Hariyali Teej 2026 Date: आज शाम से शुरू हो रहा शुभ मुहूर्त, जानें 15 अगस्त को कब कैसे हरियाली तीज की करें पूजा

Hariyali Teej 2026 Date: आज 14 अगस्त 2026 का दिन बेहद खास होने वाला है। हिंदू पंचांग के मुताबिक आज सावन महीने की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। वहीं शाम 6 बजकर 46 मिनट से तृतीया तिथि लग जाएगी। सावन का शु्क्रवार दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए शुभ माना गया है। बता दें कि आज हरियाली तीज की तिथि शाम 6 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी और 15 अगस्त की शाम 5 बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगी।

उत्तर भारत में तीज की धूम

उत्तर भारती में तीज का त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। खासकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड में अलग ही माहौल होता है। श्रावण और भाद्रपद मास के दौरान महिलाएं 3 तीज मनाती हैं। यह समय जीवन में उत्साह, आनंद और पारिवारिक संतुलन बनाने का प्रतीक होता है। जानिए आज पूजा का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चंद्रोदय और नक्षत्र…

हरियाली तीज 2026 कब होगी?

तृतीया तिथि की शुरुआत 14 अगस्त की शाम 6 बजकर 46 मिनट पर हो रही है। इसका समापन 15 अगस्त को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर हो जाएगा। उदयातिथि के आधार पर हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026 को किया जाएगा। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करेंगी। पति की लंबी आयु की कामना करेंगी।

त्योहार की तिथि- शुक्ल पक्ष की द्वितीया –शाम 6 बजकर 46 मिनट तक, फिर तृतीया तिथि की होगी शुरुआत

योग- परिघ – सुबह 09 बजकर 28 मिनट तक, फिर शिव होगा शुरू

शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजक 52 मिनट तक

अमृत काल- रात्रि 09 बजकर 33 मिनट से रात्रि 11 बजकर 05 मिनट तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल- सुबह 10 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक

गुलिकाल- सुबह 07 बजकर 29 मिनट से प्रातः 09 बजकर 08 मिनट तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में विराजेंगे।

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र- अगले दिन सुबह 03 बजकर 42 मिनट (15 अगस्त) तक

नक्षत्र स्वामी- शुक्रदेव

राशि स्वामी- सूर्यदेव

Stock Market Fall: सेंसेक्स 357 अंक तक फिसला, निवेशकों के ₹2.32 लाख करोड़ साफ

शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को बिकवाली का दबाव है। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई। कुछ ही देर में यह पिछले बंद भाव से 357 अंक टूटकर 77,722.93 के लो तक चला गया। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 2.32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ खुला और फिर ​पिछली क्लोजिंग से 91.55 अंक तक टूटकर 24,304.30 के लो तक गया।

गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,13,560.799 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को कुछ ही देर में यह घटकर 4,91,81,511.05 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 2,32,049.749 करोड़ रुपये की कमी।

गुरुवार को कारोबार के अंतिम घंटे में हुई बाइंग से सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 पर बंद हुआ था। निफ्टी में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखी गई। BSE मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.35 प्रतिशत का लाभ रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Delhi Traffic Advisory 15 August: 15 अगस्त को लाल किले के आसपास कई रास्ते बंद, निकलने से पहले देखें पूरी एडवाइजरी

Delhi Traffic Advisory 15 August: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 15 अगस्त को लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे। वहीं, समारोह स्थल के आस-पास की कई सड़कें सुबह 4 बजे से 10 बजे तक आम ट्रैफिक के लिए बंद रहेंगी और प्रभावित रास्तों पर सिर्फ खास पहचान वाले वाहनों को ही आने-जाने की इजाजत होगी।

एडवाइजरी में यात्रियों के लिए वैकल्पिक रास्ते, मालवाहक वाहनों और बसों पर पाबंदियां, और शहर के मुख्य इलाकों की ओर जाने वाली सेवाओं के लिए डायवर्जन की जानकारी भी दी गई है। इसके अलावा, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और ISBT कश्मीरी गेट जाने वाले यात्रियों से अपील की गई है कि वे पहले से अपने सफर का प्लान बना लें और तय किए गए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

बंद रहेंगी ये सड़कें

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को सुबह 4 बजे से 10 बजे तक कई प्रमुख सड़कें आम लोगों के लिए बंद रहेंगी। इनमें शामिल हैं:

  • नेताजी सुभाष मार्ग — दिल्ली गेट से चट्टा रेल चौक तक
  • लोथियन रोड — GPO दिल्ली से चट्टा रेल चौक तक
  • एसपी मुखर्जी मार्ग — एचसी सेन मार्ग से यमुना बाजार चौक तक
  • चांदनी चौक रोड — फाउंटेन चौक से लाल किले तक
  • निषाद राज मार्ग — रिंग रोड से नेताजी सुभाष मार्ग तक
  • एस्प्लेनेड रोड और नेताजी सुभाष मार्ग से जुड़ी इसकी लिंक रोड
  • रिंग रोड — राजघाट से ISBT तक

इन रास्तों से भी बचने की सलाह

जिन गाड़ियों पर पार्किंग लेबल नहीं हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे पाबंदी वाले समय के दौरान C-हेक्सागन इंडिया गेट, कॉपरनिकस मार्ग, मंडी हाउस, सिकंदरा रोड, तिलक मार्ग, मथुरा रोड, BSZ मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग, J L नेहरू मार्ग, और निज़ामुद्दीन खट्टा व ISBT कश्मीरी गेट के बीच रिंग रोड और आउटर रिंग रोड के हिस्सों पर जाने से बचें।

उत्तर-दक्षिण दिशा में जाने के लिए ये रास्ते अपनाएं

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उत्तर से दक्षिण और दक्षिण से उत्तर जाने वाले लोगों के लिए कई वैकल्पिक रास्ते बताए हैं। इनमें अरविंदो मार्ग, सफदरजंग रोड, कमाल अतातुर्क मार्ग, कौटिल्य मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, पार्क स्ट्रीट, मंदिर मार्ग, पंचकुइयां रोड और रानी झांसी रोड शामिल हैं।

इसके अलावा लोग कनॉट प्लेस, मिंटो रोड, भवभूति मार्ग, अजमेरी गेट, श्रद्धानंद मार्ग, लाहौरी गेट चौक, नया बाजार, पीली कोठी और एसपी मुखर्जी मार्ग के रास्ते भी आ-जा सकते हैं।

यमुना पार करने के लिए निजामुद्दीन ब्रिज, पुस्ता रोड, जीटी रोड और युधिष्ठिर सेतु का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पूर्व-पश्चिम दिशा में जाने के लिए वैकल्पिक रास्ते

पूर्व से पश्चिम और पश्चिम से पूर्व जाने वाले लोगों के लिए NH-24/NH-9, निजामुद्दीन खट्टा, बारापुल्ला रोड, DND, रिंग रोड, भैरों रोड और मथुरा रोड समेत अन्य जुड़े हुए रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके अलावा विकास मार्ग, आईपी मार्ग, डीडीयू मार्ग और मिंटो रोड भी वैकल्पिक रास्ते के तौर पर उपलब्ध रहेंगे।

DND-NH-24-युधिष्ठिर सेतु-सिग्नेचर ब्रिज-वजीराबाद ब्रिज वाला कॉरिडोर भी खुला रहेगा।

हालांकि, ओल्ड आयरन ब्रिज और गीता कॉलोनी ब्रिज से शांति वन की तरफ जाने वाला रास्ता बंद रहेगा।

मालवाहक वाहनों और बसों पर भी रहेगी रोक

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 14 अगस्त की आधी रात से 15 अगस्त की सुबह 11 बजे तक निजामुद्दीन खट्टा और वजीराबाद ब्रिज के बीच माल ढोने वाले वाहनों को चलने की इजाजत नहीं होगी। इस दौरान महाराणा प्रताप ISBT और सराय काले खां ISBT के बीच दूसरे राज्यों से आने-जाने वाली बसों को भी चलने की इजाजत नहीं होगी।

साथ ही, 14 अगस्त की आधी रात से 15 अगस्त की सुबह 11 बजे तक ISBT कश्मीरी गेट और निजामुद्दीन खट्टा के बीच रिंग रोड पर लोकल सिटी बसें (DTC बसों सहित) नहीं चलेंगी।

इसके अलावा, लोथियन रोड, नेताजी सुभाष मार्ग, एस पी मुखर्जी मार्ग, विकास मार्ग, मथुरा रोड और C-हेक्सागन व सेंट्रल दिल्ली के आस-पास की सड़कों समेत कई सड़कों पर दूसरे शहरों से आने वाली बसों और DTC बसों के लिए पाबंदियां होंगी।

इन रास्तों से डायवर्ट होंगी बसें

गाजियाबाद से दिल्ली आने वाली दूसरे राज्यों की बसें ISBT कश्मीरी गेट में घुसने से पहले भोपुरा चुंगी रोड और वजीराबाद रोड का इस्तेमाल करेंगी। धौला कुआं से आने वाली बसों का रूट रिंग रोड, पंजाबी बाग, आजादपुर और चांदनी राम अखाड़ा की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। वहीं, फरीदाबाद से आने वाली बसें सराय काले खां पर अपनी यात्रा खत्म कर सकती हैं या ISBT कश्मीरी गेट की तरफ जाने के लिए दूसरे रास्तों का इस्तेमाल कर सकती हैं। पुलिस ने कहा कि JPN हॉस्पिटल जाने-आने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे आखिरी समय में होने वाली परेशानी से बचने के लिए जल्दी निकलें और कहा है कि जरूरी जगहों पर जानकारी देने वाले साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। 15 अगस्त को सुबह 5 बजे से लेकर ट्रैफिक डायवर्जन हटने तक, गोखले मार्ग, घाटा मस्जिद, यमुना बाजार, दिल्ली गेट और छट्टा रेल चौक पर DTC की रिकवरी वैन तैनात रहेंगी। वहीं, आजादी के दिन कार्यक्रम स्थल पर जाने वाले लोगों से यह भी कहा गया है कि वे कैमरा, दूरबीन, रिमोट-कंट्रोल कार की चाबियां, छाता, हैंडबैग, ब्रीफकेस, ट्रांजिस्टर, सिगरेट लाइटर, टिफिन बॉक्स और पानी की बोतलें साथ न लाएं।

कुल मिलाकर, 15 अगस्त को दिल्ली के कई हिस्सों में सड़कें बंद रहेंगी, रूट डायवर्ट किए जाएंगे और बसों की आवाजाही पर भी रोक रहेगी। इसका सबसे ज्यादा असर लाल किले और सेंट्रल दिल्ली के आसपास के इलाकों में देखने को मिलेगा। हालांकि, यात्रियों के लिए वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध रहेंगे और सुबह 11 बजे के बाद ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें: चमोली में हाइड्रो प्रोजेक्ट पर बड़ा हादसा, सुरंग में गले तक भरा पानी और गाद, 7 मजदूरों की मौत, 6 लापता

Gift Nifty Indicator: बुल्स या बीयर्स, आज कौन होगा बाजार पर हावी, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के फ्लैट या मामूली गिरावट के साथ खुलने की उम्मीद है। ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत मिलने के बावजूद GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 7:45 बजे GIFT निफ्टी 15 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,444 पर ट्रेड कर रहा था, जो सेंसेक्स और निफ्टी 50 के लिए सुस्त शुरुआत का संकेत है।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने से यह उम्मीद मजबूत हुई है कि फेडरल रिजर्व अगले महीने ब्याज दरें नहीं बढ़ाएगा, जिससे एशियाई बाजारों में तेजी आई और वॉल स्ट्रीट भी बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, सीजफायर बातचीत के रुकने और ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखने की अमेरिकी धमकियों के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है।

गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय बाजार काफी हद तक फ्लैट बंद हुए, क्योंकि निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स को अपने इंट्राडे निचले स्तरों से उबरने में मदद मिली। सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 78,079.96 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ।

ब्याज दरों को लेकर चिंता कम होने से एशियाई बाजारों में तेजी

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी आई क्योंकि अमेरिकी महंगाई में नरमी के और सबूतों ने इस उम्मीद को मजबूत किया कि फेडरल रिजर्व अपनी सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.5 प्रतिशत बढ़ा, जिससे इंडेक्स लगातार चौथे सप्ताह बढ़त की ओर अग्रसर है, जो मई के बाद से इसकी सबसे लंबी बढ़त की अवधि है।

पिछले महीने की भारी बिकवाली के बाद निवेशकों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेड पर फिर से दांव लगाने से टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई। दक्षिण कोरिया के टेक-हैवी कोस्पी में 1 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि जापान के टॉपिक्स में 0.9 प्रतिशत की तेजी आई। रात भर की रैली के बाद अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स सुस्त रहे; S&P 500 फ्यूचर्स में बहुत कम बदलाव हुआ, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई।

वॉल स्ट्रीट में तेजी, S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद

गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में तेजी आई क्योंकि प्रोड्यूसर-प्राइस इन्फ्लेशन (उत्पादक-मूल्य मुद्रास्फीति) के आंकड़े कम रहने से कीमतों के दबाव में कमी के सबूत मिले और इस उम्मीद को बल मिला कि फेडरल रिजर्व अगले महीने उधार लेने की लागत (ब्याज दरें) नहीं बढ़ाएगा। प्रोड्यूसर-प्राइस डेटा बुधवार के अपेक्षाकृत कम कंज्यूमर इन्फ्लेशन (उपभोक्ता मुद्रास्फीति) आंकड़ों के बाद आया, जिससे सितंबर में फेड द्वारा दरों को अपरिवर्तित रखने की संभावना मजबूत हुई। S&P 500 में 0.65% की बढ़त हुई और यह 7,798.99 के रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट में 0.81% और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.13% की बढ़ोतरी हुई। इस तेजी में टेक्नोलॉजी शेयरों की अहम भूमिका रही, खासकर मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई।

क्रूड में तेजी

शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) को अनिश्चित काल तक जारी रखने की धमकी दी, जिससे मध्य पूर्व से सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.1% बढ़कर $87.16 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत $81.29 पर लगभग स्थिर रही।

गुरुवार को ग्लोबल डिमांड आउटलुक कमजोर रहने के कारण दोनों बेंचमार्क में 2% से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिसके बाद यह मामूली बढ़त देखने को मिली। इस गिरावट के बावजूद, ब्रेंट और WTI दोनों ही साप्ताहिक आधार पर लगभग 4% की बढ़त की राह पर बने रहे।

इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति

आज बैंक निफ्टी के आउटलुक पर, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि बैंक निफ्टी के निकट भविष्य में एक दायरे (रेंज) में रहने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स 57,500–57,400 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक इसका व्यापक स्ट्रक्चर काफी हद तक स्थिर रहेगा। 57,800–58,000 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है। 58,000 के स्तर से ऊपर लगातार बने रहने से खरीदारी का मोमेंटम मज़बूत हो सकता है और 58,300–58,500 के स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की ओर, 57,500 तत्काल सपोर्ट बना हुआ है, जिसके बाद 57,200–57,000 का ज़ोन आता है। मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए 57,400 से ऊपर बने रहना महत्वपूर्ण होगा, जबकि 57,200 से नीचे निर्णायक रूप से टूटने पर नई प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और निकट-अवधि का टेक्निकल सेटअप कमज़ोर हो सकता है। कुल मिलाकर, निकट-अवधि का आउटलुक सतर्क और एक दायरे में रहने वाला है, जिसमें 58,000 मुख्य अपसाइड ट्रिगर के रूप में और 57,400–57,200 महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम कर रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

What the Volkswagen Tera previews for new India-bound compact SUV

What the Volkswagen Tera previews for new India-bound compact SUV
Volkswagen Tera and Volkswagen compact SUV

Volkswagen India has finally begun working on a new compact SUV, which will be a badge-engineered version of the Skoda Kylaq. This will mark its return to the sub-4m category four years after the Polo hatchback’s discontinuation in 2022. At the same time, the upcoming compact SUV is also expected to be the most affordable car in its portfolio in India when it arrives in 2027.

On the other hand, the carmaker already sells an entry-level SUV in the Brazilian market, called the Tera. It is closely related to the Skoda Kylaq and possibly hints at elements that are expected to arrive on VW’s upcoming compact SUV for India. 

Volkswagen compact SUV: Expected dimensions 

The Tera is 4,151mm long, 1,773mm wide, 1,504mm tall, and gets a 2,566mm long wheelbase. Interestingly, the Terra’s wheelbase is identical to that of the Skoda Kylaq. The India-bound VW compact SUV is expected to have the same wheelbase as the Kylaq, but compared to the Tera, it will be shorter in length to fit India’s sub-4m tax slab.

Volkswagen compact SUV: Expected platform and powertrain 

Skoda Kylaq 1.0-litre turbo-petrol engine used for representation.

The Volkswagen Tera sits on the brand’s MQB A0 architecture, while the VW Skoda 2.0 cars (Kushaq, Kylaq, Slavia, Virtus, Taigun) utilise the MQB A0 IN platform. The latter is a close variation of the former and will underpin VW’s upcoming compact SUV. 

On the powertrain front, the compact SUV will utilise the same 1.0-litre direct-injection turbo-petrol engine as the Tera, which develops 116hp and 165Nm of torque. But power figures are likely to be closer to the Kylaq’s 1.0-litre turbo-petrol, which produces 115hp and 178Nm of torque. In the case of the VW compact SUV, a manual gearbox would be offered as standard, but automatic versions would swap out the 6-speed AT for the new 8-speed that does duty in the Taigun.

Volkswagen compact SUV: Expected exterior design 

Styling-wise, the upcoming Volkswagen compact SUV is expected to adopt the Tera’s design but is likely to come with some India-specific changes. This could include slim LED headlamps connected by a thin DRL strip, a connected LED tail-lamp setup, cladding for the bumpers and door sills, and roof rails. Volkswagen could also bring illuminated logos, as seen on the Taigun and Tayron R Line. Alloy wheels are expected to have a dual-tone look. Potentially, the brand could spruce things up with GT versions with badges and cosmetic upgrades over standard versions. 

Volkswagen compact SUV: Expected interior design and features

LHD VW Tera interior used for representation.

The Volkswagen Tera already has a lot of commonality with the India 2.0 cars, and some of these parts will likely be carried over to the upcoming compact SUV as well. This could include the flat-bottom three-spoke steering wheel, gear knob, centre console and HVAC control unit, the designs of which look similar to those on the Taigun. Additionally, it could also get a similar 10.25-inch digital driver’s display that’s seen on the Taigun. The Tera, however, is an LHD model, which will be reversed for the India-spec version. 

As for equipment, the Volkswagen compact SUV could likely mirror the Skoda Kylaq’s feature set. For reference, the latter gets a 10-inch infotainment system with wireless CarPlay and Android Auto, ambient lighting, a digital driver’s display, a single-pane sunroof, powered and ventilated front seats, automatic climate control and a wireless phone charger. 

Gold Price Today: स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सोना फिसला; दिल्ली, जयपुर, लखनऊ में ₹140940 पर आया 22 कैरेट

देश में सोने की कीमत में गिरावट आई है। राजधानी दिल्ली में 14 अगस्त की सुबह 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 153740 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। मुंबई में कीमत 153590 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। अन्य शहरों में भी ​सोने का भाव फिसला है। सोने में हाल के दिनों में दिखी तेजी के बाद मुनाफावसूली हुई, जिससे कीमतें ​नीचे आई हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने का भाव फिसला है। हाजिर सोना 4,354.58 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। अमेरिका में जुलाई की खुदरा महंगाई का डेटा अनुमान के मुताबिक रहा है। लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, जुलाई महीने में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि जून में गिरावट आई थी। वहीं जुलाई तक के 12 महीनों में अमेरिका में खुदरा महंगाई 3.4 प्रतिशत बढ़ी। यह अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक रही।

जुलाई में US प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में जून के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ। सामान की कीमतों में गिरावट ने सर्विस की लागत में हुई बढ़ोतरी के असर को खत्म कर दिया, जिससे संकेत मिलता है कि महंगाई का दबाव बना रह सकता है। जुलाई तक के 12 महीनों में यानि​ कि सालाना आधार पर प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 153740 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140940 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 140790 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 153590 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 155140 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142210 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 153590 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 140790 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली140940153740
मुंबई140790153590
अहमदाबाद140840153640
चेन्नई142210155140
कोलकाता140790153590
हैदराबाद140790153590
जयपुर140940153740
भोपाल140840153640
लखनऊ140940153740
चंडीगढ़140940153740

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में गिरावट है। 14 अगस्त की सुबह कीमत गिरकर 254900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.51 डॉलर प्रति औंस है।

ईरान जंग ने बदला दशकों पुराना तेल कारोबार:खाड़ी देशों का होर्मुज पर भरोसा खत्म हुआ, अब नई पाइपलाइन पर अरबों डॉलर खर्च कर रहे

छह महीने पहले तक खाड़ी देशों के लिए तेल बेचना बेहद आसान था। सबसे कम लागत में तेल निकालो, होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते दुनिया तक पहुंचाओ और सबसे ज्यादा कीमत देने वाले देशों को बेच दो। लेकिन ईरान के साथ जंग के बाद यह मॉडल बदल गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई लगातार प्रभावित रही। समुद्री बारूदी सुरंगों, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे, अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी तथा बढ़ी बीमा लागत के कारण इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाला कच्चा तेल 2 करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया। इसी वजह से सऊदी अरब, UAE और कुवैत समेत कई खाड़ी देश अब होर्मुज पर निर्भरता कम करने में जुट गए हैं। नई पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं, पुरानी लाइनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और एशिया में ऑयल स्टोरेज तैयार किया जा रहा है। UAE चाहता है, पूरा तेल होर्मुज से गुजरे बिना निर्यात हो इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल UAE है। इस देश का कारोबार काफी हद तक व्यापार और समुद्री रास्तों पर निर्भर है। लेकिन होर्मुज संकट का सबसे ज्यादा असर भी उसी पर पड़ा। इसलिए अब वह ऐसे नए रास्ते तैयार कर रहा है, जहां से व्यापार और तेल निर्यात होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर न रहे। इसके लिए ओमान की खाड़ी के किनारे बसे फुजैरा में दूसरी तेल पाइपलाइन का काम तेजी से चल रहा है। यह पाइपलाइन अबू धाबी के तेल क्षेत्रों को सीधे फुजैरा से जोड़ेगी, जिससे टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रोजेक्ट पूरी होने के बाद UAE की होर्मुज स्ट्रेट को बायपास कर तेल निर्यात करने की क्षमता बढ़कर 36 लाख बैरल प्रतिदिन हो जाएगी। यानी कि अबू धाबी के लगभग पूरे ऑनशोर तेल को बिना होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश किए सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भेजा जा सकेगा। ऑनशोर तेल का मतलब है जमीन पर स्थित तेल इलाके से निकाला गया कच्चा तेल। इसके उलट ऑफशोर तेल समुद्र के अंदर बने तेल कुओं से निकाला जाता है। UAE सिर्फ तेल ही नहीं, गैस कारोबार को भी सुरक्षित बनाने में जुटा है। उसकी सरकारी कंपनी एडीएनओसी (ADNOC) ने प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में 8.2 अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान किया है। साथ ही पूर्वी तट पर नया LNG निर्यात टर्मिनल बनाने की योजना है, ताकि भविष्य में गैस निर्यात भी होर्मुज स्ट्रेट पर कम निर्भर रहे। सऊदी ने रेड सी को बनाया नया रास्ता होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे के बाद सऊदी अरब ने अपनी 1,201 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा दिया है। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान बनी यह पाइपलाइन देश के पूर्वी तेल क्षेत्रों को रेड सी के यानबू पोर्ट से जोड़ती है। अब सऊदी अरब इसी पाइपलाइन के जरिए हर दिन 70 लाख बैरल कच्चा तेल रेड सी के रास्ते दुनिया के बाजारों तक भेज रहा है। सरकार इसकी क्षमता में 10 से 20 लाख बैरल प्रतिदिन की और बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। साथ ही रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के लिए समानांतर नई पाइपलाइन बनाने पर भी काम चल रहा है। कुवैत और इराक भी नए रास्ते तलाश रहे कुवैत सऊदी अरब और अन्य अरब देशों के साथ ऐसी पाइपलाइन पर चर्चा कर रहा है, जो उसके तेल क्षेत्रों को रेड सी या ओमान के बंदरगाहों से जोड़ सके। वहीं, इराक और जॉर्डन ने कई साल से रुकी पाइपलाइन परियोजना फिर शुरू कर दी है। इसके जरिए हर दिन 10 लाख बैरल तक तेल रेड सी के अकाबा बंदरगाह तक भेजा जा सकेगा। इराक, किरकुक से सीरिया के भूमध्यसागरीय तट तक जाने वाली क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत भी तेज कर रहा है। भारत, जापान और दक्षिण कोरिया में भी तेल जमा कर रहे खाड़ी देशों की रणनीति सिर्फ नई पाइपलाइन बनाने तक सीमित नहीं है। वे भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में अतिरिक्त तेल भंडारण भी तैयार कर रहे हैं। ताकि अगर भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से बंद हो जाए, तो तेल पहले से ही उसके बाहर मौजूद रहे और सप्लाई नहीं रुके। नए रास्ते भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हालांकि, होर्मुज का विकल्प भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। सऊदी का ज्यादा तेल अब रेड सी और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजर रहा है, जहां यमन के हूती विद्रोही लगातार जहाजों पर हमले कर रहे हैं। इसी सप्ताह रेड सी में एक जहाज पर हुए हमले में छह लोगों की मौत हुई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खाड़ी देश होर्मुज पर अपनी निर्भरता जरूर कम करेंगे, लेकिन उसे पूरी तरह छोड़ नहीं पाएंगे। क्रिस्टोल एनर्जी की चीफ कैरोल नखले कहती हैं, “होर्मुज स्ट्रेट के फायदे इतने ज्यादा हैं कि उसे पूरी तरह बदला नहीं जा सकता। लेकिन अब केवल उसी पर भरोसा करना भी संभव नहीं है।” —————————— यह खबर भी पढ़ें… नेतन्याहू की मुश्किल- ट्रम्प को खुश करें या कुर्सी बचाएं:गाजा से सेना हटाने के फैसले पर इजराइल में विरोध, 2 महीने बाद चुनाव हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 जुलाई को दावा किया कि गाजा को लेकर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। हमास हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। इसके साथ ही इजराइली सेना भी गाजा से पीछे हट जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

ईरान जंग ने बदला दशकों पुराना तेल कारोबार:खाड़ी देशों का होर्मुज पर भरोसा खत्म हुआ, अब नई पाइपलाइन पर अरबों डॉलर खर्च कर रहे

छह महीने पहले तक खाड़ी देशों के लिए तेल बेचना बेहद आसान था। सबसे कम लागत में तेल निकालो, होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते दुनिया तक पहुंचाओ और सबसे ज्यादा कीमत देने वाले देशों को बेच दो। लेकिन ईरान के साथ जंग के बाद यह मॉडल बदल गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल ढुलाई लगातार प्रभावित रही। समुद्री बारूदी सुरंगों, मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे, अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी तथा बढ़ी बीमा लागत के कारण इस रास्ते से हर दिन गुजरने वाला कच्चा तेल 2 करोड़ बैरल से घटकर 37 लाख बैरल रह गया। इसी वजह से सऊदी अरब, UAE और कुवैत समेत कई खाड़ी देश अब होर्मुज पर निर्भरता कम करने में जुट गए हैं। नई पाइपलाइन बिछाई जा रही हैं, पुरानी लाइनों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और एशिया में ऑयल स्टोरेज तैयार किया जा रहा है। UAE चाहता है, पूरा तेल होर्मुज से गुजरे बिना निर्यात हो इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल UAE है। इस देश का कारोबार काफी हद तक व्यापार और समुद्री रास्तों पर निर्भर है। लेकिन होर्मुज संकट का सबसे ज्यादा असर भी उसी पर पड़ा। इसलिए अब वह ऐसे नए रास्ते तैयार कर रहा है, जहां से व्यापार और तेल निर्यात होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर न रहे। इसके लिए ओमान की खाड़ी के किनारे बसे फुजैरा में दूसरी तेल पाइपलाइन का काम तेजी से चल रहा है। यह पाइपलाइन अबू धाबी के तेल क्षेत्रों को सीधे फुजैरा से जोड़ेगी, जिससे टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रोजेक्ट पूरी होने के बाद UAE की होर्मुज स्ट्रेट को बायपास कर तेल निर्यात करने की क्षमता बढ़कर 36 लाख बैरल प्रतिदिन हो जाएगी। यानी कि अबू धाबी के लगभग पूरे ऑनशोर तेल को बिना होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश किए सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भेजा जा सकेगा। ऑनशोर तेल का मतलब है जमीन पर स्थित तेल इलाके से निकाला गया कच्चा तेल। इसके उलट ऑफशोर तेल समुद्र के अंदर बने तेल कुओं से निकाला जाता है। UAE सिर्फ तेल ही नहीं, गैस कारोबार को भी सुरक्षित बनाने में जुटा है। उसकी सरकारी कंपनी एडीएनओसी (ADNOC) ने प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में 8.2 अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान किया है। साथ ही पूर्वी तट पर नया LNG निर्यात टर्मिनल बनाने की योजना है, ताकि भविष्य में गैस निर्यात भी होर्मुज स्ट्रेट पर कम निर्भर रहे। सऊदी ने रेड सी को बनाया नया रास्ता होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे के बाद सऊदी अरब ने अपनी 1,201 किलोमीटर लंबी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा दिया है। 1980 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान बनी यह पाइपलाइन देश के पूर्वी तेल क्षेत्रों को रेड सी के यानबू पोर्ट से जोड़ती है। अब सऊदी अरब इसी पाइपलाइन के जरिए हर दिन 70 लाख बैरल कच्चा तेल रेड सी के रास्ते दुनिया के बाजारों तक भेज रहा है। सरकार इसकी क्षमता में 10 से 20 लाख बैरल प्रतिदिन की और बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। साथ ही रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के लिए समानांतर नई पाइपलाइन बनाने पर भी काम चल रहा है। कुवैत और इराक भी नए रास्ते तलाश रहे कुवैत सऊदी अरब और अन्य अरब देशों के साथ ऐसी पाइपलाइन पर चर्चा कर रहा है, जो उसके तेल क्षेत्रों को रेड सी या ओमान के बंदरगाहों से जोड़ सके। वहीं, इराक और जॉर्डन ने कई साल से रुकी पाइपलाइन परियोजना फिर शुरू कर दी है। इसके जरिए हर दिन 10 लाख बैरल तक तेल रेड सी के अकाबा बंदरगाह तक भेजा जा सकेगा। इराक, किरकुक से सीरिया के भूमध्यसागरीय तट तक जाने वाली क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत भी तेज कर रहा है। भारत-जापान-साउथ कोरिया में भी तेल जमा कर रहे खाड़ी देशों की रणनीति सिर्फ नई पाइपलाइन बनाने तक सीमित नहीं है। वे भारत, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में अतिरिक्त तेल भंडारण भी तैयार कर रहे हैं। ताकि अगर भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से बंद हो जाए, तो तेल पहले से ही उसके बाहर मौजूद रहे और सप्लाई नहीं रुके। नए रास्ते भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हालांकि, होर्मुज का विकल्प भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। सऊदी का ज्यादा तेल अब रेड सी और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजर रहा है, जहां यमन के हूती विद्रोही लगातार जहाजों पर हमले कर रहे हैं। इसी सप्ताह रेड सी में एक जहाज पर हुए हमले में छह लोगों की मौत हुई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खाड़ी देश होर्मुज पर अपनी निर्भरता जरूर कम करेंगे, लेकिन उसे पूरी तरह छोड़ नहीं पाएंगे। क्रिस्टोल एनर्जी की चीफ कैरोल नखले कहती हैं, “होर्मुज स्ट्रेट के फायदे इतने ज्यादा हैं कि उसे पूरी तरह बदला नहीं जा सकता। लेकिन अब केवल उसी पर भरोसा करना भी संभव नहीं है।” —————————— यह खबर भी पढ़ें… नेतन्याहू की मुश्किल- ट्रम्प को खुश करें या कुर्सी बचाएं:गाजा से सेना हटाने के फैसले पर इजराइल में विरोध, 2 महीने बाद चुनाव हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 जुलाई को दावा किया कि गाजा को लेकर ऐतिहासिक समझौता हो गया है। हमास हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो गया है। इसके साथ ही इजराइली सेना भी गाजा से पीछे हट जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : बाजार के लिए मिले-जुले संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी देखने को मिल रही है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 720 करोड़ की बिकवाली देखने को मिली है। FIIs की नेट शॉर्ट पोजिशन भी बढ़ी है। उधर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का मुद्दा सुलझाने की डिप्लोमैटिक कोशिशों की बीच कच्चे तेल में करीब दो फीसदी की गिरावट आई है। इसके भाव 87 डॉलर के नीचे आ गए हैं।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

13 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में निचले स्तरों पर खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स दिन के निचले स्तरों से उबर कर लगभग सपाट बंद हुए। निफ्टी 24,400 के स्तर के आसपास बंद हुआ। बैंकिंग,मेटल और फार्मा शेयरों में बिकवाली के दबाव की भरपाई FMCG,ITऔर रियल्टी शेयरों में खरीदारी से काफी हद तक हो गई। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15% बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 40.10 अंक या 0.16% गिरकर 24,395.85 पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया और निफ्टी मिडकैप व स्मॉलकैप,दोनों इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।

अमेरिकी बाजारों में अच्छी तेजी, एशिया में भी रौनक

टेक शेयरों में खरीदारी से अमेरिकी बाजारों में कल अच्छी तेजी दिखी। S&P 500 नए शिखर पर पहुंच गया। डाओ जोंस भी इंट्राडे में 54000 के ऊपर निकल गया। मेटा, माइक्रॉन और Netflix जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी से नैस्डैक ने आउटपरफॉर्म किया। उधर सुबह एशियाई बाजारों में भी रौनक देखने को मिली कोस्पी और निक्केई में करीब एक फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।

सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक, US बॉन्ड यील्ड में भी नरमी

फेडरल रिजर्व की ओर से सितंबर में ब्याज बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से सोने और चांदी की तेजी पर ब्रेक लगा है। कल के शिखर से सोने और चांदी में तीन फीसदी की गिरावट आई है। उधर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी है। डॉलर इंडेक्स 100 के करीब आ गया है।

टाटा मोटर्स PV के नतीजे मिलेजुले

टाटा मोटर्स PV के पहली तिमाही के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। JLR के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद आय 9 फीसदी बढ़ी है। लेकिन ऊंची रॉ मटेरियल कॉस्ट से मार्जिन 230 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 6.5% पर रहे हैं। कंपनी को इस अवधि में 150 करोड़ का फॉरेक्स घाटा भी हुआ है। कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि EV मांग बढ़ने से कुल घरेलू डिमांड बहुत मजबूत रही है।

मैक्स फाइनेंशियल के Q1 नतीजे अच्छे

पहली तिमाही में मैक्स फाइनेंशियल ने अच्छे नतीजे पेश किए हैं। VNB यानी वैल्यू फॉर न्यू बिजनेस में उम्मीद से ज्यादा 33 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। VNB मार्जिन भी अनुमान अधिक 20.1फीसदी से बढ़कर 23 फीसदी के पार निकल गया है। वहीं, इसकी AUM 2 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।

वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज

अशोक लेलैंड,वोल्टास,NMDC समेत वायदा की 8 कंपनियों के नतीजे आज आएंगे। वोल्टास का मुनाफा 59 फीसदी बढ़ सकता है। मार्जिन में भी सुधार की उम्मीद है।

पीरामल फार्मा में 1750 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

पीरामल फार्मा में आज बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है। 6% हिस्सेदारी के लिए 1750 करोड़ का सौदा हो सकता है।

 रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉस

सरकार की 7,280 करोड़ रुपए की रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसमें L&T और कोल इंडिया समेत 20 कंपनियों ने बोली लगाई है। इस योजना के जरिए हर साल 6,000 मीट्रिक टन इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (Integrated Rare Earth Permanent Magnet) बनाने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है।

FII और DII फंड फ्लो

FIIs ने लगातार दूसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 510 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि DIIs ने भारतीय इक्विटी मार्केट में खरीदारी का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रखा और 4,353 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

 

Rashifal Today: आज के दिन बजट पर दें ज्यादा ध्यान, क्या कहता हैं आपका राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए आज घर और परिवार से जुड़े खर्च आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें और भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें। बजट को व्यवस्थित रखना आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा। आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर आर्थिक योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। बेवजह खरीदारी और अचानक होने वाले खर्च से बचें। बजट के हिसाब से चलने पर आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपनी आर्थिक स्थिति पर खास ध्यान देना चाहिए। खर्च करते समय बजट का ध्यान रखें और बिना जरूरत पैसा खर्च करने से बचें। भविष्य के लिए बचत और निवेश की योजना बनाना अच्छा रहेगा। बड़े फायदे के पीछे भागने के बजाय धीरे-धीरे आगे बढ़ना आपके लिए बेहतर होगा।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। अपनी मौजूदा वित्तीय योजनाओं की अच्छी तरह समीक्षा करें और निवेश से जुड़ी नई संभावनाओं पर नजर रखें। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज घर और परिवार से जुड़े खर्च आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं। जरूरी खर्चों को प्राथमिकता दें और भावनाओं में आकर खरीदारी करने से बचें। बजट को व्यवस्थित रखना आपके लिए काफी फायदेमंद रहेगा। अगर खर्चों पर सही नियंत्रण रखा तो आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो सकती है। आज पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेना ही सही रहेगा।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में योजना बनाकर चलने का दिन है। अपने बजट को सही तरीके से व्यवस्थित करें और गैर-जरूरी चीजों पर खर्च करने से बचें। अगर आप समझदारी से पैसे का इस्तेमाल करेंगे तो आने वाले समय में आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को व्यवस्थित करने का अच्छा मौका है। अपने खर्चों की समीक्षा करें और जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करें। छोटे-छोटे खर्चों पर ध्यान देना भी जरूरी है, क्योंकि यही आगे चलकर बड़ी बचत में मदद कर सकते हैं। निवेश का कोई मौका मिलता है तो जल्दबाजी करने के बजाय अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपका ध्यान आर्थिक स्थिरता पर रहेगा। महंगी और गैर-जरूरी चीजों पर खर्च करने से बचना आपके लिए बेहतर होगा। अपनी बचत और निवेश को भविष्य के लक्ष्यों के साथ जोड़कर चलें। लंबी अवधि की योजनाओं पर ध्यान दें और अपने निवेश की रणनीति को मजबूत बनाएं।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। आपको अपनी पुरानी वित्तीय योजनाओं और निवेश की समीक्षा करनी चाहिए। कोशिश करें कि आज का खर्च आपके भविष्य के लक्ष्यों में बाधा न बने। बिना योजना के पैसा खर्च करने से बचें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आपको अपने पैसों से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नई आर्थिक संभावनाएं सामने आ सकती हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए योजना बनाएं। अपने मौजूदा वित्तीय लक्ष्यों की समीक्षा करें और जरूरत पड़ने पर उनमें बदलाव करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।