Weather Update 18 July : 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट, केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ा; यूपी में 21 जुलाई तक झमाझम बारिश

rain update 18 july

Weather Update 18 July : उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश का दौर जारी है तो पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक मानसून कमजोर ही बना रहेगा। 

 

 

IMD ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि आगामी 7 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, बिहार, उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 18 एवं 19 जुलाई, 2026 को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की भी संभावना है। आगामी 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य एवं दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तथा अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियों के कमजोर बने रहने की संभावना है।

 

17 राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, केरल समेत 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

यूपी में मानसून के सक्रिय

भारी बारिश से उत्तरप्रदेश के गोरखपुर शहर में सड़कों पर पानी भर गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ की ओर से जारी ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 18 जुलाई से 21 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

 

केदारनाथ में भूस्खलन का खतरा

मानसून के मौसम में केदारनाथ समेत केदार घाटी और रुद्रप्रयाग जिले के कई अन्य इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे हाईवे और केदारनाथ ट्रेकिंग रूट पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों को संवेदनशील और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में तैनात किया गया है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष भी चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है।

 

राजस्थान में 21 जुलाई से सक्रिय होगा मानसून

राजस्थान के 10 जिलों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में अब तक सामान्य से 21 फीसदी बारिश कम हुई है। ब्रेक के बाद राज्य में 21 जुलाई से एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। 

आज का मौसम: 7 चक्रवाती सिस्टम हुए एक्टिव, IMD ने बिहार-यूपी समेत इन 16+ राज्यों में धुंआधार बारिश का अलर्ट दिया, 2 जगहों पर रेड वॉर्निंग

India Weather Update: देश भर में मानसून का सबसे रौद्र और व्यापक रूप देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 18 जुलाई के लिए देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 7 बड़े चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इन प्रणालियों के आपस में जुड़ने के कारण देश के 16 से अधिक राज्यों में धुंआधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 2 विशिष्ट क्षेत्रों के लिए रेड वॉर्निंग यानी अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

WhatsApp Image 2026-07-18 at 8.59.27 AM

आसमान में सक्रिय हैं ये 7 बड़े सिस्टम

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ सात बड़ी मौसमी प्रणालियां मानसून को अत्यधिक तीव्र और खतरनाक बना रही हैं। गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उसके पड़ोस पर बना कम दबाव का क्षेत्र आज सुबह पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी झारखंड के ऊपर स्थित है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

मानसून की अक्षीय रेखा इस समय अमृतसर, करनाल, बरेली, लखनऊ, पटना, उत्तरी झारखंड व पश्चिमी गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के केंद्र और डायमंड हार्बर से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

उत्तरी हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: पूर्वी यूपी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी की ऊंचाई के बीच लगातार बना हुआ है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाकों पर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर चक्रवाती परिसंचरण: दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।

उत्तरी केरल पर चक्रवाती सिस्टम: उत्तरी केरल और उसके आस-पास के इलाके पर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक उत्तरी केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु से होकर गुजरने वाली ट्रफ लाइन समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर बनी हुई है। उत्तर-पाकिस्तान के ऊपर बना पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पूर्वी असम का सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की ट्रफ लाइन अभी भी सक्रिय है।

इन 2 जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की ‘रेड वॉर्निंग’

मौसम विभाग ने आज कुछ इलाकों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज का दिन सबसे भारी रहने वाला है। यहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ-साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी (IMD) के मुताबिक, आज देश के चार प्रमुख राज्यों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है, यहां बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। असम और मेघालय में कई जगहों पर मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।

बिहार-यूपी और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के मैदानी और तटीय इलाकों के कुल 11 राज्यों में आज भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से बिहार और झारखंड के अलग-अलग जिलों में आज भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में आज कई जगहों पर भारी वर्षा का अनुमान है। मध्य प्रदेश के पूर्वी अंचलों में आज बादल जमकर बरसेंगे। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से आज कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तटीय राज्य ओडिशा में आज भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। दक्षिण भारत के केरल और माहे में आज भारी बारिश की संभावना है। कर्नाटक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आज भारी वर्षा होने की उम्मीद है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में आज मानसून की छिटपुट से लेकर व्यापक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

तेलंगाना में थंडरस्क्वाल; कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने हवाओं की रफ्तार और आकाशीय बिजली को लेकर भी सख्त चेतावनी जारी की है। तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में आज गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की बहुत संभावना है, जहां हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, विदर्भ, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में आज गरज-चमक के साथ तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज दिन भर काफी तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में आज जारी रहेगा उमस का कहर

मौसम के इस अनोखे पैटर्न के बीच देश का एक हिस्सा ऐसा भी होगा जहाँ बारिश न होने से लोग परेशान रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक आज हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग जगहों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

यह भी पढ़ें: Delhi Weather Today: 5 साल में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद राजधानी में बदलेगा मौसम, तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश के आसार, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

Video: गुरुग्राम पर महिला की अनोखी टिप्पणी वायरल, ‘अदरक’ वाली बात सुन नहीं रुकेगी हंसी

गुरुग्राम को देश के सबसे आधुनिक और तेजी से विकसित होते शहरों में गिना जाता है। ऊंची-ऊंची इमारतें, कॉर्पोरेट ऑफिस, लग्जरी सोसायटी और शानदार लाइफस्टाइल इसे लाखों लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाते हैं। हर साल बड़ी संख्या में लोग नौकरी और बेहतर अवसरों की तलाश में यहां पहुंचते हैं। लेकिन शहर की चमक-दमक के पीछे कुछ ऐसी चुनौतियां भी हैं, जिनका सामना यहां रहने वाले लोग रोजाना करते हैं। ट्रैफिक जाम, खराब सड़कें, बारिश के दौरान जलभराव और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है।

यही वजह है कि समय-समय पर सोशल मीडिया पर भी गुरुग्राम को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिलती है। हाल ही में एक कंटेंट क्रिएटर ने शहर को लेकर ऐसा मजेदार और अनोखा उदाहरण दिया कि उसका वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया। उनकी तुलना ने न सिर्फ लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि कमेंट सेक्शन में भी शहर को लेकर दिलचस्प बहस शुरू हो गई।

अदरक की तरह हर दिशा में फैल गया शहर’

वीडियो में साक्षी कहती हैं कि गुरुग्राम का नक्शा और विकास ऐसा लगता है, मानो शहर बिना किसी योजना के हर दिशा में फैल गया हो। उनके मुताबिक, बारिश होते ही हालात और बिगड़ जाते हैं। सड़कें पानी से भर जाती हैं, गड्ढों के कारण निकलना मुश्किल हो जाता है और लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

अमीर पिता के बिगड़े बेटे का प्रोजेक्ट लगता है’

साक्षी ने शहर के विकास पर तंज कसते हुए कहा कि गुरुग्राम ऐसा महसूस होता है जैसे किसी बेहद अमीर व्यक्ति के बिगड़े बेटे ने अपनी पसंद से शहर बसाया हो। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि बिना सही प्लानिंग के सब कुछ इधर-उधर जोड़कर शहर खड़ा कर दिया गया।

रोज का सफर बना सबसे बड़ी परेशानी

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में रोजाना यात्रा करना बेहद थकाने वाला अनुभव है। खराब सड़कें, लंबा ट्रैफिक और लगातार चल रहे निर्माण कार्य लोगों की दिनचर्या को मुश्किल बना देते हैं। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “अच्छी बात बस इतनी है कि यहां रहकर आपकी टॉलरेंस काफी बढ़ जाती है।”

View this post on Instagram

A post shared by Sakshi (@sowhat_sakshi)

लोग के रिएक्शन

वीडियो पर हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने कहा कि “गुरुग्राम अदरक की तरह हर जगह उग आया है” वाली तुलना शहर की सबसे सटीक तस्वीर पेश करती है। कुछ लोगों ने खराब सड़कों, धूल और स्ट्रीट लाइट की कमी का जिक्र किया, जबकि एक यूजर ने लिखा कि वह इस शहर में हमेशा के लिए फंस गया है। वहीं, बेंगलुरु के एक यूजर ने मजाक में कहा कि “एक बार बेंगलुरु आ जाओ, फिर गुरुग्राम अच्छा लगने लगेगा।”

साड़ी में छिपा है राखी का प्यार, बहन को गिफ्ट करें सॉफ्ट बनारसी सिल्क साड़ी इस बार!

Delhi Weather Today: 5 साल में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद राजधानी में बदलेगा मौसम, तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश के आसार, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

Delhi Weather Today: दिल्ली में आज पूरे दिन बादल छाए रहे सकते हैं, साथ ही शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात दर्ज किए जाने के बाद शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें आंधी-तूफान, तेज हवाओं और थोड़ी देर बारिश की चेतावनी दी गई है।

IMD के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 36°C से 38°C और न्यूनतम तापमान 28°C से 30°C के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय 20–25 किमी/घंटा की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बाद में धीमी होकर 10–15 किमी/घंटा रह जाएंगी।

आंधी-तूफान के लिए येलो अलर्ट

IMD ने अनुमान लगाया है कि कुछ जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की संभावना है। साथ ही, 20-30 किमी/घंटा की गति तेज जमीनी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसा खासकर सुबह और दोपहर से पहले के समय में होगा। हालांकि, पूरे शहर में बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन कुछ जगहों पर होने वाली बारिश से मौजूदा गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिल सकती है।

शहर में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात रही

यह अनुमान दिल्ली में पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात दर्ज किए जाने के एक दिन बाद आया है। बता दें कि सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग चार डिग्री ज्यादा था। वहीं, शुक्रवार को अधिकतम तापमान भी 38.8°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 3.6 डिग्री ज्यादा था। बीच-बीच में बादल छाए रहने के बावजूद गर्मी और उमस बनी रही।

यात्रियों के लिए सलाह

मौसम को देखते हुए IMD ने एडवाइजरी करते हुए लिखा, कुछ इलाकों में थोड़ी देर की बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और ट्रैफिक में थोड़ी रुकावट आ सकती है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा करते समय छाता साथ रखें और तूफान के दौरान पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण लेने से बचें।

यह भी पढ़ें: कल का मौसम 18 जुलाई: IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

भारत का दिल यूं ही नहीं कहलाता मध्य प्रदेश, ये 10 डेस्टिनेशन शिमला-मनाली से भी हैं खूबसूरत!

मध्य प्रदेश में जुलाई से अक्टूबर का समय घूमने के लिए सबसे खूबसूरत माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मानसून की वजह से सूखे पहाड़, जंगल और घाटियां हरे-भरे हो जाते हैं। झरनों में पानी भर जाता है और नेचुरल नजारे बेहद शानदार दिखाई देते हैं। मध्य प्रदेश को ‘भारत का दिल’ कहा जाता है और इसकी वजह सिर्फ इसकी जियोग्राफिकल लोकेशन नहीं, बल्कि इसकी अनोखी पहचान भी है। यहां प्राचीन धरोहरों से लेकर घने जंगल, आध्यात्मिक जगह और प्राकृतिक नज़ारे हर तरह के टूरिस्ट को अट्रैक्ट करते हैं। यहां ऐसी जगहें हैं जहां इस मौसम में नेचर का सबसे सुंदर रूप देखने को मिलता है:

रंग-बिरंगी संस्कृति और झीलों का अट्रैक्शन

222 Upper Lake Bhopal Stock Photos - Free & Royalty-Free Stock Photos from Dreamstime

मध्य प्रदेश प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपनी कल्चरल डाइवर्सिटी के लिए भी जाना जाता है। यहां की झीलें, हरियाली और शांत वातावरण टूरिस्ट को खास अट्रैक्ट करते हैं। राज्य में हिंदी के अलावा कई भाषाएं बोली जाती हैं। यही डाइवर्सिटी मध्य प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से बेहद खास बनाती है।

1. Pachmarhi, पचमढ़ी – सतपुड़ा की रानी

जटा शंकर गुफाएं, पचमढ़ी, मध्य प्रदेश पर्यटन 2021 | गुफाएं, शिव, जटा शंकर गुफाएं की तस्वीरें - TripInvites - TripInvites

मध्य प्रदेश का सबसे पॉपुलर हिल स्टेशन पचमढ़ी मानसून में बेहद खूबसूरत हो जाता है। चारों तरफ हरियाली, बादलों से ढकी पहाड़ियां और बहते झरने इसे एक शानदार नेचुरल जगह बनाते हैं। यहां बी फॉल, अप्सरा विहार वॉटरफॉल और जटाशंकर गुफा जैसे जगह घूमने लायक हैं। जुलाई से अक्टूबर के बीच यहां की पहाड़ियां हरे रंग की चादर ओढ़ लेती हैं।

 

2. Bhedaghat, भेड़ाघाट – संगमरमर की चट्टानों और झरनों का नजारा

भेड़ाघाट का धुंआधार जलप्रपात - Khabar Lahariya (खबर लहरिया)

जबलपुर के पास भेड़ाघाट अपनी सफेद संगमरमर की चट्टानों और धुआंधार वॉटरफॉल के लिए पॉपुलर है। बारिश के मौसम में नर्मदा नदी का बहाव बढ़ जाता है और धुआंधार झरना बेहद शक्तिशाली दिखाई देता है। यहां नाव की सवारी करते हुए दोनों ओर ऊंची संगमरमर की चट्टानों का व्यू बेहद अट्रैक्टिव लगता है।

3. Tamia, तामिया – छिपा हुआ हरा-भरा हिल स्टेशन

Tamia in Chhindwara is a peaceful place offering everything from trekking to picnics find out how to get there- भीड़ से दूर सुकून चाहिए... तामिया है सबसे खूबसूरत जगह, ट्रेकिंग से लेकर

तामिया मध्य प्रदेश की कम भीड़ वाली खूबसूरत जगहों में से एक है। मानसून में यहां की घाटियां, जंगल और पहाड़ियां पूरी तरह हरी हो जाती हैं। पातालकोट घाटी के शानदार दृश्य यहां का मेन अट्रैक्शन हैं। बादलों से ढकी घाटियां और शांत वातावरण इसे नेचर लवर के लिए खास बनाते हैं।

 

4. Kapildhara Waterfall, कपिलधारा वॉटरफॉल – अमरकंटक का खूबसूरत झरना

KapilDhar-WaterFall – मराठवाडा टुरिझम डेव्हलपमेंट चेंबर

अमरकंटक एरिया में कपिलधारा वॉटरफॉल बारिश के मौसम में अपने पूरे रूप में दिखाई देता है। ऊंचाई से गिरता पानी और आसपास फैली हरियाली मन को अट्रैक्ट करती है। जुलाई से अक्टूबर के बीच यहां का वातावरण बेहद ठंडा और सुहावना रहता है।

 

5. Raneh Falls, रानेह फॉल्स – रंग-बिरंगी चट्टानों के बीच झरना

Discover the Raneh Fall from Khajuraho (Guided Halfday Sightseeing Tour by Car) (with Reviews)

खजुराहो के पास स्थित रानेह फॉल्स बारिश के मौसम में देखने लायक होता है। यहां केन नदी गहरी घाटी से होकर बहती है और आसपास अलग-अलग रंगों की ग्रेनाइट चट्टानें दिखाई देती हैं। मानसून के समय पानी का फ्लो बढ़ जाता है और पूरा क्षेत्र नेचुरल ब्यूटी से भर जाता है।

 

हजारों साल पुरानी धरोहरों की पहचान

Madhya Pradesh | District Portal

मध्य प्रदेश का गौरवशाली इतिहास इसकी प्राचीन इमारतों, मंदिरों और स्मारकों में आज भी जीवित है। यहां मौजूद सदियों पुराने मंदिर अपनी यूनिक क्राफ्टमैनशिप और आर्किटेक्टर के लिए दुनियाभर में पॉपुलर हैं। बारीक नक्काशी, ऐतिहासिक किले और प्राचीन धरोहरें इस राज्य की समृद्ध विरासत को दिखाती हैं। इतिहास में इंटरेस्ट रखने वालों के लिए यह राज्य किसी खजाने से कम नहीं है।

 

6. Orchha, ओरछा – नदी, जंगल और नेचुरल ब्यूटी

Chaturbhuj Temple Orchha: A Divine Architectural Marvel | Incredible India

ओरछा अपने ऐतिहासिक महलों और मंदिरों के लिए पॉपुलर है, लेकिन बारिश के मौसम में यहां की नेचुरल ब्यूटी भी देखने लायक होती है। बेतवा नदी का बहाव, आसपास की हरियाली और शांत वातावरण इसे मानसून ट्रिप के लिए शानदार जगह बनाते हैं। यहां हिस्ट्री और नेचर दोनों का आनंद लिया जा सकता है।

 

7. Tincha Waterfall, तिंचा वॉटरफॉल – इंदौर के पास मानसून का पसंदीदा स्थान

Rahatgarh Waterfalls Bhalkund Jalprapat in Rahatgarh,Sagar - Best Tourist Attraction near me in Sagar - Justdial

इंदौर के पास तिंचा फॉल्स बारिश के मौसम में बेहद अट्रैक्टिव हो जाता है। पहाड़ियों के बीच से गिरता पानी और आसपास की हरियाली यहां का मेन अट्रैक्शन है। यह जगह दोस्तों और परिवार के साथ एक दिन की ट्रिप के लिए काफी पॉपुलर है।

 

8. Patalpani Waterfall, पातालपानी वॉटरफॉल – झरने और पहाड़ियों का संगम

पाताल पानी जलप्रपात, मध्य प्रदेश पाताल पानी एक बेहद खूबसूरत जलप्रपात है और इंदौर के पास स्थित एक प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट है। इस जलप्रपात की ...

इंदौर के पास पातालपानी झरना मानसून में अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है। ऊंचाई से गिरता पानी, आसपास के जंगल और पहाड़ी रास्ते इसे अट्रैक्टिव बनाते हैं। बारिश के समय यहां का वातावरण काफी हरा-भरा हो जाता है।

 

बाघों का सबसे बड़ा ठिकाना

Madhya Pradesh Declared "Tiger State" of India and Shortlisted for Two Prestigious Travel and Awards

भारत में सबसे ज्यादा बाघ मध्य प्रदेश में पाए जाते हैं, इसलिए इसे ‘टाइगर स्टेट ऑफ इंडिया’ कहा जाता है। यहां के घने जंगल और रिच बायोडाइवर्सिटी वाइल्डलाइफ के लिए अच्छा घर हैं। राज्य के नेशनल पार्क बाघों के साथ-साथ कई रेयर वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन के लिए भी पॉपुलर हैं। हर साल लाखों टूरिस्ट जंगल सफारी का रोमांच और बाघों की एक झलक पाने यहां पहुंचते हैं।

 

 

घूमने का सबसे अच्छा समय

जुलाई–सितंबर: झरनों और हरियाली का सबसे शानदार समय

अक्टूबर: मौसम सुहावना, ट्रेकिंग और घूमने के लिए परफेक्ट

बारिश के समय पहाड़ी इलाकों में जाते समय फिसलन और तेज बहाव वाले पानी से सावधानी रखना जरूरी है।

उड़ते हुए मच्छर का कर लेता है हवा में ही शिकार, मच्छरों का काम तमाम करने वाला 40 ग्राम का छोटू ड्रोन आया!

घर में उड़ते मच्छरों और उनसे होने वाली खतरनाक बीमारियों से हर कोई परेशान रहता है। इनसे छुटकारा पाने के लिए लोग तरह-तरह के केमिकल रिपेलेंट्स, कॉइल्स और लिक्विड का इस्तेमाल करते हैं। ये सभी सेहत के लिए नुकसानदेह भी होते हैं। पर अब टेक्नोलॉजी की दुनिया से आपकी इस शास्वत समस्या के इलाज के लिए एक बेहद अनोखी और क्रांतिकारी जानकारी सामने आई है। फ्रांस के एक स्टार्टअप ने एक ऐसा छोटा और अनोखा ऑटोनॉमस माइक्रोड्रोन तैयार किया है जो हवा में उड़ते हुए मच्छरों को ढूंढकर उनका शिकार कर लेता है। हवा में उड़ते कीड़ों को ट्रैक कर उसे मार गिराने वाले इस अनोखे और हथेली के आकार के ड्रोन का वीडियो सामने आने के बाद यह दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है।

सिर्फ 40 ग्राम का प्रोटोटाइप और कमाल की तकनीक

इस कमाल की तकनीक को फ्रांस के स्टार्टअप टॉर्नयॉल ने तैयार है। यह एक माइक्रोड्रोन प्रोटोटाइप है। इसका वजन महज 40 ग्राम है और यह इंसान की हथेली के आकार का है। इस ड्रोन को बनाने का मुख्य उद्देश्य मलेरिया, डेंगू और जिका जैसी जानलेवा बीमारियों को फैलाने वाले मच्छरों की आबादी को बिना किसी केमिकल के खत्म करना है। कंपनी का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी अभी सिर्फ टेस्टिंग स्टेज में है और व्यावसायिक रूप से बाजार में उतारने के लिए अभी पूरी तरह तैयार नहीं है।

बिना कैमरे के करता है शिकार: जानिए कैसे काम करता है यह ड्रोन?

आमतौर पर ड्रोन किसी भी चीज को देखने के लिए कैमरों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन टॉर्नयॉल का यह ड्रोन काफी अलग और एडवांस है। यह ड्रोन मुख्य रूप से कैमरों पर निर्भर नहीं है। इसके बजाय यह कारों में मिलने वाले पार्किंग सेंसर की तरह अल्ट्रासोनिक सोनार तकनीक का इस्तेमाल करता है। यह ड्रोन उड़ते समय लगातार अल्ट्रासोनिक तरंगें छोड़ता है और फिर लौटकर आने वाली गूंज को अपने छोटे-छोटे माइक्रोफोन्स के जरिए रिसीव कर उसका विश्लेषण करता है।

पंखों की फड़फड़ाहट से पहचान

मच्छरों और दूसरे कीड़ों के उड़ने के दौरान उनके पंखों की फड़फड़ाहट से एक अनोखा डॉपलर पैटर्न बनता है। यह ड्रोन का सिस्टम उस पैटर्न को मापता है और यह सुनिश्चित करता है कि सामने उड़ने वाला कीड़ा मच्छर ही है। इसके बाद यह हवा में सीधे टारगेट से टकराता है और उसे मार गिराता है।

लैब टेस्ट में मिली पहली बड़ी सफलता

हाल ही में कंपनी द्वारा किए गए एक लाइव प्रदर्शन में इस ड्रोन ने एक कंट्रोल्ड इनडोर वातावरण के भीतर उड़ते हुए एक पतंगे खुद से खोजा, उसे ट्रैक किया और हवा में ही मार गिराया। स्टार्टअप ‘टॉर्नयॉल’ के मुताबिक किसी माइक्रोड्रोन द्वारा हवा में उड़ते हुए कीड़े को बिना इंसानी हस्तक्षेप के मार गिराने का यह दुनिया का पहला सफल प्रदर्शन है।

हालांकि ने स्वीकार किया है कि इस सफल प्रदर्शन के दौरान बाहरी मोशन ट्रैकिंग और ऑफबोर्ड कंप्यूटिंग का उपयोग किया गया था। ड्रोन के भीतर ही पूरी प्रोसेसिंग की क्षमता विकसित करने पर अभी काम चल रहा है।

नर और मादा मच्छर में भी कर सकेगा फर्क!

टॉर्नयॉल स्टार्टअप इस तकनीक को और भी एडवांस बनाने पर काम कर रहा है। कंपनी का मानना है कि भविष्य के वर्शन्स इतने एडवांस होंगे जो पंखों की फड़फड़ाहट की आवाज से न सिर्फ मच्छरों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान कर सकेंगे, बल्कि नर और मादा मच्छर के बीच भी अंतर कर पाएंगे। कंपनी का लक्ष्य भविष्य में ऐसे छोटे-छोटे ऑटोनॉमस ड्रोन के बेड़े तैयार करना है, जो अपने चार्जिंग स्टेशनों से खुद उड़ान भरकर घरों, बगीचों और पूरे पड़ोस में लगातार गश्त करेंगे और मच्छरों का सफाया करेंगे।

कंपनी का दावा है कि इस सिस्टम से मच्छरों के नियंत्रण पर आने वाला खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा। हालांकि इस दावे को अभी तक किसी इंडिपेंडेंट एजेंसी ने वेरिफाई नहीं किया है।

ये चुनौतियां अभी भी बनी हैं रुकावट

वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से केमिकल कीटनाशकों के विकल्प तलाश रहे हैं क्योंकि मच्छरों में इन रसायनों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक अकेले साल 2024 में दुनिया भर में मलेरिया के कारण लगभग 610000 लोगों की मौत हुई थी। इस खतरनाक आंकड़े के बीच यह तकनीक उम्मीद की किरण तो है लेकिन इसके सामने कई चुनौतियां भी हैं। यह ड्रोन अभी तक सिर्फ बंद और नियंत्रित इनडोर वातावरण में ही टेस्ट किया गया है। इसे बाहरी वातावरण में सुरक्षित रूप से उड़ाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि बाहर चलने वाली हवा, बारिश और दूसरी मौसमी वजहें ड्रोन की उड़ान और कीड़ों को डिटेक्ट करने की क्षमता को काफी प्रभावित करते हैं। पूरी प्रोसेसिंग को ड्रोन के छोटे से शरीर के भीतर ही समाहित करना अभी बाकी है।

कल का मौसम 18 जुलाई: IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट दिया, 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से कई इलाकों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के आसमान पर 5 एक्टिव मौसमी सिस्टम (एक लो प्रेशर एरिया, एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, दो अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ) सक्रिय हैं। ये देश के मौसम को पूरी तरह से नियंत्रित कर रहे हैं। इनके चलते देश के 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 18 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा:-

सिक्किम और उप-हिमालयी बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 18 जुलाई को देश के पूर्वोत्तर और हिमालयी इलाकों में बारिश सबसे घातक रूप ले सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की गंभीर आशंका जताई गई है।

इन 4 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने नीचे दिए गए 5 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

उत्तराखंड: देवभूमि में पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के बीच 18 जुलाई को कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इस राज्य में मानसून की सक्रियता के चलते कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

अरुणाचल प्रदेश: यहां के पर्वतीय और तलहटी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

यूपी, बिहार और एमपी समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

18 जुलाई को देश के कुल 11 राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है:-

उत्तर प्रदेश (पूर्वी): पूर्वी यूपी के इलाकों में मानसून सक्रिय रहेगा और यहां भारी बारिश होने की संभावना है।

बिहार और झारखंड: इन दोनों पड़ोसी राज्यों में बादल जमकर बरसेंगे और कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

पूर्वी मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

ओडिशा: यहां भी मानसून की सक्रियता के चलते अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

केरल और माहे: दक्षिण भारत के केरल और माहे क्षेत्र में भारी बारिश हो सकती है।

कर्नाटक: कर्नाटक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

थंडरस्क्वाल और आंधी-तूफान की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और बिजली कड़कने का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ थंडरस्क्वाल आने की आशंका है। हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की प्रबल आशंका है। बिहार, विदर्भ, गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, रायलसीमा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

कपकतर

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में कल गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ इलाकों में कल काफी तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उमस का कहर जारी रहेगा

एक तरफ जहां देश का एक बड़ा हिस्सा बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझेगा, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

ये भी पढे़ं- Viral News: राजस्थान का यह मंदिर क्यों कहलाता है कारोबारियों का ‘बिजनेस पार्टनर’? हर महीने चढ़ते हैं 30-40 करोड़ रुपये दान

Stock Market Rally: शाइनिंग शुक्रवार, सेंसेक्स 965 अंक चढ़कर बंद; निफ्टी 24300 के पार, निवेशकों पर ₹81698 करोड़ की बारिश

शेयर बाजार में शुक्रवार, 17 जुलाई को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और यह काफी अच्छी रही। हरे निशान में ओपनिंग के बाद सेंसेक्स दिन में पिछली क्लोजिंग से 1,095.68 अंक तक उछला। इसने 78,282.55 का मार्क छुआ। आईटी स्टॉक्स, बैंकिंग स्टॉक्स, ऑटो स्टॉक्स, रियल्टी स्टॉक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज व जियो फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे शेयरों में तेजी के दम पर सेंसेक्स बाद में 964.58 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी बढ़त में खुला और फिर दिन में पिछली क्लोजिंग से 294.55 अंक उछलकर 24,367.30 के हाई तक गया। बाद में यह 261.55 अंकों की बढ़त के साथ 24,334.30 पर सेटल हुआ।

इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 81,697.82 करोड़ रुपये बढ़ गया। गुरुवार, 16 जुलाई को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,80,10,512.78 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह बढ़कर 4,80,92,210.60 करोड़ रुपये हो गया।

market cap new1

एक दिन पहले क्या रहा था मार्केट का हाल

गुरुवार को सेंसेक्स लगभग फ्लैट रहा था। सेंसेक्स 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186.87 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 5.75 अंक गिरकर 24,072.75 पर बंद हुआ था। आईटी, कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में तेजी रही थी।

रुपये की चाल

17 जुलाई को रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 96.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 17 पैसे की गिरावट के साथ 96.42 पर बंद हुआ था। पश्चिम एशिया में नए तनाव के बाद डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी ने घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी को बढ़ावा दिया, जिससे स्थानीय मुद्रा पर दबाव पड़ा।

वैश्विक बाजारों की चाल

वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में गिरावट है। निक्केई 225 लगभग 5 प्रतिशत नीचे है। हेंग सेंग 2 प्रतिशत, शंघाई वेटेड 3 प्रतिशत और ताइवान वेटेड 7 प्रतिशत गिरा है। जकार्ता कंपोजिट में 1 प्रतिशत की तेजी है। अमेरिकी बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

5 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने से अगले 7 दिन भारी! IMD ने यूपी-बिहार, उत्तराखंड समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Alert: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में 5 बड़े चक्रवाती सिस्टम और वेदर प्रणालियां सक्रिय हैं। इनके संयुक्त प्रभाव के कारण अगले 7 दिन देश के कई राज्यों के लिए बेहद भारी रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में अगले 7 दिनों के दौरान मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

क्यों एक्टिव हैं 5 चक्रवाती सिस्टम?

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक वायुमंडल में एक साथ कई शक्तिशाली वेदर सिस्टम सक्रिय हैं, जो मानसून को अत्यधिक तीव्र बना रहे हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया’ कमजोर होकर अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 17 जुलाई को गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे झारखंड व उत्तरी ओडिशा के ऊपर है, जो अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे और कमजोर होगा।

एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के रूप में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर उत्तरी पाकिस्तान और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर सक्रिय है। इसके अलावा हरियाणा, असम के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम एक्टिव हैं। उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र से लेकर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसके अलावा मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है और पूर्वी सिरा निचले क्षोभमंडल स्तर में अपनी सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

अत्यंत भारी और मूसलाधार बारिश की चेतावनी (17-19 जुलाई)

इन मौसमी प्रणालियों के चलते देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। 17 जुलाई को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। राज्य में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 जुलाई और 20 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहेगी।

अगले 7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल)

पश्चिमी यूपी में 17-18 जुलाई और पूर्वी यूपी में 17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी। इसके बाद 19 से 23 जुलाई के दौरान पश्चिमी यूपी में और 18 से 23 जुलाई के दौरान पूर्वी यूपी में अधिकांश स्थानों पर व्यापक बारिश होगी। 19 से 21 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 20 से 22 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। 18 जुलाई, 22 और 23 जुलाई को पूर्वी यूपी में और 19 व 23 जुलाई को पश्चिमी यूपी में भारी बारिश की संभावना है।

उत्तराखंड में 17 से 23 जुलाई तक और हिमाचल प्रदेश में 18 से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश का दौर चलेगा। उत्तराखंड में 18 से 21 जुलाई के बीच और हिमाचल प्रदेश में 19 से 22-जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा उत्तराखंड में 17 जुलाई, 22 और 23 जुलाई को तथा हिमाचल में 18 व 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर में 19 से 23 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी, जिसमें 20 से 22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश भी हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 17-19 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश और फिर 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 17-23 जुलाई और पश्चिमी राजस्थान में 18-23 जुलाई के बीच छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और बंगाल)

बिहार में आज 17 जुलाई और 22-23 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी जबकि 18 से 21 जुलाई के दौरान राज्य में व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 19 और 20 जुलाई को बिहार में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 17-18 जुलाई और 21-23 जुलाई को भारी बारिश की भी संभावना है। इन दोनों क्षेत्रों में 17 से 23 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। झारखंड में 17 से 20 जुलाई तक और गांगेय पश्चिम बंगाल में आज भारी बारिश की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 17 से 20 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। इस दौरान 17-18 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश में और 17-19 जुलाई के दौरान असम व मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की आशंका है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 17 से 22 जुलाई के बीच व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

मध्य और पश्चिम भारत (एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र)

पूर्वी मध्य प्रदेश में 17 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 23 जुलाई के बीच व्यापक बारिश होगी। विदर्भ में आज भारी बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में 17 से 23 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आज भारी बारिश होने की उम्मीद है।

दक्षिण भारत (कर्नाटक, केरल और तेलंगाना)

तटीय कर्नाटक में 17 से 23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी, जबकि केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (17 जुलाई) बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में आज भारी बारिश की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और कड़कड़ाती हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ ही मौसम विभाग ने कई राज्यों में आंधी-बवंडर का भी अलर्ट दिया है। जम्मू-कश्मीर (17-23 जुलाई), मध्य प्रदेश (17-21 जुलाई), झारखंड (17-21 जुलाई), मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा (17-19 जुलाई), उत्तरी आंतरिक कर्नाटक (17-19 जुलाई), तटीय आंध्र प्रदेश व यानम (17-21 जुलाई), रायलसीमा (17 जुलाई), गोवा (17 जुलाई) और तेलंगाना (19-23 जुलाई) में तेज आंधी के साथ बिजली गिरने की आशंका है। गांगेय पश्चिम बंगाल में भी आज ऐसी ही स्थिति रहेगी। तेलंगाना में 17 और 18 जुलाई को अत्यंत तीव्र थंडरस्क्वाल आने की चेतावनी है।

बिहार, अंडमान और निकोबार, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 17 से 21 जुलाई के बीच और केरल व माहे में 17-19 जुलाई के बीच तेज हवाएं चलेंगी। तटीय कर्नाटक, रायलसीमा, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आने वाले दिनों में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

उमस और गर्म मौसम

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मूसलाधार बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ इलाकों में बारिश की कमी के कारण उमस परेशान करेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी कम रहेंगी। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी अगले 3 दिनों तक बारिश की रफ्तार धीमी रहेगी।

इसके प्रभाव से आज 17 जुलाई को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने वाला है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के लोगों को 18 जुलाई को भी इस उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: Rain Alert: 4 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! यूपी से लेकर बिहार और बंगाल तक आज भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट दिया

Weather Update 17 July : यूपी-बिहार में आंधी-पानी का तांडव, दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट; IMD की बड़ी चेतावनी

Heavy rain alert for 12 states including UP, Bihar and Delhi

सावधान! मौसम विभाग ने यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी अगले 48 घंटों में घर से बाहर निकलने या किसी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण देश के एक बड़े हिस्से में अगले दो दिन आफत भरे साबित हो सकते हैं।
 

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित 12 से 17 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 60 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

 

यूपी और बिहार में बारिश कब होगी? (17 July Update)

उत्तर प्रदेश और बिहार में पिछले कुछ दिनों की उमस भरी गर्मी के बाद आज यानी 17 जुलाई से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।

 

उत्तर प्रदेश : लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज सहित पूर्वी व पश्चिमी यूपी के 40 से अधिक जिलों में आज रात से तेज आंधी के साथ भारी बारिश की संभावना है। IMD ने कुछ इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

ALSO READ: Weather Update News : दिल्ली में लौटी उमस, MP समेत इन राज्‍यों में धीमा हुआ मानसून, यहां भारी बारिश का अलर्ट

बिहार : बिहार में मानसून की ट्रफ लाइन सक्रिय होने से पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया समेत कई जिलों में 'आंधी-पानी का तांडव' देखने को मिल सकता है। उत्तर बिहार के जिलों में नेपाल से आने वाली नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।

 

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम? (Delhi NCR Weather Forecast)

राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बादलों का डेरा जमा हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। तेज बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। वीकेंड पर यात्रा करने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ALSO READ: Weather Update : उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश पर लगा ब्रेक, इन राज्‍यों में बढ़ा तापमान, जानें देशभर का मौसम

भारी बारिश वाले राज्यों की पूरी सूची (Heavy Rainfall States List)

मौसम विभाग ने जिन राज्यों में अगले 48 घंटों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनकी सूची इस प्रकार है :

राज्य अलर्ट का प्रकार (Alert Type) मुख्य प्रभाव (Key Impact)

उत्तर प्रदेश और बिहार ऑरेंज अलर्ट 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं और मूसलाधार बारिश

दिल्ली-NCR और हरियाणा यलो से ऑरेंज अलर्ट गरज-चमक के साथ तेज बौछारें, जलभराव की आशंका

झारखंड और पश्चिम बंगाल रेड अलर्ट अत्यंत भारी बारिश और बिजली गिरने (व्रजपात) की चेतावनी

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ऑरेंज अलर्ट पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) और फ्लैश फ्लड का खतरा

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ यलो अलर्ट मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा

ALSO READ: Weather Update : उत्तर भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून हुआ कमजोर, दिल्ली-NCR में बढ़ी गर्मी, यहां हो रही मूसलाधार बारिश

IMD की विशेष सुरक्षा गाइडलाइंस (व्रजपात/बिजली गिरने पर क्या करें) :

1. भारी बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों।

2. यदि आप यात्रा कर रहे हैं, तो अपने वाहन के अंदर ही रहें; कार या बस की धातु की बॉडी सुरक्षा कवच का काम करती है।

3. घरों के अंदर रहते समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल करने से बचें।
 

नदियों के तटीय इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने के लिए कहा गया है।

मौसम की पल-पल की लाइव रिपोर्ट और अपने शहर के सटीक तापमान के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।