ा।

क्या है पूरा मामला और क्यों मिली चेतावनी?

ओम नाम के एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि वह इंग्लैंड स्थित एक सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर के साथ मिलकर काम करता है। भारत और ब्रिटेन के समय में अंतर होने के कारण जब भी यूके का सीनियर डेवलपर उसके कोड का रिव्यू करता था और उस पर कमेंट छोड़ता था तो ओम तुरंत उसका जवाब दे देता था। भारत में उस समय रात के 9 या 10 बज रहे होते थे। ओम ने बताया कि एक दिन मेरे सीनियर ने इस बात पर ध्यान दिया और मुझसे पूछा कि क्या मैं काम के घंटों के अलावा भी काम कर रहा हूं। जब मैंने हां कहा तो बॉस ने मुझे चेताया।

‘7 बजे के बाद रिप्लाई किया तो एक हफ्ते नहीं करूंगा PR रिव्यू’

बार-बार चेतावनी मिलने के बावजूद जब भारतीय टेकी ने ऑफिस आवर्स के बाद कमेंट्स का जवाब देना जारी रखा तो यूके के सीनियर डेवलपर ने सख्त रुख अपनाया। ओम ने पोस्ट में लिखा कि एक दिन उन्होंने कहा कि अगर तुमने भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे के बाद मेरे कमेंट्स का दोबारा जवाब दिया तो मैं पूरे एक हफ्ते तक तुम्हारे पीआर (Pull Request) का रिव्यू नहीं करूंगा।’

बॉस की इस अनोखी और सख्त हिदायत का असर हुआ। ओम ने बताया कि ‘अब मैं जानबूझकर जवाब देने के लिए अगले दिन का इंतजार करता हूं। हालांकि मैं कभी-कभी अभी भी काम कर लेता हूं, लेकिन इस घटना ने मुझे अहसास कराया कि वे काम से इतर अपनी पर्सनल लाइफ को कितनी प्राथमिकता देते हैं। सच कहूं तो, उन्हें मुझसे ज्यादा मेरे वर्क-लाइफ बैलेंस की परवाह थी, जो बहुत अच्छा था।’

इंटरनेट पर छिड़ी बहस, यूजर्स ने शेयर किए अपने अनुभव

यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और अन्य भारतीय यूजर्स ने भी विदेशी बॉस और यूरोपीय वर्क कल्चर के साथ अपने ऐसे ही अनुभव साझा किए। एक यूजर ने लिखा कि शुक्रवार को जब मैंने एक पीआर रेज किया तो मेरे रोमानियाई सहकर्मी ने मुझसे लैपटॉप बंद करने को कहा। उस दिन मैंने सीखा कि कभी किसी भारतीय कंपनी या मैनेजर के लिए काम मत करो। एक दूसरे यूजर ने लिखा कि’ मेरी शिफ्ट दोपहर 2:30 से रात 11:30 बजे तक है। मैंने चर्चा के लिए एक अमेरिकी सीनियर आर्किटेक्ट को कॉल किया और कहा कि मैं ज्यादा समय नहीं लूंगा। उन्होंने जवाब दिया कि हां, तुम्हें ज्यादा समय लेना भी नहीं चाहिए!’ मैं शर्मिंदा हो गया फिर उन्होंने आगे कहा कि तुम्हारे काम के घंटे खत्म हो चुके हैं, तुम्हें काम नहीं करना चाहिए।’

दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल: दिल्ली में बनेगा प्रॉपर्टी आधार कार्ड! जानिए क्या है ये और कैसे करेगा काम

Delhi Land Record Bill 2026: दिल्ली में प्रॉपर्टी और जमीन के मालिकाना हक से जुड़े रिकॉर्ड्स को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। दिल्ली सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल, 2026 के तहत दिल्ली की हर संपत्ति को एक खास डिजिटल पहचान दी जाएगी। इसे प्रॉपर्टी आधार कार्ड कहा जा रहा है। इस नए कानून को पारित कराने के लिए दिल्ली विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा। इसके बाद पूरी दिल्ली में वैज्ञानिक सर्वे शुरू होगा। इसके माध्यम से हर गांव के घर, जमीन के टुकड़े से लेकर शहरों के फ्लैट्स और कमर्शियल बिल्डिंग्स तक का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

क्या है नया बिल और कैसे होगा सर्वे?

इस कानून के तहत दिल्ली के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को मिलाकर पूरी दिल्ली का वैज्ञानिक सर्वे अनिवार्य किया जाएगा। जमीन और प्रॉपर्टी की सीमाओं मैपिंग ड्रोन से सर्वे करके की जाएगी। इसमें सर्वे ऑफ इंडिया की भी मदद ली जाएगी। अभी अलग-अलग सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों के पास जो रिकॉर्ड्स हैं उन्हें एक ही सिंगल प्लेटफॉर्म पर लेकर आया जाएगा।

बहुमंजिला इमारतों में हर फ्लोर के लिए एक अलग डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, ताकि इसमें इंडिविजुअल यूनिट्स भी शामिल की जा सकें। सरकार को उम्मीद है कि इस पूरी व्यवस्था से प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों में कमी आएगी और अदालतों व राजस्व अधिकारियों का बोझ घटेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पहल की तुलना लोगों के आधार कार्ड से करते हुए कहा कि दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल, 2026 के माध्यम से दिल्ली की हर संपत्ति को अब एक सुरक्षित और प्रामाणिक डिजिटल पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की स्वामित्व (SVAMITVA) योजना के तहत 30 ग्रामीण गांवों में सफल क्रियान्वयन के अनुभवों के आधार पर इसे पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा। फिलहाल यह विधेयक मंत्रियों के समूह की समीक्षा के बाद मंजूरी की प्रक्रिया से गुजर रहा है और सरकार इसे आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष विधानसभा सत्र आयोजित करने की योजना बना रही है।

लाल डोरा क्षेत्रों के लिए क्यों अहम है यह कदम?

लाल डोरा क्षेत्र वे ग्रामीण आवासीय क्षेत्र हैं जिन्हें राजस्व रिकॉर्ड में लाल स्याही से मार्क किया जाता है। इनका इस्तेमाल खेती और गैर खेती दोनों ही उद्देश्यों के लिए होता है और यहां कंस्ट्रक्शन पर कुछ पाबंदियां होती हैं। सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक लाल डोरा क्षेत्रों में लंबे समय से व्यवस्थित और प्रामाणिक संपत्ति रिकॉर्ड का अभाव रहा है। स्वामित्त्व पहल का उद्देश्य इन क्षेत्रों के निवासियों को पहली बार औपचारिक और सत्यापन योग्य दस्तावेज प्रदान करके दशकों पुराने इस अंतर को दूर करना है।

कैसे काम करेगा स्मार्ट प्रॉपर्टी आधार कार्ड?

स्वामित्व योजना के तहत जारी होने वाला यह कार्ड PVC फॉर्मेट में होगा। इसे UIDAI मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इस कार्ड में कई जानकारियां दर्ज की जाएंगी। कार्ड पर एक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर (PID), जारी करने की तारीख, गांव व जिले का विवरण, कब्जाधारक व परिवार की जानकारी, जमीन का क्षेत्रफल और एक ‘भू-आधार नंबर’ मौजूद होगा। कार्ड पर मौजूद क्यूआर कोड को स्कैन करने पर संपत्ति का पूरा डिजिटल स्केच, सीमाओं का विवरण, आसपास की संपत्तियों के PID, खसरा नंबर और कानूनी रूप से मान्य सर्टिफिकेट ऑफ ऑक्यूपेंसी लिंक रहेगा।

वैसे सरकार ने अभी यह जानकारी नहीं दी है कि ये प्रॉपर्टी कार्ड स्वयं मालिकाना हक के प्रमाण के रूप में काम करेगा या मौजूदा दस्तावेजों से जुड़े एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन रिकॉर्ड के रूप में। स्वामित्व सत्यापन, त्रुटियों के सुधार और विवादित प्रविष्टियों से संबंधित नियम विधानसभा में बिल पास होने के बाद तय किए जाएंगे।

पायलट प्रोजेक्ट: अब तक कितना हुआ काम?

दिल्ली के 48 ग्रामीण गांवों में से 30 गांवों को इस प्रोजेक्ट के पायलट फेज में शामिल किया गया है। इन गांवों में सर्वे और पहचान का काम पूरा हो चुका है।संबंधित दस्तावेजों को संकलित करते हुए प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किए जा रहे हैं। अब तक 12232 संपत्तियों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। इनमें से 8423 (लगभग 69 प्रतिशत) संपत्तियां पूरी तरह विवाद-मुक्त पाई गई हैं। दक्षिण और उत्तर-पश्चिम जिलों में सर्वे की गई सभी संपत्तियों के मामलों का शत-प्रतिशत समाधान हो चुका है। इन रिकॉर्ड्स को अंततः दिल्ली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इंफॉर्मेशन सिस्टम (DORIS) के साथ रियल-टाइम में इंटिग्रेट किया जाएगा। इन 30 गांवों के अनुभवों के आधार पर पायलट फेज पूरा होते ही इस प्रोजेक्ट का विस्तार पूरी दिल्ली की आवासीय, व्यावसायिक और अन्य श्रेणियों की संपत्तियों पर किया जाएगा।

दिल्लीवासियों को क्या होगा फायदा?

व्यवस्थित रिकॉर्ड न होने की वजह से दिल्लीवासियों को दशकों से मालिकाना हक साबित करने, संपत्ति के लेन-देन, विरासत, बैंक लोन प्राप्त करने, नक्शा पास कराने और अदालती विवादों को सुलझाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। प्रामाणिक डिजिटल रिकॉर्ड बनने से सीमा विवाद खत्म होंगे और नागरिकों को संपत्ति के हस्तांतरण, बैंक ऋण लेने, उत्तराधिकार और मकान का नक्शा पास कराने में काफी आसानी, पारदर्शिता और भरोसा मिलेगा।

यह भी पढ़ें: पटरियों पर किसी के लिए धड़कती जिंदगी को लेकर दौड़ी ट्रेन! पहली बार वंदे भारत ट्रेन से पहुंचाया गया लाइव डोनर हार्ट

Xiaomi ने लॉन्च की 7-सीटर इलेक्ट्रिक SUV, Kunlun आर्किटेक्चर पर बनी SkyNomad देगी 505Km तक की रेंज

Xiaomi SkyNomad Series: चीन की टेक और EV निर्माता कंपनी Xiaomi ने इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए अपनी नई SkyNomad Series SUV को लॉन्च कर दिया है। कंपनी की यह पहली Extended-Range Electric Vehicle (EREV) सीरीज है, जिसे नए Kunlun Architecture प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। Xiaomi का दावा है कि SkyNomad N70 Max इलेक्ट्रिक मोड में 505 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है, जबकि इसकी कुल ड्राइविंग रेंज 1,700 किलोमीटर से भी ज्यादा है। फिलहाल इस इलेक्ट्रिक SUV की प्री-बुकिंग चीन में शुरू हो चुकी है और सितंबर से इसकी डिलीवरी शुरू होने की उम्मीद है। अब आइए जानते हैं Xiaomi SkyNomad Series की खासियतों के बारे में।

Xiaomi SkyNomad सीरीज की कीमत और उपलब्धता

Xiaomi ने SkyNomad Series को दो वेरिएंट में पेश किया है। इसका टॉप मॉडल Xiaomi SkyNomad N90 Max है, जो एक 7-सीटर एक्सटेंडेड-रेंज SUV है। चीन में इसकी प्री-सेल कीमत 2,99,900 चीनी युआन (करीब 42.41 लाख रुपये) रखी गई है। वहीं, कंपनी ने इसका एक 5-सीटर ऑल-व्हील-ड्राइव वेरिएंट SkyNomad N70 Max भी लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत 2,59,900 चीनी युआन (करीब 36.75 लाख रुपये) है।

कलर ऑप्शन की बात करें तो, Xiaomi SkyNomad Series को Mountain Green, Valley Blue और Volcanic Gray एक्सटीरियर कलर में पेश किया गया है। वहीं, इसके इंटीरियर में Cream Beige और Mocha Brown कलर ऑप्शन मिलेंगे।

फिलहाल, चीन में अभी दोनों मॉडल्स के लिए प्री-ऑर्डर शुरू हो गए हैं। ग्राहक CNY 1,000 (लगभग ₹14,000) की रिफंडेबल डिपॉजिट राशि देकर किसी भी SUV को बुक कर सकते हैं। इस बुकिंग के साथ ग्राहकों को प्रोडक्शन में प्राथमिकता मिलेगी। इसके अलावा, डिलीवरी के समय उन्हें करीब 999 चीनी युआन (लगभग 14,000 रुपये) की कीमत वाला इन-कार डुअल कप होल्डर टेबल भी मुफ्त दिया जाएगा।

हालांकि, Xiaomi ने अभी तक SkyNomad Series को ग्लोबल मार्केट या भारत में लॉन्च करने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

Xiaomi SkyNomad सीरीज के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

Xiaomi का दावा है कि SkyNomad सीरीज नए Kunlun प्लेटफॉर्म पर आधारित उसका पहला प्रोडक्शन मॉडल है। पारंपरिक लेआउट के उलट, इस प्लेटफॉर्म को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसमें केबिन का फर्श पूरी तरह से फ्लैट रहता है, सीट रेल्स लंबी होती हैं और इंटीरियर को जरूरत के हिसाब से बदला जा सकता है। इसे आने-जाने, कैंपिंग, काम या फैमिली ट्रिप जैसे अलग-अलग कामों के लिए कई तरह के लेआउट में बदला जा सकता है, जिससे अंदर ज्यादा जगह मिलती है।

बड़े SkyNomad N90 Max की लंबाई 5,285mm और व्हीलबेस 3,080mm है, जबकि N70 Max की लंबाई 4,960mm और व्हीलबेस 2,950mm है। Xiaomi का दावा है कि सात सीटों वाली N90 Max में यात्रियों के बैठने के लिए 2,760mm तक की जगह और 1,831 लीटर तक का सामान रखने की क्षमता मिलती है।

कंपनी ने इस SUV में पावर-एडजस्टेबल सीटें, चार तक जीरो-ग्रेविटी सीटें, 16-पॉइंट मसाज, हीटिंग, वेंटिलेशन, बिल्ट-इन रेफ्रिजरेटर वाला स्लाइडिंग सेंटर कंसोल और 30 से ज्यादा स्टोरेज कम्पार्टमेंट जैसे फीचर्स दिए हैं।

नई EV में ‘कुनलुन हाइपररेंज’ (Kunlun HyperRange) एक्सटेंडेड-रेंज सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें 52kWh से 76kWh तक की बैटरी के विकल्प मिलते हैं। Xiaomi का दावा है कि SkyNomad N70 Max सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में 505km तक की CLTC (चाइना लाइट-ड्यूटी व्हीकल टेस्ट साइकिल) रेंज दे सकती है, जबकि बड़ी N90 Max एक बार चार्ज करने पर 464km तक की रेंज देती है। दोनों SUV में डुअल-मोटर ऑल-व्हील-ड्राइव सेटअप का इस्तेमाल किया गया है, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि यह 310kW तक की पीक पावर जेनरेट कर सकता है।

टेक्नोलॉजी की बात करें तो, SkyNomad सीरीज का केबिन Snapdragon 8 Gen 3-बेस्ड डोमेन कंट्रोलर से चलता है। इसमें डुअल 5G कनेक्टिविटी, Wi-Fi 7, छह-स्क्रीन वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम, 25-स्पीकर वाला ऑडियो सिस्टम और 6.9-इंच का रियर कंट्रोल डिस्प्ले दिया गया है। Xiaomi ने इसमें अपना Hyper XiaoAi वॉयस असिस्टेंट भी शामिल किया है, जो वॉयस कमांड से केबिन के 11 सीटिंग लेआउट को बदल सकता है।

इस इलेक्ट्रिक SUV में 700 TOPS वाला असिस्टेड-ड्राइविंग प्लेटफॉर्म, LiDAR, 4D मिलीमीटर-वेव रडार और Xiaomi का XLA आर्किटेक्चर पर बना HAD असिस्टेड-ड्राइविंग सिस्टम भी मिलता है।

सेफ्टी के लिहाज से, SkyNomad सीरीज में स्टील-एल्युमीनियम हाइब्रिड बॉडी का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें कई स्ट्रक्चरल पॉइंट्स पर 2,200MPa अल्ट्रा-हाई-स्ट्रेंथ स्टील और 12 एयरबैग्स दिए गए हैं। इसमें Xiaomi की नई Armour Scale बैटरी भी है, जिसमें 18-लेयर प्रोटेक्शन स्ट्रक्चर है। साथ ही, इसमें डुअल टेलगेट रिलीज हैंडल, ट्रिपल-रिडंडेंट डोर हैंडल और 26 ड्राइवर-असिस्टेंस जैसे सेफ्टी फीचर्स शामिल हैं।

SkyNomad Series के लॉन्च के साथ Xiaomi की इलेक्ट्रिक व्हीकल रेंज और मजबूत हो गई है। इससे पहले कंपनी के EV पोर्टफोलियो में SU7 सेडान और YU7 SUV जैसे मॉडल शामिल हैं।

यह भी पढ़ें: EV 2W Sales in India: 68% बढ़ी इलेक्ट्रिक दोपहिया की बिक्री, Ola Electric को झटका तो TVS Motor टॉप पर

Omkareshwar Darshan 2026 : ओंकारेश्वर में सावन में बदल गई दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालु जान लें मंदिर का नया वन-वे रूट

omkarshwar tirth

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने दर्शन और आवागमन की व्यवस्था में बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मंदिर क्षेत्र में एकांगी मार्ग यानी वन-वे सिस्टम लागू किया गया है। अगर आप सावन में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने जा रहे हैं, तो मंदिर पहुंचने से पहले नई व्यवस्था और मार्ग की जानकारी जरूर जान लें। 

  ALSO READ: PoJK में कार्रवाई पर भारत का पाकिस्तान पर हमला, New York Times की रिपोर्ट पर क्यों जताई आपत्ति

 

omkarshwar map

सामान्य श्रद्धालु

पुराने बस स्टैंड से रूट

निर्वाणी अखाड़ा जूता-चप्पल स्टैंड → जेपी चौक → पुराना पुल → रैम्प → गर्भगृह → झूला पुल → स्काईब्रिज → निर्वाणी अखाड़ा।

न्यू बस स्टैंड (दांडी तिराहा) की ओर से रूट

गजानन आश्रम → ब्रह्मपुरी जूता-चप्पल स्टैंड → स्काईब्रिज → जेपी चौक → पुराना पुल → रैम्प → गर्भगृह → झूला पुल → ब्रह्मपुरी जूता-चप्पल स्टैंड -> गजानन आश्रम -> प्रसादालय पार्किंग।

प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन श्रद्धालु

प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्वाणी अखाड़ा एवं ब्रह्मपुरी पार्किंग में रिस्टबैंड काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां जूता-चप्पल स्टैंड की भी व्यवस्था है।

पुराने बस स्टैंड से रूट 

निर्वाणी अखाड़ा सेंटर → स्काईब्रिज → झूला पुल → गर्भगृह → झूला पुल → स्काईब्रिज → निर्वाणी अखाड़ा।

न्यू बस स्टैंड से रूट

प्रसादालय पार्किंग  -> गजानन आश्रम → ब्रह्मपुरी पार्किंग सेंटर → झूला पुल → गर्भगृह → झूला पुल → ब्रह्मपुरी पार्किंग सेंटर।

जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग व्यवस्था का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

क्या है ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का महत्व

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर, भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह स्थान न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ के ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी एक ऐसी अलौकिक मान्यता भी है, जो भक्तों को विस्मित कर देती है। कहा जाता है कि इस पावन धाम में हर रात स्वयं भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती शयन के लिए आते हैं, और सोने से पहले वे चौपड़ का खेल भी खेलते हैं। यह मान्यता सदियों से चली आ रही है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है।

 

रात्रि शयन और चौपड़ की दिव्य लीला

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी सबसे अद्भुत और रहस्यमयी मान्यता यह है कि भगवान शिव तीनों लोकों का भ्रमण करके प्रतिदिन रात को इसी मंदिर में शयन करने आते हैं। उनके साथ माता पार्वती भी होती हैं। भक्तों का दृढ़ विश्वास है कि रात्रि के समय मंदिर के पट बंद होने के बाद, भोलेनाथ और माता पार्वती यहाँ चौसर (चौपड़) का खेल खेलते हैं।

 

इस मान्यता के चलते, मंदिर में प्रतिदिन रात्रि में पंडित के अलावा किसी को शामिल होने की अनुमति नहीं है। शयन आरती के बाद, गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग के सामने चौपड़-पांसे की बिसात सजाई जाती है। सुबह जब मंदिर के पट खुलते हैं, तो कई बार चौसर और उसके पासे कुछ इस तरह से बिखरे मिलते हैं, जैसे रात्रि के समय उन्हें किसी ने खेला हो। यह दृश्य भक्तों के विश्वास को और भी पुख्ता करता है। यह एक ऐसा रहस्य है जिसे विज्ञान भी नहीं सुलझा पाया है, और यह सिर्फ़ श्रद्धा और आस्था का विषय है।

 

ओंकारेश्वर और ममलेश्वर: एक ही ज्योति का दो रूप

ओंकारेश्वर द्वीप नर्मदा नदी के मध्य में 'ॐ' के आकार में स्थित है, और यहीं पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग विराजमान है। नर्मदा के दक्षिणी तट पर ममलेश्वर मंदिर स्थित है, जिसे प्राचीन काल में अमरेश्वर के नाम से जाना जाता था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ने अपने ओंकारेश्वर नामक लिंग के दो भाग किए थे, जिनमें से एक ओंकारेश्वर और दूसरा ममलेश्वर कहलाया। दोनों शिवलिंगों का स्थान भले ही अलग हो, लेकिन उनकी सत्ता और स्वरूप एक ही माना जाता है। शिवपुराण में इन दोनों ज्योतिर्लिंगों की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है।

 

इस स्थान पर ध्यान और पूजा करने से मन को शांति और आध्यात्मिक बल मिलता है। यह माना जाता है कि ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बिना सभी तीर्थ यात्राएं अधूरी मानी जाती हैं। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक जीवंत आस्था का प्रतीक है, जहाँ लाखों भक्त दूर-दूर से इस चमत्कारिक ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने आते हैं, यह विश्वास लेकर कि यहाँ आने से उनके सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

OnePlus का नया बजट फोन लॉन्च! 7000mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले से होगा लैस, जानें कीमत

OnePlus Nord N6x: अगर आप कम रेंज में स्मार्टफोन में लेने की सोच रहे हैं तो, OnePlus आपके लिए शानदार फोन लेकर आया है। दरअसल, चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ने भारतीय बाजार में अपना OnePlus Nord N6x लॉन्च कर दिया है। इसमें आपको 7000mAh बैटरी, 6.8 इंच का डिस्प्ले और 120 रिफ्रेश रेट मिलेगा। बता दें कि इस डिवाइस का डिजाइन काफी आकर्षक है। इसके पिछले हिस्से (रियर पैनल) के ऊपरी बाएं कोने में पिल-शेप का कैमरा मॉड्यूल है और बीच में OnePlus की ब्रांडिंग दी गई है। इसके अलावा, इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 3.5mm जैक भी दिया गया है, जो लंबे समय से अलग-अलग प्राइस रेंज वाले डिवाइस से गायब था।

भारत में OnePlus N6x की कीमत और उपलब्धता

OnePlus N6x के 4GB RAM और 64GB इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट को भारतीय बाजार में ₹19,999 में खरीदा जा सकता है। वहीं, 4GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट ₹20,999 में उपलब्ध है। यह डिवाइस आपको दो कलर ऑप्शन Ice Blue और Burgundy Red में मिलेगा। इस फोन की बिक्री 4 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। ग्राहक इसे OnePlus India की आधिकारिक वेबसाइट और Amazon के जरिए खरीद सकेंगे।

OnePlus N6x के स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स

OnePlus N6x में 6.8-इंच का IPS LCD डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz और पीक ब्राइटनेस 700 निट्स है। इसमें MediaTek Dimensity 6360 Apex प्रोसेसर लगा है और इसके टॉप वेरिएंट में 4GB RAM और 64GB इंटरनल स्टोरेज मिलती है। यह डिवाइस Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर बेस्ड है और इसमें OxygenOS स्किन दी गई है। बता दें कि इस हैंडसेट की बैटरी इसकी एक बड़ी खासियत (USP) हो सकती है, क्योंकि इसमें 7000mAh की बैटरी और 15W वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है।

कैमरे की बात करें तो, निराशा की बात यह है कि OnePlus N6x में सिर्फ एक 13MP का रियर कैमरा है। आप इससे बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकते, क्योंकि इसमें OIS के बिना सिर्फ एक ही सेंसर है। इसके अलावा, सेल्फी और वीडियो कॉल करने के लिए इस फोन में 5MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

यह भी पढ़ें: अब शॉपिंग करो, Netflix फ्री में देखो! Flipkart की इस नई ट्रिक से बिना सब्सक्रिप्शन मिलेगा मोबाइल प्लान

PoJK में कार्रवाई पर भारत का पाकिस्तान पर हमला, New York Times की रिपोर्ट पर क्यों जताई आपत्ति

india mea

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित कड़ी कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की जांच करने और उसे जवाबदेह ठहराने की अपील की है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'निर्दय बल' का इस्तेमाल किया गया।

ALSO READ: Weather Update : क्या कहता है कल का मौसम, किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कहां आंधी-ओलों से बढ़ेगी परेशानी

PoJK में 40 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा

 

जायसवाल के मुताबिक, PoJK में बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक उपेक्षा, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचारों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई से स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हुई सुरक्षा कार्रवाई में 40 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व Joint Awami Action Committee (JAAC) कर रही है।

 

भारत ने कहा कि PoJK के लोगों ने इन मौतों की स्वतंत्र जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की कार्रवाई पर नजर रखनी चाहिए और कथित अत्याचारों के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए।

ALSO READ: Bajaj Pulsar का नया मॉडल जल्द होगा लॉन्च, 12 अगस्त को होगा बड़ा खुलासा, जानें क्या होगा खास

भारत ने 'मुजाहिदीन' को लेकर पाकिस्तान पर साधा निशाना

जायसवाल ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक के कथित बयान का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिष्ठान ने जिन 'मुजाहिदीन' को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित, हथियारबंद और वित्त पोषित किया, वही अब पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह बयान पाकिस्तान की नीतियों और उसके द्वारा लंबे समय से अपनाए गए आतंकवाद से जुड़े दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत ने यह भी आरोप लगाया कि PoJK के लोगों के प्रति पाकिस्तान के प्रतिष्ठान में 'पूर्ण उदासीनता' दिखाई दे रही है। जायसवाल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की कथित टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों को 'दुश्मन' बताया गया था।

 

'पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा'

 

जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत ने एक बार फिर अपनी स्थिति स्पष्ट की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति स्पष्ट है कि ये क्षेत्र पहले भी भारत का हिस्सा थे, आज भी भारत का हिस्सा हैं और आगे भी भारत का हिस्सा बने रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और संबंधित पक्षों से इस क्षेत्र के लिए भारत के अनुसार सही नाम और शब्दावली का इस्तेमाल करने की अपील की।

ALSO READ: August 1 Rule Changes : 1 अगस्त से बदल सकते हैं LPG Cylinder, Tatkal Booking और Credit Card के नियम, जानें किन बातों का पड़ेगा असर

New York Times की रिपोर्ट पर भी भारत ने जताई आपत्ति

यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने The New York Times की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लिए 'Pakistani Kashmir' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखबार की हेडलाइन को 'भ्रामक और गलत' बताते हुए कहा था कि 'Pakistani Kashmir' नाम का कोई क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह Pakistan-occupied Kashmir है। भारत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के संबंध में इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली देश की संप्रभुता और उसके आधिकारिक रुख के अनुरूप होनी चाहिए।

अब शॉपिंग करो, Netflix फ्री में देखो! Flipkart की इस नई ट्रिक से बिना सब्सक्रिप्शन मिलेगा मोबाइल प्लान

Flipkart Netflix Offer: अगर आपसे कहा जाए कि आप Netflix पर टीवी शो, मूवी या वेब सीरीज फ्री में देख सकते हैं, इसके लिए आपको कोई भी चार्ज नहीं देना पड़ेगा, तो शायद आपको यह बात अजीब लगे सकती है। लेकिन यह सच है। दरअसल, Flipkart ने Netflix के साथ मिलकर एक पार्टनरशिप की घोषणा की है। इसके तहत Flipkart Plus मेंबर अब प्लेटफॉर्म पर सामान्य खरीदारी करके हर महीने Netflix Mobile Plan पा सकेंगे। यह सुविधा 1 अगस्त से शुरू होगी और इसके लिए अलग से Netflix का सब्सक्रिप्शन खरीदने या रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होगी।

इस प्रोग्राम के तहत, Flipkart Plus मेंबर्स को एक कैलेंडर महीने में कम से कम ₹299 की कीमत वाले चार क्वालिफाइंग ऑर्डर पूरे करने होंगे। ये खरीदारी Flipkart, Flipkart Grocery और Flipkart Minutes पर की जा सकती है। जैसे ही ग्राहक अपनी चौथी योग्य खरीदारी पूरी कर लेंगे, उन्हें अगले 30 दिनों के लिए Netflix Mobile Plan मिल जाएगा।

Flipkart ऐप में एक्टिवेट होगा प्लान

इस प्लान को Flipkart ऐप में ही एक्टिवेट किया जा सकेगा और इसके लिए कोई अतिरिक्त पेमेंट भी नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, 30 दिन की अवधि खत्म होने के बाद, ग्राहकों को अगले महीने फिर से यह फायदा पाने के लिए चार योग्य खरीदारी करनी होंगी।

ध्यान दें कि, जो ग्राहक अभी Flipkart Plus का हिस्सा नहीं हैं, वे 12 महीनों में 15 ऑर्डर पूरे करके इसके सदस्य बन सकते हैं। मेंबरशिप के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता है।

शॉपिंग और एंटरटेनमेंट का मजा आएगा एक साथ

कंपनियों ने कहा कि इस पार्टनरशिप का मकसद शॉपिंग रिवॉर्ड और डिजिटल एंटरटेनमेंट को एक साथ जोड़ना है। Flipkart के अनुसार, कई ग्राहक पहले से ही हर महीने ग्रोसरी, रोजाना की जरूरी चीजों और क्विक कॉमर्स के तहत कई ऑर्डर देते हैं, जिससे रोजाना की खरीदारी के जरिए रिवॉर्ड पाना आसान हो जाता है।

जान ले कि यह ऑफर Flipkart के पूरे इकोसिस्टम में उपलब्ध है, जिसमें इसकी ग्रोसरी और क्विक कॉमर्स सर्विस भी शामिल हैं। जो यूजर इसके लिए योग्य होंगे, वे मोबाइल प्लान के जरिए Netflix की भारतीय और इंटरनेशनल फिल्मों और सीरीज का मजा ले सकेंगे।

Flipkart और Netflix के अधिकारियों ने क्या कहा?

इस पार्टनरशिप पर बात करते हुए, Flipkart में CFO और SVP (स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) रवि अय्यर ने कहा कि यह पहल ग्राहकों की मौजूदा शॉपिंग आदतों पर आधारित है और इसमें इनाम के तौर पर एंटरटेनमेंट को भी जोड़ा गया है।

वहीं, Netflix में APAC पार्टनरशिप – बिजनेस डेवलपमेंट के वाइस प्रेसिडेंट लॉरेंट उगुएन ने कहा कि यह सहयोग भारत में कंपनी की पहली ई-कॉमर्स पार्टनरशिप है और इसे रोजमर्रा की उपभोक्ता आदतों के जरिए Netflix को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।

बता दें कि यह पार्टनरशिप Flipkart Plus सदस्यों के लिए एक नया लॉयल्टी फायदा है, जो बार-बार की जाने वाली शॉपिंग एक्टिविटी को महीने के स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन से जोड़ती है।

यह भी पढ़ें: Samsung Galaxy F70 Pro 5G की एंट्री जल्द! 6000mAh बैटरी, 50MP कैमरा और Snapdragon चिप से होगा लैस

Weather Update : क्या कहता है कल का मौसम, किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कहां आंधी-ओलों से बढ़ेगी परेशानी

water update

Weather Forecast Tomorrow : देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 1 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

 

मध्यप्रदेश में 1 अगस्त 2026 के लिए मानसूनी गतिविधियों के चलते भारी बारिश, तेज हवाओं के चलने और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 14 जिलों में अचानक बाढ़ आने का खतरा भी जताया गया है और पूरे सूबे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों, मछुआरों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।

ALSO READ: Bajaj Pulsar का नया मॉडल जल्द होगा लॉन्च, 12 अगस्त को होगा बड़ा खुलासा, जानें क्या होगा खास

इन 19 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट

 

1 अगस्त को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान छिटपुट से लेकर काफी व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

ALSO READ: PM Kisan 24th Installment : 24वीं किस्त से पहले किसानों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, मोदी सरकार का बड़ा तोहफा

पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकती है मुश्किल

 

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है।

 

ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और वहां जाने वाले पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

ALSO READ: अंकित शर्मा हत्याकांड में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा

पूर्वोत्तर में बाढ़ का खतरा

 

असम और अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। निचले क्षोभमंडल स्तर पर मध्य असम के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जो मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।

गुजरात से केरल तक भी मौसम सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार तट से दूर बना एक निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिणी गुजरात से उत्तरी केरल तक फैले मौसम तंत्र को प्रभावित कर रहा है। इसके चलते पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।