NEET-UG Paper Leak: CBI का बड़ा दावा, लातूर कोचिंग संचालक के मोबाइल से मिले 111 सवाल NTA पेपर से करते हैं मैच

NEET-UG Paper Leak: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब तक का सबसे मजबूत सबूत दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया है। दरअसल, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अदालत को बताया कि लातूर के कोचिंग ऑपरेटर शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से मिले हाथ से लिखे 136 सवालों में से 111 सवाल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मास्टर क्वेश्चन पेपर से मेल खाते हैं। जिससे इस दावे को और मजबूती मिलती है कि परीक्षा का पेपर टेस्ट से पहले ही लीक हो गया था।

बता दें कि शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर में ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) नाम का कोचिंग इंस्टीट्यूट और ‘मोटेगांवकर सर की RCC’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जिसके 1.6 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

CBI ने लगाया आरोप

CBI का आरोप है कि मोटेगांवकर को 3 मई को होने वाली NEET-UG परीक्षा से कुछ दिन पहले, 23 अप्रैल को लीक हुए सवाल मिले थे। एजेंसी के मुताबिक, यह सब एक कथित चेन के जरिए हुआ जिसमें लातूर के बच्चों के डॉक्टर (पीडियाट्रिशियन) डॉ. मनोज शिरुरे और केमिस्ट्री के रिटायर्ड लेक्चरर व NTA पैनल के पूर्व सदस्य PV कुलकर्णी शामिल थे।

CBI का दावा है कि कुलकर्णी के पास कथित तौर पर प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी और इन्हीं के जरिए सवाल बाहर आए। जांच एजेंसी के अनुसार, यह पेपर लीक 5 लाख रुपये के बदले किया गया था।

फिलहाल, इस मामले में मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया है और ये आरोप CBI की उन दलीलों का हिस्सा हैं जो कोर्ट में उनकी जमानत का विरोध करते हुए पेश की गई हैं।

CBI ने यह भी कहा है कि लीक हुए प्रश्न पत्र की PDF कॉपी टेलीग्राम के जरिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये में बेची गई थी। जांचकर्ताओं ने दावा किया कि परीक्षा से कुछ हफ्ते पहले कुछ अभ्यर्थियों के बीच 150 पेज का “गेस पेपर” भी बांटा गया था, जिसमें 410 सवाल थे। इनमें से लगभग 120 सवाल परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन के सवालों से मेल खाते पाए गए, जिससे पता चलता है कि उम्मीदवारों के पास पेपर का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही मौजूद था।

जांच महाराष्ट्र तक कैसे पहुंची

महाराष्ट्र से जुड़ा मामला तब सामने आया जब जांच करने वालों ने परीक्षा से पहले सामने आए तथाकथित “गेस पेपर” के सर्कुलेशन की जांच शुरू की।

शुरुआती जांच में पता चला था कि सर्कुलेट किए गए मटीरियल में 100 से ज्यादा सवाल असली NEET-UG पेपर से मेल खाते थे, जिसके बाद अधिकारियों ने राजस्थान और उत्तराखंड से आगे बढ़कर जांच का दायरा बढ़ाया। इसके बाद जांच महाराष्ट्र तक फैल गई, जहां जांच करने वालों ने लातूर के ट्यूटर और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच की।

NEET पेपर लीक विवाद कब शुरू हुआ?

बता दें कि NEET पेपर लीक विवाद तब शुरू हुआ, जब राजस्थान में छात्रों के बीच घूम रहे एक कथित “गेस पेपर” (अनुमानित प्रश्न-पत्र) और असली प्रश्न-पत्र में बहुत ज्यादा समानता पाई गई। बाद में जांचकर्ताओं को पता चला कि 100 से ज्यादा सवाल एक जैसे थे, जिसके बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, जांचकर्ताओं को एक संगठित नेटवर्क का पता चला जिसमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में फैले प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले, बिचौलिए, कोचिंग चलाने वाले और उम्मीदवार शामिल थे। इसके बाद मामला CBI को सौंप दिया गया।

इस कथित लीक के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को 3 मई की परीक्षा रद्द करनी पड़ी और 21 जून को देश भर में दोबारा परीक्षा कराने का आदेश देना पड़ा, जिससे 20 लाख से ज्यादा उम्मीदवार प्रभावित हुए।

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सावन-रक्षाबंधन पर लगाएं ये लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, कम टाइम में मिलेगा खूबसूरत लुक

सावन का आते ही त्योहारों की रौनक बढ़ जाती है। इस साल सावन 30 जुलाई से शुरू हो रहा है, 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। ऐसे खास मौकों पर मेहंदी लगाए बिना श्रृंगार अधूरा माना जाता है। अगर आप भी इस फेस्टिव सीजन में अपने हाथों को खूबसूरत और स्टाइलिश लुक देना चाहती हैं, तो यहां दिए गए लेटेस्ट और ट्रेंडिंग मेहंदी डिजाइन से आइडिया ले सकती हैं:

 

अरेबिक मेहंदी डिजाइन

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अगर आपको कम समय में खूबसूरत मेहंदी लगानी है, तो अरेबिक डिजाइन सबसे अच्छा ऑप्शन है। इसमें बेल, पत्तियां और बड़े फूलों के पैटर्न बनाए जाते हैं, जो हाथों को स्टाइलिश और अट्रैक्टिव लुक देते हैं।

 

मंडला मेहंदी डिजाइन

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मंडला डिजाइन आजकल काफी ट्रेंड में है। इसमें हथेली के बीच गोल मंडल बनाया जाता है, जिसके चारों ओर बारीक पैटर्न और डिजाइन बनाए जाते हैं। यह सिंपल होने के साथ बेहद एलिगेंट भी लगता है।

 

फुल हैंड ब्राइडल स्टाइल मेहंदी

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अगर आपको भरे हुए हाथ पसंद हैं, तो फुल हैंड मेहंदी डिजाइन चुन सकती हैं। इसमें फूल, बेल, जाली, मोर और ट्रेडिशनल पैटर्न का खूबसूरत ब्लेंड होता है, जो त्योहारों के लिए परफेक्ट रहता है।

बेल मेहंदी डिजाइन

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बेल मेहंदी डिजाइन उन महिलाओं और लड़कियों के लिए अच्छा ऑप्शन है, जिन्हें हल्की और आसान मेहंदी पसंद होती है। इसमें कलाई से उंगलियों तक फूलों और पत्तियों की बेल बनाई जाती है, जो बेहद सुंदर दिखाई देती है।

 

 

जाल (नेट) मेहंदी डिजाइन

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जाल या नेट पैटर्न वाली मेहंदी हमेशा ट्रेंड में रहती है। इसमें हाथों पर जाली जैसा डिजाइन बनाया जाता है, जिसके साथ फूल और छोटी-छोटी बूटियां बनाई जाती हैं। यह डिजाइन हाथों को रॉयल लुक देता है।

मोर (पीकॉक) मेहंदी डिजाइन

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मोर वाली मेहंदी डिजाइन ट्रेडिशनल और बेहद अट्रैक्टिव मानी जाती है। इसमें मोर की शेप के साथ पंख, फूल और बारीक डिजाइन बनाए जाते हैं, जो सावन और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर बेहद खूबसूरत लगते हैं।

 

 

मिनिमलिस्ट मेहंदी डिजाइन

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अगर आपको हल्की और मॉडर्न मेहंदी पसंद है, तो मिनिमलिस्ट डिजाइन चुन सकती हैं। इसमें उंगलियों, कलाई या हथेली पर छोटे-छोटे फूल, दिल, बेल या ज्योमेट्रिक पैटर्न बनाए जाते हैं। यह डिजाइन सिंपल होने के बावजूद काफी स्टाइलिश लगता है।

 

 

कमल (लोटस) मेहंदी डिजाइन

This may contain: two women with henna tattoos on their hands, one is holding the other's hand

कमल के फूल वाला मेहंदी डिजाइन इन दिनों काफी पसंद किया जा रहा है। इसमें हथेली के बीच या कलाई पर बड़े कमल के फूल के साथ बारीक बेल और पत्तियों का काम किया जाता है। यह डिजाइन सिंपल होने के साथ बेहद अट्रैक्टिव लगता है।

MSCI India Rejig: अदाणी ग्रीन, ग्रो समेत 12 शेयरों की हो सकती हैं एंट्री; Astral समेत 3 स्टॉक्स का एग्जिट पॉसिबल

MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में रीबैलेंसिंग होने वाली है। इस रीबैलेंसिंग की घोषणा 12 अगस्त को मार्केट बंद होने के बाद की जाएगी। इसके तहत इंडेक्स में 12 नई कंपनियां शामिल हो सकती हैं और 3 कंपनियां बाहर हो सकती हैं, जिससे लगभग 2.3 अरब डॉलर का पैसिव इनफ्लो आ सकता है। अगर इन बदलावों की घोषणा होती है तो ये 31 अगस्त, 2026 से लागू होंगे।

अगस्त रिव्यू के दौरान MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में अदाणी ग्रीन, ग्रो (Groww) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के शामिल होने के बहुत ज्यादा चांस हैं। एथर एनर्जी के शामिल होने के चांस मीडियम हैं। इस कंपनी का शामिल होना बाकी ऑब्जर्वेशन पीरियड के दौरान इसके फ्री-फ्लोट एडजस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगातार सुधार पर निर्भर करेगा। वहीं, लेंसकार्ट और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) के शामिल होने के चांस कम हैं।

किस नई एंट्री से कितने पैसिव फ्लो की उम्मीद

JM फाइनेंशियल की रिपोर्ट के अनुसार, अगर ग्रो को इंडेक्स में शामिल किया जाता है, तो लगभग 82.1 करोड़ डॉलर का पैसिव इनफ्लो आ सकता है। इसी तरह अदाणी ग्रीन में 77.3 करोड़ डॉलर, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस में 34.2 करोड़ डॉलर, एथर एनर्जी में 24.4 करोड़ डॉलर, लेंसकार्ट में 17.6 करोड़ डॉलर और SAIL में 17 करोड़ डॉलर का इनफ्लो आ सकता है।

MSCI इंडिया स्मॉल कैप इंडेक्स से स्टैंडर्ड इंडेक्स में जाने वाले स्टॉक्स में लॉरस लैब्स और बायोकॉन के बहुत ज्यादा चांस हैं। कोफोर्ज के चांस मीडियम हैं, जबकि ग्लेनमार्क फार्मा और ऊनो मिंडा के चांस कम हैं। इनका स्टैंडर्ड इंडेक्स में जाना फ्री-फ्लोट एडजस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगातार सुधार पर निर्भर करेगा।

JM फाइनेंशियल की रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टैंडर्ड इंडेक्स में जाने पर कोफोर्ज में लगभग 56.7 करोड़ डॉलर का पैसिव इनफ्लो, लॉरस लैब्स में 55.4 करोड़ डॉलर का, ग्लेनमार्क फार्मा में 33 करोड़ डॉलर का, बायोकॉन में 28.5 करोड़ डॉलर और ऊनो मिंडा में 20.6 करोड़ डॉलर का पैसिव इनफ्लो आने का अनुमान है।

इंडेक्स से कौन सी कंपनियां होंगी बाहर

MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स से बाहर होने वाली कंपनियों की बात करें तो एस्ट्रल (Astral) के बाहर होने के बहुत ज्यादा चांस हैं। SBI कार्ड्स के बाहर होने के चांस मीडियम हैं। बालकृष्ण इंडस्ट्रीज के बाहर होने के चांस कम हैं। अगर ये कंपनियां बाहर होती हैं, तो बालकृष्ण इंडस्ट्रीज से लगभग 16.7 करोड़ डॉलर, SBI कार्ड्स से 14.6 करोड़ डॉलर और एस्ट्रल से 13.8 करोड़ डॉलर का पैसिव आउटफ्लो हो सकता है।

 

Stock Picks : मिड और स्माल कैप में काफी अच्छा मोमेंटम, ऑटो और केमिकल स्पेस के इन दो शेयरों में हो सकती है अच्छी कमाई

Stock Picks : IT,ऑयल एंड गैस,ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक,इंफोसिस,टेक महिंद्रा,हिंडाल्को और विप्रो शामिल हैं। जबकि शुरुआती कारोबार में SBI लाइफ इंश्योरेंस,ग्रासिम,ONGC,बजाज फिनसर्व और आयशर मोटर्स में गिरावट दिख रही है। वहीं,ब्रॉडर मार्केट में सुस्ती दिख रही है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में कोई खास हलचल नहीं दिखी है।

निफ्टी व्यू

ऐसे में मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि मार्केट में कोई बड़ा ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन के लेवल्स नहीं है पर कंप्लीट कंसोलिडेशन नजर आ रहा है। निफ्टी के लिए 23800-24000 के जोन में एक स्ट्रांग सपोर्ट दिख रहा है। दूसरी तरफ देखें तो इसके लिए 24,200-24,250 पर एक स्ट्रांग रेजिस्टेंस दिख रहा। ऐसे में हम साफ तौर पर कह सकते हैं कि मार्केट कंसोलडेशन के ग्रिप में है। अगर आप निफ्टी के बाहर जाते हैं तो मिड कैप और स्माल कैप में काफी अच्छा मोमेंटम है। पिछले तीन दिनों की बात करें जो इस हफ्ते मिड और स्माल कैप में काफी अच्छा एक्शन देखने को मिला है। ऐसे में लगाता है कि आगे काफी अच्छा स्टॉक स्पेसिफिक रुझान देखने को मिल सकता है। मिड कैप अपने ऑल टाइम हाई के आसपास है। निफ्टी की बात करें तो यह हमें ऊपर में 24,200 और नीचे में 23,800 के बीच ही कंसोलीडेट होता दिख सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी की बात करें तो यह एक मेक और ब्रेक जोन के आसपास है। तीन से चार बड़े बैंक के रिजल्ट शनिवार को आने हैं। उससे पहले बैंक निफ्टी हो सकता है थोड़ा एक्शन में आता हुआ नजर आए। इसके लिए 57,200 के आसपास अच्छा सपोर्ट है। अगर बैंक निफ्टी में गिरावट मिलती है तो 57,200 के स्टॉप लॉस के साथ बैंक निफ्टी में खरीदार करनी चाहिए। इसमें हमें 58,400-58,500 के टारगेट आ सकते हैं।

अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर

बाजार में काफी अच्छा स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिल रहा है। ऐसे में आज का पहला स्टॉक ऑटो सेक्टर से है। आइशर मोटर्स में खरीदारी की सलाह रहेगी। स्टॉक में एक एक्सीलेंट मोमेंटम है और ओवरऑल रिवर्सल के संकेत नजर आ रहे हैं। इस स्टॉक में 7400 रुपए के आसपास 7321 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 7576 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है। दूसरा स्टॉक एक नॉन एफओ स्टॉक है। यह है आरती इंडस्ट्रीज। इसमें आगे अच्छा मोमेंटम देखने को मिल सकता है। इसमें 499 रुपए के आसपास, 487 रुपए का स्टॉप लॉस लगा कर, 528 रुपए तक के टारगेट के लिए खरीदारी की जा सकती है।

 

Market View : बाजार में कंसोलिडेशन का मूड, चार्ट पर शानदार दिख रहे इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

 

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Happy Steels की ठीकठाक शुरुआत, शेयर 3% प्रीमियम पर लिस्ट

हैप्पी स्टील्स की गुरुवार, 16 जुलाई को लिस्टिंग ठीकठाक रही। NSE SME पर शेयर 3 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 68 रुपये पर लि​स्ट हुआ। IPO प्राइस 66 रुपये था। लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर 5 प्रतिशत उछला और 71.40 रुपये पर अपर प्राइस बैंड हिट किया। कंपनी का 25 करोड़ रुपये का IPO 54.54 गुना भरकर बंद हुआ था। इसमें 38 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी का मार्केट कैप 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

1996 में इनकॉरपोरेट हुई हैप्पी स्टील लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरर है। यह सेफ्टी-क्रिटिकल, फोर्ज्ड और मशीन्ड ट्रांसमिशन और ड्राइवलाइन पार्ट्स बनाती है। ये पार्ट्स ऑन-हाइवे, ऑफ-हाइवे, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और डिफेंस सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं। कंपनी मैन्युफैक्चरिंग की पूरी वैल्यू चेन में काम करती है। इसकी क्षमताओं में कच्चा माल खरीदना, फोर्जिंग, हीट ट्रीटमेंट, प्रिसिजन मशीनिंग, गियर कटिंग, ड्रिलिंग, सरफेस हार्डनिंग, ग्राइंडिंग, इंस्पेक्शन और पैकिंग शामिल हैं।

हैप्पी स्टील्स के प्रोडक्ट्स में कई तरह के एक्सल, लंबे स्प्लाइन शाफ्ट, स्पिंडल और दूसरे सेफ्टी-क्रिटिकल और लोड-बेयरिंग पार्ट्स शामिल हैं। ये पार्ट्स गाड़ियों की परफॉर्मेंस और सेफ्टी में अहम भूमिका निभाते हैं। ये प्रोडक्ट्स भारत और विदेशों में ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) और टियर-I सप्लायर्स को सप्लाई किए जाते हैं।

NEET UG 2026 refund: नीट यूजी फीस रिफंड के लिए अब तक सिर्फ 52% ने किया अप्लाई, एनटीए ने आखिरी बार बैंक डिटेल देने की डेट बढ़ाकर 31 जुलाई की

NEET UG 2026 refund: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 के उम्मीदवारों के लिए एग्जाम फीस रिफंड के लिए अपनी बैंक डिटेल्स जमा या अपडेट करने की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ाने का फैसला किया है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 50% से ज्यादा योग्य उम्मीदवार पिछली डेडलाइन तक अपनी बैंकिंग डिटेल्स जमा नहीं कर पाए थे। समय बढ़ाने से उम्मीदवारों को फीस वापसी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरा करने का दूसरा मौका मिलता है।

52% उम्मीदवारों ने बैंक डिटेल्स दी हैं

एनटीए ने बताया कि 14 जुलाई, 2026 तक, सिर्फ 11,46,401 उम्मीदवारों ने अपनी बैंक डिटेल्स जमा की हैं। एजेंसी ने उन लोगों के लिए रिफंड प्रक्रिया आगे बढ़ानी शुरू कर दी है जिन्होंने अपनी बैंक खाते की जानकारी सफलतापूर्वक अपडेट कर ली है। जिन उम्मीदवारों ने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे जल्द से जल्द अपनी डिटेल्स जमा करने का आग्रह किया गया है।

नीट यूजी 2026 रिफंड की डेडलाइन बढ़ाई गई

एनटीए ने अब बैंक खाते की जानकारी अपडेट या जमा करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 रात 11:50 बजे तक बढ़ा दी है। पिछली डेडलाइन 14 जुलाई थी। यह एक्सटेंशन इसलिए दिया गया है ताकि सभी पात्र उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा फीस का रिफंड मिल जाए। जो परीक्षार्थी रिवाइज्ड डेडलाइन से पहले अपने बैंक अकाउंट की डिटेल्स अपडेट नहीं करते हैं, उन्हें रिफंड मिलने में देरी हो सकती है।

कैंडिडेट्स को रिफंड क्यों मिल रहा है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीट यूजी 2026 पहले 3 मई, 2026 को आयोजित की गई थी। लेकिन पेपर लीक होने के दावों के कारण, इसे रद्द कर दिया गया और 21 जून, 2026 को एक बार फिर से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किया गया। परीक्षा रद्द होने की सूचना के साथ ही एनटीए और सरकारी ने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुल्क वापस करने का फैसला किया, जिसके तहत यह प्रक्रिया की का जा रही है। रिफंड पाने के लिए 03 मई 2026 को हुई पहली परीक्षा में शामिल सभी परीक्षार्थियों को एनटीए नीट के आधिकारिक पोर्टल पर अपने बैंक संबंधी जानकारी को अपडेट या सुधार करना होगा। परीक्षा के बाद सभी उम्मीदवारों को मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए एनटीए ने परीक्षा शुल्क वापसरी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। रिफंड सीधे कैंडिडेट्स द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जा रहा है।

ICSI CSEET Result 2026: बेटियां बनी आईसीएसआई सीएसईईटी के रिजल्ट में टॉपर, जानें कैसे देख सकते हैं अपना रिजल्ट

The Odyssey: क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म रिलीज को तैयार, दुनिया भर में सिर्फ 41 सिनेमाघरों में दिखाया जाएगा ओरिजिनल IMAX 1570 फॉर्मैट

The Odyssey: क्रिस्टोफर नोलन की आने वाली शानदार फिल्म ‘द ओडिसी’ रिलीज़ होने में बस दो दिन बचे हैं और फैंस अभी से सीटें बुक कर रहे हैं। यह फिल्म दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है, लेकिन फैंस इसके सबसे बेहतरीन अनुभव का मजा IMAX 1570 में ले सकते हैं – जो डायरेक्टर का पसंदीदा फॉर्मेट भी है – हालांकि यह फॉर्मेट कुछ ही सिनेमाघरों में उपलब्ध है।

‘द ओडिसी’ पहली ऐसी फीचर फिल्म है जिसे पूरी तरह से IMAX कैमरों से शूट किया गया है। वहीं, दुनिया भर में सिर्फ़ 41 सिनेमाघर ही ऐसे हैं जिनमें IMAX 1570 फॉर्मेट की सुविधा है। कहा जाता है कि IMAX 1570 अब तक का सबसे हाई-रिज़ॉल्यूशन वाला फिल्म फॉर्मेट है। इसका नाम इसके 70mm चौड़े फिल्म स्टॉक की वजह से पड़ा है, जिसमें हर फ्रेम में 15 परफोरेशन होते हैं। इसी से शानदार इमेज क्वालिटी और इमर्सिव विज़ुअल्स मिलते हैं।

क्रिस्टोफर नोलन लंबे समय से इस फॉर्मेट को सपोर्ट करते रहे हैं और उन्होंने ‘टेनेट’, ‘ओपेनहाइमर’, ‘डनकर्क’ और ‘द डार्क नाइट’ जैसी फ़िल्मों में इसका काफी इस्तेमाल किया है। IMAX 1570 में ‘द ओडिसी’ की शूटिंग करना कोई आसान काम नहीं था।

डिजिटल फिल्ममेकिंग की तुलना में इसका प्रोडक्शन कहीं ज़्यादा मुश्किल है, क्योंकि इसके कैमरे बहुत बड़े होते हैं (वज़न लगभग 180 kg होता है), ये बहुत ज़्यादा शोर करते हैं और हर तीन मिनट में नए फ़िल्म स्टॉक की जरूरत पड़ती है। बेहतरीन क्वालिटी के बावजूद, IMAX 1570 तकनीक अब कम ही देखने को मिलती है।

पिछले दस सालों में ज्यादातर थिएटर डिजिटल प्रोजेक्शन पर शिफ्ट हो गए हैं, इसलिए दुनिया भर में अब सिर्फ 41 थिएटर ही ओरिजिनल 1570 फॉर्मेट में फिल्में दिखा पाते हैं। भारत में तो ऐसा एक भी थिएटर नहीं है। ऑस्ट्रेलिया का IMAX मेलबर्न उन्हीं में से एक है। 2015 में इस थिएटर का फिल्म प्रोजेक्टर हटा दिया गया था, लेकिन दो साल बाद इसे फिर से लगा दिया गया, क्योंकि क्रिस्टोफर नोलन चाहते थे कि ‘डनकर्क’ (Dunkirk) फ़िल्म दुनिया भर के IMAX थिएटर में 1570 फॉर्मेट में दिखाई जाए।

Southern Hemisphere का एकमात्र ऐसा थिएटर है, जहां ‘द ओडिसी’ (The Odyssey) का ओरिजिनल IMAX 1570 प्रिंट दिखाया जा रहा है। मेलबर्न की बड़ी IMAX स्क्रीन भी लोगों को आकर्षित करती है। यह दुनिया की सबसे बड़ी 1.43:1 IMAX स्क्रीन है, जो 32 मीटर चौड़ी और 23 मीटर ऊंची है। IMAX 1570 स्क्रीनिंग की सीमित संख्या के कारण, क्रिस्टोफर नोलन के फैंस के लिए इस फिल्म को देखना किसी स्पीचुअल जैसा हो गया है।

क्रिस्टोफर नोलन के फ़ैन्स इस हफ्ते रिलीज होने वाली ‘द ओडिसी’ को देखने के लिए तुर्की, सिंगापुर, मलेशिया, जर्मनी और यहां तक कि लॉस एंजिल्स से भी आ रहे हैं। कुछ फिल्म प्रेमी तो स्क्रीनिंग के समय के हिसाब से अपनी छुट्टियां भी प्लान कर रहे हैं। असली IMAX 1570 सिनेमाघरों की दुनिया भर में मौजूदगी में कई महाद्वीपों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान और बड़े कमर्शियल मल्टीप्लेक्स शामिल हैं।

IMAX 1570 फॉर्मेट वाले सिनेमाघर कैलिफोर्निया, कोलोराडो, फ़्लोरिडा, जॉर्जिया, इलिनोइस, इंडियाना, मिशिगन, नेवाडा, न्यूयॉर्क, पेन्सिलवेनिया, रोड आइलैंड, टेनेसी, टेक्सास, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, चेक रिपब्लिक और फ्रांस में मौजूद हैं। बेहतरीन क्वालिटी के बावजूद, IMAX 1570 तकनीक अब कम ही देखने को मिलती है।

‘द ओडिसी’ में शानदार कलाकारों की टीम है, जिसमें मैट डेमन, टॉम हॉलैंड, ऐनी हैथवे, ज़ेंडाया, रॉबर्ट पैटिनसन, मिया गोथ, चार्लीज़ थेरॉन, बेनी सफडी, सामंथा मॉर्टन, लुपिता न्योंगो, ट्रैविस स्कॉट, इलियट पेज और जॉन लेगुइजामो शामिल हैं।

‘द ओडिसी’, जो प्राचीन काल की होमर की महाकाव्य कविता पर आधारित है, पौराणिक राजा ओडिसियस की कहानी है जो ट्रोजन युद्ध के दौरान अपने राज्य इथाका लौटने के लिए संघर्ष करते हैं। मशहूर ‘ट्रोजन हॉर्स’ चाल का इस्तेमाल करके यूनानियों द्वारा ट्रॉय को हराने के बाद, उनकी दस साल की यात्रा अनोखे जानवरों, दैवीय हस्तक्षेपों, खतरनाक प्रलोभनों और अद्भुत चुनौतियों से भरी है। ‘द ओडिसी’ 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

Devson Catalyst IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, धांसू एंट्री के बाद ₹118 के शेयरों पर आया दबाव

Devson Catalyst IPO Listing: इंडस्ट्रियल कैटेलिस्ट और सिरेमिक बॉल बनाने वाली देवसन कैटेलिस्ट के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 220 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹196.15 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 66.23% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹186.35 (Devson Catalyst Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 57.92% मुनाफे में हैं। चूंकि हर लॉट 1200 शेयरों का था तो आईपीओ निवेशक लोअर सर्किट के बावजूद हर लॉट पर ₹82,020 के मुनाफे में हैं।

Devson Catalyst IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

देवसन कैटेलिस्ट का ₹42 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-13 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 220.35 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 168.56 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 261.22 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 244.08 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.06 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹17.40 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹12 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Devson Catalyst के बारे में

देवसन कैटेलिस्ट ऑयल और गैस रिफाइनरीज, पेट्रोकेमिकल्स, स्टील, फर्टिलाइजर्स और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग सेक्टर्स के लिए कैटेलिस्ट्स, एडजॉर्बेंट्स और सिरेमिक बॉल बनाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी गुजरात में है जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता करीब 6205 टन है। इसका कारोबार पूरी तरह से बी2बी मॉडल पर है। इसके प्रोडक्ट्स में कैटेलिस्ट, एडजॉर्बेंट और सेरेमिकल बॉल्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹4.08 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2025 में उछलकर ₹7.67 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2026 में ₹12.52 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन करीब 14% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹56.84 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी अब कर्जमुक्त हो चुकी है और साथ ही मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर के रिजर्व और सरप्लस में ₹23.25 करोड़ पड़े थे।

Laser Power IPO Listing: ₹214 के शेयर 26% प्रीमियम पर लिस्ट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IT Sector की रौनक पर Sensex में 300 अंकों की तेजी, 3 वजहों से 24150 के पार Nifty

Share Market Rally: एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझान के बीच डॉलर इंडेक्स की नरमी से घरेलू स्टॉक मार्केट में रौनक दिख रही है। शुरुआती कारोबार में ही घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेस सेंसेक्स और निफ्टी 50 उछल पड़े। सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24150 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट को सपोर्ट मिला। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:23 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 246.45 प्वाइंट्स यानी 0.32% की बढ़त के साथ 77,431.88 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 66.00 प्वाइंट्स यानी 0.27% के उछाल के साथ 24,144.50 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 328.87 प्वाइंट्स उछलकर 77,514.30 और निफ्टी 88.90 प्वाइंट्स चढ़कर 24,167.40 तक पहुंच गया था।

Share Market Rally: इन वजहों से मिला सपोर्ट

डॉलर इंडेक्स में नरमी

गुरुवार को अमेरिकी डॉलर एक महीने के निचले स्तर के आस-पास आ गया जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला। अमेरिका महंगाई के नरम आंकड़ों से इस बात की संभावना बढ़ी कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा। इससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स नरम होकर 100.46 पर आ गया। डॉलर की कमजोरी से विदेशी निवेशकों का भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश बढ़ सकता है।

India VIX में गिरावट

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 1.45% की गिरावट के साथ 13.08 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी हाई होने की आशंका है तो इसके कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

IT Stocks से मार्केट को सपोर्ट

आईटी सेक्टर की रौनक से मार्केट को अच्छा सपोर्ट मिला है जिसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के अलावा फिलहाल किसी भी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% या इससे अधिक की उठा-पटक नहीं है। आज मार्केट को आईटी सेक्टर ही चला रहा है। बैंकिंग सेक्टर में हल्की बढ़त है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हैवी रेन की रेड वॉर्निंग: IMD ने इन 16 राज्यों में भयंकर बारिश का अलर्ट दिया पर दिल्ली-यूपी को राहत नहीं! ये 6 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर अपना वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में 1 कम दबाव का क्षेत्र और 6 बड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) एक्टिव हैं। इन खतरनाक वेदर सिस्टम्स की वजह से ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग जारी की गई है। इसके साथ देश के 16 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। इस भारी वेदर सिस्टम के बीच दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को फिलहाल बारिश से कोई खास राहत मिलती नहीं दिख रही है और यहां के निवासियों को पसीने छुड़ाने वाली उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

देखें वेदर रिपोर्ट

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6 चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे तबाही

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय वायुमंडल में एक साथ कई प्रणालियां काम कर रही हैं:

लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र): उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में मजबूती से टिका हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र समुद्र तल से 716 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान और अधिक मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल की तरफ बढ़ने की संभावना है।

6 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम अब 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैल गया है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ही 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक और उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

उत्तरी बिहार और उसके आस-पास के इलाके में 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

इसके अलावा पूर्वी असम (1.5 किमी) और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान (3.1 किमी) के ऊपर भी चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ: मानसून की ट्रफ लाइन इस समय अमृतसर, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होकर गुजर रही है। 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देने वाला है।

इन 16 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश की तीव्रता के आधार पर राज्यों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार से भी ज्यादा यानी अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश

  • गांगेय पश्चिम बंगाल
  • छत्तीसगढ़
  • अरुणाचल प्रदेश

भारी बारिश का अलर्ट

देश के इन 12 राज्यों/क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है-

  • बिहार और झारखंड
  • उत्तराखंड
  • असम और मेघालय
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
  • तटीय आंध्र प्रदेश
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश और विदर्भ में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में काफी तेज सतही हवाएं चलेंगी।

दिल्ली-यूपी को राहत नहीं: उमस भरी गर्मी और लू का प्रकोप

इतने राज्यों में हो रही भारी बारिश के बावजूद दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को अत्यधिक गर्म और उमस भरा मौसम परेशान करेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी के साथ लू चलने की स्थिति बनी रहेगी।

समुद्र में हाई अलर्ट: मछुआरों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम के कारण समुद्र के भीतर हालात बेहद खराब हैं। ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास, उत्तर और मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे से लेकर 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा दक्षिण श्रीलंका, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में हवा की रफ्तार 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।

पश्चिम-मध्य, उत्तर, पूर्व-मध्य और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों के साथ सोमालिया और ओमान के तटों पर 45-55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ्तार से खतरनाक हवाएं चलने की आशंका है। आईएमडी ने मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।

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