Income Tax Refund: पूरा इनकम टैक्स रिफंड नहीं मिला? ये 7 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

Income Tax Refund: ITR फाइल करने के बाद ज्यादातर लोगों को 4 से 5 हफ्तों में टैक्स रिफंड मिल जाता है। लेकिन कई बार खाते में उतनी रकम नहीं आती, जितनी आपने क्लेम की थी। इसकी वजह यह है कि इनकम टैक्स विभाग रिटर्न प्रोसेस करते समय आपकी जानकारी का दोबारा मिलान करता है। अगर कोई गड़बड़ी मिलती है, तो रिफंड की रकम कम हो सकती है।

पूरा रिफंड क्यों नहीं मिलता?

रिटर्न प्रोसेस करते समय इनकम टैक्स विभाग Form 26AS, AIS, TIS, TDS स्टेटमेंट और दूसरी जानकारियों का मिलान करता है। अगर इनमें अंतर मिलता है, तो रिफंड कम हो सकता है। इसके लिए ये 7 कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।

  • TDS या TCS की जानकारी में गड़बड़ी
  • बैंक ब्याज या कैपिटल गेन जैसी टैक्स योग्य आय छूट जाना
  • गलत टैक्स छूट (Deduction) का दावा
  • एडवांस टैक्स या सेल्फ-असेसमेंट टैक्स की गलत जानकारी
  • टैक्स के कैलकुलेशन में गलती
  • धारा 234A, 234B और 234C के तहत ब्याज लगना
  • पुराने असेसमेंट ईयर की बकाया टैक्स डिमांड

अगर विभाग कोई बदलाव करता है, तो धारा 143(1) के तहत इंटिमेशन भेजता है। इसमें रिफंड कम होने की वजह भी बताई जाती है।

रिफंड की रकम कैसे तय होती है?

इनकम टैक्स विभाग आपकी आय, टैक्स छूट और टैक्स क्रेडिट का मिलान करता है। इसके लिए वह कंपनी, बैंक और दूसरी वित्तीय संस्थाओं से मिली जानकारी का इस्तेमाल करता है।

इसके बाद आपकी कुल टैक्स देनदारी दोबारा निकाली जाती है। फिर TDS, TCS, एडवांस टैक्स और सेल्फ-असेसमेंट टैक्स को एडजस्ट किया जाता है। अगर आपने जरूरत से ज्यादा टैक्स जमा किया है, तो बची हुई रकम रिफंड के रूप में मिलती है। अगर पुराने साल का कोई टैक्स बकाया है, तो उसे भी रिफंड से एडजस्ट किया जा सकता है।

पुराने टैक्स बकाया का क्या होगा?

अगर किसी पुराने असेसमेंट ईयर का टैक्स बकाया है, तो इनकम टैक्स विभाग उसे आपके रिफंड से एडजस्ट कर सकता है। हालांकि, ऐसा करने से पहले विभाग ई-फाइलिंग पोर्टल पर सूचना देता है।

टैक्सपेयर्स को डिमांड स्वीकार करने, आंशिक रूप से मानने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलता है। तय समय तक जवाब नहीं मिलने या जवाब पर फैसला होने के बाद ही एडजस्टमेंट किया जाता है।

ब्याज भी घटा सकता है रिफंड

अगर आपने ITR देर से फाइल की है, एडवांस टैक्स कम भरा है या उसकी किस्त समय पर जमा नहीं की है, तो धारा 234A, 234B और 234C के तहत ब्याज देना पड़ सकता है।

यह ब्याज आपकी कुल टैक्स देनदारी में जुड़ जाता है। ऐसे में TDS पूरा कटा होने पर भी रिफंड कम मिल सकता है।

अगर रिफंड कम मिले तो क्या करें?

अगर आपको लगता है कि रिफंड गलत तरीके से कम किया गया है, तो सबसे पहले धारा 143(1) के तहत मिला इंटिमेशन पढ़ें। उसमें पूरी वजह लिखी होती है।

अगर कोई गलती दिखे, तो रेक्टिफिकेशन के लिए आवेदन करें। Form 16, Form 16A, Form 26AS, AIS, TIS, टैक्स चालान, निवेश के दस्तावेज, कैपिटल गेन का हिसाब, ITR की कॉपी और पुराने टैक्स रिकॉर्ड संभालकर रखें। जरूरत पड़ने पर यही दस्तावेज काम आएंगे।

रिफंड कम होने से कैसे बचें?

ITR फाइल करने से पहले Form 26AS, AIS और TIS का अच्छी तरह मिलान करें। बैंक ब्याज, कैपिटल गेन और दूसरी सभी टैक्स योग्य आय जरूर शामिल करें। सही ITR फॉर्म चुनें। टैक्स छूट और टैक्स क्रेडिट का दावा दस्तावेजों के आधार पर ही करें।

बैंक अकाउंट पहले से प्री-वैलिडेट रखें। ITR फाइल करने के बाद समय पर ई-वेरिफिकेशन करें। रिटर्न सबमिट करने से पहले एक बार पूरी जानकारी जरूर जांच लें। इससे रिफंड में कटौती या देरी की संभावना काफी कम हो जाती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

BlackRock ने कहा-इस वजह से जल्द भारतीय बाजार में लौटेंगे विदेशी निवेशक

विदेशी निवेशक जल्द भारतीय बाजार में लौट सकते हैं। यह अनुमान ब्लैकरॉक इनवेस्टमेंट इंस्टीट्यूट ने जताया है। इंस्टीट्यूट के चीफ एपीएसी एंड मिडिल ईस्ट इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट बेन पॉवेल ने कहा कि एनर्जी की कीमतों में नरमी और जियोपॉलिटिकल स्थितियां बेहतर होने से ग्लोबल इनवेस्टर के ऐलोकेशन में बदलाव आ रहा है। भारत को इसका फायदा मिल सकता है।

जल्द भारत का रुख कर सकते हैं विदेशी निवेश

पॉवेल ने कहा कि आने वाले हफ्तों और महीनों में इंडिया में नया विदेशी निवेश आ सकता है। इसकी वजह यह है कि ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे AI से जुड़े शेयर बाजारों में जबर्दस्त तेजी के बाद ग्लोबल इनवेस्टर्स अपने पोर्टफोलियो की रीबैलेंसिंग कर रहे हैं। आर्टफिशियिल इंटेलिजेंस को लेकर ब्लैकरॉक अभी भी पॉजिटिव है। लेकिन, दूसरी जगह मौके तलाशने में वह वैल्यूएशंस को लेकर वह सेलेक्टिव एप्रोच अपना रही है।

भारत को तीन तरह के दबाव का सामना करना पड़ा

उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में इंडिया को इसका फायदा मिलेगा।” उनका मानना है कि बीते कुछ महीनों में इंडिया को तीन तरह के दबाव का सामना करना पड़ा है। इनमें पहला हाई वैल्यूएशन है। दूसरा, पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से एनर्जी की कीमतों में उछाल है। तीसरा, यह धारणा है कि इंडियन बाजार एआई में निवेश के लिहाज से प्राइमरी मार्केट नहीं है।

ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में जबर्दस्त तेजी

पॉवेल ने कहा कि एआई का सुपर बूम वास्तविक है। यह आगे बढ़ रहा है। लेकिन, हम निवेश के मामले में सेलेक्टिव और केयरफुल रहना चाहते हैं। इस वजह से हमने इमर्जिंग मार्केट के शेयरों को डाउनग्रेड कर न्यूट्रल रेटिंग दी है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम बेयरिश हैं। हमने अपने पूरे पैसे का निवेश किया है। लेकिन, हमारी स्ट्रेटेजी बदलने की वजह बीते कुछ महीनों में ताइवान और कोरिया के बाजारों में आई जबर्दस्त तेजी है।

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भारत में एआई कंपनियां नहीं होने से निवेश पर पड़ा असर

उन्होंने कहा कि हम यह देख रहे हैं कि क्या हम कुछ पैसा दूसरे बाजारों में लगा सकते हैं। इसका फायदा इंडिया को मिलेगा। अगले कुछ हफ्तों और महीनों में भारत में विदेशी निवेश आ सकता है। भारत से विदेशी निवेशकों के दूरी बनाने की एक बड़ी वजह यहां सीधे एआई से जुड़ी कंपनियों की गैर-मौजूदगी रही है। उधर, ताइवान और दक्षिण कोरिया की एआई और चिप बनाने वाली कंपनियों में निवेशकों को बड़े मौके दिखे हैं।

Aastha Spintex IPO: तीन दिनों में 3 गुना भरा आईपीओ, पैसे लगाने से पहले चेक करें पूरी डिटेल्स

Aastha Spintex IPO: आईपीओ खुलने के तीसरे और आखिरी दिन आस्था स्पिटेंक्स तीन गुने से अधिक भर गया। इसके ₹170 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों की स्थिति प्रीमियम दिख रही है। फिलहाल यह आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले ₹6 यानी 4.41% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए। इसके शेयरों की 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई एंट्री होगी।

सब्सक्रिप्शन डिटेल्स

QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स)- 1.04 गुना

NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स)- 5.41 गुना

रिटेल इंवेस्टर्स- 1.73 गुना

टोटल- 3.06 गुना

(सोर्स: बीएसई, 01 Jul 2026 | 01:18:00 PM )

Aastha Spintex IPO: खास बातें

आस्था स्पिेंटक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून को खुला था और आज 1 जुलाई तक के लिए मौका खुला। इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹125-₹126 फिक्स किया गया है और लॉट साइज 110 शेयरों का है यानी कि खुदरा निवेशकों को कम से कम ₹14,960 में बोली लगानी है। इस आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हो रहे हैं। इन नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

कंपनी के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HUDCO Shares: Q1 में दोगुना लोन अप्रूव, धमाकेदार बिजनेस अपडेट पर चमके शेयर

HUDCO Shares: हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) के शेयर जून 2026 तिमाही के कारोबारी अपडेट पर रॉकेट बन गए। लोन सैंक्शन के करीब दोगुना होने औ डिस्बर्समेंट्स में 28% के उछाल ने इसके शेयरों की चमक बढ़ा दी और यह 3% से अधिक उछल पड़ा। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे शेयरों की चमक कुछ फीकी पड़ी लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी ने भाव टूटने नहीं दिया और अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 1.85% की बढ़त के साथ ₹208.90 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 3.17% के उछाल के साथ ₹211.60 तक चढ़ गया था।

HUDCO के बिजनेस अपडेट की खास बातें

एक्सचेंज फाइलिंग में दिए गए हुडको के बिजनेस अपडेट के मुताबिक जून 2026 तिमाही में कंपनी का लोन सैंक्शन्ड सालाना आधार पर ₹33,904 करोड़ से उछलकर ₹65,485 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान लोन डिस्बर्समेंट्स भी ₹12,812 करोड़ से 28% बढ़कर ₹16,377 करोड़ पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने कुल ₹1.64 लाख करोड़ के लोन मंजूर किए और ₹51,194 करोड़ के लोन बांटे। कंपनी का फोकस अर्बन इंफ्रा फाइनेंसिंग पर तेजी से बढ़ रहा है और वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में इसकी कंपनी के कुल लोन बुक में करीब 74% हिस्सेदारी रही। पिछले वित्त वर्ष में कोई नया एनपीए नहीं जुड़ा, जबकि ₹403 करोड़ की रिकवरी हुई। साथ ही कंपनी की उधारी लागत भी सालाना आधार पर 7.44% से घटकर 6.56% रह गई।

हुडको ने किया मालामाल

करीब छह साल पहले कोरोना महामारी के समय हुडको के शेयर फर्श पर थे और 24 मार्च 2020 को यह महज ₹18.05 में मिल रहा था। इसके बाद शेयरों ने रफ्तार पकड़ी और 4 ही साल में यह 1860.94% उछलकर 15 जुलाई 2024 को ₹353.95 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई है। इस प्रकार महज चार साल में इसने निवेशकों का पैसा करीब 20 गुना बढ़ा दिया।

पिछले एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो इसने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 18 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹246.90 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 4 महीने में यह 35.62% फिसलकर 30 मार्च 2026 को ₹158.95 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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Waterways Leisure Tourism IPO Listing: ₹681 पर ₹808 का शेयर लिस्ट, क्रूज कंपनी में फ्लश निवेशकों का पैसा

Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Auto Stocks का दम, Sensex में 500 अंकों का उछाल, Nifty भी तीन बड़ी वजहों से 24000 के पार

Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट से उबरते हुए आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स-निफ्टी ने अच्छी बढ़त हासिल की। सेंसेक्स इंट्रा-डे में प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24000 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी की बढ़त है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:25 AM पर सेंसेक्स 469.41 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 76,948.08 और निफ्टी 137.40 प्वाइंट्स यानी 0.58% के उछाल के साथ 24,003.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 541.13 प्वाइंट्स चढ़कर 77,019.80 और निफ्टी भी 161.10 प्वाइंट्स उछलकर 24,026.85 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: इन वजहों से छाई रौनक

ऑटो और एफएमसीजी स्टॉक्स में जोरदार तेजी

जून महीने की बिक्री के आंकड़े पर ऑटो स्टॉक्स झूम उठे और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से ऊपर चढ़ गया। एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी रौनक है और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी रियल्टी में भी 1% से अधिक बढ़त है। इनकी तेजी ने आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में बिकवाली के दबाव को फीका कर दिया जिनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत से सपोर्ट मिला है। ताइवान का ताइवान वेटेड डेढ़ फीसदी से अधिक, जापान का निक्केई 225 करीब 1% और चीन का शंघाई कंपोजिट करीब आधे फीसदी मजबूत हुआ है। हालांकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2% से अधिक गिरावट का असर भारत में आईटी सेक्टर पर दिख रहा है।

तकनीकी वजह

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 23800 के ऊपर बना हुआ है, मार्केट ऊपर चढ़ सकता है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीया का कहना है कि 24200 के ऊपर जाकर निफ्टी टिकता है तो यह 24400 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर यह 24000 का लेवल नहीं हासिल कर पाता है तो यह फिर 23800-23900 का लेवल छू सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान मानना है कि सेंसेक्स/निफ्टी के लिए 24,000/77,000 अहम ब्रेकआउट लेवल है और ऐसा हुआ तो मार्केट 24,150–24,200/77,500–77,700 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट जोन 23,900–23,800 पर है और 50-दिनों का एसएमए 23,800/76,300 के पास है। श्रीकांत के मुताबिक अगर यह लेवल टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 23,700–23,600/75,800–75,500 की तरफ खिसक सकता है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

VA Tech Wabag Share: रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला ये इंफ्रा सेक्टर का स्टॉक ऑर्डर मिलने के बाद 6% दौड़ा, जानें डिटेल

VA Tech Wabag Share Price: इंफ्रा सेक्टर की दिग्गज कंपनी और रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो वाला स्टॉक, VA Tech Wabag के शेयर बुधवार, 1 जुलाई को इंट्राडे में 6 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाते नजर आए। शेयर में यह तेजी उस वक्त आई जब कंपनी ने बताया कि उसे ऑस्ट्रिया के वियना में डोनौइंसेल वॉटर वर्क्स के विस्तार के लिए एक “बड़ा” ऑर्डर मिला।

VA Tech Wabag का शेयर प्राइस ₹2,010.75 के पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹2,039.95 पर खुला और सुबह के सेशन में 6.30% उछलकर ₹2,137.45 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। हालांकि, स्टॉक ने जल्द ही बढ़त कम कर दी और सुबह 11.20 बजे के आसपास 3.37% बढ़कर ₹2,075 पर ट्रेड करता नजर आया।

VA Tech Wabag को ऑस्ट्रिया में ऑर्डर मिला

बुधवार, 1 जुलाई को मार्केट खुलने से पहले, कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे वियना शहर, म्युनिसिपल डिपार्टमेंट MA 31 – वीनर वासर से ऑस्ट्रिया के वियना में डोनौइंसेल वॉटर वर्क्स को बढ़ाने के लिए एक बड़ा ऑर्डर मिला है। ऑर्डर की वैल्यू ₹250 से ₹600 करोड़ के बीच होने की उम्मीद है।

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, पूरी फैसिलिटी 2030 में पूरी होने और चालू होने वाली है, जिसके बाद एक्सेप्टेंस माइलस्टोन तय किए जाएंगे। कंपनी ने कहा, “Wabag के लिए, यह प्रोजेक्ट ऑस्ट्रिया में एक फ्लैगशिप रेफरेंस है और यूरोप पर ग्रुप के स्ट्रेटेजिक फोकस को दिखाता है।”

कंपनी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट वियना शहर की ‘वीनर वासर 2050’ स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा कि इसकी डिज़ाइन कैपेसिटी 1,000 लीटर प्रति सेकंड है, जो लगभग 86 MLD के बराबर है।

डोनौइनसेल वॉटर वर्क्स के विस्तार से वियना के पीने के पानी के सिस्टम की मज़बूती बढ़ेगी, क्योंकि इससे शहर के मशहूर अल्पाइन स्प्रिंग वॉटर सप्लाई के साथ एक कंट्रोल किया जा सकने वाला ग्राउंडवॉटर-बेस्ड सप्लाई पिलर जुड़ जाएगा। यह प्लांट सुरक्षित कुओं के खेतों से ग्राउंडवॉटर को ट्रीट करेगा और वियना के वॉटर सप्लाई सिस्टम में अच्छी क्वालिटी का पीने का पानी देगा।

VA टेक वबाग के CEO-यूरोप क्लस्टर, महमूत गेडेक ने कहा, “डोनौइनसेल वॉटर वर्क्स का विस्तार वियना की लंबे समय तक चलने वाली पीने के पानी की सप्लाई के लिए एक मील का पत्थर है और कंपनी की टेक्नोलॉजी की विशेषज्ञता का एक मज़बूत सबूत है।”

22 मई को CNBC-TV18 के साथ बातचीत में, VA टेक वबाग के चेयरमैन और MD, राजीव मित्तल ने कहा कि कंपनी के लिए पश्चिम एशिया प्रोजेक्ट का काम जारी है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि फाइनेंशियल ईयर 2027 में एग्जीक्यूशन 20% गाइडेंस को पार कर सकता है, जबकि इसका मीडियम-टर्म रेवेन्यू गाइडेंस 15% से 20% के बीच और इसका EBITDA 13% से 15% के बीच बना रहेगा।

रेखा झुनझुनवाला का एक पोर्टफोलियो स्टॉक

जानी-मानी इन्वेस्टर रेखा झुनझुनवाला की पिछली तिमाही में VA Tech Wabag में 8% से ज़्यादा हिस्सेदारी थी। FY25 की मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न डेटा के अनुसार, रेखा झुनझुनवाला के पास VA Tech Wabag में 50,00,000 शेयर थे, जो 8.02% हिस्सेदारी के बराबर है।

मार्च तिमाही के आखिर तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के पास कुल मिलाकर 1,03,44,924 शेयर या कंपनी में 16.60% हिस्सेदारी थी।

VA Tech Wabag एक मल्टीबैगर स्टॉक है

इस स्टॉक ने लंबे समय में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। BSE डेटा के अनुसार, VA Tech Wabag के शेयर तीन साल और पांच साल में क्रमशः 325% और 500% बढ़े हैं।

पिछले एक साल में, स्टॉक ने 46% का रिटर्न दिया है। इस साल 27 जनवरी को ₹1,033.95 के 52-हफ़्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के बाद, स्टॉक 25 जून को ₹2,188.95 के 52-हफ़्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा था।

Share Market Live Update: सेंसेक्स 480 अंक चढ़ा, निफ्टी 24000 के पार, जून में GST कलेक्शन सालाना आधार पर 14% बढ़ा

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Rates Today: एक जुलाई को चांदी की नई कीमतें जारी! जानिए दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में क्या है रिटेल रेट

Silver Rates Today: जुलाई के पहले दिन घरेलू सर्राफा बाजार और वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के चलते चांदी के भाव दबाव में रहे, जिससे खरीदारों को राहत मिली। बुधवार, 1 जुलाई को भारत के रिटेल मार्केट में सोने की कीमत में भी गिरावट आई। प्रमुख शहरों में 24-कैरेट और 22-कैरेट सोने के रेट में थोड़ी कमी देखी गई। वहीं, घरेलू बुलियन मार्केट में चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई है।

1 जुलाई को अगस्त फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए MCX गोल्ड रेट 0.94% गिरकर ₹141,600 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, MCX सिल्वर फ्यूचर्स सुबह करीब 9:13 बजे 1.86% गिरकर ₹224,520 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा था। मंगलवार को तेल की कीमतों में भारी गिरावट के साथ महीने का समापन हुआ। एनर्जी मार्केट के ट्रेडर्स कतर में अमेरिका और ईरान के बीच नई बातचीत की संभावना पर बारीकी से नजर रखे हुए थे।

चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स (जो इंटरनेशनल बेंचमार्क है) गिरकर $72.92 प्रति बैरल पर आ गया। जून में इस कॉन्ट्रैक्ट में लगभग 21% की गिरावट आई, जो मार्च 2020 के बाद से इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावट थी। सुबह के कारोबार में Comex पर इंटरनेशनल स्पॉट गोल्ड 1.09% गिरकर $3,994.40 प्रति औंस हो गया। जबकि चांदी 2.93% गिरकर $57.73 प्रति औंस पर आ गई।

घरेलू बाजार में अगस्त कॉन्ट्रैक्ट के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.84% ​​गिरकर ₹1,41,337 प्रति 10 ग्राम हो गया। वहीं, सितंबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सिल्वर फ्यूचर्स 1.8% गिरकर ₹2,24,268 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। बाजार की नजर US ADP एम्प्लॉयमेंट चेंज, नॉन-फार्म पेरोल्स और बेरोजगारी के आंकड़ों पर है। इनसे बुलियन की कीमतों में अगली बड़ी हलचल आने की उम्मीद है।

LKP सिक्योरिटीज के VP रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा, “फेड की सख्त पॉलिसी के बाद, Comex गोल्ड में जून में पहले ही लगभग 12% की गिरावट आ चुकी है। यह $4,500 से गिरकर $3,950 पर आ गया है, जिससे बाजार ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में पहुंच गया है। $4,000 के स्तर के आसपास सोने में खरीदारी की अच्छी दिलचस्पी दिख रही है। इस स्तर से नीचे जाने पर नई मांग आ रही है।”

एमसीएक्स पर चांदी का भाव

MCX पर चांदी के जुलाई/सितंबर वायदा में सुबह कारोबार के दौरान करीब 1.86% की गिरावट देखी गई। चांदी का वायदा भाव लगभग ₹2,24,520 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया।

गिरावट की वजह क्या है?

एक्सपर्ट के अनुसार चांदी की कीमतों पर कई कारणों का असर पड़ा है:-

  • अमेरिकी डॉलर में मजबूती।
  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने की उम्मीद।
  • वैश्विक बाजार में निवेशकों की सतर्कता।
  • अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग में कमी।

खरीदारों के लिए क्या मतलब है?

चांदी के दाम में आई गिरावट से आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को राहत मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम के कारण आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

आज के प्रमुख रेट (999 सिल्वर)

दिल्ली: लगभग ₹2,22,400 से ₹2,24,500 प्रति किलोग्राम तक रेट है।

मुंबई: लगभग ₹2,23,800 प्रति किलोग्राम।

कोलकाता: लगभग ₹2,24,000 प्रति किलोग्राम।

MCX पर भी चांदी में कमजोरी देखने को मिली। सुबह के कारोबार में सिल्वर फ्यूचर्स करीब 1.86% टूटकर ₹2,24,520 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहे थे। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती, मुनाफावसूली और निवेशकों की सतर्कता के कारण चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों के आधार पर आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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SME Listing: तीन लिस्टिंग, दो ने लगाया तगड़ा करंट, एक में प्रीमियम एंट्री के बाद और बढ़ा पैसा

SME Listing: मेनबोर्ड सेगमेंट में आज दो स्टॉक्स- अद्वित ज्वेल्स (Advit Jewels) और कॉर्डेला क्रूजेज (Cordella Cruises) की पैरेंट कंपनी वाटरवेज लेजर टूरिज्म (Waterways Leisure Tourism) की एंट्री हुई तो एसएमई सेगमेंट में भी जिवियल इंडस्ट्रीज (Jivial Industries), श्रीधर स्पिनर्स (Shreedhar Spinners) और रियासत लाइफस्टाइल (Riyaasat Lifestyle) के शेयर लिस्ट हुए। इनमें से दो ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया क्योंकि इन्होंने लिस्टिंग पर मुनाफा देने की बजाय 20% पूंजी ही घटा दी। श्रीधर स्पिनर्स ने जरूर ढाई फीसदी से अधिक का लिस्टिंग गेन दिया।

स्टॉकइश्यू प्राइस लिस्टिंग प्राइस लिस्टिंग गेन/लॉसमौजूदा भावप्रॉफिट/लॉस
Jivial Industries ₹196₹156.80(-)20.00%₹151.25 (-)22.83%
Shreedhar Spinners ₹53₹54.40 2.64% ₹57.10 7.74%
Riyaasat Lifestyle ₹106₹84.80 (-)20.00% ₹80.60(-)23.96%

Jivial Industries

एल्युमीनियम रेलिंग और फिक्स्चर बनाने वाली जिवियल इंडस्ट्रीज के ₹32 करोड़ के आईपीओ को फीकी रिस्पास मिला था और 0.93 गुना ही भरा था। इसमें खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा तो 22% ही भर पाया जबकि एनआईआई (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) का हिस्सा 1.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपाओ के तहत ‌₹27 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं तो ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए भी ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2,72,400 शेयरों की बिक्री हुई है।

आईपीओ के ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत जारी पैसे शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹14.40 करोड़ मशीनरी खरीदने, ₹4.00 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के रिनोवेशन, और बाकी पैसे आईपीओ के खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 59% के सीएजीआर से बढ़कर ₹2.97 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 19% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹12.07 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने में कंपनी को ₹2.95 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹12.20 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹1.23 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹8.35 करोड़ पड़े थे।

Shreedhar Spinners

कॉटन के धागे बनाने वाली श्रीधर स्पिनर्स के ₹31 करोड़ के आईपीओ को अच्छा रिस्पांस मिला था और 6.70 गुना भरा था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB (एक्स-एंकर) का हिस्सा 2.51 गुना, एनआईआई का हिस्सा 14.58 गुना और खुदरा निवेशकों का 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके आईपाओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 57.88 लाख नए शेयर ₹53 के भाव पर जारी हुए हैं। इसके जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹21.04 करोड़ वर्किंग कैपिटल, ₹4.95 करोड़ मौजूदा मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए मशीनरी खरीदने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 35% के सीएजीआर से बढ़कर ₹6.17 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 7% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹146.55 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹115.90 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹14.11 करोड़ पड़े थे।

Riyaasat Lifestyle

एथनिक वियर कंपनी रियासत लाइफस्टाइल के ₹30 करोड़ के आईपाओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 1.32 गुना भरा था लेकिन खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.44 गुना और एनआईआई का हिस्सा 0.09 गुना ही भरा जबकि QIB (एक्स-एंकर) का ही हिस्सा 20.33 गुना भरा। इसके आईपाओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28,48,800 शेयर ₹106 के भाव पर जारी हुए हैं। इसके जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹12.47 करोड़ चार नए शोरूम बनाने, ₹9.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 29% के सीएजीआर से बढ़कर ₹4.87 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 9% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹25.19 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 10 महीने में कंपनी को ₹4.29 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹28.13 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹38.97 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹9.50 करोड़ पड़े थे।

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