Raksha Bandhan 2026: 28 अगस्त को चंद्रमा को लगेगा ग्रहण, जानें कैसा होगा रक्षा बंधन का त्योहार और किस समय बांधी जाएगी राखी

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन का पर्व हमारे देश में मनाए जाने वाले सभी प्रमुख पर्व और त्योहारों में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। रक्षा बंधन का पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं, उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं और आरती उतार कर मुंह मीठा कराती हैं। माना जाता है कि ऐसा करते हुए वे अपने भाई की सुख-समृद्धि, अच्छी सेहत और खुशहाली की कामना करती हैं। इसके बदले में भाई अपनी बहन की सदैव रक्षा करने का वचन देते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पर्व का इतिहास पौराणिक काल में भगवान कृष्ण और द्रौपदी से जुड़ा हुआ है।

इस साल भाई बहन का यह पवित्र पर्व रक्षा बंधन 28 अगस्त 2026 को पूरे देश में धूम धाम से मनाया जाएगा। लेकिन इसी दिन एक और दुर्लभ खगोलीय घटना भी घटने जा रही है, जिससे इस दिन का महत्व बढ़ गया है। दरअसल, इसी दिन साल 2026 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। इस दिन चंद्र ग्रहण लगने से लोगों में इस बात का कंफ्यूजन हो रहा है कि बहनें अपने भाइयों को राखी कैसे बांधेंगीं, सूतक कब से कब तक रहेगा और ग्रहण का क्या समय रहेगा? आइए जानें इन सभी सवालों के जवाब।

रक्षाबंधन 2026

पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त 2026, गुरुवार को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से होगी। इसका समापन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। तिथि के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।

रक्षाबंधन 2026 शुभ मुहूर्त

28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 7 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 9 बजकर 10 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।

रक्षाबंधन पर भद्रा का साया

इस साल 27 अगस्त को भद्रा का प्रभाव सुबह 9 बजकर 8 मिनट से रात 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसलिए 28 अगस्त को बिना किसी बाधा के श्रद्धा और उल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा।

चंद्र ग्रहण 2026

28 अगस्त 2026 को राखी के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगेगा। ग्रहण की शुरुआत 28 अगस्त को सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर होगी। इसका समापन दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर माना जा रहा है। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल और ग्रहण से जुड़े नियम दोनों ही मान्य नहीं रहेंगे। ऐसे में बहनें बिना सूतक की बाधा के अपने भाई को राखी बांध सकती हैं।

कहां दिखाई देगा ग्रहण?

28 अगस्त का आंशिक चंद्र ग्रहण अफ्रीका, यूरोप, उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका तथा पश्चिमी एशिया के कई देशों में दिखाई देगा। हालांकि, भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा।

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PPF vs SIP: 15 साल बाद कौन ज्यादा पैसा देगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

PPF vs SIP: हर साल अगर आपके पास निवेश के लिए ₹1.5 लाख हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है। पैसा PPF में डालें या SIP करें? दोनों 15 साल के लिए अच्छे विकल्प माने जाते हैं। लेकिन दोनों का खेल अलग है। PPF में सरकार की गारंटी मिलती है। SIP में शेयर बाजार की ग्रोथ का फायदा मिलता है।

यही वजह है कि 15 साल बाद दोनों का रिजल्ट भी अलग निकलता है। अगर सिर्फ कमाई देखें तो SIP आगे निकल सकती है। लेकिन सुरक्षा और टैक्स के मामले में PPF की अपनी ताकत है।

PPF और SIP में सबसे बड़ा फर्क

PPF एक सरकारी बचत योजना है। इसमें ब्याज तय होता है और फिलहाल यह 7.1% है। इसमें पैसा सुरक्षित रहता है और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी टैक्स-फ्री होती है।

दूसरी तरफ SIP, म्यूचुअल फंड में निवेश का तरीका है। इसमें कोई तय रिटर्न नहीं होता। बाजार अच्छा चला तो कमाई ज्यादा हो सकती है। बाजार कमजोर रहा तो रिटर्न भी कम हो सकता है।

15 साल का हिसाब

मान लेते हैं कि आप हर साल ₹1.5 लाख निवेश करते हैं। यानी SIP में हर महीने ₹12,500 डालते हैं। तुलना के लिए SIP में 12% सालाना औसत रिटर्न का उदाहरण लिया गया है। यह इक्विटी म्यूचुअल फंड अमूमन लॉन्ग टर्म में देते हैं।

पैमानाPPF
SIP (12% उदाहरण)

हर साल निवेश₹1.5 लाख₹1.5 लाख
कुल निवेश₹22.5 लाख₹22.5 लाख
अनुमानित रिटर्न7.10%12.00%
15 साल बाद रकम₹40.7 लाख₹63.1 लाख
कुल मुनाफा₹18.2 लाख₹40.6 लाख

यानी इस मामले में SIP, PPF से करीब ₹22 लाख ज्यादा पैसा बना सकती है।

उदाहरण से समझिए

मान लीजिए राहुल और अमित दोनों हर साल ₹1.5 लाख निवेश करते हैं। राहुल PPF चुनता है। अमित हर महीने ₹12,500 की SIP करता है।

15 साल बाद राहुल के पास करीब ₹40.7 लाख होंगे। वहीं अमित के पास करीब ₹63.1 लाख हो सकते हैं। दोनों ने बराबर पैसा लगाया, लेकिन रिटर्न का फर्क करीब ₹22 लाख तक पहुंच गया।

अगर SIP का रिटर्न बदल जाए तो?

यहीं असली बात है। SIP में कोई गारंटी नहीं होती। इसलिए अलग-अलग रिटर्न पर तस्वीर बदल जाती है।

SIP का औसत रिटर्न15 साल बाद रकम
8%₹43 लाख
10%₹52 लाख
12%₹63 लाख
15%₹84 लाख

यानी 8% पर SIP और PPF का फर्क बहुत कम रह जाता है। लेकिन 12-15% रिटर्न मिलने पर अंतर तेजी से बढ़ जाता है।

टैक्स में कौन आगे है?

PPF का सबसे बड़ा फायदा टैक्स है। इसमें जमा किया गया पैसा, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम तीनों टैक्स-फ्री रहती हैं।

SIP में टैक्स देना पड़ सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस तरह के म्यूचुअल फंड में निवेश किया है और कितने समय बाद पैसा निकाला है।

किसे क्या चुनना चाहिए?

अगर आपको बिना जोखिम वाला विकल्प चाहिए, तो PPF ज्यादा सुकून देता है। इसमें पैसा सुरक्षित रहता है और रिटर्न भी तय रहता है। अगर आपका लक्ष्य ज्यादा पैसा बनाना है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव झेल सकते हैं, तो SIP बेहतर विकल्प बन सकती है।

दोनों में निवेश ज्यादा बेहतर

मान लीजिए आपके पास हर साल ₹1.5 लाख हैं। ऐसे में पूरा पैसा सिर्फ एक जगह लगाने की जरूरत नहीं है। आप ₹75,000 PPF में और ₹75,000 SIP में लगा सकते हैं।

इससे एक तरफ सरकारी सुरक्षा मिलती है। दूसरी तरफ बाजार की ग्रोथ का फायदा भी मिलता है। यही वजह है कि कई वित्तीय सलाहकार लंबी अवधि के लिए इस तरह का संतुलन बेहतर मानते हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Rashifal Today: आज के दिन सोच-समझकर लें कोई भी फैसला, जानें आपना राशिफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार जन्म की तारीख का हमारे जीवन पर खास प्रभाव माना जाता है। हर मूलांक के लिए आज आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आपकी मेहनत और योजनाएं आगे बढ़ेंगी। पुराने अनुभव से जुड़े क्षेत्रों में निवेश का अवसर मिल सकता है। लोग आपकी सलाह और राय को महत्व देंगे, जिससे सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। नए कमाई के अवसर मिल सकते हैं और आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम भी मिल सकता है। निवेश का मौका मिले तो सोच-समझकर फैसला लें। साझेदारी या जॉइंट इन्वेस्टमेंट के लिए भी समय अनुकूल हो सकता है। हालांकि, गैर-जरूरी खर्चों से बचना जरूरी है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आपको पैसों के मामले में सावधानी बरतनी होगी। बिना योजना के खर्च करने से आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है। किसी भी निवेश से पहले उसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझ लें। जोखिम वाले सौदों से दूर रहना बेहतर होगा। अगर आप पर कोई कर्ज है तो उसे चुकाने की योजना बना सकते हैं। बड़े आर्थिक फैसले जल्दबाजी में न लें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आपकी मेहनत और योजनाएं आगे बढ़ेंगी। पुराने अनुभव से जुड़े क्षेत्रों में निवेश का अवसर मिल सकता है। लोग आपकी सलाह और राय को महत्व देंगे, जिससे सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। हालांकि, खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। बड़े आर्थिक फैसले लेने के लिए दिन अच्छा रह सकता है।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। अचानक खर्च या नुकसान की स्थिति बन सकती है, इसलिए बचत पर ध्यान दें। किसी नए निवेश में पैसा लगाने से पहले अच्छी तरह सोचें। पुरानी आर्थिक समस्या आपको परेशान कर सकती है, लेकिन धैर्य बनाए रखें। जल्दबाजी से बचें और अपने वित्तीय लक्ष्य पर ध्यान दें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। अपने कमाई के साधनों की समीक्षा करें और गैर-जरूरी खर्चों को कम करें। किसी आर्थिक सौदे में आगे बढ़ने से पहले सभी जानकारी जांच लें। धैर्य से काम लेने और परिस्थिति को समझने से आप नुकसान से बच सकते हैं।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रहने वाला है। आपके पुराने निवेश या मेहनत का फायदा मिल सकता है। नए आर्थिक अवसर भी सामने आ सकते हैं। कारोबार या किसी प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पैसों का सही इस्तेमाल करें और अपनी जरूरतों व खर्चों के बीच संतुलन बनाए रखें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। कमाई बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। निवेश करने की योजना है तो विशेषज्ञ की सलाह लेकर आगे बढ़ें। पैसों से जुड़े लेन-देन में सावधानी रखें और बजट का ध्यान रखें। सही योजना के साथ आगे बढ़ने पर भविष्य में इसका फायदा मिल सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। अचानक खर्च या नुकसान हो सकता है। नए निवेश या प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले दोबारा विचार करें। किसी भरोसेमंद व्यक्ति से सलाह लेना आपके लिए उपयोगी रहेगा। बजट पर नियंत्रण और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। अचानक होने वाला खर्च आपकी आर्थिक स्थिति पर असर डाल सकता है। इसलिए बिना सोचे निवेश करने से बचें और पैसे बचाने पर ध्यान दें। कारोबार करने वालों को ग्राहकों और लेन-देन के मामले में अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए। अपने वित्तीय प्लान की समीक्षा करके ही आगे बढ़ें।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

JSSC-CGL: ‘चाहो तो रिश्ता खत्म कर सकती हो…’ नौकरी जाने के डर से टूट गया शख्स, पत्नी से कही ये बात

झारखंड में JSSC-CGL 2024 परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद करीब 2,000 चयनित उम्मीदवारों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। इन उम्मीदवारों ने सरकारी नौकरी पाने के लिए लंबे समय तक तैयारी की थी। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद अब उनके चयन और नौकरी के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर छात्रों के कई हफ्तों तक विरोध प्रदर्शन के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। वहीं पहले से चयनित उम्मीदवारों का कहा कि इस फैसले का असर उन पर पड़ रहा है, जबकि पूरी प्रक्रिया में उनकी कोई गलती नहीं थी। नौकरी जाने की आशंका से कई उम्मीदवार आर्थिक परेशानी के साथ-साथ अपने परिवार और करियर को लेकर भी चिंतित हैं।

अंदर जाने से किया मना

कोडरमा के सरकारी कर्मचारी संदीप यादव के लिए झारखंड सरकार का यह फैसला परेशानी का कारण बन गया है। शादी के बाद शुरू हुई उनकी नई जिंदगी अब नौकरी के भविष्य को लेकर चिंता में बदल गई है। उन्हें डर है कि इस फैसले का असर उनकी नौकरी और आने वाले समय पर पड़ सकता है। रांची के प्रोजेक्ट भवन स्थित विजिलेंस विभाग में काम करने वाले संदीप यादव ने बताया कि, परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद मंगलवार को उन्हें ऑफिस में प्रवेश करने से रोक दिया गया। संदीप ने भर्ती परीक्षा पास करने के बाद यह नौकरी हासिल की थी और रोज सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ड्यूटी कर रहे थे। अब परीक्षा रद्द होने के बाद उनकी नौकरी पर भी सवाल खड़ा हो गया है।

एग्जाम पास करने के बाद किया जॉइन

NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संदीप यादव ने कहा, “गार्ड ने मेरा ID कार्ड चेक किया और कहा कि मुझे अंदर जाने की इजाजत नहीं है। मैंने पिछले साल एग्जाम पास करने के बाद जॉइन किया था। मुझे किसी की चैरिटी से नौकरी नहीं मिली थी। फिर भी, आज मुझे अंदर जाने की इजाजत नहीं है। सरकार ने भीड़ के दबाव में यह फैसला लिया।” शादी के महज दो महीने बाद ही संदीप यादव के सामने नौकरी को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। नौकरी जाने की आशंका से वह अपने वैवाहिक जीवन को लेकर भी चिंतित हैं।

पत्नी से कही ये बात

उन्होंने पत्नी से यहां तक कह दिया कि अगर नौकरी के संकट की वजह से वह साथ नहीं रहना चाहतीं, तो उन्हें छोड़ सकती हैं। उन्होंनें कहा, “जब मैं घर गया, तो मैंने उनसे कहा, ‘आपने मुझसे शादी इसलिए की क्योंकि मेरे पास नौकरी थी। अब मेरे पास नौकरी नहीं है। अगर आप चाहें, तो यह रिश्ता खत्म कर सकती हैं।’” संदीप उन करीब 2,000 उम्मीदवारों में शामिल हैं, जिनकी नौकरी अब परीक्षा रद्द होने के बाद खतरे में है। उम्मीदवारों का कहना है कि अदालत के पहले के कुछ फैसलों में भर्ती प्रक्रिया को जारी रखने की मंजूरी दी गई थी। अब वे अपनी नौकरी बचाने के लिए प्रदर्शन जारी रखने के साथ कानूनी रास्ता अपनाने की भी तैयारी कर रहे हैं।

जल बोर्ड टेंडर घोटाले में बड़ा एक्शन, AAP नेता सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, 1.52 करोड़ की रिश्वत का आरोप

दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़े टेंडरों में कथित गड़बड़ी और हेरफेर के मामले में की गई है। सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्ट सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।

यह मामला डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायत में दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बेहतर बनाने और अपग्रेड करने के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में कथित तौर पर बदलाव किए गए और कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। एसीबी इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी की जांच की जा रही है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 7ए, 9 और 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420, 409, 418 और 120-बी भी लगाई गई हैं।

टेंडर की शर्तों में हेरफेर का आरोप

एसीबी का आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें और नियम शामिल किए गए, जिनसे एक खास कंपनी को फायदा पहुंच सकता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन शर्तों से यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। एसीबी का कहना है कि टेंडर की शर्तों ने दूसरी कंपनियों के लिए मुकाबले का मौका सीमित कर दिया और एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ मिला।

जांच में टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी कई कथित अनियमितताएं भी सामने आई हैं। इनमें प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट का नहीं किया जाना, इस्तेमाल होने वाली तकनीक या फिल्टर मीडिया को लेकर ऐसी शर्तें रखना जिनसे दूसरी कंपनियों की भागीदारी सीमित हो सकती थी, साफ किए गए पानी की गुणवत्ता के लिए जरूरी मानक तय नहीं करना और बाद में टेंडर की तकनीकी शर्तों में बदलाव करना शामिल है। एसीबी अब इन सभी आरोपों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर और किसके निर्देश पर हुआ।

एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने कहा कि टेंडर की शर्तों में किए गए कथित बदलावों से सरकारी खजाने पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ा। एजेंसी के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच में प्राइवेट कंपनियों के लोगों, सरकारी कर्मचारियों और बिचौलियों के बीच सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) प्रोजेक्ट से जुड़े टेंडर की शर्तों, उनमें किए गए बदलाव और दूसरे दस्तावेजों को लेकर बातचीत के सबूत मिले हैं। एसीबी का कहना है कि बातचीत में जिन कई शर्तों और दस्तावेजों का जिक्र था, उन्हें बाद में दिल्ली जल बोर्ड की ओर से जारी किए गए टेंडर में शामिल कर लिया गया। जांच एजेंसी को शक है कि प्राइवेट कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत हुई थी। इसका मकसद एक खास तकनीक देने वाली कंपनी के पक्ष में टेंडर की शर्तों को प्रभावित करना था।

पूर्व सीईओ को 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप

एसीबी ने आरोप लगाया है कि सृजनहार और एएन एंटरप्राइजेज जैसी बीच की कंपनियों के जरिए कमीशन या रिश्वत के तौर पर पैसों का लेन-देन किया गया। एजेंसी के मुताबिक, वित्तीय जांच में पता चला कि यूरोटेक से कथित तौर पर जुड़ी कंपनियों से आरोपी नागेंद्र यादव की कंपनी में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी। एसीबी अब इन पैसों के लेन-देन और टेंडर प्रक्रिया के बीच संबंध की जांच कर रही है। एसीबी का यह भी आरोप है कि इस पूरे मामले में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय को कथित तौर पर 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी।

एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने आरोप लगाया है कि बाद में यह रकम दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके कुछ रिश्तेदारों के बैंक खातों में भेजी गई।एसीबी ने अपने बयान में कहा कि जांच के दौरान पता चला है कि उस समय दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ रहे उदित प्रकाश राय को एएन एंटरप्राइजेज के जरिए बैंकिंग चैनल से करीब 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मिली। एजेंसी के मुताबिक, यह रकम राय के अलावा उनके कुछ रिश्तेदारों के बैंक खातों में भी ट्रांसफर की गई थी।

जांच एजेंसी का आरोप है कि बाद में इस पैसे का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। एसीबी का यह भी कहना है कि एएन एंटरप्राइजेज के जरिए भेजी गई रकम कथित तौर पर तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनी यूरोटेक से जुड़ी थी। एसीबी ने बताया कि वह इस मामले में पैसों के पूरे लेन-देन की कड़ी यानी मनी ट्रेल की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कथित भ्रष्टाचार से हासिल रकम कहां-कहां इस्तेमाल हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

Stocks to Watch: 19 अगस्त को इन 12 शेयरों पर रखें नजर, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 19 अगस्त के कारोबारी सत्र में कई कंपनियों ने बड़े फैसलों और ऑर्डर की जानकारी दी है। इनमें फंड जुटाने, नए कॉन्ट्रैक्ट, ग्रीन एनर्जी निवेश और रणनीतिक हिस्सेदारी खरीदने जैसे अपडेट शामिल हैं। ऐसे में इन शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Bharat Petroleum

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनी Bharat Petroleum (BPCL) ने ₹5,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। कंपनी बोर्ड ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे कंपनी अपनी फंडिंग जरूरतें पूरी करेगी।

RailTel

सरकारी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी RailTel को EPFO से ₹166.8 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर टैक्स समेत है। इससे कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूती मिल सकती है।

Aster DM Quality Care

हेल्थकेयर कंपनी Aster DM Quality Care में 7.2% हिस्सेदारी करीब ₹4,780 करोड़ के ब्लॉक डील के जरिए बिक सकती है। यह हिस्सेदारी TPG Inc. से जुड़ी Centella Mauritius Holdings बेच सकती है। डील का फ्लोर प्राइस ₹766.10 प्रति शेयर रखा गया है, जो पिछले NSE क्लोजिंग प्राइस से करीब 6.3% कम है।

Krystal Integrated Services

फैसिलिटी मैनेजमेंट कंपनी Krystal Integrated Services को MSRTC से करीब ₹134 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। कंपनी मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर के तय क्षेत्रों में तीन साल तक इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज देगी। यह ऑर्डर 18 अगस्त को सामान्य कारोबारी प्रक्रिया के तहत जारी किया गया।

Atlanta Electricals

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी Atlanta Electricals को आंध्र प्रदेश ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन (APTRANSCO) से ₹193.92 करोड़ का LOI मिला है। कंपनी 160 MVA क्षमता वाले 12 ऑटो ट्रांसफॉर्मर डिजाइन, निर्माण और सप्लाई करेगी।

Exide Industries

बैटरी बनाने वाली कंपनी Exide Industries ने अपनी सहायक कंपनी Exide Energy Solutions में ₹200 करोड़ का निवेश किया है। यह रकम भारत में बन रहे मल्टी-गीगावॉट लिथियम-आयन सेल प्लांट के लिए लगाई गई है। निवेश राइट्स इश्यू के जरिए किया गया।

Highway Infrastructure

इंफ्रा कंपनी Highway Infrastructure को NHAI से ₹80.17 करोड़ का टोल ऑपरेशन कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट तमिलनाडु के Palayam Fee Plaza के लिए है। इसकी अवधि 90 दिन होगी।

Jubilant Ingrevia

स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी Jubilant Ingrevia ने Zettaone Technologies India में 40% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। यह सौदा ₹189.2 करोड़ में होगा। इससे कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कदम बढ़ाएगी।

Hindustan Zinc

माइनिंग और मेटल कंपनी Hindustan Zinc ने बताया कि उसकी बिजली खपत में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़कर 22% हो गई है। FY26 में यह करीब 18% थी। कंपनी FY28 तक इसे 70% तक ले जाने का लक्ष्य रखती है।

ONGC

सरकारी तेल और गैस कंपनी ONGC ने असम के गोलाघाट जिले में Khoraghat GGS-1 गैस इवैक्युएशन फैसिलिटी शुरू कर दी है। इससे अपर असम शेल्फ की अतिरिक्त गैस को North East Gas Grid के जरिए प्रोसेस और सप्लाई किया जा सकेगा।

Balkrishna Industries

ऑफ-हाईवे टायर बनाने वाली कंपनी Balkrishna Industries ने ₹550 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी है। कंपनी यह रकम प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए NCD जारी करके जुटाएगी।

Shilpa Medicare

फार्मा कंपनी Shilpa Medicare ने अमेरिका में Pemetrexed Injection की 27,923 वायल्स को स्वेच्छा से वापस मंगाने का फैसला किया है। कंपनी ने दवा के रंग में असामान्य बदलाव के कारण यह रिकॉल शुरू किया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या Swiggy, Zomato और Zepto पर लागू होंगे बाइक-टैक्सी के नियम? जानिए ऐसा हुआ तो क्या बदलेगा

महाराष्ट्र सरकार स्विगी, जोमैटो, जेप्टो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर्स को लेकर नए नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों के तहत डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों को परिवहन विभाग से मिले यूनिक लाइसेंस नंबर को दिखाना जरूरी हो सकता है। इसके साथ ही कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल, ड्राइवरों के वेरिफिकेशन और वेलफेयर फंड में योगदान से जुड़े नियमों का भी पालन करना पड़ सकता है। प्रस्तावित नियमों की अभी कानूनी जांच होनी बाकी है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार स्विगी, जोमैटो, जेप्टो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों को महाराष्ट्र बाइक-टैक्सी नियम, 2025 के दायरे में लाने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो इन कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर्स को भी कुछ नए नियमों और जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ सकता है।

इन नियमों का करना होगा पालन

रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में बाइक-टैक्सी सेवा को लेकर चर्चा के दौरान कुछ नए प्रस्ताव सामने आए। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने हर राइड से 2 प्रतिशत राशि ड्राइवरों के कल्याण के लिए बनाए गए फंड में देने का सुझाव दिया। इसके अलावा, बाइक-टैक्सी परमिट लेने वाले ड्राइवरों के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट को जरूरी करने का प्रस्ताव भी रखा गया। वहीं अभी इन प्रस्तावित नियमों की कानूनी जांच होनी बाकी है, क्योंकि ये फिलहाल महाराष्ट्र के कानून और न्याय विभाग के पास हैं।

ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने क्या कहा

ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर प्रताप सरनाईक ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम चाहते हैं कि ये नियम सभी डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स पर लागू हों, क्योंकि ऐसी बाइक बिना किसी रेगुलेटरी नियमों का पालन किए सड़कों पर चलती हैं। लेकिन, यह बदलाव तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक केंद्र सरकार पूरे देश के लिए कानून में बदलाव नहीं करती।”

आ सकता है दिक्कतें

प्रस्तावित नियमों को लागू करने में कानूनी दिक्कत आ सकती है। इसकी एक वजह यह है कि फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स में इस्तेमाल होने वाले कई कम पावर वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन मौजूदा केंद्रीय कानून के तहत मोटर वाहन की श्रेणी में नहीं आते। ऐसे में इन वाहनों पर नए नियम लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अभी डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियां केंद्र सरकार के नियमों के तहत काम करती हैं। इनमें उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019, ई-कॉमर्स नियम 2020 और सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 शामिल हैं।

अभी क्या है नियम

मोटर व्हीकल एक्ट के मौजूदा नियमों के अनुसार, 250 वॉट से कम पावर और 25 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रफ्तार वाली कुछ बैटरी से चलने वाली गाड़ियों को रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की जरूरत नहीं होती। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कानूनी जानकारों का मानना है कि इसी वजह से महाराष्ट्र के लिए इन वाहनों पर नए एग्रीगेटर जैसे नियम लागू करना आसान नहीं होगा।

आखिरी बारिश में इतना क्यों टर्र-टर्र करते हैं मेंढक? 1 KM दूर तक सुनाई देती है आवाज! जानें वजह

बारिश शुरू होते ही रात के समय मेंढकों की ‘टर्र-टर्र’ टर्राने की आवाजें ज्यादा सुनाई देने लगती हैं। बारिश के मौसम में उनकी आवाज इतनी तेज होती है कि ऐसा लगता है की वो हमारे आस-पास ही है। लेकिन ऐसा नहीं होता है बल्कि ये आवाज काफी दूर से आती है। बारिश का मौसम मेंढकों के लिए प्रजनन (रिप्रोडक्शन) का सही समय होता है। इसलिए वे साथी को अट्रैक्ट करने और अपनी मौजूदगी बताने के लिए ज्यादा आवाज करते हैं। इसी आवाज से मादा को सही साथी चुनने में मदद मिलती है। इसलिए बारिश के दिनों में तालाबों, गड्ढों और पानी जमा होने वाली जगहों के आसपास मेंढकों की टर्राने की आवाज ज्यादा सुनाई देती है। जानें इसके बारे में

मध्य प्रदेश के सागर के जूलॉजी विभाग के एक्सपर्ट डॉ. मनीष जैन के अनुसार, बारिश के मौसम में पानी जमा होने से मेंढकों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। तालाब और आसपास के इलाकों में पानी मिलने से उन्हें खाने, घूमने और प्रजनन (रिप्रोडक्शन) के लिए बेहतर माहौल मिलता है। इसी वजह से मॉनसून के दौरान मेंढक ज्यादा एक्टिव होकर बार-बार टर्राते हैं।

बारिश के मौसम में होते हैं ज्यादा एक्टिव

मेंढकों की आवाज का इस्तेमाल सिर्फ प्रजनन (रिप्रोडक्शन) या आपसी मुकाबले के लिए नहीं होता। एक्सपर्ट के अनुसार, कुछ आवाजें आसपास मौजूद दूसरे मेंढकों को खतरे की जानकारी देने के लिए भी होती हैं। ऐसे संकेत मिलने पर दूसरे मेंढक सतर्क हो जाते हैं और खतरा महसूस होने पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकते हैं। बारिश के दिनों में मेंढकों की आवाज सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा तेज और साफ सुनाई देती है। मानसून में मेंढक पानी के आसपास अधिक एक्टिव रहते हैं। गीले वातावरण में उनकी आवाज दूर तक पहुंचती है, इसलिए कई बार ऐसा लगता है कि मेंढक पास ही टर्रा रहे हैं, जबकि वे काफी दूरी पर हो सकते हैं।

एक किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है आवाज

मेंढक का आकार उसकी आवाज की पहुंच तय नहीं करता। बारिश की रातों में कुछ छोटे मेंढकों की टर्राने की आवाज भी करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दे सकती है। हालांकि, यह उनकी प्रजाति और आसपास के माहौल पर निर्भर करता है कि आवाज कितनी दूर तक पहुंचेगी। दुनिया में मेंढकों की हजारों प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनका आकार, रंग और आवाज अलग-अलग होती है। बुंदेलखंड में भी कई तरह के मेंढक मिलते हैं, जो मानसून के दौरान अधिक सक्रिय नजर आते हैं।

बारिश के बाद पानी जमा होने से मेंढकों को प्रजनन (रिप्रोडक्शन) और सक्रिय रहने के लिए अनुकूल माहौल मिल जाता है। पानी के आसपास वे बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं और एक-दूसरे से आवाज के जरिए संपर्क करते हैं, इसलिए बारिश के बाद उनकी टर्राने की आवाज अचानक बढ़ जाती है।

Stock in Focus: क्रिस्टल इंटीग्रेटेड को MSRTC से ₹134 करोड़ का ऑर्डर, शेयर पर रहेगी नजर

Stock in Focus: इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज देने वाली Krystal Integrated Services को महाराष्ट्र स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (MSRTC) से करीब ₹134 करोड़ का नया वर्क ऑर्डर मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर के तय क्षेत्रों में फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज देने के लिए है।

कंपनी ने बताया कि यह ऑर्डर 18 अगस्त 2026 को जारी हुआ और इसे सामान्य कारोबारी प्रक्रिया के तहत मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट की अवधि तीन साल होगी।

कंपनी क्या काम करेगी?

Krystal Integrated Services को MSRTC की ओर से इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज का काम सौंपा गया है। कंपनी मुंबई और छत्रपति संभाजीनगर के बस डिपो और अन्य आवंटित परिसरों में सेवाएं देगी। यह पूरा प्रोजेक्ट अगले तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा।

लगातार मिल रहे हैं बड़े ऑर्डर

Krystal Integrated Services को 2026 में लगातार बड़े सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मिल रहे हैं। जून में कंपनी को नई दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज के लिए ₹24.38 करोड़ का चार साल का ऑर्डर मिला था। इसमें मैकेनाइज्ड हाउसकीपिंग, रिसेप्शन और इंजीनियरिंग सर्विसेज के रखरखाव का काम शामिल है।

इसके अलावा कंपनी इससे पहले महाराष्ट्र के वसई-विरार क्षेत्र में करीब ₹275 करोड़ का सैनिटेशन कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल कर चुकी है। वहीं हाल ही में उसे तमिलनाडु में ₹364 करोड़ का हेल्थकेयर फैसिलिटी मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट भी मिला था।

Krystal के शेयरों का हाल

कंपनी के शेयर मंगलवार को मामूली गिरावट के साथ 620 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने से भी स्टॉक तकरीबन फ्लैट है। वहीं, 1 साल में इसने 1.41% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 866.82 हजार करोड़ रुपये है।

कंपनी क्या करती है?

Krystal Integrated Services इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सेक्टर की कंपनी है। यह हाउसकीपिंग, सैनिटेशन, इंजीनियरिंग मेंटेनेंस और अन्य ऑपरेशनल सर्विसेज देती है। हाल के महीनों में लगातार मिल रहे सरकारी ऑर्डर कंपनी के ऑर्डर बुक को मजबूत कर रहे हैं, जिस वजह से आने वाले कारोबारी सत्र में इस शेयर पर निवेशकों की नजर रह सकती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Tempsens Instruments IPO: खुलने से पहले 56% पर पहुंचा GMP, 20 अगस्त से लगा सकेंगे पैसा

Tempsens Instruments IPO: थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल बनाने वाली कंपनी Tempsens Instruments का IPO 20 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। इश्यू खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। Investorgain के मुताबिक, कंपनी का GMP ₹168 पहुंच गया है। यानी अपर प्राइस बैंड के मुकाबले करीब 56% प्रीमियम का संकेत मिल रहा है। वहीं IPO Watch ने करीब 51.33% GMP बताया है।

कंपनी इस IPO के जरिए ₹650 करोड़ जुटाना चाहती है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अगस्त को खुलेगी, जबकि रिटेल निवेशक 20 से 24 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। कंपनी के शेयर 28 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट होने की संभावना है।

IPO की जरूरी बातें

इश्यू साइज₹650 करोड़
प्राइस बैंड
₹285-300 प्रति शेयर

एंकर बिडिंग19 अगस्त
सब्सक्रिप्शन20 से 24 अगस्त
संभावित लिस्टिंग
28 अगस्त (BSE और NSE)

₹468 पर हो सकती है लिस्टिंग

Tempsens ने IPO का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया है। अगर मौजूदा ₹168 का GMP बना रहता है, तो शेयर की संभावित लिस्टिंग करीब ₹468 पर हो सकती है।

इस हिसाब से प्रति शेयर करीब ₹168 का संभावित फायदा बनता है। हालांकि, यह सिर्फ ग्रे मार्केट का संकेत है। असली लिस्टिंग प्राइस बाजार के सेंटीमेंट और मांग पर तय होगा।

जुटाए गए पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?

Tempsens IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने कारोबार के विस्तार में करेगी। इसमें इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल बिजनेस में पूंजीगत निवेश शामिल है। इसके अलावा कंपनी कुछ कर्ज भी चुकाएगी और बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों में खर्च करेगी।

Tempsens क्या करती है?

1990 में शुरू हुई Tempsens Instruments थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल बनाने वाली कंपनी है। कंपनी इंडस्ट्री के लिए कस्टमाइज्ड टेम्परेचर सेंसर, इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल तैयार करती है।

इसके पोर्टफोलियो में कॉन्टैक्ट और नॉन-कॉन्टैक्ट दोनों तरह के टेम्परेचर सेंसर शामिल हैं। कंपनी अलग-अलग औद्योगिक सेक्टर के लिए जरूरत के हिसाब से सॉल्यूशंस भी देती है।

Shiprocket IPO: अलॉटमेंट जारी, 19 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग; GMP दे रहा तगड़े मुनाफे का संकेत

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।