Stock in Focus: इंफ्रा कंपनी को ₹80 करोड़ का टोल कलेक्शन कॉन्ट्रैक्ट मिला, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Highway Infrastructure को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से ₹80.17 करोड़ का नया टोल कलेक्शन कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी को तमिलनाडु के Palayam Fee Plaza पर यूजर फीस कलेक्शन के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) जारी हुआ है।

कॉन्ट्रैक्ट 90 दिन का है

यह कॉन्ट्रैक्ट NH-44 पर कृष्णागिरि से थुंबीपाड़ी (Km 94 से Km 180) सेक्शन के लिए मिला है। Palayam Fee Plaza Km 154+500 पर स्थित है। यह प्रोजेक्ट Build-Operate-Transfer (BOT) मॉडल के तहत 90 दिनों के लिए चलेगा।

कंपनी के मुताबिक, यह हाईवे बेंगलुरु, होसुर और धर्मपुरी जैसे प्रमुख औद्योगिक इलाकों को जोड़ता है। इस वजह से इस रूट पर यात्री यातायात, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स गतिविधियां काफी ज्यादा हैं। इससे टोल कलेक्शन की अच्छी संभावना बनती है।

इस साल लगातार मिल रहे हैं बड़े ऑर्डर

Highway Infrastructure को इस साल NHAI से कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिल चुके हैं। फरवरी में कंपनी को गुजरात के Moti Naroli Fee Plaza समेत वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के कई टोल प्लाजा के संचालन के लिए ₹154.6 करोड़ का ऑर्डर मिला था। इसके अलावा हाल ही में कंपनी ने आंध्र प्रदेश में ₹329 करोड़ का टोलिंग कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किया था।

मंगलवार को Highway Infrastructure का शेयर 4.06% चढ़कर ₹46.40 पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 6 महीने में स्टॉक 18.01% गिरा है। वहीं, 1 साल में यह लगभग 60% टूट चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 331.71 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hockey World Cup: भारत-पाकिस्तान में हाईवोल्टेज मुकाबला…दांव पर सेमीफाइनल की टिकट, जानें कहां देखें लाइव एक्शन

IND vs PAK: हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय हॉकी टीम एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के अपने आखिरी लीग मैच में पाकिस्तान का सामना करेगी। भारत और पाकिस्तान की टीमें 19 अगस्त को एम्सटेलवीन में एक दूसरे के आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से मिली हार के बाद भारत के लिए ये मुकाबला काफी अहम हो गया है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत टीम को पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला जीतना बहुत जरुरी है। भारत के दो मैचों में 3 अंक हैं और अगले दौर में पहुंचने के लिए उसे कम से कम पाकिस्तान के खिलाफ मैच ड्रॉ करना होगा।

वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के खाते में सिर्फ 1 अंक है, इसलिए उसे आगे बढ़ने की उम्मीद बनाए रखने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। इंग्लैंड ने अपने दोनों मुकाबले जीतकर अगले दौर में जगह पक्की कर ली है।

कैसा रहा है भारत का टूर्नामेंट

भारत ने हॉकी वर्ल्ड कप में वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत से अभियान शुरू किया था। हालांकि, दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ टीम को 2-4 से हार झेलनी पड़ी। इस मैच में दूसरे हाफ के दौरान भारत ने तीन गोल गंवाए। टीम की डिफेंस में हुई गलतियां और पेनल्टी कॉर्नर का फायदा नहीं उठा पाना कोच क्रेग फुल्टन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भारत का पाकिस्तान के खिलाफ हालिया रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। इस साल प्रो लीग के यूरोपियन लेग में भी भारत ने पाकिस्तान को लगातार दो मैचों में 7-1 और 4-3 से हराया था। पाकिस्तान ने आखिरी बार 2016 की चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को शिकस्त दी थी।

पाकिस्तान का टूर्नामेंट

पाकिस्तान को टूर्नामेंट में अब तक इंग्लैंड के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि वेल्स के खिलाफ उसका मुकाबला 3-3 से बराबरी पर खत्म हुआ। ऐसे में टीम को भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिए अपने प्रदर्शन में काफी सुधार करना होगा। खासकर पेनल्टी कॉर्नर का सही इस्तेमाल और डिफेंस को मजबूत करना पाकिस्तान के लिए अहम होगा।

कब शुरू होगा मुकाबला

भारत और पाकिस्तान के बीच एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप का मुकाबला बुधवार, 19 अगस्त को खेला जाएगा। दोनों टीमें एम्सटेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी। ये मैच भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे शुरू होगा।

कहां पर देखें भारत-पाक का मुकाबला

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप मुकाबले का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, जो दर्शक मैच ऑनलाइन देखना चाहते हैं, वे JioHotstar पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

Torrent Gas IPO: टोरेंट गैस आईपीओ के अपडेटेड पेपर्स फाइल करेगी, ₹4000 करोड़ का हो सकता है इश्यू

टोरेंट गैस आईपीओ के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स फाइल करेगी। वह इसे इस हफ्ते ही फाइल कर सकती है। कंपनी का प्लान 4,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने का है। इस मामले से जुड़े दो सूत्रों ने रायटर्स को यह जानकारी दी।

8 राज्यों में पीएनजी सप्लाई करती है कंपनी

Torrent Gas 8 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में घरों और इंडस्ट्रीज को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) सप्लाई करती है। यह कंपनी गुजरात के टोरेंट ग्रुप का हिस्सा है, जिसका हेडक्वार्टर अहमदाबाद है। इस समूह की दो कंपनियां- टोरेंट पावर और टोरेंट फार्मा पहले से शेयर बाजार में लिस्टेड हैं।

500 CNG स्टेशंस ऑपरेट करती है

टोरेंट गैस 2,00,000 से ज्यादा घरों और 1,300 से ज्यादा इंडस्ट्रीज को गैस सप्लाई करती है। यह 500 कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) स्टेशंस भी ऑपरेट करती है। यह जानकारी कंपनी की वेबसाइट पर आधारित है। आईपीओ के प्लान के बारे में पूछने पर कंपनी ने रायटर्स के सवालों के जवाब नहीं दिए।

इस हफ्ते अपडेटेड पेपर्स होंगे फाइल

सेबी ने जून में टोरेंट गैस के आईपीओ को मंजूरी दे दी थी। कंपनी ने कॉन्फिडेंशियल रूट से आईपीओ के पेपर्स फाइल किए थे। अपडेटेड रेट हेरिंग प्रॉस्पेक्टस इस हफ्ते फाइल होने की उम्मीद है। यह कंपनी का पहला पब्लिक आईपीओ डॉक्युमेंट होगा। इस साल की पहली छमाही में सुस्ती के बाद आईपीओ बाजार में गतिविधियां काफी बढ़ी हैं।

जुलाई से अब तक आ चुके हैं 27 आईपीओ

इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका और ईरान में लड़ाई शुरू हुई थी। इसका असर आईपीओ बाजार पर भी पड़ा था। जुलाई से अब तक 27 कंपनियां आईपीओ पेश कर चुकी हैं या उसे लॉन्च करने का ऐलान कर चुकी हैं। इस साल की पहली छमाही में करीब 28 कंपनियों ने आईपीओ लॉन्च किए।

आईपीओ के कॉन्फिडेंशियल रूट का मतलब

सेबी के पास कॉन्फिडेंशियल रूट से आईपीओ के पेपर्स फाइल करने पर कंपनी को तब तक इस बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ बताने की जरूरत नहीं पड़ती है जब तक वह इश्यू लॉन्च करने के प्लान पर आगे बढ़ने का फैसला नहीं कर लेती। टोरेंट फार्मा का शेयर 18 अगस्त को 1.57 फीसदी चढ़कर 4,977 रुपये पर बंद हुआ। टोरेंट पावर का शेयर 3.76 फीसदी गिरकर 1,263.50 रुपये पर बंद हुआ।

FY27 में भारत की GDP ग्रोथ 6.8% रहने का अनुमान, अल नीनो और ईरान संकट से बढ़ सकता है जोखिम

भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मौजूदा वित्त वर्ष FY27 में कुछ धीमी पड़ सकती है। India Ratings & Research (Ind-Ra) ने मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट में FY27 के लिए GDP ग्रोथ 6.8% रहने का अनुमान जताया है। यह FY26 की 7.6% ग्रोथ से कम है। हालांकि यह एजेंसी के मई 2026 के 6.7% अनुमान से थोड़ा बेहतर है।

इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी FY27 के लिए अपना ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 6.7% कर चुका है। Ind-Ra का कहना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है, लेकिन कई बाहरी और घरेलू जोखिम आगे की रफ्तार को प्रभावित कर सकते हैं।

पश्चिम एशिया संकट और अल नीनो सबसे बड़े जोखिम

रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, महंगाई, रुपये की कमजोरी और अल नीनो का कृषि पर संभावित असर इस वित्त वर्ष के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख जोखिम बने रहेंगे। एजेंसी का मानना है कि इन कारकों का असर खपत, निवेश और ग्रामीण मांग पर पड़ सकता है।

कच्चे तेल के अनुमान में राहत

Ind-Ra ने FY27 के लिए कच्चे तेल का औसत भाव 95 डॉलर से घटाकर 85 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है। एजेंसी के मुख्य अर्थशास्त्री और हेड-पब्लिक फाइनेंस देवेंद्र पंत के अनुसार, सस्ता कच्चा तेल भारत के लिए राहत भरा हो सकता है, क्योंकि इससे व्यापार घाटा (Trade Deficit) और चालू खाते का घाटा (Current Account Deficit) कम करने में मदद मिलेगी।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर अल नीनो की वजह से खाद्य महंगाई बढ़ती है, तो सस्ते तेल का पूरा फायदा अर्थव्यवस्था को नहीं मिल पाएगा।

रुपये में कमजोरी की उम्मीद

एजेंसी का अनुमान है कि FY27 में डॉलर के मुकाबले रुपये का औसत विनिमय दर 93.98 रुपये प्रति डॉलर रह सकता है। यह मई के 94.28 रुपये के अनुमान से थोड़ा बेहतर है, लेकिन सालाना आधार पर करीब 6.4% की कमजोरी को दर्शाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि FCNR (Bank) जमा और External Commercial Borrowings (ECB) के जरिए करीब 70 अरब डॉलर का पूंजी प्रवाह भारत में आ सकता है।

तिमाही-दर-तिमाही ग्रोथ का अनुमान

Ind-Ra ने FY27 की चारों तिमाहियों के लिए अलग-अलग GDP ग्रोथ का अनुमान भी जारी किया है। उसके और RBI के अनुमान में कुछ अंतर भी है।

तिमाहीInd-Ra का अनुमानRBI का अनुमान
अप्रैल-जून6.90%7.00%
जुलाई-सितंबर6.60%6.40%
अक्टूबर-दिसंबर6.70%6.50%
जनवरी-मार्च6.90%6.80%

महंगाई और चालू खाते के घाटे पर नजर

एजेंसी का अनुमान है कि FY27 में खुदरा महंगाई औसतन 4.9% रह सकती है, जबकि FY26 में यह करीब 2% थी। इसी तरह चालू खाते का घाटा बढ़कर GDP का 1.5% हो सकता है, जो पिछले वित्त वर्ष में 0.6% था।

राजकोषीय घाटा हासिल करना आसान नहीं

Ind-Ra ने सरकार के FY27 के 4.3% राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को चुनौतीपूर्ण बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, LPG और उर्वरक सब्सिडी पर बढ़ता खर्च सरकार के लिए दबाव बना सकता है। हालांकि बेहतर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन और नॉन-टैक्स रेवेन्यू इस लक्ष्य को हासिल करने में कुछ राहत दे सकते हैं।

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‘आपका अप्रेजल रेट क्या है?’ पहली मीटिंग में न्यू एम्प्लॉई का सवाल सुन सीनियर रह गए हैरान, वायरल हुई पोस्ट

सोशल मीडिया पर एक कंपनी की में नए एम्प्लॉई की पहली मीटिंग के दौरान की गई बातचीत काफी वायरल हो रही है। कंपनी को ज्वॉइन किए एम्प्लॉई ने पहली मीटिंग के दौरान एक सीनियर कर्मचारी से नौकरी से जुड़े कुछ अहम सवाल पूछ लिए। इनमें उसके अप्रेजल और प्रोजेक्ट के बजट से जुड़ी जानकारी शामिल थी। इस घटना के बाद लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि नई नौकरी में शुरुआत में कलीग्स से किस तरह के सवाल पूछना सही माना जाता है। सोशल मीडिया यूजर ने X पर ये पोस्ट शेयर किया है।

न्यू एम्प्लॉई ने पूछा ये सवाल

घटना को शेयर करते हुए ओजस शर्मा ने लिखा, “मेरी कंपनी में नए लोग आए और उन्होंने पूरा दिन यह पता लगाने में बिताया कि उनके मैनेजर कौन हैं। एक आदमी अपने टीममेट्स को जानने लगा और टेक स्टैक वगैरह के बारे में बात करने लगा। मैं भी वहीं खड़ा सुन रहा था और मैंने अपना इंट्रोडक्शन दिया।” उन्होंने बताया कि नए एम्प्लॉई ने जल्द ही एक सीनियर कलीग से पूछा, “क्या हमारा प्रोजेक्ट बजट आउटिंग के लिए काफी है?” इसके बाद न्यू एम्प्लॉई ने पूछा, “आपका अप्रेजल रेट क्या है?”

शॉक रह गए सीनीयर

जब सीनियर ने बताया कि उनका अप्रेजल डबल डिजिट में है, तो नए एम्प्लॉई ने पूछा, “क्या आप मुझे बता सकते हैं?” इस सवाल पर सीनियर थोड़े असहज हो गए और उन्होंने जवाब दिया, “क्या मुझे अभी आपको अपनी पेचेक दिखानी चाहिए?” शर्मा ने कहा कि वह इस बातचीत से काफी हैरान थे और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पहली ही मीटिंग में इस तरह के निजी सवाल पूछना सही है। शर्मा ने लिखा, “मैं वहां एकदम शॉक में खड़ा था।”

 

लोगों ने किया कमेंट

उन्होंने आगे लिखा, “मतलब, आप किसी से अपनी पहली मीटिंग में ऐसे सवाल कैसे पूछ सकते हैं? कुछ सवाल ऐसे होते हैं जो नहीं पूछे जाते, मेरे दोस्त।” इस पोस्ट पर लोगों की अलग-अलग रिएक्शन दिए हैं। कुछ लोगों ने नए कर्मचारी के सवाल पूछने के तरीके को मजेदार बताया, जबकि कुछ यूजर्स का मानना था कि सैलरी या अप्रेजल से जुड़े सवाल पूछना कोई गलत बात नहीं है।

एम्प्लॉई का किया बचाव

एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “वह आखिरकार सीख जाएगा।” दूसरे ने लिखा, “कॉन्फिडेंस डरता है ब्रो।” वहीं कुछ यूजर्स ने न्यू एम्प्लॉई का बचाव करते हुए कहा कि सिर्फ सवाल पूछने के लिए किसी को जज नहीं करना चाहिए। एक यूजर ने लिखा, “मुझे सवाल पूछने में कोई प्रॉब्लम नहीं दिखती। अगर बताना नहीं है तो मत बताओ, लेकिन उनके साथ बदतमीजी करने की जरूरत नहीं है।” एक और यूजर ने कहा, “शायद आपकी कंपनी 17 साल के लोगों को हायर कर रही है। आमतौर पर कम उम्र के लोगों के खिलाफ ऐसी बातें सुनने को नहीं मिलतीं।”

Trump vs Iran: ट्रंप ने होर्मुज को बताया अमेरिका का नया हिस्सा! ओमान को दे दी बमबारी की धमकी, भड़का ईरान

Strait of Hormuz Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक दावे ने ‘होर्मुज की खाड़ी’ में तनाव को और भड़का दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का एक नक्शा शेयर करते हुए उसे ‘New U.S. Territory’ यानी उन्होंने अपने पोस्ट में होर्मुज को अमेरिका का नया क्षेत्र करार दिया है।

ट्रंप का यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को फिर से खोलने की इजाजत नहीं देगा।

ट्रंप का नक्शा और ‘US Territory’ का दावा

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर होर्मुज की खाड़ी का नक्शा जारी कर उस पर ‘New U.S. Territory’ लिखा। इससे कुछ दिन पहले ही उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका का इस जलमार्ग पर ‘पूरा नियंत्रण’ है और उन्होंने ईरान से ‘आत्मसमर्पण का सफेद झंडा’ उठाने की मांग की थी।

इतना ही नहीं, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान ओमान को भी सीधी चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच किसी समझौते के रास्ते में ओमान रुकावट बनता है, तो अमेरिका ‘ओमान पर भारी बमबारी करने से पीछे नहीं हटेगा।’

जब तक शर्तें पूरी नहीं होंगी, बंद रहेगी खाड़ी

ईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने ईरानी सरकारी टेलीविजन पर दिए भाषण में कहा कि जब तक अमेरिका जून में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को खोला नहीं जाएगा।

ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं है ये मुख्य शर्तें

  • नौसैनिक नाकाबंदी का अंत: अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी तुरंत हटाई जाए।
  • तेल प्रतिबंध हटाए जाएं: ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को खत्म किया जाए।
  • जब्त संपत्तियों को अनफ्रीज करना: विदेशों में फंसे ईरान के वित्तीय एसेट्स (जब्त संपत्तियों) को वापस दिया जाए।

गालीबाफ ने कहा कि ईरान किसी भी सैन्य दुस्साहस का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ओमान के साथ बैकचैनल वार्ता और ट्रंप की बौखलाहट

एक तरफ जहां अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ ईरान और ओमान मिलकर एक वैकल्पिक नौवहन समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। दोनों देश होर्मुज की खाड़ी में एक निर्दिष्ट सुरक्षित मार्ग के भौगोलिक निर्देशांकों पर सहमत हो गए हैं। दोनों पक्ष एक ‘संयुक्त बयान’ का प्रारूप तैयार कर रहे हैं ताकि वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन फिर से शुरू हो सके।

हालांकि, अमेरिका को दरकिनार कर ओमान और ईरान के बीच हो रही इस शांति वार्ता से राष्ट्रपति ट्रम्प खासे नाराज हैं, जिसके चलते उन्होंने ओमान को सैन्य हमले की धमकी दी है।

आखिर क्यों इतना अहम है स्ट्रैट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रैट ऑफ होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित एक बेहद संकरा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल कच्चे तेल के लगभग 20% हिस्से का परिवहन इसी रास्ते से होता है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए संघर्ष के बाद से इस इलाके में जहाजों की आवाजाही पर गंभीर असर पड़ा है। ईरान वर्तमान में इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से अनुमति मांगने और ट्रांजिट फीस देने की मांग कर रहा है, जिसका अमेरिका कड़ा विरोध कर रहा है।

IAS तुकाराम मुंढे के एक्शन से मचा हड़कंप, क्या और तेज चलने वाला है इनका हंटर? CM फडणवीस को भी पसंद आई मिलावटखोरों पर ये सख्ती

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 18 अगस्त को कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कार्रवाई से वह काफी खुश हैं। उन्होंने इसे एक अच्छा और जरूरी कदम बताया। मुंबई में इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के 2026 नेशनल कन्वेंशन में फडणवीस ने कहा कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन लोगों की सेहत और जान के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है और राज्य में यही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह एफडीए की कार्रवाई से खुश हैं और मिलावट के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

हुआ था लगातार एक्शन 

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्यभर के कई रेस्टोरेंट, होटल और क्विक कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन जगहों पर कॉकरोच मिलने, खाने-पीने की चीजों को सही तरीके से नहीं रखने और खराब डेयरी उत्पादों से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद एफडीए ने खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है।

सीएम फडणवीस ने कही थी ये बात

कार्यक्रम के दौरान सीएम फडणवीस ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से भी मुलाकात की। दोनों के बीच डेटा सेंटर, शिक्षा, सेमीकंडक्टर और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग और निवेश को लेकर बातचीत हुई। सीएम फडणवीस ने कहा कि बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि इन क्षेत्रों में भारत और खासकर महाराष्ट्र में ज्यादा निवेश कैसे लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह बातचीत काफी उपयोगी रही और महाराष्ट्र सरकार इस दिशा में आगे भी काम करना चाहती है।

फडणवीस ने आगे कहा कि अगर महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था इसी रफ्तार से आगे बढ़ती रही, तो आने वाले समय में यह सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अर्थव्यवस्थाओं से भी आगे निकल सकती है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था दुनिया में 20वें स्थान पर है। अगर महाराष्ट्र को एक अलग देश माना जाए, तो उसकी अर्थव्यवस्था दुनिया की 20वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और इस उपलब्धि में महाराष्ट्र का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर राज्य की मौजूदा विकास दर बनी रहती है, तो महाराष्ट्र अगले दो साल में सिंगापुर और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ सकता है।

चर्चा में आए थे IAS तुकाराम मुंढे

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे, मिलावटी दूध, स्कूलों के पास जंक फूड की बिक्री और नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों पर लगातार एक्शन ले रहे थे। दरअसल, एफडीए ने भिवंडी स्थित अमेजन रिटेल इंडिया के गोदाम पर छापा मारकर करीब 1.5 टन एक्सपायर्ड और क्षतिग्रस्त खाद्य पदार्थ जब्त किया था। इसके बाद एफडीए ने बिना सुधार नोटिस जारी किए अगले ही दिन गोदाम का लाइसेंस निलंबित कर दिया। 25 मई 2026 को कार्यभार संभालने के बाद से आईएएस मुंडे ने, FDA ने महाराष्ट्र भर में 1,100 से अधिक निरीक्षण किए हैं। करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य का खाद्य भंडार जब्त किया, जिसमें 1.6 लाख लीटर कथित तौर पर मिलावटी दूध शामिल है।

BPSC TRE 4 Notification 2026: बिहार में टीचरों के 32,388 पदों पर भर्ती का रास्ता हुआ साफ, बीपीएससी ने टीआरई 4 का नोटिफिकेशन किया जारी

BPSC TRE 4 Notification 2026: बिहार में शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए आंदोलनरत उम्मीदवारों को सरकार के इस फैसले से राहत मिली है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने आज, मंगलवार 18 अगस्त 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा 4 (TRE 4)- 2026 की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही राज्य में 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इस भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। बीपीएससी टीआरई 4 भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 01 सितंबर 2026 से शुरू हागी। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 है। फिलहाल परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है।

इसके साथ ही पटना आदि जगहों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को राहत मिलेगी। टीआरई-4 और अन्य लंबित परीक्षाओं की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पर बैठे हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र सत्याग्रह कर रहे हैं। छात्र नेता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि 24 घंटे के अंदर टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जारी किया जाए, नहीं तो शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा। इस बीच शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को कहा था कि टीआरई-4 का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा। जितनी वैकेंसी की घोषणा की थी, इस बार उससे ज्यादा पदों पर भर्ती निकलेगी।

राज्य सरकार ने भेजी थी लिस्ट

बिहार सरकार की तरफ से टीआरई-4 भर्ती के लिए कुल 32,388 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति की अधियाचना बीपीएससी को भेजी गई थी, जिसके बाद नोटिफिकेशन का इंतजार हो रहा है। सीएम सम्राट चौधरी की तरफ से इस भर्ती में कुल पदों का ऐलान किया गया था। हालांकि अभ्यर्थियों को 40 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की उम्मीद थी। कुल पदों के साथ इसकी भी जानकारी दी गई थी कि कौन सी क्लास के लिए कितने टीचर्स की भर्ती की जाए।

ये है कुल पदों का ब्रेकअप

कक्षा 1–5: 3,847 पद

कक्षा 6–8: 8,563 पद

कक्षा 9–10: 3,877 पद

कक्षा 11–12: 16,101पद

कुल पद : 32,388

इस भर्ती की एक खास बात यह बताई जा रही है कि एसटीईटी 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थी भी अीआरई 4 के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऐसे उम्मीदवारों को आवेदन करते समय अपना एसटीईटी फॉर्म आईडी नंबर दर्ज करना होगा।

Haryana Court Clerk Recruitment 2026: हरियाणा हाईकोर्ट में 1265 क्लर्क भर्ती का एडमिट कार्ड जारी, जानें कैसे करना है डाउनलोड

Tata Sons AGM: टाटा संस की एजीएम टली, टाटा समूह के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ

Tata Sons AGM: टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) टल गई है। कंपनी की सालाना आम बैठक 18 अगस्त को होने वाली थी। लेकिन, कोरम पूरा नहीं होने से बैठक टालनी पड़ी। टाटा समूह के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। हालांकि, एजीएम टलने का अनुमान पहले से था। टाटा संस टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी है।

Tata Sons के एक सूत्र ने बताया कि बोर्ड की बैठक बाद में होने की उम्मीद है। इस बैठक में एजीएम की अगली तारीख के बारे में फैसला होगा। महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने सर रतन टाटा ट्रस्ट के मीटिंग बुलाने पर रोक लगाई हुई है। इस वजह से सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट टाटा संस में एक ज्वाइंट प्रतिनिधि नॉमिनेट नहीं कर पा रहे हैं।

टाटा संस के एजीएम के लिए कोरम तभी पूरा होगा जब सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट का ज्वाइंट प्रतिनिधि मौजूद होगा। 18 अगस्त को दोनों ट्रस्ट के ज्वाइंट प्रतिनिधि के नहीं होने की वजह से टाटा संस की एजीएम टल गई। टाटा संस में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट की करीब 51.5 फीसदी हिस्सेदारी है।

इस मामले से जुड़े लोगो ने बताया कि एजीएम के लिए दोपहर बाद 2:30 बजे का समय तय था। तय समय के मुताबिक, एजीएम शुरू हुई। लेकिन, 3 बजे इसे टालने का फैसला लिया गया। टाटा संस के निवर्तमान चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन बॉम्बे हाउस में मौजूद थे। उनके साथ बोर्ड के सदस्य सौरव अग्रवाल और अनीता मरानगोली जॉर्ज भी मौजूद थी। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, हरीश मानवानी और वेणु श्रीनिवासन ने मीटिंग में वर्चुअसल रूप से हिस्सा लिया।

लंबे समय तक टाटा ग्रुप का हिस्सा रहे मेहिल मिस्त्री रतन टाटा की वसीयत के एग्जिक्यूटर के रूप में मीटिंग में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। टाटा समूह के ट्रस्ट्स में मिस्त्री की नियुक्ति को जरूरी समर्थन नहीं मिला था, जिससे वह ट्रस्ट के सदस्य नहीं बन सके थे। रतन टाटा टाटा संस के पूर्व चेयरमैन थे।

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के 12 अगस्त को इस्तीफे का ऐलान करने के बाद 18 अगस्त को होने वाली एजीएम पर नजरें टिकी थी। हालांकि, यह माना जा रहा था कि कोरम पूरा नहीं होने की वजह से एजीएम टल जाएगी। 18 अगस्त को टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखा। उधर, 13 अगस्त को टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस में चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए कमेटी के गठन का प्रस्ताव पारित कर दिया था।

El Nino Impact: क्या अल-नीनो बिगाड़ेगा भारत की जीडीपी का खेल? सिटीग्रुप के अर्थशास्त्री ने की ये प्रेडिक्शन 

Indian Economy and El Nino: अल-नीनो को लेकर जताई जा रही आशंकाओं के बीच देश की आर्थिक वृद्धि दर यानी GDP ग्रोथ को लेकर राहत भरी खबर आई है। ग्लोबल फाइनेंशियल फर्म सिटीग्रुप के एमडी और चीफ इकोनॉमिस्ट (इंडिया) समीरन चक्रवर्ती ने मनीकंट्रोल को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि अल-नीनो के कारण FY27 में भारत की जीडीपी ग्रोथ में 20 से 30 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आ सकती है, लेकिन गैर-ग्रामीण क्षेत्रों की मजबूत मांग इस नुकसान की भरपाई कर देगी।

सिटीग्रुप के अनुसार, बाजार में अल-नीनो का डर जितना पहले था, उसके मुकाबले अर्थव्यवस्था के हालिया आंकड़े काफी बेहतर रहे हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ता नहीं दिख रहा है।

ग्रामीण इलाकों से मिल रहे मजबूत संकेत

अल-नीनो की आशंकाओं के बावजूद ग्रामीण अर्थव्यवस्था से पॉजिटिव आंकड़े सामने आ रहे हैं। FADA के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जुलाई 2026 (FY27) के दौरान देश में ट्रैक्टरों की बिक्री में सालाना आधार पर 21% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी अवधि के दौरान टू-व्हीलर्स की बिक्री में भी 17% का उछाल देखने को मिला है।

समीरन चक्रवर्ती ने बताया कि ‘हाई-फ्रीक्वेंसी ग्रोथ नंबरों में अल-नीनो का खौफ नहीं दिखता। इस साल अल-नीनो का असर खरीफ के बजाय रबी पर अधिक हो सकता है।’

बारिश और खाद्य महंगाई की मौजूदा स्थिति

देश में मानसून और महंगाई के मोर्चे पर फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। जून में हुई कम बारिश के कारण कुल बारिश में 13% की कमी जरूर दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई और अगस्त में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। बुवाई का रकबा भी पिछले साल के लगभग बराबर ही है। सब्जियों या अनाज की कीमतों में कोई असामान्य उछाल नहीं देखा गया है। जुलाई 2026 में खाद्य महंगाई दर 5.52% पर रही।

महंगाई को लेकर असली जोखिम वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2027) में आ सकता है, अगर उस दौरान असामान्य रूप से ज्यादा गर्मी देखने को मिलती है।

न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी से बढ़ी ग्रामीण मांग

सिटीबैंक के अर्थशास्त्री का मानना है कि पिछले दो सालों से ग्रामीण इलाकों की मांग शहरी इलाकों से बेहतर बनी हुई है। 2025 से सभी राज्यों में न्यूनतम मजदूरी में दोहरे अंकों की वृद्धि हुई है।

पिछले 6-7 सालों में लेबर के मुकाबले कंपनियों का पलड़ा भारी था, लेकिन लेबर कानूनों के तहत हुए एकमुश्त वेज एडजस्टमेंट ने आम लोगों के हाथों में पैसा पहुंचाया है, जिससे मांग में तेजी आई है।

सरकारी प्रोत्साहन और क्रेडिट ग्रोथ का मिला सहारा

भारत में घरेलू मांग को बढ़ाने में पिछले साल दिए गए राजकोषीय और मौद्रिक प्रोत्साहन की बड़ी भूमिका रही है। इनकम टैक्स में छूट, जीएसटी दरों में कटौती और ब्याज दरों में कटौती जैसे कदमों ने बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाई।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 तक देश के सभी शेड्यूल्ड बैंकों का कुल क्रेडिट ₹225.87 लाख करोड़ पहुंच गया, जो सालाना आधार पर लगभग 19% अधिक है।

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1FY27) में FMCG कंपनियों की बिक्री में जबरदस्त वॉल्यूम ग्रोथ देखने को मिली है, जो मजबूत उपभोक्ता मांग का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।