‘सलवार उतारना, सीने को दबाना ‘रेप अटेम्प्ट’ नहीं’, पटना HC के इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट नाराज

Supreme Court: पटना हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में माना था कि किसी महिला की सलवार उतारने की कोशिश करना और उसकी छाती दबाकर छेड़छाड़ करना ‘रेप की कोशिश’ (attempt to rape) नहीं माना जाएगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने अब हाई कोर्ट के इस हालिया फैसले पर गंभीर चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की और संकेत दिया कि अदालत पटना हाई कोर्ट के आदेश पर समीक्षा करके एक विस्तृत आदेश जारी करेगी।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट को मंगलवार को सुनवाई के दौरान एक वकील ने पटना हाईकोर्ट के इस फैसले की जानकारी दी। यह सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले को लेकर शुरू किए गए स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) मामले में हो रही थी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नाबालिग लड़की के स्तन पकड़ना, उसके पजामे का नाड़ा खोलना और उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना ‘रेप की कोशिश’ के अपराध के दायरे में नहीं आता है।

सुनवाई के दौरान, बेंच ने नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी की एक्सपर्ट कमिटी की उस रिपोर्ट को मंजूरी दी, जिसमें यौन अपराधों के मामलों में न्यायिक संवेदनशीलता से जुड़ी गाइडलाइंस दी गई थीं।

इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने देश की सभी अदालतों को भी निर्देश दिया कि वे उसके द्वारा मंज़ूर की गई हैंडबुक/गाइडलाइंस में इस्तेमाल की गई बातों का सख्ती से पालन करें।

जानकारी के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी को निर्देश दिया था कि वह यौन अपराधों के मामलों में न्यायिक कार्यवाही के दौरान संवेदनशीलता और सहानुभूति लाने के लिए व्यापक गाइडलाइंस का ड्राफ्ट तैयार करे।

कोर्ट ने कहा था कि ऐसे नियम भारत के सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप होने चाहिए, न कि विदेशी कानूनों से लिए गए हों।

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कल का मौसम 16 जुलाई: 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे भारी बारिश, आंधी-तूफान! IMD ने बंगाल से बिहार तक ये अलर्ट दिया

Mausam Update: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के मौसम को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय एक कम दबाव का क्षेत्र और 5 से अधिक सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान चलने का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे कौन से वैज्ञानिक कारण हैं और आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज…

देश में ये वेदर सिस्टम एक्टिव

आईएमडी के बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके अगले 2 दिनों के दौरान और अधिक मजबूत होने के साथ उत्तरी ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

ये हैं 5 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ही ऊपर 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक अन्य उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

पूर्वी असम और उसके पड़ोस में 1.5 किमी की ऊंचाई पर और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ

मानसून की ट्रफ लाइन इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहाँपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके साथ ही 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।

16 जुलाई को कहां होगी सबसे भारी बारिश?

16 जुलाई को देश के तीन राज्यों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है:

गांगेय पश्चिम बंगाल

ओडिशा

अरुणाचल प्रदेश

इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बादलों की भारी गर्जना के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है:-

बिहार और झारखंड

उत्तराखंड

छत्तीसगढ़

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की दोहरी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में 16 जुलाई को तेज बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

कुछ राज्यों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी का सितम

एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ राज्यों को कल भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

An image showing the allergic reaction in the skin caused by a mosquito bite

Mosquito Bite Scientific Reason: मच्छर का काटना केवल एक छोटी सी सुई चुभने जैसा होता है, लेकिन उसके कुछ ही सेकंड बाद होने वाली तेज खुजली और लाल निशान हमें परेशान कर देते हैं। अधिकांश मामलों में यह समस्या कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन यदि गंभीर एलर्जी, संक्रमण या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।ALSO READ: Monsoon health tips: सावधान! बारिश में बीमारियों के खतरे से कैसे बचाएं खुद को, ये लक्षण दिखें तो ना करें नजरअंदाज

 

आइए इसके पीछे छिपे बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक कारण और इससे राहत पाने के आसान घरेलू व डॉक्टरी उपचारों को समझते हैं।

 

मच्छर का काटना, वैज्ञानिक कारण

जब कोई मादा मच्छर (सिर्फ मादा मच्छर ही खून पीती हैं) हमारी त्वचा पर बैठती है, तो वह खून चूसने के लिए अपनी सूंड (Proboscis) को त्वचा में डालती है। इस प्रक्रिया के दौरान असली कारण शुरू होता है:

 

लार का प्रवेश (Saliva Injection): मच्छर की लार में विशेष प्रकार के प्रोटीन और थक्कारोधी (Anticoagulants) तत्व होते हैं। यह लार खून को जमने से रोकती है ताकि मच्छर बिना किसी रुकावट के आसानी से खून चूस सके। जैसे ही यह बाहरी लार हमारे शरीर में प्रवेश करती है, हमारा इम्यून सिस्टम इसे एक हमलावर मानकर तुरंत सक्रिय हो जाता है। इस लार से लड़ने के लिए हमारा शरीर 'हिस्टामाइन' नाम का एक रसायन छोड़ता है।

 

सूजन और खुजली: हिस्टामाइन के कारण प्रभावित हिस्से के आसपास की रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं। इससे वहां खून का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे त्वचा लाल हो जाती है, सूज जाती है और वहां की नसें मस्तिष्क को खुजली का संकेत भेजने लगती हैं।

 

मच्छर के काटने पर क्या करें और क्या न करें?

सबसे जरूरी नियम: मच्छर के काटने वाली जगह को कभी भी जोर से न खुजलाएं। खुजलाने से त्वचा की ऊपरी परत छिल सकती है, जिससे बैक्टीरिया का संक्रमण यानी इंफेक्शन (Infection) होने का खतरा बढ़ जाता है और निशान भी गहरा हो जाता है।ALSO READ: Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

 

* खुजली और सूजन दूर करने के आसान उपचार

यदि मच्छर ने काट लिया है और तेज खुजली हो रही है, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से तुरंत राहत पा सकते हैं:

 

1. घरेलू उपचार

* बर्फ की सिकाई: प्रभावित जगह पर बर्फ का टुकड़ा कपड़े में लपेटकर 5 से 10 मिनट रखें। ठंडा तापमान नसों को सुन्न कर देता है, जिससे हिस्टामाइन का असर कम होता है और सूजन व खुजली तुरंत शांत हो जाती है।

 

एलोवेरा जेल: एलोवेरा में प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी यानी सूजन रोधी गुण होते हैं। इसे काटने वाली जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है।

 

शहद: शहद में प्राकृतिक एंटी-सेप्टिक गुण होते हैं। इसकी एक बूंद प्रभावित जगह पर लगाने से खुजली कम होती है।

 

बेकिंग सोडा पेस्ट: एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे 10 मिनट के लिए लगाएं और फिर धो लें। यह त्वचा के pH स्तर को संतुलित कर आराम देता है।

 

2. मेडिकल उपचार

कैलामाइन लोशन: Calamine Lotion इसे लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है और खुजली तुरंत बंद हो जाती है।

 

एंटीहिस्टामाइन क्रीम: यदि खुजली बहुत ज्यादा हो, तो डॉक्टर की सलाह से ओटीसी हाइड्रोकार्टिसोन (Hydrocortisone) या कोई हल्की एंटीहिस्टामाइन क्रीम  (Antihistamine Cream) लगाई जा सकती है जो हिस्टामाइन के प्रभाव को सीधे रोक देती है।

 

डॉक्टर के पास कब जाएं?

आमतौर पर मच्छर के काटने के निशान 2 से 3 दिनों में खुद ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन यदि आपको काटने वाली जगह पर अत्यधिक दर्द, मवाद/ पस, लगातार बढ़ता लाल घेरा, या फिर बुखार, सिरदर्द और ठंड लगने जैसे लक्षण महसूस हों, तो यह डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

 

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कल का मौसम : अगले 12 घंटों में बदलेगा इन 22 राज्यों का मिजाज! IMD ने जारी किया भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

Weather conditions in these 22 states set to change over next 12 hours, IMD issues alert for heavy rain   and thunderstorms

देशभर में मॉनसून एक बार फिर से बेहद आक्रामक रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दोपहर ताजा बुलेटिन जारी करते हुए अगले 12 से 24 घंटों के भीतर देश के 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी कल यानी 16 जुलाई को किसी जरूरी काम या यात्रा के लिए घर से बाहर निकलने वाले हैं, तो पहले अपने शहर और राज्य के मौसम का हाल जरूर जान लें।

 

बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हुआ नया सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) सक्रिय हो गया है। सैटेलाइट तस्वीरों से साफ दिख रहा है कि समंदर से भारत के मैदानी इलाकों की तरफ बादलों का एक विशाल 'व्हाइट जोन' तेजी से बढ़ रहा है।

 

इस सिस्टम के कारण मॉनसून की ट्रफ लाइन (Monsoon Trough) अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गई है, जिससे मध्य, उत्तर और पश्चिमी भारत में भारी नमी वाली हवाएं टकरा रही हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 12 घंटों के भीतर इन हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

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किन 22 राज्यों में है भारी बारिश की चेतावनी?

IMD द्वारा जारी आधिकारिक चेतावनी के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान भारत के तीन बड़े हिस्सों में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है :

 

1. उत्तर और मध्य भारत (North & Central India)

दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश : दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद सहित पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में कल सुबह से ही रुक-रुक कर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

 

मध्य प्रदेश और राजस्थान : एमपी के पूर्वी हिस्सों (जैसे जबलपुर, रीवा) और राजस्थान के दक्षिणी जिलों (जैसे उदयपुर, कोटा) में भारी से अत्यंत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहाँ कुछ इलाकों में 120mm तक बारिश दर्ज की जा सकती है।

 

पंजाब और हरियाणा : इन राज्यों के तराई वाले इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश की उम्मीद है।

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2. पश्चिमी और तटीय क्षेत्र (West & Coastal Regions)

महाराष्ट्र और मुंबई : कोंकण और मुंबई के तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और निचले इलाकों में जलजमाव (Waterlogging) की आशंका जताई गई है। मछुआरों को अगले दो दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

 

गुजरात और गोवा : गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में मानसून की सक्रियता बढ़ने से भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है।

 

3. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत (East & Northeast India)

ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार : नए मौसमी सिस्टम का सबसे पहला असर ओडिशा और बंगाल के तटीय जिलों पर दिखेगा। यहां आज रात से ही मूसलाधार बारिश शुरू होने का अनुमान है।

 

असम और मेघालय : पूर्वोत्तर के इन राज्यों में पहाड़ी इलाकों पर भूस्खलन (Landslide) की चेतावनी जारी की गई है।

 

IMD की एडवायज़री : भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें, बिजली के खंभों के पास खड़े न हों और यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय ट्रैफिक व वेदर अपडेट्स की जांच अवश्य कर लें।

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आपके शहर में कल कैसा रहेगा तापमान?

बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में उमसभरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली-NCR में अधिकतम तापमान गिरकर 31°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 3 से 4 डिग्री सेल्सियस नीचे जा सकता है, जिससे मौसम खुशनुमा बना रहेगा।

 

मौसम की पल-पल की लाइव रिपोर्ट और अपने जिले के सटीक पूर्वानुमान के लिए हमारे साथ बने रहें।

उफनती नदी में फंसी Mahindra Thar, युवक ने जान जोखिम में डालकर बचाई 4 लोगों की जिंदगी, देखें पूरा वीडियो

दार्जिलिंग से सामने आई एक घटना ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। यह सिर्फ एक रेस्क्यू की कहानी नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में दिखाई गई बहादुरी और इंसानियत की मिसाल भी है। कुछ ही पलों में हालात इतने बदल गए कि एक सामान्य सफर जानलेवा बन गया। तभी स्थानीय लोगों ने बिना देर किए मदद का हाथ बढ़ाया और एक युवक ने अपनी जान की परवाह किए बिना ऐसा साहस दिखाया, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। घटना का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे मानवता, सूझबूझ और हिम्मत का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं।

मानसून के दौरान नदियों और पहाड़ी इलाकों में बढ़ते जोखिम के बीच यह घटना एक अहम संदेश भी देती है कि मौसम की चेतावनियों को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है, जबकि समय पर की गई मदद कई जिंदगियां बचा सकती है।

पिकनिक का प्लान, लेकिन बीच नदी में फंस गई Thar

मंगलवार शाम दार्जिलिंग के लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट दुधिया (Dudhia) में दो युवक और दो युवतियां अपनी महिंद्रा थार से बालासन नदी पार करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पहाड़ों में हुई तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और SUV बीच धारा में फंस गई।

बढ़ते पानी के बीच छत पर चढ़कर बचाई जान

जब वाहन आगे नहीं बढ़ सका, तो चारों युवक-युवतियां अपनी जान बचाने के लिए Thar की छत पर चढ़ गए। चारों ओर तेज बहाव और लगातार बढ़ते जलस्तर ने स्थिति को बेहद खतरनाक बना दिया।

स्थानीय युवक बना फरिश्ता

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीण मदद के लिए जुट गए। इसी बीच एक स्थानीय युवक बिना अपनी जान की परवाह किए उफनती नदी में कूद पड़ा। तेज बहाव से जूझते हुए वह SUV तक पहुंचा और एक-एक कर सभी को सुरक्षित किनारे तक ले आया।

रेस्क्यू के दौरान बढ़ गई थी मुश्किल

बचाव अभियान के दौरान एक युवती तेज बहाव में कुछ दूर तक बह गई, लेकिन स्थानीय लोगों की सतर्कता और युवक की बहादुरी से उसे भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।

वीडियो हुआ वायरल, लोगों ने बहादुर युवक को किया सलाम

पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग स्थानीय युवक की बहादुरी और निस्वार्थ मदद की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि उसकी सूझबूझ और साहस ने चार परिवारों को बड़ी त्रासदी से बचा लिया।

मौसम विभाग ने पहले ही जारी की थी चेतावनी

इस घटना के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिम बंगाल के कई इलाकों, खासकर दार्जिलिंग के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने और भूस्खलन की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

पहले भी खतरनाक साबित हो चुकी है बालासन नदी

यह पहली बार नहीं है जब मानसून में बालासन नदी ने खतरा पैदा किया हो। पिछले महीने भी नदी का जलस्तर बढ़ने से दुधिया का अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे सिलिगुड़ी और मिरिक के बीच संपर्क प्रभावित हुआ था। यह पुल भी पुराने लोहे के पुल के बह जाने के बाद बनाया गया था।

मानसून में बिना धूप के इन हैक्स से घर में ही सुखाएं कपड़े, नहीं आएगी सीलन की बदबू!

मानसून के मौसम में लगातार बारिश और नमी के कारण कपड़े धोना और सुखाना काफी मुश्किल हो जाता है। कई बार कपड़े देर से सूखने के साथ उनमें सीलन की बदबू भी आने लगती है। ऐसे में कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप कपड़ों को जल्दी सुखाने और उन्हें लंबे समय तक फ्रेश रख सकते हैं:

हैंगर का यूज करें

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टी-शर्ट, शर्ट, कुर्ता और ड्रेस जैसे कपड़ों को रस्सी की बजाय हैंगर पर सुखाने से हवा चारों तरफ से लगती है। इससे कपड़े जल्दी सूखते हैं और उनकी फिटिंग भी बनी रहती है। साथ ही बाद में प्रेस करने की जरूरत भी कम पड़ती है।

मोटे और हल्के कपड़े अलग रखें

बारिश में नहीं सूख रहे कपड़े? अपनाएं ये 5 आसान ट्रिक - How to dry clothes fast in monsoon rainy season best tips for laundry tviss

जींस, तौलिया और कंबल जैसे कपड़ों में नमी ज्यादा रहती है। इन्हें हल्के कपड़ों के साथ सुखाने पर दोनों के सूखने में ज्यादा समय लगता है। इसलिए बेहतर होगा कि इन्हें अलग-अलग सुखाया जाए।

टॉवल से एक्सेस मॉइस्चर हटाएं

Which Bamboo Towel Color Looks Best in Your Bathroom? Sage Green vs Or – Zaruva

अगर कपड़े बहुत ज्यादा गीले हैं, तो उन्हें सूखे टॉवल में लपेटकर हल्के हाथों से दबाएं। टॉवल एक्सेस पानी सोख लेता है, जिससे कपड़े तेजी से सूखने लगते हैं। यह तरीका नाजुक और छोटे कपड़ों के लिए भी काफी उपयोगी है।

हवा का बहाव बढ़ाने के लिए पंखा चलाएं

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धूप न होने पर पंखा कपड़े सुखाने में बड़ी मदद करता है। कपड़ों के सामने पंखा चलाने से लगातार हवा मिलती रहती है, जिससे नमी जल्दी उड़ जाती है। इससे कपड़ों में सीलन की गंध भी नहीं आती।

कपड़ों को पास-पास न टांगें

सर्दियों में बिना धूप भी जल्दी सूख जाएंगे कपड़े, ये आसान टिप्स-ट्रिक्स आएंगी काम, बदबू भी होगी दूर - News AajTak

अगर सभी कपड़े एक साथ सटाकर टांग दिए जाएं, तो एयरफ्लो रुक जाता है। हर कपड़े के बीच थोड़ी दूरी रखने से वे जल्दी सूखते हैं। यह तरीका खासकर मोटे कपड़ों के लिए ज्यादा असरदार है।

कपड़ों को उल्टा करके सुखाएं

Air-Drying vs. Machine-Drying: What's Best for Clothes?

मोटे कपड़ों को अंदर की तरफ से नमी निकालने के लिए उन्हें उल्टा करके सुखाना बेहतर होता है। इससे उनकी इनर लेयर भी अच्छी तरह सूख जाती है। जींस, जैकेट और हुडी के लिए यह तरीका काफी फायदेमंद है।

एक्स्ट्रा स्पिन साइकिल चलाएं

Washing Machine Hacks: वॉशिंग मशीन के ड्रायर में कपड़े के साथ डालें आईस क्यूब, चौंका देगा रिजल्ट! - News18 हिंदी

कपड़े धोने के बाद वॉशिंग मशीन में एक एक्स्ट्रा स्पिन साइकिल चलाने से उनमें बचा हुआ पानी काफी हद तक निकल जाता है। जितनी कम नमी होगी, कपड़े उतनी ही जल्दी सूखेंगे। यह तरीका मॉनसून में बेहद कारगर साबित होता है।

हवादार जगह का चुने

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बारिश के मौसम में कपड़ों को ऐसी जगह सुखाना सबसे बेहतर होता है, जहां एयरफ्लो अच्छा हो। बालकनी, खिड़की के पास या खुले कमरे में कपड़े टांगने से उनमें मौजूद नमी तेजी से कम होती है। इससे कपड़ों में सीलन और बदबू नहीं आती है।

हल्की नमी रहने पर प्रेस करें

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अगर कपड़े लगभग सूख चुके हैं, लेकिन उनमें हल्की नमी बची है, तो उन पर प्रेस की जा सकती है। इससे बची हुई नमी खत्म हो जाती है और कपड़े तुरंत पहनने के लिए तैयार हो जाते हैं। यह तरीका केवल प्रेस किए जा सकने वाले कपड़ों पर ही अपनाएं।

गीले कपड़ों को मशीन में न छोड़ें

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धुलाई पूरी होने के बाद कपड़ों को लंबे समय तक वॉशिंग मशीन में छोड़ने से उनमें सीलन और फफूंदी की बदबू आने लगती है। इसलिए कपड़े निकलते ही उन्हें सुखाने के लिए टांग दें। पूरी तरह सूखने के बाद ही उन्हें अलमारी में रखें।

घर की नमी कम रखें

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बारिश के मौसम में घर के अंदर नमी बढ़ जाती है, जिससे कपड़े देर से सूखते हैं। ऐसे में एयर कंडीशनर या डीह्यूमिडिफायर का यूज करने से वातावरण सूखा रहता है। इससे कपड़े जल्दी सूखते हैं और उनमें सीलन की गंध भी नहीं आती।

जम्मू-कश्मीर में क्यों बढ़ रही हैं बादल फटने की घटनाएं? जुलाई में 15 बार फटे बादल, वैज्ञानिकों ने बताई चौंकाने वाली वजह

cloud burst cases increased in Jammu kashmir

लंबे सूखे के बाद इंद्र देवता जम्‍मू कश्‍मीर पर कुछ मेहरबान तो हुए पर बादल फटने की लगातार हो रही घटनाएं अब डराने लगी हैं। यह डर इसलिए है क्‍योंकि जम्मू कश्मीर में इस महीने अब तक कम से कम 15 बार बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जिनकी वजह से कई जिलों में अचानक बाढ़, कीचड़ बहने और जमीन खिसकने (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुई हैं। ALSO READ: अब वैष्‍णो देवी चढ़ावे में घोटाला! 550 करोड़ की चांदी के गबन का आरोप

 

बादल फटने से भारी तबाही

इन घटनाओं से सड़कें, घर, खेती की जमीन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है और केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में संपर्क व्यवस्था बाधित हुई है। हाल की घटनाओं में से एक डोडा जि‍ले के भलेसा इलाके से सामने आई, जहां अचानक आई बाढ़ अपने साथ कीचड़ और मलबा सड़कों पर ले आई, जिससे कई अंदरूनी गांवों तक पहुंच कट गई। 
 

इस महीने की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर की तुलेल घाटी और गुरेज में भी कई बार बादल फटे, जिससे सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।

 

7 जुलाई को डोडा जिले के ठाठरी के ऊपरी इलाकों में बादल फटा, जिससे बाढ़ का पानी और मलबा शहर में घुस गया। कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, और बहाली का काम शुरू होने से पहले डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित रहा।

चिनाब में 12 घंंटे में 12 बार फटे बादल 

बादलों के फटने का क्रम यहीं नहीं रूका था और इस महीने की शुरुआत में, अधिकारियों ने चिनाब घाटी और उससे सटे ऊंचे इलाकों में लगभग 12 घंटों के भीतर 12 स्थानीय बादल फटने की घटनाओं को भी दर्ज किया, जिससे कई जगहों पर अचानक बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाएं हुईं। 11 जुलाई को अनंतनाग जिले के अवूरा और देहवाथु के वन क्षेत्रों में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आईं। ओवेरा धारा के जलस्तर में अचानक वृद्धि से आस-पास के इलाके जलमग्न हो गए, जिसमें पहलगाम पर्यटक स्थल के होटल भी शामिल थे।

 

वैज्ञानिकों ने बताया बढ़ते खतरे का कारण

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में ऐसी घटनाएं आम होती जा रही हैं क्योंकि गर्म वायुमंडलीय स्थितियों के कारण सीमित क्षेत्र में बरसने से पहले अधिक नमी जमा हो जाती है। लद्दाख के मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सोनम लोटस के बकौल, बादल फटना बहुत ही स्थानीय घटनाएं हैं, लेकिन हिमालयी क्षेत्र में कम समय में भारी बारिश का पैटर्न अधिक बार देखा जा रहा है। ALSO READ: Weather Update : उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश पर लगा ब्रेक, इन राज्‍यों में बढ़ा तापमान, जानें देशभर का मौसम

 

इंटरनेशनल जर्नल आफ डिजास्टर रिस्क रिडक्शन' में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन, जिसमें जम्मू कश्मीर में बादल फटने और भारी बारिश की 68 घटनाओं का विश्लेषण किया गया, ने पुलवामा जिले में श्री अमरनाथ जी बेसिन और त्राल तहसील को सबसे संवेदनशील स्थानों के रूप में चिह्नित किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि बार-बार होने वाली अत्यधिक बारिश ने इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़, मलबे के बहाव और जमीन खिसकने के जोखिम को बढ़ा दिया है।

 

उत्तर-पश्चिमी हिमालय में बुनियादी ढांचे की कमजोरी की जांच करने वाली एक और स्टडी में पाया गया कि तीन घंटे में लगभग 40 मिमी और एक दिन में 60 से 140 मिमी बारिश से अचानक बाढ़ (फलैश फलड) और ढलान खिसकने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, खासकर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे जैसे ट्रांसपोर्ट कारिडोर के पास। 

रिसर्चर्स का कहना है कि इन नतीजों से पता चलता है कि पहाड़ी इलाकों में बेहतर खतरा मैपिंग, मौसम की निगरानी, ​​जमीन के इस्तेमाल की प्लानिंग और समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम की जरूरत है, क्योंकि वहां कम समय में तेज बारिश की घटनाएं अधिक हो रही हैं।

 

मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, पिछले दशक में जम्मू कश्मीर में स्थानीय स्तर पर मौसम की चरम घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इस ट्रेंड की वजह तापमान का बढ़ना, वायुमंडलीय सर्कुलेशन में बदलाव और ग्लेशियर का दायरा कम होना है, जो पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी के पैटर्न को बदल रहे हैं।
 

जानकारों का कहना है कि भविष्य में मौसम की चरम घटनाओं के असर को कम करने के लिए फोरकास्टिंग सिस्टम को मजबूत करना, संवेदनशील इलाकों में निर्माण कार्यों को रेगुलेट करना और कम्युनिटी लेवल पर आपदा की तैयारी को बेहतर बनाना जरूरी होगा।

Weather Update : उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश पर लगा ब्रेक, इन राज्‍यों में बढ़ा तापमान, जानें देशभर का मौसम

Rain breaks in northwest India, temperatures rise in these states

Weather Update News : दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में पहुंच चुका है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश पर ब्रेक लग गया है। आईएमडी ने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले छह-सात दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस बनी रहेगी। मानसून ब्रेक ने उत्तर भारत के राज्यों में तापमान बढ़ा दिया है। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज गर्मी पड़ रही है। उधर असम में बाढ़ का पानी 6 जिलों में फैल गया है, जिससे 12 रेवेन्यू सर्कल और 99 गांव प्रभावित हुए हैं।

 

उत्तर भारत के राज्यों में बढ़ा तापमान 

दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में पहुंच चुका है, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश पर ब्रेक लग गया है। आईएमडी ने पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले छह-सात दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस बनी रहेगी। मानसून ब्रेक ने उत्तर भारत के राज्यों में तापमान बढ़ा दिया है। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज गर्मी पड़ रही है।

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शिमला में भारी बारिश का यलो अलर्ट

उधर असम में बाढ़ का पानी 6 जिलों में फैल गया है, जिससे 12 रेवेन्यू सर्कल और 99 गांव प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में लगातार धूप और कुछ स्थानों पर बादलों के बीच दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री का अंतर आया है। कुछ स्थानों पर वृद्धि तो कुछ में गिरावट दर्ज की गई है। इस सबके बीच इन दिनों अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने 18 व 19 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

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कैसा है मध्य प्रदेश का मौसम?

मध्य प्रदेश में आज मानसून पूरी तरह एक्टिव बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह से ही बादल छाए रहने के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। वैसे कुछ जिलों में तेज बारिश की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, नर्मदापुरम, सागर, रीवा, शहडोल, बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला, सीधी, डिंडोरी और आसपास के क्षेत्रों बारिश हो सकती है। ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश के आसार लग रहे हैं। बारिश के कारण लोगों को उमस से राहत मिलेगी। 

 

अरुणाचल प्रदेश के 4 जिलों में बाढ़

पिछले 24 घंटे में अरुणाचल प्रदेश के 4 जिलों में बाढ़, लैंडस्लाइड और भारी बारिश से घरों को नुकसान पहुंचा। राज्य में बारिश-बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 102917 हो गई है। बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं में अब तक राज्य में 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 29 लोग घायल हुए हैं। दिल्ली में एनसीआर में आज मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि दिन का तापमान 38 डिग्री के आसपास बना रहेगा।

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इन राज्‍यों में बारिश का अलर्ट

उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर 24 घंटे में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे अगले 7 दिनों के दौरान बारिश बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, मेघालय और मणिपुर में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

Mausam Update 15 July: बिहार, बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, ये 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! IMD ने इन 14 राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Mausam Update 15 July: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए एक नया वेदर बुलेटिन जारी कर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत देश के 14 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके साथ ही तीन बड़े चक्रवाती सिस्टम और सक्रिय हो गए हैं। इनके प्रभाव से मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

देश में अभी एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती प्रणालियां सक्रिय हैं। ये मानसून को रफ्तार दे रही हैं।

लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण: उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय वेदर सिस्टम के प्रभाव से आज उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इससे संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके अगले 2 दिनों के दौरान उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।

गुजरात और राजस्थान में सिस्टम: उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में चक्रवाती प्रणाली: पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में भी समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के पास) में बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग, बिहार और गांगेय बंगाल में ऑरेंज वॉर्निंग

मौसम विभाग ने ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

झारखंड

छत्तीसगढ़

तटीय आंध्र प्रदेश

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल और माहे, रायलसीमा तथा तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मरठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम संग उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

इन राज्यों में दिखेगा हीट वेव और उमस का डबल अटैक

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए अलर्ट

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे पूर्व-मध्य, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिणी गुजरात तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है। मन्नार की खाड़ी, दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण व पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) से तेज हवाएं चल सकती हैं।

ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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भारी बारिश की रेड वॉर्निंग 15 जुलाई: बिहार संग इन 14 राज्यों में भयानक बारिश का अलर्ट, चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने से आंधी-तूफान का भी खतरा

IMD Red alert for heavy rain on July 15: देश के कई हिस्सों में मानसून रौद्र रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए देश के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज वॉनिंग जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और कई दूसरे वेदर सिस्टम्स की वजह से बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों समेत कुल 14 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बनेगा कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ लाइन एक्टिव हैं। समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बाराबंकी, पटना, बांकुरा, कैनिंग से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है। उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक विस्तृत एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके असर से अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके पड़ोस में भी 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और बिहार में ‘वेरी हैवी’ रेन का अलर्ट

ओडिशा (रेड वॉर्निंग): मौसम विभाग ने 15 जुलाई को ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई है।

वहीं बिहार के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही राज्य में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं, आंधी और बिजली चमकने का भी अलर्ट जारी किया गया है।

इन 12 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए गए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

पश्चिम बंगाल और सिक्किम

झारखंड

छत्तीसगढ़

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

चक्रवाती सिस्टम एक्टिव होने के कारण देश के कई राज्यों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और माहे और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है।

इन राज्यों में सताएगी हीट वेव और उमस भरा मौसम

एक तरफ जहां कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी बना रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए चेतावनी

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे उत्तर-पश्चिम अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों और सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है।

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दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।