नोएडा सेक्टर 148 और 150 को जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे पर बनेगा नया फ्लाईओवर, संकरे अंडरपास से मिलेगी मुक्ति, फुल डिटेल जानिए

Noida News: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए नोएडा अथॉरिटी ने एक अहम योजना तैयार की है। नोएडा सेक्टर-148 और सेक्टर-150 को जोड़ने के लिए करीब 500 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 85 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका उद्देश्य एक्सप्रेसवे के दोनों ओर स्थित सेक्टरों के बीच आवाजाही आसान करना और मौजूदा संकरे अंडरपास पर वाहनों का दबाव कम करना है।

148 से 150 के बीच बनेगा 500 मीटर का फ्लाईओवर

नोएडा अथॉरिटी एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित सेक्टर-148, 149, 150, 151, 152 और 153 के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने की तैयारी में है। प्रस्तावित फ्लाईओवर करीब 500 मीटर लंबा होगा और मुख्य रूप से सेक्टर-148 तथा सेक्टर-150 को आपस में जोड़ेगा। अथॉरिटी ने इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 85 करोड़ रुपये बताई गई है।

मौजूदा अंडरपास बना परेशानी का कारण

फिलहाल, इस एक्सप्रेसवे के नीचे बने अंडरपास के जरिए आसपास के सेक्टरों के लोग एक तरफ से दूसरी तरफ आते-जाते हैं। लेकिन यह अंडरपास काफी संकरा है। खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में यहां वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।

समस्या सिर्फ जाम तक सीमित नहीं है। मानसून के दौरान अंडरपास में पानी भरने से आवाजाही और ज्यादा प्रभावित होती है। ऐसे में फ्लाईओवर बनने के बाद स्थानीय वाहन चालकों को अंडरपास पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आने-जाने के लिए एक वैकल्पिक और सीधा रास्ता उपलब्ध होगा।

करीब 2 लाख लोगों को होगा फायदा

अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना से आसपास के सेक्टरों में रहने वाले करीब दो लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा आसपास के करीब 20 गांवों के लोगों के लिए भी स्थानीय आवागमन आसान होगा। फ्लाईओवर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्थानीय ट्रैफिक को एक्सप्रेसवे के नीचे बने संकरे अंडरपास से गुजरने की मजबूरी कम होगी। इससे पीक आवर्स में जाम की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।

स्पोर्ट्स सिटी में बढ़ने वाली गतिविधियों को ध्यान में रखकर फैसला

नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, सेक्टर-150 में स्पोर्ट्स सिटी से जुड़े विकास कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में यहां खेल सुविधाओं और अन्य परियोजनाओं के विकसित होने के साथ ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए अथॉरिटी ने अभी से कनेक्टिविटी मजबूत करने की योजना बनाई है। नोएडा अथॉरिटी के जनरल मैनेजर ए.के. अरोड़ा ने बताया कि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को ध्यान में रखते हुए सेक्टर-148 और सेक्टर-150 को जोड़ने वाला फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया है।

स्पोर्ट्स सिटी की परियोजनाओं को भी मिली राहत

इसी बीच नोएडा जनरल मैनेजर बोर्ड ने स्पोर्ट्स सिटी के संशोधित लेआउट को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही वर्ष 2022 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं पर लगाया गया व्यापक प्रतिबंध भी हटा दिया गया है।इस फैसले से लंबे समय से अटके प्रोजेक्टों में फंसे करीब 20,000 होमबायर्स को अपने फ्लैटों का कब्जा और रजिस्ट्री मिलने की उम्मीद जगी है।

यह कदम नवंबर 2025 में जारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में उठाया गया है। इससे उन परियोजनाओं से जुड़े नक्शे की मंजूरी, बिल्डिंग प्लान के दोबारा सत्यापन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जैसी प्रक्रियाओं का रास्ता साफ हुआ है, जो लंबे समय से अटकी हुई थीं।

एक्सप्रेसवे पर पहले से हैं दो प्रमुख फ्लाईओवर

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर फिलहाल महामाया फ्लाईओवर और सेक्टर-128 का फ्लाईओवर प्रमुख क्रॉस-एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी देते हैं। प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करने के लिए कई अंडरपास भी बनाए हैं। इनमें सेक्टर-94, कोंडली गांव, एडवांट और सेक्टर-148 के अंडरपास शामिल हैं। इसके अलावा झट्टा और सुल्तानपुर गांव में भी अंडरपास का निर्माण कार्य चल रहा है।

फ्लाईओवर से स्थानीय ट्रैफिक को मिलेगा सीधा रास्ता

नए फ्लाईओवर के बनने के बाद नोएडा के प्रमुख सेक्टर-148 और 150 के बीच आने-जाने वाले गाड़ियों को मौजूदा संकरे अंडरपास से होकर गुजरने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे जाम, मानसून में जलभराव और पीक आवर्स में ट्रैफिक दबाव जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। नोएडा में एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से हो रहे आवासीय और कमर्शियल डेवलपमेंट के बीच यह फ्लाईओवर भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को देखते हुए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साबित हो सकता है।

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ग्रेटर नोएडा में जमीन की मिलेगी अब ज्यादा कीमत, अथॉरिटी ने 50% बढ़ाया जमीन का मुआवजा, जानिए Noida से YEIDA तक नया रेट

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के हित को लेकर बड़ा फैसला लिया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने किसानों की जमीन के मुआवजे की दर को 4,125 रुपये बढ़ाकर 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने के फैसले को मंजूरी दे दी है। जिससे मुआवजे की दर में रिकॉर्ड 55.5 फीसदी की वृद्धि हो गई है। वहीं इस फैसले के बाद से किसानों को अब पहले के मुकाबले काफी अधिक भुगतान मिलेगा। इसके साथ ही 6% आबादी प्लॉट की योजना दुबारा शुरू की गई है। 2016 में खत्म किए गए इस प्रावधान को अब दोबारा शुरू किया गया है।

इसके तहत जो किसान 6 फीसदी आबादी प्लॉट का ऑप्शन चुनेंगे, उन्हें 5,725 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे की नई दर लागू होने से ग्रेटर नोएडा के विस्तार की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

दुबारा शुरू हुई आबादी प्लॉट सुविधा

TOI से बात करते हुए GNIDA के एडिशनल CEO सुनील कुमार सिंह के बताया, आबादी प्लॉट सुविधा वर्ष 2016 में बंद कर दी गई थी, लेकिन किसानों की मांग को देखते हुए इसे फिर से लागू किया गया है। सिंह ने कहा, “जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, 6 फीसदी आबादी प्लॉट का विकल्प चुनने वाले किसानों को अलग से विकसित किए गए आवासीय सेक्टरों में प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।” बता दें, मुआवजे को लेकर किसानों और अथॉरिटी के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे।

कितने जमीन की जरूरत

अधिकारी ने बताया कि, शहर के दूसरे चरण के विकास के लिए करीब 40 हजार हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। फिलहाल पहले चरण में 31,733 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है, जिसमें 117 गांव आते हैं। दूसरे चरण में 140 और गांवों को शामिल किया जाना है। यह काम पूरा होने के बाद ग्रेटर नोएडा का नियोजित क्षेत्र करीब 71 हजार हेक्टेयर तक पहुंच जाएगा।

कई बड़े प्रोजेक्ट्स है शामिल

ग्रेटर नोएडा के पहले फेज में अथॉरिटी ने रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के साथ कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन का अधिग्रहण किया था। इनमें दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की औद्योगिक टाउनशिप और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। अब दूसरे फेज में दादरी और सिकंदराबाद के आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत एक्वा लाइन के डिपो-बोडाकी कॉरिडोर के विस्तार के लिए भी जमीन ली जाएगी। इसके अलावा सिरसा गांव से यमुना अथॉरिटी क्षेत्र को जोड़ने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क के करीब 10 किलोमीटर के अधूरे हिस्से को पूरा करने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है।

किसानों के लिए आसान बनाई जाएगी प्रक्रिया

आबादी प्लॉट को भी सामान्य रिहायशी प्लॉट की तरह ही विकसित किया जाएगा, ताकि किसानों को मिलने वाली जमीन व्यवस्थित तरीके से तैयार हो सके। जमीन की रजिस्ट्री अथॉरिटी के नाम होने के साथ किसानों को प्लॉट से जुड़ा रिजर्वेशन लेटर भी दिया जाएगा। इसके अलावा, जमीन खरीदने की पूरी प्रक्रिया को किसानों के लिए आसान बनाने की तैयारी है। इसके लिए एडिशनल CEO की निगरानी में एक अलग लैंड एक्विजिशन सेल बनाया जाएगा, जहां किसानों को जरूरी जानकारी और मदद मिल सकेगी। इससे उन्हें अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुआवजे की रकम में भी पारदर्शिता बरतते हुए भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा।

आबादी प्लॉट के लिए 40 से 2,500 वर्ग मीटर तक जमीन दी जाएगी। इसके अलावा, जमीन पर बने मकान या अन्य संपत्तियों के लिए किसानों को जमीन की कीमत के अलावा अलग से मुआवजा भी दिया जाएगा।

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर बनेगा ‘गेटवे टू नोएडा’! ₹4526 करोड़ की लागत से बनेगा कन्वेंशन और हैबिटेट सेंटर

नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) सेक्टर 94 में ओखला बर्ड सेंचुरी के पास करीब 25 एकड़ जमीन पर एक बड़ा प्रोजेक्ट विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इसमें कन्वेंशन और हैबिटेट सेंटर के साथ कई तरह की सुविधाओं वाला मिक्स्ड-यूज कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। करीब 4,526 करोड़ रुपये की लागत वाले इस बड़े प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए प्राइवेट कंपनी का चयन किया जाएगा। इसके लिए अथॉरिटी ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर इच्छुक कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं।

25 एकड़ में बनेगा

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास 25 एकड़ में यह बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। इसे नोएडा के प्रमुख कमर्शियल और कल्चरल हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर, दुकानें, ऑफिस, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। इसे ‘नोएडा का गेटवे’ के तौर पर भी विकसित किया जाएगा। ये जगह कालिंदी कुंज के रास्ते साउथ दिल्ली से नोएडा आने वाले लोगों के लिए प्रमुख प्रवेश मार्ग पर है, इसलिए इस प्रोजेक्ट को ‘गेटवे टू नोएडा’ नाम दिया गया है।

30 महीने में काम होगा पूरा

नोएडा अथॉरिटी के जनरल मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक कन्वेंशन सेंटर और प्रदर्शनी के लिए जगह के साथ रिटेल दुकानें, ऑफिस, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी क्षेत्र भी बनाए जाएंगे। प्रोजेक्ट मिलने के बाद कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 30 महीने के भीतर पूरा करना होगा। वहीं, पूरे प्रोजेक्ट को सात साल के अंदर तैयार कर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। डेवलपर के चयन के बाद काम जल्द शुरू किया जा सकता है, क्योंकि प्रोजेक्ट का लेआउट और बिल्डिंग प्लान पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं।

जानें इस कन्वेंशन सेंटर के बारे में

RFP के अनुसार, प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर करीब 18,762 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। वहीं, हैबिटैट सेंटर और होटल के लिए 29,507-29,507 वर्ग मीटर जगह तय की गई है। प्रोजेक्ट में करीब 65,437 वर्ग मीटर का रिटेल स्पेस और ऑफिस व सर्विस अपार्टमेंट के लिए 1.10 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र होगा। रिहायशी हिस्से के लिए 1.75 लाख वर्ग मीटर जगह रखी गई है, हालांकि इसका हिस्सा कुल बिल्ट-अप एरिया के 40 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। यहां करीब 7,180 कारों की पार्किंग की सुविधा भी बनाई जाएगी।

PPP मॉडल के तहत नोएडा अथॉरिटी और चुनी गई निजी कंपनी मिलकर एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाएंगे। निजी डेवलपर प्रोजेक्ट की डिजाइन, पैसा जुटाने, निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। अथॉरिटी के अनुमान के अनुसार, प्रोजेक्ट से सात साल बाद करीब 6,890 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह आंकड़ा 10 साल में बढ़कर 10,324 करोड़ और 15 साल में 17,292 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह प्रोजेक्ट नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और ओखला बर्ड सैंक्चुअरी मेट्रो स्टेशन के पास होने के कारण काफी अहम माना जा रहा है।

वो सड़क पर मिली और बन गई हर सफर की साथी | Yati Gaur| Delhi | Travel Vlog | Walking India

वो सड़क पर मिली और बन गई हर सफर की साथी | Yati Gaur| Delhi | Travel Vlog | Walking India

ऋषिकेश से केदारनाथ तक पैदल चलने से शुरू हुआ यति का सफर, आज 15,000 किलोमीटर और 13 राज्यों तक पहुंच चुका है। लेकिन इस लंबी यात्रा में यति को सबसे खूबसूरत चीज़ किसी मंज़िल पर नहीं, बल्कि राजस्थान की सड़क पर मिली— एक छोटी-सी पपी, जिसका नाम उन्होंने रखा बटर। :feet::heart:
आज दोनों ने साथ में पहाड़, जंगल, रेगिस्तान और नदियों के किनारे न जाने कितने रास्ते पार किए हैं। यति आगे बढ़ते हैं, तो बटर साथ चलती है। वो आगे निकल जाए, तो पीछे मुड़कर यति का इंतज़ार करती है।

कई बार सफर आसान बनाने के लिए लोग बेज़ुबानों को पीछे छोड़ देते हैं। लेकिन @theunfoldingplay ने आसान रास्ता नहीं, बटर को चुना। देखिए, कैसे सड़क पर मिली एक छोटी-सी बटर, यति की सबसे लंबी यात्रा की हमेशा की साथी बन गई
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वो सड़क पर मिली और बन गई हर सफर की साथी | Yati Gaur| Delhi | Travel Vlog | Walking India

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नोएडा एयरपोर्ट के पास एस्कॉर्ट्स कुबोटा बनाएगी ऐसा प्लांट जो बदल देगी ट्रैक्टर इंडस्ट्री का चेहरा! जानिए ₹2000 करोड़ का पूरा प्लान

Noida Airport News: एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में अपने नए विशाल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए भूमि पूजन किया है। 19 अगस्त को गौतम बुद्ध नगर जिले के सेक्टर-10 में हुए इस शिलान्यास के साथ ही कंपनी ने 2000 करोड़ रुपये से अधिक के शुरुआती इन्वेस्टमेंट का भी ऐलान किया है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक यह नया प्लांट 154 एकड़ में तैयार होगा। यह कंपनी द्वारा अब तक का सबसे बड़ा कैपिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर कमिटमेंट है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ जापानी मूल कंपनी कुबोटा के ग्लोबल एक्सपोर्ट को भी स्पीडअप करना है।

यहां पहले फेज में बनेंगे 60000 ट्रैक्टर

कंपनी इस इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कैंपस को कई फेज में तैयार करेदी। पहले फेज में सालाना 60000 ट्रैक्टर और 15000 कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट यूनिट्स की कैपिसिटी तैयार होगी। इसके साथ सपोर्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरी फैसिलिटी भी डेवलप की जाएंगी। कंपनी के मुताबिक जब इसके सभी फेज पूरे हो जाएंगे, तो यह दुनिया भर में फैले कुबोटा ग्रुप के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में से एक बन जाएगा।

इस कैंपस में एक ही छत के नीचे ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और इंजन बनाए जाएंगे। यह प्लांट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों के लिए काम करेगा और इस क्षेत्र में रोजगार के कई नए अवसर पैदा करेगा।

नोएडा एयरपोर्ट के पास होने का क्या है फायदा?

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पास यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित इस प्लांट को बेहतरीन लोकेशन एडवांटेज मिलेगा। यह साइट जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब है। यह इलाका आने वाले समय में एक बड़ा रीजनल कार्गो हब बनने जा रहा है। ऐसे में इस प्लांट को देश भर में सामान भेजने के लिए मजबूत रोड कनेक्टिविटी और एक्सपोर्ट के लिए सीधा एयर कार्गो एक्सेस मिलेगा। इसके अलावा NCR में पहले से मौजूद विशाल इंजीनियरिंग और सप्लायर नेटवर्क का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

भारत पर कुबोटा का बड़ा दांव: 2030 का विजन

यह प्रोजेक्ट कुबोटा कॉरपोरेशन के मिड-टर्म बिजनेस प्लान 2030 का हिस्सा है। इसमें भारत को समूह के प्रमुख ग्रोथ मार्केट्स में शामिल किया गया है। कुबोटा कॉरपोरेशन के सीईओ शिंगो हानाडा के मुताबिक नए प्लांट का यह पैमाना कुबोटा की विकास रणनीति में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत अब कुबोटा के लिए सिर्फ एक बड़ा बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग हब बन रहा है।

आपको बता दें कि नवंबर 2025 में YEIDA ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ अगस्त 2024 में हुए एक एमओयू के आधार पर एस्कॉर्ट्स कुबोटा को 4500 करोड़ रुपये के कुल ट्रैक्टर निर्माण यूनिट के लिए लगभग 200 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इससे 4000 नौकरियां मिलने का अनुमान था। हाल ही में जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है, वह उसी बड़े विजन का पहला और संशोधित फेज्ड स्कोप है।

2030-31 तक फार्म मेकेनाइजेशन को नई दिशा देने का लक्ष्य

एस्कॉर्ट्स कुबोटा के सीएमडी निखिल नंदा ने कहा कि कंपनी प्रोडक्ट-लीड ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी ने इस साल अपने तीन ब्रांड्स के तहत 42 नए उत्पाद और पिछले दो सालों में 50 से अधिक उत्पाद लॉन्च किए हैं, जिससे धान की खेती, फोर-व्हील-ड्राइव और अन्य सेगमेंट्स में खाली जगहों को भरा गया है।

अप्रैल से जुलाई के दौरान कंपनी ने अपने संयुक्त पैन-इंडिया नेटवर्क के दम पर लगातार अपने मार्केट शेयर में बढ़ोतरी की है। निखिल नंदा ने कहा है कि एस्कॉर्ट्स कुबोटा भारत में फार्म मेकेनाइजेशन को स्पीडअप करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य 2030-31 तक एक ऐसा फुल-सॉल्यूशन एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म तैयार करना है जो सिर्फ कम कीमतों पर नहीं, बल्कि वैल्यू पर केंद्रित हो। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटलाइजेशन की बड़ी भूमिका होगी।

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आपको बता दें कि साल 1944 में स्थापित एस्कॉर्ट्स कुबोटा भारत और वैश्विक बाजारों में फार्मट्रैक, पावरट्रैक और कुबोटा ब्रांड्स के तहत बिक्री करती है। वहीं 1890 में ओसाका (जापान) में शुरू हुई कुबोटा कॉरपोरेशन दुनिया के 120 से अधिक देशों में कृषि, कंस्ट्रक्शन और इंजन वर्टिकल्स में काम करती है और एस्कॉर्ट्स कुबोटा में मेजॉरिटी की हिस्सेदारी रखती है।

Noida Airport: जेवर एयरपोर्ट के पास सेक्टर 23C में बनेगा नया इंटरस्टेट बस टर्मिनल! ताइवान सिटी, यूनिवर्सिटी और मेडिकल हब को लेकर ये है प्लान

Noida Airport News: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) तक पहुंचने और वहां से पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं आसपास के राज्यों के विभिन्न शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने एयरपोर्ट के नजदीक एक इंटरसिटी बस टर्मिनल बनाने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही क्षेत्र में सिटी बसों की संख्या बढ़ाने समेत स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और औद्योगिक विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्टों को भी हरी झंडी दी गई है।

सेक्टर-23 में बनेगा इंटरसिटी बस टर्मिनल

YEIDA के फैसले के अनुसार, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के सेक्टर-23 में ‘इंटरसिटी बस टर्मिनल’ विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आसपास के शहरों और कस्बों से बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा के जरिए जोड़ना है।

इस टर्मिनल के बनने के बाद यात्रियों को निजी गाड़ियों या कैब पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एयरपोर्ट से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पड़ोसी क्षेत्रों के विभिन्न शहरों तक बस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है। इससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने और वहां से अपने गंतव्य तक जाने में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

100 से बढ़ाकर 500 की जाएगी सिटी बसों की संख्या

YEIDA बोर्ड ने इस एरिया में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आने वाले दिनों में क्षेत्र में चलने वाली सिटी बसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 500 करने की मंजूरी दी गई है। इस कदम से एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे रिहायशी, कमर्शियल और औद्योगिक इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। जैसे-जैसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, सार्वजनिक परिवहन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती जाएगी।

एयरपोर्ट से आसपास के इलाकों तक बेहतर कनेक्टिविटी

YEIDA के CEO आरके सिंह के अनुसार, प्रस्तावित बस टर्मिनल एयरपोर्ट को आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसका मकसद यात्रियों के लिए ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे वे एयरपोर्ट से सीधे विभिन्न शहरों और कस्बों तक आसानी से यात्रा कर सकें।

फिलहाल,नोएडा एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। भविष्य में यात्री संख्या बढ़ने के साथ परिवहन व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ेगा। ऐसे में इंटरसिटी बस टर्मिनल और सिटी बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला क्षेत्र के भविष्य के यातायात ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

एयरपोर्ट के आसपास बनेगा 500 एकड़ का मेडिकल हब

YEIDA बोर्ड के फैसले सिर्फ परिवहन तक सीमित नहीं हैं। प्राधिकरण ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी ढांचे के बड़े विस्तार का भी रास्ता साफ कर दिया है।बोर्ड ने सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ क्षेत्र में मेडिकल हब बनाने को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट से आने वाले समय में बड़े अस्पतालों, मेडिकल संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं के विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

सेक्टर-34 में 40 एकड़ का यूनिवर्सिटी टाउनशिप

शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। सेक्टर-34 में 40 एकड़ जमीन पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी मिली है। इससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मदद मिल सकती है। एयरपोर्ट के आसपास शैक्षणिक संस्थानों और आधुनिक टाउनशिप के विकास से क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

50 एकड़ में बनेगा इंटरनेशनल स्टेडियम

इस एरिया में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया है। YEIDA बोर्ड ने 50 एकड़ में एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए जमीन मंजूर की है। इसके अलावा अन्य सार्वजनिक और व्यावसायिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी जमीन को मंजूरी दी गई है। इससे एयरपोर्ट के आसपास का पूरा क्षेत्र केवल एक ट्रांसपोर्ट हब के बजाय स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल और कारोबार के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।

सेक्टर-6 में 300 एकड़ में बनेगी ‘ताइवान सिटी’

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए YEIDA ने सेक्टर-6 में 300 एकड़ जमीन ‘ताइवान सिटी’ के लिए आरक्षित करने का भी फैसला किया है। इसका उद्देश्य ताइवान की कंपनियों और उद्योगों को आकर्षित करना है। खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों को। यदि इस योजना को बड़े स्तर पर उद्योगों का समर्थन मिलता है तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण का एक नया औद्योगिक केंद्र विकसित हो सकता है।

तेजी से बदलने जा रहा है एयरपोर्ट के आसपास का इलाका

YEIDA के इन फैसलों से साफ है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास केवल हवाई यात्रा से जुड़ा ढांचा ही नहीं, बल्कि एक बड़े और आधुनिक शहरी क्षेत्र को विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इंटरसिटी बस टर्मिनल, 500 सिटी बसों की योजना, 500 एकड़ का मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और ताइवान सिटी जैसे प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकते हैं।

Adobe ने कम CGPA के चलते किया रिजेक्ट, Microsoft ने ₹90 लाख के पैकेज पर दी नौकरी; JIIT ग्रेजुएट की कहानी वायरल

इंजीनियरिंग कॉलेज में अच्छा CGPA अक्सर नौकरी की पहली सीढ़ी माना जाता है। कई कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के दौरान छात्रों के लिए न्यूनतम अंक की शर्त रखती हैं, ऐसे में कम CGPA वाले छात्रों के लिए शुरुआत में मौके सीमित हो जाते हैं। लेकिन नमन बंसल की कहानी इस सोच को थोड़ा अलग नजरिए से देखने पर मजबूर करती है। JIIT नोएडा से B.Tech करने वाले नमन का CGPA करीब 6 बताया जाता है और इसी वजह से वह कॉलेज में किसी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने अपनी Programming Skills को मजबूत किया और Competitive Programming में भी पहचान बनाई।

शुरुआत में उन्हें कई जगहों से रिजेक्शन मिला, लेकिन एक-एक अवसर उनके करियर को आगे बढ़ाता गया। MakeMyTrip और DE Shaw के बाद उन्होंने Adobe में काम किया और फिर Microsoft तक पहुंचे। सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी मौजूदा सालाना Compensation करीब ₹90 लाख बताई गई है।

कॉलेज में एक भी प्लेसमेंट का मौका नहीं मिला

X पर Vikas Alwys की शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, नमन ने JIIT नोएडा से B.Tech किया और उनका CGPA करीब 6 रहा। कम स्कोर के चलते वह कॉलेज के दौरान किसी भी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने नौकरी के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया। खास तौर पर उनकी Programming Skills और Competitive Programming में उपलब्धियां चर्चा में रहीं। उन्होंने Codeforces पर Candidate Master रैंक भी हासिल की थी।

Adobe से मिला रिजेक्शन, फिर MakeMyTrip में मिली एंट्री

नौकरी की शुरुआत में नमन को कई जगहों से निराशा मिली। उन्होंने Adobe में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया था। बताया गया कि उन्होंने शुरुआती Technical Rounds अच्छे से पूरे किए, लेकिन कम CGPA की वजह से HR राउंड में उनका चयन नहीं हुआ। इसके बाद एक Referral के जरिए उन्हें MakeMyTrip में इंटर्नशिप मिली। यह अनुभव आगे उनके करियर में काफी काम आया।

MakeMyTrip के बाद DE Shaw और फिर Adobe

MakeMyTrip का अनुभव रिज्यूमे में जुड़ने के बाद नमन को DE Shaw में Full-Time Opportunity मिली। इसके बाद उनकी प्रोफाइल और मजबूत हुई। दिलचस्प बात यह रही कि जिस Adobe ने कभी कम CGPA के कारण उन्हें इंटर्नशिप नहीं दी थी, उसी कंपनी ने बाद में उन्हें Member of Technical Staff के पद पर नियुक्त किया।

अब Microsoft में SDE-2

Adobe में करीब दो साल काम करने के बाद नमन के Microsoft पहुंचने का दावा किया गया है। पोस्ट के अनुसार, वह फिलहाल Microsoft में SDE-2 के तौर पर काम कर रहे हैं और उनकी सालाना Compensation करीब ₹90 लाख है। हालांकि, यह सैलरी आंकड़ा सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया दावा है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने बताई बड़ी सीख

नमन की कहानी वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। लोगों का कहना है कि कम CGPA करियर की शुरुआत में कुछ अवसरों को रोक सकता है, लेकिन इससे किसी व्यक्ति की पूरी क्षमता तय नहीं होती। कई यूजर्स ने उनकी Coding Skills और लगातार मेहनत की तारीफ की। एक कमेंट में कहा गया कि CGPA उनकी कमजोरी थी, लेकिन Coding उनकी ताकत बन गई। उनकी कहानी से यही सीख मिलती है कि कमजोर अकादमिक रिकॉर्ड के बावजूद मजबूत Skills, Practical Experience और लगातार प्रयास करियर में बड़े मौके दिला सकते हैं।

Photo: एक फ्रेम में अमित शाह और राहुल गांधी, तस्वीर ने खींचा सोशल मीडिया का ध्यान! पहली बार दिखा दुर्लभ राजनीतिक नजारा

Supriya Sule Daughter Reception Photo: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार (10 अगस्त) रात आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले की हाई-प्रोफाइल वेडिंग रिसेप्शन पार्टी में देश की राजनीति का एक बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिला। संसद में राजनीतिक मुद्दों पर अक्सर एक-दूसरे पर हमला करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक ही फ्रेम में नजर आए।

दोनों नेताओं की तस्वीर सामने आते ही यह सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई। रिसेप्शन समारोह में अमित शाह और राहुल गांधी एक-दूसरे से कुछ ही दूरी पर खड़े दिखाई दिए। जैसे ही अमित शाह मंच की ओर बढ़े सुप्रिया सुले ने गृह मंत्री को आगे जाने का इशारा किया। हाथ जोड़कर नमस्ते करते हुए शाह का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है।

अमित शाह ने नवविवाहित कपल को दिया आशीर्वाद

समारोह के दौरान अमित शाह जब मंच की ओर बढ़े तो सुप्रिया सुले ने उन्हें आगे जाने का इशारा किया। फिर अमित शाह ने हाथ जोड़कर नमस्ते किया और नवविवाहित जोड़े के पास पहुंचे। रेवती सुले और उनके पति ने अमित शाह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद गृह मंत्री ने नवविवाहित जोड़े को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। इस पूरे पल को वहां मौजूद फोटोग्राफरों ने कैमरों में कैद कर लिया। इसी दौरान राहुल गांधी भी अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ समारोह में पहुंचे। उनके साथ सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं।

राहुल गांधी भी पहुंचे मंच पर

रिसेप्शन में मेहमानों का अभिवादन करने के लिए सोनिया गांधी अपने पूरे परिवार के साथ मंच पर पहुंचीं। इसी दौरान वह मंच के एक छोर की ओर चली गईं। सुप्रिया सुले उन्हें वापस नवविवाहित जोड़े के पास लेकर आईं। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को भी जोड़े के बगल में खड़ा किया।

इसके बाद सुप्रिया सुले खुद एक तरफ हट गईं। फिर वहां मौजूद फोटोग्राफरों को ऐतिहासिक तस्वीरें लेने का मौका मिला। इस तरह समारोह में अमित शाह और राहुल गांधी दोनों एक ही कार्यक्रम और एक ही मंच के आसपास नजर आए। इस समारोह में सपा मुखिया अखिलेश यादव भी आकर्षण के केंद्र रहे।

Sule’s Daughter’s Reception_

एक समारोह में अलग-अलग दलों के बड़े नेता

दिल्ली के 6 जनपथ में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल रिसेप्शन में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के कई बड़े नेता पहुंचे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और NCP नेता प्रफुल्ल पटेल समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।

Sule’s Daughter’s Reception

राजनीतिक मतभेदों के बावजूद इतने बड़े नेताओं का एक ही निजी समारोह में एक साथ पहुंचना चर्चा का विषय रहा। सोशल मीडिया पर चर्चा के दौरान खासतौर पर अमित शाह और राहुल गांधी की एक फ्रेम में मौजूदगी को इस आयोजन का सबसे खास ऐतिहासिक राजनीतिक क्षण माना गया।

जून में हुई थी रेवती सुले की शादी

सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले ने जून में मुंबई में नागपुर के उद्योगपति सारंग लखानी के साथ शादी की थी। दिल्ली में आयोजित यह रिसेप्शन शादी के बाद आयोजित एक भव्य समारोह था। इस समारोह में राजनीति, उद्योग और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी रही।

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Noida Plot Scheme: नोएडा एयरपोर्ट के पास घर बनाने का सुनहरा मौका! YEIDA ला रहा 2 नई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम, जानिए सबकुछ

YEIDA Residential Plot Schemes: उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में रेजिडेंशियल प्लॉट की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) नवरात्रि के दौरान दो नई रिहायशी प्लॉट योजनाएं लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। नई योजनाओं में पहली स्कीम कम आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इन दोनों योजनाओं की घोषणा अक्टूबर में होने की संभावना है।

आपके बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जून को फ्लाइट ऑपरेशन शुरू हुए थे। इसके दो दिन बाद कार्गो टर्मिनल भी खुल गया था। YEIDA के एडिशनल CEO शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि अथॉरिटी अभी स्कीम की बारीकियों पर काम कर रही है। जल्द ही प्लॉट की सही संख्या और अन्य जानकारी की घोषणा की जाएगी।

40 वर्गमीटर के प्लॉट वाली होगी LIG स्कीम

हाल ही में YEIDA ने अक्टूबर में नवरात्रि के दौरान दो नई रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम लॉन्च करने की घोषणा की है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के मुताबिक, इनमें से एक स्कीम कम आय वाले ग्रुप के लिए होगी। इसमें 40 वर्ग मीटर के प्लॉट मिलेंगे। दूसरी स्कीम आम जनता के लिए होगी। इसमें प्लॉट का साइज़ 162 से 300 वर्ग मीटर के बीच होगा।

दोनों स्कीम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के पास सेक्टर 5-A में शुरू की जाएंगी। यानी अलग-अलग जरूरत और बजट वाले लोग अपनी पसंद के आकार का प्लॉट हासिल करने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे सीमित बजट वाले लोगों को एयरपोर्ट के आसपास अपना घर बनाने का मौका मिल सकेगा।

पहले प्लॉट मिल चुका है तो नहीं कर पाएंगे अप्लाई

YEIDA ने योजनाओं में पारदर्शिता और ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को मौका देने के लिए एक अहम शर्त रखी है। जिन लोगों को पहले नोएडा अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी या YEIDA की किसी पिछली रेजिडेंशियल प्लॉट स्कीम में प्लॉट मिल चुका है, वे इन नई स्कीम के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे। इसका उद्देश्य उन लोगों को दोबारा लाभ लेने से रोकना है, जिन्हें पहले ही किसी प्राधिकरण की योजना के तहत रिहायशी प्लॉट आवंटित किया जा चुका है।

प्लॉट की कीमत समेत अन्य जानकारी

फिलहाल, यमुना प्राधिकरण के मुताबिक इस एरिया में रेजिडेंशियल प्लॉट का आवंटन रेट 36,260 रुपये प्रति वर्गमीटर है। हालांकि, नई योजनाओं में प्लॉट की अंतिम कीमत और अन्य शुल्क से जुड़ी जानकारी प्राधिकरण की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। यह कदम यमुना अथॉरिटी द्वारा जून में एयरपोर्ट के पास ही लकी ड्रॉ के जरिए भारी संख्या में रेजिडेंशियल प्लॉट अलॉट करने के ठीक बाद उठाया गया है। अप्रैल में घोषित उस स्कीम को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला था।

जून में 973 प्लॉट के लिए आए थे 1.1 लाख आवेदन

नई योजनाओं की घोषणा ऐसे समय में हो रही है जब YEIDA की पिछली रिहायशी प्लॉट योजना को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। इतने ही प्लॉट के लिए 1.1 लाख से ज़्यादा वैलिड एप्लीकेशन आए थे। बेहतर एयर कनेक्टिविटी, शानदार लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और इलाके में बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्रोथ की संभावनाओं ने इस क्षेत्र को घर खरीदारों के लिए एक आकर्षक जगह बना दिया है। यह स्कीम अप्रैल में घोषित की गई थी। इसमें 973 प्लॉट के लिए 1.1 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नोएडा एयरपोर्ट के आसपास रिहायशी जमीन को लेकर लोगों में कितनी मजबूत दिलचस्पी है।

नोएडा एयरपोर्ट के कारण बढ़ी इलाके की डिमांड

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ समय से तेजी से विकास हो रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इस इलाके में कनेक्टिविटी एवं निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। बेहतर हवाई संपर्क के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और बड़े पैमाने पर औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों की उम्मीद ने यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को घर खरीदारों और निवेशकों के लिए आकर्षक बना दिया है। यही वजह है कि एयरपोर्ट के आसपास रिहायशी प्लॉट की योजनाओं में बड़ी संख्या में लोग अप्लाई कर रहे हैं। अब नवरात्रि के दौरान प्रस्तावित इन दो नई स्कीमों पर भी हजारों-लाखों लोगों की नजर रहने की उम्मीद है।

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Delhi Weather Today: 3 साल में अगस्त की सबसे गर्म रात के बाद, मंगलवार को दिल्ली-NCR में बरसे बादल, IMD ने जारी किया अलर्ट

Delhi Weather Today: मंगलवार (4 अगस्त) को दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है, जिस वजह से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, सुबह से दोपहर तक दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर मध्यम बारिश भी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, शाम और रात के समय भी कई इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

IMD ने आगे बताया कि मंगलवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। इससे हाल के दिनों की तुलना में दिन का मौसम ज्यादा सुहावना रह सकता है।

10-15 kmph की स्पीड से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में सुबह के समय हवाएं पश्चिम दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है। वहीं, दोपहर में हवाओं का रुख बदलकर दक्षिण-पश्चिम दिशा से हो जाएगा, जबकि शाम तक हवाएं दक्षिण दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती हैं।

यह मौसम अपडेट ऐसे समय आया है, जब सोमवार को दिल्ली में अगस्त महीने की तीन साल की सबसे गर्म रात दर्ज की गई। IMD के मुताबिक, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

हालांकि, इसी स्टेशन पर अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री ज्यादा है।

दिल्ली में आज का मौसम: जलभराव और ट्रैफिक में रुकावट की आशंका

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश की वजह से ट्रैफिक में थोड़ी रुकावट आ सकती है, एक्सीडेंट का खतरा बढ़ सकता है और सड़कों व निचले इलाकों में पानी जमा हो सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट देख लें, पानी भरने वाले रास्तों से बचें और ट्रैफिक से जुड़ी सरकारी सलाहों का पालन करें।

IMD ने लोगों से यह भी कहा है कि बारिश और आंधी-तूफान के दौरान वे पानी भरे इलाकों, ऊपर से गुजरने वाली बिजली की लाइनों और खुले बिजली के उपकरणों से दूर रहें।

आने वाले दिनों में दिल्ली में आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की उम्मीद है, और तापमान ज्यादातर 30 डिग्री सेल्सियस के निचले स्तर के आसपास ही रहेगा।

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