Bank Holiday: कल से अगले 2 दिन तक बैंकों पर लगेगा ताला! घर से निकलने से पहले देख लें ये छुट्टियों की लिस्ट

Bank Holiday Alert: अगर आपको अगले दो दिनों में बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। कल और परसों यानी 16 और 17 जुलाई 2026 को देश के कुछ राज्यों में बैंकों में कामकाज नहीं होगा।

हालांकि, आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह छुट्टियां पूरे देश में नहीं हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, ये छुट्टियां केवल चुनिंदा राज्यों में ही लागू रहेंगी। आइए जानते हैं कि इन दो दिनों में किन राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं और इसकी वजह क्या है।

16 जुलाई, गुरुवार को कहां बंद रहेंगे बैंक?

16 जुलाई, गुरुवार को देश के दो राज्यों में स्थानीय त्योहारों और विशेष दिवस के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी:

उत्तराखंड: इस दिन उत्तराखंड में हरेला (Harela) पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। इस कारण राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक बंद रहेंगे।

मेघालय: मेघालय में यू तिरोत सिंह डे (U Tirot Sing Day) के अवसर पर बैंकों में छुट्टी घोषित की गई है।

अन्य राज्य: इन दो राज्यों को छोड़कर देश के बाकी सभी राज्यों में बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे और काम सुचारू रूप से चलेगा।

17 जुलाई, शुक्रवार को कहां रहेगी छुट्टी?

17 जुलाई, शुक्रवार को भी एक राज्य में बैंक हॉलिडे रहने वाला है:

मेघालय: यू तिरोत सिंह डे के अवसर पर लगातार दूसरे दिन भी मेघालय में बैंक बंद रहेंगे।

अन्य राज्य: मेघालय को छोड़कर भारत के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंक खुले रहेंगे, जिससे आम जनता को कोई परेशानी नहीं होगी।

क्या ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाओं पर पड़ेगा असर?

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों की सहूलियत के लिए डिजिटल सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। यूपीआई पेमेंट सेवाएं बिना किसी रुकावट के चलती रहेंगी। मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग के जरिए आप आसानी से फंड ट्रांसफर कर सकेंगे। पैसे निकालने या जमा करने के लिए एटीएम (ATM) और डिजिटल डिपॉजिट मशीनें हमेशा की तरह काम करेंगी।

New IRCTC Website: आज लाइव हो रही है आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट, 5 गुना तेजी से बुक होंगे तत्काल टिकट! मिलेंगे ये स्मार्ट फीचर्स

New IRCTC Website: भारतीय रेलवे के जरिए सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए आज का दिन बेहद खास है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) आज यानी 15 जुलाई को अपनी नए सिरे से डिजाइन की गई टिकट बुकिंग वेबसाइट को लाइव करने जा रहा है। इस नए और अपग्रेडेड प्लेटफॉर्म से यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग को बेहद तेज, आसान और सुलभ एक्सपीरियंस वाला होने का दावा किया जा रहा है।

भारतीय रेलवे डिजिटल सेवाओं को आधुनिक बनाने के प्रयासों के तहत यह बड़ा अपग्रेड करने जा रहा है। दरअसल पीक आवर्स (खास तौर पर तत्काल बुकिंग के समय) के दौरान वेबसाइट के धीमे होने और टिकट बुकिंग फेल होने को लेकर यात्री लगातार शिकायतें कर रहे थे। दावा किया जा रहा है कि नई वेबसाइट इन सभी समस्याओं को काफी हद तक दूर कर देगी। आइए जानते हैं कि नई वेबसाइट में क्या बदलाव किए गए हैं और यात्रियों को कौन से नए स्मार्ट फीचर्स मिलेंगे।

5 गुना तेज बुकिंग और भारी-भरकम ट्रैफिक संभालने की क्षमता

नई वेबसाइट का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सुधार इसकी ट्रैफिक संभालने की क्षमता में किया गया है। रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक नया प्लेटफॉर्म अब हर मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग प्रोसेस करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। यह मौजूदा सिस्टम की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है। अभी का सिस्टम प्रति मिनट सिर्फ 32000 बुकिंग ही संभाल पाता था।

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के बैकएंड को भी मजबूत किया गया है। अब यह प्रति मिनट 40 लाख से अधिक पूछताछ को सपोर्ट कर सकता है। पुराना सिस्टम सिर्फ 4 लाख पूछताछ ही संभाल पाता था। टिकट बुकिंग और दूसरी कैपिसिटी में हुई इस बढ़ोतरी के बाद पीक आवर्स में वेबसाइट के धीमे होने, पेमेंट फेल होने और बुकिंग एरर जैसी समस्याओं में भारी कमी आएगी।

यात्रियों के लिए नए और बेहद स्मार्ट फीचर्स

प्रदर्शन में सुधार के अलावा आईआरसीटीसी की इस नई वेबसाइट में यात्रियों की सुविधा के लिए कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। अब यात्री टिकट बुकिंग के दौरान अपनी पसंद की सीट चुन सकेंगे। पहले यात्रियों को पूरी तरह से ऑटोमैटिक सीट आवंटन पर निर्भर रहना पड़ता था। इसमें एक फेयर कैलेंडर फीचर जोड़ा गया है। इसकी मदद से यात्री टिकट बुक करने से पहले अलग-अलग तारीखों के किरायों की तुलना कर सकेंगे। यह उन यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद होगा जिनके सफर की तारीखें फ्लेक्सिबल हैं और जो कम किराये में सफर करना चाहते हैं।

बुकिंग इंटरफेस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि अब स्लीपर, एसी 3 टियर और एसी 2 टियर जैसी कई श्रेणियों की सीट उपलब्धता को एक ही स्क्रीन पर देखा जा सकेगा। इसके लिए यात्रियों को बार-बार अलग-अलग टैब बदलने की जरूरत नहीं होगी।

आसान पहुंच और बेहतर यूजर एक्सपीरियंस

नई वेबसाइट कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगी। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों के लिए अपनी भाषा में टिकट बुक करना आसान हो जाएगा। छात्रों, दिव्यांगजनों और मरीजों के लिए दी जाने वाली कंसेशन बुकिंग सेवाओं को अब एक ही यूनीफाइड सिस्टम में जोड़ दिया गया है।

वेबसाइट के इंटरफेस को काफी सुव्यवस्थित और साफ-सुथरा बनाया गया है। अब टिकट बुक करते समय यात्रियों को गैर-जरूरी पॉप-अप विज्ञापनों, बैनरों और बार-बार आने वाले कैप्चा वेरिफिकेशन से परेशान नहीं होना पड़ेगा। इससे बुकिंग की प्रक्रिया बेहद आसान हो जाएगी।

रेलवे के बड़े डिजिटल कायाकल्प का हिस्सा

आईआरसीटीसी की इस नई वेबसाइट का लॉन्च होना भारतीय रेलवे में चल रहे एक बड़े डिजिटल बदलाव का हिस्सा है। यात्री सेवाओं में सुधार के साथ-साथ रेलवे ने हाल ही में बुनियादी ढांचे, माल ढुलाई संचालन और प्रोजेक्ट्स को पूरा करने से जुड़े कई बड़े सुधारों का भी ऐलान किया है।

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Ather Energy share Price: एथर एनर्जी का शेयर बना रॉकेट, आईपीओ के निवेशकों का पैसा 3 गुना हुआ

एथर एनर्जी के शेयर 15 जुलाई को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गए। एक समय शेयर 9 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए थे। हालांकि, बाद में तेजी थोड़ी कम पड़ गई। 11:40 बजे शेयर 8.65 फीसदी उछाल के साथ 1,306 रुपये पर चल रहा था। शेयरों में तेजी की वजह एक खबर है। हीरो मोटोकॉर्प का एथर एनर्जी में 1,000 करोड़ रुपये निवेश करने का प्लान है।

Ather Energy बेंगलुरु की कंपनी है, जो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाती है। हीरो मोटोकॉर्प यह निवेश प्रिफरेंशियल इश्यू या कनवर्टिबल वारंट्स के जरिए करेगी। हीरो मोटोकॉर्प ने कहा है कि इस ट्रांजेक्शन के बाद उसकी शेयरहोल्डिंग प्रस्तावित सिक्योरिटीज इश्यूएंस की फाइनल प्राइसिंग और स्ट्रक्चर पर निर्भर करेगी। जरूरी एप्रूवल मिलने के 15 दिन के अंदर इस ट्रांजेक्शन के पूरा हो जाने की उम्मीद है।

एथर एनर्जी में इस साल जून के अंत में Hero MotoCorp की 29.5 फीसदी हिस्सेदारी थी। हीरो मोटोकॉर्प का दर्जा एथर एनर्जी के प्रमोटर का है। एथर एनर्जी भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली शुरुआती कंपनियों में से एक है। इसका मुकाबला TVS Motor और Bajaj Auto जैसी दिग्गज कंपनियों से है, जिन्होंने बड़े लेवल पर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में एंट्री की है। इसके अलावा ओला भी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के मार्केट में है।

एथर एनर्जी का आईपीओ अप्रैल 2025 में आया था। कंपनी के शेयर 321 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 328 रुपये पर लिस्ट हुए थे। कंपनी का शेयर 2026 में 60 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। यह इश्यू प्राइस से करीब 3 गुना हो चुका है। उधर, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली ओला इलेक्ट्रिक का शेयर इश्यू प्राइस से करीब 48 फीसदी गिरा है।

एथर एनर्जी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री खुद करती है। इसका चार्जिंग नेटवर्क और बैटरी एनर्जी मैनेजमेंट सर्विसेज भी है। 31 मार्च, 2026 के अंत में कंपनी का टर्नओवर 3,671.76 करोड़ रुपये था। 14 जुलाई को कंपनी का शेयर 1,47 फीसदी चढ़कर 1,202 रुपये पर बंद हुआ था। ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि एथर एनर्जी ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के बाजार में अच्छी पैठ बना ली है।

15 जुलाई को शेयर बाजार में तेजी दिखी। निफ्टी 0.56 फीसदी यानी 132 अंक चढ़कर 24,185 अंक पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.65 फीसदी यानी 500 अंक के उछाल के साथ 77,549 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.89 फीसदी की तेजी दिखी। 14 जुलाई को शेयर बाजार में गिरावट आई थी।

Middle East War: बहरीन में US नेवी बेस पर ईरान का भीषण हमला! अमेरिका से दो-दो हाथ करने को तैयार, तेल सप्लाई रोकने का दिया अल्टीमेटम

Iran US Conflict Middle East Oil Gas Crisis: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े पर बड़े हमले का दावा किया है। इस हमले के तुरंत बाद ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि इस क्षेत्र से तेल और गैस का निर्यात या तो सभी के लिए होगा या फिर किसी के लिए भी नहीं।

दूसरी तरफ, अमेरिका ने भी इस हमले का करारा जवाब देते हुए ईरान के तटीय इलाकों में भारी बमबारी की है। आइए इस पूरे घटनाक्रम और इसके पीछे की बड़ी वजहों को समझते हैं।

ईरान ने अमेरिकी नेवी बेस पर कैसे किया हमला?

ईरानी सेना IRGC के आधिकारिक बयान के मुताबिक, उन्होंने ‘ऑपरेशन नसर 2’ के तहत पांचवें चरण के हमलों को अंजाम दिया है। इस ऑपरेशन को ‘मुबारक या अली इब्न अबी तालिब (AS)’ कोडनेम दिया गया था।

ईरान का दावा है कि बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के बेस पर किए गए इस हमले में वहां के एनएसआई मैनेजमेंट सेंटर, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, सैन्य उपकरणों और पुर्जों से भरे बड़े गोदामों और ईंधन टैंकों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।

ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने हिंद महासागर में अपने नौसैनिक बल तैनात कर दिए हैं और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा करके दुनिया के लिए तेल-गैस का रास्ता बंद कर दिया है। ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका की इसी ‘गुंडागर्दी’ का जवाब है।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई: 7 घंटे तक बरसे बम

बहरीन में अपने बेस पर हुए हमले के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी ईरान के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के तटीय इलाकों के पास मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों पर लगातार 7 घंटे तक हवाई हमले किए।

इस कार्रवाई में अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोनों और युद्धपोतों ने सटीक मार करने वाले हथियारों से ईरान की मिसाइल और ड्रोन साइटों, नौसैनिक क्षमताओं और तटीय रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया। अमेरिका ने घोषणा की है कि उसने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ फिर से समुद्री नाकेबंदी शुरू कर दी है।

क्या रुक जाएगी मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई?

ईरान की इस नई धमकी ने दुनिया भर के बाजारों में खलबली मचा दी है। ईरान के सैन्य संगठन IRGC ने साफ तौर पर कहा है कि अगर अमेरिका हिंद महासागर के रास्ते तेल और गैस के निर्यात को बाधित कर उसके आर्थिक प्रतिद्वंद्वियों के हितों को नुकसान पहुंचाएगा, तो अमेरिका और उसके सहयोगियों के तेल निर्यात वाले रास्तों को भी बंद कर दिया जाएगा।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच यह जंग और खिंचती है, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और एक नया ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है।

Amrit Bharat Station Scheme: मध्य प्रदेश को मिलने जा रहे 13 आधुनिक रेलवे स्टेशन, देखिए फुल लिस्ट

13 New Amrit Bharat Stations: मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत राज्य के 13 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प कर उन्हें आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाया गया है। इन्हें जल्द ही जनता को समर्पित किया जा रहा है। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को देश भर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली उद्घाटन करेंगे। इन 75 स्टेशनों में मध्य प्रदेश के 13 अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के इन 13 नए अमृत भारत रेलवे स्टेशनों की फुल लिस्ट

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस चरण में मध्य प्रदेश के जिन 13 रेलवे स्टेशनों को नया रूप देकर तैयार किया गया है, उनके नाम यहां नीचे देखिए:-

विदिशा

सांची

अशोकनगर

शिवपुरी

ब्यौहारी

भिंड

हरपालपुर

छतरपुर

टीकमगढ़

जुन्नारदेव

बालाघाट

छिंदवाड़ा

नैनपुर

भोपाल डिवीजन के 4 स्टेशन शामिल

भोपाल डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ कटारिया ने बताया कि 17 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम में भोपाल डिवीजन के तहत आने वाले चार प्रमुख स्टेशनों विदिशा, सांची, अशोकनगर और शिवपुरी का उद्घाटन किया जाएगा।

कार्यक्रम में शामिल होंगे ये VIPs

17 जुलाई को होने वाले इस भव्य उद्घाटन समारोह में राज्य और केंद्र सरकार के कई बड़े नेता अलग-अलग स्टेशनों से हिस्सा लेंगे। राज्यपाल मंगूभाई पटेल सांची स्टेशन से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री टीकमगढ़ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहेंगे। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोकनगर स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

₹3000 करोड़ की लागत से बदल रही है MP के स्टेशनों की सूरत

अधिकारियों ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूरे मध्य प्रदेश में कुल 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस पूरी महापरियोजना पर लगभग 3000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आ रही है। इनमें से कुछ स्टेशनों का उद्घाटन पहले ही चरण में किया जा चुका है। अब इस चरण में 13 और स्टेशन जनता को समर्पित किए जा रहे हैं। जैसे-जैसे अन्य स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य पूरा होता जाएगा, आने वाले महीनों में उनका भी उद्घाटन किया जाएगा।

कैसी हैं नई सुविधाएं और क्या है इसका कॉन्सेप्ट?

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इन पुनर्विकसित स्टेशनों को अगले 40 से 50 वर्षों की बुनियादी ढांचे की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इनमें यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। स्टेशनों पर अपग्रेडेड सर्कुलेटिंग एरिया, विशाल वेटिंग हॉल, आधुनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड और कोच गाइडेंस सिस्टम लगाए गए हैं।

दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर उचित प्रबंध किए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा और उनके आने-जाने को आसान बनाने के लिए स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज को चौड़ा किया गया है। पहले जो फुट ओवरब्रिज लगभग 4.5 मीटर चौड़े होते थे उन्हें अब बढ़ाकर 12 मीटर कर दिया गया है।

इन स्टेशनों को कमर्शियल स्पेस (व्यावसायिक क्षेत्रों) के साथ विकसित किया गया है ताकि ये सिटी सेंटर के रूप में काम कर सकें। इससे व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और जनता इसका अधिक उपयोग कर सकेगी।

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ये सभी अमृत भारत स्टेशन योजना के मूल कॉन्सेप्ट हैं जो अब धरातल पर आकार ले रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि ये पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन आने वाले समय में शहरों के विकास और प्रगति के लिए एक बड़े कैटेलिस्ट के रूप में उभरेंगे।

Crude Oil News: फिर $100 के पार जाएगा कच्चा तेल? इन बातों से तय होगी चाल

Crude Oil News: कच्चे तेल में एक बार फिर उबाल आ रहा है। एमएसटी मार्की (MST Marquee) के एनर्जी रिसर्च हेड सॉल कावोनिक (Saul Kavonic) का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नई दिक्कतों ने वैश्विक ऑयल मार्केट की तस्वीर बदल दी और सप्लाई से जुड़ा रिस्क फिर से बढ़ने के चलते इसकी कीमतें हाई लेवल पर बनी रह सकती है। सॉल का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच जंग जारी रहती है या इसकी आंच ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंचती है तो कच्चे तेल के भाव एक बार फिर से प्रति बैरल $100 से ऊपर जा सकती है और मार्च-अप्रैल के लेवल पर फिर पहुंच सकती है।

इन बातों से तय होगी कच्चे तेल की चाल

सॉल का कहना है कि नियर टर्म में तेल की कीमतें किस तरफ बढ़ेगी, यह इस पर निर्भर करेगा कि अमेरिका और ईरान के बीच की लड़ाई किस तरह आगे बढ़ती है। अगर तनाव हल्का होता है, तो हाल में कच्चे तेल की कीमतों में आई करीब 10% की बढ़ोतरी घट सकती है लेकिन अगर लड़ाई लंबी खिंचती है या एनर्जी इंफ्रा पर हमले होते हैं, तो कीमतें तेजी से बढ़ सकती है। पश्चिमी एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई एक बार शुरू होने पर ब्रेंट क्रूड उबल पड़ा और प्रति बैरल $85 के करीब पहुंच गया। इससे पहले सीजफायर की उम्मीदों और होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने की संभावना के चलते तेल की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद की जा रही थी।

होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही फिर से सामान्य होने की उम्मीद पर माना जा रहा था कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई होगी तो सप्लाई सरप्लस हो जाएगी लेकिन पश्चिमी एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ा तो माहौल बदल गया। इस रास्ते से गुजरने वाला तेल अब युद्ध शुरू होने से पहले की तुलना में सिर्फ 15% ही रह गया है। मार्केट में सप्लाई की कमी बनी हुई है और मांग पूरी करने के लिए इन्वेंट्री पर निर्भरता बनी हुई है। सॉल का कहना है कि तेल की कीमतों में तब तक कोई खास कमी आने की संभावना नहीं है, जब तक कि होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग युद्ध से पहले के लेवल से लगभग 30-50% तक वापस नहीं आ जाता जिससे ज़्यादा कच्चा तेल इंटरनेशनल मार्केट तक पहुँच सके।

Iran-US War से कितनी बदल पाएगी स्ट्रैटेजी?

सॉल का अनुमान है कि अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई खाड़ी देशों में एनर्जी सिक्योरिटीज से जुड़ी रणनीतियों को हमेशा के लिए बदल देगा। उन्होंने कहा कि तेल निकालने वाले देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए एक्सपोर्ट के वैकल्पिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ा सकते हैं। हालांकि यूएई और सऊदी अरब जैसे देशों ने पहले ही ऐसी पाइपलाइन की क्षमता बढ़ाने की योजना का ऐलान किया जो होर्मुज से होकर नहीं गुजरती लेकिन सॉल के मुताबिक जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में कई साल लगेंगे। इराक और कुवैत जैसे देशों के लिए एक्सपोर्ट रूट के मामले में बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय सहयोग की जरूरत होगी, यानी कि आने वाले समय में भी होर्मुज स्ट्रेट के एक अहम ग्लोबल एनर्जी चोकपॉइंट बने रहने की उम्मीद है।

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EPS Scheme 2026: अब चुटकियों में क्लेम होगा पेंशन का पैसा! नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, परिवार को मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे

EPFO EPS Scheme 2026 Rules: नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का सबसे बड़ा सहारा इंप्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) होती है। हाल ही में सरकार ने पुराने नियमों को बदलते हुए EPS 2026 को लागू कर दिया है, जो पुराने EPS-95 की जगह लेगा। नए नियमों के तहत अब पेंशन क्लेम की प्रक्रिया को बेहद आसान और समयबद्ध बना दिया गया है।

आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि आप अपना ईपीएस पेंशन क्लेम कैसे कर सकते हैं और इस नई स्कीम में आपके परिवार को कौन से 5 बड़े पेंशन फायदे मिलते हैं।

EPS क्लेम करने से पहले चेक करें अपनी योग्यता

ईपीएस पेंशन का लाभ उठाने के लिए आपका योग्य होना जरूरी है। इसके लिए मुख्य शर्तें ये हैं:

10 साल की सेवा: ईपीएस के तहत मासिक पेंशन पाने के लिए कर्मचारी की न्यूनतम पेंशन योग्य सेवा 10 वर्ष होनी चाहिए।

उम्र सीमा: सामान्य तौर पर सदस्य 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर मासिक पेंशन पाने का हकदार होता है। हालांकि, 10 साल की सेवा पूरी करने वाले सदस्य 50 वर्ष की उम्र से ही ‘अंतिम राहत’ के तौर पर अर्ली पेंशन ले सकते हैं, लेकिन इसमें पेंशन की राशि थोड़ी कम हो जाती है।

विड्रॉल बेनिफिट: जिन कर्मचारियों की सेवा 10 वर्ष से कम है, वे पेंशन के बजाय एकमुश्त विड्रॉल बेनिफिट का दावा कर सकते हैं।

KYC अपडेट रखना है सबसे जरूरी

पेंशन क्लेम में किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए आपका ईपीएफओ रिकॉर्ड बिल्कुल अपडेट होना चाहिए।

आपके ईपीएफ खाते में आधार, बैंक खाता संख्या, पैन और जन्म तिथि बिल्कुल सही होनी चाहिए।

आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट होना चाहिए और वह आधार से लिंक होना चाहिए। अगर आपके दस्तावेजों और ईपीएफ खाते की जानकारियों में थोड़ा भी अंतर होगा, तो आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

सही फॉर्म का चुनाव करें

आप किस तरह का लाभ लेना चाहते हैं, फॉर्म का चुनाव उसी पर निर्भर करता है:

फॉर्म 10D (Form 10D): अगर आप अपनी पात्रता पूरी कर चुके हैं और हर महीने मिलने वाली नियमित पेंशन का दावा करना चाहते हैं, तो आपको फॉर्म 10D भरना होगा।

फॉर्म 10C (Form 10C): अगर आपकी सेवा 10 वर्ष से कम है और आप पेंशन फंड में जमा पूरी रकम एकमुश्त निकालना चाहते हैं, तो आपको फॉर्म 10C भरना होगा।

पेंशन क्लेम की ऑनलाइन प्रक्रिया और नया 20-डे रूल

अब आपको ईपीएस क्लेम के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर जाकर अपने यूएएन और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करके सीधे ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भर सकते हैं और इसे आधार ओटीपी के जरिए सत्यापित कर सकते हैं।

20 दिनों का सख्त नियम: EPS 2026 के नए नियमों के तहत अब कमिश्नर को आपका पेंशन क्लेम आवेदन मिलने के 20 दिनों के भीतर निपटाना होगा। अगर बिना किसी ठोस वजह के क्लेम सेटल होने में 20 दिनों से ज्यादा की देरी होती है, तो देरी की अवधि के लिए 12% सालाना की दर से ब्याज दिया जाएगा और यह ब्याज संबंधित अधिकारी की सैलरी से भी वसूला जा सकता है।

EPS 2026: परिवार को मिलने वाले 5 बड़े पेंशन बेनिफिट्स

ईपीएस स्कीम का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि यह केवल कर्मचारी को ही नहीं, बल्कि उसके न रहने पर परिवार को भी सामाजिक सुरक्षा देती है। स्कीम के तहत मिलने वाले 5 बड़े फायदे ये हैं:

1. विधवा/विधुर पेंशन: ईपीएफ सदस्य की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी या पति को आजीवन पेंशन मिलती है। यह पेंशन उनके दोबारा शादी करने या मृत्यु होने तक जारी रहती है।

2. बच्चों के लिए पेंशन: सदस्य की मृत्यु के बाद पत्नी के साथ-साथ दो बच्चों को भी (25 वर्ष की आयु पूरी होने तक) मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। यह राशि विधवा पेंशन की 25% के बराबर होती है।

3. अनाथ बच्चों के लिए पेंशन: अगर सदस्य और उसकी पत्नी दोनों की मृत्यु हो जाती है, तो बच्चों को अनाथ पेंशन दी जाती है। यह राशि सामान्य बाल पेंशन से काफी अधिक (विधवा पेंशन की 75% तक) होती है।

4. नॉमिनी पेंशन: अगर सदस्य अविवाहित है या उसका कोई परिवार नहीं है, तो सदस्य द्वारा ई-नॉमिनेशन में फॉर्म 2 के जरिए तय किए गए नामांकित व्यक्ति को आजीवन पेंशन दी जाती है।

5. आश्रित माता-पिता को पेंशन: अगर मृत सदस्य का कोई परिवार, बच्चे या नॉमिनी नहीं है, तो उसके आश्रित माता-पिता (पहले मां और फिर पिता) को पेंशन का लाभ दिया जाता है।

Tata Elxsi share: Q1 नतीजों के बाद शेयर 6% टूटा, अब खरीदें, बेचें या रहें बनें, जानें एक्सपर्ट की राय

Tata Elxsi Share Price: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एलेक्सी ( Tata Elxsi) के शेयर 15 जुलाई को  6 फीसदी टूट गए और ₹3,473.75 पर आ गया, जो 52 हफ़्ते का सबसे निचला लेवल है।दरअसल,   कंपनी के तिमाही नतीजे बाजार को पसंद नहीं आए।  टाटा ग्रुप की कंपनी ने जून तिमाही में प्रॉफिट में भारी गिरावट की रिपोर्ट दी, जबकि रेवेन्यू काफी हद तक स्ट्रीट के अनुमानों के मुताबिक ही रहा। यहीं कारण है कि  शेयर आज निफ्टी 500 में भी टॉप लूजर में शामिल है।

इंजीनियरिंग और डिज़ाइन सर्विस फर्म ने लगातार 1.3% की कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ की रिपोर्ट दी, जो एनालिस्ट की 1.2% की उम्मीदों से काफी हद तक मेल खाती है। हालांकि, EBIT मार्जिन तिमाही-दर-तिमाही 340 बेसिस पॉइंट्स घटकर 21.2% हो गया, जो स्ट्रीट के 22% के अनुमान से कम है।

मार्जिन में गिरावट मुख्य रूप से बड़ी डील ट्रांज़िशन कॉस्ट, कस्टमर से जुड़े खर्च, ऑनसाइट सेल्स और डिलीवरी कैपेबिलिटी में इन्वेस्टमेंट, ज़्यादा सबकॉन्ट्रैक्टिंग कॉस्ट, टैलेंट इन्वेस्टमेंट और कुछ एक बार के सालाना खर्चों की वजह से हुई।

मैनेजमेंट ने बताया कि जून तिमाही में मार्जिन पर दबाव सबसे ज़्यादा था, लेकिन यह भी चेतावनी दी कि सितंबर तिमाही पर सालाना सैलरी हाइक का असर पड़ेगा।

अब क्या करें, जानें क्या कहते है ब्रोकरेजज

JP मॉर्गन ने टाटा एलेक्सी पर अपनी ‘neutral’ रेटिंग बनाए रखी और प्राइस टारगेट ₹3,500 रखा है। ब्रोकरेज ने इस तिमाही को मिला-जुला बताया, जिसमें रेवेन्यू उम्मीद से थोड़ा ज़्यादा रहा लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी काफी कम रही।

रेवेन्यू ग्रोथ मीडिया और टेलीकॉम वर्टिकल की वजह से हुई, जबकि ऑटोमोटिव और हेल्थकेयर बिज़नेस दबाव में रहे। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि मीडिया और टेलीकॉम में मोमेंटम बना रहेगा, जिसे हाल की डील्स और प्रोजेक्ट रैंप-अप से सपोर्ट मिला है।हालांकि, JPMorgan ने कहा कि FY27 में हाई सिंगल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ देने का कंपनी का टारगेट हेल्थकेयर सेगमेंट में रिकवरी पर निर्भर करता है, जहां विजिबिलिटी अभी भी अनिश्चित है।

ब्रोकरेज ने यूरोपियन ऑटोमोटिव मार्केट में लगातार मुश्किलों पर मैनेजमेंट की कमेंट्री को भी हाईलाइट किया, जो टाटा एलेक्सी के ऑटोमोटिव बिज़नेस का 40% से ज़्यादा हिस्सा है।

 JPMorgan 

मार्जिन पर, JPMorgan ने कहा कि यह तेज गिरावट डील ट्रांज़िशन कॉस्ट, रैंप-अप खर्च, ऑनसाइट डिलीवरी इन्वेस्टमेंट, टैलेंट एडिशन, कस्टमर-रिलेटेड प्रोविजन और एक बार की सालाना कॉस्ट के कॉम्बिनेशन की वजह से हुई। हालांकि इनमें से कुछ कॉस्ट अगले एक से दो क्वार्टर में कम होने की उम्मीद है, लेकिन दूसरों को नॉर्मल होने में ज़्यादा समय लग सकता है।

इस वजह से, जेपी मॉर्गन को सिर्फ़ तीसरी तिमाही से मार्जिन बढ़ने की उम्मीद है और उसने FY27-FY29 के लिए अपने अर्निंग्स एस्टिमेट्स में 1-13% की कटौती की है, जिसका मुख्य कारण कम मार्जिन का अंदाज़ा है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ 

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने स्टॉक पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी और प्राइस टारगेट ₹3,000 रखा है।ब्रोकरेज ने कहा कि टाटा एलेक्सी ने इन-लाइन रेवेन्यू दिया लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर निराश किया। जहां मीडिया और कम्युनिकेशंस सेगमेंट को डील रैंप-अप से फ़ायदा हुआ, वहीं ट्रांसपोर्टेशन और मेडिकल डिवाइसेज़ बिज़नेस में मामूली गिरावट आई।

कोटक ने मार्जिन मिस के लिए डील ट्रांज़िशन कॉस्ट और गो-टू-मार्केट (GTM) और डिलीवरी कैपेबिलिटीज़ में अपफ्रंट इन्वेस्टमेंट को ज़िम्मेदार ठहराया। उसका मानना ​​है कि कॉस्ट इन्फ्लेशन का एक बड़ा हिस्सा स्ट्रक्चरल है और प्रॉफिटेबिलिटी पर इसका असर जारी रह सकता है।

ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि टाटा एलेक्सी अपने सेल्स ऑर्गनाइज़ेशन, खासकर अपनी डील-हंटिंग क्षमताओं में इन्वेस्टमेंट को बढ़ा रही है, कुछ समय के कम इन्वेस्टमेंट के बाद।

ऑटोमोटिव बिज़नेस पर, कोटक को उम्मीद है कि ग्लोबल ऑटोमेकर्स द्वारा R&D खर्च कैलेंडर ईयर 2026 तक कम रहेगा, जिसका कारण जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता, इंडस्ट्री में गिरावट और चीनी OEMs से बढ़ते कॉम्पिटिशन को बताया गया है। इसने यह भी कहा कि कई ऑटोमेकर्स ने कमजोर डिमांड के कारण नए व्हीकल डेवलपमेंट प्रोग्राम में या तो देरी की है या उन्हें कैंसिल कर दिया है।

मुश्किल डिमांड के माहौल और ठीक-ठाक मार्जिन आउटलुक को देखते हुए, कोटक ने FY27-FY29 के लिए अपने कमाई के अनुमानों में 10-14% की कमी की है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

SBI Funds IPO: दूसरे दिन शेयर पर 16% जीएमपी, क्या पैसे लगाने से होगी जबर्दस्त कमाई?

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला है। खुलने के दूसरे दिन यह इश्यू सुबह 10 बजे तक करीब 70 फीसदी सब्सक्राइब हो गया। कंपनी आईपीओ में कुल 12.45 शेयर इश्यू करेगी, जबकि अब तक 8.50 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिल चुकी है। सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) कैटेगरी में आई है। इस कैटेगरी में यह इश्यू 1.4 गुना सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल इनवेस्टर्स कैटेगरी में 62 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।

16 फीसदी ज्यादा प्राइस पर हो सकती है शेयर की लिस्टिंग

ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयरों को लेकर सेंटिमेंट काफी स्ट्रॉन्ग है। मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स इनवेस्टरगेन और आईपीओ वॉच के मुताबिक, ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रति शेयर करीब 88 रुपये का प्रीमियम चल रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि शेयर 574 रुपये के प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल के मुकाबले करीब 15.77 फीसदी ऊपर लिस्ट हो सकता है। इनवेस्टर्स करीब 662 रुपये के प्राइस पर शेयर की लिस्टिंग की उम्मीद लगा सकते है।

SBI और अमुंडी ओएफएस में बेच रही हिस्सेदारी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने प्रति शेयर 545-574 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि प्रमोटर्स हिस्सेदारी बेचेंगे। इस इश्यू से एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट को कोई पैसा नहीं मिलेगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग ओएफएस में अपनी हिस्सेदारी बेच रही हैं। एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। वह एसबीआई फंड मैनेजमेंट की पेरेंट कंपनी है।

स्वस्तिका ने दी सब्सक्राइब की रेटिंग

ब्रोकरेज फर्मों की इस आईपीओ के बारे में राय पॉजिटिव है। स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट ने इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। उसने कहा है कि एसबीआई फंड म्यूचुअल फंड की देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसकी मुनाफा बनाने की क्षमता अच्छी है। शेयरों की वैल्यूएशन भी वाबिज है।

जियोजित की भी निवेश करने की सलाह

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस इश्यू में निवेश की सलाह दी है। उसने कहा है कि प्राइस बैंड के 574 रुपये के ऊपरी स्तर पर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की वैल्यूएशन पी/R रेशियो का 38 गुना है। यह शेयर बाजार में लिस्टेड दूसरी म्यूचुअल फंड्स कंपनियों की वैल्यूएशंस के मुकाबले कम है।

21 जुलाई को शेयर हो सकते हैं लिस्ट

एसबीआई म्यूचु्अल फंड्स के शेयरों का एलॉटमेंट 17 जुलाई को होने की उम्मीद है। शेयर बाजारों में शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को होगी। एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की शुरुआत 1992 में हुई थी। यह एसबीआई और अमुंडी की ज्वाइंट वेंचर है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 16 फीसदी है।

एसबीआई फंड्स देश की सबसे बड़ी एमएफ कंपनी

यह देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी भारत में आबादी के काफी कम हिस्से की पहुंच म्यूचुअल फंड्स प्रोडक्ट्स तक है। इसलिए कंपनी के लिए ग्रोथ की काफी ज्यादा संभावनाएं हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Ashadha Gupt Navratri 2026: आज से शुरू हुई आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, 10 महाविद्याओं की कृपा पाने के लिए राशि अनुसार करें ये उपाय

Ashadha Gupt Navratri 2026: हिंदू धर्म मां दुर्गा की पूजा और साधना का अवसर चैत्र और शारदीय नवरात्रि समेत साल में चार बार मिलता है। इनमें दो गुप्त नवरात्रि पर्व होते हैं, आषाढ़ गुप्त नवरात्रि और माघ गुप्त नवरात्रि। 9 दिनों की इस अवधि में शक्ति के उपासक मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ ही 10 महाविद्याओं की भी साधना करते हैं, जो तंत्र शास्त्र में वर्णित देवी माँ के शक्तिशाली रूप हैं। इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पर्व आज 15 जुलाई से शुरू हो चुका है।

भक्तों का मानना है कि इन नौ दिनों के दौरान की गई सच्ची प्रार्थना, मंत्र जाप और पारंपरिक उपाय सेहत, करियर, कारोबार, परिवार और निजी जीवन से जुड़ी मुश्किलों को दूर करने में मदद कर सकते हैं, साथ ही खुशहाली और ईश्वरीय कृपा भी दिला सकते हैं। कई भक्त इस दौरान राशि के हिसाब से खास उपाय भी करते हैं, उनका मानना है कि इससे पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है और देवी मां का आशीर्वाद मिलता है।

क्यों करते हैं गुप्त नवरात्रि के दौरान 10 महाविद्याओं की पूजा?

गुप्त नवरात्रि के दौरान, भक्त आमतौर पर देवी दुर्गा की पूजा करते हैं और साथ ही खास मंत्रों और प्रसाद के जरिए 10 महाविद्याओं की पूजा भी करते हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन आध्यात्मिक तरीकों से दुश्मनों, बीमारी, बुरी नजर, प्रोफेशनल रुकावटों और घरेलू चुनौतियों से होने वाली मुश्किलों को दूर करने में मदद मिलती है।

गुप्त नवरात्रि 2026: राशि के हिसाब से उपाय

मेष : देवी काली को लाल फूल चढ़ाएं और उनका आशीर्वाद पाने के लिए “ॐ क्रीं कालिकायै नमः” का जाप करें।

वृष : देवी को नारियल चढ़ाएं और “ॐ ह्रीं छिन्नमस्तयै नमः” का जाप करें और श्रद्धा से प्रार्थना करें।

मिथुन : “ॐ धूम धूमावत्यै स्वाहा” का जाप करें और देवी को लाल चुनरी चढ़ाएं।

कर्क : “ॐ श्रीं कमलयै नमः” का जाप करें और देवी को सूखे मेवे, बताशा या मखाना खीर चढ़ाएं।

सिंह : देवी को सिंदूर और चुनरी चढ़ाएं और “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिपुरसुंदर्यै नमः” का जाप करें।

कन्या : देवी को हरी चुनरी चढ़ाएं और “ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्” का जाप करें। माना जाता है कि इससे किस्मत अच्छी रहती है।

तुला : मिश्री का भोग लगाएं और “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः” का जाप करें।

वृश्चिक : सूखे मेवे और नारियल के साथ लाल चुनरी चढ़ाएं और “ॐ ह्रीं भैरव्यै नमः” का जाप करें।

धनु : देवी को पीले फूल और बेसन के लड्डू चढ़ाएं और “ॐ ह्रीं श्रीं मातंग्यै नमः” का जाप करें।

मकर : “ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः” का जाप करें, देवी को खुशबूदार फूल और चूड़ियां चढ़ाएं।

कुंभ : गुप्त नवरात्रि के सभी नौ दिनों तक दुर्गा चालीसा का पाठ करें और पूरे व्रत के दौरान अपने घर में साफ-सफाई बनाए रखें।

मीन : गुप्त नवरात्रि के दौरान अखंड दीप जलाएं और रोज मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें। अपनी मनोकामना मां दुर्गा को बताएं और हल्दी की गांठ अर्पित करें, फिर इसे अपने लॉकर या कीमती सामान रखने की जगह पर सुरक्षित रखें।

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