ऐतिहासिक रोशनआरा क्लब की लाइफटाइम मेंबरशिप खोलने जा रहा DDA, जानिए कितनी है इसकी फीस और कौन-कैसे कर सकता है अप्लाई

DDA Roshanara Club Lifetime Membership: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ऐतिहासिक डीडीए रोशनआरा क्लब की लाइफटाइम मेंबरशिप खोलने जा रहा है। कुल 750 सीटों के लिए यह मेंबरशिप स्कीम शुरू की जा रही है, जिसके जरिए दिल्लीवासियों को इस ऐतिहासिक क्लब की वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स, फिटनेस और रिक्रिएशनल सुविधाओं का फायदा उठाने का मौका मिलेगा।

अगर आप भी 100 साल से ज्यादा पुराने और भारतीय क्रिकेट के इतिहास से जुड़े इस क्लब का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो जानिए फीस, योग्यता और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया।

मेंबरशिप कैटेगरी और फीस स्ट्रक्चर

डीडीए की ओर से कुल 750 लाइफटाइम मेंबरशिप दो अलग-अलग श्रेणियों में दी जा रही हैं:

नॉन-गवर्नमेंट कैटेगरी: आम नागरिकों और प्राइवेट सेक्टर के लोगों के लिए कुल 400 सीटें रखी गई हैं। इसके लिए मेंबरशिप चार्ज ₹12.50 लाख + GST तय किया गया है।

गवर्नमेंट / पीएसयू कैटेगरी: सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए 350 सीटें रिजर्व हैं। इसकी फीस ₹4 लाख + GST है।

कब से शुरू होंगे आवेदन और कैसे करें अप्लाई?

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 28 अगस्त 2026 की रात 12:00 बजे से शुरू होगी।आवेदक 27 अक्टूबर 2026 (रात 11:59 बजे) तक अपना फॉर्म और फीस जमा कर सकते हैं। इच्छुक लोग केवल डीडीए के आधिकारिक पोर्टल के जरिए ही अप्लाई कर सकते हैं।

आधिकारिक लिंक: [https://online.dda.org.in/golfcourse/RoshanaraClub/RoshanaraClubHome.aspx](https://online.dda.org.in/golfcourse/RoshanaraClub/RoshanaraClubHome.aspx)

क्लब में मिलेंगी कौन-कौन सी स्पोर्ट्स सुविधाएं?

22 एकड़ में फैले हरे-भरे रोशनआरा क्लब में सदस्यों को इन खेलों और फिटनेस गतिविधियों की सुविधा मिलेगी:

आउटडोर व इनडोर गेम्स: मेन क्रिकेट पिच और प्रैक्टिस पिच, टेनिस, स्क्वॉश, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, पिकलबॉल, बिलियर्ड्स और कार्ड रूम।

फिटनेस व स्विमिंग: स्विमिंग पूल, बच्चों के लिए टॉडलर पूल, मल्टी-जिम, फिटनेस सेंटर और योग क्लासेस।

कोचिंग फैसिलिटी: उभरते खिलाड़ियों के लिए योग्य कोचों द्वारा कोचिंग की सुविधा भी दी जाएगी। साथ ही क्रिकेट ग्राउंड को टूर्नामेंट्स और कॉरपोरेट इवेंट्स के लिए भी बुक किया जा सकेगा।

सोशल और क्लब हाउस सुविधाएं

स्पोर्ट्स के अलावा क्लब हाउस में सदस्यों के मनोरंजन और सोशल गैदरिंग के लिए ये सुविधाएं होंगी:

  • लाउंज, रेस्टोरेंट, कैफे और डाइनिंग एरिया
  • बार और बैंक्वेट सुविधाएं
  • किड्स जोन

क्या है रोशनआरा क्लब का इतिहास?

22 एकड़ का ऐतिहासिक परिसर और 100 साल से भी पुराना यह क्लब भारतीय क्रिकेट के शुरुआती इतिहास से जुड़ा हुआ है। इस क्लब को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के जन्मस्थान के रूप में जाना जाता है। डीडीए ने 29 सितंबर 2023 को इस ऐतिहासिक क्लब का आधिकारिक रूप से अधिग्रहण कर लिया था।

DDA रोशनआरा क्लब मेंबरशिप डिटेल्स

कुल उपलब्ध मेंबरशिप: 750

आम नागरिक फीस: ₹12.50 लाख + GST (400 सीटें)

सरकारी कर्मचारी फीस: ₹4.00 लाख + GST (350 सीटें)

रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तिथि: 28 अगस्त 2026

रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि: 27 अक्टूबर 2026

क्लब का कुल क्षेत्रफल: 22 एकड़

दिल्ली के उपराज्यपाल के ‘ईज ऑफ लिविंग’ और एक्टिव लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने के विजन के तहत यह कदम उठाया गया है। दिल्ली के 18 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 3 गोल्फ कोर्स चलाने वाला DDA अब खेल प्रेमियों को देश के सबसे पुराने और ऐतिहासिक क्लबों में से एक का हिस्सा बनने का यह सुनहरा मौका दे रहा है।

अपनी छापेमारी से देशभर में फेमस हो गए FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे कितना पढ़े-लिखे हैं? जानिए इनके IAS बनने की पूरी कहानी

महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के एक अधिकारी हैं, जिनका नाम आजकल पूरे देश की मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है। ये महाराष्ट्र कैडर के आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे हैं। खबरों में इन्हें ‘आईएएस सिंघम’ और ‘एफडीए का टीएन शेषन’ आदि नामों से संबोधित किया जा रहा है। तुकाराम मुंढे महाराष्ट्र एफडीए के कमिश्नर के तौर पर कार्यरत हैं। राज्य में फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर इनकी कड़ी कार्रवाई ने हर अमले के लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। मुंढे ने तय नियमों का उल्लंघन करने के आरोपी प्रतिष्ठानों के खिलाफ इंस्पेक्शन और कार्रवाई का आदेश दिया है।

मुंढे के पद से ज्यादा उनके तौर तरीके लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक निडर और बेबाक अधिकारी अगर अपनी पहुंच और अधिकारों का इस्तेमाल सही तरीके से करने लगता है, तो वह बड़ी से बड़ी तस्वीर को भी आसानी से बदल सकता है। मुंढे ने सिविल सर्विस में दो दशक से ज्यादा समय बिताया है, इस दौरान उन्होंने कड़े प्रशासनिक फैसले लिए और कहा जाता है कि 20 साल की सेवा में उनका लगभग 25 बार ट्रांसफर हुआ है।

कौन हैं आईएएस ऑफिसर तुकाराम मुंढे?

3 जून, 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के ताड़सोना गांव में जन्मे तुकाराम मुंढे ने अपनी पढ़ाई जिला परिषद स्कूल से शुरू की। एक गांव के स्कूल से भारतीय प्रशासनिक सेवा के सीनियर रैंक तक के उनके सफर ने उनके करियर को खास बना दिया है। बीड में अपनी स्कूलिंग पूरी करने के बाद, मुंढे उच्च शिक्षा के लिए औरंगाबाद चले गए। उन्होंने हिस्ट्री में बैचलर डिग्री पूरी की और बाद में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी, औरंगाबाद से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की। उनकी पढ़ाई का सफर आखिरकार उन्हें यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा तक ले गया, जिसे उन्होंने 2004 में 20 की शानदार ऑल इंडिया रैंक के साथ पास किया।

2005 बैच के आईएएस अधिकारी मुंढे

मुंढे महाराष्ट्र कैडर के 2005 बैच के ऑफिसर के तौर पर इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में शामिल हुए। 2011 में, मुंढे ने नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से क्राइसिस, इमरजेंसी और डिजास्टर मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट कोर्स पूरा किया। पिछले कुछ सालों में, उन्होंने पूरे महाराष्ट्र में कई मुश्किल प्रशासनिक काम संभाले हैं, जिससे उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की बनी है जो लंबी सोच-विचार के बजाय एक्शन लेना पसंद करते हैं।

तुकाराम मुंढे अब खबरों में क्यों हैं?

मई 2026 में मुंढे को महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन का कमिश्नर बनाया गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पोस्टिंग उनके 21 साल से ज्यादा के करियर में उनका 25वां ट्रांसफर था। चार्ज संभालने के बाद से, उन्होंने फूड सेफ्टी नियमों के पालन की जांच के लिए रेस्टोरेंट, फूड आउटलेट, वेयरहाउस और दूसरी जगहों का इंस्पेक्शन बढ़ा दिया है। यह कैंपेन तेजी से बढ़ रहे क्विक-कॉमर्स सेक्टर में काम करने वाले बिजनेस तक भी बढ़ा है। एफडीए की तीखी कार्रवाई की वजह से खाद्य सुरक्षा आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

पानी बचाने से लेकर फूड सेफ्टी तक

मुंढे की सख्त प्रशासक की इमेज उनके मौजूदा एफडीए कार्यकाल से पहले की है। सोलापुर कलेक्टर के तौर पर अपने समय के दौरान, वे पानी बचाने की कोशिशों और गांवों की पानी के टैंकरों पर निर्भरता कम करने की कोशिशों से जुड़े। काम करने के उनके तौर-तरीकों और समस्या के पूरे समाधान पर फोकस ने उन्हें महाराष्ट्र की ब्यूरोक्रेसी से बाहर पहचान दिलाई। उनके करियर में उन्हें बार-बार ऐसे पद मिले हैं जिन्होंने लोगों का ध्यान खींचा और विवाद भी। औचक निरीक्षण, एनफोर्समेंट ड्राइव और ग्राउंड पर साफ मौजूदगी ने उनकी इमेज को एक ऐसे ऑफिसर के तौर पर बनाया है जो मुश्किल फैसले लेने से पीछे नहीं हटते।

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4% टूटा Federal Bank का शेयर, इस स्मॉल फाइनेंस बैंक में हिस्सेदारी की खरीदारी पर निगेटिव रिस्पांस

Federal Bank Share Price: फेडरल बैंक और जन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank) के बीच एक सौदे को लेकर बातचीत चल रही है और यह एडवांस स्टेज में पहुंच चुका है। इसका आज शेयरों पर निगेटिव असर दिखा और शेयर 4% से अधिक टूट गए। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक फेडरल बैंक इसमें कंट्रोलिंग स्टेक लेना चाहता है और जन स्मॉल फाइनेंस बैंक अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचना चाहता है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रमोटर्स की हिस्सेदारी हासिल करने के बाद फेडरल बैंक बाकी शेयरहोल्डर्स से शेयरों की खरीदारी के लिए ओपन ऑफर ला सकता है।

अभी फेडरल बैंक के शेयरों की बात करें तो बीएसई पर फिलहाल यह 2.77% की गिरावट के साथ ₹348 पर है जबकि इंट्रा-डे में यह 4.50% फिसलकर ₹341.80 तक आ गया था। वहीं जन स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर फिलहाल 2.09% की गिरावट के साथ ₹569.70 पर हैं तो इंट्रा-डे में यह 3.59% गिरकर ₹560.95 तक आ गया था।

कैसी है Federal Bank की सेहत

फेडरल बैंक के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। ब्याज से शुद्ध कमाई यानी NII की हेल्दी ग्रोथ और प्रोविजनिंग में गिरावट के दम पर इसकी कमाई जून 2026 तिमाही के दमदार रही। इसकी एसेट क्वालिटी में अच्छा सुधार दिखा लेकिन मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक इसका शुद्ध तिमाही में उम्मीद से थोड़ी हल्की रही।

जून 2026 तिमाही के फेडरल बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 36.6% बढ़कर ₹1177 करोड़ पर पहुंच गया जोकि ब्लूमबर्ग के पोल में ₹1186 करोड़ के लगाए गए अनुमान से थोड़ा कम रहा। इस दौरान बैंक की ब्याज से शुद्ध कमाई 26.1 बढ़कर ₹2,946 करोड़ पर पहुंच गई जोकि ₹2851 करोड़ के अनुमान से काफी अधिक रही।

बैंक का प्रोविजन सालाना आधार पर ₹400 करोड़ से गिरकर ₹316 करोड़ पर आ गया तो टैक्स पर खर्च ₹294.4 करोड़ से बढ़कर ₹402.7 करोड़ पर पहुंच गया। बैंक के एसेट क्वालिटी की बात करें तो इसमें सुधार दिखा और तिमाही आधार पर ग्रॉस एनपीए 1.62% से 1.52% तो नेट एनपीए 0.20% से 0.18% पर आ गया।

एक साल में कैसी रही सेहत

फेडरल बैंक के शेयरों ने निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। पिछले साल बीएसई पर 4 सितंबर 2025 को यह ₹188.45 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से शेयरों ने शानदार रिकवरी की और 11 महीने में यह 93.66% उछलकर इस महीने की शुरुआत में 4 अगस्त 2026 को ₹364.95 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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IT Stock: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इन भारतीय IT कंपनियों की बढ़ाई रेटिंग, क्या आप करेंगे इनमें निवेश

IT Stock:  UBS ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय IT कंपनियों के लिए ग्रोथ के नए मौके बना रहा है, लेकिन AI से होने वाली कमाई अभी इतनी कम है कि यह तय नहीं किया जा सकता कि क्या यह पारंपरिक IT सर्विस पर पड़ने वाले कीमतों में गिरावट के दबाव (deflationary pressure) की भरपाई कर पाएगी या नहीं। ब्रोकरेज कंपनी अभी भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रही है और बड़ी Tier-1 कंपनियों के मुकाबले Tier-2 कंपनियों को ज़्यादा पसंद कर रही है।

यह ताज़ा आकलन उन ब्रोकरेज रिपोर्टों की कड़ी में एक और रिपोर्ट है जो भारत के IT सर्विस सेक्टर पर AI के असर को समझने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने भी इस सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी थी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि भले ही AI नई कमाई के मौके बना रहा है, लेकिन इससे पारंपरिक सर्विस की कीमतों में गिरावट का जोखिम भी पैदा हो रहा है।

बड़ी IT कंपनियों में, UBS ने टेक महिंद्रा की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’  कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,460 से काफी बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया। इसके उलट, HCLTech के शेयर में हालिया तेज़ी के बाद उसने इसकी ‘Buy’ रेटिंग को बदलकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया, हालांकि इसका टारगेट प्राइस ₹1,390 से बढ़ाकर ₹1,415 कर दिया। UBS ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की रेटिंग भी ‘Buy’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दी, जिसकी मुख्य वजह वैल्यूएशन थी, जबकि इसका टारगेट प्राइस ₹5,995 से बढ़ाकर ₹6,250 कर दिया।

इसने कोफोर्ज (Coforge) की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,505 से काफी बढ़ाकर ₹2,400 कर दिया। Mphasis की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी गई और इसका टारगेट ₹2,440 से बढ़ाकर ₹2,980 कर दिया गया।

Tier-1 कंपनियों में, UBS का सबसे बड़ा रेटिंग बदलाव टेक महिंद्रा के लिए था। ब्रोकरेज ने शेयर की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट ₹1,460 से बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया।

UBS ने इन्फोसिस पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,425 से बढ़ाकर ₹1,445 कर दिया। TCS पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹2,545 से थोड़ा बढ़ाकर ₹2,565 कर दिया गया, जबकि विप्रो पर भी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹200 तय किया गया। LTM लिमिटेड (LTIMindtree) की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ बनी रही, हालांकि UBS ने इसका टारगेट प्राइस ₹4,080 से काफी बढ़ाकर ₹4,995 कर दिया।

AI के मौके बनाम पुराने बिज़नेस में गिरावट

UBS का कहना है कि इन्वेस्टर्स अब IT सर्विस सेक्टर को लेकर मंदी वाले कुछ बुनियादी तर्कों पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि भारतीय IT सेक्टर पर तेज़ी का रुख अपनाने के लिए अभी भी पर्याप्त सबूत नहीं हैं। पूरे सेक्टर की कमाई में AI से होने वाली कमाई का हिस्सा अभी भी बहुत कम है।

इससे एक अहम सवाल अनसुलझा रह जाता है। क्या AI से मिलने वाले मौके इतने बड़े होंगे कि वे पुरानी सर्विस (लेगेसी सर्विस) में होने वाली गिरावट की भरपाई कर सकें? ब्रोकरेज उन कंपनियों को प्राथमिकता देती है जो उनके फ्रेमवर्क पर अच्छा स्कोर करती हैं और काम को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं।

भारतीय IT सेक्टर को लेकर ब्रोकरेज अभी भी चुनिंदा रुख अपना रही हैं

UBS का यह आकलन CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ द्वारा भारतीय IT सेक्टर पर सावधानी भरा या चुनिंदा रुख अपनाने के कुछ दिनों बाद आया है। इन सभी ने AI के असर और मौजूदा कंपनियों व नई कंपनियों की संभावनाओं पर बार-बार चर्चा की है।

CLSA ने TCS, इंफोसिस और टेक महिंद्रा की रेटिंग को ‘होल्ड’ (बनाए रखें) और विप्रो व एमफेसिस की रेटिंग को ‘अंडरपरफॉर्म’ (कमज़ोर प्रदर्शन) कर दिया है, जबकि कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी मिड-टियर कंपनियों को प्राथमिकता दी है। उनका कहना है कि बड़ी IT कंपनियों को पुरानी मैनेज्ड सर्विस में AI के कारण गिरावट और मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि AI का वॉल्यूम अंततः FY30 तक इस गिरावट के असर की भरपाई कर सकता है। इसके बाद कोटक ने कहा कि IT शेयरों में हालिया निचले स्तर से 15-35 प्रतिशत की तेज़ी के बाद इस सेक्टर का रिस्क-रिवॉर्ड (जोखिम-लाभ) आकर्षक से बदलकर संतुलित हो गया है।

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CM Yogi: योगी सरकार का बड़ा ऐलान, यूपी में 6 महीने में 1 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा अपडेट दिया है। मंगलवार को लखनऊ में अपॉइंटमेंट लेटर वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि सरकार अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देगी। ये नियुक्तियां अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री के बताया, 2017 से अब तक राज्य में 9.3 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी रोजगार मिल चुका है। उन्होंने कहा कि इन भर्तियों में प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और बिना भेदभाव के चयन पर जोर दिया गया है।

6 महीने में मिलेंगे 1 लाख युवाओं को नौकरी

सीएम योगी ने कहा कि, “मैं प्रदेश के युवाओं को आश्वस्त कर रहा हूं कि अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। ये नियुक्ति पत्र अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह बांटे जाएंगे।” सीएम योगी ने कहा, “उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक उत्तर प्रदेश के 9.30 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखा गया है। इन नियुक्तियों में किसी तरह की अनियमितता या भेदभाव की गुंजाइश नहीं रखी गई है।”

पिछली सरकार पर साधा निशाना

सीएम योगी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, 2017 से पहले सरकारी भर्तियों में युवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोग पूरे प्रदेश में वसूली करते थे। योगी ने बिना किसी का नाम लिए ‘चाचा-भतीजा’ और ‘पूरा परिवार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पिछली व्यवस्था पर सवाल उठाए।

जीरो टॉलरेंस की नीति पर कर रही काम

उन्होंने कहा कि, ‘उस समय युवा भर्ती के नतीजों का इंतजार करते रह जाते थे और कई मामलों में अदालत को नियुक्तियों पर रोक लगानी पड़ती थी। इससे युवाओं का समय और मेहनत दोनों बर्बाद होते थे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘इसके लिए युवाओं को नहीं, बल्कि उस समय भर्ती व्यवस्था से जुड़े भ्रष्ट अधिकारियों, बोर्डों, आयोगों और नेताओं को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि ‘हमारी सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। साथ ही, नकल माफिया और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि युवाओं को बिना किसी भेदभाव के समय पर नौकरी दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।

Vodafone Idea Share : 1 महीने में 13% भाग चुके वोडा-आइडिया को मिली तेजी की एक और वजह, क्या अब भी स्टॉक में की जा सकती है खरीदारी?

Vodafone Idea Share Price : वोडाफोन (Vodafone Idea) आज के सत्र में बजिंग स्टॉक है। इस स्टॉक में आज हमें 5% तक की तेजी देखने को मिल रही है। इस स्टॉक की खास बात यह है कि यह बड़े मूव्स के लिए ही जाना जाता है। पिछले 1 महीने में इसमें तकरीबन 13% की तेजी देखने को मिली है। वहीं, 1 साल का चार्ट पर नजर डालें तो नजर आएगा कि इसमें इस अवधि में भी बड़े मूव्स देखने को मिले। स्टॉक के टर्निंग पॉइंट की बात करें तो जब यह शेयर 11 रुपए का अपना एफपीओ का भाव पार कर गया तो फिर इसने पलट कर नहीं देखा। अभी यह स्टॉक 15 रुपए के आसपास के काफी अच्छे लेवल्स पर है।

स्टॉक में क्यों आ रही तेजी?

वास्तव में Vodafone Idea में बहुत कुछ पॉजिटिव चल रहा है। इसी के चलते हमें इसमें काफी अच्छा प्राइस एक्शन देखने को मिल रहा है। एक तो मीडिया रिपोर्ट्स यह बता रही है कि SBI की तरफ से कंपनी को बहुत जल्द ही फंडिंग मिल जाएगी। Vodafone Idea के लिए दो चीजें काफी अहम थीं। फंड मिलने से कंपनी को विस्तार पर होने वाले खर्च की चिंता से मुक्ति मिल जाएगी। कंपनी अब जैसे-जैसे फंड रेज करती जाएंगी इसकी बैलेंस शीट काफी सुधरती जाएगी और केपेक्स की पोजीशन भी काफी अच्छी हो जाएगी।

ब्रोकरेज हाउसेज की तरफ से भी बहुत सारी ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं जिसमें बताया गया है कि फंडिंग के मोर्चे पर हुई यह प्रोग्रेस है स्टॉक के लिए बहुत की पॉजिटिव है। इसके अलावा कंपनी को प्रमोटर्स की तरफ से भी सपोर्ट दिया गया है। साथ ही एजीआर का रिलीफ भी मिल गया। कैपेक्स में कमी की वजह से कंपनी दूसरी कंपनियों की तुलना में बहुत पीछे छूट गई थी। लेकिन अब आप देखें तो स्थिति लगातार सुधरती जा रही है। मैनेजमेंट भी कंपनी को लेकर कॉन्फिडेंट दिख रहा है। कंपनी को अब जिस तरह से फंडिंग मिल रही है उससे कैपेक्स में बढ़त होती दिखेगी।

इसके अलावा कपंनी के सब्सक्राइबर एडिशन और ARPU के ट्रेंड में भी सुधार देखने को मिला है। सब्सक्राइबर्स और ARPU में लगातार सुधार जारी है। वोडा-आइडिया के सब्सक्राइबर ट्रेंड पर नजर डालें तो इसने फरवरी में 22,000 से ज्यादा, मार्च में 1.02 लाख से ज्यादा, अप्रैल में 53000 से ज्यादा, मई में 1.21 से ज्यादा और जून में 1.63 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर एडिशन किया।

एक बात ध्यान रखने की है की भारतीय Airtel के केस में ARPU में लगातार बढ़त देखने को मिली है और जब कोई बड़ा प्लेयर ये अपनी कीमतें बढ़ाता है तो दूसरे प्लेयर्स को भी इसका फायदा होता है। ऐसे में Vodafone Idea के पास भी अपने प्लान्स की कीमतें बढ़ाने का मौका होगा। ऐसे में आगे कंपनी ARPU में लगातार बढ़त की गुंजाइश रहेगी।

इन बातों को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज हाउस भी इस स्टॉक को लेकर बुलिश है। सिटी की तरफ से इस स्टॉक पर 17 रुपए का टारगेट प्राइस दिया गया है। हालांकि यह स्टॉक अब 5.50 फीसदी के गेन के साथ इन स्तरों के आसपास आ चुका है।

स्टॉक पर एक्सपर्ट की राय

Prudent Corporate के प्रदीप होतचंदानी का कहना है कि डेली चार्ट्स पर इस स्टॉक ने फ्रेश ब्रेकआउट कंफर्म किया है। अब इसका अगला मेजर टारगेट 17 रुपए के आसपास का है। इसी लेवल के आसपास इसक 500 हफ्ते का एवरेज भी है। यही इसका अगला टारगेट और रेजिस्टेंस भी है। अगर यह शेयर 17 रुपए को मजबूती के साथ क्रॉस कर लेता है तो फिर इसमें एक बड़ा ब्रेकआउट देखने को मिलेगा। लॉन्ग टर्म्स में इसमें और बड़े टारगेट आ सकते हैं। लेकिन अभी के लिए 17 रुपए का इनिशियल टारगेट लेकर चल सकते हैं। इसमें पिछले कुछ दिनों से कंसोलिडेशन का फेज था जहां से हमने ब्रेकआउट देखा है। अभी स्टॉक के लिए 14.20 रुपए के आसपास सपोर्ट दिख रहा है। इसी लेवल को स्टॉप लॉस रख के लॉन्ग पोजीशन होल्ड कर सकते हैं और फ्रेश खरीदारी भी कर सकते हैं।

 

निफ्टी और बैंक निफ्टी में सपोर्ट के पास गिरावट में खरीदारी की रणनीति करेगी काम, यह रियल्टी शेयर कर सकता है कमाल

 

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इजरायल में काकेशियन माफिया को सिर में सटाकर मार दी गोली, कौन था लक्जरी कारों का ये शौकीन क्राइम बॉस यानीस युशवाएव?

Caucasus Jewish Mafia: इजरायल के कैसरिया जंक्शन पर सोमवार को दिनदहाड़े एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। इजरायल में काकेशियन यहूदी माफिया का कथित सरगना 40 वर्षीय यानीस युशवाएव मारा गया। हमलावर ने बहुत पास से यानीस के सिर में पिस्टल सटाकर गोली मार दी।

माफिया वर्ल्ड से लेकर लग्जरी कारों के शौक तक, आइए जानते हैं कि इजरायल की पुलिस की नाक में दम करने वाला यह अंडरवर्ल्ड डॉन यानीस युशवाएव कौन था।

दिनदहाड़े पेट्रो स्टेशन पर प्वाइंट-ब्लैंक रेंज पर मारी गोली

सीसीटीवी फुटेज में कैद इस हत्याकांड की वारदात बेहद खौफनाक है। यानीस अपने दो साथियों के साथ कैसरिया जंक्शन स्थित एक पेट्रोल स्टेशन के बिजनेस आउटलेट से बाहर निकल रहा था। हुडी और कैप पहने एक नकाबपोश हमलावर पास आया और सीधे प्वाइंट-ब्लैंक रेंज से यानीस के सिर में गोली मार दी। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावर ने पुलिस से बचने के लिए चेहरे पर एक बेहद रियलिस्टिक सिलिकॉन ह्यूमन मास्क पहन रखा था।

कौन था यानीस युशवाएव?

ऑर अकीवा का रहने वाला 40 वर्षीय यानीस युशवाएव इजरायल के शरोन क्षेत्र में एक खौफनाक नाम बन चुका था। इजरायली मीडिया और पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह काकेशियन यहूदी संगठित अपराध गिरोह का कथित चीफ था। यानीस कई बड़े रेस्टोरेंट का मालिक था और बेंटले जैसी लग्जरी गाड़ियों में चलता था।

अक्टूबर में एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उसने माफिया होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था, ‘मैं एक लीगल बिजनेसमैन हूं, बेहद स्थापित हूं और बेंटले चलाता हूं। पुलिस को इसी बात से परेशानी होती है।’

गैंगवार, बम धमाके और दर्जनों गाड़ियों में आगजनी का आरोप

इजरायली पुलिस कई सालों से यानीस के पीछे पड़ी थी, लेकिन वह हर बार कानून के शिकंजे से बच निकलता था। नवंबर 2025 में कोर्ट की सुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उसे खूनी दुश्मनी में शामिल क्राइम गैंग का मुखिया बताया था।

साल 2023 में ऑर अकीवा और हाडेरा में एक ही महीने के भीतर दर्जनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था, जिसमें यानीस मुख्य संदिग्ध था। उस पर हडेरा के बड़े व्यापारियों के घरों और गाड़ियों पर गोलियां बरसाने, हैंड ग्रेनेड फेंकने और हत्या के प्रयास के दर्जनों केस दर्ज थे।

इसी साल फरवरी में जब वह मॉस्को से लौट रहा था, तब बेन गुरियन एयरपोर्ट से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, पर सबूतों के अभाव में कुछ ही दिनों में रिहा कर दिया गया।

पुलिस की जासूसी से भी हमेशा रहता था आगे

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यानीस को सजा दिलाना सबसे मुश्किल काम था। वह जानता था कि उसके फोन टैप किए जा रहे हैं, इसलिए वह कभी फोन पर संवेदनशील बात नहीं करता था। उसके गैंग के साथी पुलिस पूछताछ के दौरान कभी मुंह नहीं खोलते थे। करीब 10 साल पहले हाडेरा में एक शोक सभा के दौरान भी उस पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह गोली लगने से घायल हुआ था, लेकिन बच निकला।

सबूतों की कमी के चलते अदालत से बार-बार बरी होने वाले इस ‘काकेशियन क्राइम बॉस’ का अंत अदालत के बजाय गैंगवार की रंजिश में हुआ। यानीस युशवाएव की इस सनसनीखेज हत्या के साथ ही इजरायल के शरोन रीजन में जारी लंबे अंडरवर्ल्ड संघर्ष में एक नया और खतरनाक मोड़ आ गया है।

इन 5 आसान स्टेप्स को फॉलो करके पाएं, कोरियन लड़कियों जैसी ग्लास स्किन का सीक्रेट!

हर लड़की और महिलाएं आजकल ऐसी स्किन पसंद कर रही है, जिसमें बिना ज्यादा मेकअप के भी चेहरा फ्रेश और चमकदार दिखता है। लेकिन ग्लास स्किन पाने के लिए एक साथ बहुत सारे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। स्किन की जरूरत को समझकर सही स्किन केयर रूटीन अपनाना ज्यादा जरूरी है।

रोजाना की स्किन केयर में चेहरे की सही सफाई जैसी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जा सकता है। इससे स्किन को हेल्दी और फ्रेश बनाए रखने में मदद मिलती है। ग्लास स्किन के लिए लंबी-चौड़ी रूटीन की जरूरत नहीं होती, बल्कि सही चीजों को सही तरीके से और रेगुलर इस्तेमाल करना ज्यादा मायने रखता है।

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ग्लास स्किन के लिए आसान स्टेप्स

1. डबल क्लींजिंग

ग्लास स्किन रूटीन की शुरुआत चेहरे को अच्छी तरह साफ करने से करें। पहले ऑयल-बेस्ड क्लींजर से चेहरा साफ करें और उसके बाद किसी जेंटल वॉटर-बेस्ड क्लींजर का इस्तेमाल करें। इससे चेहरे पर जमा धूल-मिट्टी, एक्स्ट्रा ऑयल और मेकअप जैसी चीजें साफ करने में मदद मिलती है। चेहरा साफ होने के बाद बाकी स्किन केयर प्रोडक्ट्स लगाना आसान हो जाता है।

2. हाइड्रेटिंग टोनर

चेहरा धोने के बाद उसे पूरी तरह सुखाने के बजाय हल्का गीला रहने दें और फिर हाइड्रेटिंग टोनर लगाएं। टोनर को कॉटन से जोर-जोर से रगड़ने के बजाय हथेलियों से हल्के हाथों से चेहरे पर थपथपाकर लगाएं। इससे स्किन को मॉइस्चर मिलती है और चेहरा ज्यादा फ्रेश व सॉफ्ट फील हो सकता है।

3. जरूरत के हिसाब से सीरम

एक साथ कई सीरम लगाने के बजाय अपनी स्किन की जरूरत देखकर एक सीरम चुनें। यदि चेहरे पर ज्यादा ऑयल या पोर्स की परेशानी है, तो नायसिनामाइड वाला सीरम इस्तेमाल किया जा सकता है। स्किन को ब्राइट और ग्लोइंग दिखाने के लिए विटामिन C वाला सीरम बेस्ट हो सकता है। कम प्रोडक्ट इस्तेमाल करके भी रूटीन को आसान रखा जा सकता है।

4. सेरामाइड मॉइस्चराइजर

सीरम के बाद स्किन को मॉइस्चराइज करना बहुत जरुरी हैं। सेरामाइड वाला मॉइस्चराइजर स्किन में नमी बनाए रखने और स्किन बैरियर को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। इसे चेहरे और गर्दन पर हल्के हाथों से लगाएं। स्किन में अच्छी नमी बनी रहने से चेहरा ज्यादा सॉफ्ट और हेल्दी नजर आता है।

5. हर सुबह सनस्क्रीन

सुबह की स्किन केयर में सनस्क्रीन जरूर शामिल करें। धूप में ज्यादा रहने से स्किन पर टैनिंग और पिगमेंटेशन जैसी प्रॉब्लम बढ़ सकती हैं। इसलिए रोज SPF 50 वाला सनस्क्रीन लगाएं, चाहे आप घर पर हों या बाहर जा रही हों। लंबे समय तक धूप में रहना हो, तो जरूरत के हिसाब से सनस्क्रीन दोबारा लगाएं।

ग्लास स्किन पाने के लिए स्किन पर ढेर सारे प्रोडक्ट्स लगाने की जरूरत नहीं है। इन सभी बेसिक चीजों को रूटीन में शामिल करके भी आप ग्लोइंग स्किन पा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि स्किन केयर में कंसिस्टेंसी रखकर धीरे-धीरे स्किन को हेल्दी, मुलायम और नेचुरली ग्लोइंग बनाए रखने पर ध्यान दिया जा सकता है।

Salman Khan: कौन हैं बॉडी डबल परवेज काजी जिनकी तबीयत बिगड़ते ही बड़े भाई बन गए सलमान खान और सारी टेंशन अपने माथे ले ली?

बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान अपनी एक्टिंग के साथ-साथ अपनी दरियादिली के लिए भी जाने जाते हैं। सलमान खान ने अपने लंबे समय से साथ काम कर रहे बॉडी डबल परवेज काजी की तबीयत खराब होने पर उनकी मदद की है। रिपोर्ट के मुताबिक, परवेज की हाल ही में दिल से जुड़ी एक छोटी सर्जरी हुई है। इस दौरान सलमान ने बड़े भाई की तरह बॉडी डबल परवेज काजी की मदद की है। इस दौरान सलमान ने उनकी मेडिकल जरूरतों का ध्यान रखा और इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं में मदद की। परवेज लंबे समय से सलमान के साथ उनके कई प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके हैं।

सलमान खान ने की मदद

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बॉडी डबल परवेज 6 अगस्त को अपने घर पर बीमार पड़ गए थे। शुरुआत में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि उन्हें शूटिंग के दौरान हार्ट अटैक आया था, लेकिन उनके मैनेजर पीयूष ने बाद में साफ किया कि यह हेल्थ स्केयर फिल्म के सेट पर नहीं हुआ था। तबीयत बिगड़ने के बाद परवेज काजी ने डॉक्टर से संपर्क किया और जरूरी जांच कराई। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उनकी दिल से जुड़ी छोटी सर्जरी की गई। काजी की हालत की जानकारी मिलने पर सलमान खान ने भी उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई और इलाज से जुड़ी जरूरी मेडिकल व्यवस्था का ध्यान रखा।

छोटे भाई की तरह की मदद

रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान ने ये सुनिश्चित करने की कोशिश की कि काजी को समय पर सही इलाज और जरूरी देखभाल मिलती रहे। काजी के मैनेजर पीयूष के मुताबिक, सलमान खान ने खुद यह सुनिश्चित किया कि उनके इलाज के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा, “सलमान सर परवेज सर को छोटे भाई की तरह मानते हैं और उन्होंने तुरंत मदद की।” मैनेजर पीयूष ने बताया कि इलाज से जुड़े जरूरी इंतजाम किए जा रहे थे, उस दौरान सलमान खान भी उनके साथ मौजूद थे। फिलहाल परवेज काजी की सेहत में सुधार हो रहा है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार कुछ समय आराम करने के बाद वह दोबारा काम शुरू कर सकते हैं।

‘मॉन्स्टर’ की शूटिंग पर पड़ा असर

परवेज काजी की तबीयत खराब होने का असर सलमान खान की आने वाली फिल्म ‘मॉन्स्टर’ की शूटिंग पर भी पड़ा है। सलमान खान की फिल्म ‘मॉन्स्टर’ को वामशी पैडिपल्ली डायरेक्ट कर रहे हैं और दिल राजू इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग फिलहाल मुंबई में चल रही है और काजी के आराम करने की वजह से कुछ एक्शन सीन के शेड्यूल में बदलाव करना पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, काजी के पूरी तरह ठीक होने तक सलमान खान को फिल्म के कुछ एक्शन सीन खुद करने पड़ सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘मॉन्स्टर’ ईद 2027 के आसपास रिलीज हो सकती है।

इस फिल्म में आएंगे नजर

सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। उनकी फिल्मों की लिस्ट में एक्शन फिल्म ‘मॉन्स्टर’ के साथ ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ भी शामिल है। अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म 2020 में भारत-चीन के बीच हुए गलवान घाटी संघर्ष की कहानी पर आधारित है। इसे 2026 में रिलीज करने की योजना थी, लेकिन सर्टिफिकेशन और अन्य कारणों से इसकी रिलीज टल गई। अब दर्शकों को फिल्म की नई रिलीज डेट की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

परवेज काजी लंबे समय से सलमान खान के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने सलमान की कई चर्चित फिल्मों में उनके बॉडी डबल की भूमिका निभाई है। इनमें प्रेम रतन धन पायो, सुल्तान, टाइगर जिंदा है, रेस 3, भारत, दबंग 3 और राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई जैसी फिल्में शामिल हैं।

निफ्टी और बैंक निफ्टी में सपोर्ट के पास गिरावट में खरीदारी की रणनीति करेगी काम, यह रियल्टी शेयर कर सकता है कमाल

बाजार में कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा है। 11.10 बजे के आसपास सेंसेक्स 147.21 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 77,221.90 पर और निफ्टी 72.95 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 24,146.10 पर कारोबार कर रहा था। मेटल ,IT और डिफेंस शेयर बाजार पर दबाव बना रहे हैं। ऑटो रियल्टी और सीमेंट में भी कमजोरी है। हालांकि कैपिटल मार्केट शेयरों में खरीदारी आई है। फर्टिलाइजर शेयरों में जोरदार एक्शन देखने को मिल रहा है। FACT,मद्रास फर्टिलाइजर और RCF में 5 से 13 फीसदी तक की दमदार तेजी देखने को मिली है। NFL और चंबल जैसे दूसरे फर्टिलाइजर शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिल रही है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत को फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ाने के भरोसे के बाद इन शेयरों का जोश बढ़ा है।

10 फीसदी डिस्काउंट में OFS आने के चलते हिंदुस्तान कॉपर में 7 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। मार्केट रेगुलेटर सेबी से फ्रॉड और गड़बड़ी के आरोपों के मामले में क्लीन चिट मिलने से मैक्स फाइनेंशियल में भी तेजी है। यह शेयर एक फीसदी से ज्यादा ऊपर दिख रहा है। साथ ही LIC,न्यू इंडिया इंश्योरेंस और SBI LIFE में भी हल्की बढ़त है।

बाजार पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि अगर हम निफ्टी की बात करें तो पिछले कुछ दिनों से यहां पर थोड़ा सा साइडवेज टू नेगेटिव मोमेंटम रहा है। अच्छी बात ये है कि पिछले दो-तीन दिनों में निफ्टी ने 24100 पर एक सपोर्ट लिया और यहां से थोड़ी रिकवरी दिखाने की कोशिश की है। निफ्टी के लिए 24100 का लेवल अब मेक और ब्रेक लेवल बन गया है। अगर यह लेवल तो दिक्कतें बढ़ सकती है। हाल में इसमें थोड़ी रिकवरी आई है लेकिन अगर हम इंट्राडे मूवमेंट की बात करें तो मार्केट थोड़ा सा ड्रैग डाउन कर रहा है। ऊपर की तरह 24350 पर स्थित 200 डेमा निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस है। उसके ऊपर निकलने पर ही नई तेजी आएगी।

इस समय बाजार 24100-24300 की एकदम टाइट रेंज में है। निफ्टी समय काफी अच्छे सपोर्ट के पास है। इसको ध्यान में रखते हुए अभी भी गिरावट पर खरीदारी की सलाह होगी। निफ्टी में कोई डिप मिलने पर 24100 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी की जा सकती है। अगर निचले लेवल से 100-1010 पॉइंट की इंट्राडे बढ़त मिले तो वहां पर मुनाफा बांधना चाहिए।

Market Trend : बाजार में कमजोरी कायम, शॉर्ट टर्म में अच्छे रिटर्न के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

बैंक निफ्टी व्यू

इसी तरह बैंक निफ्टी भी अपने अहम मूविंग एवरेजेज के आसपास ही है। यहां पर भी मोमेंटम थोड़ा सा कमजोर है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000 का लेवल मेक ऑर ब्रेक लेवल है। जब तक 57,000 का स्तर कायम है बैंक निफ्टी में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह होगी। लेकिन ओवरऑल नजरिए से देखें तो मार्केट में मोमेंटम गायब है।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए अमित सेठ ने कहा कि इस समय रियलस्टेट सेक्टर काफी अच्छा लग रहा है। यहां पर एक-डेढ़ महीने पहले एक स्ट्रांग अप ट्रेंड देखने को मिला था। उसके बाद यह सेक्टर थोड़ा सा पुलबक मोड में चला गया था। चार्ट्स देख कर लग रहा है कि इस सेक्टर के अधिकांश स्टॉक्स में पुलबैक पूरा हो चुका और यह सेक्टर फिर से तेजी के लिए तैयार है। इस सेक्टर में गोदरेज प्रॉपर्टीज काफी अच्छा लग रहा है। इस स्टॉक ने पुलबैक में लगभग 50 डेमा के आसपास एक अच्छा सपोर्ट बेस बनाया और कल के सत्र में इसने एक बार फिर 10 और 20 डेमा क्रॉस कर लिया। यह स्टॉक अच्छा-खासा रिवर्सल दिखा रहा है। इंट्राडे में कोई भी गिरावट आती है तो भी गोदरेज प्रॉपर्टीज में 2040 रुपए के आसपास, 2020 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 2080 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

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