Gold-Silver Price Today: चांदी ने लगाई ₹6000 की छलांग, सोना हुआ सस्ता; जानिए आज का रेट

Gold-Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में मांग कमजोर रहने की वजह से 24 कैरेट सोना 800 रुपये सस्ता होकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गया। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोमवार को सोने का भाव 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

चांदी में जोरदार वापसी

वहीं, चांदी ने लगातार चार कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद जोरदार वापसी की। इसकी कीमत 6,000 रुपये बढ़कर 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

सोना क्यों टूटा, चांदी क्यों चमकी?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने पर दबाव बना रहा। वहीं, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने चांदी में निचले स्तर पर खरीदारी की, जिससे कीमतों में तेज उछाल आया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,021.15 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर में करीब 1% की तेजी रही और यह 58.81 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने गोल्ड में निचले स्तर पर खरीदारी की संभावना जताई है।

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के आर्थिक और रोजगार के आंकड़ों पर रहेगी। इन आंकड़ों से सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय हो सकती है।

Gold Silver Buy or Sell: सोने-चांदी में रिकॉर्ड गिरावट, क्या यह खरीदारी का सबसे सही मौका है या फटाफट बेचने में ही भलाई? एक्सपर्ट्स से समझें

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PPF, SCSS और NSC पर नहीं बढ़ा ब्याज, सरकार ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए जारी कीं नई दरें; देखें पूरी लिस्ट

Small Savings Schemes Interest Rates: अगर आप भी अपनी कमाई को पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं में निवेश करते हैं, तो आपके लिए एक बेहद जरूरी खबर है। सरकार ने मंगलवार, 30 जून 2026 को लगातार नौवीं तिमाही के लिए पीपीएफ, एनएससी, और केवीपी जैसी तमाम छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही (1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक) के लिए ब्याज दरें बिल्कुल वैसी ही रहेंगी जैसी पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में थीं। बाजार को इस बार दरों में संशोधन की उम्मीद थी, लेकिन सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले निवेशकों को फिलहाल पुरानी दरों से ही संतोष करना होगा।

अब किस स्कीम पर कितना मिल रहा है ब्याज?

जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए सभी चर्चित स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की वर्तमान ब्याज दरें इस प्रकार है:

छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में आखिरी बार बड़ा बदलाव फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की जनवरी-मार्च तिमाही में किया गया था

आखिरी बार कब बदली थीं ब्याज दरें?

छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में आखिरी बार बड़ा बदलाव फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की जनवरी-मार्च तिमाही में किया गया था। इसके बाद अप्रैल 2024 में सरकार ने केवल दो स्कीमों में बढ़ोतरी की थी 3-वर्षीय टाइम डिपॉजिट की दर 7% से बढ़ाकर 7.1% और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की दर 8% से बढ़ाकर 8.2% की गई थी। तब से लेकर अब तक यानी लगातार 9 तिमाहियों से बाकी सभी योजनाओं की ब्याज दरें जस की तस बनी हुई हैं।

कैसे तय होती हैं इन योजनाओं की ब्याज दरें?

क्या आप जानते हैं कि सरकार इन स्कीम्स का ब्याज कैसे तय करती है? दरअसल, स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें मार्केट यील्ड यानी बाजार के रिटर्न से जुड़ी होती हैं। वित्त मंत्रालय इसके लिए एक खास फॉर्मूले का पालन करता है, जो समान मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड या गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (G-Secs) के रिटर्न पर आधारित होता है। उदाहरण के लिए, अगर 5 साल के सरकारी बॉन्ड का रिटर्न बढ़ता या घटता है, तो उसी हिसाब से 5 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी की दरें भी तय की जाती हैं।

वैसे भले ही इस तिमाही ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी न हुई हो, लेकिन बैंकों की आम एफडी की तुलना में आज भी सुकन्या समृद्धि (8.2%), सीनियर सिटीजन स्कीम (8.2%) और एनएससी (7.7%) जैसी सरकारी योजनाएं पूरी सुरक्षा के साथ बेहतरीन रिटर्न दे रही हैं।

SSY vs FD: सुकन्या समृद्धि योजना या बैंक एफडी? बेटी के नाम कहां जमा करें पैसा कि मिले सबसे ज्यादा रिटर्न, यहां समझिए पूरा गणित

SSY vs Fixed Deposit Comparison: हर माता-पिता अपनी बच्चों के भविष्य के लिए गाढ़ी कमाई में से कुछ न कुछ बचत जरूर करते हैं। उनकी कोशिश यही होती है कि इस पैसे को किसी ऐसी जगह निवेश किया जाए, जहां फंड पूरी तरह सुरक्षित रहे और रिटर्न भी जबरदस्त मिले। खासतौर पर जब बात बेटी के भविष्य, उसकी उच्च शिक्षा या शादी के खर्चों की प्लानिंग की हो, तो पेरेंट्स अक्सर एक बड़े असमंजस में रहते हैं।

उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या उन्हें बेटी के नाम पर बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करानी चाहिए या फिर सरकार की गारंटी वाली सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में पैसा लगाना चाहिए? आइए दोनों योजनाओं की बारीकियों, ब्याज दरों और टैक्स नियमों को समझते हुए ये जानते हैं कि आपके लिए कहां निवेश करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

1. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): बेटियों के लिए खास और सुरक्षित

पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित सुकन्या समृद्धि योजना विशेष रूप से केवल बेटियों के लिए तैयार की गई है। यह पूरी तरह से रिस्क-फ्री स्कीम है, क्योंकि इसमें जमा पैसे की सुरक्षा की शत-प्रतिशत गारंटी खुद भारत सरकार लेती है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए सरकार इस योजना पर 8.2% की दर से सालाना चक्रवृद्धि ब्याज दे रही है।

कोई भी माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपनी बेटी के 10 वर्ष की आयु पूरा करने से पहले यह खाता खुलवा सकते हैं। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹250 से लेकर अधिकतम ₹1.5 लाख तक निवेश करने की सुविधा मिलती है। इस खाते में आपको केवल 15 वर्षों तक ही पैसा जमा करना होता है, जबकि खाता खुलने की तारीख से 21 साल पूरे होने पर यह स्कीम मैच्योर हो जाती है।

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘EEE’ स्टेटस है। इसमें इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत निवेश पर छूट मिलती है, सालाना मिलने वाला ब्याज भी पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है, और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी रकम पर भी कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ता।

कैलकुलेटर: ऐसे बेटी के पास होंगे करीब ₹72 लाख

सुकन्या समृद्धि योजना के जरिए ₹72 लाख का बड़ा फंड तैयार करने का गणित बेहद आसान है। इसके लिए आपको बेटी के खाते में हर महीने ₹12500 यानी सालाना अधिकतम ₹1.50 लाख का निवेश करना होगा।

अगर आप बेटी की 1 साल की उम्र में यह खाता खोलते हैं, तो 15 वर्षों में आपका कुल निवेश ₹2250000 होगा। 8.2% की मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से जब बेटी 21 साल की होगी, तो मैच्योरिटी पर उसे कुल ₹7182119 मिलेंगे। इस फंड में आपकी जमा राशि के अलावा सिर्फ ब्याज का हिस्सा ही ₹4932,119 का होगा।

2. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए लचीला विकल्प

सुकन्या समृद्धि योजना के विपरीत, बैंकों की FD स्कीम्स में लिंग का कोई बंधन नहीं होता। यह बेटे और बेटी दोनों के लिए उपलब्ध हैं। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकमुश्त बड़ा फंड जोड़ने के उद्देश्य से कई बैंक विशेष एफडी योजनाएं भी चलाते हैं, जिनमें सामान्य से अधिक ब्याज मिलता है।

वर्तमान में कई बैंकों में बच्चों की एफडी पर 8% या उससे भी ज्यादा का ब्याज मिल रहा है। उदाहरण के लिए, Yes Bank बच्चों के नाम पर 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर चुनिंदा टैन्योर के लिए सामान्य ग्राहकों को 8% तक का शानदार ब्याज ऑफर कर रहा है।

इसी तरह पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ‘बेटी की शिक्षा योजना’ भी एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसे विशेष रूप से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली पात्र छात्राओं की पढ़ाई के खर्चों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है।

हालांकि, एफडी में सुकन्या समृद्धि योजना जैसे टैक्स बेनेफिट्स नहीं मिलते हैं। 5 साल की टैक्स-सेवर एफडी को छोड़कर बाकी एफडी से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है, और निवेशक की टैक्स स्लैब के आधार पर उस पर टैक्स वसूला जाता है।

आपके लिए कौन सी योजना है सबसे बेहतर?

SSY और FD में से किसी एक को चुनना पूरी तरह से आपके वित्तीय लक्ष्यों और आवश्यकताओं पर निर्भर करता है:

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) किनके लिए बेस्ट है: जो अभिभावक अपनी बेटी के लिए लंबी अवधि में बिना किसी जोखिम के अधिकतम रिटर्न और टैक्स की पूरी बचत चाहते हैं, उनके लिए सुकन्या समृद्धि योजना से बेहतर कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसमें मिलने वाला उच्च ब्याज और सरकारी गारंटी इसे सबसे मजबूत बनाते हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) किनके लिए बेस्ट है: यह उन माता-पिता के लिए अधिक उपयुक्त है जो अपनी बेटी या बेटे के लिए ₹1.5 लाख की सालाना सीमा से अधिक बड़ी रकम एकमुश्त निवेश करना चाहते हैं। इसके अलावा, जो लोग मैच्योरिटी अवधि से पहले आपातकालीन स्थितियों में समय से पहले पैसा निकालने की लचीली सुविधा चाहते हैं, उनके लिए बैंक एफडी एक व्यावहारिक विकल्प है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ITR Filing Deadline: बदल गई ITR भरने की आखिरी तारीख! सैलरीड क्लास और बिजनेसमैन के लिए आ गया नया कैलेंडर, देखें पूरी लिस्ट

Income Tax Return Dates AY 2026-27: अगर आप हर साल की तरह इस बार भी यह मानकर चल रहे हैं कि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई ही है, तो थोड़ा ठहरिए। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने डेडलाइन में बड़ा बदलाव किया है।

बजट 2026 में किए गए बदलावों के बाद अब हर किसी के लिए एक सिंगल डेडलाइन 31 जुलाई नहीं होगी। अब आपकी आखिरी तारीख इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कौन सा आईटीआर फॉर्म भरते हैं। आइए जानते हैं टैक्स कैलेंडर में हुए इस बदलाव को ताकि आप भारी पेनाल्टी और नुकसान से बच सकें।

बड़ा बदलाव: फॉर्म के हिसाब से अलग-अलग होंगी आखिरी तारीखें

सरकार ने नौकरीपेशा और बिजनेस/प्रोफेशनल क्लास के लिए डेडलाइन को अलग-अलग कर दिया है, जो इस प्रकार है:

सैलरीड क्लास और पेंशनर्स (ITR-1 और ITR-2): नौकरीपेशा लोग, पेंशनर्स और ऐसे निवेशक जिनकी आय सैलरी, कैपिटल गेन्स, ब्याज या एक-दो मकानों से है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 ही रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

छोटे कारोबारी और प्रोफेशनल्स (ITR-3 और ITR-4 -बिना ऑडिट वाले): फ्रीलांसरों, कंसलटेंट्स, डॉक्टरों, वकीलों, छोटे दुकानदारों और प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन का विकल्प चुनने वालों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब ये लोग 31 अगस्त 2026 तक अपना आईटीआर भर सकते हैं। इन्हें बुककीपिंग और मिलान के लिए पूरा एक महीना एक्स्ट्रा मिला है।

टैक्स ऑडिट वाले मामले: जिन बिजनेस या कंपनियों का टैक्स ऑडिट होना है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय है हालांकि ऑडिट रिपोर्ट एक महीना पहले, यानी 30 सितंबर तक जमा करनी होगी।

ट्रांसफर प्राइसिंग वाले मामले: इनके लिए डेडलाइन 30 नवंबर 2026 रहेगी।

AY 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग का नया कैलेंडर

 

दूसरा बड़ा बदलाव: रिवाइज्ड रिटर्न भरने के लिए अब मिलेगा ज्यादा समय

टैक्सपेयर्स के लिए एक और बड़ी खुशखबरी है। पहले अपनी गलती सुधारने के लिए रिवाइज्ड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर हुआ करती थी। लेकिन इस साल से इस विंडो को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। यानी अगर फॉर्म भरने के बाद आपको याद आता है कि आप 80C का क्लेम भूल गए हैं या AIS/26AS में कोई मिसमैच है, तो उसे सुधारने के लिए अब आपके पास भरपूर वक्त होगा।

डेडलाइन चूके तो सिर्फ जुर्माना नहीं, होगा यह बड़ा नुकसान

अगर आप तय तारीख तक रिटर्न नहीं भर पाते हैं, तो आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं, लेकिन इसके गंभीर नतीजे होंगे:

लेट फीस और ब्याज: सेक्शन 234F के तहत ₹5,000 की लेट फीस लगेगी अगर कुल आय ₹5 लाख से कम है तो ₹1000 और बकाया टैक्स पर ब्याज देना होगा।

ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प खत्म: सबसे बड़ा नुकसान यह है कि लेट होने पर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था को नहीं चुन पाएंगे। आप डिफॉल्ट रूप से नई टैक्स व्यवस्था में शिफ्ट कर दिए जाएंगे। इसके अलावा आप बिजनेस या कैपिटल लॉस को आगे नहीं ले जा पाएंगे।

Home Loan vs Cash: क्या घर कैश में खरीदना चाहिए या होम लोन लेना है बेहतर? फैसला लेने से पहले समझें ये जरूरी बातें

यहां ये ध्यान देने वाली बात है कि यह साल पुराने ‘इंकम टैक्स एक्ट, 1961’ के तहत रिटर्न फाइल करने का आखिरी सीजन है। 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू हो चुका है, जो अगले साल के रिटर्न्स पर लागू होगा। इस बार फॉर्म भरते समय अपने Form 16, Form 26AS और AIS का मिलान अच्छे से कर लें और सबमिट करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफाई करना न भूलें।

Sensex में 300 अंकों का उछाल, Nifty भी 24000 के पार, निवेशकों पर डेढ़ लाख करोड़ रुपये की बारिश

Stock Market Rally: कच्चे तेल की नरमी और एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी के चलते आज शुरुआती कारोबार में मार्केट में रौनक दिखी। चूंकि आज निफ्टी के साथ-साथ बैंक निफ्टी समेत एनएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव्स और स्टॉक्स के F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की भी मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख रही है। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स और निफ्टी ग्रीन और रेड जोन में झूलने लगे। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप में थोड़ा दबाव है लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में रौनक दिख रही है। निफ्टी मिडकैप 100 में हल्की गिरावट है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से थोड़ी ही कम बढ़त है।

सेक्टरवाइज मार्केट पर ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर दबाव बना रहे हैं जिनके निफ्टी इंडेक्स में फिलहाल आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है। हालांकि दूसरी तरफ पीएसयू बैंक, प्राइलेट बैंक और रियल्टी स्टॉक्स इसे ऊपर लाने की कोशिश में तो है लेकिन इनके निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से भी कम बढ़त है।

ओवरऑल इस रस्साकसी में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:16 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 240.82 प्वाइंट्स यानी 0.31% के उछाल के साथ 76,969.19 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 62.75 प्वाइंट्स यानी 0.26% के उछाल के साथ 24,009.00 पर है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 308.99 प्वाइंट्स चढ़कर 77,037.36 तक तो निफ्टी भी 89.30 प्वाइंट्स उछलकर 24,035.55 तक पहुंच गया।

₹1.73 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 29 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,72,74,146.70 करोड़ था। आज यानी 30 जून 2026 को यह बढ़कर ₹4,74,47,694.61 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,73,547.91 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 12 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें फिलहाल 12 स्टॉक्स ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी फिलहाल मारुति, एक्सिस बैंक और सन फार्मा में है। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट इंफोसिस, टाटा स्टील और जोमैटो की एटर्नल में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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57 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज फिलहाल 2371 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 1528 शेयर फिलहाल मजबूत हैं तो 691 में गिरावट है जबकि 152 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा। इसके अलावा 57 शेयर एक साल के हाई और 18 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 42 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 48 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

आज इंट्रा-डे में इन स्टॉक्स पर रखें नजर

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: एक्सपायरीज की बाढ़; HDFC Bank, SIS और Yes Bank समेत इन स्टॉक्स पर खास वजहों से रहेगी नजर

Stocks to Watch: कच्चे तेल की नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 22.00 प्वाइंट्स यानी 0.09% की मामूली बढ़त के साथ 23,976.00 पर है। चूंकि आज निफ्टी के साथ-साथ बैंक निफ्टी समेत एनएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव्स और स्टॉक्स के F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) की भी मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 30 जून को सेंसेक्स (Sensex) 372.10 प्वाइंट्स यानी 0.48% की गिरावट के साथ 76,728.37 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 109.75 प्वाइंट्स यानी 0.46% की फिसलन के साथ 23,946.25 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट

सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज, हेक्सागॉन न्यूट्रिशन, मैजेस्टिक रिसर्च सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस और सुपरहाउस आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी।

HDFC Bank

एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने 30 जून से एडिशनल डायरेक्टर (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) के तौर पर राजीव कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उन्हें आरबीआई की मंजूरी मिलने पर बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन भी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा बोर्ड ने एक्सिस बैंक के सीएफओ पुनीत शर्मा को 1 सितंबर, 2026 से एचडीएफसी बैंक का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर-डेज़िनेट और 1 दिसंबर से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर बनाने की मंजूरी दी।

Axis Bank

एक्सिस बैंक के सीएफओ पुनीत शर्मा ने 31 अगस्त से प्रभावी इस्तीफा दे दिया है।

Bandhan Bank

राजीव मंत्री ने नए मौकों की तलाश के लिए बंधन बैंक के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 25 सितंबर से लागू होगा।

Engineers India

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अतुल गुप्ता (डायरेक्टर-कमर्शियल) को इंजीनियर्स इंडिया का चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। उन्होंने 29 जून से कंपनी के सीएमडी का पदभार संभाल लिया है।

SIS

एसआईएस के बोर्ड ने ₹120 करोड़ तक के शेयर बायबैक के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अगस्त 2017 में कंपनी की लिस्टिंग के बाद से यह उसका पांचवां बायबैक होगा।

Crest Ventures

क्रेस्ट वेंचर्स ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी सतलज हाउसिंग (SHPL) के जरिए प्रफुल्ल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के साथ एक डेवलपमेंट एग्रीमेंट रजिस्टर किया है। यह सोसाइटी मुंबई के दादर में एक बड़े क्लस्टर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

Yes Bank

यस बैंक के बोर्ड ने इक्विटी सिक्योरिटीज जारी करके ₹7,500 करोड़ तक और डेट सिक्योरिटीज जारी करके ₹8,500 करोड़ तक जुटाने की मंज़ूरी दे दी है।

RITES, Container Corporation of India

राइट्स ने कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (CONCOR) के साथ एक एमओयू किया है। इसके तहत वे CONCOR के टर्मिनल और एस्टैब्लिशमेंट्स के विकास और सुधार के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) सेवाओं पर मिलकर काम करेंगे, जिसमें कॉन्सेप्ट से लेकर कमीशनिंग तक के प्रोजेक्ट शामिल होंगे।

Sterling and Wilson Renewable Energy

स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी ने मिस्र और MENA क्षेत्र के प्रमुख कॉन्ट्रैक्टर में से एक हसन अल्लाम कंस्ट्रक्शन के साथ 50:50 के जॉइंट वेंचर में मिस्र के मिन्या गवर्नरेट में वेस्ट मिन्या सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए लगभग $5 करोड़ का ऑर्डर हासिल किया है।

Afcons Infrastructure

एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए हर शेयर पर ₹2 के फाइनल डिविडेंड को मंजूरी दी है जिसकी रिकॉर्ड डेट 23 जुलाई है।

Juniper Hotels

जुनिपर होटल्स के सीएफओ तरुण जेटली ने नए मौकों की तलाश में इस्तीफा दे दिया है। जो 15 जुलाई से प्रभावी होगा।

Jagsonpal Pharmaceuticals

जगसोनपाल फार्मा ने ₹20.8 करोड़ में मुंबई की एक फार्मा कंपनी इक्विटास हेल्थकेयर में 85% इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है।

SJVN

एसजेवीएन ने गुजरात ऊर्जा विकास निगम (GUVNL) के साथ पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स (PPAs) किया है। ये एग्रीमेंट्स हिमाचल प्रदेश में कंपनी की आने वाले समय में आने वाली पनबिजली परियोजनाओं—66 MW धौलासिध HEP, 210 MW लुहरी स्टेज-I HEP और 382 MW सुन्नी डैम HEP—से बिजली की सप्लाई के लिए हैं।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Indo Tech Transformers

आईआईएफएल एसेट मैनेजमेंट ने प्रमोटर शिर्डी साई इलेक्ट्रिकल्स से प्रति शेयर ₹2,985 के भाव पर इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स के 2 लाख शेयर (1.88% हिस्सेदारी) ₹59.7 करोड़ में खरीदे हैं।

Bliss GVS Pharma

इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर मैटेउस (Mateus) ने एरियन इन्वेस्टमेंट से प्रति शेयर ₹490 के भाव पर ब्लिस GVS फार्मा के 11.5 लाख शेयर (1.08% हिस्सेदारी) ₹56.35 करोड़ में खरीदे हैं।

Goodluck India

सेजवन-फ्लैगशिप ग्रोथ OE फंड ने प्रति शेयर ₹1420 के भाव पर गर्ग परिवार की कंपनी गुडलक इंडिया के अतिरिक्त 2.5 लाख शेयर (0.75% हिस्सेदारी) ₹35.5 करोड़ में खरीदे हैं। हालांकि प्रमोटर मनीष गर्ग ने कंपनी के 2.9 लाख शेयर (0.87% हिस्सेदारी) ₹1,420.81 के भाव पर ₹41.2 करोड़ में बेचे हैं। सेजवन के पास फ्लैगशिप ग्रोथ OE फंड समेत अपनी दो स्कीमों के जरिए मार्च 2026 तक गुडलक इंडिया में 2.46% हिस्सेदारी थी।

Multi Commodity Exchange of India

यूटीआई म्यूचुअल फंड ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX के 14.65 लाख शेयर (0.57% हिस्सेदारी) ₹425.01 करोड़ में प्रति शेयर ₹2,899.23 के भाव पर खरीदा है।

Pondy Oxides & Chemicals

प्रमोटर मंजू बंसल ने प्रति शेयर ₹1,270.27 के भाव पर पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स के 9 लाख शेयर (2.94% हिस्सेदारी) ₹114.32 करोड़ में बेच दिए। दूसरी तरफ ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स के 4.72 लाख शेयर (1.54% हिस्सेदारी) ₹59.94 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,270 के भाव पर खरीदे।

Ramco Systems

ओरेगन पब्लिक एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम ने रामको सिस्टम्स के 1.9 लाख शेयर (0.5% हिस्सेदारी) ₹14.73 करोड़ में प्रति शेयर ₹772.4 के भाव पर खरीदे। वहीं जेन सिक्योरिटीज ने ₹18.78 करोड़ में 2.39 लाख शेयर (0.63% हिस्सेदारी) प्रति शेयर ₹785.4 के भाव पर बेचे।

Shankara Building Products

प्रमोटर ‘द बालीगंज फैमिली ट्रस्ट’ (The Ballygunge Family Trust) ने प्रति शेयर ₹123.54 के भाव पर शंकर बिल्डिंग प्रोडक्ट्स के 1.36 लाख शेयर (0.56% हिस्सेदारी) ₹1.68 करोड़ में खरीदी है।

एक्स-डेट

आज बजाज फिनसर्व, बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट, बजाज फाइनेंस, महाराष्ट्र स्कूटर्स और वेल्सपन कॉर्प के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे तो पटेल इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स के बायबैक की भी आज एक्स-डेट है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT Nifty में दबाव, US-ईरान की घबराहट के बीच लाल निशान में खुल सकता है बाजार, क्रूड ऑयल फिसला

GIFT Nifty ने मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए कमजोर शुरुआत का संकेत दिया, जो वॉल स्ट्रीट में रात भर की बढ़त और एशियाई बाजारों में तुलनात्मक रूप से स्थिर बढ़त को ट्रैक करता है, भले ही निवेशक US-ईरान की नई बातचीत से पहले सावधानी बरत रहे थे और मिडिल ईस्ट में हो रहे डेवलपमेंट पर नज़र रख रहे थे।

GIFT Nifty सुबह 8.31 बजे के आसपास 24,004 पर ट्रेड कर रहा था, जो 23.80 पॉइंट या 0.23 प्रतिशत नीचे था, जिससे पता चलता है कि सोमवार का सेशन गिरावट के साथ खत्म होने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी आज फिर दबाव के साथ खुल सकते हैं।

भारतीय इक्विटी ने 29 जून को दो दिन की बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया क्योंकि बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग ने सेंटिमेंट पर असर डाला। सेंसेक्स 372.10 पॉइंट या 0.48 प्रतिशत गिरकर 76,728.37 पर आ गया, जबकि निफ्टी 109.75 पॉइंट या 0.46 प्रतिशत गिरकर 23,946.25 पर बंद हुआ। सेशन के दूसरे हाफ में ऑटो, IT, ऑयल एंड गैस और बैंकिंग स्टॉक्स की वजह से बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जबकि बड़े मार्केट में कमजोरी ने गिरावट को और बढ़ा दिया।

AI स्टॉक्स में रिकवरी के साथ वॉल स्ट्रीट में उछाल

US मार्केट्स में रात भर टेक्नोलॉजी शेयरों की वजह से अच्छी रिकवरी हुई, क्योंकि पिछले हफ्ते की तेज बिकवाली के बाद इन्वेस्टर्स पिटे हुए AI से जुड़े स्टॉक्स में लौट आए। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.59 परसेंट बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 1.18 परसेंट और नैस्डैक कंपोजिट में 2.07 परसेंट की बढ़त हुई।

हाल ही में वैल्यूएशन से हुई कमजोरी के बाद टेक्नोलॉजी स्टॉक्स ने बेहतर परफॉर्म किया, साथ ही इन्वेस्टर्स को मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से भी राहत मिली। यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के इस हफ्ते डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी रखने की उम्मीद है, हालांकि ईरान ने कहा कि वीकेंड में मिसाइल एक्सचेंज के बाद दोहा में अभी तक कोई मीटिंग तय नहीं हुई है, जिस पर इस महीने की शुरुआत में सहमति बनी थी।

एशियाई मार्केट्स मिले-जुले, US-ईरान बातचीत से पहले तेल में नरमी

शुरुआती बढ़त फीकी पड़ने के बाद मंगलवार को एशियाई मार्केट्स को दिशा पाने में मुश्किल हुई। तिमाही में अच्छी तेज़ी के बाद साउथ कोरिया के टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में गिरावट आई, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.5 परसेंट और शंघाई के स्टॉक्स 0.4 परसेंट गिरे। जापान का टॉपिक्स और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 थोड़ा बदला। US फ्यूचर्स मोटे तौर पर स्थिर रहे, जबकि यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 0.5 परसेंट बढ़े।

US-ईरान बातचीत के बारे में निवेशकों को ज़्यादा क्लैरिटी का इंतज़ार है, जिससे तेल की कीमतें कम हुईं। ब्रेंट क्रूड लगभग 1 परसेंट गिरकर $72.4 प्रति बैरल के करीब आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट $70.3 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था। यह गिरावट इस उम्मीद को दिखाती है कि वीकेंड में मिसाइल हमलों के फिर से होने के बावजूद डिप्लोमेसी से सप्लाई रिस्क कम हो सकता है।

दोहा बातचीत और मॉनसून की प्रोग्रेस पर मार्केट की नज़र

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US-ईरान बातचीत के अगले राउंड से पहले इन्वेस्टर्स के डेवलपमेंट पर नज़र रखने की वजह से भारतीय इक्विटीज़ में सावधानी के साथ ट्रेड होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि हाल की जियोपॉलिटिकल उथल-पुथल के बावजूद ब्रेंट क्रूड $70-71 प्रति बैरल की रेंज के पास बना हुआ है, लेकिन चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग में कोई भी रुकावट महंगाई और ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट को लेकर चिंताएं फिर से जगा सकती है। घरेलू स्तर पर, निवेशक गर्मियों की फसल की बुआई पिछले साल की रफ्तार से पीछे रहने के बाद मानसून की प्रगति पर भी करीब से नज़र रखेंगे।

टेक्निकल नजरिए से, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी को 24,100-24,200 ज़ोन में तुरंत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है, जबकि 23,900 पहला अहम सपोर्ट बना हुआ है। बैंक निफ्टी के लिए, 58,200-58,300 रीजन मुख्य रुकावट बना हुआ है, जबकि 57,600-57,500 ज़ोन से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

टेक्निकल नजरिए से, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी को 24,100-24,200 ज़ोन में तुरंत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है, जबकि 23,900 पहला अहम सपोर्ट बना हुआ है। बैंक निफ्टी के लिए, 58,200-58,300 का इलाका मुख्य रुकावट बना हुआ है, जबकि 57,600-57,500 ज़ोन से तुरंत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो मिला-जुला रहा। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 29 जून को 1,350 करोड़ रुपये के भारतीय इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने लगातार पांचवें सेशन में 2,800 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी के साथ अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा।

Asian Markets Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, निक्केई में बढ़त,US-ईरान बातचीत पर फोकस

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : मोमेंटम पड़ा कमजोर,शॉर्ट टर्म में 23800-24200 की रेंज में ट्रेड होने की उम्मीद

Trade setup for today : 30 जून को डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी से ठीक पहले,29 जून को निफ्टी में दूसरे हाफ में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई और यह 0.50 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,इसलिए इसका अंडरलाइंग ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर एक ऐसे दौर का संकेत दे रहे हैं जिसमें बाजार में कोई खास हलचल नहीं होगी और यह एक दायरे में बना रहेगा। शॉर्ट टर्म में इंडेक्स के 23,800-24,200 की रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। जानकारों के मुताबिक,अगर यह इस रेंज से नीचे जाता है तो बाजार पर गिरावट का दबाव बन सकता है। जबकि अगर यह वापस ऊपर आता है और इस स्तर से ऊपर बना रहता है,तो इंडेक्स 24,500-24,600 के जोन की ओर बढ़ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,922, 23,876 और 23,802

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,072, 24,118 और 24,192

निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर स्मॉल अपर और लोअर शैडो के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। इससे पता चलता है कि सेलिंग प्रेशर है,रुकावट के लेवल पर ब्रेकआउट फेल हो गया है और उस लेवल के आसपास इंडेक्स एक दायरे में ही घूम रहा है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा था,लेकिन 100-दिन के EMA को वापस हासिल नहीं कर पाया और अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे आ गया। RSI 53.89 पर सिग्नल लाइन के करीब पहुंच गया,जबकि MACD हिस्टोग्राम पर हरा बार लगातार छठे सेशन में छोटा हो गया। इन सबसे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड तो बना हुआ है,लेकिन मोमेंटम कमज़ोर पड़ गया है,जिससे निकट भविष्य में रेंज-बाउंड ट्रेड की संभावना बढ़ गई है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,154, 58,315 और 58,575

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,634, 57,473 और 57,213

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’बनाई,जिससे पता चलता है कि प्रॉफिट बुकिंग हुई है और यह ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। हालांकि, इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और उनमें से ज़्यादातर ऊपर की ओर ही बढ़ रहे थे। RSI 60 के लेवल से ऊपर 61.92 पर रहा,हालांकि इसमें’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा। MACD जीरो और सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा,लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह हिस्टोग्राम पर दिख रही हरी पट्टी से पता चलता है,जो लगातार छठे सेशन में छोटी हुई है। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड तो पॉज़िटिव है,लेकिन तेज़ी का मोमेंटम कम हो रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि जल्द ही कंसोलिडेशन या रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का दौर आ सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

29 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,350 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार पांचवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,800 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 4.29 प्रतिशत बढ़कर 13.61 पर पहुंच गया,जिससे तेजड़ियों को थोड़ी परेशानी हुई। हालांकि,यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो’बुल्स’के लिए अच्छी बात है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 जून को पिछले सेशन के 1.06 से घटकर 0.85 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

HDFC बैंक ने एक्सिस बैंक के पूर्व एग्जीक्यूटिव पुनीत शर्मा को नियुक्त किया CFO, 1 दिसंबर से संभालेंगे कामकाज

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold-Silver Price Today: तीन दिन गिरने के बाद उछला सोना, पर चांदी ₹2000 टूटी; चेक करें लेटेस्ट प्राइस

Gold Price Today: लगातार तीन कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार वापसी हुई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये महंगा हुआ। इसकी कीमत 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गई। इससे पहले गुरुवार को भाव 1,45,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था। शुक्रवार को मुहर्रम के कारण सर्राफा बाजार बंद रहे थे।

चांदी में चौथे दिन भी गिरावट

सोने में तेजी के उलट चांदी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोर रही। इसकी कीमत 2,000 रुपये घटकर 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

सोना क्यों चढ़ा?

एनालिस्टों के मुताबिक, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी की। इससे सोने की कीमतों को सहारा मिला। वहीं, Lemonn Markets Desk के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि वैश्विक बाजार की कमजोरी की वजह से घरेलू बाजार में चांदी पर दबाव बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 54.14 डॉलर यानी 1.32% गिरकर 4,035.12 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में करीब 3% की गिरावट आई और यह 57.62 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

अमेरिका-ईरान तनाव और डॉलर का असर

Mirae Asset Sharekhan के हेड (कमोडिटीज एंड करेंसी) प्रवीण सिंह के मुताबिक, वीकेंड में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में तेजी आई। इसका असर सोने पर पड़ा।

हालांकि बाद में दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क बने हुए हैं। इसी वजह से बुलियन बाजार पर दबाव बना हुआ है।

अब किन आंकड़ों पर रहेगी नजर?

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल और ISM मैन्युफैक्चरिंग PMI जैसे आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। इनसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की अगली दिशा का संकेत मिल सकता है।

क्या अब सुरक्षित निवेश नहीं रहा सोना? युद्ध के बीच भी लगातार चौथे महीने गिरा दाम

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।