Market cues : कोई साफ दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को तोड़ना होगा 23800-24300 का दायरा, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

Trade setup for today : निफ्टी ने 24,000 के जोन पर सपोर्ट लेने के बाद तेजी से वापसी की और 13 जुलाई को हल्की बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। पिछले तीन सेशन में बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद,इंडेक्स पिछले बुधवार को बनी लॉन्ग रेड कैंडल,यानी 23,800-24,300 की रेंज में ही ट्रेड करता रहा। हालांकि,इसने 50-डे EMA के ऊपर बने रहते हुए 10, 20 और 100 डे EMA को फिर से हासिल कर लिया। बाजार जानकारों का कहना है कि कोई साफ और पक्की दिशा पकड़ने के लिए निफ्टी को 23,800-24,300 की रेंज से किसी भी तरफ बाहर निकलना होगा। अगर निफ्टी 24,300 के लेवल को फिर से हासिल कर लेता है और उसके ऊपर बना रहता है,तो 24,400-24,500 के जोन की तरफ बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,जानकारों का यह भी कहना है कि अगर निफ्टी 23,800 के नीचे गिरता है,तो इंडेक्स कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,058, 23,997 और 23,897

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,256, 24,317 और 24,417

गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने ऊपर और नीचे छोटी शैडो वाली एक लंबी ग्रीन कैंडल बनाई,जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत है। इंडेक्स 10, 20 और 100 डे EMA के साथ-साथ जून के निचले स्तर से जुलाई के ऊंचे स्तर तक की हालिया रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर वापस आ गया। RSI बढ़कर 55.89 हो गया और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। RSI बढ़कर 55.89 हो गया है और यह बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD भी सिग्नल लाइन के ऊपर बना हुआ है और ग्रीन हिस्टोग्राम बार बढ़ रहा है,जो बेहतर होते मोमेंटम का संकेत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,226, 58,398 और 58,676

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,670, 57,498 और 57,220

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,305, 56,441

बैंकिंग इंडेक्स में गैप-डाउन ओपनिंग के बाद एक ग्रीन कैंडल बनी,जो निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती है। इंडेक्स वापस 10 डे EMA के ऊपर चढ़ गया और बाकी सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जबकि शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। क्रॉसओवर के बाद, 50 डे EMA 100 और 200 डे EMA के ऊपर बना रहा,जो मजबूत अंदरूनी ताकत का संकेत है। RSI बढ़कर 58.96 हो गया, हालांकि यह रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। लगातार दूसरे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार छोटा हुआ,जबकि MACD रेफरेंस लाइन से नीचे बना रहा। ये सभी बातें बैंक निफ्टी में बुलिश मोमेंटम के बेहतर होने का संकेत देती हैं,जिसमें मज़बूत अंडरलाइंग स्ट्रेंथ और लगातार खरीदारी की दिलचस्पी दिख रही है। हालांकि ज्यादा मजबूत कन्फर्मेशन के लिए अभी भी पॉज़िटिव MACD क्रॉसओवर का इंतजार है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

13 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार चौथे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,171 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में कल 8.39% की बढ़त हुई और यह 13.28 पर पहुंच गया,लेकिन यह अभी भी आरामदायक दायरे में है,जिससे पता चलता है कि तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा जोखिम नहीं है। हालांकि,अगर यह 15 के स्तर से ऊपर बढ़ता है,तो बुल्स के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 13 जुलाई को बढ़कर 1.43 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.25 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Sensex में इंट्रा-डे के निचले स्तर से 900 प्वाइंट्स की रिकवरी, 4 वजहों से Nifty फिर 24250 के पार

Share Market Sharp Recovery: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमले शुरू होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता ने शुरुआती कारोबार में आज मार्केट में हाहाकार मचा दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था तो निफ्टी 24000 के लेवल तक आ गया था। हालांकि फिर मार्केट ने जोरदार वापसी की और निचले स्तर से सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स से अधिक रिकवर हुआ और निफ्टी भी उछलकर 24250 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और आधे फीसदी से अधिक गिरावट से उबरते हुए निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 लगभग फ्लैट हो गए।

फिलहाल 12:55 PM पर सेंसेक्स 141.17 प्वाइंट्स यानी 0.18% की बढ़त के साथ 77.710.56 और निफ्टी 23.80 प्वाइंट्स यानी 0.10% के उछाल के साथ 24,230.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 711.96 प्वाइंट्स टूटकर 76,857.43 तक आया था जिससे यह 931.86 प्वाइंट्स रिकवर होकर 77,789.29 तक पहुंच गया तो निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 206.70 प्वाइंट्स गिरकर 24,000.20 तक आया था जिससे 259.60 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 24,259.80 तक पहुंच गया।

Share Market Recovery: ये है वजह

वैल्यू बाइंग

शुरुआती गिरावट का फायदा उठाते हुए निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू की तो मार्केट मे तेजी से रिकवरी की। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वीके विजयकुमार का कहना है कि पश्चिमी एशिया में चल रहा संकट न्यू नॉर्मल बन चुका है लेकिन ऑयस मार्केट में जैसी स्थिति मार्च में थी, वैसा हाहाकार अभी नहीं है। वीके विजयकुमार का मानना है कि जब तक एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत $90 के नीचे है, मार्केट पर अधिक असर पड़ने की आशंका नहीं है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹2,603.72 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। इस महीने 10 जुलाई तक विदेशी निवेशकों ने सेकंडरी मार्केट में ₹5,155 करोड़ की नेट खरीदारी की। प्राइमरी मार्केट और अन्य में ₹10,001 करोड़ की खरीदारी को मिलाकर जुलाई में इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट में ₹15,156 करोड़ का निवेश किया। जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का कहना है कि विदेशी निवेशकों की खरीदारी मार्केट के लिए पॉजिटिव है। उनका कहना है कि भारत के बेहतर होते मैक्रो-इकनॉमिक हालात और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों के मूड को बदला है चिप ट्रेड में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में विदेशी निवेशकों की भी भारत में उनका निवेश बढ़ा है।

आईटी स्टॉक्स में रौनक

शुरुआती कारोबार में जब मार्केट में कोहराम मचा हुआ था तो भी आईटी सेक्टर में शानदार रौनक थी। टीसीएस के उम्मीद से बेहतर कारोबारी नतीजे ने आईटी सेक्टर में रौनक बिखेर दी। निफ्टी आईटी आधे फीसदी से अधिक उछल पड़ा और इसके 10 में से 8 स्टॉक्स मजबूत हुए हैं। देश की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी टीसीएस के शेयर करीब 3% उछल पड़े।

अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल

निफ्टी ने 24000 के लेवल पर जाने के बाद वहां से फटाक से वापसी की। निफ्टी के लिए यह अहम टेक्निकल सपोर्ट जोन है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीय (Rajesh Palviya) के मुताबिक निफ्टी के लिए 24000 तात्कालिक सपोर्ट लेवल है जो अगर टूटा तो यह 23,800 तक फिसल हो सकता है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 13 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स की शुरुआत खराब रहने की संभावना है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 0.79 फीसदी कमजोरी के साथ 24,045 के आसपास ट्रेड कर रह है। यह एक निगेटिव संकेत है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी रिकवरी जारी रही। अलग-अलग सेक्टर में हुई जबरदस्त खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी,दोनों में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के बीच बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 ने इंट्राडे में 24,228.45 का हाई लेवल छुआ। इस तेज़ी में IT शेयरों का अहम योगदान रहा। वहीं,रियल्टी,मेटल और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी ने सेंटीमेंट को और मजबूत किया। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 827.57 अंक या 1.08 प्रतिशत बढ़कर 77,569.39 पर और निफ्टी 244.10 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 24,206.90 पर बंद हुआ।

ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट में टेंशन से ब्रेंट क्रूड 4% बढ़कर $79 प्रति बैरल के पार चला गया है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है। इधर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोना $4,100 के नीचे फिसल गया है।

LTM के उम्मीद से बेहतर नतीजे, L&T फाइनेंस का मुनाफा 28% बढ़ा

LTM ने पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की constant currency यानी CC रेवेन्यू ग्रोथ 0.3% रही है। कंपनी के मुनाफे में 9% से ज्यादा की बढ़त रही है। वहीं मार्जिन में भी सुधार दिखा है। ऑर्डर बुक भी मजबूत रही है। दूसरी ओर L&T Finance की प्रॉफिट और ब्याज से होने वाली कमाई यानी NII 28% से ज्यादा बढ़ी है। रिटेल लोन बुक गाइडेंस से कहीं बेहतर रही है।

डीमार्ट: Q1 मुनाफे में 11.3% का उछाल

पहली तिमाही में एवेन्यू सुपरमाट्स के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में 11 परसेंट और रेवेन्यू में 15 परसेंट की ग्रोथ रही है। हालांकि मार्जिन बिल्कुल फ्लैट रहे हैं। मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ में दबाव दिखा है।

आज आएंगे HCL TECH के नतीजे

निफ्टी में आज HCL TECH के नतीजे आएंगे। इसकी कॉन्सटेंट करेंसी में 1.1 परसेंट और डॉलर आय में 1.3% गिरावट का अनुमान है। हालांकि मार्जिन 30 Bps बढ़ने की उम्मीद है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO का साइज घटा

SBI फंड्स मैनेजमेंट के IPO का साइज घटा है। इश्यू का साइज 11700 करोड़ रुपए से घटकर 9813 करोड़ रुपए हुआ है। इधर दिग्गजों को प्री-IPO स्टेक बेचकर SBI ने 1655 करोड़ रुपए जुटाए हैं। SBI के OFS का हिस्सा घटकर 6.30% से 4.89% पर आ गया है।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 195 अंक यानी 0.80 फीसदी की गिरावट के साथ 24,040.50 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए निगेटिव संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 1.20 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.20 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। हैंग सेंग में 0.85 फीसदी की तेजी दिख रही है। ताइवान के बाजार में भी 0.82 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है। वहीं, कोस्पी करीब 4.75 फीसदी नीचे है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.71 फीसदी की कमजोरी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को S&P 500 में 0.42% की बढ़त हुई और यह 7,575.39 के लेवल पर बंद हुआ। यह 2 जून को बने रिकॉर्ड हाई क्लोज़ से अभी भी 0.45% नीचे है। Nasdaq भी 0.29% की बढ़त के साथ यह 26,281.61 के लेवल पर पहुंच गया। जबकि डाओ जोन्स में 0.29% की बढ़त हुई और यह 52,637.01 के स्तर पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुए टकराव से महंगाई का डर बढ़ गया और सेंट्रल बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी बढ़ गई है। जिसके चलते डॉलर अपनी ज़्यादातर प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 101.17 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये क्रमशः 4.58% और 4.23% पर पहुंच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई मुद्राओं में मिला-जुला कारोबार हुआ,रीजनल बाजारों में सतर्कता का माहौल दिखा। इंडोनेशियाई रुपया सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा है। जिसमें 0.35% की बढ़त हुई। इसके बाद चीनी रेनमिनबी (+0.22%) और ताइवान डॉलर (+0.19%) का स्थान रहा। दूसरी तरफ,साउथ कोरियन वॉन इस इलाके की सबसे कमजोर करेंसी है,जिसमें 0.34% की गिरावट आई,जबकि जापानी येन 0.25% फिसला है जिससे पता चलता है कि नॉर्थ एशिया की मुख्य करेंसी के मुकाबले डॉलर में हल्की मज़बूती आई है। थाई बात(-0.21%),सिंगापुर डॉलर (-0.17%),मलेशियन रिंगिट (-0.17%) और फिलीपीन पेसो (-0.16%) भी नीचे ट्रेड कर रहे हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs)ने बिकवाली के एक दिन बाद ₹2,603 ​​करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगातार तीसरे सेशन में खरीदारी जारी रखी और ₹2,019 करोड़ का निवेश किया।

Upcoming IPO: जुलाई के आखिर तक आएंगे 5 बड़े IPO, कंपनियां जुटाएंगी ₹15000 करोड़

Upcoming IPO: पिछले दो महीनों से रफ्तार पकड़ रहा भारत का IPO बाजार अब और गर्म होने वाला है। अगले हफ्ते SBI Funds Management का IPO खुलने के बाद जुलाई के अंत तक 5 और बड़ी कंपनियां शेयर बाजार में दस्तक दे सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, ये कंपनियां मिलकर करीब ₹15,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं।

कौन-कौन से IPO आएंगे?

जुलाई के अंत तक जिन कंपनियों के IPO आने की उम्मीद है, उनमें शामिल हैं…

  • Caliber Mining & Logistics
  • Milky Mist Dairy Foods
  • Juniper Green Energy
  • Lohia Corp
  • Manipal Health Enterprises

जून और जुलाई में बढ़ी रफ्तार

जून में 7 IPO आए थे, जिनके जरिए कंपनियों ने ₹2,718 करोड़ जुटाए। वहीं जुलाई में अब तक Knack Packaging, Kusumgar और Laser Power & Infra के IPO लॉन्च हो चुके हैं।

अगले हफ्ते SBI Funds Management और Alpine Texworld के IPO भी खुलने वाले हैं।

किस कंपनी का IPO कितना बड़ा होगा?

  • Caliber Mining & Logistics करीब ₹500-600 करोड़ जुटा सकती है। यह देश की शीर्ष 10 कोयला खनन सेवा कंपनियों में शामिल है।
  • Milky Mist Dairy Foods का IPO करीब ₹2,000 करोड़ का हो सकता है। यह तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी कंपनी है।
  • Juniper Green Energy करीब ₹1,800 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। पहले इसका IPO ₹3,000 करोड़ का प्रस्तावित था, लेकिन अब इसका आकार घटा दिया गया है।
  • Lohia Corp करीब ₹500 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाएगी। कंपनी टेक्निकल टेक्सटाइल मशीनरी बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
  • Manipal Health Enterprises का IPO सबसे बड़ा हो सकता है। कंपनी करीब ₹9,500 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह Manipal Hospitals चेन का संचालन करती है।

Zepto भी एंट्री कर सकती है

बेंगलुरु की Tonbo Imaging और मध्य प्रदेश की Symbiotec Pharmalab भी जुलाई के आखिरी या अगस्त के पहले हफ्ते में IPO ला सकती हैं। हालांकि, इनके इश्यू का साइज पहले की योजना से छोटा हो सकता है।

इसके अलावा Zepto भी IPO की कतार में शामिल हो सकती है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कंपनी पहले के मुकाबले कम वैल्यूएशन पर बाजार में आ सकती है।

IPO बाजार में क्यों लौटी रौनक?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Jio Platforms और NSE के ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने के बाद प्राइमरी मार्केट में फिर से उत्साह बढ़ा है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान तनाव कम होने, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में बढ़ती खरीदारी से भी IPO बाजार को समर्थन मिल रहा है।

आमतौर पर जुलाई और अगस्त को IPO बाजार के लिए सबसे व्यस्त महीनों में गिना जाता है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में निवेशकों को कई बड़े पब्लिक इश्यू देखने को मिल सकते हैं।

टाटा की TCS 8900 खास इंजीनियरों की टीम बनाएगी, OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट को टक्कर देने की तैयारी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FPI ने 4 महीनों बाद की वापसी, जुलाई में अब तक खरीदे ₹15157 करोड़ के भारतीय शेयर

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार 4 महीने तक बिकवाली करने के बाद जुलाई में बायर नजर आ रहे हैं। इस महीने में अब तक उन्होंने भारतीय शेयरों में 15,157 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध निवेश किया है। बेहतर होते घरेलू व्यापक आर्थिक संकेतकों, रुपये की स्थिरता और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती धारणा से यह रुझान देखने को मिला है। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले FPI ने जून में भारतीय शेयरों से 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में 1.17 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।

इस बिकवाली के दौर से पहले फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। साल 2026 में अब तक FPI भारतीय शेयरों से कुल 2.60 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। पिछले साल की समान अवधि में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी की थी।

एक्सपर्ट्स का क्या है मानना

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल मैनेजर (रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि जुलाई में FPI की वापसी वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति, भू-राजनीतिक तनाव कम होने से ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता घटने और भारत की मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिति पर बढ़े भरोसे का नतीजा है।

जियोजीत इनवेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार का कहना है कि घरेलू व्यापक आर्थिक स्थिति में सुधार और रुपये की स्थिरता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।सेमीकंडक्टर कारोबार में कमजोरी और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में FPI की बिकवाली के कारण निवेश का एक हिस्सा भारत की ओर आया है। इसके साथ ही श्रीवास्तव ने आगाह किया कि भले ही जुलाई में FPI के निवेश की यह मजबूत वापसी उत्साहजनक है, लेकिन आगे उनका रुख वैश्विक परिस्थितियों और भारत की घरेलू आर्थिक वृद्धि की मजबूती पर निर्भर करेगा।

अप्रैल के हाई पर पहुंचने के लिए Nifty को तोड़नी होगी 24500-24550 की दीवार, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं मोटी कमाई

बॉन्ड मार्केट में कितना निवेश

भारत के डेट या बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेशकों की रुचि बनी हुई है। जुलाई में अब तक FPI ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत डेट सिक्योरिटीज में 6,625 करोड़ रुपये और जनरल रूट से 3,228 करोड़ रुपये का निवेश किया।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Cochin Shipyard Share Price: बीते 6 महीनों में 10% गिरावट के बाद कोचिन शिपयार्ड के शेयरों में निवेश का बड़ा मौका

Cochin Shipyard Share Price: किसी सरकारी कंपनी का शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के ऐलान के बाद गिरने लगता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स को लगता है कि कंपनी डिस्काउंट पर अपने शेयर बेचेगी। कंपनी के कई मौजूदा इनवेस्टर्स ओएफएस से पहले अपने शेयर बेचते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि शेयर की कीमत गिरकर डिस्काउंटेड ऑफर प्राइस के करीब पहुंच जाएगी। कोचिन शिपयार्ड के ओएफएस के वक्त भी ऐसा देखने को मिला।

OFS के ऐलान के बाद शेयरों में गिरावट 

सरकार ने कोचिन शिपयार्ड में ओएफएस के जरिए अपनी 5.04 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। उसने प्रति शेयर 1400 रुपये का प्राइस तय किया था। इसके बाद शेयर की कीमत इस साल मई के मध्य में 1800 रुपये से करीब 7 फीसदी गिर गई। हालांकि, इस गिरावट से शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है। लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावना है। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग है। एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट है। शिप रिपेयर क्षमता भी बढ़ रही है।

26000 करोड़ रुपये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक

कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 26,000 करोड़ रुपये की है। यह FY26 में रेवेन्यू की छह गुनी है। इससे अगले कुछ सालों तक कंपनी के रेवेन्यू की तस्वीर साफ है। आगे डिफेंस और कमर्शियल शिप बिल्डिंग के करीब 10,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं। कंपनी इनके लिए बोली लगाएगी। मैनेजमेंट को मीडियम टर्म में ऑर्डर बुक 12-15 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसकी वजह नवल शिपबिल्डिंग, कमर्शियल शिप और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते मौके हैं।

45 फीसदी का दमदार मार्केट शेयर 

भारत में शिप-रिपेयर इंडस्ट्री में कोचिन शिपयार्ड ने अपनी अच्छी पैठ बना ली है। इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी तक पहुंच गई है। यह अकेली भारतीय शिपयार्ड कंपनी है, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर की रिपेयरिंग क्षमता भी है। पिछली 2-3 तिमाहियों में इस सेगमेंट में प्रदर्शन कमजोर रहा है। लेकिन, मैनेजमेंट को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी ने अगले तीन सालों में शिप रिपेयर से करीब 2,500 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट रखा है। वाडिनार शिफ रिपेयर फैसिलिटी के तैयार हो जाने पर कंपनी की रिपेयिरंग क्षमता बढ़ जाएगी।

15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस

मैनेजमेंट ने रेवेन्यू ग्रोथ के लिए करीब 15 फीसदी गाइडेंस दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही से एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। ग्रोथ बढ़ाने के लिए कंपनी ने अगले तीन सालों में 2,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। यह कंपनी के 6,500 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट प्लान का हिस्सा है। कंपनी नॉन-डिफेंस ग्रोथ के रास्ते भी तलाश रही है।

यह भी पढ़ें: विदेशी निवेशकों के खरीदारी शुरू करने से बाजार में लौटी रौनक, जुलाई में 1968 करोड़ रुपये की खरीदारी की

शेयरों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर 

कंपनी के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के करीब 32 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह इसके एक साल के औसत करीब 65 गुना के फॉरवर्ड पी/ई से काफी कम है। कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन में कमी आई है, जबकि फंडामेंटल्स बेहतर हुए हैं। अभी शेयरों में निवेश का अच्छा मौका है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, बढ़ता शिप रिपेयरिंग बिजनेस और बेहतर होती अर्निंग्स की तस्वीर शेयर को अट्रैक्टिव बनाती है।

Zerodha के नितिन कामत ने Groww पर कसा तंज, फिर सोशल मीडिया पर शुरू हो गई डायरेक्ट वर्सेज रेगुलर फंड पर बहस

इनवेस्टर्स के निवेश के तरीके को लेकर अगर देश के दो सबसे बड़े इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म्स के बीच बहस छिड़ जाए तो क्या होगा? हाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऐसा ही हुआ। डायरेक्ट और रेगुलेटर फंड्स से जुड़ी यह बहस काफी दिलचस्प हो गई। इसमें इनवेस्टर्स ने भी अपनी-अपनी राय व्यक्त की। आइए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है।

नितिन कामत ने एक्स पर 9 जुलाई को पोस्ट शेयर किया

Zerodha के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डायरेक्ट म्यूचुअल फंड के बारे में अपनी राय बताई। उन्होंने अपने ग्राहकों को फ्री-ऑफ कॉस्ट डायरेक्ट फंड ऑफर करने की पॉलिसी के बारे में बताया। उनके इस पोस्ट ने कई इनवेस्टर्स का ध्यान खींचा। कई इनवेस्टर्स और यूजर्स ने इसे Groww की हाल में लॉन्च प्राइम सर्विस पर तंज के रूप में लिया।

ग्रो के जवाब देते ही सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई

Groww ने बाद में इसका जवाब दिया। उसने साफ किया कि उसकी नई सर्विस के बारे में गलतफहमी है। हालांकि, इससे डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स के फायदे और नुकसान को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई। पहले यह जान लेना जरूरी है कि डायरेक्ट फंड और रेगुलर फंड में क्या फर्क है। म्यूचुअल फंड की स्कीम में इनवेस्टर्स दो तरह से निवेश कर सकते हैं-डायरेक्ट और रेगुलर। डायरेक्ट फंड में आप सीधे फंड हाउस के जरिए उसकी स्कीम में निवेश करते हैं। इसमें कोई ब्रोकर या डिस्ट्रिब्यूटर शामिल नहीं होता है।

डायरेक्ट और रेगुलर फंड्स के बीच के फर्क को समझें

म्यूचुअल फंड की किसी स्कीम में अगर आप डिस्ट्रिब्यूटर या ब्रोकर के जरिए निवेश करते हैं तो उसे रेगुलर फंड कहा जाता है। चूंकि रेगुलर फंड में निवेश डिस्ट्रिब्यूटर या ब्रोकर के जरिए होता है, जिससे इसमें उसका कमीशन शामिल होता है। आपके निवेश का कुछ हिस्सा उसके कमीशन पर खर्च होता है। डायरेक्ट फंड में आप सीधे फंड हाउस की स्कीम में निवेश करते हैं, जिससे इसमें किसी तरह का कमीशन नहीं होता है। आपके निवेश का पूरा पैसा फंड हाउस के पास जाता है, जिसे वह निवेश करता है।

कामत ने कस्टमर्स को किफायती सर्विस देने की पॉलिसी पर दिया जोर

कामत ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि जीरोधा का फोकस शुरू से ही निवेश को आसान और किफायती रखने पर रहा है। उन्होंने बताया कि 2010 में जब हमने डिस्काउंट ब्रोकरेज मॉडल शुरू किया था तब हमने छोटे-बड़े सभी ट्रेड के लिए एक समान फीस रखने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि जीरोधा अपने इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Coin के जरिए म्यूचुअल फंड के मामले में भी यही पॉलिसी अपनाती है।

जीरोधा के कामत ने लो-कॉस्ट सर्विसेज पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि अगर कोई प्लेटफॉर्म निवेश के अमाउंट पर कोई फीस चार्ज करता है तो उसे खुद की सर्विस को लो-कॉस्ट या डिस्काउंट सर्विसेज नहीं बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहरहाल CoinByZerodha इंडिया में डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। इसका डायरेक्ट म्यूचुअल फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट 1.6 लाख करोड़ रुपये है। हमारे सभी कस्टमर्स ने कमीशन के रूप में हजारों करोड़ रुपये की सेविंग्स की है।

कामत ने डायरेक्ट फंड के फायदों के बारे में बताया

कामत ने यह भी कहा कि कई प्लेटफॉर्म्स ने तो शुरुआत डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स के साथ की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी पॉलिसी बदल दी। उन्होंने यह भी कहा कि जीरोधा ऐसा नहीं करेगी। हम कस्टमर्स को डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स फ्री ऑफर करते रहेंगे। उन्होंने डायरेक्ट फंड के फायदों के बारे में भी बताया। उन्होंने इसे एक उदाहरण के जरिए समझाने की कोशिश की।

डायरेक्ट और रेगुलर फंड के रिटर्न में आता है फर्क

उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में कॉस्ट काफी मायने रखता है। उन्होंने डीएसपी लार्जकैप फंड में मंथली 5000 रुपये के सिप का उदाहरण दिया। इस स्कीम में एक समान अवधि में डायरेक्ट प्लान और रेगुलर प्लान में एक समान अमाउंट निवेश करने पर रिटर्न अलग-अलग आता है। डायरेक्ट प्लान में पैसा बढ़कर करीब 19.5 लाख रुपये हो जाता है, जबकि रेगुलर प्लान में यह 18.3 लाख रुपये रहता है। इस फर्क की वजह कमीशन है।

ग्रो ने कहा कि डायरेक्ट फंड में निवेश की फ्री सर्विस जारी रहेगी

ग्रो ने उनके इस पोस्ट पर अपनी सफाई पेश की। उसने कहा कि म्यूचुअल फंड्स में निवेश को लेकर उसकी पॉलिसी नहीं बदली है। कंपनी ने कहा कि डायरेक्ट फंड अभी ग्रो के लिए सबसे अहम है और आगे भी रहेगा। 1 करोड़ से ज्यादा इनवेस्टर्स ने हमारे प्लेटफॉर्म के जरिए 1.9 लाख करोड़ रुपये का निवेश म्यूचुअल फंड्स में किए हैं। इससे ग्रो देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म है। उसने साफ किया कि उसका MF Prime एक ऑप्शनल सर्विस है। इसे उन निवेशकों के लिए शुरू किया गया है जो अपने निवेश के प्रबंधन में अतिरिक्त सहायता चाहते हैं। इसका मतलब है कि उसकी बेसिक सर्विस फ्री बनी रहेगी।

यह भी पढ़ें: विदेशी निवेशकों के खरीदारी शुरू करने से बाजार में लौटी रौनक, जुलाई में 1968 करोड़ रुपये की खरीदारी की

विदेशी निवेशकों के खरीदारी शुरू करने से बाजार में लौटी रौनक, जुलाई में 1968 करोड़ रुपये की खरीदारी की

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रुख भारतीय शेयर बाजारों को लेकर बदला है। उन्होंने 10 जुलाई को भी भारतीय बाजार में अच्छी खरीदारी की। उन्होंने 2,603.72 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवशकों (डीआईआई) ने भी 2,019.68 करोड़ रुपये की खरीदारी की। यह जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों के प्रोविजनल डेटा पर आधारित है। एफआईआई और डीआईआई की खरीदारी से 10 जुलाई को भारतीय बाजार में अच्छी रौनक दिखी।

10 जुलाई को ज्यादातर सूचकांकों में रही तेजी

बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स सहित सभी दूसरे सूचकांक 10 जुलाई को हरे निशान में बंद हुए। Nifty 1.02 फीसदी यानी 244.10 अंक चढ़कर 24,206 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.08 फीसदी यानी 827 अंक के उछाल के साथ 77,569 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.39 फीसदी की तेजी आई। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स को छोड़ बाकी सभी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। 9 जुलाई को भी बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए थे। 8 जुलाई को बाजार में बड़ी गिरावट आई थी, जिसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटना था।

10 जुलाई को FIIs ने की 2019 करोड़ रुपये की खरीदारी

FII ने 10 जुलाई को 15,318.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 12.714.35 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस तरह भारतीय बाजार में उनकी शुद्ध खरीदारी 2,603.73 करोड़ रुपये की रही। DII ने 17,171.75 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि 15,152.07 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस तरह उनकी शुद्ध खरीदारी 2,019 करोड़ रुपये की रही। डीआआई ने लगातार खरीदारी कर घरेलू शेयर बाजार को सहारा दिया है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रही तो चढ़ेगा बाजार

विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख में बदलाव दिख रहा है। जुलाई में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से खरीदारी की है। उन्होंने इस महीने 1,968.81 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इस दौरान DII ने 9,245.91 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों का लौटना भारतीय शेयर बाजारों के लिए शुभ संकेत है। अगर आगे वे खरीदारी जारी रखते हैं तो बाजार में तेज रिकवरी आ सकती है।

यह भी पढ़ें: Nifty Midcap 100 इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर, इंडियन बैंक सहित इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी 

निवेशकों की नजरें जून तिमाही के नतीजों पर

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि इनवेस्टर्स का फोकस अब जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों पर है। आगे इन नतीजों से बाजार की दिशा तय होगी। डॉलर के मुकाबले रुपये में स्थिरता है। अगर क्रूड की कीमतें भी स्टेबल रहती हैं तो बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव रह सकता है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच डील को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यह बाजार के लिए बड़ा रिस्क है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 10 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में मजबूत शुरुआत होने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 24,099.50 के आसपास बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था। यह बाजार के लिए एक अच्छा संकेत है। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

पिछले सेशन में बड़ी गिरावट के बाद,9 जुलाई को बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखी गई। ऑटो और IT शेयरों को छोड़कर,सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार में यह तेजी आई। कल बाजार मजबूती के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान बढ़त बनाए रखी। निफ्टी 50 इंट्राडे में 24,134.70 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि,सेशन के दूसरे हिस्से में प्रॉफिट बुकिंग की वजह से दिन भर की अधिकांश बढ़त कम हो गई,फिर भी बेंचमार्क इंडेक्स पॉजिटिव जोन में ही बंद हुए।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 238.22 अंक या 0.31 प्रतिशत बढ़कर 76,741.82 पर और निफ्टी 80.75 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 23,962.80 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 147 अंक यानी 0.61 फीसदी की बढ़त के साथ 24,135 के आसपास कारोबार कर रहा था। ये सेंसेक्स-निफ्टी के लिए अच्छा संकेत है।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में चौतरफा तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.45 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। हैंग सेंग में 1.54 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी तो करीब 4.5 फीसदी भाग गया है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.59 फीसदी की बढ़त नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को नैस्डैक में जबरदस्त तेजी रही। S&P 500 में 0.81% की बढ़त हुई और यह 7,543.66 पॉइंट्स पर बंद हुआ। नैस्डैक 1.30% बढ़कर 26,206.89 पॉइंट्स पर पहुंचा,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.27% बढ़कर 52,487.41 पॉइंट्स पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

कल की थोड़ी गिरावट के बाद,एशियाई कारोबार में US डॉलर इंडेक्स 101 के स्तर के आस-पास बना हुआ है। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 100.83 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.55% और 4.16% पर दिख रहे हैं।

Market cues : शॉर्ट टर्म में मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद, 24200–24300 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में तेजी मुमकिन

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है और इसमें 0.284% की बढ़त हुई है। चीनी रेनमिनबी भी 0.199% मजबूत हुई है। इसके बाद मलेशियन रिंगित (0.187%),फिलीपीन पेसो (0.12%),थाई बहत (0.105%) और सिंगापुर डॉलर (0.085%) का नंबर है। दूसरी ओर इंडोनेशियाई रुपिया में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। यह 0.629% गिर गया है। जबकि ताइवान डॉलर में 0.45% की गिरावट आई है। दक्षिण कोरियाई वॉन में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है और यह 0.082% नीचे आया है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों(FIIs)ने लगातार चार दिनों से जारी खरीदारी का सिलसिला तोड़ दिया और वे नेट सेलर बन गए। उन्होंने 9 जुलाई को 532 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दूसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर खरीदे।

अनुमान पर खरे TCS के नतीजे

TCS नतीजों के साथ रिजल्ट सीजन का आगाज हो गया है। TCS के Q1 नतीजे उम्मीद पर खरे उतरे हैं। तिमाही आधार पर कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू 0.4% बढ़ी है, हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है। ऑर्डर बुक 9.5 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर रही है। AI से होने वाली कंपनी की कमाई करीब 14% बढ़कर 2.5 अरब डॉलर के पार रही है।

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स की बड़ी डील

PREMIER EXPLOSIVES में अपोलो माइक्रो सिस्टम्स 1550 करोड़ रुपए में करीब 41% हिस्सेदारी खरीदेगी। 26% हिस्से के लिए 698 रुपए प्रति शेयर के भाव पर ओपन ऑफर का भी एलान किया गया है। PREMIER EXPLOSIVES का कंट्रोल अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के हाथों में होगा।

डिक्सन और Vivo की JV को सरकार से मंजूरी

डिक्सन टेक स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने के लिए Vivo मोबाइल इंडिया के साथ JV करेगी। इसके लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस JV में डिक्सन की 51% और Vivo मोबाइल इंडिया की 49% हिस्सेदारी होगी।

Semaglutide पर DRL मैनेजमेंट की सफाई

डाइबिटीज और वजन कम करने की दवा Semaglutide की क्वालिटी इश्यू पर DRL मैनेजमेंट की सफाई में कहा गया है कि API की वजह से कुछ बैचेज में दिक्कत हुई। ओरल टैबलेट्स पर असर नहीं पड़ा है। अक्टूबर अंत या नवंबर की शुरुआत तक Semaglutide की सेल्स दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। इस दवा की सेल्स घटने से कनाडा के कारोबार पर असर संभव है।

आज आएंगे इंडियन बैंक,LTF के नतीजे

आज वायदा में शामिल इंडियन बैंक और L&T फाइनेंस के Q1 नतीजे आएंगे। LTF की ब्याज से होने वाली 24% बढ़ सकती है। हालांकि मार्जिन पर हल्का दबाव संभव है। वहीं इंडियन बैंक के प्रॉफिट में 10% तो NII में 16% का उछाल मुमकिन है।

 

₹5 लाख करोड़ की बारिश, Sensex में लौटी तेजी, Nifty उछलकर 24135 पर बंद

Sensex-Nifty closes green: एक कारोबारी दिन पहले ढहते मार्केट में जब सेंसेक्स और निफ्टी 2% से अधिक टूटे थे तो विदेशी निवेशकों ने लगातार चौथे कारोबारी दिन ताबड़तोड़ खरीदारी की थी। आज इसका मार्केट पर पॉजिटिव असर दिखा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 800 प्वाइंट्स से अधिक उछल गया तो निफ्टी भी 24100 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी आज मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 में 1% से अधिक तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में डेढ़ फीसदी से अधिक की तेजी आई।

इस माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹5 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹5 लाख करोड़ से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 238.22 प्वाइंट्स यानी 0.31% की बढ़त के साथ 76,741.82 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 80.75 प्वाइंट्स यानी 0.34% की मजबूती के साथ 23,962.80 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 823.05 प्वाइंट्स उछलकर 77,326.65 और निफ्टी 252.65 प्वाइंट्स चढ़कर 24,134.70 तक आ गया था।

₹5.67 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 08 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,70,67,521.74 करोड़ था। आज यानी 09 जुलाई 2026 को यह घटकर ₹4,76,34,922.98 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹5,67,401.242 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 20 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 20 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज सन फार्मा, बजाज फिनसर्व और भारती एयरटेल में आई। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज मारुति, इंफोसिस और एनटीपीसी में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

sensex b1

111 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4416 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2915 शेयर आज मजबूत हुए तो 1323 में गिरावट रही जबकि 178 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 111 शेयर एक साल के हाई और 79 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

(यह स्टोरी अभी अपडेट हो रही है)

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

आज इन वजहों से मार्केट में छाई रौनक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।