अमेरिका ने चीन समेत दूसरे देशों से आने वाले इंसानों जैसे दिखने वाले (ह्यूमनॉइड) और चार पैरों पर चलने वाले (क्वाड्रुपेड) रोबोट के आयात पर रोक लगा दी है। अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। यह प्रतिबंध उन रोबोट पर लागू होगा जो अब तक अमेरिका में नहीं पहुंचे हैं। पहले से इस्तेमाल हो रहे रोबोट इस दायरे में नहीं आएंगे। इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि अमेरिका बिना किसी ठोस सबूत के चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन ने चेतावनी दी कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी जवाबी कदम उठाएगा। अमेरिका बोला- अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करना जरूरी FCC चेयरमैन ब्रेंडन कार ने कहा कि यह फैसला अमेरिका की अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए लिया गया है। उनके मुताबिक विदेशों में बने एडवांस रोबोट अमेरिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा और सप्लाई नेटवर्क के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का जोखिम पैदा कर सकते हैं। FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इन्वर्टर का इस्तेमाल सोलर और दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और कई घरेलू उपकरणों में होता है। इसलिए इस फैसले का असर ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी पड़ सकता है। चीन ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा का बहाना बनाया जा रहा अमेरिका के इस फैसले पर चीन ने कड़ा विरोध जताया है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा का बहाना बनाकर चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन अपनी कंपनियों के कानूनी अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठाएगा। माओ निंग ने कहा कि ऐसी रोक लगाने से अमेरिका ज्यादा मजबूत नहीं बनेगा और न ही उसकी कंपनियां दूसरे देशों की कंपनियों से बेहतर हो जाएंगी। इसका नुकसान आखिरकार अमेरिकी कंपनियों और वहां के आम लोगों को भी उठाना पड़ेगा। दुनिया के 85% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन के हैं चीन इस समय दुनिया का सबसे बड़ा ह्यूमनॉइड रोबोट निर्माता है। AP के मुताबिक दुनिया में तैनात करीब 85% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन के हैं। अमेरिकी निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। टेक्नोलॉजी रिसर्च फर्म ओम्डिया के मुताबिक 2025 में दुनिया भर में करीब 15 हजार ह्यूमनॉइड रोबोट भेजे गए। इनमें चीन की दो बड़ी कंपनियां ‘यूनिट्री’ और ‘एजीआईबॉट’ ने अकेले पांच-पांच हजार से ज्यादा रोबोट की सप्लाई की। दूसरी तरफ अमेरिकी कंपनियां ‘टेस्ला’ और ‘फिगर एआई’ कुछ 100 या उससे भी कम रोबोट भेज सकीं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीनी कंपनियों ने कम लागत में बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की क्षमता बहुत तेजी से विकसित की है। ऐसे में अमेरिकी बाजार बंद होने से उन्हें एक बड़े खरीदार का नुकसान जरूर होगा। हालांकि, चीन अब यूरोप जैसे बाजारों पर भी तेजी से फोकस कर रहा है, ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम हो सके। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।
कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल बनाने वाली कंपनी V-Guard Industries ने FY27 की शुरुआत जबरदस्त तरीके से की है। कंपनी के सभी बिजनेस पोर्टफोलियो में अच्छी ग्रोथ देखी गई। गर्मियों में अच्छी मांग और मजबूत कामकाज की वजह से कंपनी को वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़ी सप्लाई की दिक्कतों से निपटने में मदद मिली। अच्छे नतीजों से निवेशक खुश हुए और बुधवार,29 जुलाई को कंपनी के शेयर में लगभग 9% की तेज़ी आई।
कंपनी ने जून तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 76% की बढ़ोतरी के साथ ₹130 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि रेवेन्यू 23.5% बढ़कर ₹1,811 करोड़ हो गया। EBITDA 56% बढ़कर ₹192 करोड़ हो गया और EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 8.4% से बढ़कर 10.6% हो गया, जो बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज और लागत के अच्छे मैनेजमेंट को दिखाता है।
यह मज़बूती सिर्फ़ एक प्रोडक्ट कैटेगरी तक सीमित नहीं थी। तिमाही के दौरान हर बिज़नेस सेगमेंट में रेवेन्यू में डबल-डिजिट ग्रोथ हुई, जो कंपनी के अलग-अलग तरह के पोर्टफोलियो और हर तरफ मांग में सुधार को दिखाता है।
इलेक्ट्रिकल्स सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट रहा, जिसमें रेवेन्यू 27.7% बढ़ा, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स में 22.8% की ग्रोथ हुई। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी 19.2% की अच्छी बढ़ोतरी हुई और Sunflame ने बिज़नेस में शामिल होने के बाद सकारात्मक योगदान देना जारी रखा। ज़्यादातर बिज़नेस में सेगमेंट की मुनाफ़ा कमाने की क्षमता में सुधार हुआ। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स डिवीज़न ने पिछले साल इसी अवधि में नुकसान दर्ज करने के बाद पॉज़िटिव मार्जिन हासिल किया।
इलाके के हिसाब से देखें तो दक्षिणी बाज़ार कंपनी के रेवेन्यू में सबसे बड़ा योगदान देने वाले बने रहे, जहाँ से कुल बिक्री का आधे से ज़्यादा हिस्सा आया।
हालांकि, कंपनी के पारंपरिक मजबूत गढ़ के बाहर भी ग्रोथ में तेज़ी आई; दक्षिण से बाहर के बिज़नेस में सालाना आधार पर 12% की बढ़ोतरी हुई, जो देश भर में अपनी पहुँच बढ़ाने की V-Guard की लगातार कोशिशों को दिखाता है।
मैनेजिंग डायरेक्टर मिथुन के. चिट्टिलाप्पिली ने कहा कि वेस्ट एशिया में संघर्ष से पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने तिमाही में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने इस प्रदर्शन का श्रेय बिज़नेस की मज़बूती, पहले से किए गए ऑपरेशनल उपायों और गर्मियों के महीनों में अच्छी मौसमी मांग को दिया।
उन्होंने कहा, “बिज़नेस ने तिमाही के लिए ज़बरदस्त प्रदर्शन किया और सभी सेगमेंट में डबल-डिजिट ग्रोथ हुई। वेस्ट एशिया युद्ध की चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने मज़बूत नतीजे दिए और अच्छे मार्जिन बनाए रखे। यह बिज़नेस की मज़बूती, पहले से किए गए उपायों और गर्मियों के मौसम में मिली मदद की वजह से संभव हुआ।” उन्होंने कहा कि कंपनी जियो-पॉलिटिकल घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखेगी और सप्लाई व मुनाफ़े को सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगी। साथ ही, उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाली तिमाहियों में भी ग्रोथ की मौजूदा रफ़्तार बनी रहेगी।
निवेशकों ने कंपनी के नतीजों और मैनेजमेंट की बातों का स्वागत किया। इस घोषणा के बाद, मंगलवार के सेशन में V-Guard Industries के शेयर लगभग 9% बढ़कर ₹316.80 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए, हालांकि बाद में वे दिन के उच्चतम स्तर से नीचे आकर 301.95 रुपये पर बंद हुआ।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Market Outlook : 29 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स अच्छी बढ़त लेकर बंद हुए हैं। IT,मेटल,बैंकिंग और FMCG शेयरों की अगुवाई में बाजार में व्यापक स्तर की तेजी देखने को मिली है। इसके चलते निफ्टी 24,200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा है।
ट्रडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर और निफ्टी 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ। आज लगभग 2460 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। वहीं, 1597 शेयर लाल निशान में बंद हुए। वहीं, 177 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी इंडेक्स में शामिल शेयरों की बात करें तो जियो फाइनेंशियल सर्विसेज,हिंदुस्तान यूनिलीवर,इंफोसिस,हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो(L&T)सबसे ज़्यादा बढ़त लेकर बंद होने वाले शेयरों में रहे। जबकि, अदाणी पोर्ट्स एंड SEZ,महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M),पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन,आयशर मोटर्स और HDFC लाइफ इंश्योरेंस निफ्टी के टॉप लूजरों में रहे।
सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो रियल्टी को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT,मीडिया,मेटल,फार्मा,टेलीकॉम,प्राइवेट बैंक,FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1-2% की बढ़त देखने को मिली।
छोटे-मझोले शेयरों में भी अच्छी खरीदारी आई। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.8% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.5% की बढ़त लेकर बंद हुए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भारत में AI से जुड़े ट्रेड के कम होने से FII के आने की संभावना मजबूत हो रही है। ग्लोबल निवेशकों का चिप शेयरों से मोह भंग हो रहा है। इस बीच,पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में दिन के दौरान थोड़ी बढ़त के बावजूद,पूरे हफ्ते तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इससे महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं। साथ ही ग्रोथ और ऑपरेशनल लागत के आउटलुक में सुधार हुआ है।
घरेलू मार्केट की बात करें उम्मीद से बेहतर IIP डेटा ने बाज़ार को राहत दी है। इससे निवेशकों में जोश देखने को मिला है।आज की तेजी में IT और मेटल स्टॉक का अहम योगदान रहा। अब बाजार की नजरें आज रात आने वाले US फेड पॉलिसी पर है। बाजार की आम धारणा है कि अमेरिका में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके भारतीय बाज़ारों पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है,क्योंकि इसको ज़्यादातर असर को पहले ही पचा लिया है।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि डेली टाइमफ्रेम पर कुछ समय तक एक ही रेंज में रहने के बाद इंडेक्स में आज बढ़त देखने को मिली। RSI में बुलिश क्रॉसओवर हुआ है। इसके अलावा,निफ्टी 50 EMA के ऊपर बना हुआ है। ऑवरली चार्ट पर,इंडेक्स ने 200 DMA का स्तर भी फिर से हासिल कर लिया है। यह शॉर्ट में मजबूती आने का संकेत है। शॉर्ट टर्म में निफ्टी के मजबूत बने रहने और इसके 24,450–24,500 के स्तर तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ इसके लिए 24,100 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इस सपोर्ट को तोड़ता है तो सेंटीमेंट कमजोर हो सकता है,जिससे यह 23,950 के स्तर तक गिर सकता है।
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि अब निफ्टी के लिए 20 डे SMA या 24,100 और उसके 24,150 का स्तर अहम सपोर्ट जोन का काम करेगा। जब तक निफ्टी इस लेवल से ऊपर टिका रहेगा, तब तक तेजी जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ निफ्टी 24,400-24,500 तक जा सकता है। हालांकि,24,100 के नीचे आने अपट्रेंड कमज़ोर पड़ सकता है। इस स्तर के नीचे आने पर ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकल सकते हैं।
Trading Plan : अगस्त सीरीज का शानदार आगाज, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Trading Plan : चौतरफा खरीदारी के दम पर अगस्त सीरीज का शानदार आगाज हुआ है। निफ्टी 250 प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24250 के ऊपर निकल गया है। बैंक निफ्टी में भी करीब 450 प्वाइंट की तेजी है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी है। वहीं INDIA VIX करीब 4% फिसलकर 12 के करीब आ गया है। IT शेयरों में बुल रन जारी है। तीन दिनों में निफ्टी IT इंडेक्स करीब 9 परसेंट दौड़ा है। आज लार्जकैप में विप्रो तीन तो इंफोसिस करीब पांच परसेंट की तेजी के साथ निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार हैं। वहीं नतीजों और दूसरी छमाही के लिए बुलिश कमेंट्री के बाद KPIT टेक तेज दौड़ा है। शेयर में 10% का अपर सर्किट लगा है।
IT के साथ FMCG और मेटल शेयरों में जोरदार तेजी है। दोनों इंडेक्स 1.5 परसेंट से ज्यादा चढ़े हैं। FMCG में 4% उछाल के साथ HUL निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल है। साथ ही फार्मा और NBFCs में भी रौनक है। जियो फाइनेंस 5% उछाल के साथ निफ्टी का टॉप गेनर बना है।
नतीजों के बाद L&T आज का हीरो बना है। यह करीब 3 परसेंट चढ़कर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही IT का मजबूत शेयर टेक महिंद्रा भी चढ़ा है। अच्छे रिजल्ट के दम पर टाटा कैपिटल भी उछला है। इटरनल में भी खरीदारी आई है। उधर गोदरेज प्रॉपर्टीज और TCS ने भी कमाल किया है। TVS मोटर लाइफ हाई पर जाता दिखा है।
EMS शेयरों में आज जोरदार खरीदारी आई है। KAYNES 13% से ज्यादा के उछाल के साथ वायदा का टॉप गेनर बना है। साथ ही डिक्सन,PGEL और सिरमा भी दो परसेंट से ज्यादा ऊपर दिख रहे हैं।
बाजार: शानदार दिन
बाजार में आज चौतरफा हरियाली है। निफ्टी,बैंक निफ्टी,निफ्टी IT और FMCG सब ऊपर कारोबार कर रहे हैं। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी तेजी है। Adv/Dec 2:1 का है। इंफोसिस की अगुवाई में IT ने हैट्रिक लगाई है। HDFC बैंक में 52 हफ्तों के निचले स्तर से शानदार रिकवरी आई है। HUL में कल की गिरावट के बाद तेजी आई है। EMS स्टॉक्स में तेजी है। Kaynes टॉप गेनर बना है। कच्चा तेल $87/bbl के पास दिख रहा है। अक्टूबर वायदा $84/bbl के पास दिख रहा है। रुपये में शानदार रिकवरी आई है। बड़ा सवाल यह है कि क्या 24,300-24,350 में मुनाफा बांधें?
बाजार: अब क्या?
शुक्रवार को हमने 23,650-23,700 से लॉन्ग का नजरिया लिया था। ये बात हुई थी कि इसी हफ्ते हम वापस 24,300 पर आ सकते हैं। लेकिन इतनी जल्दी और तेज आएंगे ये नहीं सोचा था। लेकिन बाजार ने उन्हें इनाम दिया,जिन्होंने इस थ्योरी पर भरोसा किया। बाजार एक रेंज में है और एज पर बड़ी ट्रेड मिल रही है। 2 हफ्ते पहले 24,300 पर शॉर्ट भी मिला था और इसीलिए अब 24,300-24,350 मेक और ब्रेक जोन है। अगर इस बार उसके ऊपर निकले तो 25,000 तक नहीं रुकेंगे। आवाज़ के दर्शक पिछले हफ्ते से लॉन्ग पोजीशन में हैं। अब यहां से अपना ट्रेलिंग स्टॉपलॉस एडजस्ट करते रहें।
निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति
निफ्टी के लिए 24,300-24,350 पर रेजिस्टेंस और 24,100-24,150 पर सपोर्ट है। बैंक निफ्टी के लिए 57,400-57,600 पर रेजिस्टेंस और 56,800-57,000 पर सपोर्ट है।
कल के लिए रणनीति
अगले महीने 25 अगस्त की कॉल में बने रहें। CNBC-आवाज़ के दर्शक 23,650-23,700 जोन से लॉन्ग हैं। 24,300-24,350 पर थोड़ी रुकावट है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Thangamayil Jewellery Share Price: ज्वैलरी रिटेलर थंगामयिल ज्वैलरी (Thangamayil Jewellery) के शेयरों में 29 जुलाई को भारी गिरावट देखने को मिली। जून तिमाही में दमदार मुनाफे के बाद भी शेयर में आज 10 फीसदी का लोअरसर्किट लग गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निवेशकों ने कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बजाय मौजूदा तिमाही के लिए कंपनी के सतर्क नजरिए पर ज्यादा ध्यान दिया, जिससे सेंटीमेंट पर असर पड़ा।
जून तिमाही के दौरान कंपनी ने रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी दोनों में जबरदस्त ग्रोथ दिखाया है। हालांकि, मैनेजमेंट ने मांग में लगातार कमजोरी की ओर इशारा किया। इसके पीछे उन्होंने वेस्ट एशिया में युद्ध की अनिश्चितता, सोने पर ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी, रुपये की गिरती कीमतों को टहराया है। साथ ही सोने की कीमतें कम होने की उम्मीद में ग्राहकों द्वारा खरीदारी टालने का हवाला भी दिया है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
थंगामयिल ज्वैलरी ने जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए ₹85 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹45.7 करोड़ से 86% ज्यादा है। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 71.2% बढ़कर ₹2,666.4 करोड़ हो गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर की जून तिमाही में यह ₹1,558 करोड़ था।
ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी मजबूत रही। EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 66.2% बढ़कर ₹144.6 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹87 करोड़ था। हालांकि, EBITDA मार्जिन थोड़ा घटकर 5.4% रह गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 5.6% था।
अच्छे फाइनेंशियल नतीजे दिखाने के बावजूद, कंपनी ने निकट भविष्य में मांग को लेकर सतर्क रुख दिखाया।
30 जून, 2026 को खत्म हुई तिमाही के दौरान सेम-स्टोर सेल्स (SSS) ग्रोथ 44.4% रही, जबकि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर यह ग्रोथ 72.3% थी। थंगामयिल ज्वैलरी ने कहा कि सोने की बिक्री की मात्रा (वॉल्यूम) अपेक्षाकृत कम रही, भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें पिछली तिमाही (जब कीमतें काफी ऊंची थीं) की तुलना में कम थीं। कंपनी के अनुसार, मांग पर मुख्य रूप से 13 मई, 2026 से सोने पर आयात शुल्क (import duty) 6% से बढ़कर 15% होने और भारतीय रुपये की कीमत में काफी गिरावट का असर पड़ा। इन घटनाक्रमों के कारण कई ग्राहकों ने गहनों की खरीदारी टाल दी, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि भविष्य में अमेरिकी डॉलर के हिसाब से अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतें कम हो सकती हैं।
कंपनी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध से पैदा हुई अनिश्चितता का ग्राहकों की धारणा पर बुरा असर पड़ा। कंपनी ने बताया कि जिन इलाकों में वह काम करती है, वहां से आने वाले पैसे (remittances) में कमी के कारण विदेशों में रहने वाले भारतीयों (expatriates) द्वारा सोने की खरीदारी में सुस्ती आई, जिससे तिमाही-दर-तिमाही आधार पर बिक्री और कम हुई।
मैनेजमेंट ने संकेत दिया कि मौजूदा तिमाही में भी यह कमजोरी बनी हुई है। थंगामयिल ज्वैलरी ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के पहले 28 दिनों में बिक्री में कोई खास सुधार नहीं दिखा। बिक्री में लगातार सुस्ती की वजह युद्ध को लेकर बनी अनिश्चितता और ग्राहकों की यह उम्मीद रही कि अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आएगी, जिसके चलते उन्होंने खरीदारी को और टाल दिया।
कंपनी को उम्मीद है कि जियोपॉलिटिकल हालात स्थिर होने और सोने की कीमतों को लेकर नजरिया बेहतर होने पर यह टली हुई मांग वापस आएगी। उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में सुधार होगा।
स्टॉक का परफॉर्मेंस
हालांकि बुधवार के कारोबार में स्टॉक 10% के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। थंगामयिल ज्वैलरी के शेयरों में पिछले 1 महीने में 10%, 3 महीनों में 62% और पिछले 6 महीनों में 85% की बढ़त हुई है। एक साल के आधार पर, स्टॉक ने मल्टीबैगर रिटर्न दिया है और इसमें 249% की उछाल आई है, जबकि पिछले पांच वर्षों में इसने 1,370% का रिटर्न दिया है।
स्टॉक ने पिछले कारोबारी सत्र में 28 जुलाई को ₹7,429 का अपना 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर ₹1,774.35 पिछले साल जुलाई में दर्ज किया गया था।
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Aviation stocks : एयरपोर्ट इंफ्रा और एविएशन कारोबार में सरकार बड़े रिफॉर्म करने जा रही है। CNBC-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इस मामले पर बनी हाई लेवल कमिटी ने नियमों में बड़ी ढील देने की सिफारिश की है। इस पर ज्यादा डिटेल्स के साथ CNBC-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने बताया कि सरकार एविएशन सेक्टर के लिए कुछ बड़े बदलाव की तैयारी में है।
एविएशन सेक्टर में बड़ा रिफॉर्म
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट इंफ्रा और एविएशन कारोबार में बड़े सुधार की तैयारी चल रही है। इस मुद्दे पर गठित की गई हाई लेवल कमिटी ने नियमों में बड़ी ढील देने की सिफारिश की है। राजीव गौबा की अगुवाई वाली कमिटी ने अपनी सिफारिशें पेश कर दी हैं। अगर इन सिफारिशों को मान लिया गया तो एयरपोर्ट ऑपरेटर को टैरिफ तय करने की शर्तों में ढील संभव है। अभी AERA हर सर्विस के लिए अलग-अलग चार्ज तय करती है। इसके साथ ही लैंडिंग फी,पार्किंग चार्ज, UDF (यूजर डवलपमेंट फीस) सबके लिए अलग-अलग चार्ज लगता है।
सूत्रों के मुताबिक हर आइटम की बजाय 3 कैटेगरी में टैरिफ तय करने की सिफारिश की गई है। एयरपोर्ट में कमर्शियल फ्लोर प्लान में सेल्फ सर्टिफिकेशन की सुविधा मिल सकती है। एयरपोर्ट के पास बनने वाली बिल्डिंग की ऑटोमेटिक मंजूरी की भी सिफारिश की गई है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि एक एयरलाइंस को दूसरी की ग्राउंड हैंडलिंग सर्विस लेने की छूट मिलनी चाहिए और 30 किलो तक के कम जोखिम के ड्रोन के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन का प्रावधान होना चाहिए।
सरकार के इस कदम से जीएमआर एयरपोर्ट्स, इंटरग्लोब एविएशन और अदाणी एंटप्राइज जैसे शेयरों में एक्शन देखने को मिल सकता है। इन शेयरों की चाल पर नजर डालें तो जीएमआर एयरपोर्ट्स का शेयर फिलहाल 0.07 रुपए यानी 0.06% फीसदी की कमजोरी के साथ 107 रुपए के आसपास नजर रहा रहा है। आज इसने इंट्राडे में 108.45 रुपए का हाई और 106.36 रुपए का लो हिट किया।
अदाणी एंटरप्राइजेज की बात करें तो यह शेयर 16.10 रुपए यानी 0.54 फीसदी की तेजी के साथ 3020 रुपए के आसपास दिख रहा है। आज इसने इंट्राडे में 3,040.50 रुपए का हाई और 2,972.70 का लो छुआ।
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Adani Ports Q1 Result: अदाणी ग्रुप की पोर्ट कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ) ने आज चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 के कारोबारी नतीजे पेश किए। देशी-विदेशी कारोबार के दम पर रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट की मजबूत ग्रोथ ने इसके मुनाफे को सपोर्ट किया और यह 10% उछल पड़ा।
Adani Ports Q1 Result: खास बातें
जून 2026 तिमाही में अदाणी पोर्ट्स का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹3,311 करोड़ से 10% उछलकर ₹3,650 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹10,821 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी का परफॉरमेंस दमदार रहा। अदाणी पोर्ट्स का जून तिमाही में ईबीआईटीडीए ₹6,541 करोड़ रहा जोकि सालाना आधार पर 19% अधिक है लेकिन मार्जिन में इस दौरान हल्की सुधार दिखी और यह 60.2% से 60.4% पर पहुंच गया।
वैसे तो कंपनी का देश-विदेश में कारोबार तेजी से आगे बढ़ा लेकिन घरेलू पोर्ट बिजनेस अहम बना रहा। कंपनी के घरेलू पोर्ट्स बिजनेस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़ा। इसे बेहतर कार्गो मिक्स, हाई रियलाइजेशंस और कॉर्गो वॉल्यूम में उछाल से सपोर्ट मिला। जून तिमाही में घरेलू बंदरगाहों ने 115.3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो संभाला। इसके घरेलू पोर्ट्स बिजनेस का ईबीआईटीडीए मार्जिन 74% रहा जिसे इंडस्ट्री में शानदार माना जाता है।
अदाणी पोर्ट्स का कहना है कि यह अब तक के सबसे बड़े पोर्ट कैपेसिटी एक्सपैंशन प्रोग्राम पर काम कर रही है। जून 2026 तक इसकी घरेलू पोर्ट क्षमता 653 MMT थी और कंपनी का लक्ष्य दिसंबर 2030 तक इसे बढ़ाकर 1,000 MMT करने का लक्ष्य है। जून तिमाही के दौरान पूरे भारत में कार्गो मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 27.6% थी, जबकि कंटेनर कार्गो मार्केट में हिस्सेदारी 44.8% थी।
जून तिमाही में कंपनी के इंटरनेशनल पोर्ट्स बिजनेस का रेवेन्यू और ईबीआईटीडीए रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। इस सेगमेंट से रेवेन्यू सालाना आधार पर 80% बढ़कर ₹1,747 करोड़ हो गया, जबकि ईबीआईटीडीए 256% उछलकर ₹730 करोड़ हो गया। इसे ऑस्ट्रेलिया और कोलंबो में शानदार परफॉरमेंस से सपोर्ट मिला।
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Gold Silver price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आज 29 जुलाई को उठा- पटक देखने को मिल रही है। बुधवार को स्पॉट मार्केट में मांग घटने की वजह से फ्यूचर्स ट्रेड में सोने की कीमतें 158 रुपये गिरकर 1,41,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। उसके विपरीत, चांदी की कीमतें 0.69 फीसदी बढ़कर 2.17 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अगस्त डिलीवरी के लिए सोने के कॉन्ट्रैक्ट्स 158 रुपये या 0.11 प्रतिशत गिरकर 1,41,465 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हुए, जिसमें 375 लॉट का कारोबार हुआ। सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी की कीमतें 2250 रुपये या 1.04 फीसदी बढ़कर 2,18,649 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
बाजार जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतों में यह गिरावट स्पॉट मार्केट में कमजोर मांग के कारण आई है। ग्लोबल स्तर पर, न्यूयॉर्क में गोल्ड फ्यूचर्स 4,031.22 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर ट्रेड कर रहे थे। मार्केट में नई पोजीशन बनने से चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।
आज रात US फेड पॉलिसी को होगा ऐलान
US फेड का पॉलिसी फ़ैसला आज रात 11:30 बजे (IST) आएगा, जबकि फेड चेयर केविन वॉर्श की टिप्पणी रात 12:00 बजे (IST) होनी है।
जून में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने के बाद, ऐसी पूरी उम्मीद है कि US सेंट्रल बैंक आज ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण महंगाई बढ़ने की नई चिंताओं की वजह से फेड सितंबर और दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ा सकता है।
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, FedWatch टूल बताता है कि बाज़ार को सितंबर में ब्याज दरें बढ़ने की 76% संभावना और 29 जुलाई को 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की 30% संभावना दिख रही है।
क्या कहते है बाजार जानकार
मास्टर कैपिटल सर्विसेज़ के चीफ़ रिसर्च ऑफ़िसर रवि सिंह ने कहा, “बाज़ार अभी ब्याज दरें बढ़ने की लगभग एक-तिहाई संभावना मानकर चल रहा है। सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों ने US डॉलर इंडेक्स को 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे बुलियन (सोने-चांदी) पर दबाव पड़ा है।” US फेड के अलावा, बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) और बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) भी क्रमशः गुरुवार और शुक्रवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं कर सकते हैं।
बढ़ी हुई ब्याज दरें सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक होती हैं, क्योंकि ऊंची दरों से इस पीली धातु (जो कोई रिटर्न नहीं देती) को अपने पास रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ बढ़ जाती है।
इस बीच, डॉलर इंडेक्स 0.10% गिरकर 101.30 पर आ गया, जबकि US 10-साल के बॉन्ड का यील्ड पिछले सेशन के 4.60% से बढ़कर 4.61% हो गया।
अब क्या हो रणनीति
पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, आज के सेशन में सोने के लिए $4,010 और $3,974 पर सपोर्ट और $4,070 और $4,110 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है, जबकि चांदी के लिए $56.80 और $56 पर सपोर्ट और $58.40 और $59.10 प्रति ट्रॉय औंस पर रेजिस्टेंस है।
MCX पर, जैन ने बताया कि सोने के लिए सपोर्ट ₹1,40,800 और ₹1,40,000 पर है और रेजिस्टेंस ₹1,42,200 और ₹1,43,100 पर है, जबकि चांदी के लिए सपोर्ट ₹2,14,000 और ₹2,12,200 पर है और रेजिस्टेंस ₹2,17,700 और ₹2,20,000 पर है।जैन ने कहा, “हम लंबे समय के निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे बाजार में आई इस गिरावट के दौरान SIP मोड में सोना और चांदी खरीदें, और ट्रेडर्स FOMC मीटिंग के नतीजों से पहले इससे दूर रहें।
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DCM Shriram Shares: डीसीएम श्रीराम के शेयरों ने आज धमाल मचा दिया। एक कारोबारी दिन पहले 28 जुलाई को इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद डीसीएम श्रीराम ने जून तिमाही के कारोबारी नतीजे पेश किए थे जिसमें यह बात सामने आई कि जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा 6 गुना से अधिक बढ़ा। इसका आज शेयरों ने जश्न मनाया और 12% से अधिक उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे इसके भाव नीचे आए लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी के चलते अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.29% की बढ़त के साथ ₹1,088.95 पर है। इंट्रा-डे में यह 12.54% उछलकर ₹1,186.50 तक पहुंच गया था।
DCM Shriram के लिए कैसी रही जून तिमाही
चालू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंसालिडेटेड लेवल पर डीसीएम श्रीराम का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 511.39% उछलकर ₹692.7 करोड़ पर पहुंच गया यानी कि कंपनी का शुद्ध मुनाफा 6 गुना से अधिक बढ़ गया। इसमें पिछले वर्षों से जुड़े मामले में इनकम टैक्स अथॉरिटी से अपने पक्ष में आए फैसले से ₹474.3 करोड़ का पॉजिटिव टैक्स एडजस्टमेंट भी शामिल है। इसके अलावा इसमें जमीन बेचने और जॉइंट वेंचर बनाने के लिए हिस्सेदारी बेचने से हुए मुनाफे से मिली ₹79.4 करोड़ की एक्सपेश्नल गेन भी शामिल है। इन्हें को छोड़कर जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹147 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹113.3 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था।
जून तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 9.54% उछलकर ₹3784.67 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो डीसीएस श्रीराम का ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 11% बढ़कर जून 2026 तिमाही में ₹336 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन ईबीआईटीडीए मार्जिन में हल्की तेजी आई और यह 9.3% से 9.4% पर पहुंचा।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल
डीसीएम श्रीराम के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल बीएसई पर 31 जुलाई 2025 को यह ₹1,460.00 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 8 महीने में यह 35.20% टूटकर 9 मार्च 2026 को ₹946.15 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
IT Stocks: बुधवार को भारतीय IT शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। इस तेजी को इन्फोसिस और TCS जैसी बड़ी कंपनियां लीड कर रही हैं। AI पर बहुत ज़्यादा खर्च और ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर बनी चिंताओं के कारण निवेशकों ने अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजों से पहले सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों की ओर रुख कर लिया है। इसका फायदा भारतीय आईटी कंपनियों को भी मिल रहा है। इसके चलते निफ्टी IT इंडेक्स आज सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स बन गया है। निवेशकों की नजर आज आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले पर बनी हुई है।
फिलहाल निफ्टी IT इंडेक्स 2.47 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। निफ्टी आईटी बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। निफ्टी में सिर्फ 0.93 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इन्फोसिस 3.37 प्रतिशत बढ़कर निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त हासिल करने वाले शेयरों में शामिल है। वहीं, TCS में 2.65 प्रतिशत, विप्रो में 1.78 प्रतिशत और HCL टेक्नोलॉजीज में 1.1 प्रतिशत की तेजी आई है। मिडकैप आईटी की बात करें तो कोफोर्ज में 4.42 प्रतिशत, KPIT टेक्नोलॉजीज में 4.07 प्रतिशत और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स में 2.75 प्रतिशत की तेजी आई है।
एशियाई चिप शेयरो में लगातार बनी कमजोरी के बावजूद भारतीय IT शेयरों में रिकवरी देखने को मिल रही है। दक्षिण कोरियाई चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में भारी गिरावट आई है। AI के ऊंचे वैल्यूएशन,बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों द्वारा भारी कैपिटल खर्च को देखते हुए निवेशक अब चिप शेयरों से दूरी बना रहे हैं। इसका फायदा सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के शेयरों को मिल रहा है।
ऐसा लगता है कि निवेशक माइक्रोसॉफ्ट और मेटा के नतीजों से पहले भारतीय सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनियों के शेयर को खरीदने के लिए इनमें आए करेक्शन का फायदा उठा रहे हैं। इन दोनों कंपनियों के नतीजों से AI पर खर्च के ट्रेंड के बारे में नए संकेत मिलने की उम्मीद है।
बाजार की नजर आज आने वाले US फ़ेडरल रिज़र्व के पॉलिसी के जुड़े ऐलानों पर है। CME फेडवॉच के मुताबिक बाजार यह मान कर चल रहा है कि US फ़ेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना कि दक्षिण कोरियाई चिप शेयरों में आई भारी गिरावट भारत के पक्ष में हो सकती है। यानी दूसरे शब्दों में कहें तो दक्षिण कोरिया में चिप शेयरों में आई भारी गिरावट भारत के लिए फायदेमंद हो सकती है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

