LPG Price 4 September: बढ़ गए रसोई गैस के दाम? दिल्ली से मुंबई तक जानें LPG का रेट

LPG Price 4 September: रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में किसी भी तरह का बदलाव का असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। एलपीजी की कीमत बढ़ने से घर से साथ होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबार के लागत भी प्रभावित होती है। सिलेंडर महंगा होने पर खर्च बढ़ जाता है। वहीं दाम कम होने पर लोगों को थोड़ी राहत मिलती है। घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट जारी हो गए हैं। ऐसे में अगर आप भी सिलेंडर भरवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले अपने शहर में लागू कीमत जरूर जान लें।

सितंबर में तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव किया है, वहीं घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत फिलहाल स्थिर है। अब घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर अलग-अलग शहरों में किस कीमत पर मिल रहे हैं? प्रमुख शहरों के 4 सितंबर 2026 के ताजा LPG रेट यहां देख सकते हैं।

आज कितने बढ़े दाम

4 सितंबर को घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 14.2 किलो वाले LPG सिलेंडर के रेट में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 942 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,747.50 रुपये में मिल रहा है। कोलकाता में घरेलू सिलेंडर 968 रुपये और कमर्शियल 2,882 रुपये का है। इसलिए ग्राहकों को आज भी अपने शहर में लागू पुराने रेट पर ही सिलेंडर मिलेगा। वहीं हर शहर की घरेलू गैस सिलेंडर में बदलाव हो सकता है। आज सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का रेट जरूर चेक कर लें

शहर का नामघरेलू एलपीजी की कीमत (14.2 किलो)कमर्शियल एलपीजी की कीमत (19 किलो)
दिल्ली942.00 रुपए2747.50 रुपए
मुंबई941.50 रुपए2,701.00 रुपए
कोलकाता968.00 रुपए2,882.00 रुपए
चेन्नई957.50 रुपए2,915.50 रुपए
बेंगलुरु944.50 रुपए2,8230.50 रुपए
पटना1,031.50 रुपए3,027.50 रुपए
भोपाल947.50 रुपए2,752.50 रुपए
देहरादून961.00 रुपए2,800.00 रुपए
चंडीगढ़951.50 रुपए2,769.50 रुपए

पटना में सबसे मंहगा

LPG सिलेंडर के दाम शहर के हिसाब से अलग-अलग हैं। पटना में घरेलू और कमर्शियल दोनों सिलेंडर सबसे महंगे हैं। यहां 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर 1,031.50 रुपये और 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर 3,027.50 रुपये में मिल रहा है। वहीं मुंबई में दोनों सिलेंडर सबसे सस्ते हैं। मुंबई में घरेलू सिलेंडर 941.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,701 रुपये का है। यानी पटना के मुकाबले मुंबई में घरेलू सिलेंडर 90 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 326.50 रुपये सस्ता है।

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September 2026: दूध से लेकर LPG सिलेंडर तक… 1 सितंबर से बदल जाएंगे ये 9 बड़े नियम! आपकी जेब पर पड़ेगा बड़ा असर

Financial Rule Changes September 2026: सितंबर का महीना शुरू होते ही आम आदमी से लेकर निवेशकों और करदाताओं के लिए कई नियम बदलने वाले हैं। सितंबर 2026 में दूध की कीमतों से लेकर डीमैट अकाउंट, एडवांस टैक्स, एलपीजी सिलेंडर बायोमेट्रिक और फ्लाइट में सफर तक से जुड़े 9 बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं। 1 सितंबर 2026 से लागू होने वाले इन सभी 9 महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में विस्तार से जानिए।

1. डीमैट और म्यूचुअल फंड में नॉमिनेशन के नए नियम

1 सितंबर 2026 से डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए नॉमिनेशन के नए दिशानिर्देश लागू हो जाएंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खातों का नॉमिनेशन स्टेटस तुरंत चेक करें और आवश्यक प्रक्रिया या ऑप्ट-आउट फॉर्म समय रहते पूरा कर लें।

2. SEBI के नए ETF रूल्स

शेयर बाजार के नियामक सेबी का नया एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) फ्रेमवर्क 7 सितंबर 2026 से लागू होने जा रहा है। इसमें बेस प्राइस, प्राइस बैंड, प्री-ओपन कॉल ऑक्शन और क्लोज-आउट प्रक्रियाओं में बदलाव शामिल हैं। पहले इसे लागू करने की समयसीमा अलग थी, जिसे बढ़ाकर 7 सितंबर किया गया है।

3. FCNR(B) डिपॉजिट पर स्पेशल स्वैप विंडो बंद

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की FCNR(B) डिपॉजिट के लिए विशेष डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा 31 अगस्त को समाप्त हो रही है। 1 सितंबर से नई FCNR(B) एफडी पर यह स्पेशल फैसिलिटी नहीं मिलेगी। हालांकि, FCNR(B) डिपॉजिट बंद नहीं हुए हैं, लेकिन अब इन पर ब्याज दरें बैंक की सामान्य दरों के आधार पर तय होंगी।

4. एडवांस टैक्स चुकाने की लास्ट डेट: 15 सितंबर

करदाताओं के लिए 15 सितंबर 2026 एडवांस टैक्स की अगली किश्त जमा करने की अंतिम तिथि है। नियमों के तहत, योग्य टैक्सपेयर्स को 15 सितंबर तक अपनी कुल एडवांस टैक्स देनदारी का कम से कम 45% हिस्सा सरकार को जमा करना अनिवार्य है।

5. छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव

सितंबर का आखिरी दिन यानी 30 सितंबर छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए पीपीएफ (PPF), सुकन्या समृद्धि और एनएससी (NSC) जैसी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की नई ब्याज दरों की समीक्षा और घोषणा करेगी।

6. इंटरनेशनल फ्लाइट्स: बोर्डिंग पास पर स्टैंप की जरूरत खत्म

1 सितंबर 2026 से भारत से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर मोहर लगवाने की बाध्यता से छूट दे दी गई है। अब यात्री अपने मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास का उपयोग कर सकते हैं या प्रिंटेड पास दिखाकर इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

7. LPG e-KYC की अनिवार्यता

घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (e-KYC) कराने की समयसीमा 31 अगस्त यानी आज तक है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें 1 सितंबर के बाद रसोई गैस सिलेंडर की रीफिल बुकिंग या सब्सिडी दरों का लाभ लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

8. मुंबई में दूध की कीमतें बढ़ीं

मुंबई में 1 सितंबर से ताजा भैंस के दूध के थोक दामों में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी होने वाली है। इसके बाद अब दूध की नई दरें ₹102 प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं। यह रिवाइज्ड रेट अगले छह महीनों के लिए लागू रहेंगे।

9. मुंबई में ऑटो और टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी

मुंबई में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी झटका लगने वाला है। 1 सितंबर से मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के बेस फेयर में बढ़ोतरी होने वाली है, जिससे लोकल ट्रैवलिंग थोड़ी महंगी हो जाएगी।

LPG Price 29 August 2026: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम जारी, जानें दिल्ली समेत पूरे देश का भाव

LPG Price 29 August 2026: 29 अगस्त 2026 को देशभर में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों को लेकर तेल कंपनियों ने कोई बदलाव नहीं किया है। यानी आज ग्राहकों को सिलेंडर खरीदने के लिए पिछले महीने जितनी ही कीमत चुकानी होगी। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत बड़े शहरों में LPG के मौजूदा रेट फिलहाल स्थिर हैं। घरेलू रसोई गैस की कीमत लंबे समय से लोगों के लिए अहम मुद्दा बनी हुई है, खासकर तब जब महंगाई का असर लगातार घरेलू बजट पर दिखाई दे रहा है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले होटल, रेस्टोरेंट और कारोबारियों की नजर भी कीमतों पर बनी रहती है।

ऐसे में आज LPG के दामों में बदलाव नहीं होने से उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर ₹942 और मुंबई में ₹941.50 पर उपलब्ध है। जानिए देश के प्रमुख शहरों में आज LPG के क्या रेट हैं।

आपके शहर में LPG सिलेंडर की कीमत कितनी है?

LPG सिलेंडर के दाम हर शहर में अलग-अलग हो सकते हैं। स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्चों के कारण एक ही घरेलू सिलेंडर की कीमत में शहर के अनुसार अंतर देखने को मिलता है। इसलिए सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का ताजा LPG रेट जरूर चेक कर लें।

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

जून में महंगा हुआ था घरेलू सिलेंडर

घरेलू LPG की कीमत में आखिरी बदलाव जून 2026 में हुआ था। उस समय तेल कंपनियों ने प्रति सिलेंडर ₹29 की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत ₹913 से बढ़कर ₹942 हो गई थी और तब से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

अगस्त में कमर्शियल LPG हुआ था सस्ता

कमर्शियल LPG इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को 1 अगस्त को राहत मिली थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम अलग-अलग शहरों में करीब ₹192 से ₹209 तक घटाए थे।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ी परेशानी

मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर भी दिखाई दे रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। 25 अगस्त को इस रास्ते से सिर्फ पांच जहाज गुजरे, जबकि एक दिन पहले यह संख्या सात थी। इस रूट में व्यवधान से तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है।

ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमला

इस बीच ओमान के तट के पास तेल टैंकर AL SALAM II पर अज्ञात मिसाइल या प्रोजेक्टाइल से हमले की सूचना सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में विस्फोट हुआ और आग लग गई। नुकसान के चलते टैंकर आगे यात्रा करने की स्थिति में नहीं है। हमले को लेकर ईरान के IRGC पर संदेह जताया गया है, हालांकि जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

LPG की कीमतों पर आगे भी रहेगी नजर

घरेलू LPG के दाम फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय तेल-गैस बाजार और मध्य-पूर्व की स्थिति पर तेल कंपनियों की नजर बनी हुई है। ऐसे में आने वाले समय में LPG कीमतों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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LPG Price 26 August 2026: गैस सिलेंडर खरीदने से पहले जान लें आज का ताजा रेट, दिल्ली से पटना तक कीमतें यहां देखें

26 अगस्त 2026, बुधवार को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया गया है। देश की प्रमुख तेल कंपनियों Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) ने आज घरेलू गैस सिलेंडर के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतें फिलहाल पिछले स्तर पर ही बनी हुई हैं। ऐसे में रसोई गैस सस्ती होने का इंतजार कर रहे आम उपभोक्ताओं को इस बार भी राहत नहीं मिली है।

देश के अलग-अलग शहरों में LPG के दाम अलग-अलग हैं और महानगरों से लेकर अन्य प्रमुख शहरों तक कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। वहीं, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में हालिया बदलाव के बाद कारोबारियों को जरूर राहत मिली है। ऐसे में घरेलू गैस की कीमतों पर लोगों की नजर बनी हुई है।

दिल्ली में ₹942 पर बरकरार घरेलू LPG

तेल कंपनियों ने जून में घरेलू LPG की कीमत में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलो वाले सिलेंडर का भाव ₹942 पर स्थिर है। मुंबई में यह ₹941.50, कोलकाता में ₹968 और चेन्नई में ₹957.50 है।

आपके शहर में LPG सिलेंडर की कीमत कितनी है?

LPG सिलेंडर के दाम हर शहर में अलग-अलग हो सकते हैं। स्थानीय टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्चों के कारण एक ही घरेलू सिलेंडर की कीमत में शहर के अनुसार अंतर देखने को मिलता है। इसलिए सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का ताजा LPG रेट जरूर चेक कर लें।

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

कमर्शियल सिलेंडर के दाम में मिली बड़ी राहत

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में भले ही कोई राहत नहीं मिली हो, लेकिन 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में इस महीने की शुरुआत में बड़ी कटौती की गई थी। अलग-अलग शहरों में यह कमी करीब ₹194 से ₹200 तक रही, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक ग्राहकों को फायदा मिला।

LPG सप्लाई में बदल रही भारत की रणनीति

वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत के LPG आयात का स्रोत भी तेजी से बदल रहा है। पहले भारत अपनी LPG जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए मध्य-पूर्व पर निर्भर था, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के बीच अमेरिका से LPG खरीद बढ़ाई गई है।

अमेरिका से बढ़ा LPG आयात

Kpler के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने जुलाई में अमेरिका से करीब 0.89 मिलियन टन LPG आयात किया। अगस्त में अब तक लगभग 0.62 मिलियन टन LPG अमेरिका से आई है। अगस्त के कुल LPG आयात में अमेरिकी गैस की हिस्सेदारी करीब 73% बताई गई है।

खाड़ी देशों से सप्लाई में भारी गिरावट

अमेरिका से आयात बढ़ने के साथ पारंपरिक सप्लायर देशों से LPG की आवक काफी कम हुई है। अगस्त में UAE से भारत का LPG आयात करीब 1.40 लाख टन और कतर से लगभग 60 हजार टन रहा। वहीं, जुलाई और अगस्त दोनों महीनों में सऊदी अरब से LPG आयात शून्य रहा।

 

घर बैठे ऐसे चेक करें LPG का ताजा रेट

अगर आप Indane Gas का इस्तेमाल करते हैं, तो Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य और जिले का चयन करके LPG सिलेंडर की मौजूदा कीमत देख सकते हैं। Bharat Gas ग्राहक ebharatgas.com पर उपलब्ध ‘Quick Book & Pay’ विकल्प के जरिए सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, HP Gas उपभोक्ता HP Pay ऐप से LPG सिलेंडर का ताजा रेट चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, UMANG ऐप के जरिए LPG रिफिल बुक करने के साथ उसकी मौजूदा कीमत भी देखी जा सकती है।

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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आ सकती है तूफानी तेजी! ईरान पर अमेरिका के इस एक फैसले से भारत में पड़ेगी महंगाई की मार?

US Sanctions on Iran: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए नए और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए इसे ‘इकोनॉमिक डी-डे’ करार दिया है।

वैसे तो भारत सीधे तौर पर ईरान से कच्चा तेल आयात नहीं करता है, लेकिन ग्लोबल ऑयल मार्केट के जरिए भारत पर इसका बड़ा असर पड़ने की आशंका है। चीन के विकल्प ढूंढने से लेकर भारत के क्रूड बिल, फ्रेट चार्ज और रुपए पर पड़ने वाले असर की पूरी डिटेल जानिए।

सीधे नहीं, ‘चीन फैक्टर’ से बढ़ेगी भारत की सिरदर्दी

एनर्जी इंटेलिजेंस फर्म Kpler के अनुसार, भारत ईरान से सीधे क्रूड नहीं खरीदता, इसलिए भारत पर प्रत्यक्ष प्रभाव नगण्य रहेगा। असली खतरा चीन के रुख से है। चीन हर महीने ईरान से औसतन 5 से 8 लाख बैरल प्रति दिन तेल खरीदता है। अगर अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में चीन को ईरान के अलावा दूसरे देशों का रुख करना पड़ा, तो वह उन मार्केट बैरल्स पर कब्जा करने की कोशिश करेगा जिन पर भारत निर्भर है।

चीन के अचानक ग्लोबल मार्केट में आने से कच्चे तेल की मांग और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे बेंचमार्क क्रूड प्राइस उछलेगा और भारत का कुल आयात बिल बढ़ जाएगा।

क्या रूस से मिलेगा सहारा?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल (25 से 28 लाख बैरल प्रति दिन) रूस से खरीद रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, रूस पहले से ही अपनी क्षमता के मुताबिक भारत को अधिकतम तेल सप्लाई कर रहा है। मार्केट में सप्लाई तंग होने से रूसी क्रूड पर मिलने वाली छूट कम हो रही है और प्रीमियम बढ़ रहा है, जिसका सीधा नुकसान भारतीय रिफाइनरीज को होगा।

महंगा मालभाड़ा और इंश्योरेंस का झटका

मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव के कारण सिर्फ कच्चे तेल की कीमत ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत भी आसमान छू रही है। होर्मुज बंद होने के साथ ही फिलहाल लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घट गई है। मुख्य सप्लाई रूट्स पर फ्रेट दरें 137% से 411% तक बढ़ चुकी हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए सिंगल ट्रिप का ‘वॉर-रिस्क इंश्योरेंस’ 7.5 से 10 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। दूर-दराज से तेल मंगाने पर जहाजों का फ्रेट और वर्किंग कैपिटल कॉस्ट बढ़ जाएगी।

महंगाई, रुपए और अर्थव्यवस्था पर कैसे होगा असर?

भारत अपनी जरूरत का 90% कच्चा तेल आयात करता है। अगर ब्रेंट क्रूड के दाम में तेजी बनी रहती है, तो क्रूड का आयात बिल बढ़ने से देश का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ेगा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होगा। जुलाई 2026 में भारत का मर्चेंडाइज डेफिसिट $32 अरब तक पहुंच गया था।

ट्रांसपोर्टेशन और शिपिंग महंगी होने से पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस (LPG) के साथ-साथ एविएशन, मैन्युफैक्चरिंग और रोजमर्रा के सामान महंगे हो सकते हैं।

भारत-ईरान द्विपक्षीय व्यापार पर सीमित प्रभाव

भारत-ईरान प्रत्यक्ष व्यापार पर इसका खास प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि 2018 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने मई 2019 से ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था।

भारत ईरान को बासमती चावल का बड़ा निर्यात करता है (अप्रैल-जून 2026 में $103 मिलियन का निर्यात)। यूएई के जरिए होने वाले पेमेंट और फ्रेट रूट में रुकावट से भारतीय बासमती एक्सपोर्टर्स को लॉजिस्टिक्स में थोड़ी दिक्कत आ सकती है।

ईरान ने हाल के सालों में अपनी घरेलू फार्मा मैन्युफैक्चरिंग बढ़ा ली है, इसलिए भारतीय दवा निर्यातकों पर इसका बड़ा असर नहीं होगा।

कुल मिलाकर ईरान पर कसा गया अमेरिकी शिकंजा सीधे तौर पर भारत की तेल आपूर्ति को ठप नहीं करेगा, बल्कि यह ‘सेकंड-ऑर्डर इफेक्ट’ के रूप में सामने आएगा। चीन द्वारा वैकल्पिक तेल बाज़ारों पर निर्भरता बढ़ाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल, शिपिंग भाड़ा और इंश्योरेंस महंगा होगा, जिससे आखिरकार भारत का इंपोर्ट बिल और घरेलू महंगाई प्रभावित हो सकती है।

अब नहीं मिलेगा LPG गैस सिलेंडर! सरकार का बड़ा आदेश- PNG कनेक्शन लेना जरूरी, वरना कट जाएगा कनेक्शन

LPG Control Order 2026 Rules: भारत सरकार ने देश में रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े निर्देश जारी कर एलपीजी सिलेंडरों की जगह पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस (PNG) के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा देने को कहा है। इसके पीछे कई वजह आपूर्ति व्यवस्था को डिजिटल और सुरक्षित बनाना है।

नए ‘एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2026’ और ‘नैचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ के तहत अब उन इलाकों में जहां पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां एक साथ एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यानी आप अब LPG सिलेंडर नहीं यूज कार पाएंगे।

PNG लेना अनिवार्य, वरना कट जाएगा LPG सिलेंडर कनेक्शन

पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल की ओर से राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे गए पत्र के मुताबिक, सरकार ने एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट होने के नियमों को सख्त कर दिया है। जिन सोसायटियों या इलाकों में पीएनजी नेटवर्क पहुंच चुका है, वहां के उपभोक्ताओं को नोटिस दिया जाएगा। अगर तय नोटिस मिलने के बावजूद कोई उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं करता है, तो उसका LPG सिलेंडर कनेक्शन अपने आप रद्द कर दिया जाएगा।

मिडिल ईस्ट संकट और भारत का बड़ा सबक

सरकार द्वारा पीएनजी पर अचानक इतना जोर देने की सबसे बड़ी वजह हालिया पश्चिम एशिया संकट और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ में हुआ व्यवधान है। भारत अपनी घरेलू रसोई गैस (LPG) की जरूरतों के लिए काफी हद तक कतर, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों पर निर्भर है। मिडिल ईस्ट जंग के कारण एलपीजी सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई थी।

आयातित एलपीजी की तुलना में घरेलू पीएनजी सप्लाई ज्यादा सुरक्षित और मजबूत साबित हुई क्योंकि इसे घरेलू प्राकृतिक गैस का प्राथमिकता आवंटन मिलता है। पीएनजी से अंतरराष्ट्रीय युद्ध और लॉजिस्टिक्स रुकावटों का असर नहीं पड़ता।

हर जिले में बनेगी ‘PNG कोऑर्डिनेशन कमेटी’

पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया को तेजी से लागू करने के लिए सरकार ने विशेष प्रशासनिक ढांचा तैयार किया है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) संस्थाओं को हर क्षेत्र में ‘पीएनजी कोऑर्डिनेशन कमेटी’ (PCC) गठित करने का निर्देश दिया गया है।

राज्यों से कहा गया है कि वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) स्तर के अधिकारी को जिले का नोडल ऑफिसर बनाएं जो आरडब्ल्यूए (RWA) और सोसायटियों से परमिशन और राइट ऑफ वे दिलाने में मदद करेंगे।

पीएनजी अपनाने के 4 बड़े फायदे

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पीएनजी में शिफ्ट होने से आम जनता और देश दोनों को सीधा फायदा होगा:

सस्ता और सुविधाजनक: पीएनजी सिलेंडर के मुकाबले ज्यादा सस्ती, सुरक्षित और बिना रिफिलिंग के 24×7 मिलने वाली रसोई गैस है।

सिलेंडर बुकिंग का झंझट खत्म: उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने या डिलीवरी का इंतजार करने से मुक्ति मिलेगी।

लॉजिस्टिक्स का बोझ कम: सड़कों पर सिलेंडरों के परिवहन और भारी-भरकम गाड़ियों का बोझ कम होगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर का सही इस्तेमाल: सरकारी और प्राइवेट कंपनियों द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने में किए गए अरबों रुपये के निवेश का सही उपयोग हो सकेगा।

Bangladesh Crisis: कंगाल होने की कगार पर बांग्लादेश? गैस खत्म, 80% निर्यात ठप और ब्लैकआउट से त्राहि-त्राहि!

Bangladesh Economic Crisis: पड़ोसी देश बांग्लादेश इन दिनों अपनी अब तक की सबसे बड़ी और गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। प्राकृतिक गैस की भारी कमी के कारण देश के बड़े-बड़े कारखाने बंद हो रहे हैं, खेतों के लिए खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों में जंग लग रहा है और आम जनता बिजली की किल्लत व रसोई गैस की भारी कमी से परेशान है।

घरेलू उत्पादन में गिरावट, नई गैस खोज में देरी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण एलएनजी (LNG) आपूर्ति ठप होने से बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

फर्टिलाइजर फैक्ट्रियां बंद, कृषि और खाद सुरक्षा पर मंडराया संकट

गैस संकट की सबसे बड़ी मार बांग्लादेश के खाद उद्योग पर पड़ी है। देश की ऐतिहासिक और सबसे बड़ी ‘आशुगंज फर्टिलाइजर फैक्ट्री’ मार्च 2025 से पूरी तरह बंद पड़ी है। जहां कभी रोज 1,000 टन से ज्यादा यूरिया बनता था, वहां अब केवल जंग लगे ढांचे बचे हैं।

आशुगंज समेत देश के 6 प्रमुख यूरिया कारखाने या तो पूरी तरह बंद हो चुके हैं या क्षमता से बहुत कम पर काम कर रहे हैं। इससे 17 करोड़ की आबादी वाले इस देश के कृषि क्षेत्र और खाद्य सुरक्षा पर सीधा खतरा पैदा हो गया है।

गारमेंट्स इंडस्ट्री और अर्थव्यवस्था को भारी झटका

बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेडीमेड गारमेंट्स (RMG) निर्यातक है, जो उसके कुल निर्यात राजस्व का लगभग 80% हिस्सा है। गैस की कमी के कारण सैकड़ों कपड़ा और टेक्सटाइल मिलें बंद होने के कगार पर हैं या अपने उत्पादन में भारी कटौती करने को मजबूर हैं। कारखाने बंद होने से हजारों मजदूरों की नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ रहा है।

घरों में चूल्हे ठंडे, बिजली गुल और सड़कों पर प्रदर्शन

गैस की कमी ने आम नागरिकों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पाइप से मिलने वाली घरेलू गैस का प्रेशर इतना कम है कि खाना बनाना मुश्किल हो गया है। कई इलाकों में रात भर गैस का एक कतरा भी नहीं आता, जिससे लोग लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हैं।

गैस से चलने वाले पावर प्लांट पूरी क्षमता से बिजली नहीं बना पा रहे हैं। देश में घंटों के पावर कट लग रहे हैं। सरकार ने मॉल और बाजारों को एक घंटा पहले बंद करने का आदेश जारी किया है।

सीएनजी (CNG) स्टेशनों पर घंटों इंतजार करने के बाद भी ईंधन न मिलने पर ऑटो और गैस-रिक्शा चालकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

आखिर क्यों पैदा हुआ यह महा-संकट?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट रातों-रात पैदा नहीं हुआ, बल्कि सालों की अनदेखी का नतीजा है। साल 2018 तक बांग्लादेश गैस के मामले में आत्मनिर्भर था, लेकिन पुराने गैस कुओं से उत्पादन घटता गया। पिछली सरकारों ने नए कुओं की ड्रिलिंग और खोज पर पर्याप्त निवेश नहीं किया। कतर और अन्य देशों से आने वाली LNG आपूर्ति मिडल ईस्ट में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण बुरी तरह बाधित हुई है।

क्या है आगे का रास्ता और समाधान?

ढाका यूनिवर्सिटी के जियोलॉजी प्रोफेसर मो. अनवार हुसैन भुइयां के अनुसार, एक नए कुएं की ड्रिलिंग में $12-16 मिलियन का खर्च आता है, लेकिन उससे $4.5-4.9 अरब मूल्य की गैस निकल सकती है। सरकार ने नए ऑफशोर और ऑनशोर कुओं की नीलामी की योजना बनाई है।

पेट्रोबांग्ला के चेयरमैन मो. अब्दुल मन्नान के मुताबिक, गैस संकट का दीर्घकालिक और स्थायी समाधान ग्रीन व रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) की तरफ तेजी से कदम बढ़ाना ही है।

LPG Rate 23 August 2026: 23 अगस्त को कितने बढ़े LPG सिलेंडर के दाम? दिल्ली से बिहार तक जानें अपने शहर का रेट

LPG Rate 23 August 2026: रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर की कीमतें आम परिवारों के घरेलू बजट का एक अहम हिस्सा होती हैं। गैस के दाम बढ़ने या घटने का सीधा असर महीने के कुल खर्च पर दिखाई देता है। 23 अगस्त 2026 को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। यानी आज उपभोक्ताओं को सिलेंडर खरीदने के लिए पहले से अधिक पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। कीमतें स्थिर रहने से परिवारों को फिलहाल राहत मिली है और उनके मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। हालांकि, LPG की कीमत सभी शहरों में एक समान नहीं होती।

स्थानीय टैक्स, परिवहन खर्च और अन्य शुल्कों के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में सिलेंडर के दामों में अंतर देखने को मिल सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे सिलेंडर बुक करने या खरीदने से पहले अपने शहर में लागू LPG की ताजा कीमत जरूर जांच लें। इससे उन्हें सही कीमत की जानकारी मिलेगी और अनावश्यक खर्च से भी बचा जा सकेगा।

आपके शहर में LPG सिलेंडर का क्या भाव है?

शहर के हिसाब से LPG की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। स्थानीय टैक्स और अन्य लागतों की वजह से एक ही सिलेंडर के लिए अलग-अलग शहरों में ग्राहकों को अलग कीमत चुकानी पड़ सकती है।

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा क्यों?

घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें अलग होती हैं। 19 किलोग्राम का सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से इसकी कीमत घरेलू LPG सिलेंडर के मुकाबले अधिक रहती है और इसका खर्च कारोबार की संचालन लागत में शामिल होता है।

घर बैठे ऐसे चेक करें LPG का ताजा रेट

अगर आप Indane Gas का इस्तेमाल करते हैं, तो Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य और जिले का चयन करके LPG सिलेंडर की मौजूदा कीमत देख सकते हैं। Bharat Gas ग्राहक ebharatgas.com पर उपलब्ध ‘Quick Book & Pay’ विकल्प के जरिए सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, HP Gas उपभोक्ता HP Pay ऐप से LPG सिलेंडर का ताजा रेट चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, UMANG ऐप के जरिए LPG रिफिल बुक करने के साथ उसकी मौजूदा कीमत भी देखी जा सकती है।

LPG की कीमतों पर रहेगी नजर

फिलहाल घरेलू LPG के दाम स्थिर रहने से परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। हालांकि, आने वाले दिनों में तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में किसी भी संभावित बदलाव पर उपभोक्ताओं की नजर बनी रहेगी।

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LPG Rate 22 August 2026: आपके शहर में कितने का मिल रहा गैस सिलेंडर? यहां देखें घरेलू और कमर्शियल रेट

LPG Rate 22 August 2026:  रसोई गैस की कीमतों में होने वाला बदलाव सीधे आम परिवारों के बजट पर असर डालता है। महीने की शुरुआत में सिलेंडर का खर्च पहले से तय करना पड़ता है, इसलिए LPG के दाम स्थिर रहना लोगों के लिए राहत की खबर होती है। 22 अगस्त 2026 को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी आज उपभोक्ताओं को गैस के लिए अतिरिक्त रकम नहीं चुकानी पड़ेगी। हालांकि, अलग-अलग शहरों में LPG के दाम अलग हो सकते हैं।

स्थानीय टैक्स और अन्य खर्चों की वजह से कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। ऐसे में अपने शहर का ताजा रेट जानना जरूरी है। फिलहाल घरेलू गैस की कीमतें स्थिर रहने से परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा है। आने वाले दिनों में LPG की कीमतों में किसी बदलाव पर उपभोक्ताओं की नजर बनी रहेगी।

आपके शहर में LPG सिलेंडर का क्या भाव है?

शहर के हिसाब से LPG की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। स्थानीय टैक्स और अन्य लागतों की वजह से एक ही सिलेंडर के लिए अलग-अलग शहरों में ग्राहकों को अलग कीमत चुकानी पड़ सकती है।

शहरघरेलू LPG (14.2 किलो)कमर्शियल LPG (19 किलो)
कोलकाता₹968.00₹2,872.50
मुंबई₹941.50₹2,691.50
चेन्नई₹957.50₹2,906.00
गुड़गांव₹950.50₹2,755.00
नोएडा₹939.50₹2,738.00
बैंगलोर₹944.50₹2,821.00
भुवनेश्वर₹968.00₹2,908.00
चंडीगढ़₹951.50₹2,760.00
हैदराबाद₹994.00₹2,985.00
जयपुर₹945.50₹2,765.50
लखनऊ₹979.50₹2,860.50
पटना₹1,031.50₹3,018.00
तिरुवनंतपुरम₹951.00

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ज्यादा क्यों?

घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम अलग होते हैं। 19 किलो वाला सिलेंडर मुख्य रूप से व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए होता है और इसकी कीमत घरेलू सिलेंडर की तुलना में अधिक रहती है। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबारों के लिए इसका खर्च सीधे संचालन लागत का हिस्सा बनता है।

घर बैठे ऐसे जानें LPG सिलेंडर का ताजा रेट

अगर आप Indane Gas का इस्तेमाल करते हैं, तो अपने क्षेत्र में LPG सिलेंडर की मौजूदा कीमत ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए Indian Oil की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना राज्य और जिला चुनना होगा।

वहीं, Bharat Gas के ग्राहक ebharatgas.com पर मौजूद ‘Quick Book & Pay’ विकल्प के जरिए सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत चेक कर सकते हैं।

इसके अलावा, HP Gas के उपभोक्ता HP Pay ऐप पर LPG सिलेंडर का ताजा रेट देख सकते हैं। सरकार के UMANG ऐप की मदद से भी ग्राहक LPG रिफिल बुक करने के साथ-साथ उसकी मौजूदा कीमत की जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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2017 के पहले सपाई हड़प लेते थे गरीबों का राशन कार्ड, अब 15 करोड़ लोगों को निरंतर निशुल्क मिल रहा राशन : CM योगी

2017 के पहले सपाई हड़प लेते थे गरीबों का राशन कार्ड, अब 15 करोड़ लोगों को निरंतर निशुल्क मिल रहा राशन : CM योगी

CM Yogi Adityanath

UP Free Ration Scheme: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी राशन वितरण के उचित दर विक्रेताओं से अपील की कि वह कार्य करिए, जिसमें सम्मान हो। जिसमें सम्मान न हो, वह कार्य कभी नहीं करना चाहिए। इससे पीढ़ियां खराब होती हैं, उन पर दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने 2017 के बाद आए बदलाव का जिक्र किया और कहा कि अब कोई आप पर अंगुली नहीं उठा सकता। 2017 के पहले सपाई गरीब का राशन कार्ड अपने घर में रख लेता था, जिससे वह भूख से मरता था परंतु अब ऐसी स्थिति नहीं है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिए प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को लगातार निःशुल्क राशन मिल रहा है। निराश्रितों/दिव्यांगों का राशन घर तक पहुंचाने की व्यवस्था हो रही है। 2 करोड़ परिवारों को फ्री में रसोई गैस के कनेक्शन, 1.53 करोड़ परिवारों को फ्री में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। राशन की 10 हजार दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में स्थापित किया गया है। यह परिणाम राज्य की उन्नति को बताते हैं। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास के तीसरे सोमवार की शुभकामना दी और राशन कोटेदारों की आस पूरी करते हुए सोमवार को लोकभवन में सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया। सीएम ने बटन दबाकर उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में हुई वृद्धि (90 रुपए से बढ़ाकर 125 रुपए प्रति क्विंटल) का उपहार दिया। सीएम ने कहा कि मार्जिन मनी में 35 रुपए की वृद्धि (10 रुपए केंद्र सरकार व 25 रुपए राज्य सरकार) से आपने लंबी छलांग लगाई है। हमने 25 रुपए और बढ़ाने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा है। समय लगेगा, लेकिन यह कार्य हो गया तो आपके लिए और भी अच्छी व्यवस्था होगी।

शासन व जनता के बीच सेतु का काम करते हैं फेयरप्राइस शॉप के संचालक

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति काम करके आजीविका चलाता है, लेकिन उचित मूल्य विक्रेता निराश्रित, गरीब, दिव्यांगजन समेत समाज के अन्य जरूरतमंदों के हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें शासन की योजना से जोड़ रहे हैं। उचित मूल्य विक्रेता से जुड़े फेयरप्राइस शॉप के संचालक दुनिया की सबसे बड़ी योजना (राशन वितरण) के जरिए शासन व जनता के बीच सेतु का काम करते हैं। 

वर्ष 2017 के पहले कोटेदार नाम से लोगों को होती थी चिढ़ 

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले उचित दर मूल्य के विक्रेताओं का दर्द बयां किया। कहा कि आप तब भी मेहनत करते थे लेकिन शासन राशन नहीं भेजता था तो गाली आपको खानी पड़ती थी। उनकी लूट का खामियाजा आपको भुगतना पड़ता था। लोग शक की निगाहों से देखते थे। कोटेदार शब्द से ही लोगों को चिढ़ सी होने लग गई थी। गलती आपकी नहीं थी। पाप कोई करता था, भुक्तभोगी कोई और होता था। 

 

योगी ने कहा कि उस समय सत्तासीन लोगों की नीयत में खोट था। उनके भ्रष्ट आचरण की आंच से चाहकर भी आप स्वयं को बचा नहीं सकते थे, जिससे उस समय यूपी की 20-22 करोड़ की आबादी शक की निगाहों से देखी जाती थी। नौजवान, व्यापारी, बेटियां समेत आमजन अन्य प्रदेश में जाते थे तो कोई सम्मान नहीं करता था। 2017 के पहले जो लोग यूपी से दूरी बनाते थे, पिछले साढ़े 9 वर्ष के भीतर वही लोग अब यूपीवालों को गले लगाते हैं। उत्तर प्रदेश के बारे में ओवरऑल धारणा बदली है। यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की ताकत है, जिसे पीएम मोदी जी के नेतृत्व/मार्गदर्शन में प्रदेश ने सामूहिक रूप से अर्जित किया है। 

CM yogi

वीडियो बनाने की धमकी देने वाले स्कूलों में जाकर देखें सकारात्मक बदलाव 

सीएम ने बेसिक शिक्षा परिषद का जिक्र किया। कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि स्कूल का वीडियो बनाएंगे, अरे! जरूर बनाओ। हमने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से हर स्कूल की अच्छी फ्लोरिंग कराई। सरकार बालक-बालिकाओं के लिए अलग टॉयलेट, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, फर्नीचर, 1.60 करोड़ बच्चों को बैग, किताबें, दो यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर आदि सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। साल 2017 के पहले स्कूल का भवन नहीं होता था। यदि भवन था तो शिक्षक नहीं, शिक्षक थे तो छात्र नहीं। पेयजल, टॉयलेट न होने से सत्र पूरा होने से पहले ही आधे बच्चे पहले ही स्कूल छोड़कर चले जाते थे। अब निपुण भारत अभियान के तहत यूपी के स्कूली बच्चे अक्षर ज्ञान के साथ ही वाक्य विन्यास में भी पारंगत हुए हैं। विज्ञान, अंग्रेजी, गणित की शिक्षा भी स्कूल में लेते हैं। बच्चे अब अच्छा कर रहे हैं। 

जो कुछ नहीं कर पाए, वे आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं 

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना निशाना साधा। कहा कि जो लोग कुछ कर नहीं पाए, वे आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं। ऐसे लोग परिवर्तन को नकारात्मकता में बदलना चाहते हैं। यही स्थिति आप सभी के साथ भी हुई। उचित दर विक्रेताओं के बारे में लोगों की धारणा ठीक हो, इसके लिए सरकार ने वर्ष 2017 में ई-पॉस मशीन लगाना शुरू किया। हमने कहा कि सिंगल डोर स्टेप होगा यानी एफसीआई के गोदाम से सीधे फेयरप्राइस शॉप तक राशन पहुंचाया जाएगा। सरकार व उचित मूल्य विक्रेता के बीच में कोई बैरियर नहीं रहेगा। हम सीधे संवाद बनाएंगे, इससे परिणाम भी सकारात्मक आए। 

39 प्रकार के आइटम की कर सकते हैं बिक्री

सीएम ने कहा कि पारदर्शिता आई तो अब गांव में लोग आपका सम्मान भी करते हैं और आपके सुख-दुख में खड़े होते हैं। आपके प्रति विश्वास में वृद्धि हुई। पीएम के आदेश पर उचित दर विक्रेता से जुड़ी दुकान को अन्नपूर्णा भवन के रूप में निर्मित किया जा रहा है। इस वर्ष इस मद में 500 करोड़ रुपए दिए गए हैं। वहां दुकान व गोदाम की भी व्यवस्था होगी। पहले आप केवल राशन की ही बिक्री कर पाते थे, लेकिन अब 39 ऐसे आइटम हैं, जिन्हें आप अपनी दुकानों से बेच सकते हैं बशर्ते वह नशीले/ज्वलनशील पदार्थ या देश/समाज के प्रतिकूल आचरण से जुड़े सामान न हों। 

2017 में जनता दर्शन में 1000 में से 300 शिकायतें राशन से जुड़ी आती थीं, अब एक भी नहीं आतीं 

सीएम ने कहा कि पहले सरकार ही लूट मचाती थी तो परिवर्तन कैसे हो पाता। फेयर प्राइस शॉप संचालकों को कोसने भर से परिवर्तन नहीं होता। प्रदेश में अब खाद्य व रसद विभाग में भी व्यापक रिफॉर्म हुआ है। 2017 में जनता दर्शन में यदि हजार प्रार्थना पत्र आते थे तो इसमें से लगभग 300 अप्लीकेशन राशन से जुड़ी विसंगतियों को लेकर होती थी लेकिन अब राशन वितरण की एक भी शिकायत नहीं आती है। यही आपका सम्मान है। अब आपको कोई कटघरे में नहीं खड़ा कर सकता और न ही कोई ऊल-जुलूल बातें करता है। 

कोरोना के दौरान भी कोटेदारों की नहीं आई एक भी शिकायत

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की स्कीम को आपने धऱातल पर उतारने का कार्य किया। हमें प्रसन्नता होती है कि हमने गरीब के लिए जो चीज उपलब्ध कराई थी, वह उस तक पहुंच गई है। सीएम ने कोटेदारों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान भी आप राशन वितरित कर रहे थे। जब सारा काम-धंधा बंद हुआ तो हमने दाल, नमक और तेल का वितरण शुरू किया। सभी जगह सुचारु वितरण हुआ, कहीं से एक भी शिकायत नहीं आई और हर गरीब तक सामान पहुंचा। इसका मतलब पूर्ववर्ती सरकार की नीयत खराब थी। वे आपका इंसेंटिव भी नहीं बढ़ाते थे।  

मुख्यमंत्री ने फेयर प्राइस शॉप संचालकों की हौसलाअफजाई की

सीएम ने कहा कि औसतन हर विक्रेता को 100 कुंतल अनाज का आवंटन होता है। अब तक 90 रुपए के हिसाब से फेयरप्राइस शॉप के संचालक की प्रतिमाह आय लगभग 12,750 होती थी। अब 125 रुपए की दर से 100 कुंतल वितरण पर 16,250 रुपए प्राप्त होंगे। इसके अलावा दुकान का मुनाफा अलग से है। जो जितना अधिक बिक्री करेगा, उतना अधिक लाभांश कमाएगा। उचित मूल्य के विक्रेताओं के लिए पहली बार 30 प्रतिशत की मार्जिन मनी की बढ़ोतरी हो रही है। 

2017 के पहले किसानों से खरीदे जाने वाले खाद्यान्न में भी होती थी व्यापक हेराफेरी

सीएम ने कहा कि 2017 से पहले किसानों से लिए जाने वाले खाद्यान्न में व्यापक हेराफेरी होती थी। सीधे किसान से खरीदारी नहीं होती थी, बिचौलिए के कारण किसान को एमएसपी का लाभ नहीं मिल पाता था। 2017 से हम किसानों से सीधे धान, गेहूं, दलहन-तिलहन, मिलेट्स आदि की खरीद कर रहे हैं। डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में पैसा जा रहा है। किसान, नौजवान, महिला समेत हर तबके का व्यक्ति सीधे शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहा है। सीएम ने कहा कि यदि बीच की दीवार हट गईं तो बहुत सी चीजें पारदर्शी हो जाएंगी, जो विश्वास का कारक भी बनती हैं और लोकतंत्र विश्वास के कारण मजबूत होता है। 

विदेश जाने वाले पैसे का एक हिस्सा भारत के अस्थिर करने में होता है खर्च 

सीएम ने अपील की कि उचित मूल्य विक्रेता भी विश्वास के प्रतीक के रूप में अपनी पहचान बनाएं। आप सभी अन्नपूर्णा भवन के निर्माण की कार्रवाई तेजी से बढ़वाइए। सरकार धनराशि आवंटित करेगी। अच्छे भवन, वेयरहाउस अच्छे बनेंगे। राशन वितरण 7-10 दिन करेंगे, शेष 20 दिन वेयरहाउस का उपयोग अन्य कार्यों के लिए करके अतिरिक्त आय भी कर सकते हैं। ओडीओपी के सामान रखकर होली-दीवाली समेत अन्य त्योहारों पर भी स्थानीय उत्पाद को प्राथमिकता देंगे तो स्थानीय कारीगर, हस्तशिल्पी भी प्रोत्साहित होगा। साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

 

उन्होंने कहा कि जब हमारा धन विदेशों में जाता है तो उसका एक हिस्सा हमारे खिलाफ ही आतंकवाद को भड़काने और भारत को अस्थिर करने में खर्च होता है। सीएम ने अपील की कि स्वदेशी को प्राथमिकता दें, लोकल को ग्लोबल बनाने की दिशा में प्रयास करें। यह अभियान गांव में भी प्रारंभ हो सकता है। सीएम ने कहा ग्राम पंचायत का जो अन्नपूर्णा भवन बनेगा, वहां उचित मूल्य संचालकों (अन्नपूर्णा भवन संचालक) को मिला सम्मान आपके कार्यों, परिश्रम व प्रयासों का परिणाम है। 

 

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, खाद्य व रसद विभाग के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय, राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे। 

मुख्यमंत्री को सौंपा धन्यवाद पत्र 

इस उपहार के लिए कोटेदारों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उप्र सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के अध्यक्ष अशोक कुमार मेहरोत्रा, ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के राजेश तिवारी, आदर्श कोटेदार कमलेश कुमार मिश्र, उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद पत्र प्रदान किया तो सीएम ने भी मंच से आभार जताया।