Civic Sense Hero: देशभक्ति का नया TREND | The Better India Hindi

Civic Sense Hero: देशभक्ति का नया TREND | The Better India Hindi

देशभक्ति सिर्फ तिरंगा लहराने या नारे लगाने तक सीमित नहीं है।
देश के लिए सही काम करना भी देशभक्ति है। जो सड़क पर कचरा नहीं फैलाता, जो पानी बचाता है, पेड़ लगाता है, जो Traffic Rules और Public Rules का पालन करता है—
वही है असली Civic Sense Hero!
इसी सोच को एक movement बनाने के लिए The Better India ला रहा है #CivicSenseHero Campaign, 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक।
अपने आसपास के उस Hero को पहचानिए, जो India को हर दिन थोड़ा और Better बना रहा है।
उसे Nominate कीजिए, उसकी कहानी दुनिया तक पहुँचाइए और Civic Sense को नया TREND बनाइए!
Nomination के लिए ये फॉर्म भरें-
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLScoBw41mDqbS63Bv7hr7XubQwdz6LA2fS0lcqffx3xqF5bXJQ/viewform

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Iran-US War Update: ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ी डील, अब पूरी तरह खुलने के लिए अमेरिका की क्या होगी भूमिका?

Iran-US War News Update: ईरान और ओमान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल रूट में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक अहम समझौता किया है। इस डील के तहत होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले जहाजों के लिए निर्धारित एंट्री-एग्जिट रूट तय किए गए हैं। इसे लंबे समय से चले आ रहे समुद्री तनाव और अव्यवस्था के बीच एक बड़ी कूटनीतिक प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अभी इस समझौते पर तकनीकी स्तर की बातचीत जारी है। दोनों देशों की ओर से जॉइंट आधिकारिक बयान आना बाकी है। इसके बावजूद, ईरान और ओमान ने सुरक्षित वाणिज्यिक आवाजाही के लिए अलग-अलग समुद्री कॉरिडोर तैयार करने पर सहमति बना ली है।

क्या है समझौते का पूरा प्लान?

समझौते के मुताबिक, ईरान आने वाले यानी इनबाउंड कमर्शियल जहाजों की निगरानी करेगा। जबकि ओमान बाहर जाने वाले जहाजों यानी आउटबाउंड ट्रैफिक को संभालेगा। इसके लिए अलग-अलग निर्धारित शिपिंग लेन बनाई गई हैं। इनका उद्देश्य जहाजों के बीच टक्कर, सुरक्षा संबंधी घटनाओं और समुद्री तनाव को कम करना है। यह व्यवस्था दोनों देशों के बीच स्वतंत्र बातचीत के बाद तैयार हुई है।

इसका मकसद समुद्री ट्रैफिक को व्यवस्थित करना है। लेकिन साथ ही ईरान और ओमान की क्षेत्रीय संप्रभुता से समझौता न करना भी है। फिलहाल दोनों देशों की तकनीकी टीमें ऑपरेशनल प्रोटोकॉल, संचार व्यवस्था और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े नियमों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद संयुक्त औपचारिक घोषणा किए जाने की उम्मीद है।

सिर्फ रास्ते तय होने से नहीं खुलेगा होर्मुज

यह समझौता महत्वपूर्ण है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि पूर्ण रूप से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही बहाल करने का फैसला व्यापक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

तेहरान की प्रमुख मांगों में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जैसी कार्रवाइयों का अंत, सैन्य धमकियों को रोकना और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत शामिल है। जब तक इन बाहरी परिस्थितियों पर सहमति नहीं बनती, तब तक नए निर्धारित समुद्री कॉरिडोर कड़ी निगरानी के तहत संचालित किए जाएंगे।

दुनिया के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है होर्मुज?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम एनर्जी चोकपॉइंट्स में से एक है। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत पेट्रोलियम आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में एलएनजी यानी तरलीकृत प्राकृतिक गैस भी इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है।

यही वजह है कि इस जलडमरूमध्य में तनाव या जहाजों की आवाजाही में किसी भी तरह की बड़ी रुकावट का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। पिछले महीनों में बढ़े तनाव और समुद्री ट्रैफिक में आई बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी। कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा और जहाजों के लिए युद्ध जोखिम बीमा (War-Risk Insurance) की लागत भी काफी बढ़ गई।

क्या वैश्विक तेल बाजार को मिलेगी राहत?

ईरान और ओमान के बीच हुआ यह समझौता वैश्विक बाजारों के लिए अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि होर्मुज संकट का कूटनीतिक समाधान संभव है। हालांकि, अभी इसे पूरी तरह संकट का अंत नहीं माना जा सकता। समुद्री मार्ग की पूर्ण और सामान्य आवाजाही इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान, अमेरिका और अन्य संबंधित पक्षों के बीच व्यापक भू-राजनीतिक मुद्दों पर किस तरह की सहमति बनती है। इसलिए फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उम्मीद जरूर जगी है। लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति लौटने में अभी कई अड़चनें बाकी हैं।

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Ferrari CZ26 image gallery

Ferrari CZ26 image gallery
Ferrari CZ26

Ferrari has revealed the CZ26, a one-off supercar created through its Special Projects programme for a US client. Based on the SF90 Stradale, the CZ26 gets an entirely bespoke exterior and interior inspired by 1970s Italian industrial design, along with extensive aerodynamic revisions. While the styling is unique, the powertrain remains unchanged, with the SF90’s 1,000hp plug-in hybrid V8 setup carried over. Here are the best images of Ferrari’s latest one-off creation ahead of its public debut at Monterey Car Week.

Ferrari unveils one-off CZ26 based on SF90 Stradale

Ferrari unveils one-off CZ26 based on SF90 Stradale
Ferrari CZ26

Ferrari has unveiled the CZ26, a one-off supercar created through its Special Projects programme for a US client. Based on the SF90 Stradale, it gets bespoke exterior and interior design, revised aerodynamics and unique detailing while retaining the plug-in hybrid powertrain comprising a twin-turbo V8 and three electric motors.

  1. One-off Special Projects model based on the SF90 Stradale
  2. Bespoke bodywork inspired by 1970s Italian industrial design
  3. Retains SF90’s plug-in hybrid powertrain

The CZ26 was designed by the Ferrari Design Studio under Flavio Manzoni as part of Ferrari’s Special Projects programme, where one-off projects typically take around two years to complete.

Ferrari CZ26: exterior design

Based on the SF90 Stradale, the CZ26 gets completely bespoke bodywork with a clean two-box silhouette, pronounced wheel arches and a truncated rear. Ferrari says the project was developed to give the car an immediately recognisable identity while retaining the SF90’s underlying architecture.

Up front, the CZ26 gets a full-width functional grille housing ultra-slim concealed lighting, brake cooling intakes and sensors. At the rear are cantilevered tail-lamps, a redesigned diffuser and titanium exhaust tips. The body is finished in an exclusive Argento Veloce silver paint with Rosso Lampante accents and exposed carbon-fibre elements. Ferrari says the styling draws inspiration from Italian industrial design of the 1970s, reinterpreted through a contemporary design language.

Ferrari has also reworked the aerodynamics. The cooling system, airflow management, underbody and vortex generators have all been redesigned, while an air-curtain system, a larger rear spoiler, a new diffuser and revised engine cover improve downforce, aerodynamic efficiency and engine cooling.

Ferrari CZ26: interior

The cabin receives a bespoke design to match the exterior theme. It features bespoke black technical fabric upholstery, additively manufactured seat inserts developed specifically for the CZ26, satin-finish carbon fibre trim and gloss carbon-fibre elements with metallic filaments. Rosso Lampante accents and body-coloured dashboard and door trim mirror the exterior finish, while an embroidered CZ26 logo highlights its one-off status.

Ferrari CZ26: powertrain and performance

Mechanically, the CZ26 remains unchanged from the SF90 Stradale. It is powered by a 4.0-litre twin-turbocharged V8 engine producing 797hp and 804Nm, paired with three electric motors that contribute a further 220hp. Combined system output stands at 1,000hp. The plug-in hybrid system uses a 7.9kWh battery offering an electric-only range of 25km and is paired with an 8-speed dual-clutch transmission. Ferrari claims a 0-100kph time of 2.5 seconds and a top speed of 328kph.

The CZ26 will make its public debut at Monterey Car Week in California. It joins Ferrari’s growing list of Special Projects one-offs, a programme that uses existing Ferrari models as the basis for bespoke customer commissions. Previous projects include the SP48 Unica, SP51, SP-8, KC23 and HC25. Ferrari has not disclosed the price of the CZ26.

स्वच्छता वाले भैया, बाइक में घूमकर करते हैं गांव साफ | Cleanliness | Swachh Bharat | Changemaker

स्वच्छता वाले भैया, बाइक में घूमकर करते हैं गांव साफ | Cleanliness | Swachh Bharat | Changemaker

विदेश से कुछ समय रहकर या घूमकर आने के बाद, हममें से ज्यादातर लोग अपने देश में साफ-सफाई की शिकायत जरूर करते हैं। लेकिन देखिए, राजस्थान के विष्णु भारतेश क्या कर रहे हैं?

वे सफाई का जिम्मा खुद उठा रहे हैं।
इस Independence Day, आइए देशभक्ति का एक अलग रूप celebrate करें।

द बेटर इंडिया लेकर आया है #CivicSenseHero—एक ऐसी पहल, जिसके जरिए हम उन आम भारतीयों को सम्मान देंगे, जो सिर्फ़ अपने देश से प्यार नहीं करते, बल्कि अपने कामों से उसकी बेहतर तस्वीर बनाते हैं।

क्या आपके आसपास भी कोई ऐसा व्यक्ति है, जो अपनी Community के लिए कुछ अच्छा कर रहा है और बदलाव ला रहा है?

तो अपने #CivicSenseHero को Nominate करें और उनकी कहानी हम तक पहुंचाएं।.
@vishnubhartesh

Civic Sense Hero, Vishnu Bhartesh, Vishnu Bharatesh, Swachhta Wale Bhaiya, Rajasthan

स्वच्छता वाले भैया, बाइक में घूमकर करते हैं गांव साफ | Cleanliness | Swachh Bharat | Changemaker | Civic Sense.

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Gold Price Today on I-Day: स्वतंत्रता दिवस पर सोना हुआ सस्ता, 24 और 22 कैरेट दोनों का लुढ़का भाव

आज, शनिवार को पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त के दिन देश में सोने की कीमत में गिरावट दिख रही है। राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 153030 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। अन्य शहरों में भी ​सोने का भाव टूटा है। सोने में हाल के दिनों में दिखी तेजी के बाद मुनाफावसूली हुई, जिससे कीमतें ​नीचे आई हैं।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने में हल्की तेजी है। हाजिर सोना 4,379.95 डॉलर प्रति औंस हो गया है। डॉलर में आई कमजोरी से सोने की वैश्विक कीमतों को बल मिला है। इस हफ्ते आए अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहे, जिससे संकेत मिला कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अगले महीने होने वाली मीटिंग में बेंचमार्क ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।

अमेरिका में लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, जुलाई महीने में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि जून में गिरावट आई थी। वहीं जुलाई तक के 12 महीनों में अमेरिका में खुदरा महंगाई 3.4 प्रतिशत बढ़ी। यह अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक रही। US प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में जून के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ। जुलाई तक के 12 महीनों में यानि​ कि सालाना आधार पर प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में 4.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 153030 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 140140 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 152880 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 153160 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 140390 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 152880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 140140 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली140290153030
मुंबई140140152880
अहमदाबाद140190152930
चेन्नई140390153160
कोलकाता140140152880
हैदराबाद140140152880
जयपुर140290153030
भोपाल140190152930
लखनऊ140290153030
चंडीगढ़140290153030

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट है। 15 अगस्त की सुबह कीमत गिरकर 254900 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.88 डॉलर प्रति औंस है।

12th और Graduation में फेल, फिर बने Civil Servant | Dancer to Civil Servant | Brijesh Parmar

12th और Graduation में फेल, फिर बने Civil Servant | Dancer to Civil Servant | Brijesh Parmar

कभी Physics में सिर्फ 3 नंबर पाने वाले
सिरोही, राजस्थान के Brijesh Parmar ने 12वीं और फिर BA First Year में भी असफलता देखी।
पढ़ाई छोड़कर Dance की दुनिया में गए, दिल्ली में ट्रेनिंग ली और मुंबई में बड़े Choreographers के साथ काम किया।
लेकिन Lockdown में जब घर लौटे, तो लोगों के तानों ने उन्हें अंदर तक चोट पहुंचाई।
उसी अपमान को उन्होंने अपनी ताकत बनाया।
2020 से दोबारा पढ़ाई शुरू की और लगातार मेहनत करते रहे।
नतीजा?
RAS 2023 और RAS 2024 में सफलता।
आज उनका सफर उन हजारों Aspirants के लिए उम्मीद है, जिन्हें कभी खुद पर भरोसा नहीं होता।
क्या एक असफलता किसी इंसान का भविष्य तय कर सकती है?

@brijeshparmar__ras

brijeshparmar__ras

12th और Graduation में फेल, फिर बने Civil Servant | Dancer to Civil Servant | Brijesh Parmar | Rajasthan

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38 साल की उम्र में पुणे के इस कपल ने बनाया अपना रिटायरमेंट प्लान, इस एक चीज ने डिसाइड किया इनका FIRE फॉर्म्युला

पुणे के रहने वाले 38 साल के एक कपल ने कुल मिलाकर लगभग 11.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली है। वे अगले दो-तीन साल और काम करने के बाद जल्दी रिटायर होने के बारे में सोच रहे हैं, क्योंकि काम का बढ़ता दबाव और सेहत की चिंताएं उन्हें अपनी फाइनेंशियल प्राथमिकताओं पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर रही हैं।

इस कपल की कोई संतान नहीं है और वे अभी अपनी जीवनशैली पर सालाना लगभग 22 लाख रुपये खर्च करते हैं। उनकी संपत्ति रियल एस्टेट, भारतीय इक्विटी और म्यूचुअल फंड, अमेरिकी स्टॉक, कैश और रिटायरमेंट सेविंग्स में बंटी हुई है। उनकी मौजूदा संपत्ति के बंटवारे में रियल एस्टेट में लगभग 3.2 करोड़ रुपये, भारतीय स्टॉक और म्यूचुअल फंड में 1.8 करोड़ रुपये, अमेरिकी स्टॉक में 5 करोड़ रुपये और कैश व रिटायरमेंट सेविंग्स में 1.5 करोड़ रुपये शामिल हैं।

कपल रिटायरमेंट का फैसला लेने से पहले अगले दो-तीन साल तक काम जारी रखने की योजना बना रहा है। 30 के दशक के आखिर में होने वाले कई अन्य जोड़ों के विपरीत, उन्हें बच्चों की उच्च शिक्षा, शादी या परिवार पालने से जुड़े अन्य बड़े खर्चों के लिए रिटायरमेंट फंड नहीं बनाना है।

हालांकि, उनकी फाइनेंशियल जिम्मेदारियां खत्म नहीं हुई हैं। उनके माता-पिता रिटायर हो चुके हैं और उन पर निर्भर हैं, जिसका मतलब है कि कपल इतनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी बनाए रखना चाहता है कि अगर वे जल्दी काम करना छोड़ भी दें, तो भी वे अपने माता-पिता की आराम से मदद कर सकें।

X पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ी चिंता उनकी अपनी सेहत है। उनकी नौकरियों में लंबे समय तक काम करना, लगातार दबाव और काम से बहुत कम छुट्टी मिलना शामिल हो गया है। इस कपल को अपनी जीवनशैली के कारण सेहत पर असर भी दिखने लगा है, जिससे वे यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि क्या इतनी तेज़ी से और ज़्यादा पैसा कमाते रहना सही है।

अब चर्चा इस बात पर हो रही है कि “हम और कितना कमा सकते हैं?” के बजाय “कितना पैसा काफ़ी है?” पत्नी की बात को पोस्ट में इस तरह बताया गया- “हमने अपनी जवानी का समय पैसा बनाने में बिताया। शायद अब समय आ गया है कि हम इसमें से कुछ पैसा अपनी ज़िंदगी पर खर्च करें।”

यह जानकारी X पर अमित अरोड़ा नाम के यूज़र ने शेयर की। उन्होंने कपल की आर्थिक स्थिति को तो शानदार बताया, लेकिन सवाल उठाया कि क्या उनका असली मकसद ज़्यादा नेट वर्थ (कुल संपत्ति) बनाना होना चाहिए या ज़्यादा आज़ादी पाना।

“38 साल की उम्र में ऐसी स्थिति में होना शानदार है। दिलचस्प बात यह है कि वे आज़ादी चाहते हैं या ज़्यादा पैसा। ऐसी क्या चीज़ है जो उन्हें रिटायरमेंट में देरी करने पर मजबूर कर सकती है?” इस पोस्ट ने एक बहस छेड़ दी है कि क्या 11.5 करोड़ रुपये का फंड इस कपल के लिए 30 के दशक के आखिर में काम बंद करने के लिए काफ़ी है, खासकर उनके सालाना खर्च, माता-पिता की मदद करने की संभावना और निवेश के कई दशकों तक चलने की ज़रूरत को देखते हुए।

एक कमेंट करने वाले ने कपल की लोकेशन के हिसाब से उनके जमा किए गए पैसे (कॉर्पस) के साइज़ पर सवाल उठाया और उनकी इनकम के बारे में पूछा- “38 साल की उम्र में 11.5 करोड़ की नेट वर्थ बहुत बड़ी बात है… वो भी पुणे में… वहां की सैलरी देखकर सुखद आश्चर्य हुआ… क्या उनकी सालाना इनकम पता चल सकती है ताकि मैं यह देख सकूं कि मेरा बेंचमार्क कितना खराब रहा है?”

दूसरों ने कपल के बच्चे न करने के फ़ैसले और आगे चलकर उनकी ज़िंदगी कैसी होगी, इस पर ध्यान दिया। एक कमेंट में लिखा था- “जब वे बूढ़े हो जाएंगे, तो उनसे बात करने के लिए कुत्ते होंगे।” एक और कमेंट करने वाले ने सवाल उठाया कि क्या कपल की मौजूदा फाइनेंशियल स्थिति उन्हें बिना नौकरी के अगले चार दशकों तक सहारा देने के लिए काफ़ी होगी और उनकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पर चिंता जताई।

“मौजूदा आंकड़े बिना काम किए अगले 40 साल गुज़ारने के लिए ठीक नहीं हैं और एसेट एलोकेशन वेटेज और एस्टेट प्लानिंग पर फिर से काम करने की ज़रूरत है।” एक ज़्यादा आलोचनात्मक प्रतिक्रिया में सवाल उठाया गया कि क्या कपल को बाद में बच्चे न होने का पछतावा हो सकता है और तर्क दिया गया कि उन्हें जल्दी रिटायर होने के बजाय काम करते रहना चाहिए। “रिटायर होने के बाद वे क्या करेंगे? बच्चे न होने का पछतावा? जितना कम समय इसके लिए होगा, उतना ही अच्छा है। इसलिए उन्हें कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए ताकि वे अपने उस भयानक फ़ैसले के बारे में न सोचें।” यह बहस FIRE (फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, रिटायर अर्ली) अप्रोच से जुड़े एक बड़े सवाल को सामने लाती है, जिसमें लोग इतनी संपत्ति और इन्वेस्टमेंट इनकम जमा करने का लक्ष्य रखते हैं कि पेड एम्प्लॉयमेंट (नौकरी) ज़रूरी न रहे।

Mahindra Scorpio N pickup spied before debut today

Mahindra Scorpio N pickup spied before debut today
Mahindra Scorpio N pickup

The Mahindra Scorpio N pickup truck, set for debut today, was spied by us in Nashik, Maharashtra. It featured a double-cab body style, with almost the entire vehicle, including the alloy wheels, covered in camouflage. We don’t know the official name of the pickup truck, at least at the time of writing. Notably, Mahindra had trademarked the ‘Scorpio X’ name in 2024 and since the pickup is based on the Scorpio N SUV, the unused trademark could be used.

Mahindra Scorpio N pickup details so far

Going by a recent teaser, LED headlights, L-shaped daytime running lights (DRLs), vertically-stacked fog lamps, C-shaped tail-lights and a front camera are among the confirmed features. Speaking of the camera at the front, the carmaker may equip the truck with a 360-degree camera setup, or even the 540-degree setup (which adds an under bonnet view) as offered on the Scorpio N.

Mahindra Scorpio N pickup teaser
Mahindra Scorpio N pickup teaser (August 12).

While a double-cab body style will be available, it remains to be seen whether Mahindra offers a single-cab layout, a test mule of which was spotted testing last year. As we have exclusively reported before, the pickup will be based on the Scorpio N’s platform, but with a longer wheelbase to accommodate a larger load bed. 

Market Trend : बाजार में कंसोलिडेशन का दौर जारी रहने की उम्मीद, इन शेयरों में बन सकता है पैसा

Market Trend : 13 अगस्त को बाजार में और गिरावट आई और निफ्टी 0.16 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। बाजार का रुख मंदड़ियों के पक्ष में रहा। NSE पर 1,489 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 1,558 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। आज भी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कंसोलिडेशन का दौर जारी रहने की उम्मीद है। बाजार की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24450-24488/24510 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24530-24591 पर है। इसके लिए पहला बेस 24288-24330 पर और बड़ा बेस 24196-24265 पर है।

FIIs की कैश में बिकवाली देखने को मिली है। इंडेक्स में शॉर्ट हुए है। नेट शॉर्ट 1.68 लाख पर रहे हैं। कच्चा तेल अभी भी ऊपर है। US बाजारों से हैंडओवर साइडवेज रहा। AI रैली की संभावना फिर से बनी हुई है। यह IT के लिए निगेटिव है। 24500-24600-24700 पर कॉल राइटिंग हुई है। 24450-24510 पहली बाधा है, इसके ऊपर 24591-24600 पर अगली बाधा है।

24300-24200 पर मजबूत पुट राइटिंग हुई है। 24300-24288 पर सपोर्ट है। फिर 24265-24196 पर अगला बड़ा सपोर्ट है। शुरुआती रेंज 24450-24330 के बीच दिख रही है। बड़ी रेंज 24510-24265 के बीच है। रजिस्टेंस-1 के पास शॉर्ट से निकले/कवर करें,बेस-1 के पास खरीदारी करें। 24510-24530 के ऊपर निकलने पर रेंज बढ़ेगी।

निफ्टी बैंक पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57888-58040 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58189-58271 पर है। इसके लिए पहला बेस 57390/57441-57566 पर और बड़ा बेस 57161-57277 पर है। 57800-58000 से 57500-400 के बीच कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। अभी शॉर्ट कवरिंग और रेंज ब्रेकआउट के संकेत नहीं है। 57900-58040 से 57510-390 की रेंज पर फोकस करें। रजिस्टेंस-1 के करीब गिरावट में खरीदें/शॉर्ट से निकलें। बड़े ब्रेकआउट के लिए 58189-58271 पार करना जरूरी है। 57390 टूटने पर कमजोरी बढ़ेगी,फिर 58271-189 संभव है।

Market cues : 24360 के नीचे बने रहने पर 24300-24200 तक गिर सकता है निफ्टी, ऊपर की तरफ 24500 पर रेजिस्टेंस

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं www.rajeshsatpute.com के राजेश सातपुते। इनकी ओबेरॉय रियल्टी फ्यूचर्स में 1820 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1900 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। यूनियन बैंक फ्यूचर्स में भी इनकी 182 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 194 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।