ईरान युद्ध में घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 861 हुई

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने ईरान संघर्ष के लिए अपने सार्वजनिक घायलों के डेटाबेस में 37 और घायल सैन्य कर्मियों, 29 नाविकों और आठ मरीन, को शामिल किया है, जिससे कुल संख्या बढ़कर 861 हो गई है। यह जानकारी वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट से प्राप्त हुई।

पेंटागन अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की है कि नई सूची में शामिल लोग कब या कैसे घायल हुए। 

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हताहतों की बढ़ती संख्या ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और इज़रायल का महीनों से चल रहा अभियान ईरान को घुटने टेकने पर मजबूर करने या अमेरिका द्वारा तय किए गए युद्ध के किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह युद्ध एक ऐसे गतिरोध में बदल गया है जिसमें बहुत ज़्यादा नुकसान हो रहा है, जबकि ईरान सत्ता में बना हुआ है, अमेरिका के दबाव का विरोध कर रहा है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपना मज़बूत नियंत्रण बनाए हुए है। फिर भी, ट्रंप प्रशासन ने इस संघर्ष को खत्म करने के बजाय इसे जारी रखा है।

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ईरान के लिए ‘सीक्रेट हथियार’ बना रहा चीन! रिपोर्ट में हुए खुलासे से अमेरिका में हड़कंप

China Secret Support to Iran: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच चीन एक तरफ तो खुद को शांतिदूत के रूप में पेश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे से ईरान की आर्थिक और सैन्य ताकत बढ़ाने में लगा हुआ है। एक खोजी रिपोर्ट ने इस पूरे मामले से पर्दा उठाया है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन, ईरान के लिए एक खास ‘सीक्रेट हथियार’ भी बना रहा है।

अमेरिकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन से ईरान के रक्षा मंत्रालय को भेजे जाने वाले ‘डुअल-यूज’ पार्ट्स यानी दोहरे इस्तेमाल वाले घटकों की डिलीवरी में इस साल रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। ईरानी सीमा शुल्क डेटा, अमेरिकी अधिकारियों और इस गुप्त व्यापार से जुड़े लोगों के हवाले से आई इस रिपोर्ट से कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं। चीन और अमेरिका के शीर्ष नेताओं की मुलाकात के बीच इस खुलासे ने वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

चीन से क्या-क्या मिल रहा है ईरान को?

‘डुअल-यूज’ पार्ट्स वे सामान होते हैं जिनका उपयोग आम नागरिक उपकरणों के साथ-साथ खतरनाक हथियारों में भी किया जा सकता है। WSJ रिपोर्ट के मुताबिक, चीन से ईरान भेजे गए सामान में ये प्रमुख चीजें शामिल हैं:

इलेक्ट्रॉनिक्स और जीपीएस ट्रैकिंग उपकरण: जो मिसाइलों की सटीक निशाना लगाने की क्षमता बढ़ाते हैं।

इलेक्ट्रिक मोटर और एयरक्राफ्ट इंजन पार्ट्स: जिनका सीधा इस्तेमाल सैन्य ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम में होता है।

रासायनिक सामग्री: जिसका इस्तेमाल बैलिस्टिक मिसाइल के फ्यूल बनाने में किया जा सकता है।

उपग्रह तस्वीरें: अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि 17 जुलाई के उस हमले से पहले और बाद में ईरान ने चीनी सैटेलाइट इमेजरी का इस्तेमाल किया, जिसमें तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।

कार्गो फ्लाइट्स में अचानक उछाल: ‘महान एयर’ का संदिग्ध रोल

फ्लाइट ट्रैकिंग साइट ‘FlightRadar24’ के डेटा के मुताबिक, अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित ईरानी एयरलाइन महान एयर ने मार्च के महीने में चीन के बीजिंग, शंघाई और गुआंगझू से तेहरान के लिए हर हफ्ते सिर्फ 4 उड़ानें भरी थीं।

लेकिन अप्रैल के अंत तक यह संख्या बढ़कर 27 उड़ानें प्रति सप्ताह हो गई। सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में महान एयर की फ्लाइट्स की संख्या 39 तक पहुंच गई। इन अधिकांश उड़ानों का इस्तेमाल यात्रियों को ले जाने के बजाय गुप्त सैन्य और तकनीकी कार्गो (हथियारों के पुर्जों) की डिलीवरी के लिए किया जा रहा था।

अमेरिकी पाबंदियों को दरकिनार कर खेल कर रहा तेल का ‘मास्टरमाइंड’

अमेरिकी पाबंदियों से पंगु हो चुकी ईरानी अर्थव्यवस्था को चीन संजीवनी दे रहा है। अमेरिकी सांसदों के अनुसार, चीन ईरान के क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट का 80% से ज्यादा हिस्सा खुद खरीद रहा है। अमेरिकी वित्तीय पाबंदियों को चकमा देने के लिए चीनी बैंकों और छद्म कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे तेहरान तक पैसा आसानी से पहुंच रहा है।

16 सितंबर को बीजिंग में हुई बैठक में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने साफ शब्दों में कहा था कि चीन और ईरान ‘व्यापक रणनीतिक भागीदार’ हैं और चीन ईरान के ‘वैध अधिकारों और हितों’ की रक्षा के लिए सहयोग मजबूत करने को तैयार है।

ट्रंप-जिनपिंग की मीटिंग के बीच अमेरिकी सियासत में भूचाल

वाशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आगमन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद एयरपोर्ट जाकर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, एआई सुरक्षा और ताइवान जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी है, लेकिन अमेरिकी संसद में ईरान का मुद्दा सबसे ऊपर आ गया है।

सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन समेत कई डेमोक्रेट नेताओं ने व्हाइट हाउस को पत्र लिखकर मांग की है कि राष्ट्रपति ट्रंप, शी जिनपिंग के सामने चीन की इस ‘सैन्य मदद’ का मुद्दा सख्ती से उठाएं। सीनेटरों ने आरोप लगाया कि चीनी कंपनियां अमेरिकी सैनिकों की हत्या और ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को जिंदा रखने में मदद कर रही हैं।

हालांकि, ट्रंप प्रशासन चीन से सीधे टकराने में थोड़ा हिचकिचा रहा है। ट्रंप पहले कह चुके हैं कि शी जिनपिंग ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे ईरान को सीधे हथियार नहीं देंगे और वे शी पर भरोसा करते हैं।

चीन की सफाई: ‘हमारी छवि खराब करने की कोशिश’

इन गंभीर आरोपों पर चीन के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजिंग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह ‘चीन को बदनाम करने की साजिश’ है। चीन का तर्क है कि वह दोहरे उपयोग वाले सामानों के निर्यात पर सख्त नियम लागू करता है और अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले एकतरफा प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी पर NSE की लिस्टिंग; Meesho, Ola Electric और Exide समेत 24 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 163.00 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 23,282.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स समेत बीएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 23 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 299.17 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 74,828.25 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 117.80 प्वाइंट्स यानी 0.50% की तेजी के साथ 23,446.80 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Sedemac Mechatronics

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स A91 एमर्जिंग फंड, एक्सपोनेंशिया अपॉर्च्यूनिटीज फंड, और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस सेडमैक मेकेट्रॉनिक्स के 44.3 लाख शेयर (10% हिस्सेदारी) बेचने वाले हैं। ₹1329 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹3000 फिक्स किया गया है।

Ola Electric Mobility

राइट्स इश्यू के लिए ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बोर्ड से मंजूरी की तलाश में है।

Pyramid Technoplast

पिरामिड टेक्नोप्लास्ट को गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (GPCB) से संशोधित CCA (कंसोलिडेटेड कंसेंट एंड ऑथराइजेशन) मिला है। इससे यह दूसरी कंपनियों से निकलने वाले खतरनाक केमिकल/वेस्ट से दूषित खाली बैरल, कंटेनर और लाइनर जैसे इंडस्ट्रियल पैकेजिंग वेस्ट को लेकर इसे रीसाइकिल कर सकेगी।

Rainbow Children’s Medicare

रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर के बोर्ड ने सुदर्शन पटोदिया को कंपनी का सीएफओ नियुक्त किया है और उन्हें 23 सितंबर से ग्रुप सीएफओ का पद सौंपा है।

Bharat Dynamics

भारत डायनामिक्स ने रक्षा मंत्रालय के साथ भारतीय वायु सेना को सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन्स (SAT-SAAW) और उससे जुड़े इक्विपमेंट्स की सप्लाई करने के लिए ₹810.79 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट किया है।

Exide Industries

एक्साइड इंडस्ट्रीज की एक अहम सब्सिडियरी एक्साइड एनर्जी सॉल्यूशंस ने बेंगलुरु के देवनहल्ली में स्थित अपनी 6 GWh की लीथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के पहले चरण का काम पूरा कर लिया है।

Avantel

एवांटेल को जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग के बिजनेस से सैटेलाइट कम्युनिकेशन इक्विपमेंट की सप्लाई के लिए ₹177.35 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Max Estates

मैक्स एस्टेट्स गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगभग 9.76 एकड़ ज़मीन के लिए एक जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट करेगी। इस प्रोजेक्ट में लगभग 15 लाख स्केयर फीट का सुपर बिल्ट-अप डेवलपमेंट और ₹2,500-₹3,000 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) की उम्मीद है।

Concord Biotech

कॉनकॉर्ड बायोटेक के बोर्ड ने हर एक शेयर पर एक बोनस इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है।

Zuari Industries, Texmaco Infrastructure

ज़ुआरी इंडस्ट्रीज ने टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर एंड होल्डिंग्स के 1.28 करोड़ इक्विटी शेयर ₹147.96 करोड़ में खरीदे हैं।

Meesho

वेंचर कैपिटल फर्म RPS वेंचर्स की कंपनी RPS WOS II LLC ने प्रति शेयर ₹233 के औसत भाव पर ₹899.7 करोड़ में मीशो के 3.86 करोड़ शेयर (0.83% हिस्सेदारी) बेच दी। जून 2026 तक इससे पास मीशो में 1.18% हिस्सेदारी थी। ये शेयर घिसालो मास्टर फंड, गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर सरकार, BNP पारिबास आर्बिट्रेज, सिटीग्रुप ग्लोबल, गोल्डमैन सैक्स, व्हाइटओक कैपिटल, मॉर्गन स्टेनले, मिरे एसेट MF, बजाज लाइफ इंश्योरेंस, फिडेलिटी एडवाइजर, सोसिएट जेनरेल और एडलवाइस MF समेत 14 निवेशकों ने खरीदे हैं।

Welspun Living

प्रमोटर वेल्सपन ग्रुप मास्टर ट्रस्ट ने ₹525.88 करोड़ में वेल्सपन लिविंग के 2.44 करोड़ इक्विटी शेयर (2.59% हिस्सेदारी) बेच दी है। ये सभी शेयर फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट फिडेलिटी इंटरनेशनल स्मॉल कैप फंड और क्वांट म्यूचुअल फंड ने खरीदे हैं। फिडेलिटी ने ₹477.97 करोड़ में 2.22 करोड़ शेयर (2.35% हिस्सेदारी) तो प्रति शेयर औसतन ₹214.9 के भाव पर क्वांट म्यूचुअल फंड ने ₹47.9 करोड़ में 22.29 लाख शेयर (0.23% हिस्सेदारी) खरीदी है

Allied Blenders and Distillers

प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया ने प्रति शेयर ₹650.17 के भाव पर ₹357.59 करोड़ में एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स के 55 लाख शेयर (1.97% हिस्सेदारी) बेच दिए। वहीं अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने ₹97.72 करोड़ में 15.03 लाख शेयर और SBI म्यूचुअल फंड ने प्रति शेयर ₹650 की औसत भाव पर ₹221.04 करोड़ में 34 लाख शेयर खरीदे।

Escorts

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने एस्कॉर्ट्स के 16.21 लाख शेयर ₹453 करोड़ में बेचे है तो निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 12.94 लाख शेयर ₹361.7 करोड़ में खरीदे है। यह खरीद-बिक्री प्रति शेयर औसतन ₹2,794 के भाव पर हुआ।

MKVentures Capital

सुशील बहेती, पद्मा बहेती और अंकित बहेती एंड संस HUF ने मधुसूदन केला की कंपनी एमके वेंचर्स कैपिटल के 1.48 लाख शेयर (3.86% हिस्सेदारी) ₹14.85 करोड़ में खरीदे हैं तो थिंक इंडिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड ने अपने सभी 1.63 लाख शेयर (4.26% हिस्सेदारी) ₹16.35 करोड़ में बेच दी। ये सौदे प्रति शेयर ₹1,000 के औसत भाव पर हुए।

Molbio Diagnostics

कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के 27.5 लाख शेयर (2.38% हिस्सेदारी) ₹361.62 करोड़ में खरीदे, तो मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की बिजनेस एक्सीलेंस ट्रस्ट III ने 29.96 लाख शेयर (2.6% हिस्सेदारी) ₹394.07 करोड़ में बेचे। इस सौदे में प्रति शेयर ₹1,315 के भाव पर शेयरों का लेन-देन हुआ।

Optiemus Infracom

बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने ऑप्टिमस इन्फ्राकॉम के 17.69 लाख शेयर ₹144.3 करोड़ प्रति शेयर ₹815.68 के भाव पर खरीदे हैं।

Mazda

क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल ने मजदा के 1.33 लाख शेयर (0.66% हिस्सेदारी) ₹3.38 करोड़ में प्रति शेयर ₹254.1 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक मजदा में क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल की हिस्सेदारी 7.23% थी। इसमें से इसने पिछले चार सेशन में 3.18% हिस्सेदारी बेच दी है।

Marine Electrical

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने मरीन इलेक्ट्रिकल के 11.55 लाख शेयर ₹45.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹394.79 के औसत भाव पर खरीदे। वहीं KDU एंटरप्राइजेज ने 42 लाख शेयर ₹162.32 करोड़ में औसतन ₹386.48 के भाव पर बेचे हैं।

NSE, Sonaselection India

आज एनएसई और सोनासेलेक्शन इंडिया के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

SpectraA Technology Solutions, Kheria Autocomp

स्पेक्ट्रा टेक सॉल्यूशंस और खेरिया ऑटोकॉम्प के शेयरों की आज एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, पर्पल स्टाइल लैब्स, पलक टेक्नोलॉजीज

एक्स-डिविडेंड: इंजीनियर्स इंडिया, एडटेक सिस्टम्स, आरफिन इंडिया, श्री वेंकटेश रिफाइनरीज

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 24 सितंबर को इन 11 शेयरों पर रहेगी नजर, डिफेंस से लेकर पावर स्टॉक्स तक शामिल

Stocks to Watch: गुरुवार 24 सितंबर को बाजार में कई शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। कंपनियों से जुड़े बड़े अपडेट सामने आए हैं। इनमें ऑर्डर, प्रोजेक्ट, बोनस शेयर और हिस्सेदारी बिक्री जैसी खबरें शामिल हैं।

IRCON International

सरकारी रेल कंपनी IRCON International के खिलाफ Afcons Infrastructure के ₹359.72 करोड़ के दावे पर माइनॉरिटी ट्रिब्यूनल ने ₹23.64 करोड़ देने का फैसला दिया है। यह विवाद T-74R-A वर्क पैकेज से जुड़ा है। इससे पहले मेजॉरिटी ट्रिब्यूनल ने इसी दावे पर ₹147.14 करोड़ देने का फैसला दिया था। इरकॉन का कहना है कि वो फैसले को आगे चुनौती देगी।

Max Estates

रियल एस्टेट कंपनी Max Estates गाजियाबाद के इंदिरापुरम में 9.76 एकड़ जमीन के लिए जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) करेगी। इस प्रोजेक्ट से करीब ₹2,500-3,000 करोड़ का ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) मिलने की उम्मीद है। यहां करीब 15 लाख वर्ग फुट का डेवलपमेंट किया जा सकता है। कंपनी इसे कैपिटल-लाइट मॉडल पर डेवलप करेगी।

GHCL

केमिकल कंपनी GHCL को गुजरात सरकार के कमिश्नर ऑफ जियोलॉजी एंड माइनिंग की ओर से कराई गई ई-नीलामी में कंपोजिट लाइसेंस के लिए प्रिफर्ड बिडर घोषित किया गया है। GHCL भारत की दूसरी सबसे बड़ी सोडा ऐश बनाने वाली कंपनी है।

Exide Industries

बैटरी कंपनी Exide Industries ने अपनी सब्सिडियरी Exide Energy Solutions के 6 GWh लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के फेज-1 की कमीशनिंग पूरी कर ली है। यह प्लांट कंपनी की लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने की योजना का हिस्सा है।

Bharat Dynamics

सरकारी डिफेंस कंपनी Bharat Dynamics (BDL) को रक्षा मंत्रालय से ₹810.79 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत भारतीय वायुसेना के लिए 160 Satellite Smart Anti-Airfield Weapons (SAT-SAAW) और उनसे जुड़े उपकरणों की सप्लाई होगी।

NTPC

सरकारी पावर कंपनी NTPC ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल ₹3,393.83 करोड़ का फाइनल डिविडेंड बांटा है। यह कंपनी के पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल का 35% है। इससे पहले कंपनी ₹2,666.58 करोड़ के दो अंतरिम डिविडेंड भी दे चुकी है।

ESAF Small Finance Bank

प्राइवेट बैंकिंग कंपनी ESAF Small Finance Bank के बोर्ड ने ₹500 करोड़ तक जुटाने को मंजूरी दी है। यह रकम प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करके जुटाई जाएगी। बैंक इस रकम का इस्तेमाल अपने Tier-II Capital को बढ़ाने के लिए करेगा।

Sedemac Mechatronics

ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी Sedemac Mechatronics में निवेशक A91 Emerging Fund, Xponentia Opportunities Fund और HDFC Life Insurance 44.3 लाख शेयर बेच सकते हैं। यह कंपनी की करीब 10% हिस्सेदारी के बराबर है। ब्लॉक डील के लिए फ्लोर प्राइस ₹3,000 प्रति शेयर रखा गया है। इससे करीब ₹1,329 करोड़ जुटाने की योजना है।

Avantel

सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनी Avantel को Zetwerk Manufacturing Businesses से ₹177.35 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी इस ऑर्डर के तहत सैटेलाइट इक्विपमेंट की सप्लाई करेगी। यह ऑर्डर कंपनी के सैटेलाइट और डिफेंस कम्युनिकेशन बिजनेस के लिए अहम है।

Concord Biotech

फार्मा कंपनी Concord Biotech के बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने को मंजूरी दी है। रिकॉर्ड डेट पर हर एक शेयर पर निवेशकों को एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।

Jagsonpal Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Jagsonpal Pharmaceuticals ने Group Pharmaceuticals का वेलनेस पोर्टफोलियो खरीदने का फैसला किया है। यह सौदा स्लंप सेल के जरिए अधिकतम ₹46.7 करोड़ में होगा। इससे Jagsonpal के वेलनेस बिजनेस पोर्टफोलियो का विस्तार होगा।

Stock in News: लगातार तीन दिन अमेरिकी कंपनी ने की बिकवाली, आज शेयर अपर सर्किट पर

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

सेना के लिए अत्याधुनिक ड्रोन बनाएगा पॉलीटैक्निक का छात्र, रक्षा मंत्रालय ने मंजूर किए 3.50 करोड़

लोकल 18 के रिपोर्टर जसबीर कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, हमीरपुर के एक पॉलीटेक्निक छात्र ने अपनी तकनीकी सोच और मेहनत से ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया है। साधारण परिवार से आने वाले सर्वेश शर्मा ने भारतीय सेना की सीमा निगरानी से जुड़ी जरूरत को ध्यान में रखते हुए ड्रोन बनाने पर काम किया। तैयार किए गए उनके इस प्रोटोटाइप के बाद अब इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय से बड़ी ग्रांट मिली है।

ऐसे मिला प्रोजेक्ट का आइडिया

सर्वेश शर्मा राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज हमीरपुर के कंप्यूटर इंजीनियरिंग के पांचवें सेमेस्टर के छात्र हैं। सर्वेश ने IIT जोधपुर और कोनार्क कोर की नेशनल लेवल की ओपन कार्डबोर्ड ड्रोन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में देशभर की करीब 50 टीमों ने अपने आइडिया पेश किए थे। सर्वेश की टीम ने इसमें चौथा पुरस्कार हासिल किया।

शुरुआती प्रोटोटाइप की लागत

सर्वेश ने अपने प्रोजेक्ट पर आगे काम शुरू किया और प्रोटोटाइप तैयार करने में उन्हें करीब 87 हजार रुपये का खर्च आया। इसके बाद उन्होंने डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन और इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस यानी iDEX से जुड़े प्रोजेक्ट के तहत स्टार्टअप के लिए आवेदन किया। अब इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए 3.50 करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर होने की जानकारी सामने आई है।

सेना के लिए ऐसे काम करेगा सर्वेश का ड्रोन प्रोजेक्ट

सर्वेश अब रुद्रा एज टी-1 (स्पेक्ट्रा) ड्रोन प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। इसे भारतीय सेना की सीमा निगरानी से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। ड्रोन को दुश्मन के रडार से बचने और जैमिंग जैसी इलेक्ट्रॉनिक रुकावटों के असर को कम करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।

IIT रुड़की में होगा आगे का काम

इस प्रोजेक्ट का इनक्यूबेशन सेंटर IIT रुड़की में बनाया गया है। रक्षा मंत्रालय से जुड़ी मंजूरी के बाद सर्वेश अब वहां की लैब में प्रोजेक्ट पर आगे काम करेंगे। प्रोजेक्ट से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए 20 दिन का समय दिया गया है और इसे करीब 20 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

साधारण परिवार से निकला हुनरमंद छात्र

सर्वेश शर्मा हमीरपुर के बाहनवीं गांव के रहने वाले हैं और उनका परिवार साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है। उनके पिता संजीव शर्मा दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। सर्वेश ने अपनी शुरुआती और स्कूली पढ़ाई सरकारी स्कूल से की। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ उनके कॉलेज में भी खुशी का माहौल है। कॉलेज के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर, विभागाध्यक्ष समीर भारती और दूसरे शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी है।

सर्वेश की कहानी दिखाती है कि किसी तकनीकी आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए सिर्फ बड़े संसाधन ही जरूरी नहीं होते, बल्कि सही सोच और लगातार मेहनत भी अहम भूमिका निभाती है। एक कॉलेज प्रतियोगिता से शुरू हुआ उनका काम अब रक्षा क्षेत्र से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट तक पहुंच चुका है।

भास्कर अपडेट्स:ओमान के पास जहाज पर हमला, एक भारतीय की मौत, 19 का रेस्क्यू

भारत की ओर जा रहे व्यापारिक जहाज एमवी केप डाओ पर हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। दूतावास के मुताबिक जहाज पर मौजूद 19 भारतीयों को बचा लिया गया है। अभी यह साफ नहीं है कि जहाज पर हमला किसने किया। आज की अन्य खबरें… मणिपुर के कांगपोकपी जिले में गोलीबारी, बिजली लाइन कर्मचारी की मौत मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के एक गांव में बुधवार को हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी की, जिसमें व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना सुबह-सुबह लासन गांव में हुई, जिसमें बिजली लाइन कर्मचारी पाओंगम चोंगलोई की मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीणों के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि चोंगलोई बिजली लाइन की मरम्मत कर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। उनके शव को कांगपोकपी जिला अस्पताल लाया गया। लंदन से दिल्ली आ रहे इंडिगो प्लेन में तकनीकी दिक्कत,एक घंटे बाद वापस लौटा, सुरक्षित लैंडिंग लंदन से दिल्ली आ रहा इंडिगो का ड्रीमलाइनर विमान तकनीकी दिक्कत के कारण बुधवार तड़के लंदन लौट गया। विमान ने करीब एक घंटे पहले उड़ान भरी थी। फ्लाइट 6E4 ने लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से भारतीय समयानुसार रात 12:40 बजे उड़ान भरी थी। तकनीकी खराबी का पता चलते ही पायलटों ने तय प्रक्रिया के तहत विमान को वापस मोड़ दिया। यह विमान रात करीब 2 बजे लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गया। एयरलाइन ने विमान में कितने यात्री सवार थे और तकनीकी दिक्कत क्या थी, इसकी जानकारी नहीं दी है। केवल यह बताया कि विमान की फिलहाल मेंटेनेंस जांच चल रही है। सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद विमान फिर से उड़ान भरेगा। रक्षा मंत्रालय 160 सैटेलाइट स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन्स खरीदेगा, बीडीएल के साथ 810.79 करोड़ का कॉन्ट्रेक्ट साइन किया रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को भारतीय वायु सेना के लिए 160 सैटेलाइट स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन्स (सैट-साव) और संबंधित उपकरणों की खरीद के लिए भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) के साथ 810.79 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रेक्ट साइन किया। सैट-साव हवा से जमीन पर मार करने वाला सटीक निर्देशित ग्लाइड बम है। इसे जगुआर, हॉक और सु-30 एमकेआई जैसे प्लेटफार्मों से लॉन्च किया जा सकता है और इसमें लंबी दूरी से दुश्मन के हवाई क्षेत्रों को बेअसर करने की क्षमता है। सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन कंटेंट हटाने की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इसमें केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसे ऑनलाइन कंटेंट की पहचान करने की मांग की गई थी, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है। याचिका में ऐसे कंटेंट को हटाने और ब्लॉक करने की भी मांग की गई थी, जिससे न्यायिक स्वतंत्रता प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। याचिका में ऐसे कंटेंट पर कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश बनाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। UDAN योजना का अगला चरण शुरू; 4 करोड़ नए यात्रियों को हवाई सेवा से जोड़ने का लक्ष्य केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बुधवार को UDAN योजना के अगले चरण की शुरुआत की। इसके तहत केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ 21 MoU साइन किए हैं। इसका उद्देश्य कम या बिना हवाई सेवा वाले इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना है। इस दौरान एयरड्रोम डेवलपमेंट के लिए चैलेंज मोड पोर्टल और UDAN रूट बिडिंग का नया स्कीम डॉक्यूमेंट भी लॉन्च किया गया। अब राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पोर्टल के जरिए एयरस्ट्रिप और हेलीपैड के विकास के प्रस्ताव दे सकेंगे। सरकार का लक्ष्य अगले 10 साल में 120 नए डेस्टिनेशन जोड़ने और 4 करोड़ नए यात्रियों को हवाई सेवा से जोड़ने का है। इस चरण में 20 से ज्यादा राज्य शामिल हैं। तरंग शक्ति 2026 में हिस्सा लेंगे F-35, राफेल और F-16, 7 देश ले रहे हिस्सा जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक मल्टीलेटरल एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति’ का दूसरा संस्करण होगा। इसमें 7 विदेशी देश अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और UAE हिस्सा लेंगे। अमेरिकी स्टील्थ फाइटर F-35 पहली बार इस एक्सरसाइज में शामिल होगा। भारतीय वायुसेना के मुताबिक, भारत एक्सरसाइज में राफेल, मिराज-2000, जगुआर, तेजस, MiG-29 और Su-30 MKI समेत कई एयर एसेट्स उतारेगा। IAF के करीब 60 से 80 एयर एसेट्स इसमें शामिल होंगे, जिनमें स्टैटिक डिस्प्ले भी होंगे। विदेशी एयर एसेट्स में अमेरिका का F-35, फ्रांस का राफेल, UAE का F-16 और बांग्लादेश का C-130J शामिल हैं। IAF के मुताबिक, ये विमान जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन के ऊपर दो हफ्तों तक जॉइंट टैक्टिकल मैन्युवर्स करेंगे। नेपाल में भारतीय फोरेंसिक टीम ने 3,000 DNA सैंपल की जांच की, 1,200 से ज्यादा DNA प्रोफाइल तैयार नेपाल में आई बाढ़ के बाद काठमांडू में तैनात भारतीय फोरेंसिक टीम ने 3,000 DNA सैंपल की जांच की है। टीम अब तक 1,200 से ज्यादा DNA प्रोफाइल तैयार कर चुकी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार, 22 सितंबर को यह जानकारी दी। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने द्वि-साप्ताहिक ब्रीफिंग में सवाल के जवाब में बताया। नेपाल में 275 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी पहले दी गई थी। इसके अलावा भारतीय मूल के कई अन्य लोग भी लापता हैं।

दावा-मोदी ने भारत में चीन-विरोधी गतिविधियां रोकने का भरोसा दिया:चीन बोला- दोनों देश साझेदार रहें, प्रतिद्वंद्वी नहीं; सीमा पर शांति पर भी सहमति

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की बात कही। चीन के मुताबिक, PM मोदी ने कहा कि भारत अपनी जमीन का इस्तेमाल चीन विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को कहा कि जिनपिंग और मोदी के बीच दिल्ली में हुई बैठक में सबसे अहम सहमति यह बनी कि चीन और भारत को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बने रहना चाहिए। वांग के मुताबिक, दोनों नेताओं ने सीमा से लगे इलाकों में शांति बनाए रखने पर भी सहमति जताई। दोनों नेताओं की यह बैठक 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स सम्मेलन से इतर हुई थी। वांग बोले- दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है वांग ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और लोगों के बीच संपर्क भी पहले से ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत की 2.8 अरब से ज्यादा आबादी के लिए दोनों देशों के रिश्तों में सुधार अच्छी खबर है। साथ ही, यह ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। दोनों देशों के नेताओं की रणनीतिक दिशा में चीन-भारत संबंध धीरे-धीरे खराब दौर से बाहर निकले हैं। अब दोनों देशों के रिश्ते फिर से शुरू होने के बाद एक नए स्तर पर पहुंच रहे हैं। ‘सीमा विवाद को पूरे रिश्ते के संदर्भ में देखना चाहिए’ वांग ने कहा कि सीमा विवाद को चीन-भारत के पूरे रिश्ते के बड़े संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत और सहयोग दोनों देशों के रिश्तों की मुख्य दिशा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने दोनों देशों से अपने विकास और राष्ट्रीय प्रगति को तेज करने की अपील की। साथ ही कहा कि चीन और भारत को मिलकर क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और साझा समृद्धि में योगदान देना चाहिए। मोदी बोले- मतभेद विवाद न बनें भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, PM मोदी ने जिनपिंग से मुलाकात में रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने रिश्तों को आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और आपसी हित के तीन सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को संभालने के लिए रणनीतिक और लंबे समय का नजरिया जरूरी है। एयर कनेक्टिविटी और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा अरुणाचल में तनाव के बीच हुई बैठक PM मोदी और जिनपिंग की बैठक ऐसे समय हुई, जब अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज के तासिंग इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव की खबरें सामने आई हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, जुलाई और अगस्त में दोनों देशों के सैनिकों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ था। तासिंग इलाका भारत-चीन सीमा के पास स्थित है और यहां दोनों देशों के सैनिकों की मौजूदगी को लेकर पहले भी तनाव रहा है। भारत और चीन पिछले कुछ समय से सीमा पर तनाव कम करने और आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने LAC पर अपनी सेना की तैनाती में कमी की है और कुछ इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाया गया है। लेकिन तासिंग में नए तनाव की खबरें दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने की कोशिशों के लिए चुनौती मानी जा सकती हैं। ——————– यह खबर भी पढ़ें… वर्ल्ड मीडिया बोला- ब्रिक्स में भारत के लिए बड़ी कामयाबी BRICS समिट के दौरान जारी हुए नई दिल्ली घोषणापत्र पर वर्ल्ड मीडिया के रिएक्शन आ रहे हैं। रॉयटर्स ने इस समिट को भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया। पूरी खबर पढ़ें…

पाकिस्तान का नया AI ‘वॉर वीडियो’ वायरल, 32 एयरबेस और 8 विमान तबाह करने का दावा, सबूत नदारद

India-Pakistan Conflict: एयर फोर्स डे के मौके पर, पाकिस्तान एयर फोर्स के डायरेक्टरेट जनरल पब्लिक रिलेशंस ने एक शानदार और ग्राफिक्स से भरपूर वीडियो जारी किया, जिसमें मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष का एक असाधारण रूप दिखाया गया है।

“फिजाओं के पासबान” नाम के इस वीडियो में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने भारतीय वायु सेना के 32 ठिकानों पर हमला किया, दो S-400 एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट किए, भारत के आठ विमान गिराए और भारत के नेशनल पावर ग्रिड और फ्यूल सप्लाई चेन को बाधित किया। एनिमेशन में भारतीय संसद और INS विक्रांत समेत भारत के प्रमुख ठिकानों पर हमले भी दिखाए गए हैं।

वीडियो के ग्राफिक्स से इस फैंटेसी (काल्पनिक कहानी) का दायरा काफी साफ हो जाता है। एक ग्राफिक में दावा किया गया है कि “IAF के 32 बेस पर हमला हुआ”, जबकि दूसरे में दावा है कि चार राफेल, एक Su-30MKI, एक MiG-29, एक मिराज-2000 और एक हेरॉन UAV नष्ट कर दिए गए। अन्य विजुअल में S-400 सिस्टम पर हमले, भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर के बर्बाद होने और भारतीय शहरों की ओर मिसाइलें जाते हुए दिखाई गई हैं।

पाकिस्तान के लिए समस्या काफी सीधी-सी है: वीडियो में बहुत सारे धमाके, मैप और कंप्यूटर से बनाई गई तबाही तो है, लेकिन असल तबाही का बहुत कम सबूत है।

भारत के 32 एयरबेस पर हमला? आखिर इसका सबूत कहां है?

सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि पाकिस्तान ने भारतीय वायु सेना के 32 बेस पर हमला किया। अगर यह सच होता, तो यह एक बहुत बड़ी सैन्य उपलब्धि होती। इसे छिपाना भी बहुत मुश्किल होता।

फिर भी, PAF के वीडियो में इस दावे को साबित करने के लिए सैटेलाइट तस्वीरें, हमले से पहले और बाद की तस्वीरें, रनवे को हुए पहचाने जा सकने वाले नुकसान या नष्ट हुए हैंगर की ऐसी तस्वीरें नहीं दिखतीं जिनकी पुष्टि की जा सके। सीमा के दूसरी तरफ से मिले सबूतों के साथ इसका अंतर साफ दिखता है।

जब मई 2025 की लड़ाई के आखिरी दौर में भारत ने पाकिस्तान के सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमला किया, तो सैटेलाइट तस्वीरों से बिल्कुल अलग तरह की जानकारी मिली। ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ ने दो दर्जन से ज्यादा सैटेलाइट तस्वीरों और हमले के बाद के वीडियो का विश्लेषण किया। इसमें पाकिस्तान के कम से कम छह एयरफील्ड पर नुकसान का पता चला, जिनमें तीन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैंगर, दो रनवे और पाकिस्तान वायु सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली दो मोबाइल इमारतें शामिल थीं।

तस्वीरों में नूर खान, भोलारी, शाहबाज, सुक्कुर और मुशफ जैसी जगहों पर नुकसान दिखाई दिया। भोलारी में, एनालिस्ट्स ने एयरक्राफ्ट हैंगर में एक बड़ा छेद देखा। शाहबाज में एक और बड़े हैंगर और कंट्रोल टावर को नुकसान पहुंचा था, जबकि मुशफ और शेख जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रनवे पर गड्ढे दिखाई दिए।

बता दें कि जब मिलिट्री को होने वाला नुकसान सिर्फ पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तक सीमित न रहकर असलियत में सामने आता है, तो वह कुछ ऐसा ही दिखता है।

S-400 वाला दावा पहले ही खारिज किया जा चुका है

PAF के वीडियो में फिर से वही पुराना दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने भारत के दो S-400 एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिए थे। यह दावा नया नहीं है।

मई 2025 के टकराव के दौरान, पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारत का एक S-400 सिस्टम नष्ट कर दिया है। भारत ने उस समय इस आरोप को खारिज कर दिया था। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक यूनिट ने S-400 के नष्ट होने या उसे नुकसान पहुंचाने की खबरों को बेबुनियाद बताया था, जबकि रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान S-400 सिस्टम और भारतीय एयरफील्ड से जुड़े दावों को लेकर गलत जानकारी फैलाने का अभियान चला रहा है।

असल में, कुछ ही दिनों बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के आदमपुर एयर फोर्स स्टेशन के अचानक दौरे के दौरान अपनी तस्वीरें जारी कीं, जिनमें वे पूरी तरह सुरक्षित S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के सामने खड़े थे। मई 2025 में जारी इन तस्वीरों को पाकिस्तान की सेना के उन दावों का जवाब माना गया था, जिनमें कहा गया था कि उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान बेस और रूस से मिले S-400 सिस्टम को नष्ट कर दिया था।

इसके बाद के भारतीय सैन्य रिकॉर्ड भी पाकिस्तान के दावे से मेल नहीं खाते। मार्च 2026 में, भारत ने पांच और S-400 सिस्टम खरीदने का रास्ता साफ कर दिया था। जबकि जून तक चौथी स्क्वाड्रन भारत पहुंच चुकी थी।

यानी पाकिस्तान के नए एनिमेशन ने असल में उस दावे को ही लिया है जिस पर 2025 में ही विवाद था, और बस इस बार उसे कंप्यूटर से नया रूप दिया है।

8 विमानों के दावे की सच्चाई की जांच होनी चाहिए

वीडियो में दावा किया गया है कि भारत के 8 विमान नष्ट हो गए थे। ग्राफिक में खास तौर पर चार राफेल, एक Su-30MKI, MiG-29, Mirage-2000 और Heron UAV का जिक्र किया गया है।

हालांकि, भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने माना कि शुरुआत में भारत को हवाई हमले में नुकसान हुआ था, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के बहुत बड़े दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने पाकिस्तानी आंकड़ों को “पूरी तरह गलत” बताया और कहा कि शुरुआती नुकसान के बाद भारत ने आगे हमले करने से पहले अपनी रणनीति बदल ली थी।

आखिरकार, इस पूरे मामले में चल रही प्रचार की जंग ने एक दिलचस्प मोड़ ले लिया।

अगस्त 2025 में, भारतीय एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा कि संघर्ष के दौरान भारत ने पाकिस्तान के पांच फाइटर जेट और एक अन्य मिलिट्री एयरक्राफ्ट को मार गिराया था। उनके अनुसार, पाकिस्तान के ज्यादातर एयरक्राफ्ट भारत के S-400 सिस्टम से गिराए गए थे। उन्होंने इसकी पुष्टि के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग डेटा का हवाला दिया।

हालांकि, दोनों पक्षों ने युद्ध के मैदान को लेकर दावे किए हैं, लेकिन कुछ वास्तविक नुकसान को स्वीकार करने और एक एनिमेटेड स्कोरबोर्ड दिखाने में बहुत बड़ा अंतर है—जैसे कि नक्शे पर दिखाए गए हर धमाके की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की गई हो।

पाकिस्तान के अपने एयर बेस एक अजीब तुलना पेश करते हैं

शायद PAF के हालिया वीडियो के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि मई 2025 की असली सैटेलाइट तस्वीरें एक ऐसी कहानी बताती हैं जिसे पाकिस्तान सिर्फ एनिमेशन से नहीं बदल सकता।

पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। भारत के रक्षा मंत्रालय ने 10 मई को कहा कि उसकी सेनाओं ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों, जिनमें एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल थे, पर हमले किए। स्टिमसन सेंटर के हमले के बाद के आकलन में पाया गया कि भारतीय हमलों ने कम से कम 11 जगहों को निशाना बनाया, जिनमें नूर खान, रफीकी, रहीम यार खान, सुक्कुर, सरगोधा, भोलाड़ी और जैकोबाबाद शामिल हैं। कमर्शियल सैटेलाइट तस्वीरों से इन एयर बेस में से ज्यादातर पर हमलों की पुष्टि हुई।

वाशिंगटन पोस्ट ने इन हमलों को 1971 की लड़ाई के बाद पाकिस्तान के सैन्य बुनियादी ढांचे पर भारत का सबसे बड़े हवाई हमला बताया। पाकिस्तान ने खुद माना कि सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा और हमले के बाद वायु सेना के 6 जवान मारे गए।

तस्वीरों से यह भी पता चला कि जमीन पर हुए नुकसान का मतलब सिर्फ कुछ मामूली निशान नहीं थे। हैंगर टूट गए थे, रनवे पर बड़े गड्ढे हो गए थे और मिलिट्री की इमारतों पर हमले हुए थे।

यह फर्क इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे पता चलता है कि मिलिट्री का गंभीर आकलन कैसा होता है। इसके लिए यह दावा करने की जरूरत नहीं है कि पूरी एयर फोर्स ही गायब हो गई। इसके लिए यह दिखाना जरूरी है कि असल में किन चीजों पर हमला हुआ।

एयर बेस से लेकर नेशनल ग्रिड तक

PAF का वीडियो सिर्फ एयरक्राफ्ट और एयर बेस तक ही सीमित नहीं है। इसके ग्राफिक्स में भारत के नेशनल ग्रिड, फ्यूल सप्लाई चेन और मिलिट्री सैटेलाइट क्षमताओं को बाधित करने का भी दावा किया गया है। एक हिस्से में भारत का नक्शा दिखाया गया है जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद होते हुए दिखाया गया है, जबकि दूसरे हिस्से में बड़े पैमाने पर साइबर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर कैंपेन को दिखाया गया है।

यहां भी, ज्यादातर काम एनिमेशन के जरिए ही दिखाया गया है।

इन बड़े दावों के साथ कोई ऐसी सैटेलाइट इमेज या स्वतंत्र रूप से वेरिफाई किया जा सकने वाला ठोस सबूत नहीं है जिसकी तुलना की जा सके। समस्या तब और साफ हो जाती है जब वीडियो किसी खास जगह पर हुए खास नुकसान के बजाय, पूरे देश में चलाए गए कथित कैंपेन को कंप्यूटर से बनाए गए धमाकों की एक सीरीज के तौर पर दिखाता है।

जाहिर है, युद्ध में साइबर ऑपरेशन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और ऐसी रुकावटें शामिल हो सकती हैं जिनकी तस्वीरें अंतरिक्ष से नहीं ली जा सकतीं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि एनिमेशन इस बात का सबूत बन जाता है कि वे ऑपरेशन असल में हुए थे।

और फिर बारी आती है संसद की

वीडियो में संसद परिसर समेत भारत के अहम राष्ट्रीय ठिकानों पर हमले दिखाए गए हैं। यह टीवी पर तो रोमांचक लग सकता है, लेकिन सबूत के तौर पर इसकी अहमियत बहुत कम है।

कंप्यूटर से बनाए गए एक सीन में मिसाइलों को एक जानी-पहचानी जगह की ओर बढ़ते हुए दिखाया गया है, जिससे पता चलता है कि इसे बनाने वाले दर्शकों को क्या दिखाना चाहते थे। इससे यह साबित नहीं होता कि असल में उस जगह पर हमला हुआ था।

यही बात उन दृश्यों पर भी लागू होती है जिनमें भारत में धमाके, आसमान से गिरते विमान और सेना के ढांचे को ढहते हुए दिखाया गया है। ये दृश्य भले ही प्रभावशाली हों, लेकिन स्वतंत्र पुष्टि के बिना सबूत के तौर पर इनकी कोई खास अहमियत नहीं है।

आसिम मुनीर की जीत की कहानी को एक और ग्राफिक्स पैकेज मिला

PAF की इस प्रस्तुति का एक व्यापक राजनीतिक संदर्भ भी है। मई 2025 के संघर्ष के कुछ ही समय बाद, पाकिस्तान ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल का दर्जा दिया। सरकार ने उनकी “रणनीतिक सूझबूझ और साहसी नेतृत्व” का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की और दुश्मन को हराया।

तब से, इस संघर्ष के बारे में सेना का नजरिया पाकिस्तान के आधिकारिक संदेश का मुख्य हिस्सा बन गया है।

PAF का ताजा वीडियो इसी नजरिए के साथ पूरी तरह मेल खाता है। भले ही युद्ध के मैदान का घटनाक्रम जटिल रहा हो, लेकिन एनिमेशन बिल्कुल सरल है। यह एक साफ-सुथरा स्कोरबोर्ड दिखाता है: भारतीय विमान नष्ट, भारतीय बेस पर हमले, S-400 सिस्टम खत्म, बुनियादी ढांचा बर्बाद और पाकिस्तान की जीत।

हकीकत इससे काफी अलग और जटिल है।

उपलब्ध सबूतों से पता चलता है कि भारत को कुछ विमानों का नुकसान हुआ था, खासकर संघर्ष के शुरुआती दौर में। लेकिन यह भी सामने आया है कि इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर सटीक और दूर तक पहुंचने वाले हमले किए। सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तान के कई एयरबेस पर हुए नुकसान को साफ देखा गया।

और यही वजह है कि PAF का यह नया वीडियो काफी कुछ बताता है।

दावा जितना बड़ा और शानदार होता जाता है, सबूतों की कमी उतनी ही ज्यादा साफ दिखाई देती है।

जब युद्ध का मैदान वीडियो-एडिटिंग का मुकाबला बन जाए

मई 2025 के टकराव में दोनों पक्षों को असल सैन्य सफलताएं और नाकामियां मिलीं। साथ ही, अलग-अलग दावे, बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बातें और गलत सूचनाओं की बाढ़ भी देखने को मिली।

लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद, ऐसा लगता है कि पाकिस्तान की वायु सेना एनिमेशन के जरिए इस बहस को खत्म करने की कोशिश कर रही है।

यहां एक साफ विरोधाभास है।

PAF के वीडियो में दावा किया गया है कि उसने भारत के 32 ठिकानों पर हमला किया, दो S-400 सिस्टम नष्ट किए, 8 विमान तबाह किए, भारत के ग्रिड को बेकार कर दिया और देश के अहम ठिकानों पर हमले किए। फिर भी, जब सवाल यह उठता है कि “सबूत कहां है?”, तो उसका जवाब ज्यादातर उस वीडियो के अंदर ही मिलता है।

भारत को हुए सैन्य नुकसान की स्वतंत्र रूप से जांच की जा सकती है। इसके लिए दुर्घटनास्थल की तस्वीरें और दूसरे उपलब्ध सबूत देखे जा सकते हैं। वहीं, पाकिस्तान के एयरबेस को हुए नुकसान की जांच कमर्शियल सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए की जा सकती है। भारत के हमलों के बाद पाकिस्तान की सेना ने भी अपने सैन्य ढांचे को हुए नुकसान की बात स्वीकार की थी।

ऐसे में PAF के सामने एक मुश्किल स्थिति है। या तो वह अपने एनीमेशन में और धमाके जोड़ता रहे, या फिर उन दावों के समर्थन में सैटेलाइट तस्वीरें पेश करे।