Viral Video: दोस्त की शादी में शख्स ने दिया ऐसा गिफ्ट, सीने पर बनवा लिया दूल्हा-दुल्हन का टैटू

शादी में दोस्त को गिफ्ट देना आम बात है, लेकिन एक शख्स ने अपने दोस्त की शादी पर ऐसा तोहफा दिया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। उसने दोस्त और उसकी नई-नवेली पत्नी के चेहरे का टैटू अपने सीने पर बनवा लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। किसी को यह दोस्ती की मिसाल लग रही है, तो कोई इसे हद से ज्यादा अजीब बता रहा है। खास बात यह है कि टैटू सामने आते ही दूल्हे का रिएक्शन भी कैमरे में कैद हो गया, जिसे देखकर यूजर्स जमकर मजे ले रहे हैं।

पहले दिया कपल का स्केच

वायरल वीडियो में शादी के जश्न के दौरान शख्स नवविवाहित कपल को उनके चेहरों वाला एक स्केच देता नजर आता है। शुरुआत में यह एक सामान्य और प्यारा दोस्ती वाला तोहफा लगता है। लेकिन कुछ ही देर बाद शख्स अपनी शर्ट उतारकर ऐसा सरप्राइज देता है, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी दंग रह जाते हैं। उसी स्केच में दिख रहे दोस्त और उसकी पत्नी के चेहरे उसने अपने सीने पर स्थायी रूप से टैटू करवाए होते हैं।

दूल्हे का रिएक्शन बना चर्चा की वजह

टैटू से ज्यादा लोगों का ध्यान दूल्हे के चेहरे पर गया। जैसे ही उसने अपने दोस्त के सीने पर अपनी पत्नी का चेहरा देखा, उसके एक्सप्रेशन ने सोशल मीडिया यूजर्स को खूब हंसाया। वायरल पोस्ट में भी मजाकिया अंदाज में कहा गया कि दूल्हा पहले दोस्त के इस भावुक gesture से खुश हुआ होगा, लेकिन पत्नी का चेहरा टैटू में देखकर शायद उसके मन में सवाल आया होगा, “भाई, मेरी पत्नी ही क्यों?”

इंटरनेट पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस अनोखे तोहफे को लेकर अलग-अलग राय दी। कुछ यूजर्स ने इसे सच्ची दोस्ती और भावनाओं से जुड़ा हुआ gesture बताया। वहीं, कई लोगों को यह जरूरत से ज्यादा अजीब और असहज करने वाला लगा। एक यूजर ने इसे creepy तक बताया और सवाल किया कि जब लोग करीबी परिवार वालों के चेहरे तक का टैटू नहीं बनवाते, तो दोस्त की पत्नी का चेहरा सीने पर स्थायी रूप से बनवाना कितना सही है।

‘दोस्त का चेहरा होता तो समझ आता…’

कुछ लोगों का कहना था कि अगर शख्स ने सिर्फ अपने दोस्त का चेहरा टैटू कराया होता तो बात समझ में आती। लेकिन दोस्त की पत्नी का चेहरा भी उसी टैटू में शामिल करना उन्हें असहज लगा। एक अन्य यूजर ने दूल्हे के एक्सप्रेशन पर मजाक करते हुए कहा कि उसके चेहरे से साफ लग रहा था,“दोस्त का चेहरा ठीक था, लेकिन मेरी पत्नी का क्यों?”

अगर रिश्ता बदल गया तो?

बहस का एक दूसरा पहलू भी सामने आया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दोस्ती और रिश्ते हमेशा एक जैसे नहीं रहते। अगर भविष्य में दोस्ती में दरार आ जाए या कपल के रिश्ते में कोई बदलाव हो जाए, तो यह स्थायी टैटू बेहद अजीब स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि, वायरल पोस्ट में टैटू बनवाने वाले शख्स की निजी जिंदगी या उसके रिश्ते से जुड़ी कोई पक्की जानकारी सामने नहीं आई है।

लोगों को पसंद आया या लगा हद से ज्यादा?

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दोस्ती जताने के लिए कोई gesture कितना बड़ा होना चाहिए। कुछ लोगों के लिए यह जिंदगीभर याद रहने वाला दोस्ती का प्रतीक है, जबकि दूसरों को लगता है कि किसी दोस्त की पत्नी का चेहरा सीने पर स्थायी रूप से बनवाना दोस्ती से एक कदम आगे है। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है और सबसे ज्यादा चर्चा उसी पल की हो रही है, जब दूल्हे ने पहली बार अपने दोस्त के सीने पर अपनी पत्नी का चेहरा देखा।

Highest Paying Jobs: सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं, ये लोग कमा रहे लाखों! PG मालिक से चायवाले तक की लिस्ट वायरल

Highest Paying Jobs: सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं, ये लोग कमा रहे लाखों! PG मालिक से चायवाले तक की लिस्ट वायरल

भारत में अक्सर युवाओं को बताया जाता है कि IIT की पढ़ाई, FAANG जैसी बड़ी टेक कंपनियों में नौकरी या Data Structures and Algorithms (DSA) में महारत हासिल करना अच्छी कमाई का सबसे आसान रास्ता है। लेकिन टेक और AI कमेंटेटर साक्षी ने सोशल मीडिया पर एक मजेदार लिस्ट शेयर कर इस सोच को ही उलट दिया। उन्होंने भारत में इस समय सबसे ज्यादा कमाई करने वाले लोगों की एक मजाकिया रैंकिंग साझा की, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर टॉप पर नहीं, बल्कि काफी पीछे नजर आए। इस लिस्ट में PG मालिक, मकान मालिक, पानी के टैंकर वाले और चाय-सिगरेट की दुकान चलाने वाले शामिल हैं।

नंबर-1 पर PG मालिक, एक कमरे से लाखों की कमाई

साक्षी की इस मजेदार रैंकिंग में सबसे ऊपर PG मालिक को रखा गया। उन्होंने बताया कि शहरों में बढ़ती नौकरी और किराए की मांग का फायदा PG के मालिकों को मिल रहा है। उनके मुताबिक, एक कमरे में तीन लोगों को रखा जाता है और हर व्यक्ति से करीब ₹10,000 से ₹15,000 तक किराया लिया जाता है। इस हिसाब से कुछ PG मालिक किराया और दूसरे खर्च निकालने के बाद भी ₹1 लाख से ₹1.5 लाख महीने तक कमा सकते हैं। यही वजह है कि पोस्ट में PG बिजनेस को आज के दौर के सबसे कमाई वाले कामों में से एक बताया गया।

बेंगलुरु के मकान मालिक भी पीछे नहीं

लिस्ट में तीसरे नंबर पर बेंगलुरु के मकान मालिक का जिक्र किया गया। टेक सिटी में किराए की बढ़ती मांग को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चाएं होती रहती हैं। पोस्ट में मजाकिया अंदाज में बताया गया कि दो बेडरूम का फ्लैट खरीदकर उसे करीब ₹50,000 महीने के किराए पर देना, हर साल किराया बढ़ाना और WhatsApp पर सिर्फ ‘last price’ लिखकर बातचीत खत्म करना भी कमाई का शानदार तरीका बन गया है।

पानी के टैंकर वाले भी बने ‘बिजनेस किंग’

बेंगलुरु में पानी की समस्या किसी से छिपी नहीं है। इसी को लेकर साक्षी ने पानी के टैंकर संचालकों को भी अपनी लिस्ट में जगह दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि ये लोग बेंगलुरु का ही पानी वापस बेंगलुरु के लोगों को बेचते हैं। पानी की कमी के समय टैंकरों की मांग बढ़ने से इस कारोबार की कमाई भी बढ़ जाती है।

ब्रोकरों की कमाई का भी किया जिक्र

रैंकिंग में प्रॉपर्टी ब्रोकर भी शामिल हैं। पोस्ट के मुताबिक, कुछ ब्रोकर किरायेदारों को कई ऐसे घर दिखाते हैं जो उनकी जरूरत के मुताबिक नहीं होते और आखिर में डील होने पर किरायेदार और मकान मालिक, दोनों से करीब एक महीने के किराए के बराबर कमीशन ले लेते हैं। बेंगलुरु जैसे शहरों में लगातार घर बदलने वाले किरायेदारों की बड़ी संख्या के कारण यह काम भी अच्छी कमाई वाला बताया गया।

टेक पार्क के बाहर चाय-सिगरेट वाला भी हिट

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर जिस शख्स को रखा गया, वह शायद सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम है टेक पार्क के बाहर चाय, सिगरेट और स्नैक्स बेचने वाला दुकानदार। साक्षी ने उसे टेक इंडस्ट्री का ‘अनसंग हीरो’ बताया। उनके अनुसार, हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोजाना चाय, सिगरेट और स्नैक्स के लिए ऐसी दुकानों पर निर्भर रहते हैं। पोस्ट में अनुमान लगाया गया कि अच्छी लोकेशन वाली ऐसी दुकान से कुछ दुकानदार ₹30,000 से ₹50,000 महीने तक कमा सकते हैं।

न MBA, न फंडिंग, फिर भी कमाई!

इस पूरी पोस्ट का सबसे मजेदार हिस्सा यही था। चाय-सिगरेट की दुकान के लिए न किसी MBA की जरूरत है, न pitch deck की और न ही startup funding की। साक्षी ने इसी अंदाज में टेक इंडस्ट्री पर तंज कसते हुए बताया कि जहां इंजीनियर नौकरी और प्रमोशन के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं, वहीं कुछ छोटे कारोबारी रोजमर्रा की जरूरतों के दम पर अच्छी कमाई कर रहे हैं।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर आया सबसे बड़ा तंज

पोस्ट के अंत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को लेकर सबसे मजेदार टिप्पणी की गई। साक्षी ने लिखा कि जब बाकी लोग अलग-अलग तरीकों से कमाई कर रहे हैं, तब सॉफ्टवेयर इंजीनियर रात 2 बजे तक DSA के सवाल हल कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि अगली salary hike अच्छी होगी।

सोशल मीडिया यूजर्स ने भी लिए मजे

साक्षी की पोस्ट को सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और इसे खबर लिखने तक 1.5 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। यूजर्स ने भी अपने-अपने अंदाज में इस रैंकिंग पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने मजाक करते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने कमाई का सबसे मुश्किल रास्ता चुना है और उन्हें DSA की तैयारी के बजाय पानी का टैंकर खरीद लेना चाहिए था। एक अन्य यूजर ने बेंगलुरु का असली ‘product-market fit’ AI या सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि चाय, प्रॉपर्टी और मेट्रो से दूरी का गणित बताया। एक यूजर ने टैक्स को लेकर भी तंज कसा और कहा कि इन कामों में कमाई करने वालों में शायद सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही ऐसा व्यक्ति है जो नियमित रूप से इनकम टैक्स और ITR जैसी चीजों से जूझता है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

MPSC Paper Leak: गर्लफ्रेंड को पास कराने के लिए एमपीएससी का पेपर कर दिया लीक! इंस्पेक्टर ने खोला राज, एग्जाम रद्द; 6 गिरफ्तार

अमेरिका के मोंटाना में परिवार के 8 लोगों की हत्या:मृतकों में 4 बच्चे; आरोपी ने सबको गोली मारी, खुद को भी शूट किया

अमेरिका के मोंटाना के बिलिंग्स शहर में रविवार शाम एक परिवार के 8 लोगों की हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब परिवार के लोग एक साथ डिनर कर रहे थे। आरोपी ने सबको गोली मारने के बाद घर में आग लगा दी। फिर खुद को भी शूट कर लिया। आरोपी के अलावा मरने वाले लोग एक ही परिवार की चार पीढ़ियों से थे। इनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें रविवार शाम करीब 6 बजे घर से गोली चलने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के पीछे से गोलियों की आवाज आ रही थी। घर के बाहर एक व्यक्ति घायल मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वही इस घटना का संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस को बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी घटना के दौरान 911 पर पुलिस को घर में गोली चलने और एक बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर दमकल की गाड़ियां भेजी गईं। कुछ देर बाद एक और फायर इंजन भेजने को कहा गया। डिस्पैचर ने पूछा कि क्या बच्चे को गोली लगी है। पुलिस ने बताया कि इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। सिर्फ इतना पता था कि बच्चा बेहोश है और यह भी साफ नहीं था कि वह सांस ले रहा है या नहीं। पुलिस पहुंची तो फायरिंग की आवाज आ रही थी इमरजेंसी टीमें रविवार शाम करीब 6:10 बजे मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घर के बाहर एक व्यक्ति को देखा। इसी दौरान घर के अंदर से गोलियों की आवाज भी आ रही थी। आग तेजी से फैल रही थी, इसलिए दमकलकर्मी तुरंत घर के अंदर नहीं जा सके। फायर चीफ मैट हॉपेल ने बताया कि आग तेजी से फैली और घर का बड़ा हिस्सा जल गया। आग बुझाने के लिए डाला गया पानी और जला हुआ मलबा जांच में परेशानी पैदा कर रहा है। इससे पुलिस को मौके से सबूत जुटाने में समय लग रहा है। पड़ोसी ने सुनी पटाखों जैसी आवाज घर से तीन मकान दूर रहने वाले डेविड हिलर ने बताया कि रविवार शाम 6 बजे के बाद उन्हें पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी। बाद में एक पड़ोसी ने फोन कर इलाके में गोलीबारी की जानकारी दी। हिलर ने बाहर निकलकर देखा तो पुलिसकर्मी हथियारों के साथ गाड़ियों की आड़ में खड़े थे और घर से काला धुआं उठ रहा था। हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्ति मृतकों को जानता था, लेकिन हत्या के पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है। आग कैसे लगी, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक मामले से जुड़ी कुछ जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। ————————- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने पत्नी की हत्या की: भारत में रह रही गर्लफ्रेंड को शव की फोटो भेजी; जमानत के लिए ₹47 करोड़ देने होंगे अमेरिका में एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उसने पत्नी का गला घोंटकर हत्या की। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिका के मोंटाना में परिवार के 8 लोगों की हत्या:मृतकों में 4 बच्चे; आरोपी ने सबको गोली मारी, खुद को भी शूट किया

अमेरिका के मोंटाना के बिलिंग्स शहर में रविवार शाम एक परिवार के 8 लोगों की हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब परिवार के लोग एक साथ डिनर कर रहे थे। आरोपी ने सबको गोली मारने के बाद घर में आग लगा दी। फिर खुद को भी शूट कर लिया। आरोपी के अलावा मरने वाले लोग एक ही परिवार की चार पीढ़ियों से थे। इनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें रविवार शाम करीब 6 बजे घर से गोली चलने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के पीछे से गोलियों की आवाज आ रही थी। घर के बाहर एक व्यक्ति घायल मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वही इस घटना का संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस को बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी घटना के दौरान 911 पर पुलिस को घर में गोली चलने और एक बच्चे के बेहोश होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर दमकल की गाड़ियां भेजी गईं। कुछ देर बाद एक और फायर इंजन भेजने को कहा गया। डिस्पैचर ने पूछा कि क्या बच्चे को गोली लगी है। पुलिस ने बताया कि इसकी पुष्टि नहीं हुई थी। सिर्फ इतना पता था कि बच्चा बेहोश है और यह भी साफ नहीं था कि वह सांस ले रहा है या नहीं। पुलिस पहुंची तो फायरिंग की आवाज आ रही थी इमरजेंसी टीमें रविवार शाम करीब 6:10 बजे मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घर के बाहर एक व्यक्ति को देखा। इसी दौरान घर के अंदर से गोलियों की आवाज भी आ रही थी। आग तेजी से फैल रही थी, इसलिए दमकलकर्मी तुरंत घर के अंदर नहीं जा सके। फायर चीफ मैट हॉपेल ने बताया कि आग तेजी से फैली और घर का बड़ा हिस्सा जल गया। आग बुझाने के लिए डाला गया पानी और जला हुआ मलबा जांच में परेशानी पैदा कर रहा है। इससे पुलिस को मौके से सबूत जुटाने में समय लग रहा है। पड़ोसी ने सुनी पटाखों जैसी आवाज घर से तीन मकान दूर रहने वाले डेविड हिलर ने बताया कि रविवार शाम 6 बजे के बाद उन्हें पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी। बाद में एक पड़ोसी ने फोन कर इलाके में गोलीबारी की जानकारी दी। हिलर ने बाहर निकलकर देखा तो पुलिसकर्मी हथियारों के साथ गाड़ियों की आड़ में खड़े थे और घर से काला धुआं उठ रहा था। हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध व्यक्ति मृतकों को जानता था, लेकिन हत्या के पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है। आग कैसे लगी, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने तक मामले से जुड़ी कुछ जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। अमेरिका में मास शूटिंग की हाल की घटनाएं… 22 अगस्त: ओरेगन के फॉरेस्ट ग्रोव में एक घर में 5 लोगों की हत्या हुई। मृतकों में आरोपी की पार्टनर, उसकी मां और दादी समेत पांच लोग शामिल थे। संदिग्ध बाद में वॉशिंगटन में मृत मिला। 14 अगस्त: मिशिगन के मिसॉकी काउंटी में हुई गोलीबारी में 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में संदिग्ध शूटर भी शामिल है। घटना में एक 13 साल की बच्ची भी घायल हुई, जिसे चार गोलियां लगी थीं। 15 अगस्त: वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के कैंपस के पास हुई गोलीबारी में 5 लोग घायल हुए। पुलिस ने 19 वर्षीय संदिग्ध को गिरफ्तार किया। ————————- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने पत्नी की हत्या की: भारत में रह रही गर्लफ्रेंड को शव की फोटो भेजी; जमानत के लिए ₹47 करोड़ देने होंगे अमेरिका में एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उसने पत्नी का गला घोंटकर हत्या की। पूरी खबर पढ़ें…

बच्चे की दवा को लेकर पति के साथ हुआ झगड़ा, पत्नी के घर वालों ने पीट-पीटकर 31 साल के इंजीनियर को उतारा मौत के घाट

Nihal Vihar Murder Case: दिल्ली के निहाल विहार में शुक्रवार को शादी से जुड़े विवाद के बाद एक 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कथित तौर पर उसकी पत्नी के परिवार वालों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, मृतक विनय गुप्ता लक्ष्मी पार्क में रहते थे और IT सेक्टर में काम करते थे। उनका सालाना पैकेज लगभग 60 लाख रुपये था।

उन्होंने करीब साढ़े तीन साल पहले बुध विहार की रहने वाली रेखा से शादी की थी। इस जोड़े के चार महीने के जुड़वां बच्चे हैं – एक लड़का और एक लड़की।

मृतक विनय की मां के मुताबिक, बच्चों में से एक को दवा देने को लेकर पति-पत्नी के बीच बहस हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान विनय के ऊंची आवाज में बात करने पर रेखा नाराज हो गईं और घर से चली गईं।

परिवार का आरोप है कि करीब 10 मिनट बाद वह छह लोगों के साथ लौटीं, जिनमें उनके दो भाई, भाभी, पिता और चाचा शामिल थे।

आरोप है कि विनय उनके लिए पानी लेकर आया, इसके बावजूद आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। परिजनों के मुताबिक, हमलावरों ने कथित तौर पर विनय का गला दबाया और हाथ-पैर से उसकी छाती पर बार-बार वार किए। इसके बाद उसकी मौत हो गई।

परिवार के अनुसार, जिस समय यह कथित हमला हुआ, उस दौरान विनय के माता-पिता भी घर में मौजूद थे। उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की।

परिवार का आरोप है कि हमला पहले से तय था

विनय के परिवार का आरोप है कि यह हमला सोच-समझकर किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि हमले से पहले रेखा ने CCTV कैमरे बंद कर दिए थे।

परिवार ने बताया कि विनय और रेखा तीसरी मंजिल के एक अलग हिस्से में रहते थे और रेखा अपना खाना अलग बनाती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रेखा अक्सर घरेलू मामलों को लेकर अपनी सास से झगड़ती रहती थी।

विनय के परिवार के अनुसार, पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी कहा-सुनी पर भी रेखा का भाई कभी-कभी विनय को धमकी देता था।

इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें रेखा और उसके दो भाई भी शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस मौत से जुड़ी परिस्थितियों की कर रही जांच

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर किस वजह से विवाद इतना बढ़ गया कि विनय के साथ कथित तौर पर मारपीट की नौबत आ गई। जांच अधिकारी विनय की मौत से पहले हुई पूरी घटना और उससे जुड़े हालात को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित मारपीट में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी।

जांच में परिवार के उन आरोपों को भी शामिल किया गया है, जिनमें कहा गया है कि घटना से पहले CCTV कैमरे बंद कर दिए गए थे। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हमला पहले से प्लान किया गया था या नहीं।

यह भी पढ़ें: एक iPhone के पीछे बेटा, पिता, मां सब कैसे खत्म हो गए और तबाह हो गई महाराष्ट्र की ये पूरी फैमिली! ये घटना रौंगटे खड़े कर देगी

Apple Layoffs: iPhone मेकर ने फिर की छंटनी, 200 लोगों की नौकरी पर खतरा; इस बार कौन सी टीम्स प्रभावित

आईफोन मेकर एपल इंक अपने सिरी डिजिटल असिस्टेंट और विजन प्रो हेडसेट से जुड़ी टीमों में नौकरियां कम कर रही है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वालों के हवाले से कहा गया है कि Apple अपनी ‘इंटेलिजेंट सिस्टम्स एक्सपीरियंस’ टीम के कर्मचारियों की भी छंटनी कर रही है। यह टीम सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग विभाग का हिस्सा है और डिवाइसेज के कुछ AI फीचर्स की जिम्मेदारी इस पर है।

बदलावों के तहत, कंपनी Vision Pro के लिए गेमिंग पर फोकस्ड टीम को काफी हद तक शट डाउन कर रही है और डिवाइस के लिए इमर्सिव वीडियो कंटेंट बनाने वाली यूनिट का साइज भी घटा रही है। कुल मिलाकर, इस जॉब कट से 200 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। Vision Pro विभाग से लगभग 100 पद खत्म किए गए हैं। Siri व सॉफ्टवेयर टीमों से भी 100 पद हटाए गए हैं।

लॉन्च के समय से ही इमर्सिव वीडियो Vision Pro की बिक्री का एक मुख्य आकर्षण रहा है। लेकिन हर 3D वीडियो बनाने के लिए Apple कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्टर्स की कई टीमों की जरूरत होती है। इमर्सिव वीडियो सीरीज के एक एपिसोड को शूट करने में कई मिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है। Vision Pro के एक्टिव यूजर्स की कम संख्या को देखते हुए, इन खर्चों ने बिजनेस पर दबाव डाला है।

किस टीम में किस तरह की रीस्ट्रक्चरिंग

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, Siri में बदलाव, इस असिस्टेंट के आने वाले AI-इनफ्यूज्ड वर्जन से जुड़े हैं। इस बदलाव के लिए जरूरी विशेषज्ञता में बदलाव की जरूरत है, जिसके कारण कंपनी को कुछ मौजूदा भूमिकाओं को खत्म करना पड़ा। साथ ही रिसोर्सेज को को फिर से एलोकेट करना पड़ा और अपडेटेड Siri को सपोर्ट करने वाली नई भूमिकाएं क्रिएट करनी पड़ीं।

‘इंटेलिजेंट सिस्टम्स एक्सपीरियंस’ टीम में बदलाव AI-संचालित क्षमताओं पर काम को फिर से व्यवस्थित करने के प्रयास को दर्शाते हैं। जैसे-जैसे और अधिक ग्रुप्स की ओर से ऐप्स, फीचर्स और सर्विसेज में AI फंक्शन लाए जा रहे हैं, Apple प्राथमिकताओं के अनुरूप टीमों को फिर से व्यवस्थित कर रही है। इस रीस्ट्रक्चरिंग से कुछ मौजूदा पद खत्म होंगे और नई भूमिकाएं क्रिएट होंगी।

Vision Pro में बदलावों के बारे में कर्मचारियों को बताया गया है कि यह ग्राहकों द्वारा डिवाइस के इस्तेमाल के तरीके के आधार पर प्राथमिकताओं को फिर से व्यवस्थित करने और भविष्य के अन्य उत्पादों की ओर रिसोर्सेज को बेहतर ढंग से निर्देशित करने का प्रयास है।

Mobile Manufacturing Scheme 2.0 : सरकार ने लॉन्च की 62,500 करोड़ करोड़ रुपए की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, जानिए पूरी डिटेल

Vision Pro और visionOS ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं हो रहा बंद

Apple इमर्सिव वीडियो को पूरी तरह से बंद नहीं कर रही है। कंपनी की योजना है कि वह खुद कम संख्या में वीडियो बनाएगी। साथ ही थर्ड-पार्टी कंपनियों को इस डिवाइस के लिए कंटेंट बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। कंपनी ने कर्मचारियों से कहा है कि Vision Pro और इसका visionOS ऑपरेटिंग सिस्टम बंद नहीं होने वाला है। ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 2028 के आखिर तक एक नया Vision Pro मॉडल लॉन्च करने पर भी विचार कर रही है।

एक बयान में एपल ने माना कि वह कुछ टीमों को फिर से व्यवस्थित कर रही है ताकि अपने यूजर्स को बेहतरीन अनुभव देने के लिए बिजनेस को आगे बढ़ा सके। कंपनी के मुताबिक, “हालांकि इस बदलाव के तहत हम नए जॉब रोल क्रिएट करेंगे, लेकिन इसका असर कुछ मौजूदा रोल्स पर भी पड़ेगा। हम इन टीम मेंबर्स के योगदान के लिए आभारी हैं और इस बदलाव के दौरान उनकी मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसमें Apple में अन्य भूमिकाओं के लिए आवेदन करने के अवसर भी शामिल हैं।”

37 हजार की नौकरी से 2.2 करोड़ का पैकेज, सॉफ्टवेयर इंजीनियर के 11 साल के सफर ने इंटरनेट पर मचाया तहलका

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 11 सालों में 37 हजार रुपये महीने से लेकर 2.2 करोड़ रुपये के पैकेज तक का शानदार सफर तय किया है, जिसकी कहानी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है।

क्या होती है JP Morgan SDE-2 की सैलरी? इंजीनियर ने शेयर किया अपना पूरा पैकेज

बेंगलुरु में काम करने वाली एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपनी सैलरी डिटेल सोशल मीडिया पर शेयर कर इंटरनेट पर हलचल मचा दी। JP Morgan में Associate (SDE-2) पद पर काम करने वाली इस टेकी ने अपनी पूरी सैलरी स्ट्रक्चर सार्वजनिक कर दी, जिसके बाद कई इंजीनियरिंग छात्रों और फ्रेशर्स के बीच चर्चा शुरू हो गई।

उन्होंने X (पहले ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में बताया कि कई छात्रों और नए ग्रेजुएट्स ने उनसे कंपनी में मिलने वाले पैकेज को लेकर सवाल पूछे थे। इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए उन्होंने अपने ऑफर लेटर का पूरा ब्रेकडाउन शेयर किया।

₹32 लाख फिक्स सैलरी, कुल पैकेज ₹35.2 लाख सालाना

टेकी के शेयर किए गए ऑफर ब्रेकडाउन के मुताबिक, उन्होंने JP Morgan Chase में बेंगलुरु लोकेशन पर Associate (SDE-2) के तौर पर जॉइन किया है।

उनके पैकेज में:

32 लाख रुपये सालाना फिक्स सैलरी

10 प्रतिशत परफॉर्मेंस बोनस

कुल अनुमानित पैकेज करीब 35.2 लाख रुपये प्रति वर्ष शामिल है।

उन्होंने बताया कि इस ऑफर में न तो कोई जॉइनिंग बोनस मिला और न ही रिलॉकेशन अलाउंस या स्टॉक बोनस दिया गया। कंपनी की ओर से मिलने वाले फायदे सामान्य JP Morgan कर्मचारियों वाले बेनिफिट्स हैं।

फ्रेशर्स के सवालों के बाद शेयर किया ऑफर लेटर

टेकी ने बताया कि उन्होंने अपनी सैलरी पहले से बताने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उनकी पिछली JP Morgan जॉइनिंग पोस्ट के बाद कई छात्रों और फ्रेशर्स ने उनसे पैकेज को लेकर जानकारी मांगी थी। उन्होंने लिखा कि लोग जानना चाहते थे कि Associate (SDE-2) जैसी भूमिका में वास्तविक ऑफर कितना होता है। इसी वजह से उन्होंने बिना किसी अनुमान के अपनी वास्तविक सैलरी डिटेल साझा की।

पहली जॉइनिंग पोस्ट के बाद भी मिली थी काफी चर्चा

इस टेकी की JP Morgan ऑफिस में पहले दिन की तस्वीर वाली पोस्ट भी सोशल मीडिया पर काफी पसंद की गई थी। हालांकि, सैलरी ब्रेकडाउन वाली पोस्ट ने उससे कहीं ज्यादा ध्यान खींचा। पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने पैकेज देखकर हैरानी जताई और उन्हें शुभकामनाएं दीं। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतनी सैलरी के बाद उन्हें सोशल मीडिया से होने वाली कमाई की जरूरत नहीं होगी।

लोगों ने कहा- छात्रों के लिए मददगार है ऐसी जानकारी

कई यूजर्स ने सैलरी की जानकारी सार्वजनिक करने के फैसले की तारीफ की। उनका कहना था कि असली ऑफर और पैकेज की जानकारी मिलने से छात्रों और नए इंजीनियरों को प्लेसमेंट की तैयारी में मदद मिलती है। एक यूजर ने कहा कि ऐसी वास्तविक सैलरी डिटेल्स अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय युवाओं को सही उम्मीदें तय करने में मदद करती हैं।

कई लोगों का मानना था कि कंपनियों के पैकेज को लेकर अक्सर भ्रम रहता है, ऐसे में वास्तविक अनुभव साझा करना नए उम्मीदवारों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

कुछ लोगों ने सैलरी सार्वजनिक करने पर जताई चिंता

हालांकि, हर कोई इस कदम से सहमत नहीं था। कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर इतनी निजी जानकारी शेयर करने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी।एक यूजर ने कहा कि अब उनकी पूरी टीम को उनकी सैलरी के बारे में पता चल सकता है, जिससे भविष्य में परेशानी हो सकती है। वहीं, एक अन्य यूजर ने सलाह दी कि कंपनियों में काम करने वाले लोगों को अपनी कमाई से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने से पहले इसके संभावित प्रभावों के बारे में सोचना चाहिए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

JP Morgan टेकी की यह पोस्ट सिर्फ सैलरी चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया क्या युवाओं के लिए वेतन की जानकारी सार्वजनिक करना फायदेमंद है या निजी रखना बेहतर?

अंकुर वारिकू ने बताया ड्राइवर को क्यों देते हैं 53 रुपये हजार सैलरी, वजह जानकर लोग हुए हैरान

योगी सरकार की गो संरक्षण नीति से निकला गो सेवा के साथ रोजगार का नया रास्ता

Yogi Janata darshan

Yogi government cow conservation policy: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गो संरक्षण नीति ने उत्तर प्रदेश में गो सेवा को रोजगार और उद्यमिता के नए मॉडल में बदल दिया है। यह व्यवस्था अब स्वरोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और करोड़ों के कारोबार का मजबूत आधार बन रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से बड़े उद्यमी, इंजीनियर, सामाजिक संस्थाएं व अन्य लोग भी गो संरक्षण के क्षेत्र में उतर कर देसी गायों पर आधारित उत्पादों के जरिए नई आर्थिक संभावनाएं तैयार कर रहे हैं। यही कारण है कि प्रदेश में गो सेवा के साथ रोजगार का नया रास्ता खुला है।

 

प्रदेश में देसी गायों के पंचगव्य, आयुर्वेदिक औषधियों, जैविक उत्पादों और पारंपरिक खाद्य सामग्री की मांग लगातार बढ़ी है। इन उत्पादों का बाजार अब केवल अपने प्रदेश या देश तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, दुबई और यूरोप के कई देशों तक फैल चुका है। गो आधारित उद्योगों के विस्तार से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला है और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत तैयार हुए हैं।

योगी सरकार की नीति से बदली तस्वीर

उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को लेकर सरकार की नीति ने इस क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। गोवंश संरक्षण को जैविक खेती, स्वरोजगार, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण उद्योग और स्वदेशी उत्पादों से जोड़ने का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। देसी नस्ल की गायों पर आधारित मॉडल में दूध, घी, गोमूत्र अर्क, पंचगव्य औषधियां, जैविक खाद, हर्बल उत्पाद और अन्य वैल्यू एडेड वस्तुओं के उत्पादन को बढ़ावा मिला है। इससे गोशालाएं केवल आश्रय स्थल नहीं रहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधि के केंद्र के रूप में भी उभर रही हैं।

 

बदलती उपभोक्ता पसंद और प्राकृतिक उत्पादों की मांग ने भी इस क्षेत्र को नई ताकत दी है। A2 दूध, बिलौना घी और पंचगव्य आधारित उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता ने उद्यमियों को आकर्षित किया है। कई संस्थाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंच बन रही है। इससे उत्तर प्रदेश के गो आधारित उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने लगे हैं।

सीएम योगी की प्रेरणा से सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने गाजियाबाद में चुना नया रास्ता

करीब डेढ़ दशक तक विदेशी कंपनियों के लिए काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर असीम रावत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से गो संरक्षण के क्षेत्र में कदम रखा। गाजियाबाद स्थित उनकी संस्था ‘हेता ऑर्गेनिक’ आज देसी गायों के संरक्षण के साथ करीब 10 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार कर रही है। यह संस्था केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि वृद्ध गोवंश को भी आश्रय देती है और उनकी नियमित देखभाल करती है।

 

यहां देशी गायों के दूध से 150 से अधिक प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें A2 बिलौना घी, ब्राह्मी घृत, पंचगव्य घृत, देसी गाय का दूध, कुकीज, लड्डू, शतधौत घृत, हेल्दी मिठाइयां, स्नैक्स, हर्बल चाय, पेय पदार्थ तथा स्किन और हेयर केयर उत्पाद शामिल हैं। असीम रावत का उदाहरण बताता है कि योगी सरकार की प्रेरणा और नीति-समर्थन से गो संरक्षण को आधुनिक प्रबंधन और बाजार के साथ जोड़कर बड़े कारोबार में बदला जा सकता है।

वाराणसी में सुरभि शोध संस्थान बना गो सेवा और आजीविका का केंद्र

वाराणसी स्थित सुरभि शोध संस्थान भी इस दिशा में बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। कारोबारी एवं समाजसेवी सूर्यकांत जालान की गोशालाएं लखनऊ, वाराणसी, मीरजापुर, दिल्ली सहित कई स्थानों पर संचालित हैं। यहां 28,000 से अधिक गोवंश हैं। यहां गोबर और गोमूत्र का उपयोग जैविक खेती और विभिन्न उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।

 

संस्थान ने एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। यहां काम करने वाले लोग गो आश्रय स्थलों में रहकर गो सेवा के साथ अपनी आजीविका भी चला रहे हैं। यह मॉडल बताता है कि गो संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार और उत्पादन से भी जोड़ा जा सकता है।

बुलंदशहर के पर्यावरण इंजीनियर ने खड़ा किया सफल मॉडल

बुलंदशहर निवासी पर्यावरण इंजीनियर पराग गौड़ भी गो संरक्षण के क्षेत्र में सफल उद्यमी के रूप में उभरे हैं। लगभग 70 देसी गायों के माध्यम से वे दूध, घी, विशेष प्रकार के च्यवनप्राश समेत अन्य उत्पाद तैयार करते हैं। उनका सालाना कारोबार करीब सवा करोड़ रुपये का है। इस उद्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार भी पैदा हुआ है और गो आधारित उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। यह मॉडल इस बात का उदाहरण है कि गो सेवा, स्वदेशी परंपरा और ग्रामीण उद्यमिता को एक साथ जोड़कर आर्थिक सफलता हासिल की जा सकती है।

योगी सरकार का जोर देसी नस्ल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार उन्नत और उच्च उत्पादकता वाली देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रोत्साहन दे रही है। उनका कहना है कि गो संरक्षण को आजीविका, जैविक/प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर राज्य में नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। इससे गो सेवा के साथ रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुल रहे हैं।