Dividend Stock: महिंद्रा ग्रुप की कंपनी दे रही है ₹110 का रिकॉर्ड डिविडेंड, फायदा पाने के लिए 3 जुलाई से पहले बन जाएं शेयरहोल्डर

कंप्रेसर, पंप और डीजल इंजन बनाने वाली स्वराज इंजन्स के शेयरहोल्डर्स को जल्द ही 110 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। डिविडेंड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए है। ​यह कंपनी की ओर से घोषित अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड अमाउंट है। शेयरहोल्डर्स की पात्रता तय करने के लिए रिकॉर्ड डेट 3 जुलाई 2026 रखी गई है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।

इस डिविडेंड पर कंपनी की 20 जुलाई को होने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा। इससे पहले वित्त वर्ष 2025 के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप की कंपनी स्वराज इंजन्स ने अपने शेयरहोल्डर्स को 104.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। स्वराज इंजन्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा के पास 52.11 प्रतिशत शेयरहोल्डिंग है।

Swaraj Engines के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 3946.50 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 4800 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर 2 साल में 30 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल में कीमत 90 प्रतिशत और 3 महीनों में 12 प्रतिशत उछली है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 4,725.95 रुपये और एडजस्टेड लो 3,300 रुपये है।

Swaraj Engines की वित्तीय सेहत

कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 545.79 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 54.56 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 2,007.13 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 196.31 करोड़ रुपये रहा।

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3 जुलाई महिंद्रा ग्रुप की इन कंपनियों के डिविडेंड की भी रिकॉर्ड डेट

3 जुलाई महिंद्रा एंड मंहिद्रा, टेक महिंद्रा, महिंद्रा लाइफ और एसएमएल महिंद्रा के डिविडेंड के लिए भी रिकॉर्ड डेट है। महिंद्रा एंड मंहिद्रा 33 रुपये, टेक महिंद्रा 36 रुपये, महिंद्रा लाइफ 3.50 रुपये और एसएमएल महिंद्रा 23.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने वाली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: इस हफ्ते 40 से ज्यादा कंपनियां देंगी डिविडेंड का तोहफा, बजाज और M&M जैसे नाम शामिल

Dividend Stocks: शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए नया हफ्ता काफी अहम रहने वाला है। 29 जून से 3 जुलाई के बीच 40 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होने जा रहे हैं। इनमें Bajaj Holdings & Investment के स्पेशल डिविडेंड और Mahindra & Mahindra (M&M) के अब तक के सबसे बड़े डिविडेंड पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

इसके अलावा Shriram Finance, Bharat Forge, Union Bank of India, Bajaj Finserv, Bajaj Finance समेत कई कंपनियां भी इस हफ्ते डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगी। आइए जानते हैं किस दिन कौन-कौन से शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे।

29 जून: Raymond और Kalpataru समेत ये कंपनियां 

29 जून को Raymond Lifestyle का शेयर एक्स-डिविडेंड होगा। कंपनी ने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 1 रुपये का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।

Kalpataru Projects भी 29 जून को एक्स-डिविडेंड होगा। कंपनी ने 11 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। 13 अगस्त या उससे पहले डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा।

इसके अलावा Jyothy Labs भी 3.50 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगा। वहीं, Kansai Nerolac Paints ने 2.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।

30 जून: Bajaj Group के तीन शेयरों पर रहेगी नजर

30 जून को Bajaj Group की तीन बड़ी कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे। इनमें Bajaj Finserv, Bajaj Holdings & Investment और Bajaj Finance शामिल हैं। इसी दिन Maharashtra Scooters भी 60 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

Bajaj Finserv ने 1.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। Bajaj Finance ने 6 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

Bajaj Holdings & Investment ने निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने 80 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 50 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है। यानी कुल 130 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा।

1 जुलाई: DCM Shriram और Grovy India

1 जुलाई को DCM Shriram Fine Chemicals का शेयर 0.40 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

वहीं, रियल एस्टेट कंपनी Grovy India भी 0.10 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगी।

2 जुलाई: Chembond Material और Lloyds Enterprises

2 जुलाई को Chembond Material Technologies का शेयर 2 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डिविडेंड होगा।

इसके अलावा Lloyds Enterprises भी 0.05 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड के लिए एक्स-डेट पर रहेगा।

3 जुलाई: M&M, Bharat Forge, Shriram Finance समेत 33 कंपनियां

3 जुलाई इस हफ्ते का सबसे व्यस्त दिन रहने वाला है। इस दिन 33 कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे।

  • Mahindra & Mahindra ने 33 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड है।
  • Bharat Forge निवेशकों को 6.50 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड देगी।
  • Shriram Finance ने 6 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है।
  • Union Bank of India ने 5 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड तय किया है।
  • Thermax ने 14 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 6 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है।
  • Akums Drugs & Pharmaceuticals ने 1 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड और 2 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है।
  • Biocon अपने निवेशकों को 0.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी।

इन सभी कंपनियों ने 3 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय की है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों का नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होगा, वही डिविडेंड पाने के पात्र होंगे।

Stocks to Buy: ये 10 स्टॉक्स दे सकते हैं 51% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market View : गिरते बाजार में वोलैटिलिटी को खतरा नहीं,मौका मानें, डेट से पैसा निकालकर इक्विटी निवेश बढ़ाने का अच्छा मौका

Market View : गुरुवार को पिछले कारोबारी सत्र में आखिरी घंटे में बाजार में ऊपरी स्तर से मुनाफावसूली आई थी। सेंसेक्स-निफ्टी ऊपरी स्तर से फिसलकर बंद हुए थे। हालांकि सेंसेक्स 109 प्वाइंट चढ़कर 77,100 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 34 प्वाइंट चढ़कर 24,056 पर बंद हुआ था। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए थे। ऑटो और FMCG शेयरों में खरीदारी आई थी। मेटल,PSE और तेल-गैस इंडेक्स गिरावट पर बंद हुए थे। IT और एनर्जी शेयरों में दबाव देखने को मिला था। बैंक निफ्टी 27 प्वाइंट चढ़कर 58,177 पर बंद हुआ था। मिडकैप 400 प्वाइंट गिरकर 61,796 पर बंद हुआ था।

निफ्टी के 50 में से 26 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली थी। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में बिकवाली रही थी। बैंक निफ्टी के 14 में से 8 शेयरों में गिरावट आई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 27 पैसे मजबूत होकर 94.40/$ पर बंद हुआ था।

बंधन AMC में VP-इक्विटीज,प्रतीक पोद्दार ने बाजार पर बात करते हुए कहा कि गिरते बाजार में वोलैटिलिटी को खतरा नहीं,मौका मानें। यह डेट से पैसा निकालकर इक्विटी निवेश बढ़ाने का मौका है। गिरावट में अच्छे स्टॉक्स सस्ते दाम पर मिलते हैं। मिड और स्मॉलकैप में भी अवसर मिलने पर एग्रेसिव खरीदारी की जा सकती है। ऑटोमैटिक रीबैलेंसिंग से रिस्क कंट्रोल में रहता है। इस समय पैनिक सेलिंग नहीं,डिसिप्लिन्ड एलोकेशन पर जोर होना चाहिए।

डेट पोर्टफोलियो की रणनीति

प्रतीक पोद्दार ने बताया कि उनके फंड का डेट हिस्से का लगभग पूरा पैसा निवेशित है। कैश होल्डिंग बहुत सीमित। सिर्फ हाई क्वालिटी डेट इंस्ट्रूमेंट्स पर फोकस है। AAA रेटेड बॉन्ड्स में बड़ा एक्सपोजर है। इसका ड्यूरेशन करीब 4 साल के आसपास है। बाजार गिरने पर डेट से पैसा निकालकर इक्विटी में शिफ्ट करने पर फोकस है।

रीबैलेंसिंग की स्ट्रैटेजी

रीबैलेंसिंग का सबसे बड़ा आधार है वैल्यूएशन। जहां रिस्क-रिवॉर्ड बेहतर दिखता है,वहां निवेश बढ़ाते हैं। सेक्टर और स्टॉक दोनों का लगातार रिव्यू करते रहना चाहिए। महंगे पॉकेट्स से निकलकर सस्ते अवसरों की तलाश की सलाह होगी।

बाजार की गिरावट में डेट का रोल?

डेट का अहम काम वोलैटिलिटी कम करना है। डेट रिटर्न्स को ज्यादा स्थिर बनाए रखता है। यह पश्चिम एशिया संकट और टैरिफ वॉर जैसे इवेंट्स में सुरक्षा कवच का काम करता है। बाजार गिरते ही इक्विटी वेट घटता है और डेट वेट बढ़ता है।

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बंधन एग्रेसिव हाइब्रिड फंड

बंधन एग्रेसिव हाइब्रिड फंड (Bandhan Aggressive Hybrid Fund) के बारे में बताते हुए प्रतीक पोद्दार ने कहा कि यह फंड सिर्फ हाई-रिस्क निवेशकों के लिए नहीं है। मॉडरेट रिस्क प्रोफाइल वाले भी इसे चुन सकते हैं। इसमें इक्विटी-डेट का बैलेंस कॉम्बिनेशन है। इसमें सिर्फ रिटर्न नहीं,रिस्क मैनेजमेंट पर भी फोकस है। निवेशकों को बार-बार रीबैलेंसिंग की जरूरत नहीं होती। यह 3-5 साल के नजरिया के लिए बेहतर है।

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank और ICICI Bank के Q1 नतीजे एक ही दिन होंगे जारी, जुलाई में इस तारीख को है बोर्ड मीटिंग

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए कंपनियों के नतीजों का सीजन जुलाई से शुरू होने वाला है। प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank और ICICI Bank की बात करें तो दोनों के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे एक ही दिन जारी होने वाले हैं। दोनों बैंकों के बोर्ड की मीटिंग 18 जुलाई, 2026 को होगी। इस बारे में शेयर बाजारों को सूचना दे दी गई है।

HDFC Bank का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर 19221.05 करोड़ रुपये रहा। कुल इनकम लगभग फ्लैट रहकर 89808.90 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज आय 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 33,281.5 करोड़ रुपये हो गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 में बैंक की कुल स्टैंडअलोन इनकम 370054.65 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 74671.29 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह ICICI Bank का मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर लगभग 8.5 प्रतिशत बढ़कर 13701.68 करोड़ रुपये हो गया। कुल इनकम एक साल पहले से लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 50584.38 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज आय 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 22,979.2 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज मार्जिन 4.32 प्रतिशत रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान बैंक की कुल स्टैंडअलोन इनकम 200,703.68 करोड़ रुपये रही। शुद्ध मुनाफा 50146.64 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

दोनों बेंकों की एसेट क्वालिटी अभी कैसी

मार्च 2026 तिमाही में HDFC Bank का ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो 1.15 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.33 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.38 प्रतिशत रहा। मार्च 2025 तिमाही में यह 0.43 प्रतिशत था। मार्च 2026 तिमाही में ICICI Bank की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखा गया। ग्रॉस NPA रेशियो 1.40 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.67 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.33 प्रतिशत पर आ गया। मार्च 2025 तिमाही में यह 0.39 प्रतिशत था।

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HDFC Bank और ICICI Bank के शेयर की चाल

ICICI Bank के शेयर की कीमत अभी BSE पर 1387.90 रुपये है। शेयर 3 महीनों में 10 प्रतिशत चढ़ा है। बैंक का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये के करीब है। HDFC Bank की बात करें तो शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 796.05 रुपये है। बैंक का मार्केट कैप 12.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में 20 प्रतिशत नीचे आया है। ये दोनों बैंक सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में शामिल हैं। मोस्ट वैल्यूड फर्म्स में HDFC Bank का नंबर दूसरा, जबकि ICICI Bank का चौथा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Daily Voice : ग्लोबल AI थीम से जुड़े शेयरों के वैल्यूएशन को लेकर रहें सतर्क, अगले 6-9 महीनों में मार्केट के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने की संभावना कम

Daily Voice : INVasset PMS के पार्टनर और फंड मैनेजर अनिरुद्ध गर्ग ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि नैस्डैक कंपोजिट में हालिया गिरावट महीनों से चली आ रही बहुत ज्यादा उम्मीदों के बाद वैल्यूएशन में आया बदलाव है,न कि फंडामेंटल्स में कोई बड़ी गिरावट। वह इस स्ट्रक्चरल थीम को लेकर तो पॉज़िटिव हैं,लेकिन इसके वैल्यूएशन को लेकर सावधान हैं। उनका मानना ​​है कि पिछले दो सालों में हुई बड़ी री-रेटिंग के मुकाबले,अब इनका रिटर्न ज्यादातर चुनिंदा शेयरों और कंपनियों की कमाई पर निर्भर करेगा।

उनके मानना है कि बाजार के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए जरूरी है कि अर्निंग का स्तर वैल्यूएशन के बराबर हो और ग्लोबल वोलैटिलिटी कम हो। लेकिन इस दौरान इनमें से किसी की भी गारंटी नहीं है। इसलिए,अगले छह से नौ महीनों में बाजार के एक सीमित दायरे में रहने और खास शेयरों पर फोकस्ड रहने की ज्यादा संभावना है। अगर अर्निंग अच्छी रहती है,तो दूसरी छमाही में बाजार धीरे-धीरे ऊपर जा सकता है।

क्या आपको लगता है कि ग्लोबल AI स्टॉक्स में अभी भी काफी बढ़त की गुंजाइश है,या आप टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में हालिया गिरावट को लेकर चिंतित हैं?

ग्लोबल AI में आसानी से मिलने वाले फायदे का ज्यादातर हिस्सा पहले ही हासिल किया जा चुका है। हाल की गिरावट (जिसमें सेमीकंडक्टर सेक्टर की वैल्यूएशन में एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कमी आई और नैस्डैक में एक ही सेशन में जबरदस्त गिरावट देखी गई) असल में महीनों से चली आ रही बहुत ज्यादा उम्मीदों के बाद वैल्यूएशन का रीसेट है,न कि फंडामेंटल्स में कोई बड़ी गिरावट। इस स्ट्रक्चरल थीम को लेकर तो पॉज़िटिव नजरिया है,लेकिन इसके वैल्यूएशन को लेकर सावधानी की जरूरत है। पिछले दो सालों में हुई बड़ी री-रेटिंग के मुकाबले,अब इस सेक्टर का रिटर्न ज्यादातर चुनिंदा शेयरों और कंपनियों की कमाई पर निर्भर करेगा।

क्या निवेशकों को IT सर्विस कंपनियों और AI इकोसिस्टम में निवेश करने में जल्दबाजी से बचना चाहिए?

हैं, धैर्य रखना सही रहेगा,लेकिन यह धैर्य भी हकीकत पर आधारित होना चाहिए। भारतीय IT सर्विस कंपनियां AI साइकिल के एक मुश्किल दौर में हैं। AI से जुड़ी मांग बढ़ने और उसकी जगह लेने से पहले ही ऑटोमेशन की वजह से हर प्रोजेक्ट से होने वाली कमाई कम हो जाती है। बड़ी कंपनियों के लिए FY27 का कमजोर गाइडेंस (यानी ‘कांस्टेंट-करेंसी’के आधार पर कम सिंगल-डिजिट ग्रोथ) इसी बात को दिखाता है।

टेक्नोलॉजी कंपनियों को डील मिलने की रफ़्तार अच्छी बनी हुई है,लेकिन कीमतों का दबाव और प्रोडक्टिविटी में कमी की वजह से निकट भविष्य में अर्निंग्स की रफ़्तार सीमित रह सकती है। ऐसे में मजबूत कंपनियों में निवेश बनाए रखेंगे,लेकिन रिटर्न की उम्मीदों को कम रखने की सलाह होगी। यह सेक्टर ऐसा है जिसका साइकल बदल रहा है। ऐसे में अभी इसमें सोच समझकर निवेश बनाए रखना चाहिए और बहुत ज्यादा निवेश करने से बचाना चाहिए।

क्या आपको उम्मीद है कि अगले 6-9 महीनों में भारतीय इक्विटी मार्केट नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे?

ऐसा हो सकता है,लेकिन हमें इसे ‘बेस केस'(सबसे ज्यादा संभावित स्थिति) नहीं मानना चाहिए। निफ्टी अभी भी अपने पीक (उच्चतम स्तर)से काफी नीचे 24,000 के आसपास है और मोमेंटम इंडिकेटर पक्के भरोसे के बजाय दुविधा की ओर इशारा कर रहे हैं। नई ऊंचाई तक पहुंचने के लिए जरूरी है कि अर्निंग,वैल्यूएशन के बराबर हो और ग्लोबल वोलैटिलिटी कम हो। लेकिन इस समय इसकी कोई गारंटी नहीं है।

अगले छह से नौ महीनों में बाजार के एक सीमित दायरे में रहने और खास स्टॉक्स पर फोकस्ड रहने की ज्यादा संभावना है। अगर कंपनियों की अर्निंग अच्छी रही,तो दूसरी छमाही में बाजार धीरे-धीरे ऊपर जा सकता है। हम रिकॉर्ड स्तर तक तेजी से पहुँचने की उम्मीद करने के बजाय,इस धीरे-धीरे होने वाले सुधार के हिसाब से अपनी रणनीति बनाएंगे।

US-Iran के बीच संभावित डील से जुड़ी गतिविधियों के अलावा,आपको आगे चलकर मार्केट के लिए कौन सी बड़ी चुनौतियां दिखती हैं?

बाजार के लिए कई चुनौतियां हैं। इनमें से पहली है, वैल्यूएशन। मार्केट में अभी भी अभी भी कुछ लोग यह मानकर चल रहे हैं सब कुछ एकदम सही तरीके से होगा। ऐसे में अगर अर्निंग उम्मीद के मुताबिक नहीं रही,तो नुकसान से बचने की गुंजाइश बहुत कम होगी। दूसरी,चुनौती बड़ी ग्लोबल टेक और AI सेक्टर में करेक्शन है। अगर विदेशी बाजारों में वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट आती है,तो विदेशी पैसा इमर्जिंग मार्केट (जिनमें भारत भी शामिल है) से बाहर निकल जाएगा। तीसरी चुनौती US में ब्याज दरों में कटौती की रफ्तार और डॉलर की मजबूती को लेकर अभी भी बनी अनिश्चितता है,जिसका सीधा असर FIIs पर पड़ता है।

चौथी चुनौती घरेलू अर्निंग की मजबूती है जहां मार्जिन पर दबाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा ट्रेड पॉलिसी को लेकर भी चिंता बनी हुई है। भारत और अमेरिका के बीच कैसा समझौता होगा,इसको लेकर स्थितियां साफ नहीं हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बाजार में सावधानी बरतने की सलाह होगी।

क्या आपको लगता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में लंबे समय के लिए स्ट्रक्चरल निवेश के अच्छे मौके हैं?

ये स्ट्रक्चरल मौके तो हैं,लेकिन मैं इन्हें’सबसे अच्छे’कहने से बचने की जरूरत है। कई भारतीय प्लेटफॉर्म्स में मज़बूत नेटवर्क इफेक्ट और आगे बढ़ने की अच्छी गुंजाइश है,फिर भी कई प्लेटफॉर्म बहुत ज्यादा वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं। इस वैल्यूएशन में यह मान लिया जाता है कि इनका काम बिना किसी गलती के होगा,जबकि इनके लिए मुनाफा,रेगुलेशन और कड़ी प्रतिस्पर्धा असल जोखिम बने हुए हैं।

हम उन्हें एक बड़े स्ट्रक्चरल बास्केट के हिस्से के तौर पर देखते हैं,जिसमें मैन्युफैक्चरिंग,बचत का फाइनेंशियलाइज़ेशन और प्रीमियम कंजम्पशन भी शामिल हैं । ये ऐसे थीम हैं जिनकी कमाई की संभावना आज ज्यादा साफ है। लेबल से ज्यादा जरूरी है सही चुनाव करना। हम उन कुछ ऐसे प्लेटफ़ॉर्म में निवेश करेंगे जो साफ तौर पर मुनाफ़ा कमा रहे हैं और ग्रोथ के लिए किसी भी कीमत पर निवेश करने से बच रहे हैं।

 

Market trend : निफ्टी जल्द ही हासिल कर सकता है 24728 के टारगेट, आगे हफ्ते इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

जेवर बनेगा उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली! 2 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट हो रहे शुरू; निकलेंगी 3000 जॉब्स

जेवर में लगभग 6,750 करोड़ रुपये के निवेश से दो इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं। इनसे करीब 3,000 नौकरियां पैदा होंगी और जेवर को भारत के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब्स में से एक बनाने में मदद मिलेगी। यह बात केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कही है। वैष्णव ने यमुना सिटी, जेवर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर इन प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दोनों प्रोजेक्ट्स में एडवांस्ड हाई-डेंसिटी और मल्टी-लेयर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) बनाने के लिए ASCENT-K Circuit 3,250 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। यह दक्षिण कोरिया की KCC का जॉइंट वेंचर है। साथ ही HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन एंड एयर कंडीशनिंग) कंपोनेंट्स बनाने और PCB की असेंबलिंग के लिए एंबर एंटरप्राइजेज की 3,500 करोड़ रुपये की फैसिलिटी भी है।

भारत की बढ़ती घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की असेंबलिंग से आगे बढ़कर उनके मुख्य कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रहा है। वैष्णव के मुताबिक, “हम असेंबली से डीप मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रहे हैं। यहां बनने वाले एडवांस्ड मल्टी-लेयर PCB, जिनमें से कुछ में 20 से 22 लेयर्स होती हैं, आधुनिक टेक्नोलॉजी की रीढ़ हैं। जिन चीजों को हम कभी इंपोर्ट करते थे, उन्हें अब हम दुनिया के लिए ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनाएंगे।”

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40000 करोड़ के PCB इंपोर्ट करता रहा है भारत

वैष्णव ने कहा कि भारत हर साल लगभग 40,000 करोड़ रुपये के PCB इंपोर्ट करता रहा है और घरेलू प्रोडक्शन से इंपोर्ट पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। जेवर में बनने वाला हर PCB विदेशी मुद्रा की बचत करेगा, रुपये को मजबूत करेगा और भारत के बैलेंस ऑफ पेमेंट्स में सुधार करेगा। मंत्री ने कहा कि यमुना सिटी क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये का निवेश जेवर को उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली बनाने में मदद करेगा।

उन्होंने इलाके में तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चालू हो चुके नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से कनेक्टिविटी और प्रस्तावित दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की वजह से जेवर ग्लोबल निवेशकों के लिए एक आकर्षक जगह बन रहा है।

Mangalam Worldwide Stock Split: एक शेयर के हो जाएंगे 10 टुकड़े, रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई

रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे। रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

स्टॉक स्प्लिट की घोषणा मई महीने में की गई थी। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं। स्टॉक स्प्लिट की घोषणा मई महीने में की गई थी। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं।

कंपनी स्टेनलेस स्टील के बिलेट, इनगॉट, फ्लैट बार, राउंड बार, ब्राइट बार के साथ-साथ सीमलेस पाइप और ट्यूब, हीट एक्सचेंजर ट्यूब और U-ट्यूब भी बनाती है। कंपनी स्टेनलेस स्टील के बिलेट, इनगॉट, फ्लैट बार, राउंड बार, ब्राइट बार के साथ-साथ सीमलेस पाइप और ट्यूब, हीट एक्सचेंजर ट्यूब और U-ट्यूब भी बनाती है।

मंगलम वर्ल्डवाइड के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 370.80 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। मंगलम वर्ल्डवाइड के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 370.80 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 394.20 रुपये और एडजस्टेड लो 365.80 रुपये है। कंपनी की सालाना आम बैठक 30 जुलाई को होने वाली है। शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 394.20 रुपये और एडजस्टेड लो 365.80 रुपये है। कंपनी की सालाना आम बैठक 30 जुलाई को होने वाली है।

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है।

इस डिविडेंड पर कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा। इस डिविडेंड पर कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा। (Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹2510 तक सस्ता, चांदी ₹10000 लुढ़की

देश में सोने की कीमत में वीकली बेसिस पर गिरावट बरकरार है। एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 2510 रुपये तक ​फिसली है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 2300 रुपये तक नीचे आया है। आज 28 जून को कीमत की बात करें तो राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड 144100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव 4000 डॉलर के मार्क को फिर से पार कर गया है। हाजिर सोना अब 4,077.64 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144100 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132100 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131950 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143950 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145860 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 133700 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143950 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131950 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132100144100
मुंबई131950143950
अहमदाबाद132000144000
चेन्नई133700145860
कोलकाता131950143950
हैदराबाद131950143950
जयपुर132100144100
भोपाल132000144000
लखनऊ132100144100
चंडीगढ़132100144100

चांदी का हाल

सोने की तरह चांदी की कीमत में भी वीकली बेसिस पर गिरावट कायम है। एक सप्ताह में भाव 10000 रुपये नीचे आया है। 28 जून की सुबह चांदी की कीमत 240000 रुपये प्रति किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 59.12 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं। अभी के संकेत बताते हैं कि निवेशकों का झुकाव चांदी के बजाय सोने की ओर ज्यादा है।