10 अगस्त को आ रहा है एक और धमाकेदार IPO! टेमासेक-मोतीलाल ओसवाल का सपोर्ट, जानें पूरी डिटेल्स

Molbio Diagnostics IPO: मेडिकल डायग्नोस्टिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मोल्बियो आईपीओ बाजार में दांव लगाने का बड़ा मौका लेकर आ रही है। दिग्गज ग्लोबल निवेशक टेमासेक और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के समर्थन वाली इस कंपनी ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास अपना रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है।

कंपनी का आईपीओ आम जनता के लिए 10 अगस्त 2026 को खुलेगा। इसी दिन धूत ट्रांसमिशन का ₹3,067 करोड़ का आईपीओ भी दस्तक दे रहा है, जिससे 10 अगस्त को प्राइमरी मार्केट में दो बड़े मेनबोर्ड इश्यू के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।

Molbio Diagnostics IPO: टाइमलाइन और महत्वपूर्ण तारीखें

एंकर बुक ओपनिंग: 7 अगस्त 2026

पब्लिक इश्यू ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 10- 12 अगस्त 2026

शेयर अलॉटमेंट की तारीख: 13 अगस्त 2026

लिस्टिंग की तारीख: 17 अगस्त 2026

इश्यू का साइज और OFS की डिटेल्स

फ्रेश इश्यू: ₹200 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी किए जाएंगे।

ऑफर फॉर सेल (OFS): मौजूदा शेयरधारक और प्रमोटर्स 91.66 लाख शेयरों की बिक्री करेंगे।

OFS साइज में कटौती: इससे पहले अगस्त 2025 में दाखिल DRHP में 1.25 करोड़ शेयरों की बिक्री की योजना थी, जिसे अब घटाया गया है। सेबी ने दिसंबर 2025 में इसके आईपीओ पेपर्स को मंजूरी दी थी।

शेयरहोल्डिंग पैटर्न: प्रमोटर्स एक्सोरा ट्रेडिंग और डॉ. चंद्रशेखर भास्करन नायर के पास 46.65% हिस्सेदारी है। बाकी 53.35% हिस्सेदारी टेमासेक की सहायक कंपनी ‘V Sciences Investments’ और मोतीलाल ओसवाल के ‘India Business Excellence Fund’ जैसे निवेशकों के पास है।

जुटाए गए फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

कंपनी फ्रेश इश्यू से प्राप्त नेट प्रोसीड्स का इस्तेमाल इस प्रकार करेगी:

  • R&D और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (₹105.5 करोड़): पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘Bigtec’ द्वारा संचालित रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसिलिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में।
  • प्लांट व मशीनरी (₹72.2 करोड़): गोवा यूनिट I, गोवा यूनिट II और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए नए प्लांट, उपकरण और मशीनरी की खरीद में।
  • कॉर्पोरेट उद्देश्य: शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

बिजनेस मॉडल और पेटेंट टेक्नोलॉजी

अक्टूबर 2000 में शुरू हुई मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। कंपनी ने ‘Truenat’ नामक पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के माध्यम से यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है।

कंपनी का फाइनेंशियल प्रदर्शन

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स का वित्तीय प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में मजबूत रहा है। मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 14.8% बढ़कर ₹166.6 करोड़ पर पहुंच गया। राजस्व पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कुल राजस्व 41.7% की जोरदार बढ़त के साथ ₹1,445.7 करोड़ रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

देश में सुस्त पड़ी गोल्ड की डिमांड लेकिन, खर्च ₹1.98 लाख करोड़ के रिकॉर्ड हाई पर

Gold Report: गोल्ड की बढ़ती चमक ने इसकी मांग सुस्त की लेकिन बिक्री वैल्यू रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई। इसका खुलासा वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों से हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council- WGC) की भारत पर बनी ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस साल 2026 की दूसरी तिमाही अप्रैल-जून 2026 में भारतीयों ने वॉल्यूम के हिसाब से कम सोना खरीदा लेकिन रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के कारण सोने पर अब तक का सबसे अधिक खर्च किया। जून 2026 तिमाही में देश में गोल्ड की मांग सालाना आधार पर 6% घटकर 131 टन रह गई, जो हालिया वर्षों में साल की सबसे कमजोर जून तिमाही में से एक रही।। हालांकि जितनी भी डिमांड रही, उसकी वैल्यू 50% बढ़कर रिकॉर्ड ₹1.98 लाख करोड़ पर पहुंच गई, क्योंकि घरेलू बाजार में गोल्ड के भाव इस दौरान करीब 59% मजबूत हुए।

इस कारण कमजोर हुई गोल्ड की मांग

गोल्ड के सेल्स वॉल्यूम में गिरावट की मुख्य वजह इसके भाव में दो साल में ताबड़तोड़ तेजी रही। इसके अलावा मई के मध्य में आयात शुल्क में बढ़ोतरी, रुपये की कमजोरी और खरीदारी के लिए शुभ नहीं समझे जाने वाले महीने ने भी दबाव बनाया। इंटरनेशनल मार्केट में इसकी कीमतें कुछ नरम हुईं लेकिन आयात शुल्क और रुपये की कमजोरी के कारण भारत में इसके भाव ऊंचे बने रहे। हालांकि मार्च तिमाही की तुलना में जून तिमाही में अक्षय तृतीया और शादी-ब्याह के मौसम की खरीदारी के चलते ज्वेलरी की मांग 14% बढ़कर 75 टन हो गई लेकिन फिर भी सालाना आधार पर यह 15% कम रही और साल 2000 के बाद दूसरी सबसे कमजोर जून तिमाही रही।

बदला खरीदारी का तरीका

ऊंची कीमतों के बावजूद लोगों ने सोना खरीदना बंद नहीं किया, बल्कि अपनी खरीदारी का तरीका बदल दिया। ज्वेलर्स के मुताबिक हल्के वजन, कम कैरेट और स्टडेड (रत्न जड़ी) ज्वेलरी की मांग बढ़ी। पुराने गहने बदलकर नए खरीदने का चलन भी तेज हुआ और कुछ ज्वेलर्स के मुताबिक उनकी कुल बिक्री का 70% तक हिस्सा इसी के जरिए आया और जून तिमाही में इसमें 10–20% की तेजी आई। जून तिमाही में ज्वेलरी की खरीदारी वॉल्यूम के हिसाब से भले ही कम हुई लेकिन वैल्यू 34% बढ़कर ₹1.13 लाख करोड़ हो गई। इस दौरान भारत दुनिया का सबसे बड़ा ज्वेलरी मार्केट बना रहा और ग्लोबल ज्वेलरी डिमांड में उसकी हिस्सेदारी 27% रही।

बार, कॉइन्स और गोल्ड ईटीएफ मिलाकर इंवेस्टमेंट डिमांड तीन धमाकेदार तिमाही के बाद जून तिमाही में कमजोर हुई। निवेश की मांग घटकर 54 टन रह गई जबकि इससे पहले की तीन तिमाहियों में औसतन मांग 100 टन की थी। हालांकि जून तिमाही में मांग घटने के बावजूद यह लॉन्ग टर्म एवरेज से ऊपर बनी रही।

बार और सिक्कों की खरीदारी मार्च तिमाही की तुलना में 19% घटकर जून तिमाही में 50 टन रह गई, क्योंकि कीमतों में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने कुछ समय के लिए इंतजार करना उचित समझा। फिर भी सालाना आधार पर यह 9% अधिक रहा और इस साल की पहली छमाही में बार और सिक्कों की खरीद 13 साल के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई।

गोल्ड ईटीएफ की बात करें तो मार्च तिमाही में रिकॉर्ड निवेश के बाद जून तिमाही में इसकी मांग घटकर लगभग 4 टन रह गई। इसके बावजूद भारत उन देशों में शुमार रहा, जहां गोल्ड ईटीएफ में निवेश आया, जबकि अमेरिका और चीन जैसे देशों में निवेशकों ने पैसे निकाले। जून के अंत तक भारत में गोल्ड ईटीएफ की कुल होल्डिंग 119 टन और AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) ₹1.7 लाख करोड़ तक पहुंच गईं।

सप्लाई की बात करें तो देश में गोल्ड की उपलब्धता घटकर 120 टन रह गई, जो पिछले छह साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इसकी मुख्य वजह आयात शुल्क बढ़ने के बाद सोने के आयात में भारी गिरावट रही। तिमाही आधार पर इसमें 53% और सालाना आधार पर 22% की गिरावट आई। हालांकि वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि घरेलू बाजार में गोल्ड की कोई कमी नहीं थी। पहले से मौजूद स्टॉक और रिसाइकल्ड गोल्ड मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक ऊंची कीमतों के बावजूद लोगों ने पुराने गहने बेचने की बजाय उन्हें गिरवी रखकर कर्ज लेना अधिक पसंद किया। बैंकों में बकाया गोल्ड लोन सालाना आधार पर दोगुना होकर ₹5.1 लाख करोड़ पहुंच गया, जबकि एनबीएफसी कंपनियों का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 70% बढ़कर यह ₹3.3 लाख करोड़ तक पहुंच गया।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

डाबर के प्रोडक्ट्स पर FSSAI का बड़ा एक्शन! कई प्रोडक्ट्स पर लगाई रोक, शेयरों में 2.4% की गिरावट

Dabur India Share Price Fall: FMCG सेक्टर की प्रमुख कंपनी डाबर इंडिया के शेयरों में मंगलवार, 4 अगस्त को 2.42% की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही कंपनी के शेयर टूटकर ₹415.50 के स्तर पर आ गया। शेयर बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह खाद्य नियामक FSSAI द्वारा कंपनी के कई पॉपुलर फूड प्रोडक्ट्स पर भ्रामक ‘100%’ दावों के साथ बिक्री करने पर लगाया गया प्रतिबंध है।

खाद्य नियामक ने डाबर इंडिया को आदेश दिया है कि वह अपने उन सभी खाद्य उत्पादों की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोके, जिन पर ‘100% Natural’, ‘100% Pure’ या ‘100% Organic’ जैसे भ्रामक और अस्पष्ट दावे लिखे गए हैं।

किन-किन प्रोडक्ट्स की बिक्री पर लगा ब्रेक?

FSSAI ने डाबर के इन प्रोडक्ट्स पर रोक लगा दी हैं:

  • शहद और गाय का घी
  • एप्पल साइडर विनेगर
  • वर्जिन कोकोनट ऑयल व तिल का तेल
  • नारियल पानी और डाबर होममेड कोकोनट मिल्क

FSSAI ने क्यों लिया इतना कड़ा फैसला?

खाद्य सुरक्षा नियामक ने स्पष्ट किया कि ‘100% शुद्धता’ या ‘100% नेचुरल’ जैसे दावे नियमों के खिलाफ हैं। FSSAI के मुताबिक, FSS (Advertising & Claims) रेगुलेशन, 2018 के तहत ऐसे दावे अस्पष्ट, असत्यापित हैं और ये आम उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले हैं।

जांच में सामने आया कि ‘डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर’ और ‘डाबर ऑर्गेनिक हनी’ पर बिना वैध FSSAI ऑर्गेनिक एंडोर्समेंट के ही ‘जैविक भारत’ का लोगो प्रदर्शित किया जा रहा था। ‘डाबर होममेड कोकोनट मिल्क’ जैसे मिश्रित खाद्य पदार्थ पर ‘100% Purity’ लिखना नियमानुसार पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

नोटिस के बावजूद नहीं हुआ सुधार, अब 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट

FSSAI ने बताया कि उसने पहले भी डाबर इंडिया को ऐसे ‘100%’ प्योर वाले दावों को हटाने और विज्ञापन बंद करने का निर्देश दिया था। हालांकि, कंपनी की ओर से कोई संतोषजनक पॉजिटिव कदम नहीं उठाया गया। अब नियामक ने कड़ा रुख अपनाते हुए डाबर को 15 दिनों के भीतर ‘Action Taken Report (ATR)’ सौंपने का आदेश दिया है।

कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि उसे FSSAI का नोटिस मिल गया है और वह अपनी वेबसाइट व लेबलिंग की जांच कर आवश्यक कदम उठा रही है।

एफएमसीजी कंपनियों पर FSSAI का चौतरफा शिकंजा

यह कार्रवाई केवल डाबर तक सीमित नहीं है, बल्कि FSSAI पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स के क्षेत्र में विज्ञापन संबंधी नियमों को लेकर लगातार सख्ती बरत रहा है। हाल ही में पेप्सिको India ने अपने मशहूर ड्रिंक ‘Sting’ की कैन और बोतलों से ‘Energy’ शब्द हटा दिया था, क्योंकि नियामक ने ‘एनर्जी ड्रिंक्स’ को एक अलग श्रेणी के रूप में मान्यता देना बंद कर दिया है।इससे पहले जूस बनाने वाली कंपनियों को भी टेट्रा पैक्स से ‘100% फ्रूट जूस’ का दावा हटाने के निर्देश दिए गए थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Silver Price Today: फिर महंगी हुई चांदी, सावन के दूसरे दिन चढ़ा भाव, खरीदारी से पहले जान लें आपके अपने शहर के लेटेस्ट रेट

Silver Price Today: हफ्ते के दूसरे दिन चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। आज दिल्ली में चांदी का भाव ₹235 प्रति ग्राम और ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 2630 रुपये चढ़कर 219477 पर ट्रेड कर रहा है जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,16,746 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार दिल्ली में चांदी की कीमत बढ़कर 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई। उधर गुडरिटर्न्स के मुताबिक 2,35,000 रुपये प्रति किलो पर है।

इंटरनेशनल मार्केट में कैसी है चाल

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त बनी हुई है। कॉमैक्स पर चांदी भी 1.80 फीसदी चढ़कर 58.895 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। सोने का भाव 0.53 फीसदी चढ़कर 4112 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

चांदी के भाव में किस वजह से आई तेजी?

सोमवार के कारोबार में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कमजोर अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद निवेशकों ने इन मेटल्स में खरीदारी बढ़ाई, जिससे चांदी को भी सहारा मिला है। अमेरिकी डॉलर मिड जून के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। साथ ही, जापानी येन को मजबूत करने के लिए अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद डॉलर पर दबाव बढ़ा, जिससे सोना और चांदी जैसी मेटल्स की मांग में इजाफा देखने को मिला।

अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यहां जान लीजिए आपके अपने शहर का ताजा भाव

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,350₹23,500₹2,35,000
कोलकाता₹2,350₹23,500₹2,35,000
मुंबई₹2,350₹23,500₹2,35,000
चेन्नई₹2,350₹23,500₹2,35,000
पटना₹2,350₹23,500₹2,35,000
लखनऊ₹2,350₹23,500₹2,35,000
मेरठ₹2,350₹23,500₹2,35,000
अयोध्या₹2,350₹23,500₹2,35,000
कानपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
गाजियाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
नोएडा₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुरुग्राम₹2,350₹23,500₹2,35,000
चंडीगढ़₹2,350₹23,500₹2,35,000
जयपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
लुधियाना₹2,350₹23,500₹2,35,000
गुवाहाटी₹2,350₹23,500₹2,35,000
इंदौर₹2,350₹23,500₹2,35,000
अहमदाबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000
सूरत₹2,350₹23,500₹2,35,000
वडोदरा₹2,350₹23,500₹2,35,000
पुणे₹2,350₹23,500₹2,35,000
नागपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
नासिक₹2,350₹23,500₹2,35,000
बैंगलोर₹2,350₹23,500₹2,35,000
भुवनेश्वर₹2,350₹23,500₹2,35,000
रायपुर₹2,350₹23,500₹2,35,000
हैदराबाद₹2,350₹23,500₹2,35,000

 

पिछले दिन क्या रहा भाव

ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार दिल्ली में सोमवार को चांदी की कीमत शुक्रवार के 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम के क्लोजिंग लेवल से 1,800 रुपये बढ़कर 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्पॉट चांदी की कीमत मामूली रूप से बढ़कर 57.97 डॉलर प्रति औंस हो गई।

क्या कहते है बाजार जानकार

बाजार जानकारों का कहना है कि आगे चलकर, मार्केट का ध्यान फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर रहेगा, जो बुलियन की कीमतों के लिए मुख्य कारक बनी हुई है। निवेशक फेड की ब्याज दरों की दिशा के बारे में नए संकेत पाने के लिए इस हफ्ते के US रोजगार डेटा – (जिसमें ADP रोजगार में बदलाव, नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर शामिल हैं ) पर भी बारीकी से नज़र रखेंगे। तकनीकी रूप से, MCX गोल्ड के निकट भविष्य में ₹1,42,000 से ₹1,45,000 की रेंज में ट्रेड करने की उम्मीद है।

Gold Silver price: सोने-चांदी की कीमतों में तेजी, जानें बढ़त की क्या है वजह और क्या करें निवेशक

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

सियासत ही नहीं, इन्वेस्टमेंट की पिच पर भी ‘ऑलराउंडर’ निकले प्रशांत किशोर! जानिए कहां-कहां लगाया है करोड़ों का दांव

Prashant Kishor Investment Portfolio: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बंपर जीत हासिल की है। बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाते हुए उन्होंने नीरज कुमार को 19,324 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। इस सियासी जीत के साथ ही प्रशांत किशोर की संपत्ति और उनके इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो की चर्चा तेज हो गई है।

चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रशांत किशोर की व्यक्तिगत संपत्ति ₹96.06 करोड़ है, जबकि उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास ₹101.93 करोड़ की संपत्ति है। यानी परिवार की कुल कुल संपत्ति करीब ₹198 करोड़ रुपये से अधिक है।

अनलिस्टेड इक्विटी में बड़ा दांव: वेधास वेंचर्स में 100% हिस्सेदारी

प्रशांत किशोर के पर्सनल वेल्थ मॉडल का सबसे बड़ा हिस्सा कॉर्पोरेट शेयरहोल्डिंग से आता है। प्रशांत किशोर की कुल संपत्ति में सबसे बड़ा योगदान उनकी अनलिस्टेड कंपनी ‘वेधास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Vedhas Ventures Pvt Ltd) का है। इस कंपनी में उनकी 100% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी है, जिसकी बुक वैल्यू लगभग ₹95.26 करोड़ आंकी गई है। यह उनके कुल मूवेबल पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा एसेट क्लास है।

₹7.36 करोड़ की कराई हुई है FD

शेयर बाजार की अनिश्चितताओं और उतार-चढ़ाव से बचने के लिए प्रशांत किशोर ने सेफ और फिक्स्ड-रिटर्न इंस्ट्रूमेंट्स में भारी निवेश कर रखा है:

HDFC बैंक में एफडी: प्रशांत किशोर के नाम पर एचडीएफसी बैंक में 5 मुख्य फिक्स्ड डिपॉजिट हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹7.36 करोड़ के करीब है।

पारिवारिक होल्डिंग: उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास 4 एफडी हैं और उनके बेटे दैविक्ष भारद्वाज के नाम पर भी एचडीएफसी बैंक में 2 फिक्स्ड डिपॉजिट मौजूद हैं।

बाजार के जोखिम और भू-राजनीतिक तनावों के बीच एफडी जैसे सुरक्षित विकल्पों में फंड रखना पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करता है।

डायरेक्ट इक्विटी, म्यूचुअल फंड्स और बॉन्ड्स

अनलिस्टेड शेयर्स और एफडी के अलावा प्रशांत किशोर और उनके परिवार ने डाइवर्सिफाइड एसेट एलोकेशन अपनाया है। स्टॉक मार्केट व म्यूचुअल फंड: प्रशांत किशोर का मार्केट इन्वेस्टमेंट्स और बैंक एफडी मिलाकर कुल निवेश ₹8 करोड़ से अधिक का है। उनके हलफनामे में लिस्टेड कंपनियों के शेयर, डेट बॉन्ड्स और म्यूचुअल फंड स्कीम्स में भी बैलेंस्ड एक्सपोजर दर्ज किया गया है।

पटना से दिल्ली तक अचल संपत्ति

प्रशांत किशोर के पोर्टफोलियो में अचल संपत्तियों का भी बड़ा योगदान है। प्रशांत किशोर के पास कुल ₹73.87 करोड़ की अचल संपत्ति है। इसमें पटना के पाटलिपुत्र कॉलोनी का आवासीय मकान, गाजियाबाद और नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित प्राइम प्रॉपर्टीज शामिल हैं। इसके अलावा रोहतास और बक्सर में पैतृक व कृषि भूमि भी दर्ज है। उनकी पत्नी के पास ₹12.42 करोड़ की अचल संपत्ति है, जिसमें असम (गुवाहाटी) और नोएडा (जेपी ग्रींस) में प्रॉपर्टीज शामिल हैं।

Poojaa Precision IPO Listing: 56% प्रीमियम पर ₹301 का शेयर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 278 गुना बोली

Poojaa Precision IPO Listing: पूजा प्रिसिजन के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 278 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹301 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹470.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 56.15% का लिस्टिंग गेन (Poojaa Precision Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹488.00 (Poojaa Precision Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 62.13% मुनाफे में हैं।

Poojaa Precision IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

पूजा प्रिसिजन का ₹160 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 278.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 206.46 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 463.43 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 247.58 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.33 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 53.10 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹106.34 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹30.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Poojaa Precision Engg. के बारे में

पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी है जो एलुमिनियम डाई-कास्टिंग और प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स बनाती है। इनका इस्तेमाल इंजन, ड्राइवरट्रेन, ईवी पावरट्रेन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ऑटोमोटिव (कमर्शियल गाड़ियां, पैसेंजर गाड़ियां, दो-पहिया गाड़ियां, इलेक्ट्रिक गाड़ियां), खेती, डिफेंस, एनर्जी, हेल्थकेयर, एयरोस्पेस और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे इंडस्ट्रीज में होता है। इसके ग्राहक भारत से लेकर जर्मनी, अमेरिका, इटली और स्विटजरलैंड तक हैं। हाल ही में अप्रूव्ड वेंडर पार्टनरशिप्स के जरिए एयरोस्पेस सेक्टर तक अपना दायरा फैलाया है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 38% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹30.90 करोड़ और टोटल इनकम 30% के सीएजीआर से ₹295.20 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹41.16 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹118.53 करोड़ पड़े थे।

Zepto IPO: टल गई Swiggy-Eternal से नए मैदान में टक्कर! जेप्टो जुटी इस काम में

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डिजिटल क्रिएटिव इंडस्ट्री पर योगी सरकार का फोकस, जेवर में बनेगा अत्याधुनिक एवीजीएक्स-एक्सआर पार्क

CM Yogi Adityanath

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और इंटरनेशनल फिल्म सिटी के पास विकसित होगा हाईटेक हब
  • एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, एआई और एक्सआर तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा

 

लखनऊ/नोएडा, 3 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राज्य सरकार अब डिजिटल क्रिएटिव और उभरती प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों पर भी विशेष फोकस कर रही है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के निकट अत्याधुनिक एवीजीएक्स-एक्सआर (Animation, Visual Effects, Gaming, Comics एवं Extended Reality) पार्क विकसित करने की दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही प्रदेश में उच्च कौशल आधारित रोजगार, निवेश और नवाचार को भी नई गति मिलेगी।

 

इंडस्ट्री फोकस सेक्टर के रूप में विकसित होगा एवीजीएक्स-एक्सआर पार्क

योगी सरकार ने एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX), गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) को प्रदेश के फोकस सेक्टर (Focus Sector) के रूप में चिह्नित किया है। इसी रणनीति के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के निकट यह पार्क विकसित कर रहा है। सरकार का उद्देश्य इस उभरते उद्योग को अत्याधुनिक अवसंरचना उपलब्ध कराकर घरेलू और वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करना, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाना तथा युवाओं के लिए उच्च कौशल आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना है।

 

डिजिटल क्रिएटिव इंडस्ट्री का नया केंद्र बनेगा उत्तर प्रदेश

प्रस्तावित एवीजीएक्स-एक्सआर पार्क को आधुनिक तकनीकों से लैस एकीकृत डिजिटल क्रिएटिव इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां देश-विदेश की कंपनियों, स्टार्टअप्स, कंटेंट क्रिएटर्स और तकनीकी विशेषज्ञों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उत्तर प्रदेश में डिजिटल मनोरंजन उद्योग, मीडिया एवं कंटेंट उत्पादन को नई ऊंचाई मिलेगी।

 

इन अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस पार्क

प्रस्तावित पार्क में कई अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें प्रमुख रूप से एनिमेशन स्टूडियो, विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स) स्टूडियो, गेम डेवलपमेंट एवं गेम डिजाइन सेंटर, मोशन कैप्चर स्टूडियो, वर्चुअल प्रोडक्शन सुविधाएं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कंटेंट निर्माण केंद्र, एक्सटेंडेड रियलिटी (एक्सआर), वर्चुअल रियलिटी (वीआर) व ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) लैब, डिजिटल मीडिया एवं इमर्सिव कंटेंट डेवलपमेंट सेंटर शामिल होंगे। इन सुविधाओं के माध्यम से एनिमेशन फिल्म, वेब सीरीज, गेमिंग, विज्ञापन, डिजिटल शिक्षा, वर्चुअल ट्रेनिंग और इमर्सिव मीडिया जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी।

 

जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी का मिलेगा लाभ

यह पार्क नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) और अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी के निकट विकसित किया जाएगा। इससे देश-विदेश के निवेशकों, स्टूडियो, प्रोडक्शन हाउस और तकनीकी कंपनियों को बेहतर कनेक्टिविटी तथा विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण मिलेगा। एयर कार्गो, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और लॉजिस्टिक सुविधाओं का लाभ भी इस परियोजना को मिलेगा। एवीजीएक्स-एक्सआर पार्क के विकसित होने से हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। एनिमेशन, गेमिंग, ग्राफिक्स, विजुअल इफेक्ट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ेगी। इससे स्टार्टअप संस्कृति को भी प्रोत्साहन मिलेगा और घरेलू व विदेशी निवेश आकर्षित होगा।

 

भारत को वैश्विक एवीजीएक्स-एक्सआर हब बनाने की दिशा में अहम कदम

यीडा का यह पार्क भारत को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स तथा एक्सटेंडेड रियलिटी तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, तकनीकी और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नई पहचान देने के साथ-साथ राज्य को डिजिटल कंटेंट और मनोरंजन उद्योग के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है।

अनार छोड़ शुरू की इस फसल की खेती, आज पैसे गिनते नहीं थकते किसान

भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है, लेकिन आज खेती पहले जैसी आसान नहीं रही। मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती उत्पादन लागत, कीटों और बीमारियों का बढ़ता खतरा तथा बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव किसानों की कमाई पर सीधा असर डाल रहे हैं। ऐसे में कई किसान पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय नई और कम लागत वाली फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। सही योजना, आधुनिक तकनीक और बाजार की समझ के साथ ये किसान खेती को घाटे का सौदा नहीं, बल्कि मुनाफे का व्यवसाय बना रहे हैं। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के किसान सागर येलपले इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। उन्होंने वर्षों से चली आ रही अनार की खेती छोड़कर सहजन (ड्रमस्टिक) की खेती अपनाई।

शुरुआत केवल एक एकड़ में प्रयोग के तौर पर हुई, लेकिन शानदार नतीजों ने उनकी सोच और किस्मत दोनों बदल दी। आज उनका 18 एकड़ का सहजन फार्म हर साल करोड़ों रुपये का कारोबार करता है और लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा देता है। उनकी सफलता आज हजारों किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

महंगी पड़ रही थी अनार की खेती

सागर ने 2012 में पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता के साथ 10 एकड़ की खेती संभाली। परिवार कई पीढ़ियों से अनार उगा रहा था, लेकिन समय के साथ इसकी खेती महंगी होती चली गई। उनके अनुसार, अनार में बीमारियों का खतरा बढ़ गया था, कीटनाशकों और रसायनों पर भारी खर्च करना पड़ता था। एक एकड़ से करीब 3 लाख रुपये की कमाई होती थी, लेकिन लगभग आधी रकम खेती की लागत में ही चली जाती थी। ऊपर से फसल तैयार होने में छह महीने का इंतजार भी करना पड़ता था।

2017 में लिया जिंदगी बदलने वाला फैसला

इसी दौरान एक दोस्त ने उन्हें व्यावसायिक सहजन की खेती का सुझाव दिया। सागर ने बिना जोखिम लिए पहले सिर्फ एक एकड़ में इसकी खेती शुरू की। उन्होंने करीब 4,000 रुपये में 400 ग्राम बीज खरीदे, खेत में गोबर की सड़ी खाद डाली और जनवरी 2017 में बुवाई कर दी। सिर्फ पांच महीने बाद जून में पहली फसल तैयार हो गई।

पहली ही फसल ने बढ़ाया हौसला

एक एकड़ से लगभग 10 टन सहजन की पैदावार हुई। बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक्री हुई और पहली ही फसल से 3 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई हुई। यहीं से सागर को भरोसा हो गया कि भविष्य सहजन की खेती में है।

धीरे-धीरे बदली पूरी खेती की तस्वीर

सागर ने एक साथ पूरी खेती बदलने की बजाय धीरे-धीरे अनार के बाग हटाकर सहजन लगाना शुरू किया। बाद में उन्होंने 8 एकड़ और जमीन जोड़ ली। आज उनके पास कुल 18 एकड़ में करीब 12,000 सहजन के पौधे हैं, जिनमें मुख्य रूप से ODC-3 और ODC-4 किस्में लगाई गई हैं।

हर साल 200 टन तक उत्पादन

शुरुआत में एक पेड़ से लगभग 25 किलो फल मिलता था, लेकिन सही देखभाल और नियमित छंटाई के कारण अब एक पेड़ से करीब 50 किलो तक उत्पादन हो रहा है। पूरे फार्म से हर साल 180 से 200 टन सहजन की पैदावार होती है।

बायोगैस प्लांट से घटाया खर्च

सागर ने खेत में बायोगैस प्लांट भी लगाया है, जिससे रोजाना 200 से 300 लीटर स्लरी निकलती है। यही स्लरी खेतों में जैविक खाद का काम करती है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर हुई, रासायनिक खाद का खर्च घटा और बायोगैस का इस्तेमाल घर में खाना बनाने के लिए भी होने लगा।

हैदराबाद बना सबसे बड़ा बाजार

अच्छी फसल के साथ सागर ने मजबूत बाजार भी तैयार किया। आज उनकी अधिकांश उपज लगभग 400 किलोमीटर दूर हैदराबाद भेजी जाती है, जहां व्यापारी पूरी फसल खरीद लेते हैं। पहले वे दुबई भी निर्यात करते थे, लेकिन अब हैदराबाद से ही इतनी मांग है कि पूरी उपज वहीं बिक जाती है।

मौसम बदलता है, मुनाफा नहीं

सर्दियों में सहजन की कीमत 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है, जबकि गर्मियों में यह 25 रुपये प्रति किलो तक आ जाती है। इसके बावजूद पूरे साल का औसत भाव करीब 50 रुपये प्रति किलो रहता है, जिससे खेती लगातार फायदे का सौदा बनी हुई है।

बीज बेचकर भी लाखों की कमाई

सिर्फ सहजन बेचकर ही नहीं, बल्कि सागर अब इसकी गुणवत्तापूर्ण बीज भी किसानों को बेचते हैं। वे करीब 10,000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बीज बेचते हैं, जिससे सालाना लगभग 15 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होती है।

1.15 करोड़ का कारोबार, 80 लाख तक मुनाफा

सहजन और बीज की बिक्री मिलाकर सागर का सालाना कारोबार करीब 1.15 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इसमें से करीब 80 लाख रुपये का शुद्ध लाभ होता है।

दूसरे किसानों को क्या सलाह देते हैं सागर?

सागर का मानना है कि किसी भी नई फसल में सीधे पूरी खेती बदलने की बजाय पहले छोटे स्तर पर प्रयोग करना चाहिए। फसल की देखभाल, बाजार की मांग और खरीदारों की उपलब्धता को समझने के बाद ही बड़े स्तर पर निवेश करना बेहतर होता है। यही सोच उनके लिए सफलता की सबसे बड़ी कुंजी साबित हुई।

Market view :ऑप्शन राइटर्स 3:00-3:10 बजे से पहले पोजिशन कवर करने पर फोकस करें, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Market view : पिछले कई दिनों की तेजी के बाद बाजार में अब थोड़ा ठहराव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निफ्टी और बैंक निफ्टी का आगे की चाल पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24736-24778/24809 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24858-24897/24934 पर है। इसके लिए पहला बेस 24489-24551 पर और बड़ा बेस 24419-24457 पर है। आज की पूरी कमेंट्री निफ्टी फ्यूचर्स के भाव पर आधारित है।

कल लॉन्ग पोजिशन कैरी करने की सलाह सही साबित हुई। FIIs की कैश में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इंडेक्स में शॉर्ट कवरिंग हुई। नेट शॉर्ट घटकर अब 1.50 लाख पर आ गया है। 24800 पहली बाधा है। 24950-25000 पर ऑप्शन बाधा है। 24600-24500 पर पुट राइटिंग का सपोर्ट है। बेस-1 तक किसी भी गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम करेगी। 24736 पहली रुकावट है, इसके बाद 24778-24809 का जोन मुमकिन है। 24809 के ऊपर टिकने पर रजिस्टेंस-2 तक स्विंग की उम्मीद है। ऑप्शन राइटर्स 3:00-3:10 बजे से पहले पोजिशन कवर करने पर ध्यान दें।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58097-58221 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 58389-58486/58571 पर है। इसके लिए पहला बेस 57523-57610 पर और बड़ा बेस 57210-57331 पर है। बैंक निफ्टी में तेजी बरकरार है। लेकिन 58000 बड़ा ऑप्शन बाधा है। RBI पॉलिसी से पहले बैंक निफ्टी की चाल अहम रहेगी। बेस-1 तक किसी भी गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम करेगी। रेजिस्टेंस-1 पर मुनाफावसूली और सौदों पर नजर रखें। रेजिस्टेंस-1 के ऊपर टिकने पर रेजिस्टेंस-2 तक स्विंग की उम्मीद है।

Trading Plan : पिछले कुछ सेशन में आई एकतरफा तेजी के बाद अब थोड़ा करेक्शन मुमकिन, जानिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं मंत्री फिनमार्ट (Mantri FinMart) के अरुण कुमार मंत्री। इनकी आज नेशनल एल्युमीनियम में 365 रुपए के आसपास, 359 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ,377 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है। HONASA में भी इनकी 458 रुपए के आसपास, 452 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ,475 रुपए के टारेगट के लिए खरीदारी की सलाह है।

बाजार की सोमवार की चाल पर एक नजर

भारतीय इक्विटी मार्केट में 3 अगस्त को लगातार चौथे सेशन में बढ़त देखने को मिली। निफ्टी 24,700 के ऊपर बंद हुआ। मीडिया स्टॉक्स को छोड़कर,सभी सेक्टर्स में हुई खरीदारी की वजह से बाजार में तेजी आई

ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 544.39 अंक यानी 0.70 फीसदी बढ़कर 78,639.03 पर और निफ्टी 390.70 अंक या 1.60 फीसदी बढ़कर 24,774.30 पर सेटल हुआ था।

ब्रॉडर मार्केट में भी अच्छी खरीदारी आई। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.2% की बढ़त देखने को मिली।

निफ्टी 50 स्टॉक्स की बात करें तो इंटरग्लोब एविएशन,TCS,इंफोसिस,श्रीराम फाइनेंस और ग्रासिम इंडस्ट्रीज टॉप गेनर्स रहे,जबकि सन फार्मा,अपोलो हॉस्पिटल्स,मारुति सुजुकी,ONGC और टेक महिंद्रा टॉप लूजर्स रहे।

निफ्टी मीडिया को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए। निफ्टी IT इंडेक्स में सबसे अधिक बढ़त रही। यह 3% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ था।

 

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