Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

Advit Jewels IPO Listing: 100% हाथ से गहने बनाने वाली यानी हर पीस मास्टरपीस बनाने वाली अद्वित ज्वेल्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 212 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹187.00 और NSE पर ₹188.90 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 37% का लिस्टिंग गेन (Advit Jewels Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹190.00 (Advit Jewels Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 37.68% मुनाफे में हैं।

Advit Jewels IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अद्वित ज्वैल्स का ₹165 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 174.98 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 536.38 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 95.30 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,19,68,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹65.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और ₹65.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advit Jewels के बारे में

अद्वित ज्वेल्स जयपुर की एक ज्वेलरी कंपनी है जो “Rambhajo” ब्रांड नाम के तहत कुंदन, पोलकी, डायमंड और स्टडेड (रत्न जड़े) जैसे हाथ से बनी बेहतरीन ज्वेलरी बनाने में माहिर है। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है लेकिन खास ऑर्डर पर बनने वाली ज्वेलरी के लिए बी2सी सर्विसेज भी देती है। चूंकि इसकी ज्वेलरी पूरी तरह हाथ से बनाई जाती है, जिससे हर पीस एक मास्टरपीस होता है। वित्त वर्ष 2025 में इसकी कुल कमाई का 81.63% हिस्सा बी2बी सेगमेंट से और 18.37% हिस्सा बी2सी सेगमेंट से आया। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर में है, जो 3डी प्रिंटर और कास्टिंग यूनिट जैसी आधुनिक मशीनों से लैस है। इससे सोना पिघलाने से लेकर पॉलिशिंग और क्वालिटी चेक तक की पूरी प्रक्रिया इन-हाउस यानी कंपनी के अंदर ही पूरी की जा सकती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 56% के CAGR से ₹25.37 करोड़ और रेवेन्यू 63% के सीएजीआर (कंपाउंड एनुअरल ग्रोथ रेट) से बढ़कर ₹124.94 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹25.44 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹123.80 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹64.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹51.64 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 5 स्टॉक्स की लिस्टिंग; Kotak Bank, Advit Jewels और RailTel समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

Stocks to Watch: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच आज गिफ्ट निफ्टी से घरेलू मार्केट में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 19.50 प्वाइंट्स यानी 0.08% की मामूली गिरावट के साथ 23,985.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 30 जून को निफ्टी-बैंक निफ्टी की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 249.70 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 76,478.67 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 80.50 प्वाइंट्स यानी 0.34% की फिसलन के साथ 23,865.75 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: इन स्टॉक्स पर रहेगी नजर

KPIT Technologies

पिछले कुछ हफ्ते में रेवेन्यू में एकाएक गिरावट के चलते केपीआईटी टेक ने जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू के उम्मीद से कमजोर होने के आसार जताए हैं और सालाना आधार पर डॉलर रेवेन्यू में 1% की गिरावट आ सकती है। कंपनी ने तिमाही आधार पर EBITDA मार्जिन में भी गिरावट की आशंका जताई है। हालांकि कंपनी को इस वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में प्रॉफिटेबल ग्रोथ का भरोसा है और मार्च 2027 तिमाही में तिमाही आधार पर अच्छी ग्रोथ दिख सकती है।

Cupid

जून 2026 तिमाही में क्यूपिड को ₹150 करोड़ से अधिक रेवेन्यू की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने इस वित्त वर्ष 2027 के रेवेन्यू आउटलुक में कम से कम 10% बढ़ा दिया है।

Hexagon Nutrition Q4 (Consolidated YoY)

मार्च 2026 तिमाही में हेग्जागन न्यूट्रिशन का कंसालिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर 40.6% बढ़कर ₹10.9 करोड़ और रेवेन्यू 8% उछलकर ₹115 करोड़ पर पहुंच गया।

Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक ने भारत में ड्यूश बैंक के रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस को खरीदने के लिए एक डेफिनिटिव एग्रीमेंट किया है। इस बिजनेस में लगभग ₹29,000 करोड़ के लोन, ₹16,000 करोड़ की डिपॉजिट्स और ₹10,500 करोड़ का AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) शामिल हैं। इसमें 1,000 एंप्लॉयीज काम कर रहे हैं और इसके करीब 1.5 लाख ग्राहक हैं।

RailTel Corporation of India

रेलटेल को महानदी कोलफील्ड्स से 60 महीनों के लिए रेंटल बेसिस पर MPLS VPN नेटवर्क सेटअप करने के लिए ₹107.6 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है।

Tata Communications

जीनियस वोंग ने टाटा कॉम के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट ( कोर और नेक्स्ट-जेन कनेक्टिविटी सर्विसे) और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी इस्तीफा 31 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा। रूपेश चोकशी को 1 अगस्त से एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल बिज़नेस हेड (नेटवर्क सर्विसेज) नियुक्त किया गया है, जबकि विवेक श्रीवास्तव को 17 अगस्त से एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड (क्लाउड और साइबरसिक्योरिटी सर्विसेज) नियुक्त किया गया है।

Rane (Madras)

हिंदुस्तान कम्पोजिट्स के फ्रिक्शन बिजनेस को राणे (मद्रास) खरीद रही है। दोनों के बीच गोइंग कंसर्न के तौर पर स्लम्प सेल के आधार पर ₹370 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर इस लेन-देन के लिए एक एग्रीमेंट हुआ है।

RHI Magnesita India

आरएचआई मैग्नेसाइटा इंडिया के बोर्ड ने पंकज मल्हान को 1 जुलाई, 2026 से कंपनी का एमडी और सीईओ बनाने का ऐलान किया है। बोर्ड ने यह भी ऐलान किया है कि कंपनी के चेयरमैन, एमडी और सीईओ प्रमोद सागर चेयरमैन बने रहेंगे।

SRF

एसआरएफ के शेयरहोल्डर्स ने सालाना आम बैठक में कार्तिक भरत राम को 1 जून, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक के अगले कार्यकाल के लिए जॉइंट एमडी के तौर पर फिर से नियुक्त करने को मंजूरी दी।

बल्क और ब्लॉक डील्स

Genus Power Infrastructures

जीआईसी ग्रुप की सहयोगी कंपनी चिस्विक इन्वेस्टमेंट ने तीन ट्रांजैक्शन के जरिए जीनस पावर के कुल 3.35 करोड़ इक्विटी शेयर (11.03% हिस्सेदारी) बेचे। इनमें से 89.28 लाख शेयर ₹282.15 के भाव, 1.42 करोड़ शेयर ₹282.58 के भाव और 1.03 करोड़ शेयर ₹290 के भाव पर बिके। मार्च 2026 तक इसकी कंपनी में 15.11% हिस्सेदारी थी।

इनमें से बॉयंट अपॉर्चुनिटीज स्ट्रैटेजी और आकाश माणिक भंसाली की कंपनी प्रॉफिटेक्स शेयर्स एंड सिक्योरिटीज ने लगभग ₹130 करोड़ में 44.82-44.82 लाख शेयर खरीदे, जो जीनस पावर में 1.47% हिस्सेदारी के बराबर हैं। जाने-माने निवेशक मधु केला की पत्नी माधुरी मधुसूदन केला ने ₹40 करोड़ में 13.79 लाख शेयर (0.45% हिस्सेदारी खरीदे। इन तीनों ने शेयर प्रति शेयर ₹290 के भाव पर खरीदारी की। इनके अलावा मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग ने प्रति शेयर ₹283.68 के औसत भाव पर ₹40.76 करोड़ में 14.37 लाख शेयर, इरेज ब्रोकिंग सर्विसेज ने ₹286.83 के भाव पर ₹91.48 करोड़ में 31.89 लाख शेयर, D3 स्टॉक विजन ने ₹281.66 के भाव पर ₹44.5 करोड़ में 15.8 लाख शेयर खरीदे।

Indo Tech Transformers

प्रमोटर शिर्डी साई इलेक्ट्रिकल्स ने इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स के प्रति शेयर ₹3,231.23 के भाव पर 68,048 शेयर और ₹3,215.39 के भाव पर 1.31 लाख शेयर बेचे। कुल मिलाकर 1.88% हिस्सेदारी के बराबर शेयरों ₹66.41 करोड़ में बिक्री हुई। सोमवार को भी प्रमोटर ने इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स में 1.88% हिस्सेदारी बेची थी।

Ivalue Infosolutions

360 वन पाइप फंड ने आईवैल्यू इन्फोसोल्यूशन्स के 19.23 लाख शेयर (3.52% हिस्सेदारी) ₹260 प्रति शेयर के भाव पर ₹50 करोड़ में खरीदे। इसके अलावा जाने-माने इन्वेस्टर आशीष कचोलिया की इन्वेस्टमेंट फर्म बंगाल फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट ने प्रति शेयर ₹262.13 के भाव पर आईवैल्यू के 3 लाख शेयर ₹7.86 करोड़ में और खरीदे। वहीं साउथ और साउथ-ईस्ट एशिया पर फोकस करने वाली प्राइवेट इक्विटी फर्म क्रीडोर की सहयोगी कंपनी सुंडरा (मॉरिशस) ने मंगलवार को आईवैल्यू से एग्जिट किया। उसने अपने सभी 56.98 लाख शेयर (10.43% हिस्सेदारी) ₹260.2 के भाव पर ₹148.27 करोड़ में बेच दिए।

Krishna Defence and Allied Industries

प्रमोटर्स पल्लवी अश्विन शाह, अंकुर अश्विन शाह और प्रेयल अंकुर शाह ने कृष्णा डिफेंस के 7 लाख शेयर (4.68% हिस्सेदारी) ₹84.21 करोड़ में बेच दिए। वहीं 360 वन पाइप फंड ने 4.41 लाख शेयर (2.95% हिस्सेदारी) ₹1,203.47 के भाव पर ₹53.15 करोड़ में खरीदे हैं।

Filatex Fashions

प्रमोटर प्रभात सेठिया ने फिलाटेक्स फैशन्स के 7.2 करोड़ शेयर (0.86% हिस्सेदारी) 1.29 करोड़ में प्रति शेयर ₹0.18 के भाव पर बेच दिए। 21 मई, 2026 तक कंपनी में प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 4.85% थी।

Shankara Building Products

प्रमोटर एंटिटी द बालीगंज फैमिली ट्रस्ट ने शंकर बिल्डिंग प्रोडक्ट्स में 4.13% हिस्सेदारी वाले अतिरिक्त 10.02 लाख शेयर ₹12.75 करोड़ रुपये में प्रति शेयर ₹127.25 के भाव पर खरीदे हैं।

Axiscades Technologies

प्रमोटर जुपिटर कैपिटल ने एक्सिसकेड्स टेक्नोलॉजीज के 10 लाख शेयर (2.35% हिस्सेदारी) ₹166.77 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,667.76 के भाव पर बेचे।

Prozone Realty

प्रमोटर एंटिटी एपैक्स ट्रस्ट ने प्रोजोन रियल्टी के 13.02 लाख शेयर (0.85% हिस्सेदारी) ₹5.8 करोड़ में प्रति शेयर ₹44.67 के भाव पर और खरीदा है।

Energy Infrastructure Trust

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर ब्रुकफील्ड कॉर्पोरेशन की सब्सिडियरी रैपिड होल्डिंग्स 2 ने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट की 3.97 करोड़ यूनिट ₹302.13 करोड़ में प्रति यूनिट ₹76.01 के भाव पर बेच दी। इनमें से नियो रियल एसेट यील्ड फंड 39.25 लाख यूनिट ₹29.83 करोड़ में, HDFC सिक्योरिटीज ने 1.31 करोड़ यूनिट ₹99.94 करोड़ में और अरवेस्टा फाइनेंशियल सर्विसेज ने 33 लाख यूनिट ₹25.08 करोड़ में प्रति यूनिट ₹76 के भाव पर खरीदे हैं।

लिस्टिंग

अद्वित ज्वेल्स और वाटरवेज लेजर टूरिज्म के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर आज एंट्री होगी। वहीं श्रीधर स्पिनर्स के शेयरों की एनएसई एसएमई तो जिविल इंडस्ट्रीज और रियासत लाइफस्टाइल की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

आज डीसीएम श्रीराम केमिकल्स और ग्रोवी इंडिया के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Asian Markets Today: एशिया बाजारों में मिला-जुला कारोबार, निक्केई 1% से ज्यादा चढ़ा, कोस्पी 2% गिरा, 40 साल के नए निचले स्तर पर येन

 Asian Market Today: बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान में बढ़त सबसे ज़्यादा रही, जिसमें निक्केई 225 1.79% और टॉपिक्स 1.07% चढ़ा। दक्षिण कोरिया में, कोस्पी 2.29% गिरा जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक 0.42% गिरा।

ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 ज़्यादातर फ्लैट रहा, जो 0.05% नीचे था। इस बीच, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 22,990 पर था, जो 22,881.02 के पिछले क्लोज की तुलना में मज़बूत शुरुआत दिखाता है।

गिफ्ट निफ्टी 23,994 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 16 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए नेगेटिव शुरुआत दिखाता है।

वॉल स्ट्रीट

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट का जून महीना मज़बूती के साथ खत्म हुआ, जिसमें S&P 500 और नैस्डैक ने 2020 के बाद अपनी सबसे बड़ी तिमाही बढ़त दर्ज की, क्योंकि आर्थिक मज़बूती और कॉर्पोरेट कमाई को लेकर निवेशकों की उम्मीद मिडिल ईस्ट संघर्ष से जुड़ी चिंताओं से ज़्यादा थी। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने भी 2022 के बाद अपना सबसे मज़बूत तिमाही प्रदर्शन दर्ज किया।

बड़े इंडेक्स भी दिन में ऊपर बंद हुए, जिसमें डॉव लगातार दूसरे सेशन में रिकॉxर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। S&P 500 सेक्टर में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स ने रैली को लीड किया, जबकि फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 3.9% बढ़ा।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 136.46 पॉइंट्स या 0.26% बढ़कर 52,319.20 पर बंद हुआ। S&P 500 58.93 पॉइंट्स या 0.79% बढ़कर 7,499.36 पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 393.58 पॉइंट्स या 1.52% बढ़कर 26,213.72 पर बंद हुआ।

US-ईरान बातचीत

हाल ही में इन्वेस्टर सेंटिमेंट को इस बढ़ती उम्मीद से सपोर्ट मिला है कि ईरान विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिशें चल रही हैं, भले ही मिलिट्री टेंशन चल रही हो।

17 जून को, ईरान और U.S. ने चार महीने से चल रहे विवाद को खत्म करने के मकसद से एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर साइन किए। हालांकि, वीकेंड में फिर से हुई गोलीबारी ने इस समझौते पर शक पैदा कर दिया है। अनिश्चितता को और बढ़ाते हुए, रॉयटर्स ने एक कतरी अधिकारी के हवाले से कहा कि अभी दोहा में मौजूद US के सीनियर दूतों के ईरानी अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग करने की उम्मीद नहीं है।

जापानी येन में गिरावट

बुधवार को जापानी येन US डॉलर के मुकाबले 40 साल के नए निचले स्तर पर आ गया, जबकि मंगलवार रात को 30-स्टॉक इंडेक्स के पांच साल में पहली छमाही का सबसे अच्छा परफॉर्मेंस देने के बाद डॉव फ्यूचर्स में गिरावट आई।

LSEG डेटा के मुताबिक, येन कमजोर होकर 162.28 प्रति डॉलर पर आ गया, जिससे पिछले सेशन से हो रही गिरावट और बढ़ गई क्योंकि ट्रेडर्स जापानी अधिकारियों के किसी भी संभावित दखल पर नज़र रखे हुए थे।

आज सोने का रेट

नए इकोनॉमिक डेटा के बाद इन्वेस्टर्स ने US मॉनेटरी पॉलिसी के आउटलुक का अंदाज़ा लगाया, जिससे सोना $4,000 प्रति औंस के लेवल से ऊपर ट्रेड कर रहा था। फरवरी के आखिर में ईरान में लड़ाई शुरू होने के बाद से यह कीमती मेटल लगभग 24% गिर गया है, और 200-दिन के मूविंग एवरेज सहित ज़रूरी टेक्निकल सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया है, जिसे आमतौर पर लॉन्ग-टर्म मोमेंटम का गेज माना जाता है।

स्पॉट सोना $4,013.75 प्रति औंस पर लगभग बिना बदले रहा, जबकि चांदी 1.2% बढ़कर $58.98 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी।

कच्चे तेल की कीमतें

बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में तेज़ी आई, जब ऐसी खबरें आईं कि ईरान अमेरिकी दूतों के साथ बातचीत नहीं करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच चार महीने से चल रहे संघर्ष के बाद नाजुक अंतरिम सीज़फ़ायर को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 50 सेंट, या 0.69% बढ़कर $73.45 प्रति बैरल हो गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 63 सेंट, या 0.91% बढ़कर $70.13 प्रति बैरल हो गया।

डॉलर

मंगलवार को अमेरिकी डॉलर मज़बूत हुआ, जिससे जापानी येन 1986 के बाद अपने सबसे कमज़ोर लेवल पर पहुँच गया और इस बात की अटकलें तेज़ हो गईं कि जापानी अधिकारी सीधे बाज़ार में दखल देने वाले हैं।

सेशन के दौरान ग्रीनबैक 162.66 येन के हाई लेवल पर पहुंच गया और आखिरी बार 0.4% बढ़कर 162.59 येन पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज़ दर में एक और बढ़ोतरी की बढ़ती बाज़ार उम्मीदों से डॉलर को सपोर्ट मिला है। फेड के टारगेट से ऊपर लगातार महंगाई, लगातार आर्थिक मजबूती, और सेंट्रल बैंक के नए तिमाही अनुमान—जिसमें दिखाया गया कि 19 पॉलिसीमेकर्स में से नौ को साल के आखिर से पहले रेट में एक और बढ़ोतरी की उम्मीद है—ने करेंसी की मजबूती को और मजबूत किया है।

 

A-1 लिमिटेड बनी ईशान डाइज की प्राइमरी डीलर, 5 महीने में ₹40 करोड़ का कारोबार

लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल केमिकल सप्लाई करने वाली कंपनी A-1 लिमिटेड को ईशान डाइज एंड केमिकल्स लिमिटेड ने अपने सल्फर-बेस्ड इंडस्ट्रियल केमिकल्स का प्राइमरी ऑथराइज्ड डीलर बनाया है। कंपनी का कहना है कि इससे उसका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत होगा और इंडस्ट्रियल केमिकल बाजार में उसकी मौजूदगी बढ़ेगी। फरवरी 2026 से अब तक दोनों कंपनियों के बीच करीब 40 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका है।

कौन-कौन से प्रोडक्ट्स की होगी सप्लाई?

इस डील के तहत A-1 लिमिटेड अब सल्फ्यूरिक एसिड (98% और 70%), ओलियम (23% और 65%) और क्लोरो सल्फोनिक एसिड की सप्लाई करेगी। इन केमिकल्स का इस्तेमाल फर्टिलाइजर, फार्मा, डाइज, पेट्रोकेमिकल्स और वॉटर ट्रीटमेंट जैसे कई सेक्टर में होता है।

कंपनी के मुताबिक, इस साझेदारी से सल्फर-बेस्ड केमिकल्स की बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी। साथ ही, ग्राहकों को समय पर और लगातार सप्लाई मिल सकेगी। A-1 लिमिटेड के पास 100 से ज्यादा गाड़ियों का नेटवर्क है, जिससे वह अपनी सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता को और मजबूत करेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

A-1 लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षदकुमार पटेल ने कहा कि यह नियुक्ति कंपनी के मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भरोसेमंद सेवाओं पर ग्राहकों के विश्वास को दिखाती है। उनके मुताबिक, इससे इंडस्ट्रियल केमिकल्स कारोबार में कंपनी की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही, आने वाले समय में ग्रोथ को भी रफ्तार मिलेगी।

हाल में मिले कई बड़े ऑर्डर

हाल के महीनों में A-1 लिमिटेड को सोलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, महाधन एग्रीटेक लिमिटेड और साईं बाबा पॉलीमर टेक्नोलॉजीज से करीब 35 करोड़ रुपये के सप्लाई ऑर्डर मिले हैं।

इसके अलावा कंपनी ने GNFC और सोलर इंडस्ट्रीज़ इंडिया लिमिटेड के साथ 10,000 मीट्रिक टन नाइट्रिक एसिड की सप्लाई का समझौता किया है। कंपनी को 127.50 करोड़ रुपये का इंडस्ट्रियल यूरिया सप्लाई ऑर्डर भी मिला है।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में भी रखा कदम

A-1 लिमिटेड ने हाल ही में A-1 सुरेजा इंडस्ट्रीज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51% कर ली है। इसके बाद यह कंपनी उसकी सब्सिडियरी बन गई है। इसके साथ ही A-1 लिमिटेड ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कारोबार में भी एंट्री कर ली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की होल्डिंग कंपनी को मिल सकती है ‘डिफॉल्ट’ रेटिंग, कर्ज चुकाने में की देरी : सूत्र

जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की होल्डिंग कंपनी Jana Holdings Limited (JHL) की क्रेडिट रेटिंग घटकर ‘डिफॉल्ट’ कैटेगरी में जा सकती है। CNBC-TV18 को मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इसकी वजह नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) की रकम तय समय पर नहीं चुका पाना है।

NCD भुगतान में हुई देरी

सूत्रों के मुताबिक, JHL ने NCD की भुगतान अवधि 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी है। यानी कंपनी को भुगतान के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मिला है।

बताया जा रहा है कि यह फैसला डिबेंचर-होल्डर्स की सहमति से लिया गया है। इनमें प्रमुख निवेशक TPG Asia VI India Markets Pte भी शामिल है। ऐसे में इसे टेक्निकल डिफॉल्ट माना जा रहा है।

 Jana Holdings को क्यों आई दिक्कत?

सूत्रों के अनुसार, JHL को उम्मीद थी कि वह Jana Small Finance Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचकर NCD का भुगतान कर देगी। लेकिन हिस्सेदारी का समय पर मोनेटाइजेशन नहीं हो पाया, जिससे भुगतान में देरी हुई।

JHL की हिस्सेदारी पहले 44% थी, जो TVS Venu Group को आंशिक हिस्सेदारी बेचने के बाद घटकर करीब 16.95% रह गई है। सूत्रों का कहना है कि अगर रीफाइनेंसिंग की जरूरत पड़ी, तो कंपनी अपनी बची हुई हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा भी बेच सकती है।

Jana Small Finance Bank पर कितना असर?

सूत्रों के मुताबिक, इस घटनाक्रम का Jana Small Finance Bank के कारोबार पर सीधा असर सीमित रहने की उम्मीद है। बैंक को जून 2022 के बाद से JHL की ओर से कोई नई पूंजी नहीं मिली है। फंडिंग के मामले में बैंक स्वतंत्र रूप से काम करता है।

इसके अलावा JHL और बैंक के बोर्ड में कोई साझा प्रतिनिधित्व नहीं है। दोनों के कर्ज भी आपस में जुड़े नहीं हैं। इसलिए होल्डिंग कंपनी की रेटिंग में गिरावट का सीधा वित्तीय असर बैंक पर पड़ने की संभावना कम मानी जा रही है।

हालांकि, अगर JHL आगे अपनी बची हुई हिस्सेदारी भी बेचती है, तो इससे Jana Small Finance Bank के शेयर पर शॉर्ट टर्म में दबाव बन सकता है। फिलहाल इस मामले पर Jana Holdings और Jana Small Finance Bank की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Stocks to Watch: 1 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 9 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Multi Cap vs Flexi Cap: मल्टीकैप या फ्लेक्सी कैप… जानिए कौन-सा म्यूचुअल फंड आपके लिए रहेगा बेहतर?

Multi Cap vs Flexi Cap: जब हम अपनी गाढ़ी कमाई निवेश करने की सोचते हैं, तो चाहते हैं कि पैसा सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न भी मिले। ऐसे निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड काफी लोकप्रिय विकल्प है। लेकिन यहां भी अक्सर लोग मल्टी-कैप (Multi Cap) और फ्लेक्सी-कैप (Flexi Cap) फंड को लेकर उलझ जाते हैं।

नाम सुनने में दोनों एक जैसे लगते हैं, लेकिन निवेश का तरीका और रणनीति अलग है। मनीफ्रंट के को-फाउंडर और CEO मोहित गांग ने आसान शब्दों में समझाया कि दोनों फंड कैसे काम करते हैं और किस तरह के निवेशक के लिए कौन-सा विकल्प बेहतर हो सकता है।

मल्टी-कैप फंड कैसे काम करता है?

मल्टी-कैप फंड को आप ऐसे परिवार की तरह समझ सकते हैं, जहां हर खर्च पहले से तय होता है। SEBI के नियमों के मुताबिक, इस फंड को अपनी कुल रकम का कम से कम 75% शेयर बाजार में निवेश करना होता है।

इसके अलावा फंड मैनेजर को 25% लार्ज-कैप, 25% मिड-कैप और 25% स्मॉल-कैप कंपनियों में निवेश करना ही पड़ता है। बाकी 25% रकम वह अपनी रणनीति के हिसाब से कहीं भी लगा सकता है।

मोहित गांग के मुताबिक, यही इसकी सबसे बड़ी ताकत भी है और सबसे बड़ी सीमा भी। फायदा यह है कि आपका पैसा हर तरह की कंपनियों में बंटा रहता है। लेकिन अगर बाजार में गिरावट आए और स्मॉल-कैप शेयर लगातार कमजोर चल रहे हों, तब भी फंड मैनेजर वहां से पूरा पैसा नहीं निकाल सकता। उसे नियमों के मुताबिक निवेश बनाए रखना पड़ता है। इससे जोखिम बढ़ सकता है।

फ्लेक्सी-कैप फंड में क्या खास है?

फ्लेक्सी-कैप फंड में फंड मैनेजर के पास ज्यादा आजादी होती है। इसे सिर्फ अपनी कुल रकम का कम से कम 65% शेयरों में निवेश करना होता है। इसके बाद वह बाजार की स्थिति के हिसाब से निवेश का फैसला ले सकता है।

अगर उसे लगता है कि आने वाले समय में स्मॉल-कैप कंपनियां बेहतर प्रदर्शन करेंगी, तो वह वहां ज्यादा पैसा लगा सकता है। अगर बाजार में जोखिम बढ़ता दिखे, तो वह निवेश का बड़ा हिस्सा लार्ज-कैप कंपनियों में शिफ्ट कर सकता है। जरूरत पड़ने पर वह स्मॉल-कैप में निवेश शून्य भी कर सकता है।

मोहित गांग का कहना है कि फ्लेक्सी-कैप की सबसे बड़ी ताकत यही लचीलापन है। फंड मैनेजर बाजार के हिसाब से रणनीति बदल सकता है। इससे गिरावट के दौर में जोखिम को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

आपके लिए कौन-सा फंड सही रहेगा?

यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितना जोखिम उठा सकते हैं। मोहित गांग के मुताबिक, अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव से ज्यादा परेशान नहीं होते, तो मल्टी-कैप फंड आपके लिए बेहतर हो सकता है। इसमें मिड और स्मॉल-कैप का हिस्सा तय होने की वजह से लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। हालांकि, इसमें जोखिम भी ज्यादा होता है।

अगर आप चाहते हैं कि बाजार की स्थिति के हिसाब से आपका पोर्टफोलियो बदलता रहे और जोखिम कुछ कम रहे, तो फ्लेक्सी-कैप फंड बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें फंड मैनेजर बाजार के हिसाब से निवेश का अनुपात बदल सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: 1 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 9 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार, 1 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कहीं नए प्रोडक्ट और बड़ी डील का असर दिख सकता है, तो कहीं टैक्स विवाद और जून महीने के बिक्री आंकड़े निवेशकों की नजर में रहेंगे। ऐसे में इन शेयरों में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

KPIT Technologies

टेक्नोलॉजी कंपनी KPIT Technologies ने कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही उम्मीद से कमजोर रह सकती है। कंपनी को रेवेन्यू में सालाना आधार पर करीब 1% की गिरावट का अनुमान है। वहीं EBITDA और नेट मार्जिन भी पिछली तिमाही के मुकाबले घट सकते हैं। हालांकि, कंपनी को दूसरी छमाही में कारोबार में सुधार और चौथी तिमाही में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

L&T Technology Services

इंजीनियरिंग और टेक कंपनी L&T Technology Services ने AI बेस्ड प्लेटफॉर्म Ainfonix 4.0 लॉन्च किया है। इसकी मदद से इंजीनियरिंग डॉक्युमेंट्स और तकनीकी रिकॉर्ड को डिजिटल डेटा में बदला जा सकेगा।

HDFC Life Insurance

लाइफ इंश्योरेंस कंपनी HDFC Life Insurance को GST मामले में झटका लगा है। थाणे के कमिश्नर (अपील) ने ब्याज और जुर्माने समेत 132.7 करोड़ रुपये की GST डिमांड को बरकरार रखा है।

Kotak Mahindra Bank

प्राइवेट सेक्टर के Kotak Mahindra Bank ने Deutsche Bank के साथ डील की है। कोटक इसके तहत बैंक के भारत में रिटेल बैंकिंग, प्राइवेट बैंकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कारोबार को करीब 281.7 करोड़ रुपये में खरीदेगा।

Paras Defence

डिफेंस कंपनी Paras Defence and Space Technologies ने Tandem Defense LLC के साथ Guardian-1 Interceptor तकनीक के लिए IP लाइसेंस एग्रीमेंट किया है।

Prestige Estates Projects

रियल एस्टेट कंपनी Prestige Estates Projects ने मुंबई के मुलुंड में Prestige Forest Hills प्रोजेक्ट का दूसरा चरण लॉन्च किया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू 2,200 करोड़ रुपये है।

Auto Stocks

ऑटो सेक्टर की कंपनियां जून महीने के बिक्री आंकड़े जारी करेंगी। अनुमान है कि पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 26% और दोपहिया वाहनों की बिक्री में 18% की सालाना बढ़ोतरी हो सकती है।

Hexaware Technologies

आईटी कंपनी Hexaware Technologies ने Tensai for Reasoning Ops नाम का नया AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसका मकसद एंटरप्राइज आईटी ऑपरेशंस में एजेंटिक AI का इस्तेमाल बढ़ाना है।

Zaggle Prepaid Ocean Services

फिनटेक कंपनी Zaggle Prepaid Ocean Services ने APAC Financial Services के साथ 5 साल का समझौता किया है। इसके तहत कंपनी अपने एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म की सेवाएं उपलब्ध कराएगी।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC म्यूचुअल फंड के नवनीत मुनोत ने कहा-भारत में अब लोग सेविंग्स की जगह निवेश करने लगे हैं

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के सीईओ नवनती मुनोत ने इंडिया में निवेश की बदलती तस्वीर के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि देश में म्यूचुअल फंड स्टोरी अब सिर्फ मार्केट रिटर्न तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक बड़े बदलाव से गुजर रही है। इसमें परिवार फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए लंबी अवधि का निवेश कर रहे हैं। मनीकंट्रोल म्यूचुअल फंड समिट 2026 में मनीकंट्रोल के मैनेजिंग डायरेक्टर नलिन मेहता से बातचीत में उन्होंने इनवेस्टमेंट को लेकर कई अहम बातें बताईं।

भारत में अब लोग सेविंग्स की जगह निवेश कर रहे हैं

मुनोत ने कहा कि भारत अब ‘सेविंग्स करने वाले लोगों की जगह निवेश करने वाला देश बन रहा है।’ यह सोशल और सांस्कृतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, “यह पहली पीढ़ी है जो अनुशासित तरीके से निवेश कर वित्तीय आजादी हासिल करने की कोशिश कर रही है। मैं इसे इंडिया का 401(K) मूवमेंट कहता हूं।” उनका संकेत अमेरिकी रिटायरमेंट सेविंग्स सिस्टम से था। इसमें इनवेस्टर्स मार्केट लिंक्ड कंट्रिब्यूशन के जरिए लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट वेल्थ क्रिएट करते हैं।

लोग अनुशासित निवेश से खुद की रिटायरमेंट सिक्योरिटी बना रहे 

उन्होंने कहा कि इस तरह (अमेरिका जैसा) के बदलाव की शुरुआत इंडिया में हो रही है। बड़ी संख्या में लोग यह सोचने लगे हैं कि वे नियमित रूप से निवेश के जरिए अपनी खुद की रिटायरमेंट सिक्योरिटी बना सकते है। उनका यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत में म्यूचुअल फंड आम लोगों के सेविंग्स प्लान का प्रमुख हिस्सा बन गया है। इसमें सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और व्यापक वित्तीय जागरूकता का बड़ा हाथ है।

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म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन से बढ़ा है लोगों का भरोसा

मुनोत ने कहा कि इंडस्ट्री (म्यूचुअल फंड) की ग्रोथ सिर्फ डिस्ट्रिब्यूशन की जगह परफॉर्मेंस और ट्रस्ट पर आधारित है। उन्होंने कहा, “इंडस्ट्री ने कड़ी मेहनत की है। मेरा मानना है कि यह ट्रैक रिकॉर्ड है, जिससे निवेशकों का भरोसा कायम हुआ है। इनवेस्टर्स की संख्या 2 करोड़ से 6 करोड़ तक पहुंच गया है। मेरा मानना है कि इस ट्रैक रिकॉर्ड की वजह से बड़ा फर्क आया है।” उन्होंने कहा कि ग्रोथ की संभावनाएं काफी ज्यादा है। भारत में परिवारों की 14 लाख करोड़ डॉलर की बैलेंसशीट में से सिर्फ 6 फीसदी का निवेश अभी शेयरों में है।

Multibagger Stocks: रामदेव अग्रवाल ने बताया अच्छे स्टॉक खरीदने का फॉर्मूला, इन 10 बातों से होगी पहचान

Multibagger Stocks: शेयर बाजार में सफल निवेश सिर्फ शेयर की कीमत या बाजार की चाल देखने से नहीं होता। अनुभवी निवेशकों का मानना है कि किसी कंपनी की असली ताकत उसके फाइनेंशियल नतीजों में छिपी होती है।

Motilal Oswal Group के चेयरमैन और दिग्गज निवेशक रामदेव अग्रवाल ने The Alpha Bets में ऐसे 10 फाइनेंशियल इंडिकेटर के बारे में बताया है, जिन्हें देखकर निवेशक किसी कंपनी की मजबूती का बेहतर आकलन कर सकते हैं। इससे मल्टीबैगर स्टॉक्स मिलने की संभावना भी बेहतर हो जाती है।

1. मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी

सिर्फ बिक्री बढ़ना काफी नहीं है। कंपनी का मुनाफा भी लगातार बढ़ना चाहिए। इससे पता चलता है कि कंपनी खर्च पर नियंत्रण रखते हुए बेहतर कमाई कर रही है।

2. कम कर्ज

कर्ज से कारोबार बढ़ सकता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा कर्ज जोखिम बढ़ा देता है। कम कर्ज वाली कंपनियां मुश्किल समय में भी बेहतर स्थिति में रहती हैं।

3. मजबूत ऑपरेटिंग कैश फ्लो

ऑपरेटिंग कैश फ्लो बताता है कि कंपनी अपने रोजमर्रा के कारोबार से कितना नकद कमा रही है। इसे मुनाफे के मुकाबले ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें हेरफेर करना आसान नहीं होता।

4. लगातार बढ़ता रेवेन्यू

रेवेन्यू यानी कंपनी की बिक्री से होने वाली कमाई। अगर किसी कंपनी का रेवेन्यू कई साल तक लगातार बढ़ रहा है, तो यह अच्छी बात मानी जाती है। इससे पता चलता है कि उसके प्रोडक्ट या सर्विस की मांग बनी हुई है।

5. ऊंचा ROE

रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) बताता है कि कंपनी शेयरधारकों के पैसे का कितना बेहतर इस्तेमाल कर रही है। ऊंचा ROE मजबूत मैनेजमेंट और बेहतर बिजनेस का संकेत माना जाता है।

6. बढ़ता प्रॉफिट मार्जिन

मार्जिन बताता है कि हर रुपये की बिक्री में से कंपनी के पास कितना मुनाफा बच रहा है। अगर मार्जिन बढ़ रहा है, तो इसका मतलब कंपनी पहले से ज्यादा कुशल तरीके से काम कर रही है।

7. मजबूत फ्री कैश फ्लो

फ्री कैश फ्लो वह रकम होती है, जो सभी खर्च और निवेश के बाद कंपनी के पास बचती है। इससे कंपनी विस्तार, डिविडेंड, कर्ज चुकाने या नए निवेश जैसे फैसले आसानी से ले सकती है।

8. प्रमोटर्स की मजबूत हिस्सेदारी

अगर प्रमोटर्स लंबे समय तक अपनी हिस्सेदारी बनाए रखते हैं, तो यह कंपनी के भविष्य पर उनके भरोसे का संकेत माना जाता है। हालांकि, अगर उनकी हिस्सेदारी लगातार घट रही हो, तो निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।

9. पूंजी का सही इस्तेमाल

अच्छी कंपनी सिर्फ मुनाफा नहीं कमाती, बल्कि उस मुनाफे का सही इस्तेमाल भी करती है। बेहतर मैनेजमेंट पूंजी को सही जगह निवेश करता है, कर्ज संभालता है और जरूरत पड़ने पर शेयरधारकों को भी फायदा पहुंचाता है।

10. लगातार बढ़ती कमाई

बेहतरीन कंपनियां सिर्फ अच्छे समय में नहीं, बल्कि मुश्किल दौर में भी कमाई बढ़ाने की क्षमता रखती हैं। लगातार बढ़ती आय मजबूत बिजनेस मॉडल और प्रतिस्पर्धी बढ़त का संकेत देती है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।