Cyient Share Price: इन्वेस्टर डे के बाद शेयर 4% उछला, जेपी मॉर्गन ने दिया ₹1,050 का टारगेट

Cyient Share Price: IT सर्विस कंपनी Cyient के शेयरों में 26 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर 4 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। शेयर में तेजी कंपनी द्वारा’इन्वेस्टर डे’ पर कंपनी के ग्रोथ और मार्जिन से जुड़ी जानकारी और ब्रोकरेज फर्मों ने रिकवरी की रफ्तार को लेकर मिक्स राय के बाद आई है।

Cyient ने कहा कि ग्रोथ को फिर से तेज करना उसकी शॉर्ट टर्म की प्राथमिकता है। कंपनी का लक्ष्य FY28-29 तक सालाना आधार पर डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और तिमाही-दर-तिमाही स्थिर ग्रोथ हासिल करना है।

शॉर्ट टर्म में, कंपनी का लक्ष्य 15% से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करना है, जबकि मध्यम से लंबी अवधि में उसका लक्ष्य इंडस्ट्री में सबसे अच्छी ग्रोथ के साथ-साथ 16% से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करना है।

कंपनी ने कहा कि उसकी ‘गो-टू-मार्केट’ (GTM) टीम अब बड़े सौदे करने और बिजनेस को प्रोजेक्ट-आधारित काम से हटाकर एन्युइटी-आधारित कॉन्ट्रैक्ट्स की ओर ले जाने के लिए तैयार है, जिनसे रेवेन्यू का बेहतर अनुमान लगाया जा सकता है। अभी प्रोजेक्ट-आधारित काम कंपनी के कुल बिजनेस का लगभग 40% है।

मैनेजमेंट ने बताया कि Cyient की ‘लार्ज-डील पाइपलाइन’ (बड़े सौदों की संभावित सूची) अभी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। इसमें 9 ऐसे सौदे शामिल हैं जिनकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू लगभग 300 मिलियन डॉलर है।कंपनी ने FY26 को कई रणनीतिक बदलावों के बाद स्थिरता का साल बताया है और उम्मीद है कि FY27 और FY28 में उसकी नई रणनीति से रिकवरी शुरू होगी।

मार्जिन के मामले में Cyient ने पहले ही प्रगति की है; Q1 FY27 में EBIT मार्जिन बढ़कर 13.2% हो गया, जो पहले लगभग 12.2% था। मैनेजमेंट का लक्ष्य AI-आधारित रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेटिंग कॉस्ट में दक्षता के जरिए मध्यम अवधि में 15% का लक्ष्य हासिल करना है।

JPMorgan के अनुसार, मैनेजमेंट जिन मुख्य पैमानों पर नजर रखेगा, उनमें खास तौर पर बड़े सौदों से ऑर्डर आने में डबल-डिजिट ग्रोथ और मार्जिन का 15% तक बढ़ना शामिल है।

शेयर पर क्या है ब्रोकरेज की राय

JPMorgan ने Cyient के लिए ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है और इसके लिए ₹1,050 प्रति शेयर का प्राइस टारगेट तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Cyient की नई रणनीति सही दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है, लेकिन स्टॉक की री-रेटिंग के लिए इसे सही ढंग से लागू करना अहम होगा। JPMorgan ने ‘इन्वेस्टर डे’ पर कंपनी के बड़े सौदों पर फोकस, एन्युइटी-आधारित रेवेन्यू की ओर बदलाव और मार्जिन बढ़ाने की योजनाओं को मुख्य सकारात्मक बातें बताया।

इस बीच, मोतीलाल ओसवाल ने Cyient पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग को दोहराया है और इसका प्राइस टारगेट ₹740 रखा है। इसका मतलब है कि मंगलवार की क्लोजिंग कीमत से इसमें लगभग 24% की गिरावट आ सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वह कंपनी के काम करने के तरीके (एग्जीक्यूशन) के बारे में बेहतर सबूत मिलने का इंतज़ार करेगा, क्योंकि रिकवरी में अभी समय लगेगा और FY27 में ऑर्गेनिक ग्रोथ के मोटे तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है।

हालांकि मोतीलाल ओसवाल Cyient के सेमीकंडक्टर से जुड़े मौकों को लेकर पॉजिटिव है, लेकिन उसका कहना है कि इस बिज़नेस को बड़ी वैल्यूएशन देने से पहले वह ‘प्रूफ ऑफ़ कॉन्सेप्ट’ का इंतज़ार करेगा।

इधर Emkay Global ने Cyient पर अपनी ‘Reduce’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹900 तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि ऐसा लगता है कि मैनेजमेंट ने कंपनी की ग्रोथ में आने वाली मुख्य रुकावटों को दूर कर लिया है और अब उनके पास सही स्ट्रैटेजी और ज़रूरी साधन मौजूद हैं। हालांकि, उसने यह भी कहा कि उसकी राय और रेटिंग में बदलाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपनी योजनाओं को कितनी अच्छी तरह लागू करती है।

Cyient पारंपरिक इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट (ER&D) सर्विसेज़ से हटकर ज़्यादा बड़े ‘लाइफसाइकिल इंजीनियरिंग सर्विसेज़’ मॉडल की ओर बढ़ रही है। कंपनी का अनुमान है कि उसका एड्रेसेबल मार्केट पारंपरिक ER&D के लगभग $80-100 बिलियन के मौके से बढ़कर $2.4-3.2 ट्रिलियन के पूरे इंजीनियरिंग लाइफसाइकिल मौके तक फैल सकता है।

मंगलवार को Cyient के शेयर 4.54% बढ़कर ₹1022.15 पर बंद हुए और पिछले एक महीने में इस स्टॉक में 18% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

 

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Toxic Review: यश के स्वैग ने जीता दिल, एक्शन लवर्स के लिए ट्रीट है फिल्म

फिल्म- टॉक्सिक

निर्देशक: गीतू मोहनदास

कलाकार: यश, कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत

रेटिंग: 4

Toxic Review: यश की फिल्म का इंतजार उनके फैंस लंबे समय से कर रहे थे और अब टॉक्सिक के साथ वह इंतजार खत्म हो गया है। फिल्म की शुरुआत से ही समझ आ जाता है कि यह सिर्फ एक गैंगस्टर कहानी नहीं है। इसमें एक्शन है, परिवार है, रिश्ते हैं और एक ऐसी दुनिया है, जिसे निर्देशक गीतू मोहनदास ने अपने अंदाज में तैयार किया है। फिल्म का ट्रीटमेंट काफी अलग है और बड़े पर्दे पर इसके कई सीन खास असर छोड़ते हैं। ओणम और ईद-ए-मिलाद के मौके पर रिलीज हुई यह फिल्म यश के फैंस के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है।

टॉक्सिक की कहानी एक ऐसी दुनिया में ले जाती है, जहां ताकत और परिवार दोनों की अपनी जगह है। यहां हर किरदार के पीछे एक कहानी है और हर रिश्ते के साथ कुछ न कुछ जुड़ा हुआ है। गीतू मोहनदास ने गैंगस्टर कहानी को सिर्फ बंदूक और लड़ाई तक सीमित नहीं रखा है। फिल्म में रिश्तों और भावनाओं को भी जगह दी गई है, जिससे कहानी को एक अलग रंग मिलता है।

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत यश हैं। इस फिल्म में यश दो किरदारों में नजर आते हैं- राया और उसका बेटा टिकट। दोनों किरदारों में उनका अंदाज अलग है और यही चीज फिल्म को दिलचस्प बनाती है। यश की एंट्री, उनका लुक, संवाद और एक्शन सीन फिल्म के बड़े आकर्षण हैं। वह पर्दे पर आते हैं तो कहानी अपने आप तेज हो जाती है। यश ने अपने किरदार में एक्शन के साथ भावनाओं को भी अच्छी तरह दिखाया है।

फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में हैं। इन सभी किरदारों को कहानी में अपनी जगह मिली है। खासकर नयनतारा का किरदार फिल्म के परिवार वाले हिस्से को मजबूत करता है। वहीं बाकी किरदार कहानी में चल रहे ताकत के खेल को आगे बढ़ाते हैं। महिला किरदार सिर्फ नायक के आसपास दिखाई नहीं देते, बल्कि कहानी को आगे ले जाने में उनका भी योगदान है।

टॉक्सिक का एक और मजबूत पक्ष इसका विजुअल ट्रीटमेंट है। फिल्म की दुनिया सामान्य गैंगस्टर फिल्मों से काफी अलग दिखाई देती है। सेट, कपड़े, रोशनी और कैमरे का इस्तेमाल कहानी के माहौल को और बेहतर बनाता है। एक्शन सीन बड़े स्तर पर फिल्माए गए हैं और यश इन दृश्यों में पूरी तरह फिट बैठते हैं। अगर आप बड़े पर्दे पर एक्शन देखना पसंद करते हैं, तो फिल्म के कई सीन आपको पसंद आएंगे।

फिल्म में परिवार और रिश्तों की कहानी भी साथ-साथ चलती है। अपराध की दुनिया के बीच भरोसा, प्यार और वफादारी जैसे भाव कहानी का अहम हिस्सा हैं। यही वजह है कि टॉक्सिक सिर्फ एक एक्शन फिल्म बनकर नहीं रह जाती। यश के किरदार के भावनात्मक हिस्से कहानी को एक अलग दिशा देते हैं और फिल्म में एक संतुलन बनाए रखते हैं।

हालांकि फिल्म की लंबाई कुछ जगह परेशानी बनती है। 3 घंटे 14 मिनट का रनटाइम काफी ज्यादा है और कुछ हिस्से थोड़े लंबे लगते हैं। कई दृश्यों को छोटा किया जा सकता था, जिससे कहानी की रफ्तार और बेहतर रहती। कुछ जगह फिल्म अपनी दुनिया को दिखाने में ज्यादा समय लेती है और इससे कहानी थोड़ी धीमी हो जाती है। अगर एडिटिंग थोड़ी और कसी हुई होती, तो फिल्म का असर और मजबूत हो सकता था।

गीतू मोहनदास ने एक आम गैंगस्टर फिल्म बनाने के बजाय अपनी अलग दुनिया बनाने की कोशिश की है। फिल्म हर जगह एक जैसी असरदार नहीं है, लेकिन इसमें कुछ नया करने की कोशिश साफ दिखाई देती है। यही इसकी खासियत भी है। फिल्म आपको एक अलग माहौल में ले जाती है और यश उस दुनिया के सबसे बड़े आकर्षण बने रहते हैं।

कुल मिलाकर, टॉक्सिक एक बड़े पर्दे की फिल्म है, जिसमें यश का दमदार अंदाज, शानदार एक्शन, गैंगस्टर ड्रामा और परिवार की कहानी एक साथ देखने को मिलती है। फिल्म थोड़ी लंबी जरूर है, लेकिन इसमें कई ऐसे पल हैं जो दर्शकों को जोड़े रखते हैं। अगर आप यश के फैन हैं और बड़े स्तर की एक्शन फिल्म देखना पसंद करते हैं, तो टॉक्सिक आपको निराश नहीं करेगी।

Sensex डे-हाई से 286 प्वाइंट्स नीचे तो Nifty की पूरी बढ़त गायब, 5 वजहों से दोनों तरफ भाग रहा मार्केट

Share Market volatile: शुरुआती कारोबार में आज मार्केट में रौनक दिखी लेकिन ऊपरी स्तर पर इसमें बिकवाली का दबाव दिखा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स डे-हाई से 286 प्वाइंट्स नीचे आ गया तो निफ्टी ने पूरी बढ़त गंवा दी। ब्रोडर लेवल पर बात करें तो रौनक बनी हुई है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:10 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 131.04 प्वाइंट्स यानी 0.17% की बढ़त के साथ 77,787.13 और निफ्टी 10.70 प्वाइंट्स यानी 0.04% की गिरावट के साथ 24,323.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 330.75 प्वाइंट्स चढ़कर 77,986.84 तक पहुंचा था जिससे यह फिर 285.66 प्वाइंट्स गिरकर 77,701.18 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी 44.05 प्वाइंट्स उछलकर 24,378.60 तक पहुंचा था जिससे यह 84.35 प्वाइंट्स टूटकर 24,294.25 तक आ गया था।

Share Market Volatile: ये है वजह

सेक्टरवाइज मिला-जुला रुझान

मार्केट को आज सरकारी बैंकों से अच्छा सपोर्ट मिल रहा है जिसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक मजबूत हुआ है तो दूसरी तरफ आईटी और ऑटो सेक्टर में बिकवाली से दबाव बना है लेकिन निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से कम गिरावट है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 2.39% की गिरावट के साथ 10.81 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

कच्चे तेल की नरमी

वैश्विक ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 2% टूटकर प्रति बैरल $86 के नीचे आ गया जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

ईरान पर अमेरिका की सख्ती

अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर शिकंसा कसना तेज कर दिया और ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को भी चेतावनी दी। इससे मार्केट पर दबाव बना है।

अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक

घरेलू स्टॉक मार्केट को आज अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला। ताइवान के ताइवान वेटेड में डेढ़ फीसदी और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1% की तेजी है तो जापान के निक्केई 225, हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सैंग, चीन के शंघाई कंपोजिट और थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है तो इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट फिलहाल फ्लैट है।

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Hathras Victim Family Relocation: हाथरस पीड़िता के परिवार को 3 महीने में नोएडा या गाजियाबाद करें शिफ्ट; हाईकोर्ट का UP सरकार को निर्देश

Hathras Victim Family Relocation: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने हाथरस दुष्कर्म मामले की पीड़िता के परिवार के पुनर्वास को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने राज्य सरकार के 22 फरवरी, 2025 के फैसले को रद्द करते हुए उसे तीन महीने के भीतर पीड़िता के परिवार को गाजियाबाद या नोएडा में बसाने का निर्देश दिया। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट ने पहले राज्य सरकार को पीड़िता के परिवार को गाजियाबाद या नोएडा में बसाने के अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया था। लेकिन सरकार ने इस अनुरोध पर समुचित ध्यान नहीं दिया।

पीठ ने कहा कि सरकार ने अदालत के निर्देशों की अनदेखी करते हुए अपने फैसले में परिवार को पुनर्वास के लिए कासगंज, एटा और अलीगढ़ में से किसी एक स्थान को चुनने का विकल्प दिया था। सोमवार को दिए गए आदेश में पीठ ने कहा कि 22 फरवरी, 2025 के फैसले में सरकार ने गाजियाबाद या नोएडा में पुनर्वास के परिवार के अनुरोध का कोई उल्लेख नहीं किया था। इसलिए इसे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया फैसला नहीं माना जा सकता।

NCR में बसाने की मांग

पीठ ने कहा कि इस मामले में राज्य की ओर से अनावश्यक विरोध दिखाई देता है। उसके रवैये से परिवार के इस आरोप को बल मिलता है कि सरकार इस मामले को अपने खिलाफ मुकदमे की तरह देख रही है। पीड़िता के परिवार की ओर से पेश वकील महमूद प्राचा ने कहा कि कासगंज, एटा और अलीगढ़ हाथरस के करीब हैं। इससे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा होती है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में परिवार का कोई रिश्तेदार भी नहीं रहता है।

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत परिवार के रिश्तेदार गाजियाबाद और नोएडा में रहते हैं, जहां बसने पर वे बिना किसी भय के सामान्य जीवन जी सकेंगे। अदालत ने निर्देश दिया कि पुनर्वास पूरा होने के बाद परिवार के एक सदस्य को रोजगार भी दिया जाए, जैसा कि 26 जुलाई, 2022 के आदेश में निर्देश दिया गया था।

मुख्य सचिव को अहम निर्देश

पीठ ने यूपी के अपर मुख्य सचिव (गृह) को अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में उन्हें 30 नवंबर, 2026 को व्यक्तिगत रूप से उसके समक्ष पेश होना होगा।

क्या है केस?

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 14 सितंबर, 2020 को एक दलित युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की कथित घटना सामने आई थी। घटना के करीब दो सप्ताह बाद दिल्ली के एक अस्पताल में युवती की मौत हो गई थी।

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मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए अपने बयान में पीड़िता ने चार आरोपियों पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। यह भी आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने परिवार की सहमति के बिना रात में पीड़िता का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया था। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को गलत बताया था।

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर बनेगा ‘गेटवे टू नोएडा’! ₹4526 करोड़ की लागत से बनेगा कन्वेंशन और हैबिटेट सेंटर

नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) सेक्टर 94 में ओखला बर्ड सेंचुरी के पास करीब 25 एकड़ जमीन पर एक बड़ा प्रोजेक्ट विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इसमें कन्वेंशन और हैबिटेट सेंटर के साथ कई तरह की सुविधाओं वाला मिक्स्ड-यूज कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। करीब 4,526 करोड़ रुपये की लागत वाले इस बड़े प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए प्राइवेट कंपनी का चयन किया जाएगा। इसके लिए अथॉरिटी ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर इच्छुक कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं।

25 एकड़ में बनेगा

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास 25 एकड़ में यह बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। इसे नोएडा के प्रमुख कमर्शियल और कल्चरल हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर, दुकानें, ऑफिस, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। इसे ‘नोएडा का गेटवे’ के तौर पर भी विकसित किया जाएगा। ये जगह कालिंदी कुंज के रास्ते साउथ दिल्ली से नोएडा आने वाले लोगों के लिए प्रमुख प्रवेश मार्ग पर है, इसलिए इस प्रोजेक्ट को ‘गेटवे टू नोएडा’ नाम दिया गया है।

30 महीने में काम होगा पूरा

नोएडा अथॉरिटी के जनरल मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक कन्वेंशन सेंटर और प्रदर्शनी के लिए जगह के साथ रिटेल दुकानें, ऑफिस, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी क्षेत्र भी बनाए जाएंगे। प्रोजेक्ट मिलने के बाद कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 30 महीने के भीतर पूरा करना होगा। वहीं, पूरे प्रोजेक्ट को सात साल के अंदर तैयार कर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। डेवलपर के चयन के बाद काम जल्द शुरू किया जा सकता है, क्योंकि प्रोजेक्ट का लेआउट और बिल्डिंग प्लान पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं।

जानें इस कन्वेंशन सेंटर के बारे में

RFP के अनुसार, प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर करीब 18,762 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। वहीं, हैबिटैट सेंटर और होटल के लिए 29,507-29,507 वर्ग मीटर जगह तय की गई है। प्रोजेक्ट में करीब 65,437 वर्ग मीटर का रिटेल स्पेस और ऑफिस व सर्विस अपार्टमेंट के लिए 1.10 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र होगा। रिहायशी हिस्से के लिए 1.75 लाख वर्ग मीटर जगह रखी गई है, हालांकि इसका हिस्सा कुल बिल्ट-अप एरिया के 40 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। यहां करीब 7,180 कारों की पार्किंग की सुविधा भी बनाई जाएगी।

PPP मॉडल के तहत नोएडा अथॉरिटी और चुनी गई निजी कंपनी मिलकर एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाएंगे। निजी डेवलपर प्रोजेक्ट की डिजाइन, पैसा जुटाने, निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। अथॉरिटी के अनुमान के अनुसार, प्रोजेक्ट से सात साल बाद करीब 6,890 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह आंकड़ा 10 साल में बढ़कर 10,324 करोड़ और 15 साल में 17,292 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह प्रोजेक्ट नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और ओखला बर्ड सैंक्चुअरी मेट्रो स्टेशन के पास होने के कारण काफी अहम माना जा रहा है।

Silver Outlook: अगस्त में 20% उछली चांदी, क्या अब खरीदारी करें, होल्ड रखें या मुनाफा वसूलें? एक्सपर्ट्स से समझिए

Silver Price Outlook: अगस्त 2026 में चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। कॉमेक्स पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी उछलकर $69.71 प्रति औंस पर पहुंच गई, जो 16 जून 2026 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई इस मजबूती के असर से भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर भी सितंबर कॉन्ट्रैक्ट की चांदी मंगलवार (25 अगस्त) को ₹2,44,328 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।

इस महीने अब तक चांदी निवेशकों को करीब 20% का शानदार रिटर्न दे चुकी है। इस बड़ी तेजी के बाद अब हर निवेशक के मन में सवाल है कि क्या इस भाव पर नई खरीदारी करनी चाहिए, मौजूदा पोर्टफोलियो को होल्ड रखना चाहिए या फिर प्रॉफिट बुक कर लेना चाहिए?

चांदी में इस बड़ी तेजी के ये है 4 मुख्य कारण

Bonanza के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के अनुसार, चांदी में यह तेजी केवल सट्टेबाजी नहीं बल्कि ठोस मैक्रो-इकोनॉमिक कारणों पर टिकी है:

1. अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में कटौती की संभावना से डॉलर कमजोर हुआ है। बिना ब्याज वाली परिसंपत्तियों (जैसे सोना-चांदी) को रखने की अपॉर्च्युनिटी कॉस्ट कम होने से निवेशक चांदी की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।

2. सोने की तेजी का सपोर्ट: अमेरिका के बढ़ते राजकोषीय घाटे और ट्रेजरी लिक्विडिटी की चिंताओं के कारण सोने में तेजी बनी हुई है। इसका सीधा फायदा चांदी को भी मिल रहा है।

3. मजबूत औद्योगिक मांग: सोने से इतर, चांदी का बड़ा हिस्सा उद्योगों में इस्तेमाल होता है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और हाई-टेक सेक्टर्स से आती भारी मांग इसे मजबूत सपोर्ट दे रही है।

4. सप्लाई की तंगी और ETF इनफ्लो: फिजिकल सिल्वर की कम उपलब्धता और ETF खरीदारी ने इस रैली को और तेज कर दिया है। इसी वजह से चांदी सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी से रिएक्ट करती है।

इन्वेस्टर्स के लिए रणनीति: Buy, Hold या Sell?

वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रेटजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल और बोनान्ज़ा के निरपेंद्र यादव के अनुसार, चांदी सोने की तुलना में अधिक वोलाटाइल होती है। इसलिए निवेशकों को ये तरीके अपनाने चाहिए:

मौजूदा निवेशक (Hold): अगर आपके पास पहले से चांदी या सिल्वर ETF मौजूद है, तो इसे होल्ड रखें। एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो के लिहाज से चांदी को बनाए रखना समझदारी होगी।

नए निवेशक: एक महीने में 20% चढ़ने के बाद एकमुश्त पैसा लगाने से बचें। हर उछाल के बाद तीखा करेक्शन आ सकता है। नए निवेशकों को ‘बाय ऑन डिप्स’ यानी गिरावट पर खरीदारी या SIP के तहत स्टैगर्ड बाइंग का रास्ता चुनना चाहिए।

कब बेचें: जब तक आपका इन्वेस्टमेंट गोल पूरा न हो जाए या पोर्टफोलियो में चांदी का एलोकेशन जरूरत से ज्यादा न बढ़ गया हो, तब तक घबराकर बिकवाली न करें।

सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर रखें नजर

एनालिस्ट्स के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी $70 प्रति औंस का स्तर पार करके टिक जाती है, तो यह तेजी और आगे जाएगी। अगर यह स्तर टूटता है तो मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।

बाजार रेजिस्टेंस सपोर्ट
Comex (ग्लोबल)$69 – $70 / औंस$68 / औंस
MCX (भारत)₹2,55,000 / किग्रा₹2,35,000 – ₹2,38,000 / किग्रा

वैसे एक्सपर्ट्स का ये सुझाव है कि जनवरी के रिकॉर्ड स्तरों के बाद चांदी में बड़ी गिरावट आई थी। इसलिए वर्तमान तेजी एक ‘रिकवरी/कैच-अप रैली’ भी हो सकती है। नए निवेशक जल्दबाजी में दांव लगाने के बजाय कीमतों के थोड़ा स्थिर होने या गिरावट आने का इंतजार करें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी! 30 बैंक लॉकरों की जांच में जुटी SIT, सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

Ram Mandir Chanda Chori Case: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ी जांच अब केवल दस्तावेजों की पड़ताल तक सीमित नहीं रह गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने मामले में संपत्तियों और बैंक लॉकरों की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सभी 30 बैंक लॉकरों में रखी सामग्री का सत्यापन किया जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि लॉकरों में वास्तव में कितनी और कौन-कौन सी वस्तुएं मौजूद हैं। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि क्या उनका डिटेल्स राम मंदिर ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज इन्वेंट्री से मेल खाता है या नहीं।

‘अमर उजाला’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच टीम ने मंगलवार (26 अगस्त) को भी अपनी कार्रवाई जारी रखी। पूरी प्रक्रिया को वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा है। लॉकर खोलने से लेकर उसमें रखी प्रत्येक वस्तु की जांच तक हर चरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। टीम वस्तुओं की पहचान, उनकी संख्या, उपलब्धता और स्थिति की पुष्टि करने के साथ-साथ संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड से उनका मिलान कर रही है।

रिकॉर्ड और वास्तविक सामान का होगा मिलान

फोरेंसिक सत्यापन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज सामान और लॉकरों में वास्तव में मौजूद सामान में कोई अंतर तो नहीं है। टीम प्रत्येक वस्तु को रिकॉर्ड में दर्ज विवरण से क्रॉस-चेक कर रही है।

जांच के दौरान केवल सामान की गिनती ही नहीं की जा रही, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित वस्तु किस रिकॉर्ड में दर्ज है और मौके पर उसकी वास्तविक स्थिति क्या है। इस पूरी प्रक्रिया के आधार पर एक विस्तृत फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

हर सामान का बनाया जा रहा ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड

जांच की खास बात यह है कि प्रत्येक वस्तु के सत्यापन के दौरान ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी तैयार किया जा रहा है। सामान का डिटेल्स, उसकी पहचान, रिकॉर्ड में उसकी एंट्री और मौके पर उसकी मौजूदगी को डिजिटल तरीके से दर्ज किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इन डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से संरक्षित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में न्यायिक कार्यवाही के दौरान उनकी प्रामाणिकता पर सवाल न उठे। इस तरह जांच टीम केवल कागजी रिकॉर्ड पर निर्भर नहीं रहना चाहती। बल्कि भौतिक साक्ष्यों का भी डिजिटल दस्तावेज तैयार कर रही है।

पेन ड्राइव में सुरक्षित होंगे जांच के दस्तावेज और वीडियो

फोरेंसिक सत्यापन के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट को डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा। जांच से जुड़े दस्तावेजों और वीडियो साक्ष्यों को एक पेन ड्राइव में संकलित कर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करने की भी तैयारी की जा रही है। इससे जांच में सामने आए भौतिक साक्ष्यों का डिजिटल रिकॉर्ड भी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेगा।

सितंबर के पहले सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट?

सूत्रों के अनुसार, SIT की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। संभावना जताई जा रही है कि जांच टीम सितंबर के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर सकती है। वहीं, 2 सितंबर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक भी प्रस्तावित है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी बैठक के आसपास SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में सौंप सकती है।

फिलहाल, 30 बैंक लॉकरों की फोरेंसिक जांच को इस मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। इस सत्यापन से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज संपत्तियों और वास्तविक रूप से मौजूद सामान के बीच कोई अंतर है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाली रिपोर्ट से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा भी तय हो सकती है।

आरोपियों पर BNS की गलत धाराएं लगाने का वकील का दावा

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आरोपियों की ओर से पेश वकील ने मंगलवार को विशेष अदालत में दावा किया कि पुलिस ने मामले की जांच भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गलत धाराओं के तहत की है। आरोपियों के वकील कुल शेखर सिंह ने कहा कि मामले में चोरी और गबन, दोनों की धाराएं लगाई गई हैं। जबकि ये दोनों धाराएं एक साथ लागू नहीं हो सकतीं। सिंह ने अयोध्या के विशेष जज (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रजत वर्मा की अदालत में यह दलील दी।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कथित चोरी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद FIR दर्ज की गई। साथ ही मंदिर में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए।

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सिंह ने यह भी दलील दी है कि पुलिस ने आरोपियों को लोक सेवक के रूप में पेश किया है। जबकि राम मंदिर ट्रस्ट लोक प्राधिकरण नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लगाई गई धाराओं में आरोपियों को लोक सेवक बताया और उन पर सार्वजनिक संपत्ति के गबन का आरोप लगाया। सिंह ने बताया कि अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अगली सुनवाई के लिए दो सितंबर की तारीख तय की है।

Mopshop IPO Listing: खुदरा निवेशकों ने खूब खरीदे थे ₹138 के शेयर, अब लिस्टिंग पर झटका

Mopshop IPO Listing: साफ-सफाई से जुड़े प्रोडक्ट्स मुहैया कराने वाली मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन के शेयरों की BSE SME पर डिस्काउंट पर एंट्री हुई। आईपीओ की बात करें तो खुदरा निवेशकों के दम पर इसे ओवरऑल डेढ़ गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹137.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि 0.72% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर में फिलहाल कोई मूवमेंट नहीं आया। फिलहाल यह ₹137.00 (Mopshop Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक 0/72% घाटे में हैं।

Mopshop IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मॉपशॉप का ₹27 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 19-21 अगस्त तक खुला था। खुदरा निवेशकों के दम पर यह आईपीओ ओवरऑल 1.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा आधा भी नहीं भर पाया और 0.27 गुना सब्सक्राइब हुआ जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.91 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹22 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 3.75 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.98 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹2.60 करोड़ कमर्शियल गाड़ियों की खरीदारी, ₹1.05 करोड़ रूफटॉप ग्रिड सोलर पावर प्लांट के सेटअप, ₹3.31 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और 3.13 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Mopshop के बारे में

मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन फैसिलिटी मैनेजमेंट सप्लाईज (FMS) मुहैया करने के बिजनेस में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में माइक्रोफाइबर कपड़े, सर्फेस डिसइंफेक्ट्स, सेंसर वाले डिस्पेंसर्स, बॉयो-डिग्रेडेबल गार्बेज बैग, टिश्यू पेपर, पेडल बिन्स, रिंजर बकेट्स, वैक्यूम क्लीनर्स, एयर फ्रेशनर्स, टूल किट्स और इनसे जुड़ी एक्सेसरीज हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 75% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹2.48 करोड़ और टोटल इनकम 18% के सीएजीआर से ₹42.00 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्षष 2026 की बात करें तो 11 महीने में इसे ₹5.18 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹44.66 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। फरवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹12.21 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹6.32 करोड़ पड़े थे।

Gaja IPO Listing: 15% का लिस्टिंग गेन, आईपीओ को 33 गुना बोली के बाद शेयरों की मार्केट में धाकड़ एंट्री

Dhanwel Seeds लिस्ट होते ही लोअर सर्किट पर, ₹99 के शेयरों ने खुदरा निवेशकों को इस कारण दिया अधिक शॉक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

DDA का रक्षाबंधन पर बड़ा तोहफा! नरेला में 1,287 HIG और MIG फ्लैट्स पर 25% डिस्काउंट, 28 अगस्त से बुकिंग शुरू

दिल्ली में घर खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ी खुशखबरी दी है। रक्षाबंधन के मौके पर DDA ने नागरिक आवास योजना 2026 में बदलाव करते हुए नरेला में 1,287 और नए फ्लैट जोड़े हैं। इन घरों की कीमत पर 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। रक्षा बंधन से पहले की गई इस घोषणा से कम कीमत में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों को फायदा मिल सकता है। फ्लैट खरीदने के इच्छुक लोग 28 अगस्त 2026 से बुकिंग कर सकेंगे। आइए जानते है डीडीए की इस योजना के बारे में

डीडीए ने जोड़े 1,287 फ्लैट

DDA ने 18 अगस्त 2026 को एक सर्कुलर जारी कर ये जानकारी दी है। इस सर्कुलर में नरेला के सेक्टर A1-A4 के पॉकेट 3 और 4 में 1,287 फ्लैट जोड़ने की बात कही गई है। अथॉरिटी ने इन फ्लैटों की पूरी जानकारी के साथ उनकी छूट वाली कीमतों की लिस्ट भी जारी कर दी है। DDA की इस नई सूची में नरेला के सेक्टर A1-A4 के पॉकेट 3 और 4 के फ्लैट शामिल किए गए हैं। इनमें कुल 1,287 घर हैं, जिनमें 790 फ्लैट मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के लिए और 497 फ्लैट हाई इनकम ग्रुप (HIG) के लिए रखे गए हैं। इससे अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को घर खरीदने का ऑप्शन मिलेगा।

कब से कर सकेंगे बुकिंग

DDA के नए फ्लैटों की बुकिंग 28 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। इन फ्लैटों का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। यानी जो पात्र लोग बुकिंग प्रक्रिया सबसे पहले पूरी करेंगे, उन्हें फ्लैट मिलने में प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में घर खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए बुकिंग शुरू होते ही आवेदन करना फायदेमंद रहेगा।

25% की मिलेगी छूट

DDA ने नए फ्लैटों की पूरी जानकारी जारी कर दी है। इसमें फ्लैट की मंजिल, उसका आकार और 25 फीसदी छूट के बाद की कीमत बताई गई है। कई MIG फ्लैट 126 से 140 वर्ग मीटर के हैं, जिनकी छूट के बाद कीमत करीब 73.7 लाख से 81.8 लाख रुपये तक है। अथॉरिटी की जारी सूची में हर फ्लैट की छूट के बाद वाली कीमत अलग-अलग बताई गई है। इन फ्लैटों पर नागरिक आवास योजना 2026 के सभी नियम और शर्तें लागू होंगी।

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Awarapan 2 box office collection day 12: दूसरे हफ्ते में भी धमाकेदार कमाई, 143 करोड़ पार हुआ कलेक्शन, 150 करोड़ से बस इतनी दूर फिल्म

‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। स्वतंत्रता दिवस से पहले रिलीज हुई इस फिल्म का मुकाबला ‘बटवारा 1947’ से हुआ, लेकिन इसका असर फिल्म की कमाई पर खास नहीं पड़ा। करीब 45 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने कमाई के मामले में जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। शुरुआती दिनों में शानदार कलेक्शन के बाद फिल्म ने पहले हफ्ते में ही अपनी पकड़ मजबूत कर ली। खास बात यह है कि अब तक फिल्म अपने बजट से कई गुना ज्यादा कमाई कर चुकी है और 200 फीसदी से अधिक मुनाफा दर्ज कर चुकी है।

दूसरे हफ्ते में भी दर्शकों का साथ मिलने से फिल्म की कमाई जारी है। अब सबकी नजर इसके अगले पड़ाव पर है। सवाल यही है कि क्या ‘आवारापन 2’ जल्द ही 150 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर बॉक्स ऑफिस पर एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर पाएगी?

पहले दिन से दिखा दम

‘Awarapan 2’ ने सिनेमाघरों में पहले दिन 22 करोड़ रुपये की कमाई के साथ शुरुआत की। इसके बाद दूसरे दिन फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला और इसने 33.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। पहले हफ्ते के अंत तक फिल्म ने भारत में 113.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया था, जबकि इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस 161.67 करोड़ रुपये पहुंच गया।

दूसरे वीकेंड में भी दर्शकों ने नहीं छोड़ा साथ

पहला हफ्ता पूरा होने के बाद भी फिल्म की रफ्तार कमजोर नहीं पड़ी। आठवें दिन ‘Awarapan 2’ ने 5.75 करोड़ रुपये कमाए। नौवें दिन कमाई बढ़कर 8.25 करोड़ और दसवें दिन 8.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि 11वें दिन कलेक्शन गिरकर 2.75 करोड़ रुपये रहा।

मंगलवार को फिर दिखी कमाई में तेजी

दिलचस्प बात यह रही कि दूसरे मंगलवार को फिल्म ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी। 12वें दिन ‘Awarapan 2’ ने करीब 4 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। टिकटों की कीमतों में मिली छूट ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में मदद की। Sacnilk के मुताबिक, फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन अब 143 करोड़ रुपये हो चुका है।

अब सामने है असली बॉक्स ऑफिस चुनौती

फिल्म के लिए आगे का सफर इतना आसान नहीं रहने वाला है। जहां ‘Batwara 1947’ दर्शकों पर खास असर नहीं छोड़ पाई, वहीं ‘Hanuman Ansh’ तीसरे हफ्ते में भी मजबूत बना हुआ है। इसके अलावा Toxic की रिलीज के साथ ‘Awarapan 2’ को कई सिनेमाघरों में स्क्रीन कम होने का सामना करना पड़ सकता है।

₹150 करोड़ क्लब के लिए थोड़ा और इंतजार?

स्क्रीन की संख्या घटने और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ‘Awarapan 2’ की कमाई की रफ्तार आने वाले दिनों में धीमी पड़ सकती है। फिल्म ने पहले 12 दिनों में मजबूत आधार जरूर तैयार कर लिया है, लेकिन अब 150 करोड़ रुपये के भारत नेट कलेक्शन तक पहुंचने के लिए इसे थोड़ा और वक्त लग सकता है।

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