हर सनातनी की सांस में बसते हैं प्रभु श्रीराम : CM योगी

Yogi Adityanath Ram Katha: मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे हर कोई अपने नजदीक पाता है। जीवन में भक्ति के बिना अंधकार, अराजकता व अज्ञानता होती है। जीवन में सुगमता को जानने के लिए हमें ज्ञान और भक्ति का अनुगामी बनना पड़ेगा। यह ज्ञान और भक्ति हमें श्रीराम कथा और श्रीमद्भागवत जैसी पावन कथाओं के माध्यम से प्राप्त होती है। 

 

सीएम योगी गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में गुरुवार से आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मंदिर के दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में व्यासपीठ का पूजन करने के बाद उन्होंने कहा कि जीवन में जहां भक्ति नहीं है, वहां अंधकार ही अंधकार है। भक्ति के बिना जीवन में अराजकता ही अराजकता और अज्ञानता ही अज्ञानता है। अंधकार, अराजकता और अज्ञानता से मुक्ति पाने का माध्यम भक्तिसम्मत ज्ञान ही है। 

हर सनातनी की सांस में बसते हैं राम

गोरक्षपीठाधीश्वर ने श्रीराम कथा की महत्ता को समझाते हुए कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जो हर भारतीय के अंतःकरण में पूरी श्रद्धा एवं पूरी भक्ति से जुड़ा है। हर सनातनी की श्वांस-श्वांस में प्रभु श्रीराम बसते हैं। भगवान श्रीराम का नाम ऐसा है जिसे चाहे बालक हो या वृद्ध, अधेड़ हो या जवान, गृहस्थ हो या विरक्त, हर कोई अपने नजदीक पाता है। 

 

सीएम योगी ने कहा कि देश के अंदर हम कहीं भी जाते हैं, चाहे कोई हिंदीभाषी हो अहिंदीभाषी, सबकी तरफ से अभिवादन का एक ही स्वर होता है- जय श्रीराम। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब के कुछ क्षेत्रों में आपसी अभिवादन के लिए एक ही शब्द सुनाई देता है- राम राम जी। उन्होंने कहा कि जय श्रीराम या राम राम जी का यह संबोधन हमारे सनातन संस्कार का संबोधन है। इस संबोधन ने हमारे संस्कार को तो जोड़ा ही, जीवन की हर परिस्थिति में मर्यादा की लक्ष्मणरेखा भी खींची। 

 

सीएम योगी ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि अपने पावन धाम और तीर्थस्थलों से यह देश की हृदयस्थली के रूप में प्रतिष्ठित है। जीवन के किसी भी पक्ष में जब मर्यादा की बात होती है तो सभी लोग मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और अयोध्या की ओर देखते हैं। जीवन के रहस्यों को समझने के लिए व्यक्ति अविनाशी काशी को देखता है। जीवन में भक्ति कैसी होनी चाहिए, इसके लिए लोग मथुरा-वृंदावन को देखते हैं। समरसता क्या होनी चाहिए, इसके दर्शन प्रयागराज में होते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया चाहें जितना दुष्प्रचार कर ले, सनातन मूल्यों को जानने का अवसर उत्तर प्रदेश के तीर्थों में ही प्राप्त होता है। 

 

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन के उपरांत श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान प्रयागराज से पधारे कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने कराया। यह कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक सुनाई जाएगी।  

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा

श्रीराम कथा के शुभारंभ से पूर्व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में मुख्य मंदिर से कथा स्थल तक बैंडबाजे, शंख ध्वनि की गूंज तथा 151 वेदपाठी विद्यार्थियों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीरामचरितमानस की पोथी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के कथा स्थल पहुंचने पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ व यजमानगण ने व्यासपीठ की पूजा की। 

 

इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजूदास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, यजमान बैजनाथ जायसवाल, अमित जायसवाल, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

UP Police recruitment 2026: यूपी पुलिस में जल्द शुरू होगी 81,000 पदों पर भर्ती, अलग-अलग चरणों में जारी होगा नोटिफिकेशन

UP Police recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के राज्य पुलिस बल का हिस्सा बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए ये अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने 2026 के लिए एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। इसमें पुलिस विभाग में 81,000 से ज्यादा पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड (UPPRPB) द्वारा की जाएगी। यह घोषणा राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के मौके बढ़ाने की चल रही कोशिशों के तहत की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को समय पर और निष्पक्ष तरीके से पक्का करने का निर्देश दिया है। हाल के नोटिस के अनुसार, यूपी पुलिस के लिए यह भर्ती चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इसमें अलग-अलग कैटेगरी के पदों के लिए अलग-अलग नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है। भर्ती प्रक्रिया में सिविल पुलिस के साथ-साथ तकनीकी और विशेष श्रेणी सहित कई तरह के पद शामिल होंगे। 81,000 से ज्यादा पदों की योजना के साथ, यह भर्ती प्रक्रिया हाल के वर्षों में राज्य द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया में से एक होने का अनुमान है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे नोटिफिकेशन जारी होने और एप्लीकेशन टाइमलाइन की जानकारी के लिए रेगुलर ऑफिशियल अपडेट चेक करते रहें।

यूपी पुलिस 2026 के लिए कई पदों पर वैकेंसी

अधिकारियों ने बताया है कि पदों की विस्तृत जानकारी अलग-अलग नोटिफिकेशन के जरिए शेयर की जाएगी। कैंडिडेट अपनी योग्यता और पसंद के हिसाब से आवेदन कर सकेंगे।

किन पदों पर होंगी नियुक्तियां

यूपी पुलिस के कई विभागों में- कॉन्स्टेबल, सब-इंस्पेक्टर (SI), जेल वार्डर, रेडियो कैडर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क और अन्य तकनीकी व मिनिस्ट्रियल सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इन भर्तियों के लिए क्या होगी योग्यता

यूपी पुलिस विभाग में पद के अनुसार अलग-अलग योग्यता निर्धारित है। कॉन्स्टेबल पद के लिए अभ्यर्थी का केवल 12वीं उत्तीर्ण, वहीं सब-इंस्पेक्टर पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी का स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। कई पदों पर आवेदन के लिए 12वीं पास के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट भी अनिवार्य है। पद के अनुसार विस्तृत शैक्षिक योग्यता नोटिफिकेशन आने के बाद चेक कर सकेंगे।

यूपी पुलिस के लिए भर्ती प्रक्रिया और अगले चरण

उम्मीद है कि यूपीपीआरपीबी अलग-अलग स्टेज में नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिसमें हर पद के लिए योग्यता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें बताई जाएंगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित नोटिफिकेशन में दिए गए निर्देशों का पालन करें और आवेदन शुरू होने पर उसी के अनुसार आवेदन करें।

OPSC recruitment 2026: ओडिशा में 500 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, 24 जुलाई से शुरू होगा आवेदन

वाराणसी में बनेगा 500 बेड का अत्याधुनिक कामकाजी महिला छात्रावास, कैबिनेट में भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव को मिली मंजूरी

500 bed ultra-modern working women's hostel will be built in Varanasi

– 6000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को होगी नि:शुल्क हस्तांतरित

– 'नो प्रॉफिट-नो लॉस' मॉडल पर संचालित होगी मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना

– शत-प्रतिशत राज्य सरकार के वित्त पोषण से होगा छात्रावास का निर्माण 

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत वाराणसी में 500 क्षमता वाले उच्च गुणवत्तापूर्ण महिला छात्रावास के निर्माण के लिए 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

 

यह भूमि हरिजन इंडस्ट्रियल गवर्नमेंट, उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज है जिसे अब महिला कल्याण विभाग के पक्ष में स्थानांतरित किया जाएगा। इस छात्रावास का निर्माण शत-प्रतिशत राज्य सरकार के वित्त पोषण से किया जाएगा।

 

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वाराणसी में 6000 वर्ग मीटर भूमि पर 500 क्षमता का एक छात्रावास बनाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी है। बजट में 7 छात्रावास बनाने का प्रावधान था, जिसमें से झांसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। आज वाराणसी के लिए भी प्रस्ताव आज पास किया गया है। 

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प्रदेश में निजी, सरकारी और औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही महिला कार्यबल की जरूरतों को देखते हुए महिला कल्याण विभाग कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती छात्रावासों का निर्माण करा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सस्ती दरों पर सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।

राज्य सरकार के अधीन कार्यरत महिला कल्याण विभाग इस योजना का संचालन 'नॉन-कॉमर्शियल, नो प्रॉफिट-नो लॉस' सिद्धांत पर करेगा। इसी सामाजिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वाराणसी में छात्रावास निर्माण के लिए सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जा रही है।

 

248.30 लाख रुपए की लागत से तैयार होगा 112 छात्राओं की क्षमता वाला छात्रावास

लखनऊ 21 जुलाई। उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में छात्राओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने वाराणसी स्थित वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट फोर्ट में छात्राओं के लिए 112 सीटों वाले नए छात्रावास भवन के निर्माण को मंजूरी दे दी।

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उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह केंद्रीय विश्वविद्यालय काशी हिंदू विश्वविद्यालय का एक संघटक महाविद्यालय है। यह पिछले 112 वर्षों से अध्ययन के क्षेत्र में सेवा कर रहा है और ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ चल रहा है। अब तक एक छात्रावास था। जिसमें 220 छात्राओं के लिए सुविधा थी। 

 

उन्होंने बताया कि एक 248.30 लाख रुपए की लागत से त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत एक महिला छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। यह छात्रावास 112 छात्राओं के लिए होगा।

उत्तर प्रदेश में चंद महीनों में रिकॉर्ड आवेदन, 14 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को मिला शादी अनुदान का लाभ

Uttar Pradesh government's public welfare schemes are bringing about positive changes in people's lives

– योगी सरकार की पहल बनी आर्थिक कमजोर परिवारों का सहारा, 1.05 लाख आवेदकों को लाभ देने का लक्ष्य

– प्रति बेटी 20 हजार रुपए की मिलती है सहायता, दिव्यांग, विधवा और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता

– इस वित्तीय वर्ष में 14,717 पात्र लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 29.43 करोड़ रुपए

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। विशेष रूप से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संचालित शादी अनुदान योजना बेटियों के विवाह में बड़ी आर्थिक राहत बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के महज कुछ महीनों में ही इस योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है।

रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त होने के साथ ही अब तक 14 हजार से अधिक पात्र बेटियों को योजना का लाभ भी मिल चुका है। इससे स्पष्ट है कि सरकार की योजनाएं तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से पात्र पाए गए 14,717 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। इसके लिए 29.43 करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा गया है। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था के कारण लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के समय पर सहायता मिल रही है।

 

1.05 लाख आवेदकों को लाभ देने का लक्ष्य 

योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 लाख 5 हजार पात्र आवेदकों को शादी अनुदान योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शुरुआती महीनों में ही बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होना इस बात का संकेत है कि योजना के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ा है।

सरकार का प्रयास है कि पात्र परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराकर बेटियों के विवाह से जुड़ी आर्थिक परेशानियों को कम किया जाए। बेटी की शादी अक्सर सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानी जाती है। ऐसे में योगी सरकार की शादी अनुदान योजना इन परिवारों के लिए संबल बनकर सामने आई है। 

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प्रति बेटी 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता

योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। पूरी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपए तक है।

इसके अलावा विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित तथा भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है।

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सभी पात्र लाभार्थियों को दिया जा रहा लाभ

पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि शादी अनुदान योजना अन्य पिछड़ा वर्ग के जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। मात्र कुछ महीनों में ही 82 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। जिसमें पात्र आवेदकों को लाभ दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में महत्वपूर्ण सहयोग दे रही है तथा योगी सरकार पिछड़े वर्ग के उत्थान और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

उत्तर प्रदेश बनेगा गो आधारित अर्थव्यवस्था का केंद्र, हर जिले में लगेंगे 1000 से अधिक बायोगैस प्लांट

In line with Chief Minister Yogi Adityanath's vision Uttar Pradesh will become hub for cow based economy

– मुख्यमंत्री योगी के विजन के अनुरूप बड़े पैमाने पर फिक्स के साथ-साथ पोर्टेबल प्लांट लगाने की तैयारी

– प्रति प्लांट 25 से 40 हजार तक आएगा खर्च, 15 अग्रणी कंपनियों ने परियोजना से जुड़ने में दिखाई रुचि

– आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिक यूपी के युवाओं को बनाएंगे टेक्नीशियन, बड़े पैमाने पर मिलेगा रोजगार

– योगी सरकार ग्रामीणों को प्लांट लगाने के लिए अनुदान देने की रूपरेखा भी कर रही तैयार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश में गो आधारित ग्रीन इकोनॉमी का सबसे बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। प्रदेश के हर जिले में एक हजार से अधिक घरों में मिनी बायोगैस प्लांट लगाने की योजना तैयार की गई है। इसमें फिक्स के साथ पोर्टेबल प्लांट भी लगाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में आईआईटी दिल्ली तकनीकी साझेदार की भूमिका निभाएगा, जबकि इस क्षेत्र में कार्य कर रही 15 से अधिक अग्रणी कंपनियों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में इस परियोजना से जुड़ने में रुचि दिखाई है। इसके साथ ही ग्रामीणों को प्लांट लगाने के लिए अनुदान देने की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।

 

गाय बनेंगी गांवों की नई अर्थव्यवस्था का आधार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश की गोशालाओं को 'रूरल रिसोर्स एंड एनर्जी हब' के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां गोबर से बायोगैस, बायो-सीएनजी, ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर और भविष्य में कार्बन क्रेडिट तक की पूरी वैल्यू चेन विकसित की जाएगी। योगी सरकार का लक्ष्य गो आधारित उत्पादों को आय, ऊर्जा और रोजगार का स्थायी स्रोत बनाना है।

आधुनिक तकनीक और निजी क्षेत्र का अनुभव गांवों तक पहुंचेगा

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस योजना की सबसे बड़ी ताकत तकनीकी और औद्योगिक सहयोग है। आईआईटी दिल्ली प्लांट की तकनीक, संचालन, रखरखाव और युवाओं के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी संभालेगा।

वहीं इस क्षेत्र में कार्यरत 15 से अधिक बड़ी कंपनियां प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में परियोजना के क्रियान्वयन और विस्तार में भागीदारी के लिए आगे आई हैं। इससे आधुनिक तकनीक और निजी क्षेत्र के अनुभव का लाभ गांवों तक पहुंचेगा।

 

ग्रीन टेक्नीशियन की नई पीढ़ी तैयार होगी

आईआईटी दिल्ली के प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशभर के युवाओं को बायोगैस प्लांट की स्थापना, संचालन और रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ग्रीन टेक्नीशियन की नई पीढ़ी तैयार होगी। वहीं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए भी स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

 

एलपीजी पर निर्भरता घटेगी, जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

प्लांट से तैयार गैस का उपयोग घरेलू ईंधन के रूप में होगा, जिससे ग्रामीण परिवारों का रसोई गैस खर्च कम होगा। वहीं, प्लांट से निकलने वाली स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली ऑर्गेनिक खाद के रूप में खेतों में इस्तेमाल होगी। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

 

ग्रामीण आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनेगा मॉडल

गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और जैविक खाद का उत्पादन बढ़ाना है। प्लांट लगाने के लिए ग्रामीणों को अनुदान देने की योजना भी तैयार की जा रही है। आने वाले समय में यह मॉडल उत्तर प्रदेश को देश की गो आधारित ग्रीन इकोनॉमी का अग्रणी राज्य बनाएगा।

बम बनवाने वालों को होती थी शिवभक्तों की ‘बम-बम’ से तकलीफ : योगी

Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में कहा कि कांग्रेस व सपा के मुंह से आस्था की बात हास्यास्पद लगती है। इन लोगों ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई थी। इन्हें व्यापारी पर बम फेंकने और कट्टा/बम बनाने पर आपत्ति नहीं होती थी, लेकिन हर-हर, बम-बम बोलकर चलने वाले शिवभक्तों पर आपत्ति होती थी। सीएम ने अपना कुर्ता दिखाया और कहा कि इन्हें इस केसरिया रंग से चिढ़ होती थी। यह वही लोग हैं, जिन्होंने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी की शोभायात्रा और दुर्गा पूजा के पंडालों पर रोक लगाई थी। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मुरादनगर व मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए 868 करोड़ की 90 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल के बारे में जानकारी ली। सीएम ने कई बच्चों का अन्नप्राशन कराया। 

2017 के पहले शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से हो सकते हैं दंगे, इसे रोका जाए

सीएम ने 2017 में कांवड़ यात्रा की बैठक का जिक्र किया, कहा कि पुराने शासनादेश में था कि कांवड़ यात्रा से दंगे हो सकते हैं, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए। यदि कुछ लोग यह यात्रा निकालते हैं तो उन्हें घंट-घड़ियाल, शंख आदि बजाने से रोका जाना चाहिए। मैंने अधिकारियों से इसकी तैयारी के बारे में पूछा तो पता चला कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से निकल जाएगी। मैंने कहा कि यह देवाधिदेव महादेव के प्रति समर्पण रखने वाले शिवभक्तों की यात्रा है। दलित, वंचित, पिछड़ी जाति समेत हर तबके का व्यक्ति भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस यात्रा में जाता है। हम उन्हें सुरक्षा व सुविधा देंगे, कोई प्रतिबंध नहीं होगा। दंगा न होने की गारंटी मैंने ली, क्योंकि सच्चा भक्त कभी अनुशासनहीनता नहीं करता। वह मर्यादा में चलता है क्योंकि समरसता उसके जीवन का हिस्सा है। 

कांवड़ यात्रा की मर्यादा व अनुशासन को बनाए रखना है

सीएम ने कहा कि अब देश के अंदर सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा हरिद्वार से गाजियाबाद तक की निकलती है। देश और विदेश से लोग इसे देखने आते हैं, क्योंकि यह भारत में ही संभव है। आस्था को न समझने वाले राम मंदिर, कांवड़ यात्रा व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर रोक लगाते थे। अब कांवड़ यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। बहुत शीघ्र फिर से कांवड़ यात्रा आने वाली है। सभी कांवड़ संघों व शिवभक्तों से अपील की कि इस आयोजन की मर्यादा, अनुशासन को बनाए रखना है। किसी विरोधी को अवसर नहीं देना है। प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाएं, सरकार भव्य कांवड़ यात्रा निकालने का प्रबंध कराएगी। अब तो गाजियाबाद से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग भी बन गया है। 

आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं सपाई व कांग्रेसी 

सीएम ने आस्था के सम्मान का जिक्र कर कहा कि दुग्धेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर, पुरा महादेव में आदियोगी की भव्य प्रतिमा-कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ ही नई अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंध्यवासिनी धाम आदि पवित्र तीर्थ स्थल फिर से जगमगा रहे हैं। सपा व कांग्रेस वाले आस्था को वोटबैंक के लिए भुनाना चाहते हैं। 

10 साल पहले गाजियाबाद में होता था गैंगवार, अब सुशासन यहां की पहचान 

सीएम ने कहा कि गाजियाबाद अपनी खुद की पहचान रखने वाला, भगवान दुग्धेश्वर नाथ का पावन जनपद है। हस्तशिल्प के लिए जगविख्यात गाजियाबाद की स्थिति एक दशक पहले क्या थी। यह दिल्ली का प्रवेश द्वार था, लेकिन इसका नाम लेने से लोग भयभीत होते थे। यहां आने का साहस नहीं करते थे। गंदगी पहचान थी और यहां की गुंडागर्दी पर फिल्में बनती थीं। 10 वर्ष पहले यहां की अराजकता, गुंडागर्दी और गैंगवार को आपने देखा है परंतु अब गाजियाबाद सुशासन के मॉडल के तहत पहचान बना रहा है। अब गाजियाबाद पर फिल्में नहीं बनतीं, बल्कि यहां हरिनंदीपुरम कॉलोनी आती है। अब स्वच्छता रैंकिंग में भी गाजियाबाद का स्थान होता है। 

सीएम ने गाजियाबाद में किए विकास कार्यों को गिनाया

सीएम ने कहा कि जिस दूरी को तय करने में घंटों लगते थे, आज मात्र कुछ मिनट में वह दूरी तय होती है। गाजियाबाद में बेहतरीन सड़कें हैं। नगर निगम ने साफ-सफाई की शानदार व्यवस्था की है। दिल्ली-मेरठ के बीच पहली रैपिड रेल चल रही है। यह प्रस्ताव मेरे मुख्यमंत्री बनने से पहले से चल रहा था, लेकिन सपा सरकार ने नकार दिया था कि हमें रैपिड रेल नहीं चाहिए। बतौर मुख्यमंत्री मैंने पूछा कि पिछली सरकारों ने क्या निर्णय किया है तो पता चला कि उन्होंने इस पर नकारात्मक रूप से लिखा है। मैंने इसकी आवश्यकता पर जोर दिया तो अधिकारियों ने बताया कि इसमें 32 हजार करोड़ रुपये लगेगा और इसमें राज्य व केंद्र सरकार बराबर पैसा देगी। सब सशंकित थे, लेकिन मैंने कहा कि राज्य सरकार पैसा देगी। आज लगता है कि 2017 में निर्णय लेकर हमने अच्छा किया। मेरठ से दिल्ली की तीन घंटे की दूरी अब 40 मिनट में तय हो रही है। मोदीनगर व मुरादनगर की दूरी और भी कम हुई है। 

एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहा गाजियाबाद

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 वर्ष में देश को सुशासन का मॉडल दिया है। जब कानून का राज होता है, तब सुशासन आता है। कानून के राज के लिए अपराध व अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति कारगर होती है। जहां सुरक्षा होगी, वहां सुशासन आएगा, जहां सुशासन होगा, वहां समृद्धि आएगी, जहां समृद्धि आएगी, वहां विकास, निवेश, रोजगार का सृजन होगा, जिससे नौजवानों के हाथों को काम मिलेगा। गाजियाबाद एनसीआर व दिल्ली के ग्रोथ इंजन के रूप में भूमिका का निर्वाह कर रहा है। 

2017 के पहले शासन करने वालों के यहां देर रात तक सजती थी मंडली

सीएम ने कहा कि जब आपने अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुना तो परिणाम सामने है। आज की नई योजनाएं यहां की गति को और बढ़ाएगी। सीएम ने कहा कि 2017 के पहले शासन करने वाले लोग 12 बजे सोकर उठते थे। 2 बजे तैयार होते थे, खाने-पीने के बाद उनके जिम जाने का समय हो जाता था। वहां से आते ही उनकी मंडली देर रात तक सजी रहती थी। तब प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू लगता था। सरकार की नीति-नीयत न होने से निवेश और रोजगार नहीं आ पाता था। 

कांग्रेस सरकार में 85 पैसे पर पड़ती थी डकैती, हम उस पैसे को विकास में लगाते हैं 

सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे कि 100 में से 15 पैसा ही नीचे पहुंचता था। सीएम ने कहा कि शेष 85 पैसा वही था, जिसे जनता ने टैक्स के रूप में दिया था। इससे छात्रवृत्ति, पेंशन, गरीबों का मकान, स्वास्थ्य बीमा कर उनके चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती थी। यह लोग यदि उस पैसे को जमीन पर उतारते तो हाईवे, मेट्रो, एयरपोर्ट बन सकता था, लेकिन धऱातल पर उतरने से पहले ही कांग्रेस व सपा के लोग इस 85 पैसे पर डकैती डालते थे, जिससे गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। 

एनसीआर बता रहा है कि कैसे होता है विकास

सीएम ने कहा कि एनसीआर बता रहा है कि विकास कैसे होता है। पहली रैपिड रेल, 12 लेन का एक्सप्रेसवे चल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे को जल्द ही मेरठ से हरिद्वार के बीच जोड़ा जाएगा। गाजियाबाद वालों को अब हिंडन में ही वायुसेवा प्राप्त है। ईस्टर्न-वेस्टर्न पेरिफेरलवे का निर्माण हो चुका है। पीएम मोदी ने यूपी के पांचवें (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर) का लोकार्पण किया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भी पहचान दिला रहा है। विकास की यह कड़ी भावी पीढ़ी के लिए ग्रोथ इंजन के रूप में नई पहचान बनने जा रही है। यहां से कुछ दूरी पर यमुना अथॉरिटी में फिल्म सिटी, अपरैल पार्क, ट्वाय पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक सिटी के निर्माण कर युवाओं के लिए रोजगार लेकर आ रहे हैं। 

 

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कुमार कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, संजीव शर्मा, डॉ. मंजू शिवाच, धर्मेश सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल आदि मौजूद रहे। 

आदर्श राजनेता थे स्व. राजपाल त्यागी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति जब जनता की सेवा का माध्यम बनती है तो राजनेता को लोकप्रियता के चरम पर पहुंचाती है। राजपाल त्यागी जनता के दिल में स्थान बनाने वाले राजनेता थे। आदर्श राजनेता स्व. राजपाल त्यागी छह बार (दो बार निर्दल) विधायक रहे। वे दो बार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व दो बार कैबिनेट मंत्री रहे। यह उनकी लोकप्रियता व जनता के मन में उनके प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि माता-पिता की साधना और त्याग पुत्रों के कार्यों में झलकती है। तपस्या, साधना, लोककल्याण के प्रति समर्पण के भाव का परिणाम है कि अजीत पाल लगातार विधायक बनकर पिता के कार्यों को निरंतरता प्रदान कर रहे हैं। जनता का उत्साह उनके प्रेम और सेवा को प्रस्तुत कर रहा है। विधायक अजीत पाल त्यागी ने अतिथियों का स्वागत किया।

पीएम सूर्य घर योजना : CM योगी के नेतृत्व में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा UPPM

UPPM ranks second in country under leadership of Chief Minister Yogi

– सूर्य घर योजना में 6.74 लाख से अधिक घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापित, गुजरात के बाद देश में दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश

– योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में 2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता विकसित

– प्रदेश में तेजी से विकसित हुई सोलर इकोनॉमी, 85 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरेलू रूफटॉप सोलर स्थापना में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। प्रदेश में अब तक 6,74,393 घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना हो चुकी है। पीएम सूर्य घर योजना की राष्ट्रीय रैंकिंग में गुजरात 7,49,839 स्थापनाओं के साथ पहले स्थान पर, जबकि उत्तर प्रदेश 6,74,393 स्थापनाओं के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र 6,73,717 स्थापनाओं के साथ तीसरे स्थान पर है।

   
उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग, विभागीय समन्वय और मिशन मोड में किए गए प्रयासों का परिणाम है। प्रदेश सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने से लेकर सोलर संयंत्रों की स्थापना, बैंक ऋण, डिस्कॉम निरीक्षण और सब्सिडी प्रक्रिया को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए गए हैं।

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2,283.8 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता हुई विकसित

इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में घरेलू रूफटॉप सोलर के तेजी से विस्तार के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 2,283.8 मेगावाट यानी 2.28 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है। इससे प्रदेश के लाखों घर अपनी छतों पर स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि रूफटॉप सोलर से उपभोक्ताओं की पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ उनके मासिक बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आई है। प्रदेश के लाखों परिवारों को प्रतिदिन लगभग 6.5 करोड़ रुपए मूल्य की निःशुल्क सौर बिजली का लाभ प्राप्त हो रहा है।

यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश को केवल बिजली उपभोग करने वाली व्यवस्था से आगे बढ़ाकर विशेष आर्थिक दिशा में ले जा रहा है, जहां उपभोक्ता स्वयं अपने घर की छत पर बिजली का उत्पादन कर अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने में भी सक्षम हो रहे हैं।

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7,000 से अधिक कंपनियां, 85 हजार से अधिक रोजगार

पीएम सूर्य घर योजना के व्यापक विस्तार ने उत्तर प्रदेश में एक मजबूत सोलर इकोनॉमी इकोसिस्टम विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश में सोलर सेक्टर से जुड़ी 7,000 से अधिक कंपनियां एवं व्यावसायिक इकाइयां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से 85,000 से अधिक लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

   
सोलर पैनल इंस्टॉलेशन से लेकर सर्वे, डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, नेट मीटरिंग, लॉजिस्टिक्स, सेल्स, मार्केटिंग तथा ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस तक एक व्यापक रोजगार श्रृंखला विकसित हुई है। इससे विशेष रूप से युवाओं, तकनीकी पेशेवरों, इलेक्ट्रिशियन, इंजीनियरों, स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

UPPM ranks second in country under leadership of Chief Minister Yogi

मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली इकोसिस्टम को भी मिली नई गति

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर की तेजी से बढ़ती मांग ने प्रदेश के सोलर मैन्युफैक्चरिंग एवं सप्लाई चेन इकोसिस्टम को भी नई गति प्रदान की है। सोलर मॉड्यूल एवं संबंधित उपकरणों के क्षेत्र में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और असेंबली लाइंस विकसित हुई हैं। इसके साथ ही इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर, केबल, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, मीटरिंग उपकरण, वेयरहाउसिंग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े व्यवसायों को भी नई मांग मिली है। इससे प्रदेश में सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं रही, बल्कि यह निवेश, औद्योगिक विकास, एमएसएमई विस्तार, स्थानीय उद्यमिता और ग्रीन जॉब्स को गति देने वाली एक नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभरी है।

 

9,000 एकड़ से अधिक भूमि की आवश्यकता में बचत

घरेलू रूफटॉप सोलर मॉडल की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बिजली उत्पादन के लिए अलग से बड़े भू भाग की आवश्यकता नहीं होती। घरों और भवनों की उपलब्ध छतों का उपयोग स्वच्छ बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है। प्रदेश में विकसित रूफटॉप सोलर क्षमता को यदि समान क्षमता वाले बड़े ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से स्थापित किया जाता, तो इसके लिए बड़े भू-भाग की आवश्यकता होती।

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रूफटॉप सोलर के विस्तार से अनुमानतः 9,000 एकड़ से अधिक अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता में बचत हुई है। इससे प्रदेश की बहुमूल्य भूमि को कृषि, आवास, औद्योगिक एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों के लिए संरक्षित रखने में मदद मिल रही है। 

 

हर साल लगभग 27 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी

प्रदेश में स्थापित लगभग 2,283.8 मेगावाट (2.28 गीगावाट) घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अनुमानित सौर ऊर्जा उत्पादन और भारतीय विद्युत ग्रिड के उत्सर्जन कारकों के आधार पर, इस स्थापित क्षमता से सालाना लगभग 3.8 अरब यूनिट (3.8 बिलियन kWh) स्वच्छ बिजली का उत्पादन संभव है।

इससे जीवाश्म ईंधन आधारित पारंपरिक बिजली उत्पादन को प्रतिस्थापित कर प्रतिवर्ष अनुमानतः 27 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड  उत्सर्जन से बचाव हो सकता है। पर्यावरणीय प्रभाव को सरल रूप में समझें तो, यदि एक परिपक्व पेड़ द्वारा औसतन लगभग 22 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड प्रति वर्ष अवशोषित करने का मानक लिया जाए, तो यह वार्षिक कार्बन बचत लगभग 12 करोड़ से अधिक परिपक्व पेड़ों द्वारा एक वर्ष में किए जाने वाले कार्बन अवशोषण के तुलनीय है।

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इस प्रकार पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है, बल्कि बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और भारत के दीर्घकालिक नेट-जीरो लक्ष्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

शामली और कैराना की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासक : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted the Samajwadi Party and the Congress

– मुख्यमंत्री ने शामली, थानाभवन व कैराना विधानसभा क्षेत्रों की 581 करोड़ रुपए से अधिक की 89 परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– 10 साल पहले आतंक व भय का प्रतीक था शामली, अब यहां गन्ने की मिठास और एक्सप्रेसवे की ‘त्रिवेणी’ है

– कांवड़ यात्रा में अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं, उपद्रव का प्रयास करने वाले को कान पकड़कर बाहर कर दें

– 2017 के पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में 4 बजे से काम करने वाली सरकार

– 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 मिलें संचालित

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्ना के उपासक लोग डेमोग्राफी बदल रहे थे और इसीलिए कैराना व कांधला से पलायन हो रहा था। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को चेताया कि जिन्ना के अनुयायियों को जब भी मौका मिलेगा, वे आपको क्षेत्र व जाति के नाम पर बांटेंगे। विकास कार्यों में लूट-खसोट करेंगे। बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएंगे। इनसे लगातार सतर्क रहना है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कैराना, शामली व थानाभवन विधानसभा क्षेत्र की 581 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गई योजनाओं का विवरण देते हुए गत 10 वर्ष में शामली, थानाभवन व कैराना में आए सकारात्मक बदलाव की भी चर्चा की।

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कैराना व शामली का आध्यात्मिकता, संस्कृति व आजादी में योगदान

सीएम योगी ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्रीकृष्ण ने हनुमान टीले में आकर विश्राम किया था और यहां के पवित्र जल को ग्रहण किया था। शामली व कैराना ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलों को हिला दिया था। कैराना घराने से पं. भीमसेन जोशी ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को नई ऊंचाई दी। 

 

10 साल पहले आतंक और भय का प्रतीक था शामली

सीएम ने कहा कि 10 साल पहले लोग पूछते थे कि आतंक-भय का प्रतीक शामली जनपद कहां है। शामली, कैराना-कांधला से पलायन होता था, यहां गुंडागर्दी होती थी। कोई सुरक्षित नहीं था। शरारत के तहत डेमोग्राफी को बदलने की साजिश हो रही थी। अब यहां के गन्ने की मिठास प्रसिद्ध है। पीएम मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार शामली की गति को प्रगति में बदल रही है।

 

एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है शामली

मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का 'संगम' बन चुका है। यहां की युवा पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया गया तो आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा का यह बेहतर माहौल शामली को एनसीआर के सबसे धनी व समृद्ध जनपदों में खड़ा कर देगा।

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शामली वाले 10 साल पहले बिजली के लिए तरसते थे, लेकिन आज शामली 400 केवीए विद्युत स्टेशन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति का माध्यम बना है। 10 साल पहले मेडिकल सुविधाएं नदारद थीं। लेकिन, कोरोना महामारी में दिल्ली व आसपास के लोग इलाज कराने शामली के हॉस्पिटलों में पहुंचे। 

 

2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 चल रहीं 

सीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों चौधरी जयंत सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राणा के कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में चौधरी चरण सिंह के बाद चीनी मिलों की स्थिति में सुधार व पुनरोद्धार का बीड़ा 2017 में सुरेश राणा ने उठाया था। 2007 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकारों में 29 चीनी मिलें बंद हुईं।

21 मिलें औने-पौने दाम पर बेची गईं। 2017 में सुरेश राणा ने मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली तो मैंने पूछा कि अब मिलें बिकेंगी तो नहीं, तब उन्होंने कहा था कि इन मिलों को वापस लेकर चलाएंगे। आज 122 चीनी मिलें चल रही हैं और किसानों को समय से भुगतान हो रहा है। अब गन्ना किसानों को 400 रुपए कुंतल दाम मिल रहा है। यूपी चीनी, गन्ना व एथेनॉल उत्पादन में नंबर एक है। यह प्रगति किसानों की समृद्धि का कारक बनी है।

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शामली व कैराना को देखकर लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ 

सीएम योगी ने कहा कि विकास का विकल्प नहीं हो सकता। हम किसानों के उपासक हैं, जिन्होंने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया। हमने भी चीनी मिलों के माध्यम से उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान करा के दिखा दिया। शामली की खुशहाली और थानाभवन-कैराना का विकास देख लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ है।

पिछली बार मैंने यहां के स्कूलों का दौरा किया था। यूपी-सीबीएसई बोर्ड की मेरिट सूची में शामली के बच्चों का नाम देखा तो उन्हें लखनऊ बुलाया। वे बच्चे भी बता रहे थे कि अब डर नहीं लगता, क्योंकि अपराधी जानता है कि हिमाकत की तो जेल या जहन्नुम में ही जगह मिलेगी। 

 

सैफई का सिंडिकेट अब युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता

सीएम ने कहा कि शामली में तेज गति से प्रगति होगी। कैराना में पीएसी की भव्य बटालियन बन रही है। सैफई का नौकरी का सिंडिकेट अब शामली के युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता। शामली, मुजफ्फरनगर का नौजवान भी अब नौकरी पाता है।

मुख्यमंत्री ने कटाक्ष भी किया कि 2017 के पहले जयश्रीराम बोलने पर लाठी-गोली चलाने वाले, कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित करने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन को रोकने, रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देने वाले, धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं।

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चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही डबल इंजन सरकार

सीएम ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, किसानों, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा था, उसे डबल इंजन सरकार साकार कर रही है। एक तरफ किसान के चेहरे पर खुशहाली लाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार व नौकरी है। हर गरीब को शासन की योजना का लाभ मिल रहा है। हर व्यापारी के निवेश को सुरक्षा मिल रही है। 

 

कांवड़ यात्रा में गलत व्यक्तियों को कान पकड़कर बाहर कर दें 

सीएम ने कांवड़ संघों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी व भोले शंकर के भक्त हैं। राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला व शंकर की समरसता/जीवंतता आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। अनुशासन व धैर्य जीवन की पूंजी है। अनुशासनहीनता करने वालों को सीएम ने चेताया कि छोटी बातों को लेकर हुड़दंग नहीं होना चाहिए।

विरोधी लोग अनुशासनहीनता पर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह बंद कराने के लिए दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। किसी गलत व्यक्ति ने हमारे बीच में आकर उपद्रव करने का प्रयास किया तो उसे कान पकड़कर बाहर करने की आवश्यकता है। अनुशासनहीनता कतई स्वीकार नहीं होगी। पर्वों की मर्यादा को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो परंपरा और अच्छे तरीके से बढ़ेगी।

 

सीएम ने विधायकों के कार्यों की प्रशंसा की 

सीएम ने थाना भवन के विधायक अरशद अली और शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी के खराब स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अरशद अली का सुबह फोन पर हालचाल लिया था, वह स्वास्थ्य के कारण अनुपस्थित हैं। वहीं पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद प्रसन्न चौधरी यहां मौजूद हैं। हमारे जनप्रतिनिधि निरंतर विकास के लिए प्रयास करते हैं।

जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ही कुछ ही दिनों में 750 किमी. लंबा गोरखपुर-शामली इकॉनमिक कॉरिडोर शामली को गोरखपुर व सिलीगुड़ी तक जोड़ देगा। इसकी दूरी लगभग 1100-1200 किमी की होगी। एक्सप्रेसवे के जरिए शामली से ही अंबाला व पानीपत की यात्रा कराएंगे। शामली चारों ओर से एक्सप्रेसवे हाईवे के महत्वपूर्ण पड़ाव का केंद्र होगा। आज दी जा रही योजनाएं शामली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी। 

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प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स 

सीएम ने कहा कि शामली अब एनसीआर का हिस्सा हो गया है। प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स यहां बनने जा रहा है, जिससे 8000 युवाओं को नौकरी/रोजगार प्राप्त होगा। आमजन का समर्थन ही हमारी ताकत है और हम इसका इस्तेमाल करके ही कार्य कर रहे हैं। शामली अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। जनता के आशीर्वाद से शामली की तकदीर और तस्वीर बदल रही है।

 

पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में चार बजे से काम करने वाली सरकार  

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सरकार में सोने वाले लोग थे। वे 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे और 5 बजे जिम चले जाते थे। उनके पास जनता के लिए फुर्सत नहीं थी। यह माफिया के सामने नाक रगड़ते और दंगाइयों को घर में बुलाकर सम्मानित करते थे, लेकिन यूपी अब बदल चुका है। यूपी की यात्रा अब सुबह चार बजे से प्रारंभ होती है। चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ हर वर्ग का हित करने वाली सरकार है। 

 

इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक, विधायक प्रसन्न कुमार, विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप आदि मौजूद रहे।

MSP पर रिकॉर्ड खरीद से UP के किसानों को मिल रहा बड़ा लाभ, अनाज की खरीद में बना कीर्तिमान

Farmers in UP are reaping big benefits from record procurement at MSP

– 9 साल में योगी सरकार ने धान खरीद से 80.39 लाख किसानों को पहुंचाया लाभ, 1.03 लाख करोड़ रुपए से अधिक सीधे खातों में पहुंचे

– धान, बाजरा, ज्वार और मक्का की रिकॉर्ड खरीद, किसान हितैषी नीतियों से यूपी में खेती बनी अधिक लाभकारी

– योगी सरकार ने धान खरीद प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया

Chief Minister Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में योगी सरकार की सरकारी खरीद नीति ने पिछले नौ वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर पारदर्शी खरीद व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और डिजिटल प्रक्रिया के कारण प्रदेश के किसानों का सरकारी खरीद प्रणाली पर भरोसा मजबूत हुआ है। धान खरीद के क्षेत्र में राज्य ने नया रिकॉर्ड स्थापित करते हुए वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक 80,39,539 किसानों से धान की खरीद की और उनके बैंक खातों में 1.03 लाख करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया है।  

 

पारदर्शी व्यवस्था ने बढ़ाया किसानों का विश्वास

योगी सरकार ने धान खरीद प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया है। प्रदेशभर में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई, किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई, डिजिटल सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई और भुगतान सीधे बैंक खातों में भेजने की प्रणाली को मजबूत किया गया। इससे किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ समय पर मिल रहा है। 

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मोटे अनाजों के लिए किसानों को मिला सरकारी खरीद का मजबूत आधार

योगी सरकार ने धान और गेहूं तक ही खरीद व्यवस्था को सीमित नहीं रखा, बल्कि पोषक अनाजों को भी प्राथमिकता दी। वर्ष 2022-23 से पहली बार बाजरा की सरकारी खरीद शुरू की गई। वर्ष 2025-26 तक 1,48,718 किसानों से 7,13,759.88 मीट्रिक टन बाजरा खरीदकर 1,854 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।

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इसी प्रकार वर्ष 2023-24 से पहली बार ज्वार की सरकारी खरीद प्रारंभ हुई, जिसके तहत पिछले तीन वर्षों में 26,972 किसानों को 363.35 करोड़ रुपए का भुगतान मिला। वहीं वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक मक्का खरीद के माध्यम से 34,578 किसानों को 582.04 रुपए करोड़ का भुगतान किया गया। इससे मोटे अनाजों की खेती करने वाले किसानों को भी एमएसपी का लाभ मिला और उनकी आय में वृद्धि हुई।

 

कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास

खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीद व्यवस्था केवल फसल खरीद का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुकी है। समय पर भुगतान, पारदर्शी खरीद प्रक्रिया और खरीद केंद्रों की बेहतर उपलब्धता ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है।

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इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना है। योगी सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण खेती को अधिक लाभकारी बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

विश्व युवा कौशल दिवस पर योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि, 75 जिलों के 10283 युवाओं को मिला रोजगार

Yogi government's major achievement on World Youth Skills Day

– कौशल विकास मिशन की ओर से प्रदेशभर में 13 से 15 जुलाई तक आयोजित हुआ 3 दिवसीय रोजगार मेला, 830 कंपनियों ने की शिरकत

– दूसरे दिन 14 जुलाई को रिकॉर्ड 8,912 युवाओं को मिला रोजगार, प्रयागराज में सबसे ज्यादा 728 चयन

– योगी सरकार में बदली युवाओं की तस्वीर, हुनर से मिल रहा रोजगार और सम्मान

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई) के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम), डीडीयू जीकेवाई और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 15 जुलाई तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया।

 

इस महाअभियान में प्रदेश के सभी 75 जिलों के युवाओं को शामिल किया गया। देश-विदेश की कुल 830 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सेदारी की, जिसके माध्यम से कुल 10,283 योग्य अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए अंतिम चयन किया गया।

 

इस उपलब्धि पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। आज प्रदेश का युवा हुनर से रोजगार और स्वरोजगार पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन के तहत ‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प को नई गति दी गई है।

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मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में 20 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर 12.50 लाख को रोजगार दिलाया गया है। टाटा समूह के साथ 7000 करोड़ का सीएसआर एमओयू, 225 आईटीआई का अपग्रेडेशन, एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे फ्यूचरिस्टिक कोर्स और ब्लू डॉट सॉफ्टवेयर जैसी पहल से युवाओं को सीधे कंपनियों से जोड़ा जा रहा है।

 

तीन चरणों में चला रोजगार का महाअभियान

पहला चरण (13 जुलाई) : अभियान के पहले दिन प्रदेश के 9 जिलों – सम्भल, गोंडा, सुल्तानपुर, मऊ, फर्रुखाबाद, औरैया, उन्नाव, चंदौली और देवरिया में रोजगार मेले आयोजित हुए। इसमें 107 प्रमुख कंपनियों ने हिस्सा लिया और कुल 1,071 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। पहले दिन देवरिया में जबरदस्त उत्साह देखा गया, जहाँ रिकॉर्ड 303 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।

 

दूसरा चरण (14 जुलाई) : 14 जुलाई को व्यापक स्तर पर अभियान चला। प्रदेश के 63 जिलों में एक साथ मेले आयोजित हुए। इस एक दिन में 689 बड़ी कंपनियों ने शिरकत की और रिकॉर्ड 8,912 अभ्यर्थियों को नौकरी मिली। इस चरण में प्रयागराज पूरे प्रदेश में शीर्ष पर रहा, जहाँ अकेले 22 कंपनियों ने 1,185 युवाओं का चयन किया। इसके साथ ही वाराणसी में 674 और गोरखपुर में 317 युवाओं को रोजगार मिला।

 

तीसरा चरण (15 जुलाई) : विश्व युवा कौशल दिवस पर 15 जुलाई को अमेठी, पीलीभीत और इटावा समेत 3 जिलों में रोजगार मेला आयोजित हुआ। अंतिम दिन 34 कंपनियों की भागीदारी से कुल 300 युवाओं का चयन हुआ, जिसमें पीलीभीत के 138 युवा शामिल रहे।

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मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन पुलकित खरे ने कहा कि ‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प के तहत 3 दिवसीय मेले में 10,283 युवाओं का चयन बड़ी उपलब्धि है। यूपी का युवा आज तकनीकी रूप से दक्ष और आत्मनिर्भर है। हमारा लक्ष्य हर कुशल हाथ को सही मंच और सीधा रोजगार देना है।