Stocks to Watch: 4 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 19 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: मंगलवार, 4 अगस्त को कई शेयरों पर बाजार की खास नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कुछ में बड़े कॉरपोरेट घटनाक्रम सामने आए हैं। ऐसे में इन शेयरों में कारोबार के दौरान बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं किन 19 स्टॉक्स पर निवेशकों का फोकस रहेगा।

LIC

सरकारी बीमा कंपनी LIC में सरकार 4 अगस्त से OFS के जरिए 6.5% तक हिस्सेदारी बेचेगी। OFS का फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव से करीब 11% कम है। पूरी हिस्सेदारी बिकने पर सरकार को करीब ₹31,000 करोड़ मिल सकते हैं।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी Meesho में शुरुआती निवेशक Peak XV Partners और Elevation Capital करीब ₹1,900 करोड़ के ब्लॉक डील के जरिए 2.3% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इस डील में करीब 10.5 करोड़ शेयर ₹182.08 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेचे जाएंगे, जो मौजूदा बाजार भाव से 5% कम है। Morgan Stanley इस ब्लॉक डील का ब्रोकर है।

IREDA

सरकारी नवरत्न कंपनी IREDA का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 36.8% बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 24.1% बढ़कर ₹856.8 करोड़ रही। रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ती फाइनेंसिंग की मांग से कंपनी के प्रदर्शन को मजबूती मिली।

Arvind

टेक्सटाइल और रिटेल कंपनी Arvind ने करीब ₹500 करोड़ जुटाने के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। कंपनी ने प्रति शेयर ₹505 का सांकेतिक इश्यू प्राइस तय किया है, जो 3 अगस्त के बंद भाव से 4.53% कम है। इससे पहले बोर्ड ने इक्विटी या अन्य सिक्योरिटीज के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी दी थी।

SBI Funds Management

देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी SBI Funds Management का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 3.3% बढ़कर ₹873 करोड़ हो गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 15.2% बढ़कर ₹1,146 करोड़ और ऑपरेटिंग प्रॉफिट 17% बढ़कर ₹907 करोड़ रहा। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले शुद्ध मुनाफे में 37% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

DLF

रियल एस्टेट कंपनी DLF ने जून तिमाही में ₹793.9 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 4.1% ज्यादा है। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 52.9% घटकर ₹1,280.3 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,716.7 करोड़ था।

Kalpataru

रियल एस्टेट कंपनी Kalpataru की जून तिमाही में शुद्ध घाटा घटकर ₹26.5 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹49.4 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू 6.5% बढ़कर ₹472.2 करोड़ और प्री-सेल्स 6% बढ़कर ₹1,329 करोड़ पहुंच गई। वहीं, कलेक्शन 17% बढ़कर ₹1,365 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA घाटा बढ़कर ₹45.9 करोड़ हो गया।

Torrent Power

पावर सेक्टर की कंपनी Torrent Power ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 12.7% घटकर ₹639 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹731.4 करोड़ था। LNG सप्लाई में रुकावट और वित्तीय खर्च बढ़ने का असर कंपनी के प्रदर्शन पर दिखा। हालांकि, रेवेन्यू में हल्की बढ़त दर्ज की गई।

One97 Communications (Paytm)

फिनटेक कंपनी One97 Communications (Paytm) में बड़ा ब्लॉक डील हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा निवेशक SAIF Partners कंपनी में अपनी 2.3% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस डील का आकार करीब ₹2,002 करोड़ हो सकता है और फ्लोर प्राइस ₹1,339.65 प्रति शेयर रखा गया है, जो पिछले बंद भाव से 5% कम है।

Kansai Nerolac Paints

पेंट कंपनी Kansai Nerolac Paints का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 5% बढ़ा। डेकोरेटिव और इंडस्ट्रियल पेंट कारोबार में मजबूत मांग से कंपनी को फायदा मिला। हालांकि, कच्चे माल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव रहा। कंपनी का रेवेन्यू 9.8% बढ़कर ₹2,374 करोड़ पहुंच गया।

Gulf Oil Lubricants India

लुब्रिकेंट बनाने वाली कंपनी Gulf Oil Lubricants India ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 28.6% बढ़कर ₹123.1 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू 30.6% बढ़कर ₹1,327 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,016.4 करोड़ था।

The Great Eastern Shipping Company

शिपिंग और ऑफशोर सर्विसेज कंपनी The Great Eastern Shipping Company का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में दो गुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,309 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹505 करोड़ था। मजबूत शिपिंग कारोबार और बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन की वजह से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा।

GSK Pharma

फार्मा कंपनी GlaxoSmithKline Pharmaceuticals (GSK Pharma) का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 15.7% बढ़ा। जनरल मेडिसिन और वैक्सीन कारोबार में मजबूत ग्रोथ से कंपनी को फायदा मिला। बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन ने भी नतीजों को मजबूती दी।

Texmaco Rail & Engineering

रेलवे इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Texmaco Rail & Engineering ने जून तिमाही में मिले-जुले नतीजे पेश किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 67% बढ़कर ₹50 करोड़ हो गया। हालांकि, रेवेन्यू में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की गई। बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी से मुनाफे में सुधार हुआ।

Restaurant Brands Asia

क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनी Restaurant Brands Asia का जून तिमाही में घाटा कम हुआ। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस ₹28.3 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹41.9 करोड़ था। इससे कंपनी के प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिले।

KIMS

हॉस्पिटल चेन KIMS के जून तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 47.2% घटकर ₹41.5 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 35.3% बढ़कर ₹1,179.5 करोड़ हो गया। EBITDA 16% बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 22.1% से घटकर 18.9% रह गया।

UPL

एग्रोकेमिकल कंपनी UPL के CEO माइक फ्रैंक ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा। तब तक वह अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। कंपनी ने फिलहाल इस्तीफे की वजह नहीं बताई है। अब बाजार की नजर नए CEO की नियुक्ति पर रहेगी।

DOMS Industries

स्टेशनरी और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कंपनी DOMS Industries के जून तिमाही नतीजों में बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफा घट गया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा ₹57.2 करोड़ से घटकर ₹44.4 करोड़ रह गया। वहीं, रेवेन्यू 19.3% बढ़कर ₹670.5 करोड़ पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 17.6% से घटकर 12.3% रहा।

Thomas Cook

ट्रैवल सर्विसेज कंपनी Thomas Cook India का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 5.8% बढ़कर ₹58.7 करोड़ हो गया। कंपनी का रेवेन्यू भी 1.2% बढ़कर ₹828 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹818 करोड़ था।

तिमाही नतीजे

शेयर बाजार में मंगलवार को कई कंपनियां जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Bharti Airtel, Bharti Hexacom, BSE, Castrol India, Godrej Properties, Ajmera Realty & Infra India, Dredging Corporation of India और Adroit Infotech जैसी कंपनियां शामिल हैं।

LIC OFS: बीमा कंपनी में 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर का तय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IREDA Q1 Results: सरकारी कंपनी का मुनाफा 37% बढ़ा, सोलर सेक्टर को सबसे ज्यादा फंडिंग दी

IREDA Q1 Results: सरकारी नवरत्न कंपनी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 36.8% बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹246.7 करोड़ था।

NII में 24% की बढ़ोतरी

IREDA की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 24.1% बढ़कर ₹856.8 करोड़ हो गई। एक साल पहले यह ₹690.5 करोड़ थी। IREDA के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बिजय कुमार मोहंती ने कहा कि मजबूत कारोबारी बुनियाद और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ती फाइनेंसिंग डिमांड का असर नतीजों में दिखा है।

लोन बुक में भी उछाल

30 जून 2026 तक IREDA की लोन बुक 19% बढ़कर ₹94,936 करोड़ हो गई। एक साल पहले यह ₹79,941 करोड़ थी। कंपनी ने तिमाही के दौरान ₹4,991 करोड़ उधार जुटाए, ₹6,556 करोड़ के लोन वितरित किए और ₹3,380 करोड़ के नए लोन मंजूर किए।

सोलर सेक्टर को सबसे ज्यादा फंडिंग

IREDA की कुल लोन बुक में सोलर एनर्जी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 26% रही। इसके बाद राज्य बिजली कंपनियां (19%), विंड एनर्जी (11%) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (11%) का स्थान रहा।

NIM में सुधार, GNPA बढ़ा

IREDA का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 3.75% हो गया, जो पिछले साल 3.60% था। प्रोविजन कवरेज रेशियो बढ़कर 68.22% और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 20.30% रहा।

हालांकि, ग्रॉस एनपीए (GNPA) मार्च के अंत के 3.49% से बढ़कर 3.76% हो गया। वहीं, नेट एनपीए 1.29% से घटकर 1.23% पर आ गया। कंपनी के मुताबिक, यह बेहतर जोखिम प्रबंधन और मॉनिटरिंग सिस्टम का नतीजा है।

IREDA के शेयर

नतीजों से पहले सोमवार को IREDA का शेयर 2.83% की बढ़त के साथ ₹122.98 पर बंद हुआ। 1 साल में स्टॉक 16.92% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 33.03 हजार करोड़ रुपये है।

LIC OFS: बीमा कंपनी में 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर का तय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LEAP India IPO: 7 अगस्त से खुलेगा ₹2480 करोड़ का IPO, जानिए पूरी डिटेल

LEAP India IPO: सप्लाई चेन मैनेजमेंट और एसेट पूलिंग सर्विस देने वाली LEAP India का ₹2,480 करोड़ का IPO 7 अगस्त से निवेशकों के लिए खुलेगा। KKR के निवेश वाली इस कंपनी का एंकर बुक 6 अगस्त को ओपन होगी।

निवेशक IPO में 11 अगस्त तक पैसे लगा सकेंगे।। शेयरों का अलॉटमेंट 12 अगस्त तक होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर 14 अगस्त को शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं। IPO का प्राइस बैंड 3 अगस्त को घोषित होगा।

फ्रेश इश्यू और OFS

इस IPO में ₹480 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹2,000 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। OFS के तहत प्रमोटर Vertical Holdings II करीब ₹1,998.62 करोड़ और KIA EBT Scheme 3 करीब ₹1.37 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

पहले कंपनी ₹400 करोड़ का फ्रेश इश्यू लाने वाली थी। अब इसे बढ़ाकर ₹480 करोड़ कर दिया गया है। OFS का आकार पहले जैसा ही रखा गया है।

कर्मचारियों के लिए भी रिजर्व शेयर

LEAP India ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए ₹1.25 करोड़ तक के शेयर रिजर्व रखे हैं।

ग्लोबल निवेश कंपनी KKR की इकाई Vertical Holdings II और Sunu Mathew कंपनी के प्रमोटर हैं। इनकी हिस्सेदारी क्रमशः 73.78% और 21.07% है।

LEAP India क्या करती है?

LEAP India देशभर में सप्लाई चेन और एसेट पूलिंग सर्विस देती है। कंपनी के पास 1.47 करोड़ से ज्यादा एसेट्स और 10,100 से ज्यादा कस्टमर टचपॉइंट्स हैं।

यह FMCG, फूड एंड बेवरेज, थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल सेक्टर की कंपनियों को अपनी सेवाएं देती है।

IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल

LEAP India के IPO का बड़ा हिस्सा OFS के जरिए मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बेचने के लिए है।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि में से ₹360 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में किया जाएगा। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगी। जून 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,023.2 करोड़ का कंसोलिडेटेड कर्ज था।

LEAP India का वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में LEAP India का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस दौरान शुद्ध मुनाफा 66% बढ़कर ₹62.3 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹37.6 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू 56.4% बढ़कर ₹729.5 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष में यह ₹466.5 करोड़ था।

इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर JM Financial, Avendus Capital, IIFL Capital Services और UBS Securities India हैं।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ardee Industries IPO: 5 अगस्त को खुलेगा ₹426 करोड़ का इश्यू, ग्रे मार्केट में अभी से 13% चढ़ा शेयर

मेनबोर्ड सेंगमेंट में ₹425.87 करोड़ का आरडी इंडस्ट्रीज IPO 5 अगस्त को खुलने जा रहा है। कंपनी का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा जाएगा।

Ardee Industries IPO के लिए प्राइस बैंड ₹50-₹53 प्रति शेयर और लॉट साइज 281 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 7 अगस्त को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 10 अगस्त को फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 12 अगस्त को होगी। इस इश्यू में एंकर इनवेस्टर 4 अगस्त को बोली लगा सकेंगे।

आरडी इंडस्ट्रीज की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को पूरी तरह या कुछ हद तक चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के​ लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। इस IPO के लिए पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

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Ardee Industries की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 57 प्रतिशत बढ़कर ₹1,168.88 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹743.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 155 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹84.68 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹33.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान आरडी इंडस्ट्रीज पर ₹182.75 करोड़ की उधारी थी। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर अभी से 13.21 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अगस्त में एक दर्जन से ज्यादा मेनबोर्ड IPO! ₹25000 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश; लिस्ट में Zepto, Shiprocket भी

अगले महीने यानि अगस्त में IPO मार्केट काफी गुलजार रहने वाला है। मेनबोर्ड सेगमेंट में एक दर्जन से ज्यादा IPO लॉन्च हो सकते हैं। लिस्ट में जेप्टो, ट्रूहोम फाइनेंस और शिपरॉकेट जैसे नाम भी शामिल हैं। इन कंपनियों के IPO से कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाए जाने की उम्मीद है। मर्चेंट बैंकरों के अनुसार, नए आ रहे IPO में नए शेयर जारी किए जाने के साथ-साथ मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी रहेगा।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इक्विरस कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और इनवेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह का कहना है कि बाजार में स्थिरता और निवेशकों की बेहतर धारणा के चलते वे कंपनियां भी अब आगे बढ़ रही हैं, जो पहले IPO योजनाओं को टाल रही थीं।

शाह का मानना है कि समय-समय पर उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत के IPO मार्केट का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है। इस कैलेंडर ईयर यानि​ कि साल 2026 में भारत IPO के जरिए लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाएगा।

Zepto के IPO में 8010 करोड़ के नए शेयर

आने वाले IPO में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो एक प्रमुख नाम है। कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयर जारी कर 8,010 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS भी रहेगा। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ट्रूहोम फाइनेंस का इरादा IPO से 3,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। इसमें 1,500 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही इतने ही रुपये के शेयरों का OFS होगा। एलिवेट कैंपसेज 2,550 करोड़ रुपये का IPO ला रही है। इसमें केवल नए शेयर जारी होंगे।

Shiprocket का पब्लिक इश्यू कितना बड़ा

शिपरॉकेट की तैयारी 2,342.35 करोड़ रुपये का IPO लाने की है। इसमें 1,100 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 1,242.35 करोड़ रुपये का OFS होगा। कंपनी एक फुल-स्टैक ई-कॉमर्स इनेबलर है। इसका मतलब हुआ कि एक ऐसी कंपनी या प्लेटफॉर्म जो किसी​ बिजनेस को ऑनलाइन ले जाने, चलाने और बढ़ाने के लिए शुरू से अंत तक सभी सर्विसेज और तकनीकी समाधान देती हो।

अन्य कंपनियों की बात करें तो इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक का IPO लाना चाहती है। यह पूरी तरह से OFS होगा। मिल्की मिस्ट डेयरी फूड का 1,553 करोड़ रुपये का IPO कतार में है। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, ARCIL (एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड), गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, शंकेश ज्वेलर्स, रेज ऑफ बिलीफ, अर्डी इंडस्ट्रीज, हाई-टेक इंजीनियर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन भी कैपिटल मार्केट में उतरने की योजना बना रही हैं।

MV Electrosystems IPO 30 जुलाई से, ₹290 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश

इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 IPO

विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों की बढ़ती IPO गतिविधियां निवेशकों के भरोसे और मजबूत मांग को दर्शाती हैं। इस साल अब तक मेनबोर्ड सेगमेंट में 36 कंपनियां IPO ला चुकी हैं, जिनमें से 9 कंपनियां जुलाई महीने में लिस्ट हुईं। नए सप्ताह में मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का पब्लिक इश्यू 29 जुलाई को खुल रहा है। जूनिपर ग्रीन एनर्जी और एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के IPO 30 जुलाई को खुलने वाले हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

2 और कंपनियों के IPO को SEBI से मंजूरी, BSE और NSE पर होंगे लिस्ट

2 और कंपनियों को अपना पब्लिक इश्यू लाने के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंजूरी मिल गई है। ये कंपनियां हैं- नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी लिमिटेड और इंटेलियस रिकोड लिमिटेड। दोनों IPO को BSE और NSE पर लिस्ट कराने की तैयारी है। नित्यास जेम्स एंड ज्वेलरी सूरत, गुजरात की कंपनी है। इसने मार्च में IPO के ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे और उसे 23 जुलाई को सेबी की मंजूरी मिली। इसके ड्राफ्ट के अनुसार, कंपनी के प्रस्तावित IPO में 1.44 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा।

कंपनी अपने IPO से हासिल पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इस पब्लिक इश्यू के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Bigshare Services Private Limited है।

Intellius Recode IPO

वहीं, इंटेलियस रिकोड ने मार्च में IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। उसे 24 जुलाई को सेबी से मंजूरी मिली। ड्राफ्ट के अनुसार, कंपनी के प्रस्तावित IPO में 117 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 12.9 लाख शेयरों का OFS रहेगा। इस IPO के लिए Inga Ventures Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी के डिजिटल वर्कर्स के डेवलपमेंट, इससे जुड़ी सब-कॉन्ट्रैक्टिंग फीस के पेमेंट और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।इंटेलियस रिकोड एक टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है। यह कॉरपोरेट ग्राहकों के डिजिटल ट्रांसफॉरमेशन में मदद करती है। कंपनी टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग और आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस बेस्ड सॉल्यूशंस की पेशकश करती है। इनमें प्रोपराइटरी एजेंटिक AI बेस्ड डिजिटल वर्कर भी शामिल हैं।

Manipal Health IPO: ₹9275 करोड़ का इश्यू 29 जुलाई से, ₹560-₹590 है प्राइस बैंड; रहेंगे ₹8000 करोड़ के नए शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PhonePe का FY26 में घाटा 62% बढ़ा, रेवेन्यू में रही 11% की ग्रोथ

डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म फोनपे (PhonePe) का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11 प्रतिशत बढ़ा। आंकड़ा ₹7,920 करोड़ दर्ज किया गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹7,115 करोड़ था। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में कंपनी की ओर से जमा की गई फाइलिंग के अनुसार, कंसोलिडेटेड नेट लॉस 62 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹2,792 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2025 में यह ₹1,727 करोड़ था। PhonePe इस वक्त देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी है। UPI पेमेंट में इसका मार्केट शेयर 45 प्रतिशत से ज्यादा है।

नॉर्मलाइज्ड ऑपरेशनल बेसिस पर, वित्त वर्ष 2026 में PhonePe का नेट लॉस ₹1,377 करोड़ रहा। रेवेन्यू में कंपनी की धीमी ग्रोथ के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि पिछले वित्त वर्ष के बीच में क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट रोकना, सरकार की ओर से रियल मनी गेम्स (RMG) पर बैन लगाया जाना, पिछले साल UPI के लिए सरकारी सब्सिडी न मिलना।

फिलहाल के लिए टल चुका है PhonePe IPO

मार्च 2026 में खबर आई कि PhonePe ने मिडिल ईस्ट में युद्ध और मार्केट के अस्थिर माहौल का हवाला देते हुए अपना IPO टाल दिया। उम्मीद है कि कंपनी इस साल के आखिर में लिस्टिंग की प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी। कंपनी ने जनवरी 2026 में IPO के लिए कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा किया था। UDRHP के अनुसार, IPO में केवल ऑफर-फॉर-सेल (OFS) रहेगा। इसमें प्रमोटर WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स और मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 5.06 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए ऑफर से मिलने वाली पूरी रकम शेयर बिक्री करने वालों को मिलेगी।

वॉलमार्ट के पास कितनी हिस्सेदारी

WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स का मालिकाना हक वॉलमार्ट इंटरनेशनल होल्डिंग्स इंक के पास है। इसकी PhonePe में 71.77 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वर्तमान में जनरल अटलांटिक सिंगापुर PPIL, फोनपे में 8.98 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी पब्लिक शेयरहोल्डर है। इसके बाद 5.73 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ हेडस्टैंड है। फोनपे में टाइगर ग्लोबल PIP 9-1 और माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल फाइनेंस भी निवेशक हैं। कहा जा रहा है कि OFS के जरिए टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट, फोनपे से एग्जिट करेंगी। इसके अलावा फोनपे में रिबिट कैपिटल, टीवीएस कैपिटल, टेनसेंट और कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी जैसों का भी पैसा लगा हुआ है।

फोनपे ने सितंबर 2025 में IPO के लिए SEBI के पास कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट जमा किया था। कहा गया था कि मेगा IPO लगभग 12,000 करोड़ रुपये का रहेगा। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं। SEBI ने 20 जनवरी 2026 को PhonePe के कॉन्फिडेंशियल DRHP को मंजूरी दी थी।

Caliber Mining & Logistics Listing: कैलिबर माइनिंग की अच्छी शुरुआत, शेयर 19% तक बढ़त में लिस्ट

Caliber Mining & Logistics की शुक्रवार, 24 जुलाई को लिस्टिंग अच्छी रही। BSE पर शेयर करीब 19 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 504 रुपये पर और NSE पर करीब 18 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 500.25 रुपये पर लिस्ट हुआ। फाइनल IPO प्राइस 424 रुपये था। कंपनी का 450 करोड़ रुपये का IPO 154.66 गुना भरा था। इसमें 400 करोड़ रुपये के 94 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही 50 करोड़ रुपये के 12 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) था।

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड सर्विस प्रोवाइडर है। यह कोयला निकालने और कोयले की लॉजिस्टिक्स में विशेषता रखती है। महाराष्ट्र में स्थित यह कंपनी माइनिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सेवाएं देती है, जिनमें कोयला निकालना, ओवरबर्डन हटाना, कोयले की लोडिंग और अनलोडिंग, सड़क से ट्रांसपोर्टेशन और रेल ट्रांसपोर्टेशन का तालमेल बिठाना शामिल है। यह माइनिंग इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करते हुए, कोयला माइनिंग और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशंस के लिए एंड-टू-एंड समाधान देती है।

कंपनी के प्रमोटर मोहित सतीशकुमार चड्ढा, मनीष कृष्णलाल चड्ढा, राहुल रोशनलाल चड्ढा, अनुज कृष्णलाल चड्ढा और प्रिया अनुज चड्ढा हैं। कंपनी के पब्लिक इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 253.88 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 281.99 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 43.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कैलिबर माइनिंग अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए, मशीनरी की खरीद के लिए, सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए और IPO पर आए खर्च की भरपाई के लिए करेगी। कैलिबर माइनिंग ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 135 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Caliber Mining की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की कुल इनकम 17 प्रतिशत बढ़कर 1,684.66 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले इनकम 1,435.57 करोड़ रुपये थी। शुद्ध मुनाफा 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 157.90 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 131.55 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।