वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान की कोयला खदान में मीथेन गैस विस्फोट: बलूचिस्तान में 34 खनिकों की मौत

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक कोयला खदान में मीथेन गैस विस्फोट होने से 34 खनिकों की मौत हो गई। हादसा क्वेटा के बाहरी इलाके में स्थित खदान में गुरुवार को हुआ। रातभर चले बचाव अभियान के बाद सभी शव बरामद कर लिए गए हैं। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के अनुसार, शुरुआती जानकारी में खदान के भीतर 42 लोगों के मौजूद होने की आशंका थी। बचाव दल ने सभी मृतकों के शव निकाल लिए हैं। बलूचिस्तान के खान एवं खनिज मंत्री शोएब नोशेरवानी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख पाकिस्तानी रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। बलूचिस्तान में कोयला खदानों में होने वाले हादसे आम हैं। कई खदानों में पर्याप्त वेंटिलेशन, मीथेन गैस की निगरानी प्रणाली और अन्य बुनियादी सुरक्षा इंतजामों का अभाव रहता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… भारत भूटान को ₹4,000 करोड़ की रियायती ऋण सुविधा देगा
भारत और भूटान ने गुरुवार को पांचवीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता में द्विपक्षीय विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान भारत ने भूटान को 4,000 करोड़ रुपये की रियायती ऋण (Line of Credit) सुविधा देने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नई साझेदारी और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनाई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और भूटान के विदेश सचिव दाशो पेमा लेक्टुप दोर्जी ने की। वार्ता में भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत भारत समर्थित विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। भारत ने भूटान के विकास कार्यों के लिए 4,000 करोड़ रुपये की रियायती ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसके साथ ही दोनों देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। भारत ने भूटान की ग्रीन मोबिलिटी पहल के तहत 45 इलेक्ट्रिक वाहन भी भूटान की शाही सरकार को सौंपे। बैठक के दौरान दोनों विदेश सचिवों ने भारत की सहायता से विकसित थिम्फू इकोलॉजिकल पार्क और ओलाखा पार्क का वर्चुअल उद्घाटन किया।

भारोत्तोलन में भारत का आठवां मेडल, लवप्रीत सिंह ने उठाया रिकॉर्ड 388 कि.ग्रा वजन (Video)

commonwealth games

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेल में भारत ने भारोत्तोलन में 8 मेडल पा लिये हैं। भारतीय भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने 110 कि.ग्रा वर्ग में रिकॉर्ड 388 कि.ग्रा वजन उठाकर रजत पदक प्राप्त किया। इसके अलावा उन्होंने कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाते हुए 176 कि.ग्रा स्नेच में वजन उठाया और फिर क्लीन एंड जर्क में 212 कि.ग्रा वजन उठाया।

न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटि ने क्लीन एवं जर्क में खेलों का रिकॉर्ड 223 किग्रा भार उठाते हुए कुल 389 किग्रा (166 किग्रा और 223 किग्रा) वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता।पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले लवप्रीत ने इस बार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए रजत पदक जीता।

इसके साथ ही उन्होंने भारोत्तोलन में भारत के लगातार तीन स्पर्धाओं के पदक नहीं जीत पाने का सिलसिला भी तोड़ा। भारतीय भारोत्तोलन दल ने खेलों में अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित कुल आठ पदक के साथ किया।

भारतीय भारोत्तोलक मार्टिना देवी मेबाम का राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्प भावनाओं से भरा रहा जब यह 18 वर्षीय खिलाड़ी मुकाबले से बाहर होने की कगार से वापसी करने में सफल रहीं लेकिन पदक से चूककर महिलाओं के 86 किग्रा से अधिक भारवर्ग में पांचवें स्थान पर रहीं।

मणिपुर की मार्टिना ने स्नैच में 105 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 140 किग्रा सहित कुल 245 किग्रा वजन उठाया। उनका कुल भार न्यूजीलैंड की तुई अलोफा पटोलो (115 किग्रा और 130 किग्रा) के बराबर रहा।हालांकि कम असफल प्रयासों के आधार पर पटोलो को चौथा स्थान मिला।

क्या है 84 हजार करोड़ का भारत का समुद्र मंथन मिशन जिसे आज मिल सकती है मंजूरी? 5 पॉइंट में समझिए किस खजाने की होगी खोज

Samudra Manthan Mission Deep Sea Exploration Scheme: केंद्र सरकार देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय कैबिनेट शुक्रवार 31 जुलाई को सरकार के महत्वाकांक्षी समुद्र मंथन कार्यक्रम के पहले चरण को मंजूरी देने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। हमारे सहयोगी न्यूज चैनल सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना का मुख्य उद्देश्य गहरे समुद्र में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की खोज को तेज करना और भारत के ऊर्जा क्षेत्र को एक नई दिशा देना है।

आइए 5 पॉइंट में समझते हैं कि करीब 84000 करोड़ रुपये का यह समुद्र मंथन मिशन क्या है, इसका उद्देश्य क्या है और इसके जरिए किस समुद्री खजाने की तलाश की जाएगी।

  • 1- 84000 करोड़ रुपये का बजट और पहला चरण

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित समुद्र मंथन योजना के पहले चरण में करीब 84000 करोड़ रुपये का आउटले शामिल है। इस भारी-भरकम बजट के जरिए देश में ऑफशोर एक्सप्लोरेशन को स्पीडअप किया जाएगा। अगर कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल जाती है तो यह हाल के वर्षों में भारत के अपस्ट्रीम ऑयल एंड गैस सेक्टर के लिए सरकार का सबसे बड़ी पॉलिसी सपोर्ट इनिशिएटिव्स में से एक होगा।

  • 2- किस खजाने की होगी खोज?

इस मिशन का मुख्य लक्ष्य समुद्र की गहराइयों में छिपे कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडारों की खोज करना है। यह योजना भारत के गहरे समुद्री तलछटी बेसिनों में एक्सप्लोरेशन को पुश करेगी। इसके जरिए देश में हाइड्रोकार्बन का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जाएगा ताकि विदेशी कच्चे तेल और गैस के आयात पर भारत की निर्भरता को कम किया जा सके।

  • 3- हाई-रिस्क वाले डीप-वाटर प्रोजेक्ट्स को मिलेगी पॉलिसी सपोर्ट

गहरे समुद्र और बेहद गहरे समुद्र के इलाकों में तेल-गैस की खोज करना न सिर्फ तकनीक के लिहाज से काफी जटिल है बल्कि इसमें वित्तीय और भूगर्भीय जोखिम भी बहुत अधिक होता है। इन क्षेत्रों में एक्सप्लोरेशन की लागत काफी अधिक आती है। समुद्र मंथन योजना का एक बड़ा उद्देश्य इन हाई रिस्क वाली खोज गतिविधियों को मजबूत पॉलिसी सपोर्ट देना है ताकि कंपनियों को गहरे पानी में उतरने का प्रोत्साहन मिल सके।

  • 4- पीएम मोदी के राष्ट्रीय डीप वाटर एक्सप्लोरेशन मिशन का हिस्सा

सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक इस कदम की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2025 को अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान रखी गई थी। पीएम मोदी ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में देश के प्रयासों के तहत समुद्र मंथन नाम से राष्ट्रीय डीप वाटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि समुद्र के नीचे तेल और गैस भंडारों की खोज के लिए इसे मिशन मोड में शुरू किया जाएगा।

  • 5- कैबिनेट बैठक के बाद आधिकारिक ऐलान संभव

अपस्ट्रीम एनर्जी सेक्टर में निवेश और रिसर्च को बढ़ावा देने वाले इस मेगा प्लान पर आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मुहर लग सकती है। सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट की बैठक पूरी होने के बाद सरकार की ओर से इस 84000 करोड़ रुपये के समुद्र मंथन मिशन का औपचारिक और आधिकारिक ऐलान किए जाने की पूरी संभावना है।

RBI ने बैंकों को बल्क डिपॉजिट्स पर डिफरेंशियल इंटरेस्ट रेट ऑफर करने की इजाजत दी, जानिए क्या है इसका मतलब

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग इंटरेस्ट रेट ऑफर करने की इजाजत दे दी है। यह लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (एलसीआर) फ्रेमवर्क के तहत बैंक के स्पेशिफिक रन-ऑफ रेट्स पर आधारित होगा।

RBI ने इस बारे में 30 जुलाई को एक नोटिफिकेशन इश्यू किया है। इसमें कहा गया है कि यह नियम घरेलू डिपॉजिट यानी रुपये में होने वाले डिपॉजिट के साथ ही NRI डिपॉजिट पर लागू होगा। हालांकि, बल्क डिपॉजिट्स से दूसरे नियम पहले की तरह होंगे।

केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि बैंक को अपनी सभी शाखाओं में एक समान इंटरेस्ट रेट्स ऑफर करने होंगे। बैक को ग्राहकों के साथ किसी तरह का भेदभाव करने की इजाजत नहीं होगी। आरबीआई के नियम के मुताबिक, हर बैंक को रोजाना सुबह 10 बजे तक बल्क डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट ब्रांच में डिस्प्ले करने होंगे।

एचडीएफसी बैंक के हाल में एक ग्राहक को बल्क डिपॉजिट पर ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर करने से विवाद खड़ा हो गया था। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) को ‘मार्केटिंग स्पेंड्स’ के तहत कथित रूप से 45 करोड़ रुपये का पेमेंट किया था। उसने बल्क डिपॉजिट हासिल करने के लिए ऐसा किया था।

HDFC Bank ने MSRDC को बल्क डिपॉजिट पर 6.01 इंटरेस्ट रेट ऑफर किया था। यह रेगुलर सेविंग्स डिपॉजिट पर मिलने वाले 3.5 फीसदी इंटरेस्ट रेट से काफी ज्यादा था। मामले की जांच के बाद एचडीएफसी बैंक ने अपने कुछ टॉप अधिकारियों को वार्निंग लेटर इश्यू किए। उन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

आरबीआई के नियम में बदलाव करने के बाद बैंकों के लिए बल्क डिपॉजिट पर ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर करने का रास्ता खुल गया है। इससे बैंकों को डिपॉजिट अट्रैक्ट करने में आसानी होगी। आरबीआई के नियम के मुताबिक, अलग-अलग कैटेगरी के बैंकों के लिए बल्क डिपॉजिट की परिभाषा अलग है।

शिड्यूल्ड कमर्शियल बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए 3 करोड़ और इससे ज्यादा के डिपॉजिट बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में आते हैं। रीजनल रूरल बैंक और को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए 1 करोड़ और इससे ज्यादा अमाउंट के डिपॉजिट बल्क श्रेणी में आते हैं।

Spider Man Brand New Day box office collection day 1: टॉम हॉलैंड की फिल्म की ओपनिंग ने भारत में ‘एंडगेम’ और ‘द ओडिसी’ को पछाड़ा

Spider Man Brand New Day box office collection day 1: मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) के छठे फ़ेज़ की दूसरी फ़िल्म, ‘स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे’, 30 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। टॉम हॉलैंड और जेंडया की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म ने भारत में शानदार ओपनिंग की। इसने टॉम की हालिया रिलीज ‘द ओडिसी’ और ‘एवेंजर्स एंडगेम’ की भारत में ओपनिंग डे की कमाई का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, ‘स्पाइडर-मैन 4’ ने भारत में अपने ओपनिंग डे पर 60.60 करोड़ नेट और 74.46 करोड़ ग्रॉस की कमाई की। गुरुवार को 17,250 शो में इसकी ऑक्यूपेंसी 72.3% रही। फ़िल्म ने इंग्लिश में 32.25 करोड़ नेट और हिंदी में ₹22 करोड़ कमाए। इसके तेलुगु वर्जन ने 3.25 करोड़ कमाए, जबकि तमिल वर्ज़न ने 3 करोड़ नेट की कमाई की। कन्नड़ और मलयालम वर्ज़न ने क्रमश 3 लाख और 7 लाख कमाए।

‘स्पाइडर-मैन 4’ ने भारत में टॉम की हालिया रिलीज़, क्रिस्टोफ़र नोलन की ‘द ओडिसी’ की ओपनिंग कमाई को पीछे छोड़ दिया है। ग्रीक कथा पर आधारित इस फिल्म ने 17 जुलाई को रिलीज़ होने पर भारत में 17.40 करोड़ नेट कमाए थे। दिलचस्प बात यह है कि ‘द ओडिसी’ को भी ‘A’ रेटिंग मिली थी। MCU की इस फ़िल्म ने छठे फ़ेज़ की पहली फ़िल्म ‘द फैंटास्टिक फोर: फर्स्ट स्टेप्स’ के भारत में लाइफटाइम कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है। जब वह पिछले साल जुलाई में भारत में रिलीज़ हुई थी, तो उसने यहां अपने लाइफटाइम में 38.32 करोड़ नेट बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शन किया था। मई में रिलीज़ हुई पिछले फ़ेज़ की फ़िल्म ‘थंडरबोल्ट्स*’ ने भारत में 23.92 करोड़ नेट कमाए थे।

‘डेडपूल एंड वूल्वरिन’ ने भारत में ₹136.15 करोड़ का लाइफटाइम नेट कलेक्शन दर्ज किया और ओपनिंग डे पर ₹21 करोड़ कमाए थे। फ़्रैंचाइज़ी की सबसे लोकप्रिय फ़िल्मों में से एक, ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ ने भारत में ₹53.60 करोड़ के साथ ओपनिंग की थी और अपने लाइफटाइम में ₹373.05 करोड़ नेट कमाए थे। अब देखना यह है कि क्या ‘स्पाइडर-मैन 4’ इसे पीछे छोड़ पाती है या नहीं। वीकेंड नज़दीक होने के कारण, MCU की इस फ़िल्म की कमाई में भी उछाल आने की उम्मीद है।

स्पाइडर-मैन 4, MCU की 38वीं फिल्म है। डेस्टिन डैनियल क्रेटन के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में टॉम हॉलैंड ने पीटर पार्कर / स्पाइडर-मैन की भूमिका निभाई है। उनके साथ ज़ेंडया, सैडी सिंक, जैकब बैटलन, जॉन बर्नथल, फ्लोरेंस प्यू, ट्रैमेल टिलमैन, मारिसा टोमेई और मार्क रफ़ालो भी हैं। फिल्म में स्पाइडर-मैन न्यूयॉर्क शहर की गुप्त रूप से रक्षा करता है, जबकि उसकी शक्तियों में एक आश्चर्यजनक और संभावित रूप से खतरनाक बढ़ोतरी होती है। इसे क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों से ही अच्छे रिव्यू मिले।

मुंशी प्रेमचंद जयंती पर जाने जीवन परिचय और 6 अनसुनी बातें

A photograph of Munshi Premchand, the titan of Indian literature

Munshi Premchand Biography: भारतीय साहित्य में जब भी यथार्थवाद, सामाजिक चेतना और आम आदमी के जीवन का जिक्र होता है, तो सबसे पहले मुंशी प्रेमचंद का नाम सामने आता है। हिंदी और उर्दू साहित्य के इस महान लेखक ने अपनी लेखनी से समाज की कुरीतियों, गरीबी, शोषण, जातिगत भेदभाव और ग्रामीण जीवन की सच्चाइयों को बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। यही कारण है कि उन्हें 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है। हर वर्ष 31 जुलाई को मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई जाती है। 

 

यहां जानें मुंशी प्रेमचंद जयंती 2026 पर हिंदी-उर्दू के महान साहित्यकार का जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, प्रमुख रचनाएं और उनसे जुड़े रोचक व अनसुने तथ्य।

 

मुंशी प्रेमचंद: संक्षिप्त जीवन परिचय

 

वास्तविक नाम- धनपत राय श्रीवास्तव

जन्म तिथि व स्थान- 31 जुलाई 1880, लमही (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)

उपनाम/लेखन नाम- नवाब राय (उर्दू में), प्रेमचंद (हिंदी में)

माता-पिता- आनंदी देवी और अजायब राय (डाकघर में क्लर्क)

प्रमुख रचनाएं-

उपन्यास: गोदान, गबन, सेवासदन, कर्मभूमि, रंगभूमि

कहानी- ईदगाह, पूस की रात, दो बैलों की कथा, कफन

निधन- 8 अक्टूबर 1936, वाराणसी

 

मुंशी प्रेमचंद के जीवन से जुड़ी अनसुनी बातें

1. असली नाम 'धनपत राय' और पहला छद्म नाम 'नवाब राय'

बचपन में उनके चाचा उन्हें 'नवाब' कहते थे। जब उन्होंने उर्दू में लिखना शुरू किया, तो 'नवाब राय' नाम से ही अपनी रचनाएं प्रकाशित करवाते थे।

 

2. पहली किताब 'सोजे वतन'

1908 में उनका पहला कहानी संग्रह 'सोजे वतन' (देश का दर्द) उर्दू में छपा। इसमें देशभक्ति की भावना इतनी तीव्र थी कि ब्रिटिश सरकार ने इसे राष्ट्रद्रोही मानकर प्रतिबंधित कर दिया और इसकी सभी प्रतियां जला दीं। इसके बाद हमीरपुर के दरोगा ने उन्हें बिना सरकारी इजाजत न लिखने की सख्त चेतावनी दी।

 

3. 'प्रेमचंद' नाम कैसे पड़ा?

अंग्रेजी हुकूमत की बंदिशों से बचने के लिए उनके स्नेही मित्र और 'जमाना' पत्रिका के संपादक दयानारायण निगम ने उन्हें एक नया नाम सुझाया- 'प्रेमचंद'। इसके बाद उन्होंने इसी नाम से हिंदी में लिखना शुरू किया।

 

4. बाल-विवाह का विरोध और विधवा-विवाह

प्रेमचंद सामाजिक कुरीतियों के सख्त खिलाफ थे। अपनी पहली शादी के असफल होने के बाद, उन्होंने 1906 में समाज के विरोध की परवाह न करते हुए एक बाल-विधवा शिवरानी देवी से विवाह किया। शिवरानी देवी स्वयं एक लेखिका थीं और उन्होंने प्रेमचंद पर 'प्रेमचंद घर में' नाम से प्रसिद्ध पुस्तक लिखी।

 

5. महात्मा गांधी के आह्वान पर सरकारी नौकरी छोड़ी

प्रेमचंद शिक्षा विभाग में डिप्टी इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। 1921 में जब महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन का आह्वान किया, तो प्रेमचंद ने अपनी स्थिर सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और पूर्णकालिक लेखन व देश सेवा में जुट गए।

 

6. 'मुंशी' शब्द कैसे जुड़ा?

'मुंशी' उनका नाम नहीं बल्कि एक सम्मानजनक उपाधि थी। जब वे 'हंस' पत्रिका का संपादन कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी (K. M. Munshi) के साथ करते थे, तब कवर पेज पर 'मुंशी, प्रेमचंद' छपता था, जिसे बाद में लोगों ने एक साथ 'मुंशी प्रेमचंद' कहना शुरू कर दिया।

 

'साहित्य वही है जो हमारे अंदर सौंदर्य की भावना जगाए, हममें गति, शक्ति और बेचैनी पैदा करे, सुलाए नहीं।' – मुंशी प्रेमचंद

 

मुंशी प्रेमचंद केवल एक लेखक नहीं, बल्कि भारतीय समाज के संवेदनशील इतिहासकार और जनमानस के साहित्यकार थे। उनकी रचनाएं आज भी समाज को सोचने, बदलने और मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देती हैं। उनकी जयंती हमें यह याद दिलाती है कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रभावशाली शक्ति भी है। उनकी जयंती के अवसर पर देशभर में साहित्यिक गोष्ठियां, संगोष्ठियां, पुस्तक प्रदर्शनियां और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 

Stock Market View: निफ्टी अब 24700–24900 की ओर रैली के लिए तैयार, आज इस FMCG शेयर में हो सकती है बंपर कमाई

Stock Market View : शुक्रवार, 31 जुलाई को भारतीय इक्विटी बाजार हल्की बढ़त के साथ खुले हैं। अच्छे ग्लोबल संकेतों ने भारतीय बाजारों को सपोर्ट मिल रहा है। निफ्टी 24,300 के स्तर के ऊपर पहुंच गया है। फिलहाल सेंसेक्स 59.26 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 77,987.41 पर और निफ्टी 34.35 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,351.50 पर दिख रहा है। ऐसे में थिंक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि ग्लोबल संकेतों के सपोर्ट से निफ्टी में तेजी की उम्मीद है। यह इंडेक्स अभी एक अहम ब्रेकआउट जोनन के करीब ट्रेड कर रहा है। अगर निफ्टी 24,400–24,500 के ऊपर टिक रहता है तो इससे बुलिश ब्रेकआउट की पुष्टि हो सकती है और शॉर्ट टर्म में इसमें 24,700–24,900 की ओर रैली आ सकती है।

निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 24,200–24,250 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। जब तक निफ्टी इस रेंज के ऊपर बना रहता है, तब तक इसका शॉर्ट-टर्म ट्रेंड तेजड़ियों के पक्ष में रहेगा।

मार्केट ब्रेथ में सुधार हुआ है और ग्लोबल सेंटीमेंट पॉजिटिव होने के साथ मोमेंटम बनता दिख रहा है। अगर आज पूरे सेशन के दौरान तेजा बनी रहती है,तो आज की चाल अपट्रेंड के अगले फेज की शुरुआत हो सकती है। ऐसे में ट्रेडर्स को गिरावट पर खरीदारी का तरीका अपनाने की सलाह होगी। 24,500 के लेवल के ऊपर साफ ब्रेकआउट होने पर नई लॉन्ग पोजीशन बनाई जा सकती है।

इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइज़र्स के पंकज रांदड़ ने कहा कि एफआई लगातार अपना माल हल्का करते जा रहे थे।लेकिन अब एफआईआई की तरफ से खरीदारी आ रही है। इस बीच डीआई बाइंग करते दिख रहे दिख रहे थे। ऐसे में कहीं ना कहीं उनका प्रॉफिट बुकिंग करना जरूरी था। कल के यूएस फेड के फैसले के बाद यूएस मार्केट में जिस तरह के मूव्स आए उनको देखते हुए लगता है कि विदेशी निवेशक अब इमर्जिंग मार्केट्स में मौके खोज रहे हैं। ढूंढ रहे हैं। ऐसे में लगता कि हमारे मार्केट यहां से साइडवेज पॉजिटिव रह सकते हैं। बैंक निफ्टी और निफ्टी को लेकर सेंटीमेंट में सुधार दिख रहा है।

उन्होंने आगे कहा निफ्टी और बैंक निफ्टी में उनका नजरिया मिलाजुला है। निफ्टी कल 24355 की रेंज में आकर बंद होते हुए नजर आया। मार्केट को यहां से साइडवेज पॉजिटिव रुझान के साथ में चलना चाहिए। जिस हिसाब से कल के मूव्स रहे हैं, उनसे एक कॉन्फिडेंस बना है। लेकिन सतर्क रहते हुए कहा ज सकता है कि 24380 के ऊपर जाने पर ही निफ्टी में टिकाऊ तेजी आ सकती है। निफ्टी के अंदर जब तक एक निफ्टी 24380- 24400 की रेंज क्रॉस ना करे वेट करने की सलाह रहेगी, लेकिन ओवरऑल रुझान साइडवेज पॉजिटिव है।

जहां तक बैंक निफ्टी की बात है तो 57380 के ऊपर ही इसमें बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह यह है कि आज बैंक ऑफ जापान का फैसला आना है और उसके बाद में मार्केट के सेंटीमेंट्स चेंज हो सकते हैं। अगर बैंक निफ्टी 57400 के ऊपर खुलता है तो मार्केट के अंदर एक नया तेजी का दौर शुरू हो सकता है।

अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए पंकज रांदड़ ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पूरे एफएमसीजी सेक्टर में काफी अच्छा एक्शन देखने को मिला है। इसी सेक्टर के गॉडफ्रे फिलिप्स (GODFREY PHILLIPS) के फ्यूचर्स में खरीदारी की सलाह होगी कल यह शेयर 2110 रुपए के आसपास बंद हुआ था। इसी के आसपास ही इसमें खरीदारी करें। 2155-2175 रुपए के टारगेट के लिए 2086 रुपए पर स्टॉपलॉस लगाएं।

 

Market Trend : अगर 24410 का रेजिस्टेंस पार हुआ तो 24500 के पार जाएगा निफ्टी, इन दो शेयरों में बन सकता है मोटा पैसा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Meta इंडिया हेड के खिलाफ केस दर्ज, PM मोदी का AI से मॉर्फ्ड वीडियो बनाने से जुड़ा है मामला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने वाले कथित मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक वीडियो को लेकर हैदराबाद पुलिस ने मेटा इंडिया के प्रमुख और कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।

पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट चलाने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मेटा इंडिया के प्रमुख भी आरोपी, पुलिस ने भेजा नोटिस

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मामलों में मेटा इंडिया के प्रमुख को भी सह-आरोपी बनाया गया है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस के एक जांच अधिकारी ने बताया कि दर्ज मामलों और शिकायतकर्ताओं द्वारा साझा किए गए कथित आपत्तिजनक लिंक के संबंध में मेटा को नोटिस भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। इसके लिए सोशल मीडिया खातों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि आरोपियों का पता लगाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान किया गया था आपत्तिजनक कमेंट

एक अन्य मामले में, नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप में नोएडा में एक महिला के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना में गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई। शिकायत में नोएडा के सेक्टर-168 की रहने वाली रुचिका सिंह पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जीरो एफआईआर होने के कारण अब इस मामले को संबंधित पुलिस थाने को भेजकर आगे की जांच की जाएगी।

बीएनएस की कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता का आरोप है कि 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोपी महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। शिकायत में कहा गया है कि इससे प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची और सार्वजनिक शांति भंग होने तथा लोगों के बीच तनाव फैलने की आशंका पैदा हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, धारा 353(1) और धारा 356(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में जानबूझकर अपमान करना, सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान देना और मानहानि जैसे आरोप शामिल हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।

Silverstorm Parks And Resorts IPO Listing: पार्क और रिजॉर्ट कंपनी की फ्लैट शुरुआत, शेयर लगभग IPO प्राइस पर ही लिस्ट

SME सेगमेंट की कंपनी सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिजॉर्ट्स की 31 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्टिंग न अच्छी रही, न बुरी। कंपनी के शेयर BSE SME पर फ्लैट नोट के साथ 132.90 रुपये पर लिस्ट हुए। IPO का फाइनल इश्यू प्राइस 133 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का 82.43 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.91 गुना भरा था। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.81 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.19 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.41 गुना सब्सक्राइब हुआ।

Silverstorm Parks & Resorts IPO में 62 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी का पब्लिक इश्यू 24 जुलाई को खुला था और 28 जुलाई को बंद हुआ। सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड एम्यूजमेंट और टूरिज्म कंपनी है। यह भारत में एम्यूजमेंट पार्क, वॉटर पार्क, स्नो पार्क और हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज चलाती है। कंपनी की फ्लैगशिप डेस्टिनेशन, केरल के अतिरापिल्ली में स्थित ‘सिल्वर स्टॉर्म थीम पार्क’ है। यह लगभग 17.38 एकड़ में फैला है। इसमें एक एम्यूजमेंट और वॉटर पार्क, केरल का पहला इनडोर स्नो पार्क, कई रेस्टोरेंट और सिल्वर स्टॉर्म रिसॉर्ट शामिल हैं। कंपनी झारखंड के जमशेदपुर में भी एक स्नो पार्क चलाती है और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक नया स्नो पार्क और फैमिली एंटरटेनमेंट सेंटर बना रही है।

कंपनी एम्यूजमेंट और स्नो पार्क के टिकट बेचकर, खाने-पीने की सर्विसेज से, मर्चेंडाइज, रिजॉर्ट बुकिंग और प्राइवेट व कॉर्पोरेट इवेंट्स से कमाई करती है। यह अतिरापिल्ली में 1.2 किलोमीटर लंबे एरियल केबल कार प्रोजेक्ट के साथ अपनी सर्विस का विस्तार भी कर रही है। इसके साथ ही, नए एम्यूजमेंट राइड्स और वॉटर अट्रैक्शन भी जोड़े जा रहे हैं।

NSE Q1 Results: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मुनाफा 7% बढ़ा, इनकम रही 9% ज्यादा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Lakhpati Scheme: रोजाना महज ₹20 बचाकर बनेंगे लखपति! जानिए एसबीआई की इस खास आरडी स्कीम का पूरा गणित

SBI Har Ghar Lakhpati Scheme Details: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने छोटे और मध्यम आय वर्ग के बचतकर्ताओं के लिए एक शानदार योजना शुरू की है, जिसका नाम ‘हर घर लखपति’ (Har Ghar Lakhpati Scheme) है। यह बेसिकली एसबीआई की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) का एक कस्टमाइज्ड गोल-बेस्ड वेरिएंट है।

इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य देश के हर परिवार को छोटी-छोटी मासिक बचत के जरिए ₹1 लाख या उससे अधिक का गारंटीड फंड तैयार करने में मदद करना है। अगर आप भी जोखिम रहित और सुरक्षित तरीके से ₹1 लाख की बचत करना चाहते हैं, तो यह स्कीम आपके लिए मुफीद साबित हो सकती है।

क्या है एसबीआई की ‘हर घर लखपति’ योजना?

‘हर घर लखपति’ एसबीआई की एक विशेष आवर्ती जमा (RD) योजना है। इसमें ग्राहक को हर महीने एक निश्चित समय अवधि के लिए एक तय राशि जमा करनी होती है। इस स्कीम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मैच्योरिटी पूरी होने पर निवेशक को सीधे ₹1 लाख या इसके मल्टीपल जैसे ₹2 लाख, ₹3 लाख का एकमुश्त कॉर्पस मिलता है। चूंकि यह भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक की योजना है, इसलिए इसमें जमा आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और ब्याज दरें तय रहती हैं।

हर महीने कितना करना होगा निवेश?

आप अपनी सहूलियत और बजट के हिसाब से 3 साल से लेकर 10 साल तक का कार्यकाल चुन सकते हैं। चुने गए साल के हिसाब से आपकी महीने की किस्त तय होती है:

हर महीने कितना करना होगा निवेश?

 

नोट: ब्याज दरों में समय-समय पर होने वाले बदलाव के अनुसार मासिक किस्त की राशि में थोड़ा-बहुत अंतर आ सकता है।

ब्याज दरें और सीनियर सिटीजन्स को एक्स्ट्रा फायदा

एसबीआई इस स्कीम पर अपनी सामान्य आरडी के बराबर ब्याज दरें देता है, जिसमें ब्याज की गणना तिमाही आधार पर कंपाउंड की जाती है।

सामान्य नागरिकों के लिए: अवधि के अनुसार ब्याज दर 6.50% से 6.75% प्रति वर्ष तक मिलती है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए: बुजुर्गों को सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50% (50 बीपीएस) अधिक ब्याज मिलता है। यानी वरिष्ठ नागरिक हर महीने थोड़ा कम प्रीमियम जमा करके भी ₹1 लाख का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

खाता कैसे खोलें और किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

‘हर घर लखपति’ खाता खोलना बेहद आसान है। इसके लिए आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं:

SBI YONO App / Net Banking: अगर आप एसबीआई के मौजूदा ग्राहक हैं, तो आप YONO ऐप में जाकर ‘Deposits’ > ‘e-RD’ सेक्शन में जाकर ‘Har Ghar Lakhpati’ विकल्प चुनकर घर बैठे खाता खोल सकते हैं।

शाखा में जाकर: अपने नजदीकी एसबीआई ब्रांच में जाकर आवेदन फॉर्म भरें।

आवश्यक दस्तावेज: पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और एसबीआई का सेविंग्स अकाउंट।

लोन सुविधा और पेनाल्टी के नियम

लोन सुविधा: जरूरत पड़ने पर निवेशक जमा राशि के 90% तक का लोन या ओवरड्राफ्ट (OD) भी ले सकते हैं।

किस्त चूकने पर जुर्माना: अगर आप किसी महीने की किस्त समय पर नहीं भर पाते हैं, तो एसबीआई नियमानुसार मामूली पेनाल्टी वसूलता है। लगातार किस्तें मिस होने पर अकाउंट बंद भी हो सकता है।

टैक्स नियम (TDS): एक वित्त वर्ष में मिलने वाला कुल ब्याज अगर ₹40,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000) से अधिक होता है, तो टीडीएस लागू होगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।