Trading plan : कच्चा तेल 93 डॉलर के पार, फिर भी बाजार गुलजार, जानिए कल के लिए क्या हो कमाई की रणनीति

Trading plan : कच्चे तेल में उबाल के बावजूद बाजार में बुल्स का जलवा कायम है। डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड ठंडी होने से जोरदार तेजी आई है। निफ्टी करीब 160 प्वाइंट चढ़कर 24250 के करीब कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी में 400 प्वाइंट का उछाल देखने को मिल रहा है। IT और बैंक दोनों ने बाजार में जोश भरा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी है। वहीं, फीयर इंडेक्स इंडिया VIX 6% से ज्यादा फिसला है। आज कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी है। कैपिटल मार्केट इंडेक्स करीब दो फीसदी मजबूत हुआ है। MCX और मोतीलाल ओसवाल 4-5 फीसदी उछलकर वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। साथ ही रियल्टी में भी रफ्तार है। NBFCs और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है।

आज न्यू एज शेयरों का जलवा देखने को मिल रहा है। जेफरीज की बुलिश रिपोर्ट से स्विगी में खरीदारी आई है। यह शेयर करीब 5 फीसदी की तेजी के साथ वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही इटरनल निफ्टी का टॉप गेनर बना है। उधर दूसरे न्यू एज PAYTM,कारट्रेड और GROWW में भी 2-4 फीसदी का उछाल देखने को मिला है।

सूत्रों के मुताबिक NSE अपने ही प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की मंजूरी मांग सकता है। इसके लिए Permit-to-Trade नियमों के तहत SEBI में अर्जी दी जा सकती है। इस खबर के बाद BSE पर दबाव बना है। उधर शुगर शेयरों की मिठास जारी है। बलरामपुर चीनी और द्वारिकेश शुगर में 13-14 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। साथ ही त्रिवेणी इंजीनियरिंग,बजाज हिंदुस्तान और अवध शुगर्स भी 5-9 फीसदी दौड़े हैं।

बाजार: शानदार दिन

बाजार की पोजीशन पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज शानदार तेजी का दिन देखने को मिला। 11 दिनों का लोअर हाईज का ट्रेंड टूटा है। निफ्टी ने जोरदार तरीके से हायर लो भी बनाया। निफ्टी बैंक और निफ्टी IT दोनों से सपोर्ट मिला है। डॉलर के गिरने और बॉन्ड यील्ड ठंडी पड़ने का असर देखने को मिला है। कच्चा तेल $93 के पार है, फिर भी बाजार गुलजार है। मार्केट ब्रेड्थ भी आज काफी शानदार है।

बाजार: अब क्या?

हमने सुबह नजरिया लिया कि करेक्शन खत्म होने के संकेत हैं और अब लग रहा है 24,000 नहीं टूटेगा। बस बैंक निफ्टी अभी भी थोड़ा फंस रहा है। कम्फर्ट के लिए 57,600 के ऊपर का ब्रेकआउट जरूरी है। आज निफ्टी में शायद अच्छा शॉर्ट कवरिंग डाटा आए। पिछले कई दिनों से FIIs ने बड़ी शॉर्टिंग की थी। आज की सबसे बड़ी थीम फिर शुगर रही। सिर्फ CNBC-आवाज ने शुगर पर समय पर अलर्ट किया।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,150-24,200 पर सपोर्ट और 24,300-24,350 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 57,200-57,500 पर सपोर्ट और 57,600-57,900 पर रेजिस्टेंस है।

BSE Vs MCX: रंग लाई स्ट्रैटेजी

अनुज सिंघल ने कहा कि कुछ दिनों से हमने BUY MCX और SELL BSE का नजरिया रखा। BSE में रोज बिकवाली करके पैसा बन रहा है। MCX में गिरावट में खरीदारी पर पैसा बन रहा है। BSE के वॉल्यूम्स में गिरावट दिख रही है और MCX के कमोडिटी कारोबार वॉल्यूम में उछाल दिखा है। अगर NSE की ट्रेडिंग की इजाजत NSE पर मिल गई तो BSE के लिए और निगेटिव होगा।

प्री-CAS रणनीति

बाजार में आज बॉटम बनने के संकेत हैं। चाहें तो मंथ एंड कॉल ऑप्शंस लेकर जा सकते हैं। निफ्टी की मंथ एंड की कॉल्स ले सकते हैं। आज तेजी का पहला दिन है,अगर सब सही रहा तो 24,600 जा सकते हैं। लेकिन नेकेड फ्यूचर्स ना लेकर जाएं,कॉल्स लें या हेज करें।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हर एक शेयर पर 2 नए शेयर फ्री, फायदा पाना है तो आज 20 अगस्त को आखिरी मौका; 6 महीनों में कीमत 21% चढ़ी

गुड लक इंडिया लिमिटेड के शेयर में आज, 20 अगस्त को शानदार तेजी है। दिन में शेयर की कीमत BSE पर लगभग 8.5 प्रतिशत तक चढ़कर 1477.45 रुपये के हाई तक गई। दरअसल कंपनी बोनस शेयर बांटने जा रही है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे होंगे, वे बोनस शेयरों के हकदार होंगे।

इसका मतलब यह हुआ कि अगर कोई बोनस शेयर पाना चाहता है लेकिन अभी तक शेयरहोल्डर नहीं है तो उसे आज, 20 अगस्त को ट्रेडिंग खत्म होने से पहले गुड लक इंडिया के शेयर खरीदने होंगे। इसलिए शेयर में जमकर पैसे लगाए जा रहे हैं। कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 1 शेयर पर 2 नए शेयर बोनस के तौर पर देगी।

बोनस शेयरों के अलॉटमेंट की तारीख 24 अगस्त है। इनमें 25 अगस्त से ट्रेडिंग की जा सकेगी। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। इस बोनस इश्यू की घोषणा जुलाई महीने में हुई थी। गुड लंक इंडिया पहली बार बोनस शेयर देने वाली है।

क्या करती है कंपनी

गुडलक इंडिया लिमिटेड कई तरह के ERW स्टील पाइप, हॉलो सेक्शंस, CR कॉइल्स, CRCA शीट्स और पाइप, गैल्वेनाइज्ड कॉइल्स, CDW ट्यूब, फोर्जिंग और फ्लैंज बनाने और एक्सपोर्ट करने का काम करती है। कंपनी टेलीकॉम और ट्रांसमिशन लाइन टावर, सबस्टेशन स्ट्रक्चर, सड़क व रेलवे के लिए पुल और सड़क सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराती है।

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अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,205.94 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 49.66 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4,067.71 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 173.45 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Goodluck India का शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत उछला

कंपनी का मार्केट कैप 4800 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। 6 महीनों में कीमत 21 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 38 प्रतिशत उछली है। 2 साल में शेयर 64 प्रतिशत और 3 साल में 162 प्रतिशत की तेजी देख चुका है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stocks: बंपर डिविडेंड कमाने का आज आखिरी मौका, कल से इन शेयरों में निवेश पर नहीं मिलेगा डिविडेंड

Dividend Stocks: कई इनवेस्टर्स कमाई के लिए उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं, जिनका डिविडेंड देने का रिकॉर्ड अच्छा है। इससे उन्हें दो तरह से कमाई होती है। शेयरों की कीमतों में इजाफा होने पर उनके निवेश की वैल्यू बढ़ती है। साथ ही जब तक शेयर उनके पोर्टफोलियो में रहता है, उन्हें डिविडेंड मिलता रहता है। अगर आप भी डिविडेंड के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आज बड़ा मौका है। करीब तीन दर्जन कंपनियों ने डिविडेंड के लिए 21 अगस्त को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

डिविडेंड के लिए 21 अगस्त तक डीमैट अकाउंट में होने चाहिए शेयर

ये कंपनियां उन शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड देंगी, जिनके डीमैट अकाउंट में 21 अगस्त को शेयर होंगे। इसका मतलब है कि अगर आप इन कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं तो कल यानी 21 अगस्त (शुक्रवार) को आपके डीमैट अकाउंट में शेयर आ जाएंगे। इसका मतलब है कि डिविडेंड इनकम के लिए जा इन शेयरों को खरीदने का अंतिम मौका है। अगर कोई इनवेस्टर 21 अगस्त को इन शेयरों को खरीदता है तो वह डिविडेंड का हकदार नहीं होगा।

सबसे ज्यादा 22 रुपये का डिविडेंड एके कैपिटल दे रही है

AK Capital Services सबसे ज्यादा 22 रुपये का डिविडेंड दे रही है। इसका मतलब है कि 21 अगस्त को जिन इनवेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें प्रति शेयर 22 रुपये का डिविडेंड मिलेगा। अगर आपके पास एके कैपिटल सर्विसेज के 10 शेयर हैं तो आपको कंपनी की तरफ से कुल 220 रुपये का डिविडेंड मिलेगा। AK Capital Services का शेयर 20 अगस्त को 1:20 बजे 1.36 फीसदी चढ़कर 1,778 रुपये पर चल रहा था।

वाडीलाल इंडस्ट्रीज प्रति शेयर 17 रुपये का डिविडेंड देगी

Vadilal Industries ने भी बंपर डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी हर एक शेयर पर 17 रुपये का अंतरिम डिविडेंड देगी। वाडीलाल इंडस्ट्रीज का शेयर 20 अगस्त को 0.66 फीसदी चढ़कर 7,450 रुपये पर चल रहा था। इस साल इस शेयर में जबर्दस्त तेजी आई है। यह 2026 में 51 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस कंपनी के शेयर पर डिविडेंड कमाने के लिए आपको आज ही इसके शेयर में निवेश करना होगा।

LICHF के शेयरों से भी डिविडेंड कमाने का यह बड़ा मौका

LIC Housing Finance (LICHF) ने भी प्रति शेयर 10 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया है। इसकी रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त है। इसका मतलब है कि प्रति शेयर 10 रुपये डिवलिडेंड कमाने के लिए आपको इस शेयर में आज ही निवेश करना होगा। यह देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC की हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। यह घर खरीदने के लिए लोन देती है। LICHF का शेयर 20 अगस्त को 2.09 फीसदी चढ़कर 508 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर 12 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

हिताची एनर्जी प्रत्येक शेयर पर 8 रुपये का डिविडेंड देगी

Hitachi Energy ने प्रति शेयर 8 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया है। अगर आप इस डिविडेंड का फायदा उठाना चाहते हैं तो आज ही आपको इस शेयर में निवेश करना होगा। हिताची एनर्जी का शेयर 20 अगस्त को 0.67 फीसदी गिरकर 33,575 रुपये पर चल रहा था। हालांकि, बीते एक साल में इस शेयर ने निवेशकों को मालामाल किया है। इस दौरान यह शेयर करीब 68 फीसदी उछला है।

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ये कंपनियां भी दे रही हैं शेयरों पर अट्रैक्टिव डिविडेंड 

पतंजिल फूड्स, जिंदल स्टेनलेस, जिंदल स्टील, GE Vernova T&D India, Veljan Denison, KSE, Mayur Uniquoters, Savita Oil Technologies, Patels Airtemp, Deep Industries के शेयरों पर भी डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त है। इसका मतलब है कि इन शेयरों से डिविडेंड इनकम के लिए आज ही इनमें निवेश करना पड़ेगा।

Stock To Buy: सिक्योरिटी सर्विलांस प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी में 53% की तेजी मुमकिन, इस साल अब तक 125% चढ़ा, क्या है आपके पास

Stock To Buy: CP Plus की पैरेंट कंपनी, आदित्य इन्फोटेक (Aditya Infotech) के शेयर गुरुवार, 20 अगस्त को 4.9% बढ़कर ₹3,464 पर पहुंच गए। स्टॉक में तेजी मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज द्वारा इस स्टॉक पर कवरेज शुरू करने के बाद आई है। मोतीलाल ओसवाल ने आदित्य इन्फोटेक के लिए “Buy” (खरीदने की सलाह) की सलाह दी है और इसके लिए ₹4,200 का प्राइस टारगेट तय किया है, जो बुधवार के क्लोजिंग लेवल से 27% की तेजी दिखाता है।

ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के ‘बुल केस’ (सबसे अच्छे हालात) रन के अनुसार, स्टॉक ₹5,066 तक जा सकता है, जिसका मतलब है कि इसमें 53% तक की बढ़ोतरी की संभावना है।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि आदित्य इन्फोटेक भारत के वीडियो सर्विलांस मार्केट में होने वाली ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इस मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 44% से ज़्यादा है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि भारत का सर्विलांस मार्केट फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹106 अरब से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2030 तक ₹227 अरब से ज़्यादा हो जाएगा। उन्हें यह भी उम्मीद है कि आदित्य इन्फोटेक का रेवेन्यू FY26 और FY28 के बीच 44% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा, जो इंडस्ट्री की अनुमानित 16%-18% ग्रोथ से काफी ज़्यादा है।

मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन (STQC) के नियम कॉम्पिटिशन को कम कर सकते हैं और कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2028 तक अपनी मार्केट हिस्सेदारी 58% से ज़्यादा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी FY26-FY28 के दौरान रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद प्रॉफिट में क्रमशः 44%, 58% और 64% की ग्रोथ हासिल करेगी। उन्होंने कॉस्ट एफिशिएंसी और मार्जिन बढ़ाने के लिए लेंस, केबल, प्लास्टिक और मेटल कंपोनेंट्स में बैकवर्ड इंटीग्रेशन को भी एक अहम वजह बताया है।

कंपनी ने ₹1,500 करोड़ जुटाने को मंज़ूरी दी

इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने 19 अगस्त को इक्विटी शेयर जारी करके ₹1,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। फंड जुटाने का काम एक या उससे ज़्यादा मंज़ूर तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू या क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), या फिर इन तरीकों का मिला-जुला इस्तेमाल।

फंड जुटाने का यह प्रस्ताव शेयरहोल्डर्स और दूसरी रेगुलेटरी मंज़ूरी पर निर्भर है। कंपनी पोस्टल बैलेट के ज़रिए शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी लेगी और उसने इस प्रस्तावित इश्यू से जुड़े मामलों को देखने के लिए एक बोर्ड कमिटी भी बनाई है।

19 अगस्त की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी ने मुंबई में 24 से 26 अगस्त और सिंगापुर में 1 से 3 सितंबर के बीच इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के साथ वन-ऑन-वन ​​और ग्रुप मीटिंग्स भी तय की हैं।

मार्जिन गाइडेंस

जून तिमाही के नतीजों के बाद, आदित्य इन्फोटेक ने FY27 के लिए अपने EBITDA मार्जिन गाइडेंस (14-15%) को फिर से दोहराया है, जबकि Q1FY27 में EBITDA मार्जिन 14.5% था। मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि वे FY27 की पहली छमाही के बाद आउटलुक का फिर से आकलन करेंगे, साथ ही वे तय गाइडेंस से बेहतर परफॉर्मेंस का इंटरनल टारगेट भी बनाए रखेंगे।

शेयर पर एनालिस्ट की राय

IIFL इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ भी आदित्य इन्फोटेक को लेकर पॉजिटिव है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च रेनू बैद पुगलिया का कहना है कि कंपनी ने भारत के IP कैमरा मार्केट में मज़बूत जगह बनाई है। उन्होंने कैमरा वैल्यू चेन के बड़े हिस्से के लोकलाइज़ेशन (स्थानीय स्तर पर उत्पादन) पर ज़ोर दिया और कहा कि कंपनी को घरेलू प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले 18-24 महीने की बढ़त हासिल है, जिसका इस्तेमाल वह एंटरप्राइज़ और सरकारी ग्राहकों के लिए प्रीमियम प्रोडक्ट्स में विस्तार करने के लिए कर रही है।

उन्हें उम्मीद है कि आदित्य इन्फोटेक 40-45% रेवेन्यू CAGR हासिल करेगी, जिसमें मार्जिन 14.5-15% के आसपास रहेगा, जिससे अगले दो सालों में कमाई में 45-50% की बढ़ोतरी होगी। उन्होंने सरकारी सर्टिफिकेशन की नई ज़रूरतों के बाद चीनी कंपनियों के बाहर निकलने को भी कंपनी के ग्रोथ आउटलुक के लिए एक मददगार कारक बताया।

यह स्टॉक “कंसेंसस बाय” (सबकी सहमति से खरीदने लायक) की श्रेणी में है, क्योंकि इस स्टॉक को ट्रैक करने वाले सभी सात एनालिस्ट इसे लेकर बुलिश (तेज़ी की उम्मीद रखने वाले) हैं।

गुरुवार को आदित्य इन्फोटेक के शेयर 4.71% बढ़कर ₹3,459.2 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 125% की बढ़ोतरी हो चुकी है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Maruti Suzuki Share Price: प्राइस हाइक के बाद शेयर 1% तक उछला; नोमुरा बोली- मार्जिन बचाने के लिए और बढ़ानी पड़ सकती हैं कीमतें

मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में औसतन लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह 18 अगस्त 2026 से लागू हो गई है। नोमुरा का मानना है कि अगर कंपनी को अपने मार्जिन को बचाना है तो आगे कीमतें और बढ़ाने की जरूरत होगी। अगस्त की प्राइस हाइक के तहत मारुति सुज़ुकी की कारें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से 2,500 से 30,000 रुपये तक महंगी हो रही हैं। इनपुट कॉस्ट में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण कंपनी ऐसा कर रही है।

इससे पहले मारुति सुजुकी ने जून 2026 में भी कारों की कीमत बढ़ाई थी। उस वक्त भी कीमतें 30000 रुपये तक बढ़ाने की बात कही गई थी। नई बढ़ोतरी के बाद मौजूदा वित्त वर्ष 2026—27 में अब तक मारुति सुजुकी की ओर से कीमतों में की गई कुल बढ़ोतरी लगभग 0.9 प्रतिशत हो गई है।

नोमुरा का मानना है कि ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को अभी भी ज्यादा लागत का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह है कि रबर, कॉपर, एनर्जी और वेंडर लेबर की लागत में बढ़ोतरी का असर कुछ समय बाद दिखाई देता है।

लगभग 150-200 बेसिस पॉइंट्स की और बढ़ोतरी जरूरी

नोमुरा के मुताबिक, मारुति सुजुकी को FY27/28/29F के लिए 10.5 प्रतिशत/11.8 प्रतिशत/11.9 प्रतिशत के EBITDA मार्जिन के बाजार अनुमानों को पूरा करने के लिए कीमतों में लगभग 150-200 बेसिस पॉइंट्स की और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। नोमुरा का कहना है कि कंपनी की रणनीति समय-समय पर सोच-समझकर कीमतें बढ़ाने की लगती है, ताकि मांग पर कम से कम असर पड़े। डीलरों का कहना है कि मांग मजबूत बनी हुई है। लेकिन ब्रोकरेज का कहना है कि वह छोटी कारों के सेगमेंट पर कीमत में बढ़ोतरी और महंगाई के असर पर नजर रखेगी, क्योंकि इस सेगमेंट में ग्राहक कीमतों को लेकर ज्यादा संवेदनशील होते हैं।

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नोमुरा ने मारुति सुजुकी के लिए 14,071 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। मध्यम अवधि में, EV यानि इलेक्ट्रिक व्हीकल अपनाने की बढ़ती रफ्तार मारुति सुजुकी के लिए मार्केट-शेयर के लिहाज से एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। इंडस्ट्री में पैसेंजर व्हीकल EV की पैठ लगभग 7 प्रतिशत तक बढ़ गई है। अगर EV की पैठ तेजी से बढ़ती है, तो कंपनी के मार्केट-शेयर पर असर पड़ सकता है। इसकी वजह है कि EV मार्केट में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से काफी कम रहने की संभावना है।

Maruti Suzuki के शेयर में तेजी

मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर में 20 अगस्त को दिन में लगभग 1 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। BSE पर शेयर 13809.40 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 4.34 लाख करोड़ रुपये हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Tempsens Instruments IPO: खुलते ही छा गया यह IPO! 1 घंटे में फुल, लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे का बड़ा इशारा

Tempsens Instruments IPO: राजस्थान बेस्ड टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया के 650 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों की तरफ से पहले ही दिन जबरदस्त रिस्पांस मिला है। 20 अगस्त को बोली खुलने के पहले ही घंटे में यह इश्यू 1.20 गुना सब्सक्राइब हो गया। ग्रे मार्केट में भी इसके अनलिस्टेड शेयरों की भारी डिमांड देखने को मिल रही है।

Tempsens Instruments IPO: सब्सक्रिप्शन स्टेटस

एनएससी (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, आईपीओ में ऑफर पर रखे गए 1,51,81,667 शेयरों के मुकाबले 1,89,88,300 शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:

गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 2.31 गुना सब्सक्रिप्शन

रिटेल निवेशक (RII): 1.50 गुना सब्सक्रिप्शन

₹650 करोड़ रुपये के इस कुल आईपीओ में ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। निवेशक इस आईपीओ में 24 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के लिए ICICI Securities और JM Financial बुक-रनिंग लीड मैनेजर के रूप में काम कर रहे हैं।

एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए ₹194.5 करोड़

आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले 19 अगस्त को कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹194.5 करोड़ जुटाए। अरंडा इन्वेस्टमेंट्स और गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज इंटरनेशनल फंड्स के साथ एचडीएफसी, निप्पॉन लाइफ, कोटक महिंद्रा और टाटा जैसे 8 डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स को भी शेयर अलॉट किए गए।

जुटाये गए पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹95 करोड़ में से ₹18.1 करोड़ का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक हीटिंग और केबल सॉल्यूशंस बिजनेस के कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए। ₹55 करोड़ कंपनी का कर्ज चुकाने के लिए और बाकी रकम जनरल कॉर्पोरेट जरूरतों में इस्तेमाल होगी।

कंपनी की कमाई और बिजनेस प्रोफाइल

राजस्थान बेस्ड टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स टेम्परेचर सेंसर्स बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी है। दुनिया भर में इसके 15 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं और भारत के टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में इसका 10.5% व नॉन-कॉन्टैक्ट टेम्परेचर सेंसर मार्केट में 21.3% मार्केट शेयर है।

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो FY26 में इसका कुल रेवेन्यू 17.5% बढ़कर ₹444.9 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹378.5 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 11.2% की बढ़त के साथ ₹60.6 करोड़ से बढ़कर ₹67.3 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी को अपनी कुल कमाई का 71.5% हिस्सा घरेलू बाजार से और बाकी 28.5% हिस्सा एक्सपोर्ट्स से मिलता है।

GMP से तगड़ा लिस्टिंग गेन का इशारा

इन्वेस्टरगेन के अनुसार, Tempsens Instruments का शेयर ग्रे मार्केट में ₹220 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर इसका अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹520 (₹300 + ₹220) बैठता है। इस हिसाब से निवेशकों को करीब 73% का लिस्टिंग गेन की संभावना है।

सब्सक्राइब करें या नहीं? जानें ब्रोकरेज की राय

दिग्गज ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने Tempsens Instruments के IPO को लंबी अवधि के नजरिए से ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर यह शेयर FY26 की कमाई के आधार पर 35.4x P/E और 25.64x EV/EBITDA के वैल्यूएशन पर उपलब्ध है।

कंपनी की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, टेम्परेचर सेंसर्स व केबल्स का डायवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और दुनिया के 80 से ज्यादा देशों में फैलता बिजनेस इसकी सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी सतर्क किया है कि अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन पूरी तरह से फेयरली प्राइज्ड नजर आ रहा है, लेकिन इसके लंबे समय के बिजनेस फंडामेंटल्स बेहद मजबूत हैं।

SBI Securities ने भी Tempsens Instruments के IPO को लंबी अवधि के लिए ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर पोस्ट-इश्यू बेसिस पर कंपनी का वैल्यूएशन 37.3x FY26 P/E पर आंका है। ब्रोकरेज ने थर्मल इंजीनियरिंग सेगमेंट में कंपनी की मार्केट लीडरशिप, प्रोजेक्ट्स और मेंटेनेंस (MRO) के बीच बैलेंस रेवेन्यू मिक्स और FY24 से FY26 के बीच एक्सपोर्ट में मिली 46.5% की सालाना ग्रोथ को बड़ा पॉजिटिव बताया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Upper Circuit Stocks: Tata Motors PV से मिला नया बिजनेस, रॉकेट की स्पीड से अपर सर्किट पर पहुंचा यह शेयर

Upper Circuit Stocks: ऑटो कंपोनेंट्स और इक्विपमेंट्स बनाने वाली कंपनी ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज के शेयर मार्केट की रौनक में आज उछलकर अपर सर्किट पर पहुंच गए। इसके शेयरों को टाटा ग्रुप से सपोर्ट मिला है। टाटा ग्रुप की टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स से इसे सप्लाई ऑर्डर के रूप में नया बिजनेस मिला तो इसके शेयरों की चमक बढ़ गई। जोश में उछलकर यह 5% के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि मार्केट में खरीदार रहे लेकिन कोई बेचने वाला नहीं। फिलहाल बीएसई पर यह ₹88.84 (Autoline Industries Share Price) के अपर सर्किट पर बना हुआ है। वहीं घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। सेंसेक्स चार कारोबारी दिन तो निफ्टी सात कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद आज मजबूत हुआ।

Tata Motors PV से कैसा ऑर्डर मिला है Autoline को

ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज ने एक कारोबारी दिन पहले इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद शाम में एक्सचेंज फाइलिंग में टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स से मिले ऑर्डर की जानकारी दी। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक टाटा मोटर्स पीवी ने हैचबैक गाड़ियों के लिए चार जरूरी पार्ट्स की सप्लाई का इसे नया बिजनेस दिया है। इस बिजनेस से कंपनी को सालाना लगभग ₹80 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है, जबकि इससे जुड़े टूलिंग से लगभग ₹30 करोड़ का एक बार का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

कंपनी की बात करें तो पुणे की ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज का मुख्य काम शीट मेटल कंपोनेंट्स, एसेंबलीज और सब-एसेंबलीज बनाना है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में फुट कंट्रोल मॉड्यूल्स पार्किंग ब्रेक्स, हिंग्स, एग्जास्ट सिस्टम्स, ट्यूब्यूलर स्ट्रक्चर्स और कई प्रकार शीट-मेटल स्टैंपिंग्स और वेल्डेड एसेंबलीज हैं। यह पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियों के लिए 3 हजार से अधिक अलग-अलग प्रोडक्ट्स बनाती है। इसका कारोबार दुनिया भर में फैला हुआ और इसके पास 9 से अधिक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज के शेयरों निवेशकों का पैसा रॉकेट की स्पीड से बढ़ाया है और महज कुछ महीने में निवेश दोगुना से अधिक हो गया। 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह महज ₹48.41 के भाव में मिल रहा था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से यह रॉकेट की स्पीड से रिकवर होकर 5 महीने में 114.52% मजबूत हुआ और 13 अगस्त 2026 को ₹103.85 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket Share Price: लगातार दूसरे दिन रॉकेट बने शेयर, IPO में निवेश का मौका चूक गए तो अब क्या करें?

Shiprocket Share Price: शिपरॉकेट के शेयर 20 अगस्त को लगातार दूसरे दिन रॉकेट बन गए। कंपनी के शेयर 19 अगस्त को 35 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुए थे। उसके बाद शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी थी। कारोबार खत्म होने पर शेयर करीब 48 फीसदी तेजी के साथ बंद हुए। आज यानी 20 अगस्त को लगातार दूसरे दिन शेयरों में जबर्दस्त तेजी दिखी। खुलते ही शेयर करीब 8 फीसदी तक उछल गए। हालांकि, बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। 11:00 बजे शेयर 5.26 फीसदी चढ़कर 150.78 रुपये पर चल रहा था।

गोल्डमैन सैक्स की कंपनी ने किया बड़ा निवेश

Shiprocket के शेयरों में आज (20 अगस्त) को आई तेजी की वजह एक खबर है। खबर है कि गोल्डमैन सैक्स की कंपनी गोल्डमैन सैक्स इंडिया इक्विटी पोर्टफोलियो ने शिपरॉकेट के 40,24,040 शेयर खरीदे हैं। यह ट्रांजेक्शन प्रति शेयर 131 रुपये के प्राइस पर हुआ है। इससे लगातार दूसरे दिन शेयरों को पंख लग गए। जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर एलॉट हुए हैं, वे शेयरों में जबर्दस्त तेजी का जश्न मना रहे है।

आईपीओ को जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला था

Shiprocket के आईपीओ को निवेशकों का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला था। यह इश्यू 99 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ 12-14 अगस्त के बीच खुला था। खास बात यह है कि शेयर की लिस्टिंग ग्रे मार्केट के संकेत के मुताबिक रही। कंपनी के शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 36-37 फीसदी चल रहा था।

निवेशक शेयरों में कुछ मुनाफावसूली कर सकते हैं

आनंदराठी शेयर्स के फंडामेंटल रिसर्च हेड नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि शिपरॉकेट को इंडिया में ई-कॉमर्स ईकोसिस्टम की स्ट्रक्चरल ग्रोथ का फायदा मिल सकता है। हालांकि, इस मार्केट में काफी प्रतियोगिता है। उन्होंने कहा कि जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर एलॉट हुए हैं, वे कुछ लिस्टिंग गेंस बुक कर सकते हैं। बाकी शेयर वे अपने पास रख सकते हैं। लंबी अवधि में शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है।

नए इनवेस्टर्स ‘वेट एंड वॉच’ की पॉलिसी अपना सकते हैं

कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट महेश एम ओझा ने कहा कि जिन निवेशकों ने आईपीओ में अप्लाई नहीं किया था या जिन्हें अप्लाई करने के बाद भी शेयर एलॉट नहीं हुए, वे ‘वेट एंड वॉच’ यानी इंतजार करो और देखो की पॉलिसी अपना सकते हैं। उन्हें अगली 1-2 तिमाही तक कंपनी के रिजल्ट्स को देखना चाहिए। रेवेन्यू ग्रोथ, ऑपेरेटिंग प्रॉफिट देखने के बाद ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

शिपरॉकेट में टेमासेक और जोमैटो का इनवेस्टमेंट

शिपरॉकेट में टेमासेक और जोमैटो के पैसे लगे हैं। शुरुआत में यह कंपनी शिपिंग सर्विस देती थी। अब इसका फुल-स्टैक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है, जिससे जरिए यह डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर ब्रांड्स से लेकर MSME का शिपिंग सर्विसेज ऑफर करती है। इसके बिजनेस के दो सेगमेंट-कोर बिजनेस और इमर्जिंग बिजनेस हैं।

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कंपनी कई तरह की शिपिंग सर्विसेज ऑफर करती है

कंपनी के कोर बिजनेस में डोमेस्टिक शिपिंग और शिपिंग अप्लिकेशंस आते हैं। इमर्जिंग बिजनेसेज में कार्गो एंड फुलफिलमेंट, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग, एडवर्टाइजिंग एंड मार्केटिंग सॉल्यूशंस, कैपिटल सॉल्यूशंस और हायपर लोकल डिलीवरीज आती हैं। इकोनॉमिक एक्टिविटीज बढ़ने का फायदा कंपनी को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

 

Zerodha का बड़ा ऐलान: अब एक ही ऐप पर मिलेंगे शेयर और म्यूचुअल फंड, Kite में ही शुरू होगी डायरेक्ट SIP

Zerodha Kite Mutual Fund Trading: देश के सबसे बड़े डिस्काउंट ब्रोकर्स में शामिल जेरोधा ने अपने करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा फैसला किया है। Zerodha बहुत जल्द अपने पॉपुलर स्टॉक ट्रेडिंग ऐप ‘Kite’ पर ही म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सुविधा देने जा रहा है। यानी अब निवेशकों को शेयर खरीदने और म्यूचुअल फंड/SIP में पैसा लगाने के लिए अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा।

कंपनी के म्यूचुअल फंड हेड नीलेश वर्मा ने मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में बताया कि अगले कुछ ही महीनों में यह नया फीचर Kite ऐप पर लाइव कर दिया जाएगा।

अभी क्या है व्यवस्था और क्यों हो रहा है यह बड़ा बदलाव?

अब तक Zerodha अपने यूजर्स के लिए दो अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल करता रहा है:

Kite App: एक्टिव ट्रेडिंग और शेयरों की खरीद-बिक्री के लिए।

Coin App: लॉन्ग-टर्म और पैसिव इन्वेस्टमेंट्स जैसे म्यूचुअल फंड्स, NPS और FD के लिए।

फिलहाल, जब यूजर्स Kite ऐप पर म्यूचुअल फंड्स देखते हैं, तो उन्हें खरीदारी करने के लिए ऑटोमैटिकली Coin ऐप पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता है। लेकिन Groww जैसे प्रतिस्पर्धी ब्रोकर्स द्वारा एक ही ऐप पर सभी सुविधाएं देने के कारण यूजर्स काफी समय से Zerodha से भी ‘ऑल-इन-वन ऐप’ की मांग कर रहे थे।

Kite ऐप में मिलेंगे 2 सबसे खास और नए फीचर्स

सिंगल ऐप एक्सपीरियंस: अब यूजर्स अपने इक्विटी पोर्टफोलियो और म्यूचुअल फंड निवेश को एक ही स्क्रीन से मैनेज और ट्रैक कर पाएंगे।

पोर्टफोलियो इंपोर्ट करने की सुविधा: यूजर्स किसी दूसरे प्लेटफॉर्म (जैसे- Groww, PayTM Money आदि) पर चल रहे अपने पुराने म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट्स को भी आसानी से Zerodha Kite पर इंपोर्ट कर सकेंगे।

आपको बता दें कि Zerodha अपने ‘Coin’ ऐप को बंद नहीं करेगा। Coin ऐप पैसिव इन्वेस्टर्स के लिए अलग से काम करता रहेगा, लेकिन Kite यूजर्स को अब ऐप बदलने की मजबूरी नहीं होगी।

Zerodha के इस कदम के पीछे के आंकड़े

Zerodha के पास Coin ऐप पर लगभग 30 लाख म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर्स और 56 लाख से ज्यादा एक्टिव SIP अकाउंट्स हैं। एसेट अंडर मैनेजमेंट(AUM) के मामले में Coin देश का दूसरा सबसे बड़ा डायरेक्ट म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म है।

Kite App गूगल प्ले स्टोर पर 1 करोड़+ डाउनलोड्स है और करीब 65 लाख+ एक्टिव यूजर बेस है। वही Coin App के 50 लाख+ डाउनलोड्स और 30 लाख से ज्यादा एक्टिव यूजर है।

Kite का यूजर बेस Coin से दोगुना से भी ज्यादा है। ऐसे में Kite के भीतर ही म्यूचुअल फंड्स का विकल्प मिलने से Zerodha के म्यूचुअल फंड कारोबार में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।

डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स ही क्यों?

Zerodha अपने दोनों प्लेटफॉर्म्स पर सिर्फ डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स ही ऑफर करता है। इसमें निवेशकों को कोई डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन या अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ता, जिससे लॉन्ग-टर्म में निवेशकों को रेगुलर फंड्स के मुकाबले बेहतर रिटर्न (CAGR) मिलता है।

Groww और Zerodha के बीच म्यूचुअल फंड और SIP ग्राहकों को जोड़ने की होड़ में, Zerodha का यह ‘ऑल-इन-वन’ दांव मार्केट में उसकी पकड़ को और मजबूत कर सकता है।

Credent IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, ₹189 का शेयर डबल

Credent Connect N Care IPO Listing: हेल्थकेयर सर्विसेज और लॉजिस्टिक्स कंपनी क्रीडेंट कनेक्ट एन केयर के शेयरों की आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 153 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹189 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹359.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90% का लिस्टिंग गेन (Credent Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹377.05 (Credent Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 99.50% मुनाफे में हैं।

Credent IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

क्रीडेंट कनेक्ट एन केयर का ₹94 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 13-17 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 153.13 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 130.40 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 216.97 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 138.86 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 49.68 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹26.80 करोड़ पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडरी क्रीडेंट हेल्थकेयर के वर्किंग कैपिटल को लेकर निवेश, ₹3.00 करोड़ क्रीडेंट हेल्थकेयर की मशीनरी, 37.00 करोड़ अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹6.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Credent Connect N Care के बारे में

क्रीडेंट कनेक्ट एन केयर लिमिटेड एक हेल्थकेयर सर्विसेज और लॉजिस्टिक्स कंपनी है। इसकी शुरुआत जून 2015 में क्रीडेंट कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के रूप में हुई थी। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है। इसके ग्राहक डाइग्नॉस्टिक लैब, आईवीडी कंपनियां, फार्मा कंपनियां, अस्पताल, क्लीनिक और हेल्थकेयर से जुड़ी कंपनियां हैं। इसका कारोबार देश भर में फैला हुआ है। क्रीडेंट हेल्थकेयर, क्रीडेंट टीम और आलट्रैक टेक के अधिग्रहण के जरिए इसनें अपनी क्षमता भी बढ़ाई है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.41% घटकर ₹2.25 करोड़ पर आ गया लेकिन टोटल इनकम 2.91% उछलकर ₹78.23 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹7.42 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.70 करोड़ पड़े थे।

NSE IPO: देश का 31500 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ इस तारीख को आएगा

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।