Devshayani Ekadashi 2026 Katha: कल किया जाएगा देवशयनी एकादशी का व्रत, भगवान विष्णु की पूजा में जरूर सुनें मोक्ष प्रदान करने वाली ये कथा

Devshayani Ekadashi 2026 Katha: हिंदू वर्ष में देवशयनी एकादशी तिथि का विशेष स्थान है। हरिशयनी एकादशी हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु इस दिन से चार माह के पाताल लोक में विश्राम करने चले जाते हैं। इस दौरान वह योग निद्रा में रहते हैं और चतुर्मास शुरू होता है। चतुर्मास के दौरान, मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। भक्त इस दिन भगवान विष्णु की पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं और कथा सुनते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सतयुग की व्रत कथा सुनने से सभी पाप समाप्त हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस साल देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई 2026, शनिवार को मनाया जाएगा। यह व्रत ब्रह्म योग और ज्येष्ठा नक्षत्र में रखा जाएगा। इस व्रत का पारण 26 जुलाई को सुबह 05:39 बजे से 08:22 बजे के बीच कभी भी कर सकते हैं।

देवशयनी एकादशी व्रत कथा

एक बार युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से निवेदन किया कि आप हमें आषाढ़ शुक्ल एकादशी व्रत की विधि और महिमा के बारे में बताएं। इसमें किस देवता की पूजा होती है? इस पर भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं। ब्रह्मा जी ने नारद मुनि को इस व्रत की महिमा का बखान किया था, वही मैं तुमको बताता हूं।

सतयुग का समय था, उस समय चक्रवर्ती सम्राट मांधाता का शासन था। उनकी प्रजा सुखी और संपन्न थी। लेकिन एक बार ऐसा समय आया कि उनके राज्य में 3 साल तक अकाल पड़ गया। वर्षा न होने से चारों ओर हाहाकार मच गया। इसकी वजह से धार्मिक कार्य जैसे हवन, यज्ञ, कथा, व्रत, पूजा, पिंडदान आदि में कमी होने लगी। जनता ने सम्राट मांधाता को अपनी पीड़ा बयान की। उनकी बातें सुनकर वह भी दुखी हो गए।

वह राज्य में अकाल की स्थिति से पहले भी काफी दुखी थे। वे सोचने लगे कि उनको किस पाप की वजह से ऐसा दंड मिला है। इससे मुक्ति के लिए वे एक दिन सेना के साथ जंगल की ओर चले गए। वहां उनको अंगिरा ऋषि का आश्रम दिखाई दिया, तो वे अंदर गए और अंगिरा ऋषि को साष्टांग प्रणाम किया। ऋषि ने राजा से आगमन का कारण पूछा।

तब राजा ने कहा कि वे अपने धर्म का पालन करते हैं और प्रजा की सेवा में कोई कमी नहीं रखते, फिर भी ऐसा दिन देखना पड़ रहा है। आप मुझे इस स्थिति से बाहर निकलने का उपाय बताएं। इस पर अंगिरा ऋषि ने कहा कि सतयुग में छोटे भी पाप का बड़ा दंड भुगतना पड़ता है। इस भीषण अकाल से बचने का एक उपाय है। आप आषाढ़ शुक्ल एकादशी का व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करें। रात्रि में जागरण करके अगले दिन दान आदि के बाद पारण करें। श्रीहरि की कृपा से अकाल मिटेगा, बारिश होगी और फिर आपका राज्य उन्नति करेगा।

राजा मांधाता आश्रम से विदा लेकर अपने राजमहल लौट आए। आषाढ़ शुक्ल एकादशी के दिन उन्होंने विधिपूर्वक व्रत रखकर पूजा की। अंगिरा ऋषि के सुझाव के अनुसार, उन्होंने दान और पारण किया। इस व्रत के पुण्य प्रभाव से उनके राज्य में बहुत अच्छी वर्षा हुई और अकाल खत्म हो गया। बारिश होने से उनके राज्य में फिर से सुख और समृद्धि आ गई। उनका राज्य धन और धान्य से भर गया।

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हिमाचल प्रदेश में दर्दनाक हादसा: चलती गाड़ी पर गिरा पहाड़ का हिस्सा, 13 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। उदयपुर-पांगी रोड पर भूस्खलन के दौरान पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर एक चलती टाटा सूमो पर गिर पड़े। इस हादसे में 6 महीने के एक मासूम बच्चे समेत 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, टाटा सूमो में कुल 15 लोग सवार थे। यह गाड़ी कुल्लू से किल्लर जा रही थी। रास्ते में भूस्खलन संभावित क्षेत्र काडू नाला के पास अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें गाड़ी पर आ गिरीं, जिससे वाहन पूरी तरह दब गया।

हादसे के बाद गाड़ी के पिछले हिस्से में आग भी लग गई। आसपास मौजूद लोगों और सेना के जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने और राहत कार्य शुरू किया। घटना के वीडियो में गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त और आग की लपटों में घिरी हुई दिखाई दे रही है।

हादसे में 13 लोगों की मौत, दो ने कूदकर बचाई जान

भरमौर के विधायक जनक राज ने बताया कि टाटा सूमो में कुल 15 लोग सवार थे। इनमें से 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग हादसे से कुछ पल पहले गाड़ी से कूद गए, जिससे उनकी जान बच गई। उन्होंने चंबा और लाहौल-स्पीति के जिला प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने की अपील की। लाहौल-स्पीति की उपायुक्त किरण बडाना ने भी इस हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि की है।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, खराब मौसम की वजह से उदयपुर-किल्लर सड़क एक दिन पहले बंद कर दी गई थी, जिससे कई यात्री टिंडी में रुक गए थे। शुक्रवार को सड़क खुलने के बाद सभी लोग पांगी के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। फिलहाल मृतकों की पहचान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

पुलिस ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही बचाव दल को तुरंत मौके पर भेज दिया गया। राहत और बचाव का काम लगातार जारी है और प्रशासन पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है। किल्लर-उदयपुर सड़क दूर-दराज के आदिवासी क्षेत्रों से होकर गुजरती है। मानसून के दौरान इस रास्ते पर अक्सर भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 23 से 26 जुलाई तक कई जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 27 जुलाई से मानसून और ज्यादा सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते 29 जुलाई तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में पहाड़ी और जोखिम वाले रास्तों पर बेवजह यात्रा करने से बचें, क्योंकि लगातार बारिश से भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा काफी बढ़ गया है।

3 राज्यों में रेड कलर वार्निंग के बीच आज फिर बारिश का तांडव! IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

Heavy Rain Alert Today 24 July: देश में मानसून पूरी रफ्तार पकड़ चुका है और कई इलाकों में इसका विकराल रूप देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 24 जुलाई के लिए राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश भर के मौसम का हाल बताया है। मौसम विभाग ने आज देश के 3 प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों (पूर्वी राजस्थान, गुजरात राज्य और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राजस्थान, कोंकण, ओडिशा से लेकर उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तूफानी हवाओं का अलर्ट दिया गया है।

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आइए जानते हैं कि आज आपके राज्य और आसपास के अंचलों में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है।

3 क्षेत्रों में रेड अलर्ट, आज होगी अत्यधिक भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक आज तीन प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा, जहां अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। आज राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर अति मूसलाधार से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। गुजरात के मैदानी व तटीय क्षेत्रों में जलभराव और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन अंचलों में होगी बहुत भारी बारिश

IMD के मुताबिक आज देश के तीन महत्वपूर्ण हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान है। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में अत्यंत तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में आज भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। राजस्थान के पश्चिमी जिलों में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया गया है।

इन 18 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है-

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में भारी बारिश होगी।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश के इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्वी भारत: बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल में कई जगह भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक के क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना है।

आंधी-तूफान, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ IMD ने देश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ में गरज के साथ बिजली गिरने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

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एक तीर, दो निशाने! मानसून में ये 5 इंडोर पौधे दूर करेंगे मच्छर और बढ़ाएंगे घर की खूबसूरती

भारत में बारिश और उमस के मौसम में मच्छरों की समस्या काफी बढ़ जाती है, जिससे कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। इनसे बचाव के लिए लोग अक्सर केमिकल वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन नेचुरल ऑप्शन भी कारगर हो सकते हैं। कुछ इंडोर पौधे मच्छरों को दूर रखने में मदद करते हैं। आइये जानते है उन पौधों के बारे में:

रोजमेरी – खुशबूदार और असरदार

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रोजमेरी एक खुशबूदार हर्ब है, जो अपनी हल्की लकड़ी जैसी सुगंध के लिए जानी जाती है। इसकी नेचुरल महक घर के वातावरण को ताजगी देती है और माना जाता है कि यह मच्छरों को दूर रखने में भी मदद कर सकती है। इसे घर के अंदर या बालकनी में आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे हरियाली के साथ नेचुरल सेफ्टी भी मिलती है।

कैटनिप – प्राकृतिक गुणों से भरपूर

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कैटनिप एक ऐसा पौधा है जिसमें नेपेटा लैक्टोन नामक नेचुरल कम्पोनेंट पाया जाता है। यह तत्व मच्छरों और कुछ अन्य कीड़ों को दूर रखने में इफेक्टिव माना जाता है। अगर इसे घर या बगीचे में लगाया जाए, तो यह मच्छरों को कम करने में सहायक हो सकता है। साथ ही इसकी देखभाल भी ज्यादा कठिन नहीं होती।

लैवेंडर – महकते बैंगनी फूलों

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लैवेंडर अपने अट्रैक्टिव बैंगनी फूलों और मनमोहक खुशबू के कारण काफी पसंद किया जाता है। इसकी सुगंध लोगों को सुकून का एहसास कराती है, जबकि मच्छरों के लिए यह महक अनुकूल नहीं मानी जाती। यही वजह है कि इसे नेचुरल मच्छर-रोधी पौधों में शामिल किया जाता है। यह घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ वातावरण को भी महकाता है।

लेमन बाम – ताजगी भरी खुशबू

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लेमन बाम की पत्तियों में सिट्रोनेलाल नेचुरल कम्पोनेंट पाया जाता है, जिसे मच्छरों को दूर रखने में मददगार माना जाता है। इसकी हल्की नींबू जैसी ताजगी भरी खुशबू घर के माहौल को भी सुखद बनाती है। यही कारण है कि यह पौधा इंडोर गार्डनिंग के लिए एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है।

लेमनग्रास – होम डेकोर

Lemon Grass Plant Live – Fresh citrus fragrance herb ideal for kitchen gardens (1 Healthy Live Plant) : Amazon.in: Garden & Outdoors

लेमनग्रास अपनी लंबी, हरी पत्तियों और ताजगी भरी नींबू जैसी खुशबू के लिए पॉपुलर है। इसमें सिट्रोनेला नामक नेचुरल कम्पोनेंट होता है, जिसका उपयोग कई मच्छर भगाने वाले उत्पादों में भी किया जाता है। यह पौधा होम डेकोरेशन को अट्रैक्टिव बनाने के साथ-साथ मच्छरों को दूर रखता है।

वलसाड में 16 घंटे में 1100 मिमी बारिश, भारत के इतिहास की तीसरी सबसे ज्यादा, डूबी हुईं ये कारें दिखा रहीं भयावहता

Valsad Heavy Rain: गुजरात में गुरुवार को जारी मूसलाधार बारिश के कारण कई जिलों में भीषण बाढ़ की स्थिति बन गई है। इसमें वलसाड जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के मुताबिक वलसाड जिले के उमरगाम में गुरुवार सुबह तक महज 16 घंटे में करीब 1100 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक वलसाड जिले के अन्य तालुकाओं में भी इसी अवधि में 600 मिमी से अधिक पानी बरसा है।

देश के इतिहास में 24 घंटे की तीसरी सबसे ज्यादा बारिश

IMD द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वलसाड जिले के उमरगाम में दर्ज यह बारिश देश के इतिहास में 24 घंटे के भीतर दर्ज की गई तीसरी सबसे अधिक बारिश है।

भारत में 24 घंटे की सबसे ज्यादा बारिश के शीर्ष रिकॉर्ड:

  • सोहरा: 16 जून 1995 को 1563.3 मिमी
  • अमीनीदिवी: 6 मई 2004 को 1168.5 मिमी
  • उमरगाम, वलसाड: 23 जुलाई 2026 को 1064 मिमी (करीब 1100 मिमी)
  • वलसाड जिले में लगातार दूसरे दिन यह असाधारण बारिश दर्ज की गई है। इससे ठीक एक दिन पहले, 22 जुलाई 2026 को वलसाड के कपराड़ा में 417 मिमी बारिश हुई थी।

वापी से सामने आया वायरल वीडियो, 50 से अधिक कारें डूबीं

वलसाड जिले के वापी कस्बे से तबाही की एक भयावह तस्वीर और वायरल वीडियो सामने आया है। किसी पास की इमारत की ऊपरी मंजिल से बनाए गए वीडियो में इलाके का भयानक मंजर देखा जा सकता है। एक रिहायशी इलाके के पार्किंग एरिया में पानी भरने से 50 से अधिक कारें लगभग पूरी तरह पानी में डूब गईं। बाढ़ का पानी इतना ज्यादा बढ़ गया कि खड़ी गाड़ियों की खिड़कियों तक पहुंच गया। आसपास की सड़कें और पूरा इलाका जलमग्न दिखाई दिया। यहां नीचे देखिए वो भयानक मंजर-

उफान पर नदियां, हजारों लोग शिफ्ट किए गए

भीषण बारिश की वजह से वलसाड की औरंगा, पार और दमन गंगा नदियां उफान पर आ गईं। इससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। पानी का स्तर तेजी से बढ़ने पर प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। एहतियात के तौर पर सूरत शहर के संवेदनशील इलाकों से 2,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

5 जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार और शुक्रवार को अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताते हुए वलसाड, नवसारी, डांग, सूरत और तापी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बारिश से प्रभावित जिलों में स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन के साथ राहत कार्यों के समन्वय के लिए कई मंत्रियों को तैनात किया है।

कल मूसलाधार बारिश: IMD ने 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग दी, इन 16 राज्यों में भी हैवी बारिश संग आंधी-तूफान का अलर्ट

Weather Update 24 July: मानसून की चाल देश भर में लगातार उग्र बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जुलाई के लिए मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने देश के 3 प्रमुख राज्यों (पूर्वी राजस्थान, गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर और तटीय इलाकों समेत 16 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और समुद्र में उठने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि 24 जुलाई को आपके राज्य और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का कैसा रुख रहने वाला है।

3 राज्यों में रेड अलर्ट कलर वॉर्निंग, होगी अत्यंत भारी बारिश

मौसम विभाग ने 24 जुलाई को तीन राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के पूर्वी जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। गुजरात के मैदानी और उत्तरी भागों में आफत की बारिश होगी, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट क्षेत्रों में बादलों का भयंकर जमावड़ा रहेगा, जहां अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

इन अंचलों में होगी बहुत भारी बारिश

IMD के मुताबिक 24 जुलाई को देश के अन्य तीन प्रमुख क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की जाएगी। तटीय महाराष्ट्र और गोवा के इलाकों में बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। सौराष्ट्र और कच्छ यानी गुजरात के तटीय और पश्चिमी भागों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय और सीमावर्ती जिलों में भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

इन 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 16 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।

  • उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में भारी बारिश होगी।
  • मध्य भारत: मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
  • पूर्वी भारत: बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम व मेघालय में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
  • पूर्वोत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka) के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

बारिश के साथ-साथ IMD ने कई राज्यों में गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं को लेकर सचेत किया है। आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में बादलों की गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, उत्तराखंड और विदर्भ के इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने का खतरा है। तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कई जगहों पर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

श्रेयस अय्यर ने लगातार 8वां टॉस जीता, जिम्बाब्वे के खिलाफ चुनी गेंदबाजी

INDvsZIM भारत के टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने आज जिम्बाब्वे के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह लगातार 8वां या 7वां टॉस (1 मैच बारिश के कारण रद्द) जो श्रेयस अय्यर ने जीता। हरारे स्पोर्ट्स कल्ब में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में युवा टीम को उतराने का फैसला किया।

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा है कि शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिलेगी। भारत के खिलाफ उनका एक बल्लेबाज मिल्टन संबा सीरीज से बाहर हो चुके हैं इस कारण उनको इलोसेंट काइया को मौका दिया है।वहीं भारत का गेंदबाजी क्रम खासा युवा है। इसी तारतम्य में अशोक शर्मा का डेब्यू हुआ है।लेकिन बल्लेबाजी में काफी अनुभवी नाम है।

भारत :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अशोक शर्मा, रवि बिश्नोई, रिंकू सिंह

जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रियान बर्ल, तनाका शिवांगा, बेन कुरेन, ब्राड इवांस, वेसले माधेवेरे, टी मारूमनी, वेलिंगटन मसाकाजा, ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड एनगारवा

Monsoon Rain Update: 7000 किलोमीटर लंबी बारिश की पट्टी दिखी! क्या उत्तर भारत में फिर एक्टिव होगा मानसून? IMD ने जारी किया नया अलर्ट

Monsoon Rain Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 के अपने सबसे एक्टिव स्टेज में पहुंचने के बाद देश के एक बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश हो रही है। असम सहित कई इलाकों में बाढ़ जानलेवा हो गई है। इस बीच उपग्रह से कुछ ऐसी तस्वीरें शामने आई हैं जो इशारा कर रही हैं कि बारिश की इंटेसिटी और बढ़ने वाली है। असल में इन तस्वीरों में एशिया महाद्वीप के ऊपर 7000 से 10000 किलोमीटर लंबी बारिश की एक विशाल पट्टी (Rain Band) दिखाई दी है।

‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह विशाल मानसूनी प्रणाली उत्तर भारत से शुरू होकर हिमालय, चीन और दक्षिण कोरिया तक फैली हुई है। ये आने वाले दिनों में भारत के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का संकेत दे रही है।

इस क्लाउड स्ट्रक्चर को ‘मानसून कन्वर्जेंस जोन’ कहा जाता है। हिंद महासागर से आने वाली नमी से भरी हवाओं और पूरे एशिया में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के बीच टकराव की वजह से ये बनते हैं। इसी वजह से फिलहाल हजारों किलोमीटर के दायरे में बारिश लाने वाले बादलों का नया कॉरिडोर लगातार बन रहा है।

सामान्य से 170-180% अधिक हुई बारिश

मौसम की इस णाली के सक्रिय होने से पूरे देश में मानसूनी गतिविधियों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो दिनों में दर्ज की गई बारिश दैनिक सामान्य औसत से करीब 170 से 180 प्रतिशत अधिक रही है। यह इस सीजन का अब तक का सबसे मजबूत और आक्रामक बारिश का स्पेल साबित हो रहा है। इस मानसूनी दौर की वजह से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहले से ही भारी बारिश दर्ज की जा रही है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है।

फसलों और जल स्तर को मिलेगा भारी फायदा

आपको बता दें कि मानसून के असमान शुरुआती दौर की वजह से देश के कई इलाकों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन बारिश का यह ताजा दौर मौसमी प्रदर्शन में बड़ा सुधार लाएगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बारिश से उत्तर और मध्य भारत में बारिश की कमी में काफी कमी आएगी। इसके अलावा जलाशयों का जल स्तर सुधरेगा और खरीफ की फसलों को भी इससे बड़ा फायदा पहुंचेगा।

बाढ़ और भूस्खलन का बढ़ा खतरा

लगातार हो रही भारी बारिश के फायदों के साथ-साथ प्रशासन इसके खतरों को लेकर भी पूरी तरह सतर्क है। पूर्वानुमान बताते हैं कि मानसून का यह सक्रिय चरण इस पूरे सप्ताह जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अचानक बाढ़ की स्थिति, शहरी क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जल स्तर में तेज बढ़ोतरी का खतरा बड़ा हो गया है। खासकर पहाड़ी राज्यों जैसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इन खतरों को देखते हुए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

पूरे एशिया से जुड़ी है भारतीय मानसून प्रणाली

सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि भारत का मानसून पूरे एशिया में फैले एक बहुत बड़े वायुमंडलीय तंत्र का हिस्सा है। वर्तमान परिसंचरण अरब सागर से लेकर पूर्वी एशिया तक फैला हुआ है, जो कई देशों की मौसमी प्रणालियों को आपस में जोड़ता है और एक विशाल भौगोलिक क्षेत्र में बारिश को प्रभावित कर रहा है।

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लंबी छुट्टी की जरूरत नहीं, कोलकाता के पास ये जगहें बनाएंगी आपका वीकेंड खास

बारिश का मौसम घूमने का मजा कई गुना बढ़ा देता है। अगर आप कोलकाता (Kolkata) में रहते हैं और वीकेंड (weekend) पर कम समय में किसी शांत और खूबसूरत जगह की तलाश कर रहे हैं, तो शहर से कुछ घंटों की दूरी पर मौजूद ये डेस्टिनेशन (destination) आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकते हैं:

Biharinath Hill (बिहारीनाथ पहाड़ी)

About the Forest and Wildlife | Biharinath | Bnkura Tourism

कोलकाता (Kolkata) से करीब 190-200 किमी दूर बांकुरा जिले की बिहारीनाथ पहाड़ी मानसून (Kolkata) में घूमने के लिए शानदार जगह है। यहां आप कार, टैक्सी या ट्रेन से दुर्गापुर (Durgapur)/बांकुरा (Bankura) पहुंचकर लोकल कैब ले सकते हैं। सड़क मार्ग से यहां पहुंचने में लगभग 4 से 4.5 घंटे लगते हैं। धुंध से ढकी पहाड़ियां, घने साल के जंगल और छोटे-छोटे झरने यहां की खूबसूरती बढ़ा देते हैं। ट्रैकिंग (trekking) और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए यह जगह खास है। प्रति व्यक्ति 2,000 से 4,000 रुपये में एक दिन की ट्रिप आराम से पूरी हो सकती है।

Garh Panchkot (गढ़ पंचकोट)

Garh Panchkot - Purulia Travels

गढ़ पंचकोट कोलकाता से करीब 250 किमी दूर पंचकोट पहाड़ी (Panchkot Hill) की तलहटी में है। यहां आप कार, टैक्सी या आसनसोल (Asansol)/आद्रा (Adra) तक ट्रेन से पहुंचकर आगे कैब ले सकते हैं। जर्नी में लगभग 5 घंटे लगते हैं। यहां पुराने किले, प्राचीन मंदिर, हरियाली और पंचेत डैम का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। एक दिन की ट्रिप का खर्च करीब 2,500 से 5,000 रुपये प्रति व्यक्ति आ सकता है।

Garchumuk (गारचुमुक)

Atanna gate in garchumuk| 58 gate garchumuk, Howrah

अगर कम दूरी में सुकून भरी जगह ढूंढ रहे हैं, तो गारचुमुक अच्छा ऑप्शन है। यह कोलकाता से करीब 65 किमी दूर है और कार, टैक्सी या बस से 2 से 2.5 घंटे में पहुंचा जा सकता है। यहां गारचुमुक डियर पार्क (Garchumuk Deer Park), मिनी जू (mini zoo), 58 लॉक गेट (Lock Gate) और नदियों का संगम मेन अट्रैक्शन हैं। यहां घूमने का खर्च 1,000 से 2,500 रुपये प्रति व्यक्ति के बीच रह सकता है।

Taki (टाकी)

Ichamati River - Wikipedia

टाकी कोलकाता से लगभग 80 किमी दूर इच्छामती नदी के किनारे बसा खूबसूरत शहर है। यहां लोकल ट्रेन (सीलदह से टाकी रोड), बस या कार से करीब 2 घंटे में पहुंचा जा सकता है। मानसून में यहां बोटिंग (boating), गोलपातार मैंग्रोव फॉरेस्ट (Golpatar Mangrove Forest) (मिनी सुंदरबन), पुरानी हवेलियां और मंदिर टूरिस्ट को अट्रैक्ट करते हैं। एक दिन की ट्रिप का खर्च लगभग 1,500 से 3,000 रुपये प्रति व्यक्ति हो सकता है।

Raichak (रायचक)

রায়চক / Raichak | Kolkata Weekends

कोलकाता से करीब 55 किमी दूर रायचक वीकेंड ट्रिप (weekend trip) के लिए बेहतरीन जगह है। यहां कार, टैक्सी या डायमंड हार्बर रोड (Diamond Harbour Road) के जरिए करीब 2 घंटे में आसानी से पहुंचा जा सकता है। हुगली नदी (Hooghly River) का किनारा, लग्जरी रिजॉर्ट और शांत माहौल इसे कपल्स और परिवारों के बीच पॉपुलर बनाते हैं। अगर आप डे ट्रिप करते हैं तो 1,500 से 3,500 रुपये, जबकि रिजॉर्ट में रुकने पर 5,000 रुपये या उससे ज्यादा का खर्च आ सकता है।

सावधानी हटी, दुर्घटना घटी! पहाड़ों पर गाड़ी चलाने की छोटी सी गलती कर देगी ट्रिप खराब

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) से पहाड़ों की ट्रेवलिंग करना रोमांचक जरूर होता है, लेकिन पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग शहर (city driving) की सड़कों से काफी अलग होती है। घुमावदार मोड़, खड़ी चढ़ाई और बदलता मौसम सफर को चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं पहाड़ों पर सेफ ड्राइविंग (mountain driving) के जरूरी टिप्स, जो आपकी ट्रिप को सिक्योर और यादगार बनाएंगे:

पहाड़ों पर धीरे और समझदारी से ड्राइव करें

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पहाड़ी सड़कों पर तेज रफ्तार से बचें और गाड़ी को हमेशा सही गियर में चलाएं। ढलान पर बार-बार ब्रेक लगाने की बजाय इंजन ब्रेकिंग (engine braking) का इस्तेमाल करें। ब्लाइंड मोड़ों पर हॉर्न जरूर बजाएं और बिना जरूरत किसी वाहन को ओवरटेक न करें। अगर पॉसिबल हो, तो रात में ड्राइविंग से बचें।

 

 

थकान महसूस हो तो तुरंत ब्रेक लें

This may contain: a red jeep driving on top of a rocky hill with mountains in the back ground

 

लंबी दूरी तक लगातार ड्राइव करने से थकान बढ़ जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। हर 2 से 3 घंटे में थोड़ा आराम करें, पानी पिएं और हल्का नाश्ता करें। अगर साथ में दूसरा ड्राइवर है, तो जरूरत पड़ने पर ड्राइविंग (driving) बदल लें। थकान में गाड़ी चलाने से हमेशा बचें।

 

 

सफर से पहले गाड़ी की पूरी जांच करें

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हिल स्टेशन जाने से पहले अपनी कार की अच्छी तरह जांच करवा लें। ब्रेक, टायर, इंजन ऑयल, कूलेंट, बैटरी और स्पेयर व्हील (spare wheel) की कंडीशन जरूर देखें। साथ ही फर्स्ट एड किट (first-aid kit), टॉर्च, टूल किट, पानी और जरूरी डॉक्यूमेंट अपने साथ रखें। मौसम (weather) और सड़क की जानकारी पहले से लेने से भी जर्नी आसान हो जाती है।

मौसम और सड़क की कंडीशन पर नजर रखें

पहाड़ों में मौसम कभी भी बदल सकता है। जर्नी शुरू करने से पहले बारिश, कोहरा या भूस्खलन (landslides) की जानकारी जरूर लें। अगर सड़क फिसलन भरी हो, तो गाड़ी धीरे चलाएं और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। रास्ते की ताजा जानकारी के लिए GPS और वहां के लोगों की सलाह भी काम आ सकती है।

इमरजेंसी (emergency) के लिए हमेशा तैयार रहें

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ट्रेवलिंग के दौरान किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन के लिए पहले से तैयारी रखें। मोबाइल पूरी तरह चार्ज रखें और जरूरी हेल्पलाइन नंबर सेव करके रखें। गाड़ी में रिफ्लेक्टर (reflector), टो-रोप (tow rope) और बेसिक टूल्स जरूर रखें। खराब मौसम या अंधेरा होने पर रसिक लेने की बजाय सेफ जगह रुकना बेहतर होता है।