‘AI से TCS में नौकरियां नहीं जाएंगी’, CEO बोले- बस बदल जाएगा काम का तरीका

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के कृतिवासन का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से कंपनी में कर्मचारियों की संख्या कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि TCS आगे भी भर्ती जारी रखेगी। हालांकि, कर्मचारियों को नए AI स्किल्स सीखने होंगे।

यह बयान इंजीनियरिंग छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। इससे पहले TCS के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने संकेत दिए थे कि कंपनी भर्ती को लेकर पहले से ज्यादा चयनात्मक होगी।

AI खत्म नहीं करेगा नौकरियां

Q1 FY27 के नतीजों के बाद हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में कृतिवासन ने कहा कि AI की वजह से कर्मचारियों का काम जरूर बदलेगा, लेकिन नौकरियां खत्म नहीं होंगी।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और कोडिंग के साथ अब प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, AI मॉडल की ट्रेनिंग, मॉडल टेस्टिंग और लाइफ-साइकिल मैनेजमेंट जैसे नए रोल तेजी से बढ़ेंगे। इन क्षेत्रों में नए मौके बनेंगे।

उन्होंने कहा कि कंपनी जरूरत के मुताबिक लगातार टैलेंट हायर करेगी। उनका मानना है कि AI से व्हाइट-कॉलर नौकरियों में बहुत बड़ी कटौती नहीं होगी।

भर्ती में दिखी तेजी

कृतिवासन का बयान ऐसे समय आया है, जब TCS ने जून तिमाही में चार साल की सबसे बड़ी भर्ती की है। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में 9,279 कर्मचारियों की नेट हायरिंग की। इसके बाद कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,93,798 हो गई।

कंपनी ने इस तिमाही में देश के प्रमुख संस्थानों से 14,000 फ्रेशर्स को भी शामिल किया।

तिमाही नतीजे कैसे रहे?

TCS का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पहली तिमाही में 2.7% घटकर 13,349 करोड़ रुपये रहा। यह बाजार के अनुमान से थोड़ा कम था। कंपनी ने बताया कि एक कानूनी मामले के 668 करोड़ रुपये के एकमुश्त सेटलमेंट का असर मुनाफे पर पड़ा।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 72,275 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार के अनुमान से बेहतर था। एकमुश्त खर्चों को छोड़ दें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 8.5% बढ़कर 13,849 करोड़ रुपये रहा। वहीं, रेवेन्यू में सालाना आधार पर 13.9% और तिमाही आधार पर 2.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने पत्नी की हत्या की:भारत में रह रही गर्लफ्रेंड को शव की फोटो भेजी; जमानत के लिए ₹47 करोड़ देने होंगे

अमेरिका में एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उसने पत्नी का गला घोंटकर हत्या की। अगले दिन उसके शव की फोटो भारत में रहने वाली गर्लफ्रेंड को भेजी। करीब 9 महीने तक चली जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। फिलहाल वह हिरासत में है। उसे जमानत के लिए 50 लाख डॉलर यानी करीब 48 करोड़ रुपए चुकाने होंगे। दोषी साबित होने पर उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है। आरोपी की पहचान 30 साल के अविनाश नार्ने के रूप में हुई है। वह तेलंगाना का रहने वाला है। वह अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसकी शादी 5 जून 2025 को 27 साल की राजिता सब्बिनेनी से हुई थी। शादी के 5 महीने बाद पत्नी का शव मिला 27 अक्टूबर 2025 को अविनाश ने पुलिस को फोन कर कहा कि उसकी पत्नी बाथरूम में बंद है और दरवाजा नहीं खोल रही। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो राजिता का शव अंदर मिला। उसने दावा किया कि वह करीब 40 मिनट के लिए घर से बाहर गया था और लौटने पर पत्नी बाथरूम में बंद मिली। जांच के दौरान पुलिस ने अपार्टमेंट के स्मार्ट लॉक और सिक्योरिटी सिस्टम का डेटा खंगाला। इससे पता चला कि अविनाश के बाहर रहने के दौरान फ्लैट में कोई दूसरा व्यक्ति घर में नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने किसी बाहरी व्यक्ति के हत्या करने की आशंका खारिज कर दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि राजिता की मौत गला घोंटने से दम घुटने के कारण हुई थी। इसके बाद मामले को हत्या मानकर जांच आगे बढ़ाई गई। शादी के बाद भी गर्लफ्रेंड से रिश्ता रखा जांच में पता चला कि अविनाश का भारत में रहने वाली एक महिला से कई साल से प्रेम संबंध था। इसी दौरान उसने राजिता से अरेंज मैरिज की। पुलिस के मुताबिक उसकी गर्लफ्रेंड शादी में भी शामिल हुई थी। शादी के बाद भी दोनों लगातार संपर्क में रहे। हत्या वाले दिन अविनाश ने गर्लफ्रेंड से कम से कम चार बार बात की थी। पूछताछ में उसने यह भी स्वीकार किया कि पत्नी की मौत के अगले दिन उसने राजिता के शव की तस्वीर उसे भेजी थी। पत्नी ने कई बार कड़वे ड्रिंक की शिकायत की थी पुलिस को जांच में राजिता और अविनाश के बीच हुई चैट भी मिली। इनमें राजिता ने कई बार पति के बनाए ड्रिंक का स्वाद कड़वा होने की शिकायत की थी। मौत वाले दिन उसने मैसेज कर कहा था कि पति की बनाई स्मूदी का स्वाद दवा और कफ सिरप जैसा लग रहा है। पुलिस के घर पहुंचने पर अविनाश ने कहा था कि उसकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी, हो सकता है कि कफ सिरप पीने के बाद वह बाथरूम में गिर गई हो। राजिता की मौत के बाद पुलिस कई महीनों तक डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और दूसरे सबूत जुटाती रही। इसके बाद जुलाई 2026 में अविनाश से दोबारा पूछताछ की गई और उसे फर्स्ट डिग्री मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। —————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 27 साल की भारतीय महिला की हत्या:आरोपी बॉयफ्रेंड भारत से गिरफ्तार, उसी के अपार्टमेंट में शव मिला था अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में भारतीय मूल की महिला निकिता गोदिशाला की हत्या के मामले में उसके एक्स बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। निकिता न्यू ईयर से लापता थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 27 साल की निकिता का शव अर्जुन के अपार्टमेंट से मिला था। जब उसका शव को मिला तो उस पर चाकू से वार के कई निशान थे। पूरी खबर पढ़ें…

पहली LinkedIn पोस्ट और उसमें नौकरी जाने की खबर! 37 साल तक Microsoft का दिया साथ, फिर एक झटके में गई जॉब

37 साल… किसी नौकरी में बिताया गया यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि मेहनत, भरोसे और अनगिनत यादों का सफर होता है। केविन लाचैपल ने माइक्रोसॉफ्ट में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शुरुआत की और अपनी मेहनत के दम पर Xbox प्लेटफॉर्म के वाइस प्रेसिडेंट बने। उन्होंने कंपनी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स को नई पहचान दी, लेकिन आखिरकार एक दिन उनका भी नाम छंटनी की लिस्ट में शामिल हो गया। सबसे भावुक बात यह रही कि 21 साल पुराने LinkedIn अकाउंट पर उन्होंने पहली बार कोई पोस्ट की और वह भी अपने 37 साल लंबे करियर के खत्म होने की खबर शेयर करने के लिए।

37 साल बाद नौकरी जाने की खबर बनी Xbox VP की पहली LinkedIn पोस्ट

केविन लाचैपल ने माइक्रोसॉफ्ट में 37 साल तक काम किया और इस दौरान कंपनी की कई बड़ी कंज्यूमर टेक्नोलॉजी विकसित करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में शुरुआत की और बाद में Xbox प्लेटफॉर्म के वाइस प्रेसिडेंट बने। उन्होंने Xbox बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी और क्लाउड गेमिंग जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। लेकिन इस बार उनकी LinkedIn पोस्ट किसी नई उपलब्धि या प्रोडक्ट लॉन्च के बारे में नहीं थी, बल्कि नौकरी जाने की खबर थी। लाचैपल ने LinkedIn पर बताया कि वे Microsoft के Xbox डिवीजन में हाल ही में हुई छंटनी का हिस्सा बने हैं। उन्होंने लिखा, “आज Xbox से निकाले गए कर्मचारियों की सूची में मेरा भी नाम शामिल हो गया। इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट में मेरा 37 साल का सफर खत्म हो गया।”

37 साल बाद पहली LinkedIn पोस्ट में सुनाई अपनी कहानी

केविन लाचैपल की यह पोस्ट उनके LinkedIn अकाउंट की पहली और अब तक की इकलौती पोस्ट है। उनका अकाउंट मई 2005 में बना था, लेकिन करीब 21 साल तक उस पर कोई अपडेट नहीं किया गया। आखिरकार उन्होंने अपने लगभग चार दशक लंबे करियर के खत्म होने की जानकारी इसी पोस्ट के जरिए साझा की। माइक्रोसॉफ्ट में बिताए अपने समय को याद करते हुए लाचैपल ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक Xbox की उस टीम का नेतृत्व करना था, जिसने Xbox बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी फीचर तैयार किया। इसकी मदद से पुराने Xbox गेम्स नए कंसोल पर भी खेले जा सकते हैं।

उन्होंने लिखा कि उनकी सबसे अच्छी यादें उन बेहतरीन इंजीनियरों के साथ काम करने की हैं, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को सफल बनाया। लाचैपल ने यह भी बताया कि उन्हें आज भी वह पल याद है, जब E3 2015 इवेंट में उस समय के Xbox प्रमुख फिल स्पेंसर ने पहली बार इस फीचर की घोषणा की थी। उस दौरान वह खुद भी ऑडिटोरियम में मौजूद थे।

लाचैपल ने बताया कि जब Xbox बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी फीचर की घोषणा की गई थी, तब दर्शकों की प्रतिक्रिया शानदार थी। उनके मुताबिक, वह पल उनके करियर की सबसे यादगार घटनाओं में से एक था। इसके बाद उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड गेमिंग टीम का नेतृत्व किया। आगे चलकर यही प्रोजेक्ट ‘प्रोजेक्ट xCloud’ बना, जो Xbox की रणनीति का अहम हिस्सा बन गया। लाचैपल का मानना है कि आने वाले समय में लोग कहीं भी हों, मनोरंजन का ज्यादातर कंटेंट स्ट्रीमिंग के जरिए ही देखेंगे और इस्तेमाल करेंगे। कंपनी छोड़ते समय उन्होंने Xbox के पूर्व प्रमुख करीम चौधरी का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट में अपने 37 साल के करियर के दौरान करीम चौधरी उनके सबसे अच्छे मैनेजर रहे।

विंडोज से लेकर Xbox क्लाउड गेमिंग तक, 37 साल का शानदार सफर

केविन लाचैपल ने तीन दशक से भी ज्यादा समय पहले माइक्रोसॉफ्ट में अपने करियर की शुरुआत की थी। Xbox प्लेटफॉर्म के वाइस प्रेसिडेंट बनने से पहले उन्होंने कंपनी के कई बड़े विभागों में काम किया और कई महत्वपूर्ण तकनीकी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रहे। उनके योगदान में Project xCloud को शुरू करने में अहम भूमिका निभाना, Microsoft Expression Encoder बनाने वाली टीम की स्थापना करना, HighMAT मल्टीमीडिया फॉर्मेट का सह-विकास करना, Windows के शुरुआती संस्करणों पर काम करना, Windows Movie Maker का पहला संस्करण लॉन्च करना और Xbox में वीडियो स्ट्रीमिंग व बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी जैसे फीचर विकसित करना शामिल है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्हें स्ट्रीमिंग, वीडियो एडिटिंग और मल्टीमीडिया तकनीक से जुड़े 17 पेटेंट भी मिले।

माइक्रोसॉफ्ट छोड़ने से पहले लाचैपल Xbox के क्लाउड, कंसोल और पीसी प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह बड़ी इंजीनियरिंग टीमों का नेतृत्व करते थे और कंपनी की तकनीकी योजनाओं को बिजनेस रणनीति के साथ जोड़ने का काम करते थे।

Xbox में बड़े बदलाव के बीच गई केविन लाचैपल की नौकरी

केविन लाचैपल ऐसे समय में माइक्रोसॉफ्ट से अलग हुए हैं, जब Xbox अपने इतिहास के सबसे बड़े पुनर्गठन से गुजर रहा है। हाल ही में Xbox की सीईओ आशा शर्मा ने कर्मचारियों को बताया कि कंपनी बड़े बदलाव के तहत करीब 3,200 पद खत्म करेगी। यह Xbox के कुल कर्मचारियों का लगभग 20 प्रतिशत है। इनमें से 1,600 नौकरियां तुरंत समाप्त की जाएंगी, जबकि बाकी कटौती वित्त वर्ष 2027 तक पूरी की जाएगी। इसके अलावा कंपनी चार गेम स्टूडियो बेच रही है और एक अन्य स्टूडियो को भी अलग करने की तैयारी में है।

कर्मचारियों को भेजे गए एक संदेश में आशा शर्मा ने कहा कि कंपनी का कारोबार उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि Xbox का मुनाफा (मार्जिन) इस क्षेत्र की दूसरी कंपनियों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने गेमिंग इंडस्ट्री में चल रही हार्डवेयर से जुड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया और कहा कि अब Xbox के कारोबार को नए सिरे से मजबूत करने की जरूरत है।

Google में ₹9.3 करोड़ की नौकरी छोड़ शुरू किया AI स्टार्टअप! अब मालामाल हुए यूसुफ इमरान, युवाओं की दी ये सलाह

Startup News: गूगल (Google) के एक पूर्व कर्मचारी ने करीब 9.3 करोड़ रुपये (लगभग 10 लाख डॉलर) सालाना की नौकरी छोड़कर अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप शुरू किया है। 41 वर्षीय यूसुफ इमरान (Yousuf Imran) का कहना है कि AI ने लोगों के लिए अपना बिजनेस शुरू करने और नए अवसर बनाने के रास्ते खोल दिए हैं।

पूर्व गूगल अकाउंट एग्जीक्यूटिव यूसुफ इमरान ने कहा कि Google में अच्छी कमाई के बावजूद उन्हें FOMO (कुछ छूट जाने का डर) महसूस हुआ क्योंकि OpenAI और Anthropic जैसी AI कंपनियाँ ऐसे स्टॉक पैकेज दे रही थीं जिनमें जिंदगी बदलने की क्षमता थी।

एक साल में कमाए करीब 9.3 करोड़ रुपये

Business Insider में प्रकाशित एक आर्टिकल के अनुसार, यूसुफ इमरान ने बताया कि उन्होंने पिछले साल Google में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के तौर पर करीब 9.86 लाख डॉलर (लगभग 9.3 करोड़ रुपये) कमाए थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेस सैलरी करीब 1.70 लाख डॉलर (करीब 1.6 करोड़ रुपये) थी। जबकि उनकी अधिकांश कमाई कमीशन से हुई।

AI बूम के बीच महसूस हुआ ‘FOMO’

इमरान ने कहा कि Google में अच्छी कमाई के बावजूद उन्हें AI इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ते अवसरों को लेकर फियर ऑफ मिसिंग आउट (FOMO) महसूस होने लगा। उन्होंने कहा कि OpenAI और Anthropic जैसी AI कंपनियां कर्मचारियों को ऐसे स्टॉक विकल्प दे रही थीं। इनकी भविष्य में बड़ी वैल्यू हो सकती है। इसी वजह से उन्होंने नौकरी की सुरक्षा के बजाय अपने स्टार्टअप में हिस्सेदारी को ज्यादा महत्वपूर्ण माना।

बिना इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के शुरू किया AI प्रोजेक्ट

करीब 15 साल सेल्स सेक्टर में काम करने के बाद इमरान 2020 में Google से जुड़े थे। वहां वे ग्राहकों को Google के AI और मशीन लर्निंग समाधान अपनाने में मदद करते थे। उन्होंने बताया कि नौकरी के बाद रात और वीकेंड में वे ChatGPT, Claude और Gemini जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर ऐप्स और साइड प्रोजेक्ट्स बनाते थे। जबकि उनका सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का कोई औपचारिक अनुभव नहीं था।

छंटनी ने बदल दी सोच

इमरान के मुताबिक, Google में हाल के वर्षों में हुई छंटनी ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि केवल बड़ी कंपनी में नौकरी ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी नहीं है। उन्होंने देखा कि कई प्रतिभाशाली कर्मचारियों की भी नौकरी चली गई। इसके बाद उन्होंने अपना उद्यम शुरू करने का फैसला किया।

सेल्स में लगभग 15 साल बिताने के बाद, इमरान 2020 में गूगल से जुड़े और क्लाइंट्स को गूगल के AI मशीन लर्निंग सॉल्यूशन को लागू करने में मदद की। इमरान ने बताया कि उनकी बेस सैलरी लगभग 170,000 डॉलर (करीब 1.6 करोड़ रुपये) थी, जबकि उनकी ज़्यादातर कमाई कमीशन से होती थी, जिससे उनकी सालाना W-2 कमाई लगभग 986,000 डॉलर (करीब 9.3 करोड़ रुपये) हो गई।

शुरू किया अपना AI स्टार्टअप

अप्रैल 2026 में उन्होंने Google छोड़कर Mangosteen Studio नाम से अपना AI स्टार्टअप शुरू किया। यह कंपनी सेल्स प्रोफेशनल्स के लिए AI आधारित टूल विकसित करती है। इमरान ने बताया कि उन्होंने पहले से पूरी वित्तीय योजना बनाई थी। स्टार्टअप को दो साल तक चलाने के लिए करीब 2 लाख डॉलर अलग रखे थे। जबकि अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के लिए 1.5 लाख डॉलर की बचत भी की थी।

‘AI हर किसी को नया मौका दे रहा है’

इमरान का कहना है कि AI केवल इंजीनियरों के लिए नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी लोगों के लिए भी नए अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा, “जो लोग अपने करियर में ठहराव महसूस कर रहे हैं या नई चुनौती चाहते हैं, उनके लिए AI कुछ नया बनाने का अवसर दे रहा है। सबसे जरूरी चीज आपके क्षेत्र का अनुभव है। मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर नहीं था, लेकिन मैंने 20 साल तक सेल्स प्रोफेशनल्स की समस्याओं को समझा और उसी अनुभव के आधार पर अपना बिजनेस शुरू किया।”

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एक साल में 8 लाख रुपये से सीधे 25 लाख का हो गया पैकेज! टेक प्रोफेशनल ने बताया 1 साल में कैसे 3 गुना बढ़ी सैलरी

कई प्रोफेशनल्स अपनी सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद में सालों बिता देते हैं, लेकिन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए, सिर्फ़ 12 महीनों में करियर से जुड़े कुछ फैसलों ने उनकी सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी कर दी। रेडिट पर अपनी कहानी शेयर करते हुए, इस टेक प्रोफेशनल ने बताया कि कैसे नई नौकरी के लिए दूसरी जगह जाने के मुश्किल फैसले ने आखिरकार उनकी सालाना कमाई को लगभग तीन गुना करने में मदद की।

करीब 5 साल के अनुभव वाले जावा फुल स्टैक डेवलपर, इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) में ‘निंजा’ प्रोफ़ाइल के साथ की थी। पीछे मुड़कर देखने पर, उन्होंने अपने पहले प्रोजेक्ट को जावा, स्प्रिंग बूट, AWS, एंगुलर और पायथन जैसी टेक्नोलॉजीज़ का अनुभव दिलाने का श्रेय दिया।

एक ही प्रोजेक्ट पर लगभग चार साल बिताने और बेहतरीन परफॉर्मेंस रेटिंग पाने के बावजूद, उन्हें लगा कि उनकी सैलरी में बढ़ोतरी सीमित ही रही। अपनी रेडिट पोस्ट में उन्होंने लिखा, “लेकिन डिजिटल एग्ज़ाम (विंग्स 1) पास करने और अच्छे बैंड (A – 2022, B – 2023, A – 2024) पाने के बाद भी, मेरा CTC सिर्फ़ 7.8 LPA था।”

जुलाई 2025 में जब उन्होंने अपनी पहली नौकरी बदली, तब उनकी ज़िंदगी में एक अहम मोड़ आया। उस समय उनके पास कई ऑफ़र थे। एक ऑफ़र में रिमोट वर्क (घर से काम करने) की सुविधा थी, लेकिन सैलरी कम थी। दूसरे ऑफ़र में सबसे ज़्यादा पैकेज मिल रहा था, लेकिन उसके लिए बेंगलुरु जाना ज़रूरी था। तीसरा ऑफ़र घर के पास था और उसमें बेंगलुरु वाली नौकरी से थोड़ी कम सैलरी मिल रही थी।

वे खुद को इंट्रोवर्ट मानते थे, इसलिए किसी नए शहर में बसने का विचार उन्हें ज्यादा उत्साहित नहीं कर रहा था। उन्होंने माना कि वे सुरक्षित विकल्प चुनने की सोच रहे थे, लेकिन तभी एक कलीग ने उन्हें लंबे समय के फायदों के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने लिखा, “मैं आखिरी वाला ऑफर एक्सेप्ट करने की सोच रहा था, क्योंकि एक इंट्रोवर्ट होने के नाते, मुझे नए दोस्त बनाने में मुश्किल होती है और मुझे दूसरी जगह बसना बिल्कुल पसंद नहीं था।” “लेकिन मेरे एक कलीग ने मुझसे कहा कि मुझे बेंगलुरु वाला ऑफर स्वीकार कर लेना चाहिए और वहां चले जाना चाहिए, क्योंकि यह मेरे करियर के लिए बेहतर होगा।”

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आखिरकार उन्होंने उस सलाह को माना और बेंगलुरु चले गए। उन्होंने बताया कि यह बदलाव उम्मीद से कहीं बेहतर रहा। उन्हें बजट के अंदर रहने की जगह मिल गई, नए दोस्त बने और वे शहर की ज़िंदगी में घुल-मिल गए। करीब छह महीने तक सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा। लेकिन, जल्द ही लागत कम करने के उपायों का असर उनकी टीम पर पड़ा। कई साथियों को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया, जबकि एक और साथी का काम खत्म हो गया। इन हालात ने उन्हें फिर से नए मौकों की तलाश शुरू करने के लिए प्रेरित किया।

उन्हें सबसे पहले एक फिनटेक कंपनी से ऑफर मिला, जिसके लिए उन्होंने एक ही दिन में इंटरव्यू के सभी राउंड पास कर लिए थे। हालांकि, सैलरी में जो बढ़ोतरी ऑफर की गई थी, वह उनके मौजूदा पैकेज से सिर्फ़ 22% ज़्यादा थी। अपने नोटिस पीरियड के दौरान, वे कई कंपनियों के साथ इंटरव्यू देते रहे, जिनमें फिलिप्स, डेल्टा एयरलाइंस, AMEX GBT और दूसरी सर्विस-बेस्ड कंपनियां शामिल थीं। जहां AMEX GBT ने 50% बढ़ोतरी का ऑफर दिया, वहीं डेल्टा एयरलाइंस ने 75% बढ़ोतरी की उनकी मांग को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यह कंपनी के बजट से बाहर है।

आखिरकार, उन्होंने AMEX GBT का ऑफर स्वीकार कर लिया और इसी महीने कंपनी जॉइन कर ली। अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए, डेवलपर ने कहा कि उन्होंने TCS में 3.3 LPA के पैकेज के साथ अपना करियर शुरू किया था। समय के साथ, लगातार अच्छा प्रदर्शन और स्किल्स में सुधार की वजह से उनका पैकेज बढ़कर 7.8 LPA हो गया। हालांकि, कंपनी बदलने और दूसरी जगह जाकर काम करने के लिए तैयार होने के बाद उन्हें बड़ी बढ़त मिली। बाद में उन्होंने कमेंट सेक्शन में बताया, “मेरा मौजूदा CTC 24.8 LPA है।”