PB Fintech का शेयर बाजार खुलते ही क्रैश, ब्लॉक डील के बाद बढ़ा बिकवाली का दबाव

पीबी फिनटेक का शेयर 3 जुलाई को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। कंपनी के शेयरों में एक बड़ी ब्लॉक डील हुई। कंपनी के 2.3 फीसदी शेयरों की बिक्री करीब 1,741 करोड़ रुपये में हुई। इसके बाद शेयरों पर बड़ा दबाव दिखा। 10 बजे शेयर 7.31 फीसदी गिरकर 1,563.50 रुपये पर चल रहा था। पहले खबर आई थी कि सिंगापुर की सॉवरेन इनवेस्टमेंट फर्म टेमासेक होल्डिंग्स पीबी फिनटेक में अपनी हिस्सेदारी घटाना चाहती है।

इस साल अब तक 14 फीसदी गिर चुका है शेयर 

PB Fintech का शेयर इस साल अब तक करीब 14 फीसदी गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी में 7 फीसदी गिरावट आई है। पीबी फिनटेक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 72,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक, ब्लॉक डील में 1.08 शेयरों का ट्रांजेक्शन प्रति शेयर 1,601 रुपये के रेट पर हुआ है। यह 2 जुलाई को शेयर के 1,682.10 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से करीब 4.8 रुपये का डिस्काउंट है।

अभी खरीदार और बेचने वाले की जानकारी उपलब्ध नहीं

स्टॉक एक्सचेंजों पर अभी शेयर खरीदने वाले और बेचने वाले की जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह ट्रांजेक्शन 2 जुलाई को आई खबरों के मुताबिक है। खबरों में कहा गया है था कि टेमासेक होल्डिंग्स अपनी एक सब्सिडियरी के जरिए पीबी फिनेटक के 1.19 करोड़ शेयर बेचना चाहती है। यह पीबी फिनेटक में 2.6 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। खबरों में प्रति शेयर करीब 1,909 रुपये की कीमत पर ब्लॉक डील होने का अनुमान जताया गया था।

बीते कुछ महीनों में कई बड़े शेयरहोल्डर्स ने बेची हिस्सेदारी

इस ट्रांजेक्शन से पहले टेमासेक होल्डिंग्स की सब्सिडियरी MacRitchie Investments की PB Fintech में 6.47 फीसदी हिस्सेदारी थी। सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया को इस डील का एकलौता प्लेसमेंट एजेंट बताया गया था। बताया गया था कि इस डील के बाद टेमासेक पर अपनी बाकी हिस्सेदारी बेचने के लिए 60 दिन का लॉक-अप लागू होगा। बीते कुछ महीनों में पीबी फिनटेक में कई बड़े शेयरहोल्डर्स ने हिस्सेदारी बेची है।

मई में दहिया और बंसल ने भी बेचे थे कंपनी के शेयर

इस साल मई में पीबी फिनेटक के को-फाउंडर्स यशीश दहिया और आलोक बंसल ने करीब 38 लाख शेयर बेचे थे। यह कंपनी में करीब 0.8 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर था। यह ट्रांजेक्शन 654 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील के जरिए हुआ था। मई में ही चीन की टेक्नलोजी कंपनी Tencent ने पीबी फिनटेक में अपनी बाकी 1.05 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी थी।

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लगातार तीसरे दिन शेयर बाजारों में तेजी

3 जुलाई को शेयर बाजारों में अच्छी तेजी दिखी। 10:20 बजे निफ्टी 0.68 फीसदी यानी 165 अंक चढ़कर 24,342 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.65 फीसदी यानी 506 अंक के उछाल के साथ 78,000 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.23 फीसदी की तेजी दिखी। आज बाजार में अच्छी तेजी का लगातार तीसरा दिन है।

Silver Price Today: आज क्या है चांदी कीमत? दिल्ली, मुंबई समेत जानें अपने शहर का रेट

Silver Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चल रही उतार-चढ़ाव की स्थिति का सीधा असर चांदी की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हर दिन कीमतों में हल्का बदलाव हो रहा है, जिससे निवेशकों से लेकर आम खरीदारों तक सभी की नजरें लगातार चांदी के रेट पर टिकी हुई हैं। आज बाजार खुलने से पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 0.2% बढ़कर यानी 455 रुपये की तेजी के साथ 2,29,691 रुपये प्रति किलो पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,29,236 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था। वहीं, इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक शुक्रवार सुबह तक चांदी का भाव 2,28,850 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया, जबकि गुडरिटर्न्स के अनुसार यह बढ़कर 2,45,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

दूसरी ओर, दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत टैक्स समेत बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर हाजिर चांदी भी उछलकर 59.89 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है।

ऐसे में चांदी की कीमतों में लगातार हो रहे इस बदलाव के बीच अगर आप गहने खरीदने या निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने शहर के ताजा रेट जानना बेहद जरूरी हो जाता है।

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी100 ग्राम चांदी1 किलो चांदी
दिल्ली₹2450₹24500₹245000
मुंबई₹2450₹24500₹245000
कोलकाता₹2450₹24500₹245000
चेन्नई₹2500₹25000₹250000
पटना₹2450₹24500₹245000
लखनऊ₹2450₹24500₹245000
मेरठ₹2450₹24500₹245000
अयोध्या₹2450₹24500₹245000
कानपुर₹2450₹24500₹245000
गाजियाबाद₹2450₹24500₹245000
नोएडा₹2450₹24500₹245000
गुरुग्राम₹2450₹24500₹245000
चंडीगढ़₹2450₹24500₹245000
जयपुर₹2450₹24500₹245000
लुधियाना₹2450₹24500₹245000
गुवाहाटी₹2450₹24500₹245000
जलगांव₹2450₹24500₹245000
इंदौर₹2450₹24500₹245000

पिछले दिन क्या रही चांदी की कीमत

गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। इस दौरान चांदी के भाव में 5,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर पहुंच गई। इससे पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी करीब 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ बढ़कर 59.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

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Kusumgar IPO: 8 जुलाई को खुलेगा ₹650 करोड़ का IPO, प्रमोटर OFS के जरिए बेचेंगे हिस्सेदारी

Kusumgar IPO: मुंबई की सिंथेटिक फैब्रिक बनाने वाली कंपनी Kusumgar का 650 करोड़ रुपये का IPO 8 जुलाई को निवेशकों के लिए खुलेगा। जुलाई महीने में खुलने वाला यह दूसरा IPO होगा। इससे पहले Knack Packaging का IPO 3 जुलाई को बंद होगा।

कब खुलेगा IPO और कब होगी लिस्टिंग?

IPO का एंकर बुक 7 जुलाई को खुलेगा। रिटेल इनवेस्टर 8 जुलाई से 10 जुलाई के बीच Kusumgar IPO में पैसे लगा सकेंगे। शेयरों के अलॉटमेंट को 13 जुलाई तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयर 15 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं।

कंपनी को नहीं मिलेगा IPO का पैसा

यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी इसमें कोई फ्रेश इश्यू नहीं है। इसका मतलब है कि IPO से मिलने वाला पूरा पैसा शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगा। कंपनी के पास इस इश्यू से कोई पैसा नहीं आएगा।

IPO के जरिए कंपनी के प्रमोटर सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर, उनकी पत्नी सपना सिद्धार्थ कुसुमगर और Siddharth Yogesh Kusumgar HUF अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। कंपनी के मुताबिक, IPO लाने का मकसद ऑफर फॉर सेल पूरा करना और कंपनी के शेयरों को शेयर बाजार में लिस्ट कराना है।

क्या काम करती है Kusumgar?

Kusumgar इंजीनियर्ड फैब्रिक और उससे जुड़े सॉल्यूशन तैयार करती है। कंपनी पॉलीअमाइड, पॉलिएस्टर फिलामेंट और पॉलीयूरेथेन आधारित फैब्रिक बनाती है। इसके प्रोडक्ट एयरोस्पेस और डिफेंस, इंडस्ट्रियल, ऑटोमोबाइल, आउटडोर और लाइफस्टाइल जैसे कई सेक्टर में इस्तेमाल होते हैं।

कंपनी का कारोबार कैसा है?

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा। कंपनी का मुनाफा 12.3% घटकर 98.2 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, रेवेन्यू 11.2% गिरकर 692 करोड़ रुपये पर आ गया।

हालांकि, इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया था। उस दौरान मुनाफा 32.7% बढ़कर 112 करोड़ रुपये पहुंच गया था। वहीं, रेवेन्यू 66.5% बढ़कर 779 करोड़ रुपये हो गया था। यानी पिछले दो वित्त वर्षों में कंपनी के कारोबार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

कौन संभाल रहा है IPO?

Kusumgar ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए 3.5 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर आरक्षित रखे हैं। इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) Axis Capital, IIFL Capital Services और Motilal Oswal Investment Advisors हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PNB Q1 Update: सरकारी बैंक का ग्लोबल बिजनेस 10% बढ़ा, डिपॉजिट और लोन में भी उछाल

PNB Q1 Update: सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने गुरुवार (2 जुलाई) को जून तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया। बैंक का ग्लोबल बिजनेस 30 जून 2026 तक सालाना आधार पर 10.32% बढ़कर 29,99,876 करोड़ रुपये पहुंच गया। बैंक ने कहा कि यह बढ़ोतरी डिपॉजिट और एडवांस (लोन) में लगातार ग्रोथ से हुई है।

डिपॉजिट और लोन दोनों में बढ़ोतरी

30 जून 2026 तक बैंक का ग्लोबल डिपॉजिट 16,70,180 करोड़ रुपये रहा। वहीं, ग्लोबल एडवांस बढ़कर 12,05,763 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। घरेलू कारोबार की बात करें तो डोमेस्टिक डिपॉजिट 12,75,036 करोड़ रुपये और डोमेस्टिक एडवांस 11,92,950 करोड़ रुपये रहा।

घरेलू कारोबार भी बढ़ा

बैंक का डोमेस्टिक बिजनेस बढ़कर 28,75,943 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, ग्लोबल क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेश्यो 30 जून 2026 तक 73.92% रहा।

मार्च 2026 के मुकाबले भी बैंक का कारोबार बढ़ा है। इस दौरान ग्लोबल बिजनेस में 1.02% और डोमेस्टिक बिजनेस में 1.19% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, ग्लोबल डिपॉजिट और एडवांस क्रमशः 1.28% और 1.31% बढ़े।

सालाना आधार पर कैसी रही ग्रोथ?

एक साल पहले की तुलना में डोमेस्टिक डिपॉजिट में 12.85% और डोमेस्टिक एडवांस में 11.74% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, बैंक ने कहा कि ये आंकड़े अस्थायी (Provisional) हैं। स्टैच्यूटरी सेंट्रल ऑडिटर्स के रिव्यू के बाद इनमें बदलाव हो सकता है।

किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?

पिछले महीने PNB के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO अशोक चंद्र ने कहा था कि बैंक आगे भी रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME (RAM) लोन पर खास ध्यान देगा। इसके साथ ही CASA (करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट बढ़ाने, डिजिटलीकरण और ग्राहक सेवा पर भी फोकस रहेगा।

उन्होंने कहा कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर मजबूत बैलेंस शीट और पर्याप्त पूंजी के दम पर देश की बढ़ती कर्ज जरूरतों को पूरा करने की अच्छी स्थिति में है।

RAM पोर्टफोलियो और CASA में सुधार

31 मार्च 2026 तक बैंक का RAM (Retail, Agriculture and MSME) पोर्टफोलियो बढ़कर 6.76 लाख करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 6.03 लाख करोड़ रुपये था। यानी इसमें 12% की बढ़ोतरी हुई। घरेलू एडवांस में RAM सेगमेंट की हिस्सेदारी 56.6% रही।

वहीं, CASA रेश्यो 31 मार्च 2026 तक 37% था। बैंक के करंट अकाउंट डिपॉजिट 79,294 करोड़ रुपये और सेविंग अकाउंट डिपॉजिट 5.30 लाख करोड़ रुपये रहे।

शाखाओं का विस्तार जारी रहेगा

अशोक चंद्र ने कहा कि बैंक आने वाले समय में भी अपनी शाखाओं का विस्तार जारी रखेगा। ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देना बैंक की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि PNB विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में भी अपनी अहम भूमिका निभाएगा। फिलहाल देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक PNB के पास 10,324 शाखाओं का नेटवर्क है।

गुरुवार को PNB का शेयर 0.51% की गिरावट के साथ 106.95 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 14.75% गिरा है।

Adani Enterprises QIP: अदाणी एंटरप्राइजेज ने लॉन्च किया QIP, 3034 रुपये का फ्लोर प्राइस तय

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: सोना ₹3000 उछला, ₹5000 महंगी हुई चांदी; कमजोर डॉलर से बढ़ी मांग

Gold Price Today: अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और वैश्विक बाजार में मजबूती के चलते गुरुवार को सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना 3,000 रुपये बढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे एक दिन पहले यह 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में चांदी 5,000 रुपये महंगी होकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। पिछले सत्र में इसका भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।

क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?

कारोबारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने की मांग बढ़ी है। वहीं, औद्योगिक और निवेश मांग मजबूत रहने से चांदी की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के उम्मीद से कम सख्त रुख के बाद ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी की आशंकाएं कम हुईं। इससे सोने को समर्थन मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 38.75 डॉलर (करीब 1%) बढ़कर 4,070.04 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.3% चढ़कर 59.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

Mirae Asset Sharekhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी आने से सोना मजबूत हुआ है। उनके मुताबिक, जापानी येन में मजबूती और बैंक ऑफ जापान के हस्तक्षेप की खबरों से डॉलर पर दबाव बना।

उन्होंने कहा कि जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राएं रखने वाले निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है। इससे वैश्विक मांग बढ़ती है और कीमतों को समर्थन मिलता है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

बाजार की नजर अब अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (Non-Farm Payrolls) आंकड़ों पर है। Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, यह रिपोर्ट अमेरिकी श्रम बाजार की स्थिति और फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति के संकेत दे सकती है।

एनालिस्टों का मानना है कि इन आंकड़ों के बाद सोना, चांदी और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, World Gold Council का कहना है कि साल 2026 की दूसरी छमाही सोने के लिए अहम रह सकती है। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे भी सोने की कीमतों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

क्या सोना बेचकर शेयर खरीदने का समय आ गया? एक्सपर्ट रोहित श्रीवास्तव ने निफ्टी और बैंक निफ्टी पर कर दी बड़ी भविष्यवाणी

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Petrol Diesel Price: क्या सस्ते होने वाले हैं पेट्रोल-डीजल? पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का आया बड़ा बयान

Petrol Diesel Price Cut: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के बाद देश भर में पेट्रोल और डीजल के दाम घटने की अटकलें तेज हो गई हैं। कच्चा तेल अब पश्चिम एशिया विवाद के शुरू होने से पहले के स्तर पर वापस आ चुका है।

इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश में तेल की कीमतें घटने की संभावनाओं पर सरकार का रुख साफ किया है। उन्होंने बताया कि अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह स्थिर बने रहते हैं, तो सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी। आइए समझते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कितना सस्ता हुआ है और आपकी जेब को इसका फायदा कब से मिलेगा।

कच्चा तेल $120 से गिरकर $70 पर आया, फिर भी क्यों नहीं घटे दाम?

पश्चिम एशिया में तनाव के दौरान जब होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया था, तब ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं। लेकिन हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म करने के लिए हुए एक समझौते के बाद कच्चे तेल के दाम वापस 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गए हैं।

इसके बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें तुरंत न घटने के पीछे पेट्रोलियम मंत्री ने दो मुख्य कारण बताए हैं:

पुराने महंगे स्टॉक की प्रोसेसिंग: तेल विपणन कंपनियां अभी भी उस कच्चे तेल को प्रोसेस कर रही हैं, जिसे पश्चिम एशिया संकट के चरम पर महंगे दामों में खरीदा गया था।

पहले का भारी नुकसान: इस विवाद के दौरान आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए कंपनियों ने लागत से कम कीमत पर ईंधन बेचा, जिससे 30 जून तक कंपनियों को ₹74781 करोड़ का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

प्राइवेट कंपनी ने घटाईं कीमतें: राहत की शुरुआत?

सरकारी तेल कंपनियों द्वारा समीक्षा किए जाने से पहले ही निजी क्षेत्र की दिग्गज तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने आम जनता को राहत देने की शुरुआत कर दी है। नायरा एनर्जी ने अपने 7000 से अधिक फ्यूल स्टेशनों के नेटवर्क पर पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें $70 के आसपास स्थिर रहीं, तो जल्द ही सरकारी तेल कंपनियां भी बड़ी राहत दे सकती हैं।

क्या इस समय सोना-चांदी में इन्वेस्टमेंट खतरनाक? दिग्गज फंड मैनेजर एस नरेन की इस सलाह से चौंके निवेशक, बताया कमाई का सही फॉर्मूला

क्या सोना बेचकर शेयर खरीदने का समय आ गया? एक्सपर्ट रोहित श्रीवास्तव ने निफ्टी और बैंक निफ्टी पर कर दी बड़ी भविष्यवाणी

शेयर बाजारों के सेंटीमेंट में पॉजिटिव बदलाव दिख रहा है। बीते करीब दो सालों में शेयर बाजार का रिटर्न अच्छा नहीं रहा है। पहले हाई वैल्यूएशन बड़ा चैलेंज था। इससे विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में बड़ी बिकवाली की। वैल्यूएशन अब घटा है। उधर, मध्यपूर्व में तनाव कम हुआ है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। इसका पाॉजिटिव असर शेयर बाजारों पर दिख रहा है। सीएनबीसी-टीवी18 ने निवेश और शेयर बाजार के आउटुलक के बारे में जानने के लिए इंडियाचार्ट्स के फाउंडर रोहित श्रीवास्तव के साथ बातचीत की।

बाजार नई तेजी के शुरुआती चरण में

श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार कई वैश्विक और भू-राजनीतिक झटकों के बाद अब एक नए अपट्रेंड के शुरुआती चरण में है। बाजार पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का असर पहले ही पड़ चुका है। उन्होंने कहा कि टेक्निकल चार्ट्स पर ‘हायर लो’ (Higher Lows) का बनना यह दर्शाता है कि बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हो रहा है। बाजारों में इस तेजी के जारी रहने की संभावना है। निफ्टी 24,300 के लेवल को तोड़ने के बाद ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाएगा। बैंक निफ्टी के भी 63,000 पर पहुंच जाने की उम्मीद है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स की तेजी में बड़ी भूमिका

उन्होंने कहा कि मार्केट में अगले चरण की रैली में बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स का बड़ा योगदान होगा। यह सेक्टर आने वाले समय में स्टार परफॉर्मर बन सकता है। अगर आगे इंटरेस्ट रेट में कमी देखने को मिलती है तो इससे बैंकिंग सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा। रुपये में स्थिरता भी बैंकिंग सेक्टर के लिए पॉजिटिव है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी पर लगाम लगी है। उधर,

रियल एस्टेट, एनर्जी, मेटल्स और पावर सेक्टर्स का आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है। इन सेक्टर्स में लॉन्ग टर्म के लिए अच्छा मोमेंटम दिख रहा है और निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी के मौके ढूंढने चाहिए।

सोने की जगह यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का समय

श्रीवास्तव ने कहा कि सोने और चांदी में शॉर्ट-टर्म मोमेंटम इंडिकेटर्स ओवरबॉट (overbought) की स्थिति का संकेत दे रहे हैं। इससे निकट अवधि में मुनाफावसूली दिख सकती है। उन्होंने कहा कि यह समय कीमती धातुओं (precious metals) पर फोकस थोड़ा कम कर शेयरों पर बढ़ाने का है। इसकी वजह यह है कि इक्विटी अब एक नए ‘गोल्ड’ के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आईटी सेक्टर में कमजोरी जारी रहने का अनुमान जताया। इसका मतलब है कि निवेशकों को लार्जकैप आईटी शेयरों से दूर रहना चाहिए। इसके अलावा एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर को लेकर भी सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है।

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शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन शानदार तेजी

शेयर बाजार में 2 अप्रैल को लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 169 अंक चढ़कर 24,175 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.75 फीसदी यानी 579 अंक के उछाल के साथ 77,502 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी नाममात्र की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ।

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Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 3 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 2 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,150 के ऊपर रहा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 579.48 अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर और निफ्टी 169.85 अंक या 0.71 प्रतिशत बढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ। लगभग 2436 शेयरों में बढ़त हुई, 1663 शेयरों में गिरावट आई और 165 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में इन्फोसिस,टीसीएस,टेक महिंद्रा,एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर,एलएंडटी,नेस्ले,एक्सिस बैंक और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो,आईटी इंडेक्स में लगभग 5% की तेजी आई,जिससे इसका लगातार 4 दिनों का गिरावट का सिलसिला टूट गया। ऑटो,रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर,कैपिटल गुड्स,पावर,टेलीकॉम और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.4-0.7% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज के आस-पास तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें गिरीं,जबकि फेड चेयर के नरम रुख वाले बयानों से महंगाई कम होने और ग्लोबल स्तर पर ब्याज दरों के अनुकूल माहौल की उम्मीदें मजबूत हुईं।

भारत-जापान समिट को लेकर बनी उम्मीदों से भी बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों को व्यापार,रक्षा,सेमीकंडक्टर,AI सहयोग,प्रस्तावित रुपया-येन सेटलमेंट फ्रेमवर्क और दोनों देशों के बीच बढ़ते कैपिटल फ्लो पर समझौतों की उम्मीद है।

सेक्टर के हिसाब से IT सेक्टर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इस सेक्टर को शॉर्ट कवरिंग का सपोर्ट मिला। यह भी माना जा रहा है कि भारतीय IT कंपनियां एंटरप्राइज AI को अपनाने में अहम भूमिका निभाती रहेंगी। इसके चलते इस सेक्टर में तेजीआई। आगे चलकर,बाजार की दिशा तय करने में US नॉन-फार्म पेरोल डेटा,भारत-जापान समिट से जुड़ी खबरों और Q1FY27 के आने वाले नतीजों की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि निफ्टी ने हाल के कंसोलिडेशन से बाहर निकलकर बढ़त दिखाई है,जो मार्केट के बेहतर होते सेंटीमेंट का संकेत है। इसके अलावा,इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है,जिससे पॉजिटिव ट्रेंड को और मजबूती मिल रही है। मोमेंटम ऑसिलेटर RSI भी अपनी गिरती ट्रेंडलाइन से ऊपर निकल गया है,जो मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है।

आने वाले समय में ट्रेंड के पॉजिटिव रहने की उम्मीद है और इंडेक्स के 24,300–24,500 के लेवल तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ,24,000 पर तत्काल सपोर्ट है। अगर यह लेवल टूटता है तो इंडेक्स वापस कंसोलिडेशन के दौर में जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

एलकेपी सिक्योरिटीज में तकनीकी विश्लेषक, वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी एक तय दायरे में बना हुआ है और साथ ही इसमें तेजी का रुख भी दिख रहा है। सपोर्ट लेवल का धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ना इसकी मजबूती को दिखाता है,हालांकि अपट्रेंड के अगले चरण की पुष्टि के लिए 58,600 के स्तर से ऊपर मजबूत ब्रेकआउट की जरूरत है। तब तक,इंडेक्स में एक सीमित दायरे में ही कारोबार होने की संभावना है।

RSI पॉजिटिव जोन में सपाट हो गया है,जो तेजी का रुख बनाए रखते हुए मोमेंटम में ठहराव का संकेत देता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 57,500 और 57,200 पर है। जबकि रेजिस्टेंस 58,600 पर दिख रहा है। गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफ़िट बुकिंग की रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा।

 

 

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Nifty 50 के 20 साल के रिटर्न महा-कैलकुलेशन: मंदी, क्रैश और महामारी झेलने के बाद भी मिला इतना बंपर रिटर्न, आंकड़े देख चौंक जाएंगे आप

Nifty 50 Long Term Investment Returns: शेयर बाजार के हालिया उतार-चढ़ाव और निफ्टी 50 के पिछले एक साल के -5.56 प्रतिशत के नेगेटिव रिटर्न को देखकर कई निवेशक असमंजस में हैं। वे सोच रहे हैं कि क्या वाकई लंबी अवधि में शेयर बाजार से तगड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है?

इस सवाल का जवाब जानने के लिए फंड्सइंडिया ने साल 2000 से 2025 तक के निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स (Nifty 50 TRI) के रोलिंग रिटर्न का एक ऐतिहासिक विश्लेषण किया है। इस डेटा से एक बात बिल्कुल साफ हो गई है कि, आप बाजार में जितने लंबे समय तक टिके रहेंगे, आपका मुनाफा उतना ही पक्का और शानदार होगा। आइए समझते हैं कि 20 साल तक निवेशित इंवेसटेड रहने पर निफ्टी ने कैसा जादुई रिटर्न दिया है।

20 साल तक बाजार में टिके रहने का जादू

अगर आपने निफ्टी 50 में पूरे 20 साल के लिए पैसा लगाया होता, तो रिटर्न के आंकड़े बेहद हैरान करने वाले और राहत देने वाले हैं:

बाजार के बड़े झटके भी रहे बेअसर: इस 20 साल की अवधि में वे निवेशक भी शामिल थे जिन्होंने साल 2000 का डॉट-कॉम क्रैश, 2008 का वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड-19 महामारी जैसी भयंकर गिरावटों को झेला था।

औसत रिटर्न 14% रहा: इतनी बड़ी-बड़ी ऐतिहासिक गिरावटों के बावजूद, 20 साल की अवधि में निफ्टी 50 का औसत सालाना रिटर्न 14 प्रतिशत रहा।

अधिकतम और न्यूनतम रिटर्न: इस दौरान निवेशकों को मिलने वाला सबसे बेहतरीन रिटर्न 16 प्रतिशत और सबसे खराब रिटर्न भी 11 प्रतिशत सालाना रहा।

इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपने सबसे खराब समय पर भी बाजार में एंट्री ली होती और 20 साल तक टिके रहते, तो भी आपको हर साल कम से कम 11% का रिटर्न आराम से मिलता। यानी सही समय पर एंट्री करने से ज्यादा जरूरी बाजार में टिके रहना है।

शॉर्ट-टर्म बनाम लॉन्ग-टर्म: होल्डिंग पीरियड का बड़ा खेल

शॉर्ट-टर्म में आपकी एंट्री का समय बहुत मायने रखता है। अगर आपने मार्केट क्रैश से ठीक पहले निवेश किया, तो रिटर्न बेहद खराब दिख सकता है और अगर मंदी के ठीक बाद किया, तो रिटर्न बंपर दिखेगा। लेकिन लॉन्ग-टर्म में यह रिस्क खत्म हो जाता है:

1 साल का जोखिम: साल 2000 से 2025 के बीच, अगर किसी ने सिर्फ 1 साल के लिए पैसा लगाया, तो उसे अधिकतम 141 प्रतिशत का मुनाफा या न्यूनतम 65 प्रतिशत का भारी नुकसान तक झेलना पड़ा। यही कारण है कि शॉर्ट-टर्म में दो निवेशकों का अनुभव बिल्कुल अलग हो सकता है।

20 साल का भरोसा: वहीं, जैसे ही निवेश की अवधि बढ़कर 20 साल हुई, सबसे खराब रिटर्न भी सुधरकर 11% पर आ गया और बेस्ट रिटर्न 16% रहा। यानी समय बढ़ने के साथ अच्छे और बुरे रिटर्न का अंतर बहुत छोटा हो जाता है।

एक्सपर्ट व्यू: डिगी-फिनमार्ट प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर चिंतन कामदार का कहना है, ‘शुरुआत और अंत की तारीख देखकर रिटर्न बहुत अलग लग सकते हैं। इसलिए रोलिंग रिटर्न देखना ज्यादा सही तस्वीर दिखाता है। किसी एक समय का रिटर्न लंबी अवधि के निवेश की दिशा तय नहीं कर सकता।’

मार्केट क्रैश में कैसे काम करता है आपका SIP?

आनंद राठी वेल्थ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुभेंदु हरिचंदन के मुताबिक, हालिया परफॉर्मेंस देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। उन्होंने समझाया, ‘बाजार में गिरावट अक्सर निवेशकों के धैर्य की परीक्षा लेती है, लेकिन यही वह समय है जब आपकी एसआईपी सबसे बेहतरीन तरीके से काम करती है।

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वहीं मंदी या रिकवरी के दौरान, ‘रुपी-कॉस्ट एवरेजिंग’ के जरिए एसआईपी कम कीमतों पर म्यूचुअल फंड के अधिक यूनिट्स इकट्ठा करती है। इससे आपकी खरीद लागत कम हो जाती है और जब बाजार दोबारा ऊपर जाता है, तो आपको बंपर मुनाफा होता है।’

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी सीख

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि भविष्य में भी बिल्कुल ऐसा ही रिटर्न मिलेगा, क्योंकि पास्ट परफॉर्मेंस भविष्य की गारंटी नहीं होती। लेकिन ये सीख साफ है कि शॉर्ट-टर्म के -5.56% रिटर्न को देखकर निफ्टी 50 को जज न करें। शार्ट-टर्म में बाजार अनप्रेडिक्टेबल होता है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में यह बेहद सुसंगत और भरोसेमंद साबित हुआ है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।