जेपी मॉर्गन ने Nifty 50 के लिए 27000 का टारेगट दिया, भारतीय शेयर बाजार के बुरे दिन खत्म

शेयर बाजार में आने वाली तेजी को लेकर क्या आपके मन में संदेह है? अगर हां तो आपको जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट पर गौर करने की जरूरत है। जेपी मॉर्गन ने निफ्टी 50 के लिए 27,000 का टारगेट बताया है। उसका मानना है कि वैल्यूएशन में इम्प्रूवमेंट है। साध ही घरेलू इकोनॉमी से जु़ड़े बेहतर डेटा की वजह से भारतीय शेयर बाजार फिर से अट्रैक्टिव हो गया है।

भारतीय बाजार के लिए ग्लोबल रिस्क बरकरार

जेपी मॉर्गन में इंडिया इक्विटी रिसर्च के हेड संजय मोकिम ने ग्लोबल स्थितियों खासकर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा रिस्क बताया है। उनका मानना है कि इससे भारतीय शेयर बाजार में तेजी पर असर पड़ सकता है। इसका असर भारत में विदेशी निवेशकों के निवेश पर भी पड़ सकता है।

घरेलू स्थितियां बाजार में तेजी के लिए अनुकूल

मोकिम ने कहा कि इंडिया की इकोनॉमी की स्थितियां शेयर बाजार के लिए अनुकूल हैं। अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। वैल्यूएशंस खासकर लार्जकैप शेयरों की वैल्यूएशन कम हुई है। उन्होंने कहा, “भारतीय शेयरों में वैल्यू ट्रेड पिछले तीन सालों के मुकाबले अब बेहतर हैं।” उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव से भी स्थिति अनुकूल हुई है।

निवेशक फिर से भारतीय बाजार को लेकर उत्साहित

उन्होंने कहा कि नॉर्थ एशियन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव और भारत में लार्जकैप शेयरों की सही वैल्यूएशंस से इनवेस्टर्स एक बार फिर भारत में निवेश को लेकर उत्साहित हैं। हालांकि, उनका मानना है कि भारतीय बाजारों में विदेशी निवेश तुरंत बढ़ने नहीं जा रहा है। उनका मानना है कि वैश्विक स्थितियों को लेकर ज्यादा चिंता है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल से डॉलर का विकल्प मिला

मोकिम ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बारे में कहा कि इसके बढ़ने से निवेशकों के पास अपेक्षाकृत सुरक्षित डॉलर एसेट्स का एक विकल्प मिल गया है। उन्होंने कहा, “जब 10 साल के बॉन्ड्स की यील्ड इस लेवल पर हैं तो आपको इमर्जिंग मार्केट्स एसेट्स में निवेश करने की क्या जरूरत है।” उन्होंने भारत में आईपीओ, क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट्स (QIP) और ब्लॉक डील्स का भी जिक्र किया।

आआईपीओ, क्यूआईपी और ब्लॉक डील में काफी पैसा जा रहा

उन्होंने कहा कि आईपीओ, क्यूआईपी और ब्लॉक डील में काफी पैसा जा रहा है। अभी बाजार में नए शेयरों की सप्लाई म्यूचुअल फंड्स में हर महीने होने वाले निवेश के मुकाबले ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इसका असर छोटी अवधि में लिक्विडिटी पर पड़ेगा। लेकिन, मीडियम टर्म में यह अच्छा है, क्योंकि इससे बाजार का दायरा बढ़ेगा और निवेश के नए मौके बनेंगे।

अंडे अच्छी तरह पकाने को कहा था, टेबल पर मिला ऐसा नोट कि परिवार ने खाना ही छोड़ दिया!

इटली के एक रेस्टोरेंट में नाश्ता करने पहुंचे परिवार के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की होगी। एक महिला ने बस इतना कहा था कि उसके स्क्रैम्बल्ड एग्स अच्छी तरह पकाए जाएं। लेकिन खाने के ऑर्डर से जुड़ा एक कथित निजी नोट गलती से ग्राहकों की नजर में आ गया। नोट में लिखी आपत्तिजनक बात पढ़कर परिवार ने अंडे खाने से ही इनकार कर दिया। मामला बढ़ा तो रेस्टोरेंट मैनेजमेंट को सामने आकर माफी मांगनी पड़ी और संबंधित कर्मचारी पर भी कार्रवाई की गई। इसके बाद घटना सोशल मीडिया तक पहुंच गई, जहां लोगों ने इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।

दिलचस्प बात यह है कि रेस्टोरेंट ने बाद में इसी विवाद पर एक मजाकिया वीडियो भी पोस्ट कर दिया, जिससे मामला और चर्चा में आ गया। अब सवाल यह है कि आखिर उस नोट में ऐसा क्या लिखा था और रेस्टोरेंट ने इस पूरे विवाद पर क्या सफाई दी?

रसोई के लिए लिखा संदेश पहुंच गया ग्राहक की टेबल तक

यह मामला 19 अगस्त को इटली के लोकप्रिय रिसॉर्ट शहर रिक्चोने के Victor Lab रेस्टोरेंट का बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑर्डर में अंडों को अच्छी तरह पकाने और सलाद न देने की बात लिखी गई थी।लेकिन ऑर्डर के नीचे कथित तौर पर वेटर ने रसोई के लिए एक बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी लिख दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोट में लिखा था कि “इस महिला ने मुझे परेशान कर दिया है… अंडे जला दो और उनमें थूक दो।” Toxic (3)

नोट पढ़ते ही परिवार ने खाने से किया इनकार

परिवार ने जब कथित संदेश देखा तो उन्होंने अंडे खाने से मना कर दिया। उन्होंने रेस्टोरेंट स्टाफ से इस बारे में सवाल किया। इसके बाद रेस्टोरेंट के डायरेक्टर ने मामले में दखल दिया और परिवार से माफी मांगी। बताया गया कि संबंधित आइटम बिल से हटा दिए गए और अतिरिक्त खाना देने की पेशकश भी की गई, लेकिन परिवार वहां से चला गया।

मामला सोशल मीडिया तक पहुंचा

परिवार ने कथित ऑर्डर की तस्वीर के साथ रेस्टोरेंट को लेकर नकारात्मक समीक्षा भी पोस्ट की। इसके बाद यह अजीबोगरीब घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर ग्राहक के लिए रसोई में लिखा गया निजी संदेश टेबल तक पहुंचा कैसे।

रेस्टोरेंट ने कर्मचारी को हटाया

रेस्टोरेंट मैनेजमेंट ने संदेश को अनुचित बताते हुए माफी मांगी। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, संबंधित कर्मचारी एक युवा कर्मचारी था, जो वहां कुछ ही हफ्तों से काम कर रहा था। रेस्टोरेंट के मालिक ने बताया कि उसे तुरंत सर्विस से हटा दिया गया।

मैनेजमेंट ने यह भी स्पष्ट किया कि खाने में वास्तव में किसी तरह की गंदगी मिलाने का कोई सबूत नहीं था। रेस्टोरेंट ने अपने ओपन किचन का हवाला देते हुए भी कहा कि ऐसी हरकत वहां आसानी से छिप नहीं सकती थी।

माफी मांगने के लिए बनाई वीडियो, फिर बढ़ा विवाद

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। रेस्टोरेंट ने बाद में सोशल मीडिया पर एक मजाकिया वीडियो शेयर किया, जिसमें अच्छी तरह पके अंडों की मांग को लेकर उसी घटना का मजाकिया अंदाज में जिक्र किया गया। वीडियो में मालिक ग्राहक से मजाक में पूछता नजर आया कि अंडे “उस चीज के साथ या बिना” चाहिए।रेस्टोरेंट ने लोगों से यह सवाल भी पूछा कि युवा कर्मचारी को नौकरी से निकालना चाहिए या उसे दूसरा मौका मिलना चाहिए।

ग्राहक ने कहा- मजाक उड़ाया जा रहा है

इस वीडियो से संबंधित महिला नाराज हो गई। एक स्थानीय रिपोर्ट में उसने कहा कि वह घटना से वास्तव में परेशान हुई थी और रेस्टोरेंट की सोशल मीडिया पोस्ट उसे मामले को हल्का बनाती हुई लगी। उसने यह भी बताया कि विवाद वायरल होने के बाद उसे ऑनलाइन आपत्तिजनक और नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। वहीं, रेस्टोरेंट का कहना था कि वीडियो का मकसद ग्राहक का मजाक उड़ाना नहीं, बल्कि माफी मांगते हुए माहौल को शांत करना था।

एक प्लेट अंडे से शुरू हुआ बड़ा विवाद

जो मामला एक साधारण नाश्ते और अच्छी तरह पके अंडों की मांग से शुरू हुआ था, वह देखते ही देखते वेटर के नोट, ग्राहक की नाराजगी, कर्मचारी पर कार्रवाई और सोशल मीडिया विवाद में बदल गया। अब इंटरनेट पर यह बहस भी चल रही है कि युवा कर्मचारी को सख्त सजा मिलनी चाहिए या गलती मानकर उसे दूसरा मौका दिया जाना चाहिए।

पाकिस्तान ने LoC पर तैनात किए तुर्की के ‘घातक’ Bayraktar TB2 ड्रोन, जानें कितने खतरनाक है ये

Pak Bayraktar Drones Near LoC: भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी पर एक बार फिर तनाव गहराता दिख रहा है। शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि पाकिस्तानी सेना ने भारत से सटी अपनी पश्चिमी सीमा पर तुर्की में बने Bayraktar TB2 ड्रोन की गश्त काफी बढ़ा दी है।

मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सैन्य संघर्ष के बाद से ही दोनों देश अपनी सीमाओं पर ड्रोन और UAV का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। लेकिन एलओसी के बेहद करीब तुर्की के इस कॉम्बैट-प्रूवन ड्रोन का देखा जाना भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

क्यों खतरनाक है तुर्की का Bayraktar TB2 Drone?

बायराकतार टीबी2 केवल एक सामान्य जासूसी ड्रोन नहीं है, बल्कि यह एक मीडियम-एल्टीट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस स्ट्राइक-सक्षम यूएवी है। इसमें लगे इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सेंसर पैकेजेस रियल-टाइम इमेजरी भेजते हैं। इससे पाकिस्तानी ऑपरेटर्स भारतीय सीमा के दुर्गम इलाकों, सैन्य हलचल और पोस्टों की विस्तृत मैपिंग कर सकते हैं।

यह ड्रोन सिर्फ रेकी नहीं करता, बल्कि प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों से हमला करने में भी सक्षम है। यानी जासूसी के लिए उड़ने वाला ड्रोन जरूरत पड़ने पर तुरंत स्ट्राइक मिशन में बदला जा सकता है।

मुरीद एयरबेस बना ड्रोन ऑपरेशन्स का मुख्य अड्डा

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान अपने ड्रोन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 3 प्रमुख ठिकानों का इस्तेमाल कर रहा है:

मुरीद एयरबेस (चकवाल): यह पाकिस्तान का मुख्य यूएवी हब बन चुका है, जहां से TB2 ड्रोन संचालित हो रहे हैं।

नूर खान एयरबेस (चकाला, रावलपिंडी): यह रावलपिंडी के पास पाकिस्तान का प्रमुख सैन्य विमानन केंद्र है।

रहीम यार खान एयरबेस: यह पाकिस्तान के दक्षिणी सेक्टर में फॉरवर्ड ऑपरेशन्स बेस के रूप में काम करता है।

खुफिया इनपुट यह भी बताते हैं कि पाकिस्तान ने मुजफ्फराबाद और कोटली (PoJK) के आसपास ग्राउंड-कंट्रोल इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबाइल लॉन्च सिस्टम तैनात किए हैं। इससे ड्रोन का ट्रांजिट टाइम घट जाता है और वे भारतीय सीमा के पास ज्यादा देर तक मंडरा सकते हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बदला सीमा का माहौल

मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव के दौरान भी पाकिस्तान ने टोही, आत्मघाती ड्रोन और सशस्त्र यूएवी का भारी इस्तेमाल किया था। उस दौरान भारतीय सेना ने मुरीद, चकाला और रहीम यार खान समेत कई पाकिस्तानी एयरबेस को निशाना बनाकर उनके ड्रोन नेटवर्क को करारा जवाब दिया था।

भारत का ‘काउंटर-ड्रोन’ सुरक्षा कवच तैयार

पाकिस्तानी ड्रोनों की इस नई हलचल का मुकाबला करने के लिए भारतीय रक्षा बलों ने सीमा पर अपनी सुरक्षा ग्रिड को बेहद मजबूत कर लिया है। एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के संवेदनशील इलाकों में स्वदेशी और आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात की गई है। रात और खराब मौसम में भी सीमा पार की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोनों को हवा में ही जाम करने या मार गिराने के लिए त्वरित एक्शन ग्रिड सक्रिय है।

Tempsens में लिस्टिंग पर हो जाएगा पैसा डबल! ग्रे मार्केट से मिल रहे ये संकेत

Tempsens Listing: आईपीओ को 184 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स के शेयरों की लिस्टिंग का इंतजार है। ग्रे मार्केट से बात करें तो इसके शेयरों की लिस्टिंग को लेकर ऐसे शानदार संकेत मिल रहे हैं कि आईपीओ निवेशकों का पैला लिस्टिंग पर ही डबल हो जाएगा। ग्रे मार्केट में इसकी GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹300 यानी 100% है यानी कि आईपीओ निवेशकों को पैसा डबल हो सकता है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी की कारोबारी सेहत और लिस्टिंग के दिन मार्केट की परिस्थिति पर निर्भर रहेगा। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹300 के भाव पर जारी हुए हैं। इसका अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है जिसका स्टेटस बीएसई या रजिस्ट्रार केफिनटेक की साइट पर देख सकते हैं, जिसका स्टेपवाइज प्रोसेस नीचे दिया जा रहा है।

BSE की साइट पर ऐसे करें चेक

https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx, इस लिंक पर जाएं।

इश्यू टाइप ‘Equity’ चुनें। इश्यू नाम Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर या पैन भरें।

फिर I’m not a robot पर क्लिक करें।

सर्च पर क्लिक करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

रजिस्ट्रार की साइट पर ऐसे करें स्टेटस चेक

https://ipostatus.kfintech.com/, लिंक पर क्लिक करें।

सेलेक्ट आईपीओ पर क्लिक करके Tempsens चुनें।

एप्लीकेशन नंबर, डीमैट अकाउंट या पैन में से कोई भी चुनें। फिर जो विकल्प चुना है, उसके मुताबिक डिटेल्स दें। जैसे कि पैन चुना है तो पैन भरें।

सबमिट करें।

शेयरों का अलॉटमेंट स्टेटस स्कीन पर दिखने लगा कि कितने शेयर अलॉट हुए।

Tempsens IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

टेंपसेंस का ₹650 करोड़ का आईपीओ 20-24 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 184.22 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 302.88 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 61.00 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 124.95 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹95 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹4 की फेस वैल्यू वाले 1.85 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹18.13 करोड़ कर्ज हल्का करने कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹55.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹14.18 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹50.65 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Tempsens के बारे में

टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स फैक्ट्रियों और बड़ी इंडस्ट्रीज के लिए तापमान से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। यह तापमान नापने वाले सेंसर, मशीनों/प्रोसेस को गर्म करने वाले हीटर और खास तरह के इंडस्ट्रियल केबल बनाती है। मार्च 2026 में टेंपरेचर सेंसर सेगमेंट में इसकी करीब 10.5% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू के हिसाब से यह देश में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट टेंपरेचर सेंसर बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है तो इलेक्ट्रिकल हीटर्स के मामले में सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। यह MRO (मेटेंनेंस, रिपेयर एंड ऑपरेशंस) का भी काम देखती है। इसका कारोबार भारत के अलावा 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 32% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.07 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹455.86 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹77.95 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹465.16 करोड़ पड़े थे।

Shankesh Jewellers में 7% का उछाल, लिस्टिंग पर एक क्लाइंट ने खरीदी 1.57% होल्डिंग तो नोमुरा सिंगापुर ने बेचे पूरे शेयर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भारत की डिजिटल ताकत का नया मुकाम! इन 11 देशों में पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट

भारत का UPI पिछले कुछ सालों में लोगों की रोज की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। चाय की दुकान से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, कुछ सेकंड में पेमेंट करने की सुविधा ने डिजिटल पेमेंट को काफी आसान बना दिया है। अब इसकी पहुंच सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे दूसरे देशों में भी बढ़ रही है। ऐसे में विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए भी UPI एक सुविधाजनक पेमेंट ऑप्शन बनता जा रहा है।

UPI की बढ़ती पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसके बढ़ते इस्तेमाल से लगाया जा सकता है। जुलाई 2026 में इसके जरिए बड़े लेवल पर ट्रांजैक्शन हुए और अब इसकी इंटरनेशनल पहुंच 11 देशों तक हो गई है। ग्रीस और मालदीव के जुड़ने के बाद यह विस्तार और खास हो गया है।

 upi1

1. दुनियाभर में बढ़ी UPI की पहचान

पिछले करीब एक दशक में UPI का इस्तेमाल लगभग 12,000 गुना बढ़ा है। अब यह भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का एक जरुरी भाग बन चुका है। इसकी पॉपुलैरिटी सिर्फ भारत तक नहीं है, बल्कि दूसरे देशों में भी लोग इसे पेमेंट के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में दुनियाभर में हुए रियल-टाइम पेमेंट ट्रांजैक्शन में UPI की हिस्सेदारी करीब 49% थी।

2. 11 देशों तक पहुंचा UPI

UPI अब भारत के अलावा 11 देशों में क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट की फैसिलिटी दे रहा है। भूटान, नेपाल, सिंगापुर, UAE और फ्रांस के साथ श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव भी इस लिस्ट में शामिल हैं। ग्रीस और मालदीव UPI से जुड़ने वाले सबसे नए देश हैं। इससे विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए डिजिटल पेमेंट का एक आसान ऑप्शन बढ़ा है।

3. UPI में जुड़े नए फीचर्स

2020 से 2022 के बीच UPI में कई नए बदलाव किए गए। UPI AutoPay की मदद से EMI और दूसरे नियमित पेमेंट आसान हुए, जबकि UPI 123PAY से फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों को भी डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिली। इसी दौरान UPI Lite आया और बाद में क्रेडिट कार्ड को UPI से जोड़ने का ऑप्शन भी दिया गया। इस दौरान भूटान में UPI की इंटरनेशनल शुरुआत भी हुई।

4. इजी और सिक्योर पेमेंट

2024 में UPI Circle जैसे फीचर की शुरुआत हुई, जिससे कोई भी लिमिट के अंदर दूसरे व्यक्ति को अपने UPI अकाउंट से पेमेंट करने की परमिशन दे सकता है। टैक्स पेमेंट और UPI से जुड़े दूसरे ट्रांजैक्शन की लिमिट में भी बदलाव किए गए। इसके बाद 2025 में ऑन-डिवाइस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और फेस बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन जैसे ऑप्शन जोड़े गए। इन चेंज का मकसद UPI को लोगों के लिए ज्यादा आसान, सुविधाजनक और सिक्योर बनाना है।

UPI की बढ़ती पहुंच से साफ है कि भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम अब देश की बॉर्डर से आगे भी पहचान बना रहा है। नए देशों और नए फीचर्स के जुड़ने से लोगों के लिए पेमेंट करना आसान और कनविनिएंट हो रहा है। आने वाले समय में UPI की पहुंच और बढ़ने की उम्मीद है।

इस शेयर ने सिर्फ साढ़े पांच साल में पैसा 22 गुना किया, जानिए किस शेयर ने किया यह कमाल

अगर किसी कंपनी के शेयर की कीमत 5-6 साल में 22 गुनी हो जाए तो इनवेस्टर को कैसा लगेगा? हम सीजी पावर के शेयरों की बात कर रहे हैं। अगर आपने इस शेयर में जनवरी 2021 में एक लाख रुपये का निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 22 लाख रुपये हो गया होता। सिर्फ सीजी पावर ही नहीं, चोलामंडलम इनवेस्टमेंट ग्रुप की दूसरी कंपनियों के शेयरों ने भी इस दौरान निवेशकों का पैसा कई गुना कर दिया है।

नए चेयरमैन के कमान संभालने के बाद शेयरों ने किया कमाल

वेलियन सुब्बैया (Vellayan Subbiah) ने इस ग्रुप की कमान 20 नवंबर 2020 को संभाली थी। वह चोलामंडल इनवेस्टमेंट के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन बने थे। उसके बाद से ग्रुप की कंपनियों के शेयरों ने कमाल किया है। वह चोलामंडलम इनवेस्टमेंट के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन हैं, सीजी पावर के चेयरमैन हैं और Tube Investments के वाइस-चेयरमैन हैं। उनके समूह का नेतृत्व संभालने के बाद से इन कंपनियों के शेयरों को पंख लग गए हैं।

सीजी पावर के शेयर की कीमत साढ़े पांच साल में 22 गुनी 

CG Power के शेयर की औसत कीमत जनवरी 2021 में 39.32 रुपये थी। 26 अगस्त को इस शेयर की कीमत 1 बजे 872 रुपये चल रही थी। इसका मतलब है कि साढ़े पांच साल में इस शेयर का भाव 22 गुना हो गया है। अगर आपने इस शेयर में जनवरी 2021 में 5 लाख रुपये निवेश किया होता तो आज आपके पास एक करोड़ रुपये से ज्यादा होते।

इस शेयर ने जनवरी 2021 में निवेश करने वालों को किया मालामाल

Cholamandalam Investment के शेयर का एवरेज प्राइस जनवरी 201 में 394.77 रुपये था। आज इस शेयर का प्राइस 1878.70 रुपये है। इसका मतलब है कि इस दौरान इस शेयर का प्राइस 4.76 गुना हो गया है। इस शेयर ने भी सिर्फ साढ़ें पांच साल में निवेशकों का पैसा करीब पांच गुना कर दिया है। यह रिटर्न तब है जब बीते 1.5-2 साल से शेयर बाजार का प्रदर्शन काफी कमजोर है।

ट्यूब इनवेस्टमेंट्स ने भी साढ़े पांच साल में निवेशकों का पैसा 3.7 गुना किया

Tube Investments के शेयर की औसत कीमत जनवरी 2021 में 771 रुपये थी। आज इस शेयर की कीमत 2,876 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर ने इस दौरान निवेशकों का पैसा 3.7 गुना कर दिया है। जनवरी 2021 में इन तीनों कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 54,800 करोड़ रुपये था। आज यह बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। ऐसा जोरदार रिटर्न देने वाले शेयरों की संख्या बहुत कम है।

26 अगस्त को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दिखा दबाव 

26 अगस्त को शेयर बाजारों पर दबाव देखने को मिला। निफ्टी 1 बजे 0.27 फीसदी यानी 65 अंक गिरकर 24,270 रुपये पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.04 फीसदी यानी 29 अंक गिरकर 77,632 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में तेजी देखने को मिली। यह सूचकांक 0.71 फीसदी मजबूत था।

CTET Exam Postponed 2026: सीबीएसई ने टाली सीटेट परीक्षा और फिर से खोली आवेदन विंडो, अब 01 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन

CTET Exam Postponed 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 22वें केंद्रीय शिक्षक अर्हता परीक्षा (CTET) को टाल दिया है। साथ ही, बोर्ड ने सीटेट परीक्षा के लिए आवेदन विंडो फिर से खोल दी है। इससे उन उम्मीदवारों को आवेदन करने का एक और मौका मिल गया है जो पहले पंजीकरण नहीं कर पाए थे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अब 1 सितंबर, 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं।

सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, योग्य शिक्षकों के लिए जरूरी शिक्षक अर्हता परीक्षा (TET) क्वालिफिकेशन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए आवेदन विंडो फिर से खोली गई है। बोर्ड ने कहा कि यह अतिरिक्त मौका इसलिए दिया गया है ताकि योग्य शिक्षकों के पास क्वालिफिकेशन की जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय हो। सीबीएसई 22वां सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) आयोजित कर रहा है। अब तक सीटेट के कुल 21 संस्करण हो चुके हैं। सीटेट के 21वें संस्करण का रिजल्ट 30 मार्च को घोषित किया गया था।

सीबीएसई ने अपने आधिकारिक नोटिस में कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने योग्य शिक्षकों को तय टीईटी योग्यता हासिल करने की कानूनी जरूरत को पूरा करने के लिए एक सही मौका देने की जरूरत पर जोर दिया है। इसे देखते हुए और उम्मीदवारों के व्यापक हित में, यह तय किया गया है कि 25 अगस्त से 1 सितंबर, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन पोर्टल खोलकर उन सभी योग्य उम्मीदवारों को एक मौका दिया जाए जो पहले की आवेदन विंडो का फायदा नहीं उठा सके थे।” 22वें सीटेट का नोटिफिकेशन 8 मई को जारी किया गया था, और ऑनलाइन आवेदन 11 मई से 10 जून तक लिए गए थे।

सीटेट 2026 परीक्षा कब होगी?

आवेदन विंडो फिर से खुलने के साथ, कैंडिडेट सीटेट परीक्षा की संशोधित तारीख भी जानना चाहते हैं। सीबीएसई ने कहा है कि 1 सितंबर को एप्लीकेशन पोर्टल बंद होने के बाद परीक्षा की बदली हुई तारीख बताई जाएगी। बता दें, यह परीक्षा पहले सितंबर में होने वाली थी।

ICSI CS Toppers 2026: जून सत्र के सीएस प्रोफेशनल रिजल्ट में खुशी अग्रवाल और सानिया समीर खान रहीं नंबर 1, दूसरे और तीसरे स्थान पर भी लड़कियों का कब्जा

पहले डॉल्फिन को साइकिल से बांधा, फिर बनाने लगा रील! वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचा दिया बवाल

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में एक शख्स कथित तौर पर गंगा नदी की डॉल्फिन को साइकिल से बांधकर उसके साथ रील बनाता नजर आ रहा है। फुटेज सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए वन्यजीवों के साथ इस तरह के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। दावा किया जा रहा है कि मामला बिहार का है और वीडियो में दिख रहा व्यक्ति डॉल्फिन के साथ रील बना रहा था। घटना से जुड़े एक अन्य वीडियो को लेकर डॉल्फिन के मृत होने की बात भी कही जा रही है।

हालांकि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पहले जिंदा नजर आई डॉल्फिन

वायरल पोस्ट में दो वीडियो का जिक्र है। पहले फुटेज में डॉल्फिन जिंदा दिखाई देती है और कथित तौर पर उसे साइकिल से बांधा गया है। इसके बाद सामने आए दूसरे वीडियो में वही जानवर मृत नजर आने का दावा किया गया है। इस दौरान शख्स के उसके साथ रील बनाने की बात कही जा रही है।

तेल निकालने के लिए पकड़ने का भी दावा

सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि यह घटना बिहार की है और इसमें नेटालाल कुमार नाम के एक व्यक्ति का कथित तौर पर शामिल होना बताया जा रहा है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि डॉल्फिन को कथित रूप से उसका तेल निकालने के लिए पकड़ा गया था और बाद में घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला गया।

‘रील के लिए लुप्तप्राय जीव को क्यों बनाया कंटेंट?’

वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स ने सवाल उठाया कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकेंड की लोकप्रियता के लिए किसी दुर्लभ वन्यजीव के साथ इस तरह का व्यवहार कैसे किया जा सकता है। कई लोगों ने बिहार पुलिस और वन विभाग से मामले की जांच कर दोष साबित होने पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

गंगा डॉल्फिन को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

गंगा नदी की डॉल्फिन एक लुप्तप्राय प्रजाति है और इसके संरक्षण को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि दुनिया में इनकी संख्या करीब 5,000 ही रह गई है। ऐसे में एक डॉल्फिन की कथित मौत ने संरक्षण को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

यूजर्स ने पुलिस और वन विभाग को किया टैग

मामले को लेकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बिहार पुलिस, पर्यावरण मंत्रालय और वन्यजीव संरक्षण संगठनों को टैग किया। एक यूजर ने मांग की कि अगर किसी व्यक्ति ने जानबूझकर संरक्षित जीव को नुकसान पहुंचाया है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

कानूनी कार्रवाई की उठी मांग

कुछ यूजर्स ने दावा किया कि भारत में गंगा डॉल्फिन को कानूनी संरक्षण प्राप्त है और इसे नुकसान पहुंचाने पर जेल व जुर्माने का प्रावधान है। हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है। इसलिए घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

Kriti Sanon Raksha Bandhan Ad Row: रक्षाबंधन के ऐड पर मचा बवाल! तो ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने हटाया विज्ञापन, कृति सेनन के बचाव में उतरे राहुल गांधी

Shankesh Jewellers में 7% का उछाल, लिस्टिंग पर एक क्लाइंट ने खरीदी 1.57% होल्डिंग तो नोमुरा सिंगापुर ने बेचे पूरे शेयर

Shankesh Jewellers Share Price: आईपीओ को ढाई गुना से अधिक बोली मिलने के बाद शंकेश ज्वैलरी के शेयरों का लिस्टिंग के दिन बड़ा लेन-देन हुआ। करीब 11% के लिस्टिंग गेन के बाद इसके शेयरों की अधिकतर तेजी गायब होने लगी जिसका कई निवेशकों ने फायदा उठाया। एक तरफ नोमुरा सिंगापुर ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच दी तो दूसरी तरफ पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वैलरी के प्रमोटर्स ने इसमें डेढ़ फीसदी से अधिक हिस्सेदारी हासिल की। इसके शेयरों के मौजूदा स्थिति की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 1.02% की बढ़त के साथ ₹96.00 पर है। इंट्रा-डे में यह 7.33% उछलकर ₹102.00 तक पहुंच गया था। इसके ₹93 के भाव पर जारी शेयर एक कारोबारी दिन पहले करीब 11% पर लिस्ट होने के बाद इंट्रा-डे में ₹110.99 तक पहुंच गए थे।

लिस्टिंग के दिन किसने खरीदे-बेचे Shankesh Jewellers के शेयर

एनएसई पर मौजूद बल्क डील्स की डिटेल्स के मुताबिक 25 अगस्त को यानी लिस्टिंग के दिन 5.64 करोड़ शेयरों का खरीदारी और बिक्री हुई। इसमें से 1.57% हिस्सेदारी के बराबर 23.2 लाख शेयर पीएनजीए रेवा डायमंड ज्लैवरी के प्रमोटर्स- गाडगिल रेणु गोविंद और पीएम गाडगिल एंड सन्स ने ₹23.44 करोड़ में ₹101.05 के भाव पर खरीदे। पीएन गाडगिल एंड सन्स शंकेश ज्वैलर्स की क्लाइंट है। वहीं नोमुरा सिंगापुर ने अपने पूरे 16.17 लाख शेयर ₹15.63 करोड़ में प्रति शेयर ₹96.66 के भाव पर बेच दिए।

कैसी है कारोबारी सेहत

पीएन गाडगिल (PN Gadgil) और कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers) जैसी दिग्गज ज्वैलरी कंपनियों के लिए गहने बनाने वाली शंकेश ज्वैलरी की सेहत लगातार मजबूत हो रही है। अपने क्लाइंट्स से गोल्ड और डिजाइन लेकर उससे गहने बनाने वाली शंकेश का वित्त वर्ष 2024-26 में शुद्ध मुनाफा सालाना 188% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹106.68 करोड़ और टोटल इनकम करीब 24% के सीएजीआर से ₹1,630.93 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹167.30 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹150.65 करोड़ पड़े थे। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं और इसके ₹367 करोड़ के आईपीओ को ओवरऑल 2.80 गुना से अधिक बोली मिली थी।

Shankesh Jewellers IPO Listing: Kalyan Jewellers-PN Gadgil के बनाती है गहने, अब 11% प्रीमियम पर लिस्ट ₹93 का शेयर

Gaja IPO Listing: 15% का लिस्टिंग गेन, आईपीओ को 33 गुना बोली के बाद शेयरों की मार्केट में धाकड़ एंट्री

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upcoming IPO: पैसे कर लें तैयार, 31 अगस्त से खुलेगा मधुसूदन केला के निवेश वाली कंपनी पर्पल स्टाइल का IPO, जानिए सभी डिटेल्स

Purple Style Labs IPO: लक्जरी फैशन प्लेटफॉर्म पर्निया पॉप-अप शॉप की पैरेंट कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स अपना आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी ने ₹680 करोड़ के इस आईपीओ के लिए ₹546 से ₹575 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।

आकाश भंसाली, मधुसूदन केला और मुकुल महावीर अग्रवाल जैसे दिग्गज निवेशकों के समर्थन वाली इस कंपनी का आईपीओ 31 अगस्त को खुलकर 2 सितंबर 2026 को बंद होगा।

आईपीओ से जुड़ी जरूरी बातें

  • आईपीओ खुलने और बंद होने की तारीख: 31 अगस्त- 2 सितंबर 2026
  • एंकर बुक इश्यू: 28 अगस्त 2026
  • इश्यू साइज: ₹680 करोड़ (पूरा फ्रेश इश्यू)
  • प्राइस बैंड: ₹546 से ₹575 प्रति शेयर
  • न्यूनतम निवेश (1 लॉट): ₹14,950 (26 शेयर)

आईपीओ के फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने विस्तार और मार्केटिंग में करेगी:

₹371.1 करोड़: सब्सिडियरी कंपनी PSL रिटेल में निवेश किया जाएगा, ताकि भारत में एक्सपीरियंस सेंटर्स और बैक-एंड ऑफिसों के लीज पेमेंट पूरे किए जा सकें।

₹138.9 करोड़: सेल्स और मार्केटिंग गतिविधियों पर खर्च किए जाएंगे।

बाकी रकम: सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में इस्तेमाल होगी।

कंपनी का कारोबार और दिग्गज निवेशकों की हिस्सेदारी

पर्पल स्टाइल लैब्स भारत में लक्जरी फैशन, खासतौर पर वेडिंग और ओकेजन वियर का बड़ा क्यूरेटेड प्लेटफॉर्म चलाती है। कंपनी के पास देश भर में 12 एक्सपीरियंस सेंटर्स और 2 बैक-एंड ऑफिस हैं। प्रमुख निवेशकों की हिस्सेदारी:

  • आकाश भंसाली (Volrado Venture Partners Fund II): 2.41% हिस्सेदारी
  • मधुसूदन केला (Singularity AMC): 1.60% हिस्सेदारी
  • मुकुल महावीर अग्रवाल: 1.18% हिस्सेदारी

कैसी है कंपनी की माली हालत?

कंपनी की वित्तीय सेहत पर नजर डालें तो पिछले कुछ सालों में राजस्व में उतार-चढ़ाव और घाटे में बढ़ोतरी देखी गई है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का कुल घाटा बढ़कर ₹285.3 करोड़ हो गया है। वित्त वर्ष 2025 में घाटा ₹188.3 करोड़ था। साथ ही कंपनी का राजस्व 13.9% बढ़कर ₹557.8 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 2.9% घटकर ₹489.9 करोड़ रह गया था।

पर्पल स्टाइल लैब्स का ब्रांड नेम और इसमें दिग्गजों का निवेश इसे आकर्षक बनाता है, लेकिन पिछले कुछ वित्तीय वर्षों में बढ़ता घाटा निवेशकों के लिए चिंता का विषय रह सकता है। इस आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर्स एक्सिस कैपिटल और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।