धुंध में लिपटे पहाड़ और झरनों की गर्जना, मॉनसून 2026 में एशिया की 10 सबसे खूबसूरत जगहें!

बारिश का मौसम सिर्फ ठंडी हवाएं और सुकून ही नहीं लाता, बल्कि कई जगहों की खूबसूरती भी कई गुना बढ़ा देता है। एशिया में ऐसे कई ट्रैवल डेस्टिनेशन (travel destination) हैं, जो मानसून (monsoon)के दौरान धुंध से ढकी पहाड़ियों, झरनों, हरियाली और खूबसूरत नजारों से किसी फिल्मी सीन जैसे लगते हैं। अगर आपको बारिश में घूमना पसंद है, तो ये जगहें आपकी अगली ट्रिप (trip) के लिए बेहतरीन साबित हो सकती हैं:

Udaipur, India (उदयपुर, भारत)

Udaipur in Monsoon: Best Places to Visit, Things to Do & Stays

राजस्थान का उदयपुर बारिश के मौसम में और भी खूबसूरत दिखने लगता है। दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे शहरों से यहां ट्रेन, फ्लाइट और सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। मानसून में पिछोला झील (Lake Pichola) पानी से भर जाती है और सिटी पैलेस का नजारा देखने लायक होता है। आप मानसून पैलेस (Monsoon Palace) , फतेह सागर झील (Fateh Sagar Lake)और बोट राइड का भी आनंद ले सकते हैं।

Munnar, India (मुन्नार, भारत)

10 Places In India That Feel Like Europe During Monsoon

केरल का मुन्नार मानसून में किसी हरे स्वर्ग जैसा नजर आता है। कोच्चि एयरपोर्ट से लगभग 4 घंटे की रोड ट्रिप करके यहां पहुंचा जा सकता है। बारिश के दौरान चाय के बागान, अट्टुकल वॉटरफॉल (Attukal Waterfalls) और धुंध से ढकी पहाड़ियां पर्यटकों (tourists) को खूब आकर्षित करती हैं। यहां बैठकर गर्म चाय के साथ बारिश का आनंद लेना एक अलग ही एक्सपीरियंस है।

Baguio, Philippines (बगियो, फ़िलीपींस)

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अगर आप बारिश के मौसम में ठंडी हवा और पहाड़ों का मजा लेना चाहते हैं, तो फिलीपींस का बगियो शहर बेहतरीन जगह है। मनीला (Manila) से करीब 4 से 6 घंटे की सड़क यात्रा (road trip) करके यहां पहुंचा जा सकता है। में यहां की पहाड़ियां धुंध से ढक जाती हैं और मौसम काफी ठंडा हो जाता है। बरनहम पार्क (Burnham Park) में घूमना, लोकल कैफे में गर्म कॉफी पीना और आसपास के व्यू पॉइंट्स से नजारे देखना यहां का खास एक्सपीरियंस है।

Ubud, Indonesia (उबुद, इंडोनेशिया)

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उबुद बाली द्वीप ( island ) पर है। भारत से पहले बाली (Denpasar) की फ्लाइट लें और वहां से करीब डेढ़ घंटे की टैक्सी राइड करके उबुद पहुंच सकते हैं। बारिश के मौसम में यहां के धान के खेत, झरने और जंगल बेहद हरे-भरे हो जाते हैं। सुबह की सैर, योग सेशन और तेगालालंग राइस टैरेस (Tegalallang Rice Terrace) की खूबसूरती इस मौसम में और बढ़ जाती है।

Chiang Mai, Thailand (चियांग माई, थाईलैंड)

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थाईलैंड (Thailand )का चियांग माई मानसून में हरियाली से भर जाता है। बैंकॉक (Bangkok) से फ्लाइट या ट्रेन के जरिए यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। बारिश के बाद यहां की पहाड़ियां, धान के खेत और दोई इनथानोन नेशनल पार्क (Doi Inthanon National Park) बेहद खूबसूरत दिखते हैं। सुबह मंदिर घूमने और शाम को नाइट मार्केट का मजा लेने का यह अच्छा समय माना जाता है।

 

Hoi An, Vietnam (होई आन, वियतनाम)

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होई आन अपने पुराने शहर और रंग-बिरंगी लालटेनों के लिए मशहूर है। दा नांग एयरपोर्ट से करीब 45 मिनट की रोड ट्रिप करके यहां पहुंचा जा सकता है। बारिश के मौसम में यहां की गलियां और नदी किनारा और भी अट्रेक्टिव दिखते हैं। आप लालटेन बनाने की वर्कशॉप, लोकल फूड और नदी किनारे शाम बिताने का आनंद ले सकते हैं।

Luang Prabang, Laos (लुआंग प्रबांग, लाओस)

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लाओस का यह शांत शहर मानसून में हरियाली से भर जाता है। यहां फ्लाइट से पहुंचना सबसे आसान तरीका है। बारिश के दौरान कुआंग सी वॉटरफॉल (Kuang Si Waterfall) पूरे वेग से बहता है और देखने लायक नजारा पेश करता है। मंदिरों की सैर, मेकांग नदी में बोट राइड और नाइट मार्केट घूमना यहां की खास एक्टिविटी हैं।

Kyoto, Japan (क्योटो, जापान)

Tsuyu Rainy Days In Kyoto, Japan | Outlook Traveller

जापान का क्योटो बारिश के मौसम में बेहद शांत और खूबसूरत लगता है। टोक्यो या ओसाका से बुलेट ट्रेन के जरिए आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। मानसून में यहां के मंदिर, मॉस गार्डन (moss garden) और हाइड्रेंजिया (hydrangea) के फूल बेहद सुंदर नजर आते हैं। इस मौसम में टूरिस्ट की भीड़ भी कम रहती है, जिससे आराम से घूमने का मौका मिलता है।

George Town, Malaysia (जॉर्ज टाउन, मलेशिया)

 Kek Lok Si Temple complex George Town Malaysia aerial drone Southeast Asia Penang island

मलेशिया के पेनांग द्वीप (Penang Island) पर जॉर्ज टाउन अपने हेरिटेज (street food) और स्ट्रीट फूड (street food) के लिए जाना जाता है। पेनांग एयरपोर्ट (Penang Airport) से कुछ ही देर में यहां पहुंच सकते हैं। बारिश के मौसम में पुरानी इमारतें और सड़कें अलग ही खूबसूरती बिखेरती हैं। यहां का लोकल खाना, कैफे और स्ट्रीट आर्ट टूरिस्ट को खूब पसंद आते हैं।

Arugam Bay, Sri Lanka (अरुगम बे, श्रीलंका)

Sri Lanka with arugam bay coastline wild tropical plants southwest monsoon season 78542208 Stock Photo at Vecteezy

अगर आपको सर्फिंग पसंद है, तो श्रीलंका का अरुगम बे (Arugam Bay) बारिश के मौसम में शानदार जगह है। कोलंबो (Colombo) से डोमेस्टिक फ्लाइट या रोड के जरिए यहां पहुंचा जा सकता है। मानसून के दौरान यहां समुद्र की ऊंची लहरें सर्फिंग के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं। इसके अलावा शांत बीच, ताजा सी-फूड और खूबसूरत सूर्योदय भी यहां की खास पहचान हैं।

Weather Update : फिर बदलेगा मौसम, यहां उमस से मिलेगी राहत, इन राज्‍यों में बारिश का अलर्ट

Weather to change again, rain alert for these states

Weather Update News : एक बार फिर मौसम में बदलाव होने जा रहा है। मौसम विभाग ने आज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, गोवा, झारखंड, सिक्किम, असम, हिमाचल, उत्तराखंड, मेघालय, मणिपुर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। एक तरफ दिल्ली और एनसीआर के लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। दक्षिण में तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कर्नाटक में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात हैं।

 

कुछ राज्यों में ओले गिरने की आशंका

एक बार फिर मौसम में बदलाव होने जा रहा है। मौसम विभाग ने आज पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, गोवा, झारखंड, सिक्किम, असम, हिमाचल, उत्तराखंड, मेघालय, मणिपुर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। कुछ राज्यों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।

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तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट

एक तरफ दिल्ली और एनसीआर के लोग उमस और गर्मी से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। दक्षिण में तमिलनाडु के 19 जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कर्नाटक में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात हैं।

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इन राज्‍यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज ओडिशा में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर के जम्मू, पुंछ, कुलगाम, कठुआ, मुजफ्फराबाद, किश्तवाड़, अनंतनाग और उधमपुर में आज और कल भारी बारिश-आंधी का अलर्ट है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर, बोकारो, सिमडेगा, खूंटी, दुमका, देवघर, हजारीबाग, धनबाद और पलामू में आज भारी बारिश की चेतावनी है।

 

बिहार के गया, औरंगाबाद, सिवान, भोजपुर, शेखपुरा, लखीसराय, पटना, कैमूर, बक्सर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, अररिया और मुंगेर में आज भारी बारिश का अलर्ट है। दिल्ली में आज और कल भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। 

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मध्य प्रदेश के 31 जिलों में बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में करीब 9 दिन से थमा तेज बारिश का दौर अब फिर लौटने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने आज बालाघाट और डिंडोरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 31 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

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पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश से नदियों में जल स्तर बढ़ सकता है और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका है। महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय है। मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में बादल छाए रहने का अनुमान है, वहीं पुणे और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश की चेतावनी है।

Rain Alert: 4 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! यूपी से लेकर बिहार और बंगाल तक आज भारी बारिश की चेतावनी! IMD ने इन 17 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट दिया

India Weather Today 17 July: देश भर में मानसून की रफ्तार बेहद तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 17 जुलाई उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में 4 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations / चक्रवाती सिस्टम) सक्रिय हैं, जिसके चलते मौसम ने विकराल रूप ले लिया है।

इसके साथ ही तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और कुछ मैदानी इलाकों में अत्यधिक उमस व गर्मी का भी पूर्वानुमान है। आइए जानते हैं मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

क्यों एक्टिव हैं 4 चक्रवाती सिस्टम?

मौसम विभाग के विश्लेषण के मुताबिक, वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं। उत्तरी ओडिशा और उससे सटे झारखंड व गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना एक ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया’ अब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला है। इसी सिस्टम से लेकर छत्तीसगढ़, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात राज्य होते हुए पूर्व-मध्य अरब सागर तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।

4 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम: पहला सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के इलाके में सक्रिय है। दूसरा सिस्टम उत्तरी हरियाणा और उसके पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर सक्रिय है। चौथा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के क्षेत्र में बना हुआ है। इन प्रणालियों के बीच 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने के लिए एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ भी तैयार हो रहा है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने तीन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तरी ओडिशा और झारखंड से सटे इलाकों में बने सिस्टम के कारण यहाँ के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। असम और मेघालय में मानसून पूरी तरह मेहरबान है, यहांआज बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। अरुणाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आज कुछ जगहों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

यूपी, बिहार, झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

देश के 11 राज्यों व क्षेत्रों में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। पूर्वी यूपी और बिहार से सटे इलाकों में चक्रवाती सिस्टम की मौजूदगी के चलते आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होने की उम्मीद है।

बिहार और झारखंड दोनों पड़ोसी राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में आज झमाझम भारी बारिश का दौर चलेगा। गांगेय पश्चिम बंगाल के साथ-साथ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के क्षेत्रों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में आज भारी बारिश आफत बन सकती है।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश (पूर्वी) में आज कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा पूर्वोत्तर के इन चारों राज्यों में भी आज भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं (40-50 kmph) का खतरा

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी-बवंडर और बिजली गिरने का भी अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। इन राज्यों में बिजली गिरने का भी खतरा है। बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में आज बिजली कड़कने और गरज-चमक का अलर्ट है। रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आज काफी तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

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कुछ इलाकों में लू और उमस भरी गर्मी का टॉर्चर

मौसम में आए इस बड़े बदलाव के बीच कुछ राज्यों के लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान रहेंगे। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ अलग-अलग हिस्सों में आज लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ हिस्सों में आज मौसम बेहद गर्म और अत्यधिक उमस भरा रहने वाला है।

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Son kills Father: 150 करोड़ की संपत्ति के लिए कलयुगी बेटे ने पिता को गोलियों से भूना, नशे में धुत होकर किया हमला

Son kills father in Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर में संपत्ति विवाद ने एक परिवार को उजाड़ दिया। यहां 32 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, घटना बुधवार 15 जुलाई की देर रात हुई, जब शराब के नशे में घर पहुंचे आरोपी की अपने पिता से जमीन और संपत्ति को लेकर कहासुनी हो गई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के रूप में हुई है।

वह मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुढ़ाना गांव के निवासी थे। चौधरी इलाके के संपन्न किसानों में गिने जाते थे। घटना के बाद आरोपी बेटा निखिल हथियार लेकर मौके से फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं।

150 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक थे हरिओम चौधरी

पुलिस के मुताबिक, मृतक 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के पास मोदीनगर में 75 बीघा जमीन थी। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ रोड पर उनका एक मार्केट भी है। उनकी कुल संपत्ति की कीमत करीब 150 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। परिवार में उनकी पत्नी अनीता और छोटा बेटा नीशू हैं। हरिओम चौधरी ने बुधवार रात अपनी पत्नी अनीता और छोटे बेटे नीशू के साथ शांति से खाना खाया था।

देर रात उनका बड़ा बेटा निखिल शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा। पिता हरिओम ने जब निखिल को उसकी शराब पीने की लत को लेकर टोका, तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। NDTV के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ गई कि निखिल ने अपनी पिस्तौल निकाली और पिता पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

पहली गोली सीधे हरिओम के चेहरे पर लगी, जिससे वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। पिता के गिरने के बाद भी आरोपी नहीं रुका। उसने उनके चेहरे, सीने और पेट पर एक के बाद एक कई गोलियां दाग दीं। मृतक के शरीर पर 4 से 6 गोलियों के निशान मिले हैं। वारदात को अंजाम देकर आरोपी निखिल हथियार समेत मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है।

पहले ही दे चुके थे 25 बीघा जमीन और दुकानें

एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि निखिल शराब का आदी था। इसी बात को लेकर उसके पिता अक्सर उसे डांटते थे। हरिओम चौधरी पहले ही निखिल के नाम 25 बीघा जमीन और मार्केट में कुछ दुकानें कर चुके थे। लेकिन निखिल बाकी बची जमीन भी अपने नाम करवाना चाहता था।

पिता ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह शराब और अन्य गलत आदतों में पूरी संपत्ति बर्बाद कर देगा। पुलिस की जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी निखिल का हिंसक व्यवहार नया नहीं था। वह अक्सर शराब के नशे में परिवार के साथ मारपीट और झगड़ा करता था।

शराब के नशे में घर पहुंचा, फिर बरसाईं गोलियां

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात हरिओम चौधरी ने पत्नी और छोटे बेटे के साथ खाना खाया था। देर रात निखिल शराब के नशे में घर पहुंचा। पिता ने जब उसे शराब पीने को लेकर टोका तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान निखिल ने पिस्तौल निकालकर अपने पिता पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पहली गोली हरिओम चौधरी के चेहरे पर लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी ने उनके चेहरे, सीने और पेट पर कई गोलियां दाग दीं। पुलिस के मुताबिक, मृतक के शरीर पर 4 से 6 गोलियों के निशान मिले हैं।

2018 में छोटे भाई पर भी चला चुका है गोली

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि निखिल का शराब को लेकर परिवार से अक्सर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार, साल 2018 में भी उसने अपने छोटे भाई नीशू पर विवाद के दौरान गोली चला दी थी। पुलिस अब उस मामले की भी दोबारा जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

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घटनास्थल से जुड़े सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। आरोपी निखिल की धरपकड़ के लिए पुलिस की 4 विशेष टीमें गठित की गई हैं।

Jagannath Rath Yatra: पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसे हालात, 200 श्रद्धालु अस्पताल पहुंचे, एक की मौत की भी खबर

Jagannath Rath Yatra in Puri: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा के दौरान गुरुवार (16 जुलाई) को भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस घटना में करीब 200 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें इलाज के लिए पुरी मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भारी भीड़ की वजह से करीब 200 श्रद्धालुओं को सांस लेने में दिक्कत हुई। News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, अब उनका इलाज पुरी मेडिकल अस्पताल में चल रहा है।

Odisha TV की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘बड़ा डंडा’ पर रथ खिंचते हुए देखने का इंतजार कर रहे एक श्रद्धालु की दम घुटने से मौत हो गई। जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की आशंका है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रथ खींचने के दौरान बड़ा डांडा (ग्रैंड रोड) पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। भीड़ के दबाव और उमस के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु अस्वस्थ हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह घटना ‘पहांडी’ रस्म के दौरान बाहरी सुरक्षा घेरे से करीब 500 मीटर की दूरी पर हुई। भारी भीड़ के कारण अफरातफरी मच गई, जिसमें 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और स्थिति को संभालने के लिए बचाव दलों को तैनात किया गया।

एक श्रद्धालु की मौत होने की भी खबर

सूत्रों ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत होने की भी खबर है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। एंबुलेंस की मदद से प्रभावित श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस बार भी रथ खींचने के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिसके चलते भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भगदड़ जैसी स्थिति किन कारणों से पैदा हुई।

‘पहंडी’ अनुष्ठान संपन्न

ओडिशा के पुरी में नौ दिनों तक चलने वाली वार्षिक रथ यात्रा की शुरुआत लागातार बारिश और लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में ‘पहंडी’ की रस्म के साथ हुई। ‘पहंडी’ की रस्म में महाप्रभु भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा के विग्रहों को 12वीं सदी के पुरी मंदिर से रथों तक ले जाया जाता है।

घंटियों, शंख और झांझ की ध्वनि के बीच, चक्रराज सुदर्शन को सबसे पहले मुख्य मंदिर से बाहर लाया गया और देवी सुभद्रा के ‘दर्पदलन’ रथ पर विराजमान किया गया। पंडित सूर्यनारायण रथशर्मा ने बताया कि श्री सुदर्शन भगवान विष्णु का अस्त्र है, जिनकी पूजा पुरी में भगवान जगन्नाथ के रूप में की जाती है।

उन्होंने बताया कि भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई भगवान बलभद्र के विग्रह को भी उनके ‘तालध्वज’ रथ पर स्थापित किया गया। सेवादारों द्वारा ‘शून्य पहंडी’ (रथ तक ले जाते समय देवी सुभद्रा के विग्रह का मुख आकाश की ओर होता है) शैली में भगवान जगन्नाथ और भगवान बलभद्र की बहन देवी सुभद्रा के विग्रह को उनके रथ तक ले लाया गया।

अंत में महाप्रभु भगवान जगन्नाथ के विग्रह को मंदिर से बाहर लाया गया, तो ‘बड़ा डंडा’ (रथमार्ग) पर भक्तों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। उन्होंने अपने हाथ उठाकर और ‘जय जगन्नाथ’ का जयघोष कर महाप्रभु के रथ पर विराजमान होने का जश्न मनाया। ओडिसी नर्तकों, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक दलों ने ‘कालिया ठाकुर’ के सामने प्रस्तुति दी।

‘पहंडी’ अनुष्ठान में तीनों देव विग्रहों को एक औपचारिक जुलूस के साथ उनके संबंधित रथों तक लाया जाता है। ये रथ मंदिर के ‘सिंह द्वार’ के सामने खड़े किए जाते हैं, ताकि उन्हें श्री गुंडिचा मंदिर ले जाया जा सके। इस 12वीं सदी के मंदिर से लगभग 2.6 किलोमीटर दूर स्थित श्री गुंडिचा मंदिर को इन देवी-देवताओं का जन्मस्थान माना जाता है।

बारिश के बीच भारी भीड़

पुरी में हो रही भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। वे ‘बड़ा डंडा’ पर नृत्य करते और रथ यात्रा का जश्न मनाते हुए देखे गए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी के अनुसार, पुरी में पिछले 48 घंटों में 233 मिमी बारिश हुई है। समुद्र के किनारे बसे इस शहर में दिन के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तैयारियों का जायजा लिया और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा पर ज़ोर दिया। बारिश की वजह से जल-जमाव एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा, इसलिए उन्होंने पुरी जिला प्रशासन, नगरपालिका अधिकारियों और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और पानी निकालने के लिए तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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Video: 10 फीट लंबे कोबरा को आराम से गले में डाल बिहार में घूम रही इस महिला ने सबको हैरत में डाला! कौन है ये?

बिहार के पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर इलाके में एक खौफनाक नजारा देखने को मिला, जब एक घर में अचानक विशालकाय किंग कोबरा पहुंच गया। करीब 10 फीट लंबे इस जहरीले सांप को देखते ही परिवार में दहशत फैल गई। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और लोग मौके पर जुटने लगे। मुन्नी लाल के घर में घुसे इस खतरनाक मेहमान ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके में सनसनी पैदा कर दी।

हालांकि, समय रहते रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई और स्थिति को संभाल लिया गया। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को वन्यजीवों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

स्नेक लेडी’ ने खतरनाक सांप का किया रेस्क्यू

किंग कोबरा की सूचना मिलते ही वाल्मीकिनगर की मशहूर स्नेक रेस्क्यूअर जानकी देवी मौके पर पहुंचीं। इलाके में ‘स्नेक लेडी’ के नाम से पहचानी जाने वाली जानकी देवी ने बिना घबराए पूरी सावधानी और अनुभव के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने करीब 10 फीट लंबे किंग कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। समय रहते हुए किए गए इस रेस्क्यू से परिवार और गांव के लोगों की जान बच गई।

बरसात में क्यों गांवों की ओर आते हैं जहरीले सांप?

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश के दिनों में सांप अक्सर अपने पुराने ठिकानों से निकलकर सुरक्षित जगह की तलाश करते हैं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में बसे गांवों में ऐसे मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अगर घर या आसपास कोई जहरीला सांप नजर आए तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को इसकी जानकारी दें।

दुनिया के सबसे खतरनाक सांप

किंग कोबरा दुनिया के सबसे खतरनाक और जहरीले सांपों में शामिल है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है, जो शरीर के तंत्रिका तंत्र पर तेजी से असर डाल सकता है। इसके काटने की स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद लेना बेहद जरूरी होता है।

12 साल की उम्र से शुरू किया था सांपों को बचाने का मिशन

जानकी देवी की पहचान सिर्फ एक रेस्क्यूअर के तौर पर नहीं, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समर्पित योद्धा के रूप में भी है। उन्होंने महज 12 साल की उम्र से सांपों को बचाने का काम शुरू किया था। अब तक वह हजारों जहरीले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुकी हैं।

रेस्क्यू के दौरान कई बार खुद सांप के काटने का सामना करने के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ। आज वह इंसानों और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित संतुलन बनाने की मुहिम में लगातार जुटी हुई हैं।

सांप दुश्मन नहीं, प्रकृति का हिस्सा हैं

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि सही जानकारी और प्रशिक्षित लोगों की मदद से इंसान और खतरनाक वन्यजीवों के बीच टकराव को टाला जा सकता है। डर के बजाय सतर्कता और समझदारी ही ऐसे हालात में सबसे बड़ा हथियार है।

IMD की चेतावनी: 7 दिन यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश, 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव और 72 घंटों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी बढ़ाएगा आफत!

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक साप्ताहिक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने एक बेहद मजबूत वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय 3 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) की वजह से अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा अगले 72 घंटों के भीतर (19 जुलाई से) उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहा है। ये बारिश की रफ्तार को और तेज कर देगा। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और अगले 7 दिनों तक पश्चिम-मध्य व दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

मौसम विभाग के वेदर बुलेटिन के आधार पर आइए जानते हैं पूरे हफ्ते (16 से 22 जुलाई तक) आपके राज्य के मौसम का पूरा हाल।

एक्टिव वेदर सिस्टम्स का विश्लेषण

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय वायुमंडल में कई ताकतवर वेदर सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं:-

वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल को पार करेगा। इसी सिस्टम से लेकर पूर्व-मध्य अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।

इसके अलावा अभी 3 चक्रवाती परिसंचरण एक्टिव हैं। पहला चक्रवाती सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के क्षेत्र में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर सक्रिय है। दूसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर निचले क्षोभमंडल स्तर पर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाके में मौजूद है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के ऊपर भी एक लोअर ट्रॉपोस्फेरिक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। 19 जुलाई से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू करेगा। इससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम बदलेगा।

पूरे हफ्ते का राज्यवार वेदर फोरकास्ट और अलर्ट (16-22 जुलाई)

उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्य)

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16-17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी लेकिन 18 से 22 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 17-18 जुलाई और 22 जुलाई को पूर्वी यूपी में भारी बारिश जबकि 19 से 21 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16-18 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 19 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 16 से 19 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है। इसके बाद 20 से 22 जुलाई के बीच मौसम करवट लेगा और व्यापक बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश होगी। यहां 16-17 जुलाई व 22 जुलाई को भारी बारिश और 18 से 21 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल में 18-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जिसमें 19-22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट शामिल है।

जम्मू-कश्मीर में 18-22 जुलाई को भारी बारिश होगी। यहां 21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 16 से 22 जुलाई तक छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

ओडिशा में आज (16 जुलाई) कुछ स्थानों पर बहुत भारी से लेकर अत्यंत भारी मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी है। इसके बाद 16-18 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 18-20 जुलाई को फिर से भारी बारिश का दौर लौटेगा। 17 जुलाई को यहां बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 16-17 जुलाई और 21-22 जुलाई को भारी बारिश जबकि 18 से 20 जुलाई के दौरान बिहार में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। झारखंड में 16 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है जिसमें 16-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते भारी और व्यापक बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। उप-हिमालयी क्षेत्र में 18-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ)

छत्तीसगढ़ में 16 से 22 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 17-21 ⁠जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-22 जुलाई और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 20-22 जुलाई को व्यापक बारिश और 17-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अन्य राज्य)

असम और मेघालय में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश जारी रहेगी जिसमें 16 से 19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी पूरे हफ्ते व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश की चेतावनी है। अरुणाचल प्रदेश में 17-19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

कोंकण और गोवा में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते व्यापक से बहुत व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा जिसमें 16 जुलाई को भारी बारिश शामिल है। गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश होगी। तटीय कर्नाटक में 17 से 22 जुलाई तक और केरल में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण के अन्य राज्यों (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु) में पूरे हफ्ते केवल छिटपुट या बिखरी हुई बारिश ही देखने को मिलेगी।

आंधी-तूफान, बिजली और उमस भरी गर्मी का डबल अटैक

जम्मू-कश्मीर में 16-22 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। राजस्थान में 20-22 जुलाई को धूलभरी आंधी और बिजली चमकने की संभावना है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में भी 16-20 जुलाई के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा में 16 जुलाई को और तमिलनाडु, पुडुचेरी में 16-17 जुलाई को लू जैसी स्थिति रहेगी। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में 16-18 जुलाई तक तथा उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) व तेलंगाना में 16 जुलाई को अत्यधिक उमस और पसीने वाली गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी।

मछुआरों के लिए समंदर में नो-एंट्री की सलाह

खराब मौसम और तूफानी हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। 16 से 21 जुलाई के दौरान सोमालिया, ओमान के तटों और पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में जाने पर रोक है। गुजरात तट पर 18-21 जुलाई और उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 19-20 जुलाई तक मछुआरों को न जाने की हिदायत है।

16 से 18 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा तट और उत्तर व मध्य बंगाल की खाड़ी में जाने से बचें। अंडमान सागर में भी 16-17 जुलाई तक समंदर में उतरने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है।

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5 साल तक जीरो सेल्स, अब Ather Energy बनी ₹50000 करोड़ की कंपनी, Tesla से इस सीख ने बदल दी इंडस्ट्री की तस्वीर

करीब 13 साल पहले भारतीय ऑटो इंडस्ट्री को इलेक्ट्रिकल वेईकल्स में कोई भविष्य नहीं दिख रहा था। हर वेंडर से सस्ते से सस्ता पार्ट लेकर असेंबलिंग के बाद एक इलेक्ट्रिक स्कूटर की लागत करीब ₹5 लाख पड़ती। ऑटो इंडस्ट्री के मुताबिक यह मॉडल व्यावहारिक नहीं था। इन सबके बीच तरुण मेहता और स्वप्निल जैन ने इसे अलग नजरिए से देखा और वह भी तब, जब वे अभी भी आईआईटी मद्रास से इंजीनयरिंग करके निकले थे। खास बात ये भी है कि वह टेस्ला (Tesla) की स्टडी तो कर रहे थे लेकिन कारों की नहीं बल्कि इसके फाइनेंशियल्स की। इस स्टडी की नींव पर उन्होंने एथर एनर्जी (Aether Energy) जैसी ऐसी कंपनी खड़ी कर दी जिसने पांच साल तक कोई सेल्स नहीं की और अब यह यह ₹50 हजार करोड़ की कंपनी बन चुकी है।

क्या मिला Tesla के फाइनेंशियल्स से?

तरुण टेस्ला के निवेशकों की रिसर्च रिपोर्ट की स्टडी करते थे। इसमें उन्होंने एक खास बात नोटिस की कि लिथियम-आयन सेल, मोटर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स की वास्तविक लागत काफी कम थी। तरुण ने पाया कि ये महंगे इसलिए दिखाई देते थे क्योंकि इन्हें बड़े पैमाने पर बनाने और इंटीग्रेशन की प्रक्रिया अभी तैयार नहीं हुई थी।

कैसे पड़ी Aether Energy की नींव

तरुण और स्वप्निल की मुलाकात आईआईटी मद्रास में इंजीनियरिंग डिजाइन की पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों ने साथ मिलकर कुछ रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया था। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने नौकरियां की लेकिन फिर इस्तीफा देकर बैट्री पैक पर काम करने लगे। उनके मुताबिक बैट्री पैक भारतीय इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सबसे बड़ी कमजोरी थी। 2012 के आखिरी दिनों में उन्होंने प्रोजेक्ट एसोसिएट के रूप में फिर आईआईटी मद्रास में वापसी की। वे हॉस्टल में रहते और लैब में काम करते थे। मात्र छह से सात महीनों में उन्होंने एक स्कूटर और बैट्री पैक का प्रोटोटाइप तैयार कर लिया। वर्ष 2013 में एथर एनर्जी को औपचारिक रूप से IIT-M रिसर्च पार्क में इनक्यूबेट किया गया। अगले साल 2014 में उन्हें टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड और आईआईटी के एक पूर्व छात्र से ₹45 लाख की फंडिंग मिली।

दो फैसलों ने तय कर दी दिशा

एथर की नींव अक्टूबर 2013 में पड़ी थी। उसी साल दो फैसलों ने कंपनी की पूरी दिशा तय कर दी। पहला फैसला था कि कंपनी आम लोगों के लिए स्कूटर बनाएगी। उस समय भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियां धीमे और कम पावर वाले होते थे जिसे मुख्य रूप से बुजुर्गों या बिना लाइसेंस के युवाओं के लिए बनाया जाता था। दूसरा फैसला था, स्कूटर के हैंडलबार पर सात इंच की टचस्क्रीन, सिम कार्ड और एक फुल सॉफ्टवेयर इकोसिस्टम देना जोकि उस समय दुनिया में किसी भी दोपहिया गाड़ी पर नहीं था। देश की सड़कों, धूल, बारिश और प्रदूषण के बीच टचस्क्रीन को भरोसेमंद बनाना काफी महंगा और रिस्क वाला था। हालांकि यही दो फैसले एथर की नींव बने।

पांच साल तक जीरो सेल्स से ₹50 हजार करोड़ की कंपनी

एथर का पहला प्रोडक्ट 2018 के मध्य में आया यानी कि पहले पांच साल तक इसकी सेल्स जीरो रही। पहले पांच साल कंपनी की टीम में अधिकतर ऐसे नए ग्रेजुएट्स थे जिन्होंने कॉलेज में रेस कारें बनाई थीं। उनके लिए ग्रेजुएशन के बाद ही सैलरी के साथ गाड़ियों को बनाने का काम करना एक सपने के पूरा होने जैसा था। इससे उन्हें लंबे समय तक कंपनी से जोड़े रखना आसान रहा। हालांकि ऐसा नहीं है कि मुश्किलें नहीं आई। एक निवेशक ने तो सलाह दी थी कि कंपनी सिर्फ होंडा एक्टिवा में इलेक्ट्रिक मोटर लगाकर बेचना शुरू करे। कई ने तो अपना प्रोडक्ट या तकनीक नहीं बनाने की सलाह दी क्योंकि उनके मुताबिक भारत में ऐसे प्रोडक्ट को मार्केट नहीं है। हालांकि एथर अपने विजन पर कायम रही।

सेल्स के आंकड़े

कंपनी के बिक्री की बात करें तो साल 2022 में कंपनी ने 54,769 यूनिट्स बेचीं। 2023 में यह बढ़कर 1,11,812 और साल 2024 में 1,36,513 यूनिट्स तक पहुंच गई। अगले ही साल कंपनी की सेल्स 57% बढ़कर 2,14,985 यूनिट्स पर पहुंच गई। इस साल 2026 की पहली छमाही में ही एथर ने 1,69,020 यूनिट्स का रजिस्ट्रेशन किया, जो पिछले साल 2025 की समान अवधि की तुलना में 91% अधिक थी। ओवरऑल बात करें तो जून 2026 तक कंपनी ग्राहकों को 7 लाख से अधिक गाड़ियों की डिलीवरी कर चुकी है, जिसमें से आखिरी 2 लाख यूनिट्स केवल 8 महीनों में बेची गईं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने कुल 2,62,942 यूनिट्स बेचीं, जो सालाना आधार पर 69% अधिक थी।

बाजार में दबदबे की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में दोपहिया ईवी सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 18.6% हो गई। कंपनी के लिए सबसे शानदार महीना अक्टूबर 2025 रहा, जब इसने 26,713 यूनिट्स बेची और 19.6% मार्केट हिस्सेदारी रही। इस दौरान इसने ओला इलेक्ट्रिक को भी पीछे छोड़ दिया था।

कंपनी के लिए सबसे दमदार गाड़ी एथर रिज्टा साबित हुई जो अप्रैल 2024 में लॉन्च हुई थी। सिर्फ 11 महाने में इसने 1 लाख सेल्स का आंकड़ा पार कर लिया। दिसंबर 2025 तक 2 लाख और अप्रैल 2026 तक लॉन्च के सिर्फ 25 महीने में 3 लाख सेल्स का रिकॉर्ड बना लिया। आज एथर की कुल मासिक बिक्री में इसकी हिस्सेदारी 76% है।

₹200 करोड़ का दांव, Ather Energy में इस कारण सरकारी फंड कर रही निवेश

हैवी रेन की रेड वॉर्निंग: IMD ने इन 16 राज्यों में भयंकर बारिश का अलर्ट दिया पर दिल्ली-यूपी को राहत नहीं! ये 6 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर अपना वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में 1 कम दबाव का क्षेत्र और 6 बड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) एक्टिव हैं। इन खतरनाक वेदर सिस्टम्स की वजह से ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग जारी की गई है। इसके साथ देश के 16 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। इस भारी वेदर सिस्टम के बीच दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को फिलहाल बारिश से कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है और यहां के निवासियों को पसीने छुड़ाने वाली उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

देखें वेदर रिपोर्ट

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6 चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे तबाही

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं:

लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र): उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में मजबूती से टिका हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र समुद्र तल से 716 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान और अधिक मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल की तरफ बढ़ने की संभावना है।

6 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम अब 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैल गया है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ही 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक और उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

उत्तरी बिहार और उसके आस-पास के इलाके में 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

इसके अलावा पूर्वी असम (1.5 किमी) और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान (3.1 किमी) के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ: मानसून की ट्रफ लाइन इस समय अमृतसर, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होकर गुजर रही है। 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देने वाला है।

इन 16 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश की तीव्रता के आधार पर राज्यों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से भी ज्यादा यानी अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश

  • गांगेय पश्चिम बंगाल
  • छत्तीसगढ़
  • अरुणाचल प्रदेश

भारी बारिश का अलर्ट

देश के इन 12 राज्यों/क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है-

  • बिहार और झारखंड
  • उत्तराखंड
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • तटीय आंध्र प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में काफी तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दिल्ली-यूपी को राहत नहीं: उमस भरी गर्मी और लू का प्रकोप

इतने राज्यों में हो रही भारी बारिश के बावजूद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को अत्यधिक गर्म और उमस भरा मौसम परेशान करेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी के साथ लू चलने की स्थिति बनी रहेगी।

समुद्र में हाई अलर्ट: मछुआरों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम के कारण समुद्र के भीतर हालात बेहद खराब हैं। ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे से लेकर 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा दक्षिण श्रीलंका, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में हवा की रफ्तार 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।

पश्चिम-मध्य, उत्तर, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों के साथ सोमालिया और ओमान के तटों पर 45-55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चलने की आशंका है। आईएमडी ने मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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जब बरसे बदरा तो महकेगा आंगन, बारिश में लगाएं ये 6 पौधे और पाएं फूलों की वादियां!

मानसून आते ही प्रकृति हरियाली से भर जाती है और यही समय घर के बगीचे को सजाने के लिए भी सबसे अच्छा होता है। बारिश की नमी पौधों को तेजी से बढ़ने में मदद करती है। ऐसे में कुछ खास पौधे लगाकर आप अपने घर को खूबसूरत और हरा-भरा बना सकते हैं:

 

मोगरा – खुशबू से भर देगा आंगन

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अगर आप चाहते हैं कि बारिश के मौसम में आपका घर मीठी और मनमोहक खुशबू से महकता रहे, तो मोगरे का पौधा जरूर लगाएं। मानसून में इसे अच्छी नमी मिलती है, जिससे इसकी ग्रोथ बेहतर होती है और इसमें सफेद रंग के खूबसूरत फूल खूब खिलते हैं। सही धूप, पानी और देखभाल मिलने पर मोगरा आपके बगीचे की सुंदरता बढ़ा सकता है।

 

गेंदा – कम देखभाल में खिलने वाला पौधा

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गेंदा ऐसा फूलों वाला पौधा है, जिसे ज्यादा मेहनत और देखभाल की जरूरत नहीं होती। इसके पीले और नारंगी रंग के चमकीले फूल बगीचे को अट्रैक्टिव बना देते हैं। यह पौधा मानसून में तेजी से बढ़ता है और माना जाता है कि इसकी खुशबू कुछ कीड़ों को दूर रखने में भी मदद कर सकती है।

 

गुड़हल – बड़े और रंग-बिरंगे फूलों की खूबसूरती

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बारिश का मौसम गुड़हल के पौधे के ग्रोथ के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। इस समय पौधा तेजी से बढ़ता है और इसमें बड़े साइज के लाल, गुलाबी, पीले या अन्य रंगों के फूल खिलते हैं। गुड़हल को अच्छी धूप और नियमित पानी की जरूरत होती है, इसलिए मानसून में इसकी देखभाल करना आसान हो जाता है।

 

स्नेक प्लांट – कम देखभाल में बढ़ने वाला पौधा

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अगर आप ऐसा पौधा चाहते हैं जिसकी ज्यादा देखभाल न करनी पड़े, तो स्नेक प्लांट एक बेहतरीन ऑप्शन है। इसे घर के अंदर या बाहर दोनों जगह लगाया जा सकता है। हालांकि, इसमें जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए, क्योंकि गमले में पानी जमा रहने से इसकी जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।

 

तुलसी – खूबसूरती के साथ औषधीय गुण

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तुलसी का पौधा भारतीय घरों में धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। मानसून में यह तेजी से बढ़ता है, लेकिन ध्यान रखें कि इसके गमले में पानी जमा न हो। तुलसी को रोजाना कुछ घंटे हल्की धूप मिलना जरूरी होता है, जिससे यह स्वस्थ बनी रहती है।

 

फर्न – हरियाली बढ़ाने के लिए बेहतरीन ऑप्शन

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फर्न की घनी और हरी पत्तियां बगीचे को नेचुरल और ताजा लुक देती हैं। यह पौधा नमी वाले वातावरण में अच्छी तरह ग्रोथ होता है, इसलिए बारिश का मौसम इसके लिए अनुकूल होता है। फर्न को सीधी तेज धूप पसंद नहीं होती, इसलिए इसे ऐसी जगह लगाना बेहतर होता है जहां हल्की छाया मिलती रहे।

बारिश में लगाएं ये पौधे और सजाएं अपना बगीचा

This may contain: many different colored flowers in the grass

अगर आप अपने घर के गार्डन, बालकनी या छत को हरियाली और फूलों से सजाना चाहते हैं, तो मानसून सबसे सही समय है। यहां दिए गए पौधे आसानी से लगाए जा सकते हैं और ये आपके घर को खूबसूरत, ताजा और नेचुरल फील देते हैं।