मानसून में ये 5 सब्जियां बन सकती हैं परेशानी की वजह, जानें बचने के तरीके

बारिश का मौसम आते ही बाजार में ताजी सब्जियों की भरमार दिखाई देने लगती है, लेकिन इस मौसम में बढ़ी हुई नमी कई सब्जियों की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है। गीले वातावरण के कारण कुछ सब्जियों में बैक्टीरिया, फंगस और छोटे कीड़ों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार सब्जियां बाहर से बिल्कुल ताजी और अच्छी दिखती हैं, लेकिन उनके अंदर गंदगी या कीड़े छिपे हो सकते हैं। खासकर पत्तेदार और ज्यादा नमी वाली सब्जियों को खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

सही तरीके से सफाई और जांच के बिना इन्हें खाने से पेट से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए मानसून के दौरान सब्जियां खरीदते समय उनकी ताजगी, सफाई और गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी सुरक्षित रहे।

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, धनिया, मेथी, लेट्यूस जैसी पत्तेदार सब्जियां बारिश में जल्दी खराब हो सकती हैं। इनके पत्तों में मिट्टी, कीड़े और नमी छिप सकती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस पनपने का खतरा बढ़ जाता है। इन्हें इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धोना बेहद जरूरी है।

2. पत्तागोभी

पत्तागोभी की कई परतों के बीच बारिश के मौसम में छोटे कीड़े, गंदगी और नमी जमा हो सकती है। ज्यादा नमी के कारण इसमें फंगस लगने की संभावना भी बढ़ जाती है। खरीदने से पहले इसकी ताजगी जरूर जांच लें।

3. फूलगोभी

फूलगोभी के छोटे-छोटे फूलों के अंदर कीड़े आसानी से छिप सकते हैं। मानसून में बढ़ी हुई नमी की वजह से इसमें कीड़ों का खतरा ज्यादा रहता है। इसे पकाने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है।

4. मशरूम

मशरूम में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए यह जल्दी खराब हो सकता है। बारिश के मौसम में नमी बढ़ने से इसमें बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं। इसे हमेशा भरोसेमंद जगह से खरीदें और तुरंत इस्तेमाल करें।

5. बैंगन

बैंगन में मानसून के दौरान कीड़ों का खतरा बढ़ जाता है। कई बार बाहर से ताजा दिखने वाला बैंगन अंदर से खराब या कीड़ों से प्रभावित हो सकता है। इसलिए इसे काटकर अच्छी तरह जांचने के बाद ही पकाएं।

मानसून में सब्जियां सुरक्षित रखने के आसान तरीके

  • हमेशा ताजी और साफ सब्जियां ही खरीदें।
  • सब्जियों को बहते पानी में अच्छी तरह धोएं।
  • इस्तेमाल से पहले नमक वाले पानी या सिरके के घोल में 15-20 मिनट भिगो सकते हैं।
  • बारिश के मौसम में कच्ची सब्जियां खाने से बचें और अच्छी तरह पकाकर खाएं।
  • लौकी, तोरई, कद्दू और पेठा जैसी मौसमी सब्जियां बेहतर विकल्प हो सकती हैं।

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असम में बाढ़ का कहर, एक दिन में 10 लोगों की मौत, 6.53 लाख से ज्यादा लोग हुए प्रभावित

Assam Flood Update: असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार को राज्य के 11 जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिला, जिससे करीब 6.53 लाख लोग प्रभावित हुए और एक ही दिन में 10 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात में जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, मंगलवार आधी रात से लेकर 24 घंटों के भीतर बाढ़ के कारण 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही, इस साल बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। इससे पहले गुवाहाटी में एक व्यक्ति की मौत हुई थी।

प्राधिकरण ने बताया कि शिवसागर और जोरहाट जिलों में तीन-तीन लोगों की मौत हुई, जबकि चराइदेव में दो और कार्बी आंगलोंग तथा धेमाजी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।

अगले चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर लोगों से किसी भी आपदा के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ही, विभाग ने अगले चार दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है, क्योंकि कुछ जगहों पर आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 11 जिलों में 6,53,100 से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें शिवसागर, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग और नगांव जिले शामिल हैं।

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित शिवसागर जिला है, जहां करीब 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, चराइदेव में लगभग 1.11 लाख लोग और जोरहाट में 97 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं।

मंगलवार तक राज्य के 12 जिलों में करीब 5.65 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, असम में 939 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 24,897.27 हेक्टेयर खेती की जमीन को नुकसान पहुंचा है।

राज्य प्रशासन बचाव कार्य में जुटा

ASDMA ने बताया कि राज्य प्रशासन 10 जिलों में 487 शेल्टर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां 24,418 लोगों की देखभाल की जा रही है।

इसमें आगे कहा गया कि सेना, NDRF, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, पुलिस और सिविल एजेंसियों ने चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग और शिवसागर से 8,500 से ज्यादा लोगों को बचाया है।

ASDMA ने आगे बताया कि खोवांग में बुरीदिहिंग नदी, शिवसागर में दिखौ नदी, नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी और श्रीभूमि में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं, नांगलमुराघाट में दिसांग नदी का जलस्तर अब तक के सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर से ऊपर पहुंच गया है।

Delhi Weather Today: राजधानी में आज हो सकती है हल्की से मध्यम बारिश, 50 Kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Delhi Weather Today: दिल्ली में गुरुवार की शुरुआत सुहावने लेकिन उमस भरे मौसम के साथ हुई। इस दौरान सुबह का न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिन के दौरान राजधानी में कुछ जगहों पर बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, पूरे दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है। वहीं, हवा में नमी का स्तर 80% से 95% के बीच रहने की संभावना है, जिसके चलते तापमान अपेक्षाकृत कम रहने के बावजूद लोगों को उमस का एहसास होगा।

IMD ने गुरुवार को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और हल्की बारिश का अनुमान लगाया है। हालांकि, दिल्ली के लिए मौसम से जुड़ी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

आने वाले दिनों हल्की बारिश की संभावना

आने वाले कुछ दिनों तक मौसम काफी हद तक ऐसा ही रहने की उम्मीद है। 24 जुलाई को दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है, जबकि 25 जुलाई से 28 जुलाई के बीच शहर में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 33°C से 34°C के बीच रहेगा। वहीं, आने वाले दिनों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

बता दें कि बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिनमें लुटियंस दिल्ली, जंतर-मंतर, सफदरजंग और संगम विहार शामिल हैं। जिस कारण अधिकतम तापमान गिरकर 33.6 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम है।

वहीं, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र, सफदरजंग ऑब्जर्वेटरी ने सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 12mm बारिश दर्ज की। आया नगर में सबसे ज्यादा 20.1mm बारिश हुई, इसके बाद पालम (18.7 मिमी), सफदरजंग (12 मिमी) और लोधी रोड (9.8 मिमी) का नंबर रहा, जबकि रिज में बहुत कम बारिश दर्ज की गई।

अन्य मौसम केंद्रों में, पालम में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम था। इसके बाद रिज में 33.2 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.8 डिग्री कम), लोधी रोड में 33.1 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.9 डिग्री कम) और आया नगर में 32 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2.8 डिग्री कम) तापमान दर्ज किया गया।

IMD ने शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और शाम व रात के समय आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

वहीं, शाम के समय हवा में नमी (रिलेटिव ह्यूमिडिटी) 100% दर्ज की गई।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 65 रहा, जो “संतोषजनक” श्रेणी में आता है। CPCB के AQI पैमाने के मुताबिक, 0 से 50 के बीच की रीडिंग को “अच्छा”, 51-100 को “संतोषजनक”, 101-200 को “मध्यम”, 201-300 को “खराब”, 301-400 को “बहुत खराब” और 401-500 को “गंभीर” माना जाता है।

IND vs ZIM: इंग्लैंड के खिलाफ फ्लॉप होने के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मिलेगा मौका? जानें कैसी होगी प्लेइंग 11

IND vs ZIM: आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे दौरे हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम की शुरुआत अब तक अच्छी नहीं रही है। उनकी कप्तानी में टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज 0-2 से हार गई और फिर इंग्लैंड के दौरे पर चारों मुकाबले गंवा बैठी। टी20 टीम की कमान संभालने के बाद अय्यर अभी तक पहली जीत का इंतजार कर रहे हैं।

टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली सीरीज को भी टीम इंडिया हल्के में नहीं लेना चाहेगी। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मैच में खराब प्रदर्शन के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में मौका मिलेगा। आइए जानते हैं मुकाबले के लिए कैसी होगी टीम इंडिया की प्लेइंग 11 औवर पिच रिपोर्ट

वर्ल्ड कप में किया था बड़ा उलटफेर

इस साल फरवरी में कोलंबो में खेले गए ICC टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। लेकिन टीम नॉकआउट चरण में जगह नहीं बना सकी और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। इसके बावजूद इस साल जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी टीमों को भी हराकर अपनी ताकत का एहसास कराया है।

दोनों टीमों की हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है और उसने 11 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं, जिम्बाब्वे ने तीन मुकाबले अपने नाम किए हैं। दोनों टीमों के बीच अब तक कोई मैच टाई नहीं रहा है और न ही किसी मुकाबले का नतीजा बिना परिणाम के खत्म हुआ है।

कैसी होगी मौसम

हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच आमतौर पर टी20 मुकाबलों में गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर करीब 150 से 160 रन के बीच रहता है। मैच की शुरुआत में गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, लेकिन समय बीतने के साथ पिच धीमी हो जाती है, जिससे बल्लेबाजी आसान नहीं रहती। वहीं, आउटफील्ड भी ज्यादा तेज नहीं होने के कारण बल्लेबाजों को सही टाइमिंग के साथ शॉट खेलने पड़ते हैं। ऐसे में इस मैदान पर अनुशासित गेंदबाजी करने वाली टीमों को अक्सर बढ़त मिलती है।

कैसा होगा हरारे का मौसम

हरारे में भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहले टी20 मैच के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। बारिश की संभावना बेहद कम है, इसलिए पूरे मैच के बिना किसी रुकावट के होने की उम्मीद है। मुकाबले के समय तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि हवा में नमी लगभग 18 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिससे खिलाड़ियों को मौसम काफी अनुकूल मिलेगा।

भारत और जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: श्रेयस अय्यर (c), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (vc), ईशान किशन (wk), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, अशोक शर्मा, मयंक यादव

जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11: सिकंदर रजा (c), तदिवानाशे मारुमानी (w), ब्रायन बेनेट, मिल्टन शुम्बा, डियोन मायर्स, रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्ज़ा, ब्लेसिंग मुज़रबानी, न्यूमैन न्यामहुरी, वेस्ली मधेवेरे

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कल बारिश का तांडव: IMD ने 2 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग दी, इन 21 राज्यों में भी मूसलाधार बरसेंगे मेघ, आंधी-तूफान का भी अलर्ट

Weather Update 23 July: मानसून का प्रचंड रूप जारी है और देश के कई हिस्सों में बादल आफत बनकर बरस रहे हैं। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जुलाई के लिए राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने पश्चिम भारत के 2 प्रमुख राज्यों (गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से बेहद खतरनाक बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा देश के 21 दूसरे राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

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आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण और पूर्वानुमान के मुताबिक 23 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है।

इन 2 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंग, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने 23 जुलाई को दो राज्यों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात क्षेत्र के मैदानी व उत्तरी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र के मध्य क्षेत्र और पर्वतीय/घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश का कहर जारी रहेगा। इससे बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।

इन 4 क्षेत्रों/राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक देश के 4 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में मूसलाधार से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। पूर्वी राजस्थान में बादलों का तेज जमावड़ा रहेगा और कई जगह बहुत भारी बारिश होगी। मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज रहेंगी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। 23 जुलाई को तटीय गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बना रहेगा। पूर्वोत्तर भारत (नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) के चारों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

उत्तर भारत से दक्षिण तक 17 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने देश के 17 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है-

उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश होगी।

मध्य एवं पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिम भारत: सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में भी भारी बारिश होगी।

दक्षिण एवं पूर्वोत्तर भारत: कर्नाटक, केरल और माहे, तेलंगाना, असम व मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं (30-50 kmph) का अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। झारखंड, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, कर्नाटक, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगानाल में आंधी-तूफान और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है।

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, पूरा गुजरात राज्य, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ में आकाशीय बिजली कड़कने की कड़ी चेतावनी है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

यह भी पढ़ें: खराब मौसम की चेतावनी: अगले 7 दिनों में 22 राज्यों में भारी बारिश और 17 में आंधी-तूफान का अलर्ट! इन 6 जगहों पर हालात बिगड़ने का खतरा

खराब मौसम की चेतावनी: अगले 7 दिनों में 22 राज्यों में भारी बारिश और 17 में आंधी-तूफान का अलर्ट! इन 6 जगहों पर हालात बिगड़ने का खतरा

Weekly Weather Forecast: देश भर में सक्रिय मानसून अपना विकराल रूप दिखा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जुलाई को ताजा और विस्तृत वेदर बुलेटिन जारी करते हुए अगले 7 दिनों के लिए बड़े पैमाने पर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में अगले 3 से 4 दिनों तक एक्टिव मानसून की स्थिति बनी रहेगी। IMD ने देश के 22 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, 17 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। देश के 6 खास इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की वजह से हालात बिगड़ने की आशंका भी खड़ी हो सकती है।

आइए जानते हैं कि पिछले 24 घंटों में कहां-कहां मूसलाधार आफत बरसी और अगले 7 दिनों तक आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है।

इन 6 जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अत्यधिक मूसलाधार बारिश के चलते देश के 6 प्रमुख अंचलों और राज्यों में अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 22 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में भीषण बारिश का अलर्ट है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान, कोंकण और गोवा के अलग-अलग इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश की आशंका है। मध्य महाराष्ट्र में 22 और 23 जुलाई को लगातार दो दिनों तक अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है। इसी तरह गुजरात क्षेत्र में 22 जुलाई से 24 जुलाई तक मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

बीते 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश?

22 जुलाई की सुबह तक पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण गुजरात क्षेत्र में 30 सेमी से भी अधिक की रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई। मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और तटीय कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक) हुई। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कोंकण व गोवा और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी) दर्ज की गई। इसी तरह झारखंड, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, विदर्भ और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) देखने को मिली है।

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और पंजाब-हरियाणा का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

पूर्वी राजस्थान: 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। 22 से 26 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिमी राजस्थान: 22 जुलाई को 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से आंधी और 22 से 26 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है।

पंजाब: 22 जुलाई और 27-28 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। जबकि 23 व 25 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 22 जुलाई को भारी बारिश होगी और 27 व 28 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 27 और 28 जुलाई को भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी और 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश होगी। उत्तराखंड में 22 से 28 जुलाई तक लगातार भारी बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ

दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम मध्य प्रदेश में 22 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी जबकि 23 जुलाई को बहुत भारी और 24-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 और 23 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जिसके बाद 24-25 जुलाई को भारी बारिश होगी। पूरे क्षेत्र में 30-40 किमी/घंटा की गति से हवाएं चलेंगी। छत्तीसगढ़ में 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश और 22 से 26 जुलाई तक आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 23 जुलाई को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में 60 किमी/घंटा की हवाएं

झारखंड में 22 से 26 जुलाई के दौरान 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

बिहार में 22 से 24 जुलाई और 27-28 जुलाई के दौरान भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। 22 से 24 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल में और 26 से 28 जुलाई तक उप-हिमालयी बंगाल में भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान व निकोबार में 22 से 28 जुलाई तक तेज हवाएं चलेंगी।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और नार्थ-ईस्ट में मूसलाधार आफत

असम और मेघालय में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इसके बाद 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी और 23 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 और 23 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी, जबकि 24 से 28 जुलाई के दौरान भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में तेज सतही हवाएं

हालांकि अगले 7 दिनों तक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश अंदरूनी मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधि थोड़ी कम रहेगी, फिर भी तटीय इलाकों में असर दिखेगा। तटीय कर्नाटक में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश होगी। 23 जुलाई और 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश और तेज सतही हवाएं चलेंगी।

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22 और 23 जुलाई को केरल एवं माहे में भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी जिसके बाद 24 से 28 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी। 22 और 23 जुलाई को तेलंगाना, उत्तरी व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होगी। 22 से 28 जुलाई के दौरान तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और रायलसीमा में 22 से 26 जुलाई के दौरान 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की चेतावनी दी गई है।

Assam Flood: असम में बाढ़ के हालात गंभीर! 5.65 लाख लोग प्रभावित, अब तक 31 लोगों की मौत

Assam Flood: असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में आने से बुधवार (22 जुलाई) को 21 और लोगों की मौत हो गई। जबकि लगभग 5.65 लाख लोग इससे प्रभावित हुए है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की मंगलवार मध्यरात्रि को जारी बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विश्वनाथ, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कामरूप महानगर, कार्बी आंगलोंग, नागांव, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों में बाढ़ से 5,64,600 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान शिवसागर जिले में चार महिलाओं और दो बच्चों समेत 13 लोगों की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा चराइदेव में दो बच्चों समेत पांच, गोलाघाट में दो और जोरहाट में एक महिला की जान चली गई। इन मौतों के साथ ही इस साल राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।

‘येलो अलर्ट’ जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अगले चार दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया है। आईएमडी के अनुसार, ‘येलो अलर्ट’ का अर्थ सतर्क रहने और स्थिति से संबंधित अद्यतन जानकारी पर नजर बनाए रखना है। शिवसागर बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 3.6 लाख लोग प्रभावित हैं। इसके बाद जोरहाट में लगभग 88,000 और चराइदेव में 72,500 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

6000 लोगों को बचाया गया

राज्य में बाढ़ की स्थिति सोमवार रात की तुलना में और खराब हुई है। सोमवार रात तक 15 जिलों में लगभग 3.63 लाख लोग प्रभावित थे। रिपोर्ट के अनुसार, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, पुलिस और अन्य नागरिक एजेंसियों ने चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर के विभिन्न इलाकों से 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है।

10 जिलों में राहत कैंप

ASDMA ने बताया कि प्रशासन 10 ज़िलों में 273 राहत कैंप और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां अभी 12,284 विस्थापित लोगों की देखभाल की जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना, NDRF, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, पुलिस और सिविल एजेंसियों जैसे कई विभागों ने चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर के अलग-अलग इलाकों से 6,000 से ज्यादा लोगों को बचाया है।

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अथॉरिटी ने पिछले 24 घंटों में बाढ़ पीड़ितों के बीच 5,011.07 क्विंटल चावल, 956.53 क्विंटल दाल, 265.18 क्विंटल नमक और 20,115.42 लीटर सरसों का तेल बांटा है। ASDMA ने बताया कि अभी 872 गांव पानी में डूबे हुए हैं। पूरे असम में 24,210.35 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। राज्य के अलग-अलग जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हुए हैं।

Weather Update : देशभर में मानसून हुआ सक्रिय, 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-भूस्खलन से जम्मू-कश्मीर बेहाल

Monsoon becomes active across country, heavy rain alert for 18 states

Weather Update News : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के लगभग 18 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात, केरल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्‍यों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है। जम्मू-कश्मीर में लगातार मूसलाधार बारिश से गुरेज में 4 जगह बादल फटने, बडगाम में बाढ़ और कई जिलों में भूस्खलन से तबाही हुई। बडगाम में सुखनाग नाला में बाढ़ से कई दुकानें बह गईं। खराब मौसम को देखते हुए सरकार ने सभी स्कूलों में 26 जुलाई तक छुट्टियां बढ़ा दी हैं।

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के लगभग 18 राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात, केरल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत कई राज्‍यों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है।

 

कैसा है जम्मू-कश्मीर का हाल?

जम्मू-कश्मीर में लगातार मूसलाधार बारिश से गुरेज में 4 जगह बादल फटने, बडगाम में बाढ़ और कई जिलों में भूस्खलन से तबाही हुई। बडगाम में सुखनाग नाला में बाढ़ से कई दुकानें बह गईं। खराब मौसम को देखते हुए सरकार ने सभी स्कूलों में 26 जुलाई तक छुट्टियां बढ़ा दी हैं। उत्तर प्रदेश के मेरठ, शामली, बागपत, बिजनौर, आगरा, मथुरा, रामपुर, बरेली, अलीगढ़, झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है।

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मौसम विभाग ने बिहार के कई इलाकों में अगले 24-48 घंटों के दौरान तूफानी आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में आज गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी तथा एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहेगी।

यहां 2 स्थानों पर हुआ भूस्खलन

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2 स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे हाईवे करीब 6 घंटे तक बंद रहा। मदाना और शींदरा क्षेत्र में मलबा आने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सांबा, कठुआ, राजोरी, पुंछ और बनी क्षेत्र में लगातार बारिश से सड़कें बंद हो गईं।

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मौसम विभाग के अनुसार पिछले तीन दिनों में सबसे अधिक बारिश कटड़ा में 245.6 मिमी दर्ज की गई। पुंछ में 204.5 मिमी, राजोरी में 186.2 मिमी, रियासी में 184.5 मिमी और उधमपुर में 155.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने आज हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सोलन, किन्नौर और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 

 

मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून का ब्रेक टूटते ही बादल झूमकर बरसे। सोमवार आधी रात के बाद से प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा का सिलसिला शुरू हुआ तो मंगलवार रात तक रुक-रुक कर चलता रहा। सीधी जिले की मझौली तहसील में सबसे अधिक 124.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अगले 48 घंटे के दौरान भी प्रदेश के कई जिलों में वर्षा की संभावना है।

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आईएमडी ने की यह अपील

आईएमडी ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन व मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। ट्रेकिंग और अन्य पर्वतीय गतिविधियों से भी फिलहाल परहेज करने का सुझाव दिया गया है।

मौसम की पल-पल की लाइव रिपोर्ट और अपने जिले के सटीक पूर्वानुमान के लिए हमारे साथ बने रहें।

दिल्ली से दूर नहीं, लेकिन खूबसूरती में किसी हिल स्टेशन से कम नहीं हैं ये 7 जगहें

बारिश का मौसम आते ही दिल्ली (Delhi) और आसपास का नजारा पूरी तरह बदल जाता है। सूखी सड़कें हरियाली से भर जाती हैं, झीलें (lakes) और पार्क (parks) ताजगी से खिल उठते हैं और ठंडी हवाएं सफर का मजा दोगुना कर देती हैं। ऐसे मौसम में घर पर बैठने के बजाय छोटी-सी रोड ट्रिप (short road trip) का प्लान बनाना एक बेहतरीन आइडिया हो सकता है।

अगर आपके पास लंबी छुट्टी नहीं है, तो भी चिंता की बात नहीं। दिल्ली से करीब 4 घंटे या उससे कम दूरी पर कई ऐसी शानदार जगहें हैं, जहां आप दोस्तों या परिवार के साथ आराम से वीकेंड (weekend) बिता सकते हैं। यहां आपको नेचर, इतिहास, झीलें, किले, बर्ड वॉचिंग और शानदार खाने का मजा एक साथ मिलेगा:

Agra, आगरा: बारिश में और भी खूबसूरत लगता है ताजमहल

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दिल्ली (Delhi) से लगभग 3 से 4 घंटे की दूरी पर स्थित आगरा (Agra) सिर्फ ताजमहल (Agra) के लिए ही नहीं, बल्कि अपने स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड और ऐतिहासिक इमारतों के लिए भी मशहूर है। मानसून के दौरान बादलों के बीच ताजमहल का नजारा और भी अट्रैक्टिव लगता है। यहां आगरा किला (Agra Fort) देखने के साथ लोकल मार्केट और मशहूर पेठा का स्वाद भी जरूर लें।

Sohna, सोहना: कम समय में शानदार वीकेंड

Aravalli hills Images - Free Download on Magnific (formerly Freepik)

अगर ज्यादा दूर नहीं जाना चाहते, तो सोहना बेहतरीन ऑप्शन है। यह दिल्ली से केवल 1.5 से 2 घंटे की दूरी पर है। अरावली की पहाड़ियों (Aravalli hills) के बीच बसा यह इलाका अपने रिजॉर्ट, हरियाली और प्राकृतिक गर्म पानी के झरनों के लिए जाना जाता है। फैमिली के साथ एक दिन की छोटी और आरामदायक ट्रिप के लिए यह जगह परफेक्ट है।

Sultanpur National Park, सुल्तानपुर नेशनल पार्क: नेचर लवर के लिए खास

Sultanpur National Park: A Birdwatcher's Paradise Near Delhi

दिल्ली (Delhi) से करीब 1 से 1.5 घंटे की दूरी पर सुल्तानपुर नेशनल पार्क बर्ड वॉचिंग (birdwatching) के लिए मशहूर है। बारिश के मौसम में यहां कई तरह के पक्षी देखने को मिलते हैं। सुबह या शाम के समय पार्क घूमना सबसे अच्छा माना जाता है। यहां बैटरी से चलने वाली गाड़ियां भी अवेलेबल हैं, जिससे बुजुर्ग और बच्चों के साथ घूमना आसान हो जाता है।

Rewari, रेवाड़ी: हिस्ट्री और लोकल फ्लेवर का यूनिक एक्सपीरियंस

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दिल्ली से लगभग 2 से 2.5 घंटे की दूरी पर रेवाड़ी (Rewari) उन लोगों के लिए खास है जो कुछ अलग देखना चाहते हैं। यहां मौजूद रेवाड़ी स्टीम लोकोमोटिव शेड भारत के सबसे पुराने स्टीम इंजन शेड में से एक है। इसके अलावा आप शहर के लोकल बाजार (local market) घूम सकते हैं और हरियाणा के पारंपरिक खाने (Haryanvi cuisine) का स्वाद भी ले सकते हैं।

Alwar, अलवर: हिस्ट्री और नेचर का शानदार ब्लेंड

Bala Quila Fort Alwar | History, Timings, Entry Fee & Safari

राजस्थान (Rajasthan) का अलवर दिल्ली से लगभग 3 से 4 घंटे की दूरी पर है। बारिश के मौसम में अरावली की पहाड़ियां (Aravalli hills) हरी-भरी हो जाती हैं और यहां का मौसम काफी सुहावना रहता है। यहां आप बाला किला (Bala Quila), सिटी पैलेस (City Palace)और सिलीसेढ़ झील (Siliserh Lake)घूम सकते हैं। अगर भीड़ से दूर शांत जगह पर समय बिताना चाहते हैं, तो अलवर अच्छा ऑप्शन है।

Neemrana Fort Palace, नीमराना फोर्ट पैलेस: शाही अंदाज में बिताएं वीकेंड

Neemrana Fort Palace| Heritage Resort near Jaipur | Stay near Jaipur

दिल्ली से करीब 2.5 से 3 घंटे की दूरी पर बना नीमराना फोर्ट पैलेस इतिहास और लग्जरी का शानदार ब्लेंड है। कई सौ साल पुराने इस किले को अब हेरिटेज होटल (heritage hotel) में बदल दिया गया है। यहां की छतों, बगीचों और पुराने आंगनों से बारिश के बाद का नजारा बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। यहां एक दिन बिताकर भी रॉयल फील का एक्सपीरियंस लिया जा सकता है।

Bharatpur, भरतपुर: पक्षियों और हरियाली के बीच सुकून भरा दिन

The Palaces of Deeg — Google Arts & Culture

दिल्ली से करीब 3.5 से 4 घंटे की दूरी पर भरतपुर (Bharatpur) मानसून (monsoon) में बेहद खूबसूरत हो जाता है। यहां का केवलादेव नेशनल पार्क (Keoladeo National Park) बारिश के बाद हरियाली से भर जाता है और देश-विदेश के कई पक्षी यहां दिखाई देते हैं। पार्क को देखने के लिए साइकिल या साइकिल रिक्शा सबसे अच्छा ऑप्शन’है। अगर आपको फोटोग्राफी या नेचर पसंद है, तो यह जगह आपको जरूर पसंद आएगी।

सफर पर निकलने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

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मानसून ट्रिप (monsoon trip) पर निकलने से पहले कुछ छोटी-छोटी तैयारियां आपकी जर्नी को और आसान बना सकती हैं। कोशिश करें कि सुबह जल्दी निकलें ताकि ट्रैफिक से बच सकें और दिनभर घूमने का पूरा समय मिले। घर से निकलने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देख लें। अपने साथ छाता या हल्की रेन जैकेट, आरामदायक वॉटरप्रूफ जूते, पानी की बोतल, हल्के स्नैक्स और जरूरी दवाइयां जरूर रखें। बारिश के दौरान गाड़ी सावधानी से चलाएं और जल्दबाजी करने के बजाय रास्ते की हरियाली, ठंडी हवाओं और खूबसूरत नजारों का भी भरपूर आनंद लें।

Heavy Rain की चेतावनी: आज इन 3 राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग! दिल्ली-यूपी से बिहार तक 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश

India Heavy Rain Alert Today: देश भर में मानसून प्रचंड रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 22 जुलाई के लिए नया और विशेष वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने पश्चिम भारत के 3 प्रमुख क्षेत्रों (गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की सख्त चेतावनी दी है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत देश के 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण और पूर्वानुमान के अनुसार आज आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है:-

इन 3 राज्यों/क्षेत्रों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग ने आज 22 जुलाई को नीचे दिए गए 3 क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात क्षेत्र के मैदानी और उत्तरी भागों में बेहद तेज और मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। तटीय गोवा और कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। महाराष्ट्र के मध्यवर्ती इलाकों और घाट क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।

इन 8 राज्यों में बहुत भारी बारिश की ऑरेंज कलर वॉनिंग

देश के 8 राज्यों में आज मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज किए जाने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्य हिमाचल में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पूरे पर्वतीय अंचल में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी के साथ पूरे मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश होगी। महाराष्ट्र के विदर्भ अंचल में मूसलाधार बारिश दर्ज की जाएगी।

दिल्ली-यूपी और बिहार समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के 11 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:-

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: यूपी और देवभूमि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तेज बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज दिन भर बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल: दोनों राज्यों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिमी राजस्थान: राजस्थान के पश्चिमी अंचलों में भारी वर्षा की संभावना है।

मराठवाड़ा: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट है।

तेलंगाना: दक्षिणी राज्य तेलंगाना में कई जगहों पर भारी बारिश होगी।

पूर्वांचल और पूर्वोत्तर राज्य: असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है।

40-50 kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी और थंडरस्टॉर्म अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आंधी-तूफान के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

मौसम वैज्ञानिक विश्लेषण

IMD के मुताबिक देश भर में कई प्रमुख मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं:-

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून की ट्रफ लाइन जैसलमेर, अजमेर, गुना, सतना, डाल्टनगंज, दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

ईस्ट-वेस्ट शीयर जोन: 22°N अक्षांश के साथ समुद्र तल से 3।1 किमी से 7।6 किमी की ऊंचाई के बीच शीयर जोन बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस: उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे उत्तरी पंजाब के ऊपर 3।1 किमी की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिसकी ट्रफ रेखा 70°E देशांतर के साथ 30°N अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है।

उत्तर असम पर सिस्टम: उत्तरी असम और आसपास के क्षेत्र में 0।9 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

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