Stocks to Watch: आज 14 अगस्त को Tata Motors PV, Honasa, Piramal Pharma, LG समेत इन शेयरों में दिखने वाली है बड़ी हलचल

शुक्रवार, 14 अगस्त को कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, होनासा कंज्यूमर, पिरामल फार्मा, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, फिजिक्सवाला, अशोक लीलैंड, जैसे नाम प्रमुख हैं। इनमें से कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले बाजार बंद होने के बाद तिमाही नतीजे जारी किए थे। लिहाजा बाजार आज, शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा। वहीं कुछ कंपनियों के नतीजे आज सामने आएंगे। साथ ही कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट या अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी।

इसके अलावा शुक्रवार को मेनबोर्ड सेगमेंट में 2 और SME सेगमेंट में एक कंपनी की लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही करीब 40 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही रिजल्ट

फिजिक्सवाला, अशोक लीलैंड, अल्केम लैबोरेटरीज, भारत डायनामिक्स, 3M इंडिया, डिशमैन कार्बोजन एम्सिस, ईजी ट्रिप प्लानर्स, जिनकुशल इंडस्ट्रीज, नैटको फार्मा, GVK पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वालिटी वॉल्स (इंडिया), पुरवांकरा, NMDC, टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस, पतंजलि फूड्स, एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स, श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर, INDO-MIM, सूरज एस्टेट डेवलपर्स, ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया, जी मीडिया कॉर्पोरेशन और स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

इन शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Motors Passenger Vehicles: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 80.2% घटकर ₹775 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 9.3% बढ़कर ₹95,799 करोड़ हो गया।

Honasa Consumer: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 118.4% बढ़कर ₹90.2 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 27% बढ़कर ₹755.9 करोड़ हो गया।

KRBL: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 73.2% बढ़कर ₹260.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 5.6% घटकर ₹1,495.9 करोड़ रहा।

Indigo Paints: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 61% बढ़कर ₹41.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 19.7% की बढ़ोतरी के साथ ₹369.7 करोड़ रहा।

Welspun Living: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83.6% बढ़कर ₹160.7 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 23.7% बढ़कर ₹2,795.5 करोड़ हो गया।

LG Electronics India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 27.2% बढ़कर ₹652.9 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 15.5% बढ़कर ₹7,233.4 करोड़ रहा।

Piramal Pharma: CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, एक मौजूदा शेयरहोल्डर ब्लॉक डील के जरिए कंपनी में 6% हिस्सेदारी बेच सकता है। इस डील का साइज लगभग ₹1,750 करोड़ होने का अनुमान है।

Aditya Birla Real Estate: कंपनी की सब्सिडियरी, बिड़ला एस्टेट्स ने नवी मुंबई मार्केट में एंट्री करने का ऐलान किया है। यह एंट्री वाशी में शिव साई को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के रीडेवलपमेंट के जरिए होगी। यह रीडेवलपमेंट प्रियंका ग्रुप की एक सहयोगी कंपनी के साथ मिलकर किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से लगभग 2,600 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

बल्क और ब्लॉक डील

UltraTech Cement: प्रमोटर कंपनी पिलानी इन्वेस्टमेंट एंड इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने 25 लाख शेयर बेचे हैं। यह बिक्री 2,896.25 करोड़ रुपये की रही। दूसरी ओर, कुल 17 घरेलू और ग्लोबल निवेशकों ने पिलानी इन्वेस्टमेंट द्वारा बेचे गए सभी शेयर खरीदे। इन निवेशकों में ICICI प्रूडेंशियल AMC, HDFC AMC, नेशनल पेंशन इंश्योरेंस फंड, कोटक महिंद्रा AMC, एडलवाइस MF, आदित्य बिड़ला सन लाइफ MF, एक्सिस म्यूचुअल फंड, DSP म्यूचुअल फंड, ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स, टाटा म्यूचुअल फंड, टेम्पलटन फंड्स, J.P. मॉर्गन फंड ICVC और व्हाइटओक कैपिटल MF शामिल हैं।

Urban Company: SBI म्यूचुअल फंड ने 3.15 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे हैं। यह सौदा 428.4 करोड़ रुपये का रहा। दूसरी ओर VYC11 ने 96.31 लाख शेयर 130.98 करोड़ रुपये में, VY ​​EM2 ने 18.68 लाख शेयर 25.41 करोड़ रुपये में और Accel India IV (मॉरीशस) ने 2 करोड़ शेयर 272 करोड़ रुपये में बेचे। इसके अलावा, बेसेमर इंडिया कैपिटल होल्डिंग्स II ने अलग से अर्बन कंपनी के 1.21 करोड़ शेयर 170.19 करोड़ रुपये में बेचे।

Renaissance Global: विजय मोहन करनानी ने 11.79 लाख शेयर 12.98 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

RPP Infra Projects: चेन्नई की कंस्ट्रक्शन कंपनी ‘दीवा प्रोजेक्ट्स’ ने प्रमोटरों से लगातार तीन सेशन में 4.99 करोड़ रुपये में 8.48 लाख अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं। दूसरी ओर, प्रमोटर ‘यागवी एन ए’ ने 11.66 लाख शेयर 6.88 करोड़ रुपये में बेचे हैं।

Thyrocare Technologies: प्रमोटर Docon Technologies Private Limited ने 1,57,69,696 इक्विटी शेयरों की बिक्री की है। शेयरों की यह संख्या कंपनी की लगभग 9.90 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। दूसरी ओर शेयर खरीदने वालों में HSBC म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, ICICI Prudential AMC, HBM हेल्थकेयर इन्वेस्टमेंट्स (Cayman), सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस, व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, DSP म्यूचुअल फंड, ITI म्यूचुअल फंड और कुवैत इनवेस्टमेंट अथॉरिटी शामिल हैं।

Seamec: ‘360 ONE पाइप फंड’ ने 2 लाख शेयर 30.69 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

मेनबोर्ड लिस्टिंग

LEAP India

टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स

SME लिस्टिंग

Optimystix Entertainment India

ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन

गणेश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स

गोदावरी पावर एंड इस्पात

फेडरल बैंक

क्रेस्ट वेंचर्स

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स

अनूप इंजीनियरिंग

बोंडाडा इंजीनियरिंग

अल्कली मेटल्स

एस्ट्रल

इलेक्ट्रोस्टील कास्टिंग्स

केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी

डायनामैटिक टेक्नोलोजिज

HB पोर्टफोलियो

कल्याणी इन्वेस्टमेंट कंपनी

कोट्यार्क इंडस्ट्रीज

रेन इंडस्ट्रीज

मंगलम सीमेंट

RBL बैंक

मिंडा कॉर्पोरेशन

क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स

लॉयड्स इंजीनियरिंग वर्क्स

ग्लोबल हेल्थ

प्रेमको ग्लोबल

NCC

REC

संघवी मूवर्स

एक्सचेंजिंग सॉल्यूशंस

रिस्पॉन्सिव इंडस्ट्रीज

राशि पेरिफेरल्स

वाइब्रेंट ग्लोबल कैपिटल

संदेश

सोनाटा सॉफ्टवेयर

टूरिज्म फाइनेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया

सारदा एनर्जी एंड मिनरल्स

सूर्यलता स्पिनिंग मिल्स

यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rare Earth Magnet Scheme: ₹7280 करोड़ की सरकारी योजना, L&T और कोल इंडिया समेत 20 कंपनियों ने बोली लगाई

Rare Earth Magnet Scheme: सरकार की ₹7,280 करोड़ की रेयर अर्थ मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग योजना को कंपनियों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। Larsen & Toubro (L&T), Coal India, ReNew, Attero Recycling और Lohum Magnets & Energy Solutions समेत 20 कंपनियों ने इस योजना के लिए बोली लगाई है।

भारी उद्योग मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। तकनीकी बोलियां 13 अगस्त को खोली गईं। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 12 अगस्त थी।

कौन-कौन सी कंपनियां दौड़ में हैं?

इस योजना में भारतीय कंपनियों के साथ विदेशी कंपनियों ने भी हिस्सा लिया है। इनमें NEO Performance Materials (Singapore) और जापान की Proterial की भारतीय इकाई Proterial India भी शामिल हैं।

इसके अलावा 20 Microns, N.A.N. Magnetech, PrNd Metal and Magnets, Prozeal Green Energy और Ramp Metals & Minerals जैसी कंपनियों ने भी बोली लगाई है।

सरकार की योजना क्या है?

सरकार इस योजना के तहत भारत में हर साल 6,000 मीट्रिक टन सिंटर्ड NdFeB रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट बनाने की क्षमता चाहती है। इस बंटवारा 5 कंपनियों के बीच किया जाएगा। हर कंपनी को अधिकतम 1,200 मीट्रिक टन सालाना क्षमता मिल सकती है।

केंद्रीय कैबिनेट ने नवंबर 2025 में इस योजना को मंजूरी दी थी। योजना की अवधि 7 साल होगी। इसमें पहले 2 साल फैक्ट्री लगाने के लिए होंगे। इसके बाद 5 साल तक बिक्री के आधार पर इंसेंटिव मिलेगा।

रेयर अर्थ मैग्नेट इतने अहम क्यों हैं?

रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल, विंड टरबाइन, हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और डिफेंस सिस्टम में होता है। सरकार का लक्ष्य भारत में NdPr ऑक्साइड से लेकर तैयार मैग्नेट तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करना है।

चीन पर निर्भरता घटाने की तैयारी

इस सेक्टर में चीन का दबदबा है। भारत अभी रेयर अर्थ मैग्नेट के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। साल 2025 में चीन के एक्सपोर्ट प्रतिबंधों से सप्लाई प्रभावित हुई थी। इससे कई उद्योगों में कमी देखने को मिली। सरकार अब घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करना और सप्लाई को सुरक्षित बनाना चाहती है।

LG Electronics India Q1 Results: इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी को ₹652 करोड़ मुनाफा, 10 लाख से ज्यादा AC बेचे

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rhetan TMT Q1 Results: टीएमटी स्टील बार कंपनी को ₹3.16 करोड़ का मुनाफा, क्षमता बढ़ाने पर बड़ा दांव

Rhetan TMT Q1 Results: अहमदाबाद की टीएमटी स्टील बार बनाने वाली कंपनी Rhetan TMT Ltd ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मुनाफे में बड़ी छलांग लगाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 315.7% बढ़कर ₹3.16 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹76 लाख था। हालांकि, ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹5.04 करोड़ से घटकर ₹4.06 करोड़ रहा।

EBITDA और PBT में भी बड़ी बढ़त

Rhetan TMT का EBITDA 195.5% बढ़कर ₹3.79 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹1.28 करोड़ था। वहीं, टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 335.5% बढ़कर ₹3.31 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹0.76 करोड़ था। कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी बढ़कर ₹0.04 हो गई।

मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ा रही कंपनी

कंपनी अब कड़ी प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 45,000 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 75,000 मीट्रिक टन कर रही है। मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन शाह ने कहा कि इससे कंपनी को TMT स्टील सेगमेंट में नए अवसरों का फायदा उठाने में मदद मिलेगी।

कंपनी का कहना है कि वह क्षमता बढ़ाने, प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर जोर देने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी सुधारने के जरिए लंबे समय की ग्रोथ पर फोकस बनाए रखेगी।

सोलर प्रोजेक्ट और नए सर्टिफिकेशन का फायदा

Rhetan TMT ने अपने 1 मेगावाट कैप्टिव सोलर पावर प्रोजेक्ट की टेस्टिंग और कमीशनिंग पूरी कर ली है। जल्द ही इससे कमर्शियल बिजली उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। इससे ऊर्जा लागत कम करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कंपनी को Fe500D, Fe550 और Fe550D TMT बार्स के लिए BIS सर्टिफिकेशन भी मिल गया है। इससे वह सरकारी और PSU इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अपनी मौजूदगी और मजबूत करना चाहती है।

Sahana Systems को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का कॉन्ट्रैक्ट मिला, CEL के साथ 10 साल की डील

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dhoot Transmission IPO Allotment: 75 गुना सब्सक्राइब हुआ, जानिए लेटेस्ट GMP और अलॉटमेंट चेक करने का पूरा प्रोसेस

Dhoot Transmission IPO Allotment: धूत ट्रांसमिशन के IPO की बोली 12 अगस्त 2026 को बंद हो गई। तीन दिन की बोली में इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। IPO करीब 75 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब निवेशकों की नजर अलॉटमेंट पर है, जो आज यानी 13 अगस्त को फाइनल हो सकता है।

GMP क्या संकेत दे रहा है?

ग्रे मार्केट में Dhoot Transmission का GMP ₹279 चल रहा है। IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹871 प्रति शेयर है। यानी मौजूदा GMP के हिसाब से शेयर करीब 32% लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।

हालांकि, GMP सिर्फ बाजार का अनुमान होता है। इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

Dhoot Transmission का बिजनेस

Dhoot Transmission ऑटोमोटिव वायरिंग हार्नेस और केबल बनाने वाली कंपनी है। यह पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल वहीकल, इलेक्ट्रिक वाहन और ऑफ-हाईवे सेगमेंट के लिए प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। कंपनी का कारोबार भारत के साथ कई विदेशी बाजारों तक फैला है। इसके ग्राहकों की लिस्ट में बजाज ऑटो, TVS मोटर और रॉयल एनफील्ड जैसे बड़े ऑटोमोबाइल निर्माता भी शामिल हैं।

अलॉटमेंट कब आएगा?

T+3 लिस्टिंग नियम के तहत IPO की लिस्टिंग बोली बंद होने के तीन वर्किंग डे के भीतर होनी होती है। ऐसे में Dhoot Transmission की लिस्टिंग 17 अगस्त तक हो सकती है। इससे पहले 13 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है।

BSE पर ऐसे चेक करें अलॉटमेंट

अगर आपने IPO में आवेदन किया है, तो BSE की वेबसाइट पर स्टेटस देख सकते हैं।

  • BSE के IPO अलॉटमेंट पेज पर जाएं।
  • Issue Type में Equity चुनें।
  • एप्लिकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
  • CAPTCHA भरें।
  • Submit पर क्लिक करें।
  • इसके बाद स्क्रीन पर आपका अलॉटमेंट स्टेटस दिखाई देगा।

KFin Tech पर ऐसे देखें स्टेटस

Dhoot Transmission IPO के रजिस्ट्रार KFin Technologies की वेबसाइट से भी स्टेटस चेक किया जा सकता है।

  • KFin Tech के IPO स्टेटस पेज पर जाएं।
  • Dhoot Transmission Limited चुनें।
  • एप्लिकेशन नंबर, डिमैट अकाउंट नंबर या PAN में से कोई एक दर्ज करें।
  • CAPTCHA भरें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इसके बाद आपको पता चल जाएगा कि IPO में शेयर अलॉट हुए हैं या नहीं।

Muthoot FinCorp IPO: ₹3000 करोड़ के इश्यू का ड्राफ्ट जमा, रहेंगे केवल नए शेयर

सचिन बंसल की फाइनेंशियल कंपनी नवी लाएगी आईपीओ, ₹3000 करोड़ का हो सकता है इश्यू

फिनटेक स्टार्टअप नवी ने आईपीओ लाने की तैयारी शुरू कर दी है। मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि कंपनी आईपीओ से 3000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। नवी की शुरुआत फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल ने की थी। कंपनी ने जेएम फाइनेंशियल, कोटक महिंद्रा कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स ग्रुप और जेपी मॉर्गन एंड चेज को एडवाइजर्स नियुक्त किया है। इस बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल नहीं होगा

Navi आईपीओ में निवेशकों को सिर्फ नए शेयर इश्यू करेगी। इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं होगा। नवी अपनी वैल्यूएशन 2 अरब डॉलर चाहती है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि कंपनी दिसंबर तक सेबी को प्रॉस्पेक्टस फाइल कर देना चाहती है।

आईपीओ का साइज और वैल्यूएशन बदल सकती है 

सूत्रों ने बताया कि अभी आईपीओ पर विचार चल रहा है। आईपीओ के साइज, कंपनी की वैल्यूएशन और इश्यू की टाइमिंग में बदलाव हो सकता है। इस बारे में प्रतिक्रिया के लिए भेजे गए सवालों के जवाब नवी और बैंकों के प्रतिनिधियों ने नहीं दिए। आने वाले महीनों में कई फाइनेंशियल कंपनियां आईपीओ पेश करने की तैयारी में हैं।

ये फाइनेंशियल कंपनियां पेश कर सकती हैें आईपीओ

Muthoot Fincorp, Truehome Finance, InCred Holdings, Moneyview और Heor FinCorp आने वाले महीनों में आईपीओ पेश कर सकती हैं। कंपनियों ने आईपीओ के जरिए इस साल अब तक करीब 7 अरब डॉलर जुटाए हैं। 2025 में कंपनियों ने आईपीओ से 22.3 अरब डॉलर जुटाए थे।

नवी ने 2022 में भी आईपीओ के लिए अप्लाई किया था

नवी ने इससे पहले मार्च 2022 में आईपीओ के लिए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। तब कंपनी का प्लान इश्यू से 3350 करोड़ रुपये जुटाने का था। कंपनी को सेबी का एप्रूवल भी सितंबर में मिल गया था। लेकिन, इनवेस्टर्स के कमजोर सेंटिमेंट को देखते हुए कंपनी ने आईपीओ का प्लान टाल दिया था।

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नवी कई तरह की फाइनेंशियल सर्विसेज देती है

नवी एक डायवर्सिफायड फाइनेंशियल-सर्विसेज कंपनी है। यह लोन, म्यूचुअल फंड्स, हेल्थ इंश्योरेंस और यूपीआई पेमेंट जैसी सर्विसेज देती है। सचिन बंसल ने 2018 में फ्लिपकार्ट छोड़ने के बाद नवी की शुरुआत की थी। तब अमेरिकी रिटेलिंग कंपनी वॉलमार्ट ने 16 अरब डॉलर में फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण किया था।

LG Electronics India Q1 Results: इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी को ₹652 करोड़ मुनाफा, 10 लाख से ज्यादा AC बेचे

LG Electronics India Q1 Results: इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी LG Electronics India ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 27.2% बढ़कर ₹652.8 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹513.2 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 15.5% बढ़कर ₹7,233.3 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹6,262.9 करोड़ था। यानी कमाई और मुनाफा दोनों में अच्छी बढ़त दिखी।

ऑपरेटिंग कमाई भी मजबूत रही

LG Electronics India का EBITDA 26.2% बढ़कर ₹904.2 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹716.2 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.4% से बढ़कर 12.5% हो गया। यानी कंपनी पहले से बेहतर कमाई कर रही है।

AC की बिक्री ने बढ़ाया भरोसा

एयर कंडीशनर की मजबूत मांग कंपनी के लिए बड़ा सहारा बनी। साल 2026 की पहली तिमाही में LG ने 10 लाख से ज्यादा AC बेचे। अब कंपनी को पूरे साल में 20 लाख से ज्यादा यूनिट बेचने की उम्मीद है।

कंपनी के डायरेक्टर और को-चीफ सेल्स एंड मार्केटिंग ऑफिसर संजय चिटकारा ने कहा कि डीलरों के पास स्टॉक अब सामान्य स्तर पर है। रिटेलर भी त्योहारी सीजन की तैयारी में जुट गए हैं। अगर मांग ऐसे ही बनी रही, तो कंपनी अपने सालाना अनुमान से बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

LG Electronics India के शेयर

LG Electronics का शेयर गुरुवार को 1580 रुपये पर लगभग फ्लैट बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 4.55% का रिटर्न दिया है। वहीं 1 साल के दौरान इसमें करीब 6% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 1.07 लाख करोड़ रुपये है।

LG Electronics India का कारोबार

LG Electronics India, LG Electronics की सब्सिडियरी है। कंपनी भारत में टीवी, रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, IT प्रोडक्ट्स और व्हीकल सॉल्यूशंस बनाती और बेचती है। यह एक्सपोर्ट बढ़ाने की तैयारी भी कर रही है।

Honasa Consumer Q1 Results: ममाअर्थ की पैरेंट कंपनी का मुनाफा 118% उछला, रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Sahana Systems को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का कॉन्ट्रैक्ट मिला, CEL के साथ 10 साल की डील

Sahana Systems Defence Deal: IT और डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी Sahana Systems Ltd की सब्सिडियरी Sahana Defence Ltd को बड़ा डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कंपनी ने भारत सरकार के मिनी रत्न Central Electronics Limited (CEL) के साथ लंबी अवधि का समझौता किया है। यह डील सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत हुई है।

समझौते के तहत उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद में CEL के परिसर में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) इक्विपमेंट और वेपन पेरिफेरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाई जाएगी और उसका संचालन भी किया जाएगा।

10 साल की होगी डील

यह कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती तौर पर 10 साल के लिए है। अगर सबकुछ ठीक रहा, तो कॉन्ट्रैक्ट 5 साल और बढ़ाया जा सकता है।

Sahana Defence इस फैसिलिटी को बनाने, चलाने, मेंटेनेंस करने, मार्केटिंग करने और यहां बने प्रोडक्ट्स को कमर्शियल स्तर पर बाजार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालेगी।

क्या बनेगा इस फैसिलिटी में?

नई यूनिट में इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और हथियारों से जुड़े पेरिफेरी इक्विपमेंट बनाए जाएंगे। इसका मकसद भारत में ही डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करना और रणनीतिक तकनीकों में आत्मनिर्भरता बढ़ाना है।

कंपनी का कहना है कि CEL के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा उठाकर वह डिफेंस सेक्टर के लिए मजबूत मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म तैयार करेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

Sahana Systems के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रतीक काकड़िया ने कहा कि यह साझेदारी कंपनी के लिए बड़ा मील का पत्थर है। उनके मुताबिक, इससे डिफेंस कारोबार में लंबे समय तक रेवेन्यू की बेहतर दृश्यता मिलेगी और भविष्य की ग्रोथ को मजबूत आधार मिलेगा।

Sahana Systems क्या काम करती है?

साल 2013 में स्थापित Sahana Systems का मुख्यालय अहमदाबाद में है। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, IoT, ब्लॉकचेन, बिजनेस इंटेलिजेंस और IT आउटसोर्सिंग जैसी तकनीकी सेवाएं देती है।

इसके अलावा कंपनी डिफेंसटेक, फिनटेक, हेल्थटेक और एडुटेक सेक्टर में भी काम करती है। Sahana Systems का दावा है कि वह सरकारी संस्थानों, रक्षा संगठनों और वित्तीय संस्थानों के साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।

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SIP या Lump Sum? जानें कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न! रिटायरमेंट के लिए एक्सपर्ट्स ने बताए ये धांसू फंड्स!

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ने म्यूचुअल फंड के निवेशकों को अपने इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी पर दोबारा विचार करने को मजबूर कर दिया है। इसकी वजह यह है कि सिप के कई निवेशकों की शिकायत है कि पिछले दो साल में सिप से लगातार निवेश करने के बावजूद उनका पैसा ज्यादा नहीं बढ़ा है। कई इनवेस्टर्स तो सिप बंद करने के बारे में सोचने लगे हैं। सवाल है कि क्या सिप की जगह एकमुश्त निवेश करने से ज्यादा रिटर्न मिलेगा?

एकमुश्त और सिप दोनों तरीके निवेश के लिए सही

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश के दोनों ही तरीके ठीक हैं। दोनों में कौन सा तरीका ज्यादा सही है, यह निवेशक के रिस्क लेने की क्षमता और निवेश करने की कपैसिटी पर निर्भर करता है। जो निवेशक एक बार में बड़े अमाउंट का निवेश नहीं कर सकते, उनके लिए सिप हमेशा निवेश का ज्यादा सुविधाजनक तरीका है। आज सिप के रास्ते म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीमों में काफी ज्यादा पैसा आ रहा है। इनमें से कई निवेशकों के लिए एकमुश्त निवेश करना मुश्किल हो सकता है।

एकमुश्त निवेश के लिए बड़ा फंड जरूरी है

एकमुश्त निवेश के लिए बड़ा अमाउंट जरूरी है। अगर किसी के पास बोनस या किसी दूसरे तरीके से बड़ा फंड आया है तो वह एकमुश्त निवेश म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में कर सकता है। एकमुश्त निवेश करना तब फायदेमंद होता है, जब बाजार में स्टैबिलिटी होती है या बाजार चढ़ रहा होता है। ऐसा होने पर निवेशक को अपने पैसे पर अच्छा रिटर्न मिलता है। लेकिन, उतार-चढ़ाव वाले बाजार में एकमुश्त निवेश करना रिस्की हो सकता है।

रिटायरमेंट के लिए मल्टी एसेट फंड में निवेश समझदारी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के लिए म्यूचुअल फंड्स की स्कीम में आज निवेश करना चाहता है तो वह मल्टी एसेट फंड में निवेश कर सकता है। इसकी वजह यह है कि यह स्कीम कई तरह के एसेट्स में निवेश करती है। यह एक तरह की हाइब्रिड स्कीम है। यह इक्विटी, डेट और कमोडिटी खासकर गोल्ड और सिल्वर में निवेश करती है। लंबी अवधि में हर एसेट में निवेश से अच्छा रिटर्न मिलता है। इस फंड के लिए हर एसेट में कम से कम 10 फीसदी निवेश करना जरूरी है।

मल्टी एसेट फंड में डायवर्सिफिकेशन का फायदा 

मल्टी एसेट फंड में निवेश करना का दूसरा फायदा यह है कि इससे डायवर्सिफिकेशन का मकसद पूरा हो जाता है। डायवर्सिफिकेशन से निवेश से जुड़ा रिस्क कम हो जाता है। इसकी वजह है कि आम तौर पर हर एसेट क्लास में एक साल साथ गिरावट नहीं आती है।

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एक एसेट का रिटर्न कमजोर होने पर दूसरे का रिटर्न अच्छा रहता है

कई बार इक्विटी मार्केट जब बेयरिश फेज में होता है तो गोल्ड और सिल्वर का प्रदर्शन अच्छा होता है। पिछले दो सालों में निवेशकों को शेयर बाजार से ज्यादा रिटर्न नहीं मिला है, लेकिन गोल्ड और सिल्वर ने बहुत अच्छे रिटर्न दिए हैं। ऐसे पीरियड में मल्टी एसेट फंड का प्रदर्शन अच्छा रहता है।

Honasa Consumer Q1 Results: ममाअर्थ की पैरेंट कंपनी का मुनाफा 118% उछला, रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर

Honasa Consumer Q1 Results: FMCG कंपनी Honasa Consumer ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। Mamaearth की पैरेंट कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 118.4% बढ़कर ₹90.2 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹41.3 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह 27% बढ़कर ₹756 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹595.2 करोड़ था। कंपनी ने पहली बार 11.5% का PAT मार्जिन हासिल किया। Honasa Consumer का EBITDA बढ़कर ₹110.1 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹45.7 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 7.68% से बढ़कर 14.57% हो गया।

दो प्रोडक्ट का दमदार प्रदर्शन

Honasa Consumer ने बताया कि उसकी फोकस कैटेगरी में 35% से ज्यादा ग्रोथ दर्ज हुई। Mamaearth की ग्रोथ हाई-टीन्स में रही। Rice Dewy Bright Face Wash कंपनी का सबसे ज्यादा बिकने वाला फेस क्लींजर बन गया। वहीं Rosemary हेयर रेंज का सालाना रेवेन्यू ₹100 करोड़ के पार पहुंच गया।

The Derma Co. ने भी बड़ा मुकाम हासिल किया। इस ब्रांड का सालाना नेट सेल्स वैल्यू ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच गया। कंपनी का दावा है कि पिछले 10 साल में वह भारत की पहली FMCG कंपनी बनी है, जिसने दो ₹1,000 करोड़ के ब्रांड खड़े किए हैं।

नए ब्रांड और ऑफलाइन कारोबार भी बढ़ा

Honasa Consumer के नए ब्रांड्स में 40% से ज्यादा ग्रोथ रही। BTM Ventures का सालाना रेवेन्यू ₹150 करोड़ के पार पहुंच गया। यह अब दक्षिण भारत से बाहर महाराष्ट्र और दूसरे बाजारों में भी विस्तार कर रहा है।

ऑफलाइन कारोबार भी मजबूत रहा। जनरल ट्रेड और मॉडर्न ट्रेड, दोनों में 40% से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई। कंपनी की पहुंच अब करीब 3 लाख FMCG रिटेल आउटलेट तक हो गई है। Honasa ने इसी तिमाही में FIKN नाम से फ्रेगरेंस कैटेगरी में भी एंट्री की है।

आगे क्या है कंपनी का प्लान?

चेयरमैन और CEO वरुण आलाघ ने कहा कि कंपनी की ग्रोथ अब सिर्फ एक ब्रांड पर निर्भर नहीं है। अलग-अलग ब्रांड और कैटेगरी से मजबूत मांग मिल रही है। कंपनी आगे भी नए प्रोडक्ट, डिजिटल विस्तार और ऑफलाइन नेटवर्क पर फोकस रखेगी।

Honasa Consumer का शेयर गुरुवार को 2.48% बढ़कर ₹479 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 67.98% का रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।