Dividend Stocks: महिंद्रा ग्रुप की 5 कंपनियां देंगी ₹110 तक का डिविडेंड, नहीं हैं शेयरहोल्डर तो आज, 2 जुलाई को आखिरी मौका

महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप की 5 कंपनियां 110 रुपये तक का डिविडेंड बांटने वाली हैं। रिकॉर्ड डेट 3 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप इन 5 कंपनियों में से किसी के डिविडेंड का फायदा पाना चाहते हैं लेकिन अभी तक शेयरहोल्डर नहीं हैं तो आज, 2 जुलाई को ट्रेडिंग बंद होने से पहले शेयर खरीद करनी होगी। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये 5 कंपनियां…

महिंद्रा एंड महिंद्रा

महिंद्रा एंड महिंद्रा 33 रुपये प्रति शेयर का ​डिविडेंड दे रही है। शेयर में 2 जुलाई को तेजी है। फेस वैल्यू 5 रुपये है।

टेक महिंद्रा

आईटी कंपनी टेक महिंद्रा प्रति शेयर 36 रुपये का डिविडेंड देने वाली है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। 2 जुलाई को इसमें भी तेजी है।

Mahindra Lifespace Developers

यह कंपनी 3.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दे रही है। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर में गुरुवार को तेजी है।

Zee Entertainment का शेयर 4% तक लुढ़का, वॉरंट इश्यू की घोषणा के बाद बिकवाली

SML महिंद्रा

कंपनी 23.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड बांटने वाली है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। 2 जुलाई को शेयर हरे निशान में है।

स्वराज इंजन्स

कंपनी 110 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। डिविडेंड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए है। ​यह कंपनी की ओर से घोषित अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड अमाउंट है। इस डिविडेंड पर कंपनी की 20 जुलाई को होने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर में 2 जुलाई को तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LIC सहित इन 8 कंपनियों और बैंकों में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, IDBI Bank का शेयर 2.46% उछला

सरकार एलआईसी सहित 8 बड़ी सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचेगी। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने सरकार की वित्तीय सेहत पर दवाब बढ़ा दिया था। वित्तीय सेहत ठीक करने के लिए सरकार विनिवेश पर फोकस बढ़ाना चाहती है। इसके लिए एलआईसी, हिंदुस्तान जिंक सहित 8 कंपनियों में अगले कुछ महीनों में विनिवेश की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इनमें कुछ सरकारी बैंक भी शामिल हैं। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।

LIC में हिस्सा बेचने से 10000 करोड़ मिल सकते हैं

Life Insurance Corporation (LIC) देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। ब्लूमबर्ग ने पहले खबर दी थी कि इस कंपनी में हिस्सेदारी बेच सरकार 10,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। Hindustan Zinc के शेयरों में हिस्सेदारी बेचने से सरकार को 5,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। सरकार के विनिवेश कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी हर हफ्ते इस बारे में मीटिंग कर रहे हैं। इनवेस्टमेंट बैंकर्स इनवेस्टर्स डिमांड का पता लगा रहे हैं। वे शेयरों की कीमत और बिक्री के समय के बारे में भी विचार कर रहे हैं। मामले से जुड़े लोगों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

IDBI Bank के लिए भी नई बोलियां आमंत्रित की जा सकती हैं

इस मामले के बारे में जानकारी देने वाले लोगों ने यह भी बताया कि भविष्य में कुछ और सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए अतिरिक्त बैंकर्स की नियुक्ति की जा रही है। अथॉरिटीज IDBI Bank में ब़ड़ी हिस्सेदारी बेचने के लिए नई बोलियां (bids) आमंत्रित करने के बारे में भी सोच रही है। इसके लिए सरकार रिजर्व प्राइस में कमी कर सकती है। इससे पहले आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया इसलिए रोक दी गई थी, क्योंकि खरीदारों ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। 2 जुलाई को IDBI Bank के शेयर में तेजी दिखी। यह 2.46 फीसदी चढ़कर 84.30 रुपये पर चल रहा था।

विदेशी निवेशकों ने इस साल 29 अरब डॉलर की बिकवाली की

इस बारे में पूछने पर वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सरकार ऐसे वक्त अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने जा रही है, जब विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। इस साल की पहली छमाही में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 29 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इस दौरान निफ्टी में करीब 9 फीसदी की गिरावट में इसका बड़ा हाथ है।

इस साल जियो प्लेटफॉर्म्स और एनएसई के मेगा आईपीओ भी आएंगे

इस साल Jio Platforms और NSE के आईपीओ भी आने वाले हैं। सरकार के अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के प्लान पर इन आईपीओ का असर पड़ सकता है, क्योंकि ये दोनों ही आईपीओ काफी ज्यादा अमाउंट के होंगे। इस मामले की जानकारी देने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि सरकार पहले Coal India और NHPC में हिस्सेदारी बेचकर निवेशकों के रिस्पॉन्स का पता लगाना चाहती है।

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सरकार का विनिवेश से 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

सरकार ने इस वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। अप्रैल से जून के दौरान सरकार ने विनिवेश से करीब 2 अरब डॉलर (18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) जुटाए  हैं। यह बीते तीन सालों में हर साल विनिवेश से आए कुल अमाउंट से ज्यादा है। 2 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 0.50 फीसदी से ज्यादा मजबूती थी।

सेबी ने 144 करोड़ रुपए के पंप एंड डंप मामले का जोमौटो ऑर्डर और फ्लाइट टिकट से किया पर्दाफाश, मुख्य आरोपी पर लगी 10 करोड़ रुपए की पेनाल्टी

SEBI ने 144 करोड़ रुपये के पंप एंड डंप स्कैम के एक बड़े मामले में फाइनल ऑर्डर जारी कर दिया है। सेबी ने सारी रकम जब्त करने के साथ ही आरोपियों पर सख्त एक्शन लिया है। SEBI ने 144 करोड़ रुपए के जिस पंप एंड डंप स्कैम पर फाइनल ऑर्डर निकाला है वह पंप एंड डंप के अब तक के सबसे बड़े मामलों में से एक है। इस पंप एंड डंप में 226 एंटिटीज शामिल हैं। इसके जरिए साल 2017-2020 के बीच 5 शेयरों में खेल हुआ है।

इन पांच शेयरों में पंप एंड डंप का खेल

पंप एंड डंप का यह खेल जिन शेयरों में हुआ है उनमे मौरिया उद्योग (Mauria Udyog), विशाल फैब्रिक्स (Vishal Fabrics), 7NR रिटेल (7NR Retail), GBL इंडस्ट्रीज़ (GBL Industries) और दार्जिलिंग रोपवे (Darjeeling Ropeway) शामिल हैं।

क्या है SEBI का फाइनल ऑर्डर?

SEBI के फाइनल ऑर्डर में कहा गया है कि इन शेयरों में गलत तरीके से कमाए गए 144 करोड़ रुपए जब्त किए जाएंगे। स्कैम के मुख्य आरोपी हनीफ शेख पर 7 साल का बैन लगेगा। हनीफ शेख पर 10 करोड़ रुपये की पेनल्टी भी लगेगी। बाकी आरोपियों पर 4 से 6 साल की रोक लगेगी। इन पर सेबी ने 5 लाख से 2 करोड़ की पेनल्टी लगाई है।

पंप एंड डंप का खेल, SEBI ने कैसे किया खुलासा?

मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने हनीफ शेख को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया है। हनीफ शेख के 4 मोबाइल नंबर्स की जांच दौरान यह खुलासा हुआ है। एयरलाइन बुकिंग और होटल रिजर्वेशन के जरिए हनीफ शेख के खिलाफ सबूत जुटाए गए हैं। स्कैम के खुलासे के लिए फूड डिलीवरी एप और कर्मचारियों के रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई। WhatsApp पर हुई बातचीत और पैसों के लेन-देन से भी सबूत इकट्ठा किए गए। मामले की जांच के लिए डोमेन रजिस्ट्रेशन की हिस्ट्री और बल्क SMS गेटवे को भी खंगाला गया। इससे पता चला कि मौरिया उद्योग (Mauria Udyog) के 62 कर्मचारियों ने शेयर बेचे थे। शेयरों में हेरफेर के जरिए मुनाफा कमाने के लिए कई शेल अकाउंट का इस्तेमाल हुआ।

SEBI ने इस मामले का पर्दाफाश करने के लिए बैंक रिकॉर्ड के अलावा भी कई चीजें देखीं। SEBI ने चार ऐसे मोबाइल नंबरों की जांच की जिनके बारे में शक था कि वे हनीफ शेख के हैं,जबकि शेख का दावा था कि वे नंबर उसके कर्मचारियों के हैं,उसके नहीं। SEBI को इस जांच के दौरान इंडिगो फ़्लाइट के ऐसे रिकॉर्ड मिले जिनसे पता चला कि बुकिंग के लिए आरोपी के अपने फोन नंबर और ईमेल का इस्तेमाल किया गया था। इससे उसका यह दावा गलत साबित हो गया कि नंबर किसी कर्मचारी का था।

होटल बुकिंग के रिकॉर्ड का इस्तेमाल घोटाले से जुड़े लोगों के बीच आपसी संबंध साबित करने के लिए किया गया। ज़ोमैटो फ़ूड डिलीवरी डेटा को यह पक्का करने के लिए क्रॉस-चेक किया गया कि असल में कौन सा फोन नंबर कौन इस्तेमाल कर रहा था। वेबसाइट की ओनरशिप का पता लगाने के लिए SEBI ने गोडैडी (GoDaddy)डोमेन रिकॉर्ड,एडमिन लॉगिन हिस्ट्री और मार्केटिंग एजेंसी के इनवॉइस की जांच की ताकि यह पता चल सके कि प्रोमोशनल वेबसाइट्स को असल में कौन कंट्रोल कर रहा था।

बल्क SMS रिकॉर्ड से पता चला कि सिर्फ़ एक स्टॉक के लिए 2.1 करोड़ से ज्यादा मैसेज भेजे गए। सभी पांच स्टॉक्स के लिए 60,000 से ज्यादा अलग-अलग नंबरों को टारगेट किया गया। जांच से पता चला कि हेरफेर वाले समय के दौरान मौरिया उद्योग के 62 कर्मचारियों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर्स ने शेयर बेचे। शेयर की बढ़ी हुई कीमतों से हुआ मुनाफा कई शेल/कंड्यूट अकाउंट्स (फर्जी या बिचौलिया खातों) के जरिए आगे बढ़ाया गया। इस लेयरिंग (पैसे को कई खातों में घुमाने) का मकसद असली फायदा उठाने वालों की पहचान छिपाना था।

क्या होता है पंप एंड डंप का खेल?

शेयर बाजार में निवेश करने वाले हर व्‍यक्ति को इसकी बारीकियों की जानकारी नहीं होती। इनमें से कई निवेशक एक्‍सपर्ट की सलाह के आधार पर किसी शेयर को खरीदते या बेचते हैं। निवेशकों की इसी कमजोरी का फायदा उठाकर पंप एंड डंप का खेल खेला जाता है। सोशल मीडिया इंफ्लूएंशर्स और यूट्यूबर्स भी ऐसे ही फर्जी ज्ञान का फायदा उठाकर निवेशकों को गुमराह करते हैं। मार्केट गुरु बने ऐसे धोखेबाज किसी कंपनी के शेयर को लेकर हाइप बनाते हैं और निवेशकों से उसमें पैसे लगाने की बात करते है।

इन फर्जी गुरुओं का एक कही मंत्र होता है,निवेशकों से पैसे लगवाकर किसी शेयर की कीमत बढ़वाओ और फिर उसे बेचकर निकल लो। वास्तव में ये फर्जी गुरु पहले से ही ऐसी किसी कंपनी का शेयर खरीद लेते हैं और निवेशकों को उसके बारे में अच्‍छी-अच्‍छी बातें बताकर खूब पैसे लगाने के लिए प्रोत्‍साहित करते हैं। जब निवेशक उस शेयर को खरीदना शुरू करते हैं तो जाहिर है कि मांग बढ़ने से एक्‍सचेंज पर उस शेयर की कीमत में भी बड़ा इजाफा हो जाता है। बस यही तो इनका मकसद है और ये फर्जी गुरु तत्‍काल बढ़ी कीमत पर अपने शेयर बेचकर मुनाफा काट लेते हैं। यानी पहले पंप करके शेयर के भाव बढ़ाओ और फिर उसे डंप कर दो।

 

 

Market Insight: 24150 का लेवल पार हुआ तो निफ्टी में 24250-24300 की ओर तेजी मुमकिन, अभी बैंक निफ्टी में शॉर्ट करने से बचें

IT Stocks के दम पर Sensex में 500 अंकों का उछाल, 5 वजहों से Nifty भी 24150 के पार

Share Market Rally: इस वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के दूसरे दिन भी मार्केट में शानदार रौनक है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ी तो कच्चे तेल फिसल गया और मार्केट में रौनक छा गई। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स इंट्रा-डे में 500 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24150 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप आधे-आधे फीसदी मजबूत हुए हैं। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:25 AM पर सेंसेक्स 295.10 प्वाइंट्स यानी 0.38% की बढ़त के साथ 77,217.74 और निफ्टी 50 भी 89.45 प्वाइंट्स यानी 0.37% की बढ़त के साथ 24,095.30 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 526.61 प्वाइंट्स चढ़कर 77,449.25 और निफ्टी 153.60 प्वाइंट्स उछलकर 24,159.45 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: ये है वजह

अमेरिका-ईरान वार्ता

कतर का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत आगे बढ़ी है। यह रास्ता कच्चे तेल के लिए काफी अहम है क्योंकि युद्ध से पहले वैश्विक सप्लाई का पांचवा हिस्सा यहीं से होकर गुजरता था।

कच्चे तेल में गिरावट

लगातार तीसरे दिन कच्चे तेल में गिरावट ने मार्केट में रौनक बिखेरी है। अमेरिका और ईरान के बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर इस पर दबाव बढ़ा। ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक गिरकर प्रति बैरल $71 के नीचे आ गया को यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी 1% से अधिक टूटकर प्रति बैरल $68 के नीचे आ गया।

रुपये की मजबूती

कच्चे तेल की गिरावट से रुपये को सपोर्ट मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह 32 पैसे मजबूत 94.93 के भाव पर खुला।

India VIX में गिरावट

मार्केट को घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट ने मार्केट में अनिश्चितता कम होने का संकेत दिया। फिलहाल यह 3.85% की गिरावट के साथ 12.73 पर है।

आईटी शेयरों की जोरदार खरीदारी

लगातार चार कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद निफ्टी आईटी ने आज जोरदार वापसी की और 3% से अधिक उछल पड़ा। फिलहाल सभी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स ग्रीन हैं लेकिन आईटी और मेटल को छोड़ सभी में 1% से कम तेजी है। निफ्टी मेटल में 1% से अधिक की बढ़त है।

टेक्निकल आउटलुक

जियोजीत इंवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंज जेम्स का कहना है कि अनुमान के मुताबिक कल की बढ़त 24000 के लेवल से आगे नहीं बढ़ पाई, लेकिन हाई VWAP से इसमें आगे तेजी का संकेत मिल रहा है। उनका कहना है कि निफ्टी को शुरुआत में 24170 के लेवल पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है लेकिन इसके 24600 तक पहुंचने की संभावना अधिक है। हालांकि यह बुलिश रुझान तब तक है, जब तक निफ्टी का 23,970 का लेवल बना रहे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CSM Tech IPO Listing: फ्लैट लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट, ₹113 के शेयरों ने दिया बड़ा झटका

CSM Tech IPO Listing: खरीदारी के माहौल में भी गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर को आईटी सर्विसेज देने वाली सीएसएम टेक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फ्लैट एंट्री हुई। इसका आईपीओ ओवरऑल 1.37 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹113 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹113.00 और NSE पर ₹113.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹107.35 (CSM Tech Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 7.48% घाटे में हैं। सेंसेक्स और निफ्टी में आज अच्छी तेजी है।

CSM Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

सीएसएम टेक का ₹146 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24-29 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.02 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.54 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.63 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.82 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,29,01,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹22.63 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹56.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

CSM Tech के बारे में

सीएसएम टेक्नोलॉजीज उन कुछ आईटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स में शुमार हैं जिन्होंने सरकार और प्राइवेट क्वाइंट्स, दोनों के लिए यूनिक प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। यह माइनिंग, एग्रीकल्चर, ट्रेड एडुकेशन, हेल्थकेयर, टूरिज्म और पब्लिक सर्विसेज सेक्टर्स में सॉल्यूशंस ऑफर करती है। 27 साल से यह ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और डिजिटल इंफ्रा तैयार कर रही है और सरकारी एजेंसियों के लिए लॉन्ग-टर्म पार्टनर के तौर पर काम कर रही है। इसका कारोबार देश के बाहर भी फैला हुआ है। भारत, इथियोपिया, केन्या, रवांडा, गाम्बिया, गैबन, यूएसए और कनाडा समेत 12 देशों के बाजार में यह है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹15.82 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में घटकर ₹12.55 करोड़ रह गया और अगले वित्त वर्ष 2025 में थोड़ा रिकवर होकर ₹14.09 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना औसतन 11% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹200.63 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹14.70 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹167.05 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹56.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹88.88 करोड़ पड़े थे।

STT Global Data Centres India के IPO की तैयारी शुरू, $80-$100 करोड़ रह सकता है साइज

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Funds Management IPO: ₹117000 करोड़ वैल्यूएशन पर नजर, 13 जुलाई वाले हफ्ते में हो सकता है लॉन्च

भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट IPO से लगभग 1,17,000 करोड़ रुपये या 12.3 अरब डॉलर की वैल्यूएशन का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी इस महीने यानि कि जुलाई के आखिर में शेयर बाजारों में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चला है, “इनवेस्टर रोडशो (मीटिंग) पूरी हो चुके हैं और जांच-पड़ताल के बाद वैल्यूएशन रेंज तय कर ली गई है। योजना यह है कि SBI फंड्स मैनेजमेंट का IPO 13 जुलाई वाले सप्ताह में लॉन्च हो और लिस्टिंग 22 जुलाई तक हो जाए।”

यह भी कहा जा रहा है कि कहा कि SBI फंड्स मैनेजमेंट प्री-IPO राउंड के जरिए पैसे जुटा सकती है।कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 12 जून का मंजूरी दी थी। SBI फंड्स मैनेजमेंट ने 19 मार्च, 2026 को SEBI के पास अपना DRHP जमा किया था। IPO पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) होगा। इसमें प्रमोटर और मौजूदा निवेशकों की ओर से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। लिहाजा IPO से होने वाली कमाई शेयर बेचने वालों के पास जाएगी।

OFS में प्रमोटर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 12.83 करोड़ शेयर (6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी) और पेरिस स्थित अमुंडी इंडिया होल्डिंग 7.53 करोड़ शेयर (3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी) बेचेगी। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की SBI फंड्स मैनेजमेंट में 61.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी अमुंडी इंडिया होल्डिंग के पास है।

 

STT Global Data Centres India के IPO की तैयारी शुरू, $80-$100 करोड़ रह सकता है साइज

भारत में डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के बीच STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (STT GDC इंडिया) अपना IPO लाना चाहती है। कंपनी इसे अगले साल लॉन्च करने की तैयारी में है। यह बात मनीकंट्रोल को सूत्रों से पता चली है। कंपनी AI-रेडी को-लोकेशन डेटा सेंटर सर्विस देने वाली एक प्रमुख कंपनी है। यह ST टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स और टाटा कम्युनिकेशंस के बीच एक जॉइंट वेंचर है। ST टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर्स के पास 74 प्रतिशत और टाटा कम्युनिकेशंस के पास 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

सूत्रों का कहना है कि STT ग्लोबल डेटा सेंटर्स इंडिया अपने पब्लिक इश्यू के जरिए 80 करोड़ से 1 अरब डॉलर के बीच फंड जुटाने की योजना बना रही है। अभी के लिए इनवेस्टमेंट बैंक एक्सिस कैपिटल और सिटी को एडवाइजर रखा गया है। IPO पर काम शुरू हो गया है। बाद के स्टेज में और एडवाइजर्स को भी शामिल किया जा सकता है।

कितनी वैल्यूएशन पर नजर

कंपनी 6-7 अरब डॉलर के बीच वैल्यूएशन का लक्ष्य रख रही है। हालांकि अभी प्लानिंग शुरुआती दौर में है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। मार्केट की स्थितियों के आधार पर इश्यू का साइज और वैल्यूएशन बदल सकती है।

2030 तक कार्बन-न्यूट्रल डेटा सेंटर ऑपरेशंस का लक्ष्य

STT GDC इंडिया 2030 तक कार्बन-न्यूट्रल डेटा सेंटर ऑपरेशंस का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। कंपनी के पास कई फॉर्च्यून 500 कंपनियों सहित अलग-अलग तरह के कस्टमर हैं। इस साल की शुरुआत में, STT GDC इंडिया ने चेन्नई में अपने चौथे डेटा सेंटर को लॉन्च करने की घोषणा की थी। डेटा सेंटर सेगमेंट में घरेलू लिस्टिंग की तैयारी करने वाली अन्य कंपनियों में सिफी इनफिनिट स्पेस लिमिटेड और योटा डेटा सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

OYO IPO का 75% पैसा कर्ज चुकाने में होगा खर्च! ₹6650 करोड़ के इश्यू को लेकर ये है ओयो का प्लान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : कुछ दिनों की गिरावट के बाद,1 जुलाई को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह वापस 24,000 के स्तर पर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज मूवमेंट का संकेत दिया,लेकिन ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा क्योंकि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ था। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट मिला। अगर बेंचमार्क इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखता है,तो यह 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो 24,500 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ,23,900-23,850 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जानकारों के मुताबिक,पिछले कुछ सेशन में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसक रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,924, 23,888 और 23,829

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,079 और 24,138

डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच पॉजिटिव संकेत देता है। इंडेक्स ने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बने रहते हुए 10-दिन का EMA फिर से हासिल कर लिया। असल में,20-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर जाने वाला है,जो एक पॉजिटिव संकेत है। RSI बढ़कर 55.13 हो गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD हिस्टोग्राम की हरी बार लगातार आठवें सेशन में छोटी हुई,हालांकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बड़ा ट्रेंड पॉज़िटिव है,हालांकि मोमेंटम कम हुआ है,जिससे किसी निर्णायक ब्रेकआउट तक रेंज-बाउंड ट्रेड जारी रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,132, 58,284 और 58,531

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,638, 57,486 और 57,239

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ बुलिश कैंडल बनाने के बाद,यह 0.85 प्रतिशत बढ़कर 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 63.22 पर पहुंच गया,हालांकि यह अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल और जीरो,दोनों लाइनों के ऊपर बना रहा। लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह बात लगातार आठवें सेशन में हिस्टोग्राम के हरे बार के सिकुड़ने से पता चलती है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि अंडरलाइंग ट्रेंड बुलिश बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है। हाल के हाई लेवल से ऊपर लगातार बने रहने पर मजबूत अपवर्ड मोमेंटम फिर से लौट सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में ₹1,140 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,159 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.63 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि, इस वोलैटिलिटी गेज में और गिरावट आने से बुल्स को और राहत मिलेगी। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और कम होती वोलैटिलिटी तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रही है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से बढ़कर 1.13 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

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जेवर एयरपोर्ट से इन 9 नए रूट पर इंडिगो ने फ्लाइट का किया ऐलान, Noida International airport से अब टोटल 15 रूट पर हवाई सेवा

Noida Airport News: राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइंस कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपने नेटवर्क का बड़ा विस्तार करते हुए 9 नए शहरों के लिए उड़ानों की घोषणा की है। इस नए विस्तार के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे तौर पर जुड़ने वाले शहरों की कुल संख्या अब 15 हो जाएगी। एयरलाइन ने बुधवार 1 जुलाई को इन नई सेवाओं की शुरुआत की। इनमें जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, देहरादून, बरेली, किशनगढ़ (अजमेर), पंतनगर और जम्मू शामिल हैं।

एयरलाइन ने 15 जून से नोएडा एयरपोर्ट पर बिजनेस ऑपरेशन शुरू किया था। उद्घाटन उड़ान लखनऊ से नोएडा के बीच संचालित हुई थी। इसके बाद से एयरलाइन बेंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए प्रतिदिन उड़ानें चला रही है। इंडिगो का यह विस्तार केवल उड़ानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। बल्कि इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में तेजी से विकसित होगा। यात्रियों, कारोबार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था सभी को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

नेटवर्क और मजबूत होगा

1 जुलाई से शुरू हुई नई सेवाओं के बाद नोएडा एयरपोर्ट से इंडिगो द्वारा जुड़े शहरों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। इसी दिन से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए भी नोएडा से उड़ान सेवाएं शुरू होंगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो जहां अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट का संचालन करेगी। वहीं, बरेली के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उड़ानें संचालित की जाएंगी। इसके अलावा किशनगढ़ (अजमेर) के लिए मंगलवार, गुरुवार और रविवार को फ्लाइट उपलब्ध रहेगी।

इन नए शहरों के लिए शुरू होंगी उड़ानें

इंडिगो द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, नए जोड़े गए रूटों में देश के कई प्रमुख और पर्यटन शहर शामिल हैं:-

जयपुर, जोधपुर और देहरादून

धर्मशाला, बरेली और किशनगढ़ (अजमेर)

देहरादून, पंतनगर और चंडीगढ़

अधिकांश शहरों के लिए डेली फ्लाइट

इंडिगो अधिकांश नए शहरों के लिए रोजाना उड़ानें संचालित करेगी। हालांकि, बरेली के लिए उड़ानें सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेंगी। जबकि किशनगढ़ (अजमेर) के लिए उड़ानें मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को उपलब्ध होंगी।

10 जुलाई से श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

इंडिगो 10 जुलाई से नोएडा-श्रीनगर के बीच सीधी उड़ान सेवा भी शुरू करेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि फिलहाल नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए उड़ानें चंडीगढ़ के रास्ते संचालित की जा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की भी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस वर्ष के अंत तक कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं तैयार कर लेगा। इसके बाद एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू किए जाने की उम्मीद है।

नई किराया कैटेगरी ‘IndiGo Lite Fare’

इसी बीच इंडिगो ने यात्रियों के लिए ‘IndiGo Lite Fare’ नाम से नई एंट्री-लेवल इकोनॉमी किराया श्रेणी शुरू की है। इसमें केवल केबिन बैगेज शामिल होगा और सीट चयन पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस किराए में फ्री चेक-इन बैगेज शामिल नहीं है। जिन यात्रियों को चेक-इन बैगेज की जरूरत होगी, उन्हें इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा।

अकासा एयर के बाद इंडिगो की बड़ी तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को अकासा एयर (Akasa Air) ने अपनी कमर्शियल उड़ानें शुरू की थीं, जो वर्तमान में मुंबई और बेंगलुरु के लिए सेवाएं दे रही हैं। इसी कड़ी में अब इंडिगो ने भी लखनऊ से नोएडा के बीच अपनी उद्घाटन उड़ान के साथ परिचालन का विस्तार कर दिया है। इसके अलावा कंपनी बेंगलुरु, हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर के लिए भी दैनिक उड़ानें चला रही है।

नवी मुंबई और श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट

एनआईए (NIA) के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि 10 जुलाई से नवी मुंबई के लिए सीधी उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। इसके साथ ही श्रीनगर के लिए भी सीधी हवाई सेवा जल्द शुरू की जाएगी। वर्तमान में एयरलाइन के पास नोएडा-जयपुर-मुंबई रूट का लेओवर (Layover) विकल्प है। जबकि नोएडा से नवी मुंबई और नोएडा से श्रीनगर की उड़ानें चंडीगढ़ होकर रूट की जाएंगी।

इंडिगो के नोएडा एयरपोर्ट से 9 नए रूट शुरू होने के प्रमुख फायदे

यात्रियों को अधिक विकल्प: नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को अब कई शहरों के लिए सीधे या बेहतर कनेक्टिविटी वाली उड़ानें मिलेंगी। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।

समय की बचत: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर के आसपास के लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों घटेंगे।

पर्यटन को बढ़ावा: जयपुर, धर्मशाला, देहरादून, जम्मू और श्रीनगर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन उद्योग को लाभ मिलेगा।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा: नए हवाई संपर्क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और निवेशकों के लिए नोएडा तथा आसपास का क्षेत्र अधिक आकर्षक बनेगा।

रोजगार के अवसर: उड़ानों की संख्या बढ़ने से एयरपोर्ट, एयरलाइन, होटल, टैक्सी और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

क्षेत्रीय विकास: बरेली, पंतनगर और किशनगढ़ जैसे शहरों की हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से उनका आर्थिक और औद्योगिक विकास तेज होगा।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी: कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं शुरू होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट से सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने का रास्ता साफ होगा, जिससे विदेश यात्रा भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।

सस्ती यात्रा का विकल्प: इंडिगो की नई IndiGo Lite Fare योजना के तहत केवल केबिन बैगेज के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को कम किराए में टिकट मिलने की संभावना रहेगी।

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