Stock in Focus: सोलर कंपनी को ₹4001 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी Premier Energies को 4,001 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में मिले।

इन ऑर्डर के तहत कंपनी 2,308 मेगावाट (MW) के सोलर सेल और मॉड्यूल की सप्लाई करेगी। इसके अलावा, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) प्रोजेक्ट्स पर भी काम करेगी। ये ऑर्डर बिजली, मॉड्यूल और EPC कंपनियों से मिले हैं। इसमें रिटेल मार्केट से मिले ऑर्डर शामिल नहीं हैं।

सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने की क्षमता बढ़ी

Premier Energies ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाई है। कंपनी की सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता लगभग दोगुनी होकर 11.1 गीगावाट (GW) हो गई है। वहीं, सोलर सेल की क्षमता 3.6 GW से बढ़कर 10.6 GW हो गई है।

यह बढ़ोतरी आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा में नया प्लांट शुरू होने के बाद हुई है। कंपनी ने पिछले महीने यहां 7 GW की TOPCon सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट चालू की थी।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर चिरंजीव सलूजा ने कहा कि बढ़ता ऑर्डर बुक कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी को दिखाता है। उनके मुताबिक, भारतीय सोलर बाजार में ग्राहक बड़े पैमाने पर सप्लाई, भरोसेमंद कंपनियों और नई तकनीक चाहते हैं। कंपनी इन जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।

FY28 तक रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान

अगस्त में कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर विनय रुस्तगी ने कहा था कि 15,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक से कंपनी को वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) तक रेवेन्यू और मार्जिन का अनुमान लगाने में मदद मिल रही है।

कंपनी का ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के रेवेन्यू का करीब दोगुना है। इससे कंपनी को FY27 और FY28 तक कारोबार की स्थिति का अंदाजा मिल रहा है। रुस्तगी ने यूरोप में एक्सपोर्ट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को कंपनी के लिए ग्रोथ के दो नए मौके बताया।

Premier Energies का शेयर शुक्रवार को BSE पर 895 रुपये पर बंद हुआ। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 9 रुपये यानी 1.02% की बढ़त दर्ज की गई।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

2026 के केमिस्ट्री नोबेल का ऐलान आज:भारतीय मूल के शंकर बालासुब्रमण्यम का नाम चर्चा में; DNA सीक्वेंसिंग के लिए इसी साल वुल्फ केमिस्ट्री पुरस्कार मिला

2026 के केमिस्ट्री नोबेल का ऐलान आज होगा। इस बार पुरुस्कार के लिए भारतीय मूल के ब्रिटिश वैज्ञानिक शंकर बालासुब्रमण्यम का नाम भी चर्चा में है। उन्हें इसी साल डेविड क्लेनरमैन और पास्कल मेयर के साथ वुल्फ केमिस्ट्री पुरस्कार मिला है। तीनों को अगली पीढ़ी की DNA सीक्वेंसिंग को विकसित करने में अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया था। इसके अलावा प्रोटीन में इलेक्ट्रॉन ट्रांसफर, खुद बनने वाली आणविक परत, पेरोव्स्काइट सोलर सेल और ग्लाइकोप्रोटीन बनाने जैसी खोजों के वैज्ञानिकों के नाम भी चर्चा में हैं। नोबेल पुरस्कार के विजेताओं को दिसंबर में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि दी जाएगी। 2026 में नोबेल पुरस्कार की राशि करीब 11.5 करोड़ रुपए है।
शंकर बालासुब्रमण्यम ने DNA पढ़ने की रफ्तार बढ़ाई शंकर बालासुब्रमण्यम और डेविड क्लेनरमैन ने ऐसी तकनीक विकसित करने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें एक साथ बड़ी संख्या में DNA की कॉपी को पढ़ा जा सकता है। इससे DNA सीक्वेंसिंग की रफ्तार करीब 10 लाख गुना बढ़ी और इसकी लागत भी काफी कम हुई। उनके काम से बनी सीक्वेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल अब दुनिया में होने वाली 90% से ज्यादा सीक्वेंसिंग में होता है। इससे जीन से जुड़ी बीमारियों को समझने, इलाज की योजना बनाने और प्रिसीजन मेडिसिन यानी मरीज के हिसाब से इलाज तय करने में मदद मिली है। पास्कल मेयर ने इस तकनीक को बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने लायक बनाने में योगदान दिया। उन्होंने केमिस्ट्री, माइक्रोफ्लूडिक्स, ऑप्टिक्स और कंप्यूटर तकनीक को एक साथ जोड़कर हाई-थ्रूपुट सीक्वेंसिंग सिस्टम तैयार करने में मदद की। इससे इंसानी जीनोम की सीक्वेंसिंग की लागत 200 डॉलर से कम तक पहुंचने में मदद मिली। चेन्नई में जन्मे, एक साल की उम्र में ब्रिटेन चले गए शंकर बालासुब्रमण्यम का जन्म 1966 में मद्रास यानी आज के चेन्नई में हुआ था। अगले ही साल वे अपने माता-पिता के साथ ब्रिटेन चले गए। वे फिलहाल यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज में हर्शेल स्मिथ प्रोफेसर ऑफ मेडिसिनल केमिस्ट्री हैं। वे कैंसर रिसर्च यूके के कैम्ब्रिज इंस्टीट्यूट में सीनियर ग्रुप लीडर भी हैं। उन्होंने 1988 में कैम्ब्रिज से नेचुरल साइंसेज में BA और 1991 में एंजाइम केमिस्ट्री में PhD की। 1994 में वे कैम्ब्रिज की फैकल्टी से जुड़े। उन्हें 2017 में नाइटहुड से सम्मानित किया गया। उन्हें रॉयल मेडल, मिलेनियम टेक्नोलॉजी प्राइज और ब्रेकथ्रू प्राइज फॉर लाइफ साइंसेज भी मिल चुके हैं। प्रोटीन के अंदर इलेक्ट्रॉन कैसे जाते हैं, यह समझाने वाले वैज्ञानिक भी दावेदार केमिस्ट्री नोबेल के लिए हैरी बी. ग्रे और जे विंकलर के नाम भी चर्चा में हैं। दोनों ने यह समझाने में अहम काम किया कि प्रोटीन के अंदर इलेक्ट्रॉन एक जगह से दूसरी जगह कैसे जाते हैं। हमारे शरीर में ऊर्जा बनाने वाली कई प्रक्रियाओं में इलेक्ट्रॉन का एक जगह से दूसरी जगह जाना जरूरी होता है। दोनों वैज्ञानिकों के काम से यह समझने में मदद मिली कि इलेक्ट्रॉन प्रोटीन के अंदर लंबी दूरी कैसे तय करते हैं और इसमें प्रोटीन की बनावट की क्या भूमिका होती है। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… 2026 का फिजिक्स नोबेल फ्रांसिस हाल्जेन को मिला:अंतरिक्ष से आने वाले रहस्यमयी कणों को पकड़ने का तरीका खोजा; ब्रह्मांड को समझने में मदद मिली बेल्जियम के वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को 2026 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला है। उन्हें यह पुरस्कार अंतरिक्ष से धरती तक आने वाले बेहद ताकतवर न्यूट्रिनो को पकड़ने और उनके बारे में पता लगाने में अहम काम के लिए दिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

2026 के केमिस्ट्री नोबेल का ऐलान आज:भारतीय मूल के शंकर बालासुब्रमण्यम का नाम चर्चा में; DNA सीक्वेंसिंग के लिए इसी साल वुल्फ केमिस्ट्री पुरस्कार मिला

2026 के केमिस्ट्री नोबेल का ऐलान आज होगा। इस बार पुरुस्कार के लिए भारतीय मूल के ब्रिटिश वैज्ञानिक शंकर बालासुब्रमण्यम का नाम भी चर्चा में है। उन्हें इसी साल डेविड क्लेनरमैन और पास्कल मेयर के साथ वुल्फ केमिस्ट्री पुरस्कार मिला है। तीनों को अगली पीढ़ी की DNA सीक्वेंसिंग को विकसित करने में अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया था। इसके अलावा प्रोटीन में इलेक्ट्रॉन ट्रांसफर, खुद बनने वाली आणविक परत, पेरोव्स्काइट सोलर सेल और ग्लाइकोप्रोटीन बनाने जैसी खोजों के वैज्ञानिकों के नाम भी चर्चा में हैं। नोबेल पुरस्कार के विजेताओं को दिसंबर में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि दी जाएगी। 2026 में नोबेल पुरस्कार की राशि करीब 11.5 करोड़ रुपए है।
शंकर बालासुब्रमण्यम ने DNA पढ़ने की रफ्तार बढ़ाई शंकर बालासुब्रमण्यम और डेविड क्लेनरमैन ने ऐसी तकनीक विकसित करने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें एक साथ बड़ी संख्या में DNA की कॉपी को पढ़ा जा सकता है। इससे DNA सीक्वेंसिंग की रफ्तार करीब 10 लाख गुना बढ़ी और इसकी लागत भी काफी कम हुई। उनके काम से बनी सीक्वेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल अब दुनिया में होने वाली 90% से ज्यादा सीक्वेंसिंग में होता है। इससे जीन से जुड़ी बीमारियों को समझने, इलाज की योजना बनाने और प्रिसीजन मेडिसिन यानी मरीज के हिसाब से इलाज तय करने में मदद मिली है। पास्कल मेयर ने इस तकनीक को बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने लायक बनाने में योगदान दिया। उन्होंने केमिस्ट्री, माइक्रोफ्लूडिक्स, ऑप्टिक्स और कंप्यूटर तकनीक को एक साथ जोड़कर हाई-थ्रूपुट सीक्वेंसिंग सिस्टम तैयार करने में मदद की। इससे इंसानी जीनोम की सीक्वेंसिंग की लागत 200 डॉलर से कम तक पहुंचने में मदद मिली। चेन्नई में जन्मे, एक साल की उम्र में ब्रिटेन चले गए शंकर बालासुब्रमण्यम का जन्म 1966 में मद्रास यानी आज के चेन्नई में हुआ था। अगले ही साल वे अपने माता-पिता के साथ ब्रिटेन चले गए। वे फिलहाल यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज में हर्शेल स्मिथ प्रोफेसर ऑफ मेडिसिनल केमिस्ट्री हैं। वे कैंसर रिसर्च यूके के कैम्ब्रिज इंस्टीट्यूट में सीनियर ग्रुप लीडर भी हैं। उन्होंने 1988 में कैम्ब्रिज से नेचुरल साइंसेज में BA और 1991 में एंजाइम केमिस्ट्री में PhD की। 1994 में वे कैम्ब्रिज की फैकल्टी से जुड़े। उन्हें 2017 में नाइटहुड से सम्मानित किया गया। उन्हें रॉयल मेडल, मिलेनियम टेक्नोलॉजी प्राइज और ब्रेकथ्रू प्राइज फॉर लाइफ साइंसेज भी मिल चुके हैं। प्रोटीन के अंदर इलेक्ट्रॉन कैसे जाते हैं, यह समझाने वाले वैज्ञानिक भी दावेदार केमिस्ट्री नोबेल के लिए हैरी बी. ग्रे और जे विंकलर के नाम भी चर्चा में हैं। दोनों ने यह समझाने में अहम काम किया कि प्रोटीन के अंदर इलेक्ट्रॉन एक जगह से दूसरी जगह कैसे जाते हैं। हमारे शरीर में ऊर्जा बनाने वाली कई प्रक्रियाओं में इलेक्ट्रॉन का एक जगह से दूसरी जगह जाना जरूरी होता है। दोनों वैज्ञानिकों के काम से यह समझने में मदद मिली कि इलेक्ट्रॉन प्रोटीन के अंदर लंबी दूरी कैसे तय करते हैं और इसमें प्रोटीन की बनावट की क्या भूमिका होती है। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… 2026 का फिजिक्स नोबेल फ्रांसिस हाल्जेन को मिला:अंतरिक्ष से आने वाले रहस्यमयी कणों को पकड़ने का तरीका खोजा; ब्रह्मांड को समझने में मदद मिली बेल्जियम के वैज्ञानिक फ्रांसिस हाल्जेन को 2026 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला है। उन्हें यह पुरस्कार अंतरिक्ष से धरती तक आने वाले बेहद ताकतवर न्यूट्रिनो को पकड़ने और उनके बारे में पता लगाने में अहम काम के लिए दिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

IIT कानपुर बनाएगा देश का पहला ‘सन सिम्युलेटर’, ऐसे परखे जाएंगे सोलर पैनल

सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई तकनीक को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी कानपुर देश की पहली ऐसी सुविधा विकसित करने जा रहा है, जहां कृत्रिम रूप से सूर्य की रोशनी तैयार कर फोटोवोल्टिक सिस्टम की जांच की जा सकेगी। संस्थान ने बेंगलुरु की नेक्स पीवी एनर्जी सिस्टम के साथ समझौता किया है। इस परियोजना में आईआईटी कानपुर के रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी पार्क फाउंडेशन (टेक्नोपार्क) की सदस्य कंपनी इनवेरिएंस ऑटोमेशन भी सहयोग करेगी। इसके तहत कंसंट्रेटेड फोटोवोल्टिक (सीपीवी) सिस्टम के लिए देश का पहला सन सिम्युलेटर विकसित किया जाएगा। इससे सीपीवी मॉड्यूल को बाजार में उतारने से पहले उनकी क्षमता और गुणवत्ता की जांच देश में ही हो सकेगी।

सूरज की रोशनी जैसी होगी कृत्रिम रोशनी

इस परियोजना का नेतृत्व आईआईटी कानपुर के सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर आशीष गर्ग और उनकी टीम कर रही है। सन सिम्युलेटर ऐसी तकनीक है, जिसमें प्रयोगशाला के अंदर सूर्य की रोशनी जैसी परिस्थितियां तैयार की जाती हैं। इससे मौसम या दिन के समय पर निर्भर हुए बिना सोलर सिस्टम का परीक्षण किया जा सकता है। अभी सीपीवी सिस्टम के परीक्षण के लिए देश में इस स्तर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। नई सुविधा तैयार होने के बाद उत्पादन के अंतिम चरण में ही मॉड्यूल की क्षमता और गुणवत्ता को परखा जा सकेगा।

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसी तकनीक और परीक्षण सुविधाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि शोध को प्रयोगशाला तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे उद्योग के साथ जोड़कर वास्तविक उपयोग तक पहुंचाया जाए। यह परियोजना सौर ऊर्जा के क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और देश में ही परीक्षण की क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

छोटे सेल, ज्यादा क्षमता वाला सीपीवी सिस्टम

प्रोफेसर आशीष गर्ग ने बताया कि सीपीवी सिस्टम सामान्य सोलर पैनल से अलग तरीके से काम करता है। इसमें लेंस की मदद से सूर्य की रोशनी को छोटे और ज्यादा क्षमता वाले सोलर सेल पर केंद्रित किया जाता है। इन सेल में अर्धचालक की कई परतें होती हैं और हर परत सूर्य के प्रकाश के अलग-अलग हिस्से को इस्तेमाल करती है।

उन्होंने बताया कि सीपीवी में सोलर सेल पैनल के करीब 0.1 प्रतिशत हिस्से में ही होते हैं। यानी सेल के लिए जरूरी जगह सामान्य सोलर तकनीक की तुलना में काफी कम हो जाती है। हालांकि ऐसी तकनीक के लिए तेज और सीधी धूप वाले इलाके ज्यादा उपयुक्त होते हैं।

2070 के नेट जीरो लक्ष्य में मददगार

प्रोफेसर आशीष गर्ग ने कहा कि भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा है और इसे हासिल करने के लिए बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा को अपनाना होगा। इसके लिए केवल सोलर पैनल बनाना ही नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और क्षमता जांचने की देश में मजबूत व्यवस्था भी जरूरी है। सीपीवी सिम्युलेटर इसी दिशा में काम करेगा।

नेक्स पीवी एनर्जी सिस्टम के निदेशक चिदानंद मूर्ति आर ने कहा कि देश में सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता तेजी से बढ़ रही है, लेकिन सोलर सेल के उत्पादन और परीक्षण की क्षमता को भी बढ़ाना जरूरी है। देश में सीपीवी सिम्युलेटर उपलब्ध होने से बड़े स्तर पर उत्पादन के दौरान गुणवत्ता जांच आसान होगी और सीपीवी तकनीक को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट

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Stock in Focus: सोलर कंपनी को 400 MW का ऑर्डर, महाराष्ट्र के प्रोजेक्ट्स के लिए देगी मॉड्यूल

Stock in Focus: सोलर एनर्जी सॉल्यूशन कंपनी Vikram Solar को 400 MW का बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी ने सोमवार, 28 सितंबर को इसकी जानकारी दी। इस ऑर्डर के तहत महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर लगाए जाने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए मॉड्यूल की सप्लाई की जाएगी।

400 MW के मॉड्यूल की होगी सप्लाई

Vikram Solar इस ऑर्डर के तहत 620 Wp क्षमता वाले हाई-एफिशिएंसी N-Type TOPCon G12R मॉड्यूल देगी। इनमें ग्लास-टू-ग्लास और बाइफेशियल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। मॉड्यूल में हाफ-कट सेल भी होंगे।

कंपनी के मुताबिक, मॉड्यूल की सप्लाई अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। पूरा ऑर्डर मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

महाराष्ट्र के सोलर प्रोजेक्ट्स पर फोकस

यह ऑर्डर महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर लगाए जाने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए है। इससे कृषि फीडर सोलराइजेशन सेगमेंट में Vikram Solar की मौजूदगी और मजबूत होगी।

चेयरमैन ने क्या कहा?

Vikram Solar के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ज्ञानेश चौधरी ने कहा कि MSKVY 2.0 जैसे प्रोग्राम किसानों और कृषि समुदायों तक सोलर पावर पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इतने बड़े और अलग-अलग जगहों पर लगाए जाने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए मॉड्यूल की सप्लाई कंपनी की G12R TOPCon टेक्नोलॉजी पर भरोसा दिखाती है।

₹1,250 करोड़ का एक और समझौता

सितंबर में Vikram Solar ने Avaada Electro के साथ ₹1,250 करोड़ का सोलर सेल सप्लाई एग्रीमेंट भी किया था। इसके तहत 1 GW N-Type G12R TOPCon सोलर सेल खरीदे जाएंगे।

इन सेल की सप्लाई घरेलू स्तर पर होगी। इनका इस्तेमाल Vikram Solar के मॉड्यूल बनाने में किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, डिलीवरी सितंबर 2026 से शुरू होनी है।

Vikram Solar का शेयर सोमवार को BSE पर 0.19% की मामूली गिरावट के साथ ₹160.05 पर बंद हुआ।

NSE का शेयर टूटकर आया आईपीओ प्राइस के नीचे, खरीदारी का मौका या फटाफट बेच डालें होल्डिंग?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 25 सितंबर को Nykaa, PB Fintech, ESDS Software Solution समेत इन शेयरों में बड़े उतार-चढ़ाव के आसार

शुक्रवार, 25 सितंबर को कई शेयरों पर फोकस रहेगा। लिस्ट में नाइका, पीबी फिनटेक, व्हील्स इंडिया, आइनॉक्स ग्रीन एनर्जी, पर्पल स्टाइल लैब्स जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में बड़ी उठापटक दिख सकती है। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में एक कंपनी की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही 4 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड और 2 कंपनियों के शेयर एक्स-स्प्लिट ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

इन शेयरों पर रहेगी नजर

ESDS Software Solution: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 14% बढ़कर 29.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 7.3% बढ़कर 133.7 करोड़ रुपये हो गया।

Purple Style Labs: Q1 में कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर 88.1 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 13% बढ़कर 119.4 करोड़ रुपये हो गया।

PB Fintech: Policybazaar प्लेटफॉर्म की पेरेंट कंपनी का शेयर 24 सितंबर को 36 प्रतिशत टूटा था। बंपर बिकवाली की वजह रही इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI का डिस्ट्रीब्यूशन सुधारों पर नया ड्राफ्ट और उसके बाद बर्नस्टीन का व्यू। बर्नस्टीन का मानना है कि कमीशन को लेकर ड्राफ्ट पेपर में प्रस्तावित कटौती से PB Fintech को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, क्योंकि इन टेक-रेट पर कॉल सेंटर की लागत नहीं निकल पाएगी। इस शेयर पर शुक्रवार को भी नजर रहेगी।

Wheels India: कंपनी का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) 24 सितंबर को खुल गया। फ्लोर प्राइस ₹2,197.10 प्रति शेयर है।

Inox Green Energy Services: कंपनी ने 24 सितंबर को अपना QIP लॉन्च किया। फ्लोर प्राइस ₹174.36 प्रति शेयर तय किया गया है।

FSN E-Commerce Ventures (Nykaa): नाइका और L’Oréal के कॉर्पोरेट वेंचर कैपिटल फंड, BOLD (बिजनेस अपॉर्चुनिटीज फॉर L’Oréal डेवलपमेंट) ने तेजी से बढ़ रहे भारतीय ब्यूटी और पर्सनल केयर ब्रांड्स की अगली पीढ़ी में मिलकर निवेश करने के लिए एक सहयोग की घोषणा की है।

Waaree Energies: कंपनी की सब्सिडियरी, Waaree Clean Energy Solutions ने भारत के स्पेशिएलिटी गैस बिजनेस में उतरने की घोषणा की है। इसका मकसद देश की सेमीकंडक्टर और सोलर सेल बनाने वाली कंपनियों के लिए वन-स्टॉप सप्लायर बनना है।

LCC Projects: कंपनी राजस्थान के गंगधार में छोटी कालीसिंध और चाहुरनी नदियों पर सोलर पावर वाले स्प्रिंकलर सिस्टम पर बेस्ड ‘छोटी कालीसिंध मीडियम इरिगेशन प्रोजेक्ट’ के लिए L-1 बिडर (सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी) के तौर पर उभरी है। इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित कीमत 653.34 करोड़ रुपये है।

Dr Lal PathLabs: कंपनी के बोर्ड ने SN Genelab में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा शेयरधारकों से खरीदने को मंजूरी दे दी है। डील ₹168 करोड़ तक की होगी। इस अधिग्रहण के बाद SN Genelab, डॉ. लाल पैथलैब्स की सब्सिडियरी बन जाएगी। ट्रांजेक्शन के 30 नवंबर, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

JSW Cement: कंपनी को बेलागावी ऑडिट कमिश्नरेट के एडिशनल कमिश्नर (सेंट्रल टैक्स) से एक ‘कारण बताओ नोटिस’ मिला है। यह नोटिस गलत क्लासिफिकेशन के कारण GST के कथित तौर पर कम भुगतान से संबंधित है। इसके चलते, डिपार्टमेंट ने अप्रैल 2022 से मार्च 2024 की अवधि के लिए 229.85 करोड़ रुपये के GST की मांग की है, जिसमें लागू ब्याज और 10 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है।

इस बीच, JSW स्टील और JSW सीमेंट द्वारा प्रमोटेड JSW वन प्लेटफॉर्म्स ने IPO के जरिए 3,054 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए SEBI, BSE और एनएसई के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है।

L&T Technology Services: कंपनी ने इंडस्ट्रियल AI में ग्लोबल लीडर, कॉग्नाइट (Cognite) के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की घोषणा की है। इसका मकसद एसेट-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज के लिए जॉइंट इंडस्ट्रियल AI और डेटा सॉल्यूशन विकसित करना और उन्हें उपलब्ध कराना है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

बल्क और ब्लॉक डील्स

PB Fintech: HDFC म्यूचुअल फंड ने लगभग 320.6 करोड़ रुपये के 25 लाख शेयर खरीदे।

Brainbees Solutions (FirstCry): प्री-IPO निवेशक न्यूक्वेस्ट एशिया इनवेस्टमेंट्स ने लगभग 202 करोड़ रुपये के 1.15 करोड़ शेयर बेचे। वहीं गोल्डमैन सैक्स ने लगभग 119 करोड़ रुपये के 68 लाख शेयर खरीदे।

Sedemac Mechatronics: एक ही ब्लॉक डील में लगभग 1,469 करोड़ रुपये के 48.8 लाख शेयरों का लेन-देन हुआ। A91 एमर्जिंग फंड II और एक्सपोन्शिया कैपिटल से जुड़े फंड्स सहित प्राइवेट इक्विटी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचा। खरीदारों में सिंगापुर सरकार (GIC) और मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर जैसे सॉवरेन फंड्स के साथ-साथ T रो प्राइस, अमांसा होल्डिंग्स और SBI, ICICI प्रूडेंशियल, एक्सिस, आदित्य बिड़ला सन लाइफ और इनवेस्टको सहित कई घरेलू म्यूचुअल फंड्स शामिल थे।

BlueStone Jewellery and Lifestyle: ब्लूस्टोन ज्वेलरी के लगभग 61.98 लाख शेयरों का लेन-देन 513.01 करोड़ रुपये में हुआ। बजाज लाइफ इंश्योरेंस, कुवैत इनवेस्टमेंट अथॉरिटी FD F238, सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड और SBI लाइफ इंश्योरेंस ने Accel और 360 ONE WAM से BlueStone के शेयर खरीदे।

SME लिस्टिंग

Axiom Gas Engineering

ये स्टॉक करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी

LGT ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी

A D S डायग्नोस्टिक्स

नोबल पॉलिमर्स

ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

नेच्युराइट एग्रो प्रोडक्ट्स

मिडवेस्ट एनर्जी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 25 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, PB फिनटेक से वारी एनर्जीज तक शामिल

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 25 सितंबर को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। PB Fintech के शेयर 36% तक टूटने के बाद IRDAI के प्रस्ताव पर नजर है। वहीं Waaree Energies, Sterlite Technologies और Wheels India से भी अहम अपडेट आए हैं।

PB Fintech

फिनटेक कंपनी PB Fintech के शेयर गुरुवार को 36% तक टूट गए। इसकी वजह IRDAI के इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े बड़े बदलावों का प्रस्ताव है। कंपनी ने एनालिस्ट कॉल में कहा कि नए नियमों का जनरल इंश्योरेंस बिजनेस के रेवेन्यू पर गंभीर असर पड़ सकता है। एजेंट कमीशन और नई भर्तियों की रफ्तार को लेकर भी चिंता जताई गई।

Waaree Energies

सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Waaree Energies की सब्सिडियरी Waaree Clean Energy Solutions ने स्पेशलिटी गैस बिजनेस में एंट्री की है। कंपनी भारत में सेमीकंडक्टर और सोलर सेल बनाने वाली कंपनियों को अल्ट्रा-हाई प्योरिटी गैस और केमिकल्स सप्लाई करेगी।

Interarch Building Solutions

प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग सॉल्यूशन कंपनी Interarch Building Solutions ने आंध्र प्रदेश के अट्टीवरम में नई हेवी स्ट्रक्चरल स्टील मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू की है। इसकी शुरुआती क्षमता 24,000 मीट्रिक टन सालाना है। इससे कंपनी की कॉम्प्लेक्स और हेवी स्टील स्ट्रक्चर बनाने की क्षमता बढ़ेगी।

Dr Lal PathLabs

डायग्नोस्टिक सर्विस कंपनी Dr Lal PathLabs ने SN Genelab में 70% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है। यह सौदा कैश में अधिकतम ₹168 करोड़ का है। इसके अलावा कंपनी को प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम ₹31.5 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।

JSW Cement

सीमेंट कंपनी JSW Cement को सेंट्रल टैक्स विभाग की ओर से ₹229.85 करोड़ की GST डिमांड का शो-कॉज नोटिस मिला है। बेलगावी ऑडिट कमिश्नरेट ने यह नोटिस जारी किया है। इसमें लागू ब्याज और 10% पेनल्टी का भी प्रस्ताव है।

Inox Green Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Inox Green Energy का QIP गुरुवार को खुल गया है। इसके लिए फ्लोर प्राइस ₹174.36 प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी इस फ्लोर प्राइस पर 5% तक की छूट भी दे सकती है।

Sterlite Technologies

टेलीकॉम और ऑप्टिकल फाइबर कंपनी Sterlite Technologies ने अपने Neuralis डेटा सेंटर प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में रेडीमेड फाइबर ऑप्टिक केबल की नई रेंज जोड़ी है। इन केबल्स में 48 से लेकर 6,912 तक ऑप्टिकल फाइबर हो सकते हैं। कंपनी के मुताबिक, ये प्रोडक्ट डेटा सेंटर की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

Inox Green Energy Services

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Inox Green Energy Services का QIP खुल गया है। कंपनी ने इसके लिए ₹174.36 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। QIP के जरिए कंपनी संस्थागत निवेशकों से फंड जुटाएगी।

Wheels India

ऑटोमोबाइल कंपोनेंट कंपनी Wheels India Ltd ने गुरुवार, 24 सितंबर को ₹250 करोड़ का QIP लॉन्च किया है। कंपनी ने इसका इंडिकेटिव इश्यू प्राइस ₹2,088 प्रति शेयर रखा है। इस पर निवेशकों को अधिकतम 4.3% तक की छूट मिल सकती है।

M&M Financial Services

NBFC कंपनी M&M Financial Services प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹2,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) जारी करने की तैयारी में है। इससे कंपनी को फंड जुटाने में मदद मिलेगी।

LCC

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी LCC राजस्थान में ₹653.34 करोड़ के सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए L-1 बिडर बनी है। यानी टेंडर में कंपनी ने सबसे कम बोली लगाई है। अब प्रोजेक्ट से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पर बाजार की नजर रहेगी।

Transport Corporation of India

लॉजिस्टिक्स कंपनी Transport Corporation of India का बोर्ड 29 सितंबर को शेयर बायबैक के प्रस्ताव पर विचार करेगा। बोर्ड बैठक में बायबैक से जुड़े प्रस्ताव पर फैसला लिया जा सकता है।

Stock in Focus: 1 साल में 568% का मल्टीबैगर रिटर्न, अब डेटा सेंटर के लिए पेश की केबल की नई रेंज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इसे स्वीकार ना करें

भारतीय सोलर सेल और पैनलों पर 123.04 प्रतिशत की एंटी-डंपिंग और 126.09 प्रतिशत काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग को भेजा गया है, जो इस पर 14 अक्टूबर को फैसला करेगा।

भारतीय कारोबार पर अमेरिका फिर बड़ा प्रहार करने जा रहा है। वहां के वाणिज्य विभाग ने भारत, इंडोनेशिया, और लाओस से सोलर सेल और सोलर पैनल के आयात पर भारी शुल्क लगाने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। उसका आरोप है कि “अनुचित सरकारी सब्सिडी” का लाभ उठा कर इन देशों की कंपनियों ने सस्ते उत्पाद बनाए, जिन्हें अमेरिकी बाजार में थोक भाव में उतारा गया। इन तीनों देशों में सबसे ज्यादा शुल्क भारत से होने वाले आयात पर लगाने का इरादा जताया गया है। भारतीय सोलर सेल और पैनलों पर 123.04 प्रतिशत की एंटी-डंपिंग ड्यूटी और 126.09 प्रतिशत प्रतिपूरक (काउंटरवेलिंग) शुल्क लगाने का प्रस्ताव अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग को भेजा गया है, जो इस पर 14 अक्टूबर को फैसला करेगा।

उसने प्रस्ताव स्वीकार कर लिए, तो भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में अपने उत्पाद बेचना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इसकी बहुत गहरी मार भारतीय सौर उद्योग पर पड़ेगी। फिलहाल, भारत के सौर मॉड्यूल निर्यात का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका जाता है। जब से अमेरिका ने चीनी उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाए, उससे खाली हुई जगह को भारत और कुछ दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों ने भरा। यानी अमेरिकी सौर उद्योग को उसका लाभ नहीं मिला। इसीलिए अमेरिकी सौर कारोबारियों के संगठन इसके खिलाफ लॉबिंग में जुटे रहे हैं। उन्होंने यह प्रचार कर अपने पक्ष में माहौल बनाया कि चीनी पाट-पुर्जों का भारत और अन्य देशों में असेंबल होकर अमेरिका पहुंचना जारी है।

अब उन्हें सफलता मिलती दिख रही है। यह भारत के लिए नई चुनौती है। भारत को इस पर दृढ़ रुख अपनाना चाहिए। एक तरफ भारत तो डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन के दबाव में अमेरिकी उत्पादों की खरीदारी बढ़ा रहा है, वहीं भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में पहुंच कठिन होती जा रही है। अतः नरेंद्र मोदी सरकार को यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि ऐसी गैर-व्यापार रुकावटें भारत को मंजूर नहीं है। ऐसी रुकावटों के रहते अमेरिका से प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते का कोई अर्थ नहीं रह जाता है। सिर्फ ऐसे सख्त रुख से ही भारत अपने सौर एवं अन्य उद्योगों के हित की रक्षा कर सकता है।

Inox Clean Energy बनेगी ₹100000 करोड़ की कंपनी! ₹10000 करोड़ के आईपीओ का ड्राफ्ट एक महीने में होगा जमा

Inox Clean Energy IPO: आईनॉक्स क्लीन एनर्जी इस महीने के आखिरी या अक्टूबर की शुरुआत तक करीब ₹10,000 करोड़ के आईपीओ का ड्राफ्ट सेबी के पास दाखिल कर सकती है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। सूत्रों के मुताबिक आईनॉक्सजीएफएल ग्रुप (InoxGFL Group) की ग्रीन एनर्जी इकाई आईनॉक्स क्लीन एनर्जी के आईपीओ के लिए इंवेस्टमेंट बैंक- नुवामा, जेएमफाइनेंशियल और एमिरेट्स एनबीडी सलाहकार के तौर पर काम कर रहे हैं। कंपनी की कोशिश प्रमोटर्स की करीब 10% हिस्सेदारी बेचकर करीब ₹1 लाख करोड़ का वैल्यूएशन हासिल करने की है। पिछले एक साल में इसने कई बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी और सोलर कंपनियों का अधिग्रहण किया है, जिससे कारोबार तेजी से बड़ा हुआ है।

बता दें कि आईनॉक्सजीएफएल आईनॉक्स ग्रुप से अलग है। आईनॉक्स ग्रुप के पास आईनॉर्स एयर प्रोडक्ट्स और लिस्टेड क्रायोजेनिक इक्विपमेंट कंपनी आईनॉक्स इंडिया जैसी कंपनियां हैं। साल 2021 में हुए एक पारिवारिक समझौते के बाद दोनों कारोबारी ग्रुप अलग हुए थे। विवेक जैन के पास स्पेशलिटी केमिकल्स और रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस आया, जबकि उनके भाई पवन जैन और भतीजे सिद्धार्थ जैन के पास इंडस्ट्रियल गैस, क्रायोजेनिक इक्विपमेंट और मल्टीप्लेक्स कारोबार रहा।

क्या है Inox Clean Energy की योजना

आईनॉक्स क्लीन एनर्जी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 95% है और वे आईपीओ के जरिए 10% हिस्सेदारी हल्की करने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक कंपनी की योजना ₹1 लाख करोड़ का वैल्यूएशन हासिल करने की है। सूत्रों के मुताबिक आईपीओ के जरिए कंपनी को जो पैसा मिलेगा, उसे अधिग्रहण और कर्ज हल्का करने में इस्तेमाल किया जा सकता है। आईनॉक्स क्लीन एनर्जी को विवेक जैन की आईनॉक्सजीएफएल ग्रुप प्रमोट करती है और विवेक के बेटे देवांश जेन इसके एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं।

कंपनी के बारे में

आईनॉक्स क्लीन एनर्जी एक इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म है जो पावर जेनेरेशन औ सोलर मैन्युफैक्चरिंग पर काम करता है। अपनी एक सब्सिडरी आईनॉक्स नियो एनर्जीज के जरिए यह विंड, सोलर और हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट्स को डेवलप, एक्विजिशन और ऑपरेट करने का काम करती है तो आईनॉक्स सोलर के जरिए यह भारत और अमेरिका में सोलर मॉड्यूल और सोलर सेल बनाती है।

कंपनी के विस्तार की बात करें तो ताबड़तोड़ अधिग्रहण के बाद यह काफी बड़ी हो चुकी है। एक साल में देश-विदेश में इसने 10 रणनीतिक अधिग्रहणों को या तो ऐलान किया, या उन्हें पूरा किया। हाल ही में इसका सबसे बड़ा अधिग्रहण ₹6000 करोड़ का था जिसमें इसने ब्लैकरॉक की ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स से वेना एनर्जी इंडिया को हासिल किया। इस सौदे के बाद आईनॉक्स क्लीन एनर्जी का चालू और चालू होने के करीब वाला पोर्टफोलियो लगभग 4 GW हो गया, जबकि डेवलपमेंट पाइपलाइन में 12 GW से ज्यादा सोलर और विंड कैपेसिटी और 2.5 GWh की BESS कैपेसिटी शामिल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Solar Stock: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी को ₹455 करोड़ का ऑर्डर मिला, 1 लाख घरों की छत पर सोलर पैनल लगाएगी

पुणे की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी GK Energy को बड़ा ऑर्डर मिला है, जो राज्य सरकार की बिजली वितरण कंपनी ने दिया है। इसके तहत कंपनी को 1 लाख घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगाना है। हर घर में 1 किलोवाट का सिस्टम लगेगा। यानी पूरे प्रोजेक्ट की क्षमता 100 MW होगी।

ऑर्डर की कुल कीमत करीब ₹454.5 करोड़ है। इसमें GST भी शामिल है। कंपनी को हर किलोवाट के लिए ₹45,450 मिलेंगे।

1 लाख घरों पर लगेगा सोलर

GK Energy को 1 लाख घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगाना है। हर घर पर 1 kW का सिस्टम होगा। कंपनी का काम सिर्फ पैनल लगाने तक नहीं है। उसे पूरा काम संभालना होगा। इसमें डिजाइन, इंजीनियरिंग, सामान की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और सिस्टम शुरू करना शामिल है।

इन सोलर सिस्टम का 5 साल तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस करना होगा। हर प्रोजेक्ट को संबंधित वर्क ऑर्डर मिलने के 60 दिनों के अंदर पूरा करना होगा।

जून तिमाही के नतीजे

GK Energy का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पहली तिमाही में 54% बढ़कर ₹57 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹37 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी तेजी से बढ़ा। यह 55.4% बढ़कर ₹505 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹325 करोड़ था।

EBITDA 44% बढ़कर ₹82.4 करोड़ हो गया। हालांकि, यहां एक छोटी चिंता भी है। EBITDA मार्जिन 17.6% से घटकर 16.3% रह गया। यानी बिक्री बढ़ी, लेकिन खर्च भी बढ़े। प्रॉफिट बिफोर टैक्स भी बढ़कर ₹80.3 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹50.5 करोड़ था।

कंपनी करती क्या है?

GK Energy का मुख्य कारोबार सोलर से जुड़ा है। कंपनी दो बड़े काम करती है। पहला है सोलर प्रोजेक्ट्स का EPC कारोबार। यानी डिजाइन से लेकर निर्माण और इंस्टॉलेशन तक पूरा काम। दूसरा कारोबार सोलर सेल और दूसरे सोलर प्रोडक्ट्स की ट्रेडिंग का है। पहली तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में EPC कारोबार की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही।

शेयर में 6.83% से ज्यादा तेजी

बुधवार को GK Energy के शेयर 6.83% बढ़कर ₹134.81 पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 18.62% चढ़ा है। हालांकि, 1 साल में यह 19.63% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.73 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।