ChatGPT और Google Gemini ने पार किया 1 अरब यूजर्स का आंकड़ा, AI की दुनिया में बदल गया मुकाबला

ChatGPT और Google Gemini ने पार किया 1 अरब यूजर्स का आंकड़ा, AI की दुनिया में बदल गया मुकाबला

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। OpenAI के ChatGPT और Google के Gemini ने 1 अरब यूजर्स का बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि, यूजर बेस के मामले में ChatGPT अभी भी आगे है, लेकिन Gemini तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है और OpenAI की बढ़त को लगातार कम कर रहा है।

 

ChatGPT और Gemini के 1 अरब यूजर्स

OpenAI और Google दोनों अपने जनरेटिव AI टूल्स के साथ 1 अरब यूजर्स के आंकड़े तक पहुंच चुके हैं। Google के CEO सुंदर पिचाई ने बताया कि Gemini के मासिक यूजर्स की संख्या 1 अरब के पार पहुंच गई है। उन्होंने इसे Google का अब तक का सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रोडक्ट बताया। यह घोषणा OpenAI के उस बयान के कुछ सप्ताह बाद आई है, जिसमें कंपनी ने कहा था कि ChatGPT भी 1 अरब यूजर्स का आंकड़ा पार कर चुका है।

 

हालांकि, दोनों कंपनियां यूजर्स की संख्या को अलग-अलग तरीके और अलग-अलग समय अवधि के आधार पर मापती हैं। इसके बावजूद एक बात स्पष्ट है कि AI असिस्टेंट बेहद तेजी से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन रहे हैं।

 

ChatGPT के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा Gemini

 

Gemini के यूजर्स की संख्या फरवरी में करीब 75 करोड़ थी, जो जुलाई के अंत तक बढ़कर 95 करोड़ हो गई और इसके बाद 1 अरब के आंकड़े को पार कर गई। वहीं, OpenAI ने फरवरी में ChatGPT के 90 करोड़ साप्ताहिक एक्टिव यूजर्स होने की जानकारी दी थी। बाद में कंपनी ने बताया कि ChatGPT के मासिक यूजर्स की संख्या 1 अरब से ज्यादा हो गई है। हालांकि, OpenAI ने हाल का मासिक यूजर आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है।

 

दोनों कंपनियों द्वारा अलग-अलग टाइमफ्रेम में यूजर डेटा जारी किए जाने के कारण सीधे तौर पर तुलना करना आसान नहीं है। फिर भी मौजूदा आंकड़ों से संकेत मिलता है कि ChatGPT की पहुंच फिलहाल ज्यादा है, जबकि Gemini बेहद तेजी से इस अंतर को कम कर रहा है।

 

Google के इकोसिस्टम से Gemini को बड़ा फायदा

Gemini की तेज ग्रोथ की एक बड़ी वजह Google का विशाल इकोसिस्टम है। Gemini को Android और Google की कई सेवाओं में गहराई से जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि ऐसे लोग भी Gemini का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो खास तौर पर किसी AI चैटबॉट की तलाश में नहीं आए थे।

 

Google ने यह भी बताया कि Gemini के 10 करोड़ से ज्यादा एक्टिव iPhone यूजर्स हैं। इससे संकेत मिलता है कि Gemini के कुल यूजर बेस का बड़ा हिस्सा Android से आता है। Google के लिए यह एक महत्वपूर्ण बढ़त है, क्योंकि कंपनी Gemini को लगातार ज्यादा डिवाइस और सेवाओं में शामिल कर रही है।

 

AI हार्डवेयर पर भी OpenAI की नजर

 

OpenAI अब केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी की AI-स्पेसिफिक हार्डवेयर में भी दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है। इससे भविष्य में ChatGPT के इस्तेमाल का दायरा स्मार्टफोन और कंप्यूटर से आगे बढ़ने की संभावना बन रही है।

 

अब AI की रेस सिर्फ ChatGPT तक सीमित नहीं

 

AI की प्रतिस्पर्धा अब केवल ChatGPT और Gemini तक सीमित नहीं है। पिछले एक साल में इस क्षेत्र में मुकाबला काफी तेज हुआ है। Google का Gemini, Anthropic का Claude, OpenAI का Codex और चीन की कई AI कंपनियों ने बाजार में प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा दिया है। ChatGPT आज भी AI की दुनिया में सबसे चर्चित नामों में से एक है, लेकिन उसकी बढ़त पहले जितनी सुरक्षित नहीं दिख रही। ChatGPT और Gemini दोनों के 1 अरब यूजर्स के आंकड़े तक पहुंचने के बाद AI की अगली जंग सिर्फ नए यूजर्स जोड़ने की नहीं होगी।

 

अब कंपनियों के सामने यूजर्स को लंबे समय तक अपने प्लेटफॉर्म से जोड़े रखना, नए AI फीचर्स पेश करना और इतने बड़े यूजर बेस को मजबूत बिजनेस में बदलना बड़ी चुनौती होगी।

SBI Lakhpati Scheme: एसबीआई की सुपरहिट स्कीम! सिर्फ ₹600 महीना जमा करके पाएं ₹1 लाख से ज्यादा का फंड

SBI Har Ghar Lakhpati Scheme: अगर आप अपने बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या किसी बड़े लक्ष्य के लिए बिना जोखिम के फंड तैयार करना चाहते हैं, तो देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की खास योजना ‘हर घर लखपति स्कीम’ आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।

यह एसबीआई की एक फ्लैगशिप रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना है, जिसके तहत आप छोटी-छोटी मासिक बचत के जरिए ₹1 लाख या उससे ज्यादा का बड़ा फंड आसानी से बना सकते हैं। आइए इस योजना की पात्रता, ब्याज दरों, मैच्योरिटी नियमों और कैलकुलेशन को आसान भाषा में बताते हैं।

क्या है एसबीआई की ‘हर घर लखपति’ योजना?

यह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा पेश की गई एक स्पेशल रिकरिंग डिपॉजिट (RD) स्कीम है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों और मध्यम वर्ग में नियमित बचत की आदत को बढ़ावा देना है। ग्राहक अपनी सुविधा और वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से 3 साल से लेकर 10 साल तक की अवधि चुन सकते हैं। इस योजना में हर महीने एक निश्चित राशि जमा करके मैच्योरिटी पर ₹1 लाख या उससे अधिक का गारंटीड कॉर्पस प्राप्त किया जा सकता है।

कौन खोल सकता है यह खाता?

एसबीआई ने इस योजना को हर वर्ग के लिए बेहद सुलभ बनाया है। इस खाते को कोई भी नागरिक अकेले या किसी के साथ मिलकर सिंगल या जॉइंट अकाउंट खोल सकता है। 10 साल या उससे अधिक उम्र के बच्चे जो स्वतंत्र रूप से हस्ताक्षर कर सकते हैं, वे अपने नाम पर यह खाता खोल सकते हैं। छोटे बच्चों के लिए उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक खाता खोल सकते हैं।

कैसे ₹600 महीना जमा करके बनेंगे ₹1.10 लाख?

एसबीआई के उदाहरण के अनुसार, लंबी अवधि के लिए छोटी-सी मासिक बचत कैसे बड़ा फंड बनाती है, इसे इस कैलकुलेशन से समझें:

  • मासिक किस्त: ₹600 प्रति माह
  • समय अवधि: 10 साल (120 महीने)
  • कुल निवेश: ₹72,000 (10 सालों में)
  • अनुमानित रिटर्न: लगभग 8% (कर्मचारी/वरिष्ठ नागरिक/विशेष दरों के तहत)
  • कुल ब्याज: करीब ₹38,000
  • मैच्योरिटी पर कुल रकम: लगभग ₹1.10 लाख

₹1 लाख का फंड बनाने के लिए हर महीने कितना करना होगा निवेश?

आप जितने कम समय की अवधि चुनेंगे, आपकी मासिक किस्त उतनी ज्यादा होगी। ₹1 लाख का फंड पाने के लिए विभिन्न अवधियों का अनुमानित गणित इस प्रकार है:

₹1 लाख का फंड बनाने के लिए हर महीने कितना करना होगा निवेश?

किस श्रेणी के ग्राहक को कितना मिलेगा ब्याज?

हर घर लखपति योजना में ब्याज दरें आपकी चुनी गई अवधि और आपकी श्रेणी पर निर्भर करती हैं:

सामान्य नागरिक: 3 से 4 साल की अवधि के लिए 6.55% और 5 से 10 साल की अवधि के लिए 6.30% तक ब्याज दर।

वरिष्ठ नागरिक: सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50% अधिक यानी 6.80% से 7.05% तक ब्याज दर।

एसबीआई स्टाफ और रिटायर्ड कर्मचारी: इन्हें आम नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों से भी अधिक विशेष प्रीमियम ब्याज दरें प्रदान की जाती हैं।

प्री-मैच्योर विड्रॉल और जुर्माना

अगर आपको इमरजेंसी में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालना पड़ता है, तो उसके लिए एसबीआई के कुछ नियम लागू होते हैं:

  • 7 दिनों के भीतर: खाता खोलने के 7 दिनों के भीतर पैसा निकालने पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
  • ₹5 लाख तक के डिपॉजिट पर: मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करने पर 0.50% की पेनाल्टी लगेगी।
  • ₹5 लाख से अधिक के डिपॉजिट पर: समय से पहले निकासी पर 1% की पेनाल्टी काटी जाएगी।
  • टैक्स नियम: इस योजना पर मिलने वाले ब्याज पर आयकर नियमों के तहत टीडीएस और टैक्स लागू होगा।

क्या आपको इस स्कीम में निवेश करना चाहिए?

अगर आप बिना किसी मार्केट रिस्क के, निश्चित ब्याज दर के साथ अपने बच्चों या खुद के लिए ₹1 लाख या उससे बड़ा फंड जमा करना चाहते हैं, तो एसबीआई की यह ‘हर घर लखपति’ योजना एक अनुशासित और सुरक्षित रास्ता है। अपनी आय और क्षमता के अनुसार मासिक किस्त तय करके आज ही इसकी शुरुआत की जा सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Copper Price: कॉपर की कीमतों में गिरावट, 2 हफ्ते के निचले स्तर पर फिसला भाव

Copper Price: इंटरनेशनल मार्केट में कॉपर के दाम गिरे। कॉपर वायदा $6.55/पाउंड से नीचे फिसला। कॉपर का भाव करीब 2 हफ्तों के निचले स्तर पर फिसला। ऊंची कीमतों से चीन में मांग कमजोर बना हुआ। चीन में कॉपर की खरीद में गिरावट आई।

यांगशान प्रीमियम में भी गिरावट आई और यांगशान प्रीमियम घटकर 96 डॉलर प्रति टन रहा। पिछले महीने प्रीमियम 115 डॉलर प्रति टन था। Codelco ने उत्पादन लक्ष्य घटाया है। US कॉपर टैरिफ की चिंता बरकरार है। टैरिफ से कॉपर US वेयरहाउस पहुंच रहा है।

क्या है यांगशान प्रीमियम?

यांगशान प्रीमियम LME भाव से ऊपर का प्रीमियम है। चीन में इंपोर्टेड कॉपर की अतिरिक्त लागत का संकेत दिया है।

चीन में यांगशान प्रीमियम का असर

प्रीमियम बढ़े तो कॉपर की मांग मजबूत मानी जाती है। प्रीमियम घटे तो कॉपर की मांग कमजोर मानी जाती है। इंपोर्टेड कॉपर के लिए खरीदार कम दाम देना चाहते हैं। खरीदार पहले जितना प्रीमियम देने को तैयार नहीं हैं। ऊंची कॉपर कीमतों ने चीन में मांग को कमजोर किया।

यांगशान प्रीमियम का गणित

यांगशान प्रीमियम का गणित पर नजर डालें तो LME पर $10,000/टन का अनुमानित भाव है। यांगशान प्रीमियम $96/टन और चीन में इंपोर्टेड कॉपर का अनुमानित भाव $10,096/टन है।

कैसे रहा कॉपर का चाल

इंटरनेशनल मार्केट में कॉपर की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते कॉपर की कीमतों में 2 फीसदी की गिरावट आई। वहीं 1 महीने में 3 फीसदी चढ़ा जबकि जनवरी 2026 में अब तक कॉपर में 15 फीसदी चढा। वहीं 1 साल में इसमें 46 फीसदी की तेजी देखने को मिली।

MCX पर कॉपर की चाल पर नजर डालें 1 हफ्ते कॉपर की कीमतों में 1 फीसदी की गिरावट आई। वहीं 1 महीने में 5 फीसदी चढ़ा जबकि 3 महीने में 1 फीसदी गिरा। वहीं 6 महीने में इसमें 13 फीसदी की तेजी आई। इस साल अब तक 8 फीसदी की तेजी आई।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बांग्लादेश में 10-10 घंटे बिजली कट रही:सरकार ने रात 8 बजे बाजार बंद करने का आदेश दिया, भारत से डीजल सप्लाई बढ़ाने की मांग

बांग्लादेश में बिजली संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। देश के कई हिस्सों में रोज 8 से 10 घंटे तक बिजली कट रही है। इसका सबसे ज्यादा असर राजधानी ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी और हीटवेव ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। बिजली की कमी से निपटने के लिए सरकार ने बुधवार से देशभर में शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है। बिजली संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने अब भारत से अतिरिक्त डीजल देने की मांग की है। गैस की कमी से 1,500 मेगावाट बिजली कम बनी बांग्लादेश में बिजली संकट की सबसे बड़ी वजह ईंधन की कमी है। खासकर प्राकृतिक गैस की कमी ने बिजली उत्पादन को प्रभावित किया है। बांग्लादेश अपने इस्तेमाल का 90% से ज्यादा तेल और करीब 30% गैस दूसरे देशों से खरीदता है। मौजूदा संकट के पीछे दो बड़ी वजहें… पहली वजह- अमेरिकी कंपनी एक्सेलरेट एनर्जी के LNG टर्मिनल में 21 जुलाई को आग लग गई। इसके बाद टर्मिनल बंद हो गया था। इस हफ्ते की शुरुआत में यहां कुछ काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन तब तक LNG की सप्लाई आधी रह गई थी। दूसरी वजह- समुद्र में खराब मौसम की वजह से कम से कम दो LNG जहाज टर्मिनल तक नहीं पहुंच पाए और अपना माल नहीं उतार सके। दूसरे देशों से आने वाली बिजली की सप्लाई भी कम हुई है। इन वजहों से बांग्लादेश में बिजली उत्पादन करीब 1,500 मेगावाट घट गया है। ग्रामीण इलाकों में ज्यादा कटौती बांग्लादेश में बिजली की सप्लाई छह वितरण कंपनियां करती हैं। राजधानी ढाका को फिलहाल उसकी जरूरत के मुताबिक बिजली मिल रही है। लेकिन ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में करीब 80 बिजली सहकारी समितियां सप्लाई करती हैं। मयमनसिंह, बरिशाल, रंगपुर, सिलहट, राजशाही और खुलना में बिजली संकट का ज्यादा असर है। ज्यादातर इलाकों में रोज 3 से 5 घंटे बिजली कट रही है। वहीं खुलना में लोगों ने 9 से 10 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायत की है। नाराज लोगों ने बिजली घरों पर हमला किया लगातार बिजली कटने से लोगों में गुस्सा भी बढ़ रहा है। कुछ इलाकों में नाराज लोगों ने बिजली से जुड़ी फैसिलिटी पर हमला किया है। कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की भी खबरें सामने आई हैं। इसके बाद बिजली विभाग ने सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद मांगी है। बिजली कटौती का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। खेती, रेस्टोरेंट और कारखानों का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों को बिजली की जगह डीजल जनरेटर चलाने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। झींगा पालने वाले किसानों की परेशानी और ज्यादा है। बिजली जाने पर पानी में ऑक्सीजन पहुंचाने वाली मशीनें बंद हो जाती हैं। इससे पानी में ऑक्सीजन कम होने लगती है और झींगों के मरने का खतरा बढ़ जाता है। बांग्लादेश दुनिया में झींगा निर्यात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है। देश के कपड़ा और गारमेंट उद्योग पर भी बिजली संकट का असर पड़ रहा है। यह सेक्टर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। बिजली बचाने के लिए सरकार ने लगाई पाबंदियां सरकार को फिलहाल बिजली संकट से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है। इसलिए बिजली की खपत घटाने के लिए कई पाबंदियां लगाई गई हैं। ऐसा कदम बांग्लादेश में पहले भी उठाया जा चुका है। कुछ महीने पहले अप्रैल में ऊर्जा संकट बढ़ने के दौरान सरकार ने दुकानों और शॉपिंग मॉल को शाम 6 बजे तक बंद करने का आदेश दिया था। भारत से और ज्यादा डीजल की मांग बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद ने पिछले हफ्ते भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात के दौरान यह मांग रखी थी। महमूद ने पत्रकारों से कहा कि भारत के साथ एक पाइपलाइन है, जिससे बांग्लादेश को डीजल मिलता है। उन्होंने भारत से इसकी सप्लाई बढ़ाने का अनुरोध किया है। भारत और बांग्लादेश के बीच इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन 2017 में शुरू हुई थी। दोनों देशों के बीच 15 साल का समझौता है। इसके तहत भारत को हर साल बांग्लादेश को 1.80 लाख मीट्रिक टन डीजल देना है। पश्चिम एशिया में हालिया संकट के दौरान भारत मार्च और अप्रैल में बांग्लादेश को पहले ही 30 हजार टन से ज्यादा डीजल भेज चुका है। —————– यह खबर भी पढ़ें… शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी: 2 साल बाद वर्चुअल भाषण दिया, कैमरा ऑफ था; बांग्लादेश सरकार बोली- दिल्ली में बैठकर जहर उगला बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो साल बाद लोगों को वर्चुअली संबोधित किया। जब हसीना बोल रही थीं, उस दौरान उनका कैमरा बंद था। पूरी खबर पढ़ें…

रांची के मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह की रिहर्सल, सीएम हेमंत सोरेन करेंगे ध्वजारोहण

रांची के मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह की रिहर्सल, सीएम हेमंत सोरेन करेंगे ध्वजारोहण

Ranchi Independence Day 2026 Rehearsal: रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित होने वाले राजकीय समारोह को लेकर बुधवार को फुल ड्रेस रिहर्सल संपन्न हुआ। जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन की देखरेख में आयोजित इस रिहर्सल में स्वतंत्रता दिवस के दिन होने वाली सभी औपचारिक गतिविधियों का सटीक अनुकरण किया गया। इस राजकीय समारोह में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण करेंगे।

 

रिहर्सल के दौरान भारत सरकार द्वारा राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान से संबंधित जारी निर्देशों का पूर्ण अनुपालन किया गया। डीसी मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने परेड की सलामी ली तथा विभिन्न प्लाटूनों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस वर्ष परेड में फर्स्ट इन कमांड की जिम्मेदारी 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी राघवेन्द्र शर्मा संभाल रहे हैं, जबकि सेकेण्ड इन कमांड परिचारी प्रवर द्वितीय अनिश मोमिन कुजूर होंगे।

14 प्लाटून और 3 बैंड पार्टियां होंगी शामिल

मोरहाबादी मैदान में होने वाले मुख्य समारोह में कुल 14 प्लाटून और 3 बैंड पार्टियां हिस्सा लेंगी। इनमें सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ, ओडिशा पुलिस, झारखंड जगुआर, जैप (1, 2 और 10), रांची जिला पुलिस (महिला व पुरुष), झारखंड गृहरक्षा वाहिनी और एनसीसी (बॉयज व गर्ल्स) के प्लाटून शामिल हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, निजी ड्रोन पर पूर्ण प्रतिबंध

समारोह को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए डीसी, एसएसपी, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह और एडीएम (विधि-व्यवस्था) धनंजय ने अधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग की। सभी अधिकारियों को समय पर अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर पहुंचने और जिम्मेदारियों का पालन करने के निर्देश दिए गए।

 

एसएसपी राकेश रंजन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी आगंतुकों की सघन जांच की जाए ताकि कोई अवांछित व्यक्ति या सामग्री प्रवेश न कर सके। सुरक्षा के मद्देनजर मोरहाबादी मैदान में निजी ड्रोन से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, केवल अधिकृत विभाग ही ड्रोन का उपयोग कर सकेंगे।

What to expect from Mahindra Scorpio N pickup ahead of its debut?

What to expect from Mahindra Scorpio N pickup ahead of its debut?
Mahindra Scorpio N pickup front and rear designs

Mahindra is gearing up for its 2026 Independence Day event, where it will reveal a Scorpio N-based pickup and some new BE 6 EV iterations. The pickup is the production version of the 2023 Mahindra Global Pik Up concept, and the teaser reveals it will borrow a lot from the Scorpio N SUV. Here’s everything you can expect from the Mahindra Scorpio N-based pickup ahead of its debut tomorrow.

1. When will the Mahindra Scorpio N pickup launch in India

Mahindra will reveal it at its upcoming Independence Day event

2023 Mahindra Global Pik Up concept shown for representational purposes only. 

Mahindra recently teased the Scorpio N-based pickup, revealing that the production models will debut on August 14 at its Independence Day event. The Mahindra Scorpio N-based pickup could launch in the coming months.

2. What is the expected price of the Mahindra Scorpio N pickup?

Expected to be priced in the Rs 16 lakh-26 lakh range

The upcoming Scorpio N-based pickup is expected to be priced between Rs 16 lakh and Rs 26 lakh, around a few lakh rupees more than the Scorpio N SUV.

3. What will the production version of the Mahindra Scorpio N pickup be called?

Mahindra could call it the Scorpio X, a name it trademarked in 2024

Mahindra trademarked the ‘Scorpio-X’ name in 2024, but has not used it since. Given that the upcoming pickup is based on the Scorpio N, the unused trademark could be used for the pickup. 

4. What engine options will the Mahindra Scorpio N pickup offer?

Mahindra could offer it with the same engines as the Scorpio N SUV

Scorpio N’s 2.0-litre direct-injection turbo-petrol engine shown for representational purposes only. 

While the technical details of the Scorpio N-based pickup are still under wraps, it will share the ladder-frame chassis and mechanicals with the Scorpio N SUV, including the petrol and diesel options. For reference, the Scorpio N gets a choice between a 2.0-litre direct-injection turbo-petrol engine paired with a 6-speed manual or a 6-speed automatic transmission. It produces 203hp and up to 380Nm, depending on the gearbox. It also gets a 2.2-litre direct-injection diesel engine, paired with the same manual and automatic transmission options, producing up to 175hp and 400Nm, depending on the transmission option.

5. Will the Mahindra Scorpio N pickup be a 4×4 model?

A 4WD Scorpio N-based pickup is expected alongside a 2WD version

As the upcoming Mahindra Scorpio N-based pickup would borrow the SUV’s mechanicals, a four-wheel-drive (4WD) option is expected to be available as well alongside a 2WD choice. Currently, the Scorpio N gets this 4×4 setup, with both transmission options for the 2.2-litre diesel engine.

6. What are the design changes on the Mahindra Scorpio N pickup?

Will get slimmer headlights, a large truck bed and C-shaped tail lights

The teaser video revealed a glimpse of the upcoming pickup, showing some exterior and interior details. Outside, the Scorpio N-based pickup will get a different set of LED headlights with L-shaped LED DRLs, a distinct grille with honeycomb mesh elements and a revised design for the rear doors. To accommodate the larger truck bed at the rear, Mahindra could offer the pickup with a wheelbase larger than the Scorpio N’s 2,750mm. It will also get slimmer C-shaped LED taillights, and the tailgate will feature embossed ‘Mahindra’ lettering.  

Will get a larger infotainment system, a new steering wheel and Level-2 ADAS

Mahindra Scorpio N pickup teaser details

Inside, a larger portrait-oriented touchscreen infotainment system and rotary dials for the dual-zone climate controls will be offered in the Scorpio N-based pickup. A chunkier 3-spoke steering wheel, inspired by the Vision T prototype, and a digital driver’s display with the same UI as the current Scorpio N, could also be spotted. Mahindra will also offer it with Level-2 ADAS, semi-automatic parking assistance, 5G-based connected-car technology, and a sunroof, as announced at the Global Pik Up concept’s 2023 unveiling.

7. Which models will the Mahindra Scorpio N pickup rival in India

The upcoming Mahindra pickup will rival the Hilux and V-Cross

The Mahindra Scorpio N-based pickup will rival the Toyota Hilux and Isuzu V-Cross, which are priced from Rs 31.99 lakh and Rs 25.50 lakh (ex-showroom), respectively. In Mahindra’s lineup, it will be positioned above the Bolero Camper, priced from Rs 10.10 lakh to Rs 10.86 lakh (ex-showroom).

Prices are ex-showroom, India.

Morepen Labs Share Price: 52 हफ्ते के हाई से 4% दूर ये शेयर आज 10% उछला, जानिए क्या है वजह

Morepen Labs Share Price: फार्मास्यूटिकल्स कंपनी मोरपेन लैबोरेटरीज लिमिटेड (Morepen Laboratories Limited) के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। शेयर आज इंट्राडे में 10 फीसदी की छलांग लगाता नजर आया। गुड़गांव की इस कंपनी के शेयर की कीमत में यह उछाल 3 दिन की गिरावट के बाद आई है। इससे पहले, हफ्ते के शुरुआती 3 दिनों में कंपनी के शेयर में 8.5% से ज़्यादा की गिरावट आई थी।

अगस्त में नतीजे घोषित करने के बाद से ही कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। 4 अगस्त और 7 अगस्त के बीच कंपनी के शेयरों में 35% से ज़्यादा की बढ़त हुई थी, जिसके बाद तीन दिन तक लगातार गिरावट का दौर चला था।

4 अगस्त को शेयरों में 20% की उछाल आई थी, जब इस स्मॉल-कैप कंपनी ने जून तिमाही के लिए शानदार नतीजे घोषित किए थे। कंपनी का नेट प्रॉफ़िट ₹56.4 करोड़ रहा, जो एक साल पहले के ₹10.8 करोड़ से कहीं ज़्यादा था। कंपनी की टॉपलाइन (कुल आय) सालाना आधार पर 34.1% बढ़कर ₹570.1 करोड़ हो गई।

इसके अलावा, EBITDA पिछले साल के ₹24.2 करोड़ से तीन गुना से भी ज़्यादा बढ़कर ₹82.5 करोड़ हो गया, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 5.7% से बढ़कर तेज़ी से 14.5% हो गया।

कंपनी के एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) रेवेन्यू में 31% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें API एक्सपोर्ट 42% बढ़ा। इसकी वजह बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और इंटरनेशनल क्लाइंट्स की तरफ से बढ़ी हुई मांग थी।

कुल मिलाकर, एक्सपोर्ट रेवेन्यू दोगुने से भी ज़्यादा हो गया और इसमें सालाना आधार पर 111% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन ₹4,402.81 करोड़ है। प्रमोटरों के पास कंपनी की 35.65% हिस्सेदारी है, जबकि FIIs के पास 1.46% और DIIs के पास 1.29% हिस्सेदारी है।

पिछले 10 ट्रेडिंग सेशन में से 6 बार शेयरों में बढ़त देखी गई है और अब ये अपने हालिया 52-हफ़्ते के हाई ₹83.5 से सिर्फ़ 4% दूर हैं। यह स्टॉक अभी 46.6 गुना के ‘वन-ईयर फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल’ पर ट्रेड कर रहा है, जबकि सेक्टर का औसत 47.99 गुना है।

Tata Motors share price: Q1 में शानदार नतीजों के बाद शेयर 6% चढ़ा, ब्रोकरेज बुलिश, क्या करना चाहेंगे निवेश

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Ultraviolette registers highest monthly sales yet in July 2026

Ultraviolette registers highest monthly sales yet in July 2026
Multiple Ultraviolette F77 bikes inside the factory

Since their inception, Ultraviolette Automotive has been focussed on the premium end of the EV two-wheeler market with their products prices from Rs 2.49 lakh to Rs 4.59 lakh, a challenge for high sales numbers. However, with the changing winds in the ICE world, Ultraviolette looks to have turned a corner for the better. With almost no direct competition, this shouldn’t be a surprise, but it’s noteworthy regardless.

  1. Ultraviolette registers 406 percent increase in sales YoY
  2. BaaS and more versatile X-47 model looks to have helped this
  3. Ultraviolette has two more lower price models in the works

Largest EV motorcycle monthly sales in July 2026

Only behind Revolt and Oben

As per the retail sales data on the Vaahan portal, Ultraviolette Automotive has delivered 694 units in July 2026, a 406 percent increase compared to last year. Till July 2026, the brand has sold 3200 vehicles, the best since the brand was founded in 2023. Although the increase in sales numbers could be attributed to them offering more products, it’s hard not to consider this a sign of premium motorcycle buyers now trusting EV motorcycles more.

The brand is showing no signs of slowing down either. Already present in 40 locations across India, the brand intends to increase that number to 100 by the end of 2026. It’s worth mentioning that they had recently opened their first showroom in the North east, in Aizwal, Mizoram. The focussed efforts from the brand should help them finish the year on a high note, considering the upcoming festive season.

If we consider the sales numbers of other EV manufacturers who sell motorcycles, the brands ahead of Ultraviolette are Revolt Motors (6,876 units so far in 2026) and Oben Electric (3,347 units so far in 2026). However, it should be noted that Ultraviolette operates at a considerably higher premium level compared to these two brands. Other EV manufacturers who currently offer EV motorcycles in their lineup are Ola, KLB Komaki, Matter Motor Works, Okaya EV, Wardwizard Innovations, and the latest entrant Royal Enfield with their Flying Flea sub brand.

In addition to their current lineup of four motorcycles (F77 Mach 2, F77 Superstreet, X-47, and X-47 Desert Wing), Ultraviolette is also preparing to launch their first-ever scooter, the Tesseract, and an off-roader, the Shockwave. The Shockwave, starting at Rs 1.75 lakh, is aimed at eco-friendly and efficient city commutes and short weekend, adventure-focussed rides. The Tesseract on the other hand is expected to be priced at Rs 1.45 lakh with a claimed 261km IDC range and a top speed of 125kph. Deliveries for the Shockwave were previously supposed to start in Q2 2026 (we’re currently in Q3), and the Tesseract delivery has been delayed to Q1 of 2027.

What made this possible for Ultraviolette

The brand has upcoming challenges and opportunities

The two biggest factors that look to have helped the brand increase their numbers are the BaaS option from the brand for all their motorcycles and of course, the uncertainty surrounding ICE vehicles at the moment. The brand, however, is also looking to improve their existing international presence. Speaking to Autocar Professional, the CEO Narayan Subramaniam said “India is a key market but we were clear right at the start that we need to take this brand global. Europe is critical because it has amongst the most stringent certification processes. While the F-77 has been certified for sale in Europe, certification for the X-47 is at an advanced stage, and the bike should hit the European market this year as well. At present, we are in about 10 countries across Europe, including Germany, France, the UK, Spain, Portugal, the Netherlands, Belgium and Italy.”

With their current momentum and the upcoming favourable winds, the brand is looking to increase their numbers and subsequently their market share further. The only other player currently capable to take them head on, surprisingly, is Royal Enfield, who started selling their Flying Flea C6 in April 2026 with a Scrambler-like S6 on the way; but, their sales numbers are much lower with the brand selling a total of 124 units till July 2026. That said, the Flying Flea C6 is currently available only in Bengaluru.

Developments on the EV motorcycle space have been slow mainly because customers are expected to pay higher prices for a less capable machine for the money, especially compared to their ICE counterparts. The EV two-wheeler market has so far been carried forward by scooters. As such, EV motorcycles doing even a small fraction of the 13 million vehicle sales done by ICE two-wheelers should be phenomenal, and assuming Ultraviolette Automotive continues to make the right moves, it should remain a key name in the field.

इस बांग्लादेशी ने रिकॉर्ड आधा दर्जन विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को 198 रनों पर समेटा

AUSvsBAN हसन महमूद के 55 रनों पर 6 विकेट लेकर बांग्लादेश ने डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 198 रनों पर समेट दिया है। यह किसी भी बांग्लादेशी गेंदबाज का टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले कोई भी बांग्लादेश का गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 विकेट नहीं ले पाया था।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मोहम्मद रफीक के नाम था। जिन्होंने 2006 में 62 रन देकर 5 विकेट लिए थे। यह ऑस्ट्रेलिया का बांग्लादेश के खिलाफ आया किसी भी पारी का न्यूनतम स्कोर है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया का बांग्लादेश के खिलाफ न्यनतम स्कोर 217 रनों का था।

ऑस्ट्रेलिया की पूरी पारी 53 ओवरों में सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज स्टीव स्मिथ रहे जिन्होंने 71 रनों की पारी खेली। दूसरे छोर पर उनको कोई साथ नहीं मिला।

टॉ़स जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही। उन्होंने 10 ओवर तक कोई विकेट नहीं खोया लेकिन जैसे ही ट्रेविस और वेदरल्ड की सलामी जोड़ी आउट हुई तो 45-0 से पहले सत्र का स्कोर 74-4 विकेट हो गया। इसमें स्टीव स्मिथ का कैच भी छूटा था।

दूसरे सत्र में स्कोर आगे बढ़ा ही था कि कैरी और वेबस्टर के भी विकेट गिरने लग गए। ऐसे में टीम जैसे तैसे 200 के स्कोर पर आ कर रुक पायी। महमूद के अलावा इबादत हुसैन और तस्कीन अहमद ने भी 2-2 विकेट चटकाए।