AI Data Centre Theme: AI डेटा सेंटर बूम से 45% तक चढ़े वाटर स्टॉक्स, कौन-कौन हैं इस थीम के बड़े खिलाड़ी?

AI Data Centre Theme: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज रफ्तार के बीच अब सिर्फ पावर कंपनियां ही नहीं, बल्कि वॉटर सेक्टर की कंपनियां भी निवेशकों के रडार पर आ गई हैं। इसकी वजह है AI डेटा सेंटर, जिन्हें बिजली के साथ-साथ बड़ी मात्रा में पानी की भी जरूरत होती है। पानी का इस्तेमाल सर्वर को ठंडा रखने और दूसरे ऑपरेशनल कामों में किया जाता है।

कुछ वॉटर स्टॉक्स एक महीने में 45% तक चढ़े 

AI थीम और सरकारी योजनाओं की वजह से पिछले एक महीने में कुछ वॉटर स्टॉक्स में 45% तक की तेजी देखने को मिली है। हालांकि, बुधवार के कारोबार में इन शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

VA Tech Wabag का शेयर 0.64% गिरा। वहीं Enviro Infra Engineers 0.69%, Indian Hume Pipe Company 0.37% और Denta Water and Infra Solutions 0.25% चढ़े।

Felix Industries 2.67% की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा चढ़ने वाला शेयर रहा। वहीं Polysil Irrigation Systems में मामूली तेजी और Welspun Corp में हल्की गिरावट दर्ज की गई।

वॉटर स्टॉक्स में दिलचस्पी क्यों बढ़ रही है?

Master Capital Services के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, इस तेजी की दो बड़ी वजह हैं। पहली, सरकार का पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर बढ़ता खर्च। दूसरी, AI डेटा सेंटर की बढ़ती मांग।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं से VA Tech Wabag, Shakti Pumps, Enviro Infra Engineers और Jash Engineering जैसी कंपनियों को ऑर्डर मिलने की अच्छी संभावना बनी हुई है। वहीं AI डेटा सेंटर की थीम ने इस तेजी को और रफ्तार दी है।

सिर्फ AI नहीं, सरकार भी दे रही बड़ा सपोर्ट

Bajaj Finance के मुताबिक, साफ पानी की बढ़ती मांग, शहरीकरण, औद्योगिक इस्तेमाल और सरकारी निवेश की वजह से वॉटर सेक्टर की कंपनियों के लिए लंबी अवधि में अच्छी संभावनाएं हैं। यही वजह है कि कई निवेशक इस सेक्टर को स्थिर ग्रोथ वाला विकल्प मान रहे हैं।

भारत में वॉटर स्टॉक्स में कितना बड़ा मौका है ?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत का वॉटर और वेस्टवॉटर सेक्टर हर साल ₹25,000 करोड़ से ₹30,000 करोड़ का बाजार बन चुका है। इसमें करीब 40% हिस्सा पानी और 60% हिस्सा वेस्टवॉटर मैनेजमेंट का है।

SBI Cap Securities के मुताबिक, अगले 3-4 साल तक सरकार पानी से जुड़ी परियोजनाओं पर लगातार फोकस रख सकती है। वहीं, Niveshaay के फाउंडर अरविंद कोठारी का कहना है कि देश में अभी सिर्फ करीब 40% सीवेज का ही ट्रीटमेंट होता है। कई शहरों में आज भी सीवर नेटवर्क और जल आपूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे में इस सेक्टर में आगे भी बड़े निवेश की जरूरत बनी रहेगी।

Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

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‘सलवार उतारना, सीने को दबाना ‘रेप अटेम्प्ट’ नहीं’, पटना HC के इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट नाराज

Supreme Court: पटना हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में माना था कि किसी महिला की सलवार उतारने की कोशिश करना और उसकी छाती दबाकर छेड़छाड़ करना ‘रेप की कोशिश’ (attempt to rape) नहीं माना जाएगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने अब हाई कोर्ट के इस हालिया फैसले पर गंभीर चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की और संकेत दिया कि अदालत पटना हाई कोर्ट के आदेश पर समीक्षा करके एक विस्तृत आदेश जारी करेगी।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट को मंगलवार को सुनवाई के दौरान एक वकील ने पटना हाईकोर्ट के इस फैसले की जानकारी दी। यह सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले को लेकर शुरू किए गए स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) मामले में हो रही थी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नाबालिग लड़की के स्तन पकड़ना, उसके पजामे का नाड़ा खोलना और उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना ‘रेप की कोशिश’ के अपराध के दायरे में नहीं आता है।

सुनवाई के दौरान, बेंच ने नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी की एक्सपर्ट कमिटी की उस रिपोर्ट को मंजूरी दी, जिसमें यौन अपराधों के मामलों में न्यायिक संवेदनशीलता से जुड़ी गाइडलाइंस दी गई थीं।

इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने देश की सभी अदालतों को भी निर्देश दिया कि वे उसके द्वारा मंज़ूर की गई हैंडबुक/गाइडलाइंस में इस्तेमाल की गई बातों का सख्ती से पालन करें।

जानकारी के मुताबिक, इस साल की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी को निर्देश दिया था कि वह यौन अपराधों के मामलों में न्यायिक कार्यवाही के दौरान संवेदनशीलता और सहानुभूति लाने के लिए व्यापक गाइडलाइंस का ड्राफ्ट तैयार करे।

कोर्ट ने कहा था कि ऐसे नियम भारत के सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप होने चाहिए, न कि विदेशी कानूनों से लिए गए हों।

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Caliber Mining IPO: 17 जुलाई को खुलेगा कैलिबर माइनिंग का आईपीओ, ग्रे मार्केट में शेयर ने मचाया धमाल

Caliber Mining IPO: कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स का आईपीओ 17 जुलाई को खुलेगा। कंपनी ने इश्यू के लिए 402-424 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। 450 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 21 जुलाई को बंद होगा। इस आईपीओ में कंपनी 400 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी, जबकि ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत 50 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जाएंगे।

शेयरों का एलॉटमेंट 22 जुलाई को

Caliber Mining and Logistics के शेयरों का एलॉटमेंट 22 जुलाई को हो सकता है। शेयर बाजारों में शेयर 24 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं। ओएफएस में चड्ढ़ा फैमिली अपने शेयर बेचेगी। पहले ओएफएस के तहत 100 करोड़ रुपये के शेयर बेचने का प्लान था। कंपनी ने दिसंबर 2024 में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। तब इश्यू का साइज 600 करोड़ रुपये था। सेबी ने डीआरएचपी मई 2025 में एप्रूव कर दिया था।

ग्रे मार्केट में शेयर पर चल रहा 19% प्रीमियम

कैलिबर माइनिंग के शेयर को ग्रे मार्केट में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 80 रुपये चल रहा था। इसका मतलब है कि यह शेयर शेयर बाजार में प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल से करीब 19 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। इनवेस्टरगेन ने भी इस शेयर का जीएमपी 80 रुपये बताया है।

कंपनी की वैल्यूएशन करीब 2,772 करोड़ रुपये

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 2,772 करोड़ रुपये है। रिटेल इनवेस्टर्स को शेयरों के कम से कम एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 35 शेयरों का है, जिसकी कीमत प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर 14,840 रुपये होगी। इश्यू के आधे शेयर क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व हैं। 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए और 35 फीसदी रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हैं।

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माइनिंग से जुड़ी सर्विसेज ऑफर करती है कंपनी 

यह कंपनी माइनिंग से जुड़ी कई तरह की सर्विसेज ऑफर करती है। इनमें कोल एक्सट्रैक्शन, ओवरबर्डेन रिमूवल, रोड ट्रांसपोर्टेशन और रेल कोऑर्डिशन शामिल हैं। कंपनी महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में सेवाएं देती है। कोल इंडिया की सब्सिडियरीज इसके सबसे बड़े ग्राहकों में हैं। इनमें वेस्टर्न कोलफील्ड्स और नॉर्दन कोलफील्ड्स शामिल हैं।

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8000mAh बैटरी वाला Realme Narzo 100X लॉन्च, 6GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ मचाएगा धमाल

Realme ने एक बार फिर बाजार में अपना नया मिड-रेंज स्मार्टफोन Realme Narzo 100X लॉन्च किया है, जो बड़ी बैटरी और दमदार स्पेसिफिकेशन के साथ आएगा। फोन के पीछे का डिजाइन काफी साफ और आकर्षक है, साथ ही इसमें ऊपर बाईं तरफ वर्टिकल डिजाइन में रेक्टैंगुलर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। 25,000 रुपये से कम कीमत में आने वाला यह स्मार्टफोन उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, जो मजबूत डिजाइन और बेसिक से ज्यादा फीचर्स वाला फोन खरीदना चाहते हैं। अब आइए Realme Narzo 100X के फीचर्स, कैमरा, स्पेसिफिकेशन और कीमत के बारे में डिटेल में जानते हैं।

भारत में Realme Narzo 100X की कीमत और सेल की जानकारी

Realme Narzo 100X के 4GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट को Amazon से ₹20,999 में खरीदा जा सकता है। वहीं, 6GB RAM और 128GB इंटरनल स्टोरेज वाला वेरिएंट ₹22,999 में उपलब्ध है। जबकि, 6GB RAM और 256GB स्टोरेज वाला वेरिएंट ₹24,999 में मिल रहा है।

लॉन्च ऑफर की बात करें तो, इच्छुक खरीदार चुनिंदा बैंक कार्ड्स का इस्तेमाल करके डिवाइस पर ₹2,000 की छूट और कूपन के साथ ₹500 की छूट पा सकते हैं। इस डिवाइस की सेल भारतीय समयानुसार 22 जुलाई, 2026 को दोपहर 12:00 बजे शुरू होगी। इसके अलावा, यह फोन दो कलर ऑप्शन – Midnight Black और Orange में उपलब्ध होगा।

Realme Narzo 100X के स्पेसिफिकेशन्स और कैमरा

Realme Narzo 100X में 6.81-इंच का IPS LCD FHD+ डिस्प्ले मिलेगा, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 1200 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आता है। इसके अलावा, यह फोन MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर पर चलता है, जिसमें 6GB LPDDR4x RAM और 256GB UFS 2.2 इंटरनल स्टोरेज दी गई है। यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित है और इसमें Realme UI 7.0 का इस्तेमाल किया गया है। इतना ही नहीं, Realme ने इसमें 5300mm स्क्वायर AirFlo VC कूलिंग सेटअप भी दिया है, ताकि हेवी गेमिंग के दौरान फोन ठंडा रहे। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh की बैटरी है, जो अच्छे चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है।

कैमरे की बात करें तो, Realme Narzo 100X में डुअल रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा और एक सेकेंडरी सेंसर शामिल है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इस फोन में 8MP का फ्रंट कैमरा भी दिया गया है।

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कल का मौसम 16 जुलाई: 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे भारी बारिश, आंधी-तूफान! IMD ने बंगाल से बिहार तक ये अलर्ट दिया

Mausam Update: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के मौसम को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय एक कम दबाव का क्षेत्र और 5 से अधिक सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान चलने का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे कौन से वैज्ञानिक कारण हैं और आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज…

देश में ये वेदर सिस्टम एक्टिव

आईएमडी के बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके अगले 2 दिनों के दौरान और अधिक मजबूत होने के साथ उत्तरी ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

ये हैं 5 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ही ऊपर 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक अन्य उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

पूर्वी असम और उसके पड़ोस में 1.5 किमी की ऊंचाई पर और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ

मानसून की ट्रफ लाइन इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहाँपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके साथ ही 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।

16 जुलाई को कहां होगी सबसे भारी बारिश?

16 जुलाई को देश के तीन राज्यों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है:

गांगेय पश्चिम बंगाल

ओडिशा

अरुणाचल प्रदेश

इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बादलों की भारी गर्जना के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है:-

बिहार और झारखंड

उत्तराखंड

छत्तीसगढ़

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की दोहरी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में 16 जुलाई को तेज बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

कुछ राज्यों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी का सितम

एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ राज्यों को कल भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

India Semiconductor Mission (ISM 2.0): केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को India Semiconductor Mission (ISM 2.0) को मंजूरी दे दी। इस मिशन के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का बजट तय किया गया है। यह पहले चरण के ₹76,000 करोड़ से करीब 68% ज्यादा है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ चिप बनाना नहीं है। अब पूरी सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन भारत में तैयार करने पर जोर रहेगा, ताकि देश आयात पर कम निर्भर हो और दुनिया का बड़ा चिप हब बन सके।

आखिर ISM 2.0 में नया क्या है?

पहले चरण यानी ISM 1.0 का फोकस चिप मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लाने पर था। अब ISM 2.0 का दायरा और बड़ा कर दिया गया है। सरकार अब चिप डिजाइन से लेकर मशीनें, केमिकल, गैस, कच्चा माल, एडवांस पैकेजिंग और रिसर्च तक पूरा इकोसिस्टम देश में तैयार करना चाहती है।

6 बड़े पिलर पर तैयार हुआ मिशन

सरकार ने ISM 2.0 को छह बड़े हिस्सों में बांटा है।

  • सबसे पहले भारत को चिप डिजाइन के क्षेत्र में मजबूत बनाया जाएगा। सरकार स्टार्टअप और डिजाइन कंपनियों को मदद देगी, ताकि वे दुनिया के लिए चिप डिजाइन कर सकें।
  • दूसरा फोकस सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर रहेगा। चिप बनाने वाली मशीनें, स्पेशलिटी केमिकल, गैस और जरूरी कच्चा माल देश में ही तैयार करने की कोशिश होगी।
  • तीसरे चरण में नई सिलिकॉन फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले फैब और दूसरी निर्माण इकाइयों में निवेश बढ़ाया जाएगा।
  • चौथा लक्ष्य ATMP और OSAT यानी चिप की एडवांस पैकेजिंग और टेस्टिंग क्षमता को मजबूत करना है।
  • पांचवें हिस्से में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर जोर रहेगा। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ मौजूदा तकनीक तक सीमित न रहे, बल्कि अगली पीढ़ी की चिप टेक्नोलॉजी भी विकसित करे।
  • छठा फोकस स्किल डेवलपमेंट पर होगा। इस सेक्टर के लिए बड़ी संख्या में इंजीनियर और एक्सपर्ट तैयार किए जाएंगे।

105 स्टार्टअप पहले से कर रहे हैं काम

सरकार के मुताबिक, देश में 105 स्टार्टअप पहले से सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन पर काम कर रहे हैं। नई योजना के तहत इन्हें तकनीकी और वित्तीय मदद दी जाएगी। सरकार चाहती है कि भारत चिप डिजाइन के क्षेत्र में भी दुनिया के बड़े देशों में शामिल हो।

2028 तक शुरू हो सकती है पहली चिप फैक्ट्री

सरकार ने कहा है कि भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन (Fab) यूनिट 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है। इससे देश में चिप निर्माण को नई रफ्तार मिलेगी।

पहले चरण में क्या हासिल हुआ?

सरकार के मुताबिक, India Semiconductor Mission (ISM) 1.0 के तहत अब तक 12 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें एक सिलिकॉन फैब, एक सिलिकॉन कार्बाइड फैब, एक गैलियम नाइट्राइड माइक्रो LED डिस्प्ले फैब और 9 पैकेजिंग यूनिट शामिल हैं। इन परियोजनाओं में ₹1.64 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश को मंजूरी मिली है।

Micron, Kaynes और CG Semi में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। एक और यूनिट इस साल के अंत तक प्रोडक्शन शुरू कर सकती है।

68 हजार छात्रों को मिली ट्रेनिंग

सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए कुशल ह्यूमन रिसोर्स भी तैयार कर रही है। अभी 315 विश्वविद्यालयों में आधुनिक Electronic Design Automation (EDA) टूल्स के जरिए पढ़ाई हो रही है। अब तक 68,000 से ज्यादा छात्रों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

बड़ी कंपनियों की भी दिलचस्पी

भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में विदेशी कंपनियों का भरोसा भी बढ़ रहा है। AMD और Applied Materials ने 40-40 करोड़ डॉलर, Microchip Technology ने 30 करोड़ डॉलर, Lam Research ने 110 करोड़ डॉलर और KLA ने 40 करोड़ डॉलर के निवेश का ऐलान किया है।

वहीं ASML, Merck और IBL Electron ने टाटा ग्रुप के साथ समझौते किए हैं। इनका मकसद भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

सरकार का बड़ा लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कह चुके हैं कि भारत सिर्फ चिप आयात करने वाला देश नहीं बनना चाहता। सरकार का लक्ष्य पूरी वैल्यू चेन भारत में तैयार करना है। आने वाले वर्षों में भारत की सेमीकंडक्टर मांग 50 अरब डॉलर से बढ़कर 100 अरब डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है। सरकार चाहती है कि इस बढ़ती मांग का बड़ा हिस्सा देश में ही पूरा हो।मजबूत बनाना है।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aurum Proptech Share Price : हाउसिंग डॉट कॉम को खरीद सकती है औरम प्रॉपटेक, सिर्फ 2 दिनों में 15% भागा शेयर

Aurum Proptech Share Price : CNBC-आवाज़ को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि औरम प्रॉपटेक (Aurum Proptech) एक और अधिग्रहण की तैयारी कर रही है। कल फंड जुटाने के मुद्दे पर कंपनी की बोर्ड मीटिंग भी होने वाली है। कंपनी QIP,प्रेफरेंशियल इश्यू या प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए फंड जुटा सकती है। इसके प्रेफरेंशियल इश्यू में बड़े और नामचीन इनवेस्टर शामिल हो सकते हैं। कंपनी की हाउसिंग डॉट कॉम को खरीदने की तैयारी है।

सूत्रों के मुताबिक कंपनी REA इंडिया से Housing.com के खरीद सकती है। कंपनी पिछले साल जुलाई में Housing.com की सिस्टर कंपनी PropTiger.com को खरीदा था। अब इसकी Housing.com को ही खरीदने की तैयारी है। बता दें कि औरम प्रॉपटेक रियल एस्टेट के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देती है। पिछले 2 दिनों में औरम प्रॉपटेक में 15% तक तेजी देखने को मिली है।

CNBC-आवाज़ ने औरम प्रॉपटेक और REA इंडिया को ईमेल भेजा है। अभी दोनों के आधिकारिक जवाब का इंतजार है।

औरम प्रॉपटेक की बड़ी शॉपिंग

औरम प्रॉपटेक की अब तक हुई शॉपिंग पर नजर डालें तो जुलाई 2025 में कंपनी ने PropTiger को 86 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसने जून 2023 में NestAway को 90 करोड़ में खरीदा था। मई 2023 में इसने MYRE Capital को और 2021–22 में Sell.Do को भी खरीदा था। इसी तरह जुलाई 2021 में इसने K2V2 टेक को 40 करोड़ रुपए में खरीदा था। 2021 में ही इसने Integrow AM में 25 करोड़ रुपए में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी।

कंपनी के प्रदर्शन पर एक नजर

मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में ऑरम प्रॉपटेक की नेट सेल्स 123.85 करोड़ रुपये रही,जो मार्च 2025 तिमाही के 70.41 करोड़ रुपये से 75.9% ज्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसकी नेट प्रॉफ़िट 16.64 करोड़ रुपये रही, जो मार्च 2025 तिमाही के 7.20 करोड़ रुपये से 331.11% ज़्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसका EBITDA 38.47 करोड़ रुपये रहा,जो मार्च 2025 तिमाही के 23.25 करोड़ रुपये से 65.46% ज्यादा है। ऑरम प्रॉपटेक का EPS मार्च 2025 तिमाही के ₹1.33 से बढ़कर मार्च 2026 में ₹2.70 हो गया।

शेयर प्राइस हिस्ट्री

एनएसई पर आज यह शेयर 11.18 रुपए यानी 4.67 फीसदी बढ़कर 250.82 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 264.64 रुपए और दिन का लो 237.51 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 264.64 रुपए और 52 वीक लो 151.90 रुपए है।

1 हफ्ते में यह शेयर 12.38 फीसदी और 1 महीने में 36.77 फीसदी भागा है। तीन महीने में इसमें 47.93 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इस साल अब तक यह शेयर 33.39 फीसदी भागा है। वहीं, 1 साल में इसने 32.34 फीसदी की और 3 साल में 90.38 फीसदी की तेजी दिखाई है।

औरम प्रॉपटेक एक भारतीय लिस्टेड प्रॉपटेक कंपनी है। यह अपने रेंटल ब्रांड हेलोवर्ल्ड और नेस्टअवे के जरिए सीधे उपभोक्ताओं को अपनी सेवाएं प्रदान करती है। जबकि इसके डेटा,मार्केटिंग और सेल्स ऑटोमेशन ब्रांड औरम एनालिटिका और सेल.डू (Sell.Do), रियल एस्टेट सेक्टर को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देते हैं।

 

 

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यूरिया के मामले में 100% आत्मनिर्भर बनेगा भारत! 8-9 नए प्लांट और 10 मिलियन टन कैपिसिटी का ये है पूरा प्लान

भारत को खेती-किसानी और फर्टिलाइजर (उर्वरक) के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने आज एक बड़ा फैसला लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 (NIPU-2026) को मंजूरी दे दी गई है। इस नई नीति के तहत देश में 8 से 9 नए यूरिया प्लांट स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे भारत की आयातित (इंपोर्टेड) यूरिया पर निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस नई निवेश नीति से देश में सालाना लगभग 1 करोड़ मीट्रिक टन (10 मिलियन टन) नई यूरिया उत्पादन क्षमता जुड़ेगी।

यूरिया का मौजूदा गणित: मांग, उत्पादन और 25% का गैप

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश में यूरिया की जरूरत और उत्पादन के मौजूदा आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि नई नीति की जरूर क्यों पड़ी। अभी भारत में यूरिया की कुल मांग 40 मिलियन टन है। इसके मुकाबले घरेलू उत्पादन क्षमता लगभग 30 मिलियन टन (वर्तमान घरेलू उत्पादन क्षमता करीब 26.9 मिलियन टन) है। मांग और आपूर्ति के बीच इस 10 मिलियन टन के अंतर (सप्लाई गैप) को पूरा करने के लिए भारत को हर साल भारी मात्रा में यूरिया का आयात करना पड़ता है। यह गैप कुल मांग का लगभग 25 प्रतिशत है। देश में यूरिया की आवश्यकता में हर साल 5 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में यह नई नीति देश की संपूर्ण यूरिया आवश्यकता को स्थानीय स्तर पर पूरा करने में मदद करेगी।

प्राकृतिक गैस आधारित होंगे 8-9 नए प्लांट, प्रस्ताव तैयार

सरकार के अनुसार नई निवेश नीति के तहत जिन 8-9 नए यूरिया प्लांटों की स्थापना की जाएगी वे प्राकृतिक गैस आधारित होंगे। इस परियोजना के लिए सरकार और निजी क्षेत्र दोनों की तरफ से प्रस्ताव मिल चुके हैं। इससे पहले लागू की गई न्यू इन्वेस्टमेंट पॉलिसी (NIP)-2012 के तहत पिछले एक दशक में देश में छह नए यूरिया प्लांट शुरू किए गए थे। इनमें से चार प्लांट सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के संयुक्त उद्यम के माध्यम से और दो प्लांट निजी फर्मों द्वारा स्थापित किए गए थे। इससे यूरिया के आयात पर निर्भरता काफी कम हुई थी। अब NIPU-2026 इसी नीति का एक विस्तारित रूप है।

नीति के 3 मजबूत स्तंभ

कंपनियों और निवेशकों को आकर्षित करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इस नई नीति को तीन मुख्य स्तंभों पर तैयार किया गया है:

लागत संरचना का संशोधन (पारदर्शिता): सब्सिडी की गणना को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इसमें निश्चित लागत और परिवर्तनीय लागत को पूरी तरह से अलग-अलग कर दिया गया है।

12-16% रिटर्न की गारंटी: यूरिया प्लांट लगाने वाली कंपनियों के लिए इक्विटी पर 12 से 16 प्रतिशत का सुनिश्चित रिटर्न तय किया गया है।

विदेशी मुद्रा जोखिम से सुरक्षा: विदेशी मुद्रा में होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने के लिए व्यवस्था की गई है। इसके तहत चार साल के बाद तत्कालीन विनिमय दरों के आधार पर निश्चित लागतों को रुपये में परिवर्तित कर दिया जाएगा।

₹250 करोड़ की बड़ी बचत: सरकार के मुताबिक नीति में किए गए इन सुधारात्मक बदलावों से प्रत्येक यूरिया प्लांट के लिए 250 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय कीमतों से सुरक्षित रहेंगे भारतीय किसान

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार की व्यापक उर्वरक रणनीति को रेखांकित करते हुए भरोसा दिलाया कि वैश्विक स्तर पर फर्टिलाइजर की कीमतों में आने वाले उछाल और उतार-चढ़ाव से भारतीय किसानों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। सरकार द्वारा लगातार दी जा रही सब्सिडी सहायता के माध्यम से किसानों पर वैश्विक कीमतों के बढ़ने का कोई असर नहीं पड़ने दिया गया है और आगे भी उन्हें यह सुरक्षा मिलती रहेगी।

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नो कंजूसी, ओनली सेविंग्स! लाइफस्टाइल से बिना समझौता किए हर महीने होगी तगड़ी बचत, अपनाएं ये 5 स्मार्ट हैक्स

Save Money Without Sacrificing Lifestyle: अक्सर लोगों को लगता है कि पैसे बचाने का मतलब है अपनी सभी खुशियों और शौक का गला घोंट देना। लेकिन यह सोच बिल्कुल गलत है। अगर आप जबरदस्ती अपने सारे शौक बंद कर देंगे, तो कुछ ही दिनों में हताश हो जाएंगे और बचत करने का यह सिलसिला बीच में ही टूट जाएगा। असल में समझदारी से खर्च करने का मतलब अपनी जिंदगी के मजे को खत्म करना नहीं, बल्कि फाइनेंशियल प्लानिंग और लाइफ के एन्जॉयमेंट के बीच एक सही बैलेंस बनाना है।

स्मार्ट मनी मैनेजमेंट के जरिए बचत और मनोरंजन दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। अगर सही रणनीति अपनाई जाए, तो बिना किसी समझौते या कमी के अहसास के वित्तीय स्थिरता हासिल की जा सकती है। आइए जानते हैं रोजमर्रा की जिंदगी में पैसे बचाने के वो 5 स्मार्ट तरीके, जो आपकी लाइफस्टाइल को प्रभावित किए बिना आपकी जेब भरेंगे।

1. अपने खर्चों के पैटर्न को समझें

पैसा बचाने की शुरुआत इस बात को समझने से होती है कि आपका पैसा असल में जा कहां रहा है। कई बार छोटी-छोटी चीजें जैसे- बिना इस्तेमाल वाले ओटीटी सब्सक्रिप्शन, आए दिन बाहर से खाना ऑर्डर करना या बिना सोचे-समझे की गई शॉपिंग, आपके बजट को बिगाड़ देती हैं।

जब आप अपने खर्चों के पैटर्न को ट्रैक करना शुरू करते हैं, तो आपको पता चलता है कि कहाँ फिजूलखर्ची हो रही है। इससे आपको सही जगह पर कटौती करने में मदद मिलती है।

2. दिखावे की जगह ‘वैल्यू’ को अहमियत दें

बिना सोचे-समझे की गई खरीदारी अक्सर अस्थायी खुशी देती है, जबकि स्मार्ट शॉपिंग हमेशा उस चीज पर आधारित होती है जो आपको लंबे समय तक फायदा या वैल्यू दे। ऐसी चीजों या अनुभवों जैसे- घूमना या कोई नई स्किल सीखने पर खर्च करना जो आपको लंबे समय तक खुशी दें, उन ढेर सारी सस्ती या कम महत्व वाली चीजों को खरीदने से कहीं बेहतर है जो सिर्फ घर में जगह घेरती हैं। किसी भी चीज को खरीदने से पहले उसका बजट तय करने से गैर-जरूरी खर्चों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

3. ‘फन बजट’ तय करें, पछतावे से बचें

बचत करने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप दोस्तों के साथ घूमना या पार्टी करना पूरी तरह छोड़ दें। अपने महीने के बजट में से एक निश्चित हिस्सा मनोरंजन और घूमने-फिरने के लिए पहले से ही अलग निकाल दें। ऐसा करने से आप बिना किसी गिल्ट या डर के अपनी लाइफ को एन्जॉय कर पाएंगे। जब आप अपने मनोरंजन को अपनी सेविंग्स प्लानिंग का हिस्सा बना लेते हैं, तो आपकी बचत की आदत लंबे समय तक बिना टूटे जारी रहती है।

4. लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन से बचें

जैसे-जैसे लोगों की आमदनी या सैलरी बढ़ती है, वैसे-वैसे उनके खर्च भी अपने आप बढ़ने लगते हैं। इसे फाइनेंशियल भाषा में ‘लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन’ कहा जाता है। वित्तीय रूप से सफल होने के लिए इस जाल से बचना बेहद जरूरी है। सैलरी बढ़ने पर तुरंत महंगे शौक पालने के बजाय, अपनी बचत और निवेश के अनुपात को भी उसी रफ्तार से बढ़ाएं। आमदनी और खर्च के बीच का यह संतुलन ही आपको भविष्य के लिए आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाएगा।

5. छोटे-छोटे स्मार्ट हैक्स अपनाएं

रोजमर्रा की जिंदगी में मामूली बदलाव करके भी बड़ी बचत की जा सकती है, और इसके लिए आपको अपनी क्वालिटी ऑफ लाइफ से कोई समझौता नहीं करना पड़ता। किसी भी सामान को खरीदने से पहले ऑनलाइन कीमतों की तुलना करना, डिस्काउंट या ऑफर्स का फायदा उठाना और गैजेट्स के हर नए मॉडल पर तुरंत अपग्रेड न करना कुछ ऐसे तरीके हैं जो आपके हजारों रुपये बचा सकते हैं। हर वीकेंड पर महंगे रेस्टोरेंट में जाने के बजाय कभी-कभी घर पर ही कुकिंग का आनंद लें। यह आपकी सेहत और जेब दोनों के लिए बेहतर होगा।

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एक सस्टेनेबल यानी लंबे समय तक चलने वाली बचत की आदत विकसित करने के लिए बजट बनाना, खर्चों की समीक्षा करना और वित्तीय लक्ष्य तय करना बेहद जरूरी है। जब आप खर्च और बचत के बीच एक सही संतुलन बना लेते हैं, तो आप आज का दिन भी पूरी आजादी से जीते हैं और अपने आने वाले कल को भी सुरक्षित कर लेते हैं।