Titan Q1 Profit: नेट प्रॉफिट 65% बढ़कर 1699 करोड़ रुपये, रेवेन्यू में 24 फीसदी इजाफा

Titan Q1 Profit: टाइटन कंपनी का प्रदर्शन जून तिमाही में शानदार रहा। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 65 फीसदी बढ़कर 1,699 करोड़ रुपये रहा। यह एनालिस्ट्स के अनुमान से काफी ज्यादा है। सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स ने जून तिमाही में प्रॉफिट 1,267 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था। कंपनी ने नतीजों का ऐलान शेयर बाजार बंद होने के बाद किया। इसके शेयरों पर नतीजों का असर 10 अगस्त को बाजार खुलने पर दिखेगा।

ऑपरेशंस से रेवेन्यू 18101 करोड़ रुपये

Titan Company का ऑपरेशंस से रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 24.3 फीसदी बढ़कर 18,101 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का रेवेन्यू एक साल पहले की समान अवधि में 14,564 करोड़ रुपये था। एनालिस्ट्स ने जून तिमाही में रेवेन्यू 19,700 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था।

ज्वेलरी पोर्टफोलियो की ग्रोथ 43 फीसदी 

टाइटन के ज्वेलरी पोर्टफोलियो की ग्रोथ जून तिमाही में शानदार रही। इस पोर्टफोलियो की इनकम 43 फीसदी बढ़कर 18,253 (बुलियन और डिजी-गोल्ड सेल्स छोड़कर) करोड़ रुपये रही। इसमें फेस्टिवल डिमांड और अक्षय तृतीया पर अच्छी खरीदारी का हाथ रहा। कंपनी का वॉचेज पोर्टफोलियो 21 फीसदी बढ़ा। इसकी इनकम 1,543 करोड़ रुपये रही। इसमें एनालॉग घड़ियों में ग्राहकों की बढ़ती दिलचस्पी का हाथ रहा।

कंज्यूमर बिजनेस की ग्रोथ 40 फीसदी 

टाइटन के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय चावला ने कहा, “इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही कंपनी के लिए स्ट्रॉन्ग रही। कंज्यूमर बिजनेस की ग्रोथ साल दर साल आधार पर 40 फीसदी रही। प्रीमियम ऑफरिंग्स में दिलचस्पी रखने वाले ग्राहकों को ज्वेलरी, वॉचेज, आईकेयर और इमर्जिंग बिजनेसेज के ब्रांड्स ने अच्छी वैल्यू डिलीवर की। “

इंटरनेशनल ज्वेलरी बिजनेस की ग्रोथ 136 फीसदी

टाइटन के इंडिया बिजनेस की ग्रोथ साल दर साल आधार पर 38 फीसदी बढ़कर 16,943 करोड़ रुपये रही। तनिष्क, Mia और Zoya बिजनेसेज की ग्रोथ 38 फीसदी बढ़कर 15,502 करोड़ रुपये रही। कैरेटलेन की ग्रोथ 40 फीसदी बढ़कर 1,441 करोड़ रुपये रही। इंटरनेशनल ज्वेलरी बिजनेस की ग्रोथ 136 फीसदी बढ़कर 1,309 करोड़ रुपये रही।

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बीते एक साल में 45 फीसदी ढ़ा शेयर 

टाइटन टाटा समूह की कंपनी है। इसका शेयर 7 अगस्त को 1.08 फीसदी गिरकर 4,944 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर करीब 45 फीसदी चढ़ा है। 7 अगस्त को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई। निफ्टी 0.27 फीसदी गिरकर 24,570 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 455 अंक यानी 0.58 फीसदी गिरकर 78,499 पर क्लोज हुआ।

Stock Market Fall: सेंसेक्स 455 अंक गिरकर बंद, निफ्टी आया 24570 पर; निवेशकों के ₹1.60 लाख करोड़ साफ

लगातार 2 कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद शेयर बाजार में शुक्रवार, 7 अगस्त को बिकवाली का दबाव रहा। सेंसेक्स 455.59 अंकों की गिरावट के साथ 78,499.17 पर और निफ्टी 65.35 अंकों की गिरावट के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 577.69 अंक तक टूटकर 78,377.07 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी ​पिछली क्लोजिंग से 113.25 अंक तक टूटकर 24,522.75 के लो तक गया।

गुरुवार, 6 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,94,539.903 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,93,34,285.98 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 1,60,253.923 करोड़ रुपये की कमी। निफ्टी पर ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टीसीएस, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलोजिज टॉप गेनर रहे। वहीं बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ था। निफ्टी 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,636 पर बंद हुआ था। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.89 प्रतिशत चढ़ा, जबकि मिडकैप सेलेक्ट 0.14 प्रतिशत के लाभ में रहा था।

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रुपये में हल्की तेजी

भारतीय करेंसी रुपया शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 2 पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.20 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच रुपया गुरुवार को 14 पैसे कमजोर होकर 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

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वैश्विक बाजारों की चाल

एशियाई बाजारों में गिरावट और तेजी का मिलाजुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया का KOSPI और जापान का Nikkei 225 इंडेक्स लाल निशान में रहे। ताइवान वेटेड और SET कंपोजिट में भी गिरावट रही। वहीं हेंग सेंग, जकार्ता कंपोजिट, शंघाई कंपोजिट में तेजी रही। गुरुवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hindalco Q1 Results: प्रॉफिट 75% बढ़कर 7013 करोड़ रुपये, रेवेन्यू 32 फीसदी बढ़ा

हिंडाल्को ने 7 अगस्त को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 75 फीसदी बढ़कर 7,013 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का प्रॉफिट 4,004 करोड़ रुपये था। कंपनी के शेयरों पर जून तिमाही के नतीजों का पॉजिटिव असर पड़ा। शेयर 2.58 फीसदी चढ़कर 1,053 रुपये पर बंद हुआ।

पहली बार किसी तिमाही में 7000 करोड़ रुपये से ज्यादा प्रॉफिट

Hindalco Industries ने पहली बार किसी तिमाही में 7,013 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया है। जून तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू साल दर साल आधार पर पर 32 फीसदी बढ़कर 84,825 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 73 फीसदी बढ़कर 14,989 करोड़ रुपये रहा। आदित्य बिड़ला ग्रुप ने कहा है कि जून तिमाही में उसके फ्लैगशिप इंडियन मेटल बिजनेस का प्रदर्शन अच्छा रहा।

जून तिमाही में नोवेलिस की प्रॉफिटेबिलिटी में भी इम्प्रूवमेंट 

Oswego प्लांट में प्रोडक्शन दोबारा शुरू होने से नोवेलिस की प्रॉफिटेबिलिटी में भी इम्प्रूवमेंट हुआ। कंपनी को उसके कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन प्रोग्राम का फायदा मिल रहा है। हिंडाल्को के अल्युमीनियम अपस्ट्रीम बिजनेस का EBITDA जून तिमाही में 7,390 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। यह साल दर साल आधार पर 81 फीसदी की ग्रोथ है। कॉपर एबिड्टा 36 फीसदी बढ़कर 918 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई।

कई बिजनेसेज का EBITDA रिकॉर्ड लेवल पर 

Novelis का EBITDA जून तिमाही में 4,875 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 37 फीसदी ज्यादा है। Oswego प्लांट में उत्पादन दोबारा शुरू हो गया है। Bay Minuette में उत्पादन शुरू करने के लिए प्रोसेस जारी है। Hindalco ने कहा है कि अल्युमीनियम अपस्ट्रीम, अल्युमीनियम डाउनस्ट्रीम, कॉपर और नोवेलिस ने जून तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही EBITDA हासिल किया।

एक साल में शेयर में 53 फीसदी से ज्यादा उछाल

हिंडाल्को के कंसॉलिडेटेड नेट डेट और EBITDA का रेशियो जून के अंत में 1.95 गुना रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1.02 गुना था। कंपनी के मैनेजिंड डायरेक्टर सतीश पई ने कहा कि इंडिया बिजनेस का प्रदर्शन जून तिमाही में शानदार रहा। नोवेलिस की मुनाफा कमाने की क्षमता भी बढ़ी है। हिंडालको इंडस्ट्रीज का शेयर बीते एक साल में 53 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस दौरान सेंसेक्स में 2.63 फीसदी और निफ्टी में 0.27 फीसदी की गिरावट आई है।

SBI Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 10% बढ़ा, NII में 15% का इजाफा; NPA घटा

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.2 प्रतिशत बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 19,160.44 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर 46,992 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 2.86 प्रतिशत रहा।

बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसकी कुल स्टैंडअलोन इनकम सालाना आधार पर 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,43,819.15 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 1,35,341.55 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट बढ़कर 33,529.18 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 30,544.47 करोड़ रुपये था।

एसेट क्वालिटी कितनी सुधरी

जून 2026 तिमाही में SBI की एसेट क्वालिटी में और सुधार आया है। ग्रॉस NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो गिरकर 1.47 प्रतिशत रह गया। एक साल पहले यह 1.83 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो 0.38 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 0.47 प्रतिशत था। तिमाही आधार पर भी NPA रेशियो में गिरावट है। एसेट्स पर रिटर्न घटकर 1.11 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 1.14 प्रतिशत था।

जून 2026 तिमाही के आखिर तक SBI के डिपॉजिट 60,05,805.24 करोड़ रुपये के रहे। एक साल पहले ये 54,73,253.70 करोड़ रुपये के थे। एडवांसेज 49,92,003.69 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही के आखिर तक 41,96,205.12 करोड़ रुपये के थे।

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SBI का शेयर 3 प्रतिशत चढ़ा

SBI के शेयर में 7 अगस्त को तेजी है। तिमाही नतीजे सामने आने के बाद शेयर BSE पर 3.6 प्रतिशत तक चढ़कर 1124.40 रुपये के हाई तक गया। बैंक का मार्केट कैप 10.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर एक साल में लगभग 40 प्रतिशत चढ़ा है। 2 सप्ताह में कीमत 10 प्रतिशत मजबूत हुई है। बैंक में जून 2026 के आखिर तक सरकार के पास 55.47 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Britannia Q1 Results: बिस्किट कंपनी का प्रॉफिट 13% बढ़ा, रेवेन्यू ₹5000 करोड़ के पार

Britannia Q1 Results: बिस्किट बनाने वाली कंपनी Britannia Industries ने गुरुवार, 6 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.6% बढ़कर 591.4 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 520.1 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 8.2% बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये रहा। वहीं, EBITDA 11% बढ़कर 840 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 16.4% से बढ़कर 16.8% पर पहुंच गया।

अनुमान से कैसा रहा प्रदर्शन?

ब्रिटानिया का शुद्ध मुनाफा बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। CNBC-TV18 के पोल में 606 करोड़ रुपये के मुनाफे का अनुमान था। रेवेन्यू अनुमान से थोड़ा बेहतर रही, लेकिन EBITDA और EBITDA मार्जिन बाजार की उम्मीद से नीचे रहे।

ब्रिटानिया ने बताया कि जून तिमाही में उसकी कंसोलिडेटेड बिक्री 9.5% बढ़कर 4,964 करोड़ रुपये रही। वहीं, स्टैंडअलोन बिक्री में 10% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मैनेजमेंट ने क्या कहा?

ब्रिटानिया के CEO और MD रक्षित हरगावे ने कहा कि तिमाही की शुरुआत में पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से ईंधन और शिपिंग लागत बढ़ गई थी। इसके बावजूद कंपनी ने बेहतर वॉल्यूम और वैल्यू ग्रोथ हासिल की। साथ ही मुनाफे की ग्रोथ रेवेन्यू से भी तेज रही।

उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स और जनरल ट्रेड में मजबूत प्रदर्शन रहा। विज्ञापन, प्रमोशन और इन्फ्लुएंसर कैंपेन पर भी कंपनी ने निवेश बढ़ाया। Marie Gold, NutriChoice और Little Hearts जैसे ब्रांड्स के लिए बड़े मार्केटिंग अभियान चलाए गए। वहीं, Dubai Kunafa Croissant जैसे नए प्रोडक्ट्स और इंटरनेशनल बिजनेस में सुधार से भी ग्रोथ को सहारा मिला।

आगे क्या रहेगा फोकस?

ब्रिटानिया ने कहा कि वह पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, मजबूत ब्रांड, नए प्रोडक्ट्स, लागत नियंत्रण और घरेलू मांग में सुधार के दम पर कंपनी आगे भी टिकाऊ ग्रोथ का भरोसा जता रही है।

Britannia के शेयरों का हाल

Britannia Industries का शेयर गुरुवार को 0.26% की गिरावट के साथ 5,430 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 8.32% टूटा है। वहीं, बीते 1 साल में इसका रिटर्न तकरीबन फ्लैट रहा। कंपनी का मार्केट कैप 1.31 लाख करोड़ रुपये है।

Britannia Industries भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में से एक है। कंपनी का मुख्य कारोबार बिस्किट है। लेकिन इसके अलावा यह ब्रेड, केक, रस्क, डेयरी प्रोडक्ट्स, चीज, बटर, दूध, स्नैक्स और क्रोइसां (Croissant) जैसे कई खाद्य उत्पाद भी बनाती और बेचती है।

LIC Q1 Results: प्रॉफिट 23% बढ़कर 13492 करोड़ रुपये, कुल इनकम 237848 करोड़

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Premier Energies Q1 Results: सोलर कंपनी का मुनाफा 50% बढ़ा, ₹5000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Premier Energies Q1 Results: सोलर इक्विपमेंट बनाने वाली Premier Energies ने गुरुवार, 6 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 50.4% बढ़कर 463.1 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 307.8 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 35.3% बढ़कर 2,462.6 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 1,820.7 करोड़ रुपये थी। वहीं, EBITDA 30.3% बढ़कर 714.4 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन 30.1% से घटकर 29% रह गया।

₹5,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

Premier Energies ने कहा कि वह 5,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी। कंपनी यह रकम क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), इक्विटी शेयर, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD), वारंट या अन्य इक्विटी में बदलने योग्य सिक्योरिटीज जारी करके जुटा सकती है।

मैनेजमेंट में फिर भरोसा

कंपनी सुरेंद्रपाल सिंह सलूजा को 19 दिसंबर 2026 से 18 दिसंबर 2031 तक फिर से चेयरमैन और होल-टाइम डायरेक्टर नियुक्त करने के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी मांगेगी।

इसके अलावा, चिरंजीव सिंह सलूजा को भी अगले पांच साल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर दोबारा नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। यह फैसला कंपनी की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर लिया गया है।

Premier Energies के शेयर

Premier Energies का शेयर गुरुवार को 1.01% की बढ़त के साथ 1,045 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 30.85% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 47.08 हजार करोड़ रुपये है।

Premier Energies का बिजनेस

यह देश की प्रमुख सोलर कंपनियों में से एक है। कंपनी सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल बनाती है, जिनका इस्तेमाल घरों, उद्योगों और बड़े सोलर पावर प्रोजेक्ट्स में होता है।

इसके अलावा, कंपनी EPC सेवाएं भी देती है, यानी सोलर प्लांट लगाने से लेकर उसे चालू करने तक का काम करती है। भारत में बढ़ती रिन्यूएबल एनर्जी की मांग और सरकारी सोलर योजनाओं से कंपनी के कारोबार को लगातार फायदा मिल रहा है।

LIC Q1 Results: प्रॉफिट 23% बढ़कर 13492 करोड़ रुपये, कुल इनकम 237848 करोड़

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।