Gift Nifty Indictor: बाजार पर हावी हो सकते है मंदड़िए, गिफ्ट निफ्टी 200 अंक नीचे, जानें आज निफ्टी-बैंक निफ्टी के लिए कौन से लेवल होंगे अहम

Gift Nifty Indictor: भारतीय बाजार आज 24, जुलाई को एक और कमजोर सेशन के लिए तैयार हैं। गिफ्ट निफ्टी पर ग्लोबल इक्विटी में बिकवाली और तेल की कीमतों में तेज गिरावट का असर देखने को मिल रहा है। निफ्टी 50 की परफॉर्मेंस का शुरुआती इंडिकेटर,  गिफ्ट निफ्टी  सुबह 8 बजे 23,656.50 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज 23,873.60 से 205 पॉइंट्स नीचे है।

बता दें कि गुरुवार को, बेंचमार्क में लगातार चौथे सेशन में गिरावट जारी रही, जो 6 जून के बाद से उनकी सबसे लंबी गिरावट का सिलसिला था, क्योंकि ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतों ने सेंटिमेंट पर असर डाला। निफ्टी 50 126.65 पॉइंट्स या 0.53% गिरकर 23,869.60 पर आ गया, जबकि सेंसेक्स 363.66 पॉइंट्स या 0.47% गिरकर 76,391.39 पर आ गया।

शुक्रवार को एशियाई मार्केट भी नीचे ट्रेड कर रहे थे, पिछले सेशन से हो रही गिरावट जारी रही क्योंकि तेल की ज़्यादा कीमतों और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बिकवाली के एक और दौर ने महंगाई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाले इन्वेस्टमेंट के आउटलुक को लेकर चिंता बढ़ा दी। जापान का निक्केई 225 2.46 परसेंट गिरा, साउथ कोरिया का कोस्पी 3.04 परसेंट गिरा, ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 0.57 परसेंट गिरा और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.01 परसेंट फिसला।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतों में तेज़ी आने से गुरुवार को U.S. इक्विटीज़ तेज़ी से नीचे बंद हुईं, जबकि इन्वेस्टर्स दुनिया की दो सबसे बड़ी कंपनियों की तिमाही कमाई का अंदाज़ा लगा रहे थे। अल्फाबेट के नतीजों ने बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खर्च को लेकर चिंता बढ़ा दी।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 506.93 पॉइंट्स या 0.97 परसेंट गिरकर 51,711.65 पर आ गया। S&P 500 1.21 परसेंट गिरकर 7,408.30 पर आ गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 2.15 परसेंट गिरकर 25,137.69 पर आ गया। टेक्नोलॉजी-हैवी इंडेक्स पर अल्फाबेट में 7 परसेंट और टेस्ला में 14 परसेंट की गिरावट का असर पड़ा, जो उनकी अर्निंग्स रिपोर्ट के बाद आई।

रेड सी में टैंकरों पर हूथी हमलों के बाद मिडिल ईस्ट संघर्ष में एक नया मोर्चा खुलने के बाद ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था, जबकि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले बढ़ाने की धमकी दी थी। ग्लोबल बेंचमार्क गुरुवार को दो महीने में पहली बार $100 के निशान से ऊपर चढ़ गया और इस हफ्ते इसमें लगभग 14 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $92 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था।

ट्रंप ने रेड सी में जहाजों पर और हमले होने पर ईरान और हूथी दोनों के लिए “बड़ी मिलिट्री सज़ा” की चेतावनी दी और एक्सियोस को बताया कि वह ईरान पर “बड़े हमले” पर विचार कर रहे हैं।

तेल बाज़ार रूस के ब्लैक सी कोस्ट पर कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम टर्मिनल पर हुए हमलों से भी जूझ रहा है, जो कज़ाकिस्तान का ज़्यादातर क्रूड एक्सपोर्ट करता है। मिडिल ईस्ट में महीनों से चल रहे संघर्ष के कारण ग्लोबल इन्वेंटरी कम हो गई है, जिससे सप्लाई कम होने और बड़े पैमाने पर आर्थिक झटके का खतरा बढ़ गया है।

इस महीने तेल की कीमतों में तेज़ी आई है क्योंकि फ़ारस की खाड़ी में US और ईरान के बीच दुश्मनी बढ़ गई है, जिससे होर्मुज़ स्ट्रेट से ट्रैफ़िक में रुकावट आई है और क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस के फ्लो पर असर पड़ा है। रेड सी में ईरान-समर्थित हूथी मिलिटेंट्स द्वारा सऊदी अरब के टैंकरों पर पहले हमलों ने पूरे इलाके में सप्लाई में बड़े पैमाने पर रुकावटों को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

निफ्टी- बैंक निफ्टी के लिए क्या होगा आज आउटलुक 

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर बात करते हुए एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि  बैंक निफ्टी के नेगेटिव बायस के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है, जिससे हाल के सेशन में देखी गई लगातार कमजोरी और बढ़ेगी। इंडेक्स अपने मुख्य रेजिस्टेंस लेवल से नीचे बना हुआ है और अपने 200-दिन के EMA (56,495) से थोड़ा ऊपर बना हुआ है, जिससे पता चलता है कि बेयर्स शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पर मजबूती से कंट्रोल में हैं। टेक्निकल नजरिए से, 56,800–56,900 ज़ोन तुरंत रेजिस्टेंस है, इसके बाद 57,200–57,300 ज़ोन और ऊपर है।

नीचे की तरफ, 56,400–56,300 ज़ोन तुरंत सपोर्ट बना हुआ है, जो पिछले सेशन में मजबूत बना हुआ था। इस लेवल से नीचे एक बड़ा ब्रेक सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है और इंडेक्स 56,000–55,800 सपोर्ट ज़ोन की ओर खिंच सकता है। कुल मिलाकर, शॉर्ट-टर्म टेक्निकल आउटलुक बेयरिश बना हुआ है, इंडेक्स के शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर में काफ़ी सुधार लाने और मोमेंटम को बुल्स के पक्ष में करने के लिए 57,000 मार्क से ऊपर लगातार मूव जरूरी होगा।

पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कासट ने कहा, “तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ने और जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के कारण बाज़ार फिर से साफ़ तौर पर रिस्क-ऑफ मोड में आ गए हैं। मज़बूत कॉर्पोरेट फंडामेंटल्स पर सख्त फाइनेंशियल हालात और बढ़ते रिस्क से बचने की प्रवृत्ति का असर पड़ सकता है। निफ्टी के लिए, 23,600 एक मुख्य सपोर्ट लेवल बना हुआ है, जबकि 24,000 तुरंत रेजिस्टेंस है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend: मार्केट एक्सपर्ट पंकज रांदड़ से जानें, आज निफ्टी-बैंक निफ्टी की कैसी रह सकती है चाल, कहां होगी कमाई

Market Trend : ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने कल बाजार को दबाव में ला दिया। बाजार में दिनभर बिकवाली हावी रही। सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स 364 प्वाइंट गिरकर 76,391 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 127 प्वाइंट गिरकर 23,870 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली रही। निफ्टी बैंक इंडेक्स करीब 1% गिरकर बंद हुआ। केमिकल,रियल्टी और एनर्जी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। मेटल और फार्मा इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। बैंक निफ्टी 535 प्वाइंट गिरकर 56,592 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 616 प्वाइंट गिरकर 61,685 पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपया भी 1 पैसा कमजोर होकर 96.57/$ पर बंद हुआ।

आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (Equinox Research & Advisors) के पंकज रांदड़ ने कहा कि निफ्टी में लगातार कई दिनों से भारी बिकवाली देखने मिल रही है। निफ्टी लोअर टाइम फ्रेम और बड़े टाइम फ्रेम दोनों पर ही 200 डेमा के नीचे फिसल चुका है। इसके अलावा यह 20 डेमा और वीवैप के नीचे भी आ चुका है। ऐसे में ओवरऑल सेंटीमेंट्स थोड़े से नेगेटिव ही नजर आ रहे हैं। लेकिन अगर सपोर्ट की बात करें तो इसके लिए 23750 के लेवल पर सपोर्ट दिख रहा है। जब तक निफ्टी इस सपोर्ट को बनाए रखता है तब तक इसमें ऊपर की तरफ 23400 की और तेजी की उम्मीद कायम रहेगी। हालांकि यह टारगेट्स काफी लंबा नजर आता हैं। लेकिन बहुत शॉर्ट टाइम फ्रेम में यह एक्टिवेट हो सकता है।

जहां तक बैंक निफ्टी की बात करें तो इसमें लोअर टाइम फ्रेम पर निचले स्तरों से खरीदारी आ रही है, लेकिन बड़े टाइम फ्रेम पर अभी भी यहां बड़ी गिरावट देखने मिल रही है। यह इंडेक्स 200 डेमा की रेंज पर आकर बंद होते हुए नजर आ रहा है। ऐसे में ओवरऑल सेंटीमेंट्स साइडवेज से नेगेटिव ही नजर आते हैं।

आज के लिए अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए पंकज रांदड़ ने कहा कि IEX के फ्यूचर्स के अंदर वॉल्यूम के साथ में काफी बड़ी बिकवाली देखने को मिली है। ऊपरी रेंज से एक बेस बनाकर वहां से सेलिंग हुई है यहां पे। IEX के फ्यूचर्स में ₹122 की रेंज में बिकवाली की सलाह रहेगी। यहां पर ₹124.50 का स्टॉप लॉस मेंटेन करना है। इसमें आज के सत्र में ₹118 तक के टारगेट देखने को मिल सकते हैं।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Magnus Steel Q1 Results: प्रॉफिट और रेवेन्यू में तगड़ा उछाल, अब स्टील और इंफ्रा सेक्टर के नए मौकों पर फोकस

Magnus Steel & Infra ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 273.7% बढ़कर 7.30 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1.95 करोड़ रुपये था।

कंपनी का नेट प्रॉफिट 490.6% बढ़कर 2.41 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 41 लाख रुपये था। टैक्स से पहले का मुनाफा (PBT) भी 2.41 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 41 लाख रुपये से करीब पांच गुना ज्यादा है।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 400.7% बढ़कर 2.41 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 48 लाख रुपये था। वहीं अर्निंग्स पर शेयर (EPS) बढ़कर 7.13 रुपये हो गई, जो एक साल पहले 1.21 रुपये थी। कंपनी ने कहा कि बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और लागत पर नियंत्रण की वजह से मुनाफे में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।

टाटा मोटर्स प्रोजेक्ट से मिला बड़ा मौका

कंपनी ने बताया कि उसे गुजरात और महाराष्ट्र में Tata Motors के प्रस्तावित ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरशुदा स्टील सप्लायर के रूप में शामिल किया गया है। प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्टर RIECO Industries के जरिए कंपनी ने स्टील की सप्लाई भी शुरू कर दी है और कई खरीद ऑर्डर हासिल किए हैं। कंपनी का दावा है कि इससे उसकी ऑर्डर बुक मजबूत होगी और आने वाले समय में ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

Magnus Steel के चेयरमैन और डायरेक्टर कैरॉन नरेश बजाज ने कहा कि पहली तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की मजबूत रणनीति और ऑपरेशनल क्षमता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में नए अवसरों का फायदा उठाकर शेयरधारकों के लिए लंबी अवधि में बेहतर मूल्य सृजित करने पर फोकस कर रही है।

FY26 में भी रहा अच्छा प्रदर्शन

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 22.58 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 4.51 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस दौरान कंपनी का EPS 13.33 रुपये प्रति शेयर रहा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sona Comstar Q1 Results: मुनाफा 47% उछला, रेवेन्यू ने बनाया नया रिकॉर्ड; रोबोटिक्स कारोबार में भी उतरी कंपनी

Sona Comstar Q1 Results: ऑटो कंपोनेंट कंपनी Sona BLW Precision Forgings (Sona Comstar) ने जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 46.7% बढ़कर 178.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह 122 करोड़ रुपये था। वहीं ऑपरेशन से रेवेन्यू 52.4% बढ़कर 1,301 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 854 करोड़ रुपये था।

कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। CNBC-TV18 के अनुमान के मुकाबले कंपनी ने मुनाफा, रेवेन्यू और EBITDA तीनों मोर्चों पर बेहतर नतीजे दिए।

EBITDA और मार्जिन का हाल

जून तिमाही में EBITDA 42.6% बढ़कर 293.3 करोड़ रुपये रहा। हालांकि EBITDA मार्जिन 24.1% से घटकर 22.5% पर आ गया। यानी कंपनी की कमाई बढ़ी, लेकिन लागत बढ़ने से मार्जिन पर कुछ दबाव रहा।

EV बिजनेस ने बनाई नई ऊंचाई

Sona Comstar ने कहा कि यह उसकी अब तक की सबसे अधिक तिमाही रेवेन्यू रही। बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) से होने वाला रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। जून तिमाही में कुल ऑटोमोटिव रेवेन्यू में BEV उत्पादों की हिस्सेदारी 44% रही, जबकि BEV रेवेन्यू सालाना आधार पर 107% बढ़ा।

रोबोटिक्स और AI में एंट्री

Sona Comstar ने इस तिमाही में Robotics & Physical AI कारोबार में भी उतरने का ऐलान किया। कंपनी इस क्षेत्र के लिए मिशन-क्रिटिकल कंपोनेंट, सॉफ्टवेयर, इंजीनियरिंग सेवाएं और चुनिंदा रोबोट प्लेटफॉर्म डेवलप करेगी। साथ ही कंपनी ने Sona Comstar 2.0 रणनीति पेश की है। इसके तहत FY35 तक रेवेन्यू को फिर से 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

नए ऑर्डर और शेयर का हाल

तिमाही के दौरान कंपनी को तीन नए ऑर्डर मिले, जिनमें EV, हाइब्रिड और ICE वाहनों से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनसे कंपनी की ऑर्डर बुक में करीब 940 करोड़ रुपये जुड़े।

कंपनी के नतीजे बाजार बंद होने के बाद आए। इससे पहले BSE पर Sona Comstar का शेयर 719.25 रुपये पर बंद हुआ। अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर इन नतीजों पर रहेगी।

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जंतर-मंतर पर दिपके का साया बने आशुतोष रांका कौन हैं? जानें IIT, LSE और मैकिन्से से आंदोलन तक का सफर

Who is Ashutosh Ranka: IIT कानपुर से इंजीनियरिंग, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई और फिर लंदन में मैकिन्से जैसी ग्लोबल कंपनी में भारी-भरकम पैकेज वाली नौकरी! आम तौर पर लोग ऐसे करियर का सपना देखते हैं, लेकिन आशुतोष रांका इस सब से आगे बढ़कर देश के सबसे बड़े छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन चुके हैं। NEET पेपर लीक को लेकर CJP के ‘पॉलिसी हेड’ के रूप में केंद्र सरकार से सीधी बात करने वाले आशुतोष रांका कौन हैं और कैसे एक कॉर्पोरेट कंसल्टेंट छात्रों की सबसे बड़ी आवाज बन गया, आइए आपको बताते हैं।

कौन हैं आशुतोष रांका?

आशुतोष रांका ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आधिकारिक प्रवक्ता हैं। उन्हें इस पूरे आंदोलन का ‘पॉलिसी माइंड’ माना जा रहा है, क्योंकि वे शिक्षा सुधारों और सरकारी नीतियों के खिलाफ तार्किक और नीतिगत ड्राफ्ट तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर से पढ़ाई की है और इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) जैसी विश्व प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की है। CJP में शामिल होने से पहले आशुतोष रांका लंदन में दुनिया की दिग्गज कंसल्टिंग फर्म मैकिन्से एंड कंपनी (McKinsey & Company) में कंसल्टेंट के रूप में काम कर चुके हैं।

फिलहाल वो आंदोलन की नीतिगत रणनीति, शिक्षा सुधारों के ड्राफ्ट और केंद्र सरकार के साथ बातचीत में CJP का प्रतिनिधित्व कर रहे है।

कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ आंदोलन का हिस्सा क्यों बने?

जब जून में CJP ने अपने प्रवक्ताओं के पैनल का ऐलान किया, तब आशुतोष रांका के शानदार एकेडमिक और प्रोफेशनल बैकग्राउंड को खास तौर पर हाईलाइट किया गया। IIT कानपुर, LSE और मैकिन्से जैसी ग्लोबल कंपनियों में काम करने के अनुभव के कारण उनके पास नीतियों के विश्लेषण और रणनीतिक समझ का गहरा अनुभव है। नीट परीक्षा में हुई धांधली के बाद उन्होंने अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल छात्रों की मांगों को कानूनी और नीतिगत रूप से मजबूत बनाने के लिए किया।

केंद्र सरकार के साथ बातचीत में अहम भूमिका

NEET आंदोलन के तहत जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच आशुतोष रांका ने सरकार के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सौरव दास के साथ आशुतोष रांका भी उस दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे, जिसने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर छात्रों की मांगों का ड्राफ्ट सौंपा। वे केवल परीक्षा रद्द करने या जांच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक और पारदर्शी सुधारों की रूपरेखा पर भी काम कर रहे हैं।

जंतर-मंतर पर डटे हैं CJP संस्थापक

जहां आशुतोष रांका और सौरव दास सरकार के साथ टेबल टॉक संभाल रहे हैं, वहीं CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत ने बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ से किए जाने वाले एक बयान के विरोध में इस पार्टी की नींव रखी थी।

आंध्र प्रदेश के कारपेंटर की बेटी दुनिया के पहले ‘All-Girls Lunar Mission’ के लिए चुनी गईं, जानिए कौन हैं 14 साल की कंदुला जेसी

कहते हैं, ‘सफलता उम्र की मोहताज नहीं होती’। आंध्र प्रदेश के धवलेश्वरम की कंदुला जेसी पर भी ये बात सही बैठती है। महज 14 साल की छोटी सी उम्र में उन्होंने जो उपलब्धि हासिल की है, उसकी वजह से हर कहीं उनकी चर्चा की जा रही है। कंदुला को ऐतिहासिक स्पेस मिशन शक्तिसैट के लिए चुना गया है। यह दुनिया का पहला ग्लोबल ऑल-गर्ल्स लूनर क्यूबसैट मिशन है।

इस मिशन की ट्रेनिंग 23 अगस्त को नई दिल्ली में शुरू होगी। छात्रों का बनाया हुआ लूनर क्यूबसैट 11 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा से लॉन्च होगा। उन्हें उम्मीद है कि यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) में करियर और भविष्य में लूनर एक्सप्लोरेशन की ओर पहला कदम होगा।

दुनिया का पहला ग्लोबल ऑल-गर्ल्स लूनर मिशन

मिशन शक्तिसैट एक अंतरराष्ट्रीय STEM इनिशिएटिव है। इसका मकसद अधिक से अधिक लड़कियों को स्पेस साइंस और इंजीनियरिंग में आने के लिए प्रेरित करना है। यह प्रतिभागी क्यूबसैट को डिजाइन करने, बनाने और ऑपरेट करने में मदद करेंगे, जो भविष्य के लूनर मिशन के लिए प्लान किया गया एक छोटा सैटेलाइट है। यह प्रोग्राम सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, मिशन प्लानिंग और स्पेस रिसर्च में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी देता है।

कौन हैं 14 साल की कंदुला जेसी?

जेसी धवलेश्वरम के जिला परिषद गर्ल्स हाई स्कूल में पढ़ती हैं। विज्ञान के प्रति उसके जुनून को स्कूल की अटल टिंकरिंग लैब में उसके शिक्षकों ने पहचाना। कंदुला ने लगभग 550 ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र पूरे किए। उन्होंने उपग्रह प्रणाली, प्रणोदन और ऊष्मागतिकी जैसे विषयों को कवर किया। इंटरव्यू के दौरान अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से मिलने की तैयारी में मदद करने के लिए उसने अपनी अंग्रेजी भाषा की क्षमताओं को और बढ़ाया। कंदुला आंध्र प्रदेश धवलेश्वरम के एक बढ़ई की बेटी है। उन्होंने 108 देशों के लगभग 12,000 आवेदकों में से चुने गए 20 भारतीय भगीदारों के बीच ये जगह बनाई है। वह फाइनल लिस्ट में जगह बनाने वाली आंध्र प्रदेश की अकेली स्टूडेंट भी हैं।

कौन कर रहा है इस मिशन का संचालन?

शक्तिसैट मिशन STEM शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष पेशेवरों के एक समूह द्वारा आयोजित किया जा रहा है।  कार्यक्रम का उद्देश्य उपग्रहों के विकास के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष उद्योग में अधिक लड़कियों को शामिल करना है।

उसके परिवार के लिए गर्व का क्षण!

बढ़ई पिता की बेटी कंदुला के परिवार को कुछ आर्थिक कठिनाइयों की वजह से बाद में उसका दाखिला एक सरकारी स्कूल में करा दिया गया। हालाकि, वह अपने सपने के प्रति दृढ़ थी। उसका चयन उसके माता-पिता, शिक्षकों और समुदाय के लिए गर्व का क्षण बन गया है।

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Honda ADV 160 and Rebel 300 Expected to Launch Tomorrow

Honda Rebel 300 and ADV 160

Both products are likely to be locally manufactured although the extent of localised components is not yet clear.

  1. Rebel 300 and ADV 160 likely to be launched in India.
  2. Competitive pricing expected considering that the models are under 350cc.
  3. More new products could also be launched at the event.

Rebel 300 Cruiser

The Rebel nameplate is not entirely new to India. Honda had previously introduced the Rebel 500 in the country as a CBU model, pricing it at Rs 5.12 lakh (ex-showroom). However, its premium price tag made it out of reach for many. 

With local manufacturing expected for the Rebel 300, Honda could position it at a much more accessible price point, making it a stronger rival to other popular bikes in the market like the Royal Enfield Classic 350, Meteor 350 and Bullet 350. 

The Rebel 300 makes use of a 286cc, liquid-cooled, single-cylinder engine making around 30 hp and 27.5Nm. It has an accessible 690mm seat height and a kerb weight of 165kg. Currently, in many international markets, the 2027 model features Honda’s E-Clutch system. It remains to be seen if this E-clutch model makes its way here or whether they use a more affordable system to keep costs in check – something that Tsutsumu Otani, managing director, president & CEO of HMSI told us the company was exploring for the Indian market.  

This is the same engine that is used in the Honda CB300R which used to be on sale in India. Given the fact that that bike’s price was reduced to Rs 2.19 lakh (ex-showroom prices) after the GST rate reduction, Honda could also price the new Rebel 300 quite aggressively.

ADV 160 Maxi-Scooter

We first broke the news that Honda would bring the ADV 160 to India over a year back and the vehicle is now finally ready for launch. The new ADV 160 will sit at the top of Honda’s scooter range in India. The adventure-style maxi-scooter will likely be aimed at buyers looking for a more premium and performance oriented alternative to conventional commuter scooters. Pricing will be crucial, and it remains to be seen how aggressively Honda positions it in the market. It will go up against the likes of the Yamaha Aerox (Rs 1.45 lakh to Rs 1.48 lakh ex-showroom) and the Hero Xoom 160 (Rs 1.43 lakh ex-showroom).

Internationally, this scooter uses a 157cc, liquid cooled, single-cylinder engine making 16hp and 14.7Nm. It has a seat height of 780mm, a kerb weight of 134kg and 27-litres of underseat storage. The scooter also features an adjustable windscreen and single-channel ABS as standard. 

Other Product Launches

While the Rebel 300 and ADV 160 are expected to be the main launches, Honda is expected to have a few more surprises planned for tomorrow’s event. The company has been expanding its premium motorcycle portfolio in India, so additional product launches in that category could be on the cards as well as a third EV following the QC1 and Activa e. 
 

Market Insight :अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं, दोनों तरफ बनेंगे पैसे

Market Insight : खराब ओपनिंग के बाद बाजार में रिकवरी की कोशिश हो रही है। निफ्टी निचले स्तरों से 100 अंकों से ज्यादा सुधरकर 23980 के करीब आ गया है। बैंक निफ्टी भी नीचे से करीब 250 अंक सुधरा है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में दबाव देखने को मिल रहा है। उधर वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में भी गिरावट आई है। अब सवाल ये है कि क्या हम ब्रेकडाउन के करीब हैं? इस पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी पिछले 2 हफ्तों से एक रेंज में रहा है। 8 जुलाई की कैंडल को तोड़ने में 10 दिन से ज्यादा लगे। लेकिन पिछले शुक्रवार का वो ब्रेकआउट नकली निकला।

हमने बात की थी कि अब रेंज के निचले स्तरों पर जाने का रिस्क है। ये भी संभव है कि हम अब एक रेंज का ब्रेकडाउन दिखा दें। मगर जैसे ब्रेकआउट फेल हुआ था,क्या पता ब्रेकडाउन भी फेल हो। मगर इसमें कोई शक नहीं है कि बाजार में डर लौटा है। डर है कि US-ईरान लड़ाई फिर से लंबा न खींच जाए। यह भी डर है कि वापस कच्चे तेल की कीमत और सप्लाई पर असर न पड़े। कच्चा तेल अब वापस $100 पार करने की तैयारी कर रहा है। India VIX पर भी नजर रखें, 14.5 का मेक ऑर ब्रेक जोन है।

अच्छी बात यह है कि इस बार मार्च जैसी पेनिक सेलिंग नहीं है और कच्चे तेल से जुड़े शेयर भी टूट नहीं रहे हैं। उम्मीद होगी कि US चुनाव से पहले ये लड़ाई जल्दी खत्म हो, क्योंकि इस समय बाजार बाकी फैक्टर्स को नजरअंदाज कर रहा है।

बाजार: आखिर क्यों गिर रहे हैं हम?

कल भी हमने समझाया था कि बाजार क्यों गिरेगा। बाजार के सभी बड़े सेक्टर्स ने थकान दिखाई थी। एक-एक कर आज बड़े सेक्टर्स की दिक्कत दिखती है। बैंक सबसे बड़ा फैक्टर है। यह सबसे बड़ा सेक्टर है और सबसे ज्यादा दिक्कत भी यहीं है। HDFC बैंक खराब नतीजों के बाद 52-हफ्ते के निचले स्तर पर जाने को तैयार दिख रहा है। ICICI बैंक में अच्छे नतीजों पर भी बड़ा पॉजिटिव रिएक्शन नहीं देखने को मिला है। SBI में नतीजों से पहले का डर और SBI फंड्स की फीकी लिस्टिंग का असर दिख रहा है। इसके अलावा डॉलर-रुपया,बॉन्ड यील्ड और कच्चा तेल सब मैक्रो निगेटिव हैं।

IT की रैली फिर हुई फेल 

IT की रैली फिर फेल हो गई है। यह दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है जहां रैली फिर फेल होती दिख रही है। IT में रैली कोस्पी और चिप शेयरों में गिरावट से हुई थी। 2-3 दिनों से फिर AI रैली शुरू हुई है। मंगलवार को गैपअप पर हमने IT में मुनाफावसूली का नजरिया लिया था। फार्मा पर ट्रंप की नजर लग गई है।

यह बड़ा सेक्टर नहीं है लेकिन कम से कम चल तो रहा था। यहां डॉनल्ड ट्रंप की नजर लग गई और कल एक्सीडेंट हो गया। कल बहुत लोगों ने कहा ये न्यूट्रल है,इसका कोई असर नहीं होगा। सिर्फ CNBC-आवाज़ ने नजरिया लिया कि एक बार तो शेयर गिरेंगे। आज डॉ रेड्डीज के खराब नतीजों का भी असर दिखेगा। अब सिर्फ ऑटो,FMCG जैसे कुछ सेक्टर्स हैं जहां लोग चुप रहे हैं।

बाजार: आज के घरेलू संकेत

आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है। आमतौर पर वीकली एक्सपायरी ऑप्शन राइटर्स की रेंज में होती हैं। इसके अलावा आज नतीजों के लिहाज से काफी बड़ा दिन है। इनमें से इंफोसिस के नतीजे सबसे अहम होंगे। अगर इंफोसिस की कमेंट्री खराब हुई तो IT फिर टूटेगा। लेकिन अगर इंफोसिस ने पॉजिटिव बोला तो शायद रैली फिर शुरू हो जाए।

बाजार: क्या हो रणनीति?

अगर शॉर्ट नहीं कर सकते तो ये बाजार आपके लिए नहीं है। इस बाजार में परमा बुल (Perma Bull)पैसा नहीं बना पाएगा। बाजार में दोनों तरफ के मौके हैं। लेकिन रेंज के सिरे में जब खड़े हों तो सावधान होना होगा, जैसे अब आज शायद शॉर्ट करना थोड़ा रिस्की हो। मोटा-मोटी हम 23,800-24,300 की रेंज में रहे हैं। अभी कुछ समय हमें शायद इसी रेंज में ऑपरेट करना हो। लेकिन स्टॉक स्पेसिफिक मौके अभी भी हैं और ये बाजार अच्छे नतीजों को रिवॉर्ड कर रहा है। सबसे बड़ा उदाहरण था बजाज ऑटो। अगर आपने मंगलवार को टॉप पर भी लिया,तब भी कल बड़ा पैसा बना। मगर बाजार में निराश करने की जगह नहीं है। कल इसका सबसे बड़ा उदाहरण था बंधन बैंक। बाजार में नतीजों पर रिएक्शन बड़े खतरनाक आ रहे हैं। आज का सबसे मजेदार शेयर होगा OFSS। कल शेयर औंधे मुंह गिरा लेकिन नतीजे शानदार हैं। मगर साथ ही OFSS के MD & CEO का इस्तीफा निगेटिव भी है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए सबसे अहम सपोर्ट जोन 23,800-23,850 है। स्क्रीन बता रही है कि एक ना एक बार तो ये सपोर्ट जोन टेस्ट होगा। अगर ये लेवल बचा तो रिकवरी आ सकती है। मगर ये टूटा तो 23,600-23,700 का रिस्क होगा। पहला रजिस्टेंस 24,000-24,050 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24,150-24,250 पर है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए अब 56,600-56,800 मेक ऑर ब्रेक जोन है। 56,800 पर 50 DEMA और 56,600 पर 100 DEMA है। अगर ये लेवल्स टूटे तो 56,000 भी टूटने का रिस्क रहेगा। बैंक निफ्टी में किसी भी रैली में भरोसा नहीं है क्योंकि सबसे बड़े शेयर चलने को तैयार नहीं हैं। ICICI बैंक,HDFC बैंक या SBI में से किसी को बड़ी लीडरशिप लेनी पड़ेगी। बैंक निफ्टी में जहां रिकवरी फेल हो,वहां बेचने पर पैसा बन रहा है।

 

 

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Invest Rs 10 Lakh: हाथ में हैं ₹10 लाख? जानें पैसा बढ़ाने की 5 सबसे सेफ और स्मार्ट स्ट्रेटेजी

10 Lakh Investment Options & Strategies: अपने जीवन का पहला ₹10 लाख का फंड जमा करना किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत बड़ा फाइनेंशियल माइलस्टोन होता है। चाहे यह पैसा सैलरी की बचत, बोनस, बिजनेस प्रॉफिट, या किसी प्रॉपर्टी की बिक्री से आया हो, इसे हासिल करने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि इस ₹10 लाख को कहां और कैसे इन्वेस्ट करें ताकि भविष्य में इससे बड़ा वेल्थ बनाया जा सके।

फाइनेंशियल विशेषज्ञों का मानना है कि ₹10 लाख का निवेश करने के लिए ‘वन साइज फिट्स ऑल’ यानी एक जैसा नियम सब पर लागू होने का फॉर्मूला काम नहीं करता। आइए आपको बताते हैं कि सही रणनीति के साथ अपने ₹10 लाख को कैसे निवेश करें।

निवेश से पहले निपटाएं ये 3 सबसे जरूरी काम

₹10 लाख को सीधे बाजार में लगाने की जल्दबाजी न करें। सबसे पहले इन तीन बुनियादी बातों को मजबूत करें:

1- इमरजेंसी फंड: क्या आपके पास कम से कम 6 महीने के खर्चों के बराबर इमरजेंसी फंड है? अगर नहीं, तो इस ₹10 लाख में से कुछ हिस्सा लिक्विड फंड या बैंक एफडी में अलग रखें।

2- हेल्थ इंश्योरेंस: अपने और परिवार के लिए पर्याप्त हेल्थ कवर जरूर लें ताकि मेडिकल इमरजेंसी में आपकी बचत न डूबे।

3- महंगे कर्ज: अगर आप पर क्रेडिट कार्ड का बिल या पर्सनल लोन जैसा कोई भारी ब्याज वाला कर्ज है, तो निवेश करने से पहले उसे चुकता करें।

एक साथ पैसा लगाने से बचें, स्टैगर्ड तरीका अपनाएं

बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने के लिए पूरा ₹10 लाख एक बार में निवेश न करें। अपने पैसे को किसी लिक्विड फंड में रखें और वहां से अगले 6 से 12 महीनों के दौरान सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के जरिए इक्विटी फंड्स में ट्रांसफर करें। इससे बाजार के ऊंचे और निचले दोनों स्तरों का फायदा मिलेगा और रिस्क कम होगा।

अपने वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से बांटें पैसा

हर निवेशक का लक्ष्य अलग होता है, इसलिए समय सीमा के हिसाब से अपने पैसों का बंटवारा करें:

शॉर्ट टर्म गोल (1 से 3 साल): अगर आपको बच्चे की पढ़ाई, कार या घर की डाउन पेमेंट के लिए जल्द पैसा चाहिए, तो लो-रिस्क ऑप्शन जैसे डेट म्यूचुअल फंड, एफडी या आर्बिट्राज फंड चुनें।

लॉन्ग टर्म गोल (5 साल से ज्यादा): रिटायरमेंट या लंबी अवधि के वेल्थ क्रिएशन के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड्स (Flexi Cap, Large Cap), एनपीएस, या डायरेक्ट स्टॉक्स में निवेश करें।

एसेट एलोकेशन और डाइवर्सिफिकेशन का नियम

एसेट एलोकेशन और डाइवर्सिफिकेशन का नियम

पोर्टफोलियो की नियमित समीक्षा करें

₹10 लाख का निवेश करने के बाद रोज-रोज के बाजार के उतार-चढ़ाव को देखकर पैनिक न हों। अगर आप पहले से एसआईपी (SIP) चला रहे हैं, तो उसे जारी रखें। साल में एक या दो बार अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर रीबैलेंसिंग करें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sotefin IPO Listing: ढहते मार्केट में अपर सर्किट, ₹187 के शेयरों ने लिस्टिंग पर मचाया धमाल

Sotefin IPO Listing: ऑटोमेटेड कार पार्किंग सिस्टम कंपनी सोटेफिन भारत के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 3 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹187 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹205.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 9.63% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹215.25 (Sotefin Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 15.11% मुनाफे में हैं।

Sotefin Bharat IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

सोटेफिन भारत का ₹90 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-20 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 3.99 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 2.82 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 6.05 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.78 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 48 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹20.13 करोड़ कोलकाता में एक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, ₹8.17 करोड़ प्रस्तावित नए ऑफिस प्रेमिसेज की जरूरतों, ₹40.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Sotefin के बारे में

सोफेटिन भारत मैकेनाइज्ड और ऑटोमेटेड पार्किस सॉल्यूशंस ऑफर करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में फुल्ली ऑटोमेटेड रोबोटिक पार्किंग सिस्टम, पजल पार्किंग सिस्टम, टावर पार्किंग सिस्टम और स्टैक पार्किंग सिस्टम हैं। कंपनी O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) और आफ्टर सेल्स सर्विसेज भी ऑफर करती है। मार्च 2026 तक कंपनी 55 प्रोजेक्ट्स पूरे कर चुकी थी और फिलहाल देश कई कई शहरों के साथ-साथ अमेरिका और दुबई में 30 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 66% की अधिक रफ्तार से बढ़कर ₹17.37 करोड़ और टोटल इनकम 44% से अधिक तेजी से बढ़कर ₹118.23 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹24.01 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹70.57 करोड़ पड़े थे।

Lohia Corp IPO: 27 एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए ₹492 करोड़

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।