Trading Plan: ICICI सिक्योरिटीज के जय ठक्कर से जाने आज कैसी रह सकती है बाजार की चाल, क्या हो कमाई की रणनीति

Trading Plan: आने वाले सेशन में निफ्टी 50 के 24,500-24,650 की सीमित रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। हालांकि,इंडेक्स की अंदरूनी मजबूती बनी हुई है और यह अपने 200-डे EMA, 21 डे EMA और 24,482 के ब्रेकआउट जोन के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर इंडेक्स इस रेंज से नीचे गिरता है,तो अगला डाउनसाइड टारगेट 24,400 हो सकता है। ऊपर की तरफ,24,700-24,800 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा।

उधर बैंक निफ्टी के लिए 57,500 का लेवल एक अहम सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है और इसमें बड़ी गिरावट आती है तो और बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ इसके लिए 58,100-58,250 का जोन रेजिस्टेंस का काम करेगा। बाजार जानकारों का कहना कि अगर बैंक निफ्टी इस रेंज से ऊपर जाता है तो 58,500 और उसके बाद 58,700 तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

ICICI सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ डेरिवेटिव्स एंड क्वांट रिसर्च,जय ठक्कर का कहना है कि सोमवार को वीकली सेटलमेंट से पहले आखिरी ट्रेडिंग सेशन में निफ्टी लगभग सपाट बंद हुआ,लेकिन कुल मिलाकर स्थिति पॉजिटिव दिख रही है। डेली क्लोजिंग अब लगभग सामान्य हो गई है और इम्प्लाइड वोलैटिलिटी भी कम हुई है,जो एक अच्छी बात है। पिछली वीकली एक्सपायरी में दोपहर 3:15 बजे तक कोई ‘थीटा डिके'(समय बीतने के साथ ऑप्शन की कीमत में कमी)नहीं हुआ क्योंकि क्लोजिंग प्राइस को लेकर अनिश्चितता थी,लेकिन पिछले कुछ दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दोपहर 3:15 बजे और 3:30 बजे के बीच का अंतर कम हुआ है,जो एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट-टर्म रिवर्सल 24,200 से 24,000 के लेवल पर है, जो कुल पुट बेस है। वहीं,24,600-24,800 का जोन रेसिस्टेंस का काम कर रहा है,क्योंकि वीकली एक्सपायरी के लिए यहां सबसे ज्यादा कॉल बेस है और यह 200 DMA के भी करीब है। अगर निफ्टी इसके ऊपर जाता है तो इसके 25,000 की ओर बढ़ने की संभावना है,जहां कुल मिलाकर सबसे ज्यादा कॉल बेस है।

इन बातों को ध्यान में रखकर देखें तो निफ्टी की शॉर्ट टर्म रेंज 24,200-24,800 पर दिख रही है। इसके बाद 24,000-25,000 का लेवल है। इंडिया VIX स्थिर हो गया है और इक्विटी कैश सेगमेंट और इंडेक्स फ्यूचर्स,दोनों में FIIs की तरफ से बिकवाली का दबाव भी कम हुआ है।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और इंटरनेशनल क्रूड ऑयल की कीमतें घटने से भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निफ्टी के लिए शॉर्ट-टर्म में नजरिया पॉजिटिव बना हुआ है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,600, 24,800

अहम सपोर्ट: 24,200, 24,000

स्ट्रैटेजी: वर्तमान भाव पर निफ्टी फ्यूचर्स खरीदें और 24,400 के आस-पास गिरावट आने पर और खरीदारी करें। क्लोजिंग बेसिस पर 24,200 के नीचे स्टॉप-लॉस रखें और 24,800 और 25,000 का टारगेट रखें।

बैंक निफ्टी आउटलुक और रणनीति

जय ठक्कर का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के नतीजों और हाल ही में बढ़े जियो-पॉलिटिकल तनाव (जिससे ब्याज दरें बढ़ने का डर पैदा हुआ था) के बाद से बैंक निफ्टी कंसोलिडेशन मोड में आ गया है। हालांकि,अमेरिका से नौकरियों और महंगाई को लेकर आए अच्छे मैक्रो डेटा,जियो-पॉलिटिकल तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बैंकिंग शेयरों में आ रही गिरावट को रोकने में मदद की है।

ऑप्शंस डेटा से पता चलता है कि 58,000 का स्ट्राइक अहम है क्योंकि यहां सबसे ज्यादा कॉल और पुट बेस है। ऐसे में इसके ऊपर जाने पर इंडेक्स पॉजिटिव हो जाएगा। ऐसा होने तक यह कंसोलिडेट होता रह सकता है। चूंकि हाल ही में काफी कंसोलिडेशन हुआ है और ओवरऑल मार्केट की स्थिति भी पॉजिटिव है,इसलिए ऐसा लगता है कि इंडेक्स में ऊपर की ओर ब्रेकआउट होगा,जिससे यह 59,000 और 60,000 के लेवल तक पहुंच सकता है।

नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए 57,000 पर तत्काल सपोर्ट है क्योंकि 58,000 स्ट्राइक के बाद यहीं सबसे ज्यादा पुट बेस है।

अहम रेजिस्टेंस: 58,000

अहम सपोर्ट: 57,000

स्ट्रैटेजी: 58,000 के ऊपर बैंक निफ्टी अगस्त फ्यूचर्स खरीदें। स्टॉप-लॉस 57,000 के नीचे रखें और टारगेट 59,000 और 60,000 पर सेट करें।

 

 

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर दे रहे कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत, 24500-24700 का दायरा टूटने पर ही आएगी तेजी

Trade setup for today : निफ्टी कल लगातार चौथे सेशन में एक दायरे में ट्रेड करता रहा। 10 अगस्त को यह 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। चूंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है,इसलिए इसका ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर कंसोलिडेशन फेज के जारी रहने का संकेत दे रहे हैं। जब तक कि इंडेक्स पिछले बुधवार के 24,500-24,700 के दायरे को किसी भी तरफ मजबूती से तोड़ नहीं देगा, बाजार इसी दायरे में ही रहेगा।

इस रेंज से ऊपर जाने पर निफ्टी 24,800-25,000 तक जा सकता है,जबकि इससे नीचे गिरने पर 24,400-24,300 के लेवल देखने को मिल सकते हैं। बाजार की नजर मिडिल ईस्ट में हो रही हलचल और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर भी रहनी चाहिए।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,450–24,400 के जेन में है। इसके बाद अगला बड़ा सपोर्ट एरिया 24,300–24,250 के आसपास दिख रहा है। जब तक निफ्टी अपने इमीडिएट सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहेगा तब तक मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा। हालांकि ट्रेडर्स को उतार-चढ़ाव और चुनिंदा शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 24,650–24,700 का जोन इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। उसके बाद 24,800–25,000 पर अगला रेजिस्टेंस होगा। 24,700 के ऊपर टिके रहने से मोमेंटम और मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर,24400 के नीचे जाने से शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और बड़े सपोर्ट जोन पर दबाव बन सकता है।

निफ्टी बैंक आउटलुक

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पिछले चार ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी एक ही दायरे में बना हुआ है। यह 621 अंकों के छोटे दायरे में ऊपर-नीचे हो रहा है और कई ऐसी कैंडलस्टिक बना रहा है जिनसे किसी साफ दिशा का पता नहीं चलता। इसके अलावा,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल हैं,जिससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में भी यह इसी दायरे में ट्रेड करता रहेगा।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर यह 58,100 के ऊपर निकलता है,तो तेजी का दौर फिर से शुरू होने का संकेत मिलेगा और शॉर्ट टर्म में 58,600 और उसके बाद 59,200 तक की नई रैली की गुंजाइश बन सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि 50-डे EMA अभी 57,100-57,000 के आस-पास है और इससे मज़बूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। जब तक इंडेक्स इस सपोर्ट बैंड के ऊपर बना रहता है,तब तक जारी कंसोलिडेशन के बावजूद तेजी का बड़ा ट्रेंड बरकरार रहने की संभावना है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,530, 24,504 और 24,462

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,614, 24,640 और 24,682

निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर डोजी कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया है,जो तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच अनिश्चितता को दिखाता है। असल में,इंडेक्स ने पिछले चार सेशन में 24,500-24,700 के दायरे में अनिश्चितता दिखाने वाली कैंडल बनाई हैं, लेकिन इस प्राइस एक्शन का असर सीमित है क्योंकि यह एक रेंज-बाउंड मूवमेंट में हुआ है। मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मज़बूत बना हुआ है। निफ्टी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर है। साथ ही हाल की तेजी के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल और डाउनवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन के भी ऊपर बना हुआ है। वहीं,मोमेंटम इंडिकेटर अभी भी कंसोलिडेशन का संकेत दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि नियर टर्म में किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है।

बैंक निफ्टी (57,687) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,930, 58,045 और 58,232

पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट: 57,557, 57,442 और 57,255

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,305, 56,441

डेली चार्ट पर बैंक निफ्टी ने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक छोटी बेयरिश कैंडल बनाई है। यह उतार-चढ़ाव के बीच मामूली करेक्शन का संकेत है। कुल मिलाकर,इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में पिछले मंगलवार की रेंज के अंदर ही ट्रेड कर रहा है। इसलिए,इस पैटर्न का असर सीमित है। कीमतों में उतार-चढ़ाव न होने के बावजूद,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। इसके अलावा,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी ज्यादातर न्यूट्रल हैं,जिससे संकेत मिलता है कि नियर टर्म में एक सीमित दायरे में ही ट्रेडिंग जारी रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 0.72% की बढ़त हुई और यह 12.24 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी चिंताजनक स्तर से काफी नीचे है। जब तक यह 14-15 के दायरे से नीचे बना रहता है,तब तक बाजार में बड़ी अनिश्चितता की संभावना कम है और तेजड़ियों के लिए राहत रहेगी।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 अगस्त को बढ़कर 0.99 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Sierra vs Seltos vs Duster vs Kushaq: quarter mile drag race

Kushaq vs Sierra drag race

There’s no simpler way to compare one car’s performance to another than with a head-to-head quarter-mile race. In this edition of Autocar India’s quarter-mile racing series, we’ve brought together some of the newest midsize SUVs in the market, including the Tata Sierra, Kia Seltos and the Renault Duster. Let’s find out which of this new crop of midsize SUVs is the quickest down the drag strip. 

Race 1: Tata Sierra vs Kia Seltos 

SUVSeltosSierra
Engine1482cc, 4-cylinder 1498cc, 4-cylinder 
Power160hp at 5500rpm160hp at 5000rpm
Torque253Nm at 1500-3500rpm255Nm at 1750-4000rpm
Transmission7-speed dual-clutch6-speed torque converter
Kerb weight 1467kg1552kg

Our first pairing is between the Tata Sierra and the Kia Seltos, both of which are powered by 1.5-litre turbo-petrol engines, but with different gearboxes. 

These two new midsize SUVs are neck-and-neck on paper, with both featuring 160hp turbo-petrol engines, similar torque outputs and similar weight. However, the torque-converter-equipped Sierra launches much stronger than the Seltos, whose dual-clutch automatic is conservative off the line. The Kia Seltos does begin to claw back lost ground, but a little too late. The Sierra manages to win by a slender margin of about two tenths of a second. Race 2 is even closer, with a gap of just over a tenth, but the result stays the same.  

Sierra vs Seltos drag race times 
 Sierra Seltos
Race 116.92 sec17.11 sec
Race 2 17.07 sec17.19 sec 

Race 2: Skoda Kushaq vs Renault Duster 

SUVKushaq Duster 
Engine1498cc, 4-cylinder 1333cc, 4-cylinder 
Power150hp at 5000-6000rpm163hp at 5,250rpm
Torque250Nm at 1600-3500rpm280Nm at 2,000-3,500rpm
Transmission7-speed dual-clutch6-speed dual-clutch
Kerb weight 1322kg 1363kg

Our next pairing is between the Skoda Kushaq and the Renault Duster. The Kushaq uses a 1.5-litre turbo-petrol engine, while the Duster uses a smaller but more powerful 1.3-litre unit. Both engines come mated to a DCT gearbox. 

The Duster has the advantage on paper with more power, and it backs it up by winning Race 1 by two tenths. The Renault’s wet-clutch DCT allows a better launch than the Skoda’s dry-clutch unit, but the Skoda’s snappier shifts and stronger top end mean it is catching up. Race 2 starts off with the Skoda getting a better launch, and as such, it goes on to beat the Renault by nearly four tenths. Race 3 is closer than Race 2, but the result stays the same, with the Kushaq coming out on top yet again. 

Kushaq vs Duster drag race times 
 Kushaq  Duster
Race 117.77 sec17.65 sec
Race 2 17.05 sec17.69 sec
Race 317.28 sec17.67 sec

Race 3: Tata Sierra vs Skoda Kushaq 

SUVSierraKushaq 
Engine1498cc, 4-cylinder 1498cc, 4-cylinder 
Power160hp at 5000rpm150hp at 5000-6000rpm
Torque255Nm at 1750-4000rpm250Nm at 1600-3500rpm
Transmission6-speed torque converter7-speed dual-clutch
Kerb weight 1552kg1322kg

Finally, we bring together the winners from the first two rounds to determine the fastest midsize SUV you can buy today.

The Sierra has the numbers on its side, but the Kushaq does tend to punch above its weight. As was the case in the earlier races, the Skoda proves tricky to launch off the line, while the Tata Sierra jumps ahead. From there on, the Kushaq does start to reel in the Sierra, but it’s just not enough. The Tata Sierra wins Race 1 by just about a tenth. Race 2 is equally close, with the gap being a minuscule 0.2 seconds, and the Sierra manages to win again. 

Sierra vs Seltos drag race times 
 Sierra Kushaq
Race 117.18 sec 17.28 sec
Race 2 17.02 sec17.21 sec 

Autocar India’s testing standards

Before we conduct our performance tests, we check and maintain tyre pressures based on the manufacturer’s recommendation and ensure the car has a full tank of fuel. The car is then tested in a controlled environment, and the data is collected via highly accurate GPS-based timing equipment.

बजट में लग्जरी लुक! सिर्फ चैन से बनेगा पूरा अफोर्डेबल गोल्ड डिजाइन नेकलेस कलेक्शन

सोने की ज्वेलरी में नेकलेस हर किसी के बजट में नहीं होता है, लेकिन खूबसूरत और हैवी लुक पाने के लिए हमेशा महंगा नेकलेस खरीदना जरूरी नहीं है। हेवी डिजाइन वाली गोल्ड चेन इसका अच्छा ऑप्शन हो सकती है। कम वजन और बजट के हिसाब से डिजाइन चुनकर गले में नेकलेस जैसा लुक पाया जा सकता है। ऐसी चेन रोज पहनने के साथ-साथ किसी खास जगह जाने या छोटे-मोटे फंक्शन में भी आसानी से स्टाइल की जा सकती है।

बीड्स गोल्ड चेन

बीड्स गोल्ड चेन कोरोज आसानी से स्टाइल किया जा सकता है। आजकल मार्केट में सोने की चेन के कई खूबसूरत डिजाइन मिलते हैं। सही डिजाइन चुनकर नेकलेस जैसा हैवी लुक भी पाया जा सकता है। लेयरिंग वाले डिजाइन काफी पसंद किए जा रहे हैं। करीब 8-10 ग्राम में यह डिजाइन बन सकता है, जिसकी कीमत सोने के रेट और मेकिंग चार्ज के हिसाब से लगभग ₹75,000-₹1 लाख तक हो सकती है। ये डिजाइन सूट, साड़ी और एथनिक आउटफिट के साथ बहुत सुंदर लगते हैं।

बॉक्स चेन डिजाइन

रोजाना पहनने के लिए बॉक्स पैटर्न वाली हल्की चेन एक अच्छा ऑप्शन है। इसका डिजाइन सिंपल होने के साथ काफी एलिगेंट दिखाई देता है। करीब 4-5 ग्राम की बॉक्स चेन बनवाई जा सकती है। इसकी अनुमानित कीमत ₹38,000-₹52,000 के आसपास हो सकती है। सूट और साड़ी के साथ इसे आसानी से पहना जा सकता है। ऑफिस, शॉपिंग या रोज के किसी काम से बाहर जाने के लिए भी यह चेन अच्छी लगेगी।

लेयर गोल्ड चेन

थोड़े हैवी लुक के लिए लेयर वाली चेन बनवाई जा सकती है। इसमें छोटे-छोटे गोल्ड बीड्स या पैटर्न चेन को ज्यादा भरा हुआ लुक देते हैं। डबल लेयर डिजाइन को करीब 10-12 ग्राम में तैयार कराया जा सकता है। डिजाइन के हिसाब से इसकी कीमत लगभग ₹95,000-₹1.25 लाख तक जा सकती है साड़ी, सूट और दूसरे एथनिक कपड़ों के साथ यह डिजाइन काफी खूबसूरत लगता है। खास मौकों के साथ डेली वियर में भी इसे पहना जा सकता है।

ट्विस्टेड चेन डिजाइन

ट्विस्टेड चेन डिजाइन ट्रेडिशनल और खूबसूरत दिखाई देती है। चेन थोड़ी हैवी हो और उसके बीच में पेंडेंट भी लगा हो, तो पूरा नेकलेस जैसा लुक आता है। 7-8 ग्राम सोने में यह डिजाइन तैयार हो सकता है। पेंडेंट और मेकिंग के अनुसार इसकी कीमत लगभग ₹65,000-₹85,000 के बीच हो सकती है। तीज-त्योहार, पूजा या किसी खास मौके पर यह डिजाइन आसानी से स्टाइल किया जा सकता है।

फ्लोरल चेन डिजाइन

फ्लोरल गोल्ड चेन इन दिनों काफी पसंद की जा रही है। इसमें छोटे-छोटे फूलों को एक पैटर्न में जोड़ा जाता है, जिससे चेन देखने में ज्यादा भरी हुई लगती है। इससे कम वजन में भी चेन को हैवी लुक दिया जा सकता है। मॉडर्न और ट्रेडिशनल दोनों तरह के आउटफिट के साथ यह डिजाइन अच्छा लगेगा। कम वजन 6-7 ग्राम में फ्लोरल डिजाइन बन सकता है। इसकी अनुमानित कीमत ₹58,000-₹75,000 तक हो सकती है।

रोप चेन डिजाइन

नेकलेस की जगह फैंसी रोप वाली गोल्ड चेन भी पहनी जा सकती है। इस तरह की चेन गले में पहनने के बाद काफी रिच और हैवी लुक देती है। लगभग 9-10 ग्राम की रोप चेन अच्छी हेवी फील दे सकती है। इसकी कीमत करीब ₹85,000-₹1 लाख के आसपास हो सकती है। किसी फंक्शन, फैमिली फंक्शन या त्योहार के मौके पर इसे पहनकर सिंपल आउटफिट को भी खास बनाया जा सकता है।

कर्ब चेन डिजाइन

Story pin imageमिनिमल ज्वेलरी पसंद करने वालों के लिए कर्ब गोल्ड चेन के साथ थोड़ा हैवी पेंडेंट अच्छा ऑप्शन है। पेंडेंट में हल्का स्टोन वर्क इसे और अट्रैक्टिव बना सकता है। इसे ट्रेडिशनल कपड़ों के साथ-साथ वेस्टर्न आउटफिट के साथ भी पहना जा सकता है। चेन और पेंडेंट मिलाकर इसे करीब 5-6 ग्राम में बनवाया जा सकता है। कुल खर्च लगभग ₹50,000-₹65,000 तक आ सकता है। रोज पहनने के लिए भी यह डिजाइन परफेक्ट है।

फैंसी लिंक चेन

इस डिजाइन में दो लिंक होने की वजह से अलग से नेकलेस पहनने की जरूरत नहीं पड़ती। त्योहार, शादी या किसी खास फंक्शन में इसे साड़ी और एथनिक सूट के साथ स्टाइल किया जा सकता है। करीब 11-13 ग्राम की चेन अच्छा रिच लुक दे सकती है। इसकी अनुमानित कीमत ₹1 लाख-₹1.35 लाख तक हो सकती है। हैवी ज्वेलरी पसंद करने वाली महिलाओं के लिए यह अच्छा डिजाइन है।

टेम्पल चेन डिजाइन

यह डिजाइन देखने में लगभग नेकलेस जैसा लगता है, लेकिन चेन के रूप में इसे डेली वियर और खास मौकों दोनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। पारंपरिक लुक वाली यह डिजाइन लगभग 12-15 ग्राम में तैयार हो सकती है। इसकी कीमत लगभग ₹1.10 लाख-₹1.55 लाख तक पहुंच सकती है हैवी सूट और साड़ी के साथ इसका लुक काफी खूबसूरत आएगा।

 

Ducati Monster V2 vs Triumph Street Triple 765 RS: Price and spec comparison

Ducati Monster V2 vs Triumph Street Triple 765 RS: Price and spec comparison

Ducati has just updated the Monster with a slew of changes. Amongst the many updates are an updated, smaller 890cc engine, a new monocoque chassis, and 4kg lesser weight with the price starting at Rs 13.99 lakh. Till now, the most popular option in this price segment has been Triumph’s Street Triple 765 RS, coming in at Rs 12.92 lakh. Let’s see how the updates have shaped up the Monster V2.

Ducati Monster V2 vs Triumph Street Triple 765 RS: Engine and output

More power for Triumph, more torque for Ducati

 

Ducati Monster V2

Triumph Street Triple 765 RS

Engine

890cc, V-twin-cylinder, liquid-cooled

765cc, inline three-cylinder, liquid-cooled

Power

111hp at 9,000rpm

130hp at 12,000rpm

Torque

91.1Nm at 7,250rpm

80Nm at 9500rpm

Gearbox

6-speed

6-speed

Power-to-weight ratio

634.29hp/tonne

691.49hp/tonne

The headlining change for the new Monster is the previous version’s 937cc V-twin engine being replaced with a 890cc V-twin engine, also seen in the likes of the Multistrada V2, Panigale V2, and the Streetfighter V2. Despite being smaller, this engine makes similar power and slightly lower torque (2Nm less, to be exact). Triumph, however, remains the most powerful engine in the segment with a class-leading 130hp. However, the reputed three-cylinder engine does have lesser torque than the Monster’s twin-cylinder. The Triumph also delivers both power and torque later in the rev range.

Ducati Monster V2 vs Triumph Street Triple 765 RS: Weight and dimensions

Ducati only discloses wet weight with no fuel

 

Ducati Monster V2

Triumph Street Triple 765 RS

Fuel tank capacity

14 litres

15 litres

Ground clearance

NA

NA

Wet weight

175kg (without fuel)

188kg

Seat height

815mm

836mm

Wheelbase

1492mm

1399mm

Ducati’s new updates to the Monster V2 includes a lower, narrower 815mm seat height (with 795mm and 775mm seats available as accessories; the latter requires a low suspension kit). Owing to various improvements throughout, it’s 4kg lighter than the outgoing model. The Triumph, by default, has a 21mm taller seat height. Although Triumph does offer lower seats as accessories, a 808mm one and a 798mm one; the latter requires a shorter rear suspension. At first glance, it might appear that the Ducati is significantly lighter than the Triumph, but do note that Ducati India only reports wet weight without fuel, whereas Triumph reports wet weight with fuel. With 90 percent fuel, the Monster should weigh closer to 185.3kg. However, neither company mentions the ground clearance numbers on their Indian website.

Ducati Monster V2 vs Triumph Street Triple 765 RS: Tyres, brakes, and suspension

The Ducati offers a larger brake rotor on both ends

 

Ducati Monster V2

Triumph Street Triple 765 RS

Tyres (F, R)

120/80R17, 180/55R17

120/80R17, 180/55R17

Brakes (F, R)

Dual 320mm front disc, single 245mm rear disc, cornering sensitive dual-channel ABS

Dual 310mm front disc, single 220mm rear disc, cornering sensitive dual-channel ABS

Suspension (F, R)

43mm USD fork, monoshock

41mm USD fork, monoshock

Both the motorcycles share the exact same tyre sizes. The Ducati offers a larger brake rotor on both ends, although both companies offer cornering ABS as standard. Things get a bit more interesting with the suspension. The Ducati offers the larger diameter front fork but its system isn’t quite as adjustable as the Triumph. Triumph suspension can be adjusted for preload, rebound, and compression on both ends, whereas the Ducati only offers rear preload adjustment. Point to be noted that the Street Triple RS is a track-focussed version whereas the Monster is meant for balanced usage. To that end, it is the Ducati that has the longer travel on both front (130mm vs 115mm) and rear (145mm vs 131.2mm). Differences in rake and trail are negligible for their intended purpose.

Ducati Monster V2 vs Triumph Street Triple 765 RS: Features

Par for the segment

Both the companies offer most of the features expected in this segment, but Ducati does go the extra mile by offering wheelie control and a bi-directional quickshifter as standard. As is also the norm in this segment, both motorcycles are ready for numerous accessory fitments such as cruise control and TPMS, with Ducati once again offering more electronic rider aids than Triumph.

Ducati Monster V2 vs Triumph Street Triple 765 RS: Price

Triumph is cheaper by a lakh

Model

Ducati Monster V2

Street Triple RS

 

Rs 13.99 lakh – Rs 14.45 lakh

Rs 12.92 lakh

Ducati has priced the new Monster at Rs 13.99 lakh (ex-showroom), a Rs 15,000 increase over the old Monster. Triumph on the other hand asks for Rs 12.92 lakh (ex-showroom). Do note that the Street Triple R—the road-focussed version—costs Rs 10.86 lakh (ex-showroom), which is significantly more affordable than the Monster. Both the motorcycles are distinctive enough with their design and equipment to make choosing one over the other simpler.

 

BSNL Investment Plan: सरकारी टेलीकॉम कंपनी 5 साल में ₹77000 करोड़ निवेश करेगी, 2 लाख नए 4G टावर लगाएगी

BSNL Investment Plan: सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL अगले पांच साल में करीब 77,000 करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी कर रही है। इस योजना में 2 लाख नए 4G साइट, नेटवर्क को मजबूत करना और ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में 5G सेवा शुरू करना शामिल है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने यह जानकारी संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय समिति को दी है।

98% आबादी तक पहुंचाने का लक्ष्य

DoT के मुताबिक, इस निवेश में एक नया इंटीग्रेटेड कस्टमर सपोर्ट सिस्टम भी बनाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इस योजना के बाद FY29 तक BSNL अपने रोजमर्रा के कारोबार में नफा-नुकसान के बराबर पहुंच जाएगी। यानी कंपनी की ऑपरेशनल कमाई उसके ऑपरेशनल खर्च के बराबर हो जाएगी। साथ ही कंपनी की सेवाएं देश की 98% आबादी तक पहुंच जाएंगी।

₹21,588 करोड़ की अतिरिक्त मदद

DoT ने यह भी बताया कि FY27 के लिए BSNL को मिलने वाली पूंजी सहायता (Capital Infusion) में 21,588 करोड़ रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। यह रकम पहले से मंजूर BSNL रिवाइवल पैकेज के तहत मांगी गई है।

यह रकम 77,000 करोड़ रुपये की निवेश योजना से अलग है। 77,000 करोड़ रुपये अगले पांच साल के निवेश के लिए हैं, जबकि 21,588 करोड़ रुपये सरकार की अतिरिक्त पूंजी सहायता है।

1.05 लाख स्वदेशी 4G साइट लगीं

अप्रैल 2026 तक BSNL 1,05,290 स्वदेशी 4G साइट लगा चुकी है। DoT का कहना है कि इन्हें आगे चलकर 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। कंपनी ने दिल्ली में 5G-as-a-Service की शुरुआत भी कर दी है।

सरकार को उम्मीद है कि इससे BSNL के ग्राहकों की संख्या, प्रति ग्राहक औसत कमाई (ARPU) और कुल रेवेन्यू बढ़ेगा।

घाटा अभी भी बना हुआ है

हालांकि BSNL की आमदनी बढ़ रही है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू FY23 के 19,131 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 23,259 करोड़ रुपये हो गया है। FY27 में इसके 26,407 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

इसके बावजूद कंपनी का घाटा FY27 में 5,946 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। कुल खर्च 34,853 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है।

खर्च घटाने और कमाई बढ़ाने पर फोकस

संसदीय समिति ने BSNL और DoT से खर्च कम करने और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग बढ़ाने को कहा है। साथ ही 4G, 5G, एंटरप्राइज सर्विसेज और फाइबर कनेक्टिविटी जैसे ज्यादा कमाई वाले कारोबार पर ध्यान देने को कहा है।

BSNL अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए टावर और डार्क फाइबर लीज पर भी दे रही है। मार्च 2026 तक कंपनी ने 11,398 टावर दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को किराये पर दिए थे। इससे FY26 में 1,019 करोड़ रुपये की कमाई हुई।

वहीं, करीब 3 लाख रूट किलोमीटर डार्क फाइबर लीज पर देकर 410 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया। साथ ही, कंपनी ने FY25 के 9,460 करोड़ रुपये के मुकाबले FY26 में अपना ऑपरेशनल खर्च घटाकर 8,970 करोड़ रुपये कर लिया।

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निफ्टी 50 में बड़ा बदलाव! विप्रो 3 दशक बाद इंडेक्स से बाहर होगी, BSE को मिलेगी एंट्री

निफ्टी 50 में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। इस इंडेक्स में स्टॉक्स एक्सचेंज BSE को दिग्गज आईटी कंपनी Wipro की जगह शामिल किया जाएगा। यह बदलाव 30 सितंबर से लागू होगा। इसके साथ ही बेंगलुरु की आईटी कंपनी Wipro का भारत के प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स से करीब तीन दशक पुराना सफर खत्म हो जाएगा।

Wipro असल में Nifty 50 की शुरुआत से ही इसका हिस्सा रही है। हालांकि, अप्रैल से सितंबर 2013 के बीच कंपनी इस इंडेक्स से बाहर रही थी। उस समय Wipro के नॉन-आईटी कारोबार के डीमर्जर की वजह से यह बदलाव हुआ था। इसके बाद कंपनी लगातार Nifty 50 में बनी रही।

Wipro से पैसा निकलने का अनुमान

Nuvama के अनुमान के मुताबिक, Wipro के Nifty 50 से बाहर होने पर इंडेक्स को ट्रैक करने वाले फंड करीब 246 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर सकते हैं। दूसरी ओर, BSE के इंडेक्स में शामिल होने से करीब 741 मिलियन डॉलर का निवेश आने का अनुमान है।

BSE के लिए यह बदलाव काफी अहम है। पिछले पांच साल में कंपनी के शेयर में 2,600% से ज्यादा की तेजी आई है। ट्रेडिंग वॉल्यूम, डेरिवेटिव्स कारोबार और बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से कंपनी को फायदा मिला है।

Nifty 500 में भी बदलाव

Nifty 50 में बदलाव के साथ NSE ने दूसरे प्रमुख इंडेक्स में भी बदलाव किए हैं। Nifty 500 से 3M India, Aditya Birla Fashion and Retail, Aditya Birla Lifestyle Brands, Bayer Cropscience, Blue Dart Express, Chalet Hotels, Go Digit General Insurance, Indegene, Jubilant Pharmova, Latent View Analytics, Sonata Software और Travel Food Services जैसी कंपनियां बाहर होंगी।

वहीं, Nifty 500 में Aether Industries, Avanti Feeds, Azad Engineering, Black Box, Brookfield India REIT, Embassy Office Parks REIT, Fractal Analytics, INOX India, Kirloskar Brothers, MTAR Technologies, Sansera Engineering, Sterlite Technologies और Vedanta Aluminium समेत कई कंपनियां शामिल होंगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vodafone Idea Q1 Results: वोडा आइडिया का घाटा घटकर ₹3754 करोड़ हुआ, रेवेन्यू और EBITDA में भी उछाल

Vodafone Idea Q1 Results: देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea ने जून तिमाही में पिछले साल के मुकाबले घाटा कम किया है। कंपनी को इसका फायदा ARPU यानी प्रति ग्राहक औसत कमाई बढ़ने से मिला। ज्यादा ग्राहक महंगे 4G और 5G प्लान की ओर बढ़े हैं।

कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा घटकर 3,754 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 6,608 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू और EBITDA बढ़ा

जून तिमाही में Vodafone Idea की रेवेन्यू 11,660 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 11,000 करोड़ रुपये थी। यानी रेवेन्यू में करीब 6% की बढ़ोतरी हुई।

कंपनी का EBITDA बढ़कर 5,034 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 4,600 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 41.84% से बढ़कर 43.17% हो गया।

5G अब 200 से ज्यादा शहरों में

Vodafone Idea के CEO अभिजीत किशोर ने कहा कि FY27 कंपनी के लिए काम को तेजी से जमीन पर उतारने का साल है। उनके मुताबिक, कंपनी के निवेश का असर अब कारोबार में दिखने लगा है।

उन्होंने कहा कि तिमाही के दौरान कंपनी ने कई अहम बिजनेस पैरामीटर में सुधार किया। इनमें सब्सक्राइबर जोड़ना भी शामिल है। यह मर्जर के बाद पहली बार हुआ है। कंपनी की 5G सेवा अब 200 से ज्यादा शहरों में लाइव है।

₹9,000 करोड़ के कैपेक्स ऑर्डर

वोडाफोन आइडिया ने नेटवर्क विस्तार के लिए 9,000 करोड़ रुपये के कैपेक्स ऑर्डर पहले ही दे दिए हैं। मैनेजमेंट ने कहा कि कर्जदाताओं के साथ बातचीत जारी है। उसे उम्मीद है कि कर्ज से जुड़ी चर्चा सफलतापूर्वक पूरी होगी।

कंपनी का फोकस अब नेटवर्क विस्तार, बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन और AI से जुड़े बदलाव पर है।

Vodafone Idea के शेयर

वोडाफोन आइडिया के शेयर सोमवार को 0.71% की बढ़त के साथ 12.82 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 11.67% का रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में यह करीब 95% उछला है। वोडाफोन आइडिया का मार्केट कैप 1.40 लाख करोड़ रुपये है।

निफ्टी में हेरफेर से आखिरी समय में जोरदार तेजी आई? 3 और 4 अगस्त के ट्रेड्स की जांच कर रहा SEBI

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।