अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

Yogi adityanath

CM Yogi Adityanath Braj redevelopmen: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या काशी के भव्य विकास के बाद अब ब्रजभूमि को भी जन-भावनाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। डबल इंजन सरकार इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां ऐसा भव्य परिसर तैयार किया जाएगा, जैसा अयोध्या और काशी में हुआ है। पिछली सरकारें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता होती थी। यह सरकार कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है। लेकिन, जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे? 

समाज विरोधी मंसूबे पूरे नहीं होने देगी सरकार

मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करने के उपरांत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने का काम करने जा रहे हैं। उनकी आदत समाज में विष वमन करने की है, जिससे समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकें, वे आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकें, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकें, बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगा सकें, अन्नदाता किसानों की खुशहाली पर डकैती डाल सकें और उद्यमी बनने की ओर अग्रसर कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बना सकें। लेकिन डबल इंजन की सरकार इन मंसूबों पर पानी फेरेगी और इन्हें कभी पूरा नहीं होने देगी। 

कल्पना से परे था अयोध्या का कायापलट

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्यावासियों को कल्पना भी नहीं थी कि कभी अयोध्या का इतना भव्य विकास होगा। वहां न सड़क थी, न बिजली और न ही पानी की समुचित व्यवस्था। गंदगी का अंबार लगा रहता था। अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ी थी। जो श्रद्धालु वहां जाता था,  अव्यवस्था और अराजकता देखकर रोता हुआ लौटता था। आज प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम आते हैं। रामनवमी, कार्तिक माह, सावन का झूला मेला, दीपोत्सव आदि पर्वों पर यह संख्या बढ़कर पांच से 50 लाख तक पहुंच जाती है। कहीं कोई असुविधा नहीं होती।

सामाजिक समता का अद्भुत उदाहरण भी देखने को मिलता है। प्रभु श्रीराम के नाम को जन-जन तक पहुंचाने वाले महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया है। कनेक्टिविटी के लिए चारों ओर से फोरलेन सड़कें बन चुकी हैं। रेलवे की डबल लाइन हो चुकी है। अयोध्या में जहां भी जाएंगे, आपको भक्तिपथ, रामपथ जैसे नामों की फोरलेन सड़कें मिलेंगी।

अपराजित रही हमारी आस्था

सीएम ने कहा 1528 में विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था। लेकिन, अयोध्या में प्रभु श्रीराम के प्रति हमारी सनातन आस्था निरंतर बढ़ रही है। वहां उमड़ रहे जनसैलाब से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जो आक्रांता खुद को अविजित मानते थे, आज उनका कहीं अता-पता नहीं। सब समाप्त हो गए। लेकिन, हमारी आस्था कभी पराजित नहीं हुई। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दुनिया का विशालतम भव्य मंदिर बन गया। जिन लोगों को ये सब अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं।

मां विंध्यवासिनी धाम का भव्य परिसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अभी यहां योगमाया का दर्शन कर रहा था। इसी धरा पर योगमाया ने अवतरित होकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी और वही योगमाया विंध्यवासिनी धाम में प्रकट हुई थीं। मैं जब भी यहां आता था, मुझे तत्काल मां विंध्यवासिनी का स्मरण आता था। आज मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि योगमाया के प्रति हमारी आस्था ने विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर उपलब्ध कराया है।

ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं को मिलेंगी सभी सुविधाएं

सीएम ने कहा कि मथुरा-वृंदावन समेत बरसाना, नंदगांव व गोवर्धन आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं मिलेंगी। किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत न हो, उसकी आस्था को ठेस न लगे, वह सहज भाव से आए, दर्शन करे और आशीर्वाद लेकर जाए। इसके लिए डबल इंजन की सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। ये पर्व व त्योहार केवल आस्था ही नहीं,  हमारी आर्थिकी के आधार भी हैं। समाज का हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में व्यवस्था के साथ जुड़कर पीएम मोदी जी के विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है।

हम सिर्फ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से एक ही बात कही कि अर्जुन, तुम निमित्त मात्र हो, तुम अपना कर्तव्य करो। तुम अगर निष्काम कर्म करोगे तो परिणाम पाओगे। इसी तरह हम सब भी देश, समाज व परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करेंगे तो भारत को विकसित भारत और उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनने में कोई देर नहीं लगेगी। ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’, श्रीकृष्ण कहते हैं कि कर्म करो, अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ो। बाकी चिंता हमारे कृष्ण कन्हैया करेंगे।

 

उन्होंने कहा कि हमारा देश स्वतंत्र है, तभी हम इतने स्वतंत्र माहौल में अपने पर्व और त्योहार मना पा रहे हैं। कल से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन आकर आस्था के साथ विभिन्न समारोहों और आयोजनों में भागीदार बन रहे हैं। आज हम शासन की सुविधाओं से जुड़े हैं और विकास की नई-नई परियोजनाओं का लाभ ले रहे हैं। नौजवान अपने जीवन और भविष्य के प्रति आश्वस्त है। हर बेटी बहन अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त है। हर कारीगर और हर हस्तशिल्पी के मन में उद्यमी बनने का विश्वास है। इसी विश्वास को जगाने और हमें जोड़ने के लिए ये पर्व व त्योहार आते हैं। मुझे भी इसीलिए ब्रजभूमि में ‘लाला’ (बालकृष्ण) के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

अब जवाहर बाग जैसी घटना नहीं, बल्कि उत्सव होता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए हमारी आस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विरासत के सम्मान के लिए ही मैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आता हूं। पिछली सरकारें यहां आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें वोट बैंक की चिंता होती थी। उन्हें डर रहता था कि कहीं लोग सवाल न पूछ लें और इसीलिए उनके कृत्यों से यहां जवाहर बाग जैसी घटना हुई। लेकिन, अब हमारी यह ब्रजभूमि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों के साथ नए उत्साह, नई उमंग और नए विश्वास से जुड़ रही है। यही नया विश्वास हम सबको आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई व शुभकामनाएं भी दीं।

 

 

यूपी की ऐतिहासिक छलांग, जेम पर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की खरीद

यूपी की ऐतिहासिक छलांग, जेम पर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की खरीद

cm yogi

Yogi Adityanath government: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक खरीद व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर वर्ष 2017 में इसकी स्थापना से अब तक ₹1 लाख करोड़ (₹1 ट्रिलियन) से अधिक की खरीद दर्ज कर नया रिकॉर्ड बनाया है। देश के सभी राज्यों द्वारा जेम के माध्यम से की गई कुल खरीद में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक है। यह उपलब्धि प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस, ट्रांसपेरेंसी, एफिशियंसी और इन्क्लूसिव पब्लिक प्रोक्योरमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार की नीतियों की प्रभावशीलता को दर्शाती है।

तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से यूपी का सम्मान

उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जेम के 10वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया। उत्तर प्रदेश को मिले पुरस्कारों में- जेम ओवरऑल एक्सीलेंस अवार्ड, हाईएस्ट जेम प्रोक्योरमेंट वैल्यू और बेस्ट आउटरीच बिल्डिंग अवार्ड शामिल हैं। इन पुरस्कारों को उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव शशिभूषण लाल सुशील ने प्राप्त किया।

योगी सरकार के सुशासन मॉडल की बड़ी उपलब्धि

उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि केवल सरकारी खरीद के आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे योगी सरकार के गुड गवर्नेंस और डिजिटल गवर्नेंस मॉडल की महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जेम के व्यापक उपयोग से सरकारी विभागों की खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी, सरल और जवाबदेह बनाने में मदद मिली है। सरकारी खरीद में डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक प्रक्रियाओं में होने वाली जटिलताओं को कम करने, अधिक विक्रेताओं को प्रतिस्पर्धा का अवसर देने और सरकारी संस्थानों को बेहतर कीमत पर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।

₹1 लाख करोड़ की खरीद ‘वैल्यू फॉर मनी’

जेम पर ₹1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों ने डिजिटल खरीद व्यवस्था को बड़े पैमाने पर अपनाया है। इसके माध्यम से खरीद प्रक्रिया में ट्रांसपेरेंसी, कम्पीटीशन, एफिशियंसी और ‘वैल्यू फॉर मनी’ को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। योगी सरकार की नीति के अनुरूप सरकारी खरीद को अधिक परिणामोन्मुख बनाने के साथ-साथ छोटे और स्थानीय कारोबारियों को भी सरकारी बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

एमएसएमई, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिले अवसर

जेम के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने सरकारी खरीद को केवल बड़े कारोबारियों तक सीमित रखने के बजाय एमएसएमई, महिला उद्यमियों, एससी/एसटी वर्ग द्वारा संचालित उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए भी अवसरों का विस्तार किया है। इस व्यवस्था से छोटे उद्यमों को देशभर के सरकारी खरीदारों तक पहुंच बनाने का डिजिटल मंच मिला है। इससे प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों के लिए सरकारी बाजार का दायरा बढ़ा है और उन्हें राज्य के बाहर भी अपने उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिला है।

क्षमता निर्माण पर भी जोर

उत्तर प्रदेश की सफलता में ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज्य में समय-समय पर अधिकारियों, विभागों और अन्य हितधारकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, ताकि जेम की सुविधाओं और प्रक्रियाओं का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सके। इसी दिशा में किए गए प्रयासों को ‘बेस्ट आउटरीच इनिशिएटिव फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग’ राष्ट्रीय पुरस्कार के माध्यम से मान्यता मिली है। उत्तर प्रदेश सरकार और जेम के बीच लगातार बेहतर होते समन्वय ने प्रदेश में सार्वजनिक खरीद सुधारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीद प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी, समावेशी और परिणाम आधारित बनाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

UP News: रक्षाबंधन पर सीएम योगी का बेटियों को तोहफा! बताया कब मिलेगी 50,000 छात्राओं को फ्री स्कूटी

UP News: रक्षाबंधन पर उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अक्टूबर-नवंबर में यूपी की 50,000 महिला अंडरग्रेजुएट छात्राओं को स्कूटी दिए जाएंगे। सीएम योगी शुक्रवार (28 अगस्त) को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में यह ऐलान किया। सीएम योगी ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई तक और आगे भी सरकार हमेशा उसके साथ खड़ी है।

उन्होंने कहा, “हमने एक और व्यवस्था की है। हमारे लिए पहले ये काम बड़ा था कि रक्षाबंधन पर इस कार्यक्रम को करेंगे, अभी हम अक्टूबर या नवंबर में प्रदेश की 50,000 बेटियों को जो स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं, एक स्कूटी उपलब्ध करवाने जा रहे हैं। 50,000 बेटियों को हम स्कूटी भी प्रदान करने जा रहे हैं…।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “यूपी में पहले पहचान का संकट था आधी आबादी को न सुरक्षा थी, न सम्मान था, न स्वावलंबन था, तो हमारी आर्थिक स्थिति बदहाल होनी ही होनी थी। यूपी उस दौर को जब याद करता है, तो रोंगटे खड़े होते हैं। कहीं दंगे, कहीं कर्फ्यू, कहीं असुरक्षा, कहीं उपद्रव, हर योजना में बेईमानी और भ्रष्टाचार, लेकिन धर्म चक्र बदलता है। अगर उस समय उपद्रव था, तो पीएम मोदी के नेतृत्व में जब डबल इंजन की सरकार यूपी में आई, तो उपद्रव को उत्सव में बदल दिया गया है, कर्फ्यू और दंगा से मुक्त करके यूपी को चंगा बना दिया गया है।”

‘योजना का केंद्र बिंदु बेटी’

मुख्यमंत्री ने कहा, “अब हर योजना का केंद्र बिंदु बेटी है, आधी आबादी है। हमारा पहला संकल्प था उत्तर प्रदेश की बेटी को भयमुक्त वातावरण देंगे। उसे अपने विश्वास के दम पर खड़ा होने का पूरा अवसर देंगे और मुझे खुशी है कि हमने जो कहा था, बेटी को सुरक्षा की गारंटी देंगे, यह केवल एक फिजिकल सिक्योरिटी नहीं थी, यह मेंटल सिक्योरिटी भी थी, हेल्थ सिक्योरिटी भी थी। प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ महिलाएं हैं। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व की यात्रा में भागीदार है। हमारी नीति है कि हर बेटी, बहन और मां को आत्मनिर्भर महसूस होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार ने बेटी की यात्रा को जन्म से शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार, आय और उसके सपनों की उड़ान तक एक इकोसिस्टम से जोड़ा है। महिलाएं चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक पहुंच रही हैं। 2017 में प्रदेश में महिला पुलिसकर्मी करीब 10 हजार थीं, अब 45 हजार हो गई हैं। पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की गई है। 32 हजार पदों पर भर्ती चल रही है, जिसके बाद यह संख्या 50 हजार हो जाएगी।”

बुजुर्गों के लिए बस फ्री

सीएम योगीने कहा कि इसके बाद 60 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। योगी ने कहा कि महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात होने पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई साहस और स्वाभिमान की प्रतीक थीं, इसलिए योजना का नाम उनके नाम पर रखा गया है। एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी है। सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं नेतृत्व की यात्रा में सहभागी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी सभी जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के मुफ्त रहने की व्यवस्था रहेगी।

महिला बीट पुलिस की तैनाती

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती हुई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 में 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, अब यह संख्या 45,000 हो गई है। योगी ने कहा कि सम्मान तब आता है, जब महिला के घर में शौचालय, बिजली, रसोई में धुआंमुक्त ईंधन, नल में जल और खाते में सीधे पैसा पहुंचे और विपत्ति में सरकार साथ खड़ी हो।

ये भी पढ़ें- Sonia Gandhi Book Row: ‘हम पुस्तक को पब्लिश करने के लिए तैयार थे, लेकिन…’; Penguin ने सोनिया गांधी की किताब छापने से किया इनकार? दी ये सफाई

उन्होंने आगे कहा, “हर घर शौचालय माताओं, बहनों की गरिमा का आधार था। ‘उज्ज्वला’ ने केवल धुएं से राहत नहीं दी। बल्कि फेफड़े खराब होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दी। पक्के घरों ने परिवारों को सुरक्षा दी तो जल जीवन मिशन ने समय व श्रम की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। डीबीटी ने बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा देना शुरू किया।”

यूपी की आबादी चुनौती नहीं, बड़ी संभावना : CM योगी

यूपी की आबादी चुनौती नहीं, बड़ी संभावना : CM योगी

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली, ऊर्जावान युवा वर्कफोर्स यूपी में है। इन्हें प्लेटफॉर्म उलब्ध कराना सरकार का काम है। राजदूत, उच्चायुक्त समेत विदेशी प्रतिनिधिमंडल मुझसे पूछते हैं कि उत्तर प्रदेश की आबादी 25 करोड़ से अधिक है, इसलिए आपके सामने बड़ी चुनौती है। मैं उनसे कहता हूं कि जितनी बड़ी चुनौती, उतनी ही बड़ी संभावना है। यूपी की जिस आबादी को लोग चुनौती कहते हैं, हम उसे डेमोग्रॉफिक डेविडेंड मानते हैं। इनके स्केल को स्किलिंग से जोड़कर इसका उपयोग डेमोग्रॉफिक डेविडेंड के रूप में कर पाते हैं।

 

मुख्यमंत्री गुरुवार को लोकभवन में स्टार्टअप नीति के अंतर्गत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपए से अधिक और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि का वितरण करने के उपरांत युवा उद्यमियों व उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 पुस्तिका का विमोचन तथा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ भी किया। इस दौरान लघु फिल्म के माध्यम से यूपी के स्टार्टअप इकोसिस्टम से अवगत कराया गया।

2014 से पहले देश में 500 स्टार्टअप्स, अब ढाई लाख से अधिक 

सीएम योगी ने 2014 से पहले और इसके बाद भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम की चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत में व्यापक बदलाव दिख रहा है। 2014 के पहले देश में मात्र 500 स्टार्टअप्स थे, अब इनकी संख्या ढाई लाख से ऊपर है। स्टार्टअप इकोसिस्टम अब भारत के युवाओं के सपनों की उड़ान को गति दे रहा है। 2017 से पहले यही स्थिति उत्तर प्रदेश की भी थी। उस समय यहां कुल 120 स्टार्टअप थे, लेकिन डबल इंजन सरकार के प्रोत्साहन व सकारात्मक वातावरण के कारण आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई। इसमें 8 यूनिकॉर्न हैं। यूपी की स्टार्टअप पॉलिसी के अंतर्गत आज 107 स्टार्टअप व 9 इन्क्यूबेटर्स को प्रोत्साहन प्राप्त हो रहा है। यूपी स्टार्टअप नीति के तहत 12 नए इन्क्यूबेटर्स को भी मान्यता प्रदान कर रहे हैं।

2017 से रोजगार, इन्क्यूबेटर्स, शिक्षा, इनोवेशन की चर्चा एक सपना 

सीएम ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ के कई स्टार्टअप्स का मैंने दौरा किया था। अपने कार्यों की बदौलत उन्होंने यूपी की पहचान और धारणा को बदलने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया। सीएम ने 2017 से पहले यूपी के प्रति नकारात्मक धारणा का जिक्र करते हुए यहां की अव्यवस्था को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बाहर जाने पर सांसद के रूप में मैंने भी महसूस किया कि लोग शक की निगाहों से देखते थे। धारणा यह थी कि जहां सड़कों में गड्ढे और बिजली के अभाव में अंधेरा दिखने लगे, समझो यूपी आ गया। उत्सव से पहले उपद्रव होता था। स्कूल-कॉलेज, बाजार महीनों बंद रहते थे। आमजन कर्फ्यू के साये में जीने को विवश था। उस समय 5 वर्ष में 700 से अधिक दंगे हुए। उन परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश के अंदर रोजगार, इन्क्यूबेटर्स, शिक्षा, इनोवेशन की चर्चा करना एक सपना ही था। 

सरकार की उदासीनता से प्रदेश हो गया था ‘बीमारू’

सीएम ने कहा शिक्षा, रोजगार, स्टैंडअप, स्टार्टअप, इन्क्यूबेटर्स आदि के बारे में इकोसिस्टम तब तैयार होता है, जब धारणा के साथ ही आमजन की मानसिकता भी उसके अनुरूप दिखाई दे। हम अनुकूल वातावरण बनाने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। सरकार सकारात्मक मानसिकता की हो और उसका आमजन से जुड़ाव हो, लेकिन 2017 के पहले न पॉलिसी थी और न ही सरकार की इच्छाशक्ति। लोग अजीब वातावरण में जीने को मजबूर थे, इसका परिणाम था कि अनंत संभावनाओं वाला उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ हो गया। 

आधे स्टार्टअप का संचालन कर रही ‘आधी आबादी’ 

सीएम ने कहा कि आधे स्टार्टअप का संचालन ‘आधी आबादी’ कर रही है। सरकार ने आईआईटी कानपुर, बीएचयू, ट्रिपल आईटी, एकेटीयू, आईआईएम से आए हर प्रस्ताव को प्रोत्साहित करने के लिए फंड व सहयोग उपलब्ध कराया। स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने के लिए 2019 में सरकार ने सिडबी के साथ फंड ऑफ फंड्स की व्यवस्था की थी। हालांकि बीच में कुछ गतिरोध आया था, लेकिन बाद में परिवर्तन कर इसे तेजी से बढ़ाया भी गया। 

इनोवेशन व रिसर्च के लिए सभी विश्वविद्यालयों को दिया फंड

सीएम ने नए स्टार्टअप के लिए नया प्रोत्साहन देने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नई पॉलिसी के तहत हमने हाल में इसे अच्छे ढंग से बढ़ाया है। सीएम ने उच्च शिक्षण संस्थानों का आह्वान किया कि केवल परंपरागत पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि विश्वविद्यालयों-इंस्टीट्यूट में इनोवेशन को आरएंडडी के लिए बेहतरीन माहौल दें। सरकार ने इनोवेशन व रिसर्च की एक्टिविटी को प्रोत्साहित करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को अलग से फंड दिया है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की छवि को और बेहतर करना है।

‘नया यूपी’ पीछे हटने वाला नहीं

सीएम ने कहा कि हम लोगों ने 2017 व 2018-19 में जो प्रयास किए, उसके सकारात्मक परिणाम अब दिख रहे हैं। 2017 के पहले का ‘बीमारू यूपी’ बॉटम-3 से देश की टॉप-3 इकॉनमी में शामिल हुआ है। 9 वर्ष में उप्र की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, महिला वर्कफोर्स की भागीदारी व बड़े उद्योगों की संख्या तीन गुनी हुई। ‘नया यूपी’ पीछे हटने वाला नहीं, बल्कि सबसे तेज उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में खुद को साबित कर रहा है। 

सरकार हर कदम पर रहेगी साथ 

सीएम ने कहा कि आईआईटी कानपुर मेडटेक व ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाना चाहती थी, आईआईटी बीएचयू यूपीएग्रीज के साथ काम करना और एसजीपीआईजी भी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करना चाहता था। सरकार ने इन सभी से कहा कि इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन आदि क्षेत्रों में जहां भी आवश्यकता पड़ेगी, सरकार हर सहयोग के लिए खड़ी है। हम एक दर्जन से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का संचालन/निर्माण कर रहे हैं। 

स्टार्टअप इकोसिस्टम में आबादी के अनुसार दर्ज हो यूपी की उपस्थिति 

सीएम ने उम्मीद जताई कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में आबादी के अनुसार यूपी की उपस्थिति दर्ज होती दिखाई दे। भारत में आबादी के अनुरूप यूपी का हिस्सा 1/6 है, जबकि स्टार्टअप की तुलना में यह हिस्सा 1/10 है, यानी भारत के कुल स्टार्टअप का 20 प्रतिशत हिस्सा यूपी में होना चाहिए। इसके लिए तैयारी करनी होगी। डीपटेक के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने वालों समेत सभी स्टार्टअप्स का सीएम ने आह्वान किया कि वे इकोसिस्टम को गति प्रदान करने और युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए आगे आएं। 

यूपी जितनी संभावनाएं देश व दुनिया में कहीं नहीं 

सीएम ने कहा कि यूपी में लैंड, सुरक्षा की दिक्कत नहीं है। पॉलिसी पैरालिसिस से उबर चुके हैं। यूपी में समर्पित पॉलिसी है। हर क्षेत्र में यहां जितनी संभावनाएं हैं, उतनी देश व दुनिया में कहीं नहीं प्राप्त होंगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवश्यकता पड़ने पर सिडबी के साथ किए गए फंड ऑफ फंड्स की राशि बढ़ाई जाएगी। लीज पर लैंड, प्लग एंड प्ले मॉडल पर स्पेस उपलब्ध कराने में सरकार मदद करेगी, लेकिन आपको स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ाने के लिए गति देनी होगी।

हर कदम को प्रोत्साहित करेगी यूपी सरकार

सीएम ने आशा जताई कि डबल इंजन सरकार के साथ मिलकर आप सभी यूपी को बेहतरीन प्लेटफॉर्म दिलाने में सहयोग करेंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि युवाओं के हित में यूपी सरकार आपके हर कदम को प्रोत्साहित करेगी और यूपी में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ाने में हरसंभव मदद करेगी। इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा, अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव आलोक कुमार, एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय आदि मौजूद रहे।

UP Expressway Projects: यूपी में ₹24,000 करोड़ का मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट! दो नए एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी, इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स पर भी बड़ा दांव

UP Expressway Projects: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें दो बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट सुल्तानपुर में मैन्युफैक्चरिंग-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर और राज्य के अलग-अलग जिलों में 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन शामिल हैं। योगी सरकार का फोकस अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। नए फैसलों के जरिए उभरते औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने और प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बड़े निवेश को आकर्षित करने की तैयारी है।

‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पहुंचेगा हरिद्वार, 10,761 करोड़ होंगे खर्च

कैबिनेट ने 10,761 करोड़ रुपये की लागत से गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत छह लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान होगा। इस परियोजना का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। इसमें केंद्र की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है।

इस एक्सप्रेसवे से बिजनौर और हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर होने की उम्मीद है। फिलहाल बिजनौर से हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से NH-34 यानी मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार हाईवे पर निर्भरता है। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद बिजनौर की लखनऊ से कनेक्टिविटी भी गंगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए और मजबूत होगी।

प्रयागराज से हरिद्वार तक बनेगा तेज कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार केवल सड़क परियोजना नहीं। बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरिद्वार जुड़ने के बाद एक्सप्रेसवे नेटवर्क प्रयागराज और हरिद्वार जैसे गंगा तट पर बसे दो प्रमुख कुंभ शहरों को एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ देगा।

यूपी सरकार को उम्मीद है कि इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसका फायदा बिजनौर, हरिद्वार और आसपास के इलाकों को मिलने की उम्मीद है। अब इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR तैयार की जाएगी।

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे पर 7,968 करोड़

योगी कैबिनेट ने 7,968.30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी BIDA क्षेत्र और झांसी के आसपास के डिफेंस कॉरिडोर को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इस परियोजना का पूरा खर्च भी उत्तर प्रदेश सरकार उठाएगी। केंद्र से किसी वित्तीय भागीदारी का प्रस्ताव नहीं है। ॉ

सरकार का मानना है कि एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुंदेलखंड के उभरते औद्योगिक क्षेत्रों से उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों और देश के अन्य क्षेत्रों तक सड़क संपर्क तेज होगा। निर्माण के दौरान प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने पर अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

सुल्तानपुर में 272 करोड़ का इंडस्ट्रियल-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर

कैबिनेट ने सुल्तानपुर में 272.25 करोड़ रुपये के निवेश से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर यानी IMLC के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को भी मंजूरी दी है। यह क्लस्टर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नजदीक विकसित किया जाएगा। इससे यहां आने वाली औद्योगिक इकाइयों को पहले से मौजूद तेज सड़क नेटवर्क का सीधा फायदा मिलेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम का खर्च राज्य सरकार उठाएगी और निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि यह क्लस्टर मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े निवेश को आकर्षित करेगा तथा सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार पैदा करेगा।

11 बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ कैबिनेट ने 11 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के लिए भी प्रोत्साहन को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल प्रस्तावित निवेश 5,500 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें से आठ परियोजनाओं के लिए करीब 2,901.97 करोड़ रुपये के निवेश पर उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2022 के तहत लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का विस्तार गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव जैसे जिलों तक है।

इनमें प्रमुख निवेश इस प्रकार हैं:-

  • सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लेक्सिफिल्म्स, गौतम बुद्ध नगर- 605.37 करोड़ रुपये
  • शाल्विस स्पेशियलिटीज, हमीरपुर- 297.30 करोड़ रुपये
  • साउंड कास्टिंग्स, हाथरस – 225 करोड़ रुपये
  • वृंदावन बॉटलर्स, बाराबंकी – 436.12 करोड़ रुपये
  • जुआरी एनविएन बायोएनर्जी, लखीमपुर खीरी- 294.72 करोड़ रुपये
  • पसवारा पेपर्स, हाथरस- 315 करोड़ रुपये
  • CRD फूड्स एंड बेवरेजेज, मथुरा- 363.94 करोड़ रुपये
  • माउंट एवरेस्ट ब्रेवरीज, उन्नाव- 363.52 करोड़ रुपये

(नोट- इन परियोजनाओं को पात्रता के आधार पर नीति के तहत नेट SGST और कैपिटल सब्सिडी समेत विभिन्न प्रोत्साहन मिल सकेंगे।)

तीन और प्रोजेक्ट्स में 2,606 करोड़ का निवेश

कैबिनेट ने तीन और परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट को मंजूरी दी है। इनका कुल प्रस्तावित निवेश 2,606.04 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में लगाई जाएंगी।

उन्नाव में एल्युमिनियम कैन फैक्ट्री

Canpack India उन्नाव में करीब 1,573.62 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी एल्युमिनियम बेवरेज कैन बनाने की इकाई स्थापित करेगी। यह प्लांट करीब 26 हेक्टेयर क्षेत्र में UPEIDA द्वारा विकसित IMLC इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में लगाया जाएगा। इसकी अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता 130 करोड़ यूनिट होगी।

बिजनौर में फ्रेंच फ्राइज प्लांट

इसके अलावा Agristo Masa बिजनौर में 794.27 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कंपनी मौजूदा पोटैटो फ्लेक्स कारोबार का विस्तार करने के साथ फ्रेंच फ्राइज बनाने की यूनिट स्थापित करेगी। प्रस्तावित प्लांट की अधिकतम स्थापित क्षमता हर साल 75,000 टन होगी। इसके मुकाबले कंपनी की मौजूदा पोटैटो फ्लेक्स उत्पादन क्षमता करीब 7,332 टन सालाना बताई गई है।

कानपुर देहात में प्लास्टिक प्रोडक्ट्स का होगा उत्पादन

एक बयान के मुताबिक, Supreme Industries कानपुर देहात में 238.15 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यहां वैल्यू-एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पाद बनाए जाएंगे। कंपनी की स्थापना 1942 में हुई थी। यह भारत की प्रमुख प्लास्टिक प्रोसेसिंग कंपनियों में शामिल है।

एक्सप्रेसवे और उद्योग को एक साथ जोड़ने की रणनीति

यूपी सरकार के इन फैसलों से साफ संकेत मिलता है कि उत्तर प्रदेश अब एक्सप्रेसवे नेटवर्क को सीधे औद्योगिक विकास से जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को बुंदेलखंड के औद्योगिक और डिफेंस कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है। जबकि सुल्तानपुर का IMLC पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का फायदा उठाएगा। वहीं, गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरिद्वार के बीच आर्थिक संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कैबिनेट के फैसले एक्सप्रेसवे विस्तार और औद्योगिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश को दिखाते हैं। सरकार का लक्ष्य बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए निवेश, व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

ये भी पढे़ं- Nepal Flood Video: नेपाल में अचानक आई बाढ़ में 291 विदेशी लापता, 105 भारतीय पर्यटक भी सैलाब में गायब

उन्होंने कहा कि 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इन प्रस्तावों को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक नक्शे में बड़ा बदलाव लाने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि इसका असर सिर्फ लखनऊ, नोएडा या दूसरे बड़े औद्योगिक केंद्रों तक सीमित न रहकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के कई जिलों तक पहुंचने की उम्मीद है।

CM Yogi: योगी सरकार का बड़ा ऐलान, यूपी में 6 महीने में 1 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा अपडेट दिया है। मंगलवार को लखनऊ में अपॉइंटमेंट लेटर वितरण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि सरकार अगले छह महीनों में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देगी। ये नियुक्तियां अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री के बताया, 2017 से अब तक राज्य में 9.3 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी रोजगार मिल चुका है। उन्होंने कहा कि इन भर्तियों में प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और बिना भेदभाव के चयन पर जोर दिया गया है।

6 महीने में मिलेंगे 1 लाख युवाओं को नौकरी

सीएम योगी ने कहा कि, “मैं प्रदेश के युवाओं को आश्वस्त कर रहा हूं कि अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। ये नियुक्ति पत्र अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह बांटे जाएंगे।” सीएम योगी ने कहा, “उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक उत्तर प्रदेश के 9.30 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखा गया है। इन नियुक्तियों में किसी तरह की अनियमितता या भेदभाव की गुंजाइश नहीं रखी गई है।”

पिछली सरकार पर साधा निशाना

सीएम योगी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, 2017 से पहले सरकारी भर्तियों में युवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद कथित तौर पर कुछ प्रभावशाली लोग पूरे प्रदेश में वसूली करते थे। योगी ने बिना किसी का नाम लिए ‘चाचा-भतीजा’ और ‘पूरा परिवार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पिछली व्यवस्था पर सवाल उठाए।

जीरो टॉलरेंस की नीति पर कर रही काम

उन्होंने कहा कि, ‘उस समय युवा भर्ती के नतीजों का इंतजार करते रह जाते थे और कई मामलों में अदालत को नियुक्तियों पर रोक लगानी पड़ती थी। इससे युवाओं का समय और मेहनत दोनों बर्बाद होते थे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘इसके लिए युवाओं को नहीं, बल्कि उस समय भर्ती व्यवस्था से जुड़े भ्रष्ट अधिकारियों, बोर्डों, आयोगों और नेताओं को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि ‘हमारी सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। साथ ही, नकल माफिया और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि युवाओं को बिना किसी भेदभाव के समय पर नौकरी दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।

मेरे पास 5 गाय हैं और भी रखने के लिए जगह… सीतापुर की पूनम देवी की ये बात सुनते ही CM योगी ने पशुधन विभाग को दिया ये आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या कितनी भी व्यस्त क्यों न हो, जनता से सीधे संवाद का सिलसिला जारी रहता है। सोमवार को लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर सीएम योगी ने जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को इनके जल्द और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।

इस दौरान सीतापुर के हरगांव की रहने वाली पूनम देवी भी सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर गाय पालन के जरिए अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की इच्छा जाहिर की। पूनम के पास पहले से ही पांच गायें हैं और उन्होंने और गायें उपलब्ध कराने की मांग की। पूनम ने बताया की उनके पास अन्य गोवंश रखने के लिए पर्याप्त जगह भी हैं।

इस पर मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (पशुपालन) को निर्देश दिया कि उन्हें बेसहारा गायें उपलब्ध कराई जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें ‘मुख्यमंत्री सहभागिता योजना’ का लाभ मिले, ताकि वह गोसेवा के साथ दूथ की बिक्री से परिवार की आय बढ़ा सकें।

श्रावण मास में मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने पर जताया आभार

अपने जनता दर्शन कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोसेवा के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, गोमाता में 33 कोटि देवताओं का वास माना गया है। सीएम योगी ने पूनम से कहा कि मन से गोसेवा करें, क्योंकि श्रद्धा और मन से की गई गोसेवा से जीवन की बाधाएं और कष्ट दूर होते हैं। पूनम देवी ने भी अपनी इच्छा पूरी करने की दिशा में मुख्यमंत्री की ओर से मिले भरोसे के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने और मदद का आश्वासन मिलने से उन्हें खुशी हुई है।

दिव्यांग की जमीन पर कब्जे की शिकायत

बता दें कि जनता दर्शन के दौरान अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इसी दौरान एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री से की। योगी आदित्यनाथ ने उसकी बात गंभीरता से सुनी और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित को हर संभव मदद दिलाने और उसकी समस्या का उचित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

यह भी पढ़ें: Delhi Rains: दिल्ली-NCR में भारी बारिश से हवाई सेवा प्रभावित! 250 से ज्यादा उड़ानें लेट, 15 फ्लाइट डायवर्ट

UP News: सरकारी स्कूलों के रसोइयों की सैलरी में ₹1000 की बढ़ोतरी, 3.54 लाख कर्मचारियों के लिए हेल्थ कवर का भी ऐलान

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मिड-डे मील’ योजना के तहत काम करने वाली रसोइयों के हित में चार अहम ऐलान किया है। योगी सरकार ने दूसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश यानी मैटरनिटी लीव लेने की अनिवार्य दो साल की उम्र-अंतर की शर्त खत्म कर दी है। यानी अब दोनों बच्चों के बीच उम्र का अंतर दो साल से कम होने पर भी पात्र महिला कर्मचारी मैटरनिटी लीव ले सकेंगी। इसके अलावा करीब 3.5 लाख रसोइयों का मासिक मानदेय सितंबर से 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है, जो साल में 10 महीने मिलेगा।

साथ ही योगी सरकार ने 3.54 लाख कर्मचारियों के लिए हेल्थ कवर का भी ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राज्य के मिड-डे मील प्रोग्राम के तहत काम करने वाले 3.54 लाख रसोइयों के लिए कैशलेस मेडिकल कार्ड शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने इस पहल को उनकी सेहत, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि स्कूल की रसोई में खाना बनाना सिर्फ भोजन तैयार करने तक सीमित नहीं है, क्योंकि यह लाखों बच्चों की सेहत, शिक्षा और भविष्य में योगदान देता है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए रविवार को कैशलेस मेडिकल कार्ड वितरण और सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

सीएम योगी ने रविवार को X पर लिखा, “रक्षाबंधन के पहले प्रदेश के रसोइयों हेतु चार उपहार…1- मानदेय में वृद्धि…2- दुर्घटना होने पर परिवार को ₹2 लाख की सहायता…3- प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस उपचार… 4- साड़ी के लिए धनराशि बढ़ाकर ₹1,000।” सीएम योगी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “रसोइयों का मानदेय ₹1,000 से बढ़ाकर अब ₹3,000 कर दिया गया है..।”

मुख्यमंत्री ने ‘पीएम पोषण योजना’ के तहत रसोइयों के तौर पर काम करने वाली महिलाओं की तारीफ की। सीएम योगी ने उन्हें प्रोग्राम की ‘बुनियादी ताकत’ बताते हुए स्कूली बच्चों को खाना खिलाने में उनके योगदान का जिक्र किया।

उनके ट्वीट में लिखा, “हमारी रसोइया माताएं और बहनें, जो अपनी मेहनत और ममता से इस पवित्र काम को पूरा करती हैं, वे पीएम पोषण की असली बुनियादी ताकत हैं।” मंत्रिमंडल ने बुलंदशहर में नए बस अड्डों और अयोध्या में पंचकोसी परिक्रमा मार्ग को चार लेन करने की संशोधित परियोजना को भी मंजूरी दी है।

जर्जर स्कूलों के वीडियो पर CM योगी का SP पर हमला

योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सोशल मीडिया पर प्रदेश के जर्जर स्कूल भवनों के वीडियो साझा कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। जबकि इनमें से कई इमारतें 2017 से पहले की हैं, जब प्रदेश में सपा की सरकार थी।

लखनऊ में आयोजित ‘मिड-डे मील रसोइयों के सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पुराने और जर्जर स्कूल भवनों को चिन्हित कर उन्हें नए भवनों से बदलने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पुराने भवनों की तस्वीरें और वीडियो दिखाकर मौजूदा सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने कई पुराने और खराब हो चुके स्कूल भवनों को नए भवनों से बदल दिया है। उन्होंने कहा कि जो भवन अभी भी जर्जर स्थिति में हैं, उनकी पहचान की जा रही है और उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। मुख्यमंत्री ने सपा सरकार के कार्यकाल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था दोनों की स्थिति खराब थी। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार में गरीबों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की अनदेखी हुई तथा प्रदेश में दंगे और अव्यवस्था आम बात थी।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता में आने के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं। सीएम योगी ने दावा किया कि उनकी सरकार सरकारी स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित भवन और विद्यार्थियों के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।

3.53 लाख रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM Poshan Yojana) के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में काम कर रहे करीब 3.53 लाख रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई बड़े ऐलान भी किए। सीएम योगी ने कहा कि मिड-डे मील तैयार करने वाले रसोइये बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सरकार उनके हितों और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल स्कूल भवनों तक सीमित नहीं है। बल्कि छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ उनसे जुड़े कर्मचारियों और रसोइयों के कल्याण पर भी सरकार का ध्यान है।

ये भी पढ़ें- Monsoon-El Nino Effect: मानसून का सबसे डरावना चेहरा! 70% बढ़ा सूखे का खतरा? मंडराया भुखमरी का संकट, कांपे किसान

Raksha Bandhan Gift: रक्षाबंधन पर यूपी की महिलाओं को सीएम योगी का बड़ा तोहफा, एक साथी के साथ दो दिन बस में फ्री सफर कर सकेंगी महिलाएं

Raksha Bandhan Gift: उत्तर प्रदेश के मु्ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर महिलाओं और उनके एक सहयात्री को सरकारी बसों में फ्री यात्रा की सौगात दी है। खास बात यह है कि यह फ्री सेवा एक नहीं बल्कि दो दिन तक जारी रहेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (23 अगस्त) को कहा कि रक्षाबंधन पर 27 अगस्त की रात से 28 अगस्त की रात तक राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। आपको बता दें कि इस साल रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

सीएम योगी ने इस संबंध में परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन को मिलकर व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिए, ताकि महिलाएं त्योहार के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपने घर पहुंच सकें। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘एंटी-रोमियो स्क्वॉड’ को सक्रिय रखने और प्रमुख रूट्स पर ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के भी निर्देश दिए। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिलों में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

बैठक में उन्होंने प्रदेश में जलभराव, बाढ़ की स्थिति, रक्षाबंधन पर महिला यात्रियों के लिए परिवहन व्यवस्था, चीनी की उपलब्धता, आगामी गन्ना पेराई सत्र तथा स्कूलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के मद्देनजर बस चालकों की जांच और निगरानी के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन करने वाले किसी भी चालक को बस चलाने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि ऑटो और टैक्सी चालकों का भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाएं।

सीएम आदित्यनाथ ने बैठक में प्रदेश के विभिन्न मंडलों और जिलों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद के मण्डलायुक्तों तथा नोएडा प्राधिकरण से जलभराव वाले क्षेत्रों और उसके कारणों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं भी अनावश्यक जलभराव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निचले क्षेत्रों को चिह्नित कर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पम्पिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं।

ये भी पढ़ें- मुंबई में दर्दनाक हादसा! भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा गिरने से 2 लोगों की मौत, 5 घायल

मुख्यमंत्री ने सभी मेयर, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अध्यक्षों को स्थानीय पार्षदों के साथ फील्ड में जाकर जलभराव और सफाई व्यवस्था देखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नालों पर जहां भी अतिक्रमण है, उसे चिह्नित कर तत्काल हटाया जाए। सीएम योगी ने यूपी के 19 बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा भी की। उन्होंने बलिया, गोण्डा, बहराइच, बाराबंकी, फर्रुखाबाद और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी ली।

प्रदेश में पर्याप्त चीनी, आमजन परेशान न हों : CM योगी

प्रदेश में पर्याप्त चीनी, आमजन परेशान न हों : CM योगी

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है, इसलिए आम नागरिक कतई परेशान न हों। प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है। चीनी मिलों ने दो महीने (जून-जुलाई) में 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की है। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलें 15 अक्टूबर से संचालित की जाएं।

15 अक्टूबर से संचालित की जाए चीनी मिलें 

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल (कुल 179.38 लाख क्विंटल) चीनी प्रदेश में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जून व जुलाई में चीनी मिलों ने 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की है, इसमें से अधिकांश चीनी अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों को संचालित किया जाए।

भ्रम फैलाने व कालाबाजारी करने वालों पर करें कार्रवाई 

सीएम योगी ने आमजन से अपील की कि चीनी की कमी बताकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि चीनी की कालाबाजारी और भ्रम फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने भारत सरकार के निर्देश के क्रम में कहा कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक चीनी स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा और वे एक समय में 400 टन से ज्यादा स्टॉक भी नहीं रख सकते। बल्क कंज्यूमर्स (10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत) भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते। चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के अंतर्गत विक्रित चीनी को विक्रय की तिथि से 7 दिन से अधिक अवधि तक गोदाम में नहीं रोकेंगी। 

सीएम ने दिया निर्देश- भौतिक सत्यापन कराएं जिलाधिकारी

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की समस्त पंजीकृत चीनी मिलों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराते हुए उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त करें। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक धारित करने अथवा जमाखोरी पर कठोर कार्रवाई की जाए। जनपद में चीनी की उपलब्धता एवं मूल्य पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी अथवा मूल्यवृद्धि की स्थिति में तत्काल शासन को अवगत कराएं।

48 लाख किसानों को किया गया 32,554 करोड़ का भुगतान 

बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है। इससे 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है। उत्तर प्रदेश में प्रतिमाह अनुमानित चीनी खपत लगभग 4 लाख टन है। पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी किया गया है।