LIVE: CJP संसद मार्च पर अड़ी, दिल्ली में धारा 163 लागू

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Latest News Today Live Updates in Hindi : संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी संसद मार्च पर अड़ी। दिल्ली में धारा 163 लागू। पल पल की जानकारी…

जम्मू-कश्मीर: कल रात से हो रही लगातार बारिश की वजह से रियासी ज़िले में चिनाब नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और नदी का पानी कई निचले इलाकों में बहने लगा है।कांग्रेस के लोकसभा सांसद विपक्ष के फ्लोर लीडर्स की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी लेने के लिए संसद में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) के दफ्तर में सुबह 10.30 बजे मिलेंगे।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, 'भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है। पिछले 10-12 सालों से इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। जंतर-मंतर पर एक महीने तक बैठकर आप लोगों ने लोकतंत्र को फिर से ज़िंदा किया है। देश भर से लोग आ रहे हैं। जब मैं अमेरिका में था, तो लोग मुझसे कहते थे कि कोई भी सड़कों पर नहीं उतरेगा कि यह सिर्फ सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड बनकर रह जाएगा। आज जंतर-मंतर की ओर जाने वाली चारों सड़कों को देखिए; वे पूरी तरह से भरी हुई हैं… संसद जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता।'

-संसद के मानसून सत्र और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

-पुलिस हाई अलर्ट पर है। 5000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है।

-संसद, इंडिया गेट और VVIP इलाकों के आस-पास के संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

-दिल्ली पुलिस ने इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्टा होने पर रोक।

Delhi Weather Today: 5 साल की सबसे गर्म जुलाई की रात के बाद दिल्ली में बारिश की वापसी, IMD ने जारी किया आंधी-तूफान का अलर्ट

Delhi Weather Today: सोमवार, 20 जुलाई को दिल्ली में एक बार फिर बारिश ने जोरदार वापसी की। सुबह राजधानी के कई इलाकों में जमकर बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे और दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान भी आ सकता है। बता दें कि शहर में एक और गर्म और उमस भरे दिन और पिछले पांच सालों में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद, इस बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।

IMD के मुताबिक, कई जगहों पर हल्की बारिश होने की उम्मीद है, जबकि कुछ अलग-अलग इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है। सुबह और दोपहर से पहले गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं, दोपहर और शाम के समय भी हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 साल में जुलाई की सबसे गर्म रात के बाद तापमान में आएगी गिरावट

मौसम विभाग ने सोमवार के लिए अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25-27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है, जो रविवार की गर्मी के मुकाबले काफी कम है।

बता दें कि रविवार को दिल्ली में जुलाई महीने की पिछले पांच सालों में सबसे गर्म रात दर्ज की गई। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.8 डिग्री ज्याद था। इससे पहले शहर में जुलाई की इससे ज्यादा गर्म रात 1 जुलाई 2021 को दर्ज की गई थी, जब न्यूनतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस था।

वहीं, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम के औसत से 3.1 डिग्री ज़्यादा है। इस महीने में यह दूसरी बार था जब न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।

अन्य मौसम केंद्रों की बात करें तो पालम में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस, अयानगर में 37.2 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 36.7 डिग्री सेल्सियस और रिज में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान लोधी रोड में 30 डिग्री सेल्सियस, अयानगर में 29.4 डिग्री सेल्सियस, पालम में 29 डिग्री सेल्सियस और रिज में 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

राजधानी में बारिश की संभावना

हवा में नमी होने के बावजूद, रविवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच शहर के पांचों मुख्य मौसम केंद्रों में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। हालांकि, मौसम में बदलाव के कारण सोमवार को व्यापक बारिश होने की उम्मीद है।

IMD ने कहा कि मौजूदा मौसम के हालात को देखते हुए आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और आंधी-तूफान आने की संभावना है। इससे जलभराव, विजिबिलिटी कम होने और ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है, खासकर सुबह और शाम के समय जब लोग आवाजाही करते हैं।

इसके अलावा, आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर सकती हैं और संवेदनशील इलाकों में बिजली की आपूर्ति में अस्थायी रुकावट आ सकती है।

AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में

रविवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता (AQI) ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 169 दर्ज किया गया। वहीं, सुबह 8:30 बजे हवा में नमी 68% थी, जो शाम 5:30 बजे तक घटकर 50% रह गई।

IMD ने संकेत दिया है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान, राजधानी में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे दिन का तापमान 31-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और हाल ही में पड़ी भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

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देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जुलाई के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

इन राज्यों में होगी सबसे ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने की भी संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा

  • IMD ने कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
  • जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। झोंकों की रफ्तार इससे भी अधिक हो सकती है।
  • वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
  • इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

समुद्र में भी खराब रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है।

अरब सागर के पश्चिमी और मध्य हिस्सों, उत्तरी गुजरात, ओमान और सोमालिया के तट के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट और दक्षिण-पश्चिमी तथा पश्चिमी-मध्य हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यहां हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार, देश में मानसून की सक्रियता बढ़ने की मुख्य वजह मानसून ट्रफ का उत्तर भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला होना है। इसके अलावा पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बने हुए हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा हो सकता है। आंधी और बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश की होगी एंट्री तो इन राज्यों को भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, IMD ने बताया कब बदलेगा मौसम

इस सप्ताह दक्षिण-पश्चिम मानसून के फिर से सक्रिय होने के साथ देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून और मजबूत होगा। इसके चलते हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना है।

IMD ने बताया कि कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति भी बन सकती है। वहीं, दिल्ली में भी बारिश के कारण पिछले सप्ताह की गर्मी और उमस से राहत मिलने के साथ तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।

दिल्ली में मौसम बदलेगा, बारिश से मिलेगी गर्मी से राहत

मौसम  विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में आने वाले दिनों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बारिश वाले बादलों के पहुंचने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इसके बाद तापमान में लगातार गिरावट आएगी और मंगलवार तक यह करीब 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सप्ताह के बाकी दिनों में अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

IMD के मुताबिक, रविवार से दिल्ली में आंधी, गरज-चमक और रुक-रुक कर बारिश शुरू हो सकती है। वहीं, सोमवार से बुधवार के बीच बारिश का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

पूरे सप्ताह राहत भरा रहेगा दिल्ली का मौसम

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के दिनवार पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में इस सप्ताह तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, लेकिन भीषण गर्मी से काफी राहत मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को अधिकतम तापमान 40°C, सोमवार को 37°C, मंगलवार को 30°C, बुधवार को 33°C, गुरुवार को 35°C, शुक्रवार को 36°C और शनिवार को 32°C रहने का अनुमान है। यह पिछले कुछ दिनों की तेज गर्मी और उमस की तुलना में काफी राहत देने वाला रहेगा।

दिल्ली से सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के शहरों में भी मौसम बदलने की संभावना है। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 34°C से 39°C, गुरुग्राम में 34°C से 40°C और फरीदाबाद में 29°C से 32°C के बीच रहने का अनुमान है। फरीदाबाद में बाकी शहरों की तुलना में मौसम थोड़ा ठंडा रहने की उम्मीद है। दिल्ली और एनसीआर के अलावा, मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। खासकर अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह अच्छी बारिश होने की संभावना है।

उत्तर से दक्षिण तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज बारिश का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि हिमालयी क्षेत्रों के कुछ इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। इससे अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

वहीं, मध्य भारत के मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, ओडिशा और झारखंड में सक्रिय मानसून के कारण लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का असर पश्चिमी और दक्षिण भारत में भी देखने को मिलेगा। कोंकण-गोवा, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कई जगह अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।

रोबोट पहनाएगा आपकी ड्रेस! जानिए कैसे बिना हाथ लगाए काम करती है ये स्मार्ट टेक्नोलॉजी

तकनीक लगातार इंसानी जिंदगी को आसान बनाने के लिए नए रास्ते खोल रही है। इसी कड़ी में एक ऐसा रोबोटिक आविष्कार सामने आया है, जो भविष्य में कपड़े पहनने की पूरी प्रक्रिया को बदल सकता है। दक्षिण कोरिया के KAIST और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा स्मार्ट रोबोटिक कपड़ा सिस्टम विकसित किया है, जो बिना हाथों का इस्तेमाल किए कुछ ही सेकंड में व्यक्ति को कपड़े पहनाने में मदद कर सकता है। यह तकनीक खासतौर पर बुजुर्गों, दिव्यांगों और उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जिन्हें शारीरिक सीमाओं के कारण रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती है।

शोधकर्ताओं ने इसमें खास लचीली रोबोटिक ट्यूब का इस्तेमाल किया है, जो कपड़े को धीरे-धीरे शरीर पर चढ़ाने का काम करती हैं। यह खोज न सिर्फ सुविधा बढ़ाने वाली है, बल्कि भविष्य के सहायक रोबोटिक्स की नई दिशा भी दिखाती है।

कपड़े के अंदर लगे हैं खास वाइन रोबोट

इस रोबोटिक सिस्टम की सबसे खास बात इसमें इस्तेमाल किए गए सॉफ्ट एयर-पावर्ड रोबोट हैं। इन्हें कपड़ों के अंदर सिल दिया जाता है। ये लचीली ट्यूब जैसी संरचनाएं हवा भरने पर फैलती हैं और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए कपड़े को शरीर के चारों ओर खींच लेती हैं। यह प्रक्रिया कुछ ऐसी होती है जैसे कपड़ा अंदर से बाहर की ओर पलटते हुए शरीर पर चढ़ता जाता है। खास बात यह है कि इस दौरान व्यक्ति को बिल्कुल स्थिर रहने की जरूरत नहीं पड़ती।

आइडिया आया बारिश में फंसे अनुभव से

इस अनोखी तकनीक के पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है। शोधकर्ता किम नाम ग्यून ने बताया कि उन्हें यह विचार तब आया, जब वे साइकिल चलाते समय बारिश में फंस गए थे। उस समय उनके मन में आया कि अगर रेनकोट खुद ही शरीर पर चढ़ जाए तो कितना आसान हो जाएगा। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए टीम ने ऐसा पहनने योग्य रोबोटिक सिस्टम तैयार किया।

बेल की तरह काम करता है यह रोबोट

शोधकर्ताओं ने इस तकनीक को पौधों की बेल, खासकर चढ़ने वाली आइवी से प्रेरित होकर बनाया है। जैसे बेल अपनी नोक से बढ़ते हुए सतह के करीब रहती है, वैसे ही ये रोबोटिक ट्यूब कपड़े के अंदर आगे बढ़ती हैं। यह सिस्टम संकरी जगहों से गुजर सकता है, मुड़ी हुई सतहों के हिसाब से खुद को ढाल सकता है और फिसलन या ढलान वाली सतहों पर भी काम करने की क्षमता रखता है।

AI नहीं, मैकेनिकल डिजाइन है इसकी ताकत

आमतौर पर रोबोटिक सिस्टम के लिए जटिल सॉफ्टवेयर और कंट्रोल एल्गोरिदम की जरूरत होती है, लेकिन इस तकनीक की खासियत इसका सरल डिजाइन है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह सिस्टम अपने खास भौतिक ढांचे के कारण काम करता है, जिससे इसे ज्यादा आसान, लचीला और उपयोगी बनाया जा सकता है।

दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए बन सकता है सहारा

यह आविष्कार उन लोगों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकता है, जिन्हें रोजमर्रा के कामों में दूसरों की सहायता लेनी पड़ती है। बुजुर्गों और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को इससे कपड़े पहनने में अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है। इसके अलावा यह तकनीक अस्पतालों, आपातकालीन सेवाओं और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में भी उपयोगी हो सकती है।

फायरफाइटर्स और मेडिकल स्टाफ को भी मिलेगा फायदा

शोधकर्ताओं का मानना है कि यह सिस्टम उन जगहों पर भी काम आ सकता है, जहां लोगों को जल्दी से सुरक्षात्मक कपड़े पहनने पड़ते हैं।

सेमीकंडक्टर क्लीनरूम, फायर ब्रिगेड, हेल्थकेयर और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों के लिए यह तकनीक समय बचाने वाला समाधान बन सकती है।

अभी शुरुआती चरण में है तकनीक

हालांकि यह आविष्कार काफी प्रभावशाली है, लेकिन अभी इसे आम लोगों के इस्तेमाल के लिए तैयार नहीं किया गया है। शोधकर्ता इस तकनीक को और बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं। यह खोज दिखाती है कि जहां एक ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं रोबोटिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में नए प्रयोग भी लोगों की जिंदगी आसान बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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भारी बारिश से जम्मू-कश्मीर में हालात बिगड़े, रोकी गई अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा

जम्मू-कश्मीर में मौसम तेजी से खराब हो रहा है। बीते 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश की वजह से यहां बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। राजौरी, अनंतनाग, उधमपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की स्थिति बनी है। वहीं कई इलाकों में शनिवार को हुई भारी बारिश के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाना है। उन्होंने बताया कि वह रविवार सुबह से ही हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, खासकर राजौरी शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में, जहां भारी बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि वह स्थानीय विधायकों के लगातार संपर्क में हैं और प्रशासन पूरी तरह से राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार की हरसंभव मदद करेगी। जिन लोगों के घरों और संपत्ति को भारी बारिश या अचानक आई बाढ़ से नुकसान हुआ है, उन्हें भी हर जरूरी सहायता दी जाएगी।

महिला लापता, घरों और दुकानों को भारी नुकसान

जम्मू-कश्मीर के राजौरी ज़िले में तेज़ बारिश के बाद अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस हादसे में एक महिला लापता हो गई है, जबकि कई घरों, गाड़ियों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। शनिवार रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश से रिहायशी और निचले इलाकों में पानी भर गया। तेज़ बहाव की वजह से कई मकानों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। बचाव दल लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और लापता महिला की तलाश में जुटे हुए हैं।

रोकी गई अमरनाथ यात्रा

खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 19 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों से यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। कश्मीर के कमिश्नर अंशुल गर्ग ने बताया कि 19 जुलाई से बालटाल और नुनवान/चंदनवाड़ी बेस कैंप से किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह फैसला इन दोनों बेस कैंपों में मौजूद सभी श्रद्धालुओं पर लागू होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में खराब मौसम की संभावना को देखते हुए यात्रा मार्गों की सुरक्षा का दोबारा आकलन किया जा रहा है। मौसम में सुधार और रास्तों को सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। अंशुल गर्ग ने कहा कि प्रशासन लगातार मौसम और यात्रा मार्गों पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे और सुरक्षा सुनिश्चित हो जाएगी, अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू करने की जानकारी श्रद्धालुओं को दी जाएगी।

वैष्णो देवी यात्रा भी रोकी गई

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक 3.7 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर चुके हैं। वहीं, खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी यात्रा भी फिलहाल कुछ समय के लिए रोक दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और यात्रा मार्ग सुरक्षित पाए जाने के बाद ही दोनों यात्राएं दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन की ओर से जारी ताजा जानकारी और निर्देशों का पालन करें।

China: ट्रक के टायर पर बैठ 3 घंटे तक बाढ़ में तैरता रहा शख्स, वजह जानकर भावुक हो जाएंगे आप

दक्षिणी चीन से सामने आई एक भावुक कर देने वाली कहानी ने लोगों का दिल जीत लिया है। गुआंग्शी झुआंग स्वायत्त क्षेत्र में रहने वाले 30 साल के जी (Xie) ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की चिंता में ऐसा कदम उठाया, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। लगातार बारिश और भयानक बाढ़ के कारण जब माता-पिता से संपर्क टूट गया, तो बेटे ने इंतजार करने के बजाय खुद उन्हें खोजने का फैसला किया। खतरनाक बाढ़ के पानी, तेज बहाव और मुश्किल हालात के बीच शिए करीब तीन घंटे तक तैरता रहा और अपने माता-पिता तक पहुंचने की कोशिश करता रहा।

इस दौरान उसकी हिम्मत और परिवार के प्रति प्यार ने लोगों को भावुक कर दिया। जी (Xie) की ये कहानी बताती है कि अपनों की चिंता इंसान को बड़े से बड़े खतरे का सामना करने की ताकत दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी लोग उसकी बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं।

बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही

गुआंग्शी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और कई लोगों की जान भी चली गई। जी (Xie) के माता-पिता किनझोउ शहर के पास एक गांव में रहते थे, जो बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल था।

पिता चावल बचाने गए और फिर नहीं लौटे

स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, बाढ़ का पानी घर के आसपास बढ़ने लगा था। घटना से एक रात पहले जी (Xie) की मां ने उसे फोन कर बताया कि उसके पिता हाल ही में कटे हुए चावल को बचाने के लिए बाहर गए हैं, लेकिन काफी समय बाद भी वापस नहीं लौटे। बिजली कटने और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने के कारण जी (Xie) अपने माता-पिता से दोबारा संपर्क नहीं कर पाया। उसे डर सताने लगा कि कहीं उसके 63 वर्षीय पिता बाढ़ के तेज बहाव में बह तो नहीं गए।

टायरों के सहारे शुरू किया खतरनाक सफर

अगली सुबह शिए ने अपने एक दोस्त के साथ माता-पिता के गांव जाने का फैसला किया। शहर से गांव की दूरी करीब 10 किलोमीटर थी और रास्ते में हर तरफ पानी भरा हुआ था। बाढ़ पार करने के लिए दोनों ने एक स्थानीय दुकान से ट्रक के दो पुराने टायर खरीदे और उन्हें तैरने के सहारे के रूप में इस्तेमाल किया।

तेज धार और ठंडे पानी के बीच जारी रही जंग

जी (Xie)पहले से अच्छा तैराक था, लेकिन उसने माना कि यह सफर आसान नहीं था। रास्ते में तेज बहाव और ठंडे पानी ने मुश्किलें बढ़ा दीं। कई जगह उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। बताया गया कि अंतिम एक किलोमीटर की दूरी तय करने में ही लगभग एक घंटा लग गया।

ऊपरी मंजिल पर फंसे मिले पिता

कई घंटों की मेहनत के बाद जब शिए अपने घर पहुंचा, तो उसने देखा कि बढ़ते पानी के कारण उसके पिता घर की ऊपरी मंजिल पर फंस गए थे। पिता को सुरक्षित देखकर बेटे को राहत मिली। इसके बाद जी (Xie) ने अपने पिता को घर के पीछे बने संकरे रास्ते से निकालकर ऊंचाई वाले दूसरे घर तक पहुंचाया, जहां वह सुरक्षित रह सके।

बेटे ने पहले बचाया, फिर पिता को समझाया

पिता को सुरक्षित देखने के बाद जी (Xie) ने उन्हें डांट भी लगाई। उसने कहा कि चावल बचाने के लिए अपनी जिंदगी खतरे में डालना सही फैसला नहीं था। शिए ने बताया कि पिता उसे देखकर मुस्कुराए थे, लेकिन उसने तुरंत उन्हें समझाया कि किसी भी सामान से ज्यादा जरूरी इंसान की जिंदगी होती है।

मुश्किल समय में बेटे के प्यार की मिसाल

जी (Xie) की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। बाढ़ जैसी खतरनाक स्थिति में अपने माता-पिता के लिए उसकी हिम्मत, चिंता और प्यार ने लोगों को भावुक कर दिया। यह घटना दिखाती है कि परिवार के प्रति जिम्मेदारी और अपनापन इंसान को मुश्किल से मुश्किल हालात का सामना करने की ताकत दे सकता है।

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IND vs ENG 3rd ODI: लॉर्ड्स में होगा वनडे सीरीज का फैसला, क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

IND vs END 3rd ODI: भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला रविवार, 19 जुलाई को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर दोपहर 3:30 से खेला जाएगा। भारत और इंग्लैंड दोनों ही अब तक एक-एक मैच जीत चुकी हैं, इसलिए जो भी टीम ये मुकाबला जीतेगी वह सीरीज पर कब्जा कर लेगी। ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ी जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगे। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। वहीं मुकाबला शुरू होने से पहले जानें कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और पिच रिपोर्ट

क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दिन आसमान साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। तापमान करीब 13 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और बारिश की आशंका बेहद कम है। वहीं हवा में नमी सामान्य रहने की उम्मीद है। शुरुआती ओवरों में हल्की हवा तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद दे सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम क्रिकेट खेलने और मैच देखने के लिए अनुकूल रहने का अनुमान है। दोनों टीमों को पूरे 50-50 ओवर का मुकाबला खेलने का मौका मिल सकता है।

कैसी होगी लॉर्ड्स की पिच

लॉर्ड्स की पिच को संतुलित माना जाता है, जहां बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को मदद मिलने की संभावना रहती है। मैच की शुरुआत में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को सीम और उछाल मिल सकता है, जिससे शुरुआती ओवर काफी अहम होंगे। इसके बाद पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतर होती जाती है और रन बनाना आसान हो जाता है। वहीं, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों को भी पिच से टर्न और पकड़ मिलने की उम्मीद रहती है।

टॉस जीतने वाली टीम को क्या करना चाहिए?

लॉर्ड्स की पिच पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम आमतौर पर 270 से 290 रन के बीच का स्कोर बनाने की कोशिश करती है। ऐसे में मुकाबले में टॉस की भूमिका अहम रहती है, लेकिन यही मैच का फैसला नहीं करता। इस मैदान पर पिच दोनों टीमों को बराबर मौका देती है, इसलिए बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम के जीतने की संभावना अधिक रहती है।

कहां पर देखें लाइव मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा और निर्णायक वनडे मैच 19 जुलाई को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। ये मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। क्रिकेट प्रशंसक इस मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकेंगे, जबकि ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग JioHotstar ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।

भारत और इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: शुभमन गिल (कैप्टन), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (वाइस-कैप्टन), केएल राहुल (WK), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार

इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11: विल जैक्स, बेन डकेट, जो रूट, हैरी ब्रूक (कैप्टन), जोस बटलर (WK), सैम करन, जैकब बेथेल, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, साकिब महमूद, गस एटकिंसन

भारत और इंग्लैंड की पूरी टीम

इंडिया की ODI स्क्वॉड: शुभमन गिल (कैप्टन), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (वाइस-कैप्टन), केएल राहुल (WK), ईशान किशन (WK), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार।

इंग्लैंड की ODI टीम: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट, जोश टंग।

FIFA World Cup 2026 Final: फीफा वर्ल्ड कप फाइनल से पहले अलर्ट! न्यूयॉर्क के आसमान पर छाया काला धुआं

FIFA World Cup Final: फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। दुनियाभर के फुटबॉल फैंस बेसब्री से फाइनल का इंतजार कर रहे हैं। फाइनल मुकाबला स्पेन और अर्जेंटीना के बीच न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा। वहीं फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले कनाडा में जंगल में लगी आग का धुआं अमेरिका के उत्तर-पूर्वी इलाकों तक पहुंच गया है। इसकी वजह से कई जगहों पर लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी जारी की गई है। न्यूयॉर्क में रविवार को होने वाले फीफा विश्व कप फाइनल भी यहीं पर खेला जाएगा।

रविवार को अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले फीफा विश्व कप फाइनल पर मौसम का कितना असर पड़ेगा, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। वहीं खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा फीफा की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। एक्सपर्ट के मुताबिक, मैच वाले दिन तक हवा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

80 हजार दर्शक हो सकते हैं शामिल

इस सप्ताह न्यूयॉर्क शहर में कनाडा की जंगल की आग के धुएं का असर साफ तौर पर देखने को मिला। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की और बाहरी गतिविधियां कम करने के साथ-साथ बाहर रहने पर बीच-बीच में आराम करने की सलाह दी। न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी के ओपन-एयर स्टेडियम में होने वाले फीफा विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना और यूरोपीय चैंपियन स्पेन के मुकाबले को देखने के लिए 80 हजार से ज्यादा दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में लगाए जाने वाले सार्वजनिक स्क्रीनिंग कार्यक्रम में भी करीब 50 हजार फुटबॉल प्रशंसकों के मैच देखने की संभावना जताई गई है।

आज साफ हो सकता है धुंवा

एक्यूवेदर के मौसम विज्ञानी एलेक्स दासिल्वा ने रॉयटर्स को एक इंटरव्यू में बताया, “जिन इलाकों में धुआं ज्यादा है, वहां लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। खासकर वे लोग जो पहले से श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं या ज्यादा संवेदनशील हैं, उनके लिए बेहतर होगा कि वे जितना संभव हो घर के अंदर ही रहें।” उन्होंने आगे कहा, “शनिवार को अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे हवा में फैला काफी धुआं साफ हो जाएगा। इसके बाद रविवार सुबह ठंडी हवाएं चलने की उम्मीद है, जो इलाके में बचा हुआ धुआं भी काफी हद तक दूर कर देंगी।”

लोगों को घर में रहने की सलाह

न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने गुरुवार को कहा कि जंगल की आग से उठे धुएं की वजह से पूरे राज्य की हवा की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जितना संभव हो घर के अंदर रहें और बिना जरूरत बाहर निकलने से बचें। हाल के वर्षों में उत्तरी कनाडा में लगने वाली जंगल की आग का धुआं गर्मियों के दौरान अमेरिका के कई इलाकों तक पहुंचना आम बात बन गया है।

एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर रविवार को मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ, तो खिलाड़ियों के लिए मैदान पर खेलना आसान नहीं होगा। धुआं और गर्मी दोनों ही खिलाड़ियों की सेहत पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में मुकाबले के दौरान उन्हें पर्याप्त पानी पीना होगा और शरीर को ठंडा रखने पर विशेष ध्यान देना पड़ेगा।

IMD Heavy Rain Alert: 9 सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, IMD ने 20+ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

India Weather Update: देश भर में मानसून की रफ्तार अब बेहद आक्रामक हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की स्थिति बेहद सक्रिय रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के वायुमंडल में 9 बड़े चक्रवाती सिस्टम, ट्रफ और मौसमी प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश और आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां काफी धीमी बनी रहेंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के अनुसार, आने वाले दिनों में आपके राज्य में मौसम का हाल कैसा रहेगा।

देश में एक्टिव हैं 9 चक्रवाती सिस्टम

18 जुलाई के मुताबिक देश के आसमान में अभी कई ताकतवर सिस्टम बने हुए हैं-

  • झारखंड-बंगाल पर चक्रवाती परिसंचरण: गांगेय पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण इसी क्षेत्र पर समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक लगातार सक्रिय है।
  • बिहार से बंगाल की खाड़ी तक ट्रफ: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी बिहार से लेकर झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।
  • उत्तरी हरियाणा पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी हरियाणा और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पूर्वी यूपी के ऊपर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
  • दक्षिण ओडिशा पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के इलाके पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है।
  • उत्तर-पूर्वी असम पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तर-पूर्वी असम और उसके पड़ोस के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।
  • मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण तमिलनाडु से सटे मन्नार की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण लगातार बरकरार है।
  • उत्तरी केरल पर सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी केरल और उसके आस-पास के क्षेत्र पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ के रूप में 70°E देशांतर के साथ और 30°N अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है जबकि मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): छत्तीसगढ़ और मेघालय में रिकॉर्ड तोड़ बरसात दर्ज की गई है।

बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में दर्ज हुई।

भारी बारिश (7 से 11 सेमी): हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा, ओडिशा, बिहार, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश व यानम और केरल में दर्ज की गई।

अगले 6-7 दिनों का राज्यवार विस्तृत पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर)

पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई के दौरान और पश्चिमी यूपी में 19-24-जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी यूपी में 18 जुलाई को छिटपुट बारिश की संभावना है। 18 से 21 जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 18 से 20 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी यूपी में 18-24 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 22-24 जुलाई के बीच भारी बारिश भी होगी।

उत्तराखंड में 18-24 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड में अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। इसके साथ ही 18 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 19-20 व 22-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को हिमाचल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 व 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18, 20-21 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में18 जुलाई को छिटपुट और 19-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश और 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश की आशंका है। 18-21 और 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18-19 जुलाई और 24 जुलाई को छिटपुट जबकि 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी। 20 से 22 जुलाई के दौरान इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 19 और 23 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

पूर्वी राजस्थान में 18-23 जुलाई को छिटपुट और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जबकि 20-24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में 18-24 जुलाई के दौरान छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

2- पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 18-21 जुलाई तक व्यापक बारिश और 22-24 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 18 से 20 जुलाई के बीच बिहार में बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट है जबकि 21 से 24 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। झारखंड में 18-23 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी (24 जुलाई को छिटपुट)। राज्य में 18 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 और 19 जुलाई को यहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18-19 व 21-22 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।

गांगेय पश्चिम बंगाल में 18-24 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी जिसमें 21-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश (20-24 जुलाई को छिटपुट) होगी और 18-20 जुलाई के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को छिटपुट, जबकि 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी।

3- पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अरुणाचल)

असम और मेघालय में राज्यों में 18-20 जुलाई और 23-24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी (21-22 जुलाई को छिटपुट)। 18 जुलाई को असम और मेघालय में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 19-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 21-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 18-20 जुलाई और 24 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 18 जुलाई को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 18 व 23-24 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18-24-जुलाई के दौरान लगातार व्यापक बारिश होगी जिसमें 18 से 22 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट है।