Marico Q1 Results: प्रॉफिट 25% बढ़कर 630 करोड़, रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़ा

Marico Q1 Results: मैरिको ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफि साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 630 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में प्रॉफिट 504 करोड़ रुपये था। कंपनी ने 25 जून को बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया।

भारत में बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11 फीसदी

जून तिमाही में Marico के अच्छे प्रदर्शन में स्ट्रॉन्ग डिमांड, कोपरा की कीमतों में नरमी और नए बिजनेसेज की अच्छी ग्रोथ का हाथ है। भारत में कंपनी के बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11 फीसदी रही। यह बीती 18 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर 5 अगस्त को बाजार खुलने पर दिखेगा।

मानसून की स्थिति और इनफ्लेशनरी प्रेशर पर नजर

कंपनी ने बयान में कहा, “जून तिमाही में डिमांड ट्रेंड में स्थिरता दिखी, जिसे आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का सपोर्ट मिला। कंपनी कंजम्प्शन ट्रेंड को लेकर पाॉजिटिव है, लेकिन इनफ्लेशनरी प्रेशर पर नजर बनाए रखना जरूरी है। अल नीनो के असर के पूर्वानुमान के बीच मानसून के प्रोग्रेस पर भी नजर रहेगी।”

ऑपरेशंस से रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 3,957 करोड़

जून तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 23 फीसदी बढ़कर 3,957 करोड़ रुपये रहा। कंसॉलिडेटेड एबिड्टा मार्जिन 40 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 20.7 फीसदी रहा। EBITDA का मतलब इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की अर्निंग्स है।

स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 2794 करोड़ रुपये

स्टैंडएलोन बेसिस पर कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 40 फीसदी गिरकर 460 करोड़ रुपये रहा। इसकी वजह कंपनी के खर्च में इजाफा है। स्टैंडएलोन रेवेन्यू 19 फीसदी बढ़कर 2,794 करोड़ रुपये रहा। इंडियन बिजनेस का रेवेन्यू 21 फीसदी बढ़कर 3,003 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कहा है कि उसका 96 फीसदी मार्केट पोर्टफोलियो जून तिमाही में बढ़ा या मार्केट शेयर मौजूदा लेवल पर बनाए रखा।

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बीते एक साल में करीब 23 फीसदी चढ़ा है शेयर 

कंपनी के प्रोडक्ट्स में कई लोकप्रिय ब्रांड्स शामिल हैं। इनमें Parachute, Saffola, Hair and Care, Nihar Naturals, Beardo, Just Herbs, True Elements, Plix, Cosmix और 4700BC शामिल हैं। कंपनी के शेयर 4 अगस्त को 0.68 फीसदी गिरकर 875 रुपये पर बंद हुए। बीते एक साल में यह शेयर 22.73 फीसदी चढ़ा है।

HDFC Bank AGM: नए चेयरमैन, डिविडेंड से लेकर फंड जुटाने तक, 5 अगस्त की AGM में कई बड़े फैसले होंगे

HDFC Bank AGM: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank की 32वीं सालाना आम बैठक (AGM) बुधवार,5 अगस्त को होगी। इस बार की AGM कई वजहों से खास मानी जा रही है। हाल ही में नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था। वहीं, बैंक को जल्द नया CEO भी चुनना है।

मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन का कार्यकाल तीन महीने से भी कम बचा है। RBI के नियम कहते हैं कि नए CEO के नाम की सिफारिश छह महीने पहले भेजनी चाहिए। लेकिन बैंक ने अभी तक इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की है।

डिविडेंड, फंड जुटाने का प्लान

AGM में सबसे पहले वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजों और डिविडेंड पर मंजूरी ली जाएगी।

इसके अलावा बैंक फंड जुटाने की भी तैयारी में है। इसके लिए वह AT-1 बॉन्ड, Tier-II बॉन्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए लॉन्ग-टर्म बॉन्ड जारी करने की मंजूरी मांगेगा। ये सभी बॉन्ड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी किए जाएंगे।

नए चेयरमैन पर भी लगेगी मुहर

बैंक ने राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव रखा है। AGM में शेयरधारक इस पर वोट करेंगे।

अगर मंजूरी मिलती है, तो उन्हें RBI की अनुमति के अनुसार ₹50 लाख सालाना तय पारिश्रमिक मिलेगा। इसके अलावा बोर्ड और कमेटी की बैठकों में शामिल होने पर सिटिंग फीस भी मिलेगी। बैंक की कार का इस्तेमाल भी आधिकारिक और निजी दोनों कामों के लिए कर सकेंगे।

पहले चेयरमैन को कितना मिला था?

राजीव कुमार से पहले अतनु चक्रवर्ती इस पद पर थे। वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें ₹59 लाख सिटिंग फीस और ₹48.25 लाख तय पारिश्रमिक मिला था। यानी कुल मिलाकर उन्हें ₹1.07 करोड़ का भुगतान हुआ।

उन्होंने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दिया था। इसलिए उन्हें पूरे साल की बजाय जितने समय तक पद पर रहे, उसी हिसाब से भुगतान किया गया।

एक और प्रस्ताव भी आएगा

AGM में वी. श्रीनिवास रंगन को फिर से निदेशक बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वह रोटेशन के तहत रिटायर हो रहे हैं और बैंक उन्हें दोबारा बोर्ड में शामिल करना चाहता है।

HDFC बैंक के शेयर मंगलवार को 1.86% की गिरावट के साथ 739 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 साल में स्टॉक 25.80% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nykaa Q1 Results: ब्यूटी कंपनी का मुनाफा 226% बढ़ा, वेलनेस कंपनी में 51% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी

Nykaa Q1 Results: ब्यूटी और लाइफस्टाइल ई-कॉमर्स कंपनी Nykaa की पैरेंट कंपनी FSN E-Commerce Ventures ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर तीन गुना से ज्यादा यानी 226.6% बढ़कर ₹79.7 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹24.4 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू 29.1% बढ़कर ₹2,782 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹2,155 करोड़ था। रेवेन्यू के मुकाबले मुनाफे में कहीं ज्यादा तेज बढ़ोतरी से साफ है कि कंपनी ने लागत पर बेहतर नियंत्रण रखा और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में सुधार किया।

EBITDA और मार्जिन में मजबूत सुधार

जून तिमाही में Nykaa का EBITDA 67.8% बढ़कर ₹236 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹141 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 6.5% से बढ़कर 8.5% पर पहुंच गया।

कंपनी का कहना है कि बढ़ते कारोबार, बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और बिजनेस मिक्स में सुधार की वजह से मार्जिन मजबूत हुआ है।

ब्यूटी और फैशन कारोबार से मिली रफ्तार

Nykaa का कारोबार ब्यूटी, पर्सनल केयर और फैशन कैटेगरी में है। इन सेगमेंट में ग्राहकों की दोबारा खरीदारी (Repeat Purchase) ज्यादा होती है। इससे कंपनी की ग्रोथ को लगातार सहारा मिल रहा है। ताजा नतीजे बताते हैं कि कंपनी अब सिर्फ बिक्री बढ़ाने पर नहीं, बल्कि मुनाफे को भी मजबूत करने पर फोकस कर रही है।

वेलनेस कारोबार में बढ़ाया निवेश

Nykaa के बोर्ड ने Aminu Wellness Private Limited में 51% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है। इस डील पर कंपनी अधिकतम ₹32 करोड़ खर्च करेगी।

इस अधिग्रहण के जरिए Nykaa वेलनेस और पर्सनल केयर सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य सिर्फ थर्ड पार्टी ब्रांड बेचने वाला मार्केटप्लेस बने रहने के बजाय एक व्यापक ब्यूटी और वेलनेस इकोसिस्टम तैयार करना है।

नतीजों से पहले मंगलवार को Nykaa का शेयर NSE पर 0.70% की गिरावट के साथ ₹342.50 पर बंद हुआ।

Airtel Q1 Results: एयरटेल ने 10 लाख नए ग्राहक जोड़े, किसी एक तिमाही में सबसे ज्यादा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

RITES Q1 Results: सरकारी रेल कंपनी को ₹98 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

RITES Q1 Results: सरकारी रेलवे कंसल्टेंसी और इंजीनियरिंग कंपनी RITES ने जून तिमाही में स्थिर प्रदर्शन किया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7.7% बढ़कर ₹98 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹91 करोड़ था।

रेवेन्यू बढ़ा, मार्जिन में गिरावट

RITES का जून तिमाही में रेवेन्यू 8.6% बढ़कर ₹532 करोड़ हो गया। हालांकि, EBITDA लगभग स्थिर रहकर ₹114 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन 23.4% से घटकर 21.5% पर आ गया, जिससे ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव दिखा।

₹1.40 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

RITES के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.40 प्रति शेयर के पहले अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। 10 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। पात्र शेयरधारकों को 2 सितंबर 2026 तक डिविडेंड का भुगतान कर दिया जाएगा।

दक्षिण अफ्रीका से मिला बड़ा ऑर्डर

जुलाई में RITES को दक्षिण अफ्रीका की Volantis Asset Finance से 3,000 HP Cape Gauge डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की सप्लाई और कमीशनिंग का 3.582 करोड़ डॉलर (35.82 मिलियन डॉलर) का निर्यात ऑर्डर मिला। यह प्रोजेक्ट 20 महीनों में पूरा किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कारोबार आने वाले समय में ग्रोथ का बड़ा आधार बनेगा।

RITES के शेयर

नतीजों के बाद मंगलवार दोपहर RITES का शेयर NSE पर करीब 1.42% की गिरावट के साथ ₹216.19 पर कारोबार कर रहा था।

RITES सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। यह रेलवे, मेट्रो, हाईवे और बंदरगाह परियोजनाओं पर काम करती है। कंपनी कंसल्टेंसी, इंजीनियरिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और रोलिंग स्टॉक सेवाएं देती है। इसका कारोबार भारत के साथ-साथ कई विदेशी देशों में भी फैला हुआ है।

CAS के बाद ऑप्शंस प्राइसिंग पर उठे सवाल, अनुज सिंघल से जाने अब क्या हो ऑप्शंस ट्रेडिंग की रणनीति

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IREDA Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 37% बढ़ा, सोलर सेक्टर को सबसे ज्यादा फंडिंग दी

IREDA Q1 Results: सरकारी नवरत्न कंपनी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 36.8% बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹246.7 करोड़ था।

NII में 24% की बढ़ोतरी

IREDA की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 24.1% बढ़कर ₹856.8 करोड़ हो गई। एक साल पहले यह ₹690.5 करोड़ थी। IREDA के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बिजय कुमार मोहंती ने कहा कि मजबूत कारोबारी बुनियाद और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ती फाइनेंसिंग डिमांड का असर नतीजों में दिखा है।

लोन बुक में भी उछाल

30 जून 2026 तक IREDA की लोन बुक 19% बढ़कर ₹94,936 करोड़ हो गई। एक साल पहले यह ₹79,941 करोड़ थी। कंपनी ने तिमाही के दौरान ₹4,991 करोड़ उधार जुटाए, ₹6,556 करोड़ के लोन वितरित किए और ₹3,380 करोड़ के नए लोन मंजूर किए।

सोलर सेक्टर को सबसे ज्यादा फंडिंग

IREDA की कुल लोन बुक में सोलर एनर्जी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 26% रही। इसके बाद राज्य बिजली कंपनियां (19%), विंड एनर्जी (11%) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (11%) का स्थान रहा।

NIM में सुधार, GNPA बढ़ा

IREDA का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 3.75% हो गया, जो पिछले साल 3.60% था। प्रोविजन कवरेज रेशियो बढ़कर 68.22% और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 20.30% रहा।

हालांकि, ग्रॉस एनपीए (GNPA) मार्च के अंत के 3.49% से बढ़कर 3.76% हो गया। वहीं, नेट एनपीए 1.29% से घटकर 1.23% पर आ गया। कंपनी के मुताबिक, यह बेहतर जोखिम प्रबंधन और मॉनिटरिंग सिस्टम का नतीजा है।

IREDA के शेयर

नतीजों से पहले सोमवार को IREDA का शेयर 2.83% की बढ़त के साथ ₹122.98 पर बंद हुआ। 1 साल में स्टॉक 16.92% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 33.03 हजार करोड़ रुपये है।

LIC OFS: बीमा कंपनी में 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर का तय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Q1 Results: आईपीओ के बाद पहला रिजल्ट, ₹873 करोड़ का मुनाफा; शेयरों पर रहेगी नजर

SBI Funds Q1 Results: देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी SBI Funds Management ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। यह आईपीओ लिस्टिंग के बाद कंपनी का पहला रिजल्ट है। इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 3.3% बढ़कर ₹873 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹845 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 17% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में SBI Funds का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17% बढ़कर ₹907 करोड़ हो गया। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले शुद्ध मुनाफे में 37% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 15.2% बढ़कर ₹1,146 करोड़ रही, जो एक साल पहले ₹995 करोड़ थी।

AUM बढ़कर ₹12.6 लाख करोड़

SBI Funds का क्वार्टली एवरेज एसेट अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) बढ़कर ₹12.6 लाख करोड़ पहुंच गया। यह सालाना आधार पर 11% की बढ़ोतरी है। इसके साथ ही 15.1% मार्केट शेयर के साथ SBI Funds देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी बनी हुई है।

इक्विटी और पैसिव फंड में भी बढ़त

SBI Funds का एक्टिव इक्विटी QAAUM 10% बढ़कर ₹8.6 लाख करोड़ हो गया। वहीं, पैसिव फंड QAAUM 12% बढ़कर ₹4 लाख करोड़ पहुंच गया। इस सेगमेंट में कंपनी की 27.4% मार्केट हिस्सेदारी है और वह पहले स्थान पर बनी हुई है।

SIP और निवेशकों की संख्या बढ़ी

30 जून 2026 तक कंपनी का SIP AUM 15% बढ़कर ₹2 लाख करोड़ हो गया। SBI Funds के यूनिक ग्राहकों की संख्या 12% बढ़कर 1.82 करोड़ पहुंच गई। वहीं, लाइव फोलियो 14% बढ़कर 2.2 करोड़ हो गए।

कंपनी के पास 1.6 करोड़ एक्टिव SIP हैं। इसके अलावा 2.23 करोड़ म्यूचुअल फंड फोलियो और 1.27 करोड़ निवेशक B-30 शहरों (शीर्ष 30 शहरों के बाहर) से हैं।

नए फंड भी लॉन्च किए

जून तिमाही के दौरान SBI Funds के पास 122 म्यूचुअल फंड स्कीम थीं। इनमें 35 इक्विटी स्कीम, 36 डेट स्कीम और 43 ETF व इंडेक्स फंड शामिल हैं। कंपनी ने इस दौरान 6 नई स्कीम भी लॉन्च कीं।

SBI Funds Management भारत की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी है। यह SBI और यूरोप की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी Amundi का जॉइंट वेंचर है।

SBI Funds के शेयर

सोमवार को SBI Funds Management का शेयर 0.21% की गिरावट के साथ ₹587.95 पर बंद हुआ। यह फिलहाल अपनी लिस्टिंग प्राइस से 3.54% नीचे है। कंपनी का मार्केट कैप 1.20 लाख करोड़ रुपये है।

GE Shipping Q1 Results: शिपिंग कंपनी का मुनाफा 159% उछला, हर शेयर पर ₹14.40 डिविडेंड का ऐलान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आस्था स्पिनटेक्स की फाल्कन यार्न्स को ₹51 करोड़ के ऑर्डर, बोनस शेयर और डिविडेंड का भी किया है ऐलान

Aastha Spintex: गुजरात की इंटीग्रेटेड कॉटन यार्न निर्माता कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने अपनी सहायक कंपनी Falcon Yarns Pvt. Ltd. के लिए ₹51.46 करोड़ की ऑर्डर बुक का ऐलान किया है। ये ऑर्डर अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच पूरे किए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि इससे आने वाली तिमाहियों के रेवेन्यू को मजबूती मिलेगी।

10 से ज्यादा ग्राहकों से मिले ऑर्डर

कंपनी को 10 से अधिक ग्राहकों से 38 कन्फर्म ऑर्डर मिले हैं। इनके तहत 17.35 लाख किलोग्राम कॉटन यार्न की सप्लाई की जाएगी। यह ऑर्डर बुक कंपनी के वित्त वर्ष 2025-26 के कुल रेवेन्यू का करीब 20.62% है।

ऑर्डर देने वाले प्रमुख ग्राहकों में Fair Deal, Elkins TradeLinks, ACME Textile जैसी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी ने इस दौरान A M Trading को नए ग्राहक के रूप में भी जोड़ा है।

बोनस शेयर और विस्तार की तैयारी

बोर्ड ने Aastha Spintexकी थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रैटेजी को मंजूरी दी है। इसके तहत 1:1 बोनस शेयर, डिविडेंड और फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग में फॉरवर्ड इंटीग्रेशन शामिल है। कंपनी के मुताबिक, वो अब केवल यार्न निर्माता नहीं रहना चाहती, बल्कि इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

23 जुलाई को हुई बोर्ड बैठक में 1:1 बोनस इश्यू को मंजूरी दी गई। साथ ही अधिकृत शेयर पूंजी ₹45 करोड़ से बढ़ाकर ₹100 करोड़ करने का प्रस्ताव भी रखा गया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹0.10 के फाइनल डिविडेंड की भी सिफारिश की है। इसे AGM में शेयरधारकों की मंजूरी मिलनी बाकी है।

पिछले साल कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹352 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹23.8 करोड़ रहा। कंपनी के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में उसका मुनाफा करीब 2,200% बढ़ा है। यह लगभग ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹23.8 करोड़ हो गया।

मैनेजमेंट का कहना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, ग्राहकों का भरोसा और वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल कारोबार में विस्तार की रणनीति आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ को नई रफ्तार दे सकती है।

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी मुनाफा बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू घटकर आधा हुआ; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।